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हमीरपुर। उत्तरप्रदेश के हमीरपुर जिले के जरिया थानाक्षेत्र में सरीला-बिवांर मार्ग पर बरगवां गांव के पास पिकअप और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में बिना हेलमेट लगाए बाइक सवार दो सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों भाई मजदूरी करने जा रहे थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। थानाध्यक्ष विक्रमाजीत सिंह ने बताया कि बृजेश की सूचना पर आरोपी पिकअप चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार महोबा जिले के चरखारी थानाक्षेत्र के बमरारा गांव निवासी चुंटा श्रीवास के पांच बेटों में सभी मेहनत मजदूरी करते हैं। उसके दो बेटे नरेश (28) व रामऔतार (22) सरीला में ब्लॉक रोड के पास बन रही सीसी सड़क में मजदूरी करते थे। दो दिन पहले दोनों भाई गांव चले गए थे। बुधवार को सुबह लगभग नौ बजे बाइक से वापस आ रहे थे, तभी सरीला-बिवांर मार्ग पर बरगवां गांव के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप से आमने-सामने भिड़ंत हो गई। भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। दोनों भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। यह देख पिकअप चालक घटनास्थल से थोड़ी दूर पर गाड़ी खड़ी कर भाग निकला। राहगीरों ने घटना की सूचना यूपी 112 को दी। सूचना पर पहुंचे मृतकों के भाई बृजेश ने बताया दोनों लोग सरीला मजदूरी करने जा रहे थे। बताया नरेश की शादी हो चुकी है, वह भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके एक बेटा रितिक (तीन साल) व बेटी पूनम (डेढ़ साल) है। रामऔतार सबसे छोटे थे। उनकी शादी नहीं हुई थी। - नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रेलवे के उस फैसले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है जिसमें 109 जोड़ी निजी ट्रेनें चलाने के ऐलान किया गया है।राहुल गांधी ने आज एक ट्वीट कर कहा- रेल गऱीबों की एकमात्र जीवनरेखा है और सरकार उनसे ये भी छीन रही है। जो छीनना है, छीनिये, लेकिन याद रहे- देश की जनता इसका करारा जवाब देगी।
गौरतलब है कि रेलवे ने अपने नेटवर्क पर यात्री ट्रेनें चलाने के लिये निजी इकाइयों को अनुमति देने की योजना पर औपचारिक रूप से कदम उठाया है। इसके तहत यात्री रेलगाडिय़ों की आवाजाही को लेकर 109 मार्गों पर 151 आधुनिक ट्रेनों के जरिये परिचालन के लिए पात्रता अनुरोध आमंत्रित किए गये हैं।----- - नई दिल्ली। रेलवे ने अपने नेटवर्क पर यात्री ट्रेनें चलाने के लिये निजी इकाइयों को अनुमति देने की योजना पर औपचारिक रूप से कदम उठाया है। इसके तहत यात्री रेलगाडिय़ों की आवाजाही को लेकर 109 मार्गों पर 151 आधुनिक ट्रेनों के जरिये परिचालन के लिए पात्रता अनुरोध आमंत्रित किए गये हैं। रेलवे ने बुधवार को यह जानकारी दी। रेलवे ने कहा कि इसमें निजी क्षेत्र से करीब 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा।रेलवे के नेटवर्क पर यात्री ट्रेनों को चलाने के लिये निजी निवेश के लिये यह पहला कदम है। वैसे पिछले साल भारतीय रेलवे खान-पान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस के साथ इसकी शुरूआत हुई थी। फिलहाल आईआरसीटीसी तीन ट्रेनों- वाराणसी-इंदौर मार्ग पर काशी-महाकाल एक्सप्रेस, लखनऊ-नयी दिल्ली तेजस और अहमदाबाद-मुंबई तेजस का परिचालन करता है। रेलवे ने कहा, इस पहल का मकसद आधुनिक प्रौद्योगिकी वाली ट्रेन का परिचालन है जिसमें रखरखाव कम हो और यात्रा समय में कमी आये। इससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, सुरक्षा बेहतर होगी और यात्रियों को वैश्विक स्तर का यात्रा अनुभव मिलेगा।ट्रेन की शुरूआत और गंतव्य के 109 मार्गों को भारतीय रेलवे नेटवर्क के12 संकुलों में रखा गया है। प्रत्येक ट्रेन में न्यूनतम 16 डिब्बे होंगे। रेलवे के अनुसार इनमें से ज्यादातर आधुनिक ट्रेनों का विनिर्माण भारत में मेक इन इंडिया के तहत होगा और निजी इकाई उसके वित्त पोषण, खरीद, परिचालन और रखरखाव के लिये जिम्मेदार होंगे। ट्रेनों के डिजाइन इस रूप से होंगे कि वे 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सके। इससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। रेलवे के अनुसार परियोजना के लिये छूट अवधि 35 साल होगी और निजी इकाई को भारतीय रेलवे को ढुलाई शुल्क, वास्तविक खपत के आधार पर ऊर्जा शुल्क देना होगा। इसके अलावा उन्हें पारदर्शी बोली प्रक्रिया के जरिये निर्धारित सकल राजस्व में हिस्सेदारी देनी होगी।रेलवे ने कहा, इन ट्रेनों का परिचालन भारतीय रेलवे के चालक और गार्ड करेंगे। निजी इकाइयों द्वारा संचालित ट्रेनें समय पर संचालित होने और पहुंचने, भरोसेमंद जैसे प्रमुख मानकों को पूरा करेंगे। उसने कहा कि यात्री ट्रेनों का परिचालन और रखरखाव का संचालन रेलवे द्वारा तय मानदंडों और जरूरतों के अनुसार होंगे। कुछ मार्गों को निजी इकाइयों को देने की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। पहली प्रक्रिया पात्रता अनुरोध के साथ बुधवार को शुरू हुई। इसमें निजी बोलीदाता की पात्रता तय होगी। दूसरा कदम अनुरोध प्रस्ताव (आरएफपी) होगा। राजस्व और मार्गों के बारे में बाद की प्रक्रिया में निर्णय किया जाएगा।
