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- नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 70वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में आज से सेवा सप्ताह शुरू किया। इस दौरान देश भर में पार्टी नेता और कार्यकर्ता विभिन्न गतिविधियों में शामिल होंगे।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने उत्तरप्रदेश के गौतम बुद्धनगर के छपरौली गांव से इस अभियान की शुरूआत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जीवन देश के लोगों की सेवा के लिए समर्पित है। अभियान 20 सितम्बर तक चलेगा।
- अहमदाबाद। गुजरात सरकार ने कहा है कि वह कोविड-19 महामारी के समय महिलाओं में स्व-रोजगार को बढ़ावा देने के लिए ब्याज मुक्त कर्ज देने को लेकर विशेष योजना शुरू करेगी। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को शुरू होगी।आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री महिला कल्याण योजना (एमएमकेएस) के तहत प्रत्येक 10 सदस्यों वाले महिला स्वयं सहायता समूह को एक लाख रुपये का कर्ज दिया जाएगा। सरकार कर्ज पर जो भी ब्याज होगा, उसका वहन करेगी।बयान के अनुसार योजना के तहत कुल एक लाख स्वयं सहायता समूह को मदद दी जाएगी। इसमें 50 हजार ग्रामीण क्षेत्रों के 50 हजार शहरी क्षेत्रों के स्वयं सहायता समूह होंगे। विज्ञप्ति के अनुसार, गुजरात सरकार ने महिलाओं को को स्व-रोजगार के लिये प्रोत्साहित करने के इरादे से योजना लाने का निर्णय किया है। इसके तहत बिना ब्याज के कर्ज दिया जाएगा। योजना से महिला आत्मनिर्भर हो सकेंगी और वे अपने परिवार को कोरोनो वायरस महामारी के दौरान मदद कर सकेंगी।
- नई दिल्ली। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में 33 बड़े निजी अस्पतालों को आईसीयू बिस्तरों में से 80 प्रतिशत कोविड-19 मरीजों के लिए आरक्षित रखने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने रविवार बताया कि दिल्ली में अगस्त के आखिरी सप्ताह से कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। दिल्ली में शनिवार को कोविड-19 के एक दिन में सबसे अधिक 4,321 नये मामले सामने आये थे।अधिकारियों ने बताया कि रविवार को कोविड-19 के 4,235 नये मामले सामने आने से यहां इसके कुल मामले बढ़कर 2.18 लाख हो गए। ऐसा लगातार पांचवें दिन हुआ जब दिल्ली में चार हजार से अधिक नये मामले सामने आये। जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार ने उन सभी अस्पतालों जिनके पास बिस्तरों की संख्या 50 या उससे अधिक हैं उन्हें अपने कुल आईसीयू बिस्तरों में से कम से कम 80 प्रतिशत बिस्तर कोविड-19 मरीजों के लिए आरक्षित रखने का निर्देश दिया है। पिछले कुछ दिनों से मामलों में वृद्धि को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने 33 अस्पतालों को कोविड-19 मरीजों के लिए उपलब्ध कुल आईसीयू बिस्तरों में से 80 प्रतिशत कोविड-19 मरीजों के लिए आरक्षित रखने का आदेश दिया है। 33 निजी अस्पतालों के साथ एक वीडिया कान्फ्रेंस में जैन ने उनके आईसीयू में और अधिक बिस्तर आरक्षित रखने पर चर्चा की थी।
- नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में पति-पत्नी के झगड़े में पिता ने अपनी तीन साल की बच्ची को कथित रूप से उठाकर फर्श पर पटक दिया जिससे उसकी मौत हो गयी। हालांकि, पति का आरोप है कि हत्या पत्नी ने की है।नोएडा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रणविजय सिंह के बताया कि घटना सेक्टर-49 थाना क्षेत्र के बरौला गांव की है। सूचना पाकर पुलिस जब मौके पर पहुंची तो महिला रेणु घायल थी और बच्ची की मौत हो चुकी थी। महिला को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान बुलंदशहर निवासी अमित के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सिंह ने बताया कि अमित अपने ससुराल में सभी को सूचित किया था कि रेणु और उसकी बेटी की किन्हीं अन्य कारणों से मौत हो गई है। उन्होंने कहा पहली नजर में लगता है कि अमित ने ही दोनों की हत्या का प्रयास किया था। इस बीच, अमित रविवार की रात सेक्टर-49 थाना पहुंचा और शिकायत दी है उनकी बेटी की हत्या रेणु ने की है। अमित ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी रेणु की मानसिक हालत ठीक नहीं है और वह पहले भी उसके बेटे व बेटी पर कई बार वह हिंसक हमला कर चुकी है। पुलिस को जांच में पता चला है, अमित शनिवार रात को गोवर्धन परिक्रमा के लिए मथुरा गया था। रेणु ने बच्ची की हत्या करने के बाद, अपने भाई को फोन उसके मरने की सूचना दी थी और उसे घर आने को कहा था। अधिकारी ने बताया कि अमित की शिकायत के आधार पर रेणु के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस अभी मामले की बारीकी से जांच कर रही है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।---
