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- भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने को किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें राज्य सरकार की ओर से प्रतिवर्ष दो किस्तों में दो-दो हज़ार रुपये कुल 4 हजार रूपये की सम्मान राशि देने का निर्णय किया है। किसानों के लिए मुख्यमंत्री सम्मान निधि नामक यह योजना 25 सितंबर से जन संघ के सह-संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से शुरू की जायेगी। इससे प्रदेश के 70 लाख किसानों को फायदा होगा।इस योजना में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पंजीकृत किसानों को ही शामिल किया जायेगा। प्रधानमंत्री-किसान योजना के तहत केन्द्र सरकार प्रति वर्ष छह हजार रुपये की राशि, तीन समान किश्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा कराती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंगलवार को ट्वीट किया, किसानों के समग्र विकास की दृष्टि से हमने ये फैसला किया है कि इनके हित में जो योजनाएं चलाई जा रही हैं, जैसे- राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 6 कमांक 4, (आरसीबी6-क्र. 4) के अंतर्गत राहत देना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देना, प्रधानमंत्री फसल बीमा आदि सभी योजनाओं को एक पैकेज के रूप में समाहित करके लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि इस श्रृंखला के पहले चरण में मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अपने अगले ट्वीट में कहा, इस कड़ी में प्रथम चरण में प्रदेश में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना प्रारंभ की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री सम्मान निधि के सभी पात्र हितग्राही किसान परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में दो किश्तों में कुल 4 हजार रुपये का भुगतान किया जायेगा। किसान का कल्याण मेरे जीवन का ध्येय है। एक अन्य ट्वीट में मुख्यमंत्री ने कहा, हम किसानों के कल्याण के लिए कृत संकल्पित हैं। हमने शून्य ब्याज दर पर ऋण की योजना को फिर से लागू किया। किसान सम्मान निधि और बीमा योजना का पूरा हित लाभ दिया। खाद्यान्न उपार्जन कर 27 हजार करोड़ से अधिक भुगतान किया। हम 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।इससे पहले श्री चौहान ने यहां एक कार्यक्रम में शून्य प्रतिशत ब्याज पर किसानों के खाते में 800 करोड़ रुपये का ऋण हस्तांतरित किया। मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री चौहान ने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों को एक बैठक में बताया कि केंद्र व राज्य सरकार की इन योजनाओं की कुल राशि अब 10 हजार हो जाएगी। मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से प्रदेश के सभी किसानों को लाभ होगा। विशेष कर छोटे किसानों के लिए यह योजना वरदान साबित होगी। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के 70 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। मध्यप्रदेश सरकार किसानों का सर्वे कर प्रदेश के प्रत्येक किसान को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ देगी। प्रदेश में खातेदार किसानों की अनुमानित संख्या एक करोड़ है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को सम्मान निधि की पहली किस्त के वितरण की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिन पर 25 सितंबर को किया जाएगा। मध्यप्रदेश में विधानसभा की रिक्त 28 सीटों पर उप चुनाव से पहले किसानों के हित में भाजपा सरकार ने यह अहम घोषणा की है। हालांकि, निर्वाचन आयोग द्वारा फिलहाल उप चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की गयी है लेकिन प्रदेश में सत्तारुढ़ भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस ने उपुचनाव के मद्देनजऱ अपनी तैयारियां और चुनाव प्रचार भी शुरु कर दिया है।
- ठाणे ।महाराष्ट्र के भिवंडी में एक तीन मंजिला इमारत के ढहने के हादसे में सात और लोगों के शव बरामद होने के बाद मरने वालों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 20 हो गई। पुलिस ने बताया कि इमारत के गिरने के बाद पिछले 24 घंटे में ढाई वर्ष के बच्चे और एक दम्पत्ति का शव भी बरामद हुआ है। पुलिस ने बताया कि पांच और लोगों के मलबे से जिंदा निकाले जाने के बाद हादसे में बचाए गए लोगों की संख्या 25 हो गई है। इन लोगों को भिवंडी और ठाणे के अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि मृतकों में नौ बच्चे भी शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि 43 वर्ष पुरानी ‘जिलानी बिल्डंग' सोमवार तड़के तीन बजकर 40 मिनट पर ढह गई थी। इमारत में 40 फ्लैट थे और करीब 150 लोग यहां रहते थे। भिवंडी, ठाणे से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित है। भिवंडी के पुलिस उपायुक्त राजकुमार शिंदे ने बताया कि इमारत गिरने के बाद नगर निकाय के अधिकारियों की शिकायत पर इमारत के मालिक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा-337,338, 304 (2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। ठाणे के प्रभारी मंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि बृहन्मुंबई नगर निगम ने मामले में दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित किया है। एक जांच समिति का गठन किया गया है, जिसमें दो सहायक नगर योजनाकार (टाउन प्लैनर) शामिल हैं।
