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- औरंगाबाद। कोरोनो वायरस संक्रमित एक मां ने अपने बच्चे की पहली झलक वीडियो कॉल के माध्यम से देखी।दरअसल महाराष्ट्र के औरंगाबाद में कोरोना संक्रमित पाई गई एक महिला ने 18 अप्रैल को सिविल हॉस्पिटल में सिजेरियन सेक्शन के जरिए एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया, लेकिन वह अपने बच्चे की एक झलक भी नहीं देख पाई, क्योंकि बच्चे के जन्म के समय वह बेहोश थी। आखिरकार अस्पताल प्रशासन ने उसका भी इंतजाम किया और वीडियो कॉल के माध्यम से नवजात बच्चे की पहली झलक उसे दिखाई।जन्म लेने के बाद नवजात बच्चे को मां से अलग रखा गया है। बच्चे को कोरोना संक्रमित नहीं पाया गया है।
- नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देश की पहली कोविड-19 गतिशील नमूना संग्रह प्रयोगशाला मोबाइल बीएसएल-3 वीआरडीएल लैब को राष्ट्र को समर्पित किया।इस अवसर पर श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संतोष गंगवार, गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी, तेलंगाना के नगरीय प्रशासन और शहरी विकास, उद्योग एवं आईटी ईएंडसी मंत्री के टी रामा राव, तेलंगाना के ही श्रम एवं रोजगार, कारखाना मंत्री चामाकुरा मल्ला रेड्डी भी उपस्थित रहे।इस प्रयोगशाला को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ), रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और तेलंगाना सरकार की स्वीकृति के क्रम में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, सनथनगर (हैदराबाद) के सहयोग से विकसित किया है। इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने रिकॉर्ड 15 दिन में इस जैव-सुरक्षा स्तर 2 और स्तर 3 की प्रयोगशाला की स्थापना में डीआरडीओ और ईएसआईसी के प्रयासों की सराहना की, जिसमें आम तौर पर लगभग छह महीने का समय लग जाता है। उन्होंने कहा कि इस परीक्षण इकाई से एक दिन में 1,000 नमूनों की जांच की जा सकती है और इससे कोविड-19 से लड़ाई में देश की क्षमताओं को बढ़ाने में सहायता मिलेगी।श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने अपने संबोधन में इतने कम समय में गतिशील परीक्षण प्रयोगशाला विकसित करने के लिए डीआरडीओ और ईएसआईसी की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में यह खासी अहम होगी। श्री गंगवार ने कोविड-19 से लड़ाई में उनके मंत्रालय के अधीन आने वाले संगठन ईएसआईसी द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इस इकाई के विकास के लिए डीआरडीओ के वैज्ञानिकों और ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, सनथनगर, हैदराबाद के चिकित्सकों के दल की सराहना की।मोबाइल बीएसएल-3 वीआरडीएल प्रयोगशाला के बारे मेंईएसआईसी मेडिकल एंड हॉस्पिटल, सनथनगर, हैदराबाद के द्वारा मोबाइल बीएसएल-3 वीआरडीएल लैब नाम की इस नई मोबाइल डायग्नोस्टिक और रिसर्च इकाई का उपयोग किया जाएगा। यह कोविड-19 और अन्य संबंधित परीक्षण व शोध उद्देश्यों के लिए देश में अपनी तरह की पहली इकाई होगी।मोबाइल बीएसएल-3 वीआरडीएल लैब के डिजाइ को डीआरडीओ के वैज्ञानिकों के द्वारा विकसित किया गया है, जिसमें ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, सनथनगर, हैदराबाद द्वारा विशेषताएं शामिल की गई हैं। इस परियोजना का कार्यान्वयन और निर्माण डीआरडीओ के तीन उद्योग भागीदारों द्वारा किया गया है। डीआरडीओ द्वारा विकसित और ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, सनथनगर, हैदराबाद के साथ साझा की गई अन्य नवीन तकनीकों में नमूना संग्रह के लिए सीओवीएसएसीके यूनिट, एयरोसोल बॉक्स और आर्सेलाइज्ड सैनिटाइज्ड डिस्पेंसर, स्नोर्केल फेस मास्क और फेस शील्ड, यूवी-सी कीटाणुनाशक चैम्बर शामिल हैं।---