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से कहा कि वह नयी दिल्ली स्थित बंगला एक महीने के भीतर खाली कर दें क्योंकि एसपीजी सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद वह आवासीय सुविधा पाने की हकदार नहीं हैं।बुधवार को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि वह एक अगस्त तक मौजूदा आवास 35 लोधी एस्टेट खाली कर दें और अगर ऐसा नहीं करती हैं तो उन्हें नियमों के मुताबिक किराये अथवा क्षतिपूर्ति का भुगतान करना होगा। मंत्रालय ने यह भी कहा कि उन्हें यह आवास खाली करने के लिए जो भी समय लगेगा उस अवधि के किराये का भुगतान करना पड़ेगा। सरकार ने पिछले साल नवंबर में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली थी तथा उन्हें जेड-प्लस श्रेणी सुरक्षा दी थी। एक अधिकारी ने बताया कि टाइप 6बी का यह आवास प्रियंका को 21 फरवरी, 1997 को आवंटित किया गया था क्योंकि उस वक्त उन्हें एसपीजी सुरक्षा मिली हुई थी। अधिकारी के मुताबिक जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा में आवास सुविधा का प्रावधान नहीं होता और ऐसे में उन्हें यह बंगला खाली करना पड़ेगा।कांग्रेस ने गांधी परिवार से एसपीजी की सुरक्षा वापस लिए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और यह मुद्दा संसद में भी उठाया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार को प्रियंका गांधी की सुरक्षा को देखते हुए उनके आवास का आवंटन रद्द करने का फैसला वापस लेना चाहिए। कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद ने कहा, मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि सरकार ने इस कदम के लिए यह समय क्यों चुना। बहरहाल, ध्यान भटकाने के मकसद से उठाए गए कदमों का प्रियंका गांधी पर कोई असर नहीं पडऩे वाला है। वह उत्तर प्रदेश की जनता की लड़ाई लडऩे के मिशन पर निकली हैं और रुकने वाली नहीं हैं।एक अधिकारी के अनुसार प्रियंका इस बंगले का 37 हजार रुपये मासिक किराया दे रही थीं। अधिकारी ने कहा, जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति सरकारी आवास का हकदार नहीं होता है। अगर आवास संबंधी कैबिनेट समिति (सीसीए) गृह मंत्रालय की ओर से किए गए सुरक्षा से जुड़े आंकलन के आधार पर कोई सिफारिश करती है तो फिर अपवाद स्वरूप आवास की सुविधा दी जाती है। उन्होंने कहा कि सीसीए ने सात दिसंबर, 2000 को सुरक्षा के आधार पर सरकारी आवासों के आवंटन से जुड़े दिशा निर्देशों की समीक्षा की थी और यह फैसला किया था कि एसपीजी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के अलावा किसी दूसरे को सुरक्षा के आधार पर आवास की सुविधा नहीं दी जाएगी। अधिकारी ने बताया, ऐसे आवंटन बाजार दर पर किए जाते थे जो सामान्य किराए से 50 गुना होता था। फिर जुलाई, 2003 में फैसला हुआ कि यह आवास पाए लोगों से सामान्य किराए का 20 गुना लिया जाए।--
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी सोशल मीडिया प्लेटफार्म वीबो को अलविदा कह दिया।भाजपा ने हुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस कदम को सीमा, आर्थिक मोर्चे के बाद अब व्यक्तिगत स्तर पर भी दिया गया एक कड़ा संदेश बताया है। सरकार द्वारा टिकटॉक समेत 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाने के बाद प्रधानमंत्री ने बुधवार को यह कदम उठाया। हालांकि, इस संबंध में अभी तक प्रधानमंत्री कार्यालय से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन कुछ भाजपा नेताओं ने इस बारे में ट्वीट कर जानकारी दी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री ने यह कदम उठाकर आर्थिक और व्यक्तिगत, दोनों मोर्चों पर चीन को कड़ा संदेश दिया है।भाजपा के संगठन महामंत्री बी एल संतोष ने ट्वीट कर कहा, सरकार द्वारा 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी सोशल मीडिया प्लेटफार्म वीबो को छोड़ दिया है। सीमा पर एक कड़ा संदेश दिया है। अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर और व्यक्तिगत स्तर पर भी। भाजपा के सोशल मीडिया विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने भी इस संदर्भ में एक ट्वीट किया और कहा कि वीबो को छोड़कर प्रधानमंत्री ने चीन को एक स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री ने चीनी सोशल मीडिया प्लेटफार्म वीबो को अलविदा कह दिया है। संदेश साफ है। यदि लाल रेखा पार की जाएगी तो इसके परिणाम होगे। सीमा पर जो शुरू हुआ है उसमें अब कई आयाम जुड़ गए हैं। यह महज एक शुरुआत हो सकती है।सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भारत ने जैसे ही 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाया था वैसे ही प्रधानमंत्री ने वीबो को अलविदा कहने का निर्णय ले लिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2015 में वीबो पर अपना अकाउंट खोला था। उनके मुताबिक महत्वपूर्ण व्यक्तियों के वीबो अकाउंट छोडऩे की प्रक्रिया जटिल है और इसी वजह से आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सूत्रों ने बताया कि इसके लिए अनुमति मिलने में काफी देरी हुई जिसका कारण चीनी ही बता सकते हैं प्रधानमंत्री ने वीबो पर 115 पोस्ट किए थे। तय किया गया कि हस्तचालित प्रणाली से इन्हें हटा दिया जाएगा। काफी प्रयासों के बाद 113 पोस्ट हटा दिए गए। सूत्रों ने बताया कि जिन दो पोस्ट को हटाया नहीं जा सका वे प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ वाली तस्वीर से जुड़ी हैं। उनके मुताबिक चीनी राष्ट्रपति की तस्वीर वाली पोस्ट को हटाने में दिक्कतें आ रही हैं। सूत्रों का कहना है कि अब सभी पोस्ट हटा दिए गए हैं। जब ये पोस्ट हटाए जा रहे थे कि उस समय वीबो पर मोदी के फॉलोअर्स की संख्या 2 लाख 44 हजार थी। भारत ने सोमवार को टिकटॉक, यूसी ब्राउजर समेत 59 चीनी ऐप को यह कहते हुए प्रतिबंधित कर दिया था कि ये देश की सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता के लिए नुकासनदेह हैं। यह प्रतिबंध लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत के, चीनी सैनिकों के साथ चल रहे गतिरोध के बीच लगाया गया है। इन प्रतिबंधित ऐप की सूची में वीचैट और बिगो लाइव भी शामिल हैं। प्रतिबंध के बाद कुछ लोग सोशल मीडिया पर यह सवाल उठा रहे थे कि वीबो पर प्रधानमंत्री का वेरिफाइड अकाउंट भी है।
- देहरादून। उत्तराखंड के निवासियों के लिए चारधाम यात्रा शुरू हो गयी और बुधवार को पहले दिन 422 लोगों ने ई—पास के लिए आवेदन किया ।एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, उत्तराखंड देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की वेबसाइट पर पहले दिन बदरीनाथ धाम के लिए 154, केदारनाथ धाम के लिए 165, गंगोत्री हेतु 55 और यमुनोत्री धाम हेतु 48 लोगों ने ई-पास के लिए आवेदन किया । बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमन रविनाथन ने बताया कि बदरीनाथ एवं केदारनाथ धाम में थर्मल स्क्रीनिंग, सेनेटाइजेशन, मास्क आदि की व्यवस्था कर दी गयी है। उन्होंने बताया कि मंदिर में मूर्तियों को छूने और प्रसाद वितरण पर रोक है तथा घंटियों को भी कपड़े से ढंका गया है। बदरीनाथ धाम एवं केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गुप्तकाशी तथा सोन प्रयाग में यात्री विश्राम गृहों को यात्रियों के आवासीय प्रयोजन हेतु खोला जा चुका है।रमन रविनाथन ने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि चारों धामों में धीरे-धीरे तीर्थ यात्रियों की आमद हो ताकि पर्यटन एवं तीर्थाटन को गति मिल सके। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी.सिंह ने बताया कि बोर्ड ने आवश्यकतानुसार स्टाफ की भी तैनाती की है तथा व्यवस्था हेतु जिला प्रशासन से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है। पोर्टल प्रभारी संजय चमोली के अनुसार, ई- पास के लिए श्रद्धालुओं द्वारा लगातार संपर्क किया जा रहा है। उत्तराखंड सरकार के नियंत्रण वाले चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने 29 जून को राज्य के निवासियों को एक जुलाई से बदरीनाथ, केदारनाथ सहित सभी चार धामों के दर्शन की सशर्त अनुमति दी थी ।
- भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने करीब 100 दिनों की सरकार चलाने के बाद कैबिनेट का विस्तार किया है। राज्यपाल आनंदबेन पटेल ने आज 28 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इनमें 8 राज्य मंत्री और 20 कैबिनेट मंत्री हैं।सुबह 11 बजे राजभवन में एक सादे समारोह में मंत्रिमंडल के नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। कोरोना संकट और लॉकडाउन की वजह से अभी तक शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो पाया था।किसे मिली जगह- 20 कैबिनेट मंत्री हैं- गोपाल भार्गव, विजय शाह, जगदीश देवड़ा, बिसाहूलाल सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, भूपेंद्र सिंह, एंदल सिंह कंसाना , बृजेंद्र प्रताप सिंह, विश्वास सारंग, इमरती देवी, प्रभुराम चौधरी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, ओम प्रकाश सखलेचा, उषा ठाकुर, प्रेम सिंह पटेल, हरदीप सिंह डंग, महेंद्र सिंह सिसोदिया, अरविंद सिंह भदौरिया, डॉ. मोहन यादव और राज्यवर्धन सिंह।- 8 राज्य मंत्री हैं- भारत सिंह कुशवाह, इंदर सिंह परमार, रामखिलावन पटेल, रामकिशोर कांवरे, बृजेंद्र सिंह यादव, गिर्राज दंडोदिया, सुरेश धाकड़ और ओपीएस भदौरिया।गौरतलब है कि 20 मार्च को मध्यप्रदेश में अल्पमत के कारण कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिर गई थी। 23 मार्च को भाजपा के शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मप्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। 21 अप्रैल को 5 कैबिनेट मंत्रियों को मंत्रिमंडल में स्थान मिला था और आज 2 जुलाई को 28 सदस्यों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई।--
