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- नई दिल्ली। देश में शनिवार को शाम पांच बजे तक 390 घरेलू उड़ानों का परिचालन हुआ। इन उड़ानों में 35,293 लोगों ने यात्राएं की। नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को यह जानकारी दी।कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन की वजह से देश में दो माह तक घरेलू उड़ानों का परिचालन बंद था। बृहस्पतिवार तक कुल 1,827 घरेलू उड़ानों का परिचालन हुआ था। सोमवार को 428, मंगलवार को 445, बुधवार को 460, गुरुवार को 494 और शुक्रवार को 513 उड़ानों का परिचालन किया गया।श्री पुरी ने ट्विटर पर बताया कि संयुक्त अरब अमीरात वापस जाने के लिये कुछ ऐसे लोगों ने भारत सरकार से अनुरोध किया है, जिनके पास वहां की वैध निवास मंजूरियां हैं। उन्होंने कहा, यह स्थानीय प्राधिकरणों के ऊपर है कि वे इस बारे में क्या निर्णय लेते हैं। अभी संयुक्त अरब अमीरात समेत कुछ देशों में बाहर से लोगों के आने पर पाबंदियां हैं। श्री पुरी ने कहा कि जिन लोगों के पास वैध निवास परमिट हैं, उनके वापस जाने से भारत सरकार को कोई दिक्कत नहीं है।विमानन उद्योग के सूत्रों ने कहा कि लॉकडाउन से पहले भारतीय हवाईअड्डों पर प्रतिदिन 3 हजार घरेलू उड़ानों का परिचालन होता था। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के आंकड़ों के अनुसार फरवरी में प्रतिदिन घरेलू उड़ानों के यात्रियों की संख्या 4.12 लाख थी। उस समय देश में लॉकडाउन नहीं था। पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु के हवाई अड्डों को सीमित घरेलू उड़ानों के परिचालन की अनुमति दी गई है। कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच ये राज्य अधिक उड़ानें नहीं चाहते हैं। आंध्र प्रदेश में घरेलू उड़ान सेवाएं मंगलवार को और पश्चिम बंगाल में गुरुवार को शुरू हुईं। घरेलू उड़ान सेवाएं शुरू होने के बाद सात अलग-अलग उड़ानों में 16 कोरोना वायरस संक्रमित यात्री मिले हैं। इनमें इंडिगो से यात्रा करने वाले 13 यात्री भी शामिल हैं।
- कोलकाता। उद्योगों द्वारा श्रमिकों की कमी के चलते उत्पादन और कच्चे माल पर असर पडऩे की चिंता प्रकट करने पर केंद्र ने शनिवार को कहा कि वह श्रमिकों की उनके कार्यस्थल तक वापसी सुनिश्चित कराने के लिए विशेष ट्रेनों का इंतजाम करेगा।भारत चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने एक बयान में कहा कि वित्त एंव कोरोपोरेट कार्य राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने उद्योग जगत से श्रमिकों की कमी संबंधी परेशानी सुनकर आश्वासन दिया कि विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया जाएगा ताकि श्रमिक अपने कार्यस्थलों को लौट सकें। श्री ठाकुर ने भारत चैम्बर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संवाद किया। उन्होंने उद्योगों से अपने श्रमिकों से संपर्क करने की अपील की जो लॉकडाउन के दौरान अपने घर लौट गये थे। रेलवे बोर्ड के अनुसार एक मई से श्रमिक विशेष ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद से 28 मई तक 3840 ऐसी ट्रेनें चल चुकी हैं।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि प्रवासी मजूदरों की तकलीफों को देखकर सरकार को पीड़ा हुई और ऐसे में पूरी तरह से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि उनको यात्रा के दौरान और अपने गृह राज्य पहुंचने के बाद किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े। साथ ही कहा कि अब तक करीब एक करोड़ लोगों को उनके घर वापस पहुंचाया गया है।लॉकडाउन के दौरान हजारों प्रवासी मजदूरों के पैदल ही अपने गृह राज्य की ओर निकलने को मजबूर होने और पहुंचने के लिए असुरक्षित परिवहन के साधनों का इस्तेमाल करने के मामले सामने आए थे, जिसके बाद मोदी सरकार पर प्रवासी मजूदरों के मामले को संभालने में विफल रहने के आरोप लग रहे थे। इन आलोचनाओं के बाद शाह का यह बयान सामने आया है। किसी दल अथवा नेता का नाम लिए बिना ही शाह ने दावा किया कि जो विपक्षी नेता लॉकडाउन को अनियोजित करार दे रहे हैं, उनका नजरिया पक्षपाती है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से निपटने को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से विस्तृत व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रवासी मजदूरों के मसले पर आज तक न्यूज चैनल पर गृह मंत्री ने कहा, उन सबको जो तकलीफ हुई, उसका दर्द हमें भी है। इसका मतलब ये नहीं है कि कोई इंतजाम नहीं किए गए। श्री शाह ने कहा कि अब तक लगभग एक करोड़ लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया है। इनमें से लगभग 54 लाख लोगों को रेल के जरिए और 41 लाख को बस के जरिए पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा, मैं यह नहीं कहना चाहता कि किसी ने कोई दिक्कत नहीं झेली लेकिन जिन्होंने भी परेशानी का सामना किया, प्रधानमंत्री, मैं और मेरे दल के सभी नेताओं को उनसे सहानुभूति है। उन्होंने कहा कि सभी राज्य और केंद्र सरकार मिलकर कोरोना वायरस महामारी से लड़ रहे हैं और हम जल्द ही इससे उबर जाएंगे।-
