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नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत ने कभी किसी देश पर घृणा या द्वेष के कारण आक्रमण नहीं किया, लेकिन अगर इसके हितों को खतरा हुआ तो हम बड़ा कदम उठाने में संकोच नहीं करेंगे। विजयादशमी के अवसर पर सिंह ने पश्चिम बंगाल के सुकना सैन्य स्टेशन पर "शस्त्र पूजा" की और कहा कि यह अनुष्ठान एक "स्पष्ट संकेत है कि यदि आवश्यकता हुई तो हथियारों व उपकरणों का पूरी ताकत से उपयोग किया जाएगा।” सुकना स्थित 33 कोर को 'त्रिशक्ति' कोर के नाम से जाना जाता है। यह सिक्किम सेक्टर में चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में सिंह के हवाले से कहा, "भारत ने कभी भी किसी देश पर घृणा या बुरी नीयत से हमला नहीं किया। हम तभी लड़ते हैं जब कोई हमारी अखंडता और संप्रभुता का अपमान करता है या उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है; जब धर्म, सत्य और मानवीय मूल्यों के विरूद्ध युद्ध छेड़ा जाता है, यही हमें विरासत में मिला है। हम इस विरासत को संरक्षित करना जारी रखेंगे।” उन्होंने कहा, “हालांकि, यदि हमारे हितों को खतरा है तो हम बड़ा कदम उठाने में संकोच नहीं करेंगे। शस्त्र पूजा एक स्पष्ट संकेत है कि अगर आवश्यकता हुई तो हथियारों, उपकरणों का पूरी ताकत से उपयोग किया जाएगा।" इससे पहले रक्षा मंत्री ने ‘एक्स' पर इस अनुष्ठान की तस्वीरें साझा कीं।
उन्होंने ‘एक्स' पर लिखा, “भारत में विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन की बड़ी पुरानी परंपरा रही है। आज सुकना, दार्जिलिंग में 33 कोर हेडक्वार्टरस में की शस्त्र पूजा।” विजया दशमी नवरात्र के समापन का प्रतीक है और इसे दशहरा के त्योहार के रूप में मनाया जाता है।
मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सेना में यह महत्वपूर्ण समारोह - 'शस्त्र पूजा' - राष्ट्र की संप्रभुता के रक्षक के रूप में हथियारों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। इस कार्यक्रम में थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, मनोनीत रक्षा सचिव श्री आरके सिंह, पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राम चंद्र तिवारी, सीमा सड़क संगठन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन, त्रिशक्ति कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए मिनवाला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। रक्षा मंत्री ने 'कलश पूजा' के साथ अनुष्ठान की शुरुआत की, जिसके बाद 'शस्त्र पूजा' और 'वाहन पूजा' की गई। सिंह ने सुकना सैन्य स्टेशन पर सैनिकों से भी बातचीत की। बयान में कहा गया है, "शक्ति, सफलता और सुरक्षा के लिए आशीर्वाद मांगने के लिए किए जाने वाले अनुष्ठान दशहरा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता को दर्शाता है। ये देश की सुरक्षा में हथियार प्रणालियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हैं।"
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नई दिल्ली। सरकार ने अपशिष्ट जल के उपयोग के लिए नए नियम प्रस्तावित किए हैं। इन नियमों के तहत जल के उपयोगकर्ताओं पर सख्त जिम्मेदारी डाली गई है और 2031 तक न्यूनतम 50 फीसदी अपशिष्ट जल के उपयोग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन नियमों के तहत जल के सभी बड़े उपयोगकर्ता को व्यापक अपशिष्ट जल उपचार उपायों को पंजीकृत करने और उन्हें लागू करने की आवश्यकता होगी। रोजाना 5,000 लीटर से अधिक जल की खपत करने वाली संस्थाओं को बड़े उपयोगकर्ता के तौर पर परिभाषित किया गया है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 7 अक्टूबर को प्रस्तावित नियमों की रूपरेखा प्रस्तुत की है। उसके अनुसार नए बड़े उपयोगकर्ताओं के लिए अपशिष्ट जल के न्यूनतम उपयोग के प्रतिशत में आगे वृद्धि होगी। यह रिहायशी सोसाइटियों के लिए वित्त वर्ष 2027-28 में 20 फीसदी से शुरू होकर वित्त वर्ष 2031 तक 50 फीसदी तक पहुंच जाएगी।इसी प्रकार सरकारी और निजी कार्यालयों सहित संस्थागत एवं वाणिज्यिक संस्थानों को शुरू में 20 फीसदी उपचारित अपशिष्ट जल का उपयोग करना होगा। बाद में वित्त वर्ष 2030 से यह आंकड़ा बढ़कर 40 फीसदी हो जाएगा। मगर औद्योगिक इकाइयों को वित्त वर्ष 2031 से 90 फीसदी उपचारित अपशिष्ट जल का उपयोग करना होगा।इसके विपरीत, मौजूदा बड़े उपयोगकर्ताओं के शुरुआती लक्ष्य कम रखे गए हैं। रिहायशी सोसाइटियों के लिए शुरू में 10 फीसदी अपशिष्ट जल का उपयोग अनिवार्य किया गया है जबकि वित्त वर्ष 2031 उसे बढ़ाकर 25 फीसदी करने का प्रस्ताव है। मगर संस्थागत और वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं के लिए यह आंकड़ा 10 फीसदी से शुरू होकर समान समय सीमा के भीतर 20 फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।मंत्रालय के प्रस्तावित ढांचे में विस्तारित उपयोगकर्ता दायित्व (ईयूआर) के बारे में भी बताया गया है। इसके तहत उपयोगकर्ताओं के लिए उनके उपभोग स्तर के अनुपात में अपशिष्ट जल का उपचार करना और उसका दोबारा उपयोग करना आवश्यक है। अपशिष्ट जल का तात्पर्य शौचालय, स्नानघर, कपड़े धोने की मशीन या रसोईघर से निकलने वाले इस्तेमाल किए गए जल से है।मंत्रालय ने 1 अक्टूबर, 2025 से प्रभावी होने वाले इन मसौदा नियमों पर 60 दिनों के भीतर आम लोगों से राय मांगी है। यह पहल जल संरक्षण पर जोर दिए जारे से प्रेरित है। जल संसाधन सीमित होने के कारण उसका पुनर्चक्रण बेहद आवश्यक हो गया है।केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने चक्रीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में उपचारित अपशिष्ट जल के उपयोग के लिए फरवरी में जारी अपने दिशानिर्देशों में जोर देकर कहा था कि भारत में उपचारित अपशिष्ट जल का दोबारा उपयोग करने की प्रथा बेहद मामूली है। कई राज्य सरकारों ने नीतिगत नियोजन के समय इस ओर खास ध्यान नहीं दी है।बोर्ड के दिशानिर्देशों के अनुसार, सात राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों- दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, चंडीगढ़ और पुदुच्चेरी में ही घरेलू अपशिष्ट जल का उपचार करने के बाद दोबारा इस्तेमाल किया जाता है। इसका उपयोग आम तौर पर बागवानी, सिंचाई, गैर-संपर्क बांध, धुलाई (सड़कें, वाहन, रेलगाड़ियां), निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों में किया जाता है।भारत में रोजाना करीब 3,666.8 करोड़ लीटर अपशिष्ट जल को उपचारित करने की क्षमता है जबकि रोजाना 7,236.8 करोड़ लीटर अपशिष्ट जल तैयार होता है। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि रोजाना 4 करोड़ लीटर क्षमता के अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र स्थापित करने की लागत करीब 85.10 करोड़ रुपये है। मगर भारी-भरकम पूंजी निवेश के बाद यह संयंत्र अपने 8 वर्षों के परिचालन काल में करीब 7.77 रुपये प्रति लीटर उपचारित अपशिष्ट जल का राजस्व सृजित कर सकता है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थापना दिवस के अवसर पर इसके सदस्यों को बधाई दी और कहा कि अपनी स्थापना के बाद से यह संगठन भारतीय संस्कृति की रक्षा और युवाओं में देशभक्ति के विचारों को विकसित करने का उल्लेखनीय काम कर रहा है। संघ की स्थापना केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में विजया दशमी के दिन नागपुर में की थी।
शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “अनुशासन और देशभक्ति के अद्वितीय प्रतीक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सभी स्वयंसेवकों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। संघ अपनी स्थापना से ही भारतीय संस्कृति की रक्षा एवं युवाओं को संगठित कर उनमें राष्ट्रभक्ति के विचारों को सींचने का उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।”उन्होंने कहा कि संघ समाज सेवा के कार्यों को गति देकर हर वर्ग को सशक्त बनाने के साथ ही शैक्षणिक प्रयासों से देशहित के प्रति समर्पित देशभक्तों का निर्माण कर रहा है। गृहमंत्री ने विजया दशमी के अवसर पर भी देशवासियों को बधाई दी।उन्होंने एक संदेश में कहा कि विजया दशमी अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक, विजया दशमी का यह पर्व सभी को अपने अंदर की बुराइयों को समाप्त कर धर्म और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। प्रभु श्री राम सभी का कल्याण करें। जय श्री राम।”विजया दशमी दुर्गा पूजा के समापन और असुरों के राजा रावण पर भगवान राम की विजय का प्रतीक है। एक अलग संदेश में शाह ने भाजपा नेता राजमाता विजयाराजे सिंधिया को भी उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। सादगी की प्रतिमूर्ति, राजमाता जी ने राजसी जीवन का त्याग कर संगठन के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। आपातकाल के दौरान उनके साहस और संघर्ष ने लोकतंत्र की पुनर्स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।उन्होंने कहा कि वह (राजमाता सिंधिया) सादगी की प्रतिमूर्ति थीं और आपातकाल के दौरान उनके साहस और संघर्ष ने लोकतंत्र की पुनर्स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, “राजमाता सिंधिया जी की देश के प्रति निष्ठा और जनकल्याण के कार्यों को देश सदैव याद रखेगा।” ग्वालियर राजघराने से ताल्लुक रखने वाली राजमाता सिंधिया भाजपा की उपाध्यक्ष और सांसद थीं। उनका जन्म 12 अक्टूबर 1919 को हुआ था। -
नई दिल्ली। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने छत्तीसगढ़ सीपीआई (माओवादी) हथियार आपूर्ति मामले में साजिश से जुड़े दो और प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले दो आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ मामले में गिरफ्तारियों की कुल संख्या छह हो गई है।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण की जांच के अनुसार वे एक-दूसरे के नियमित संपर्क में थे और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन को साजो-सामान सहायता प्रदान करने के लिए सह-साजिश रची थी। पिछले साल जनवरी में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जब स्थानीय पुलिस ने हथियार और गोला-बारूद जब्त किया था। -
नई दिल्ली। भारत और लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक-पीडीआर ने आज छह सहमति पत्रों और समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें रक्षा सहयोग, सीमा शुल्क, ऑडियो विजुअल और धरोहर का संरक्षण शामिल हैं। भारत ने भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास भागीदारी कोष के माध्यम से लाओ में पोषण सुरक्षा के साथ खाद्य मजबूती की परियोजना में सहायता देने के लिए दस लाख अमरीकी डॉलर की मदद उपलब्ध कराने का भी निर्णय किया है। लाओ की राजधानी वियंनचन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लाओ की प्रधानमंत्री सोनेक्साय सिफांडोन की उपस्थिति में सहमति ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया।
लाओस की यात्रा के दूसरे दिन श्री मोदी ने लाओ के राष्ट्रपति थोंगलाओन सिसौलिथ से आज वियंनचन में मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति को आसियान सम्मेलन और पूर्वी एशिया सम्मेलन के सफल आयोजन की बधाई दी। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर विचार-विमर्श किया और दोनों देशों की निकटतम भागीदारी को और सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। श्री सिसौलिथ ने चक्रवाती तूफान यागी के कारण आई बाढ़ में मानवीय सहायता देने के लिए श्री मोदी का आभार व्यक्त किया।श्री मोदी ने लाओ के प्रधानमंत्री के साथ वियंनचन में द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने विकास भागीदारी, क्षमता निर्माण, आपदा प्रबंधन, नवीनीकरणीय ऊर्जा, धरोहर संरक्षण, आर्थिक संबंध, रक्षा सहयोग और आम जनता के आपसी संबंधों जैसे मुद्दों पर चर्चा की। लाओ के प्रधानमंत्री ने बाढ़ में भारतीय सहायता के लिए श्री मोदी का आभार जताया।श्री मोदी ने पूर्वी एशिया सम्मेलन से अलग थाईलैंड की प्रधानमंत्री पाएटोंगटर्न शिनावात्रा से भी मुलाकात की। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच यह पहली मुलाकात थी। दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने उप-क्षेत्रीय, क्षेत्रीय और बहुस्तरीय मामलों में भी सहयोग बढ़ाने के तौर-तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।श्री मोदी दो दिन की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर आज शाम नई दिल्ली लौट आए। श्री मोदी ने 21वें आसियान-भारत सम्मेलन और 19वें पूर्वी एशिया सम्मेलन में भाग लिया। - चंडीगढ़ । हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नयी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 15 अक्टूबर को पंचकूला में होने की संभावना है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि पंचकूला में कार्यक्रम की तैयारियां की जा रही हैं। अधिकारी ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह की संभावित तिथि 15 अक्टूबर है।पंचकूला के उपायुक्त (डीसी) डॉ. यश गर्ग ने बताया, “हम कार्यक्रम के लिए आयोजन स्थल को तैयार कर रहे हैं।”हरियाणा में भाजपा की नयी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए आवश्यक प्रबंध करने के वास्ते उपायुक्त की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति भी गठित की गई है।भाजपा ने चुनाव के दौरान यह संकेत दिया था कि यदि हरियाणा में पार्टी की जीत होती है, तो नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री पद के लिये उसकी पसंद होंगे। सैनी मार्च में मनोहर लाल खट्टर की जगह मुख्यमंत्री बने थे और वह अन्य पिछड़ा वर्ग से आते हैं।सूत्रों ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित भाजपा के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना है। हरियाणा विधानसभा की 90 सीट में से भाजपा को 48 सीट मिली हैं, जबकि कांग्रेस को 37 सीट पर जीत मिली है।इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) को सिर्फ दो सीट पर जीत मिली है, जबकि जननायक जनता पार्टी (JJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) का खाता भी नहीं खुला है।
