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मुम्बई/नयी दिल्ली। चक्रवात निसर्ग बुधवार को मुंबई के करीब तक पहुंचा, लेकिन कोविड-19 महामारी से जूझ रहे महानगर को इसने ज्यादा प्रभावित नहीं किया और शाम में यह कमजोर भी पड़ गया। हालांकि, इसके पड़ोस के रायगढ़ और पालघर जिले में तूफान के चलते पेड़ उखड़ गये। महाराष्ट्र तट पर आज दोपहर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पहुंचने के बाद यह चक्रवात शाम में कमजोर पड़ गया। देर रात तक यह और कमजोर हो जाएगा। भारत मौसम विभाग ने नयी दिल्ली में यह जानकारी दी। इस बीच, पुलिस ने बताया कि महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के उमात गांव में चक्रवात से बचने की कोशिश में अपने घर भागने के दौरान 58 वर्षीय एक व्यक्ति पर बिजली का एक ट्रांसफॉर्मर गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। ® एक अधिकारी ने बताया कि चक्रवात से संबंधित दो अलग घटनाओं में पुणे जिले में दो लोगों की मौत हो गई। भारत मौसम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चक्रवात ‘निसर्ग' बुधवार दोपहर महाराष्ट्र तट पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ पहुंचा। यह अरब सागर से आया और दोपहर करीब साढ़े बारह बजे रायगढ़ जिले में स्थित अलीबाग में इसने दस्तक देना शुरू किया। यह प्रक्रिया दोपहर ढाई बजे पूरी हुई। अधिकारी ने बताया कि चक्रवात के अगले छह घंटों में हवा के कम दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील होने की उम्मीद है और फिलहाल यह महाराष्ट्र के पुणे के ऊपर मौजूद है। गुजरात के तटीय जिलों सहित मुंबईवासियों और पड़ोसी इलाकों के लोगों ने चक्रवात का मुकाबला करने के लिये तैयारियां कर रखी थी, लेकिन प्रभावित इलाकों में नुकसान के रूप में पेड़ उखाड़े जाने तक तूफान के सीमित रहने के चलते लोगों ने राहत की सांस ली।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि मंत्रिमंडल के आज के फैसलों से ग्रामीण भारत, खासतौर पर हमारे मेहनती किसानों पर बडा अच्छा असर पडेगा। कई ट्वीट संदेशों में श्री मोदी ने कहा कि कृषि से संबंधित एक अरसे से लम्बित सुधारों से कृषि क्षेत्र में आमूल परिवर्तन हो सकेगा और कृषि उत्पादों के व्यापार और विपणन संबंधी अध्यादेश से एक भारत, एक मंडी बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस अध्यादेश में ऐसे प्रावधान है जिनसे टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ेगा और विवाद समाधान प्रणाली से विवादों के समाधान में मदद मिलेगी।प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को कीमतों और कृषि सेवाओं का आश्वासन देने वाले अधिनियम से हमारे किसानों के हितों का संरक्षण होगा और वे थोक तथा फुटकर विक्रेताओं, निर्यातकों और अन्य पक्षों के साथ अपनी मर्जी से समझौते कर सकेंगे।
- देहरादून। अल्मोडा जिले के जैविक किसान गोपाल उप्रेती ने 2.16 मीटर लंबा धनिए का जैविक पौधा उगाकर अपना नाम गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज करा लिया है। उन्होंने गिनीज बुक के पिछले रिकार्ड 1.8 मीटर लंबे धनिए को चुनौती दी थी।उप्रेती ने बताया कि जैविक धनिए की फसल उन्होंने रानीखेत के बिल्लेख क्षेत्र में बिना पॉलीहाउस के उगाई। अल्मोडा के मुख्य उद्यान अधिकारी टीएन पांडे तथा उत्तराखंड आर्गेनिक बोर्ड के रानीखेत के इंचार्ज डा देवेंद्र नेगी द्वारा भी पौधों की लंबाई रिकार्ड की गयी। उप्रेती ने बताया कि उनके खेत में सेब, आडू, खुमानी, प्लम के साथ ही तरह—तरह की सब्जियां भी उगायी जाती हैं। उन्होंने इस साल अप्रैल माह में गिनीज बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड के पिछले रिकार्ड को चुनौती दी थी।अल्मोडा के मुख्य उद्यान अधिकारी पांडे ने बताया कि गोपाल उप्रेती ने अपनी मेहनत से यह सफलता पायी है जो अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी।----
- मुंबई। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में चक्रवात निसर्ग के कारण चल रही तेज हवाओं की वजह से आज बिजली का एक ट्रांसफार्मर, 58 साल के शख्स पर गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना दोपहर करीब डेढ़ बजे रेवदंडा के पास उमते गांव की है। मृतक की पहचान दशरथ बाबू वाघमारे के तौर पर हुई है। वह भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण अपने घर की ओर तेज गति से जा रहा था। अधिकारी ने बताया कि इस दौरान बिजली का ट्रांसफार्मर उखड़ कर उस पर गिर गया और डॉक्टरों के देखने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य संवर्धन और सुविधा अध्यादेश-2020 को मंजूरी दे दी है। इस अध्यादेश से ऐसा माहौल बनाने में मदद मिलेगी जिसमें किसान और व्यापारी अपनी पसंद की कृषि उपज खरीद और बेच सकेंगे।इस अध्यादेश का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि उपज मंडी समिति से बाहर व्यापार के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें अतिरिक्त स्पर्धा के कारण लाभदायक मूल्य मिल सके। यह मौजूदा न्यूनतम समर्थन मूल्य खरीद प्रणाली के पूरक के तौर पर काम करेगा, जो किसानों को स्थायी आय उपलब्ध करा रही है। इस अध्यादेश से एक भारत एक कृषि मंडी के लिए रास्ता साफ होगा।मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने संवाददाताओं से कहा कि यह अध्यादेश राज्य कृषि उपज विपणन कानूनों के तहत मंडियों के दायरे से बाहर राज्य में और राज्यों के बीच बाधारहित व्यापार और वाणिज्य को प्रोत्साहन देगा। श्री तोमर ने कहा कि यह अध्यादेश व्यापक रूप से विनियमित कृषि बाजारों को खोलने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।श्री तोमर ने कहा कि यह अध्यादेश किसानों के लिए ज्यादा विकल्प उपलब्ध कराने में मदद करेगा, किसानों की विपणन लागत घटायेगा और उन्हें बेहतर मूल्य हासिल करने में सहायता करेगा। उन्होंने कहा कि इसके तहत किसानों से उनकी उपज की बिक्री के लिए कोई उपकर या शुल्क नहीं वसूला जायेगा। किसानों के लिए विवाद समाधान की अलग व्यवस्था भी की जायेगी।
- नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आवश्यक वस्तु अधिनियम में ऐतिहासिक संशोधन को मंजूरी दी है। कृषि में बदलाव और किसानों की आय बढ़़ाने की दिशा में यह एक दूरदर्शी कदम है।सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन कर अनाज, दालों, तिलहन, खाद्य तेलों और प्याज और आलू को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस फैसले से किसानों को फसल की बेहतर कीमत मिल सकेगी और निजी निवेशकों की, अनावश्यक नियामक हस्तक्षेप की आशंका दूर होगी।श्री जावडेकर ने कहा कि भारत में अधिकतर कृषि वस्तुओं का आवश्यकता से अधिक उत्पादन होता है और किसानों को शीत भंडारण, प्रसंस्करण और निर्यात में निवेश का अभाव होने के कारण अपने उत्पादों की बेहतर कीमत नही मिल पातीं क्योंकि आवश्यक वस्तु अधिनियम के कारण उद्यमशीलता निरूत्साहित होती है।श्री जावडेकर ने बताया कि मंत्रिमंडल ने देश में निवेश आकर्षित करने के लिए मंत्रालयों और विभागों में परियोजना विकास सैल तथा सचिवों का अधिकार प्राप्त दल बनाने को भी मंजूरी दे दी है। इस नई व्यवस्था से 2024-25 तक भारत को पचास खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इससे भारत अधिक निवेश हितैषी बनेगा और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। श्री जावडेकर ने कहा कि इससे निवेश और संबंधित प्रोत्साहन नीतियों में केंद्र तथा राज्य सरकारों और मंत्रालयों तथा विभागों के बीच बेहतर तालमेल हो सकेगा।आयुष मंत्रालय के तहत सहायक कार्यालय के रूप में, भारतीय औषध और होम्योपैथी के लिए फार्माकोपिया आयोग की पुर्नस्थापना को भी स्वीकृति दे दी गई है। श्री जावडेकर ने बताया कि इस आयोग की स्थापना दो केंद्रीय प्रयोगशालाओं-फार्माकोपिया लेबोरेटरी फॉर इंडियन मेडिसिन और होम्योपैथिक फार्माकोपिया लेबोरेटरी का विलय कर की जाएगी।कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम बदलकर कोलकाता श्यामाप्रसाद मुखर्जी पोर्ट करने का भी फैसला किया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग के लिए भूटान सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर को भी मंजूरी दे दी है।---
- - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश ओडि़शा, राजस्थान गुजरात में किए गया अध्ययननई दिल्ली। यूनिसेफ द्वारा पांच राज्यों में कराये गये एक नये अध्ययन में भारतीय परिवारों में अनुशासन सिखाने के प्रयास के तहत कम से कम 30 प्रकार के शारीरिक एवं मौखिक उत्पीडऩ सामने आये।पैरेंटिंग मैटर्स- एक्जामिनिंग पैरेंटिंग एप्रोचेज एंड प्रैक्टिसेज नामक यह अध्ययन मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के दो-दो जिलों, राजस्थान के तीन और महाराष्ट्र के चार जिलों में किया गया। इस अध्ययन में परिवारों में बच्चों के विरूद्ध हिंसा के विभिन्न रूपों का जिक्र किया गया हैं । शारीरिक हिंसा में जलाना, चिकोटी काटना, थप्पड़ मारना, छड़ी, बेल्ट, छड़ आदि से पीटना शामिल है जबकि मौखिक हिंसा के तहत दोषारोपण, आलोचना करना, चिल्लाना, भद्दी भाषा का इस्तेमाल करना आदि आते हैं। इसके अलावा बच्चे माता-पिता में से एक के द्वारा दूसरे के प्रति, भाई-बहनों या परिवार के बाहर शारीरिक हिंसा देखते हैं। उन्हें बाहर जाने से रोकना, भोजन नहीं देना, भेदभाव करना, मन में भय पैदा करना जैसे भावनात्मक उत्पीडऩ से भी गुजरना पड़ता है।अध्ययन में कहा गया है, अनुशासन का पाठ पढ़ाने के प्रयास के तहत कम से कम 30 प्रकार के शारीरिक एवं मौखिक उत्पीडऩ सामने आये। परिवारों में, स्कूलों में तथा सामुदायिक स्तर पर बच्चों, लड़के और लड़कियां दोनों को ही अनुशासन सिखाने के लिए दंडित करना व्यापक रूप से स्वीकार्य चलन है। अध्ययन के अनुसार लड़कियों और लड़कों की परवरिश भी बहुत कम उम्र से ही अलग-अलग तरीके से की जाती है तथा घरेलू कामकाज का बोझ एवं रोजमर्रा की बंदिशें पिता बेटियों पर लगाते हैं। अध्ययन में कहा गया है, बच्चों की मुख्य तौर पर देखभाल करने वाली मां होती हैं जबकि पिता इन चीजों में कम शामिल होते हैं। पुरुष बस बच्चों को बाहर ले जाते हैं, मां ही बच्चों को कहानियां और लोरियां/गाने सुनाकर घर के अंदर उनमें प्रेरणा भरती हैं।--
- नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि जून के महीने में कोविड-19 महामारी की स्थिति का आकलन करने के बाद सिनेमाघरों को खोलने पर विचार किया जाएगा।केंद्रीय मंत्री ने मंगलवार को फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, सिनेमा प्रदर्शकों और फिल्म उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में यह बात कही। श्री जावड़ेकर द्वारा यह बैठक कोविड-19 के कारण इस उद्योग को हो रही समस्याओं पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी, जिनके बारे में इन पक्षों की ओर से उन्हें अभिवेदन भेजे गए थे।श्री जावड़ेकर ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए इस तथ्य की सराहना की कि भारत में 9,500 से अधिक स्क्रीन केवल सिनेमा हॉलों के टिकटों की बिक्री के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 30 करोड़ रुपये की राशि का सृजन करती हैं। उद्योग की ओर से की गई विशिष्ट मांगों पर चर्चा करते हुए श्री जावड़ेकर ने कहा कि इस उद्योग की ओर से जिस राहत की मांग की गई है, वह वेतन सब्सिडी, तीन साल के लिए ब्याज मुक्त ऋण, करों और शुल्कों पर छूट, बिजली पर न्यूनतम मांग शुल्क और औद्योगिक दरों पर बिजली से छूट आदि जैसी वित्तीय राहत किस्म की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि आवश्यक कार्रवाई के लिए इन मुद्दों को संबंधित मंत्रालयों के समक्ष उठाया जाएगा।निर्माण संबंधी गतिविधियों को फिर से शुरू करने के मामले पर श्री जावड़ेकर ने कहा कि सरकार द्वारा मानक संचालन प्रक्रियाएं जारी की जा रही हैं। सिनेमा हॉल खोलने की मांग के संबंध में मंत्री ने प्रतिनिधियों को बताया कि जून में कोविड-19 महामारी की स्थिति को देखने के बाद इसकी पड़ताल की जाएगी।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति महामहिम डोनाल्ड ट्रम्प के साथ टेलीफोन पर बातचीत की।राष्ट्रपति श्री ट्रम्प ने समूह-7 (जी-7) के अमेरिकी अध्यक्ष पद के बारे में बात की और भारत सहित अन्य महत्वपूर्ण देशों को शामिल करने के लिए मौजूदा सदस्यता से आगे जाकर समूह के दायरे का विस्तार करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। इस संदर्भ में, उन्होंने यूएसए में आयोजित होने वाले अगले जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी को आमंत्रित किया।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रचनात्मक और दूरदर्शी दृष्टिकोण के लिए राष्ट्रपति श्री ट्रम्प की सराहना की और कहा कि इस तरह का विस्तारित मंच, कोविड के बाद की दुनिया की उभरती वास्तविकताओं के अनुरूप होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित शिखर सम्मेलन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका और अन्य देशों के साथ काम करना, भारत के लिए खुशी की बात होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अमेरिका में चल रही सामाजिक अशांति के बारे में चिंता व्यक्त की और स्थिति के शीघ्र समाधान के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। दोनों राजनेताओं ने अन्य सामयिक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जैसे दोनों देशों में कोविड -19 की स्थिति, भारत-चीन सीमा पर स्थिति और विश्व स्वास्थ्य संगठन में सुधार की आवश्यकता आदि।राष्ट्रपति श्री ट्रम्प ने इस साल फरवरी में अपनी भारत यात्रा को उत्साह के साथ याद किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि यह यात्रा कई मायनों में यादगार और ऐतिहासिक रही है, और इसने द्विपक्षीय संबंधों को नयी मजबूती दी है। बातचीत में असाधारण गर्मजोशी और स्पष्टता ने भारत-अमेरिकी संबंधों की विशेष प्रकृति को तथा दोनों राजनेताओं के बीच मित्रता और पारस्परिक सम्मान को दर्शाया।----
