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- चंडीगढ़। भारत के प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने शनिवार को युवा डॉक्टरों में अपने मरीजों के प्रति सहानुभूति और करुणा की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए प्रसिद्ध फिल्म ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस' के एक दृश्य का हवाला देते हुए कहा कि चिकित्सा का अंतिम उद्देश्य मानवता का भला करना है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि भारत नवाचार के क्षेत्र के अग्रणी देशों में से एक है, लेकिन इसके लाभ बहुत कम लोगों तक ही सीमित हैं। उन्होंने डॉक्टरों से स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रगति को सभी के लिए सुलभ बनाने का आग्रह किया। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ यहां स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) के 37वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर युवा चिकित्सकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पीजीआईएमईआर भारत में कई चिकित्सा प्रगति और नवाचारों की आधारशिला रहा है और पिछले 62 वर्षों से उत्कृष्टता का प्रतीक बना हुआ है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आज जब आप स्नातक हो रहे हैं तो आप उन दिग्गजों का अनुसरण कर रहे हैं, जो चिकित्सा विज्ञान के विकास में अग्रणी रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि चिकित्सा और कानून दोनों ही पेशे एक समान लक्ष्य रखते हैं, जोकि समर्पित सेवा के माध्यम से लोगों और समुदायों की भलाई करना है। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने चिकित्सकों के बीच करुणा और सहानुभूति की आवश्यकता को रेखांकित करने के लिए संजय दत्त अभिनीत फिल्म ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस' के एक दृश्य का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फिल्म में ‘मुन्ना भाई' ने एक युवा रोगी को गर्मजोशी से गले लगाया, जिसे उन्होंने ‘जादू की झप्पी' कहा क्योंकि रोगी एक चिकित्सा प्रक्रिया से बहुत व्यथित था। सीजेआई ने कहा कि दयालुता का यह कदम वास्तविक स्नेह से भरा हुआ था, जो एक अस्पताल में उपचार के वातावरण के विपरीत था।
- राजकोट। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को कहा कि गुजरात के राजकोट स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक बनाने के लिए सर्वोत्तम संकाय सदस्य और चिकित्सकों की नियुक्ति सहित सभी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने एम्स राजकोट में वायरस अनुसंधान एवं निदान (वीआरडी) लैब का भी उद्घाटन किया। इसका उद्देश्य महाराष्ट्र के पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) पर राज्य की निर्भरता को समाप्त करना है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "कोरोना महामारी के कारण देरी के बावजूद एम्स राजकोट सबसे तेजी से बढ़ते संस्थानों में से एक के रूप में उभरा है। इसके ओपीडी, आईपीडी और ट्रॉमा (विभाग) में रोगियों की संख्या में तीव्र वृद्धि देखी गई है। सरकार का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि इसे सर्वश्रेष्ठ संकाय सदस्य और चिकित्सक मिलें ताकि राजकोट एम्स मानवता और सौराष्ट्र के लोगों की सेवा करने वाला एक उच्च श्रेणी का संस्थान बन सके।" नड्डा ने कहा कि उन्होंने जिस वीआरडी लैब का उद्घाटन किया वह 'बायोलॉजिकल सेफ्टी लेवल' (बीएसएल) 2 श्रेणी की लैब है जिसे जल्द ही बीएसएल 3 में अद्यतन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे एनआईवी पुणे पर निर्भरता खत्म होगी। नड्डा ने कहा, "1960 से 1998 तक कांग्रेस के शासन के दौरान देश में केवल एक एम्स था। 1998-2004 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में देश को छह नए एम्स मिले। इसके बाद संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के शासन में रायबरेली में केवल एक एम्स खोला गया। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 10 वर्षों में देश को 22 एम्स समर्पित किए, जिनमें से 18 चालू हैं और चार अन्य पर काम चल रहा है।" नड्डा ने कहा, "मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि एम्स राजकोट को सर्वश्रेष्ठ एम्स में से एक के रूप में विकसित किया जाएगा और संस्थान में उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।"
- शिलांग। मेघालय स्कूल शिक्षा बोर्ड अगले साल से कक्षा 10 की दो बार परीक्षाएं आयोजित करेगा। राज्य के शिक्षा मंत्री रक्कम ए संगमा ने शनिवार को यह जानकारी दी। संगमा ने बताया कि शिक्षा बोर्ड 2025 से हर साल कक्षा 10 की दो परीक्षाएं आयोजित करेगा।उन्होंने कहा कि इसके लिए मेघालय स्कूल शिक्षा बोर्ड के विनियमन में संशोधन के प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को मंजूरी दे दी। साल में दो बार परीक्षाएं आयोजित करने का यह कदम बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण न होने वाले छात्रों को दूसरा अवसर प्रदान करने के लिए है। संगमा ने कहा कि इससे संबंधित पहली परीक्षा फरवरी या मार्च की शुरुआत में होगी और दूसरी परीक्षा मई में होगी जिसमें सभी या कुछ विषयों में फेल होने वाले छात्रों को मौका मिलेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के कार्यान्वयन के अनुरूप है और इसे प्रयासों के बीच बर्बाद होने वाले समय को कम करके छात्रों की सहायता करने के लिए बनाया गया है। मंत्रिमंडल ने 2026-2027 शैक्षणिक वर्ष से वैकल्पिक पेपर या ‘बेस्ट ऑफ फाइव पेपर्स' को समाप्त करने के निर्णय को भी मंजूरी दे दी है। इसका मतलब है कि 2026-2027 से सभी छात्रों को बोर्ड परीक्षा में सभी छह विषयों को पास करना होगा। मंत्रिमंडल ने मेघालय पब्लिक स्कूल सेवा नियम, मेघालय अधीनस्थ जल संसाधन इंजीनियरिंग सेवा नियम, 2024 और किसान सशक्तीकरण आयोग (संशोधन) विधेयक, 2024 को भी मंजूरी दे दी।
