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- नई दिल्ली। राष्ट्रीय शिक्षण संस्थान रैंकिंग फ्रेमवर्क के अनुसार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास देश में उच्च शिक्षा का सर्वश्रेष्ठ संस्थान है। भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलूरू दूसरे और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली तीसरे स्थान पर हैं।महाविद्यालयों की श्रेणी में मिरांडा हाउस पहले, लेडी श्रीराम कॉलेज दूसरे और हिन्दु कॉलेज तीसरे स्थान पर है। विश्वविद्यालयों के वर्ग में भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलूरू पहले, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दूसरे और काशी हिन्दु विश्वविद्यालय तीसरे स्थान पर है। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने आज नई दिल्ली में यह सूची जारी की।
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ट्रैक्टर की टक्कर से पिता-पुत्र और पुत्री की मौत
सायला। राजस्थान जालौर के सायला पुलिस थाना क्षेत्र के ओटवाड़ा सरहद में मामाजी मंदिर के पास ट्रैक्टर व बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। इस भिड़ंत में बाइक सवार पिता, पुत्र और पुत्री तीनों की मौत हो गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आहोर के वर्धमान कॉलोनी निवासी खुशालसिंह (47) पुत्र नैनसिंह जाति रावणा राजपूत अपने पुत्र दलपतसिंह (22) व पुत्री मनीषा (17) के साथ बाइक पर सायला से आहोर की तरफ आ रहे थे। इस दौरान ओटवाड़ा के मामाजी मंदिर के समीप ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार पिता-पुत्र ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। जबकि पुत्री मनीषा को गंभीर हालत में सायला के अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद आहोर कस्बे में शोक की लहर छा गई। इधर, हादसे के बाद क्षतिग्रस्त बाइक के अलावा पिता और पुत्र के शव काफी देर तक सड़क पर पड़े रहे। इससे रोड के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच शवों को कब्जे में लेकर रास्ता खुलवाया।
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देहरादून। हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर रायवाला थाना क्षेत्र में हुए अलग-अलग हादसों में बाइकों में सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में दो बाइक में सवार महिलाओं की मौत हो गई। दोनों घटनाएं निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास की हैं।
पहली घटना रायवाला क्षेत्र में मोतीचूर फाटक से कुछ दूरी पर हुई। बाइक सवार युवक व युवती हरिद्वार की तरफ जा रहे थे। निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास बाइक रपट गई। जिससे बाइक चालक और पीछे बैठी महिला सड़क पर गिर पड़ी। इस दौरान महिला एक ट्रक के पिछले पहिये की चपेट में आ गई। रायवाला पुलिस दोनों को हरिद्वार जिला चिकित्सालय ले गई। जहां महिला की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतक नैंसी नेहरू कॉलोनी देहरादून की रहने वाली थी। वह बैंक में कार्यरत थी।
दूसरी घटना में गायत्री तपोवन के पास ट्रक और बाइक की भिड़ंत में बाइक सवार युवक और महिला घायल हो गए। घायल युवक विनय और महिला गुड्डी निवासी ज्वालापुर हरिद्वार को एम्स लाया गया। जहां गुड्डी की मौत हो गई। थानाध्यक्ष रायवाला हेमंत खंडूरी ने बताया कि दोनों घटनाओं में शामिल ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार हो गए। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। - औरंगाबाद। महाराष्ट्र की लोनार झील के पानी का रंग बदलकर गुलाबी हो गया है। विशेषज्ञ इसकी वजह लवणता तथा जलाशय में शैवाल की मौजूदगी को मान रहे हैं।लोनार झील मुंबई से 500 किमी दूर बुलढाणा जिले में है। यह पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। माना जाता है कि इस झील का निर्माण करीब 50 हजार साल पहले धरती से उल्कापिंड के टकराने से हुआ था। दुनियाभर के वैज्ञानिकों की भी इस झील में बहुत दिलचस्पी है।करीब 1.2 किमी के व्यास वाली झील के पानी की रंगत बदलने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रकृतिविद और वैज्ञानिक भी हैरान हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब झील के पानी का रंग बदला है, लेकिन इस बार यह एकदम साफ नजर आ रहा है। लोनार झील संरक्षण एवं विकास समिति के सदस्य गजानन खराट के अनुसार यह झील अधिसूचित राष्ट्रीय भौगोलिक धरोहर स्मारक है। इसका पानी खारा है और इसका पीएच स्तर 10.5 है। उन्होंने कहा, जलाशय में शैवाल है। पानी के रंग बदलने की वजह लवणता और शैवाल हो सकते हैं। खराट ने बताया, पानी की सतह से एक मीटर नीचे ऑक्सीजन नहीं है। ईरान की एक झील का पानी भी लवणता के कारण लाल रंग का हो गया था। उन्होंने बताया कि लोनार झील में जल का स्तर अभी कम है क्योंकि बारिश नहीं होने से इसमें ताजा पानी नहीं भरा है। जलस्तर कम होने के कारण खारापन बढ़ा होगा और शैवाल की प्रकृति भी बदली होगी।