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- कैंसर दवा, सोना-चांदी, प्लेटिनम, मोबाइल फोन, मोबाइल चार्जर, बिजली के तार, एक्सरे मशीन, सोलर सेट्स, लेदर और सीफूडस। मोबाइल और चार्जर पर कस्टम ड्यूटी घटकर 15त्न हुई। सोना और चांदी के गहनों पर कस्टम्स ड्यूटी घटकर 6त्न हुई।
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नयी दिल्ली. बांग्लादेश में हिंसक झड़पों के बीच 4,500 से अधिक भारतीय छात्र स्वदेश लौट आए हैं। इन झड़पों में 100 से अधिक लोग मारे गए हैं। विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि नेपाल के 500, भूटान के 38 और मालदीव का एक छात्र भी भारत पहुंचा है। मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘अब तक 4,500 से अधिक भारतीय छात्र स्वदेश लौट आए हैं। उच्चायोग भारतीय नागरिकों के सीमा प्रवेश स्थल तक सुरक्षित यात्रा की व्यवस्था कर रहा है।'' मंत्रालय ने कहा कि ढाका में भारतीय उच्चायोग और चटगांव, राजशाही, सिलहट और खुलना में सहायक उच्चायोग भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी में सहायता कर रहे हैं। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘विदेश मंत्रालय भारतीय नागरिकों के लिए बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर सुचारू मार्ग सुनिश्चित करने के लिए संबंधित भारतीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।'' विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा था कि बांग्लादेश में लगभग 15,000 भारतीय नागरिक हैं, जिसमें 8,500 छात्र शामिल हैं। बांग्लादेश में हिंसक झड़पें जारी हैं। प्रदर्शनकारी छात्र मांग कर रहे हैं कि शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार विवादास्पद नौकरी-कोटा प्रणाली को खत्म करे।
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जम्मू. जम्मू स्थित भगवती नगर आधार शिविर से 3,281 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर में दर्शन के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रविवार तड़के रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया कि 111 वाहनों में सवार 3,281 तीर्थयात्रियों के 25वें जत्थे ने तड़के 2 बज कर 55 मिनट पर भगवती नगर आधार शिविर से आगे की यात्रा शुरू की। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने जत्थे को सुरक्षा मुहैया कराई। अधिकारियों के मुताबिक, जत्थे में शामिल 1,979 तीर्थयात्री अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे मार्ग से अमरनाथ गुफा मंदिर जाने के लिए पहलगाम पहुंचेंगे, जबकि बाकी 1,302 तीर्थयात्रियों ने गांदेरबल जिले में 14 किलोमीटर के अपेक्षाकृत छोटे, लेकिन कठिन बालटाल मार्ग को यात्रा के लिए चुना है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 29 जून को अमरनाथ यात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई थी। अब तक 3.80 लाख से अधिक श्रद्धालु 3,800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। अमरनाथ यात्रा 19 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन श्रावण पूर्णिमा पर समाप्त होगी। पिछले साल, 4.5 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे।
- नयी दिल्ली। , देश के वित्तीय क्षेत्र के लिए परिदृश्य उज्ज्वल है, लेकिन उसे ‘झटकों' के लिए तैयार रहने की जरूरत है। संसद में सोमवार को पेश 2023-24 की आर्थिक समीक्षा में यह कहा गया है। इसमें कहा गया है कि देश का वित्तीय क्षेत्र तेजी के रास्ते पर है। कर्ज के लिए बैंक पर निर्भरता कम हो रही है और पूंजी बाजार की भूमिका बढ़ रही है। भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में यह बदलाव लंबे समय से प्रतीक्षित और स्वागतयोग्य है। इसमें कहा गया है, ‘‘हालांकि, पूंजी बाजार पर निर्भरता और उसके उपयोग की अपनी चुनौतियों भी हैं। ऐसे समय जब, भारत का वित्तीय क्षेत्र इस महत्वपूर्ण परिवर्तन से गुजर रहा है, उसे झटकों के लिए भी तैयार रहना होगा। साथ ही जरूरी हस्तक्षेप और जोखिम से बचाव को लेकर नियामकीय और सरकारी नीतियों के साथ स्वयं को तैयार करने की भी जरूरत है।'' इसमें कहा गया है, ‘‘आने वाले समय में कंपनियों और बैंकों के मजबूत बही-खाते निजी निवेश को और मजबूत करेंगे। आवासीय रियल एस्टेट बाजार में सकारात्मक रुझान से संकेत मिलता है कि परिवारों के स्तर पर पूंजी निर्माण काफी बढ़ रहा है।'' मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन और उनकी टीम द्वारा तैयार समीक्षा में कहा गया है कि चूंकि भारत 2047 तक एक विकसित देश बनने के लक्ष्य पर आगे बढ़ रहा है, इसलिए यह जरूरी है कि वैश्विक स्तर पर वित्तीय मध्यस्थता की लागत में कमी आए। समीक्षा के अनुसार, वित्तीय क्षेत्र को पूंजी निर्माण का समर्थन करने और एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) में व्यापार, व्यवसाय और निवेश को बढ़ावा देने की जरूरत है ताकि उन्हें बड़े पैमाने का बनाया जा सके। इसमें कहा गया है, ‘‘इसे सभी नागरिकों को बीमा सुरक्षा और सेवानिवृत्ति सुरक्षा प्रदान करने की भी जरूरत है। देश में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में बीमा और पेंशन कोष संपत्तियों की हिस्सेदारी क्रमशः 19 प्रतिशत और पांच प्रतिशत है, जबकि अमेरिका में यह 52 प्रतिशत और 122 प्रतिशत है। वहीं ब्रिटेन में यह 112 प्रतिशत और 80 प्रतिशत है। यानी इसमें आगे सुधार की काफी गुंजाइश है।'' समीक्षा में सिफारिश की गयी है कि वित्तीय क्षेत्र की सार्वजनिक और निजी कंपनियों को ग्राहक-केंद्रित बनना होगा। इसके बिना, कोई भी आंकड़े बेमानी हैं।
