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नई दिल्ली। कर्मचारी राज्य बीमा निगम-ई.एस.आई.सी. ने कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए कामगारों को इस साल 24 मार्च और 31 दिसंबर के बीच बेरोजग़ारी लाभ के रूप में तीन महीनों के औसत वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर राशि का भुगतान करने के लिए नियमों में ढील दी है।
कल नई दिल्ली में केद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार की अध्यक्षता में हुई ई.एस.आई.सी की 182वीं बैठक में इसका निर्णय किया गया। ई.एस.आई.सी. अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना पर अमल कर रहा है जिसके अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत आने वाले कामगारों को बेरोजगारी लाभ दिया जाता है। इस योजना का अगले साल 30 जून तक विस्तार करने का भी फैसला किया गया है। मौजूदा शर्तों में ढील देने और कोविड महामारी के दौरान रोजगार खोने वाले कामगारों को दी जाने वाली राहत राशि में वृद्धि करने का भी निर्णय किया गया है। बढ़ी हुई राशि का भुगतान इस साल 24 मार्च से 31 दिसंबर तक की अवधि के दौरान किया जाएगा। इसके बाद अगले साल पहली जनवरी से 30 जून तक पात्रता शर्तों को ध्यान में रखकर भुगतान किया जाएगा। इन शर्तों की समीक्षा मांग और जरूरत को ध्यान में रखते हुए इस साल 31 दिसंबर के बाद की जाएगी।
- नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में उद्योगों और शैक्षणिक संस्थाओं को साथ जोड़ते हुए पाठ्यक्रम तैयार करने की संकल्पना की गई है ताकि छात्रों की प्रतिभा का उद्योगों की जरूरतों के लिये उपयोग हो सके।ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए) के 25वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए निशंक ने कहा कि पहले उद्योगों का इंजीनियरिंग कॉलेजों आदि से उतना संबंध नहीं देखा जाता था । उद्योगों को क्या चाहिए, यह संस्थान को पता नहीं होता था और संस्थानों से जुड़े विषयों की उद्योगों को जानकारी नहीं होती थी ।केंद्रीय मंत्री ने कहा, हमने इस खाई को पाटने का काम किया है । हम उद्योगों एवं इन प्रौद्योगिकी से जुड़ी शैक्षणिक संस्थानों को साथ जोड़ते हुए इसके आधार पर पाठ्यक्रम तैयार करेंगे । उन्होंने साथ ही कहा कि नयी नीति के तहत छठी कक्षा से ही व्यवसायिक शिक्षा के साथ इंटर्नशिप को जोड़ रहे हैं ताकि स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद छात्र कौशल सम्पन्न बन सकें । निशंक ने डिजिटल माध्यम से अपने संबोधन में कहा, हमारा प्रयास अकादमिक कार्यो को शिक्षणेत्तर गतिविधियों एवं व्यवसायिक शिक्षा के साथ जोडऩे पर है। नयी शिक्षा नीति के तहत हम छठी कक्षा से ही व्यवसायिक शिक्षा को इंटर्नशिप से जोड़ रहे हैं । उन्होंने कहा कि भारत एक युवा देश है और नये भारत के निर्माण में युवाओं खासकर प्रबंधन से जुड़े युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान होगा ।---
- नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक सितंबर से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमान यात्रियों से अधिक विमानन सुरक्षा शुल्क (एएसएफ) वूसलने का फैसला किया है। यह जानकारी वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने दी। इससे हवाई यात्रा और महंगी हो जाएगी।अधिकारी ने बताया कि अगले महीने से घरेलू हवाई यात्रियों को एएसएफ के तौर पर 150 रुपये के बजाय 160 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को एक सितंबर से 4.85 डॉलर के बजाय 5.2 डॉलर बतौर एएसएफ चुकाना होगा। उल्लेखनीय है कि विमान कंपनियां टिकट की बुकिंग के वक्त एएसएफ वसूल कर सरकार को जमा कराती हैं। इस राशि का इस्तेमाल पूरे देश के हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था पर खर्च किया जाता है। मंत्रालय ने पिछले साल भी एएसएफ में वृद्धि की थी।मंत्रालय ने पिछले साल सात जून को घोषणा की थी कि घरेलू यात्रियों के लिए एएसएफ 130 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये किया जाएगा जबकि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए यह राशि 3.25 डॉलर के बजाय 4.85 डॉलर होगी। नयी दरें एक जुलाई 2019 से लागू हुई थीं। गौरतलब है कि कोविड-19 की वजह से लागू यात्रा प्रतिबंध का सबसे अधिक असर विमानन क्षेत्र पर पड़ा है और कई विमानन कंपनियां खर्चों में कटौती के उपायों के तहत कर्मचारियों के वेतन में कटौती, बिना वेतन छुट्टी पर भेजने एवं नौकरी से निकालने जैसे कदम उठा रही हैं।
- बांदा (उप्र)। जिले की बबेरू कोतवाली क्षेत्र के दतौरा गांव के मोड़ के पास कल यात्रियों से भरा एक तिपहिया वाहन (ऑटो) सड़क किनारे खाईं में पलट गया जिससे उसमें सवार छह व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए।बबेरू कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) जयश्याम शुक्ला ने बताया कि - यात्रियों से भरा एक तिपहिया वाहन (ऑटो) कमासिन रोड़ में दतौरा गांव के मोड़ के पास अचानक सड़क किनारे गहरी खाईं में पलट गया, जिससे उसमें सवार छह यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने बताया कि सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए बबेरू के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती करवाया। घायलों में तीन की हालत चिंताजनक है। एसएचओ ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर जांच आरंभ कर दी गयी है।