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नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन--डी.आर.डी.ओ. ने आज अभ्यास नाम के तेज रफ्तार एक्सपेंडेबल एरियल टारगेट यान का सफल उड़ान परीक्षण किया।
ओडिसा में बालेश्वर के अंतरिम परीक्षण केंद्र में किए गए इस परीक्षण के दौरान दो परीक्षण यानों को सफलतापूर्वक उडाया गया जिनका उपयोग विभिन्न मिसाइल प्रणालियों की क्षमताओं के आकलन के लिए लक्ष्य के रूप में किया जाता है। अभ्यास यान का डिजाइन और निर्माण डी.आर.डी.ओ. के वैमानिक विकास प्रतिष्ठान ने किया है। परीक्षण के दौरान यह यान सभी मानकों पर खरा उतरा और इसकी सभी प्रणालियों ने सुचारू रूप से कार्य किया।रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अभ्यास नाम के तेज रफ्तार एक्सपेंडेबल एरियल टारगेट यान का सफल परीक्षण डी.आर.डी. ओ. की बहुत बड़ी उपलब्धि है। एक टवीट संदेश में उन्होंने इसके लिए डी. आर. डी. ओ. और इस परियोजना से जुडे अन्य संगठनों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि अभ्यास का इस्तेमाल मिसाइल प्रणालियों की क्षमता के आकलन में लक्ष्य के रूप में किया जा सकता है।----- - बदायूं (उप्र)। बदायूं जिले के बिसौली कोतवाली क्षेत्र में एक तेज रफ्तार जीप ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी जिससे मां -बेटे की मौत हो गई, जबकि एक युवती घायल हो गई।अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि बरेली जिले में अलीगंज थाना क्षेत्र के राजपुर गांव निवासी इमरान (22) सोमवार रात मोटरसाइकिल से अपने फुफेरे भाई लड्डन के घर बिसौली आ रहा था। मोटरसाइकिल पर पीछे उसकी मां शहनाज (55) और बहन खुशनुमा (20) बैठी थी। उन्होंने बताया कि मुरादाबाद-फर्रुखाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक पीछे से आ रही तेज रफ्तार जीप ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि मोटरसाइकिल सवार तीनों लोग उछलकर दूर जा गिरे। सूत्रों के मुताबिक जीप का चालक मौके से भाग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल सभी को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां शहनाज और इमरान की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल घायल खुशनुमा को चंदौसी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरूवार को फिट इंडिया मुहिम की पहली वर्षगांठ के सिलसिले में फिटनेस की अलख जगाने वालों और नागरिकों से देशव्यापी ‘ ‘फिट इंडिया संवाद' के जरिये बात करेंगे । आनलाइन संवाद में प्रतिभागी फिटनेस के अपने सफर की दास्तान सुनायेंगे और टिप्स भी देंगे । यहां मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री स्वस्थ जीवन के महत्व पर अपने विचार रखेंगे । इस संवाद में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली, मॉडल और धावक मिलिंद सोमण , आहार विशेषज्ञ रूतुजा दिवेकर भी भाग लेंगे । प्रधानमंत्री की पहल पर शुरू किया गया फिट इंडिया संवाद भारत को ‘ फिट राष्ट्र ' बनाने की योजना में नागरिकों को जोड़ने की कवायद का हिस्सा है । बयान में कहा गया , फिट इंडिया अभियान इसलिये शुरू किया गया ताकि नागरिक मजेदार, आसान और किफायती तरीकों से फिट रह सकेंगे और फिटनेस को भारतीयों के जीवन का अहम हिस्सा बनाया जा सके । अब इस संवाद के जरिये इसे और मजबूती दी जायेगी । इस संवाद से एनआईसी लिंक पीएमइंडियावेबकास्ट डॉट एनआईसी डॉट इन के जरिये कोई भी 24 सितंबर को सुबह 11 . 30 के बाद जुड़ सकता है ।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को वैश्विक शिक्षा केन्द्र के रूप में स्थापित करेगी और देश में नए अवसर उत्पन्न करेगी। प्रधानमंत्री ने आज वीडियो कान्फ्रेंस के ज़रिए आईआईटी गुवाहाटी के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए आशा व्यक्त की कि युवाओं के सपनों से ही आने वाले दिनों में देश की वास्तविकता आकार लेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को प्रौद्योगिकी से जोडऩा है।प्रधानमंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी शिक्षा नीति मंच स्थापित किया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा कि शोध के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। इसके लिए धन उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है। श्री मोदी ने आज तीन सौ विद्यार्थियों को पी. एच. डी. डिग्री दिए जाने की सराहना की। कोविड-19 महामारी से निपटने में आईआईटी गुवाहाटी की भूमिका की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संस्थान क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन से निपटने तथा अनुसंधान के ज़रिए स्थानीय संसाधनों को बढ़ावा देने में मदद करेगा।