- नयी दिल्ली ।'भारत को पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की जरूरत है। सोमवार को संसद में पेश आर्थिक समीक्षा 2023-24 में यह बात कही गई है। इस क्षेत्र ने कृत्रिम मेधा (एआई), संरक्षणवाद और आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण सेवा और विनिर्माण उद्योगों में चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच रोजगार सृजन के लिए अपेक्षाकृत आसान अवसर मुहैया कराए हैं। समीक्षा के अनुसार, भारत के पर्यटन उद्योग ने कोविड महामारी के बाद वापसी की है और 2023 में 92 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों का आगमन हुआ। यह 43.5 प्रतिशत की सालाना वृद्धि है। होटल उद्योग ने भी 14,000 कमरों को जोड़कर 2023 में सबसे अधिक नई आपूर्ति करके पर्यटकों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए कदम बढ़ाया है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की यात्रा और पर्यटन विकास सूचकांक (टीटीडीआई) 2024 रिपोर्ट का हवाला देते हुए आर्थिक समीक्षा ने पर्यटक सेवाओं और बुनियादी ढांचे में सुधार और कुशल कार्यबल के विकास की जरूरत पर जोर दिया है।आर्थिक समीक्षा कहती है, “एआई के उदय के कारण सेवाओं में और संरक्षणवाद, परिवहन लागत और आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण विनिर्माण में रोजगार सृजन के लिए चुनौतीपूर्ण माहौल है। इसमें पर्यटन क्षेत्र रोजगार सृजन के लिए अपेक्षाकृत आसान क्षेत्र है। भारत को इस अवसर का लाभ उठाना होगा।” इस क्षेत्र में रोजगार को संगठित बनाने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने अतुल्य भारत पर्यटन सुविधा प्रदाता प्रमाणपत्र कार्यक्रम शुरू किया है। इसमें कहा गया है कि इसका उद्देश्य एक डिजिटल मंच के माध्यम से देशभर में पर्यटक सुविधा प्रदाताओं का एक कुशल कैडर तैयार करना है, जो ऑनलाइन शिक्षण के अवसर और प्रमाणन पाठ्यक्रम प्रदान करता है। समीक्षा में स्वीकार किया गया है कि भारत का यात्रा और पर्यटन (टीएंडटी) क्षेत्र अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तरह वैश्विक मुद्रास्फीतिक दबाव और क्षमता में देरी से प्रभावित हुआ है। इसमें कहा गया, “हालांकि, 2021 से मूल्य प्रतिस्पर्धा में गिरावट अपने समकक्षों की तुलना में न्यूनतम रही है और इसमें केवल 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई है। भारत ने पिछले साल पर्यटन से 2.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा अर्जित की हैं, जो 65.7 प्रतिशत की सालाना वृद्धि है। समीक्षा में कहा गया कि विश्व पर्यटन प्राप्तियों में देश की विदेशी मुद्रा आय का हिस्सा 2021 के 1.38 प्रतिशत से बढ़कर 2022 में 1.58 प्रतिशत हो गया है। समीक्षा के अनुसार, इसी प्रकार होटल उद्योग पर्यटकों की बढ़ती हुई आवश्यकताओं को पूरा करने तथा समग्र अतिथि अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आगे आया है। समीक्षा में कहा गया कि होटल भी नवीन परिचालन रणनीतियों को अपना रहे हैं। इसमें बाहरी रेस्तरां, स्पा और लाउंज ब्रांड को पट्टे पर लेना या उनका प्रबंधन करना आदि शामिल है। वित्त वर्ष 2023-24 में होटल क्षेत्र में कमरों का दैनिक किराया 6,704 रुपये से बढ़कर 7,616 रुपये हो गया, जो कि वित्त वर्ष 2022-23 की तुलना में 13.6 प्रतिशत की वृद्धि है। समीक्षा में कहा गया है कि पर्यटन क्षेत्र ने डिजिटल क्रांति को अपनाया है। इसमें कहा गया, “ई-मार्केटप्लेस ऐसी ही एक पहल है, जिसे वेब और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से पर्यटकों और प्रमाणित पर्यटक सुविधा प्रदाताओं तथा गाइड के बीच बातचीत को सुविधाजनक बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।'
- नयी दिल्ली। देश में बढ़ते कार्यबल को देखते हुए गैर-कृषि क्षेत्र में 2030 तक सालाना औसतन 78.5 लाख नौकरियां सृजित करने की जरूरत है। संसद में सोमवार को पेश 2023-24 की आर्थिक समीक्षा में यह कहा गया है। समीक्षा में नौकरियों की संख्या का एक व्यापक अनुमान दिया गया गया है। बढ़ते कार्यबल के लिए इन नौकरियों को देश में सृजित करने की जरूरत है। इसमें कहा गया कि कामकाजी उम्र में हर कोई नौकरी की तलाश नहीं करेगा। उनमें से कुछ खुद का रोजगार करेंगे और कुछ नियोक्ता भी होंगे। समीक्षा में कहा गया है कि आर्थिक वृद्धि नौकरियों से ज्यादा आजीविका पैदा करने के बारे में है। इसके लिए सभी स्तर पर सरकारों और निजी क्षेत्र को मिलकर प्रयास करना होगा। इसमें कहा गया है कि कार्यबल में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी धीरे-धीरे घटकर 2047 में 25 प्रतिशत रह जाएगी, जो 2023 में 45.8 प्रतिशत थी। समीक्षा में कहा गया है, ‘‘परिणामस्वरूप, भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ते कार्यबल की जरूरतों को पूरा करने के लिए गैर-कृषि क्षेत्र में 2030 तक सालाना औसतन लगभग 78.5 लाख नौकरियां सृजित करने की जरूरत है।'' इसमें सुझाव दिया गया है कि गैर-कृषि क्षेत्र में प्रतिवर्ष 78.5 लाख नौकरियों की मांग में पीएलआई योजना (5 वर्षों में 60 लाख रोजगार सृजन), मित्र कपड़ा योजना (20 लाख रोजगार सृजन) और मुद्रा जैसी मौजूदा योजनाएं पूरक भूमिका निभा सकती हैं। इसमें कहा गया है कि बढ़ते कार्यबल को संगठित रूप देने, उन क्षेत्रों में रोजगार सृजन की सुविधा प्रदान करने, जो कृषि से स्थानांतरित होने वाले श्रमिकों को अपना सकते हैं और नियमित वेतन/वेतन रोजगार वाले लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा लाभ सुनिश्चित करने की चुनौतियां भी मौजूद हैं। समीक्षा में सुझाव दिया गया है कि राज्य सरकारें अनुपालन बोझ को कम करके और भूमि पर कानूनों में सुधार करके रोजगार सृजन में तेजी ला सकती हैं।
- नई दिल्ली। आर्थिक समीक्षा 2023-24 में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 6.5 से 7 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट सत्र के पहले दिन लोकसभा में आर्थिक समीक्षा प्रस्तुत की। समीक्षा के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 में अनिश्चित वैश्विक आर्थिक स्थिति के बावजूद घरेलू वित्तीय गतिविधियों में वृद्धि ने आर्थिक विकास में मदद की है। समीक्षा में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में सेवा क्षेत्र का उल्लेखनीय योगदान जारी है और वित्त वर्ष 2024 में देश की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का योगदान 55 प्रतिशत रहा। अंतरिम आंकड़ों के अनुसार सेवा क्षेत्र में सात दशमलव छह प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। आर्थिक समीक्षा बताती है कि 2024 के लिए वैश्विक व्यापार का सकारात्मक माहौल बना रहेगा। समीक्षा के अनुसार वैश्विक वित्तीय बाजारों ने नई ऊंचाई हासिल की है और निवेशक वैश्विक आर्थिक विस्तार का जोखिम उठा रहे हैं। समीक्षा में व्यापार और सेवा निर्यात में बढोतरी का अनुमान लगाया गया है।भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ० वी० अनंत नागेश्वरन ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि अर्थव्यवस्था में वृद्धि की रफ्तार बनी हुई है। उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र का आने वाले वर्षों में अच्छा कामकाज रहेगा। आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा सामान्य वर्षा के पूर्वानुमान और दक्षिण पश्चिम मानसून के संतोषजनक प्रसार से कृषि क्षेत्र के प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मांग बहाल करने में मदद मिलेगी।