- बनिहाल/जम्मू। रामबन जिले में भारी बारिश के बाद कई जगह हुए भूस्खलन से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित हो गया। इससे राजमार्ग पर 200 से अधिक वाहन फंस गए। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।अधिकारियों ने कहा कि 270 किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। त्रिशूल मोड़, बैटरी चश्मा और पंटियाल इलाकों में भूस्खलन के कारण राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है। उन्होंने बताया कि इससे राजमार्ग पर अलग-अलग जगहों पर 200 से अधिक वाहन फंस गए हैं। रास्ते को फिर से खोलने के लिए श्रमिकों और मशीनों को तैनात किया गया है। रामबन जिले में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन के कारण राजमार्ग पिछले सप्ताह दो दिनों के लिए बंद रहा।-
- नई दिल्ली। देश की एकता और अखंडता में योगदान के क्षेत्र में दिए जाने वाले सर्वोच्च नागरिक सम्मान सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता पुरस्कार के लिए आनलाइन नामांकन की प्रक्रिया की अवधि 31 अक्तूबर तक बढ़ा दी गई है।इसके लिए नामांकन गृह मंत्रालय की वेबसाइट www.nationalunityawards.mha.gov.in पर भेजे जा सकते हैं। इस पुरस्कार की स्थापना केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बढ़ावा और योगदान देने वालों को सम्मानित करने के लिए की है।----
- नई दिल्ली। विदेशों में फंसे कुल 11 लाख 20 हजार भारतीयों को वंदे भारत मिशन के तहत अब तक वापस लाया जा चुका है।नई दिल्ली में गुरुवार को मीडिया को यह जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि इस मिशन के पांच चरण में चल रहे बाईस विभिन्न देशों से अब तक लगभग पांच सौ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें और एक सौ तीस घरेलू उड़ानें संचालित की गई है। ये उड़ानें भारत के 23 हवाई अड्डों पर पहुंची हैं। इस महीने के अंत तक लगभग तीन सौ 75 और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें संचालित होने वाली हैं।प्रवक्ता ने कहा कि कुवैत, मालदीव, मलेशिया, सिंगापुर, फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और कनाडा से प्रवासी भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए उड़ानें जोड़ी गई हैं। अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, यूएई, कतर, और मालदीव के साथ द्विपक्षीय एयर बबल व्यवस्था अच्छी तरह से काम कर रही है।----
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-केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने किया ऑनलाइन किया उद्घाटन
परियोजना के तहत दो गौण वन ऊपज तृतीयक प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जाएंगी
नई दिल्ली। केंद्रीय जनजातीय मामले मंत्री अर्जुन मुंडा ने आज यहां राज्य मंत्री रेणुका सिंह, महाराष्ट्र के जनजातीय मामले मंत्री के. सी. पदवी, ट्राइफेड के अध्यक्ष रमेश चंद मीणा और ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक प्रवीर कृष्णा की उपस्थिति में महाराष्ट्र के रायगढ़ और छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में ट्राइफेड की ट्राइफूड परियोजना के तृतीयक प्रसंस्करण केंद्रों को ई-लांच किया। मंत्रालयों के वरिष्ट अधिकारियों एवं दोनों राज्यों के गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस वर्चुअल उद्घाटन में भाग लिया।
खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के सहयोग से जनजातीय मामले मंत्रालय के ट्राइफेड द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे ट्राइफूड परियोजना का लक्ष्य जनजातीय वन संग्रहकर्ताओं द्वारा संग्रहित एमएफपी के बेहतर उपयोग एवं मूल्य वर्धन के जरिये जनजातीयों की आय को बढ़ाना है। इसे अर्जित करने के लिए, आरंभ में, दो गौण वन ऊपज (एमएफपी) तृतीयक प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
महाराष्ट्र के रायगढ़ की इकाई का उपयोग महुआ, आंवला, कस्टर्ड सेब एवं जामुन के मूल्य वर्धन के लिए किया जाएगा तथा यह महुआ पेय, आवंले का जूस और कस्टर्ड सेब पल्प का उत्पादन करेगी। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर की मल्टी कमोडिटी प्रोसेसिंग सेंटर का उपयोग महुआ, आंवला, शहद, काजू, हल्दी, अदरक, लहसुन एवं अन्य फलां तथा सब्जियों के लिए किया जाएगा। इन्हें महुआ पेय, आंवला जूस, कैंडी, शुद्ध शहद, लीउुन-अदरक पेस्ट एवं फलां तथा सब्जियों के पल्प में रूपांतरित किया जाएगा।
इस परियोजना के साथ जुड़े हुए सभी लोगों को बधाई देते हुए अर्जुन मुंडा ने जनजातीय खाद्य संग्रहकर्ताओं की निम्न स्थिति में सुधार लाने के उनके प्रयासों की सराहना की। इस समग्र विकास पर अपने विचार व्यक्त करते हुए, उन्होंने जनजातीय जीवन की जैव-विविधता के तथा कैसे इन्हें संरक्षित किया जाए एवं बढ़ाया जाए, से संबंधित पहलुओं को छूआ। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जनजातीय उद्यमशीलता को बढ़ावा देने में सहायक होगी। उन्होंने विशेष रूप से इस परियोजना के लिए ट्राइफेड के प्रयासों की सराहना की जो न केवल यह सुनिश्चित करता है कि यह जैव-विविधता बनी रहे बल्कि जनजातियों के विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ बैकवर्ड एवं फारवर्ड लिंकेज को भी आगे बढ़ाता है। जनजातियों के उत्थान के लिए एक नोडल एजेंसी के रूप में ट्राइफेड इस अभूतपूर्व संकट के समय उनकी परेशानियों को दूर करने के लिए कई अभिनव पहल करती रही है। उन्होंने जमीनी स्तर पर इस महत्वाकांक्षी पहल के लिए काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जिससे कि इसकी पूरे देश में पुनरावृत्ति की जा सके। उन्होंने विचार व्यक्त किया कि डीएम एवं डीएफओ जनजातीयों के विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर सकते हैं।
इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य रेणुका सिंह सरुता ने भी संयुक्त प्रयासों एवं उस विजऩ की सराहना की जिसकी वजह से इन दो पड़ोसी राज्यों में ऐसी सार्थक पहल संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस पहल से इन दोनों राज्यो में जनजातीय आबादी को काफी लाभ पहुंचेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन परियोजनाओं को अन्य राज्यों में भी विस्तारित किया जाएगा। आर. सी. मीणा ने जनजातियों के जीवन में सुधार लाने के लिए ट्राइफेड की ऐसी कई उपयोगी योजनओं एवं कार्यक्रमों पर विचार किया तथा उम्मीद जताई कि यह परियोजना इन दोनों राज्यों में इस उद्वेश्य को पूरा करेगी।
इससे पूर्व, ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक श्री प्रवीर कृष्णा ने जनजातीय मामले मंत्रालय के ट्राइफेड एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय तथा एनएसटीएफडीसी की टीमों को इस पहल पर उनके कार्य के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार छत्तीसगढ़ एवं महाराष्ट्र में ट्राइफूड परियोजना जनजातियों के लिए रोजगार, आमदनी एवं उद्यमशीलता के संवर्धन के जरिये व्यापक विकास पैकेज पस्तुत करने का एक प्रयास है।
विशेष रूप से, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के जरिये गौण वन ऊपज (एमएफपी) के विपणन तथा एमएफपी के लिए मूल्य श्रृंखला के विकास' स्कीम पहले ही इस अभूतपूर्व संकट के समय में बदलाव के प्रकाशदीप के रूप में उभर कर आई है और इसने सकारात्मक रूप से जनजातीय परितंत्र को प्रभावित किया है जैसा पहले कभी नहीं हुआ था। देश के 21 राज्यों में राज्य सरकारी एजेन्सियों के सहयोग से ट्राइफेड द्वारा कार्यान्वित यह स्कीम अभी तक जनजातीय अर्थव्यवस्था में प्रत्यक्ष रूप से 3000 करोड़ रुपये का समावेश कर चुकी है। मई 2020 में सरकारी मदद की सहायता से जिसमें गौण वन ऊपज (एमएफपी) के मूल्यों में 90 प्रतिशत की बढोतरी की गई और एमएफपी सूची में 23 नई मदों का समावेश किया गया, जनजातीय मामले मंत्रालय की इस प्रमुख योजना, जिसे 2005 के वन अधिकार अधिनियम से शक्ति मिलती है, का लक्ष्य वन ऊपजों के जनजातीय संग्रहकर्ताओं को लाभदायक एवं उचित मूल्य उपलब्ध कराना है।
इसी योजना के अन्य घटक-वन धन विकास केंद्र/ जनजातीय स्टार्ट अप्स भी एमएसपी को बेहतर तरीके से आगे बढ़ता है क्योंकि यह जनजातीय संग्रहकर्ताओं और वनवासियों तथा घरों में रह रहे जनजातीय कारीगरों के लिए रोजगार सृजन के एक स्रोत के रूप में उभरा है। 22 राज्यों में 3.6 लाख जनजातीय संग्रहकर्ताओं एवं 18 हजार स्वयं सहायता समूहों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए 18 हजार 500 एसएचजी में 1205 जनजातीय उद्यम स्थापित किए गए हैं। कार्यक्रम का मूल बिन्दु यह है कि यह सुनिश्चित करता है कि इन मूल्य वद्र्धित उत्पादों की बिक्री से प्राप्त लाभ सीधे जनजातीयों तक पहुंचे।
ट्राइफूड परियोजना का लक्ष्य इसके वांछित गुणों के दोनों घटकों को अभिमुख करना है। खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के सहयोग से इन इकाइयों, जिनकी स्थापना प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के तहत बैकवर्ड एवं फारवर्ड लिंकेज के सृजन के लिए स्कीम के अंतर्गत की जाएंगी, राज्य में वन केंद्रों से कच्चे माल की खरीद करेगी। पूर्ण रूप से प्रसंस्कृत उत्पादों को देश भर में ट्राइब्स इंडिया आउटलेटों एवं फ्रेंचाइजी स्टारों के जरिये बेचा जाएगा। इसके अतिरिक्त, ट्राइफेड की योजना उन जनजातीय उद्यमियों की पहचान करने एवं उन्हें प्रशिक्षित करने की है जो उत्पादों को बेच भी सकते हैं। -
नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को बताया कि मध्य भारत के हिस्सों में अगले पांच दिन में भारी बारिश की संभावना है। राष्ट्रीय राजधानी और इसके आसपास के इलाकों समेत देश के कई हिस्सों में बुधवार को भारी बारिश हुई। दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में भारी बारिश के बाद जलजमाव से जनजीवन प्रभावित रहा। आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली में शाम पांच बजकर 30 मिनट तक मध्यम बारिश हुई और अगले 24 घंटे में और बारिश की संभावना है। बारिश की वजह से दिल्ली, गुडग़ांव और नोएडा में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा और कई स्थानों पर यातायात जाम रहा। आईएमडी के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र एवं क्षेत्रीय मौसम केंद्र के अनुसार ओडिशा के उत्तरी तटीय इलाके में निम्न दबाव वाले क्षेत्र बने हैं। निम्न दबाव वाले क्षेत्र का निर्माण होना चक्रवात का पहला चरण होता है। अगले 24 घंटे में इसके पश्चिम की ओर बढऩे और दबाव वाला क्षेत्र बनने की काफी संभावना है।
आईएमडी ने बताया कि इन स्थितियों के प्रभाव की वजह से बुधवार को ओडिशा में भारी से बेहद भारी बारिश और अत्यंत भारी बारिश की संभावना जारी की गई है। वहीं 19-20 अगस्त को छत्तीसगढ़ में, 20 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में, 21 अगस्त और 22 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश में, पूर्वी राजस्थान में 22 अगस्त को और गुजरात में 22 और 23 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। आईएमडी के अनुसार जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आने वाले दिनों में भारी से भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लोगों को आगाह किया है कि वे कच्चे मार्ग और कमजोर ढाचों की क्षति, मिट्टी धंसने और फसलों की क्षति के संबंध में तैयार रहें। भारी बारिश की वजह से दृश्यता कम हो सकती है और निचले इलाकों में जलजमाव जैसी समस्या पैदा होने के साथ यातायात जाम का भी सामना करना पड़ सकता है। बुधवार को हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के