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नई दिल्ली। डिजिटल भुगतान अवसंरचना का उपयोग करते हुए 33 करोड़ से भी अधिक गरीब लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (पीएमजीकेपी) के तहत सीधे तौर पर 31 हजार 235 करोड़ रुपये (22 अप्रैल, 2020 तक) की वित्तीय सहायता दी गई है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 26 मार्च, 2020 को कोविड-19 के कारण किए गए लॉकडाउन के प्रभाव से गरीबों को बचाने के लिए की है।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के एक हिस्से के रूप में सरकार ने महिलाओं और गरीब वरिष्ठ नागरिकों एवं किसानों को मुफ्त में अनाज देने और नकद भुगतान करने की घोषणा की। इस पैकेज के त्वरित कार्यान्वयन पर केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा निरंतर पैनी नजर रखी जा रही है। वित्त मंत्रालय, संबंधित मंत्रालय, मंत्रिमंडलीय सचिवालय और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) यह सुनिश्चित करने में कोई भी कसर नहीं छोड़ रहे हैं कि राहत के उपाय तेजी से और लॉकडाउन से उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर जरूरतमंदों तक अवश्य ही पहुंच जाएं।--- - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि महामारी संशोधन अध्यादेश 2020 कोविड-19 महामारी से लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रहे प्रत्येक स्वास्थ्य कार्यकर्ता की सुरक्षा की सरकार की प्रतिबद्धता को व्यक्त करता है।प्रधानमंत्री ने ट्वीटर पर कहा कि इससे हमारे स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।--
- नई दिल्ली। देश के विभिन्न हिस्सों में काम के दौरान कई मीडियाकर्मियों के कोविड-19 की चपेट में आने की घटनाओं को देखते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए एक एडवाइजरी जारी की है।मंत्रालय ने देश के विभिन्न हिस्सों में कोविड-19 से जुड़े मसलों को कवर कर रहे मीडियाकर्मियों मसलन संवाददाताओं, कैमरामैन, फोटोग्राफर्स को सलाह जारी की है। जारी एडवाइजरी में कंटेंनमेंट जोन, हॉटस्पॉट और कोरोना वायरस से प्रभावित अन्य इलाकों में जाने वाले मीडियाकर्मियों को अपनी ड्यूटी के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, मंत्रालय ने मीडिया घरानों के प्रबंधन से अनुरोध किया है कि वे फील्ड में तैनात कर्मचारियों के साथ-साथ कार्यालय में काम कर रहे अपने कर्मचारियों की भी आवश्यक देखभाल करें।पूरी एडवाइजरी को सूचना और प्रसारण मंत्रालय की वेबसाइट पर पढ़ा सकता है।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के अवसर पर धरती माता का आभार व्यक्त किया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पृथ्वी दिवस के अवसर पर भरपूर देखभाल और अनुकंपा के लिए धरती का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस पर हम सभी हमारी देखभाल और करुणा के लिए अपने ग्रह का आभार व्यक्त करते हैं। चलिए एक स्वच्छ, स्वस्थ और अधिक समृद्ध ग्रह बनाने की ओर काम करने का संकल्प लें। कोविड-19 को हराने के लिए अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे सभी लोगों का आभार।
- भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के मंत्रिमंडल में 5 मंत्रियों के शामिल होने के बाद आज उन्हें विभागों का भी बंटवारा कर दिया गया है।नरोत्तम मिश्रा को गृह और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। तुलसी सिलावट जल संसाधन विभाग का काम संभालेंगे। गोविंद सिंह राजपूत सहकारिता और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग देखेंगे। कमल पटेल कृषि मंत्री बनाए गए हैं। मीना सिंह आदिम जाति कल्याण विभाग देखेंगी। मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि अभी हमने विभागों का बंटवारा कोरोना को ध्यान में रखते हुए किया है। महामारी को नियंत्रित करने के लिए जितने विभाग जरूरी थे, उन्हें ही बनाया गया है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि कोरोना से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मंत्रियों को प्रदेश के संभागों का प्रभार दिया गया है। नरोत्तम मिश्रा को भोपाल और उज्जैन संभाग, तुलसी सिलावट को इंदौर एवं सागर संभाग, कमल पटेल को जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग, गोविंद सिंह राजपूत को चंबल एवं ग्वालियर संभाग और मीना सिंह को रीवा एवं शहडोल संभाग का प्रभार सौंपा गया है।मंत्रिमंडल के नए सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ट्वीट किया-मंत्रिमंडल के सभी साथियों को अपने-अपने विभागों का पदभार ग्रहण करने पर मेरी शुभकामनाएं। हम सब मिलकर मध्यप्रदेश की सेवा करेंगे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नये भारत के विजऩ को प्रदेश में साकार करेंगे।---