- वायनाड (केरल) ।वायनाड के मुंडक्कई गांव में आए विनाशकारी भूस्खलन में जीवित बचे अयप्पन के पास अब कुछ भी नहीं बचा है-न घर, न परिवार और न ही कोई भविष्य। लेकिन शनिवार को राहत शिविर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हुई मुलाकात ने इस बुजुर्ग व्यक्ति में नई उम्मीद जगा दी है। इस आपदा में अपने नौ रिश्तेदारों को खोने वाले इस बुजुर्ग व्यक्ति को अब एक नया आश्रय मिलने की उम्मीद है। अयप्पन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘शिविर से हम 12 लोगों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की। बच्चे भी थे। वहां एक व्यक्ति था जो हर चीज का अनुवाद कर रहा था। मैंने बस एक घर मांगा। उन्होंने हर तरह की मदद का आश्वासन दिया।'' भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के दौरान मोदी ने राहत शिविरों में रह रहे चुनिंदा लोगों और चिकित्सकों से मुलाकात की और मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। मोदी से बातचीत करने वाले अयप्पन ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को सारी बातें बताईं। अयप्पन ने कहा, ‘‘मैंने उनसे कहा कि मेरे परिवार के नौ सदस्य मारे गए हैं। हमने अपनी जमीन खो दी, लेकिन जमीन मुद्दा नहीं है-मैंने अपना परिवार खो दिया।'' अयप्पन ने कहा, ‘‘जब मैंने अपने नुकसान के बारे में बताया तो प्रधानमंत्री ने मुझे गले लगा लिया।'' अयप्पन ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि शिविर छोड़ने के बाद क्या करना है, क्योंकि भूस्खलन में उनका मकान भी नष्ट हो गया। इस बीच, प्रधानमंत्री से मिलने वाली मेडिकल टीम में शामिल डॉ. चार्ली ने उन्हें शिविर में रहने वालों की स्थिति और उनके सामने आने वाली मनोवैज्ञानिक समस्याओं और सदमे के बारे में जानकारी दी। चार्ली ने कहा, ‘‘उन्होंने (प्रधानमंत्री ने) शिविर में रहने वालों की स्थिति, ठीक होने वालों की संख्या, उन्नत उपचार और लोगों के समक्ष आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी ली।'' इससे पहले, मोदी ने भूस्खलन प्रभावित चूरलमाला में पैदल चलकर आपदा से हुए नुकसान का आकलन किया। प्रधानमंत्री ने भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से भी चूरलमाला, मुंडक्कई और पुंचिरीमट्टम का हवाई सर्वेक्षण किया। केरल के वायनाड जिले में 30 जुलाई को बड़े पैमाने पर हुई भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 226 लोगों की मौत हो गई। क्षेत्र में 130 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं।
- गुरुग्राम.। हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने सड़क पर दो कारों द्वारा खतरनाक स्टंट करने के मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।अधिकारियों ने बताया कि 27 सेकंड के इस वीडियो में एक थार और एक स्कॉर्पियो के चालकों को गुरुग्राम-सोहना रोड पर खतरनाक तरीके से चलाते हुए देखे जा सकते हैं । वीडियो में एक साइकिल सवार व्यक्ति एसयूवी से टकराने से बचने के लिए ब्रेक लगाता हुआ दिख रहा है।वहीं थार चालक ने भी दुर्घटना से बचने के लिए ब्रेक लगाया। यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर संज्ञान लिया गया है। हम वाहनों की नंबर प्लेट के आधार पर मामले की जांच कर रहे हैं। गाड़ियों की पहचान करने के बाद चालान जारी किए जाएंगे।”
- नयी दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने पाठ्येतर गतिविधियां (ईसीए) कोटा के माध्यम से 2024-2025 स्नातक शैक्षणिक सत्र में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए शनिवार को ‘ट्रायल' कार्यक्रम जारी किया। जानकारी के अनुसार, भारतीय शास्त्रीय नृत्य, हिंदी वाद-विवाद, भारतीय शास्त्रीय एवं सुगम संगीत और रंगमंच जैसी गतिविधियों के लिए ‘ट्रायल' 12 अगस्त से शुरू होंगे। खेल कोटा के अभ्यर्थियों के लिए ‘ट्रायल' 20 अगस्त से शुरू होंगे और 22 अगस्त तक जारी रहेंगे।ईसीए कोटे के माध्यम से प्रवेश पाने के इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने संबंधित परीक्षण केंद्रों पर जाकर अपना ‘ट्रायल' देना होगा। ‘ट्रायल' में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों को विशिष्ट पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उनकी शैक्षणिक योग्यता में छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों को ‘ट्रायल' में शामिल होने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी देखनी होगी। दिल्ली विश्वविद्यालय ने इस वर्ष प्रत्येक कॉलेज में कुल सीट का पांच प्रतिशत ईसीए और खेल श्रेणियों के लिए आवंटित की है।