हिस्सों में भारी बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई। हरियाणा के अम्बाला, हिसार, करनाल, पंचकूला, यमुनानगर तथा सोनीपत में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई और कहीं-कहीं गरज के साथ छींटे भी पड़े। उत्तराखंड के राज्य आपदा कार्यालय ने देहरादून में बताया कि रात में भारी बारिश की वजह से उत्तराखंड में कई सड़कें बंद हैं। इन सड़कों में केदारनाथ, बद्रीनाथ मंदिर की तरफ जानेवाले मार्ग भी शामिल हैं। वहीं मौसम विभाग ने बताया कि मध्य महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में अगले चार से पांच दिन में भारी बारिश की संभावना है। मुंबई और पड़ोसी ठाणे में शुक्रवार और शनिवार को भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने कहा निम्न दबाव वाले क्षेत्र की वजह से दक्षिणी बंगाल के जिलों में 19 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है। मछुआरों को 19 और 20 अगस्त को समुद्र में नहीं जाने की हिदायत दी गई है। कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र ने एक बयान में बताया कि कर्नाटक के तटीय और कुछ अंदरूनी इलाकों में अगले 24 घंटे में कई स्थानों पर बारिश और गरज के साथ छीटें पडऩे की संभावना है। -
नई दिल्ली। केंद्र ने बुधवार को कहा कि एक देश-एक राशनकार्ड योजना का कार्यान्वयन इसकी शीर्ष प्राथमिकताओं में है और अगले साल मार्च तक इस सुविधा को पूरे देश में लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। खाद्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, एक देश-एक राशनकार्ड योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत आने वाले सभी पात्र राशनकार्ड धारकों या लाभार्थियों को देश के किसी भी हिस्से में अपना राशन प्राप्त कर सकने का एक विकल्प प्रदान करेगा। एनएफएसए के तहत, केंद्र प्रत्येक व्यक्ति को प्रति माह 5 किलोग्राम खाद्यान्न प्रदान करता है, जो लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों को 2-3 रुपये प्रति किलो के अत्यधिक रियायती मूल्य पर मिलता है। सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने एक राष्ट्र- एक राशनकार्ड योजना के तहत राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी को लागू करने की इच्छा दिखाई है और लगभग सभी ने खाद्य विभाग के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। अभी 24 राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों में इस योजना को एक अगस्त 2020 से लागू किया गया है जिसमें लगभग 65 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं जो एनएफएसए आबादी का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें आंध्र प्रदेश, बिहार, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, मणिपुर, नागालैंड और उत्तराखंड जैसे राज्य एवं केन्द्रशासित प्रदेश शामिल हैं। मार्च 2021 से पहले शेष 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में वन नेशन वन राशन कार्ड सुविधा को लागू करने के ठोस और नियमित प्रयास किए जा रहे हैं।
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हापुड़। थाना हापुड़ क्षेत्र के मोहल्ला त्यागी नगर में हुए जलभराव में बिहार के एक मजदूर की डूबने से मौत हो गई। सीओ सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। आशंका जताई जा रही है कि दौरा पडऩे के कारण मृतक सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया था। इसी दौरान जलभराव में डूबने से उसकी मौत हुई है। मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि बिहार के छपरा का निवासी सुर्दशन यादव (42) स्वर्ग आश्रम रोड स्थित एक किराए के मकान में रहता था। बुधवार सुबह तेज बारिश के बीच वह मजदूरी करने के लिए घर के पास मोहल्ला त्यागी नगर पहुंचा था। उन्होंने बताया कि तेज बारिश के चलते मोहल्ले में जलभराव हो गया था। इसी दौरान वह गिर गया और जलभराव में डूबने से उसकी मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। -
नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ ने केंद्र सरकार और राज्यों के सहयोग से मार्च से जुलाई तक की अवधि में दो लाख से अधिक बच्चों और उनके माता पिता तक पहुंच कर उन्हें मानसिक स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक सामाजिक सहायता उपलब्ध कराई। एक वक्तव्य में यह जानकारी दी गई। यूनिसेफ चाइल्डलाइन 1098 के साथ मिलकर काम कर रही है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा बच्चों में कोरोना वायरस संबंधित समस्याओं के लिए आपातकालीन सेवा घोषित किया गया है। यूनिसेफ ने एक वक्तव्य में कहा कि उसने 11,000 चाइल्डलाइन कर्मियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण भी मुहैया कराए। वक्तव्य के अनुसार यूनिसेफ ने राज्य सरकार के विभागों और चाइल्डलाइन के साथ मिलकर 17 राज्यों में 2,18,835 बच्चों और उनके माता पिता को मानसिक स्वास्थ्य तथा मनोवैज्ञानिक सामाजिक सहायता सेवा उपलब्ध कराई।
