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- नयी दिल्ली,। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि सरकार आतंकवाद, आतंकवादियों और उनके पारिस्थितिकी तंत्र से लड़ने के लिए जल्द ही एक राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति लाएगी। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार देश में आतंकवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके खिलाफ ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। शाह ने यह भी कहा कि कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है, लेकिन आतंकवाद की कोई क्षेत्रीय सीमा नहीं होती, इसलिए सभी सुरक्षा एजेंसियों - केंद्रीय और राज्य - को निकट समन्वय के साथ काम करना चाहिए, संयुक्त रणनीति बनानी चाहिए और खुफिया जानकारी साझा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के रूप में एक मॉडल दृष्टिकोण पेश किया है, जिसे यदि अपनाया जाता है तो यह आतंकवाद की समस्या से निपटने के लिए एक साझा ढांचे और मंच के रूप में काम करेगा। गृह मंत्री ने यहां एक आतंकवाद-निरोधक सम्मेलन में कहा, ‘‘आतंकवाद, आतंकवादियों और उनके पारिस्थितिकी तंत्र से लड़ने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा, और इसीलिए हम जल्द ही एक नई राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति और रणनीति लाएंगे जिसमें आप सभी की अहम भूमिका होगी।'' उन्होंने कहा कि नई नीति से राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों को आतंकवाद से निपटने में निकट समन्वय से काम करने में मदद मिलेगी।केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सपने के अनुसार 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए हर किसी को सभी सुरक्षा चुनौतियों से निपटना होगा और आतंकवाद से लड़ने के लिए एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र बनाना होगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों को युवा अधिकारियों को प्रशिक्षित करना पड़ेगा और आतंकवाद से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना होगा। शाह ने कहा, ‘‘2014 में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से देश आतंकवाद के खिलाफ ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। हम आतंकवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'' गृह मंत्री ने कहा कि अब पूरी दुनिया ने आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की प्रधानमंत्री मोदी की नीति को स्वीकार कर लिया है। वर्ष 2014 से आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए शाह ने पिछले दशकों की तुलना में आतंकी घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी होने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से पिछले 10 वर्षों में जम्मू-कश्मीर, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और पूर्वोत्तर राज्यों में हिंसा पर काफी हद तक नियंत्रण किया गया है। शाह ने सम्मेलन में राज्य पुलिस बलों के प्रतिनिधियों, जिनमें से अधिकतर डीजीपी रैंक के अधिकारी हैं, से कहा कि जहां भी आवश्यक हो, वहां वे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम लागू करें। गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की आतंकवाद-निरोधी जांच एजेंसी राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) सभी आतंकी मामलों में यूएपीए का इस्तेमाल करती है और इसके परिणामस्वरूप अब तक इसके द्वारा दर्ज 632 मामलों में से 498 मामलों में आरोप पत्र दाखिल किया गया है और लगभग 95 प्रतिशत मामलों में सजा हुई है। गुरुवार को यहां शुरू हुए दो दिवसीय आतंकवाद-निरोधक सम्मेलन से भारत के सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए एजेंसियों के बीच समन्वय को और बढ़ाने की उम्मीद है। यह वार्षिक सम्मेलन पिछले कुछ वर्षों में परिचालन बलों, तकनीकी, कानूनी और फोरेंसिक विशेषज्ञों और आतंकवाद से निपटने में लगी एजेंसियों के लिए एक बैठक स्थल के रूप में उभरा है, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले मुद्दों और आतंकवाद से उत्पन्न खतरों पर विचार-विमर्श किया जाता है।
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पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पुराने दुधवा टाइगर रिजर्व के साथ ही पीलीभीत, अमानगढ़ और रानीपुर वन्य जीव अभ्यारणों में बीते सालों की तुलना में पर्यटकों की भारी आमद दर्ज की गई है। प्रदेश के पुराने दुधवा टाइगर रिजर्व के साथ ही पीलीभीत, अमानगढ़ और रानीपुर वन्य जीव अभ्यारणों में बीते सालों की तुलना में पर्यटकों की भारी आमददर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश में पर्यटकों के लिए बाघों को देखने की सबसे पसंदीदा जगह के तौर पर पीलीभीत उभर रहा है। बीते एक साल में ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटकों की तादाद दोगुने से भी ज्यादा हो गयी है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में उत्तर प्रदेश में पर्यटकों को सबसे ज्यादा आसानी से बाघों के दर्शन हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश के वन्य जीव अभ्यारणों में पर्यटकों की बढ़ती आमद के बाद भी प्रदेश सरकार ने इस सत्र के लिए घूमने व ठहरने के शुल्क में किसी तरह की वृद्धि नहीं की है।
प्रदेश के वन विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2023-23 में जहां पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 23525 भारतीय व 54 विदेशी पर्यटकों की आमद हुई थी वहीं 2023-24 में यहां 54378 भारती व 189 विदेशी पर्यटक आए। पीलीभीत को लेकर वन्य जीव प्रेमी पर्यटकों में बढ़ते क्रेज को देखते हुए यहां सुविधाएं बढ़ायी जा रही हैं। यहां पर्यटकों की सहायता के लिए कर्मियों को ईको टूरिज्म बोर्ड की ओर से नेचर गाइड का प्रशिक्षण भी कराया गया है। इन्हें द नेचर स्कूल बेंगलुरु के प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण दिया है। आंकडों के मुताबिक दुधवा में 2022-23 में 41815 तो 2023-24 में 64401 भारतीय पर्यटकों की आमद हुयी है। वहीं चित्रकूट जिले में नए विकसित किए गए रानीपुर टाइगर रिजर्व में 2022-23 में 4180 तो 2023-24 में 13743 भारतीय पर्यटक आए।वन, पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए यूपी में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। योगी सरकार ने निर्णय लिया है कि इस वर्ष पर्यटन शुल्क नहीं बढ़ाया जाएगा, लेकिन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। वन मंत्री ने बताया कि दुधवा में मंगलवार को होने वाला साप्ताहिक अवकाश भी समाप्त कर दिया गया है। इससे सातों दिन यहां प्रकृति का आनंद उठा सकेंगे। वहीं पर्यटकों के लिए 30 आतिथ्य कार्यकर्ता (हॉस्पिटैलिटी स्टॉफ) को प्रशिक्षित किया गया है। इन्हें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के माध्यम से हाउसकीपिंग व कुकिंग संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है।वन मंत्री ने बताया कि सरकार की तरफ से मिल रही सुविधाओं व सुरक्षित वातावरण के कारण ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन दुधवा टाइगर रिजर्व, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, अमानगढ़ टाइगर रिजर्व व रानीपुर टाइगर रिजर्व में साल दर साल पर्यटकों की संख्या भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए योगी सरकार ने फैसला किया है कि इस वर्ष पर्यटन शुल्क नहीं बढ़ाया जाएगा, लेकिन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। -