औरंगाबाद के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग के प्रमुख डॉ. मदन सूर्यवंशी ने कहा कि जिस बड़े पैमाने पर पानी का रंग बदला है उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि इसमें मानवीय दखल का मामला नहीं है। उन्होंने कहा, पानी में मौसम के मुताबिक बदलाव आता है और लोनार झील में भी मामला यही हो सकता है। अगर हम एक हफ्ते में वहां जा सकते हैं तो बदलाव की जांच कर पाएंगे। तभी इसके बारे में कुछ और बता सकेंगे।
- कोलकाता। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में दक्षिणेश्वर काली मंदिर के कपाट 13 जून से श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे।कोविड-19 महामारी फैलने के कारण धार्मिक स्थल डेढ़ महीने से अधिक समय तक बंद रहे। मंदिर समिति के न्यासी और सचिव कौशल चौधरी ने संवाददाताओं को बताया कि मंदिर के दरवाजे 13 जून से श्रद्धालुओं के लिए सुबह सात बजे से दस बजे तक और दोपहर साढ़े तीन बजे से शाम साढ़े छह बजे तक खुलेंगे। उन्होंने कहा कि मंदिर में प्रवेश करने से पहले श्रद्धालुओं की थर्मल जांच होगी और उन्हें सेनिटाइज किया जाएगा लेकिन उन्हें मंदिर के गर्भ गृह में जाने की अनुमति नहीं होगी। चौधरी ने कहा, मंदिर के अंदर श्रद्धालु सामाजिक दूरी का पालन करेंगे और पूजा करने के बाद उन्हें मंदिर परिसर में रूकने की अनुमति नहीं होगी।----
- नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा बुधवार को नीरव मोदी और मेहुल चोकसी से संबंधित फर्मों के 1,350 करोड़ रुपये मूल्य के 2,300 किलोग्राम से अधिक तराशे हुए हीरे और मोती हांगकांग से वापस लाया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।अधिकारियों ने बताया कि मुंबई में उतरने वाली 108 खेपों में से 32 नीरव मोदी द्वारा नियंत्रित यूएई और हांगकांग में विदेश संस्थाओं से संबंधित हैं जबकि बाकी मेहुल चोकसी की फर्मों से हैं। ईडी इन दोनों व्यवसायियों से मुंबई में पीएनबी की एक शाखा में दो अरब अमेरिकी डॉलर की कथित बैंक धोखाधड़ी के सिलसिले में धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच कर रहा है। एजेंसी ने बताया कि इन कीमती सामानों में पॉलिश किये गये हीरे, मोती और चांदी के आभूषण शामिल हैं और इनकी कीमत करीब 1,350 करोड़ रुपये है।उसने बताया कि ईडी ने इन कीमती सामान को वापस लाने के लिए हांगकांग में अधिकारियों के साथ सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया। अधिकारियों ने बताया कि 2018 की शुरूआत में इन मूल्यवान सामान को दुबई से हांगकांग ले जाया गया था ताकि उन्हें ईडी या किसी अन्य जांच एजेंसी द्वारा जब्त करने या कुर्क करने से बचाया जा सके। केन्द्रीय जांच एजेंसी ने बताया कि यह सामान हांगकांग में एक रसद कंपनी के गोदाम में रखा गया था। उसने कहा, अधिकारी इन मूल्यवान सामान को भारत वापस लाने के लिए हांगकांग में विभिन्न अधिकारियों से लगातार बातचीत कर रहे थे। सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद इन खेपों को वापस भारत लाया गया।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के गिर जंगल में रहने वाले राजसी एशियाई सिंहों की बढ़ती संख्या पर प्रसन्नता व्यक्त की है।
प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा है, दो बहुत अच्छे समाचार हैं : गुजरात के गिर जंगल में रहने वाले राजसी एशियाई सिंहों की संख्या में लगभग 29 प्रतिशत वृद्धि हुई है। भौगोलिक रूप से, वितरण क्षेत्र या फैलाव 36 प्रतिशत तक बढ़ गया है।गुजरात की जनता और वे सभी प्रशंसा के पात्र हैं, जिनके प्रयासों की बदौलत यह शानदार कार्य संभव हुआ।पिछले अनेक वर्षों से गुजरात में सिंहों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। इसे सामुदायिक भागीदारी, प्रौद्योगिकी पर जोर, वन्यजीव स्वास्थ्य सेवा, उचित पर्यावास प्रबंधन और मानव-सिंह टकराव को कम करने के लिए उठाए गए कदमों से बल मिला है। आशा है कि यह सकारात्मक प्रचलन जारी रहेगा। - मुंबई। देश में कोरोना वायरस महामारी के रोकथाम के लिए जब लॉकडाउन की घोषणा हुई तो मुंबई के प्रसिद्ध डब्बावाले अपने गांव की ओर लौट गए और वहीं जीवन चलाने के लिए रास्ते तलाश करने लगे।