- नई दिल्ली। फ्रांस ने कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद भारत को राफाल विमानों की समय से आपूर्ति करने की प्रतिबद्धता फिर दोहराई है।फ्रांस की सशस्त्र बल मंत्री सुश्री फ्लोरेंस पार्ली ने मंगलवार को फोन पर बातचीत के दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को यह आश्वासन दिया। दोनों नेताओं ने कोविड-19 की स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा की। भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग मजबूत करने पर भी सहमति बनी। दोनों मंत्रियों ने कोविड-19 महामारी से लड़ाई में भारत और फ्रांस के सशस्त्र बलों के प्रयासों की सराहना की।रक्षा मंत्री ने 2020 से 2022 तक हिंद महासागर क्षेत्र के तटीय देशों के फोरम इंडियन ओशन नावेल सिमपोजियम -आईओएनएस की फ्रांस की अध्यक्षता का स्वागत किया। दोनों मंत्रियों ने हिंद महासागर क्षेत्र के बारे में 2018 के भारत-फ्रांस संयुक्त रणनीतिक विजन को साकार करने के लिए काम करने पर सहमति प्रकट की।
- नई दिल्ली। केंद्र ने नकोदर से अमृतसर शहर को जोडऩे के लिए नए ग्रीनफील्ड कॉरीडोर के विकास की घोषणा की है। यह दिल्ली-अमृतसर एक्सप्रेस-वे का हिस्सा होगा और सुलतानपुर लोधी, गोइंदवाल साहिब और खडूर साहिब होकर गुजरेगा।सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अमृतसर से गुरदासपुर तक की सड़क को भी पूरी तरह सिग्नल फ्री किया जाएगा। इसके साथ ही नकोदर से अमृतसर या करतारपुर के रास्ते गुरदासपुर जाने का विकल्प उपलब्ध हो जाएगा। यह ग्रीनफील्ड गलियारा अमृतसर के लिए न सिर्फ सबसे छोटा और वैकल्पिक एक्सप्रेस-वे होगा, बल्कि सुलतानपुर लोधी, गोइंदवाल साहिब, खडूर साहिब जैसे अन्य धार्मिक केंद्रों को भी जोड़ेगा। इससे हाल ही में विकसित किए गए डेराबाबा नानक और करतारपुर साहिब अंतर्राष्ट्रीय राजमार्ग को भी जोड़ा जाएगा।यह परियोजना पूरी होने पर अमृतसर से दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचने में सिर्फ चार घंटे लगेंगे। इस एक्सप्रेस-वे के पहले चरण में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।----
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज जोर देकर कहा कि कोरोना महामारी ने देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार को धीमा भले ही किया हो, लेकिन भारत विकास की राह पर फिर से वापस लौट आयेगा। श्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत प्रयोजन, समायोजन, अवसंरचना, निवेश और नवप्रवर्तन के जरिये विकास की राह पर आगे बढ़ेगा और आत्मनिर्भरता का लक्ष्य हासिल करेगा। भारतीय उद्योग परिसंघ--सी आई आई के 125वें स्थापना दिवस समारोह को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सम्बोधित करते हुए उन्होंने विकास की राह पर लौटने को लेकर अपने विचार साझा किये।लॉकडाउन के पहले चरण के बाद से औदयोगिक संगठनों के सदस्यों के समक्ष अपने पहले महत्वपूर्ण भाषण में प्रधानमंत्री ने लोगों की जीवन रक्षा और देश की अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने कहा कि भारत अनलॉक होने के पहले चरण में प्रवेश कर गया है और आर्थिक गतिविधियों के काफी बड़े हिस्से को खोल दिया गया है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 74 करोड़ लाभार्थियों को अनाज उपलब्ध कराया गया।श्री मोदी ने कहा कि 8 करोड़ रसोई गैस सिलेन्डर बांटे गये और 50 लाख कर्मचारियों का कर्मचारी भविष्य निधि का 24 प्रतिशत अंशदान सरकार ने उपलब्ध कराया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने आयकर के संबंध में कई सुधार किये हैं। कोयला ब्लॉक संबंधी वाणिज्यिक गतिविधियों में भी नीतिगत सुधार हुए हैं। इसके अलावा खनन, अंतरिक्ष और परमाणु अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में जो सुधार किये जा रहे हैं उनकी बड़े लम्बे समय से प्रतीक्षा थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के अधिकारों और उनकी स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए जो उपाय किये हैं उनकी कई दशक से प्रतीक्षा थी। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह की इकाइयां देश के सकल घरेलू उत्पाद में 30 प्रतिशत का योगदान करती हैं और इनका देश की आर्थिक स्थिति पर जबर्दस्त असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयां बिना किसी बाधा के विकास करती रहें, इसके लिए सरकार ने इन इकाइयों की परिभाषा में चिर-प्रतीक्षित बदलाव किये हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के आज के दौर में भारत से दुनिया की अपेक्षाएं काफी बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि विश्व के देश भरोसेमंद और विश्वस्त साझेदारों की तलाश कर रहे हैं और भारत में इसकी क्षमता, शक्ति और योग्यता है। उन्होंने मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वल्र्ड का आह्वान करते हुए देश को आत्मनिर्भर बनाने पर बल दिया।प्रधानमंत्री ने ऐसी वस्तुओं के आयात में कटौती का आग्रह किया जिनका देश में आसानी से उत्पादन किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार को कोरोना महामारी से निपटने के लिए कठोर कदम उठाने पड़े हैं। लेकिन इसके साथ ही देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी प्रयास किये गये हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योगों के नये प्रयासों से देश में तीन महीने के संक्षिप्त अंतराल में निजी सुरक्षा उपकरण- पी पी ई के बड़े पैमाने पर उत्पादन में मदद मिली है। श्री मोदी ने उद्योगों को भरोसा दिलाया कि आत्मनिर्भर भारत की साझा परिकल्पना को पूरा करने के लिए सरकार उन्हें पूरी मदद देगी।