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नयी दिल्ली। केंद्र ने कैबिनेट सचिव पद के लिए वित्त सचिव टी वी सोमनाथन के नाम को शनिवार को मंजूरी दे दी। सोमनाथन का इस पद पर कार्यकाल दो वर्ष का होगा। वह वर्तमान कैबिनेट सचिव राजीव गौबा का स्थान लेंगे, जिनका इस पद पर पांच वर्ष का कार्यकाल इस महीने के अंत में पूरा होगा। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने सोमनाथन की कैबिनेट सचिव के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दे दी है तथा 30 अगस्त, 2024 से उनका दो साल का कार्यकाल होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली एसीसी ने कैबिनेट सचिवालय में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) के रूप में भी उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है और ‘‘यह नियुक्ति उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से कैबिनेट सचिव का पद संभालने तक रहेगी।'' तमिलनाडु कैडर के 1987 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी सोमनाथन ने 2015 से 2017 के बीच दो साल से अधिक समय तक मोदी के अधीन प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्य किया। बाद में, उन्होंने दिसंबर 2019 में व्यय सचिव के रूप में नियुक्त होने से पहले अपने कैडर राज्य में कार्य किया। सोमनाथन (अब 59 वर्ष) को अप्रैल 2021 में वित्त सचिव नियुक्त किया गया था। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, वह एक योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) हैं, तथा उन्हें पांच भाषाएं आती हैं - अंग्रेजी, फ्रेंच, हौसा (अफ्रीका के चुनिंदा हिस्सों में बोली जाने वाली), हिंदी और तमिल। अनुभवी नौकरशाह के पास कलकत्ता विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी की डिग्री भी है। सोमनाथन सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन प्रणाली की समीक्षा के लिए पिछले साल अप्रैल में गठित एक समिति के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने अपने कैडर राज्य, केंद्र और विदेश में विभिन्न पदों पर कार्य किया है। सोमनाथन ने विश्व बैंक (अमेरिका), कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव और चेन्नई मेट्रो निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में काम किया है। इस बीच, सरकार द्वारा जल्द ही नए केंद्रीय गृह सचिव की भी नियुक्ति किए जाने की संभावना है, क्योंकि मौजूदा केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला (1984 बैच के आईएएस अधिकारी) 22 अगस्त को अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। गौबा को देश में सबसे लंबे समय तक कैबिनेट सचिव होने का गौरव प्राप्त होगा। अब तक, बी डी पांडे का शीर्ष पद पर सबसे लंबा कार्यकाल दो नवंबर, 1972 से 31 मार्च, 1977 तक रहा है। पूर्व केंद्रीय गृह सचिव गौबा को 2019 में दो साल के लिए देश के शीर्ष नौकरशाह के पद पर नियुक्त किया गया था। उन्हें तीन बार एक-एक साल का विस्तार दिया गया - 2021, 2022 में और सबसे हालिया विस्तार पिछले साल अगस्त में दिया गया था। झारखंड कैडर के 1982 बैच के आईएएस अधिकारी को जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 का मसौदा बनाने में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है। इसके जरिए संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को मिले विशेष दर्जे को निरस्त करने के बाद तत्कालीन राज्य को जम्मू कश्मीर और लद्दाख के रूप में दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया था।
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रीवा. मध्य प्रदेश के रीवा जिले में बारिश के पानी से भरे एक निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में तीन नाबालिग बहनें डूब गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना शुक्रवार को गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के तमारा गांव में हुई। उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान जान्हवी (6), तन्वी (7) और सुहानी (9) रजक के रूप में हुई है। गोविंदगढ़ थाना प्रभारी शिव अग्रवाल ने बताया, "तीनों बहनें शाम को नाग पंचमी के अवसर पर मिट्टी की मूर्तियों को जलाशय में विसर्जित करने के लिए घर से निकली थीं। पास में ही सेप्टिक टैंक बनाने के लिए गड्ढा खोदा गया था, जिसमें बारिश का पानी भरा हुआ था। तीनों बहनें उसमें फिसल गईं और डूबने से उनकी मौत हो गई।" अग्रवाल ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों को जब इस घटना के बारे में पता चला, तो वे मौके पर पहुंचे और तीनों बहनों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