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भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा है कि जिन गरीबों को अभी तक उचित मूल्य राशन नहीं मिल रहा था, अब एक सितम्बर से उन्हें एक रुपए किलो गेहूं, चावल एवं नमक मिलेगा। चौहान ने मंत्रालय से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नए हितग्राहियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश के जिन गरीबों को अभी तक उचित मूल्य राशन नहीं मिल रहा था, अब एक सितम्बर से उन्हें आयोडाईज्ड नमक मिलेगा। यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत दिया जाएगा और उन्हें प्रति व्यक्ति प्रतिमाह पांच किलो उचित मूल्य राशन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गरीब परिवारों को नवंबर तक पांच किलो प्रति व्यक्ति नि:शुल्क राशन और प्रति परिवार 1.5 लीटर केरोसीन जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित दर पर दिया जाएगा। चौहान ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के करीब 37 लाख गरीब हितग्राही लाभान्वित होंगे और नवीन हितग्राही किसी भी उचित मूल्य दुकान से राशन प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में सभी नए हितग्राहियों को 31 अगस्त तक पात्रता पर्चियां जारी किए जाना तथा उनकी आधार सीडिंग किए जाना सुनिश्चित करें, जिससे एक सितम्बर से उन्हें राशन मिल सके। - नई दिल्ली।. केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने नई दिल्ली में छात्रों में सीखने की क्षमता को बेहतर करने संबंधी दिशा-निर्देशों को जारी किया।इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान वर्तमान समय में, मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले संस्थानों ने एक साथ मिलकर काम किया है और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके बच्चों को घर पर ही स्कूली शिक्षा प्रदान करने का प्रयास किया है। वैकल्पिक दस्तावेजों जैसे कि शैक्षणिक कैलेंडर, प्रज्ञाता दिशा-निर्देश, डिजिटल शिक्षा भारत रिपोर्ट, निष्ठा ऑनलाइन आदि कुछ ऐसी ही पहलें हैं जिनकी शुरुआत बच्चों की स्कूली शिक्षा में निरंतरता बनाए रखने के लिए की गई है। वैकल्पिक माध्यमों से छात्रों को स्कूली शिक्षा प्रदान करने के प्रयासों के बीच, विभिन्न हितधारकों द्वारा उन बच्चों की शिक्षा के संदर्भ में चिंताएं व्यक्त की गईं, जिन्हें डिजिटल संसाधनों तक पहुंच प्राप्त नहीं है। इसके अलावा यह भी निकल कर सामने आया कि घर में रहकर स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के लिए डिजिटल संसाधनों की पहुंच असमान रूप से होने के कारण, निष्पक्षता और समावेशन की चिंताओं से बच्चों की शिक्षा में खामियां उत्पन्न हो सकती है।
इस बात को ध्यान में रखते हु शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर एनसीईआरटी द्वारा छात्रों के लिए महामारी की वर्तमान स्थिति और महामारी के बाद की स्थिति में सीखने की क्षमता को बेहतर करने संबंधी दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं। मंत्री ने बताया कि इन दिशा-निर्देशों, मॉडलों का सुझाव निम्नलिखित तीन प्रकार की स्थितियों के लिए दिया गया है। पहला, जिसमें छात्रों के पास कोई डिजिटल संसाधन उपलब्ध नहीं है। दूसरा, जिसमें छात्रों के पास सीमित डिजिटल संसाधन उपलब्ध हैं। तीसरा, जिसमें छात्रों के पास ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने के लिए डिजिटल संसाधन उपलब्ध हैं।मंत्री ने कहा कि इन दिशा-निर्देशों में, स्कूल के साथ मिलकर काम करने वाले समुदाय पर बल दिया गया है जिससे कि शिक्षकों और स्वयंसेवकों द्वारा बच्चों को उनके घर पर कार्यपुस्तिकाओं, कार्यपत्रों आदि जैसी शिक्षण सामग्री प्रदान की जा सके। इसमें स्वयंसेवकों या शिक्षकों द्वारा स्थानीय छात्रों को पढ़ाने, सामुदायिक केंद्रों में टेलीविजन स्थापित करने और सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन करने का भी सुझाव दिया गया है।श्री पोखरियाल ने बताया कि इन दिशा-निर्देशों में समुदाय के सदस्यों और पंचायती राज के सदस्यों की सहायता से सामुदायिक केंद्रों में हेल्पलाइन सेवा स्थापित करने की भी बात कही गई है। इसमें माता-पिता के उन्मुखीकरण की भी सलाह दी गई है जिससे कि वे अपने बच्चों को सीखने में सहायता प्रदान कर सकें और उसमें शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि तीनों स्थितियों के लिए, वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर का उपयोग करने और इसे लागू करने का सुझाव दिया गया है। इन दिशा-निर्देशों में दिए गए सुझाव, डिजिटल संसाधनों तक पहुंच पर एनसीईआरटी द्वारा केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के स्कूलों में किए गए सर्वे और शिक्षा मंत्रालय द्वारा राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए तैयार सतत शिक्षण योजना पर आधारित हैं।मंत्री ने बताया कि इन दिशा-निर्देशों के द्वारा उन बच्चों को सहायता मिलेगी, जिनके पास शिक्षकों या स्वयंसेवकों के द्वारा घर पर सीखने का अवसर प्राप्त करने के लिए डिजिटल संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा, यह उन सभी छात्रों को सीखने के दौरान प्राप्त हो रही कमियों को दूर करने के हमारे प्रयासों में भी सहायता प्रदान करेगा जो विभिन्न वैकल्पिक माध्यमों यानी, रेडियो, टीवी, स्मार्ट फोन आदि का उपयोग करके घर पर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। - नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेल बाइसाइकल नाम की नयी प्रणाली शुरु की है जिसके जरिए रेल पटरियों की जांच, निगरानी और मरम्मत के लिए तकनीकी कर्मचारी निर्धारित स्थान तक पहुंच सकेंगे।रेल मंत्रालय ने कहा है कि बरसात के मौसम में कभी कभी स्थिति बड़ी कठिन हो जाती है जिससे रेल सेवाओं को स्थगित करना पड़ता है। लेकिन रेल बाइसाइकल के जरिए आसानी से पटरियों की टूट-फूट वाले स्थान पर पहुंच कर मरम्मत का काम किया जा सकेगा।आपात स्थिति के अलावा गर्म मौसम में पटरियों पर गश्त के लिए भी यह प्रणाली बेहद उपयोगी साबित होगी और इससे रेल मार्गों की रोजाना निगरानी की जा सकेगी। कोविड-19 महामारी के कारण इन दिनों भारतीय रेलवे के कुछ खंड रेलगाडिय़ों के यातायात के लिए बंद हैं। इन खंडों में पटरियों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए रेल बाइसाइकल के जरिए गश्त लगाई जा सकेगी।रेल बाइसाइकल का वजन करीब 20 किलोग्राम होता है जिसे एक व्यक्ति आसानी से उठा सकता है। इसे आसानी से जोड़ा और खोला भी जा सकता है। रेल साइकिल की औसत रफ्तार 10 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है जिसे बढ़ाकर 15 किलोमीटर प्रतिघंटा तक किया जा सकता है। इसमें दो लोग सवार हो सकते हैं। रेलवे ने कहा है कि इन का निर्माण बड़ी आसानी से और बेहद किफायती दामों पर किया जा सकता है। एक रेल बाइसाइकल पर करीब पांच हजार रुपये लागत आती है।----