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मुंबई। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले दिग्गज अभिनेता सयाजी शिंदे शुक्रवार को अजित पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में शामिल हो गए।
कई भारतीय भाषाओं की फिल्मों में अभिनय कर चुके शिंदे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और राकांपा की राज्य इकाई के प्रमुख सुनील तटकरे की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए। पवार ने कहा कि शिंदे अगले महीने संभावित विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के स्टार प्रचारक होंगे। - विएंतियान (लाओस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व के विभिन्न भागों में जारी संघर्षों का सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों पर पड़ने का उल्लेख करते हुए शुक्रवार को यूरेशिया और पश्चिम एशिया में शांति एवं स्थिरता की बहाली का आह्वान किया।मोदी ने 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) को संबोधित करते हुए कहा कि समस्याओं का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकल सकता।उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्र, मुक्त, समावेशी, समृद्ध और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत पूरे क्षेत्र में शांति तथा प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि दक्षिण चीन सागर में शांति, सुरक्षा और स्थिरता पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र के हित में है।मोदी ने कहा, “हमारा मानना है कि समुद्री गतिविधियां संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (यूएनसीएलओएस) के तहत संचालित की जानी चाहिए। नौवहन और वायु क्षेत्र की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना आवश्यक है। एक मजबूत और प्रभावी आचार संहिता बनाई जानी चाहिए। और इससे क्षेत्रीय देशों की विदेश नीति पर कोई अंकुश नहीं लगना चाहिए।”उन्होंने कहा, “हमारा दृष्टिकोण विकासवाद का होना चाहिए, न कि विस्तारवाद का।”विश्व के विभिन्न भागों में चल रहे संघर्षों का सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों पर पड़ने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि चाहे वह यूरेशिया हो या पश्चिम एशिया, हर कोई चाहता है कि यथाशीघ्र शांति और स्थिरता बहाल होनी चाहिए।उन्होंने कहा, “मैं बुद्ध की धरती से आता हूं और मैंने बार-बार कहा है कि यह युद्ध का युग नहीं है। समस्याओं का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकल सकता।”प्रधानमंत्री ने कहा, “संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करना आवश्यक है। मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता देनी होगी।”उन्होंने कहा कि विश्वबंधु की जिम्मेदारी निभाते हुए भारत इस दिशा में हरसंभव योगदान देता रहेगा।उनकी यह टिप्पणी यूरेशिया में यूक्रेन और रूस के बीच संघर्ष तथा पश्चिम एशिया में इजराइल-हमास युद्ध के बीच आई है।मोदी ने कहा, “आतंकवाद वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर चुनौती है। इसका सामना करने के लिए मानवता में विश्वास रखने वाली ताकतों को मिलकर काम करना होगा।”अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने “तूफान यागी” से प्रभावित लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना भी व्यक्त की। यागी एक विनाशकारी उष्णकटिबंधीय चक्रवात था, जिसने इस वर्ष सितंबर में दक्षिण पूर्व एशिया और दक्षिण चीन को प्रभावित किया था।मोदी ने कहा, “इस कठिन समय में हमने ऑपरेशन सद्भाव के जरिये मानवीय सहायता प्रदान की है।”उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा आसियान (दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन) की एकता और प्रमुखता का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आसियान भारत के हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण और क्वाड सहयोग के केन्द्र में भी है।उन्होंने कहा, “भारत की ‘हिंद-प्रशांत महासागर पहल’ और ‘हिंद-प्रशांत पर आसियान के दृष्टिकोण’ के बीच गहरी समानताएं हैं।”मोदी ने कहा, “हम म्यांमा की स्थिति के प्रति आसियान के दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं। हम पांच सूत्री सहमति का भी समर्थन करते हैं। साथ ही, हमारा मानना है कि वहां मानवीय सहायता को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।”उन्होंने वहां लोकतंत्र की बहाली के लिए उचित कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि इसके लिए म्यांमा को शामिल किया जाना चाहिए, अलग-थलग नहीं किया जाना चाहिए।”उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश के रूप में भारत अपनी जिम्मेदारी निभाता रहेगा। मोदी ने कहा कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
- रांची। झारखंड में 60 हजार से अधिक सहायक शिक्षक (पारा शिक्षक) 15 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे.। झारखंड राज्य सहायक शिक्षक एक्शन कमेटी ने मुख्यमंत्री और राज्य के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग को लिखित तौर पर अपने इस फैसले की जानकारी दे दी है.।सहायक शिक्षकों की हड़ताल से राज्य में हजारों सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन ठप हो सकता है। राज्य में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की 5 अक्टूबर से जारी हड़ताल के कारण 38 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्र पहले से ही ठप पड़े हैं।. सहायक शिक्षकों का कहना है कि राज्य सरकार ने वेतन और ईपीएफ को लेकर पूर्व में किए गए समझौते को लटकाकर रखा है।. इस मामले में 28 अगस्त को राज्य सरकार के साथ वार्ता हुई थी.। राज्य सरकार ने सहायक शिक्षकों को वेतन के समकक्ष मानदेय और कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) का लाभ देने का आश्वासन दिया था।
