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- जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों के कोरोना अभियान से संबंधित ड्यूटी पर रहते हुए कोरोना संक्रमण की वजह से असामयिक मृत्यु होने पर आश्रित/परिवार को 50 लाख रूपये की सहायता को देने की घोषणा की है।भारत सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण में ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो जाने पर सिर्फ स्वास्थ्य कर्मियों का 50 लाख रूपये का बीमा करने की घोषणा की गई है। इसका दायरा बढ़ाते हुए राज्य सरकार द्वारा उक्त स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा अन्य सभी राज्य कर्मचारियों (पटवारी, ग्राम सेवक, कानिस्टेबल आदि), संविदा कर्मचारी (सफाई कर्मचारी, स्वास्थ्य कर्मचारी आदि) एवं मानदेय कर्मचारी (होमगार्डस, सिविल डिफेंस, आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका, मिनी आशा इत्यादि) को कोरोना अभियान की ड्यूटी पर रहते हुए कोरोना संक्रमण की वजह से असामयिक मृत्यु होने पर 50 लाख रूपये की सहायता दी जाएगी।
- जयपुर । राजस्थान के अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह ने शुक्रवार को एक अधिसूचना जारी कर कोविड-19 के संक्रमण को रोकने व आमजन के स्वास्थ्य व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक लोक हित में राजस्थान पिडेमिक डिजीजेज एक्ट, 1957 की धारा (2) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए थूंक या पान व अन्य चबाये जाने वाले तम्बाकू व गैर तम्बाकू उत्पादों के खाने के बाद पीक को सार्वजनिक स्थानों व संस्थानों में थूकने पर तुरन्त प्रभाव से रोक लगा दी है।इन आदेशों की अवहेलना की स्थिति में संबंधित के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।उल्लेखनीय है कि कोविड-19 वैश्विक महामारी में व्यक्तिगत, पारिवारिक व सामाजिक स्तर पर स्वच्छता व साफ-सफाई की महत्ता को प्रमुख रूप से रेखांकित किया है। सामान्य तौर पर यह देखने में आता है कि आमजन द्वारा थूंक व पान या अन्य चबाये जाने वाले तम्बाकू व गैर तम्बाकू उत्पादों को खाने के बाद पीक को सार्वजनिक स्थानों पर यहां-वहां थूक दिया जाता है, जिससे कोविड-19 के संक्रमण के फैलने की आंशका रहती है। इस संक्रमण को रोकने हेतु आमजन की इन अस्वास्थ्यकारी आदतों पर सख्ती से प्रतिबंध लगाना आवश्यक हो गया था।-----
- भोपाल । कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु के बाद मृत शरीर का अंतिम संस्कार उसी शहर की सीमा में किया जायेगा, जहां उसकी मृत्यु हुई है। इससे मृत शरीर से होने वाले संक्रमण को रोका जा सकेगा।लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आयुक्त फैज अहमद किदवई ने इस संबंध में सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, चिकित्सा महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन-सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षकों को अवगत करवाया है। आदेशानुसार किसी भी स्थिति में मृत शरीर को अन्यत्र जिले, गृह जिले, शहरी सीमा, जहां संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु हुई है, वहां से बाहर ले जाने की अनुमति प्रदान नहीं की जायेगी।----
- नई दिल्ली। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को जी-20 के ऊर्जा मंत्रियों की विशेष वर्चुअल बैठक में भाग लिया। यह बैठक जी-20 के अध्यक्ष की हैसियत से सऊदी अरब ने बुलाई थी और इसकी अध्यक्षता सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुल अजीज ने की। बैठक में जी-20 देशों, अतिथि देशों के ऊर्जा मंत्रियों और ओपेक, आईईए और आईईएफ सहित कई संगठनों के प्रमुखों ने भागीदारी की।जी-20 के ऊर्जा मंत्रियों ने ऊर्जा बाजारों में स्थायित्व सुनिश्चित करने के तरीकों और माध्यमों पर ध्यान केंद्रित किया, जिस पर कोविड-19 महामारी के चलते मांग में गिरावट के कारण खासा असर पड़ा है। बैठक में अतिरिक्त उत्पादन से संबंधित मसलों पर भी चर्चा हुई। बैठक के दौरान श्री प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जी-20 से ऐसे मुश्किल दौर में पैदा हुई चुनौतियों से उबरने के लिए मानव केंद्रित दृष्टिकोण को अपनाने के आह्वान को दोहराया।इस संदर्भ में केन्द्रीय मंत्री ने माननीय प्रधानमंत्री के 23 अरब डॉलर के राहत पैकेज से संबंधित फैसले का उल्लेख किया गया, जिसमें उज्ज्वला योजना के अंतर्गत देश के 80.3 मिलियन परिवारों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जाने हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत ऊर्जा की वैश्विक मांग का केंद्र था और आगे भी बना रहेगा। उन्होंने देश के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारों को भरने के भारत सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया।ऊर्जा बाजार में मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा ही तेल बाजार में स्थायित्व की वकालत की है, जो उत्पादकों के लिए उचित हो और उपभोक्ताओं के लिए किफायती हो। उन्होंने आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने की दिशा में ओपेक और ओपेक-प्लस देशों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की, जो दीर्घकालिक स्थायित्व के लिहाज से उचित भी है। हालांकि उन्होंने अनुरोध किया कि तेल कीमतों को किफायती स्तरों पर बनाए रखने पर ध्यान केन्द्रित किया जाना चाहिए जिससे खपत आधारित मांग में सुधार को गति मिल सके।जी-20 ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा, जिसका उद्देश्य अगले कदम के रूप में जी-20 ऊर्जा मंत्रियों के परामर्श पर कार्यबल की स्थापना करना और आने वाले दिनों में परस्पर संवाद बनाए रखने पर सहमति कायम करना है।---