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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी पटरी वाले विक्रेताओं से ऋणका आवेदन लेने को लेकर शहरी स्थानीय निकायों के लिये एक मोबाइल ऐप जारी किया।
बुधवार को एक बयान में यह जानकारी दी गई। राज्य शहरी विकास मंत्रियों के साथ मंगलवार शाम बातचीत के दौरान यह भी फैसला लिया गया कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थियों का एक संपूर्ण सामाजिक-आर्थिक डेटाबेस तैयार करेगा। इसका उद्देश्य उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना(शहरी), आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, जन धन योजना और दीनदायल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन जैसी अन्य योजनाओं का भी लाभ पहुंचाना है।
बयान में कहा गया है कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री पुरी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इस बारे में राय ली और उनसे तथा संबद्ध अधिकारियों से मुख्य हितधारकों के साथ बैठकें करने को कहा है, ताकि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी पटरी वाले विक्रेता 10 हजार रुपये की कार्यशील पूंजी ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जिन्हें उन्हें एक साल में मासिक किस्तों में लौटाना होगा।
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संबलपुर। पश्चिमी ओडिशा में प्रमुख तौर पर मनाए जाने वाले कृषि त्योहार नुआखाई पर इस बार कोविड-19 के मद्देनजर कोई बड़ा समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा।
सामुदायिक नेताओं के मुताबिक नुआखाई इस वर्ष 23 अगस्त को है और इस बार यह बिना नुआखाई भेंट के साधारण तरीके से मनाया जाएगा। त्योहार पर एक-दूसरे को शुभकामनाएं देने के लिए नुआखाई भेंट प्रदान की जाती हैं। क्षेत्र के लोग नुआखाई त्योहार में फसलों, अच्छी बारिश और खेती के लिए अनुकूल मौसम के लिए देवताओं की पूजा कर आभार व्यक्त करते हैं।
परंपरा के अनुसार, किसान अपनी पहली फसल का अन्न देवताओं को चढ़ाते हैं। परिवार का मुखिया घर के देवता की पूजा करता है और चावल व अन्य भोज्य पदार्थ अपर्ण करने के प्रसाद के तौर पर इनका परिजनों में वितरण करता है। इस अवसर पर, परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर भोजन करते हैं और बाहर काम करने वाले लोग भी त्योहार मनाने के लिए अपने घर वापस आ जाते हैं। लोग अपने कुल देवताओं की पूजा करेंगे और पहली फसल का भोग लगाएंगे। कई लोग जो अपने परिवार से दूर रह रहे हैं, वे कोरोना के कारण त्योहार के दौरान अपने घर नहीं जा पाएंगे।
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भदरवाह। जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में 14 हजार 700 फुट की ऊंचाई पर स्थित झील में पारंपरिक रीति रिवाज के बाद कैलाश यात्रा की छड़ी मुबारक यहां लाई गई। अधिकारियों ने आज यह जानकारी दी। कोविड-19 महामारी के चलते इस साल कैलाश कुंड की वार्षिक यात्रा में कुछ पुजारी और श्रद्धालु ही शामिल हो सके।
पुजारियों का एक समूह 16 अगस्त को छड़ी मुबारक लेकर यहां गाथा स्थित प्राचीन वासुकि नाग मंदिर से कैलाश कुंड के लिए निकला। यात्रा में छह चारी भी शामिल हुए। अधिकारियों ने बताया कि हयन और रामतुण्ड में 16 और 17 अगस्त को रात्रि विश्राम करने के बाद 18 अगस्त को छड़ी मुबारक को कैलाश कुंड लाया गया जहां तीर्थयात्रियों ने झील में स्नान किया। स्थानीय मान्यता के अनुसार कैलाश कुंड भगवान शव का मूल निवास था लेकिन उन्होंने इसे वासुकि नाग को दे दिया और वे स्वयं हिमाचल प्रदेश के भरमौर में स्थित मनमहेश में रहने चले गए। अधिकारी ने कहा कि कैलाश कुंड में अनुष्ठान पूर्ण करने के बाद छड़ी मुबारक को मंगलवार देर रात वापस लाया गया और उसे भगवान वासुकि नाग के भक्तों ने ग्रहण किया। -
नई दिल्ली। चुनाव आयुक्त अशोक लवासा का इस्तीफा राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है। वे अगले महीने फिलीपींस में स्थित एशियाई विकास बैंक - एडीबी के उपाध्यक्ष के रूप में काम संभालेंगे।
श्री लवासा ने कल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपना इस्तीफा सौंप दिया था और इस महीने के अंत तक चुनाव आयोग से कार्यमुक्त किए जाने का अनुरोध किया था। पिछले महीने, एडीबी ने उपाध्यक्ष के पद पर उनकी नियुक्ति की घोषणा की थी।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डों को सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) योजना के तहत पट्टे पर दिए जाने को मंजूरी दे दी है।
मंत्रिमंडल ने परिचालन, प्रबंधन और विकास के लिए इन तीनों हवाई अड्डों को 50 वर्ष के लिए अदानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड को दिए जाने की स्वीकृति दी है। एएआई की ओर से इसके लिए लगाई गई वैश्विक स्तर की बोली प्रतिस्पर्धा में अदानी इंटरप्राइजेज सबसे सफल बोलीकर्ता रही थी । इन परियोजनाओं से सार्वजनिक क्षेत्र में आवश्यक निवेश जुटाने के अलावा सेवा आपूर्ति, विशेषज्ञता, उद्यम और व्यावसायिक कौशल में दक्षता आएगी।