- -एनटीपीसीके मुख्य प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह ने कहा- संयंत्र बिजली से खाना पकाने की दिशा में हर संभव कदम उठा रहा हैनई दिल्ली। केंद्रीय विद्युत, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आर के सिंह, ने आज कहा कि सरकार का लक्ष्य बड़े पैमाने पर खाना पकाने के लिए बिजली उपलब्ध कराना है, इससे समाज के गरीब वर्ग को उनकी दिन प्रतिदिन की आवश्यकता के लिए एक सस्ता विकल्प उपलब्ध होगा। इससे राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी और देश को ऊर्जा स्रोतों के आयात से मुक्ति मिलेगी।केन्द्रीय मंत्री आर के सिंह ने कहा, बिजली भारत का भविष्य है और अधिकतर बुनियादी ढांचा बिजली से संचालित होगा। सरकार ने मंत्रालय स्तर पर बनने वाले विद्युत संस्थान की परिकल्पना की है और उद्देश्यों में पूरी तरह से बिजली से खाना बनाना शामिल है, जो हमारी अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने और हमें आयातों से स्वतंत्रता दिलाएगा। यह सरकार गरीबों के लिए है और यह कदम समाज के गरीब वर्ग को खाना पकाने का सस्ता माध्यम प्रदान करने में मदद करेगा।विद्युत मंत्री ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एनपीजीसीएल, नबीनगर में एक सेवा भवन, बाढ़ के लोगों के लिए एनटीपीसी द्वारा विकसित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, एनटीपीसी कर्मियों और सहयोगियों के लिए बरौनी के मुख्य संयंत्र में कैंटीन का उद्घाटन करते हुए सरकार का दृष्टिकोण पेश किया। मंत्री ने कहा कि गरीबों के लिए पीएम आवास योजना और हर घर बिजली जैसे कई अन्य उपाय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लॉकडाउन के दौरान तेज़ी से किए गए।श्री सिंह ने एनटीपीसी की विभिन्न पहलों की भी प्रशंसा की, जो राष्ट्र के लिए बिजली उत्पादन की असीम प्रतिबद्धता और उसके आर्थिक विकास को दर्शाती है। पिछले वर्षों में, एनटीपीसी द्वारा किए गए काम को पूरे देश में स्वीकार किया गया है। एनटीपीसी परिवार अपनी व्यावसायिकता और दक्षता के लिए पहचाना जाता है और न केवल बिहार के लिए बल्कि देश के लिए भी एक मिसाल कायम की है। सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों के प्रदर्शन पर हमेशा सवाल उठाए गए हैं, लेकिन एनटीपीसी और अन्य विद्युत के सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों के प्रदर्शन को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि वे निजी कंपनियों की तुलना में बेहतर हैं और लगातार प्रगति करते हुए लाभ अर्जित किया है। मैं बिहार के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में अन्य राज्यों की प्रगति में भागीदार होने के लिए एनटीपीसी को धन्यवाद देता हूं। आर.के. सिंह ने आगे कहा, एनटीपीसी का विस्तार जारी रहेगा और यह व्यावसायिकता, दक्षता के साथ आदर्श नियोक्ता के रूप में व्यावसायिकता और कार्यकुशलता में मानक स्थापित करता रहेगा।एनटीपीसी द्वारा किए गए कार्यों की सराहना कीउन्होंने लॉकडाउन के दौरान चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एनटीपीसी द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिस्कॉम के लिए निर्धारित शुल्क को स्थगित कर दिया गया था और लॉकडाउन अवधि के दौरान भारत के सबसे बड़े बिजली उत्पादक ने राज्यों को लागत पर छूट भी दी थी। उन्होंने कहा कि यह एनटीपीसी के पेशेवर आचरण और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता के कारण आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थानों के प्रतिभाशाली लोग देश की ऐसी आदर्श कंपनी के लिए काम करना चाहते हैं।एनटीपीसी बिजली से खाना पकाने की दिशा में हर संभव कदम उठा रहा हैउद्घाटन समारोह के दौरान एनटीपीसी के मुख्य प्रबंध निदेशक, गुरदीप सिंह ने कहा, आर. के. सिंह के मार्गदर्शन में, एनटीपीसी बिजली से खाना पकाने की दिशा में हर संभव कदम उठा रहा है और हम देश भर में इस सुविधा को उपलब्ध कराने के लिए आश्वस्त हैं। उन्होंने कहा, लॉकडाउन के दौरान, एनटीपीसी ने सुनिश्चित किया कि न केवल कर्मचारियों, बल्कि अनुबंधित मजदूरों को भी भोजन, आश्रय और चिकित्सा सुविधाओं के साथ कंपनी के पेशेवर रूप से प्रबंधित प्रणाली के माध्यम से समय पर वेतन का भुगतान किया गया था। हमने यह भी सुनिश्चित किया कि देश को लॉकडाउन के दौरान बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो। उन्होंने यह भी कहा कि, एनटीपीसी के पास बिहार में 3800 मेगावाट की निर्माणाधीन परियोजना है और यह राज्य की प्रगति में अपना योगदान देता रहेगा।नई सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के निर्माण का उद्देश्य एनटीपीसी के श्रमिकों और सहयोगियों को आवश्यक सेवाएं प्रदान करना और बिहार में संयंत्र क्षेत्र के आसपास के लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना है। समारोह में विद्युत मंत्रालय और बिहार प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, एनटीपीसी के पूर्वी क्षेत्र मुख्यालय के निदेशक , बाढ़, नबीनगर और बरौनी से वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।उद्घाटन समारोह के दौरान, एनपीजीसीएल नबीनगर में सर्विस बिल्डिंग, बाढ़ में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और एनटीपीसी बरौनी में मुख्य संयंत्र कैंटीन पर फि़ल्म इस अवसर पर मौजूद हितधारकों को दिखाई गईं।62.9 गीगावॉट की कुल स्थापित क्षमता के साथ, एनटीपीसी समूह में 70 पावर स्टेशन हैं, जिसमें 24 कोयला, 7 संयुक्त चक्र गैस/तरल ईंधन, 1 हाइड्रो, 13 नवीकरणीय ऊर्जा के साथ 25 सहायक और संयुक्त उपक्रम के पावर स्टेशन शामिल हैं। समूह के पास 20 गीगावॉट से अधिक क्षमता के निर्माणाधीन संयंत्र है, जिसमें 5 गीगावॉट के नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र शामिल है।