हरदोई. उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में बुधवार को एक ट्रक और आटोरिक्शा की भीषण टक्कर में 10 लोगों की मौत हो गयी तथा चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये। पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने बताया कि आज सुबह हरदोई के बिलग्राम थाना क्षेत्र में बिलग्राम—माधवगंज मार्ग पर रोशनपुर गांव के पास एक मोड़ पर एक ट्रक ने आटोरिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गयी है। मृतकों में छह महिलाएं, तीन बच्चे और एक पुरुष हैं। उन्होंने बताया कि हादसे में चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत खतरे से बाहर बतायी जाती है। जादौन ने बताया कि टक्कर मारने वाले ट्रक को जब्त कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि मोटरसाइकिल सवार को बचाने की कोशिश में ट्रक और आटोरिक्शा की टक्कर हो गयी। मामले की जांच की जा रही है। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताते हुए अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिये हैं। -
लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने छठ पर्व के अवसर पर घाटों पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और प्लास्टिक मुक्त वातावरण को बढ़ावा देने के लिए पूरे राज्य में स्वच्छ घाट प्रतियोगिता शुरू की है। राज्य सरकार द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के मुताबिक, यह प्रतियोगिता आज से शुरू होकर आगामी आठ नवंबर तक चलेगी जिसमें विभिन्न संगठनों के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इस अभियान से जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की गतिविधियां शामिल होंगी। बयान के अनुसार, इस पहल के तहत लोगों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए घाटों पर ‘अर्पण कलश' रखे गए हैं और प्लास्टिक और थर्मोकोल के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने के लिए घाटों को ‘नो प्लास्टिक जोन' घोषित किया गया है। घाटों पर अस्थायी शौचालय और स्नानघर बनाए जा रहे हैं, जिनका नियमित रखरखाव किया जाएगा। बयान में कहा गया कि प्रतियोगिता की सफलता को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ सारथी क्लब के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, गैर सरकारी संगठन और अन्य स्वैच्छिक संगठन इन प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं। बयान के अनुसार, घाटों को सुंदर बनाने के लिए खास पहल की गई है। कूड़े—कचरे के उचित निपटान और क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के लिए कूड़ेदान रखे गए हैं। घाटों को साफ रखने में सक्रिय नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही हैं। अभियान को गैर सरकारी संगठनों, सीएसओ और अन्य स्वयंसेवी संगठनों से मजबूत समर्थन मिल रहा है, जो न केवल घाटों पर सफाई अभियान चला रहे हैं, बल्कि लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के महत्व के बारे में शिक्षित भी कर रहे हैं। छठ बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्यौहार है। यह त्यौहार सूर्य देव की पूजा के लिए समर्पित है और इसे चार दिनों तक कठोर दिनचर्या का पालन करके मनाया जाता है। इस त्यौहार के अनुष्ठानों और परंपराओं में उपवास, उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य देना, पवित्र स्नान और पानी में खड़े होकर ध्यान करना शामिल है।
- -पीएम विद्यालक्ष्मी एनईपी के क्रियान्वयन की दिशा में एक और ठोस कदम है: धर्मेंद्र प्रधाननयी दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पीएम विद्यालक्ष्मी योजना को मंजूरी दिए जाने की सराहना की। यह केंद्रीय क्षेत्र के तहत मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्री प्रधान ने कहा कि यह योजना भारत के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए 21वीं सदी की उच्च शिक्षा तक एक समान पहुंच संभव बनाने में मदद करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि 3,600 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ यह योजना उच्च शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करेगी और देश की युवा शक्ति को अपने सपनों को साकार करने में सक्षम बनाएगी। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पीएम विद्यालक्ष्मी के तहत जमानत-मुक्त और गारंटर-मुक्त शिक्षा ऋण से मेधावी छात्रों की उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ेगी और इससे सुनिश्चित होगा कि वित्तीय बाधाओं के चलते छात्र शिक्षा प्राप्त करने से वंचित न रहें।श्री प्रधान ने बताया कि 8 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले छात्र 10 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण पर 3% ब्याज छूट पाने के पात्र होंगे और 7.5 लाख रुपये तक के ऋण पर 75% क्रेडिट गारंटी मिलेगी। उन्होंने बताया कि शिक्षा ऋण पारदर्शी, छात्रों के अनुकूल और डिजिटल आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से दिए जाएंगे जो सभी बैंकों के लिए समान होगी।उन्होंने कहा कि एनआईआरएफ के आधार पर देश के शीर्ष 860 उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश पाने वाले छात्रों को पीएम विद्यालक्ष्मी के तहत शिक्षा ऋण की सुविधा दी जाएगी। इससे हर साल 22 लाख से अधिक छात्र लाभान्वित होंगे।केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता एनईपी 2020 की एक प्रमुख सिफारिशों में शामिल है और पीएम विद्यालक्ष्मी एनईपी के कार्यान्वयन की दिशा में एक और ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि पीएम विद्यालक्ष्मी गरीब और मध्यम वर्ग के लाखों छात्रों को सशक्त बनाएगी।