कृषि क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों में औसतन चार दशमलव एक-आठ प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गयी है। आर्थिक समीक्षा में बताया गया है कि छोटे किसान बड़े मूल्य वाली कृषि गतिविधि की ओर बढ़ेंगे। समीक्षा के अनुसार छोटे किसानों की आय बढ़ने से विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादों की मांग बढेगी और यह इस क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। भारत का कृषि क्षेत्र देश की लगभग 42 दशमलव तीन प्रतिशत जनसंख्या को आजीविका प्रदान करता है और मौजूदा दरों पर देश के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 6.2 % है।मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ० नागेश्वरन ने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था को 2030 तक कृषि से इत्तर क्षेत्रों में हर वर्ष लगभग अठहत्तर लाख से अधिक रोजगार पैदा करने होंगे। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत में बुनियादी क्षेत्रों के विस्तार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। डॉ० नागेश्वन ने बताया कि 2014 में जहां 11 दशमलव 7 किलोमीटर प्रति दिन सडक का निर्माण होता था वह 2024 में तीन गुणा बढकर 34 किलोमीटर प्रति दिन हो गया है।आर्थिक समीक्षा के अनुसार भारत की सेवाओं के निर्यात में चार दशमलव नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई और 2024 में यह तीन सौ 41 अरब अमरीकी डॉलर रहा। सेवाओं के निर्यात में सूचना प्रौद्योगिकी सॉफ्टवेयर सेवाओं और अन्य व्यापार सेवाओं का प्रमुख योगदान रहा।आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था जन कल्याण, सशक्तिकरण, कार्यदक्षता के दृष्टिकोण के साथ आगे बढ रही है और इसमें निजी क्षेत्र तथा समाज के सभी वर्गों की भागीदारी बढी है।महंगाई के बारे में आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025 में मुद्रास्फीति की मुख्य दर साढ़े चार प्रतिशत और वित्त वर्ष 2026 में चार दशमलव एक प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत के लिए 2024 में मुद्रास्फीति चार दशमलव छह प्रतिशत और 2025 में चार दशमलव दो प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।आर्थिक समीक्षा 2023 – 2024 के अनुसार जहां वैश्विक स्तर पर राजकोषीय घाटा और ऋण का बोझ बढ़ता जा रहा है वहीं भारत में राजकोषीय स्थिरता की प्रक्रिया बनी हुई है। समीक्षा में बताया गया है कि केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2023 के राजकोषीय घाटे को 6.4 प्रतिशत से घटाकर 2025 में सकल घरेलू उत्पाद के 5.6 प्रतिशत तक ले आई। समीक्षा में यह भी कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026 तक भारत का राजकोषीय घाटा कम होकर सकल घरेलू उत्पाद का साढ़े चार प्रतिशत या इससे कम रहने का अनुमान है।
- अंबाला । हरियाणा के अंबाला में एक रिटायर्ड सूबेदार ने वहशियाना हरकते करते हुए धारदार हथियार से परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर दी। मरने वालों में 6 माह का बेटा और 5 साल की बेटी भी शामिल है। आरोपी ने अपने पिता और भाई की बड़ी बेटी पर भी हमला किया था, उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।अपने ही भाई के परिवार की हत्या करने वाला शख्स रिटायर्ड फौजी बताया जा रहा है। जो हत्या के बाद मौका ए वारदात से फरार हो गया। हत्यारोपी की बहन के मुताबिक परिवार में जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। घटना अंबाला के नारायणगढ़ के गांव रातोर की है। बताया जा रहा है कि रिटायर्ड फौजी ने रविवार देर रात हत्या को अंजाम दिया और देर रात तीन बजे शवों को जलाने की भी कोशिश की.। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने धारदार हथियार से जिन लोगों की हत्या की है.। उसमें मां, भाई, भाई की पत्नी और उसके दो बच्चे शामिल है.।मृतकों की पहचान 35 वर्षीय हरीश कुमार, 32 वर्षीय सोनिया, 65 वर्षीय सरोपी देवी, पांच वर्षीय यशिका और छह महीने का मयंक के रूप में हुई है। इसके अलावा दो लोग गंभीर रुप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए चंडीगढ़ रेफर किया गया है.। मृतक की बहन ने बताया कि परिवार में पिछले कुछ समय से जमीन को लेकर झगड़ा चल रहा था। . ये घटना क्यों की गई है, इस बारे में मुझे भी ज्यादा जानकारी नहीं है.। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड के पीछे की वजह जमीनी विवाद बताई जा रही है. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार है।अंबाला के एसपी ने घटनास्थल का मुआयना किया और पुलिस ने अधजले शवों को कब्जे में लेकर अंबाला कैंट हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम के लिए भेजाया. बता दें कि आग की चपेट में आने से एक बच्ची करीब 90 फीसदी जल गई और उसका इलाज चल रहा है.या वहीं, अस्पताल के एक डॉक्टर के अनुसार, अंबाला कैंट सिविल अस्पताल में पांच शव लाए गए थे, जिनमें पति-पत्नी, एक बुजुर्ग महिला और दो बच्चों के शव शामिल हैं.। फिलहाल पुलिस ने इस हत्याकांड के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें बना दी है.। साथ ही पुलिस की टीम आरोपी की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दे रही है।
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नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस, 2025 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कार-2025 के लिए नामांकन/सिफारिश 01 मई, 2024 से शुरू हो गई हैं। पद्म पुरस्कारों के नामांकन की अंतिम तारीख 15 सितंबर, 2024 है। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन/सिफारिश केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in पर ऑनलाइन प्राप्त की जाएंगी।