- नई दिल्ली। किसानों के लिए अच्छी खबर है कि देश में इस वर्ष मॉनसून सामान्य रहेगा। जुलाई से सितम्बर के दौरान दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वर्षा के बारे में दूसरे दीर्घावधि अनुमान के बारे में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में सचिव डॉक्टर एम राजीवन ने कहा कि अच्छे मॉनसून के लिए स्थिति ज्यादा अनुकूल हो रही है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के मद्देनजर जून से सितम्बर के बीच देश में दीर्घावधि औसत की 102 प्रतिशत वर्षा होगी। इसका मतलब यह है कि देश में इस दौरान 88 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जाएगी। डॉक्टर राजीवन ने कहा कि देश में मॉनसून की वर्षा का वितरण भी अच्छा रहने का अनुमान है।डॉक्टर राजीवन ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में दीर्घावधि औसत की 107 प्रतिशत, मध्य भारत में 103, दक्षिणी प्रायद्वीप में 102 और उत्?तर-पूर्व भारत में 96 प्रतिशत वर्षा होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि जुलाई में अच्छी वर्षा होगी, जो कृषि के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अगस्त में भी अच्छी वर्षा होने का अनुमान है, लेकिन यह सामान्य मॉनसून से कुछ कम रहेगी। डॉक्टर राजीवन ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल पहुंच गया है और यह पूरे राज्य में सक्रिय हो गया है।
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नई दिल्ली।. निर्वाचन आयोग (ईसी) ने ऐलान किया कि 10 प्रदेशों में राज्यसभा की 24 सीटों के लिए 19 जून को चुनाव कराए जाएंगे। इनमें से 18 सीटें वो हैं जिनके लिए चुनाव कोरोना वायरस महामारी के कारण स्थगित कर दिए गए थे।
इन 18 सीटों में से चार-चार सीटें आंध्र प्रदेश और गुजरात से हैं। इसके अलावा झारखंड की दो सीटें हैं जबकि मध्य प्रदेश और राजस्थान से तीन-तीन सीटें हैं। मणिपुर और मेघालय की एक-एक सीट के लिए भी चुनाव होंगे। इसके साथ आयोग ने यह भी कहा कि 19 जून को कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में कुल छह राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कराए जाएंगे। कर्नाटक में चार और अरुणाचल प्रदेश एवं मिजोरम में एक-एक सीट के लिए चुनाव होगा।कर्नाटक से जिन चार सदस्यों का कार्यकाल 25 जून को खत्म हो रहा है उनमें जनता दल (सेक्युलर) के कुपेंद्र रेड्डी, भाजपा के प्रभात कोरे और कांग्रेस के एमवी राजीव गौड़ा एवं बीके हरिप्रसाद शामिल हैं। आयोग के मुताबिक, इन सभी 24 सीटों पर मतों की गिनती 19 जून शाम को होगी।गत मार्च महीने में 18 सीटों के लिए चुनावों के स्थगन की घोषणा करते हुए आयोग ने स्पष्ट किया था कि इन सीटों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने समेत पूरी हुई सभी प्रक्रियाएं वैध रहेंगी। निर्वाचन आयोग ने कोरोना वायरस के खतरे का हवाला देते हुए चुनाव स्थगित कर दिया था और कहा था कि इन सीटों के लिए चुनाव पर फैसला हालात की समीक्षा के बाद किया जाएगा। छह राज्यों से 17 सदस्यों का कार्यकाल नौ अप्रैल को पूरा हुआ, जबकि मेघालय से एक सदस्य का कार्यकाल 12 अप्रैल को पूरा हुआ था। संसद के ऊपरी सदन की 55 सीटों के लिए मूलत: 26 मार्च को चुनाव होना था, हालांकि 37 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए थे। आयोग के बयान के मुताबिक, उसने गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देशों सहित सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद चुनाव कराने का निर्णय लिया। उसने यह फैसला भी किया कि राज्य के मुख्य सचिव एक वरिष्ठ अधिकारी की तैनाती करेंगे जो यह सुनिश्चित करेगा कि चुनाव कराने के लिए इंतजाम किए जाते समय कोविड-19 से संबंधित निर्देशों का पालन हो। आयोग ने संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव के लिये पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।इससे पहले, निर्वाचन सदन में करीब तीन महीने बाद सोमवार को पहली बार पूर्ण निर्वाचन आयोग की बैठक हुई। इसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्त शामिल थे। आयोग वीडियो लिंक के माध्यम से बैठकों का आयोजन कर रहा था, क्योंकि मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा मार्च के शुरुआत में अमेरिका की यात्रा पर गए थे और लॉकडाउन की वजह से वहीं फंस गए थे। अरोड़ा हाल में भारत लौटे हैं और सोमवार को दफ्तर आने से पहले अनिवार्य पृथक-वास में गए थे। पिछले दिनों वीडियो लिंक से बैठक के जरिए महाराष्ट्र में विधान परिषद के चुनाव की इजाजत देने का अहम फैसला किया गया था, जिससे उद्धव ठाकरे के लिए मुख्यमंत्री बनने के छह महीने के अंदर राज्य विधानमंडल का सदस्य बनने का रास्ता साफ हो गया था।-- - रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार ने चार लॉकडाउन के बाद अब देश की जनता और राज्य सरकारों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है जिसका परिणाम आने वाले समय में ही पता चलेगा।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में पांचवें लॉकडाउन अथवा अनलॉक-1 में झारखंड में दी जाने वाली रियायतों के बारे में यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह आरोप लगाये। हेमंत सोरेन ने दो टूक आरोप लगाया, केन्द्र ने चार लॉकडाउन के बाद अब देश की जनता और राज्य सरकारों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। अब आने वाले समय में ही पता चलेगा कि देश की क्या स्थिति होगी? उन्होंने कहा, समय समय पर केन्द्र सरकार तमाम दिशा-निर्देश जारी कर रही है। हम केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशों पर लगातार नजर रखे हुए हैं।- सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार ने भी तमाम नयी छूट लोगों को अपने व्यवसाय तथा धंधे के लिए दिये हैं लेकिन लॉकडाउन के नियमों के पालन की स्थिति को देखते हुए इन पर पुनर्विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा राज्य में लगातार कभी 60, कभी 70 कभी 50 नये कोरोना वायरस संक्रमित मिल रहे हैं। अगर कहीं वह बाहर निकल कर घूमने लगे तो क्या होगा? उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में जो भी नयी छूट दी गयी है वह समाज के अनेक वर्गों की परेशानियों और तनाव को देखते हुए भी दी गयी है। लेकिन यदि संक्रमण इसी प्रकार बढ़ता रहा तो इन छूटों पर पुनर्विचार भी किया जा सकता है।