उनमें से कुछ ने खेती का रास्ता अपनाया लेकिन चक्रवाती तूफान निसर्ग उनके घरों के साथ-साथ खेतों को भी नुकसान पहुंचाया। मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन के प्रवक्ता सुभाष तालेकर ने बुधवार को कहा कि अन्य असंगठित क्षेत्रों की तरह ही डब्बावालों को भी सरकार से मदद की जरूरत है।कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को देखते हुए डब्बावालों ने 19 मार्च को अपनी सेवाएं बंद कर दी थी। सरकार अब मुंबई में कार्यालयों और कारोबार को खोलने की अनुमति दे रही है, लेकिन डब्बावाले अपनी सेवा के साथ कब लौटेंगे, इसको लेकर अनिश्चितता है। तालेकर ने एक समाचार एजेंसी के साथ बातचीत में कहा - हमारी सेवाएं पूरी तरह से उपनगरीय ट्रेनों पर निर्भर हैं। हम लोकल ट्रेनों का परिचालन शुरू होने तक सेवा शुरू नहीं कर सकते हैं। कौन जानता है कि ट्रेन सेवा कब शुरू होगी, जुलाई या अगस्त में? तालेकर ने कहा कि ग्राहकों की प्रतिक्रिया कैसी होगी, यह भी अनिश्चित है।उन्होंने कहा, शहर के ज्यादातर इमारतों, हाउसिंग सोसाइटिज ने रिश्तेदारों तक के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। क्या वे हमें खाना पहुंचाने और डब्बे ले जाने की मंजूरी देंगे, भले ही हम कितना भी मास्क और सेनिटाइजर के इस्तेमाल का ख्याल रखें। मुंबई में किसी भी आम दिन में 5 हजार डब्बावाले कार्यालय जाने वालों को खाना पहुंचाते रहे हैं। ये सभी समय के पाबंद और तेजी के लिए जाने जाते हैं। 1998 में फॉब्र्स पत्रिका ने इन्हें सिक्स सिग्मा रेटिंग से नवाजा था।
- जयपुर। कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच राजस्थान ने अन्य राज्यों के साथ अपनी सीमाएं बुधवार को फिर सील कर दीं। अब राजस्थान में आने व बाहर जाने के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति लेनी होगी।पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था एम एल लाठर ने इस बारे में आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर राज्य सरकार ने अंतर्राज्यीय आवागमन को नियंत्रित करने का फैसला किया है।इसमें संबंद्ध पुलिस आयुक्तों, रेंज महानिरीक्षकों व जिला पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि पड़ोसी राज्यों से लगने वाले सड़क मार्गों व रास्तों पर तत्काल पुलिस चैक पोस्ट स्थापित की जाएं और अन्य राज्यों से व्यक्तियों को बिना अनुमति पत्र के नहीं आने दिया जाए।इस व्यवस्था के तहत बाहरी राज्य से उसी व्यक्ति को आने दिया जाएगा जिसने अपने राज्य से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया हो। इसी तरह राज्य से बाहर जाने के लिए भी सक्षम अधिकारी से पास या अनुमति पत्र लेना होगा। इसमें कहा गया है कि सक्षम अधिकारी इलाज के लिए जाने या परिवार में किसी की मृत्यु होने जैसी आपात परिस्थितियों में ही पास जारी करें। अंतर्राज्यीय मार्गों के साथ साथ हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर भी तत्काल चैक पोस्ट स्थापित करने को गया है। फिलहाल यह व्यवस्था आगामी सात दिन के लिए की गयी है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केदारनाथ धाम विकास और पुनर्निर्माण परियोजना की आज वीडियो कॅान्फ्रेंसिंग के जरिये उत्तराखंड सरकार के साथ समीक्षा की।
इस तीर्थस्थल के पुनर्निर्माण की अपनी परिकल्पना के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे पवित्र स्थलों के लिए विकास परियोजनाओं की संकल्पना के साथ उसका डिजाइन इस प्रकार तैयार करना चाहिए जो समय की कसौटी पर खरा उतरे, पर्यावरण के अनुकूल हो और प्रकृति और उसके आसपास के वातावरण के साथ तालमेल बैठा सके।वर्तमान स्थिति और इन तीर्थस्थलों में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में तुलनात्मक रूप से आई कमी को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि निर्माण के वर्तमान समय का उपयोग श्रमिकों के उचित वितरण द्वारा लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है, लेकिन साथ ही हमें उचित दूरी बनाए रखने (सोशल डिस्टेंसिंग) के नियम को भी ध्यान में रखना होगा। इससे आने वाले वर्षों में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी जारी रखने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा और सुविधाएं तैयार करने में मदद मिलेगी।कुछ विशेष सुझावों के तहत, प्रधानमंत्री ने रामबन से केदारनाथ तक के बीच अन्य धरोहर और धार्मिक स्थलों के और विकास करने का निर्देश दिया। यह कार्य केदारनाथ के मुख्य मंदिर के पुर्नर्विकास के अतिरिक्त होगा।बैठक में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए ब्रह्म कमल वाटिका और संग्रहालय के विकास की स्थिति से संबंधित विवरण पर भी विस्तार से बातचीत हुई जो वासुकी ताल के रास्ते में है। साथ ही पुराने शहर के मकानों और वास्तुकला की दृष्टि से ऐतिहासिक महत्व की सम्पत्तियों के पुनर्विकास के अलावा अन्य सुविधाओं जैसे मंदिर से उपयुक्त दूरी पर और नियमित अंतराल पर पर्यावरण अनुकूल पार्किंग स्थल के बारे में भी चर्चा हुई।बातचीत में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।---- -