पद्म पुरस्कार, अर्थात पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं। वर्ष 1954 में स्थापित, इन पुरस्कारों की घोषणा प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। इन पुरस्कारों के अंतर्गत ‘उत्कृष्ट कार्य’ के लिए सम्मानित किया जाता है। पद्म पुरस्कार कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान एवं इंजीनियरी, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार एवं उद्योग आदि जैसे सभी क्षेत्रों/विषयों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवा के लिए प्रदान किए जाते हैं। जाति, व्यवसाय, पद या लिंग के भेदभाव के बिना सभी व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। चिकित्सकों और वैज्ञानिकों को छोड़कर अन्य सरकारी सेवक, जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वाले सरकारी सेवक भी शामिल है, पद्म पुरस्कारों के पात्र नहीं हैं।सरकार पद्म पुरस्कारों को “पीपल्स पद्म” बनाने के लिए कटिबद्ध है। अत:, सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे नामांकन/सिफारिशें करें। नागरिक स्वयं को भी नामित कर सकते हैं। महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों, दिव्यांग व्यक्तियों और समाज के लिए निस्वार्थ सेवा कर रहे लोगों में से ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने के ठोस प्रयास किए जा सकते हैं जिनकी उत्कृष्टता और उपलब्धियां वास्तव में पहचाने जाने योग्य हैं।नामांकन/सिफारिशों में पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूप में निर्दिष्ट सभी प्रासंगिक विवरण शामिल होने चाहिए, जिसमें वर्णनात्मक रूप में एक उद्धरण (citation) (अधिकतम 800 शब्द) शामिल होना चाहिए, जिसमें अनुशंसित व्यक्ति की संबंधित क्षेत्र/अनुशासन में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवा का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया हो। इस संबंध में विस्तृत विवरण गृह मंत्रालय की वेबसाइट (https://mha.gov.in) पर ‘पुरस्कार और पदक’ शीर्षक के अंतर्गत और पद्म पुरस्कार पोर्टल (https://padmaawards.gov.in) पर उपलब्ध हैं। इन पुरस्कारों से संबंधित संविधि (statutes) और नियम वेबसाइट https://padmaawards.gov.in/AboutAwards.aspx पर उपलब्ध हैं। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में विश्व धरोहर समिति के 46वें सत्र का उद्घाटन किया। भारत पहली बार विश्व धरोहर समिति की बैठक की मेजबानी कर रहा है। यह बैठक जो इस महीने की 31 तारीख तक जारी रहेगी। इस अवसर पर श्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने और विरासत संरक्षण प्रयासों में स्थानीय समुदायों को शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत की विरासत केवल इतिहास नहीं बल्कि विज्ञान भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार, देश के 350 से अधिक प्राचीन विरासत स्थलों को वापस लायी है। उन्होंने कहा कि प्राचीन विरासत की वापसी वैश्विक उदारता और इतिहास के प्रति सम्मान को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आयोजन, दुनिया की सबसे पुरानी जीवित सभ्यताओं में से एक, भारत में हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र के लिए दस लाख डॉलर का योगदान देगा। उन्होंने कहा कि इस अनुदान का उपयोग क्षमता निर्माण, तकनीकी सहायता और विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण के लिए किया जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि अनुदान का उपयोग विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों के लिए किया जाएगा।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का दृष्टिकोण विकास भी है और विरासत भी। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत ने आधुनिक विकास के नए आयाम छुए हैं और अपनी विरासत को संरक्षित करने के लिए अभूतपूर्व कदम भी उठाए हैं। श्री मोदी ने कहा कि पूर्वोत्तर के ऐतिहासिक मोइदाम को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि यह भारत का 43वां विश्व धरोहर स्थल और पूर्वोत्तर भारत की पहली धरोहर होगी, जिसे सांस्कृतिक विश्व धरोहर का दर्जा दिया गया है।इस अवसर पर, संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को भारत की समृद्ध संस्कृति, विरासत और इसकी विविधता को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने में सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का प्रदर्शन करेगा। श्री शेखावत ने कहा कि बैठक के दौरान विश्व धरोहर सूची में नए स्थलों को नामांकित करने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की जाएगी। -
नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र आज शुरू हो रहा है। 12 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में 16 बैठकें होंगी। इस सत्र में मुख्य रूप से केन्द्रीय बजट 2024-25 से संबंधित वित्तीय कार्य निपटाए जाएंगे। दोनों सदनों की सुचारू कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए कल सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार किसी भी विषय पर खुले मन से चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि संसद की सुचारू कार्यवाही सुनिश्चित करना सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है। श्री रिजिजू ने बहुमूल्य सुझव देने के लिए विभिन्न दलों के सदन नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया और बजट सत्र के सुचारू संचालन के लिए सबसे सहयोग का अनुरोध किया। सर्वदलीय बैठक के दौरान लोकसभा में सदन के उपनेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर ध्यान दिलाने के लिए सभी नेताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने कार्यवाही के दौरान सदन की गरिमा बनाए रखने पर बल दिया। कांग्रेस पार्टी ने कथित नीट पेपर लीक, रेलवे सुरक्षा, अग्निवीर योजना, केन्द्र-राज्य संबंध तथा मणिपुर और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति पर सदन में चर्चा की मांग की। पार्टी नेता जयराम रमेश ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कांग्रेस ने अर्थव्यवस्था से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की मांग की है।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन आज संसद में वित्तीय वर्ष 2023-24 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करेंगी। वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉक्टर वी. अनंत नागेश्वरन की देख-रेख में सर्वेक्षण दस्तावेज तैयार किया है। वित्त मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किये जाने के बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार आज दोपहर मीडिया को संबोधित करेंगे। अर्थव्यवस्था और आर्थिक वृद्धि के भावी परिदृश्य का रिपोर्ट कार्ड आर्थिक सर्वेक्षण अर्थव्यवस्था की स्थिति, संभावनाओं और नीतिगत चुनौतियों का विस्तृत ब्योरा देता है। यह अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के विश्लेषण के साथ रोजगार, सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि, मुद्रास्फीति और बजट घाटे से संबंधित डेटा उपलब्ध कराता है।भारत ने विश्व की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था का दर्जा बनाए रखा है। आर्थिक सर्वेक्षण ऐसे समय में प्रस्तुत किया जा रहा है जब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया है। जून महीने में रिजर्व बैंक ने आर्थिक वृद्धि दर अनुमान सात प्रतिशत से बढ़ाकर 7.2 दो प्रतिशत किया था। -
