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नयी दिल्ली। भारतीय चिकित्सकों ने चिंता व्यक्त की है कि वायु प्रदूषण और तम्बाकू के सेवन के उच्च स्तर के कारण देश में फेफड़े से संबंधित बीमारियों का बोझ हाल में लैंसेट द्वारा किए गए अध्ययन में लगाए गए अनुमान से कहीं अधिक हो सकता है। मई में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, ‘इस्केमिक' हृदय रोग के दुनियाभर में मौत का प्रमुख कारण बने रहने की आशंका है। इसके बाद स्ट्रोक, मधुमेह और ‘क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज' (सीओपीडी) से मौत का अधिक खतरा है। ‘इस्केमिक' हृदय रोग आपके हृदय में रक्त के प्रवाह में कमी के कारण हृदय के कमजोर होने का संकेत है। आमतौर पर, यह कम रक्त प्रवाह कोरोनरी धमनी रोग का परिणाम होता है, एक ऐसी स्थिति जो तब होती है जब आपकी कोरोनरी धमनियां संकरी हो जाती हैं।
सीओपीडी फेफड़ों की एक बीमारी है जो वायु प्रवाह को बाधित करती है और इससे सांस लेने में समस्या पैदा होती है। यहां स्थित फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट में ‘इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी' के कार्यकारी निदेशक और कैथ लैब के प्रमुख डॉ. अतुल माथुर ने कहा, ‘‘खराब जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण यह सबसे बड़ी जानलेवा बीमारी बनी रहेगी।'' चिकित्सकों ने हालांकि यह भी चेतावनी दी कि भारत में फेफड़े से संबंधित बीमारियों का बोझ हाल में लैंसेट द्वारा किए गए अध्ययन में लगाए गए अनुमान से कहीं अधिक हो सकता है क्योंकि संक्रामक रोगों के साथ-साथ वायु प्रदूषण और धूम्रपान की चुनौतियां पहले से ही बनी हुई हैं। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में ‘इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट सर्जरी, चेस्ट ऑन्को सर्जरी और लंग ट्रांसप्लांटेशन' के अध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार ने कहा, ‘‘ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अभी भी संक्रामक बीमारियों की पुरानी समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिसमें टीबी भी शामिल है। दूसरी ओर, हमने फेफड़ों के कैंसर जैसी नई बीमारियों में भारी वृद्धि देखी है।'' मुंबई के पीडी हिंदुजा अस्पताल और चिकित्सा अनुसंधान केंद्र में सलाहकार पल्मोनोलॉजिस्ट और महामारीविज्ञानी डॉ. लैंसलॉट पिंटो के अनुसार वायु प्रदूषण और तम्बाकू सेवन के उच्च स्तर के कारण सीओपीडी मृत्यु दर के शीर्ष प्रमुख कारणों में से एक हो सकता है।
- देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कहा कि देश सेवा कर लौटने वाले प्रदेश के अग्निवीरों को राज्य के विभिन्न विभागों में समायोजित किया जाएगा तथा इसके लिए आरक्षण का प्रावधान भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अग्निवीर योजना लाए जाने के बाद उन्होंने सेना के अधिकारियों, पूर्व अधिकरियों, जवानों तथा अन्य लोगों के साथ बैठक की थी और 15 जून 2022 को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर घोषणा की थी कि उनकी सरकार पुलिस समेत राज्य के अन्य विभागों में देश सेवा करके आने वाले अग्निवीरों को समायोजित करेगी और उन्हें प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों के लिए आरक्षण का भी प्रावधान किया जाएगा। धामी ने कहा कि अग्निवीरों को समायोजित करने के लिए अगर कोई अधिनियम बनाना जरूरी होगा तो उसके लिए भी प्रस्ताव मंत्रिमंडल में लाकर उसे विधानसभा में रखा जाएगा ।
- नयी दिल्ली। भारत ने खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने, पशुओं और पौधों के स्वास्थ्य की रक्षा करने और उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जनवरी, 2020 से अबतक 300 से अधिक अधिसूचनाएं जारी की हैं। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। ये अधिसूचनाएं स्वच्छता और वनस्पति स्वास्थ्य उपायों (एसपीएस) तथा व्यापार में तकनीकी बाधाओं (टीबीटी) के तहत जारी की जाती हैं। इनकी अनुमति विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के तहत दी गई है। टीबीटी और एसपीएस गैर-शुल्क उपाय (एनटीएम) हैं। एसपीएस का इस्तेमाल खाद्य सुरक्षा और पशु तथा पौधों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के बुनियादी नियम तय करने के लिए किया जाता है। आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी, 2020 से भारत ने 62 एसपीएस और 247 टीबीटी अधिसूचनाएं जारी की हैं। डब्ल्यूटीओ के नियमों के अनुसार, सदस्य देशों को इन विनियमों के बारे में डब्ल्यूटीओ को सूचित करना होगा।