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सिविल सेवा दिवस पर सिविल सेवकों और उनके परिवारों को बधाई दी तथा सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की।प्रधानमंत्री ने कहा, आज, सिविल सेवा दिवस पर मैं सभी सिविल सेवकों और उनके परिवारों को बधाई देता हूं। मैं कोविड 19 को हराने में भारत की सफलता सुनिश्चित करने के उनके प्रयासों की सराहना करता हूं। वे चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं, जरूरतमंद लोगों की सहायता कर रहे हैं और सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर कोई स्वस्थ हो।सिविल सेवा दिवस पर, महान सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिन्होंने हमारे प्रशासनिक ढांचे की कल्पना की और प्रगति-उन्मुख प्रणाली बनाने पर जोर दिया।गौरतलब है कि भारत सरकार ने वर्ष 2006 से प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस के रूप में सिविल सेवकों को स्वयं को नागरिकों के लिए पुनर्समर्पित करने तथा लोक सेवा और कार्य में उत्कृष्टता हेतु अपनी वचनबद्धता को पुनर्सज्जित करने के लिए एक अवसर के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस प्रकार का पहला समारोह 21 अप्रैल 2006 को विज्ञान भवन में आयोजित किया गया। माननीय प्रधानमंत्री ने इस समारोह का शुभारंभ किया। सभी सिविल सेवाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस समारोह में भाग लिया था।
- नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट को आज उनके पैतृक गांव उत्तराखंड के पौड़ी के पास पंचूर में अंतिम विदाई दी गई। बड़े बेटे मनेंद्र बिष्ट ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। श्री आनंद सिंह बिष्ट का कल नई दिल्ली एम्स में निधन हो गया था, वे 89 वर्ष के थे। .राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी योगी आदित्यनाथ के पिता के निधन पर शोक जताया।----
- भोपाल। लंबे इंतजार के बाद अंतत: मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट का गठन हो गया है, फिलहाल इसमें पांच मंत्रियों को ही जगह मिली है। आज राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में राज्यपाल लालजी टंडन ने इन नए मंंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।जिन पांच मंत्रियों ने शपथ ली है उसमें कमल पटेल, नरोत्तम मिश्रा , तुलसी सिलावट , ंमीना सिंह और गोविंद सिंह राजपूत शामिल हैं।कमल पटेल पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के खेमे के माने जाते हैं। शिवराज की पिछली सरकार में भी मंत्री रहे हैं। मंत्रिमंडल में नरोत्तम मिश्रा को शामिल करने पर कोई संदेह नहीं था। तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत कैबिनेट में ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के प्रतिनिधि हैं। तुलसी सिलावट इससे पहले कमलनाथ सरकार में स्वास्थ्य और गोविंद सिंह राजपूत परिवहन मंत्री थे।----
- नई दिल्ली। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर एनएचएआई, राज्यों, तेल विपणन कम्पनियों जैसे संगठनों द्वारा देश भर में उपलब्ध ढाबों और ट्रक की मरम्मत से संबंधित दुकानों की सूची और विवरण प्रदान करने वाला डैशबोर्ड लिंक शुरु किया है।इसका उद्देश्य कोविड-19 महामारी पर काबू पाने के लिए घोषित लॉकडाउन के मौजूदा चुनौतीपूर्ण समय में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए ट्रक/कार्गो चालकों और क्लीनर्स को देश के विभिन्न स्थानों पर आवागमन के दौरान सहायता उपलब्ध कराना है। सूचना प्रदान करने के लिए विभिन्न हितधारकों विशेषकर राज्यों/ संघशासित प्रदेशों, तेल विपणन कम्पनियों (ओएमएस) आदि के साथ नियमित सम्पर्क बनाया जा रहा है इसी सूचना को बाद में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की वेबसाइट पर अपडेट किया जाता है।