श्री मोदी ने आशा व्यक्त की कि यह संस्थान भारतीय ज्ञान संस्?थान तथा आपदा प्रबंधन और जोखिम उन्नमूलन केन्द्र की स्थापना में भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपार संभावनाएं और संसाधन हैं।इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कोविड महामारी से लड़ाई में आईआईटी गुवाहाटी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस संस्थान से राज्य को आपदा प्रबंधन और जोखिम कम करने में मदद मिली है।केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में आईआईटी गुवाहाटी ने महत्वपूर्ण निभाई है। उन्होंने विद्यार्थियों से भावी चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आग्रह किया।
- सूरत । गुजरात के सूरत में मंगलवार की सुबह सात मंजिला एक इमारत का एक हिस्सा गिरने से सड़क किनारे सो रहे तीन श्रमिकों की मौत हो गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहर के रांदेर मोहल्ले में सुबह करीब पांच बजे यह दुर्घटना हुई। सूरत नगर निगम के आयुक्त बंछानिधि पाणि ने बताया कि निलंजन अपार्टमेंट की पहली मंजिल के बालकनी का एक हिस्सा तीन श्रमिकों पर गिर गया। उन्होंने बताया कि पीड़ितों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पाणि ने कहा, ''निलंजन अपार्टमेंट इमारत में 49 फ्लैट और 23 दुकानें थीं। अपार्टमेंट को इस साल की शुरुआत में खाली कराया गया था क्योंकि यह जर्जर स्थिति में थी।'' उन्होंने बताया कि बारिश की वजह से इमारत का एक हिस्सा श्रमिकों पर गिर गया। उन्होंने बताया कि यह निजी संपत्ति थी इसलिए इसके मालिक को खुद ही इसे गिराने को कहा गया था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
- नई दिल्ली। आज विश्व गैंडा दिवस है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि भारत में एक सींग वाले गैंडों की संख्या सबसे अधिक है। असम, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में एक सींग वाले 3 हजार गैंडे हैं।अपने संदेश में श्री जावडेकर ने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय ने भारत के एक सींग वाले गैंडों के लिए राष्ट्रीय संरक्षण रणनीति शुरू की है। उन्होंने कहा कि गैंडों के संरक्षण की पहल से चारागाह भूमि का प्रबंधन भी समृद्ध हुआ है। भारत ने एक सींग वाले गैंडों के संरक्षण के लिए पिछले वर्ष राष्ट्रीय संरक्षण रणनीति की शुरुआत की थी। इस प्रजाति के संरक्षण के लिए ये अपनी तरह का पहला प्रयास है, जो पांच उद्देश्यों को लेकर काम करता है। इन उद्देश्यों में सुरक्षा को मजबूत करना, इनकी आबादी के निवास क्षेत्र का विस्तार बढ़ाना, शोध और निगरानी तथा पर्याप्त और सतत धन उपलब्ध कराना शामिल है।एक सींग वाले गेंडे 20वीं सदी के शुरू में लगभग विलुप्त हो रहे थे और इनकी संख्या घटकर दो सौ से भी कम रह गई थी। यह एशिया की ऐसी एकमात्र स्तनधारी प्रजाति है जिसे 2008 में इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर की सूची में विलुप्तप्राय से असुरक्षित प्रजाति की रेड सूची में डाला दिया गया था।
- नई दिल्ली। संसद ने आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक-2020 पारित कर दिया है। राज्यसभा ने आज इस विधेयक को मंजूरी दी जबकि लोकसभा से ये पहले ही पारित हो चुका है।इस विधेयक में केन्द्र सरकार को केवल युद्ध और अकाल जैसी असाधारण परिस्थितियों में ही कुछ खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति को विनियमित करने की अनुमति दी गई है। यह कानून इस वर्ष जून में लागू आवश्यक वस्तु संशोधन अध्यादेश-2020 का स्थान लेगा।सदन में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए उपभोक्ता कार्य, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री दानवे राव साहिब दादाराव ने इस विधेयक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को अपनी पसंद के अनुसार उपज बेचने की आज़ादी मिलेगी।---