- नयी दिल्ली,। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) गिरीश चंद्र मुर्मू ने कहा है कि कृत्रिम मेधा (एआई) का वक्त आ चुका है और सर्वोच्च लेखा परीक्षा संस्थान (एसएआई) सार्वजनिक व्यय की गुणवत्ता में सुधार के लिए नयी प्रौद्योगिकियों का लाभ उठा रहा है। मुर्मू ने कहा, ‘‘जैसे-जैसे यह विकसित होगा, हम भी उसी के अनुसार खुद को विकसित करेंगे। जो भी चुनौतियां होंगी, हम उनका समाधान करने का प्रयास करेंगे। हम इससे संबंधित वैश्विक अनुभवों और व्यवहार का अनुसरण करेंगे और अपने अनुभवों को उनके साथ साझा करेंगे।'' उन्होंने हाल में कहा, ‘‘हमने लेखा परीक्षा व्यवहार को बेहतर बनाने के लिए एआई और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।'' उन्होंने कहा कि एआई, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स के तेजी से आगे बढ़ने के साथ पारंपरिक पद्धतियों को फिर से परिभाषित किया जा रहा है। इससे नवाचार और दक्षता के लिए अभूतपूर्व अवसर तैयार हुए हैं। मुर्मू ने कहा कि एआई ऑडिट के क्षेत्र में बदलाव के वाहक के रूप में उभरा है। एआई संचालित एल्गोरिदम और पूर्वानुमान विश्लेषण का उपयोग करके सटीक तरीके से बड़ी मात्रा में डेटा का विश्लेषण किया जा सकता है।
- नूह । हरियाणा सरकार ने सोमवार को नूह जिले में निकलने वाली ब्रज मंडल यात्रा से पहले एक बड़ा फैसला लिया है.। सरकार ने सुरक्षा के लिहाज से नूह जिले में कल 22 जुलाई शाम 18:00 बजे तक मोबाइल इंटरनेट और SMS सेवा पर रोक लगा दी है.। इसी दौरान पूरे जिले में मोबाइल इंटरनेट और SMS पर प्रतिबंध रहेगा। हरियाणा सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया कि जिला नूह में तनाव, परेशानी, आंदोलन, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक शांति और सौहार्द को भंग करने की आशंका है। . ऐसे में नूह जिले में मोबाइल इंटरनेट और SMS सेवा पर 24 घंटे के लिए रक लगाईं जा रही है। .हरियाणा सरकार की तरफ से कहा गया कि भड़काऊ सामग्री और झूठी अफवाहों के प्रसार के माध्यम से इंटरनेट सेवाओं के दुरुपयोग के कारण जिला नूह में सार्वजनिक उपयोगिताओं में व्यवधान, सार्वजनिक संपत्तियों और सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक कानून और व्यवस्था को भंग करने की स्पष्ट संभावना है। इसलिए सरकार की तरफ से यह फैसला लिया गया।
- लखनऊ।. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि व्यापक जनसहभागिता से राज्य में एक दिन में 36.50 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य हासिल कर नया कीर्तिमान रचा गया है। एक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम' आह्वान को समर्पित पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ वृक्षारोपण जन अभियान-2024 के अवसर पर पारिजात के पौधे का रोपण किया। इस अवसर मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आज उत्तर प्रदेश ने 36.50 करोड़ पौधारोपण कर कीर्तिमान बनाया है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर ‘एक पेड़ मां के नाम' के क्रम में लगभग हर मातृ शक्ति के नाम तीन-तीन पेड़ लगाने का कार्य अकेले उत्तर प्रदेश कर रहा है।'' मुख्यमंत्री ने इस नए रिकॉर्ड के लिए सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी है। आदित्यनाथ ने कहा कि विगत सात वर्षों में प्रदेश सरकार 168 करोड़ वृक्षारोपण का नया रिकॉर्ड बना चुकी है। उन्होंने कहा, ‘‘168 करोड़ पौधारोपण राज्य सरकार ने जनसहभागिता और प्रदेश के विभिन्न विभागों के माध्यम से किया था। जो पेड़ लगाए गए, उसमें से 75 से 80 प्रतिशत पेड़ आज भी सुरक्षित हैं।'' इसके पहले, लखनऊ में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर देशवासियों से ‘एक पेड़ मां के नाम लगाने' का आह्वान किया था। उन्होंने कहा, ‘‘पर्यावरणविद चिंतित हैं कि धरती के तापमान में वृद्धि सृष्टि के लिए नया संकट खड़ा करने जा रही है। यह संकट मनुष्य के स्वार्थ का नतीजा है, इसलिए इसे नियंत्रित करने की जिम्मेदारी भी मनुष्य पर ही होनी चाहिए।'' मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पौधारोपण महाअभियान के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम लगाने' का गौरव लगभग हर परिवार को मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश की कुल आबादी 25 करोड़ है और हम 36.50 करोड़ पौधे लगाकर रिकॉर्ड तोड़ने जा रहे हैं। हम आज (शनिवार) एक दिन के भीतर प्रदेश में हर मातृशक्ति के नाम पर तीन-तीन पेड़ लगाने जा रहे हैं। हमें पौधों को लगाना, बचाना और इनके जरिये पर्यावरण को संरक्षित करना है। एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शनिवार को उत्तर प्रदेश में ‘पौधारोपण महाअभियान' शुरू किया गया, जिसके तहत एक दिन में 36.50 करोड़ पौधे लगाए गए। योगी ने कहा, ‘‘मैंने हरिशंकरी (पौधा) भी लगाया है। इसके दूसरी तरफ शक्ति वन बनाया जा रहा है। यह भारत की नदी संस्कृति को बचाने का माध्यम बनेगा। यह हमें 'एक पेड़ मां के नाम' के साथ एक नई ताकत प्रदान करने में मार्गदर्शन करेगा।'' उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के 56 लाख लाभार्थियों के घरों में सहजन के पौधे लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने धरोहर वृक्षों, खासकर 100 साल से अधिक पुराने पेड़ों को संरक्षित करने के प्रयास भी तेज कर दिए हैं।