सरकार ने एएआई के दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों को सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत परिचालन, प्रबंधन और विकास के लिए करीब एक दशक पहले ही पट्टे पर दे दिया था। एक ओर जहां इस सार्वजनिक और निजी भागीदारी के प्रयोग ने विश्व स्तर के हवाईअड्डे विकसित करने के साथ ही इन हवाई अड्डों पर विमान यात्रियों के लिए गुणवत्ता युक्त विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने में मदद की वहीं इसने एएआई को देश के अन्य हिस्सों में हवाई अड्डों का विकास करने और हवाई यातायात अवसंरचना विकसित करने के साथ ही अपनी आय बढ़ाने में भी मदद की है। इसने एएआई को सार्वजनिक निजी भागीदारी के जरिए अर्जित आय से दूसरे और तीसरे श्रेणी के शहरों में अपने हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीएय स्तर का बनाने में भी मदद की है। सार्वजनिक निजी भागीदारी से विकसित देश के हवाई अड्डों ने हवाई अड्डा सेवा गुणवत्ता (एएसक्यू) के रूप में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा परिषद (एसीआई) द्वारा अपनी संबंधित श्रेणियों में शीर्ष पांच हवाई अड्डों में स्थान हासिल किया है।
सरकार ने इसे देखते हुए ही सार्वजनिक निजी भागीदारी आकलन समिति (पीपीपीएसी) के सुझावों के आधार पर एएआई के कुछ और हवाई अड्डों के परिचालन, प्रबंधन और विकास का काम भी सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल के तहत देने का फैसला किया है। सरकार ने पीपीपीएसी के कार्य क्षेत्र से बाहर किसी तरह के मुद्दों पर निर्णय लेने के लिए सचिवों के एक उच्चाधिकार प्राप्त समूह का गठन किया है।
पीपीपीएसी ने हस्तांतरण प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेजों को मंजूरी दे दी है। समूची बोली प्रक्रिया का संचालन उच्चाधिकार प्राप्त सचिवों के समूह द्वारा किया गया जिसमें नीति आयोग, व्यय और आर्थिक मामलों के मंत्रालय तथा वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल थे।
भारतीय विमान पत्तान प्राधिकरण ने हवाई अड्ड़ों को पट्टे पर दिए जाने के लिए वैश्विक बोली प्रतिस्पर्धा के तहत प्रस्ताव 14 दिसंबर 2018 को आमंत्रित किए थे जिसमें बोली मानक प्रति यात्री विमान किराया के हिसाब से निर्धारित की गई थी। तकनीकी बोली की प्रक्रिया 16 फरवरी 2019 को शुरू की गई थी। इसके बाद सक्षम पाए गए बोलीकर्ताओं के लिए वित्तीय बोली की प्रक्रिया 25 फरवरी 2019/ 26 फरवरी 2019 को खोली गई। अदानी समूह जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डों के लिए प्रति यात्री सर्वाधिक किराए की बोली लगाकर सबसे सफल बोलीकर्ता रहा।
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नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन समुद्र सेतु में नौसेना की भूमिका की प्रशंसा की है। नौसेना के शीर्ष कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कोविड-19 महामारी से निपटने के नौसेना के प्रयासों की भी सराहना की।
सम्मेलन के पहले दिन नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने भी शीर्ष कमांडरों को संबोधित किया था। यह द्विवार्षिक सम्मेलन तीन दिन तक चलेगा। सम्मेलन का आयोजन अप्रैल में होना था लेकिन कोविड-19 के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।
नौसेना के आधुनिकीकरण के अलावा, लद्दाख में नियंत्रण रेखा पर स्थिति और हिंद महासागर में सुरक्षा की चुनौतियों पर इस सम्मेलन में चर्चा की जाएगी। नौसेना कर्मियों के कल्याण और प्रशिक्षण के विषय पर भी विचार-विमर्श होगा।
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- हर जिले में सीईटी, ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और वंचित उम्मीदवारों तक पहुंच अब आसान
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए भर्ती प्रक्रिया में परिवर्तनकारी सुधार लाने के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) के गठन को अपनी स्वीकृति दे दी।
केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट में लिए गए इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र का यह फैसला युवाओं के लिए एक वरदान साबित होगा।
वर्तमान में, सरकारी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को पात्रता की समान शर्तें निर्धारित किए गए विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग भर्ती एजेंसियों द्वारा संचालित की जाने वाली भिन्न-भिन्न परीक्षाओं में सम्मिलित होना पड़ता है। उम्मीदवारों को भिन्न-भिन्न भर्ती एजेंसियों को शुल्क का भुगतान करना पड़ता है और इन परीक्षाओं में भाग लेने के लिए लंबी दूरियां तय करनी पड़ती है। ये अलग-अलग भर्ती परीक्षाएं उम्मीदवारों के साथ-साथ संबंधित भर्ती एजेंसियों पर भी बोझ होती हैं, जिसमें परिहार्य/बार-बार होने वाला खर्च, कानून और व्यवस्था/सुरक्षा संबंधी मुद्दे और परीक्षा केन्द्रों संबंधी समस्याएं शामिल हैं। औसतन, इन परीक्षाओं में अलग से 2.5 करोड़ से 3 करोड़ उम्मीदवार शामिल होते हैं। ये उम्मीदवार एक सामान्य योग्यता परीक्षा में केवल एक बार शामिल होंगे तथा उच्च स्तर की परीक्षा के लिए किसी या इन सभी भर्ती एजेंसियों में आवेदन कर पाएंगे।
राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए)
राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) नामक एक बहु-एजेंसी निकाय द्वारा समूह ख और ग (गैर-तकनीकी) पदों के लिए उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग/शॉर्टलिस्ट करने हेतु सामान्य योग्यता परीक्षा (सीईटी) को शुरू किए जाने का प्रस्ताव किया गया है। एनआरए एक बहु-एजेंसी निकाय होगी जिसकी शासी निकाय में रेलवे मंत्रालय, वित्त मंत्रालय/वित्तीय सेवा विभाग, एसएससी, आरआरबी तथा आईबीपीएस के प्रतिनिधि शामिल होंगे। एक विशेषज्ञ निकाय के रूप में एनआरए केन्द्र सरकार की भर्ती के क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का पालन करेगी।