नई दिल्ली। श्रावण मास में होने वाली वार्षिक कांवड़ यात्रा आज से शुरू गई है। इस यात्रा के दौरान, बड़ी संख्या में भक्त गंगा नदी का पवित्र जल लाने के लिए उत्तराखंड में हरिद्वार, गौमुख और गंगोत्री जैसे तीर्थ स्थलों पर पहुंचते हैं। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के व्यवस्थाएं की हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार ने यात्रा के सुचारू संचालन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
दिल्ली पुलिस ने कांवड़ यात्रा के लिए यात्रा परामर्श जारी किया है। बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री दिल्ली पहुंचते हैं और उनमें से कई दिल्ली की सीमाओं से होते हुए हरियाणा और राजस्थान की तरफ जाते हैं। इस साल 15 से बीस लाख कांवड़ियों के इस यात्रा में शामिल होने का अनुमान है। इस दौरान, कांवड़ियों की आवाजाही और सड़कों के किनारे कांवड़ियों शिविरों की स्थापना के कारण कई स्थानों पर यातायात में रुकावट आती है। दिल्ली की यातायात पुलिस ने कहा है कि बाहरी रिंग रोड पर जीटी करनाल रोड से आने वाली सिटी बसों को छोड़कर सभी भारी वाहनों को सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग-24 की ओर मोड़ दिया जाएगा। उन्हें वज़ीराबाद रोड और जीटी रोड पर शाहदरा की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी।file photo - कोलकाता। केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा है कि बिजली क्षेत्र के लिए कोयले की ‘कोई कमी' नहीं है और केंद्र मांग को पूरा करने के लिए शुष्क ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि कोल इंडिया और वाणिज्यिक खदानों की उत्पादकता बढ़ाकर दीर्घकालिक मांग को पूरा किया जाएगा। कोयला एवं खान मंत्री रेड्डी ने कहा, “हम सभी ताप विद्युत संयंत्रों को कोयला उपलब्ध करा रहे हैं। हमने आयातित कोयले पर आधारित संयंत्रों से अनुरोध किया है कि वे अपनी तकनीक बदलकर घरेलू ईंधन का उपयोग करें। देश में कोयले की कोई कमी नहीं है।” कोयला उत्पादन में आमतौर पर मानसून के मौसम में बाधा आती है।उन्होंने विस्तृत जानकारी दिए बिना कहा कि वाणिज्यिक खदानों से संबंधित कुछ तकनीकी मुद्दों का समाधान किया जा रहा है। घरेलू ताप विद्युत संयंत्रों के लिए चार प्रतिशत आयातित कोयला मिश्रण से संबंधित बिजली मंत्रालय की सलाह पर मंत्री ने कहा कि कोल इंडिया सफलतापूर्वक उत्पादन बढ़ा रही है, लेकिन मिश्रण की सलाह ‘बिजली की मांग में अचानक वृद्धि के कारण ‘ब्लैकआउट' के जोखिम को कम करने' के लिए दी गई है। इस महीने की शुरुआत में कोयला मंत्रालय के नामित प्राधिकरण ने परिचालन और गैर-परिचालन दोनों प्रकार की निजी और वाणिज्यिक कोयला खदानों की स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक आयोजित की थी। बैठक के दौरान प्राधिकरण ने उन कोयला ब्लॉक को चालू करने की आवश्यकता पर जोर दिया जो विकास के उन्नत चरणों में हैं। विभाग ने कोयला उत्पादन बढ़ाने में सभी आवंटियों के प्रयासों की सराहना की और उनसे वित्त वर्ष 2024-25 के लिए प्रतिबद्ध उत्पादन लक्ष्यों को प्राप्त करने का आग्रह किया। कोयला मंत्रालय ने 57.5 करोड़ टन की अधिकतम क्षमता वाली 161 खदानों का आवंटन या नीलामी की है। इनमें से 58 को खदान खोलने की अनुमति मिल गई है और 54 चालू हैं। पिछले वर्ष इन खदानों से 14.7 करोड़ टन कोयला उत्पादन हुआ, जो देश के कुल कोयला उत्पादन का 15 प्रतिशत था। जून की शुरुआत में आयोजित समीक्षा बैठक में रेड्डी ने नीलामी के लिए और अधिक ब्लॉक की खोज पर जोर दिया।
- नई दिल्ली। आगामी मानसून सत्र के लिए राज्यसभा में सूचीबद्ध निजी विधेयकों में, न्यायाधीश जैसे संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों की सेवानिवृत्ति के बाद किसी राजनीतिक पार्टी में उनके शामिल होने पर रोक लगाने से संबंधित विधेयक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और ‘डीपफेक' पर विधेयक, तथा नागरिकता कानून में संशोधन से संबंधित एक विधेयक शामिल है। आगामी सत्र में, संसद के उच्च सदन में पेश करने के लिए कुल 23 निजी विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं।एक सूत्र ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद ए डी सिंह द्वारा सूचीबद्ध संविधान (संशोधन) विधेयक, 2024 का उद्देश्य (अनुच्छेद 124, 148, 319 और 324 का संशोधन और नए अनुच्छेद 220ए और 309ए को सम्मिलित करना), न्यायाधीश जैसे संवैधानिक पदों से सेवानिवृत्त होने वालों और निर्वाचन आयुक्तों को सेवानिवृत्ति के बाद राजनीतिक दलों में शामिल होने से रोकना है। ये विधेयक हालिया विवादों की पृष्ठभूमि में लाये गए हैं। ऐसा ही एक विवाद कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय से जुड़ा है, जिन्होंने पांच मार्च को अपने न्यायिक पद से इस्तीफा दे दिया था और दो दिन के भीतर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गये थे। जुलाई में, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश रोहित आर्य अपनी सेवानिवृत्ति के तीन महीने बाद भाजपा में शामिल हो गये थे। सिंह द्वारा सूचीबद्ध एक अन्य विधेयक में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में संशोधन कर पति द्वारा पत्नी से बलात्कार को अपराध के रूप में शामिल करने की मांग की गई है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद वी. शिवदासन ने दो विधेयक सूचीबद्ध किए हैं।तृणमूल कांग्रेस की सांसद मौसम नूर ने भी दो विधेयक सूचीबद्ध किए हैं। इनमें से एक का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता से कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करना है जबकि दूसरा ‘डीपफेक' को अपराध की श्रेणी में शामिल करने की मांग से संबंधित है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के पी.संदोष कुमार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी नियामक प्राधिकरण बनाने के लिए एक विधेयक सूचीबद्ध किया है। निजी विधेयक ऐसा विधेयक होता है जिसे वह सांसद पेश करता है जो सरकार का हिस्सा नहीं होता। वर्ष 1952 से अब तक दोनों सदनों द्वारा केवल 14 ऐसे विधेयक पारित किए गए हैं।