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नयी दिल्ली. पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार में एक आवासीय सोसायटी के अंदर स्थित 'प्रॉपर्टी डीलर' के कार्यालय में शनिवार दोपहर आग लग गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें दोपहर दो बजकर तीन मिनट पर आग लगने की सूचना मिली जिसके बाद दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। यह कार्यालय 'मयूर विहार फेज-3' में बहुमंजिला 'आशीर्वाद अपार्टमेंट' के भूतल पर स्थित था। अधिकारी ने बताया कि आग पर 45 मिनट के भीतर काबू पा लिया गया और इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि संदेह है कि आग 'शॉर्ट सर्किट' के कारण लगी थी। - पुरी (ओडिशा) ।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को जगन्नाथ मंदिर में पूजा अर्चना की।सेवादारों के अनुसार, आरएसएस प्रमुख ने मंदिर के अंदर करीब आधा घंटा बिताया और पुजारियों से बातचीत की। सिंह द्वार पर मंदिर प्रशासन के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।भागवत ने बाद में गोवर्धन पीठ में पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती से मुलाकात की और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। हालांकि, उनकी चर्चा के विषयों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।तय कार्यक्रम के अनुसार, भागवत 10 और 11 अगस्त को आरएसएस की प्रांत सेवा प्रमुख बैठक में शामिल होंगे और संगठन की गतिविधियों और इसकी आगामी योजनाओं से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। वह सोमवार तक पुरी में रहेंगे। सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उपमुख्यमंत्री केवी सिंहदेव और प्रवाती परीदा ने उत्कल बिपन्न सहायता समिति (यूबीएसएस) कार्यालय में भागवत से मुलाकात की। भागवत ने यहीं रात्रि विश्राम किया था।
- नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को तिमोर-लेस्ते के राष्ट्रपति जोस रामोस-होर्ता ने शनिवार को अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड-कॉलर ऑफ द ऑर्डर ऑफ तिमोर-लेस्ते' से सम्मानित किया।राष्ट्रपति कार्यालय ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि मुर्मू (66) को सामाजिक सेवा में उनकी उपलब्धियों और शिक्षा, सामाजिक कल्याण एवं महिला सशक्तिकरण के प्रति उनके समर्पण के लिए इस सम्मान से नवाजा गया।राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि यह सम्मान भारत और तिमोर-लेस्ते के बीच दोस्ती का प्रतिबिंब है।मुर्मू तीन देशों की अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव के तहत शनिवार को दक्षिण-एशियाई देश तिमोर-लेस्ते की राजधानी दिली पहुंचीं। इससे पहले उन्होंने न्यूजीलैंड और फिजी की यात्रा की थी।मुर्मू तिमोर-लेस्ते की यात्रा करने वाली भारत की पहली प्रधानमंत्री हैं।राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, हवाई अड्डे पर होर्ता ने मुर्मू का गर्मजोशी से स्वागत किया। हवाई अड्डे के बाहर बच्चे उनका अभिनंदन करते नजर आए। डिली में राष्ट्रपति भवन में मुर्मू का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।मुर्मू ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के उपायों पर अपने समकक्ष होर्ता के साथ व्यापक चर्चा की।उन्होंने कहा, “भारत और तिमोर-लेस्ते मधुर एवं दोस्ताना संबंध साझा करते हैं, जो लोकतंत्र तथा बहुलवाद के मूल्यों के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। मुझे विश्वास है कि इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे।”मुर्मू ने कहा, “मैंने सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य एवं फार्मास्यूटिकल, कृषि, क्षमता निर्माण एवं अन्य क्षेत्रों में भारत तथा तिमोर-लेस्ते के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के उपायों पर राष्ट्रपति रामोस-होर्ता के साथ व्यापक चर्चा की।” दोनों नेताओं ने तिमोर-लेस्ते के अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल होने की संभावनाओं पर भी बात की।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केरल के वायनाड जिले के भूस्खलन प्रभावित इलाकों का शनिवार को हवाई सर्वेक्षण किया। अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से भूस्खलन प्रभावित चूरलमाला, मुंडक्कई और पुंचिरीमट्टम गांवों की स्थिति का जायजा लिया। वह पूर्वाह्न करीब 11.15 बजे वायुसेना के हेलीकॉप्टर के जरिये कन्नूर हवाई अड्डे से वायनाड के लिए रवाना हुए थे।
अधिकारियों के मुताबिक, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और केंद्रीय पर्यटन तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी भी प्रधानमंत्री के साथ वायनाड पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार, हवाई सर्वेक्षण के बाद मोदी का हेलीकॉप्टर कलपेट्टा में एसकेएमजे हायर सेकेंडरी स्कूल में उतरेगा, जहां से वह सड़क मार्ग से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना होंगे।प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब केरल सरकार ने आपदाग्रस्त क्षेत्र में पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए 2,000 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है। केरल के वायनाड जिले में 30 जुलाई को बड़े पैमाने पर हुई भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 226 लोगों की मौत हो गई थी। क्षेत्र में कई लोग अब भी लापता हैं। -