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम विद्यालक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी है। यह केंद्रीय क्षेत्र के तहत एक नई पहल है जिसका उद्देश्य मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना और यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय बाधाएं उच्च शिक्षा तक पहुंच में बाधा न बनें। यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में उल्लिखित विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सार्वजनिक और निजी उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) दोनों में विभिन्न तंत्रों के माध्यम से योग्य छात्रों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर देती है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) में वित्तीय वर्ष 2024-25 में कार्यशील पूंजी के लिए 10,700 करोड़ रुपये की इक्विटी डालने को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय के बारे में आज नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देना और देश भर के किसानों का कल्याण सुनिश्चित करना है। यह रणनीतिक कदम किसानों को समर्थन देने और भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।एफसीआई ने 1964 में 100 करोड़ रुपये की अधिकृत पूंजी और 4 करोड़ रुपये की इक्विटी के साथ अपनी यात्रा शुरू की थी। एफसीआई के संचालन में कई गुना वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप फरवरी, 2023 में अधिकृत पूंजी 11,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 21,000 करोड़ रुपये हो गई। वित्तीय वर्ष 2019-20 में एफसीआई की इक्विटी 4,496 करोड़ रुपये थी, जो वित्तीय वर्ष 2023-24 में बढ़कर 10,157 करोड़ रुपये हो गई। अब, भारत सरकार ने एफसीआई के लिए 10,700 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण इक्विटी को मंजूरी दी है, जो इसे वित्तीय रूप से मजबूत करेगी और इसके परिवर्तन के लिए की गई पहलों को एक बड़ा बढ़ावा देगी।एफसीआई न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खाद्यान्नों की खरीद, रणनीतिक खाद्यान्न भंडार के रखरखाव, कल्याणकारी उपायों के लिए खाद्यान्नों के वितरण और बाजार में खाद्यान्नों की कीमतों के स्थिरीकरण के माध्यम से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।इक्विटी का निवेश एफसीआई की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, ताकि वह अपने अधिदेश को प्रभावी ढंग से पूरा कर सके। एफसीआई फंड की आवश्यकता से जुड़ी कमी को पूरा करने के लिए अल्पकालिक उधार का सहारा लेता है। इस निवेश से ब्याज का बोझ कम करने में मदद मिलेगी और अंततः भारत सरकार की सब्सिडी कम होगी।एमएसपी आधारित खरीद और एफसीआई की परिचालन क्षमताओं में निवेश के प्रति सरकार की दोहरी प्रतिबद्धता, किसानों को सशक्त बनाने, कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और राष्ट्र के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक सहयोगात्मक प्रयास का प्रतीक है।
- -एक मिशन मोड वाला तंत्र देश के शीर्ष 860 गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण प्रदान करना सुविधाजनक व सहज बनाएगा और हर वर्ष 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों को कवर करेगा-एक विशेष ऋण उत्पाद गिरवी मुक्त एवं गारंटर मुक्त शिक्षा ऋण को संभव बनाएगा; इसे एक सरल, पारदर्शी, विद्यार्थियों के अनुकूल और पूरी तरह से डिजिटल आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से सुलभ बनाया गया है-कुल 7.5 लाख रुपये तक की ऋण राशि पर भारत सरकार द्वारा 75 प्रतिशत क्रेडिट गारंटी प्रदान की जाएगी, ताकि बैंकों को कवरेज बढ़ाने में सहायता मिल सके-इसके अलावा, 8 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले विद्यार्थियों के लिए, यह योजना 10 लाख रुपये तक के ऋण पर 3 प्रतिशत की ब्याज छूट भी प्रदान करेगी--यह 4.5 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले विद्यार्थियों को पहले से दी गई पूर्ण ब्याज छूट के अतिरिक्त है-पीएम विद्यालक्ष्मी युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को अधिकतम सुलभ बनाने हेतु पिछले दशक में की गई विभिन्न पहलों के दायरे एवं सुलभता को आगे बढ़ाएगीनयी दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने केन्द्रीय क्षेत्र की एक नई योजना पीएम विद्यालक्ष्मी को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय के बारे में आज नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बिना किसी जमानत के ऋण प्राप्त करने के पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना इसलिए शुरू की गई है ताकि वित्तीय बाधाओं के कारण भारत का कोई भी युवा गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने से न रोके। इस नई योजना का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि वित्तीय बाधाएं किसी को भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने से न रोकें। पीएम विद्यालक्ष्मी राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 से निकली एक और महत्वपूर्ण पहल है, जिसने यह सिफारिश की थी कि सार्वजनिक और निजी, दोनों प्रकार के उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) में विभिन्न उपायों के माध्यम से मेधावी विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के तहत, गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थान (क्यूएचईआई) में प्रवेश लेने वाला कोई भी विद्यार्थी ट्यूशन फीस की पूरी राशि और पाठ्यक्रम से संबंधित अन्य खर्चों को कवर करने हेतु बैंकों और वित्तीय संस्थानों से गिरवी मुक्त एवं गारंटर मुक्त ऋण प्राप्त करने का पात्र होगा। यह योजना एक सरल, पारदर्शी एवं विद्यार्थियों के अनुकूल प्रणाली के माध्यम से संचालित की जाएगी, जो अंतर- संचालनीय और पूरी तरह से डिजिटल होगी।यह योजना एनआईआरएफ रैंकिंग द्वारा निर्धारित देश के शीर्ष गुणवत्ता वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू होगी। इस योजना में एनआईआरएफ के समग्र, श्रेणी-विशिष्ट और डोमेन -विशिष्ट रैंकिंग में शीर्ष 100 में स्थान रखने वाले सभी एचईआई, सरकारी एवं निजी, शामिल हैं। एनआईआरएफ रैंकिंग में 101-200 में स्थान रखने वाले राज्य सरकार के उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) और केन्द्र सरकार द्वारा प्रशासित सभी संस्थानों को इसमें शामिल किया गया है। इस सूची को एनआईआरएफ के नवीनतम रैंकिंग का उपयोग करके हर वर्ष अद्यतन किया जाएगा और शुरुआत 860 योग्य क्यूएचईआई से होगी, जिसमें 22 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे जो अपनी इच्छानुसार संभावित रूप से पीएम-विद्यालक्ष्मी का लाभ उठा सकेंगे।कुल 7.5 लाख रुपये तक की ऋण राशि के लिए, विद्यार्थी बकाया डिफॉल्ट के 75 प्रतिशत की क्रेडिट गारंटी के भी पात्र होंगे। इससे बैंकों को इस योजना के तहत विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।उपरोक्त सुविधाओं के अलावा, जिन विद्यार्थियों की वार्षिक पारिवारिक आय 8 लाख रुपये तक है और वे किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति या ब्याज छूट योजनाओं के तहत लाभ के पात्र नहीं हैं, उन्हें 10 लाख रुपये तक के ऋण पर अधिस्थगन अवधि के दौरान 3 प्रतिशत की ब्याज छूट भी प्रदान की जाएगी। हर वर्ष एक लाख विद्यार्थियों को ब्याज छूट सहायता दी जाएगी। उन विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी जो सरकारी संस्थानों में अध्ययनरत हैं और जिन्होंने तकनीकी/व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का विकल्प चुना है। वर्ष 2024-25 से 2030-31 के दौरान 3,600 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रावधान किया गया है और इस अवधि के दौरान 7 लाख नए छात्रों को इस ब्याज छूट का लाभ मिलने की उम्मीद है।