राष्ट्रीय राजमार्गों के ढाबों और मरम्मत की दुकानों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए एनएचएआई के केंद्रीकृत कॉल नंबर 1033 को भी कॉल का जवाब देने और चालकों /क्लीनर्स की मदद करने में सक्षम बनाया गया है।उल्लेखनीय है कि ढाबे और मरम्मत की दुकानें, चालक, क्लीनर या वस्तुओं की आवाजाही की श्रृंखला में शामिल व्यक्ति सामाजिक दूरी, मास्क का उपयोग, स्वच्छता, आदि सभी आवश्यक सावधानियों और स्वास्थ्य देखभाल संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करेंगे।
- नई दिल्ली। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट का आज नई दिल्ली में निधन हो गया। 89 साल के आनंद सिंह बिष्ट का दिल्ली के एम्स में इलाज चल रहा था और उनकी हालत गंभीर थी। वह पिछले कई दिनों से वेंटिलेटर पर थे और उन्होंने आज यानी सोमवार सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर अंतिम सांस ली।आनंद सिंह बिष्ट का अंतिम संस्कार उत्तराखंड स्थित उनके पैतृक गांव पंचूर में मंगलवार को होगा।समाचार एजेंसी एएनआई ने योगी आदित्यनाथ के एक पत्र को ट्वीट करते हुए बताया है कि योगी आदित्यनाथ कल अपने पिता के अंतेष्टि कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। इस पत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा-अंतिम क्षणों में पिता जी के दर्शन की हार्दिक इच्छा थी पर देशहित के कारण मैं नहीं कर सकता। लॉकडाउन की सफलता के लिए और महामारी को परास्त करने के लिए मैं कल होने वाले अपने पूज्य पिताजी के अंतिम संस्कार में भाग नहीं लूंगा।
भूपेश बघेल ने जताया शोकछत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अपने ट्वीट संदेश में कहा है कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के पूज्य पिता जी के दिवंगत होने की दुखद खबर मिली। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं योगी आदित्य नाथ जी एवं उनके परिजनों के साथ है, मैं ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। - नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा गैर-ज़रूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर रोक जारी रहेगी। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने इस बारे में एक आदेश जारी करते हुए कहा कि लॉकडाउन के बारे में जारी संशोधित दिशानिर्देशों में ई-कॉमर्स कंपनियों को गैर-ज़रूरी वस्तुओं की बिक्री की छूट देना शामिल नहीं हैं। वे केवल आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति ही कर सकेंगे।श्री भल्ला ने इस बारे में राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि लॉकडाउन की अवधि में ई-कॉमर्स कंपनियां केवल आवश्यक वस्तुओं की ही आपूर्ति कर सकेंगी। उन पर गैर-ज़रूरी वस्तुओं की आपूर्ति को लेकर लगी रोक बरकरार रहेगी। उन्होंने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा है कि वे इस बारे में अपनी फील्ड एजेंसियों को अवगत कराएं, ताकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुगम हो सके।
- बनिहाल/जम्मू । जम्मू कश्मीर में 270 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को दो दिनों तक बंद रहने के बाद रविवार को फिर से खोल दिया गया। बंद के कारण जरूरी सामान घाटी ले जा रहे ट्रक फंस गए थे।यातायात विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राजमार्ग पर दिन में खराब मौसम और रामबन जिले में विभिन्न स्थानों पर पहाड़ों से पत्थर गिरने से यातायात की आवाजाही धीमी थी। कश्मीर को सभी मौसम में देश के अन्य हिस्सों से जोडऩे वाले राजमार्ग को शुक्रवार को भारी बारिश और रामबन तथा रामसू के बीच भूस्खलन की वजह से बंद कर दिया गया था। इस वजह से जरूरी वस्तुओं को घाटी ले जा रहे सैकड़ों ट्रक फंस गए थे।
- नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले 45 दिनों के दौरान राज्य में लौटे पांच लाख प्रवासी मजदूरों को रोजगार मुहैय्या कराने के लिए एक समिति का गठन किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कृषि उत्पादन आयुक्त इस समिति के अध्यक्ष होंगे।राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा कौशल विकास विभागों के प्रधान सचिव इस समिति के सदस्य होंगे। यह समिति इस संबंध में सिफारिश करेगी कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अधिकतम अवसर कैसे सृजित किए जाएं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को किस प्रकार सुदृढ़ किया जाए। यह समिति बैंकों से कर्ज लेने के लिए ऋण मेलों का आयोजन करेगी और एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम के अंतर्गत रोजगार उपलब्ध कराने संबंधी सुझाव देगी। अधिक से अधिक लोगों को रोजगार देने के लिए रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे।---
- जम्मू। जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में एक निर्माणाधीन मकान ढहने से रविवार को दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दूरवर्ती धरमशाल गांव में देर रात करीब दो बजे मकान ढह गया जिससे एक कमरे में सो रहे दो लोग उसमें फंस गए।उन्होंने बताया कि स्थानीय निवासियों ने तत्काल बचाव अभियान चलाया।उन्होंने बताया कि मलबे में दबे मोहम्मद परवेज (30) और मंजूर हुसैन (28) को मृत पाया गया। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने शवों को बाहर निकाल लिया है।
- हैदराबाद। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय पोषण संस्थान (एनआईएन) के अनुसार पोषक तत्वों से भरपूर सब्जी, फल, दाल, अनाज और दही युक्त संतुलित आहार ग्रहण करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और कोरोना वायरस से लडऩे का यही मूल मंत्र है।भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के राष्ट्रीय पोषण संस्थान (एनआईएन) की ओर से जानकारी दी गई है कि फल, सूखे मेवे, सब्जी इत्यादि में प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाले विटामिन और खनिज जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों और रोगों से लडऩे के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले तत्वों के सेवन से संक्रमण होने की आशंका कम की जा सकती है। एक शताब्दी से भी अधिक पुरानी संस्था एनआईएन को पोषक तत्वों पर अनुसंधान के लिए वैश्विक स्तर पर सराहना मिल चुकी है। संस्थान की निदेशक हेमलता ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के संकट के परिप्रेक्ष्य में केंद्र सरकार ने प्रतिरोधक क्षमता और पोषक तत्वों पर सुझाव मांगे थे जिसके बाद संस्थान ने केंद्र को अपनी राय से अवगत कराया।
- नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने फॉरेन डायरेक्ट निवेश (एफडीआई) के नियमों में बदलाव के लिए केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार का आभार व्यक्त किया किया है। राहुल गांधी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा- मैंने कुछ दिनों पहले एफडीआई नियमों में बदलाव की बात की सिफारिश की थी। मुझे खुशी है कि केंद्र सरकार ने मेरी बात पर अमल किया ।
राहुल गांधी ने इससे पहले वाले अपने पिछले ट्वीट में कहा था कि देश में आर्थिक सुस्ती से भारतीय कॉरपारेट कंपनियां काफी कमजोर हुई हैं और टेकओवर के लिए दूसरे देशों के निशाने पर हैं। सरकार को इसकी इजाजत नहीं देनी चाहिए कि कोई विदेशी कंपनी इस संकट के दौर में किसी भारतीय कंपनी पर अधिकार हासिल कर ले। 12 अप्रैल को केंद्र सरकार को आगाह करते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर राहुल ने लिखा था, देश मंदी की चपेट में है। इस वजह से कई भारतीय कंपनियां कमजोर हुई हैं। ऐसे में डर है कि विदेशी कंपनी इसका फायदा उठाते हुए भारतीय कंपनी को टेकओवर ना कर ले। भारत सरकार को इस दिशा में प्रयास करते हुए विदेशी ताकतों को भारतीय कंपनियों के अधिग्रहण से रोकना चाहिए।