- नई दिल्ली।. कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा फसलों के लिए नये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा करने के बाद किसानों की आशाएं धाराशायी हो गई हैं।पार्टी ने सोमवार को कहा कि अगर सरकार का रवैया ऐसा ही रहा तो किसानों की आय दोगुना करने का वादा एक और जुमला साबित होगा । कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि लॉकडाउन, टिड्डी दल के हमले और प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को अभूतपूर्व संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, किसान जिन राहत की उम्मीद कर रहे थे, उन्हें आज सरकार ने धाराशायी कर दिया। उन्होंने लिखा, लाभ के बारे में भूल जाइए, इन खरीफ एमएसपी में तथाकथित बढ़ोतरी से किसानों के नुकसान और कर्ज की भी भरपाई नहीं होगी। श्री पटेल ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, किसानों के प्रति अगर सरकार का यही रवैया रहा तो 2022 तक उनकी आय दोगुनी करने का वादा एक और जुमला साबित होगा। कांग्रेस के एक अन्य नेता जयराम रमेश ने कहा कि पहले तो प्रधानमंत्री कहते हैं कि पैकेज की घोषणा वित्त मंत्री करेंगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया, फिर वित्त मंत्री पैकेज की घोषणा करती हैं। फिर गडकरी बताते हैं कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री ने क्या कहा है। यह अधिकतम हेडलाइन, अधिकतम डेडलाइन है।
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि यानी पीएम स्वनिधि योजना शुरू की जिसके अंतर्गत रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को विशेष सूक्ष्म ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना का उद्देश्य गली-मोहल्ले में फेरी लगाकर और रेहड़ी-पटरी पर कारोबार करने वालों विक्रेताओं को कोविड-19 की वजह से बंद हुए अपने कारोबार को फिर से चालू करने में मदद मिलेगी। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन द्वारा पिछले महीने की गई घोषणा के तहत इस योजना का शुभारम्भ किया। रेहडी-पटरी पर कारोबार करने वाले ये विक्रेता लोगों के घरों तक सामान और सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इस योजना से शहरी इलाकों के ऐसे 50 लाख से अधिक कारोबारियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है जो इस साल 24 मार्च से पहले यही कार्य करते थे। इस योजना की अवधि मार्च-2022 तक की है। पहली बार अद्र्धशहरी या ग्रामीण इलाकों के स्ट्रीट वेंडर्स को शहरी आजीविका कार्यक्रम के अंतर्गत लाया गया है।इस तरह के कारोबारी दस हजार रूपये तक का कार्यशील पूंजी-ऋण ले सकते हैं जिसे एक साल के भीतर किस्तों में चुकता करना होगा। कर्ज का समय पर या उससे पहले भुगतान करने पर सात प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज सब्सिडी दी जाएगी जिसे प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना के तहत छमाही आधार पर कर्ज लेने के वाले के बैंक खाते में जमा करा दिया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि अगर कर्जदार, किस्तों का भुगतान समय पर या समय से पहले करता है तो मंत्रालय उनका विश्वसनीयता सूचकांक तैयार करेगा जिसके आधार पर वह 20 हजार रूपये या उससे अधिक का सावधि ऋण हासिल करने के लिए पात्र होगा। इस योजना को लागू करने में शहरी स्थानीय निकायों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस तरह के ऋण अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्तीय बैंकों, सहकारी बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, सूक्ष्म वित्त संस्थाओं और स्वयं-सहायता समूह बैंकों द्वारा प्रदान किये जाएंगे।योजना को पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए वेबपोर्टल से युक्त डिजिटल प्लेटफार्म बनाया गया है जिस पर नियंत्रण के लिए एक मोबाइल एप भी बनाया जा रहा है। सूचना टेक्नोलॉजी पर आधारित इस प्लेटफार्म से रेहडी-पटरी और फेरी लगाने वाले कारोबारियों को औपचारिक वित्?तीय प्रणाली से जोडा जा सकेगा।
- नई दिल्ली। नई दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की सीमाएं फिलहाल एक सप्ताह तक बंद रहेंगी और साथ ही उन्होंने इनको खोलने के लिए सुझाव भी मांगे।केजरीवाल ने ऑनलाइन एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आवश्यक सेवाओं में काम कर रहे लोग जिनके पास पास होगा, उन्हें आने-जाने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्लीवासी उत्तर प्रदेश और हरियाणा से लगी सीमाओं को खोलने के लिए 8800007722 व्हाट्सएप नंबर पर सुझाव भेज सकते हैं और 1031 पर फोन कर सकते हैं। वहीं इस संबंध में सुझाव भेजने के लिए एक वेबसाइट भी जारी की गई है।उत्तर प्रदेश में गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने रविवार को कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी से लोगों के आने-जाने के लिए नोएडा-दिल्ली की सीमा सील रहेगी। प्रशासन ने कहा था कि पिछले 20 दिनों में कोविड-19 के जितने मामले मिले हैं, उन मामलों में से 42 प्रतिशत में संक्रमण का स्रोत दिल्ली को पाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग कहेंगे कि अगर दूसरे राज्यों के लोगों को शहर में प्रवेश करने की अनुमति दी जाती है, तो वे कोविड-19 संकट के मद्देनजर बड़ी संख्या में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाएंगे और इससे दिल्लीवासी उनका उपयोग नहीं कर पाएंगे।केजरीवाल ने आश्वासन दिया कि शहर में कोविड-19 के लिए इलाज के लिए अस्पतालों में बिस्तरों की कमी नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार केन्द्र द्वारा दी गई सभी रियायतों देगी। उन्होंने कहा, हज्जाम की दुकानों, सैलून को खोलने की अनुमति है लेकिन स्पा फिलहाल बंद रहेंगे। सभी दुकानों को खुलने की अनुमति दी जाएगी और उनके कामकाज पर कोई पाबंदी नहीं होगी।केजरीवाल ने कहा कि चार-पहिया और दो-पहिया वाहनों में सवार होने वाले लोगों की संख्या को लेकर भी अब कोई प्रतिबंध नहीं है।--
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत जैसे देश में पर्याप्त मेडिकल ढांचे और मेडिकल शिक्षा की आवश्यकता है। बेंगलूरू स्थित राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के रजत जयंती समारोह का आज वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों के दौरान सरकार ने स्वास्थ्य और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 22 और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों की तेजी से स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान एमबीबीएस की तीस हजार और मेडिकल स्नातकोत्तर की 15 हजार सीटें बढ़ाई गई हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य देखभाल योजना- आयुष्मान भारत के तहत दो वर्ष से भी कम समय में एक करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और महिलाओं को इससे सबसे ज्यादा लाभ मिला है। प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में टेली मेडिसिन, मेक इन इंडिया और सूचना प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना का मुकाबला करने में स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना योद्धा के रूप में कार्य किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉक्टर और चिकित्साकर्मी बिना वर्दी वाले सैनिक हैं।