उच्च शिक्षा विभाग के पास एक एकीकृत पोर्टल “पीएम-विद्यालक्ष्मी” उपलब्ध होगा, जिस पर विद्यार्थी सभी बैंकों द्वारा उपयोग की जाने वाली सरलीकृत आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षा ऋण के साथ-साथ ब्याज छूट के लिए आवेदन कर सकेंगे। ब्याज छूट का भुगतान ई-वाउचर और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) वॉलेट के माध्यम से किया जाएगा।पीएम विद्यालक्ष्मी देश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को अधिकतम सुलभ बनाने हेतु शिक्षा एवं वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में पिछले एक दशक में भारत सरकार द्वारा की गई विभिन पहलों के दायरे एवं सुलभता को आगे बढ़ाएगी। यह योजना उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही पीएम-यूएसपी की दो घटक योजनाओं, केन्द्रीय क्षेत्र ब्याज सब्सिडी (सीएसआईएस) और शिक्षा ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी फंड योजना (सीजीएफएसईएल) की पूरक होगी। पीएम-यूएसपी सीएसआईएस के तहत, 4.5 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले और स्वीकृत संस्थानों में तकनीकी/व्यावसायिक पाठ्यक्रम में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को 10 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण के लिए अधिस्थगन अवधि के दौरान पूर्ण ब्याज छूट मिलती है। इस प्रकार, पीएम विद्यालक्ष्मी और पीएम-यूएसपी मिलकर सभी योग्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एचईआई में उच्च शिक्षा और स्वीकृत एचईआई में तकनीकी/व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए समग्र सहायता प्रदान करेंगी।
- नयी दिल्ली। i प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में आज डोनाल्ड ट्रम्प की ऐतिहासिक जीत पर उन्हें बधाई दी। श्री मोदी ने कहा कि वे भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए नये सिरे से सहयोग बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।श्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा:"मेरे मित्र डोनाल्ड ट्रम्प को ऐतिहासिक चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई। आप अपने पिछले कार्यकाल की सफलताओं को आगे बढ़ा रहे हैं, ऐसे में मैं भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए नये सिरे से अपने सहयोग को बढ़ाने के लिए तत्पर हूं। आइए, हम मिलकर अपने लोगों की बेहतरी और वैश्विक शांति, स्थिरता तथा समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए काम करें।"
- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने मंगलवार को कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ यहां पार्टी मुख्यालय में एक बैठक की, जिसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों के कुछ प्रमुख नेता भी शामिल हुए। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान जोर-शोर से जारी है। इसी बीच कुछ राज्यों में लोकसभा और विधानसभा के उपचुनाव भी होने हैं। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, सी आर पाटिल और धर्मेन्द्र प्रधान के अलावा चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और शिवसेना का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतापराव जाधव शामिल थे। बैठक के एजेंडे पर हालांकि कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों ने कहा कि इसका उद्देश्य विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 13 और 20 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए समन्वय और तालमेल बनाना है। भाजपा इन चुनावों के दौरान अपने छोटे-बड़े सभी सहयोगियों को साथ लेकर यह संदेश देने का प्रयास कर रही है वह पूरी तरह एकजुट है। सूत्रों ने बताया कि इन चुनावों में केंद्रीय मंत्री राजग के विकास के एजेंडे को प्रमुखता से रेखांकित करेंगे और साथ ही जनता को अपने विभागों द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों से अवगत कराएंगे। महाराष्ट्र और झारखंड में राजग का मुकाबला 'इंडिया' गठबंधन में शामिल दलों से है। महाराष्ट्र में राजग की चुनौती सत्ता बरकरार रखने की है, वहीं झारखंड में वह झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए प्रयासरत है। हरियाणा में कांग्रेस के खिलाफ जोरदार जीत से उत्साहित भाजपा अब महाराष्ट्र और झारखंड में विपक्षी गठबंधन को पराजित करने के लिए पूरी एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। महाराष्ट्र में एक चरण में 20 नवंबर को जबकि झारखंड में 13 और 20 नवंबर को दो चरणों में मतदान होना है। दोनों राज्यों में 23 नवंबर को मतों की गिनती होगी।
- नयी दिल्ली। अष्टागुरु द्वारा आयोजित आधुनिक भारतीय कला नीलामी में सात से नौ नवंबर तक जैमिनी रॉय, एम एफ हुसैन और राम कुमार सहित भारतीय आधुनिकतावादी कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। नीलामी घर द्वारा ‘आइकॉनिक मास्टर्स' नाम से आयोजित होने जा रही नीलामी में एफ. एन. सूजा, एस. एच. रजा, के. एच. आरा के साथ-साथ ही मनु पारेख, परेश मैती और हिम्मत शाह जैसे कलाकारों की कुल 180 कृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। नीलामी का एक मुख्य आकर्षण हुसैन का 1968 में कैनवास पर बनाया गया तैल चित्र है, जिसका शीर्षक ‘इटर्नल लवर्स' है। यह कृति शिव और पार्वती के पौराणिक मिलन से प्रेरित है और इसकी अनुमानित कीमत दो से चार करोड़ रुपये है। नीलामी के लिए रखी जाने वाली अन्य प्रमुख कलाकृतियों में राम कुमार द्वारा 2011 में कैनवास पर बनाई गई बिना शीर्षक वाली ऐक्रेलिक कलाकृति है। इसमें तीन मानव आकृतियों को मटमैले रंगों में मोटी रेखाओं और ब्रशस्ट्रोक के साथ चित्रित किया गया है। यह कलाकृति 1.2 करोड़ से 1.6 करोड़ रुपये में बिकने की उम्मीद है। शक्ति बर्मन की बिना शीर्षक की कैनवास पर बनी परिदृश्य कलाकृति भी नीलामी के लिए रखी जाएगी। इसे उन्होंने 1966 में स्थानांतरित होने और बसने के बाद चित्रित किया था। यह कृति उनके जीवन और करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ की प्रतीक है, क्योंकि इसमें चमकीले लाल, नीले और पीले रंगों के साथ हल्के गुलाबी रंग का प्रयोग उनकी कलात्मक संवेदनाओं पर फ्रांस की छाप को दर्शाता है। इस कलाकृति के 40 से 60 लाख रुपये में बिकने की उम्मीद है। अष्टागुरु नीलामी घर के ग्राहक संबंधों के उपाध्यक्ष सनी चंदीरमानी ने एक बयान में कहा, ‘‘चित्रकला, मूर्तिकला, रेखाचित्र और अन्य माध्यमों में की गई कलाकृतियों का चयन भारतीय कला की जीवंत विविधता और गहन सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है।'' इनके अलावा बिकास भट्टाचार्य, सैलोज मुखर्जी, कृष्ण खन्ना, ए ए अमलेलकर, गुरचरण सिंह, बी प्रभा, गणेश हालोई और जोगेन चौधरी जैसे कलाकारों की कलाकृतियों को भी नीलामी में प्रदर्शित किया जाएगा।