- गया (बिहार)। दिल में कुछ करने का जज्बा हो और जुनून तो कोई बाधा आड़े नहीं आती है। गया जिले के एक किसान ने ऐसा ही कमाल कर दिखाया है और उनका काम इस समय तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।इस किसान का नाम है लौंगी भुइयां जो अब 70 साल के हो चुके हैं, लेकिन इतनी उम्र के बाद भी वे कड़ी मेहनत करते हैं और हौसला किसी युवा से कम नहीं हैं। इस किसान ने अपने गांव कोठीलावा के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए 30 साल की कड़ी मेहनत के बाद तीन किलोमीटर लंबी एक पूरी नहर ही तैयार कर डाली। पहाडिय़ों से बारिश के पानी को अपने गांव के खेतों तक पहुंचानेे के लिए उन्होंने ऐसा किया। इसका फायदा आज गांव के करीब 3 हजार लोगों को हो रहा है। गांव में पानी की कमी के कारण लोग केवल चने और मक्के की खेती कर पाते थे। खेती का साधन नहीं होने से युवा गांव से पलायन कर रहे थे।लौंगी भुइयां की 30 साल की इस मेहनत से पूरे गांव को फायदा हो रहा है। उनके परिजन बताते हैं कि वे रोज कुदाल- फावड़ा लेकर जंगल पहुंच जाया करते थे और नहर बनाने के काम में जुट जाते थे। उनके परिजनों ने उन्हें ऐसा करने से मना भी किया लेकिन भुइयां ने किसी की नहीं सुनी।खुद भुइयां कहते हैं - उनकी पत्नी, बेटे और बहू सभी ने यह काम करने से उन्हें रोकने की कोशिश की थी, क्योंकि इसमें उन्हें कुछ मिलता नहीं था, कोई आमदनी नहीं थी, लेकिन आज पानी आने के बाद सब उनकी तारीफ कर रहे हैं। उन्होंने कहा, पहले मैं खेती करता था। बेटा काम की तलाश में शहर चला गया, गांव के अधिकतर लोग भी काम करने के लिए बाहर चले गए। एक दिन बकरी चराते वक्त मैंने सोचा कि अगर गांव में पानी आ जाए तो लोगों का पलायन रुक सकता है और लोग खेती कर सकते हैं। तभी से मैं इस काम में जुट गया। आज नहर के साथ एक तालाब बनकर तैयार है । इससे इलाके के 3 गांव के लोगों को फायदा मिल रहा है।
- जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर के सांगड थाना क्षेत्र में आज सुबह एक अनियंत्रित कार आगे चल रही ट्रेक्टर ट्रॉली में जा घुसी जिससे ट्रॉली चालक और कार में सवार दो लोगों सहित तीन व्यक्तियों की मौत हो गई जबकि छह अन्य लोग घायल हो गये।पुलिस जांच अधिकारी और सहायक पुलिस उपनिरीक्षक बांक सिंह ने बताया कि अहमदाबाद से रामदेवरा जा रही एक अनियंत्रित कार देवीकोट गांव के पास आगे चल रही ट्रैक्टर ट्रॉली में जा घुसी जिससे बाडमेर निवासी ट्रेक्टर चालक देवाराम और कार सवार अहमदाबाद निवासी जिगर भाई पटेल और रमेश भाई की मौत हो गई जबकि हादसे में छह अन्य लोग घायल हो गये। उन्होंने बताया कि सभी घायलों को राजकीय चिकित्सालय में उपचार के लिये भर्ती करवाया गया है। उन्होंने बताया कि मृतकों में से दौ की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि एक अन्य ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
- नई दिल्ली। संसद का मॉनसून सत्र कल 14 सितंबर से आरंभ हो रहा है। कोविड महामारी के मद्देनजर यह सत्र दो पालियों सुबह नौ से एक बजे और शाम को तीन बजे से सात बजे तक चलेगा। पहला दिन छोड़कर राज् यसभा की बैठक सुबह और लोकसभा की शाम को होगी।सत्र में 47 विषय लिए जायेंगे और यह एक अक् टूबर को समाप् त होगा। सत्र में अध् यादेशों के स् थान पर ग् यारह विधेयक पेश होंगे। इनमें किसान उपज व् यापार और वाणिज् य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक -2020, भारतीय औषधि केन् द्रीय परिषद संशोधन विधेयक-2020, आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक 2020, बैंकिंग नियमन संशोधन-2020, महामारी रोग संशोधन- विधेयक-2020, और मंत्री वेतन और भत्तेे संशोधन विधेयक- 2020 शामिल हैं।सत्र में नये विधेयक भी पेश और पारित किये जाने की संभावना है। इनमें कारखाना नियमन संशोधन विधेयक-2020, पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण संशोधन विधेयक- 2020, राष्ट्रीय स्वास्थ्य देखभाल और सबंधिक व्यावसाय विधेयक-2020, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली क्षेत्र सरकार संशोधन विधेयक-2020, विदेशी योगदान नियमन संशोधन विधेयक- 2020, बाल न्याय (बाल देखभाल और संरक्षण) संशोधन विधेयक-2020 तथा जम्मू कश्मीर राजकीय भाषा विधेयक- 2020 शामिल है।कोविड महामारी के बीच संसद का यह पहला सत्र होगा। कोविड-19 से संबंधित सभी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए इस सत्र का आयोजन किया जा रहा है। सत्र में दोनों सदनों के सदस् य दूर-दूर बैठेंगे। दीर्घा में भी परस्पर सुरक्षित दूरी के मानक का पालन किया जाएगा। सांसदों की उपस्थिति मोबाइल एप के जरिये दर्ज होगी। इस सत्र में प्रश्नकाल नहीं होगा और निजी विधेयक पेश नहीं किए जाएंगे। शून्यकाल होगा और अतारांकित प्रश्न पटल पर रखे जाएंगे।
- मेदिनीनगर (झारखंड)। पलामू जिले के छत्तरपुर थानान्तर्गत हेसला गांव के नजदीक एक ट्रैक्टर के असंतुलित होकर नहर में गिरने से उसके चालक की मौत हो गई।छत्तरपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि चालक नहर किनारे बनी सड़क से ट्रैक्टर लेकर जा रहा था। अचानक संतुलन खो जाने से ट्रैक्टर नहर में गिर गया और चालक की डूबने से मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि चालक राजदेव (30) का शव पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर स्थित पलामू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल भेजा गया है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। (प्रतिकात्मक फोटो)---
- नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह का आज निधन हो गया है। श्री सिंह कोरोना संबंधी परेशानियों के इलाज के लिए एक सप्ताह पहले दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान-एम्स में भर्ती हुए थे। श्री सिंह ने राष्ट्रीय जनता दल से हाल ही में इस्तीफा दे दिया था।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर दुख व्यक्त किया है। श्री कोविंद ने एक ट्वीट में कहा कि ग्रामीण भारत के बारे में उनकी समझ असाधारण थी। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि रघुवंश प्रसाद सिंह ने अपने सरल जीवन के माध्यम से सार्वजनिक जीवन को एक विशेष गरिमा प्रदान की।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि दी। एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि रघुवंश प्रसाद सिंह अब हमारे बीच नहीं हैं। श्री मोदी ने कहा कि श्री सिंह के निधन से बिहार और देश की राजनीति में एक शून्य पैदा हो गया है।बिहार के राज्यपाल फागू चौहान और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
- नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 महामारी से स्वस्थ हो रहे सभी रोगियों की आगे की देखभाल और कल्याण के लिए कोविड-19 प्रबंधन नियमावली जारी की है। इसमें बताया गया है कि ठीक हुए रोगियों में थकान, बदन में दर्द, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ जैसे कई लक्षण दिखाई देना जारी रह सकता है। इसमें कहा गया है कि ऐसे रोगियों की आगे की देखभाल और आरोग्य के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है।नियमावली में कहा गया है कि स्वस्थ हो रहे रोगियों को मास्क पहनने, हाथों और सांस लेने संबंधी स्वच्छता का ध्यान रखने और दूसरों के संपर्क में आते समय पर्याप्त दूरी बनाए रखने जैसे कोविड रोकथाम नियमों का पालन करते रहना चाहिए। प्रोटोकोल में पर्याप्त मात्रा में गर्म पानी पीने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली आयुष दवाएं लेने को भी कहा गया है। स्वास्थ्य ठीक रहे तो घर का सामान्य कामकाज और अपना पेशेवर कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा सकता है।कोविड से ठीक हुए रोगियों को डॅाक्टरी परामर्श से थोड़ा बहुत व्यायाम, जैसे योगासन, प्राणायाम और ध्यान जहां तक संभव हो करते रहना चाहिए। इलाज कर रहे डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए सांस संबंधी व्यायाम अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे किये सकते हैं और सुबह-शाम सैर करने को भी जाया जा सकता है।महामारी से ठीक हो रहे रोगियों को ऐसा संतुलित पौष्टिक आहार लेना चाहिए जो ताजा बना हो और सुपाच्य हो। उनके लिए पर्याप्त नींद और विश्राम करना भी जरूरी है। उन्हें धूम्रपान और शराब पीने से बचना चाहिए। स्वस्थ हुए लोगों को सामुदायिक स्तर पर अपने अच्छे अनुभवों को सोशल मीडिया पर मित्रों और संबंधियों, जाने-माने लोगों, जनमत बनाने वाले लोगों, धार्मिक प्रमुखों आदि के साथ साझा करना चाहिए ताकि इससे समाज में जागरूकता बढ़े और महामारी से जुड़ी भ्रांतियों और गलत धारणाओं को दूर किया जा सके। कोविड-19 से उबरे रोगी पूरी तरह ठीक होने और पुनर्वास की प्रक्रिया में समाज में कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों, सिविल सोसायटी संगठनों और पेशेवर विशेषज्ञों की मदद ले सकते हैं। वे अपने सहकर्मियों, सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और परामर्शदाताओं की मनोवैज्ञानिक और सामाजिक सहायता भी ले सकते हैं। उन्हें एक दूसरे के संपर्क में आते समय पर्याप्त दूरी बनाए रखने जैसी सावधानियों के साथ सामूहिक योग और ध्यान सत्र में भाग लेने की भी सलाह दी गई है। ऐसे लोगों को स्वस्थ होने के सात दिन के भीतर इलाज करने वाले अस्पताल में जाकर या टेलिफोन पर डॉक्टरी परामर्श लेना चाहिए।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संपूर्ण स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान-एम्स में भर्ती कराया गया है।एम्स ने एक बयान में कहा है कि पिछली बार अस्पताल से छुट्टी देते समय दी गई सलाह के अनुसार श्री शाह को भर्ती किया गया है।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री डी. वी. सदानंद गौड़ा ने किसानों से यूरिया का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि अधिक मात्रा में यूरिया के उपयोग से जमीन को नुकसान पहुंचता है।शनिवार को कर्नाटक में आत्मनिर्भर भारत और टिकाऊ खेती विषय पर सहकारी उर्वरक कंपनी इफको द्वारा आयोजित एक वेबिनार को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उर्वरकों का इस्तेमाल मृदा स्वास्थ्य कार्ड में बताई गई जमीन की आवश्यकताओं के अनुसार किया जाना चाहिए।श्री गौड़ा ने कहा कि यूरिया के लिए आयात पर निर्भरता कम करने के प्रयास किये जा रहे हैं और 2023 तक भारत उर्वरकों के उत्पादन में आत्मनिर्भर हो जायेगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम के अंतर्गत 40 हजार करोड़ रुपये की लागत से नई उर्वरक उत्पादन इकाईयां लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म पोषक तत्वों से युक्त नैनो उर्वरकों को उत्पादन भी बढ़ाया जायेगा। वेबिनार में करीब डेढ़ हजार किसानों ने भाग लिया। इसका यू ट्यूब और फेसबुक पर सीधा प्रसारण भी किया गया।---
- नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटा बेस परियोजना-आईआरएडी लागू करने की प्रक्रिया में है जो पूरे देश में प्रभावी होगा। पहले चरण में इसे छह राज्यों में लागू करने का फैसला किया गया है। यह राज्य महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और तमिलनाडु हैं। यह ऐप आईआरएडी संबंधित राज्यों की आवश्यकताओं के अनुसार विकसित किया गया है। फिलहाल यह ऐप एंडरायड प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। जल्दी ही यह आई ओ एस जैसे प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध होगा।मंत्रालय ने इस ऐप के लिए कर्नाटक के कुछ जिलों में सात और आठ सितम्बर तथा उत्तरप्रदेश के कुछ जिलों में दस और ग्यारह सितम्बर को प्रशिक्षण और प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान मिले सुझावों और प्रक्रियाओं पर संबंधित राज्यों के ऐप में शामिल किया जाएगा। आई आर ए डी ऐप का विकास और क्रियान्वयन आई आई टी मद्रास और नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर सर्विसिस के जरिये किया जा रहा है।-----
- नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 के मरीजों का इलाज करने वाले निजी अस्पतालों से आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि वायरल बीमारी से पीडि़त मरीजों को बिस्तर देने इनकार नहीं किया जाये और उनकी समुचित देखभाल हो।फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) और एम्स, नई दिल्ली के सहयोग से मंत्रालय ने शनिवार को नई दिल्ली में कोरोना वायरस मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने वाले निजी अस्पतालों के साथ एक ऑनलाइन सम्मेलन में कहा कि सामूहिक लक्ष्य एक स्वास्थ्य प्रणाली होनी चाहिए जो सभी के लिए उपलब्ध, सस्ती और सुलभ हो। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि बैठक में गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों का समय पर उपचार कर मृत्युदर को कम किये जाने पर जोर दिया जाना चाहिए। अस्पतालों को अपने संक्रमण रोकने और उसे नियंत्रित करने के लिए सभी उपायों को अपना कर स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोत्साहित करना चाहिए।केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इस ऑनलाइन सम्मेलन का उद्घाटन किया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार के संकल्प को दोहराया कि कोविड-19 रोगियों को बिस्तरों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए और उन्हें शीघ्र उपचार प्रदान किया जाना चाहिए। बैठक में, निजी अस्पतालों के वरिष्ठ डॉक्टरों ने भी कोविड-19 के खिलाफ अपनी लड़ाई के बारे में अपने अनुभव और चुनौतियों को साझा किया।
- बांदा (उप्र)। जिले के अतर्रा थाना क्षेत्र के तेराब गांव में आकाशीय बिजली गिरने से जंगल में मवेशी चरा रहे तीन लोगों की मौत हो गयी। अतर्रा क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक सियाराम ने बताया कि शनिवार को तेराब गांव में आकाशीय बिजली गिरने से शिवपूजन पाल (20), कमलेश पाल (12) और विनोद पाल (आठ) गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया।उन्होंने बताया कि अस्पताल में इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गयी। शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना राजस्व अधिकारियों को दे दी गयी है, ताकि पीडि़त परिवारों को दैवीय आपदा राहत कोष से आर्थिक मदद मिल सके।
- नई दिल्ली। सरकार परिवहन के वाहनों में उत्सर्जन के कई अंतरराष्ट्रीय मानक और सुरक्षा उपाय लागू करने की प्रक्रिया में है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक स्थिरता नियंत्रण प्रणाली और ब्रेक एसिस्ट प्रणाली शामिल है। सरकार का इरादा देश के मोटर वाहन उद्योग को नियमनों के मामले में विकसित देशों के समकक्ष लाने का है।सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बयान में कहा, सरकार ने परिवहन वाहनों में उत्सर्जन के अंतरराष्ट्रीय मानकों और सुरक्षा उपायों के कार्यान्वयन का एक परिवर्तनकारी कार्यक्रम शुरू किया है। सरकार वाहन उद्योग के लिए एक दीर्घावधि की नियामकीय रूपरेखा पर आगे बढ़ रही है जिससे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इस क्षेत्र के योगदान को बढ़ाया जा सके। बयान में कहा गया है कि सरकार अगले दो साल में संबंधित श्रेणियों में इलेक्ट्रॉनिक स्थिरता नियंत्रण प्रणाली (ईएससी) तथा ब्रेक एसिस्ट प्रणाली के कार्यान्वयन को अंतिम रूप दे रही है। ईएससी बसों के लिए अधिसूचना पिछले साल जारी की गई है। बयान में कहा गया है कि बसों के लिए इलेक्ट्रॉनिक स्थिरता नियंत्रण प्रणाली के संदर्भ में अधिसूचना का मसौदा जारी किया गया है। इसे अप्रैल, 2023 के लागू किए जाने की संभावना है। हम सभी श्रेणियों के वाहनों में सुरक्षा के उच्चस्तर के लिए काम कर रहे हैं। मंत्रालय ने इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण को कुछ प्राथमिकता वाले क्षेत्र तय किए हैं। इनमें कुछ वाहन श्रेणियों में टायर के दबाव की निगरानी प्रणाली शामिल है। इसे इसी साल अक्टूबर से लागू किए जाने की उम्मीद है।