- मेडिकल साइंस का कमालनई दिल्ली। मेडिकल साइंस में कई बार चमत्कार होते रहते हैं। हालांकि आम लोगों की नजर में वे चमत्कार होते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में उसके पीछे विशेषज्ञों की सूझबूझ और समझदारी होती है। ऐसा ही एक मामला दिल्ली के बीएलके हॉस्पिटल में देखने को मिला जहां डॉक्टर्स ने 45 साल की महिला के फेफड़ों में बनी बेहद खतरनाक सिस्ट (गांठ) को बिना किसी ऑपरेशन के ही निकाल दिया। खबर के मुताबिक मेडिकल साइंस में इससे पहले ऐसा करने का कोई केस रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए भारतीय डॉक्टर्स ने ये पहली बार कर ऐसा कमाल कर दिखाया है।टेनिस बॉल जितनी बड़ी थी गांठश्रीनगर की रहने वाली 45 वर्षीय रूही-उन्निसा को जुलाई के महीने से ही तकलीफ और खांसी के साथ खून आने की समस्या होती रही। इस समस्या को लेकर जब वो डॉक्टर्स के पास गईं, तो डॉक्टर्स ने उनकी छाती का सीटी स्कैन किया। सीटी स्कैन देखकर डॉक्टर्स हैरान थे क्योंकि महिला के फेफड़े के दाहिने हिस्से में लगभग टेनिस बॉल जितनी बड़ी गांठ थी। इसके बाद महिला को श्रीनगर में ही ब्रोकोस्कोपी की गई , लेकिन उसकी हाल बिगड़ती गई और उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उनकी हालत इतनी खराब हो गई कि वो लगभग 2 महीने तक सो नहीं पाईं। हालात गंभीर देखते हुए कश्मीर के अस्पतालों ने उन्हें दिल्ली जाकर इमरजेंसी ट्रीटमेंट की सलाह दी।फेफड़ों की सर्जरी नहीं करवाना चाहती थी महिलादिल्ली में बीएलके हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने जांच के बाद पाया कि उनके फेफड़े हाइडैटिड सिस्ट (खतरनाक जानलेवा गांठ) है, जो फट चुकी है। रूही-उन्निसा अपना ओपन लंग सर्जरी नहीं करवाना चाहती थीं। इसके बाद हॉस्पिटल में चेस्ट और रेस्पिरेटरी डिजीज के हेड डॉ. संदीप नायर और उनकी टीम ने सबसे पहले महिला के फेफड़ों में जमा लिक्विड को बाहर निकाला और फिर फट चुकी गांठ को क्रिप्टोप्रोब तकनीक से बाहर निकाल दिया।बहुत नाजुक होती है फेफड़ों की झिल्लीडॉक्टर्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि फेफड़ों की झिल्ली को नुकसान पहुंचाए बिना इस गांठ को कैसे निकाला जाए। डॉ. संदीप नायर के अनुसार फेफड़ों की झिल्ली इतनी नाजुक होती है कि सामान्य अवस्था में सिर्फ ताली बजा देने से भी फट सकती है। ऐसे में नॉर्मल ट्रीटमेंट के दौरान मरीज को कीमोथेरेपी दी जाती है। मगर डॉक्टर्स ने इस तरीके के बजाय एक दूसरा तरीका चुना, जिसमें खतरा तो था, लेकिन मरीज की जान बचाने के लिए ऐसा करना जरूरी समझा।मुंह के रास्ते से निकाल दी इतनी बड़ी गांठबिजनेस वल्र्ड में छपी रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टर्स ने सबसे पहले मरीज के दोनों फेफड़ों में जमा अतिरिक्त लिक्विड को बाहर निकाल लिया और फिर फेफड़ों के टिशूज को बहुत ज्यादा तापमान पर ठंडा करके फ्रीज कर दिया। जब मेंब्रेन पूरी तरह फ्रीज हो गया तो इसे ब्रोंकोस्कोप की मदद से मुंह के रास्ते से बाहर निकाल लिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में सिर्फ 45 मिनट का समय लगा। इस ऑपरेशन के 4 दिन बाद दोबारा मरीज की छाती का सीटी स्कैन और ब्रोंकोस्कोपी कई गई और देखा गया कि उसका फेफड़ा अब पूरी तरह गांठ से मुक्त है। मरीज के लक्षण भी ठीक होने लगे और उन्हें अच्छा महसूस होने लगा, जिसके कारण लगभग 2 महीनों के बाद वो पहली बार सो पाईं।डॉक्टर्स ने इस सफलता पर क्या कहा?डॉ. संदीप नायर ने इस सफलता पर कहा, ये पहली बार है जब हाइडैटिड सिस्ट को फेफड़ों से फ्रीज करके क्रायोथेरेपी की मदद से निकाला गया है। आमतौर पर इस तरह के मरीजों की सर्जरी की जाती है। लेकिन ये मरीज जो कश्मीर से आई थी गंभीर स्थिति में थी, उसे सांस में लगातार तकलीफ थी और कोविड काल में सर्जरी कराना भी मरीज के लिए कठिन चुनौती थी। इसलिए ये इनोवेटिव आइडिया दरअसल परिस्थिति की जरूरत के अनुसार उपजा।
- नई दिल्ली। लोकसभा ने सोमवार को राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक-2020 को पारित कर दिया। विधेयक में राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय महत्व के संथान के रूप में स्थापित करने का प्रावधान है। इसमें फॉरेंसिक विज्ञान के साथ व्यावहारिक विज्ञान अध्ययन, कानून, अपराध विज्ञान तथा अन्य संबंधित विषयों को पढ़ाया जाएगा।लोकसभा ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय विधेयक को भी पारित कर दिया। विधेयक में गुजरात स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में पुलिस के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और अनुसंधान के साथ ही बेहतर वातावरण में शोध के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। लोकसभा ने अर्हित वित्तीय संविदा द्विपक्षीय नेटिंग विधेयक को भी मंजूरी प्रदान कर दी। विधेयक में देश के वित्तीय बाजार में पात्र वित्तीय संविदाओं की द्विपक्षीय नेटिंग की प्रवर्तनीयता का कानूनी उपबंध करके वित्तीय स्थायित्व सुनिश्चित करने का प्रावधान है। लोकसभा ने मंत्रियों के वेतन और भत्तों का संशोधन विधेयक-2020 भी पारित कर दिया।-----
- नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि ऑक्सीजन ले जाने वाले वाहनों के लिए परमिट की आवश्यकता नहीं है।सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि वाहन संचालकों के लिए राज्यों से बाहर या राज्यों के भीतर ऑक्सीजन सिलेंडर या ऑक्सीजन टैंकों के लाने ले जाने तथा वितरण के लिए परमिट पर अगले वर्ष 31 मार्च तक छूट रहेगी। कोविड-19 के उपचार के लिए ऑक्सीजन को आवश्यक और महत्वपूर्ण वस्तु मानते हुए यह फैसला लिया गया है।----
- मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिला के फेनहारा थाना अंतर्गत मधुबनी पुरवारी टोला गांव में सोमवार को तालाब में नहाने के दौरान तीन किशोरियों की डूबने से मौत हो गई।फेनहारा के थाना प्रभारी परशुराम ठाकुर ने बताया कि सोमवार को दोपहर करीब एक बजे यह घटना हुई। तीनों मृतकों की पहचान रानी देवी (17), चंचल कुमारी (17) तथा सविता कुमारी (11) के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि नहाने के दौरान एक किशोरी गहरे पानी में चली गयी। इसी बीच उसे बचाने के क्रम में दो अन्य किशोरी भी डूब गयी। ठाकुर ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से तीनों के शव को तालाब से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय मोतिहारी स्थित सदर अस्पताल भेज दिया गया है। (प्रतिकात्मक फोटो)
- नई दिल्ली। सरकार ने छह रबी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा दिया है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को लोकसभा में एक बयान में जानकारी दी कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने गेहूं, चना, मसूर, सरसों, ज्वार और कुसुम फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को मंजूरी दी है।गेहूं के समर्थन मूल्य में 50 रुपये की वृद्धि कर इसकी कीमत एक हजार नौ 75 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है। मसूर के समर्थन मूल्य में प्रति क्विंटल तीन सौ रुपये, सरसों तथा चना के लिए दो सौ 25 रुपये, ज्वार के लिए 75 रुपये, जबकि कुसुम के समर्थन मूल्य में प्रति क्विंटल एक सौ 12 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।श्री तोमर ने बताया कि सरकार ने पिछले छह वर्षों में सरकारी खरीद के लिए किसानों के लिए लगभग सात लाख करोड़ रुपये की राशि मंजूरी की है। यह यूपीए सरकार के दस साल के शासनकाल के दौरान किसानों के लिए स्वीकृत राशि से लगभग दोगुना है। उन्होंने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य में यह वृद्धि, इसके और सरकारी खरीद की गारंटी के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने फिर कहा कि संसद में पारित हाल के कृषि विधेयकों का, न्यूनतम समर्थन मूल्य या कृषि उत्पाद वितरण समिति अधिनियम के प्रावधानों पर कोई विपरित प्रभाव नहीं पड़ेगा।---
- पुणे। महाराष्ट्र के पुणे-सोलापुर राजमार्ग पर आज सुबह तेज रफ्तार से चलती हुई एक कार ने एक खड़े ट्रक को टक्कर मार दी जिससे कार में सवार पांच लोगों की मौत हो गई।पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह दुर्घटना यहां दौंड तहसील में यावत के पास तड़के साढ़े तीन बजे हुई। यावत पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि कार पुणे की ओर जा रही थी जब उसने एक खड़े ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी। अधिकारी ने कहा, कार में सवार सभी पांच लोगों की दुर्घटनास्थल पर ही मौत हो गई। अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में ट्रक चालक पर एक मामला दर्ज किया जाएगा क्योंकि उसने राजमार्ग पर गलत स्थान पर ट्रक खड़ा किया था।
- नई दिल्ली। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में एक लाख से अधिक पद रिक्त पड़े हैं तथा ज्यादातर पद सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र और मृत्यु के कारण खाली हुए हैं। सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी।केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में सबसे अधिक रिक्तियां (28 हजार 926) हैं, इसके बाद केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में (26 हजार 506), केन्द्रीय औद्योगिकी सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में (23 हजार 906), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में (18 हजार 643), भारत तिब्बत सीमा पुलिस आईटीबीपी में (5 हजार 784) और असम राइफल्स में (7 हजार 328) पद रिक्त हैं। उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, सीएपीएफ और असम राइफल्स में रिक्तियां सेवानिवृत्ति, इस्तीफे, मृत्यु, नए इकाई के बनाने, नए पदों के सृजन, कैडर समीक्षा आदि के कारण उत्पन्न होती हैं। इन रिक्तियों में से अधिकतर कांस्टेबल ग्रेड में हैं। श्री राय ने कहा कि इन रिक्तियों को भरने के लिए एक स्थापित प्रक्रिया है जैसे मौजूदा प्रावधानों के अनुसार सीधी भर्ती, पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भर्ती की जाती है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने सीएपीएफ में रिक्त पदों को भरने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं, जो एक सतत प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में, कांस्टेबल के 60 हजार 210 पदों के लिए भर्ती की प्रक्रिया, कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से उप-निरीक्षकों के 2 हजार 534 पद और संघ लोक सेवा आयोग के माध्यम से सहायक कमांडेंट के 330 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में कृषि बिलों के पारित होने की सराहना करते हुए कहा कि ये बिल कृषि क्षेत्र में क्रांति लाएंगे। उन्होंने खेती उद्योग में बिचौलियों को हटाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि कई दशकों से भारत में किसानों को बिचौलियों द्वारा परेशान किया जाता है। प्रधानमंत्री ने न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) और सरकारी खरीद की व्यवस्था के बारे में अपने आश्वासन को दोहराते हुए कहा कि ये प्रणालियां बिना रुके जारी रहेंगी और बिल के पारित होने से उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और मंडी में खरीद जारी रहेगी।