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को प्रख्यात लोक गायिका शारदा के निधन पर शोक जताया और कहा कि उनका जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "सुप्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उनके गाए मैथिली और भोजपुरी के लोकगीत पिछले कई दशकों से बेहद लोकप्रिय रहे हैं।" उन्होंने कहा, "आस्था के महापर्व छठ से जुड़े उनके सुमधुर गीतों की गूंज भी सदैव बनी रहेगी। उनका जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति!" शारदा सिन्हा पिछले कुछ दिनों से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती थीं और सोमवार से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार सुबह ही शारदा सिन्हा के पूत्र अंशुमान सिन्हा और एम्स के निदेशक से बातचीत करके उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी।
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नयी दिल्ली. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने मंगलवार को कहा कि संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से आरंभ होकर 20 दिसंबर तक चलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान को अंगीकार किए जाने की 75वीं वर्षगांठ का जश्न 26 नवंबर को संविधान सदन (पुरानी संसद) के केंद्रीय कक्ष में मनाया जाएगा। रीजीजू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘माननीय राष्ट्रपति (द्रौपदी मुर्मू) ने भारत सरकार की सिफारिश पर 25 नवंबर से 20 दिसंबर, 2024 तक शीतकालीन सत्र के लिए संसद के दोनों सदनों की बैठकें बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।'' उन्होंने कहा, ‘‘26 नवंबर, 2024 (संविधान दिवस) को संविधान अंगीकार किए जाने की 75वीं वर्षगांठ पर संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में कार्यक्रम का आयोजन होगा।'' उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर, 1949 को संविधान को अंगीकार किया गया था और यह 26 जनवरी 1950 को प्रभावी हुआ था। पूर्व में हर साल 26 नवंबर को राष्ट्रीय विधि दिवस के रूप में मनाया जाता था। साल 2015 में संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव आम्बेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की ताकि लोगों को संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रोत्साहित किया जा सके।
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वाराणसी. उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक व्यक्ति ने अपने ही परिवार के चार लोगों की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी, जिसमें पत्नी, दो बेटे और एक बेटी शामिल है। पुलिस के अनुसार, भेलूपुर थाने के भैदैनी क्षेत्र में आरोपी राजेंद्र गुप्ता नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी नीतू (45), बेटे नवनेंद्र (25) और सुबेंद्र (15) तथा बेटी गौरांगी (16) की सोमवार देर रात कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी गुप्ता घटनास्थल से फरार हो गया। उसने बताया कि आरोपी गुप्ता के मकान में रहने वाले किरायेदारों ने पुलिस को मंगलवार दोपहर वारदात की सूचना दी, जिसके बाद अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस उपायुक्त (काशी जोन) गौरव बंदसवाल ने बताया कि भेलूपुर थाने को सूचना मिली कि एक महिला और उसके तीन बच्चों की हत्या कर दी गई है तथा मृतका का पति आरोपी राजेंद्र फरार है, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी राजेंद्र की मां से पूछताछ की। बंदसवाल के अनुसार, आरोपी राजेंद्र की मां ने बताया कि पारिवारिक कलह के कारण उसके बेटे और बहू के बीच रोजाना झगड़ा होता था। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी राजेंद्र ने ही चारों हत्या की हैं और वह वारदात के बाद से फरार है। बंदसवाल के मुताबिक, आरोपी राजेंद्र 1997 से हत्या के एक मुकदमे का सामना कर रहा है और वह जमानत पर जेल से बाहर है। उन्होंने बताया कि वारदात सोमवार देर रात की लग रही है और घटनास्थल से पिस्तौल के खोखे बरामद किए गए है। बंदसवाल ने कहा कि आरोपी राजेंद्र की तलाश जारी है और पुलिस घटना की अन्य पहलुओं से भी जांच कर रही है।
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जयपुर. जयपुर में गायक दिलजीत दोसांझ के संगीत कार्यक्रम के दौरान उनके अनेक प्रशंसकों के मोबाइल कथित तौर पर चोरी हो गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, तीस से ज्यादा लोगों ने पुलिस में मोबाइल चोरी होने का मामला दर्ज कराया है। दिलजीत के प्रशंसकों ने उनसे व पुलिस से मदद मांगी है।
'दिल-लुमिनाती इंडिया टूर-2024' के तहत दोसांझ का शो रविवार को सीतापुरा स्थित जयपुर प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र (जेईसीसी) में हुआ था। सांगानेर के थानाधिकारी सदर नंदलाल ने कहा, "जयपुर में गायक दोसांझ के संगीत कार्यक्रम के दौरान मोबाइल चोरी होने की 32 प्राथमिकी दर्ज की गईं हैं। इन मोबाइल फोन को ट्रैक किया जा रहा है।" उन्होंने कहा कि पीड़ित रविवार रात और सोमवार को मामला दर्ज कराने थाने पहुंचे। रविवार रात को मोबाइल चोरी की शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने में भीड़ लग गई। दिलजीत के कुछ प्रशंसकों ने वीडियो बनाकर उनसे भी मदद करने की गुहार लगाई है। -
नयी दिल्ली. सरकार ने उपभोक्ताओं को ऊंची कीमतों से राहत देने के लिए रियायती दर पर ‘भारत' ब्रांड के तहत गेहूं के आटे और चावल की खुदरा बिक्री के दूसरे चरण की मंगलवार को शुरुआत की। सहकारी समितियों भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ), भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) और केन्द्रीय भंडार तथा ई-कॉमर्स मंच के जरिये गेहूं का आटा 30 रुपये प्रति किलोग्राम और चावल 34 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से पांच तथा 10 किलोग्राम के पैकेट में बेचा जाएगा। खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इन सहकारी समितियों की ‘मोबाइल वैन' को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा, ‘‘यह उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए एक अस्थायी हस्तक्षेप है।'' सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण कोष के अंतर्गत दूसरे चरण में खुदरा हस्तक्षेप के लिए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) से 3.69 लाख टन गेहूं और 2.91 लाख टन चावल आवंटित किया है। जोशी ने कहा, ‘‘ यह तब तक जारी रहेगा जब तक आवंटित भंडार समाप्त नहीं हो जाता। यदि और अधिक की आवश्यकता होगी तो हमारे पास पर्याप्त भंडार है और हम पुनः आवंटन करेंगे।'' नए मूल्य निर्धारण ढांचे के तहत गेहूं का आटा पांच तथा 10 किलोग्राम के पैक में 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध होगा, जबकि चावल 34 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जाएगा। पहले चरण की दरों क्रमशः 27.5 रुपये तथा 29 रुपये प्रति किलोग्राम से इसमें मामूली वृद्धि की गई है। पहले चरण में चावल की कम बिक्री पर जोशी ने कहा कि सरकार का मकसद कारोबार करना नहीं है।
उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देना और बाजार में कीमतों को नियंत्रित करना है।'' मंत्री ने कहा कि यदि मांग की गई तो सरकार छोटे आकार के पैकट लाने पर विचार करेगी। जोशी ने चावल के अधिशेष भंडार के बावजूद कीमतों में स्थिरता को समझने के लिए एक अध्ययन का आह्वान किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि कीमतें ‘‘ काफी हद तक नियंत्रण में'' हैं, केवल सामान्य गुणवत्ता वाली किस्मों में मामूली उतार-चढ़ाव है। पहले चरण में अक्टूबर, 2023 से 30 जून, 2024 तक 15.20 लाख टन गेहूं का आटा और 14.58 लाख टन चावल का वितरण किया गया था। जोशी ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर निरंतर हस्तक्षेप के लिए पर्याप्त भंडार उपलब्ध रहेगा। इस अवसर पर खाद्य राज्यमंत्री बी.एल. वर्मा और खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा भी उपस्थित रहे। - उत्तरकाशी। उत्तराखंड के राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने सोमवार को एक स्थानीय ट्रैकर का पता लगा लिया, जो दो दिन पहले यहां झिंडा घास के मैदान की ओर जाते समय अपने समूह से अलग होकर लापता हो गया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उत्तरकाशी आपदा प्रबंधन कार्यालय ने कहा कि भटवाड़ी के सैंज गांव के निवासी सुमित पंवार को ढूंढ लिया गया है और वह सुरक्षित हैं। लगभगग 20 वर्ष की आयु के स्थानीय ट्रैकरों के समूह ने दो नवंबर को धराली के पास अपने तंबू लगाए थे और वहां से लगभग सात किलोमीटर ऊपर झिंडा घास के मैदान के लिए रवाना हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि यात्रा के दौरान पंवार अपने पांच सदस्यीय समूह से अलग हो गए थे। उन्होंने बताया अन्य ट्रैकर पवार के बिना ही नीचे आ गए और हर्षिल थाने को सूचना दी। खोज एवं बचाव दल में एसडीआरएफ के आठ कर्मी, छह स्थानीय ग्रामीण, वन विभाग का एक कर्मचारी, पांच पोर्टर और एक पुलिसकर्मी शामिल थे।
- रांची, चार नवंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनावी राज्य झारखंड का 10 नवंबर को फिर से दौरा करेंगे और कम से कम दो रैलियों को संबोधित करेंगे। यह जानकारी असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को दी। प्रधानमंत्री मोदी ने गढ़वा और चाईबासा में सोमवार को दो जनसभाओं को संबोधित किया।शर्मा ने बताया, ‘‘प्रधानमंत्री 10 नवंबर को झारखंड का दौरा करेंगे। वह दो रैलियों को संबोधित करेंगे जिसमें वह बोकारो या रांची में या फिर बोकारो और गुमला में रैलियों को संबोधित करेंगे और रांची में एक रोड शो करेंगे।'' उन्होंने कहा कि रैलियों के स्थल के बारे में अभी अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। झारखंड विधानसभा चुनाव दो चरणों में 13 नवंबर और 20 नवंबर को कराए जाएंगे जबकि मतगणना 23 नवंबर को होगी।
- नयी दिल्ली। दिल्ली में मंगलवार को भी प्रदूषण का स्तर अधिक रहा और कुछ इलाकों में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी के करीब पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़े के अनुसार, सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 384 दर्ज किया गया। सोमवार को शाम चार बजे तक दर्ज पिछले 24 घंटे का औसत एक्यूआई 381 था, जो देश में दूसरा सबसे अधिक एक्यूआई है।हर घंटे वायु गुणवत्ता की जानकारी देने वाले CPCB के ‘समीर ऐप’ के अनुसार, 38 निगरानी केंद्रों में से 13 में एक्यूआई 400 से अधिक यानी ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। ये केंद्र हैं आनंद विहार, अशोक विहार, द्वारका, एनएसआईटी द्वारका, नेहरू नगर, मोती मार्ग, सोनिया विहार, विवेक विहार, वजीरपुर, रोहिणी, पंजाबी बाग, मुंडका और जहांगीरपुरी। CPCB के अनुसार, वायु गुणवत्ता का 400 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में रहना हवा के जहरीली होने का संकेत है जो स्वस्थ लोगों को प्रभावित करता है तथा पहले से बीमार लोगों पर गंभीर असर डालता है।एक्यूआई के वर्गीकरण के अनुसार, 0-50 की श्रेणी में एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51-100 को ‘संतोषजनक’, 101-200 को ‘मध्यम’, 201-300 को ‘खराब’, 301-400 को ‘बहुत खराब’ और 401-500 के बीच एक्यूआई को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है। न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, सुबह साढ़े आठ बजे आर्द्रता का स्तर 94 प्रतिशत था। मौसम विभाग ने दिन में आसमान साफ रहने तथा अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है।
- भुवनेश्वर। ओडिशा के पुरी स्थित 12वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर की चारदीवारी में दरारें पाए जाने के बाद प्राधिकारियों ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से इसका वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने का सोमवार को आग्रह किया। एएसआई मंदिर का संरक्षक है। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाढी ने एएसआई को एक पत्र लिखकर कहा कि मंदिर परिसर के चारों ओर की दीवार पर दरारें देखी गई हैं। पाढी ने एएसआई से ‘मेघनाद पचेरी' की तत्काल मरम्मत करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि एसजेटीए की सिविल निर्माण शाखा ने दीवार पर पानी के रिसाव को रोकने के लिए कदम उठाए हैं। पाढी ने बताया कि आनंद बाजार की जल निकासी व्यवस्था में सुधार के लिए निविदा प्रक्रिया भी शुरू की गई है। आनंद बाजार मंदिर के अंदर एक स्थान है जहां लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। मंदिर प्रशासन ने मरम्मत कार्य में एएसआई को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया है।
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ऐतिहासिक फैसला दिया कि सरकार के पास सभी निजी स्वामित्व वाले संसाधनों के अधिग्रहण का अधिकार नहीं है। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि हालांकि सरकार उन संसाधनों पर दावा कर सकती है जो मैटीरियल हैं और सार्वजनिक हित के लिए कम्युनिटी के पास है। शीर्ष अदालत की 9 जजों की बेंच ने 7-2 के बहुमत से यह फैसला दिया है।शीर्ष अदालत ने 1978 के बाद के फैसलों को पलट दिया, जिनमें सोशलिस्ट थीम को अपनाया गया था, जिसमें यह फैसला दिया गया था कि सरकार सार्वजनिक हित के लिए सभी प्राइवेट प्रॉपर्टीज को अपने अधीन ले सकती है।शीर्ष अदालत के पीठ ने बहुमत से दिए फैसले में कहा कि पुराने नियम जिसमें सरकार को प्राइवेट प्रॉपर्टीज अपने अधिकार में ले सकती है, वो खास आर्थिक और सोशलिस्ट विचारधारा से प्रेरित था।