- सिंगरौली। मध्य प्रदेश में सिंगरौली जिला मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर गढ़वा थाना क्षेत्र में सोन नदी में नहाने गए चार युवक पानी के तेज बहाव में बह गए। स्थानीय गोताखोरों ने एक लड़के का शव नदी से निकाल लिया जबकि तीन अन्य की तलाश की जा रही है।गढ़वा पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक संतोष तिवारी ने बताया की ग्राम कुड़ारी लमसरई स्थित सोन नदी में चार युवक अमित कुमार (15), आनंद कुमार बैस (13), रोहित कुमार बैस (13) तीनों निवासी लमसरई और राहुल बैस (15) निवासी ग्राम रामडीहा शनिवार को नहाने गए थे। उन्होंने बताया कि सोन नदी की गहराई में जाने के साथ तेज बहाव होने की वजह से चारों युवक अपने आप को बचा नहीं पाए और नदी में बह गए। तिवारी ने बताया कि नदी में बहे चारों युवकों में से एक आनंद कुमार का शव बरामद कर लिया गया है जबकि स्थानीय गोताखोरों की सहायता से तीन अन्य की तलाश की जा रही है। (प्रतिकात्मक फोटो)
- नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर कड़े ऐहतियात के बीच रविवार को मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट का आयोजन होगा जिसमें 15 लाख से अधिक छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है । राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।एनटीए ने सामाजिक दूरी बनाये रखने के लिये परीक्षा केंद्रों की संख्या को मूल योजना के तहत 2546 केंद्रों से बढ़ाकर 3843 केंद्र कर दिया है, वहीं प्रत्येक कमरे में उम्मीदवारों की संख्या को पूर्व निर्धारित संख्या 24 से घटाकर 12 कर दिया गया है। राष्ट्रीय प्रवेश सह पात्रता परीक्षा (नीट) कलम एवं पेपर पर आधारित परीक्षा है जबकि इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेंस ऐसी नहीं थी । कोरोना वायरस के प्रसार के कारण नीट को दो बार पहले टाला जा चुका है। मूल रूप से यह परीक्षा 3 मई को होनी थी और फिर बाद में इसे 26 जुलाई के लिये आगे बढ़ा दिया गया था । अब यह परीक्षा 13 सितंबर को निर्धारित है। नीट परीक्षा के लिये 15.97 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया है।एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, परीक्षा हाल के बाद सामाजिक दूरी बनाये रखना सुनिश्चित करने के लिये प्रवेश और निकास की अलग व्यवस्था की योजना बनाई गई है । परीक्षा केंद्रों के बाहर इंतजार करने वाले छात्रों के लिये सामाजिक दूरी बनाये रखते हुए कतार में खड़ा रहने के लिये पर्याप्त व्यवस्था की गई है। अधिकारी ने बताया कि उम्मीदावारों के मागदर्शन के लिये परामर्श जारी किये गए हैं जिसमें उपयुक्त सामाजिक दूरी बनाये रखने के लिये क्या करें और क्या नहीं करें के बारे में जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा, हमने स्थानीय स्तर पर छात्रों के आने-जाने में मदद के संदर्भ में राज्य सरकारों को को भी लिखा है ताकि छात्र समय पर परीक्षा केंद्र पर पहुंच सकें । कोविड-19 प्रतिबंधों एवं सामाजिक दूरी के अनुपालन के अनुरूप परीक्षा एजेंसी ने इस सप्ताह कुछ छात्रों के केंद्रों में बदलाव भी किया है हालांकि किसी उम्मीदवार के परीक्षा शहर को नहीं बदला गया है। परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार और परीक्षा कक्ष के भीतर हर समय सैनिटाइजर उपलब्ध रहेगा और परीक्षा प्रवेश पत्र को हाथ से जांच करने की बजाए इसे बार कोड युक्त बनाया गया । इसके साथ ही कक्षा में कम संख्या में उम्मीदवार और प्रवेश एवं निकास की अलग व्यवस्था की गई है।अधिकारी ने बताया, उम्मीदवारों को मास्क और सैनिटाइजर के साथ केंद्र पर आने को कहा गया । एक बार केंद्र में प्रवेश करने के बाद उन्हें परीक्षा प्राधिकार द्वारा उपलब्ध कराया गया मास्क उपयोग करना होगा । '' उन्होंने बताया कि प्रत्येक उम्मीदवार को प्रवेश करते समय तीन स्तर वाला मास्क उपलब्ध कराया जायेगा और उनसे परीक्षा देते समय इसे पहनने की उम्मीद की जाती है।गौरतलब है कि ओडिशा, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ ने छात्रों के आने जाने की व्यवस्था करने का छात्रों को आश्वासन दिया है और आईआईटी एल्युमनी एवं छात्रों के समूह ने परीक्षा केंद्र के लिये परिवहन सुविधा प्रदान करने के लिये एक पोर्टल पेश किया है। कोलकाता मेट्रो रेलवे ने नीट देने वाले छात्रों के लिये 13 सितंबर को विशेष सेवा प्रदान करने की योजना बनायी है।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत मध्यप्रदेश में 12 हजार गांवों में एक लाख 75 हजार आवासों का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने गृह प्रवेशम पट्टिका जारी की और एक साथ सभी घरों का लोकार्पण किया। उनसे बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार गरीबों की समस्याएं दूर करने के लिए हर संभव कार्य कर रही है।