ज्ञातव्य है कि सरकार ने एफडीआई नियमों में बदलाव कर दिया है। नए नियम के मुताबिक अब भारत की सीमा से जुड़े किसी भी देश के नागरिक या कंपनी को निवेश से पहले सरकार की मंजूरी लेनी होगी। अब तक सिर्फ पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों/कंपनियों को ही मंजूरी की जरूरत होती थी। वहीं चीन जैसे पड़ोसी देशों के लिए इसकी जरूरत नहीं थी। - नई दिल्ली। कोरोना संकट के कारण पिछले एक महीने से लागूू लॉकडाउन देश के 17 महानगरों के लिये वरदान साबित हुआ है जो पिछले कुछ सालों से वायु प्रदूषण से सर्वाधिक प्रभावित थे।केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक लॉकडाउन लागू होने से पहले और लॉकडाउन के बाद इन शहरों में प्रदूषण के लिये जिम्मेदार कारक तत्वों के ग्राफ में खासी गिरावट दर्ज की गयी है। इनमें सबसे ज्यादा राहत एनसीआर के तीन शहरों दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम को मिली है। इन शहरों में लॉकडाउन के दौरान हवा की गुणवत्ता से जुड़े सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक जयपुर में पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा में 55 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गयी है।गौरतलब है कि सरकार ने कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर पूरे देश में 25 मार्च से 14 अप्रैल तक पहली बार लॉकडाउन घोषित किया था। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत संस्था क्लाइमेट ट्रेंड्स द्वारा सीपीसीबी के लॉकडाउन से पहले और बाद के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर तैयार रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर में लॉकडाउन के दौरान 25 मार्च से छह अप्रैल के बीच पीएम 2.5 की मात्रा में 53.77 प्रतिशत और पीएम 10 की मात्रा में 55.13 प्रतिशत की गिरावट आयी है। यह रिपोर्ट हवा की गुणवत्ता को जहरीला बनाने वाले पार्टिकुलेट तत्वों पीएम 2.5 और पीएम 10, नाइट्रोजन डाइ ऑक्साइड एवं नाइट्रिक ऑक्साइड (एनओएक्स) तथा सल्फर डाइ ऑक्साइड (एसओ2) की इन शहरों में पायी गयी मात्रा के तुलनात्मक विश्लेषण के आधार पर तैयार की गयी है।उल्लेखनीय है कि वाहन जनित वायु प्रदूषण बढ़ाने में पीएम 2.5 की अहम भूमिका होती है, वहीं निर्माण कार्य एवं अन्य गतिविधियों के कारण हवा में धूल कणों की मात्रा बढऩे पर पीएम 10 का स्तर बढ़ता है। रिपोर्ट के अनुसार जिन शहरों में प्रदूषण के लिये जिम्मेदार तत्वों की मात्रा में 50 प्रतिशत से अधिक गिरावट आयी है, उनमें एनसीआर के दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम शामिल हैं। इसके अनुसार दिल्ली के सभी 35 वायु गुणवत्ता निगरानी केन्द्रों पर 10 से 23 मार्च के बीच पीएम 2.5 का औसत स्तर 68.80 दर्ज किया गया जबकि 25 मार्च से छह अप्रैल के बीच यह 43.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 38.81 हो गया। हालांकि इस अवधि में देश की वित्तीय राजधानी मुंबई के सभी 12 निगरानी केन्द्रों पर पीएम 2.5 की मात्रा में महज 22.86 प्रतिशत की ही गिरावट दर्ज की गयी जबकि नोएडा में इस गिरावट का स्तर 51.6 प्रतिशत और गुरुग्राम में 50.2 प्रतिशत रहा। रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण के लिये जिम्मेदार इन चारों तत्वों की मात्रा में सभी 17 महानगरों में गिरावट दर्ज की गयी। सिर्फ असम के गुवाहाटी में लॉकडाउन के दौरान भी पीएम 2.5 का स्तर उम्मीद के मुताबिक कम नहीं हुआ। गुवाहाटी में लॉकडाउन से पहले, 10 से 23 मार्च के दौरान, पीएम 2.5 का औसत स्तर 92.27 था, जो कि लॉकडाउन में 25 मार्च से छह अप्रैल के बीच महज 1.97 प्रतिशत की गिरावट के साथ 90.45 हो गया। यह रिपोर्ट दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पुणे, नोएडा, गुरुग्राम, पटना, कानपुर, लखनऊ, बेंगलुरू, हैदराबाद, जयपुर, गुवाहाटी, चंडीगढ़, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम और अहमदाबाद स्थित सीपीसीबी के 97 वायु गुणवत्ता निगरानी केन्द्रों के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर तैयार की गयी है। इसके अनुसार लॉकडाउन के दौरान पीएम 10 के स्तर में सर्वाधिक 56.48 प्रतिशत की गिरावट गुरुग्राम में दर्ज की गयी। जबकि पुणे में 55.68 प्रतिशत और नोएडा में 54.80 प्रतिशत कमी आयी । वहीं एनओएक्स की मात्रा में सबसे ज्यादा कमी कानपुर में (72.05 प्रतिशत) दर्ज की गयी, जबकि एसओ2 की मात्रा में सर्वाधिक गिरावट पुणे में (37.33 प्रतिशत) रही।