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल आकाशवाणी से सुबह 11 बजे मन की बात कार्यक्रम में देश और विदेश में लोगों के साथ अपने विचार साझा करेंगे। मासिक रेडियो कार्यक्रम की यह पैंसठवीं कड़ी होगी।यह कार्यक्रम आकाशवाणी और दूरदर्शन के समूचे नेटवर्क और आकाशवाणी समाचार की वेबसाइट www.newsonair.com और newsonair Mobile App पर उपलब्ध रहेगा। यह कार्यक्रम आकाशवाणी, डी.डी. न्यूज, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय के यू. ट्यूब चैनलों पर उपलब्ध रहेगा। आकाशवाणी से मन की बात के हिंदी प्रसारण के तुरन्त बाद इस कार्यक्रम का क्षेत्रीय भाषाओं में पुन: प्रसारण शाम को आठ बजे किया जाएगा।
- जयपुर। मौसम में आए बदलाव से राजस्थान के कई इलाकों में आंधी चल रही है और बारिश हो रही है। इससे कई दिन से भीषण गर्मी से परेशान लोगों को कुछ राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में राज्य के अनेक हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हुई है। विभाग के अनुसार सर्वाधिक बारिश डीग भरतपुर में 64.0 मिमी दर्ज की गयी। इसके अलावा नोहर, हनुमानगढ़ में भी 64.0 मिमी दर्ज हुई है।मौसम में आए बदलाव से राज्य में तापमान में भी 3-4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हुई है। मौसम विभाग के प्रवक्ता के अनुसार वायुमंडल के निचले स्तर में पूर्वी हवाओं के पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिलने तथा अरब सागर से उच्च मात्रा में नमी प्रवाहित होने के कारण राजस्थान में आगामी तीन-चार दिन तेज आंधी आने, बारिश होने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
- नई दिल्ली। जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 23 लघु वन उत्पादों को न्यूनतम समर्थन मूल्य सूची में शामिल किया है। इनमें वन तुलसी बीज, वन जीरा, इमली बीज, बांस झाड़ू, सूखा आंवला, कचरी बहेडा, कचरी हर्रा, लाख के बीज, मशरूम सूखा, काला चावल ,जोहर चावल, सुपारी कच्ची, किंग चिली, सरसों, कच्चा काजू, काजू, सौंठ, नटगाल, जैंथोसाइलम ड्रयड, कटहल के बीज और रोसेला सूखा जैसी वस्तुएं शामिल हैं। कोविड-19 महामारी के प्रकोप को देखते हुए इन 23 वन उत्पादों को सूची में शामिल करने का फैसला किया गया है और जिससे इस सूची में शामिल इन वस्तुओं की संख्या 73 हो गई है।जनजातीय कार्य मंत्रालय ने कहा है कि नई वस्तुओं में से 14 का भारत के पूर्वोत्तर भागों में वाणिज्यिक उत्पादन नहीं किया जाता, लेकिन ये जंगलों में अपने आप उगते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने इन वस्तुओं को लघु वन उपज सूची में शामिल करने का फैसला किया।---
- नई दिल्ली। नागर विमानन महानिदेशालय - डी जी सी ए ने विमान संचालन से जुड़े पायलटों और इंजीनियरों आदि के लिए टिड्डी दलों के निपटने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए है।शुक्रवार को जारी एक पत्र में डी जी सी ए ने कहा है कि विमानों के उडान भरते और उतरते समय टिड्डी दल खतरे का कारण बन सकते हैं इससे इनसे सावधान रहना चाहिए। पत्र में कहा गया है कि टिड्डी दलों की उड़ान से पायलटों को विमान के संचालन में बाधा आ सकती है। विमानन नियामक ने यह भी कहा है कि बड़े टिड्डी दलों से पायलटों को जमीन पर दृश्यता संबंधी बाधा उत्पन्न हो सकती है इसलिए उन्हें इस बारे में सावधान रहने का निर्देश दिया गया है। हवाई यातायात नियंत्रकों को भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने आस पास टिड्डी दलों की जानकारी मिलने पर इस सूचना को उडान भरने और उतरने वाले विमान चालकों के साथ साझा करें।सभी विमान चालकों से भी कहा गया है कि वे उड़ान के दौरान टिड्डी दलों के नजर आने पर इसकी जानकारी हवाई यातायात नियंत्रकों के साथ साझा करें। डी जी सी ए ने विमान संचालन करने वाली जमीनी एजेंसियों को भी टिड्डी दलों से सावधान रहने को कहा है।---
- नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मालदीव-कुमारी अंतरीप क्षेत्र, बंगाल की दक्षिण खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा अंडमान सागर और अंडमान निकोबार द्वीप समूह के शेष हिस्सों में आगे बढ़ गया है।पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने कहा है कि अगले 48 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के मालदीव- कुमारी अंतरीप क्षेत्र के कुछ और हिस्सों में आगे बढऩे की अनुकूल परिस्थतियां बनती जा रही हैं। मंत्रालय ने कहा कि 31 मई से 4 जून, 2020 के दौरान दक्षिण-पूर्व और आसपास के पूर्वी अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इससे पहली जून से केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत की परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है।मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिमोत्तर अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटों के दौरान उसी क्षेत्र में एक कम दबाव के क्षेत्र के रूप में परिवर्तित हो सकता है। इसके अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम की ओर दक्षिण ओमान और पूर्वी यमन तट की ओर बढऩे की संभावना है। मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 29 मई से पहली जून के दौरान पश्चिम-पूर्वी अरब सागर में और 31 मई से 4 जून के दौरान दक्षिण-पूर्व और पूर्वी अरब सागर में न जाएं। इस बीच मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र तथा आसपास के मैदानों में आज से शनिवार तक एक कुछ स्थानों पर बारिश होने और आंधी आने की संभावना है।--
- - कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन और हेलिकॉप्टरों की मदद ली जाएगीनई दिल्ली। कुछ राज्यों में सक्रिय टिड्डी दलों पर नियंत्रण के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा की जा रही कार्रवाई की विभागीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने पुन: समीक्षा की।गुरुवार को हुई इस बैठक में श्री तोमर ने कहा कि सरकार इस समस्या को पूरी गंभीरता से ले रही है। राज्यों के साथ मिलकर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। राज्यों को एडवायजरी जारी की जा चुकी है। ब्रिटेन से अतिरिक्त स्प्रेयर 15 दिनों में आने शुरू हो जाएंगे। इनका आर्डर पहले ही दिया जा चुका है। 45 और स्प्रेयर भी अगले एक-डेढ़ महीने में खरीद लिए जाएंगे। ऊंचे पेड़ों व दुर्गम क्षेत्रों में प्रभावी नियंत्रण हेतु कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा, वहीं छिड़काव के लिए हेलिकॉप्टरों की सेवाएं लेने की भी तैयारी है।क्षेत्रवार 11 नियंत्रण कक्ष स्थापित कर विशेष दलों की तैनाती करते हुए उनके साथ अतिरिक्त कर्मचारी भी लगाए गए हैं। सभी स्थानों पर किसानों की मदद से नियंत्रण दल तत्परता से कार्रवाई में जुटे हुए हैं। गुरुवार को कृषि मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने दोनों राज्य मंत्रियों तथा सचिव के साथ बैठक कर स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। श्री तोमर ने बताया कि जरूरत पडऩे पर संबंधित राज्यों को संसाधनों के अलावा वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। सभी जागरूक किसानों तथा राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के साथ मिलकर इस समस्या से निपटा जा रहा है।अब तक मध्यप्रदेश के मंदसौर, नीमच, उज्जैन, रतलाम, देवास, आगर मालवा, छतरपुर, सतना व ग्वालियर, राजस्थान के जैसलमेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, अजमेर, पाली, बीकानेर, भीलवाड़ा, सिरोही, जालोर, उदयपुर, प्रतापगढ़, चित्तौडगढ़, दौसा, चुरू, सीकर, झालावाड़, जयपुर, करौली एवं हनुमानगढ़, गुजरात के बनासकांठा और कच्छ, उत्तरप्रदेश में झांसी और पंजाब के फाजिल्का जिले में 334 स्थानों पर 50,468 हेक्टेयर क्षेत्र में हॉपर और गुलाबी झुंडों को नियंत्रित किया गया है। वर्तमान में राजस्थान के दौसा, श्रीगंगानगर, जोधपुर, बीकानेर, म.प्र. के मुरैना और उ.प्र. के झांसी में अपरिपक्व गुलाबी टिड्डियों के झुंड सक्रिय हैं।टिड्डी नियंत्रण कार्यालयों में 21 माइक्रोनैर और 26 उलवमास्ट (47 स्प्रे उपकरण) हैं, जिनका उपयोग टिड्डी नियंत्रण के लिए किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 60 स्प्रेयर के लिए आपूर्ति आदेश दिया गया है, जिनकी आपूर्ति यूके स्थित कंपनी द्वारा की जाएगी। जून में दो बार में 35 और जुलाई में 25 की आपूर्ति हो जाएगी। ऊंचे पेड़ों व दुर्गम क्षेत्रों में प्रभावी नियंत्रण हेतु ड्रोन से कीटनाशकों के छिड़काव हेतु ई-टेंडर आमंत्रित किए गये हैं, जल्द ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा अनुमोदित ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। इसी प्रकार 55 वाहनों की खरीद के आदेश दे दिए गए है। स्प्रे के लिए हेलीकॉप्टरों की सेवाएं लेने की भी तैयारी है।------