- नयी दिल्ली।. ग्वाटेमाला की कार्यकर्ता रिगोबेर्ता मेंचू तुम और मैक्सिको के राजनीतिज्ञ एवं व्यवसायी विक्टर गोंजालेज टोरेस को क्रमशः मानवाधिकार और स्वास्थ्य सेवा में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए गांधी-मंडेला पुरस्कार से सम्मानित किया गया। स्वदेशी आबादी के अधिकारों और जातीय-सांस्कृतिक सामंजस्य के लिए मेंचू की अथक वकालत के लिए उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय पुरुस्कारों से सम्मानित किया गया है। मेंचू को 1992 में नोबेल शांति पुरस्कार और 1998 में 'प्रिंसेस ऑफ ऑस्टुरियस पुरस्कार' से नवाजा गया था। गांधी-मंडेला फाउंडेशन ने एक बयान में कहा कि मेंचू का काम वैश्विक स्तर पर स्वदेशी अधिकारों के लिए लड़ाई को प्रेरित और नेतृत्व करता रहेगा। मैक्सिको में शुक्रवार को आयोजित एक समारोह में उन्हें यह पुरस्कार दिया गया।
- गोंडा (उप्र)। जिले के मनकापुर थाना क्षेत्र में शनिवार को एक सेवानिवृत्त रेलकर्मी की हत्या कर दी गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनीत जायसवाल ने बताया कि वजीरगंज थाना क्षेत्र के उपाध्याय पुर निवासी व रेलवे से सेवानिवृत्त परमेश्वरी चौहान (78) मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के भरहू गांव के पास मकान बनाकर अकेले रह रहे थे। उनकी पोती सरस्वती प्रतिदिन अपने घर से उनके लिए खाना लाती थी और उन्हें खाना देने के बाद चली जाती थी। एसपी ने बताया कि शनिवार को दिन में करीब डेढ़ बजे जब वह बाबा के मकान पर खाना लेकर पहुंची तो उनकी कुल्हाड़ी से मारकर हत्या की जा चुकी थी। बिस्तर पर ही एक कुल्हाड़ी रखी थी। शव पर कई स्थानों पर चोट के निशान मिले हैं। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। एसपी ने कहा कि मौके से साक्ष्य संकलन करके जांच शुरू कर दी गई है।
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हैदराबाद ।. तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक जवान की सर्विस हथियार से कथित तौर पर गलती से गोली चलने के कारण मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना उस समय हुई, जब सीआईएसएफ जवान बीडीएल-भानूर इकाई में शुक्रवार को रात्रि ड्यूटी पूरी करने के बाद हथियार जमा करने के लिए बस से उतरने वाला था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर यह सामने आया है कि हथियार से चली गोली जवान की ठुड्डी को चीरते हुए सिर में जा लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि जवान की उम्र लगभग 30 वर्ष थी और वह आंध्र प्रदेश का रहने वाला था। पुलिस के मुताबिक, इस संबंध में एक मामला दर्ज करके जांच की जा रही है।
- नयी दिल्ली।संसद का मानसून सत्र सोमवार से आरंभ होने वाला है, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इस सत्र के दौरान विपक्ष भी ‘नीट' पेपरलीक और रेल सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। मानसून सत्र सोमवार (22 जुलाई) से शुरू होने वाला है और 12 अगस्त को समाप्त होगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी। इस सत्र में सरकार की ओर से छह विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है, जिनमें 90 साल पुराने विमान अधिनियम को बदलने वाला विधेयक भी शामिल है। इस सत्र में जम्मू-कश्मीर के बजट के लिए संसद की मंजूरी भी मिलेगी। इस केंद्रशासित प्रदेश में फिलहाल विधानसभा अस्तित्व में नहीं है और केंद्र का शासन है।सीतारमण सोमवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश करेंगी। वित्त मंत्री सीतारमण 23 जुलाई को आम बजट पेश करने वाली हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने 21 जुलाई को संसद में राजनीतिक दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई है, ताकि उन मुद्दों को समझा जा सके जिन्हें वे सत्र के दौरान उठाना चाहते हैं। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व वाले बीजू जनता दल ने घोषणा की है कि वह एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगा और संसद में राज्य के हित के मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाएगा। बीजद संसदीय दल के अध्यक्ष चुने गए पटनायक ने अपनी पार्टी के सांसदों से ओडिशा को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग उठाने को कहा है। इस सत्र में वित्त विधेयक के अलावा सरकार ने आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक को भी पेश करने, विचार करने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया है। गत बृहस्पतिवार को जारी लोकसभा बुलेटिन में कहा गया कि प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काम कर रहे विभिन्न संगठनों की भूमिका में अधिक स्पष्टता और तालमेल लाना है। भारतीय वायुयान विधेयक, 2024 नागरिक उड्डयन क्षेत्र में व्यापार करने में आसानी के लिए सक्षम प्रावधान प्रदान करने की खातिर 1934 के विमान अधिनियम को बदलने का प्रयास करता है। सत्र के दौरान पेश और पारित किए जाने वाले अन्य विधेयकों में स्वतंत्रता पूर्व के कानून की जगह लेने वाला बॉयलर विधेयक, कॉफी (संवर्धन और विकास) विधेयक और रबर (संवर्धन और विकास) विधेयक शामिल हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) का भी गठन किया है। बीएसी संसदीय कामकाज का एजेंडा तय करती है। समिति में सुदीप बंदोपाध्याय (तृणमूल कांग्रेस), पीपी चौधरी (भाजपा), लावू श्रीकृष्ण देवरायलु (तेदेपा), निशिकांत दुबे (भाजपा), गौरव गोगोई (कांग्रेस), संजय जायसवाल (भाजपा), दिलेश्वर कामत (जदयू), भर्तृहरि महताब (भाजपा), दयानिधि मारन (द्रमुक), बैजयंत पांडा (भाजपा), अरविंद सावंत (शिवसेना-यूबीटी), कोडिकुन्नील सुरेश (कांग्रेस), अनुराग ठाकुर (भाजपा) और लालजी वर्मा (सपा) शामिल हैं।
- बेंगलुरु. । कर्नाटक के सरकारी स्कूलों के छात्रों को अब मध्याह्न भोजन योजना के तहत सप्ताह में छह दिन अंडे दिए जाएंगे। यह कदम अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा शनिवार को कर्नाटक सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के बाद उठाया गया है। वर्तमान में राज्य सरकार के मध्याह्न भोजन कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को सप्ताह में दो दिन अंडे उपलब्ध कराये जाते हैं। फाउंडेशन ने एक बयान में कहा, "फाउंडेशन के सहयोग से स्कूल सप्ताह के सभी छह दिनों में अंडे उपलब्ध कराए जा सकेंगे, जिससे छात्रों के पोषण में काफी वृद्धि होगी। जो छात्र सांस्कृतिक प्राथमिकताओं के कारण अंडे नहीं खाते हैं, उनके लिए वैकल्पिक उच्च पोषण पूरक उपलब्ध कराया जाएगा।" कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की ऐतिहासिक पहल के लिए अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि मानसिक स्वास्थ्य और अच्छी शिक्षा के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन महत्वपूर्ण है।उन्होंने बताया कि प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। सहमति पत्र के अनुसार, फाउंडेशन ने सप्ताह में चार दिन अंडे उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है। प्रत्येक छात्र को एक अंडा - सरकारी छात्रों और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों दोनों को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों को स्वस्थ भोजन दिया जाना चाहिए, चाहे वे सरकारी स्कूल के हों या सहायता प्राप्त स्कूल के। उन्होंने कहा, "“मैंने देखा है कि बच्चे नाश्ता किए बिना स्कूल आते हैं और दोपहर तक बिना भोजन के रहते हैं, इसी ने हमें सप्ताह में दो बार भोजन और अंडे देने के लिए प्रेरित किया। अब अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन ने सरकार के साथ मिलकर बच्चों को सप्ताह में चार अतिरिक्त दिनों तक अंडे और पोषक आहार प्रदान करने का फैसला लिया है।" फाउंडेशन के अनुसार इन स्कूलों में कक्षा एक से 10 तक के 55 लाख छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन में अंडे शामिल किए जाएंगे, ताकि उन्हें पौष्टिकता प्रदान की जा सके।
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नयी दिल्ली ।आम बजट से पहले स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भारत में एक मजबूत स्वास्थ्य सेवा प्रणाली तैयार करने के लिए सरकारी खर्च में वृद्धि, बेहतर बुनियादी ढांचे और उन्नत नवाचार की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वास्थ्य सेवा उद्योग को बजट से बहुत अधिक उम्मीद है। इसमें अच्छे इलाज तक पहुंच, गुणवत्ता में वृद्धि और शोध तथा विकास पर जोर देना चाहिए। एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स - इंडिया (एएचपीआई) के महानिदेशक डॉ गिरधर ज्ञानी ने कहा, ''उभरते स्वास्थ्य खतरों से निपटने और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हासिल करने के लिए सरकारी खर्च में वृद्धि जरूरी है।'' उन्होंने कहा कि सरकार को स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल और पोषण पर ध्यान केंद्रित करते हुए 'स्वस्थ भारत' के निर्माण के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा, ''सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों को स्वायत्त राज्य बोर्डों के तहत पेशेवर बनाया जाना चाहिए, और सभी एसईसीसी-2011 लाभार्थियों को शामिल करने के लिए आयुष्मान भारत योजना का पुनर्गठन होना चाहिए।''
अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की प्रबंध निदेशक सुनीता रेड्डी ने कहा कि देश के आर्थिक स्वास्थ्य और इसके स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे के बीच महत्वपूर्ण संबंध को स्वीकार करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र हमारी रणनीति के केंद्र में होना चाहिए। उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन और निदेशक प्रबल घोषाल ने सरकार से ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए स्वास्थ्य सेवा खर्च को जीडीपी के 2.5 प्रतिशत तक बढ़ाने का आग्रह किया। आईएमए के अध्यक्ष आर वी अशोकन ने बताया कि सकल घरेलू उत्पाद के मुकाबले स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवंटन काफी कम है। इसके अलावा पेयजल, स्वच्छता जैसे स्वास्थ्य निर्धारकों पर किए जाने वाले खर्च को अलग से देना चाहिए। आईएमए ने बजट से पहले अपनी मांगों को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री को एक पत्र भी लिखा है। फोर्टिस हेल्थकेयर के सीईओ और प्रबंध निदेशक आशुतोष रघुवंशी ने जीडीपी के मुकाबले खर्च को 2.5 प्रतिशत तक बढ़ाकर स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देने बात कही।
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नई दिल्ली। पशु-पक्षियों से जुड़े वीडियो आए दिन सोशल मीडिया पर देखने को मिलते रहते हैं, जिन्हें देखकर लोगों के चेहरे पर न सिर्फ मुस्कान आती है, बल्कि दिन भी खुशनुमा बन जाता है। कई बार ऐसे नजारे सामने आते हैं, जो इतने अद्भुत होते हैं कि हम अपना दिल हार जाते हैं.।खासकर, मां और उनके बच्चों से जुड़े वीडियो देखना लोग काफी पसंद करते हैं। इसी कड़ी में सोशल मीडिया पर एक दिल जीतने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक मां हंस (Mother Swan) अपने बच्चों को पीठ पर बिठाकर नदी में तैरते हुए एक तरफ से दूसरी तरफ जाने की कोशिश कर रही है। इस दौरान अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए मां हंस ने दोनों तरफ से अपने पंखों से एक सुरक्षात्मक कवच बनाया है.।
इस वीडियो को @Yoda4ever नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है। इसके साथ कैप्शन लिखा है- मामा हंस अपने छोटे बच्चों को ले जाते हुए... शेयर किए जाने के बाद से अब तक इस वीडियो को 14.7 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं।वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि एक मां हंस अपने चार बच्चों को पीठ पर बिठाकर एक नदी को पार कर रही है। इस दौरान उसके बच्चे सुरक्षित रहें, इसके लिए उसने अपने पंखों को दोनों तरफ से कवच की तरह लगा दिया है, जो देखने में इतना मनमोहक लग रहा है कि कोई भी इसे देखकर अपना दिल हार जाए।. बच्चों के लिए मां की ममता लोगों के दिलों को जीत रही है। - गुवाहाटी । असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है और राज्य के 10 जिलों में इससे प्रभावित लोगों की संख्या कम होकर 1.30 लाख रह गई है. । अधिकारियों ने यह जानकारी दी । राज्य में इस साल दो बार आई बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने आई केंद्रीय टीम ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया है असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने दौरे पर आई टीम से बाढ़ को 'गंभीर प्रकृति की आपदा' घोषित करने और अंतरिम आधार पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) से 500 करोड़ रुपये जारी करने की सिफारिश करने का आग्रह किया है ।
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नई दिल्ली। श्री अमरनाथ जी के दर्शन के लिए 3 हजार 113 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था आज जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास आधार-शिविर से कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ। इस जत्थे में दो हजार तीन सौ 15 पुरुष, छह सौ 92 महिलाएं, चार बच्चे, 87 साधु और 15 साध्वियां शामिल हैं। इनमें से एक हजार एक सौ 53 तीर्थयात्री तड़के बालतल आधार-शिविर और एक हजार नौ सौ साठ यात्री पहलगाम आधार-शिविर के लिए रवाना हुए।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुरुपूर्णिमा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लोगों को बधाई दी है।गुरु पूर्णिमा आसाढ़ महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस अवसर पर लोग अपने शिक्षकों और आध्यात्मिक गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। आज ही के दिन ऋषि वेदव्यास की जयंती भी है और इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।