- तिरुवनंतपुरम । केरल के तिरुवनंतपुरम के एक मंदिर में गैस रिसाव के कारण भयानक हादसा देखने को मिला है। दरअसल मामला किलिमन्नूर पुदीयाकावु भगवती मंदिर का है। यहां गैस रिसाव के कारण मंदिर में विस्फोट हुआ। इस घटना में मुख्य पुजारी के गंभीर रूप से झुलसने की वजह से मौत हो गई है। मृतक की पहचान अझूर निवासी जयकुमारन नंबूदरी के रूप में हुई है, जिनकी आयु 49 वर्ष बताई जा रही है। बता दें कि यह घटना 1 अक्तूबर की शाम करीब 6.15 बजे मंदिर के रसोईघर में घटी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग एलपीजी सिलेंडर से गैस लीक होने के कारण लगी थी। ऐसे में इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी अब सामने आ चुका है जो बेहद दर्दनाक है।इस मंदिर का जयकुमारन नंबूदरी मुख्य पुजारी था.। जिसके मौत पर मंदिर के ट्रस्ट समेत ने लोगों ने दुख जताया है।
- रायपुर। भर्ती कार्यालय (मुख्यालय) जबलपुर भर्ती जोन (मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़) के तत्वाधान में 13 नवंबर, 2024 को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय शारीरिक शिक्षा विभाग, जबलपुर के मैदान में सुबह 4.00 बजे से महिला उम्मीदवारों के लिए भर्ती रैली-2024-25 का किया जा रहा है । उम्मी्दवारों को जबलपुर के एयरपोर्ट रोड स्थित प्रवेश-द्वार पर सुबह 02.00 बजे तक रिपोर्ट करना होगा । रैली में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य की कॉमन एंट्रेस एग्जाम (सीईई) में सभी सफल युवा लड़कियां भर्ती चक्र में सैन्य पुलिस में शामिल होने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी । सभी अभ्यर्थियों को उनके पंजीकृत ईमेल आईडी पर एडमिट कार्ड भेज दिए गए हैं । उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड और रैली नॉटिफिकेशन के अनुसार सभी दस्तावेज और आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर लाना अनिवार्य है। रैली संबंधी किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए भर्ती कार्यालय (मुख्यालय) जबलपुर से टेलीफोन नंबर 7247028996 पर संपर्क कर किया जा सकता । भारतीय सेना में चयन पारदर्शी और केवल योग्यता के आधार पर होता है, इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अनाधिकृत व्यक्तियों से सावधान रहें । मुख्यालय भर्ती क्षेत्र (एमपी और सीजी) सभी शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया के लिए शुभकामनाएं देता है। file photo
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नयी दिल्ली/ दुनिया के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में शामिल रतन टाटा अपनी शालीनता और सादगी के लिए मशहूर थे लेकिन वह कभी अरबपतियों की किसी सूची में नजर नहीं आए। वह 30 से ज्यादा कंपनियों के कर्ताधर्ता थे जो छह महाद्वीपों के 100 से अधिक देशों में फैली थीं लेकिन उन्होंने अपना जीवन एक संत की तरह जीया। रतन नवल टाटा ने बुधवार की रात 86 वर्ष की आयु में मुंबई के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।
सरल व्यक्तितत्व के धनी टाटा एक कॉरपोरेट दिग्गज थे, जिन्होंने अपनी शालीनता और ईमानदारी के बूते एक अलग तरह की छवि बनाई थी। रतन टाटा 1962 में कॉर्नेल विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क से वास्तुकला में बी.एस. की डिग्री प्राप्त करने के बाद पारिवारिक कंपनी से जुड़ गए। उन्होंने शुरुआत में एक कंपनी में काम किया और टाटा समूह के कई व्यवसायों में अनुभव प्राप्त किया, जिसके बाद 1971 में उन्हें (समूह की एक फर्म) ‘नेशनल रेडियो एंड इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी' का प्रभारी निदेशक नियुक्त किया गया। एक दशक बाद वह टाटा इंडस्ट्रीज के चेयरमैन बने और उन्होंने 1991 में अपने चाचा जेआरडी टाटा से टाटा समूह के चेयरमैन का पदभार संभाला। जेआरडी टाटा पांच दशक से भी अधिक समय तक इस पद पर रहे थे। यह वह वर्ष था जब भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को खोला और 1868 में एक छोटे वस्त्र और व्यापार प्रतिष्ठान के रूप में शुरुआत करने वाले टाटा समूह ने शीघ्र ही खुद को एक वैश्विक उद्यम में बदल दिया, जिसका साम्राज्य नमक से लेकर इस्पात, कार से लेकर सॉफ्टवेयर, बिजली संयंत्र और एयरलाइन तक फैला गया था। रतन टाटा दो दशक से अधिक समय तक समूह की मुख्य होल्डिंग कंपनी ‘टाटा संस' के चेयरमैन रहे और इस दौरान समूह ने तेजी से विस्तार करते हुए वर्ष 2000 में लंदन स्थित टेटली टी को 43.13 करोड़ डॉलर में खरीदा, वर्ष 2004 में दक्षिण कोरिया की देवू मोटर्स के ट्रक-निर्माण परिचालन को 10.2 करोड़ डॉलर में खरीदा, एंग्लो-डच स्टील निर्माता कोरस समूह को 11.3 अरब डॉलर में खरीदा और फोर्ड मोटर कंपनी से मशहूर ब्रिटिश कार ब्रांड जगुआर और लैंड रोवर को 2.3 अरब डॉलर में खरीदा। भारत के सबसे सफल उद्योगपतियों में से एक होने के साथ-साथ, वह अपनी परोपकारी गतिविधियों के लिए भी जाने जाते थे। परोपकार में उनकी व्यक्तिगत भागीदारी बहुत पहले ही शुरू हो गई थी। वर्ष 1970 के दशक में, उन्होंने आगा खान अस्पताल और मेडिकल कॉलेज परियोजना की शुरुआत की, जिसने भारत के प्रमुख स्वास्थ्य सेवा संस्थानों में से एक की नींव रखी। साल 1991 में टाटा संस के चेयरमैन के रूप में उनकी नियुक्ति के बाद, टाटा के परोपकार संबंधी प्रयासों को नई गति मिली। उन्होंने अपने परदादा जमशेदजी द्वारा स्थापित टाटा ट्रस्ट को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया, ताकि महत्वपूर्ण सामाजिक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। रतन टाटा ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज जैसे उत्कृष्ट संस्थानों की स्थापना की। ईमानदारी और शालीनता की प्रतिमूर्ति रहे। दिसंबर 2012 में रतन टाटा ने टाटा संस की जिम्मेदारी साइरस मिस्त्री को दे दी जो उस समय तक उनके सहायक थे। हालांकि टाटा समूह में स्वामित्व रखने वाले लोगों को टाटा परिवार से बाहर के पहले सदस्य मिस्त्री के कामकाज के तरीके से दिक्कतें होने लगीं और अक्टूबर 2016 में टाटा समूह की कमान मिस्त्री के हाथ से चली गई। रतन टाटा उस समय कंपनी में शेयरधारक थे और कई परियोजनाओं पर वह मिस्त्री से असहमत थे। इनमें रतन टाटा की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘नैनो' कार का उत्पादन बंद करने का मिस्त्री का फैसला भी शामिल था। मिस्त्री के हटने के बाद रतन ने अक्टूबर 2016 से कुछ समय के लिए अंतरिम चेयरमैन के रूप में जिम्मेदारी संभाली और जनवरी 2017 में नटराजन चंद्रशेखरन को टाटा समूह का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद वह सेवानिवृत्त हो गए। तब से वह टाटा संस के अवकाश प्राप्त चेयरमैन थे। इसी दौरान