- नई दिल्ली। भारतीय रेल ने 12 मई से चल रही राजधानी श्रेणी की सभी 30 विशेष रेलगाडिय़ों के लिए अग्रिम आरक्षण की अवधि को मौजूदा 30 दिन से बढ़ाकर 120 दिन करने का निर्णय लिया है। यह फैसला उन सभी 200 स्पेशल मेल एक्सप्रेस रेलगाडिय़ों पर भी लागू होगा, जिनका परिचालन अगले महीने की 1 तारीख से शुरू होगा ।रेल मंत्रालय ने कहा कि यह बदलाव 31 मई की सुबह 8 बजे से लागू होंगे। इसके अनुसार इन सभी 230 रेलगाडिय़ों में पार्सल और सामान की बुकिंग की भी अनुमति दी जाएगी।----
- नई दिल्ली। भारतीय रेल, देश भर में प्रतिदिन कई श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला रहा है, ताकि प्रवासियों की अपने घरों को वापसी सुनिश्चित की जा सके।यह देखा जा रहा है कि कुछ ऐसे लोग भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में यात्रा कर रहे हैं जो पहले से ही ऐसी बीमारियों से पीडि़त हैं जिनसे कोविड़-19 महामारी के दौरान उनके स्वास्थ्य को खतरा बढ़ जाता है। यात्रा के दौरान पूर्व ग्रसित बीमारियों से लोगों की मृत्यु होने के कुछ दुर्भाग्यपूर्ण मामले भी मिले हैं।ऐसे कुछ लोगों की सुरक्षा हेतु रेल मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के आदेश का हवाला देते हुए अपील की है कि पूर्व ग्रसित बीमारी जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर, कम प्रतिरक्षा वाले व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे एवं 65 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए, जब तक अत्यंत आवश्यक ना हो रेल यात्रा करने से बचें।रेल मंत्रालय ने कहा- हम समझ सकते हैं कि देश के कई नागरिक इस समय रेल यात्रा करना चाहते हैं एवं उनको निर्बाध रूप से रेल सेवा मिलती रहे, इस हेतु भारतीय रेल का परिवार चौबीसों घंटे, सातों दिन कार्य कर रहा है। पर हमारे यात्रियों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसके लिए सभी देशवासियों का सहयोग अपेक्षित है। किसी भी कठिनाई या आकस्मिकता पडऩे पर कृपया अपने रेल परिवार से संपर्क करने में हिचकिचाएं नहीं। भारतीय रेल आपकी सेवा में हमेशा की तरह तत्पर हैं - हेल्पलाइन नंबर - 139 & 138।---
- छतरपुर (मप्र)। छतरपुर जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर खजुराहो थाना इलाके के चितरई गांव में आकाशीय बिजली गिरने से गुरुवार शाम तीन युवकों की मौत हो गई।खजुराहो के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, एसडीओपी मनमोहन सिंह बघेल ने बताया कि खजुराहो से छह—सात युवक चितरई गांव के एक घर में पिकनिक मना रहे थे। उसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने से इनमें से तीन युवकों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान शिवांग खरे (20) अजय साहू (20) और मोहित अग्रवाल (23) के रूप में की गई है। बघेल ने बताया कि ये तीनों युवक खजुराहो के सेवाग्राम के रहने वाले हैं।-
- धौलपुर (राजस्थान)। जिले के सैंपऊ थाना क्षेत्र के गांव तसीमो में गुरुवार देर शाम अंधड़ में गिरे एक मकान के मलबे में दबने से एक महिला और दो बच्चों की मौत हो गई। हादसा,उस समय हुआ जब तेज अंधड़ में एक मकान धाराशायी हो गया और तीनों उसके मलबे में दब गए।अपर पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र वर्मा ने बताया कि हरविलास कुशवाह के मकान में मौजूद छह लोग मलबे में दब गए। मृतकों की पहचान विमला (35) ,उसका पुत्र सत्यभान (10) व रिश्तेदार सुहानी (8) के रूप में की गई है। हादसे में घायल हुई रेखा, लव-कुश एवं भीमसेन को उपचार के लिए धौलपुर के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।-
- नई दिल्ली।. लोकसभा अध्यक्ष ने जम्मू-कश्मीर, असम, मणिपुर, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश के 15 सांसदों को पूर्वोत्तर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन में समिति की सहायता के लिए परिसीमन आयोग के सहयोगी सदस्यो के रूप में नामित किया है। इन 15 सांसदों में दो केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और जितेंद्र सिंह शामिल हैं।