- नई दिल्ली। अप्रैल, 2020 में अनेक त्योहारों के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड-19 से लडऩे के लिए किए गए लॉकडाउन के उपायों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और किसी भी सामाजिक/धार्मिक सम्मेलन/समारोह को अनुमति न देने का निर्देश दिया है।लॉकडाउन के उपायों पर जारी समेकित दिशा-निर्देशों में उल्लिखित विशिष्ट पाबंदियों के बारे में जिलों के अधिकारियों और फील्ड एजेंसियों को सूचित कर दिया गया है। इसके साथ ही यह भी सूचित किया गया है कि उन्हें कानून-व्यवस्था, अमन और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती/निवारक उपाय करने चाहिए। इन निर्देशों में यह भी कहा गया है कि किसी भी आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को अंकुश में रखने के लिए सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जानी चाहिए।इन निर्देशों के अंतर्गत यह अनुरोध किया गया है कि सार्वजनिक प्राधिकरणों, सामाजिक/धार्मिक संगठनों और नागरिकों के ध्यानार्थ लाने के लिए दिशा-निर्देशों के संबंधित प्रावधानों का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। इन निर्देशों में यह भी कहा गया है कि किसी भी लॉकडाउन उपाय का उल्लंघन होने की स्थिति में कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 और आईपीसी के संबंधित दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।देश में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए भारत सरकार के मंत्रालयों/विभागों, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों और राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के प्राधिकरणों द्वारा किए जाने वाले लॉकडाउन उपायों पर समेकित दिशा-निर्देश गृह मंत्रालय द्वारा 24 मार्च को अधिसूचित किए गए थे और इनमें 25 और 27 मार्च , 02 अप्रैल तथा 03 अप्रैल को संशोधन किए गए थे। समेकित दिशा-निर्देशों के अनुच्छेद 9 और 10 में कहा गया है कि बिना किसी अपवाद के किसी भी धार्मिक सभा के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी और सभी सामाजिक/सांस्कृतिक/धार्मिक समारोहों/सम्मेलनों पर रोक या पाबंदी रहेगी।---एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए 9 मई को होगी चयन परीक्षारायपुर। वर्तमान में नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव और सावधानी को ध्यान में रखते हुए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय वर्ष 2020-21 में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा तिथि में संशोधन किया गया है। प्रवेश हेतु नवीन परीक्षा तिथि 9 मई को प्रात: 10.30 बजे से 12.30 बजे तक निर्धारित की गई है।पूर्व में प्रवेश परीक्षा की तिथि 19 अप्रैल थी। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा इस संबंध में सभी कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला स्तरीय आदि जाति कल्याण, आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति को पत्र जारी कर दिया है। पत्र में बताया गया है कि इस वर्ष मूल्यांकन कार्य संभागीय मुख्यालय पर पदस्थ जिले के सहायक आयुक्त आदिवासी विकास स्तर पर किया जाएगा।
- नई दिल्ली। केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने कहा कि उनके मंत्रालय का उर्वरक विभाग आगामी खरीफ मौसम के लिए उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास कर रहा है। श्री गौड़ा ने एक ट्वीट में कहा कि देश में, उर्वरकों की उपलब्धता की स्थिति संतोषजनक है।श्री गौड़ा ने कहा कि सरकार समय पर किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की आपूर्ति करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए उर्वरक विभाग उर्वरकों के उत्पादन, आपूर्ति और उपलब्धता पर करीबी नजर रखे हुए है और इसके लिए राज्य सरकारों और रेल मंत्रालय के साथ नियमित संपर्क में है।एक अन्य ट्वीट में कर्नाटक का जिक्र करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा, जहां तक कर्नाटक का संबंध है, राज्य में बीजों, उर्वरकों और कीटनाशकों की कोई कमी नहीं है। हम लोग इस मामले में कर्नाटक सरकार के साथ समन्वय बनाते हुए काम कर रहे हैं। फिलहाल राज्य के पास 2.57 लाख टन की मासिक आवश्यकता के मुकाबले 7.3 लाख टन का उर्वरक भंडार है। उर्वरक विभाग के सार्वजनिक उपक्रम, नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड- एनएफएल, ने एक ट्वीट में कहा है कि नांगल, बठिंडा, पानीपत और विजयपुर स्थित उसके संयंत्रों में पूरी क्षमता के साथ उत्पादन हो रहा है। किसानों के लिए यूरिया की नियमित आपूर्ति बाजार में की जा रही है।----
- भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए हैं कि अधिक कोरोना संक्रमण वाले इंदौर, भोपाल और उज्जैन को टोटल सील कर दिया जाए। दूसरे जि़लों में भी संक्रमित क्षेत्रों को टोटल सील किया जाए। इन क्षेत्रों में जिला प्रशासन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करे। इन क्षेत्रों से कोई भी व्यक्ति अंदर-बाहर आ-जा नहीं सकेंगे। कोरोना संबंधी कार्य में सभी शासकीय विभागों की तथा उनके संसाधनों की सेवाएं ली जाएं।मुख्यमंत्री बुधवार को मंत्रालय में प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं नियंत्रण व्यवस्थाओं की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि संक्रमण से बचने के लिए वे मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकले। उन्होने कहा कि होममेड मास्क का भी प्रयोग किया जा सकता है।मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कोई भी व्यक्ति कोरोना रोग को नहीं छुपाए। यह भी बताए कि वह किस-किस के संपर्क में आया है। उन्होंने कहा कि कोरोना छुपाने पर मौत है तथा बताने पर जिंदगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जो व्यक्ति इसे छुपाए, उसके विरुद्ध एफआइआर दर्ज की जाए तथा इलाज के बाद उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए। श्री चौहान ने कहा कि जो भी व्यक्ति कोरोना नियंत्रण कार्य में लगे लोगों से दुव्र्यवहार करता है, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में बाहर के राज्यों से आए तथा प्रदेश में वापस लौटे मजदूरों के स्वास्थ्य परीक्षण की अच्छी व्यवस्था हो। उन्होने कहा कि ग्वालियर में एक माइग्रेंट लेबर पॉजिटिव आया है, जो दूसरे राज्य से मध्यप्रदेश आया था। इस प्रकरण में विशेष सतर्कता बरती जाए।समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश में अभी तक कोरोना वायरस से प्रदेश के 14 जिले प्रभावित हुए हैं। इंदौर में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 170, भोपाल में 96, उज्जैन में 13, खरगोन में 12 एवं मुरैना में 12 है।----
- नई दिल्ली। केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने 15 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर कहा है कि वे राज्य नोडल एजेंसियों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर लघु वनोपज (एमएफपी) खरीदने की सलाह दें। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश; गुजरात; मध्य प्रदेश; कर्नाटक; महाराष्ट्र; असम; आंध्र प्रदेश; केरल; मणिपुर; नागालैंड; पश्चिम बंगाल; राजस्थान; ओडिशा; छत्तीसगढ़ और झारखंड शामिल हैं।पत्र में, उन्होंने कहा कि कोविड-19 के प्रकोप के कारण उत्पन्न मौजूदा स्थिति ने देश में एक अभूतपूर्व चुनौती पेश कर दी है। ऐसी स्थिति में जनजातीय समुदायों सहित गरीब और उपेक्षित लोगों की स्थिति बेहद नाजुक है। लघु वनोपज (एमएफपी) / गैर टिम्बर वनोत्पाद (एनटीएफपी) के संग्रह और फसल की कटाई की व्यस्ततम अवधि होने के कारण यह जरूरी है कि अनेक क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों के कल्याण और एमएफपी/एनटीएफपी पर आधारित उनकी अर्थव्यवस्था की सेहत के लिए उन्हें सुरक्षा प्रदान करके और उनकी आजीविका सुनिश्चित कर कुछ सक्रिय कदम उठाए जाएं।श्री मुंडा ने कहा कि शहरी क्षेत्रों से लेकर जनजातीय इलाकों में बिचौलियों की आवाजाही को कम करने और जनजातीय समुदायों के बीच कोरोना वायरस फैलने की किसी भी घटना की जांच करने के लिए ऐसा करना आवश्यक है। उक्त योजना और अतिरिक्त निधियों के तहत इन राज्यों के पास निधि उपलब्ध है, यदि आवश्यकता पड़े तो जनजातीय कार्य मंत्रालय इन्हें अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करा सकता है। इन राज्यों में कार्य को संभालने वाले जिला स्तर के सभी नोडल अधिकारियों का विवरण मंत्रालय के साथ साझा किया जा सकता है। आगे सहायता के लिए, ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (ट्राइफेड) के प्रबंध निदेशक से संपर्क किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि जनजातीय मामलों का मंत्रालय वन धन स्व सहायता समूहों के माध्यम से जनजातीय समुदायों के बीच एक दूसरे से दूरी बनाए रखने के बारे में जागरूकता पैदा करने के बारे में भी विचार कर रहा है।प्रधानमंत्री वन धन योजना (पीएमवीडीवाई) के कार्यान्वयन, स्थायी आजीविका के सृजन और जनजातीय उद्यमों को बढ़ावा देने की योजना ने राज्यों में गति प्राप्त की है। 1205 वन धन विकास केन्द्र (वीडीवीके) 27 राज्यों और 1 संघ शासित प्रदेश में स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें 3.60 लाख आदिवासी हैं, जिससे वे उद्यमिता के रास्ते पर हैं।
- नई दिल्ली। कोरोना वायरस से बचाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने कोरोना वायरस के अलावा किसानों और मनरेगा के साथ अन्य श्रमिकों , उत्पादन, शिक्षा सहित अनेक मुद्दों को उठाया और अपनी कई मांग रखी। कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों का एक टास्क फोर्स बनाने का भी सुझाव दियाबैठक के बाद वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से मीडिया से चर्चा करते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने बताया कि कांग्रेस ने सरकार की मदद के लिए एक सर्वदलीय टास्क फोर्स बनाने का सुझाव दिया है। श्री आजाद ने बताया कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से गुजारिश की कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सरकार की मदद के लिए केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों का टास्क फोर्स बनाने का सुझाव दिया।पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में ज्यादातर विपक्षी दलों ने लॉकडाउन बढाने का सुझाव दिया। श्री आजाद ने कहा, ज्यादातर विपक्षी नेताओं, करीब 80 फीसदी ने लॉकडाउन आगे बढ़ाने की बात की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन की मियाद बढ़ाने के सुझाव उनके पास आ रहे हैं , लेकिन कोई भी कदम उठाने से पहले वह मुख्यमंत्रियों और अपने सहयोगियों से विचार-विमर्श करेंगे।वहीं गुलाम नबी आजाद ने बताया कि कांग्रेस की तरफ से कोरोना की बड़े पैमाने पर जांच करने और इसे मुफ्त किए जाने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि देश के करीब 45 करोड़ श्रमिकों को मदद देने, फसलों की कटाई और उपज की खरीद में किसानों की मदद करने, खाद, कीटनाशक और खेती में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर जीएसटी खत्म करने और किसानों के कर्ज पर ब्याज के भुगतान को 6 महीने के लिए टालने के सुझाव भी दिए गए। साथ ही मनरेगा के मजदूरों को कृषि से जोड़ते हुए हार्वेस्टिंग का काम सौंपने का भी सुझाव दिया, ताकि मजदूरों को काम भी मिल सके और किसानों की फसलों की भी मुफ्त में कटार्ई हो सके।श्री आजाद ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ हुई इस बैठक में वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से लोकसभा और राज्यसभा के 15-16 पार्टियों के लीडरों ने भाग लिया। श्री आजाद ने कहा कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से कहा है कि इस समय हेल्थ वर्करों को जो दिक्कतें आ रही हैं, उस पर सबसे पहले ध्यान दिए जाने की जरूरत है। वहीं उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी बीमारी को यदि खत्म करना है कि तो सख्त कदम उठाए जाने की जरूरत है।
- नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने सभी बचत खातों पर ब्याज दर को तीन प्रतिशत से घटाकर 2.75 प्रतिशत वार्षिक करने की घोषणा की। नई ब्याज दरें 15 अप्रैल से लागू होंगी।बैंक ने एक बयान में कहा कि बैंकों के पास पर्याप्त नकदी होने की वजह से उसने बचत जमा ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती का निर्णय किया है। इसी के साथ बैंक ने 10 अप्रैल से सभी अवधि के ऋणों पर कोष की सीमांत लागत आधारित ऋण ब्याज दर (एमसीएलआर) में 0.35 प्रतिशत कटौती करने की घोषणा की। बयान के मुताबिक एमसीएलआर में कटौती के बाद एक वर्ष की अवधि के ऋण पर ब्याज दर 7.75 प्रतिशत से घटकर 7.40 प्रतिशत वार्षिक हो जाएगी। अधिकांश खुदरा ऋणों के लिए एक वर्ष की अवधि के कर्ज पर दर को पैमाना माना जाता है। बैंक ने कहा कि इससे 30 वर्ष की अवधि वाले आवास ऋण की मासिक किस्त प्रति एक लाख रुपये कर्ज पर 24 रुपये कम हो जाएगी।
- नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) शैक्षणिक सत्र 2020-21 से 11 वीं कक्षा के लिये तीन नए विषयों.. डिजाइन थिंकिंग, शरीरिक गतिविधि प्रशिक्षक और आर्टिफिशियल इंटेंलिजेंस- की शुरुआत करेगा ।सीबीएसई के प्रशिक्षण एवं कौशल शिक्षा प्रकोष्ठ के निदेशक विश्वजीत साहा ने मंगलवार को बताया कि नयी पीढ़ी को और अधिक रचनात्मक, नवोन्मेषी और शरीरिक रूप से फिट बनाने तथा वैश्विक घटनाक्रमों और कार्यस्थल की जरूरतों के साथ तालमेल रखने के लिये बोर्ड तीन नए विषयों की शुरुआत कर रहा है। उन्होंने कहा - सोचना एक कौशल है, जो प्रत्येक मनुष्य के पास होता है, ऐसे में 21वीं सदी की जरूरत तार्किक सोच और समस्या समाधान से जुड़ी हुई है । डिजाइन थिंकिंग सोच की एक व्यवस्थित प्रक्रिया है जो रचनात्मकता के क्षितिज को खोलती है और यहां तक कि विचारकों को समस्याओं को नया और अभिनव समाधान देने में सक्षम बनाती है। साहा ने कहा कि शारीरिक गतिविधि प्रशिक्षक से जुड़ा कोर्स न केवल प्रशिक्षकों के कौशल को बेहतर बनायेगा बल्कि जीवन कौशल को भी बेहतर बनायेगा । उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी आज के समय में महत्वपूर्ण स्थान है ।
- नई दिल्ली। छात्र-छात्राओं में नयी खोज करने की क्षमता को परखने के लिए मानव संसाधन मंत्रालय के इनोवेशन सेल एवं अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् ने फोर्ज और इनोवेशिओक्यूरिस के साथ मिलकर एक मेगा ऑनलाइन चैलेंज -- समाधान -- की शुरुआत की है।इस चैलेंज में भाग लेने वाले छात्र-छात्राएं ऐसे उपायों की खोज करेंगे जो कि सरकारी एजेंसियों, स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पतालों एवं अन्य सेवाओं को असमय आयी चुनौतियों का त्वरित समाधान उपलब्ध करवाया जा सके। इसके अलावा इस समाधान चैलेंज के द्वारा नागरिकों को जागरूक बनाने का, किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए प्रेरित करने का, किसी भी संकट को रोकने का और लोगों को आजीविका दिलवाने में सहायता करने का काम भी किया जायेगा।इस समाधान चैलेंज के अंतर्गत छात्र-छात्राओं और फैकल्टी के लोगों को नए प्रयोग एवं नई खोज के लिए प्रेरित करना और उनको उस प्रयोग या खोज का परिक्षण करने के लिए एक मजबूत बेस उपलब्ध करवाना है। इस कार्यक्रम की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि इसमें भाग लेने वाले प्रतियोगियों के विचार कितने प्रभावशाली हैं जो तकनीकी एवं व्यावसायिक रूप से ऐसे समाधान निकालें जो कि कोरोना वायरस जैसी महामारी से लडऩे में मदद करे।इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 14 अप्रैल 2020 है। इस प्रतियोगिता में आगे जाने वाले प्रतिभागियों के नाम 17 अप्रैल 2020 को की जाएगी और आगे जाने वाले प्रतिभागियों को अपनी प्रविष्टियां 18-23 अप्रैल 2020 के बीच में जमा करनी होगी। आखिरी लिस्ट 24 अप्रैल 2020 को जारी की जाएगी जिसके बाद 25 अप्रैल 2020 को ग्रैंड ऑनलाइन ज्यूरी अपना निर्णय लेगी।-----