क्या है मामलायह मामला मुंबई स्थित प्रॉपर्टी ओनर्स एसोसिएशन द्वारा महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट एक्ट 1976 के चैप्टर VIIIA की संवैधानिकता को चुनौती देते हुए लाया गया था। इसके अंतर्गत राज्य को मंथली किराये के 100 गुना मुआवजा देकर संबंधित प्राइवेट प्रॉपर्टी का अधिग्रहण करने का अधिकार है। सबसे पहले साल 1992 में इस नियम के खिलाफा याचिकाएं दायर की गई थीं। 2002 में इस मामले को 9 जजों की बेंच को भेजा गया था। आखिरकार दो दशक से ज्यादा समय के बाद 2024 में मामले की सुनवाई हुई।क्या है 1978 का नियम1978 के एक मामले में – कर्नाटक बनाम रंगनाथ रेड्डी एवं अन्य – दो फैसले सुनाए गए। जस्टिस कृष्ण अय्यर द्वारा सुनाए गए फैसले में कहा गया कि कम्युनिटी के मैटीरियल रिर्सोसेज में प्राकृतिक और मानव निर्मित, सरकारी और प्राइवेट सभी रिसोर्सेज शामिल हैं। एक अन्य फैसले में जस्टिस उंटवालिया द्वारा सुनाए गए दूसरे निर्णय में अनुच्छेद 39(बी) के संबंध में कोई राय व्यक्त करना आवश्यक नहीं समझा गया।बाद में, संजीव कोक मैन्युफैक्चरिंग बनाम भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (1982) के मामले में संविधान पीठ ने जस्टिस अय्यर के फैसले को बनाए रखा। मफतलाल इंडस्ट्रीज लिमिटेड बनाम भारत संघ के मामले में दिए फैसले में भी यह स्थिति बरकरार रखी गई।न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने प्रधान न्यायाधीश द्वारा लिखे गए बहुमत के फैसले से आंशिक रूप से असहमत जताई, जबकि न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने सभी पहलुओं पर असहमति जताई। फैसला अभी सुनाया जा रहा है।अनुच्छेद 31सी, अनुच्छेद 39(बी) और (सी) के तहत बनाए गए कानून की रक्षा करता है जो सरकार को आम भलाई के वास्ते वितरण के लिए निजी संपत्तियों सहित समुदाय के भौतिक संसाधनों को अपने कब्जे में लेने का अधिकार देता है।शीर्ष अदालत ने 16 याचिकाओं पर सुनवाई की जिनमें 1992 में मुंबई स्थित प्रॉपर्टी ओनर्स एसोसिएशन (पीओए) द्वारा दायर मुख्य याचिका भी शामिल थी। पीओए ने महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) अधिनियम के अध्याय 8-ए का विरोध किया है। 1986 में जोड़ा गया यह अध्याय सरकारी प्राधिकारियों को उपकरित भवनों और उस भूमि का अधिग्रहण करने का अधिकार देता है जिस पर वे बने हैं, यदि वहां रहने वाले 70 प्रतिशत लोग पुनर्स्थापन उद्देश्यों के लिए ऐसा अनुरोध करते हैं। -
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उत्तराखंड में बस के खाई में गिरने की दुर्घटना में मारे गये यात्रियों की मौत पर शोक व्यक्त किया। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने हादसे पर संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत यात्रियों के आश्रितों को उचित मुआवजा देने और घायलों के इलाज की व्यवस्था किये जाने की मांग की। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में सोमवार को एक निजी बस के गहरी खाई में गिरने से कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई और 24 अन्य यात्री घायल हो गए। बस में लगभग 60 यात्री सवार थे।
आदित्यनाथ ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उत्तराखंड के अल्मोड़ा में एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे में लोगों की मौत अत्यंत दुःखद है। मेरी संवेदनाएं मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। प्रभु राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले और घायल शीघ्र स्वस्थ हों।'' सपा ने सोमवार को यहां एक बयान जारी कहा कि अखिलेश यादव ने उत्तराखंड के अल्मोड़ा में एक यात्री बस के 150 फुट गहरी खाई में गिरने से तीन दर्जन लोगों की मौत और कई यात्रियों के घायल होने पर गहरा दुख जताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना के साथ ही संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। यादव ने उत्तराखण्ड सरकार से मृतक आश्रितों को उचित मुआवजा देने और घायलों के इलाज की व्यवस्था किये जाने की भी मांग की। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि भारतीय भाषाओं के संरक्षण और उनके प्रचार के लिए मोदी सरकार का कार्यकाल गौरवशाली समय रहा है और सरकार ने भाषाओं के व्यापक उपयोग के लिए अनेक कदम उठाए हैं। दिल्ली में केंद्रीय हिंदी समिति की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हाल ही में पांच और भारतीय भाषाओं को शास्त्रीय भाषा दर्जा दिया गया है, इसी के साथ भारत 11 भाषाओं को शास्त्रीय भाषाओं के रूप में मान्यता देने वाला एकमात्र देश बन गया है। एक आधिकारिक बयान में शाह के हवाले से कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिंदी में अपने विचार व्यक्त करके हिंदी के महत्व को बढ़ाया है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारतीय भाषाओं के संरक्षण, प्रचार और व्यापक उपयोग के लिए कई पहल की हैं, जिससे 2014 से 2024 तक की अवधि भारतीय भाषाओं के संरक्षण और प्रचार के लिए एक समर्पित युग बन गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं में इंजीनियरिंग की पढ़ाई, चिकित्सा, प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की उपलब्धता ने सभी भाषाओं के विकास के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार किया है। शाह ने कहा, ‘‘यदि हम देश के विकास के लिए अपने बच्चों और युवाओं की पूरी क्षमता का उपयोग करना चाहते हैं तो यह जरूरी है कि वे अपनी मातृभाषा में पढ़ाई और विश्लेषण करें और निर्णय लें।” उन्होंने कहा कि केंद्रीय हिंदी समिति का उद्देश्य हिंदी का विकास करना, हिंदी साहित्य का संरक्षण करना तथा इसे देश की संपर्क भाषा के रूप में इस्तेमाल करना है। गृह मंत्री ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों में हिंदी को सशक्त बनाने के लिए तीन बड़ी पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि पहली पहल “हिंदी शब्दसिंधु” शब्दकोष को तैयार करना था। शाह ने भरोसा जताया कि “हिंदी शब्दसिंधु” अगले पांच साल में दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला शब्दकोष बन जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि भारतीय भाषा अनुभाग की स्थापना दूसरी महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा, “जब तक हम सभी भारतीय भाषाओं को मजबूत नहीं बनाते, हम विकास नहीं कर सकते।
शाह ने कहा कि तीसरी बड़ी पहल देश के विभिन्न भागों में राजभाषा सम्मेलन का आयोजित करना है जिससे राजभाषा के महत्व को आसाना से समझा जा सके। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कनाडा में एक हिंदू मंदिर पर हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि हिंसा के ऐसे कृत्य भारत के संकल्प को कभी कमजोर नहीं करेंगे। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि कनाडा सरकार न्याय सुनिश्चित करेगी और कानून का शासन बनाए रखेगी।