- नई दिल्ली। केंद्र ने केरल सरकार को निपाह वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए जन स्वास्थ्य उपायों को तत्काल लागू करने की सलाह दी है। मल्लपुरम जिले में निपाह वायरस से संक्रमित एक 14 वर्षीय लडके का उपचार चल रहा था, जिसकी रविवार को मृत्यु हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की बहु-सदस्यीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया टीम राज्य में तैनात की जाएगी। यह टीम मामले की जांच करने, महामारी के संपर्क की पहचान करने और तकनीकी सहायता प्रदान करने में राज्य की सहायता करेगी। मंत्रालय ने बताया कि निपाह वायरस रोग का प्रकोप पहले भी केरल के कोझिकोड जिले में वर्ष 2023 में हो चुका है। निपाह वायरस के वाहक, फल चमगादड हैं। चमगादड से प्रदूषित फल खाने से व्यक्ति के संक्रमित होने की संभावना बढ जाती है। केंद्र ने राज्य को पिछले 12 दिनों में सक्रिय संपर्क का पता लगाने, वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों को कड़ाई से क्वारंटीन करने और संक्रमण के संदिग्ध मामले को अलग करने जैसे जन-स्वास्थ्य उपाय कार्यान्वित करने की सलाह दी है।
- मुंबई। भाजपा और कांग्रेस ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले मीडिया से बातचीत के लिए अपनी-अपनी टीम की घोषणा कर दी है। प्रदेश में अक्टूबर महीने में चुनाव होने की संभावना है। राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रमुख घटक भाजपा ने 30 से अधिक नेताओं की सूची जारी की है जो हर रोज सुबह नौ बजे और शाम चार बजे मीडिया से बात करेंगे। भाजपा की इस सूची मे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, वकील उज्ज्वल निकम और हाल ही में विधान पार्षद चुनी गईं पंकजा मुंडे के अलावा नए लोगों को भी शामिल किया गया है.। प्रदेश भाजपा मीडिया संयोजक नवनाथ बन सभी नेताओं के साथ समन्वय करेंगे.।इन तीनों नेताओं के अलावा मुंबई भाजपा प्रमुख आशीष शेलार, पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे, विधान परिषद में भाजपा के नेता प्रवीण दरेकर, राज्य सरकार के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, गिरीश महाजन, विधायक नितेश राणे, अतुल भटकलकर, राम कदम और वरिष्ठ पार्टी नेता एवं उपाध्यक्ष माधव भंडारी को भी प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। पुणे से नवनिर्वाचित सांसद और केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल को पार्टी ने क्षेत्रीय मुद्दों के लिए प्रवक्ताओं की सूची में शामिल किया है।.कांग्रेस ने अपनी ओर से 15 नेताओं को नियुक्त किया है, ताकि वे भाजपा के कथित फर्जी विमर्श का भंडाफोड़ कर सकें और राज्य के लोगों को सच्चाई से अवगत करा सकें। पार्टी के एक नेता ने कहा कि भाजपा और इसका आईटी प्रकोष्ठ विपक्षी नेताओं की तस्वीरों और वीडियो से छेड़छाड़ करके बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा कर राज्य के लोगों को गुमराह कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को सच्चाई से अवगत कराने और सत्तारूढ़ पार्टी के झूठे प्रचार को रोकने के लिए महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला के निर्देशानुसार पंद्रह नेताओं और प्रवक्ताओं की एक टीम को जिम्मेदारी सौंपी है। कांग्रेस की सूची में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले, कांग्रेस विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट, विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं गोवा मामलों के प्रभारी माणिकराव ठाकरे तथा विधान परिषद में कांग्रेस नेता सतेज पाटिल शामिल हैं.। अन्य लोगों में पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री नसीम खान, सांसद चंद्रकांत हंडोरे, पूर्व मंत्री नितिन राउत, विधायक यशोमति ठाकुर, अमित देशमुख, विश्वजीत कदम, मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंधे, सचिन सावंत और चरण सिंह सपरा शामिल हैं।
- जम्मू। दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर में दर्शन के लिए जम्मू स्थित भगवती नगर आधार शिविर से 3,113 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था रविवार तड़के रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया कि इस जत्थे में 707 महिलाएं शामिल हैं।अनंतनाग के पहलगाम और गांदेरबल के बालटाल मार्ग से संचालित 52 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 29 जून को शुरू हुई थी। अभी तक लगभग 3.90 लाख श्रद्धालु 3,800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, 123 वाहनों में सवार 3,113 तीर्थयात्रियों के 24वें जत्थे ने तड़के 2.55 बजे भगवती नगर आधार शिविर से आगे की यात्रा शुरू की। इस जत्थे में 87 साधू और 15 साध्वी शामिल हैं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने जत्थे को सुरक्षा मुहैया कराई। अधिकारियों ने बताया कि 1,960 तीर्थयात्री अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे मार्ग से अमरनाथ गुफा मंदिर जाने के लिए पहलगाम पहुंचेंगे, जबकि बाकी 1,153 तीर्थयात्रियों ने गांदेरबल जिले में 14 किलोमीटर के अपेक्षाकृत छोटे, लेकिन कठिन बालटाल मार्ग को यात्रा के लिए चुना है। अमरनाथ यात्रा 19 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन श्रावण पूर्णिमा पर समाप्त होगी। पिछले साल, 4.5 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे।
- रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम के पैदल रास्ते पर रविवार सुबह पहाड़ी से हुए भूस्खलन की चपेट में आने से तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि मरने वालों में महाराष्ट्र के दो श्रद्धालु शामिल हैं।रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि हादसा सुबह करीब साढ़े सात बजे गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड से तीन किलोमीटर आगे चीड़वासा के पास हुआ, जहां पहाड़ी से अचानक आए मलबे और भारी पत्थरों की चपेट में वहां से गुजर रहे श्रद्धालु आ गए। रजवार के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा तलाश एवं बचाव अभियान शुरू किया। एसडीआरएफ के सूत्रों ने बताया कि मलबे से अब तक तीन श्रद्धालुओं के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि आठ लोगों को घायल अवस्था में निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है। तलाश अभियान अभी जारी है। सूत्रों के मुताबिक, ये श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए जा रहे थे और सुबह गौरीकुंड से पैदल चले थे। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान नागपुर (महाराष्ट्र) निवासी किशोर अरुण पराटे (31), जालना (महाराष्ट्र) निवासी सुनील महादेव काले (24) और तिलवाड़ा (रुद्रप्रयाग) के रहने वाले अनुराग बिष्ट के रूप में की गई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने घटना को दुखद बताते हुए ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने एवं शोकसंतत्प परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। धामी ने कहा, ''घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है। मैं लगातार अधिकारियों के संपर्क में हूं। हादसे में घायल हुए लोगों को त्वरित रूप से बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।''