भुवनेश्वर. ओडिशा की भाजपा सरकार ने चालू वित्तवर्ष में राज्य में कोई नई शराब की दुकान नहीं खोलने का फैसला किया है, आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। हरिचंदन ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘मौजूदा आबकारी नीति को और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए, हमने फैसला किया है कि इस वित्तवर्ष में राज्य में कोई नई शराब की दुकान नहीं खोली जाएगी।'' उन्होंने कहा कि अवैध शराब की बिक्री सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है, उन्होंने कहा कि आबकारी नीति में कुछ बदलाव किए गए हैं, जो अगले आठ महीनों तक लागू रहेंगे। उन्होंने कहा कि अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार एक नई आबकारी नीति लाएगी। खनिज संसाधनों के बाद, ओडिशा सरकार के लिए शराब की बिक्री राजस्व का प्रमुख स्रोत है। आबकारी राजस्व वर्ष 2013-14 के 1,780.29 करोड़ रुपये से कई गुना बढ़कर वर्ष 2022-23 तक 6,455.06 करोड़ रुपये हो गया है।
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अगरतला. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बृहस्पतिवार को कहा कि पड़ोसी देश में उथल-पुथल के बीच बांग्लादेश में फंसे 17 भारतीय सड़क निर्माण श्रमिकों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया गया है। इन लोगों को बांग्लादेश में अखौरा से किशोरगंज तक 52 किलोमीटर लंबी चार-लेन सड़क के निर्माण के लिए एएफसीओएनएस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा नियुक्त किया गया था। उन्हें त्रिपुरा में अंतरराष्ट्रीय सीमा के माध्यम से वापस लाया गया। बांग्लादेश में अशांति के कारण कंपनी के कर्मचारी रामरेल स्थित अपने शिविर में फंसे हुए थे। बीएसएफ की त्रिपुरा स्थित यूनिट के एक प्रवक्ता ने कहा कि कुल 17 श्रमिक उस तरफ से एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) अखौरा की ओर आ रहे थे और बुधवार रात को उनके सुरक्षित आगमन की सुविधा के लिए बीएसएफ से अनुरोध किया गया था। बीएसएफ ने नोडल अधिकारी स्तर पर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ ‘तत्काल' संपर्क स्थापित किया। प्रवक्ता ने बताया कि दोनों बलों के सहयोग से इन्हें आईसीपी तक पहुंचाया गया जहां सीमा शुल्क और आव्रजन संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उन्हें देर रात अगरतला स्थित आईसीपी पर बीएसएफ को सौंप दिया गया।
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नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो में पांच पुलिस अधीक्षकों की नियुक्ति की। कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश में कहा गया है कि भारतीय राजस्व सेवा के सभी पांच अधिकारियों को चार वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया है। आदेश के अनुसार जिन अधिकारियों को शामिल किया गया है उनमें सृष्टि चौधरी, सव्यसाची कुमार और सोनावाने पंकज राजाराम (आयकर अधिकारी) और नवीन कुमार सोनी और राठौड़ क्रूनाल चिमनभाई (सीमा शुल्क और अप्रत्यक्ष कर अधिकारी) हैं।
- शाहजहांपुर (उप्र) जिले में कथित रूप से खाने को लेकर हुए विवाद के बाद पत्नी ने ईंट से कुचल-कुचलकर अपने पति की हत्या कर दी । पुलिस ने यह जानकारी दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें महिला अपने पति के सिर का मांस निकाल कर फेंकती नजर आ रही है। पुलिस का कहना है कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है।पुलिस अधीक्षक (एसपी) अशोक कुमार मीणा ने बृहस्पतिवार को बताया कि रोजा थानाक्षेत्र के हथौड़ा गांव में सतपाल (45) का आज अपनी पत्नी से खाने को लेकर कुछ विवाद हो गया जिसके बाद उसने डंडे से पत्नी की पिटाई कर दी । मीणा ने बताया कि दोनों के मध्य हुई मारपीट में आरोपी पत्नी ने पति के सिर पर ईंट मार दी जिससे उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर पुलिस अधीक्षक (नगर) संजय कुमार ने बताया कि सत्यपाल आज जब घर पहुंचा तो उसने आरोपी पत्नी से खाना मांगा, आरोपी पत्नी ने कहा कि खिचड़ी बनी है जबकि पति ने मांस बनाने को कहा । संजय कुमार के अनुसार आरोपी पत्नी ने बताया कि पति कुछ कमाता नहीं है, ऐसे में उसने मांस बनाने में असमर्थता जता दी। संजय कुमार ने बताया कि इसके बाद सतपाल अपनी पत्नी गायत्री देवी को डंडे से पीटने लगा, रोज-रोज की मार-पीट से तंग आ चुकी आरोपी पत्नी गायत्री देवी ने उसके सिर पर ईंट से प्रहार कर दिया और जब तक उसकी मौत नहीं हो गई वह लगातार प्रहार करती रही।
- बिजनौर (उत्तरप्रदेश ) । कई लोगों की ट्रेन के नीचे आत्महत्या करने की घटनाएं सामने आती है. लेकिन उत्तरप्रदेश के बिजनौर में एक ऐसी घटना सामने आई है. जिसके बाद पुलिस भी हैरान रह गई है. दरअसल एक व्यक्ति शराब के नशे में ट्रेन की पटरियों पर लेट गया था. उसको किसी ने देख लिया और पुलिस को सुचना दी की व्यक्ति ने ट्रेन के नीचे आत्महत्या कर ली है. लेकिन जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो देखकर दंग रह गई, क्योंकि व्यक्ति जिंदा था. युवक ने जमकर शराब पी रखी थी. जानकारी के मुताबिक़ उसके ऊपर से ट्रेन गुजर गई, लेकिन वो बच गया. इस घटना के बाद पुलिस ने व्यक्ति के परिजनों को सुचना दी और व्यक्ति को हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया. जानकारी के मुताबिक़ व्यक्ति हरियाणा के होटल में काम करता है. व्यक्ति का नाम अमर बहादुर है और वो नेपाल का रहनेवाला है. पुलिस को ये व्यक्ति बिजनौर में सेंट मैरीज के रेलवे गेट के पास मिला.
- नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ लेने वाले मोहम्मद यूनुस को शुभकामनाएं दीं और देश में जल्द ही स्थिति सामान्य होने तथा हिंदुओं व अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई. नोबेल पुरस्कार से सम्मानित यूनुस (84) ने बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ ली. राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने राष्ट्रपति भवन 'बंगभवन' में आयोजित समारोह में यूनुस को पद की शपथ दिलाई.नौकरियों में विवादास्पद आरक्षण प्रणाली को लेकर सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शनों के परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से इस्तीफा देने और भारत पहुंचने के बाद मंगलवार को यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया था.पीएम मोदी ने मोहम्मद यूनुस को दी बधाईपीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस को नयी जिम्मेदारी संभालने के लिए मेरी ओर से शुभकामनाएं. हम उम्मीद करते हैं कि जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी और हिंदुओं व अन्य सभी अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.” उन्होंने कहा, “भारत शांति, सुरक्षा व विकास के लिए दोनों देशों के लोगों की साझा आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बांग्लादेश के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.”
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक लोक सभा में पेश किया। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने जहां इसे संविधान विरोधी बताया और मुसलमानों को निशाना बनाने के मकसद से लाने का आरोप लगाया। वहीं सत्ताधारी राजग गठबंधन में महत्त्वपूर्ण घटक तेदेपा और जदयू ने इसका समर्थन किया। यह विधेयक बाद में दोनों सदनों की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया।लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति बनाने के लिए वह सभी दलों के नेताओं से बात करेंगे। 18वीं लोक सभा में पहली बार किसी विधेयक को जेपीसी के पास भेजा गया है।लोक सभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश करने वाले केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि इसमें प्रस्तावित संशोधन 1995 के वक्फ कानून की कमियों को दूर करेगा और वक्फ बोर्ड को बंधनों से मुक्त करेगा। अभी कई मामलों को देखकर ऐसा लगता है कि यह माफिया की गिरफ्त में पहुंच गया है।वक्फ (संशोधन) विधेयक में वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलकर ‘एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995’ करने का भी प्रावधान है, जिसके जरिये सरकार का इरादा पूरी व्यवस्था में सुधार करने का है, ताकि आम मुसलमानों को न्याय मिल सके और यह उनके हित में काम कर सके। रीजीजू ने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों में हितधारकों को इसके आदेशों को उच्च अदालतों में चुनौती देने की शक्ति प्रदान करता है, जिसका प्रावधान वक्फ कानून (1995) में नहीं था।अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रीजीजू ने कहा कि विधेयक में किसी की धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है तथा संविधान के किसी भी अनुच्छेद का उल्लंघन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, ‘वक्फ संशोधन पहली बार सदन में पेश नहीं किया गया है। आजादी के बाद सबसे पहले 1954 में यह विधेयक लाया गया। इसके बाद कई संशोधन किए गए।’रीजीजू ने कहा कि व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श के बाद यह संशोधन विधेयक लाया गया है जिससे मुस्लिम महिलाओं और बच्चों का कल्याण होगा। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के समय बनी सच्चर समिति और एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का उल्लेख किया और कहा कि इनकी सिफारिशों के आधार पर यह विधेयक लाया गया। वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 वक्फ बोर्ड में मुस्लिम महिलाओं और गैर मुसलमानों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करता है।विपक्षी दलों ने वक्फ संशोधन विधेयक को लोक सभा में पेश किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि यह संविधान और संघवाद पर हमला है तथा अल्पसंख्यकों के खिलाफ है। कांग्रेस सांसद के सी वेणुगोपाल ने कहा कि यह विधेयक संविधान पर हमला है। उन्होंने सवाल किया, ‘उच्चतम न्यायालय के आदेश से अयोध्या में मंदिर बोर्ड का गठन किया गया। क्या कोई गैर हिंदू इसका सदस्य हो सकता है। फिर वक्फ परिषद में गैर मुस्लिम सदस्य की बात क्यों की जा रही है?’समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह बहुत सोची समझी राजनीति के तहत हो रहा है। विधेयक में सारी ताकत जिला अधिकारी को देने की बात कही गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह सरकार दरगाह, मस्जिद और वक्फ संपत्तियों को अपने नियंत्रण में लेना चाहती है।उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार मुसलमानों की दुश्मन है, उसका सबूत यह विधेयक है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि सदन में संविधान की धज्जियां उड़ाने का काम किया जा रहा है।उन्होंने दावा किया कि ‘डीएम राज’ लाकर वक्फ संपत्तियों को तितर-बितर करने की साजिश हो रही है। प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के दोनों गुटों-अशरद मदनी व महमूद मदनी और जमात-ए-इस्लामी हिंद ने इस विधेयक का विरोध करते हुए इसे ‘धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप’ करार दिया तथा सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।