उन्होंने 21वीं सदी के कुछ युवा उद्यमियों की मदद की, अनेक प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों और स्टार्ट-अप में निवेश किया। टाटा ने व्यक्तिगत हैसियत से 30 से ज्यादा स्टार्ट-अप में निवेश किया, जिनमें ओला इलेक्ट्रिक, पेटीएम, स्नैपडील, लेंसकार्ट और ज़िवामे शामिल हैं। कुछ ही महीने पहले की बात है। वो एक मानसून की भीगी भीगी सी शाम थी। कुत्तों से बेहद प्रेम और स्नेह रखने वाले रतन टाटा ने अपने सभी सहयोगियों, कर्मचारियों से कह दिया कि मुंबई के आलीशान इलाके में स्थित टाटा समूह के मुख्यालय के दरवाजे लावारिस कुत्तों के लिए खोल दिए जाएं। टाटा समूह मुख्यालय में शरण लेने वाले बहुत से कुत्ते अपने मालिक रतन टाटा के स्नेह के चलते फिर वहीं के होकर रह गए। लेकिन अब उनसे स्नेह और प्रेम करने वाले रतन टाटा अनंत यात्रा पर चले गए हैं। - नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय व्यापारिक घरानों में से उन्होंने टाटा की सबसे अधिक प्रशंसा की है क्योंकि रतन टाटा ने अपार समर्पण, दूरदर्शिता और निष्ठा के साथ समूह को कई दशकों तक गौरव दिलाया। टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष रतन टाटा ने बुधवार रात मुंबई में अंतिम सांस ली। वह 86 वर्ष के थे।पूर्व उपप्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि टाटा ने भारतीय उद्योग पर एक अमिट छाप छोड़ी है। आडवाणी ने कहा, ‘‘वह उद्योग जगत के दिग्गजों में से एक थे।'' आडवाणी ने कहा, ‘‘वह वास्तव में दिवंगत श्री जेआरडी टाटा के योग्य उत्तराधिकारी साबित हुए जिनसे मुझे कई मौकों पर बातचीत करने का अवसर मिला।'' भाजपा के दिग्गज नेता ने कहा कि टाटा के साथ उनका आखिरी संवाद इस साल फरवरी में हुआ था जब उनको ‘भारत रत्न' से सम्मानित किये जाने के बाद टाटा का एक ‘स्नेहपूर्ण पत्र' मिला था। उन्होंने कहा कि उनकी गर्मजोशी, उदारता और दयालुता हमेशा बहुत असाधारण रही है। आडवाणी (96) ने कहा, ‘‘देश श्री रतन टाटा का ऋणी रहेगा। वह वास्तव में एक महान व्यक्ति थे। उनकी आत्मा को शांति मिले। उनके परिवार, दोस्तों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना।''
- बिजनौर. उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में बृहस्पतिवार की सुबह रेल की पटरी पर अज्ञात लोगों ने छोटे पत्थर रख दिये, लेकिन ट्रेन उन पर से सकुशल गुजर गयी। रेलवे पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। राजकीय रेलवे पुलिस थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि सहारनपुर से मुरादाबाद जा रही मेमू ट्रेन जब गढ़मलपुर क्रासिंग पर पहुंची तो पटरी पर पत्थर टूटने की आवाज आई। हालांकि ट्रेन सकुशल निकल गयी। बाद में चालक ने मुर्शदपुर स्टेशन पहुंच कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौके पर की गयी जांच में पता चला कि पटरी पर किसी ने छोटे-छोटे पत्थर रख दिए थे जिन्हें पीसती हुई ट्रेन आगे निकल गयी। कुमार ने बताया कि रेलवे पुलिस तहकीकात कर रही है कि यह बच्चों की शरारत है या साजिश के तहत पटरी पर पत्थर रखे गये। उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में कानपुर, जौनपुर और बागपत समेत कई जगहों पर पटरी पर रसोई गैस सिलिंडर, खम्बा और लट्ठा आदि रखे जाने की घटनाएं सामने आयी हैं। इनमें से कुछ मामलों में ट्रेन को पलटाने की साजिश की आशंका भी जाहिर की गयी है।
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नयी दिल्ली. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बृहस्पतिवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कहा कि अवसाद और चिंता से हर साल 12 अरब कामकाजी दिवस का नुकसान हो रहा है। दक्षिण पूर्व एशिया के लिए डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक साइमा वाजेद ने कहा कि बृहस्पतिवार को मनाए जा रहे विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का विषय ‘कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य' के महत्व पर जोर देता है, क्योंकि एक स्वस्थ कामकाजी वातावरण मानसिक भलाई के लिए एक सुरक्षात्मक कवच के रूप में कार्य कर सकता है। वाजेद के अनुसार, अस्वास्थ्यकर स्थितियाँ, जैसे निंदा, भेदभाव और उत्पीड़न जैसे जोखिमों के संपर्क में आना, मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है, जिससे प्रदर्शन में कमी, अनुपस्थिति और घाटे में वृद्धि हो सकती है। वाजेद ने कहा, ‘‘अकेले अवसाद और चिंता के कारण हर साल लगभग 12 अरब कार्य दिवस का नुकसान होता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को सालाना लगभग एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान होता है।'' एक ट्रिलियन 1000 अरब के बराबर होता है। वाजेद ने कहा, ‘‘हमने हाल ही में ‘एसईएआरओ केयर' की घोषणा की - हमारे क्षेत्रीय और देश के कार्यालयों में काम करने वालों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार के लिए यह हमारी अभूतपूर्व पहल है। हमें उम्मीद है कि एक बार औपचारिक रूप से लॉन्च होने के बाद एसईएआरओ केयर हमारे क्षेत्र की अन्य कंपनियों और संगठनों के लिए एक ‘केस स्टडी' और ‘मॉडल' बन जाएगा।'' ‘एसईएआरओ केयर' के दो मुख्य स्तंभ सभी डब्ल्यूएचओ कार्यालयों में काम के माहौल में सुधार करना और सभी कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है। वाजेद ने कहा, ‘‘कामकाजी माहौल में सुधार में शारीरिक और मनोवैज्ञानिक दोनों तरह का माहौल शामिल हैं जिनमें हमारे सहकर्मी काम करते हैं।''
- नयी दिल्ली.अनुसंधानकर्ताओं ने गंभीर जलवायु आपदा की चेतावनी दी है जिससे उबरना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि हर साल जलवायु परिवर्तन पर नजर रखने वाले 35 महत्वपूर्ण संकेतों में से 25 रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। एक अंतरराष्ट्रीय टीम की रिपोर्ट में कहा गया है कि अत्यधिक प्रतिकूल मौसमी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, और उनकी तीव्रता भी बढ़ गयी है। जीवाश्म ईंधन से उत्सर्जन अब तक के उच्चतम स्तर पर है जो 25 महत्वपूर्ण संकेतों में से एक है। इस अंतरराष्ट्रीय टीम में जर्मनी के पॉट्सडैम इंस्टीट्यूट ऑफ क्लाइमेट इम्पैक्ट रिसर्च के शोधकर्ता भी शामिल थे। रिपोर्ट में जिन अन्य महत्वपूर्ण संकेतों का जिक्र किया गया है, उनमें पृथ्वी की सतह का औसत तापमान, महासागर की गर्मी, वैश्विक समुद्र का स्तर और मानव आबादी शामिल हैं तथा ये सभी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानव आबादी प्रतिदिन लगभग दो लाख की दर से बढ़ रही है। यह रिपोर्ट ‘बायोसाइंस' नामक पत्रिका में प्रकाशित हुयी है। इसमें कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण 2024 में एशिया में भीषण गर्मी ने स्थिति को और प्रतिकूल बना दिया। भारत में भी अब तक की सबसे लंबी गर्मी पडी। अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार ग्रीनलैंड और अंटार्कटिक में बर्फ की मात्रा और मोटाई दोनों रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावशाली ग्रीनहाउस गैसों - मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड का उत्सर्जन अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है तथा 1980 से 2020 के बीच नाइट्रस ऑक्साइड के स्तर में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि 2022 की तुलना में 2023 में कोयला, तेल और गैस की खपत में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि जीवाश्म ईंधन का उपयोग सौर और पवन ऊर्जा के उपभोग से करीब 15 गुना अधिक है। टीम ने 2023 में 35 महत्वपूर्ण संकेतों में से 20 को चरम स्तर पर पहुचने का जिक्र किया था।