परिसीमन आयोग ने लोकसभा अध्यक्ष और पूर्वोत्तर के चार राज्यों की विधानसभा के अध्यक्षों को हाल में पत्र लिखकर समिति के सहायक सदस्यों के नाम देने को कहा था। जम्मू-कश्मीर में फिलहाल कोई विधानसभा नहीं है। यह एक केंद्र शासित क्षेत्र हैं जहां विधानसभा का प्रावधान है। संसद सदस्य और राज्यों की विधानसभाओं के सदस्य इस कार्य में आयोग की मदद के लिये शामिल किये जाते हैं। गत 26 मई के लोकसभा बुलेटिन के अनुसार केन्द्रीय मंत्री रिजिजू और तपीर गाओ अरुणाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। असम का प्रतिनिधित्व पल्लब लोचन दास, अब्दुल खालिक, राजदीप रॉय, दिलीप सैकिया और नबा (हीरा) कुमार सरानिया द्वारा किया जायेगा। परिसीमन आयोग में मणिपुर से लोरहो एस पीफोजे और रंजन सिंह राजकुमार शामिल होंगे जबकि नगालैंड का प्रतिनिधित्व तोखेहो येप्थोमी करेंगे। जम्मू कश्मीर से फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद अकबर लोन, हसनैन मसूदी, जुगल किशोर शर्मा और केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह समिति में सहयोगी सदस्यों के रूप में शामिल होंगे। सरकार ने छह मार्च को उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश आर पी देसाई की अध्यक्षता में परिसीमन आयोग का गठन किया था जिसे केंद्र शासित क्षेत्र जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्य असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नगालैंड के लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन करना है। निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा और जम्मू-कश्मीर तथा चार राज्यों के प्रदेश निर्वाचन आयुक्त इसके पदेन सदस्य होंगे। विधि मंत्रालय द्वारा पूर्व में जारी अधिसूचना के मुताबिक, आयोग जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार जम्मू-कश्मीर के विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन करेगा जबकि परिसीमन अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के मुताबिक असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नगालैंड के संसदीय एवं विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन किया जाएगा।
- बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और राजस्थान से उड़ानों के राज्य में आगमन को निलंबित करने का फैसला किया।कर्नाटक सरकार ने कहा है कि इन राज्यों से आने वाले लोग बड़ी संख्या में कोविड-19 संक्रमित निकल रहे हैं। कानून और संसदीय कार्य मंत्री जे सी मधुस्वामी ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में इन राज्यों से आने वाली उड़ानों पर कुछ समय के लिए रोक लगाने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा 'अन्य राज्यों से लोग कर्नाटक में आ रहे हैं। हमने पांच राज्यों से वायु यातायात निलंबित करने का फैसला किया है क्योंकि इससे यहां मामले बढ़ सकते हैं।'' मधुस्वामी ने यह भी बताया कि सड़क रास्ते से महाराष्ट्र, तमिलनाडु और गुजरात से कर्नाटक में लोगों के प्रवेश पर लगी मौजूदा रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी।
- नई दिल्ली। खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के अनुसार, टिड्डियों के झुंड के बिहार और ओडिशा तक पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन दक्षिण भारत में इन प्रवासी कीटों के पहुंचने की संभावना कम है।एफएओ ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में, भारत में टिड्डियों के वयस्क समूहों का आना हुआ है और ये भारत-पाकिस्तान सीमा से पूर्व की ओर पलायन कर रहे हैं। एफएओ ने ताजा सूचना में कहा कि टिड्डियों के झुंड उत्तरी भारत की ओर चले गए हैं। राजस्थान के पश्चिम भाग से आये टिड्डियों के अपरिपक्व वयस्क समूह राज्य के पूर्वी हिस्से तथा मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे मध्यवर्ती राज्यों की ओर बढ़ रहे हैं। एफएओ ने चेतावनी दी कि टिड्डियों के झुंड के राजस्थान में जुलाई तक निरंतर आगमन के कई दौर चलेंगे तथा वे उत्तर भारत में पूर्व की ओर बिहार और ओडिशा तक फैलेंगे जिसके बाद मानसूनी हवा के रुख में बदलाव के साथ राजस्थान लौटेंगे। एफएओ ने कहा की टिड्डियों के दक्षिण भारत तथा नेपाल और बांग्लादेश तक पहुंचने की संभावना कम है।भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार फसल खाने वाले ये कीट पाकिस्तान के रास्ते भारत में प्रवेश कर के राजस्थान, पंजाब, गुजरात और मध्य प्रदेश के अलावा, यह उत्तर प्रदेश के झांसी जिले और महाराष्ट्र के रामटेक शहर में भी प्रवेश कर गये हैं। एफएओ के महानिदेशक क्यू डोन्ग्यू ने 22 मई को आगाह किया था कि रेगिस्तानी टिड्डियों को नियंत्रित करने के प्रयासों में समय लगेगा। आने वाले महीनों में, इथियोपिया, केन्या और सोमालिया में रेगिस्तानी टिड्डियों के दल प्रजनन जारी रखेंगे। जून में नए टिडढ़े बनेंगे और दक्षिण सूडान से सूडान में जाएंगे और पश्चिम अफ्रीका में सहेल के लिए खतरा पैदा करेंगे। भारत-पाकिस्तान सीमा के दोनों किनारों पर भी खतरा बढ़ गया है। ईरान और पाकिस्तान में प्रकोप अभी भी जारी है। नियंत्रण के तमाम प्रयासों के बावजूद, हाल ही में भारी बारिश ने कई देशों में कीटों के प्रजनन के लिए आदर्श स्थिति पैदा की है। क्यू ने कहा कि कोविड-19 के प्रभावों के साथ टिड्डियों के प्रकोप के कारण आजीविका और खाद्य सुरक्षा पर भयावह प्रभाव हो सकते हैं।-
- नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को सभी मुख्यमंत्रियों से बात की और राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को के संबंध में बातचीत की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।लॉकडाउन के चौथे चरण की समाप्ति से सिर्फ तीन दिन पहले गृह मंत्री ने मुख्यमंत्रियों से टेलीफोन पर बातचीत की। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन सबसे पहले 25 मार्च को लगाया था और इसके बाद इसे तीन बार बढ़ाया जा चुका है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और लॉकडाउन को 31 मई के बाद बढ़ाए जाने पर उनके विचार जाने।
- नई दिल्ली। देश में घरेलू विमान यात्रा शुरू होने के साथ ही इंडिगो और एयर एशिया इंडिया ने हवाई यात्रा टिकटों का रिफंड देना भी शुरू कर दिया है। जो उड़ाने निरस्त हुई हैं उनके टिकटों का रिफंड ये विमानन कंपनियां ट्रैवल एजेंट के खातों में डालने लगी हैं। ट्रैवल पोर्टल ईजमाईट्रिप डॉट कॉम ने यह जानकारी दी है।विमानन कंपनियों की इस पहल से अब ट्रैवल एजेंटों को काफी राहत मिलेगी। अब वे अपने ग्राहकों को रिफंड जारी कर सकेंगे। ईजमाईट्रिप डॉट कॉम के सीईओ निशांत पिट्टी ने कहा, सभी यात्री जो टिकट की रिफंड राशि को क्रेडिट प्रकोष्ट में डालने के बजाय सीधे रिफंड चाहते हैं उन्हें रिफंड दिया जायेगा। वर्तमान में एयर एशिया ने ईजमाईट्रिप डॉट कॉम के मामले में ऐसा किया है और हमने ग्राहकों को उनके बैंक खातों में राशि लौटा दी है। हालांकि हमें एयर एशिया से यह राशि टिकटिंग वालेट में प्रापत हो रही है। अन्य कंपनियों ने भी रिफंड करना शुरू किया है। अब इंडिगो ने भी हमारी एजेंसी के वालेट में रिफंड करना शुरू किया है, इससे हम इंडिगो के नये टिकट खरीद सकते हैं और दूसरी तरफ हम ग्राहकों को उनके बैंक खातों में टिकट का रिफंड कर रहे हैं।कोरोना वायरस महामारी के कारण लागू लॉकडाउन के चलते गत 25 मार्च से देश में हवाई सेवायें बंद हैं। दो महीने बाद 25 मई से घरेलू उड़ान सेवायें कुछ मार्गों पर शुरू हुई हैं। पिट्टी ने कहा कि दो विमानन कंपनियों ने अब ट्रैवल एजेंट करे यह विकल्प दिया है कि वह अपने ग्राहकों को या तो रिफंड दे सकते हैं या फिर राशि को उनके क्रेडिट शेल में रख सकते हैं। इस राशि का इस्तेमाल भविष्य की बुकिंग में किया जा सकता है।---
- नई दिल्ली। सुपर-30 कोचिंग के नाम से विख्यात आनंद कुमार सीएससी ई- गवर्नेंस सविर्सिज इंडिया लिमिटेड के साथ मिलकर ग्रामीण छात्रों को आईआईटी- जी जैसी प्रमुख इंजीनियरिंग परीक्षाओं के लिये मात्र एक रुपये की फीस लेकर तैयारी करवायेंगे।ई- गवर्नेंस कंपनी ने बुधवार को यह जानकारी दी है। जाने माने गणितज्ञ आनंद कुमार एक खास तरह का मॉड्यूल आनलाइन तैयार करेंगे जिसके जरिये आर्थिक रूप से कमजोर परिवारां के छात्रों को प्रशिक्षित किया जायेगा। इसके सहारे ये छात्र भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान- संयुकत प्रवेश परीक्षा (आईआईटी- जेईई) परीक्षा में बैठ सकेंगे। सीएससी ई- गवर्नेंस सविर्सिज इंडिया देशभर में करीब तीन लाख साझा सेवा केन्द्रों का संचालन करती है। इन केन्द्रों के जरिये ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में कई तरह की सरकारी सेवायें उपलब्ध कराई जाती हैं। कुमार का कहना है कि वह आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के छात्रों को आईआईटी- जेईई की परीक्षा के लिये तैयार करते हैं। उन्हें एक साल तक रहने की जगह, पढऩे की सामग्री देते हैं और उनकी माता उनके लिये खाना तैयार करती हैं।
- नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को सलाह दी है कि वे कोरोना महामारी के दौरान माता और बच्चों का स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए कनटेंमेंट जोन्स में कैल्सियम, जीवन रक्षक घोल--ओ आर एस, जिंक, गर्भ निरोधक और आयरन-फोलिक एसिड गोलियों जैसी चीजों की होम डिलिवरी की व्यवस्था करें। मंत्रालय ने कहा है कि प्रजनन स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य और नवजात शिशु, बच्चों, किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य तथा पौष्टिक आहार की आपूर्ति को भी आवश्यक वस्तुओं से संबंधित सेवाओं में शामिल किया जाना चाहिए।