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आव्हान पर प्रभावी देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान किसानों को परेशानी से बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा अनेक उपाय किए गए हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से तमाम वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक लेकर, किसानों को राहत पहुंचाने के उपायों पर सख्ती से अमल किए जाने की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कंट्रोल रूम बनाकर नियमित निगरानी के दिशा-निर्देश भी दिए।ू लॉकडाउन के कारण देशभर में आम लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे में, प्रारंभ में कई किसानों को परेशानी होने की शिकायतें मिली थी, जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने तत्काल गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के साथ लगातार संवाद किया और तुरंत ही निर्णय लेकर किसानों को राहत के लिए अनेक उपाय लागू किए गए हैं। मंगलवार को कृषि मंत्रालय में दोनों राज्य मंत्रियों- पुरषोत्तम रूपाला एवं कैलाश चौधरी के साथ श्री तोमर ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली, जिसमें केंद्र सरकार के तत्संबंधी दिशा-निर्देशों को लेकर समीक्षा की गई।बैठक में श्री तोमर ने कहा कि किसानों के हित में जो भी निर्णय लिए गए हैं, उन्हें अमल में लाने के साथ ही इस दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखना बहुत ही जरूरी है। अधिकारियों से श्री तोमर ने कहा कि फसलों की कटाई में किसानों को कोई परेशानी नहीं होना चाहिए। साथ ही, हर संभव कोशिश यह होना चाहिए कि उनकी कृषि उपज खेत के पास ही बिक सकें, साथ ही इसका राज्य और अंतरराज्यीय परिवहन सुगमता से हो। इस संबंध में ट्रकों की आवाजाही को भी लॉकडाउन से छूट दी गई है। आगे बुआई भी होना है, जिसे लेकर खाद-बीज की कमी कहीं भी नहीं होना चाहिए। खाद-बीज के परिवहन के लिए भी पर्याप्त साधन उपलब्ध कराए जाना चाहिए। जिन कृषि वस्तुओं का निर्यात किया जाना है, वह प्रभावित नहीं होना चाहिए।कृषि उत्पादों की खऱीद से संबंधित संस्थाओं व न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित कार्यों, कृषि उत्पाद बाजार कमेटी व राज्यों द्वारा संचालित मंडियों, उर्वरकों की दुकानों, किसानों व श्रमिकों द्वारा खेत में किए जाने वाले कार्यों, कृषि उपकरणों की उपलब्धता हेतु कस्टम हायरिंग केंद्रों और उर्वरक, कीटनाशक व बीजों की निर्माण व पैकेजिंग इकाइयों, फसल कटाई व बुआई से संबंधित कृषि व बाग़वानी में काम आने वाले यंत्रों की अंतरराज्यीय आवाजाही को छूट दी गई है। कृषि मशीनरी व कलपुर्जों की दुकानें लॉकडाउन में चालू रखी जा सकेगी। छूट में संबंधित आपूर्तिकर्ताओं को भी शामिल किया गया है। हाईवे पर ट्रकों की मरम्मत करने वाले गैरेज व पेट्रोल पंप भी चालू रहेंगे, ताकि कृषि उपज का परिवहन सुगमता से हो सकें। इसी तरह, चाय बागानों पर अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारी रखते हुए काम किया जा सकेगा।राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) प्लेटफ़ॉर्म की नई सुविधाएं भी लांच की गई है, जिनका इस दौरान लाभ उठाया जा सकता है। केंद्र ने किसानों के अल्पकालिक फसली ऋण जो 1 मार्च 2020 और 31 मई 2020 के बीच देय हैं या देय होंगे, के लिए पुनर्भुगतान की अवधि भी 31 मई 2020 तक बढ़ाई है। किसान 31 मई 2020 तक अपने फसल ऋण को बिना किसी दंडात्मक ब्याज के केवल 4 प्रतिशत प्रतिवर्ष ब्याज दर पर भुगतान कर सकते हैं।----
- नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को पारा 35.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस मौसम में अब तक का सबसे अधिक तापमान है।मौसम विभाग ने कहा कि शहर का न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की मंद गति के कारण हवा की गुणवत्ता में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह मध्यम श्रेणी (एक्यूआई 142) के बीच में चली गई। स्काइमेट वेदर के महेश पलावत ने कहा कि ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण उच्च आद्र्रता भी हवा की गुणवत्ता के बिगडऩे के लिए जिम्मेदार है। वर्तमान में हवा की गुणवत्ता अच्छी और संतोषजनक श्रेणियों में चल रही थी। भारत भर के शहरों में प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों जैसे वाहन से होने वाले उत्सर्जन, निर्माण कार्य से उडऩे वाली धूल आदि में कमी देखी गई है। पलावत ने कहा कि पारा 15 से 20 अप्रैल के बीच 40 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू सकता है।
- रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को बताया कि राज्य के सभी पंचायतों में मुख्यमंत्री दीदी किचन एवं पुलिस थानों में चल रहे पांच हजार भोजन केंद्रों के माध्यम से राज्य में 5 लाख से अधिक लोगों को प्रतिदिन भोजन कराया जा रहा है।राज्य सरकार की ओर से जारी बयान में यहां बताया गया है कि मुख्यमंत्री ने पांच लाख लोगों को भोजन कराये जाने की बात कही है तथा साथ ही यह भी कहा है कि थानों में जहां एक बार भोजन की व्यवस्था की जा रही है वहीं दीदी किचन दिन में दो बार भोजन की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह निश्चय है कि राज्य में रहने वाला कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोये ।--
- नई दिल्ली। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपालों ने सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में एक वर्ष तक अपने वेतन में एच्छिक रूप से 30 प्रतिशत कमी करने का फैसला किया है।यह जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने नई दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि यह राशि भी भारत की समेकित निधि में जमा कराई जाएगी।----
- श्रीनगर। भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर एक साहसी अभियान चलाया और भारी बर्फ के बीच बेहद करीबी लड़ाई में पाक समर्थित घुसपैठियों पर हमला कर घुसपैठ कर रहे पांच आंतकियों के पूरे दल को निष्प्रभावी कर दिया।घुसपैठियों की सूचना पाने के बाद नियंत्रण रेखा के निकट सर्वाधिक पेशेवरों में से एक पैरा एसएफ की यूनिट के एक जूनियर कमीशंड अधिकारी की कमान के तहत चार सैनिकों को विमान से उतारा गया। बेहद करीबी और सघन लड़ाई के बाद सभी पांचों आतंकियों का सफाया कर दिया गया।तथापि, इस युद्ध में सेना के पांच जवान शहीद हो गए जिनमें से तीन घटनास्थल पर एवं दो की मृत्यु एयरलिफ्ट करने के दौरान नजदीक के सैन्य अस्पताल में हो गई। भारतीय सेना की स्पेशल फोर्स स्क्वायड का नेतृत्व सूबेदार संजीव कुमार कर रहे थे एवं उसमें हवलदार देवेंद्र सिंह, पैराट्रूपर बाल कृष्ण, पैराट्रूपर अमित कुमार एवं पैराट्रूपर छत्रपाल सिंह शामिल थे। भारतीय सेना इस कार्रवाई में मारे गए बहादुर जवानों को सैल्यूट करती है और हर वक्त हर कीमत पर विद्वेषी ताकतों से अपनी सीमा की सुरक्षा करती रहेगी।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से केंद्रीय मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श किया।प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि उनके द्वारा निरंतर दिए गए सुझाव कोविड-19 से निपटने की रणनीति बनाने में काफी प्रभावकारी साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि नेतागण राज्य एवं विशेषकर उन जिलों के जिला प्रशासन के साथ विस्तारपूर्वक संवाद करें, जो महामारी के हॉटस्पॉट हैं और इसके साथ ही वे जमीनी स्थिति से अवगत हों और आकस्मिक समस्याओं का समाधान भी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है कि पीडीएस केंद्रों पर भीड़ न हो, प्रभावकारी निगरानी बनी रहे, शिकायतों पर ठोस कार्रवाई हो और आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी एवं उनकी कीमतों में वृद्धि को रोका जा सके।प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों का कल्याण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों को फसल कटाई के सीजन में हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। इस संबंध में उन्होंने प्रौद्योगिकी का उपयोग करने और मंडियों से किसानों को जोडऩे के लिए एप आधारित कैब सेवाओं की तर्ज पर ट्रक एग्रीगेटर्स जैसे अभिनव समाधानों का उपयोग करने की संभावनाएं तलाशने का सुझाव दिया। उन्होंने आदिवासी उत्पादों की खरीद सुनिश्चित करने के लिए एक रणनीति तैयार करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया, ताकि स्वदेशी आदिवासी आबादी की आय का स्रोत बरकरार रह सके।प्रधानमंत्री ने निरंतर निगरानी करने के महत्व और यह सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया कि पीएम गरीब कल्याण योजना के लाभ निर्बाध रूप से निर्दिष्ट लाभार्थियों तक पहुंचते रहें। उन्होंने कहा कि वायरस के फिर से फैलने की संभावना को नियोजन में शामिल किया जाना चाहिए। आवश्यक दवाओं और सुरक्षा उपकरणों के उत्पादन की समयसीमा बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी होनी चाहिए। आपूर्ति स्तर और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सूक्ष्म स्तर पर योजना बनाना आवश्यक है।प्रधानमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन उपायों और सामाजिक दूरी बनाए रखने के मानदंडों पर एक साथ अमल करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन समाप्त होने पर उभर कर सामने आने वाली परिस्थितियों के लिए रणनीति बनाना आवश्यक है। उन्होंने मंत्रियों से लॉकडाउन समाप्त होने पर दस प्रमुख निर्णयों और फोकस वाले दस प्राथमिकता क्षेत्रों की पहचान करने को कहा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने उनसे अपने-अपने मंत्रालयों में लंबित सुधारों की पहचान करने और फिर उन्हें लागू करने को कहा। प्रधानमंत्री ने यह उल्लेख किया कि उभरती चुनौतियों के कारण भारत को अन्य देशों पर अपनी निर्भरता कम करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी विभागों से इस आशय के एक उद्देश्य सूचकांक को बनाए रखने को कहा और इसके साथ ही इस बात पर गौर करने को कहा कि उनका काम मेक इन इंडिया को कैसे बढ़ावा देगा।अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के प्रभाव के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को इस प्रभाव को कम करने के लिए युद्ध स्तर पर काम करना चाहिए। उन्?होंने यह भी कहा कि मंत्रालयों को एक 'कारोबार निरंतरता योजनाÓ तैयार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन स्थानों पर विभागों को धीरे-धीरे खोलने के लिए एक श्रेणीबद्ध योजना बनाई जानी चाहिए जहां हॉटस्पॉट मौजूद नहीं हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संकट चिकित्सा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का एक अवसर प्रदान करता है। भारत के निर्यात पर पड़ रहे प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे विनिर्माण एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उचित सुझाव पेश करें और इसके साथ ही यह सुनिश्चित करें कि नए क्षेत्र तथा देश भारत के निर्यात दायरे में अवश्य शामिल हों। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से ग्रामीण क्षेत्रों एवं जमीनी संस्थानों में आरोग्य सेतु एप को लोकप्रिय बनाने को कहा, ताकि महामारी के बारे में जानकारी एवं जागरूकता बढ़ाई जा सके।मंत्रियों ने #9pm9minute की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश के सभी कोनों में रहने वाले लोगों ने इसमें भाग लिया और इस तरह से महामारी के खिलाफ लड़ाई में पूरी आबादी को एकजुट किया। मंत्रियों ने प्रधानमंत्री को प्रवासी श्रमिकों को होने वाली कठिनाइयों से निपटने, घबराहट का माहौल बनाने के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों पर अंकुश लगाने, आवश्यक आपूर्ति स्तर को बनाए रखने एवं इस लड़ाई में सबसे आगे रहने वाले कर्मियों द्वारा सामना किए जा रहे मुद्दों को सुलझाने के लिए किए गए प्रयासों से अवगत कराया।भारत सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं। भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रियों, प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव और भारत सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस विचार-विमर्श में भाग लिया।----
- नई दिल्ली। कोविड 19 से पार पाने के प्रयासों में सहयोग देने के क्रम में भारतीय रेलवे अपनी पूरी ताकत और संसाधन लगा दिए हैं। इतने कम समय में उसने अपने 5 हजार कोच को आइसोलेशन (एकांत) कोच में तब्दील करने के शुरुआती लक्ष्य में 2,500 कोच के साथ 4 हजार बेड तैयार कर आधा लक्ष्य हासिल कर लिया है।लॉकडाउन के दौर में जब कार्यबल संबंधी संसाधन सीमित बने हुए हैं और उनका समझ-बूझ से इस्तेमाल किया जाना जरूरी है, रेलवे के विभिन्न मंडल कार्यालयों ने इतने कम समय में असंभव से लग रहे इस कार्य को लगभग पूरा कर लिया है। लगभग 2,500 कोचों में बदलाव के साथ अब 4 हजार आइसोलेशन बेड आपात स्थिति के लिए तैयार हैं।एक बार नमूने को जैसे ही मंजूरी मिली, मंडल रेलवे कार्यालयों ने तेजी से बदलाव का काम शुरू कर दिया था। भारतीय रेलवे के रोजाना औसतन 375 कोचों में बदलाव किया जा रहा है। देश के 133 स्थानों पर यह काम किया जा रहा है। पूर्व में जारी किए गए चिकित्सा परामर्शों के तहत इन कोचों में सभी सुविधाएं हैं। जरूरतों और नियमों के तहत सर्वश्रेष्ठ विश्राम और चिकित्सा निगरानी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।उल्लेखनीय है कि कोविड 19 के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों के पूरक के तौर पर इन आइसोलेशन कोचों को सिर्फ आपात स्थिति के लिए तैयार किया जा रहा है।---
- नई दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) अपने 40 हजार से अधिक कर्मियों के लिए कोविड-19 से बचाव के लिए उच्च स्तर के सुरक्षात्मक उपकरण और स्वास्थ्य देखभाल संबंधी उपायों को बढ़ा रहा है, जिन्हें हवाई अड्डे और दिल्ली मेट्रो के फिर से शुरू होने पर लाखों यात्रियों के संपर्क में आना पड़ सकता है।एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। गौरतलब है कि मुंबई में सीआईएसएफ के 11 जवानों को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था, जिसके बाद सीआईएसएफ ने अपने सैनिकों के लिए कोरोना वायरस-रोधी सुरक्षा को लेकर कई उपाय किए हैं। ऐसी आशंका है कि मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों की शारीरिक जांच और सामान की जांच करने की ड्यूटी पर तैनात एक जवान के संक्रमित होने से इन जवानों में यह संक्रमण फैला है। सीआईएसएफ के महानिदेशक (डीजी) राजेश रंजन ने कहा,, हम बेहतर मास्क, दस्ताने और स्वच्छता सुविधाएं प्रदान करने के लिए अपने संसाधनों को बढ़ा रहे हैं। सुरक्षा प्रोटोकॉल से बिना समझौता किए यात्रियों और कर्मियों के बीच उचित दूरी सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।---
- कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता की यात्रा भव्य विक्टोरिया मेमोरियल को देखने और उसके आसपास घोड़ागाड़ी की सवारी के बिना पूरी नहीं होती लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद लागू लॉकडाउन में हृदय विदारक दृश्य देखने को मिला है। यहां घोड़ों को उनकी हाल पर छोड़ दिया गया है और चारे के अभाव में कई घोड़े कमजोर हो गए हैं।पीपल फॉर एनिमल (पीएफए) के वरिष्ठ सदस्य अजय दागा ने बताया कि आम दिनों में 100 से अधिक घोड़े पयर्टकों को विक्टोरिया मेमोरियल के आसपास के इलाकों की सैर कराते हैं लेकिन अब इनमें से कई को ऐसे ही छोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि स्थिति सामान्य होने तक इन घोड़ों को चारा खिलाने के लिए गैर सरकारी संगठन आगे आया है। श्री दागा ने कहा, शुक्रवार को सांसद मेनका गांधी का फोन आया था और उन्होंने घोड़ों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि पशु प्रेमी पूर्व केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिया है कि वह इन जानवरों की देखभाल में जब भी जरूरत होगी पीएफए की मदद करेंगी। उन्होंने बताया कि घोड़ों के चारे पर रोजाना 15 हजार रुपये का खर्च आ रहा है। दागा ने बताया कि पीएफए के न्यासी और इमामी समूह के संयुक्त अध्यक्ष आरएस गोयनका ने जरूरत पडऩे पर मदद का भरोसा दिया है।---
- लखनऊ। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए घोषित लॉक डाउन के दौरान गरीबों की मदद के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने मुख्यालय से साझी रसोई घर की शुरुआत की है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा- रविवार से लखनऊ प्रदेश कार्यालय में साझी रसोई की शुरुआत की गई है। इसमें बनने वाले खाने को गरीबों और जरूरतमंदों में बांटा जाएगा ताकि कोई भूखा न सोए। आज इस विपदा की घड़ी में हम सबको एक दूसरे के साथ खड़े होने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ता कोरोना महामारी में आम लोगों की सेवा कर रहे हैं और जगह-जगह प्रशासन की मदद से लोगों तक राशन पहुंचाया जा रहा है एवं कई जिलों में भी साझी रसोई संचालित की जा रही है। लल्लू ने कहा कि देश और प्रदेश एक विपत्ति से गुजर रहा है, ऐसे में वक्त की जरूरत है कि हम सब एकजुट होकर इसका सामना करें। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि सभी पार्टियां, सामाजिक संगठन और आम लोग इस बात पर अमल करें।
- नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने जैन धर्म के प्रवर्तक भगवान महावीर की जयंती के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनायें देते हुये लोगों से भगवान महावीर की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर कोरोना संकट से निपटने में सकारात्मक रुख अपनाने की अपील की है।श्री नायडू ने अपने संदेश में कहा, भगवान महावीर, इस संसार में जन्म लेने वाले सबसे तेजस्वी और मूर्धन्य अध्यात्मिक गुरुओं में से थे। सबके प्रति करुणा से प्रेरित, अहिंसा, सत्य, निष्ठा, निस्पृहता और त्याग का, उनका संदेश शाश्वत है श्री नायडू ने कहा कि आज जब मानवता कोविड-19 के संक्रमण की विभीषिका का सामना कर रही, विशेषकर तब, हमें भगवान महावीर के जीवन, उनकी अनासक्त निस्पृहता, जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने के उनके संदेश से शिक्षा और प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा, इस भयावह चुनौती के समक्ष हम एक रहें तथा न सिर्फ स्वयं की बल्कि अखिल विश्व की रक्षा कर, उसे निरापद बनाएं।
- नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने अपने 13 लाख कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य मंत्रालय के ऐप आरोग्य सेतु को डाउनलोड करने के लिए कहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दो अप्रैल को यह ऐप शुरू किया था। इस मोबाइल ऐप से लोगों को यह पता लगाने में मदद मिलती है कि उन्हें कोरोना वायरस से संक्रमण का खतरा है या नहीं।इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आने वाले नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर ने विकसित किया है। रेलवे ने कहा कि यह ऐप भारत में कोरोना वायरस संकट से निपटने में काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। शुरू किए जाने के बाद सिर्फ तीन दिनों में ही आरोग्य सेतु ऐप को गूगल प्ले स्टोर से 50 लाख से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है। यह ऐप 11 भाषाओं में उपलब्ध है।
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मुंबई। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लोनावाला के पास ब्रिटिश काल का अमृतांजन पुल को रविवार को नियंत्रित विस्फोट से ध्वस्त कर दिया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन ने एक्सप्रेस-वे पर यातायात की स्थिति सुधारने के लिए 190 साल पुराने इस पुल को गिरा दिया। अंग्रेजों द्वारा 1830 में बनाए गए इस पुल के कारण इस एक्सप्रेस-वे पर कई सड़क दुर्घटनाएं भी हुई हैं। हालांकि काफी समय से पुल के खंभे वाहनों के मार्ग में आने के कारण इस रास्ते पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गयी थी। रायगढ़ जिला कलेक्टर ने महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन को चार से 14 अप्रैल के बीच पुल गिराने की अनुमति दे दी थी। कोविड-19 लॉकडाउन की वजह से मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर यातायात बेहद कम रह गया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पांच अप्रैल शाम पांच बजे पुल को गिराने के लिए हरी झंडी दी।--

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