इन सभी आवासों का निर्माण कोविड-19 महामारी काल की चुनौतियों के बीच किया गया है। उन्होंने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से धार, सीधी, सिंगरौली और ग्वालियर जिलों के कुछ लाभार्थियों से बातचीत भी की। इस बातचीत का प्रसारण सोलह हजार चार सौ चालीस ग्राम पंचायतों और 26 हजार पांच सौ 48 गांवों में किया गया। एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने इसे सुनने के लिए पंजीकरण कराया था। इस मौके पर श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सिर्फ लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए नहीं है, बल्कि ये गरीबों में आत्मविश्वास भरने की भी है, ताकि वे रोजमर्रा के संघर्ष को बेहतर भविष्य के निर्माण पर ध्यान केन्द्रित कर सके और चैन की नींद सो सके।इस योजना को आपदा को अवसर में बदलने का बेहतर उदाहरण बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की विभिन्न चुनौतियों के बावजूद 18 लाख आवासों के निर्माण का कार्य पूरा किया गया। इनमें से एक लाख 75 हजार आवास मध्य प्रदेश में ही बनाए गए हैं और निर्माण कार्य 125 दिन की बजाए 35-40 दिन में ही पूरा कर लिया गया है। कुशल श्रम शक्ति के योगदान की चर्चा करते हुए श्री मोदी ने कहा कि आवासों का जल्द निर्माण हमारे श्रमिक भाईयों के योगदान से संभव हो पाया है जिन्होंने शहरों से वापस लौटकर गरीब लोगों के लिए आवास निर्माण में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना का लाभ उठाया।प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत, मनरेगा, उज्ज्वला और सौभाग्य जैसी विभिन्न योजनाओं को गरीबों के आवास योजना से जोड़ा गया है, ताकि सामूहिक प्रयासों से निर्धनों का सपना पूरा किया जा सके।इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लाभार्थी परिवारों के लिए आज का दिन नए जीवन की शुरूआत है। मध्य प्रदेश में अब तक 17 लाख निर्धन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितंबर से राज्य के 37 लाख गरीबों को राशन के लिए पर्ची बांटी जाएगी। सरकार के प्रमुख कार्यक्रम प्रधानमंत्री आवास योजना - पीएमएवाई ने दूर - दराज के गावों में अनेक बेघर परिवारों की जिंदगी बदल दी है। श्री मोदी ने -2020 तक सबके लिए आवास का नारा दिया। इसके लिए 20 नंवबर 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण की शुरूआत की गई थी। इसके तहत अब तक एक करोड़ 14 लाख आवासों का निर्माण हो चुका है। मध्य प्रदेश सरकार ने निर्धन लोगों को अतिरिक्त सुविधा पहुंचाने के लिए समृद्धि पर्यावास अभियान के तहत सामाजिक सुरक्षा, पेंशन योजना, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिशन जैसी 17 अन्? योजनाओं को जोड़ा है।
- नई दिल्ली। कोविड-19 से पिछले चौबीस घंटों में 81 हजार 533 मरीज स्वस्थ हुए हैं। एक दिन में ठीक होने वालों की यह सबसे अधिक संख्या है। देश में अब तक 36 लाख 24 हजार से ज्यादा लोग वायरस संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं। स्वस्थ होने वालों की दर 77.77 प्रतिशत है।स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि स्वस्थ होने वालों और सक्रिय मामलों की संख्या में तेजी से अंतर आ रहा है। कुल संक्रमित मरीजों में से तीन चौथाई मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि चौथाई मामले अभी सक्रिय हैं। स्वस्थ होने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि होने से अब कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या बीस दशमलव पांच छह प्रतिशत रह गई है। स्वस्थ होने वालों की संख्या सक्रिय मामलों से लगभग चार गुणा अधिक है। पिछले 29 दिन में स्वस्थ होने वालों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि ठीक होने वालों की दर में लगातार वृद्धि नौ राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में स्वस्थ होने की दर 80 प्रतिशत से अधिक होने के कारण संभव हो पाई है। इन राज्यों में बिहार, तमिलनाडु, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और गुजरात शामिल हैं। मंत्रालय ने बताया है कि संक्रमण का जल्दी पता लगाने, उपचार और सघन चिकित्सा कक्ष के डॉक्टरों की कुशलता से भारत में स्वस्थ होने वालों की दर में वृद्धि हो रही है। विभिन्न राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों से स्वस्थ होने की उच्च दर की रिपोर्ट मिली है। स्वस्थ होने वालों की कुल संख्या का लगभग साठ प्रतिशत पांच राज्यों महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में है। सघन और विस्तृत जांच से संक्रमण का जल्द पता लगाने और अस्पतालों में उपचार तथा पृथकवास की सुविधा से स्वस्थ होने की उच्च दर हासिल की जा सकी है।इस समय देश में कोविड-19 से मृत्यु दर 1.66 प्रतिशत है। विश्व में औसत मृत्यु दर तीन प्रतिशत से ऊपर है। इसके मुकाबले भारत में मृत्यु दर कम है। 17 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में मृत्यु दर एक दशमलव से भी कम है। पिछले चौबीस घंटों में 97 हजार पांच सौ 70 नए मामले आने से कुल मामलों की संख्या 46 लाख 59 हजार नौ सौ 85 हो गई है। देश में इस समय सक्रिय मामलों की संख्या नौ लाख 58 हजार तीन सौ 16 हो गई है। पिछले चौबीस घंटों में एक हजार दो सौ एक मौत होने से मरने वालों की संख्या 77 हजार चार सौ 72 हो गई है।