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार के पेंशनों में 20 प्रतिशत की कटौती की रपटों को खारिज करते हुए वित्त मंत्रालय ने रविवार को कहा कि वेतन और पेंशन में कोई कटौती नहीं की जाएगी।वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा, ऐसी रिपोर्ट हैं कि केंद्र सरकार की पेंशनों में 20 प्रतिशत की कटौती की योजना बनाई जा रही है। यह खबर गलत है। पेंशन वितरण में कोई कटौती नहीं होगी।मंत्रालय ने कहा, यह स्पष्ट किया जाता है कि सरकार के कैश मैनेजमेंट दिशानिर्देशों से वेतन और पेंशनों पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने भी मंत्रालय के ट्वीट को शेयर किया। इससे पहले दिन में, कुछ सोशल मीडिया यूजरों ने पेंशन में कटौती के संबंध में रिपोर्ट को ट्वीट करना शुरू कर दिया था। निर्मला ने मंत्रालय के ट्वीट पर कहा, स्पष्टीकरण देने के लिए धन्यवाद। पेंशनों में कोई कटौती नहीं होगी।

- नई दिल्ली। नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने राज्यों से अपील की है कि वे बिजली की घरेलू मांग को पूरा करने के साथ साथ भारत को अक्षय ऊर्जा उपकरण उत्पादन का बड़ा केन्द्र बनाने के लिए अक्षय ऊर्जा (आरई) उपकरण विनिर्माण पार्क स्थापित करें।एमएनआरई ने राज्यों को ऐसे पार्क स्थापित करने के लिए कई प्रोत्साहनों को देने की पेशकश की है। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब चीन में कोविड -19 के प्रकोप के बाद कई अंतर्राष्ट्रीय कंपनियां वहां से अपने उत्पादन आधार को किसी और जगह ले जाने की इच्छुक हैं। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, एमएनआरई ने घरेलू और वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए देश में अक्षय ऊर्जा उपकरणों को बनाने के नए केंद्र स्थापित करने की दिशा में व्यापक कार्रवाई शुरू की है। बयान में आगे कहा गया है कि इस उद्देश्य के साथ, मंत्रालय ने विभिन्न राज्य सरकारों और बंदरगाह प्राधिकरणों को इस तरह के पार्क स्थापित करने के लिए 50-500 एकड़ के भूमि पार्सल की पहचान करने के बारे में पत्र लिखा है।तूतीकोरिन पोर्ट ट्रस्ट, मध्य प्रदेश सरकार और ओडिशा सरकार ने आरई उपकरण विनिर्माण पार्क स्थापित करने के बारे में पहले ही अपनी रुचि जताई है। एमएनआरई के सचिव आनंद कुमार ने पिछले सप्ताह आरई कंपनियों के साथ बैठक की। मंत्रालय को भारत में इस भारी संभावनाओं वाले क्षेत्र में निवेश करने के लिए आमंत्रित करते हुए विभिन्न देशों के व्यापार आयुक्तों एवं प्रतिनिधियों के साथ भी संपर्क बनाया हुआ है। अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में ये विनिर्माण केन्द्र, तमाम उपकरणों एवं सेवाओं का भी निर्यात करेंगे। मौजूदा समय में, भारत में लगभग 10 गीगावाट पवन ऊर्जा उपकरण विनिर्माण क्षमता है। सौर कोशिकाओं और मॉड्यूल के मामले में, भारत अपनी आवश्यकता का लगभग 85 प्रतिशत आयात करता है। एमएनआरई ने कहा कि ऐसे समय में जब कई कंपनियां चीन से अपना आधार बदल रही हैं, यह भारत के लिए देश में विनिर्माण की सुविधा के लिए नीतिगत बदलाव लाने का समय है। इसके अनुरूप, एमएनआरई ने इस क्षेत्र में निवेश की सुविधा के लिए एक अक्षय ऊर्जा उद्योग सुविधा और संवर्धन बोर्ड का गठन किया है।---