इस संबंध में मंत्रालय की ओर से आज जारी दिशा-निर्देशों में इस बात पर जोर दिया गया है कि कोविड-19 के बावजूद महिलाओं, बच्चों और किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण सेवाओं को जारी रखा जाना चाहिए। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि स्वास्थ्य अभियान के तहत दी जाने वाली विटामिन-ए खुराक, डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा, राष्ट्रीय कृमि उन्मूलन दिवस, एनीमिया के बारे में परामर्श जैसे अभियान स्थानीय स्थिति का ध्यान रखते हुए संचालित किए जाने चाहिए। इन अभियानों के लिए दवाओं आदि के वितरण की व्यवस्था वैकल्पिक प्रणाली के जरिए की जानी चाहिए।स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोविड-19 के सभी संदिग्ध और पॉजिटिव मामलों में संबंधित सेवाएं कोविड-19 सुविधा केन्द्रों में उपलब्ध करायी जानी चाहिए। मंत्रालय ने कहा है कि इन सेवाओं के लिए कोविड-19 का परीक्षण कराना अनिवार्य नहीं है और इस संबंध में आई सी एम आर के दिशा निर्देशों के पालन किया जाना चाहिए। मंत्रालय ने कहा है कि देश में हर साल ढ़ाई करोड़ महिलाएं गर्भधारण करती हैं और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित कराना जरूरी है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड-सीबीएसई द्वारा पहली जुलाई से आयोजित होने वाली10 वीं और 12 वीं की लंबित परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थियों को एक बड़ी राहत दी है।मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया है कि लॉकडाउन के दौरान जो छात्र दूसरे राज्य या जिले में चले गए हैं, वे वहीं से इन परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को इन परीक्षाओं में उपस्थित होने के लिए अपने पिछले परीक्षा केंद्रों पर जाने की आवश्यकता नहीं है।श्री पोखरियाल ने कहा कि छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं में उपस्थित होने के लिए अपने जिले के पसंद के स्कूलों के बारे में सूचित करना होगा। इसके बाद, सीबीएसई स्कूलों के साथ समन्वय स्थापित करके छात्रों को नए परीक्षा केंद्र की जानकारी देगा। मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा है कि सरकार छात्रों के लिए हर संभव व्यवस्था करने के लिए लगातार काम कर रही है ताकि छात्र बिना किसी परेशानी के परीक्षा दे सकें।--

- नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने आज कहा कि आरोग्य सेतु कोरोना रोगियों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने वाला दुनिया का सबसे बड़ा एप बन गया है। अनेक ट्वीट संदेशों में उन्होंने कहा कि सिर्फ चालीस दिनों में 11 करोड़ चालीस लाख लोग इससे जुड़े हैं।डॉक्टर हर्षवर्धन ने बताया कि यह एप सरकार, उद्योग और नागरिकों के बीच तालमेल का शानदार उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि इस ओपन सोर्स एप का आई.ओ.एस. वर्जन अगले दो हफ्तों के भीतर जारी कर दिया जाएगा।स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि इस एप का उपयोग लगातार बढ़ रहा है और लोग इसका फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में दो करोड़ लोगों ने आरोग्य सेतु एप को अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड किया और इसके जरिए कोविड-19 महामारी से संक्रमित 82 लोगों का पता चला। डॉक्टर हर्षवर्धन ने यह भी बताया कि इस एप से देशभर में बड़ी तादाद में कोरोना के प्रकोप वाले तीन हजार हॉटस्पॉट की पहचान भी की जा सकी है।-----
- नई दिल्ली। मौसम विभाग ने असम के कई जिलों में अगले दो-तीन दिन में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ आंधी और भारी वर्षा का अनुमान लगाया है। राज्य के सात जिलों में करीब दो लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं।ग्वालपाड़ा और तिनसुकिया जिलों में लगभग नौ हजार लोगों ने राहत शिविरों में शरण ले रखी है। बाढ़ से कई जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा है और सड़क मार्ग भी बाधित हुआ है। इस बीच, राज्य में पांच सौ 74 कोरोना संक्रमित उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। असम में तटबंध और सड़कें टूटने के कारण कई नए क्षेत्र पानी में डूब गए हैं। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राज्य में 2 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल की टीम ग्वालपाड़ा जिले में राहत और बचाव कार्य में तैनात की गई हैं। नौ हजार से अधिक लोगों को ग्वालपाड़ा और तिनसुकिया जिलों के राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। एक हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बाढ़ से फसल नष्ट हो गई है। चट्टानें खिसकने के कारण लुमडिंग-बदरपुर डिविजन में कुछ देर तक रेलगाडिय़ों का आवागमन प्रभावित हुआ लेकिन राहत कार्य के बाद रेल सेवा फिर शुरू हो गई।----