तिनसुखिया। असम के तिनसुखिया जिले में बाघजन में ऑयल इंडिया के तेल के कुएं में मंगलवार को आग लग गई। कुएं से पिछले 14 दिन से गैस लीक हो रही थी। हादसे में 2 फायर फाइटर की मौत हो गई। ऑयल इंडिया के मुताबिक आग पर पूरी तरह काबू पाने में 4 हफ्ते लगेंगे। कंपनी के प्रवक्ता त्रिदेव हजारिका के मुताबिक आग लगने के बाद लापता हुए दोनों फायर फाइटर के शव बुधवार सुबह मिले। शवों पर जलने के निशान नहीं हैं, इससे लगता है कि कर्मचारी कुएं में कूदे होंगे और डूबने से उनकी मौत हो गई। असली वजह पोस्टमार्टम के बाद पता चल पाएगी।
- रांची। झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए 19 जून को चुनाव होने हैं और इसके लिए विधानसभा में सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। चुनाव मैदान में इन दोनों सीटों के लिए सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा, उसकी सहयोगी कांग्रेस और भाजपा के एक-एक उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।झारखंड विधानसभा के उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि 19 जून को होने वाले चुनाव के लिए सभी तैयारियां कर ली गयी हैं। इन चुनावों में 81 सदस्यीय विधानसभा के 79 सदस्य मतदान करेंगे क्योंकि दो सीटें रिक्त हैं। राज्यसभा की दोनों सीटें राजद के राज्यसभा सदस्य प्रेमचंद गुप्ता और निर्दलीय परिमल नाथवाणी का कार्यकाल पूरा होने के चलते रिक्त हुई हैं। इन सीटों के लिए 26 मार्च को मतदान होने थे लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इन चुनावों को टाल दिया गया था।इन चुनावों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिता और झामुमो मुखिया शिबू सोरेन मैदान में हैं वहीं भाजपा की ओर से उसके प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा कांग्रेस ने शहजादा अनवर को अपना उम्मीदवार बनाया है।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा एमएसएमई मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज मोटर वाहन दस्तावेजों की वैधता तिथि को और बढ़ाकर इस वर्ष सितंबर तक करने की घोषणा की। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को इस आशय के संबंध में एक परामर्श जारी किया है।इससे पहले,मंत्रालय ने 30 मार्च,2020 को सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को एक परामर्श जारी किया था, जिसमें यह सलाह दी गई थी कि फिटनेस,परमिट (सभी प्रकार), ड्राइविंग लाइसेंस,पंजीकरण या किसी अन्य संबंधित दस्तावेज जिसकी वैधता का विस्तार लॉकडाउन के कारण नहीं हो सकाया जिसके होने की संभावना नहीं है और जिसकी वैधता 1 फरवरी,2020 से समाप्त हो गई थी या 31 मई, 2020 तक समाप्त हो जाएगी,उसे प्रवर्तन उद्देश्यों के लिए 31 मई, 2020 तक वैध माना जा सकता है और प्रवर्तन अधिकारियों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे दस्तावेजों को 30 जून,2020 तक मान्य समझें।हालांकि,कोविड-19 की रोकथाम के लिए अभी जारी स्थिति को ध्यान में रखते हुए और प्राप्त अनुरोधों के अनुसार, श्री गडकरी ने अपने मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वे प्रवर्तन उद्देश्यों के लिए दस्तावेजों को 30 सितम्बर तक वैध समझे जाने के लिए परामर्श जारी करे।
- नई दिल्ली। केसर और हींग दुनिया के सबसे मूल्यवान मसालों में गिने जाते हैं। भारतीय व्यंजनों में सदियों से हींग और केसर का व्यापक रूप सेउपयोग कियाहोता रहा है। इसके बावजूद देश में इन दोनों ही कीमती मसालों का उत्पादन सीमित है।भारत में,केसर की वार्षिक मांग करीब 100 टन है, लेकिन हमारे देश में इसका औसत उत्पादन लगभग 6-7 टन ही होता है। इस कारण हर साल बड़ी मात्रा में केसर का आयात करना पड़ता है। इसी तरह,भारत में हींग उत्पादन भी नहीं है और हर साल 600 करोड़ रुपये मूल्य की लगभग 1200 मीट्रिक टन कच्ची हींग अफगानिस्तान,ईरान और उज्बेकिस्तान जैसे देशों से आयात करनी पड़ती है।सीएसआईआर-आईएचबीटी ने हींग और केसर की खेती के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ समझौता किया है।केसर और हींग का उत्पादन बढ़ाने के लिए हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन बायोरिसोर्स टेक्नोलॉजी (सीएसआईआर-आईएचबीटी) ने परस्पर रूप से रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने के लिए हिमाचल प्रदेश के कृषि विभाग के साथ हाथ मिलाया है। यह साझेदारी हिमाचल प्रदेश में कृषि आय बढ़ाने, आजीविका में वृद्धि और ग्रामीण विकास के उद्देश्य को पूरा करने में मददगार हो सकती है। इस पहल के तहत भावी किसानों और कृषि विभाग के अधिकारियों को क्षमता निर्माण, नवाचारों के हस्तांतरण, कौशल विकास और अन्य विस्तार गतिविधियों का लाभ मिल सकता है।