टीम ने कहा, "हम अपरिवर्तनीय जलवायु आपदा के कगार पर हैं। यह किसी भी संदेह से परे वैश्विक आपातकाल है। पृथ्वी पर जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा खतरे का सामना कर रहा है।"
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नयी दिल्ली. रेलवे अधिकारियों को पुरी-नयी दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में कुछ संदिग्ध आतंकवादियों के विस्फोटकों के साथ यात्रा करने की सूचना मिलने पर उत्तर प्रदेश के टूंडला रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को तीन घंटे से अधिक समय तक रोके रखा गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘एक्स' उपयोगकर्ता से मिली सूचना गलत निकली, क्योंकि देर रात ढाई बजे से सुबह छह बजे तक की गई गहन जांच के बाद कुछ भी ‘‘संदिग्ध'' नहीं मिला। प्रयागराज रेल मंडल के एक रेलवे अधिकारी ने बताया, ‘‘देर रात करीब ढाई बजे हर डिब्बे के यात्रियों को जगाया गया और ‘मेटल डिटेक्टर' तथा श्वान दस्ते की मदद से उनके सामान एवं कोच की गहनता से जांच की गई, लेकिन कुछ भी संदेहास्पद नहीं मिला।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमें एक सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' के एक उपयोगकर्ता के ‘हैंडल' से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध आतंकवादी विस्फोटकों के साथ ट्रेन में यात्रा कर रहे हैं, जिसे वे एअर इंडिया की दिल्ली-लेह उड़ान में लगाने वाले हैं। हमने कार्रवाई शुरू की, लेकिन यह खबर गलत निकली।
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हमीरपुर .हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को गाय खरीदने के लिए 33,000 रुपये का अनुदान मिलेगा, साथ ही गौशाला का फर्श पक्का करने के लिए 8,000 रुपये की सब्सिडी भी मिलेगी। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (एटीएमए) के अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी की सहायक तकनीकी प्रबंधक नेहा भारद्वाज ने मंझिआर गांव में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘राज्य में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को स्थानीय गाय खरीदने के लिए 33,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा गौशाला का फर्श पक्का करने के लिए 8,000 रुपये की सब्सिडी भी दी जाएगी।'' मंझियार में प्राकृतिक खेती पर जागरूकता और जन संवेदीकरण शिविर का आयोजन किया गया, जहां भारद्वाज ने कहा कि प्राकृतिक खेती में रासायनिक उर्वरकों और जहरीले कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से पैदा होने वाली फसलें स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होती हैं तथा इसमें खेती की लागत भी कम आती है। इस खेती को अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं तथा पर्यावरण संरक्षण में भी अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि देशी गायों के गोबर व मूत्र से प्राकृतिक खेती के मुख्य घटक जैसे जीवामृत, बीजामृत, धनजीवामृत तथा देशी कीटनाशक घर पर ही तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने स्थानीय नस्ल की गायों जैसे साहीवाल, रेड सिंधी, राठी, थार व पार्कर के बारे में भी जानकारी दी तथा राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के बारे में भी बताया। शिविर में किसानों को मटर के बीज भी वितरित किए गए।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल की बैठक इस वर्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मथुरा के एक गांव में होगी जिसमें भावी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के अलावा देश हित के वर्तमान विषयों पर चर्चा की जाएगी। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बृहस्पतिवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी।
आंबेकर ने कहा, ‘‘इस वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल' की बैठक पश्चिम उत्तर प्रदेश के ब्रज प्रांत में मथुरा के पास परखम ग्राम में आगामी दिनांक 25 एवं 26 अक्तूबर को होगी।'' यह बैठक प्रति वर्ष इन्हीं दिनों में दीपावली के पूर्व संपन्न होती है। अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल में संघ के सभी 46 प्रांतों के प्रांत एवं सह संघचालक, कार्यवाह तथा प्रचारक भाग लेंगे। बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले तथा सभी सह सरकार्यवाह एवं अन्य अखिल भारतीय कार्य विभाग प्रमुखों सहित कार्यकारिणी के सदस्य भी उपस्थित रहेंगे। आंबेकर ने कहा, ‘‘बैठक में विजयादशमी के पावन पर्व पर सरसंघचालक द्वारा प्रस्तुत विचारों में उल्लेखित महत्वपूर्ण मुद्दों के क्रियान्वयन के लिए योजनाओं तथा देश के समसामयिक विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।'' बैठक में इसी साल मार्च में हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में निर्धारित वार्षिक योजना की समीक्षा की जाएगी तथा संघ कार्य के विस्तार का ब्योरा भी लिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘बैठक में विशेषकर संघ शताब्दी निमित्त सुनिश्चित संगठनात्मक लक्ष्यों को विजयादशमी 2025 तक पूर्ण करने के संबंध में विचार-विमर्श होगा।'' संघ की 1925 में दशहरे के दिन ही नागपुर में स्थापना हुई थी। विजयादशमी दिन संघ के नागपुर मुख्यालय समेत देशभर की शाखाओं में शस्त्र पूजा की जाती है। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में पथ संचलन निकाला जाता है। सरसंघचालक विजयादशमी के दिन आरएसएस के सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हैं। -