परीक्षा केन्द्रों तक पहुंच
देश के प्रत्येक जिले में परीक्षा केन्द्रों से दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले उम्मीदवारों तक पहुंच में काफी आसानी हो जाएगी। 117 आकांक्षी जिलों में परीक्षा संरचना बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जिससे आगे चलकर उम्मीदवारों को अपने निवास स्थान के निकट परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। लागत, प्रयास, सुरक्षा के संबंध में इसके लाभ काफी व्यापक होंगे। इस प्रस्ताव से ग्रामीण उम्मीदवारों तक न केवल आसानी से पहुंच हो पाएगी और इससे दूर-दराज के क्षेत्र में रहने वाले उम्मीदवार भी परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित होंगे और इस प्रकार भविष्य में केन्द्र सरकार की नौकरियों में उनके प्रतिनिधित्व को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के अवसरों को लोगों तक पहुंचाना एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे युवाओं की जिंदगी और आसन हो जाएगी।
मानक परीक्षाएं
एनआरए द्वारा गैर-तकनीकी पदों के लिए स्नातक, उच्च माध्यमिक (12वीं पास) और मैट्रिक (10वीं पास) वाले उम्?मीदवारों के लिए अलग से सीईटी का संचालन किया जाएगा, जिसके लिए वर्तमान में कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) और बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (आईबीपीएस) द्वारा भर्ती की जाती है। सीईटी के अंक स्तर पर की गई स्क्रीनिंग के आधार पर, भर्ती के लिए अंतिम चयन पृथक विशेषीकृत टियर परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा जिसे संबंधित भर्ती एजेंसी द्वारा संचालित किया जाएगा। इन परीक्षाओं का पाठ्यक्रम सामान्य होने के साथ-साथ मानक भी होगा। यह उन उम्मीदवारों के बोझ को कम करेगा, जो वर्तमान में प्रत्येक परीक्षा के लिए विभिन्न पाठ्यक्रम के अनुसार अलग-अलग पाठ्यक्रमों की तैयारियां करते हैं।
परीक्षाओं की समय-सारणी एवं केन्द्रों का चुनाव
उम्मीदवारों के पास एक ही पोर्टल पर पंजीकृत होने की तथा परीक्षा केन्द्रों के लिए अपनी पसंद व्यक्त करने की सुविधा होगी। उपलब्धता के आधार पर उन्हें परीक्षा केन्द्र आवंटित किए जाएंगे। इसका अंतिम उद्देश्य उस व्यवस्था तक पहुंचना है जहां उम्मीदवार अपनी पसंद के परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा की समय-सारणी तय कर सकते हैं।
सीईटी अनेक भाषाओं में उपलब्ध होगा। यह देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों को परीक्षा में बैठने और चयनित होने के समान अवसर को प्राप्त करने को सुविधाजनक बनाएगा।
सरकार ने राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) के लिए 1517.57 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस व्यय को तीन वर्षों की अवधि में किया जाएगाढ्ढ एनआरए की स्थापना के अलावा, 117 आकांक्षी जिलों में परीक्षा अवसंरचना को स्थापित करने के लिए भी लागत लगेगी।
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि दो लोग घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, मृतकों के शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना थाना कोतवाली उतरौला क्षेत्र के गलीबापुर चौराहे के पास हुई है। यहां सड़क किनारे खराब खड़े ट्रक में पीछे से एक स्कॉर्पियों ने टक्कर मार दी। हादसे में स्कार्पियों सवार तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि एक बच्ची और एक महिला गंभीर रुप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में सिराज अहमद (58), अरशद हुसैन (48) नूरजहत (45) शामिल हैं। घायलों में हुमेरा पत्नी अरशद (40) कुनैन पुत्री अरशद (8) शामिल हैं। ये सभी थाना कोतवाली उतरौला के पटेल नगर गांव के रहने वाले हैं। दोनों घायलों को गंभीर हालत को देखते हुए बहराइच रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
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पालघर। महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक कार पेड़ से टकरा गई जिससे उसमें सवार दो व्यक्तियों की मौत हो गई। घटना सोमवार की शाम जौहर-दहानू रोड पर हुई। पुलिस प्रवक्ता सचिन नवदकर ने कहा कि दोनों व्यक्ति कार से हाडे गांव जा रहे थे, जब उनका वाहन सड़क पर फिसल गया और पेड़ से जा टकराया। मृतकों की पहचान मयूरेश म्हासे (19) और तुषार गावित (21) के रूप में की गई है। प्रवक्ता ने कहा कि बताया जा रहा है कि गावित कार चला रहा था। गावित की दुर्घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि म्हासे ने मंगलवार की सुबह पतंगशाह कॉटेज अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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नई दिल्ली। भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी राकेश अस्थाना ने मंगलवार को सीमा सुरक्षा बल के नए महानिदेशक (डीजी) के तौर पर कार्यभार संभाल लिया। बीएसएफ पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती सीमाओं की रक्षा में तैनात है। बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक एस एस देसवाल ने सुबह लोधी रोड स्थित बीएसएफ मुख्यालय में गुजरात काडर के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी अस्थाना (59) को करीब 2.65 लाख कर्मियों वाले बल की कमान सौंपी।



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