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गुवाहाटी. पड़ोसी बांग्लादेश में पिछले कुछ दिन से जारी हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर असम के करीब 120 छात्र वहां से लौट आये। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अजय तिवारी ने बताया कि असम के छात्र अब तक करीमगंज जिले के सुतारकंडी और मेघालय के दावकी में एकीकृत जांच चौकियों के रास्ते भारत में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पूर्वोत्तर में छात्र एवं अन्य लोग असम, मेघालय और त्रिपुरा में एकीकृत जांच चौकियों के रास्ते भारत में प्रवेश कर रहे हैं। शनिवार रात तक असम के 76 छात्र दावकी से और 41 छात्र सुतारकंडी से भारत में प्रवेश कर चुके हैं।'' उन्होंने यह भी कहा कि बराक घाटी के छात्र ज़्यादातर सुतारकंडी के रास्ते आ रहे हैं, जबकि ब्रह्मपुत्र घाटी के छात्र दावकी की ओर से आ रहे हैं। तिवारी ने कहा कि अगले कुछ दिनों में और छात्रों के आने की उम्मीद है और असम सरकार ने उनके भारत में प्रवेश को आसान बनाने के लिए सुतारकंडी में एक मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को तैनात किया है।
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कोझिकोड. केरल में मलप्पुरम के 14 वर्षीय एक लड़के की निपाह वायरस से रविवार को मौत हो गई। उसका यहां इलाज किया जा रहा था। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने यह जानकारी दी। जॉर्ज ने बताया कि पांडिक्कड़ निवासी लड़के को रविवार सुबह 10.50 बजे दिल का दौरा पड़ा और उसे बचाया नहीं जा सका। जॉर्ज ने कहा, ‘‘उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। दिल का दौरा पड़ने के बाद उसे बचाने का बहुत प्रयास किया गया लेकिन सभी प्रयास विफल रहे और सुबह 11.30 बजे उसकी मौत हो गई।'' मंत्री ने कहा कि उसका अंतिम संस्कार अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के अनुरूप किया जाएगा।
जॉर्ज ने कहा, ‘‘जिलाधिकारी लड़के के माता-पिता और परिवार के साथ चर्चा करेंगे और उसके बाद ही अंतिम संस्कार के बारे में कोई फैसला किया जाएगा।'' -
नोएडा. उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्ध नगर की लुक्सर जेल में एक विचाराधीन कैदी द्वारा आत्महत्या करने के मामले में रविवार को तीन सिपाहियों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। गौतमबुद्ध नगर के जेल अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि बनारसी (42) नामक विचाराधीन कैदी ने 18 जुलाई को जेल में फंदा लगाकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी। सिंह ने बताया कि बनारसी बलरामपुर जिले का मूल निवासी था और यहां थाना जेवर में दर्ज हत्या के एक मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन सिपाहियों को निलंबित किया गया है तथा उनके खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जा रही है।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की कक्षा-6 की सामाजिक विज्ञान की नयी पाठ्यपुस्तक के अनुसार ग्रीनविच मध्यरेखा से काफी पहले भारत की अपनी प्रधान मध्यरेखा थी जिसे ‘मध्यरेखा' कहा जाता था और जो मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर से गुजरती थी। नए पाठ्यक्रम के अनुसार विकसित पाठ्यपुस्तक में जो बदलाव किए गए हैं उनमें जाति-आधारित भेदभाव का कोई उल्लेख नहीं किया गया है, भेदभाव के बारे में बी आर आंबेडकर के अनुभव के संदर्भ में बदलाव किया गया है और हड़प्पा सभ्यता को ‘सिंधु-सरस्वती' सभ्यता के रूप में संदर्भित किया गया है। पुस्तक के अनुसार, ‘‘ग्रीनविच भूमध्य रेखा पहली प्रधान मध्यरेखा नहीं है। अतीत में अन्य भी थीं। वास्तव में, यूरोप से कई शताब्दियों पहले, भारत की अपनी एक प्रधान मध्यरेखा थी। इसे मध्य रेखा कहा जाता था और यह उज्जयिनी (आज का उज्जैन) शहर से होकर गुजरती थी, जो कई शताब्दियों तक खगोल विज्ञान का एक प्रतिष्ठित केंद्र था।'' इसमें लिखा है, ‘‘प्रसिद्ध खगोलशास्त्री वराहमिहिर लगभग 1,500 साल पहले यहीं रहते थे और काम करते थे। भारतीय खगोलशास्त्री अक्षांश और देशांतर की अवधारणाओं से अवगत थे, जिसमें शून्य या प्रधान मध्य रेखा की आवश्यकता भी शामिल थी। उज्जयिनी मध्य रेखा सभी भारतीय खगोल ग्रंथों में गणनाओं के लिए एक संदर्भ बन गई।'' पाठ्यपुस्तक में अतीत से हटकर, ‘भारतीय सभ्यता का प्रारंभ' अध्याय में ‘सरस्वती' नदी का कई बार उल्लेख किया गया है। नयी पाठ्यपुस्तक में, सरस्वती नदी को ‘भारतीय सभ्यता का प्रारंभ' नामक अध्याय में प्रमुख स्थान दिया गया है, जहां हड़प्पा सभ्यता को ‘सिंधु-सरस्वती' के रूप में संदर्भित किया गया है। इसमें कहा गया है कि ‘सरस्वती' नदीघाटी में सभ्यता के प्रमुख शहरों-राखीगढ़ी और गणवेरीवाला के साथ-साथ छोटे शहर और कस्बे भी शामिल थे। इसके अनुसार, आज उक्त नदी को भारत में ‘घग्गर' के नाम से और पाकिस्तान में ‘हाकरा' के नाम से जाना जाता है तथा अब यह मौसमी नदी है।
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जयपुर. राजस्थान के गंगापुर सिटी जिले के बामनवास थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात 11 केवी लाईन के तार की चपेट में आने से करंट लगने से एक बुजुर्ग महिला और उसकी बहू की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को बताया कि पांच्या की ढाणी में बीती रात 11 केवी लाइन का तार टूटकर गिर जाने से खेत में काम कर रही मनभर देवी मीणा (60) और उनकी बहू सीमा मीणा (34) की करंट लगने से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि तार की चपेट में आने से खेत में बनी झोपड़ी में आग लग गई जिससे झोपड़ी में रखा सिलेंडर भी फट गया। रविवार सुबह ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने मृतक परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग भी की। प्रशासन द्वारा समझाने-बुझाने के बाद परिजन मान गये जिसके बाद दोनों का पोस्टमार्टम करवाया गया। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह दोनों महिलाओं के पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये।