- नई दिल्ली। प्रसार भारती ने भारत सरकार के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी से कम वेतनमान वाले पदों पर नियुक्ति के लिए अपने पहले भर्ती बोर्ड का गठन किया।प्रसार भारती का गठन 1997 में प्रसार भारती (भारतीय प्रसारण निगम) अधिनियम, 1990 के तहत स्वायत्त संस्था के रूप में किया गया था। गठन के बाद से यह उसका पहला भर्ती बोर्ड होगा। भारत प्रकाशन के निदेशक जगदीश उपासने को भर्ती बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।सूचना और प्रसारण मंत्रालय में संयुक्त सचिव (बी-2) बोर्ड के पदेन सदस्य होंगे। बोर्ड के चार अन्य सदस्यों में प्रसार भारती की सेवानिवृत्त एडीजी (कार्यक्रम) दीपा चंद्रा, प्रसार भारतीय के सेवानिवृत्त एडीजी (इंजीनियरिंग) पी एन भक्त, सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड (पीईएसबी) के सचिव किंबुओंग किपगेन तथा रेल विकास निगम लिमिटेड के जीएम (एचआर) चेतन प्रकाश जैन शामिल हैं।भर्ती बोर्ड के गठन संबंधी आदेश के अनुसार इसके अध्यक्ष और सदस्यों (पदेन सदस्यों को छोड़कर) को बैठक में भाग लेने का शुल्क मिलेगा, लेकिन कोई वेतन या पारिश्रमिक नहीं मिलेगा।---
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चेन्नई। तमिलनाडु के नैवेली पावर प्लांट के बॉयलर स्टेज-2 में बुधवार सुबह ब्लास्ट होने से छह लोगों की मौत हो गई। 13 लोग जख्मी हो गए। हादसे की वजह का पता नहीं चल पाया है। नैवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन लिमिडेट (एनएलसी) केंद्र सरकार की नवरत्न कंपनी है। यह लिग्नाइट का खनन करती है। प्लांट कुड्डालोर में है। प्लांट की अपनी दमकल टीमें हैं, जो विस्फोट के बाद बचाव अभियान में जुट गईं। साथ ही कुड्डालोर जिला प्रशासन से बचाव दल भी मौके पर पहुंच गया है। कुड्डालोर स्थित यह प्लांट चेन्नई से 180 किलोमीटर दूर है। प्लांट में इसी जगह बॉयलर फटा। इस प्लांट में कुल 3940 मेगावाट बिजली बनाई जाती है। जिस बॉयलर में यह धमाका हुआ, वहां 1470 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। एनएलसी में 27 हजार कर्मचारी काम करते हैं। इनमें से 15 हजार अनुबंध पर हैं। मई में भी प्लांट के बॉयलर में धमाका हुआ था। बॉयलर की ऊंचाई 84 मीटर थी। तब चार लोगों की मौत हो गई थी और 8 जख्मी हो गए थे। -
सोपोर। जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के सोपोर कस्बे में सीआरपीएफ की पार्टी पर बुधवार को आतंकियों ने हमला कर दिया। फायरिंग में एक जवान शहीद हो गया। आतंकियों की फायरिंग की चपेट में आए एक नागरिककी भी मौत हो गई। मारे गए व्यक्ति के साथ उनका 3 साल का पोता भी था। सिक्योरिटी फोर्सेज ने बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया। इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों की तलाश की जा रही है।
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नयी दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को खाद्य मंत्री रामविलास पासवान और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित तमाम वरिष्ठ मंत्रियों से भेंट की। अधिकारियों ने बताया कि करीब एक घंटे चली इस बैठक में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी उपस्थित थे। अधिकारियों ने बताया कि बैठक के संबंध में विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। -
नयी दिल्ली। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ाने और इस क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किये जाने की बात पर जोर दिया। नयी दिल्ली प्रबंधन संस्थान (एनडीआईएम) के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि खेती के काम को न केवल लाभप्रद बनाकर बल्कि आकर्षक बनाते हुए कृषि क्षेत्र में शिक्षित लोगों को आकर्षित करने की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सुधारों की घोषणा की है जैसे ठेका खेती को बढ़ावा देना, आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन और थोक बाजारों से बाहर व्यापार करने की अनुमति आदि उपाय शामिल हैं। तोमर ने कहा, हमारे देश में कृषि एक बहुत ही महत्वपूर्ण क्षेत्र है। हमारा लगभग 60 प्रतिशत कार्यबल कृषि क्षेत्र पर निर्भर है।'' हालांकि, उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि कृषि क्षेत्र में निजी क्षेत्र का निवेश स्तर काफी कम है और आधुनिक तकनीकों की उपलब्धता भी कम है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि कृषि क्षेत्र में अधिक निजी निवेश हो और आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़े। तोमर ने देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और खाद्यान्न उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसानों की सराहना की। -