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नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा- नीट पेपर लीक मामले में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए दो व्यक्ति राजस्थान के भरतपुर चिकित्सा महाविद्यालय के विद्यार्थी हैं। 5 मई को आयोजित परीक्षा के दिन झारखंड के हजारीबाग में उनकी उपस्थिति की पुष्टि की गई है। गिरफ्तार किया गया तीसरा व्यक्ति सरगना को हर तरह की सहायता उपलब्ध करा रहा था। गिरफ्तार मेडिकल छात्रों की पहचान कुमार मंगलम बिश्नोई और दीपेंद्र कुमार के रूप में हुई है। ये आरोपी सॉल्वर गैंग का हिस्सा थे और घटना वाले दिन हजारीबाग में मौजूद थे।सीबीआई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टेक्निकल सर्विलेंस टीम ने परीक्षा के दिन उनके हजारीबाग में मौजूद होने की पुष्टि की है। गिरफ्तार किया गया तीसरा शख्स शशि कुमार पासवान एक 'ऑलराउंडर' है जो कि सरगना को हर तरह की मदद मुहैया करा रहा था।
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बलिया. उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में शनिवार को आपसी विवाद में 22 वर्षीय एक युवक की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, बांसडीह कोतवाली के सामने रोहित पाण्डेय की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गयी। पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने बताया कि कुछ लड़कों में आपसी विवाद हुआ, जिसमें आरोपियों ने रोहित पाण्डेय का पीछा कर उसके ऊपर धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रुप से घायल कर दिया। उन्होंने बताया कि रोहित को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस घटना में फिलहाल सात से आठ लोगों के नाम सामने आए हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं। -
जम्मू. जम्मू क्षेत्र के शांतिपूर्ण हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियां बढ़ने के बीच सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी शनिवार को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए यहां पहुंचे। तीस जून को भारतीय सेना के 30वें प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने के बाद तीन सप्ताह से भी कम समय में सेना प्रमुख का जम्मू का यह दूसरा दौरा है। 8 और 15 जुलाई को कठुआ के माचेडी और डोडा के देसा वन क्षेत्रों में हुए दो अलग-अलग आतंकवादी हमलों में एक कैप्टन समेत नौ सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे। अधिकारियों ने बताया कि सेना प्रमुख यहां पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे जिसमें पुलिस, सेना, अर्धसैन्य और खुफिया विभाग के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि बैठक में रक्षा और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के भी शामिल होने की संभावना है।
- नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि साइंस एडवांसेज पत्रिका में भारत में 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान अत्याधिक मृत्यु दर दर्शाने वाली मीडिया रिपोर्ट अपुष्ट और अस्वीकार्य अनुमानों पर आधारित है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन त्रुटिपूर्ण है और लेखकों द्वारा अपनाई गई पद्धति में कई बुनियादी खामियां हैं। मंत्रालय ने कहा कि प्रकाशित दावे असंगत और तथ्यहीन हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि अध्ययन के निष्कर्षों और कोविड-19 मृत्यु दर के स्थापित पैटर्न में कई विसंगतियां हैं जो इसकी विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह लगाती हैं।स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने वर्ष 2020 में भारत में कोविड-19 महामारी के दौरान जीवन की संभावनाओं पर एक अकादमिक पत्रिका साइंस एडवांसेज में आज प्रकाशित एक पेपर के निष्कर्षों को जारी किया है। ये अस्पष्ट और अस्वीकार्य अनुमानों पर आधारित हैं।यद्यपि लेखक राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (एनएफएचएस-5) का विश्लेषण करने की मानक पद्धति का पालन करने का दावा करते हैं, तथापि इनकी कार्यप्रणाली में गंभीर खामियां हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लेखकों ने जनवरी और अप्रैल वर्ष 2021 के बीच किए गए एनएफएचएस सर्वेक्षण में शामिल परिवारों का एक उपसमूह पर किया है, इन परिवारों में वर्ष 2020 में मृत्यु दर की तुलना वर्ष 2019 से की है और परिणामों को पूरे देश में लागू किया है। एनएफएचएस सर्वेक्षण देश का प्रतिनिधि तभी होता है जब इसे समग्र रूप से माना जाता है। 14 राज्यों के हिस्से से इस विश्लेषण में शामिल 23 प्रतिशत परिवारों को देश का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता है। इसके अन्य महत्वपूर्ण दोष शामिल सर्वेक्षण सैंपल में संभावित चयन और रिपोर्टिंग पूर्वाग्रहों से संबंधित है, जिस समय ये डेटा एकत्र किए गए थे, वह कोविड-19 महामारी के चरम का दौर था।