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में कृषि क्षेत्र को तकनीकी और संरचनात्मक उन्नयन की आवश्यकता है और ये बिल बेहतर उपकरण का उपयोग करके किसानों को अपनी पैदावार बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेंगे।श्री मोदी ने भारतीय किसानों को आश्वासन दिया कि केंद्र का लक्ष्य किसानों की सेवा करना और भविष्य की पीढिय़ों के लिए एक मजबूत कृषि उद्योग का निर्माण करना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र को नवीनतम तकनीक की सख्त जरूरत है जो मेहनती किसानों की सहायता करे। उन्होंने कहा कि बिलों के पारित होने के साथ, किसानों के पास भविष्य की तकनीक तक पहुंच आसान बनेगी जो उत्पादन को बढ़ावा देगी और बेहतर परिणाम देगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस बिल का मकसद सेक्टर में बदलाव करना और किसानों को बेहतर जीवन जीने के लिए सशक्त बनाना है।---
- मुंबई। महाराष्ट्र में मुम्बई के भिवंडी में एक इमारत गिरने की घटना में मरने वालों की संख्या 10 हो गई है। इनमें 7 बच्चे शामिल हैं। एक चार साल के बच्चे सहित ग्यारह लोगों को मलबे से निकाल लिया गया है।हालांकि अब भी 25 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। मुंबई के पास ठाणे जिले में धामांकर नाका के निकट नारपोली के पटेल परिसर में स्थित यह इमारत आज सुबह ढह गयी। इस इमारत में 40 फ्लैट थे और करीब 150 लोग इस में रहते थे। दमकल की तीन गाडिय़ां, आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारी और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के कर्मी बचाव कार्य में लगे हैं।राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने मुम्बई के भिवंडी में एक इमारत गिरने की घटना में हुए जानी नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राष्ट्रपति ने कहा कि यह घटना व्यथित करने वाली है। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में वे मृतकों के परिजनों के साथ हैं। श्री कोविंद ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन को बचाव और राहत कार्य में सहयोग करना चाहिए।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वे इस घटना से दुखी हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। श्री मोदी ने कहा कि राहत और बचाव कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिये आज बिहार में 14 हजार दो सौ 58 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली नौ राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बिहार में राज्य के भीतर और बाहर बेहतर संपर्क सुविधाजनक और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। श्री मोदी ने कहा कि लोगों की आवाजाही और सामानों की ढुलाई में भी सुधार होगा। इन परियोजनाओं में साढ़े तीन सौ किलोमीटर लम्बी सड़कों का निर्माण करना शामिल हैं जिनकी लागत चार हजार दो सौ 58 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं के अन्तर्गत 39 किलोमीटर के छह लेन वाले पटना रिंग रोड़, आरा-मोहनिया, बख्तियारपुर-रजौली, नारायणपुर-पूर्णिया राष्ट्रीय राजमार्गों पर चार लेन के रिंग रोड़ का निर्माण किया जाएगा।प्रधानमंत्री ने बिहार में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए 2015 में विशेष पैकेज की घोषणा की थी। जिसमें 54 हजार सात सौ करोड़ रुपये की 75 परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं में 13 का काम पूरा हो गया है और 38 परियोजनाओं का काम अंतिम चरण में है।इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीन बड़े पुलों के उद्घाटन के बाद कहा कि इससे पुल क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर 21 वीं सदी के अनुरूप बिहार में बिहार में सभी नदियों पर पुल होंगे और सभी राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़े और मजबूत होंगे। इन पुलों में चार-चार लेन के पटना में स्थित महात्मा गांधी सेतु, कोसी नदी पर पुल और भागलपुर में विक्रमशिला सेतु शामिल है। प्रधानमंत्री के पैकेज के अंतर्गत गंगा नदी पर 17 पुलों का निर्माण कार्य चल रहा है।