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भुवनेश्वर.ओडिशा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार ने नौकरशाही में बड़ा फेरबदल करते हुए राज्य के 30 जिलों में से 20 में नए जिलाधिकारी नियुक्त किए हैं। जिन नौकरशाहों को नयी जिम्मेदारी दी गई है, वे सभी बीजू जनता दल (बीजद) के कार्यकाल में नियुक्त किए गए थे। भाजपा जून में राज्य में सत्ता में आई। प्रशासन एवं लोक शिकायत विभाग की ओर से बुधवार रात जारी अधिसूचना के अनुसार, गजपति के जिलाधिकारी स्मृति रंजन प्रधान को केंद्रपाड़ा में स्थानांतरित कर दिया गया है। वर्ष 2015 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी पारुल पटवारी को रायगढ़ का जिलाधिकारी बनाया गया है, जबकि अमृत ऋतुराज कंधमाल जिले की जिम्मेदारी संभालेंगे। सिद्धेश्वर बलिराम बोंदर को संबलपुर का, दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे को कटक का, हेमा कांता साय को मयूरभंज का, पी अन्वेषा रेड्डी को जाजपुर का, आशीष ईश्वर पाटिल को मल्कानगिरी का और सोमेश कुमार उपाध्याय को ढेंकनाल का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। दिलीप राउतराय को भद्रक का जिलाधिकारी बनाया गया है जबकि बिजय कुमार दाश गजपति के जिलाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। अन्य नए जिलाधिकारियों में शुभंकर महापात्र (नबरंगपुर), सूर्यवंशी मयूर विकास (बालासोर), जे सोनल (जगतसिंहपुर), पवार सचिन प्रकाश (कालाहांडी), अक्षय सुनील अग्रवाल (नयागढ़), मनोज सत्यवान महाजन (सुंदरगढ़), कबींद्र कुमार साहू (देवगढ़) मधुसूदन दास (नुआपाड़ा) और सुब्रत कुमार पांडा (बौध) शामिल हैं। वर्ष 2014 बैच की आईएएस अधिकारी स्वधा देव सिंह को पंचायती राज एवं पेयजल विभाग का अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। आईएएस अधिकारी बिजय केतन उपाध्याय को ओडिया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग का निदेशक नियुक्त किया गया है। वह ओडिशा परिबार के निदेशक का पद भी संभालेंगे। आशीष ठाकरे को ओडिशा राजस्व बोर्ड का सचिव बनाया गया है, जबकि कमल लोचन मिश्रा ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ओएसडीएमए) के नए कार्यकारी निदेशक होंगे। निखिल पवन कल्याण को मृदा संरक्षण एवं ‘वाटरशेड डेवलपमेंट' निदेशक नियुक्त किया गया।
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नयी दिल्ली. बेंगलुरु स्थित एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर उन सात विजेताओं में शामिल हैं जिन्हें विकिमीडिया परियोजनाओं में उनके ‘‘महत्वपूर्ण योगदान'' के लिए सम्मानित किया गया है। एक आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई। विकिमीडिया सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है जो विकिपीडिया के संचालन में मदद करता है। एक बयान में कहा गया कि वार्षिक ‘विकिमीडियन ऑफ द ईयर' पुरस्कार विकिपीडिया के संस्थापक जिमी वेल्स द्वारा प्रदान किया गया। विकीमेनिया 2024, वार्षिक रूप से आयोजित होने वाले सम्मेलन का 19वां संस्करण है। यह विकिपीडिया और अन्य विकिमीडिया परियोजनाओं तथा उन्हें संभव बनाने वाले स्वयंसेवकों (विकिमीडियन) का सम्मान करता है। यह सम्मेलन इस सप्ताह सात-10 अगस्त तक पोलैंड के कैटोविस में आयोजित हो रहा है। इस कार्यक्रम के तहत विकिपीडिया के संस्थापक ने उन असाधारण व्यक्तियों और समुदायों को वार्षिक ‘विकिमीडियन ऑफ द ईयर' पुरस्कार प्रदान किए, जिन्होंने विकिमीडिया परियोजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया है तथा विश्व भर के लोगों को विश्वसनीय ज्ञान उपलब्ध कराने में मदद की है। बयान में कहा गया, ‘‘इस साल इस पुरस्कार के सात विजेताओं में से एक, बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर सिद्धार्थ वी पी को मीडियाविकी में उनके योगदान के लिए ‘वर्ष का तकनीकी योगदानकर्ता' का खिताब दिया गया है। मीडियाविकी एक सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है जो विकिपीडिया और कई अन्य विकिमीडिया परियोजनाओं के संचालन में मदद करता है। यह दूसरी बार है जब इस पुरस्कार का विजेता भारत से चुना गया है।'' बयान में कहा गया कि 2021 में जय प्रकाश को भारतीय प्रायद्वीप के समुदायों को तकनीकी सहायता देने के लिए सम्मानित किया गया था जिसमें ‘बग्स' को ठीक करना, नए उपकरण बनाना और तकनीकी संपर्क पहल का नेतृत्व करना शामिल था। बयान के अनुसार, सिद्धार्थ एक दशक से अधिक समय से विकिमीडिया परियोजनाओं में तकनीकी स्वयंसेवक रहे हैं और उनके सहकर्मी स्क्रिप्ट, बॉट्स और उपकरणों पर उनके काम की बहुत सराहना करते हैं, जो परियोजनाओं के सुचारू संचालन में योगदान में मदद करते हैं।
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नयी दिल्ली. बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के कार्यभार संभालने की संभावना के बीच भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि बांग्लादेश के लोगों का हित उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। भारत ने बांग्लादेश में जल्द कानून-व्यवस्था बहाल होने की भी उम्मीद जताई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘जहां तक भारत का सवाल है, बांग्लादेश के लोगों के हित हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं।'' उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में स्थिति अभी लगातार बदल रही है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत से कब जाएंगी, इस बारे में सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमें उनकी योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं है।'' बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों की खबरों के बारे में सवाल पर जायसवाल ने कहा कि भारत स्थिति पर नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि भारत बांग्लादेश में भारतीय मिशन, वहां तैनात कर्मियों और वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के संपर्क में है।