नयी दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि सरकार देश का निर्यात बढ़ाने के तरीकों पर विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि इसी सप्ताह इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया गया है। गडकरी ने यहां एक वर्चुअल परिचर्चा सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि देश के निर्यात को किसी तरीके से बढ़ाया जा सकता है, इस बारे में सोमवार को प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया गया। गडकरी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) को भुगतान में विलंब का अगले चार-छह माह में समाधान ढूंढ लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र का काफी पैसा भारत सरकार और उसके उपक्रमों, राज्य सरकारों और उसके उपक्रमों, प्रमुख उद्योगों के पास फंसा है। इस वजह से इन इकाइयों को काफी दिक्क्त आ रही है।
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नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम अपने हिन्दी संबोधन का बांग्ला, मराठी, पंजाबी और गुजराती सहित कई भाषाओं में किया गया रूपांतरण देश से साझा किया। इस संबोधन में प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार नवम्बर महीने के आखिर तक कर दिया गया है। इससे 80 करोड़ लोगों को और पांच महीनों तक मुफ्त राशन मिलेगा। संबोधन के चंद घंटों बाद प्रधानमंत्री ने एक के बाद एक सिलसिलेवार ट्वीट किए और बांग्ला, मराठी, पंजाबी और तेलूगु सहित अन्य भाषाओं में राष्ट्र के नाम अपने संदेश का यूट्यूब लिंक साझा किया। उनके भाषण का लिंक कश्मीरी, लद्दाखी, असमिया और भोजपुरी भाषाओं में भी उपलब्ध कराया गया। इस योजना से 80 करोड़ लोगों को और पांच महीनों तक मुफ्त राशन मिलेगा। साथ ही एक किलो चना भी मुफ्त दिए जाने का प्रावधान किया गया है। कोविड-19 के फैलाव को रोकने के मकसद से देश भर में लगाए गए लॉकडाउन के बाद अप्रैल महीने में इस अन्न योजना की शुरूआत की गई थी। प्रधानमंत्री के महत्वपूर्ण संबोधनों का दूरदर्शन स्थानीय भाषाओं में प्रसारण करता है। -
नई दिल्ली। कोरोना संकट के कारण स्थगित की गईं संसदीय समितियों की बैठकें अब बहाल हो गई हैं और सोमवार को पहली बैठक अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कल्याण से संबंधित समिति की हुई। सूत्रों का कहना है कि ओबीसी के कल्याण संबंधी समिति की बैठक में आरक्षण के क्रियान्वयन के संदर्भ में विभिन्न मंत्रालयों से अनुशंसाएं की गईं। इस बैठक का इस संदर्भ में काफी महत्व है कि समिति के सदस्य शारीरिक रूप से मौजूद रहे, हालांकि हाल ही में कई समितियों के अध्यक्षों ने डिजिटल बैठक की मांग की थी जिसे स्वीकार नहीं किया गया। कोरोना वायरस से जुड़े संकट के कारण संसद के बजट सत्र को 23 मार्च को स्थगित किए जाने के बाद संसद की किसी स्थायी समिति की यह पहली बैठक थी। सूत्रों ने बताया कि भाजपा सांसद गणेश सिंह की अध्यक्षता वाली समिति की इस बैठक में कुल 26 सदस्यों में से 11 मौजूद रहे। यह बैठक सुबह 11 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक चली और इसमें समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों के सांसद भी शामिल हुए। बैठक दोपहर के भोज के लिए कुछ समय स्थगित की गई और फिर शाम तक चली। सूत्रों ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और ऊर्जा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों को उनके मंत्रालयों में ओबीसी कोटा के क्रियान्वयन के संदर्भ में चर्चा के लिए समिति के समक्ष बुलाया गया था। लोकसभा की वेबसाइट के अनुसार अब कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की अध्यक्षता वाली लोक लेखा समिति की बैठक 10 जुलाई को प्रस्तावित है। - फतेहपुर (उप्र)। फतेहपुर जिले के थरियांव कस्बे में अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई।थरियांव थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) विनोद कुमार ने बताया कि मंगलवार रात करीब पौने बारह बजे थरियांव कस्बे में पशु अस्पताल के नजदीक अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से मोटरसाइकिल सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।उन्होंने बताया कि मृत युवकों की पहचान असोथर क्षेत्र के आसूपुर गांव निवासी अजय पासवान (32) और पिंटू पासवान (25) के रूप में हुई है। मोटरसाइकिल सवार दोनों युवक शादी समारोह से लौटकर अपने गांव जा रहे थे और उन्होंने हेलमेट नहीं लगाया था। एसएचओ ने बताया कि इस सिलसिले में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मुकदमा दर्ज कर शव पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजे गए हैं और हादसे की जांच शुरू कर दी गयी है।---