विएंतियान. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऐसे समय में जब विश्व के कई हिस्से संघर्ष और तनाव का सामना कर रहे हैं, भारत-आसियान मित्रता बहुत महत्वपूर्ण है। यहां 21वें भारत-आसियान शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने 10 साल पहले ‘एक्ट ईस्ट नीति' की घोषणा की थी और पिछले दशक में इसने भारत और आसियान देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को नयी ऊर्जा, दिशा और गति दी है। भारत-आसियान शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब क्षेत्र में दक्षिण चीन सागर में समुद्री मुद्दों को लेकर फिलीपीन और चीन के बीच तनाव है तथा म्यांमा में संकट है, जहां जातीय समूह सैन्य शासन से संघर्ष कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि 21वीं सदी, जिसे एशियाई सदी भी कहा जाता है, भारत की और आसियान देशों की सदी है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत-आसियान मैत्री, समन्वय वार्ता और सहयोग ऐसे समय में बहुत महत्वपूर्ण है जब विश्व के कई हिस्से संघर्ष और तनाव का सामना कर रहे हैं।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और आसियान देश पड़ोसी हैं और ‘वैश्विक दक्षिण' में साझेदार हैं।
उन्होंने कहा, हम शांतिप्रेमी देश हैं और एक दूसरे की राष्ट्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करते हैं तथा क्षेत्र के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं।'' मोदी ने कहा कि आसियान की केंद्रीयता को ध्यान में रखते हुए भारत ने 2019 में हिंद-प्रशांत महासागर पहल शुरू की थी। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल, क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता के लिए समुद्री अभ्यास शुरू किए गए।'' उन्होंने कहा कि पिछले दशक में आसियान देशों के साथ भारत का व्यापार दोगुना होकर अब 130 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत की आसियान के सात देशों से सीधी उड़ान हैं और ब्रूनेई के लिए सीधी उड़ान जल्द शुरू होंगी।'' मोदी ने कहा कि भारत ने सिंगापुर के साथ फिनटेक कनेक्टिविटी शुरू की है। उन्होंने कहा, ‘‘अन्य देशों में भी यह सफलता दिख रही है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि जन-केंद्रित प्रयास भारत और आसियान के बीच विकास साझेदारी की बुनियाद हैं। मोदी ने कहा कि आसियान क्षेत्र के 300 से अधिक छात्रों को नालंदा विश्वविद्यालय से छात्रवृत्ति मिली है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी लाओस, कंबोडिया, वियतनाम, म्यांमा और इंडोनेशिया की साझा धरोहर के संरक्षण में भी कारगर रही है। मोदी ने कहा, ‘‘कोविड महामारी हो या प्राकृतिक आपदाएं हों, हमने हमारी मानवीय जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए एक दूसरे की मदद की है।'' उन्होंने कहा कि भारत और आसियान ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी कोष, डिजिटल कोष और हरित कोष स्थापित किया है तथा नई दिल्ली ने इन पहलों में 30 करोड़ डॉलर से अधिक का योगदान दिया है। मोदी ने कहा, ‘‘परिणामस्वरूप आज हमारा सहयोग जल से लेकर अंतरिक्ष क्षेत्र तक पहुंच गया है और हमारी साझेदारी पिछले दशक में अधिक व्यापक हो गई है।'' बाद में मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि भारत-आसियान शिखर सम्मेलन फलदायी रहा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस बारे में चर्चा की कि भारत और आसियान के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी को और कैसे मजबूत किया जाए। हम व्यापार संबंधों, सांस्कृतिक संबंधों और प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी तथा ऐसे अन्य क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने की आशा करते हैं।'' मोदी आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलनों में भाग लेने तथा इन समूहों के देशों के साथ संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर लाओस में हैं। -
विएंतियान. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को रामायण के लाओ संस्करण की प्रस्तुति देखी, जो भारत और लाओस के बीच साझा विरासत एवं सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लाओस की राजधानी में हैं। विएंतियान पहुंचने के बाद उन्होंने लाओ रामायण ‘फलक फालम' या ‘फ्रलक फ्रराम' की एक कड़ी का मंचन देखा, जिसे प्रतिष्ठित रॉयल थिएटर ऑफ लुआंग प्रबांग के कलाकारों ने प्रस्तुत किया। ‘फ्रलकफ्रराम डॉट कॉम' के मुताबिक, लाओ रामायण मूल भारतीय संस्करण से अलग है। बौद्ध समूहों के माध्यम से यह 16वीं शताब्दी के आसपास लाओस पहुंचा था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “साझा विरासत और परंपरा दोनों देशों को करीब ला रही है... यह प्रस्तुति भारत-लाओस के समृद्ध और साझा जुड़ाव का एक उत्कृष्ट प्रदर्शन थी।” विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि लाओस में आज भी रामायण का मंचन किया जाता है और यह महाकाव्य दोनों देशों के बीच साझा विरासत और सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को दर्शाता है। बयान के अनुसार, लाओस में सदियों से भारतीय संस्कृति और परंपरा के विभिन्न पहलुओं का पालन एवं संरक्षण किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि दोनों देश अपनी साझा विरासत को रोशन करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। इससे पहले, मोदी ने लाओ पीडीआर के केंद्रीय बौद्ध फेलोशिप संगठन के वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं के आशीर्वाद समारोह में हिस्सा लिया, जो विएंतियान में सी साकेत मंदिर के प्रतिष्ठित मठाधीश महवेथ मसेनई की अध्यक्षता में आयोजित किया गया था। मोदी ने ‘एक्स' पर लिखा, “लाओ पीडीआर में सम्मानित भिक्षुओं और आध्यात्मिक गुरुओं से मुलाकात हुई, जो भारतीयों द्वारा पाली को दिए जा रहे सम्मान को देखकर खुश थे। मैं उनके आशीर्वाद के लिए उनका आभारी हूं।” विदेश मंत्रालय ने कहा कि साझा बौद्ध विरासत भारत और लाओस के बीच घनिष्ठ सभ्यतागत संबंधों के एक और पहलू का प्रतिनिधित्व करती है। प्रधानमंत्री ने लाओस में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा वट फू मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और संरक्षण कार्य पर आधारित प्रदर्शनी भी देखी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण लाओस में वट फू मंदिर और संबंधित स्मारकों के जीर्णोद्धार कार्य में जुटा हुआ है। जायसवाल ने कहा, “वट फू : भारत-लाओस के बीच करीबी सभ्यतागत संबंधों और विरासत का प्रतीक है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण लाओस में यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल वट फू के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए असाधारण काम कर रहा है।” मोदी ने कहा, “लगातार गहराता सांस्कृतिक जुड़ाव! भारत को वट फू परिसर सहित विभिन्न विरासत स्थलों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार की दिशा में लाओ पीडीआर के साथ मिलकर काम करने पर गर्व है।