इस प्रकाशित किए गए पत्र में इस तरह के विश्लेषण की आवश्यकता के लिए गलत तर्क दिया गया है और दावा किया गया है कि भारत सहित निम्न और मध्यम आय वाले देशों में महत्वपूर्ण पंजीकरण प्रणाली कमजोर है। यह सत्य से बहुत दूर है। भारत में नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) अत्यधिक मजबूत है और 99 प्रतिशत से अधिक मृत्यु की जानकारी देती है। यह रिपोर्टिंग वर्ष 2015 में 75 प्रतिशत से लगातार बढ़कर वर्ष 2020 में 99 प्रतिशत से अधिक हो गई है। इस प्रणाली के डेटा से पता चलता है कि वर्ष 2019 की तुलना में वर्ष 2020 में मृत्यु पंजीकरण में 4.74 लाख की वृद्धि हुई है। वर्ष 2018 और 2019 में मृत्यु पंजीकरण में पिछले वर्षों की तुलना में 4.86 लाख और 6.90 लाख की समान वृद्धि हुई थी। उल्लेखनीय रूप से, सीआरएस में एक वर्ष में सभी अतिरिक्त मृत्यु महामारी के कारण नहीं होती हैं। अतिरिक्त संख्या सीआरएस में मृत्यु पंजीकरण में वृद्धि (यह वर्ष 2019 में 92 प्रतिशत थी) और अगले वर्ष में एक बड़े जनसंख्या आधार के कारण भी है।यह दृढतापूर्वक बताया गया है कि पिछले वर्ष की तुलना में 2020 में साइंस एडवांसेज पेपर में लगभग 11.9 लाख मौतों की अतिरिक्त मृत्यु दर एक सकल और भ्रामक अति आकलन है। महामारी के दौरान अत्यधिक मृत्यु दर का मतलब सभी कारणों से होने वाली मृत्यु में वृद्धि है, और इसे सीधे कोविड-19 के कारण हुई मृत्यु के बराबर नहीं माना जा सकता है।शोधकर्ताओं द्वारा प्रकाशित अनुमानों की पुष्टि भारत के नमूना पंजीकरण प्रणाली (एसआरएस) के आंकड़ों से भी होती है। एसआरएस देश के 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 8842 नमूना इकाइयों में 24 लाख घरों में लगभग 84 लाख आबादी को कवर करता है। जबकि लेखक यह दिखाने के लिए बहुत मेहनत करते हैं कि वर्ष 2018 और 2019 के लिए एनएफएचएस विश्लेषण और नमूना पंजीकरण सर्वेक्षण विश्लेषण के परिणाम तुलनात्मक हैं, वे यह रिपोर्ट करने में पूरी तरह विफल रहे कि वर्ष 2020 में एसआरएस डेटा वर्ष 2019 के आंकड़ों (2020 में क्रूड मृत्यु दर 6.0/1000, वर्ष 2019 में क्रूड मृत्यु दर 6.0/1000) की तुलना में बहुत कम, यदि कोई है, तो अतिरिक्त मृत्यु दर को दर्शाता है और जीवन की संभावनाओं में कोई कमी नहीं है।शोधपत्र में आयु और लिंग के आधार पर ऐसे परिणाम दिए गए हैं जो भारत में कोविड-19 पर शोध और कार्यक्रम के आंकड़ों के विपरीत हैं। शोधपत्र में दावा किया गया है कि महिलाओं और कम आयु वर्ग (विशेषकर 0-19 वर्ष के बच्चों) में अतिरिक्त मृत्यु दर अधिक थी। कोविड-19 के कारण दर्ज की गई लगभग 5.3 लाख मृत्यु के आंकड़े, साथ ही समूहों और रजिस्ट्री से प्राप्त शोध आंकड़े लगातार महिलाओं की तुलना में पुरुषों में कोविड-19 के कारण अधिक मृत्यु दर (2:1) और अधिक आयु वर्ग (0-15 वर्ष के बच्चों की तुलना में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में कई गुना अधिक) को दर्शाते हैं। प्रकाशित शोधपत्र में ये असंगत और अस्पष्ट परिणाम इसके दावों में किसी भी तरह के विश्वास में कमी लाते हैं।निष्कर्ष के तौर पर, भारत में वर्ष 2020 में सभी कारणों से होने वाली अतिरिक्त मृत्यु दर, पिछले वर्ष की तुलना में, साइंस एडवांसेज पेपर में बताई गई 11.9 लाख मृत्यु से काफी कम है। आज प्रकाशित पेपर पद्धतिगत रूप से त्रुटिपूर्ण है और ऐसे परिणाम दर्शाता है जो अस्पष्ट और अस्वीकार्य हैं।
- नई दिल्ली/ढाका। बांग्लादेश में चल रहे हिंसक प्रदर्शनों के कारण लगभग एक हजार भारतीय विद्यार्थी भारत लौट चुके हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 778 भारतीय विद्यार्थी विभिन्न जमीनी बंदरगाह के जरिए भारत लौटे हैं। इसके अलावा लगभग 200 विद्यार्थी ढाका और चटगांव हवाई अड्डो से नियमित उडान के जरिए भारत लौटे हैं। मंत्रालय ने बताया कि ढाका में भारतीय उच्चायोग और चटगांव, राजशाही, सिलहट और खुलना के सहायक उच्चायोग भारतीय नागरिकों की देश वापसी में मदद कर रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय में उच्चायोग और सहायक उच्चायोग भारत-बांग्लादेश की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार करने के समय यात्रा को सुगम बनाने में सुविधा प्रदान कर रहे हैं। मंत्रालय भारतीय नागरिकों की निर्बाध वापसी सुनिश्चित करने के लिए नागर विमानन, आव्रजन, बंदरगाह और सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के साथ भी समन्वय कर रहा है। ढाका में भारतीय उच्चायोग और सहायक उच्चायोग बांग्लादेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में बचे चार हजार से अधिक विद्यार्थियों के साथ संपर्क में हैं। भारतीय उच्चायोग ने कहा है कि नेपाल और भूटान के विद्यार्थियों की भी भारत में प्रवेश करने में सहायता की गई है।भारतीय नागरिकों और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्चायोग और सहायक उच्चायोग बांग्लादेश के अधिकारियों के साथ नियमित सम्पर्क बनाए हुए हैं। मंत्रालय का कहना है कि आवश्यकतानुसार बंदरगाहों के जरिए स्वदेश वापसी के दौरान सडक से यात्रा करने के लिए रक्षक दल की भी व्यवस्था की जा रही है।