- नई दिल्ली। रेलवे ने आज से मुंबई में अपनी उपनगरीय सेवाओं में विस्तार किया है।रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि मध्य और पश्चिमी रेलवे जोन में प्रत्येक में 350 ट्रेनों को चलाया जाएगा। हालांकि, इन ट्रेनों में केवल राज्य सरकार द्वारा निर्धारित आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मियों को ही यात्रा की अनुमति रहेगी।श्री गोयल ने मंगलवार को ट्वीट किया, रेलवे कल से मुंबई में 350 लोकल ट्रेनों का विस्तार करेगी। राज्य सरकार द्वारा चिन्हित आवश्यक सेवाओं में कार्यरत केंद्र सरकार के कर्मचारी, आईटी, जीएसटी, डाक, राष्ट्रीयकृत बैंक, एमबीपीटी, न्यायिक सेवा, रक्षा और राजभवन के कर्मचारियों को अनुमति रहेगी। अभी आम यात्रियों के लिए कोई सेवा उपलब्ध नहीं है। रेलवे के दोनों जोन ने 15 जून से आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारियों के लिए सीमित संख्या में उपनगरीय सेवाओं की शुरुआत की थी।----
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार सड़क दुर्घटना पीडि़तों के लिए जल्द नकदीरहित (कैशलेस) इलाज की सुविधा शुरू करने की योजना बना रही है। इसके तहत प्रत्यके मामले में अधिकतम सीमा 2.5 लाख रुपये रहेगी।देश में हर साल करीब पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। यह दुनिया में सबसे अधिक है। इन आंकड़ों को देखते हुए यह योजना काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। देश में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है और तीन लाख लोग अपंग हो जाते हैं। राज्यों के परिवहन सचिवों तथा आयुक्तों को मंगलवार को भेजे पत्र में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि नकदीरहित इलाज की योजना के लिए उसके तहत एक मोटर वाहन दुर्घटना कोष बनाया जाएगा। इसमें कहा गया है कि सड़क दुर्घटना पीडि़तों को नकदीरहित इलाज मुहैया कराने के लिए संभवत: राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के मजबूत आईटी ढांचे का इस्तेमाल किया जाएगा।
- नई दिल्ली। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने कहा है कि भारत में सेवाएं देने वाली सभी मोबाइल एप को देश के डेटा सुरक्षा, प्रमाणिकता और निजता नियमों का पालन करना चाहिए। उनका यह बयान सरकार के चीन की 59 एप पर प्रतिबंध लगाने के एक दिन बाद आया है।देश को डेटा के मामले में संप्रभु होने की बात से सहमति जताते हुए उन्होंने मंगलवार को कि एप को उनके मूल देश और डेटा की अंतिम पहुंच को लेकर पारदर्शी रवैया अपनाना चाहिए। सरकार ने 59 चीनी एप पर प्रतिबंध उनके देश की सुरक्षा, अखंडता और सुरक्षा के लिए हानिकारक होने के आधार पर लगाया है। श्री कांत ने कहा, देश में काम करने वाली सभी एप को भारत के डेटा प्रमाणिकता, निजता, संप्रभुता और पारदर्शिता नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया, उन्हें (एप को) डाटा के उद्गम और उसके अंतिम पड़ाव के बारे में पारदर्शी होना चाहिए। भारत को डेटा के मामले में संप्रभु देश होना चाहिए। यह महत्वपूर्ण है। जिन एप के खिलाफ कार्रवाई की गयी है, वे जीवनशैली से जुड़े एप हैं। कई ट्वीट की श्रृंखला में उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए यह सबसे सही समय है कि वे देश-दुनिया के लिए प्रौद्योगिकी समाधान विकसित करें। उन्होंने आरोग्य सेतु एप का उदाहरण देते हुए कहा कि यह देश के लिए देश में बना प्रौद्योगिकी नवोन्मेष का अनूठा उदाहरण है। इसका उपयोग लाखों भारतीय कर रहे हैं। आरोग्य सेतु एप को कोरोना-19 महामारी के दौरान लोगों के संपर्कों पर निगरानी के लिए विकसित किया गया है।लद्दाख में गलवान घाटी में भारत और चीन में तनाव के बीच सरकार ने सोमवार को 59 चीनी एप पर प्रतिबंध लगा दिया। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कहा के इन एप के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं कि ये भारत के डाटा को गुपचुप तरीके से विदेश के सर्वर में पहुंचाते थे। सरकार ने इन एप की इस तरह की गतिविधियों को देश की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ माना है।