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नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनके योगदान की सराहना की है। भारत के सबसे बड़े समूह टाटा संस के मानद अध्यक्ष (चेयरमैन) रतन टाटा का बुधवार रात 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। धनखड़ ने टाटा को भारतीय उद्योग जगत की एक महान हस्ती बताया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में टाटा का योगदान देश और विदेशों के उद्यमियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उपराष्ट्रपति सचिवालय ने धनखड़ के हवाले से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘भारतीय उद्योग जगत के ‘दिग्गज' टाटा अपने पीछे एक स्थायी विरासत छोड़ गए हैं, भारत उन्हें बहुत याद करेगा।'' लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि देश ने एक महान उद्योगपति और समाजसेवी को खो दिया है, जिन्होंने न केवल भारतीय उद्योग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि अपनी निस्वार्थ सेवा और उदारता से समाज के हर वर्ग को प्रेरित किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘रतन टाटा की सादगी, दूरदर्शिता और सेवा भावना युगों तक प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। उनका निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है।'' कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रतन टाटा को ‘अनमोल रतन' बताया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि दूरदर्शी नेतृत्व का एक युग समाप्त हो गया है।
उन्होंने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘टाटा का निधन अपूरणीय क्षति है, उनके उल्लेखनीय योगदान ने न केवल उद्योगों को बदल दिया, बल्कि भारत को नवाचार और उत्कृष्टता के वैश्विक शिखर पर भी पहुंचाया है।'' -
गोंडा. उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में गोंडा-बुढ़वल रेलखंड पर एक मालगाड़ी तकनीकी दिक्कत के कारण दो हिस्सों में बंट गई। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। रेलवे के क्षेत्रीय प्रबंधक गिरीश कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को यहां बताया कि मैजापुर और कर्नलगंज रेलवे स्टेशन के मध्य गेट संख्या 281 (बी) के पास बुधवार को आवारा मवेशी कट जाने से मालगाड़ी अप-बीसीएन के इंजन का होज पाइप खुल गया था। परिणाम स्वरूप ट्रेन के कुछ डिब्बे पीछे छूट गए। उन्होंने बताया कि पीछे छूटी बोगियों में गार्ड की बोगी भी शामिल थी। गार्ड और गेट मैन ने तत्काल इसकी सूचना कर्नलगंज रेलवे स्टेशन के साथ-साथ रेलवे कंट्रोल कमांड को दी। चालक ने आपातकालीन स्थिति में मालगाड़ी को तुरंत रोक दिया। सिंह ने बताया कि सूचना पाकर तत्काल मौके पर पहुंचे रेलकर्मियों ने अलग हुई बोगियों को फिर से जोड़कर मालगाड़ी को रवाना किया।
- लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने रात में आवारा पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए उनपर चमकीली पट्टी लगाने की घोषणा की है। एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि योजना के लिए राज्य के गौ संरक्षण कोष से धनराशि आवंटित की गई है तथा जिलाधिकारियों और पशुपालन विभाग को इसे लागू करने निर्देश दिए गए हैं। सात अक्टूबर को प्रमुख सचिव के. रवींद्र नायक की ओर से जारी एक सरकारी आदेश के अनुसार, राज्य के गौ संरक्षण कोष का एक हिस्सा राजमार्गों और अन्य व्यस्त सड़कों के आसपास रहने वाली गायों पर बांधने के लिए ‘रेडियम' की पट्टियां खरीदने में इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि ऐसा होने पर वाहन चालक गाय के गले में बंधी पट्टी देखकर सावधान हो जाएंगे, जिससे दुर्घटना से बचा जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि पट्टियां आवारा पशुओं के सींग और गर्दन पर लगाई जाएंगी।पशुपालन विभाग के निदेशक पी. एन. सिंह ने कहा, "योजना से संबंधित आदेश को लागू करने के लिए जिला स्तर के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। हमारा लक्ष्य सर्दी के मौसम में ही आवारा पशुओं पर रेडियम टेप लगाना है।” पशुपालन विभाग इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में काम कर रहा हैं। आवारा पशुओं पर पट्टी लगाना राज्य में आवारा पशुओं की समस्या को दूर करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, उत्तर प्रदेश में फिलहाल लगभग 15 लाख आवारा पशु हैं, जिनमें से लगभग 12 लाख पशु आश्रयों में रखे गए हैं। शेष तीन लाख आवारा पशुओं की देखभाल सहभागिता योजना के तहत सीमांत परिवार करते हैं। इन परिवारों को चारे के लिए प्रति पशु अधिकतम 1,500 रुपये प्रति माह मिलते हैं। योजना के तहत एक परिवार अधिकतम चार मवेशियों को रख सकता है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों में खून और पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों वाले चावल की आपूर्ति को बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने की सराहना की और कहा कि इससे गरीबों का स्वास्थ्य और बेहतर होगा। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘देशभर के अपने गरीब भाई-बहनों की पोषण सुरक्षा के लिए हमने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति को जारी रखने का फैसला किया है। जरूरी पोषक तत्वों के साथ तैयार इस चावल से उनका स्वास्थ्य और बेहतर होगा।" प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को ही मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। इस योजना पर 17,000 करोड रुपये से अधिक का खर्च आएगा। गुजरात के लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि इससे पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा और भारत के समृद्ध इतिहास में लोगों की रुचि भी बढ़ेगी। केन्द्रीय मंत्रिमंडल की ओर से राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,280 किलोमीटर सड़क निर्माण को मंजूरी दिए जाने पर मोदी ने कहा कि देश के अन्य हिस्सों के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास भी सरकार की प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इसी कड़ी में राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र में नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे इन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी के साथ रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।


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