खालिस्तानी झंडे लिए प्रदर्शनकारियों की रविवार को कनाडा में ब्रैम्पटन के हिंदू सभा मंदिर में लोगों के साथ झड़प हुई, जिसके बाद ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने एक कड़ा बयान जारी कर ‘भारत विरोधी' तत्वों द्वारा किए गए हमले की निंदा की। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मैं कनाडा में हिंदू मंदिर पर जानबूझकर किए गए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। हमारे राजनयिकों को डराने के कायरतापूर्ण प्रयास भी उतने ही भयावह हैं।" उन्होंने कहा, "हिंसा के ऐसे कृत्य भारत के संकल्प को कभी कमजोर नहीं करेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि कनाडा सरकार न्याय सुनिश्चित करेगी और कानून का शासन बनाए रखेगी।" केनैडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन' की रिपोर्ट के अनुसार, पील क्षेत्रीय पुलिस ने रविवार को बताया कि ब्रैम्पटन के एक मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ था और सोशल मीडिया पर प्रसारित घटना के कुछ अपुष्ट वीडियो में प्रदर्शनकारी खालिस्तान के समर्थन में बैनर पकड़े नजर आए। रिपोर्ट में कहा गया कि वीडियो में लोग एक-दूसरे पर घूंसे बरसाते और एक-दूसरे पर डंडों से हमला करते नजर आए। यह घटना हिंदू सभा मंदिर के आसपास के मैदान में होती प्रतीत हो रही है। इससे पहले, विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर ‘बेहद चिंतित' है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘हम ओंटारियो के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में कल चरमपंथियों और अलगाववादियों द्वारा की गई हिंसा की निंदा करते हैं। -
प्रयागराज. कुम्भ मेले के इतिहास में पहली बार श्रद्धालुओं को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और वे गूगल नेविगेशन का उपयोग करके घाट, मंदिर, अखाड़े या किसी अन्य स्थान तक आसानी से पहुंच सकेंगे। अपर मेलाधिकारी (कुम्भ) विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि गूगल ने अपनी नीति में पहली बार बदलाव करते हुए महाकुम्भ मेला क्षेत्र को अपने सिस्टम में एकीकृत करने का निर्णय किया है। उन्होंने बताया कि गूगल और कुम्भ मेला प्राधिकरण के बीच इस सुविधा को लेकर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया गया है, जिसके तहत गूगल महाकुम्भ के लिए विशेष नेविगेशन तैयार करेगी, जिसकी मदद से श्रद्धालु सभी स्थानों, अखाड़ों और यहां तक कि साधु संतों के शिविर का पता लगा सकेंगे। उन्होंने बताया कि यह विशेष नेविगेशन सुविधा इस महीने के अंत तक या दिसंबर की शुरुआत में प्रारंभ होने की संभावना है और इससे विदेश से आने वाले पर्यटक भी सहज ढंग से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। चतुर्वेदी ने कहा कि गूगल सामान्य तौर पर पूरी दुनिया के विभिन्न शहरों का नेविगेशन देता है, लेकिन पहली बार उसने किसी अस्थायी शहर (कुंभ मेला क्षेत्र) के लिए यह सुविधा प्रदान करने पर सहमति दी है। उन्होंने कहा कि गूगल यहां की प्रमुख सड़कों, धार्मिक स्थलों, घाटों, अखाड़ों समेत प्रमुख संतों के स्थलों की जानकारी प्रदान करेगा। सरल शब्दों में किसी स्थान पर ले जाने वाले रास्ते की विस्तृत जानकारी को कंप्यूटर या मोबाइल की भाषा में नेविगेशन या मार्गदर्शन कहा जाता है।
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देहरादून. केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने सोमवार को हरिद्वार में गंगा नदी के किनारे चंडी घाट पर आठवें ‘गंगा उत्सव' का उद्घाटन किया और इसे करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रतीक बताया। ‘गंगा उत्सव' का आयोजन हर साल किया जाता है, लेकिन अबकी इसे पहली बार नदी के तट पर आयोजित किया गया है। यह उत्सव गंगा बेसिन वाले राज्यों के 139 जिलों में मनाया जाता है। प्रत्येक राज्य ने जिला गंगा समितियों द्वारा आयोजित एक मुख्य कार्यक्रम की मेजबानी की।
उत्सव का प्राथमिक उद्देश्य नदी के संरक्षण को बढ़ावा देना, इसके सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर जोर देना और स्वच्छता के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना है। इस अवसर पर जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी, उत्तराखंड की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रेखा आर्य और जल शक्ति मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी भी उपस्थित थीं। गंगा नदी को ‘राष्ट्रीय नदी' घोषित करने की वर्षगांठ मनाने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) द्वारा गंगा उत्सव 2024 का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर पाटिल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदेश को साझा किया कि इस देश के 60 करोड़ लोगों को लाभान्वित करने वाली गंगा नदी मां के रूप में पूजनीय हैं और यह बिना कुछ लिए नि:स्वार्थ रूप से देती हैं। पाटिल ने कहा कि नदियों को मां के रूप में सम्मान देना भारतीय संस्कृति के मूल में निहित है और गंगा का संरक्षण प्रधानमंत्री की एक नेक पहल है। प्रधानमंत्री बनने पर मोदी ने कहा था,‘‘मां गंगा ने मुझे बुलाया है।'' पाटिल ने इसे याद करते हुए कहा कि तब से उन्होंने गंगा के संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाने और सार्वजनिक समर्थन जुटाने के लिए अटूट प्रतिबद्धता दिखाई है। पाटिल ने ‘गंगा महिला राफ्टिंग अभियान' को भी हरी झंडी दिखाई। 50 दिनों तक चलने वाला यह अभियान गंगा नदी के किनारे स्थित नौ प्रमुख शहरों और कस्बों से गुजरते हुए गंगा सागर में समाप्त होगा। इस अवसर पर उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की ‘रिवर राफ्टिंग टीम' को सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री चौधरी ने कहा कि गंगा उत्सव नदी संरक्षण के लिए समर्पित एक अनूठा उत्सव है, जिसमें गंगा के संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए कई गतिविधियों की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा, ‘‘नदियां सिर्फ जल का स्रोत नहीं हैं, बल्कि ‘पवित्र और अत्यंत महत्वपूर्ण भी हैं, विशेषकर मां गंगा, जो हम सभी को एकजुट करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नदी की स्वच्छता और संरक्षण सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं। ‘नमामि गंगे' पहल के माध्यम से बिहार में 39 ‘सीवेज शोधन संयंत्र' (एसटीपी) के लिए 7,144 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिनमें से 17 पहले ही पूरे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि संरक्षण प्रयास गंगा की सहायक नदियों पर भी केंद्रित हैं।

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