श्री मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस हमारा अदृश्य शत्रु हो सकता है, लेकिन वह हमारे स्वास्थ्य कर्मियों को पराजित नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि अदृश्य और अपराजित के बीच य़ुद्ध में हमारे स्वास्थ्य कर्मियों की विजय निश्चित है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया डॉक्टरों, नर्सों, अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तरफ आशा और कृतज्ञता के साथ देख रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना के साथ युद्ध में आगे रहने वाले लोगों के साथ हिंसा या दुवर््यवहार कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य कर्मियों और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े लोगों का आह्वान किया है कि वे निवारक और वहन करने योग्य स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़े संकट का सामना कर रही है और इसमें स्वास्थ्य कर्मियों और कोरोना योद्धाओं की भूमिका सराहनीय है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश भर में चालीस हजार स्वास्थ्य केन्द्र लाइफ स्टाइल से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम में लगे हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 12 करोड़ लोगों ने आरोग्य सेतु एप डाउनलोड किया है। कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए तैयार किये गये ढांचे का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना योद्धाओं के लिए एक करोड़ पीपीई किट तैयार किये गये। राज्यों को एक करोड़ बीस लाख मास्कों की आपूर्ति की गई। उन्होंने कोरोना संकट से निपटने में कर्नाटक सरकार की भूमिका की सराहना की।
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नई दिल्ली। दो महीने की चिलचिलाती गर्मी के बाद देश को अब राहत मिलने के आसार हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया है कि मानसून ने भारत में दस्तक दे दी है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल में दस्तक देने के साथ ही चार महीने का लंबा बारिश वाला मौसम शुरू हो गया। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है। केरल के ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश हो रही है, जिसकी वजह से तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक तिरुवनंतपुरम में दिन का तापमान 25 डिग्री तक चला गया है। केरल के दक्षिण तटीय इलाकों और लक्षद्वीप में बीते चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है।
केरल के 9 जिलों में येलो अलर्ट
इधर, केरल में भारी बारिश के बीच भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राज्य के 9 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने केरल के तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, मलप्पुरम और कन्नूर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
सामान्य रहेगा मानसून
मौसम विभाग ने अप्रैल में कहा था कि इस बार मानसून औसत ही रहने वाला है। विभाग के मुताबिक, 96 से 100% बारिश को सामान्य मानसून माना जाता है। पिछले साल यह आठ दिन की देरी से 8 जून को केरल के समुद्र तट से टकराया था। भारत में जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून से बारिश होती है। - नई दिल्ली। दक्षिण पूर्व और इससे लगे पूर्वी मध्य अरब सागर तथा लक्षद्वीप इलाके पर कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। भारतीय मौसम विभाग से अमरावती केंद्र के निदेशक एस. स्टेला ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान इसके पूर्व मध्य और आसपास के दक्षिण पूर्व अरब सागर पर दबाव का क्षेत्र बन सकता है। अगले 24 घंटे के दौरान इसके तेज होकर चक्रवर्ती तूफान में बदलने की संभावना है।यह बुधवार तक उत्तर की ओर बढ़ सकता है और उत्तर महाराष्ट्र तथा गुजरात तट पर पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से कल केरल में दक्षिण पश्चिम मानसून की शुरूआत की स्थिति बन सकती है। अगले दो दिन के दौरान तटीय आंध्रप्रदेश, यनम और रायलसीमा में छिटपुट वर्षा होने का अनुमान है।भारी वर्षा की चेतावनीलक्षद्वीप क्षेत्र, केरल और तटीय कर्नाटक के कुछ स्थानों पर 1 जून को भारी से बहुत भारी वर्षा तथा अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की सम्भावना है। 2 जून को कोंकण और गोवा में और 3 जून को दक्षिण कोंकण और गोवा में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा एवं अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 3 से 4 जून को उत्तरी कोंकण और उत्तर मध्य महाराष्ट्र में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा और अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की सम्भावना है।3 जून को दक्षिण गुजरात राज्य, दमन, दीव, दादरा और नागर हवेली में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा एवं अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की बहुत संभावना है। 4 जून को दक्षिण गुजरात राज्य, दमन, दीव, दादरा और नगर हवेली में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा एवं अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है।समुद्र की स्थितिअगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पूर्व और आसपास के पूर्व-मध्य अरब सागर तथा लक्षद्वीप क्षेत्र में समुद्र की स्थिति खराब से लेकर बहुत खराब रहने की संभावना है। 2 जून से पूर्व-मध्य और दक्षिण पूर्व अरब सागर के साथ-साथ कर्नाटक-दक्षिण महाराष्ट्र तटों के पास समुद्र की स्थिति बहुत खराब रहेगी एवं समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है। 3 जून से पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व अरब सागर तथा महाराष्ट्र और गुजरात तटों के पास समुद्र में ऊंची से बहुत ऊंची लहरें उठने की संभावना है।अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण ओमान-यमन के तटों के साथ लगे पश्चिम-मध्य अरब सागर में समुद्र की स्थिति खराब से लेकर बहुत खराब रहने की संभावना है।मछुआरों के लिए चेतावनीमछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 2 जून तक दक्षिण-पूर्व अरब सागर में, लक्षद्वीप क्षेत्र और केरल तट के समुद्र में न जाएँ; 3 जून तक पूर्व-मध्य अरब सागर में और कर्नाटक तट के समुद्र में न जाएँ; 3 जून - 4 जून के दौरान महाराष्ट्र तट के पूर्व-मध्य अरब सागर में और गुजरात तट के उत्तर-पूर्व अरब सागर में न जाएँ। समुद्र में गए मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे आज, 31 मई तक तटों पर लौट आएं।मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे अगले 24 घंटे के दौरान दक्षिण ओमान -यमन के तटों के साथ लगे पश्चिम-मध्य अरब सागर में न जाएं।इस बीच, अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण अरब सागर, मालदीव-कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढऩे के लिए परिस्थितियांँ अनुकूल हो रही हैं। केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के लिए 1 जून से परिस्थितियां अनुकूल होने की प्रबल संभावना है।