प्रधानमंत्री ने बिहार में ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट सेवा का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इससे देश के छह लाख गांव आने वाले एक हजार दिनों में इंटरनेट से जुड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि हाई स्पीड इंटरनेट सेवा मिलने से ग्रामीण लोग भी सशक्त हो जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि गांवों में इंटरनेट की सुविधा मिलने से ई-एजुकेशन, ई-एग्रीकल्चरी, टेली-मेडिसिन, टेली-लॉ और सामाजिक सुरक्षा योजना सहित अन्य योजनाएं डिजिटल माध्यम से एक बटन दबाने से सभी नागरिकों को मिलने में मदद करेंगी।केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट सेवा के उद्घाटन पर कहा कि भारत नेट के अंतर्गत तेज रफ्तार ब्रॉडबैंड के साथ बिहार के सभी ग्राम पंचायतों को जोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगले चरण में ग्राम पंचायतों के गांवों को भी इंटरनेट सेवा से जल्द ही जोड़ दिया जाएगा। श्री प्रसाद ने कहा कि अब गांवों में भी फॉर जी सेवा और वाईफाई सेवा उपलब्ध होगी।---
- बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रसड़ा कोतवाली क्षेत्र में सोमवार सुबह रेखहां चट्टी के पास एक एसयूवी और टैंकर की भीषण भिड़ंत में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि आठ अन्य हो गए। पुलिस के अनुसार हिमाचल प्रदेश से बलिया आ रहे एसयूवी की सोमवार सुबह लगभग सात बजे रसड़ा- बलिया मार्ग पर रेखहां चट्टी के पास विपरीत दिशा से आ रही टैंकर से भिड़ंत हो गई। इस टक्कर में गोविंद यादव (27) की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- नई दिल्ली। रेलवे ने विशिष्ट मार्गों पर यात्रा की भारी मांग को देखते हुए आज से 40 क्लोन रेलगाडियों का परिचालन शुरू किया है। ये एसी-थ्री श्रेणी की रेलगाडियां होंगी और अपेक्षाकृत तेज गति से चलेंगी। इनका ठहराव स्टेशन भी कम होगा। जिन यात्रियों को आपात यात्रा करनी है या जिन्होंने अंतिम समय में यात्रा का फैसला किया है उनके लिए क्लोन ट्रेन वरदान साबित होगी। इन रेलगाडिय़ों के अपने मूल रेलगाडी के गन्तव्य तक पहुंचने के समय से दो-तीन घंटा पहले पहुंचने की आशा है।पूर्व मध्य रेलवे के तहत दस क्लोन रेलगाडिय़ां बिहार और दिल्ली के बीच चलेंगी। उत्तर रेलवे भी दिल्ली और बिहार, पश्चिम बंगाल और दिल्ली, पंजाब और पश्चिम बंगाल तथा उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच दस क्लोन रेलगाडिय़ों का परिचालन करेगा।दक्षिण मध्य रेलवे के तहत दो रेलगाडिय़ां बिहार के दानापुर से सिकंदराबाद के लिए चलेंगी। दक्षिण पश्चिम रेलवे गोआ और दिल्ली, कर्नाटक और बिहार तथा कर्नाटक और दिल्ली के बीच छह रेलगाडिय़ों का परिचालन करेगा।पश्चिम रेलवे भी बिहार - गुजरात, दिल्ली- गुजरात तथा मुंबई और पंजाब के बीच दस क्लोन रेलगाडिय़ां चलाएगा।-----
- आगरा। आगरा में सोमवार से ताजमहल, आगरा का किला और धार्मिक स्थल खुल जाएंगे। मगर, एम्पोरियम नहीं खुलेंगे। हालांकि, पर्यटकों को कोविड-19 के मद्देनजर प्रशासन और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा जारी दिशानिर्देशों का अनुपालन करना होगा।उल्लेखनीय है कि 17 मार्च से ताजमहल और आगरा का किला बंद है और 188 दिनों के बाद 21 सितंबर से इन्हें पर्यटकों के लिए दोबारा खोला जा रहा है। नये दिशानिर्देश के मुताबिक ताजमहल में एक दिन में अधिकतम पांच हजार और आगरा किला में अधिकतम 2,500 पर्यटकों को ही प्रवेश मिलेगा। दोनों स्मारकों पर टिकट खिड़की बंद रहेगी। पर्यटकों को एएसआई की वेबसाइट से ऑनलाइन टिकट बुक करनी होगी। स्मारकों पर क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद प्रवेश मिलेगा। इस संबंध में पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ताजमहल और आगरा किला में मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन कराया जाएगा।उन्होंने बताया कि ताजमहल में शाहजहां और मुमताज की मुख्य मकबरे में स्थित कब्रों वाले कक्ष में एक बार में पांच लोग जा सकेंगे, संग्रहालय भी पर्यटकों के लिए खुला रहेगा। पर्यटकों को पार्किंग समेत सभी भुगतान डिजिटल माध्यम से करना होगा। पर्यटकों के लिए शारीरिक दूरी का पालन करना और मॉस्क लगाना अनिवार्य होगा। पर्यटकों को दीवारों व रेलिंग से दूर रहना होगा। शू कवर, पानी की बोतल, टिश्यू पेपर आदि उन्हें कूड़ेदान में डालने होंगे। स्मारक में प्रवेश से पूर्व पर्यटकों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। बिना लक्षण वाले पर्यटक ही परिसर में प्रवेश कर पाएंगे। स्मारकों पर मौजूद रजिस्टर में सभी पर्यटकों का विवरण दर्ज किया जाएगा। एएसआई स्मारक के किसी भी आंतरिक भाग में प्रवेश रोक सकेगा। स्मारक में समूह में तस्वीर खिंचने की अनुमति नहीं होगी। वैध लाइसेंसधारक गाइड ही स्मारक में प्रवेश कर सकेंगे। ताजमहल में फोटोग्राफरों को चार समूहों में बांटा गया है, जिससे एक दिन छोड़कर फोटोग्राफी की पारी आएगी। इस बीच, हस्तशिल्प एंपोरियम 30 सितंबर तक बंद रहेंगे। एंपोरियम संचालकों ने कोरोना वायरस संक्रमण और विदेशी पर्यटकों के नहीं आने पर हस्तशिल्प एंपोरियम 30 सितंबर तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है।-