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नयी दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस से पहले हर घर तिरंगा अभियान आयोजित करने के आह्वान के बाद भाजपा अगले सप्ताह पूरे देश में इसे शुरू करेगी। गत 28 जुलाई को अपने मासिक ‘मन की बात' रेडियो प्रसारण में मोदी ने हर घर तिरंगा अभियान के बारे में बात की और लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ सेल्फी ‘हर घर तिरंगा डॉट कॉम' वेबसाइट पर अपलोड करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान समाज के हर वर्ग में लोकप्रिय हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने एक बयान में कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जुलाई में अपने मन की बात कार्यक्रम के 112वें संस्करण में हर घर तिरंगा अभियान को राष्ट्रीय उत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया था।” उन्होंने कहा कि भाजपा 11 अगस्त से 13 अगस्त तक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तिरंगा यात्रा निकालेगी। चुघ ने बताया कि 12, 13 और 14 अगस्त को स्वतंत्रता सेनानियों और युद्ध स्मारकों पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। चुघ ने बताया कि 14 अगस्त को सभी जिलों में मौन जुलूस निकालकर विभाजन स्मृति दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 13, 14 और 15 अगस्त को सभी घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराया जाएगा, जिससे ‘‘पूरा देश केसरिया, सफेद और हरे रंग के सागर में बदल जाएगा।'' चुघ ने कहा कि भाजपा पदाधिकारी, नेता और जनप्रतिनिधि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि तिरंगा देश भर के प्रत्येक बूथ तक पहुंचे। उन्होंने कहा, “भाजपा 2022 से पूरे देश के लोगों के साथ मिलकर हर घर तिरंगा अभियान को बड़े जोश और उत्साह के साथ मना रही है। इस अभियान में एक बार फिर देश भर के नागरिकों की व्यापक भागीदारी देखने को मिलेगी।” भाजपा ने अभियान के लिए “व्यापक तैयारियां” की हैं और पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने सभी पदाधिकारियों को इसकी सफलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
- कोलकाता। बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री व दिग्गज वामपंथी नेता बुद्धदेव भट्टाचार्य का गुरुवार को निधन हो गया। 80 साल की उम्र में सुबह 8.20 बजे कोलकाता स्थित अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्हें सांस लेने में दिक्कत थी। इसकी वजह से उन्हें कई बार अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था। उनके निधन की सूचना सामने आते ही राजनीतिक जगत में शोक की लहर छा गई है। उनके बेटे सुचेतन भट्टाचार्य ने उनकी मौत की पुष्टि की।दस साल तक रहे सीएमबंगाल में वाम मोर्चा के 34 साल के शासन के दौरान बुद्धदेव भट्टाचार्य दूसरे और आखिरी सीपीएम मुख्यमंत्री थे। माकपा नेता वर्ष 2000 से 2011 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। भट्टाचार्य ने 2015 में सीपीआई (एम) के पोलित ब्यूरो और केंद्रीय समिति से इस्तीफा दे दिया था और 2018 में पार्टी के राज्य सचिवालय की सदस्यता भी छोड़ दी थी।राजकीय सम्मान के साथ विदा होंगे बुद्धदेव भट्टाचार्य: ममता बनर्जीबुद्धदेव भट्टाचार्य के निधन पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुख जताया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा," मुख्यमंत्री श्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के आकस्मिक निधन से स्तब्ध और दुखी हूं। मैं उन्हें पिछले कई दशकों से जानती हूं और पिछले कुछ वर्षों में जब वे बीमार थे तो मैंने उनसे कई बार मुलाकात की। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार के साथ मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। उन्होंने आगे कहा कि मैं सीपीआई(एम) पार्टी के सदस्यों और उनके सभी अनुयायियों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ। हमने पहले ही यह निर्णय ले लिया है कि हम उनकी अंतिम यात्रा और संस्कार के दौरान उन्हें पूरा सम्मान और औपचारिक सम्मान देंगे।शुक्रवार को होगा अंतिम संस्कारमाकपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सलीम ने बताया कि शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। शुक्रवार शाम 4:00 बजे माकपा के प्रदेश मुख्यालय अलीमुद्दीन स्ट्रीट से उनकी अंतिम यात्रा निकलेगी।
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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को जिला न्यायाधीशों को दी जा रही बहुत कम पेंशन से संबंधित मुद्दों का केंद्र से जल्द से जल्द समाधान करने को कहा।प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के अध्यक्षता वाले पीठ ने कहा, ‘हम जिला न्यायपालिका के संरक्षक होने के नाते आपसे (अटार्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल से) आग्रह करते हैं कि आप न्यायमित्र के साथ बैठकर कोई रास्ता निकालें।’
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि इनमें से कुछ मामले ‘बहुत पेचीदा’ हैं। उन्होंने कैंसर से पीड़ित एक जिला न्यायाधीश के मामले का उल्लेख किया और कहा कि पेंशन से संबंधित शिकायतों को उठाते हुए जिला न्यायाधीशों द्वारा उच्चतम न्यायालय में कई याचिकाएं दायर की जा रही हैं। पीठ में न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे। पीठ ने कहा, ‘जिला न्यायाधीशों को केवल 15,000 रुपये पेंशन मिल रही है। जिला न्यायाधीश उच्च न्यायालयों में आते हैं और आमतौर पर उन्हें 56 और 57 वर्ष की आयु में उच्च न्यायालयों में पदोन्नत किया जाता है और वे 30,000 रुपये प्रति माह पेंशन को लेकर सेवानिवृत्त होते हैं।’

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