- - यह चश्मा खतरनाक एरोसॉल के साथ-साथ अन्य निलंबित कणों से बचाएगानई दिल्ली। कोविड-19 से लड़ रहे अग्रिम पंक्ति में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमण से बचाने के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) की मांग बढ़ रही है। इस दिशा में कार्य करते हुए केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (सीएसआईओ), चंडीगढ़ के शोधकर्ताओं ने ऐसा सुरक्षात्मक चश्मा बनाने की तकनीक विकसित की है, जो कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिस, सफाई कर्मचारियों और आम लोगों को संक्रमण से बचाने में मददगार हो सकता है।पलकों के भीतर आंख की पुतलियों को चिकनाई देने वाली नेत्र श्लेषमला झिल्ली , शरीर में एकमात्र आवरण रहित श्लेष्म झिल्ली होती है। आंखें खुलती हैं तो नेत्र श्लेषमला झिल्ली बाहरी वातावरण के संपर्क में आती है, जो अनजाने में वायरस के प्रवेश का कारण बन सकती है। सीएसआईओ के शोधकर्ताओं का कहना है कि यह सुरक्षात्मक चश्मा इस चुनौती से लडऩे में मदद कर सकता है। इस चश्मे को कुछ इस तरह से बनाया गया है, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों को खतरनाक एरोसॉल के साथ-साथ अन्य निलंबित कणों से बचाया जा सकता है।वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की चंडीगढ़ स्थित प्रयोगशाला सीएसआईओ द्वारा इस चश्मे के बड़े पैमाने पर व्यावसायिक उत्पादन के लिए इसकी तकनीक हाल में चंडीगढ़ की कंपनी सार्क इंडस्ट्रीज को सौंपी गई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि महामारी की मौजूदा स्थिति ने प्रभावी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) की जरूरत की ओर ध्यान आकर्षित किया है, ताकि स्वास्थ्यकर्मियों, मरीजों और अनजाने में संक्रमित होने वाले अस्पताल के आंगतुकों को संक्रमण से बचाया जा सके।इस सुरक्षात्मक चश्मे में लचीला फ्रेम लगाया गया है, ताकि यह त्वचा के साथ प्रभावी सीलिंग के रूप में आंखों के ऊपर एक अवरोधक के रूप में कार्य कर सके। आंखों के आसपास की त्वचा को कवर करने में सक्षम इस चश्मे के फ्रेम को कुछ इस तरह डिजाइन किया गया है, जिससे इसमें प्रिस्क्रिप्शन ग्लास भी लगा सकते हैं। इस चश्मे में मजबूत पॉलीकार्बोनेट लेंस और पहनने में आसानी के लिए इलास्टिक पट्टे का उपयोग किया गया है।सीएसआईओ के ऑप्टिकल डिवाइसेज ऐंड सिस्टम्स विभाग के प्रमुख डॉ. विनोद कराड़ के नेतृत्व में संस्थान के शोधकर्ताओं की एक टीम ने मिलकर यह तकनीक विकसित की है। इस चश्मे की तकनीक को विकसित करने के लिए उद्योगों और संबंधित हितधारकों के सुझावों को भी शामिल किया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएसआईओ के निदेशक डॉ संजय कुमार ने कहा है कि यह तकनीक इस प्रयोगशाला के निरंतर प्रयासों का परिणाम है, जो कोविड-19 का मुकाबला करने के उद्देश्य से तकनीकी समाधान विकसित करने और स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे का समर्थन करने के लिए किये जा रहे हैं।परियोजना से जुड़ीं प्रमुख शोधकर्ता डॉ नेहा खत्री ने बताया कि इस चश्मे को विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों में उपयोग किया जा सकता है । सीएसआईओ में बिजनेस इनिशिएटिव्स ऐंड प्रोजेक्ट प्लानिंग के प्रमुख डॉ सुरेंदर एस. सैनी ने बताया कि इस सुरक्षात्मक चश्मे का उपयोग स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा आम लोग भी कर सकते हैं।सार्क इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग पार्टनर अनिल सहली ने कहा है कि कंपनी इस चश्मे की मार्किटिंग विभिन्न वर्गों के उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर करेगी, जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा पुलिसकर्मी, सार्वजनिक कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारी और आम लोग शामिल हैं।इस परियोजना में डॉ कराड़ और डॉ खत्री के अलावा डॉ संजीव सोनी, डॉ अमित एल. शर्मा, डॉ मुकेश कुमार और विनोद मिश्रा शामिल हैं।---
- विशाखापत्तनम। शहर से पास परवादा में दवा बनाने वाली एक कम्पनी में आज सुबह बेंजीन गैस का रिसाव होने से दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य लोग बीमार हो गए।मिली जानकारी के अनुसार सेनर लाइफ साइसेंज कम्पनी की एक इकाई में यह रिसाव हुआ और स्थिति अब नियंत्रण में हैं। घटना में दो कर्मचारियों की जान चली गई और घायलों का इलाज गाजुवाका में एक अस्पताल में जारी है। इनमें से एक को वहां वेटिलेटर पर रखा गया है।जिलाधिकारी वी. विनय चंद और पुलिस आयुक्त आर के. मीणा ने कम्पनी का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। संयंत्र की रिएक्टर इकाई में हुए गैस रिसाव के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