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित कमला पुजारी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने कृषि क्षेत्र, विशेष रूप से जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और स्वदेशी बीजों की रक्षा करने के मामले में एक उल्लेखनीय योगदान दिया।अपने एक एक्स पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने कहा;“श्रीमती कमला पुजारी जी के निधन से दुःख हुआ। उन्होंने कृषि क्षेत्र, विशेष रूप से जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और स्वदेशी बीजों की रक्षा करने के मामले में उल्लेखनीय योगदान दिया। स्थिरता को समृद्ध करने और जैव विविधता की रक्षा करने की दिशा में किए गए उनके कार्यों को वर्षों तक याद किया जाएगा। वह जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने के कार्य में भी एक अग्रदूत थीं। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।”
- नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) के केंद्रवार और शहरवार परिणाम शनिवार को घोषित कर दिए। यह परीक्षा कथित अनियमितताओं को लेकर जांच के घेरे में है। नीट-यूजी के परिणाम पांच जून को घोषित किए गए थे, लेकिन उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद इन्हें इस प्रारूप में प्रकाशित किया गया है। उच्चतम न्यायालय प्रश्नपत्र लीक सहित परीक्षा कराने में कथित अनियमितताओं के संबंध में कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि अभ्यर्थियों की पहचान उजागर नहीं करते हुए परिणाम घोषित किए जाएं। उसने कहा था कि वह यह पता लगाना चाहता है कि कथित विवादित केंद्रों पर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को अन्य स्थानों पर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की तुलना में अधिक अंक तो नहीं मिले हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी।नीट-यूजी परीक्षा पांच मई को 571 शहरों के 4,750 केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिनमें 14 विदेशी शहर भी शामिल हैं। इसमें 24 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था।
- जम्मू। दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर में दर्शन के लिए जम्मू स्थित भगवती नगर आधार शिविर से 3,471 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था शनिवार तड़के रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया कि 114 वाहनों में 3,471 तीर्थयात्रियों के 23वें जत्थे ने तड़के तीन बजे भगवती नगर आधार शिविर से आगे की यात्रा शुरू की। इस जत्थे में 654 महिलाएं, 93 साधू और 34 साध्वी शामिल हैं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने जत्थे को सुरक्षा मुहैया कराई। अधिकारियों के मुताबिक 2,398 तीर्थयात्री अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे मार्ग से अमरनाथ गुफा मंदिर जाने के लिए पहलगाम पहुंचेंगे, जबकि बाकी 1,073 तीर्थयात्रियों ने गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर के अपेक्षाकृत छोटे, लेकिन कठिन बालटाल मार्ग को यात्रा के लिए चुना है। अमरनाथ यात्रा इस साल 29 जून को शुरू हुई थी और 19 अगस्त तक जारी रहेगी। अब तक 3.75 लाख से अधिक तीर्थयात्री इस गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।
- नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें अंधविश्वास, जादू-टोने और इसी तरह की अन्य कुप्रथाओं को समाप्त करने के लिए उचित कदम उठाने के वास्ते केंद्र और राज्यों को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि समाज में प्रचलित अवैज्ञानिक कृत्यों को समाप्त करने के लिए अंधविश्वास एवं जादू-टोना रोधी कानून की आवश्यकता है। इसमें फर्जी संतों को भोले-भाले लोगों का शोषण करने से रोकने के संबंध में भी कदम उठाने का अनुरोध किया गया है। अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर याचिका में केंद्र और राज्यों को संविधान के अनुच्छेद-51ए की भावना के अनुरूप नागरिकों में वैज्ञानिक सोच-समझ, मानवीयता और जांच-पड़ताल की भावना विकसित करने की दिशा में कदम उठाने के निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है। संविधान का यह अनुच्छेद मौलिक कर्तव्यों से संबंधित है। याचिका में कहा गया है कि अंधविश्वास से भरी कुछ प्रथाएं क्रूर, अमानवीय और शोषण करने वाली हैं तथा इन पर लगाम लगाने के लिए कानून बनाने की सख्त जरूरत है। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि कई लोग और संगठन अंधविश्वास और जादू-टोने का सहारा लेकर बड़े पैमाने पर धर्मांतरण करा रहे हैं।


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