- मुजफ्फरनगर (उप्र)। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में गंगोह तितरो मार्ग पर एक सड़क हादसे में ईंट भ_े में काम करने वाले चार श्रमिकों की मौत हो गयी, जबकि 30 अन्य घायल हो गये ।पुलिस ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि घटना शनिवार देर रात की है । उन्होंने बताया कि घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक है । उन्होंने बताया कि ये श्रमिक डीसीएम वाहन में सवार होकर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के पीपलहेरा गांव से पंजाब जा रहे थे । इसी दौरान सहारनपुर जिले में एक ट्रक ने वाहन को टक्कर मार दी । पुलिस ने बताया कि दुर्घटना में मरने वाले सभी लोग मुजफ्फरनगर जिले के रहने वाले हैं ।
- नई दिल्ली। पोषण अभियान के तहत कुपोषण को नियंत्रित करने के लिए आज नई दिल्ली में आयुष मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत कुपोषण को नियंत्रित करने के लिए समय पर खरे उतरे और वैज्ञानिक रुप से सिद्ध आयुष आधारित समाधानों पर काम किया जाएगा।आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव राम मोहन मिश्रा ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन इरानी और आयुष मंत्री श्रीपद येसो नाइक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।श्रीमती इरानी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि दोनों मंत्रालयों के संयुक्त प्रयास देश में माताओं और बच्चों में कुपोषण की समस्या से निपटने में एक दीर्घकालीन समाधान साबित होंगे। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में प्रत्येक आंगनवाड़ी में न्यूट्री-गार्डन और औषधीय उद्यान स्थापित किए जाएंगे।इस अवसर पर श्रीपद नाइक ने कहा कि आयुर्वेद और अन्य आयुष प्रणालियों में गर्भवती महिलाओं द्वारा आहार का सही सेवन, माताओं में शिशुओं को स्तनपान कराने की आदत डालना, माताओं में दूध के स्राव को बेहतर करने के लिए पारंपरिक उत्पादों का उपयोग तथा बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन आदि के बेहतर तरीकों के माध्यम से हल्के और मध्यम कुपोषण की समस्या से निपटने के कई विशिष्ट उपाय मौजूद हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत को पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों का सबसे बड़ा नेटवर्क होने का गौरव प्राप्त है। अपनी व्यापक पहुंच, सामथ्र्य, सुरक्षा और लोगों के भरोसे के कारण ये व्यापक रूप से स्वीकार किए जाते हैं। इसने मंत्रालय को चिकित्सा की ऐसी प्रासंगिक प्रणाली को एकीकृत करने का अवसर दिया है जिनकी व्यापक स्वीकृति है।समझौता ज्ञापन के तहत आयुष और महिला और बाल विकास मंत्रालय आयुर्वेद, योग और अन्य आयुष प्रणालियों के माध्यम से पोषण अभियान में आयुष को एकीकृत करने और कुपोषण के प्रबंधन के लिए मिलकर काम करेंगे। पोषण अभियान या राष्ट्रीय पोषण मिशन भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण परिणामों में सुधार करने के लिए चलाया गया भारत सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है।इसके लिए दोनों मंत्रालयों के बीच परस्पर सहयोग के विशिष्ट क्षेत्रों में पोषण अभियान में आयुष प्रणालियों को एकीकृत करना और आयुर्वेद, योग और अन्य आयुष प्रणालियों के सिद्धांतों और प्रथाओं के माध्यम से कुपोषण पर नियंत्रण करना शामिल है।
- नई दिल्ली। देशभर के मेडिकल कॉलेजों में व्यापक विशेषज्ञताओं में एमडी या एमएस की पढ़ाई करने वाले सभी परास्नातक (पीजी) छात्रों को शैक्षणिक सत्र 2020-21 में पाठ्यक्रम के हिस्से के तौर पर जिला अस्पतालों में तीन महीने अनिवार्य रूप से सेवा देनी होगी। तीन महीने का यह रोटेशन परास्नातक कार्यक्रम के तीसरे, चौथे या पांचवें सेमेस्टर में होगा।भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) की जिम्मेदारियों को संभाल रहे संचालन मंडल ने एक अधिसूचना जारी कर कहा कि इस रोटेशन को डिस्ट्रिक्ट रेजिडेंसी प्रोग्राम (डीआरपी) कहा जाएगा और प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पीजी चिकित्सा छात्र को डिस्ट्रिक्ट रेजिडेंट कहा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य पीजी के इन छात्रों को जिला स्वास्थ्य प्रणाली से रूबरू कराना और जिला अस्पताल में प्रदान की जा रही स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं में शामिल करना है। परास्नातक चिकित्सा शिक्षा (संशोधन)नियामक 2020 के अनुसार, किसी भी उम्मीदवार के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की अंतिम परीक्षा में बैठने के लिए डिस्ट्रिक्ट रेजिडेंसी सफलतापूर्वक पूरा करना आवश्यक शर्त होगी।








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