- श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में आज सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए।पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने आज सुबह दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग जिले के वाघमा में घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था। उन्होंने बताया कि इसी बीच आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी कर दी। सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।अधिकारी ने बताया कि अभी तक दो आतंकवादी मारे गए हैं। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों की पहचान की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वे किस आतंकवादी संगठन से जुड़े हुए थे। अनंतनाग के खुलचोहर इलाके में सोमवार को हुई मुठभेड़ में भी तीन आतंकवादी मारे गए थे। (फाइल फोटो)---
- नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय समुद्री इलाके और विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में बिजली परियोजनाओं और अनुसंधान, सर्वेक्षण, अन्वेषण और उपयोग के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने के मकसद से नया वेब पोर्टल शुरू किया है।इससे आवेदक अपने प्रस्तावों को ऑनलाइन भेजकर बिजली तथा अन्य परियोजनाओं के बारे में रक्षा मंत्रालय से सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे। रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा है कि ऑनलाइन प्रणाली से प्रस्तावों को कारगर और पारदर्शी तरीके से तथा शीघ्रता से निपटाया जा सकेगा। मंत्रालय ने इससे पहले हवाई सर्वेक्षण का अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए इसी तरह का पोर्टल शुरू किया था।मंत्रालय ने कहा है कि वह रक्षा प्रतिष्ठानों के आसपास के इलाकों में बिजली परियोजनाएं लगाने और अनुसंधान, सर्वेक्षण, खोज जैसी गतिविधियों के लिए विभिन्न मंत्रालयों से प्राप्त हुए आवेदनों के सिलसिले में सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करता है। आवेदकों की सुविधा और प्रमाण पत्र जारी करने में पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने इस ऑनलाइन आवेदन पोर्टल का विकास किया है। इसे बनाने में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग, भास्कराचार्य अंतरिक्ष अनुप्रयोग और इंफॉर्मेटिक्स संस्थान और नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर की मदद ली गई है।--
- नई दिल्ली। परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्षयान गगनयान के प्रक्षेपण पर कोविड-19 महामारी का कोई असर नहीं पड़ेगा और इसके लिए सही दिशा में तैयारी जारी है।डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बताया कि कोविड-19 की वजह से चार भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों का रूस में प्रशिक्षण स्थगित होने के बावजूद अभियान पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि मंत्रालय ने प्रशिक्षण कार्यक्रम और गगनयान को छोड़े जाने के बीच पर्याप्त अंतराल रखा हुआ है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यात्रियों का प्रशिक्षण फिर शुरू हो चुका है और गगनयान का प्रक्षेपण 2022 में भारत की स्वतंत्रता की 75 वीं जयंती से पहले ही निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा।चन्द्रमा के लिए भारत के चन्द्रयान-3 मिशन का जिक्र करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि इसे अगले साल छोड़े जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में एक लैंडर, एक रोवर और प्रणोदन प्रणाली शामिल होगी, लेकिन पिछले चन्द्रयान की तरह इसमें आर्बिटर नहीं होगा।।----
- नई दिल्ली। राष्ट्रीय उर्वरक लिमिटेड ने किसानों को उनके घर के पास ही मिट्टी के नमूनों के नि:शुल्क परीक्षण के लिए पांच चलती-फिरती मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं शुरू की हैं। इनसे देश में मिट्टी के परीक्षण की सुविधाओं का विकास होगा और किसानों को उवर्रकों के उपयुक्त उपयोग की प्रेरणा मिलेगी।राष्ट्रीय उर्वरक लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक वी. एन. दत्त ने मंगलवार को नोएडा में कंपनी के कारपोरेट कार्यालय से पहली मोबाइल प्रयोगशाला को झंडी दिखाकर रवाना किया। इन मोबाइल प्रयोगशालाओं में मिट्टी के परीक्षण के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगे हुए हैं जिनसे मिट्टी में पोषक तत्वों का पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा इनमें किसानों को कृषि से संबंधित विभिन्न विषयों की जानकारी देने के लिए ऑडियो विजुअल प्रणाली भी लगी हुई है।नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड की इन मोबाइल प्रयोगशालाओं के अलावा कंपनी देश भर में अपनी छह अन्य प्रयोगशालाओं के जरिए भी किसानों की मदद कर रही है। इन सभी प्रयोगशालाओं में वर्ष 2019-20 में मिट्टी के 25 हजार से अधिक नमूनों का नि:शुल्क परीक्षण किया गया।


























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