सीएसआईआर-आईएचबीटी के निदेशक डॉ संजय कुमार ने कहा है कि इन फसलों की पैदावार बढ़ती है तो इनके आयात पर निर्भरता कम हो सकती है। सीएसआईआर-आईएचबीटी किसानों को इसके बारे में तकनीकी जानकारी मुहैया कराने के साथ-साथ राज्य कृषि विभाग के अधिकारियों एवं किसानों को प्रशिक्षित भी करेगा। राज्य में केसर और हींग के क्रमश: घनकंद और बीज उत्पादन केंद्र भी खोले जाएंगे।वर्तमान में जम्मू और कश्मीर में करीब 2,825 हेक्टरेयर क्षेत्र में केसर की खेती होती है। सीएसआईआर-आईएचबीटी ने केसर उत्पादन की तकनीक विकसित की है, जिसका उपयोग उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के गैर-परंपरागत केसर उत्पादक क्षेत्रों में किया जा रहा है। संस्थान में रोग-मुक्त घनकंद के उत्पादन के लिए टिश्यू कल्चर प्रोटोकॉल भी विकसित किए गए हैं। सीएसआईआर-आईएचबीटी ने नेशनल ब्यूरो ऑफ प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेज (एनबीपीजीआर), नई दिल्ली की मदद से हींग से संबंधित छह पादप सामग्री पेश की हैं, और उसके उत्पादन की पद्धति को भारतीय दशाओं के अनुसार मानक रूप प्रदान करने का प्रयास किया है।हींग एक बारहमासी पौधा है और यह रोपण के पांच साल बाद जड़ों से ओलियो-गम राल का उत्पादन करता है। इसे ठंडे रेगिस्तानी क्षेत्र की अनुपयोगी ढलान वाली भूमि में उगाया जा सकता है। इस पहल के शुरू होने बाद इन दोनों फसलों की गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए अत्याधुनिक टिश्यू कल्चर लैब की स्थापना की जाएगी।डॉ कुमार ने कहा है कि परियोजना के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए तकनीकी सहायता के अलावा केसर उत्पादन क्षेत्रों की निगरानी और किसानों के लिए अन्य क्षेत्रों के दौरे भी आयोजित किए जाएंगे। अगले पांच वर्षों में राज्य में कुल 750 एकड़ भूमि इन फसलों के अंतर्गत आने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है। हिमाचल प्रदेश सरकार के कृषि विभाग के निदेशक डॉ आर.के. कौंडल ने कहा है कि यह परियोजना किसानों की आजीविका में वृद्धि करने के साथ-साथ राज्य और देश को लाभान्वित करने में मददगार हो सकती है।--
- नई दिल्ली। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना-मनरेगा के तहत केंद्र द्वारा वर्तमान वित्त वर्ष के लिए एक लाख एक हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत पहली बार इतनी बड़ी राशि का प्रावधान किया गया है।इसमें से 31 हजार 493 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है, जो कि वर्तमान वित्त वर्ष के बजट में इस मद के लिए अनुमान के 50 प्रतिशत से अधिक है। अब तक कुल 60 करोड़ 80 लाख दिवस का रोजगार सृजित किया गया है और 6 करोड़ 69 लाख कामगारों को काम दिया गया है। इस वर्ष मई में जिन लोगों को काम दिया गया था, उनकी औसत संख्या 2 करोड़ 51 लाख प्रतिदिन है। यह पिछले साल मई में दिए गए काम से 73 प्रतिशत अधिक है। योजना के तहत चालू वित्त वर्ष के दौरान अब तक कुल 10 लाख कार्य पूरे किए जा चुके हैं। जल संरक्षण तथा सिंचाई, वृक्षारोपण, बागवानी और आजीविका संवर्धन के लिए व्यक्तिगत लाभकारी कार्यों से संबंधित कार्यों को पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।---
- नई दिल्ली। भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी मां माधवी राजे सिंधिया की तबीयत बिगड़ गई है। दोनों को दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों को ही गले में खराश और बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया है। दोनों ही लक्षण कोविड के जैसे हैं।टाइम्स ऑफ इंडिया ने ये खबर दी है। दोनों को ही सोमवार को अस्पताल में दाखिल किया गया है और उनकी कोविड टेस्ट रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है।---