- नर्ई दिल्ली। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने कहा है कि सरकार आरोग्य सेतु ऐप के जरिए मिलने वाली जानकारी का इस्तेमाल केवल चिकित्सा प्रयोजन के लिए करेगी और लोगों से संबंधित आंकड़ों का किसी अन्य काम के लिए इस्तेमाल कभी नहीं किया जाएगा।श्री कांत ने ट्वीट करते हुए कहा कि निजता अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार इसे सबसे अधिक महत्व देती है। उन्होंने कहा कि आरोग्य सेतु ऐप व्यक्तियों, उनके परिवारों और समुदाय की कोविड-19 से रक्षा करने में ढाल की तरह काम करेगा। उन्होंने इस ऐप को विश्व स्तरीय मेक इन इंडिया उत्पाद बताया और कहा कि यह संक्रमण के जोखिम की जानकारी देकर लोगों का सशक्तीकरण करता है।आरोग्य सेतु ऐप के महत्व पर जोर देते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में सचिव अजय प्रकाश साहनी ने कहा कि यह ऐप कोविड-19 से निपटने में कारगर उपकरण सिद्ध होगा।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार दक्षिण अफ्रीकी गणराज्य के राष्ट्रपति सिरिल रामफौसा के साथ टेलीफोन पर बातचीत की।दोनों नेताओं ने कोविड-19 महामारी से उत्पन्न घरेलू, क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों के बारे में विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने अपने-अपने देशों की सरकारों द्वारा लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के साथ-साथ इसके आर्थिक प्रभावों को कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की चर्चा की।प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि भारत इस चुनौतीपूर्ण समय में दक्षिण अफ्रीका को आवश्यक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री ने महामारी के सम्बन्ध में महाद्वीप में विस्तृत प्रतिक्रिया के समन्वय के लिए, अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष के रूप में राष्ट्रपति रामफौसा द्वारा निभाई जा रही सक्रिय भूमिका की सराहना की।भारत और अफ्रीका के बीच सदियों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों और भारत और अफ्रीका के लोगों के एक दूसरे के देश में आवागमन की चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वायरस के खिलाफ संयुक्त अफ्रीकी प्रयास को भारत का पूर्ण समर्थन देने की जानकारी दी।---
- जबलपुर। फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा और राजपाल यादव ने कोरोना संकट में स्व-प्रेरणा से जबलपुर शहर के हॉट स्पॉट कंटेनमेंट एरिया कोतवाली पुलिस थाना क्षेत्र में पहुंचकर तैनात पुलिस कर्मियों का हौसला बढ़ाया। साथ ही लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की भी सीख दी। पुलिस अधीक्षक अमित सिंह साथ रहे।फिल्म अभिनेता श्री राणा और श्री यादव ने पुलिस कर्मियों से कहा कि वे विपरीत परिस्थितियों में जिस लगन, निष्ठा और ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, वह सराहनीय है। दोनों अभिनेताओं ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फूल और कोल्ड ड्रिंक, मास्क तथा सेनेटाइजर दिये। ये फिल्म स्टार शहरवासियों से भी सोशल डिस्टेंसिंग से मिले, लॉकडाउन के नियमों का पालन करने की अपील की। कोतवाली क्षेत्र के लोग फिल्म स्टार को देखने के लिए घरों की बालकनी में खड़े हो गए थे।जिला प्रशासन की अनुमति से जबलपुर पहुंचे फिल्म इन अभिनेताओं ने क्षेत्रवासियों से घर के भीतर रहने और रोजाना तुलसी की 9 पत्तियां खाने की अपील की। उल्लेखनीय है कि जबलपुर जिले में मिले 13 कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से तीन मरीज इसी क्षेत्र में पाये गये हैं।---
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा आज की गई विभिन्न घोषणाओं की सराहना की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि इन कदमों से पूरी वित्तीय प्रणाली में तरलता (लिक्विडिटी) बढ़ेगी और ऋणों की आपूर्ति या उपलब्धता में सुधार होगा।प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, आज आरबीआई द्वारा की गई घोषणाओं से तरलता में काफी वृद्धि होगी और ऋण आपूर्ति में सुधार होगा। इन कदमों से हमारे छोटे व्यवसायों, एमएसएमई, किसानों और गरीबों को मदद मिलेगी। इन कदमों के तहत डब्ल्यूएमए सीमा बढ़ा देने से सभी राज्यों को भी आवश्यक मदद मिलेगी।----













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