- नई दिल्ली। भारत ने 2 अप्रैल, 2020 को कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने की कोशिशों में वृद्धि करते हुए आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप लांच किया जिसका उद्देश्य ब्लूटूथ पर आधारित किसी से संपर्क साधने, संभावित हॉटस्पॉट्स का पता लगाने और कोविड-19 के बारे में प्रासंगिक जानकारी के प्रचार-प्रसार में सक्षम होना है।26 मई की तारीख तक इस ऐप के 114 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता हैं जो दुनिया में किसी भी अन्य संपर्क साधने वाले ऐप के उपयोगकर्ताओं से ज्यादा है। यह ऐप 12 भाषाओं और एंड्रॉयड, आईओएस एवं केएआईओएस प्लेटफार्म पर उपलब्ध है। देशभर में नागरिक आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल अपने आपको, अपने चाहने वालों और राष्ट्र को सुरक्षित रखने के लिए कर रहे हैं। बहुत से युवा इस ऐप को अपना अंगरक्षक भी मानते हैं।इस आरोग्य सेतु की प्रमुख खासियत पारदर्शिता, निजता तथा सुरक्षा रहा है और भारत की ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर नीति की तर्ज पर आरोग्य सेतु के सोर्स कोड को अब सार्वजनिक कर दिया गया है। इस एप्लीकेशन के एंड्रॉयड वर्जन के लिए सोर्स कोड को समीक्षा और सहकार्य के लिए https://github.com/nic-delhi/AarogyaSetu_Android.git.The पर उपलब्ध करा दिया गया है। इस एप्लीकेशन के आईओएस वर्जन को अगले 2 सप्ताह के भीतर ओपन सोर्स के रूप में जारी कर दिया जाएगा और इसके बाद सर्वर कोड को भी जारी कर दिया जाएगा। आरोग्य सेतु ऐप के लगभग 98 प्रतिशत उपयोगकर्ता अभी एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर हैं।डेवलपर समुदाय के लिए सोर्स कोड को सार्वजनिक कर देना हमारे पारदर्शिता और सहयोग के सिद्धांत के प्रति अनवरत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आरोग्य सेतु का विकास सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और नागरिकों के बीच सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह हमारे देश के प्रतिभावान युवा प्रौद्योगिकीय विशेषज्ञों के कठिन मेहनत का फल भी है जिन्होंने इस विश्व स्तरीय उत्पाद को बनाने के लिए रात दिन काम किया है। आम लोगों (पब्लिक डोमेन) के लिए इस सोर्स कोड को जारी करने के साथ ही हम सहयोग बढ़ाने और प्रतिभावान युवाओं और देश के नागरिकों के बीच मौजूद सर्वोच्च प्रौद्योगिकीय विशेषज्ञता का लाभ उठाने और सामूहिक रूप से इस महामारी का मुकाबला मिलकर करने में शामिल अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों के काम में मदद करने के लिए एक मजबूत और सुरक्षित प्रौद्योगिकी समाधान बनाने की दिशा में अग्रसर है।---
- नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से सुनिश्चित करने को कहा कि संस्थागत पृथक-वास की अवधि 14 दिन से कम होकर सात दिन होने के बाद होटल में ठहरने के लिए अग्रिम भुगतान करने वाले विदेश से लौटे प्रवासियों को उनका पैसा वापस मिले।मंगलवार को सभी राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासनों को लिखे पत्र में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी नये दिशा-निर्देशों में वंदे भारत मिशन के तहत विदेश से लौटने वाले भारतीयों के लिए पृथक-वास के बंदोबस्त में बदलाव किया गया है। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार संस्थागत पृथक-वास के प्रोटोकॉल को बदल दिया गया है और अब सात दिन के संस्थागत पृथक-वास के बाद चिकित्सा जांच होगी और सात दिन का पृथक-वास घर में होगा। भल्ला ने कहा कि गृह मंत्रालय के संज्ञान में लाया गया है कि विदेश से लौटे जो भारतीय होटलों में पृथक-वास में ठहरे थे उनसे पहले ही 14 दिन का पैसा ले लिया गया था। पत्र के अनुसार, चूंकि अब वे सात दिन बाद घर में पृथक-वास में रहने के लिए जा सकते हैं, इसलिए उनके द्वारा अदा किया गया बाकी सात दिन का पैसा उन्हें लौटाया जाना चाहिए जिसे कुछ होटल लौटाने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, आपसे अनुरोध किया जाता है कि संस्थागत पृथक-वास के लिए इस्तेमाल और चिह्नित होटलों को जरूरी निर्देश दिये जाएं कि विदेश से लौटे जो प्रवासी होटलों में पृथक-वास में थे और जिन्होंने 14 दिन का अग्रिम भुगतान किया था, उन्हें बिना देरी के बकाया धन वापस किया जाएगा।--





















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