- मुंबई। मुंबई में फंसे प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्य भेजने की व्यवस्था करने वाले अभिनेता सोनू सूद को बांद्रा टर्मिनल पर कथित रूप से आरपीएफ ने रोक लिया और श्रमिकों से मिलने नहीं दिया।सोनू सूद पर शिवसेना ने आरोप लगाया था कि वह भाजपा की ओर से लिखी गई पटकथा पर काम कर रहे हैं। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अभिनेता को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सोमवार रात में रोका था, वह कुछ श्रमिकों से मिलने स्टेशन पहुंचे थे। अधिकारी ने बताया कि उन्हें इस संबंध में अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। उस दौरान बांद्रा टर्मिनल से उत्तर प्रदेश जाने वाली विशेष श्रमिक ट्रेन रवाना होने वाली थी।निर्मल नगर पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक शशिकांत भंडारे ने कहा, अभिनेता को रेलवे पुलिस बल ने रोका न कि मुंबई पुलिस ने। वह गृह राज्य जा रहे कुछ श्रमिकों से मिलना चाहते थे। इस संबंध में हमें अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। शिवसेना नेता संजय राउत ने रविवार को आश्चर्य व्यक्त किया था कि कहीं लॉकडाउन के कारण महाराष्ट्र में फंसे उत्तर भारतीय प्रवासियों को सहायता की पेशकश करने के पीछे अभिनेता सोनू सूद को भाजपा का अंदरुनी तौर पर समर्थन हासिल तो नहीं था? इस राजनीतिक मकसद के साथ कि राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार को बदनाम किया जा सके।शिवसेना के मुखपत्र सामना में लिखे अपने साप्ताहिक कॉलम में राउत ने लॉकडाउन के दौरान महाराष्ट्र के सामाजिक परिदृश्य में अचानक महात्मा सूद के सामने आने को लेकर सवाल खड़ा किया। उन्होंने 2019 के आम चुनाव से पहले सामने आए सूद के एक स्टिंग ऑपरेशन का भी हवाला देते हुए कहा कि वह भाजपा नीत सरकार के कार्यों को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया खातों के जरिए विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रचार के लिए तैयार हुए थे। हालांकि बाद में इसी दिन मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोनू सूद द्वारा लॉकडाउन में फंसे प्रवासी श्रमिकों के लिए बसों की व्यवस्था करने के लिए उनकी तारीफ की। अभिनेता ने उपनगरीय बांद्रा में रविवार रात ठाकरे के आवास मातोश्री में उनसे मुलाकात की। वहीं सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि फिल्म अभिनेता सोनू सूद के कार्यों की सराहना करने के बदले महाराष्ट्र की महागठबंधन सरकार उनकी आलोचना कर रही है।
- गोपेश्वर (उत्तराखंड)। श्रद्धालुओं को बदरीनाथ मंदिर के दर्शन 30 जून के बाद ही हो सकेंगे। चमोली की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया की अध्यक्षता में कल हुई एक बैठक में मंदिर व्यवस्था से जुड़े लोगों ने एकमत से यह निर्णय लिया।जिलाधिकारी स्वाति ने बताया कि बैठक में सभी पक्षों की ओर से फिलहाल यात्रा को रोके जाने की राय थी। उन्होंने बताया कि 30 जून तक बदरीनाथ मंदिर में यात्रियों का प्रवेश स्थगित रखे जाने की सिफारिश चारधाम देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भेजी जा रही है और उनके निर्णय से ही आगे की व्यवस्थाएं होंगी।उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने रविवार देर रात चारधाम के मंदिरों के संबंध में जिला प्रशासन और स्थानीय हितधारकों से राय-मशविरा से निर्णय लेने का अधिकार चारधाम देवस्थानम बोर्ड पर छोड़ दिया था। बैठक में पुलिस प्रशासन के साथ साथ मंदिर में पूजा व्यवस्था से जुड़े लोगों के साथ ब्यवसायी भी सम्मलित थे। जिलाधिकारी ने बताया कि यह भी निर्णय लिया गया कि जिन लोगों के बदरीपुरी में भवन, दुकानें आदि है, वे उनकी देखरेख कर सकते हैं लेकिन वे मंदिर दर्शन नहीं कर सकेंगे। इससे पहले, पिछले दिनों बदरीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी तथा मंदिर में पूजा अर्चना कार्यों में लगे दो दर्जन से अधिक लोगों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को एक ज्ञापन भेजकर कोरोना संकट के मद्देनजर बदरीनाथ यात्रा को फिलहाल तीस जून तक बंद रखने का आग्रह किया था।
- मंगलुरु। कर्नाटक सरकार की अनुमति के बाद राज्य के उडूपी जिले में मूकाम्बिका मंदिर और शहर में मंजूनाथेश्वर मंदिर फिर से खोल दिए गए। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के कारण पिछले दो महीने से बंद मंदिरों को कल से खोल दिया गया है ।सूत्रों ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए सुबह में मंदिर में करीब 200 श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की । अगले 15 दिन तक 60 साल से अधिक उम्र के लोगों और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को मंदिरों में प्रवेश नहीं मिलेगा । दोपहर में बंटने वाला भोजन भी नहीं मुहैया कराया गया।सभी श्रद्धालुओं के लिए मास्क पहनना और सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य है। थर्मल स्क्रीनिंग और सैनेटाइजर की भी व्यवस्था की गयी है । शहर के कदरी में भगवान मंजूनाथेश्वर के मंदिर को भी खोल दिया गया । दक्षिण कन्नड़ जिला प्रभारी मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी मंदिर में पहुंचने वाले पहले श्रद्धालु थे। उनके साथ मेयर दिवाकर पंडेश्वर भी थे।-
- कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि राज्य में लॉकडाउन की अवधि 15 दिन और बढ़ाकर इसे 30 जून तक कर दिया गया है। पहले बंद 15 जून तक खत्म होना तय किया गया था।कल राज्य मंत्रिमंडल की एक बैठक के बाद उन्होंने कहा, राज्य में बंद को 30 जून तक बढ़ाया जा रहा है, सभी मौजूदा रियायतें और शर्तें पूर्ववत रहेंगी। इससे पहले, हमनें सामाजिक कार्यक्रमों जैसे विवाह या अंतिम संस्कार में 10 लोगों के शामिल होने को मंजूरी दी थी जिसकी सीमा अब बढ़ाकर 25 कर दी गई है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में बंद की शर्तों में एक जून से ढील देते हुए प्रार्थना स्थलों को खोलने तथा जूट, चाय और निर्माण क्षेत्र में काम पूर्ण रूप से शुरू करने को मंजूरी दे दी थी। करीब दो महीने के बाद पश्चिम बंगाल में सोमवार को शॉपिंग मॉल, रेस्तरां और अन्य प्रतिष्ठानों ने अपनी सेवा शुरू की जिसकी इजाजत राज्य सरकार ने बंद में और ढील देते हुए दी है।-
- नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सोमवार को लगातार दूसरे दिन 60 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 83 दिनों के अंतराल के बाद कीमतों की दैनिक समीक्षा फिर शुरू की है।सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों की अधिसूचना के अनुसार दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल की कीमत 71.86 रुपये से बढ़कर 72.46 रुपये प्रति लीटर हो गई, जबकि डीजल की कीमत 69.99 रुपये से बढ़ाकर 70.59 रुपये प्रति लीटर कर दी गई। इससे पहले तेल कंपनियों ने रविवार को 83 दिनों के अंतराल के बाद कीमतों की समीक्षा करते हुए इसमें 60 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इस तरह कीमतों में लगातार दूसरे दिन वृद्धि हुई है। एक तेल कंपनी के अधिकारी ने बताया कि दैनिक मूल्य संशोधन फिर से शुरू हो गया है।तेल कंपनियां हालांकि एटीएफ और एलपीजी की कीमतों की नियमित रूप से समीक्षा कर रही थीं, लेकिन 16 मार्च से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के लाभ को सोखने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद कीमतों की समीक्षा रोक दी गई थी। इसके बाद सरकार ने छह मई को एक बार फिर उत्पाद शुल्क को पेट्रोल पर 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 13 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया।----
- बेंगलुरु। प्रख्यात वैज्ञानिक के. कस्तूरीरंगन का कहना है कि वह ऑनलाइन शिक्षा की अवधारणा के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि प्रत्यक्ष शारीरिक उपस्थिति और परस्पर मानसिक जुड़ाव महत्वपूर्ण होता है और इसी से बच्चों में चंचलता और रचनात्मकता आती है।राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2019 का मसौदा तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष आमने-सामने के संपर्क, बातचीत और विचारों के आदान-प्रदान के पारंपरिक तरीकों पर जोर देते हैं। कोरोना वायरस महामारी के बीच स्कूलों के बंद होने की वजह से ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर देश में एक बहस चल रही है।उन्होंने बताया, मूल रूप से बच्चों का शारीरिक और मानसिक संपर्क बहुत जरूरी है। चंचलता, रचनात्मकता और कई अन्य चीजें कभी भी ऑनलाइन कक्षाओं से बच्चों में नहीं आ सकती है। कस्तूरीरंगन 1994 से 2003 के बीच भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि मस्तिष्क का 86 प्रतिशत विकास आठ साल की उम्र तक हो जाता है और बच्चों के शुरुआती समय का मूल्यांकन बेहद सतर्कता से होना चाहिए और किसी भी तरह के नए तरीके अपनाने के लिए वैज्ञानिक आधार की जरूरत है।पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित हो चुके वैज्ञानिक कस्तूरीरंगन ने कहा, आठ साल की उम्र तक मस्तिष्क का विकास लगातार होता रहा है और अगर आपने बातचीत के जरिए लगातार मस्तिष्क को उभारने का कार्य नहीं किया तो प्रत्यक्ष रूप से आप अपने नौजवानों की सर्वश्रेष्ठ दिमागी शक्ति और प्रस्तुति से वंचित रहने जा रहे हैं।राज्यसभा के पूर्व सदस्य ने कहा, ये ऐसे विषय हैं जिसका मूल्यांकन बहुत ही सावधानी से किए जाने की जरूरत है। जिस तरह से हम उच्च शिक्षा में ऑनलाइन कक्षाओं की बात करते हैं, वह रास्ता बच्चों के शुरुआती चरणों पर काम करने का नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों में ऑनलाइन शिक्षा के मुद्दे पर बहुत सावधानी से सोच-विचार करने की जरूरत है और बिना किसी वैज्ञानिक आधार के कोई भी रुख नहीं अपनाया जाना चाहिए।