- नई दिल्ली। पेंशन भोगियों के लिए जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की तिथि पहली अक्तूबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2020 कर दी गई है। कार्मिक राज्यमंत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने अपने ट्वीट में कहा है कि कोरोना वायरस से वृद्धों को सुरक्षित रखने के लिए तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनभोगी इस वर्ष 31 दिसंबर तक अपना जीवन प्रमाण-पत्र जमा करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि सभी केंद्रीय सरकार के पेंशनभोगी पहली नबंवर से 31 दिसंबर, 2020 तक अपना जीवन प्रमाण-पत्र जमा करा सकते हैं।कार्मिक राज्यमंत्री ने बताया कि बढ़ाई गई तिथि की अवधि के दौरान पेंशनभोगियों को निर्बाध पेंशन मिलती रहेगी।
- नई दिल्ली। 15वें राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावडेकर ने उन बलिदानियों का स्मरण किया जिन्होंने आग, तस्करों और माफियाओं से हमारी जैव विविधता और महत्वपूर्ण वन संपदा की रक्षा करते हुए अपने प्राण गंवाए।चंदन तस्करों द्वारा मारे गए वन विभाग के एक कर्मचारी का स्मरण करते हुए श्री जावडेकर ने कहा कानूनों में आवश्यक संशोधन किए जाने की आवश्यकता है ताकि चंदन की लकड़ी का और बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने जंगल की आग और बाघ, हाथी तथा गेंडे के हमलों में अपनी जान गंवाने वाले वन कर्मियों के बलिदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। वर्ष 2019-20 में जान गंवाने वाले वन कर्मियों की याद में प्रमाण पत्र जारी किए गए।केंद्रीय मंत्री ने रेत माफियाओं को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि स्थितियों की समीक्षा की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों को कड़े से कड़ा दंड दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेत खनन को लेकर नए कानून और नियमों के जारी होने के बावजूद कई राज्य और कई क्षेत्र ऐसे हैं , जहां नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा है। अलवर के सरिस्का बाघ अभयारण्य में संदिग्ध खनन माफिया के सदस्यों को अपने सहकर्मियों के साथ रोकने के दौरान वन विभाग में होमगार्ड केवल सिंह को ट्रैक्टर से कुचल दिया गया।केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे रेत खनन माफियाओं के मामले को गंभीरता से लें और अवैध खनन रोकने के लिए कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि टिकाऊ खनन परंपरा अपनाई जानी चाहिए ताकि नदियों के किनारे से प्राकृतिक संसाधनों का क्षरण रोका जा सके। टिकाऊ खनन व्यवस्था से नदियों के किनारों से खत्म हो रहे प्राकृतिक संसाधनों को रोका जा सकता है और वन कर्मियों व अधिकारियों तथा राजस्व विभाग के कर्मचारियों की हत्याओं को रोका जा सकता है। यह भी सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता है कि कानून का उल्लंघन करने वालों को कड़ा दंड मिले।
- बीकानेर/जयपुर। राजस्थान के बीकानेर जिले में शनिवार तड़के एक सड़क हादसे में सेना के दो अधिकारियों की मौत हो गयी। पुलिस ने इसकी जानकारी दी ।पुलिस के अनुसार यह हादसा बीकानेर -जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ जब सेना की गाड़ी टायर फटने से अनियंत्रित होकर पलट गई। जिसमें दो सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई जबकि दो अन्य जवान गंभीर रुप से घायल हो गए। रक्षा प्रवक्ता कर्नल संबित घोष ने बताया कि हादसे में 19 वीं इंफेंटरी रेजिमेंट के सीओ मनीष सिंह चौहान व मेजर नीरज शर्मा की मौत हो गई। सैरुणा पुलिस थानाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि पुलिस ने घायलों को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल पहुंचाया जहां से दोनों सैन्य अधिकारियों को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं दोनों घायल जवान अस्पताल में भर्ती हैं।----
- नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और आर्य समाज की प्रतिष्ठित हस्ती स्वामी अग्निवेश का आज निधन हो गया है। वे 81 वर्ष के थे। स्वामी अग्निवेश को सोमवार को नई दिल्ली के इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बायिलरी साइंसेज (आईएलबीएस) में भर्ती कराया गया था।इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बायिलरी साइंसेज ने स्वामी अग्निवेश के निधन की पुष्टि करते हुए कहा, स्वामी अग्निवेश को शुक्रवार शाम 6 बजे कार्डियक अरेस्ट हुआ। उन्हें बचाने की भरपूर कोशिश की गई। उन्होंने शाम 6.30 बजे अंतिम सांस ली।खबरों के अनुसार लिवर सिरोसिस से पीडि़त अग्निवेश को कई प्रमुख अंगों ने काम करना बंद कर दिया तो मंगलवार से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।21 सितंबर, 1939 को जन्मे स्वामी अग्निवेश सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाते थे। 1970 में आर्य सभा नाम की राजनीतिक पार्टी बनाई थी। 1977 में वह हरियाणा विधानसभा में विधायक चुने गए और हरियाणा सरकार में शिक्षा मंत्री भी रहे। 1981 में उन्होंने बंधुआ मुक्ति मोर्चा नाम के संगठन की स्थापना की। स्वामी अग्निवेश ने 2011 में अन्ना हजारे की अगुवाई वाले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में भी हिस्सा लिया था। हालांकि, बाद में वे इस आंदोलन से दूर हो गए थे।---








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