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नयी दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की भारत इकाई ‘यूएनएफपीए- इंडिया' की प्रमुख एंड्रिया वोजनार ने कहा है कि भारत की बुजुर्ग आबादी 2050 तक दोगुनी हो जाने की संभावना है और देश में खासकर उन बुजुर्ग महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवा, आवास और पेंशन में अधिक निवेश किए जाने की जरूरत है, जिनके ‘‘अकेले रह जाने और गरीबी का सामना करने की अधिक आशंका है।'' ‘यूएनएफपीए-इंडिया' की ‘रेजिडेंट' प्रतिनिधि वोजनार ने विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) के कुछ दिन बाद ‘ एक साक्षात्कार में जनसंख्या के उन प्रमुख रुझानों को रेखांकित किया, जिन्हें भारत सतत विकास में तेजी लाने के लिए प्राथमिकता दे रहा है। इनमें युवा आबादी, वृद्ध जनसंख्या, शहरीकरण, प्रवासन और जलवायु के अनुसार बदलाव करना शामिल हैं। ये कारक सभी देश के लिए अनूठी चुनौतियां और अवसर पेश करते हैं। वोजनार ने कहा कि 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों की संख्या 2050 तक दोगुनी होकर 34 करोड़ 60 लाख हो जाने का अनुमान है, इसलिए स्वास्थ्य सेवा, आवास और पेंशन योजनाओं में निवेश बढ़ाने की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘...खासकर वृद्ध महिलाओं के लिए ऐसा करना आवश्यक है, जिनके अकेले रहने और गरीबी का सामना करने की अधिक आशंका है।''
‘यूएनएफपीए-इंडिया' प्रमुख ने कहा कि भारत में युवा आबादी काफी है और 10 से 19 वर्ष की आयु के 25 करोड़ 20 लाख लोग हैं। उन्होंने जिक्र किया कि लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, नौकरी के लिए प्रशिक्षण और रोजगार सृजन में निवेश करने से इस जनसांख्यिकीय क्षमता को भुनाया जा सकता है और देश को सतत प्रगति की ओर अग्रसर किया जा सकता है। वोजनार ने कहा, ‘‘भारत में 2050 तक 50 प्रतिशत आबादी शहर में होने का अनुमान है, इसलिए झुग्गी बस्तियों की वृद्धि, वायु प्रदूषण और पर्यावरणीय समस्याओं से निपटने के लिए स्मार्ट शहरों, मजबूत बुनियादी ढांचे और किफायती आवास का निर्माण महत्वपूर्ण है।'' उन्होंने कहा, ‘‘शहरी योजनाओं में महिलाओं की सुरक्षा संबंधी जरूरतों, स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा एवं नौकरियों तक पहुंच को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए, ताकि लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया जा सके और जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार हो सके।'' वोजनार ने यह भी कहा कि आंतरिक और बाहरी प्रवासन को प्रबंधित करने के लिए अच्छे से सोच-विचार कर योजना बनाने, कौशल विकास करने और आर्थिक अवसर वितरण की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि पति के किसी दूसरे स्थान पर जाने के कारण अकेली रहने वाली महिलाओं या प्रवासी महिलाओं के सामने आने वाली विशेष चुनौतियों से निपटना संतुलित विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के अनुसार बदलाव को विकास योजनाओं में शामिल करना और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश करना भारत के लिए महत्वपूर्ण है।वोजनार ने कहा, ‘‘जलवायु परिवर्तन प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है जिससे गर्भधारण करना कठिन हो सकता है, गर्भावस्था संबंधी जटिलताएं हो सकती हैं और आपात स्थितियों के दौरान स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच सीमित हो सकती है। इन मुद्दों से निपटना लैंगिक समानता और सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण है।'' उन्होंने कहा कि इन रुझानों पर ध्यान केंद्रित करके भारत अधिक सतत और न्यायसंगत विकास के लिए प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम को लागू करने वाला पहला देश है और उसने काफी प्रगति की है, लेकिन ‘‘कुछ चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं।'' वोजनार ने कहा, ‘‘एनएफएचएस-5 (2019-21) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, परिवार नियोजन की 9.4 प्रतिशत जरूरतें पूरी नहीं हुई हैं और अनियोजित गर्भधारण के 7.5 प्रतिशत मामले हैं। इस वर्ष की ‘थीम' विशेषकर उन क्षेत्रों में गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन संसाधनों तक पहुंच में सुधार के प्रयासों का समर्थन करती है जहां इसकी अत्यधिक आवश्यकता है।'' स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस की ‘थीम' के आधार पर ‘‘मां और बच्चे की भलाई के लिए गर्भधारण का उचित समय एवं अंतराल'' के बारे में जागरुकता पैदा करने के प्रयास कर रहा है क्योंकि ये मां और शिशु के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। विशेषज्ञों ने शिशु के जन्म के बाद महिला के फिर से गर्भवती होने के बीच कम से कम 24 महीने का अंतराल रखने की सलाह दी है। इससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम होता है और पारिवारिक बंधन मजबूत होते हैं। - नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय चुनावी बॉण्ड योजना की अदालत की निगरानी में जांच का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ दो गैर सरकारी संगठनों - ‘कॉमन कॉज' और ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन' (सीपीआईएल) की जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई कर सकती है। दोनों गैर सरकारी संगठनों की जनहित याचिका में राजनीतिक दलों और कंपनियों के बीच ‘‘स्पष्ट लेन-देन'' का आरोप लगाया गया है। चुनावी बॉण्ड योजना को एक ‘‘घोटाला'' करार देते हुए याचिका में ‘‘मुखौटा कंपनियों और घाटे में चल रही उन कंपनियों'' के वित्तपोषण के स्रोत की जांच का अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है, जिन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों को चंदा दिया। पांच-सदस्यीय संविधान पीठ ने 15 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) -नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा शुरू की गई गुमनाम राजनीतिक चंदे की ‘चुनावी बॉण्ड योजना' रद्द कर दी थी। भारतीय स्टेट बैंक ने शीर्ष अदालत के फैसले के बाद निर्वाचन आयोग के साथ आंकड़े साझा किए थे, जिन्हें आयोग ने बाद में सार्वजनिक किया था।




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