वहीं अन्य विख्यात वैज्ञानिक प्रोफेसर सी एन आर राव ने भी बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा देने पर असहमति जाती है। उन्होंने बच्चों के दिलो-दिमाग को प्रेरित करने में मानवीय दखल के जरिए अच्छी बातचीत को अहम बताया है। राव को 2014 में भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है। जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च के मानद अध्यक्ष और लिनस पॉलिंग रिसर्च प्रोफेसर ने कहा कि केजी, पहली कक्षा और दूसरी कक्षा के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई को समाप्त करना चाहिए। उन्होंने कहा, मैं ऑनलाइन शिक्षा को लेकर उत्साहित नहीं हूं। हम बच्चों के साथ अच्छे से संपर्क कर सकें ,बातचीत कर सकें इसके लिए व्यक्ति से व्यक्ति के संपर्क की जरूरत है। इसी तरह से ही बाल मन को प्रेरित किया जा सकता है।----------
- नई दिल्ली। तेलंगाना सरकार ने कोविड-19 के कारण बोर्ड परीक्षाएं कराये बिना ही दसवीं कक्षा के सभी विद्यार्थियों को अगली कक्षा में भेजने का फैसला किया।हैदराबाद में मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। 5 लाख 34 हजार से अधिक छात्रों को अब स्कूलों द्वारा पहले से दिए गए आंतरिक मूल्यांकन अंकों के आधार पर प्राप्त ग्रेडों के अनुसार पदोन्नत किया जाएगा।उच्च न्यायालय ने सरकार को कोविड के बढ़ते मामलों के मद्देनजऱ ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम क्षेत्र को छोड़कर दसवीं कक्षा के लिए परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया था। तेलंगाना में दसवीं के आधार पर ही छात्रों को इंटरमीडिएट कक्षा के लिए वैकल्पिक विषय दिए जाते हैं। लॉकडाउन शुरू होने से पहले 11 में से तीन पेपरों के लिए परीक्षाएं पहले ही हो चुकी हैं।---
- गुवाहाटी। असम के शिक्षा मंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के दौरान प्रवेश नि:शुल्क होगा ताकि कोविड-19 के कारण लागू लॉकडाउन से प्रभावित हुए छात्रों के अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ ना पड़े। उन्होंने कहा कि कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणामों की घोषणा के एक दिन बाद सरमा ने रविवार को पत्रकारों को बताया, मेडिकल, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के छात्रों सहित उच्च माध्यमिक से स्नातकोत्तर स्तर तक के छात्रों को सभी संस्थानों में नि:शुल्क प्रवेश दिया जाएगा। संस्थानों के प्रोस्पेक्टस और प्रवेश पत्र भी ऑनलाइन निशुल्क उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग छात्रावास में रहने वाले छात्रों को मेस शुल्क के भुगतान के लिए 1,000 रुपये मासिक देगा।------
- नई दिल्ली। देश को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक खरीद में स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक वरीयता देने के लिए सरकार ने अपने खरीद नियमों में अहम बदलाव किए हैं।इससे उन कंपनियों को प्राथमिकता मिलेगी, जिनके माल और सेवाओं में ५० प्रतिशत से अधिक स्थानीय सामग्रियों का उपयोग होगा। देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की कोशिश मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाने की भी है। संशोधित सार्वजनिक खरीद (मेक इन इंडिया को वरीयता) आदेश-२०१७ में श्रेणी-१, श्रेणी-२ और गैर-स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं का वर्गीकरण पेश किया गया है।इसी के आधार पर उन्हें सरकार की ओर से माल एवं सेवाओं की खरीद में वरीयता दी जाएगी। श्रेणी-१ के स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को सभी सरकारी खरीद में वरीयता दी जाएगी, क्योंकि उनके उत्पादों में स्थानीय सामग्री ५० प्रतिशत या उससे अधिक होगी। इसके बाद श्रेणी-२ के आपूर्तिकर्ता होंगे, जिनके उत्पादों में स्थानीय सामग्री का प्रतिशत २० से अधिक लेकिन ५० प्रतिशत से कम होगा। बीस प्रतिशत से कम स्थानीय सामग्री वाले सामान या सेवाएं पेश करने वाली कंपनियों को गैर-स्थानीय आपूर्तिकता की श्रेणी में रखा गया है। ये कंपनियां सरकारी खरीद की निविदाओं में भाग नहीं ले सकेंगी। हालांकि इन्हें सरकारी खरीद की वैश्विक निविदाओं में प्रतिभाग करने की अनुमति होगी। इससे पहले सरकार ने स्थानीय आपूर्तिकर्ता के तौर पर न्यूनतम ५० प्रतिशत स्थानीय सामग्री से माल एवं सेवा देने वाली कंपनियों को ही मान्यता दी थी। स्थानीय सामग्री से सरकार का आशय है कि किसी वस्तु या सेवा के उत्पादन के लिए कितने प्रतिशत मूल्यवर्धन देश के भीतर किया गया है। इस मूल्यवर्धन में स्थानीय अप्रत्यक्ष कर का मूल्य शामिल नहीं होगा। इसी के साथ आदेश में कहा गया है कि २०० करोड़ रुपये से कम की खरीद में वैश्विक निविदा की अनुमति नहीं होगी।






















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