- नई दिल्ली। कल से देशभर में 200 विशेष रेलगाडिय़ां चलाई जाएंगी। ये रेल सेवा श्रमिक स्पेशलों और 30 वातानुकूलित विशेष रेलगाडिय़ों के अतिरिक्त होंगी। इन रेलगाडिय़ों में वातानुकूलित और सामान्य श्रेणी दोनों के लिए आरक्षित टिकट उपलब्ध होंगे। सामान्य डिब्बों में भी बैठने वाली सीटें आरक्षित होंगी। रेलगाड़ी में बिना आरक्षित टिकट के किसी भी कोच में यात्रा नहीं की जा सकेगी।रेल मंत्रालय ने कहा है कि कल से इन रेलगाडिय़ों में 1 लाख 45 हजार से अधिक यात्रियों के सफर करने की संभावना है। करीब 26 लाख यात्री 1 जून से 30 जून तक के लिए पहले ही टिकट बुक करा चुके हैं। रेल यात्रा के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार यात्रियों को यात्रा शुरू करने से 90 मिनट पहले स्टेशन पहुंचना होगा ताकि उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की जा सके। सभी यात्रियों की स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग होगी और इसके बाद केवल वे यात्री ही रेलगाड़ी पर चढ़ सकेंगे जिनमें संक्रमण का कोई लक्षण नहीं पाया जाएगा।रेलवे स्टेशन में उन यात्रियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी जिनके पास कन्फर्म और आरएसी टिकट होगा। सभी यात्रियों के लिए रेलगाड़ी पर चढ़ते समय और यात्रा के दौरान मुंह पर मास्क लगाना जरूरी होगा। उन्हें सुरक्षित दूरी बनाए रखने के नियमों का पालन भी करना होगा। गंतव्य स्थल पर पहुंचने के बाद सभी यात्रियों को संबंधित राज्यों या केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा निर्धारित स्वास्थ्य जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। यात्रा के दौरान रेलगाड़ी के भीतर कंबल या पर्दे आदि नहीं दिये जाएगें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के लिए अपनी चादर खुद लेकर आएं।शुरू हो रही नई रेलगाडिय़ों के लिए टिकट आईआरसीटीसी की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिये बुक किये जा रहे हैं। इसके अलावा रेलवे की टिकट खिड़कियों, सामान्य सेवा केन्द्रों या एजेंटो के जरिये भी टिकट खरीदे जा सकते हैं। विशेष रेलगाडिय़ों के लिए तत्काल या प्रीमियम तत्काल टिकट नहीं बुक किए जा सकेंगे।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि कोविड महामारी के बीच अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा खोल दिया गया है, लेकिन लोगों को अधिक सचेत और सतर्क रहना होगा।
आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रमिक विशेष रेलगाडिय़ों और विशेष रेलगाडिय़ों समेत कई सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। उद्योग भी सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं। इस बार बहुत कुछ खुल चुका है। श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं अन्य स्पेशल ट्रेनें भी शुरू हो गई हैं। तमाम सावधानियों के साथ हवाई जहाज उडऩे लगे हैं। धीरे-धीरे उद्योग भी चलना शुरू हुआ है। यानी अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा अब चल पड़ा है खुल गया है। ऐसे में हमें और ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है। दो गज की दूरी का नियम हो, मुंह पर मास्क लगाने की बात हो, हो सके तो वहां तक घर में रहना हो, ये सारी बातों का पालन उसमें जरा भी ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए।श्री मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई देशवासियों के अथक और सामूहिक प्रयासों की परिचायक है। उन्होंने कहा कि किस प्रकार देशवासियों ने गंभीर चुनौतियों का सामना किया और कोरोना को उतनी तेजी से फैलने नहीं दिया जितनी तेजी से यह दुनिया के अन्य भागों में फैला। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना की मृत्युदर भारत में बहुत कम है।प्रधानमंत्री ने लोगों में सेवा की भावना की सराहना करते हुए इसे देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि सेवा परमो धर्म: में ही जीवन का सुख और संतोष है और ये भारत की जीवन शैली है। देशवासियों की संकल्पशक्ति के साथ, एक और शक्ति इस लड़ाई में हमारी सबसे बड़ी ताकत है - वो है - देशवासियों की सेवाशक्ति। वास्तव में, इस माहामारी के समय, हम भारतवासियों ने ये दिखा दिया है, कि सेवा और त्याग का हमारा विचार, केवल हमारा आदर्श नहीं है, बल्कि, भारत की जीवनपद्धति है, और हमारे यहाँ तो कहा गया है - सेवा परमो धर्म:। सेवा स्वयं में सुख है, सेवा में ही संतोष है।श्री मोदी ने कहा कि देश के सभी भागों से महिला स्वयं सहायता समूहों के शानदार कार्यों की भी सैंकड़ों गाथाएं सामने आ रही हैं। महामारी के कारण लोगों के कष्टों और समस्याओं पर अपनी पीड़ा साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस ने समाज के सभी वर्गों को प्रभावित किया, लेकिन सबसे बड़ी मार गरीब मजदूरों और कामगारों पर पड़ी है। उन्होंने कहा कि केन्द्र, राज्य तथा सभी स्थानीय निकाय उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयत्नशील हैं। प्रधानमंत्री ने लाखों मजदूरों को ट्रेनों और बसों से सकुशल उनके घरों तक ले जाने में दिन-रात लगे कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने मजदूरों के लिए हर जिले में भोजन और क्वारंटीन की व्यवस्था कर रहे लोगों की भी प्रशंसा की। ये दुनिया के हर कोरोना प्रभावित देश में हो रहा है और इसलिए भारत भी इससे अछूता नहीं है। हमारे देश में भी कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो कठिनाई में न हो, परेशानी में न हो और इस संकट की सबसे बड़ी चोट अगर किसी पर पड़ी है तो हमारे गरीब, मजदूर, श्रमिक वर्ग पर पड़ी है। उनकी तकलीफ, उनका दर्द और उनकी पीड़ा शब्दों में नहीं कही जा सकती। हममें से कौन ऐसा होगा जो उनकी और उनके परिवार की तकलीफों को अनुभव न कर रहा हो। हम सब मिलकर इस तकलीफ को इस पीड़ा को बांटने का प्रयास कर रहे हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि समय की सबसे बड़ी जरूरत यह है कि हम नये समाधान खोजें। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस दिशा अनेक कदम उठाये हैं। श्री मोदी ने बताया कि केन्द्र ने हाल ही में कुछ ऐसे निर्णय लिये है, जिनसे ग्रामीण रोजगार, स्व-रोजगार और लघु उद्योगों के लिए नये अवसर खुले हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आत्मनिर्भर भारत अभियान देश को इस दशक में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। तमाम चुनौतियों के बीच मुझे खुशी है कि आत्मनिर्भर भारत पर आज देश में व्यापक मंथन शुरू हुआ है। लोगों ने अब इसे अपना अभियान बनाना शुरू किया है। इस मिशन का नेतृत्व देशवासी अपने हाथ में ले रहे हैं। बहुत से लोगों ने तो यह भी बताया कि उन्होंने जो जो सामान उनके इलाके में बनाये जाते हैं, उनकी एक पूरी लिस्ट बना दी है। ये लोग अब इन लोकल प्रोडेक्ट्स को ही खरीद रहे हैं और वोकल फोर लोकल को प्रमोट भी कर रहे हैं। मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिले इसके लिए सब कोई अपना-अपना संकल्प जता रहा है।श्री मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों की संख्या एक करोड़ से अधिक हो गई हैं। उन्होंने न केवल आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को, बल्कि इस योजना के अंतर्गत रोगियों का उपचार कर रहे डॉक्टरों और नर्सों को भी शुभकामनाएं दीं। आयुष्मान भारत योजना के साथ एक बहुत बड़ी विशेषता पोर्टिबिलिटी की सुविधा भी है। पोर्टिबिलिटी ने देश को एकता के रंग में रंगने में भी मदद की है। यानी बिहार का कोई गरीब अगर चाहे तो उसे कर्नाटक में भी वही सुविधा मिलेगी जो उसे अपने राज्य में मिलती है। इसी तरह महाराष्ट्र का कोई गरीब चाहे तो इलाज की वही सुविधा तमिलनाडु में मिलेगी। इस योजना के कारण किसी क्षेत्र में जहां स्वास्थ्य की व्यवस्था कमजोर है वहां के गरीब को देश के किसी भी कोने में उत्तम इलाज कराने की सहूलियत मिलती है।प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के मौजूदा समय में लोग, योग पर गंभीरता से ध्यान दे रहे हैं। हरेक जगह लोग योग और आयुर्वेद के बारे में लोग अधिक से अधिक जानना चाहते हैं और इन्हें अपनी जीवन शैली में अपनाना चाहते हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस जल्द ही आने वाला है। योग जैसे जैसे लोगों के जीवन से जुड़ रहा है, लोगों में अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता भी लगातार बढ़ रही है। अभी कोरोना संकट के दौरान भी देखा जा रहा है कि हॉलीवुड से हरिद्वार तक घर में रहते हुए लोग योग पर बहुत गंभीरता से ध्यान दे रहे हैं। हर जगह लोगों ने योग और उसके साथ साथ आयुर्वेद के बारे में और ज्यादा जानना चाहा उसे अपनाना चाहा। कितने ही लोग जिन्होंने कभी योग नहीं किया, वे भी या तो ऑन लाइन योग टास्क से जुड़ गये हैं या फिर ऑन लाइन वीडियो के माध्यम से भी योग सीख रहे हैं। सही में योग कम्युनिटी, इम्यूनिटी और यूनिटी सब के लिए अच्छा है। -
रायपुर/भोपाल/जयपुर। नौतपा के तेवर नरम पड़ गए हैं। जेठ माह और नौतपा होने के बावजूद राजस्थान में दिन तपने के बजाय पारा लगातार ठंडा पड़ता जा रहा है। मध्यप्रदेश में पिछले छह दिन में अधिकतम तापमान में 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ में भी पिछले दो दिनों में हल्की बारिश होने से तापमान में गिरावट आई है। राजधानी रायपुर में रविवार को अधिकतम तापमान 37.2 और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री दर्ज किया गया।
भोपाल के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि राजस्थान से उत्तरी मध्यप्रदेश से होकर छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ बना हुआ है। अरब सागर में एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। साथ ही औसत लगभग 20 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। इस वजह से प्रदेश में बड़े पैमाने पर नमी आ रही है। इस वजह से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विज्ञानियों ने सोमवार से तेज बौछारें पडऩे की भी संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र के प्रवक्ता के मुताबिक नौतपा के छठवें दिन शनिवार को दिन का भोपाल में अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 29 डिग्री रिकार्ड किया गया। यह सामान्य से 2 डिग्री अधिक है। नौतपा के पहले दिन अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री दर्ज हुआ था। इसके बाद से तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया था। सोमवार-मंगलवार को भोपाल में तेज बौछारें पडऩे की संभावना है।
राजस्थान में 4 दिन में 14 डिग्री लुढ़का तापमान
तीन दिन पहले 26 मई को 50 डिग्री तक पहुंचकर दुनिया में सबसे गर्म शहर में शुमार हुए चूरू में अधिकतम तापमान अब 36 डिग्री पर आ गया है। यहां शनिवार को पारा 7.5 डिग्री और पिछले तीन दिन में 14 डिग्री तक गिरा है। जयपुर में तो शनिवार को मई माह में दूसरा सबसे ठंडा दिन रहा। पारा 35.2 डिग्री रहा। इससे पहले 6 मई को भी इसी स्तर पर था। पूरे प्रदेश में शनिवार को 3 शहरों को छोड़कर कहीं भी दिन का पारा 40 डिग्री को नहीं लांघ पाया। अधिकांश शहरों में ये 35 डिग्री के आसपास अटका रहा। शनिवार को हनुमानगढ़, भरतपुर, जयपुर, अलवर, कोटा, जोधपुर, नागौर सहित अधिकांश जिलों में आंधी-बारिश का दौर चला। जैसलमेर व अजमेर जिले में ओले गिरे।
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मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने सरकार कर्मचारियों के लिए केंद्र द्वारा भेजे गए एक विस्तृत दिशानिर्देश को फिर से जारी किया है। इसमें ऑफिस आने वाले कर्मचारी की थर्मल स्क्रीनिंग जरूर होगी, सेनेटाइजर का उपयोग और सामाजिक दूरी बनाए रखना जरूरी होगा। राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में यह स्पष्ट किया गया है कि सामाजिक संपर्क को कम करने के लिए अधिकतम ऑनलाइन सिस्टम और ई-फाइलिंग का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुसार, सभी कर्मचारियों और विजिटरों को कार्यालय में प्रवेश करने से पहले थर्मल स्कैनर से गुजरना होगा। यह जांच होगी कि स्क्रीनिंग का पालन सख्ती से किया जा रहा है या नहीं। सभी कर्मचारियों को कार्यालय में काम करते समय 3 प्लाई मास्क या सर्जिकल मास्क पहनना पड़ेगा। कर्मचारियों के काम करने के दौरान कार्यालयों की खिड़कियों को पूरे दिन के वेंटिलेशन के लिए खुला रखा जाएगा। कर्मचारियों के लिए बैठने की ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि काम करते समय एक दूसरे से 3 फीट की दूरी बनी रहे।








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