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- - साहिबाबाद स्टेशन से दुहाई डिपो तक की नमो भारत ट्रेन में यात्रानई दिल्ली। आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू जी ने आज देश की पहली आरआरटीएस परियोजना का दौरा करते हुए तेज़ रफ्तार नमो भारत ट्रेन में यात्रा की। इस दौरान एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक श्री शलभ गोयल,विशेष कार्य अधिकारी आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय श्री जयदीप कुमार, व अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उनके साथ मौजूद रहे।इस यात्रा की शुरुआत एनसीआरटीसी के मुख्यालय गति शक्ति भवन,आईएनए दिल्ली से हुई, जहां श्री साहू जी को एनसीआरटीसी की ओर से दिल्ली से मेरठ के बीच में देश की पहले रीज़नल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम के कार्यान्वयन की अब तक की प्रगति व परियोजना की अन्य विशेषताओं को प्रेजेंटेशन के जरिए दिखाया गया। इस दौरान एनसीआरटीसी के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि परियोजना का क्रियान्वयन सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए तय समयसीमा के भीतर किया जा रहा है। माननीय मंत्री जी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता के लिए उठाए जा रहे कदमों को भी समझा। दिल्ली-मेरठ मार्ग पर आरआरटीएस निर्माण किया जा रहा है और इसी मार्ग पर कुछ ही दिन में काँवड़ यात्रा भी शुरू होने वाली है। इस यात्रा की सुगमता के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में भी अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया।इसके बाद वह साहिबाबाद आरआरटीएस स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने स्टेशन पर कार्यरत महिला स्टेशन कंट्रोलर व अन्य स्टाफ से नमो भारत ट्रेन यात्रा को सुगम बनाने में उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को सराहा।इसके बाद वह साहिबाबाद स्टेशन से नमो भारत ट्रेन से दुहाई डिपो पहुंचे। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि नमो भारत ट्रेन जो अधिकतम 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है और अब तक 17 लाख से अधिक यात्री इसका लाभ उठा चुके हैं। इसके साथ ही उन्हें, यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए नमो भारत ट्रेन में विशेष प्रीमियम कोच, सामान रखने की रैक की सुविधा, हर सीट पर मोबाइल चार्जिंग सुविधा, दिव्यागों के लिए व्हीलचेयर के विशिष्ट स्थान, फूड वेंडिंग मशीन और आपातकालीन चिकित्सा पारगमन के लिए स्ट्रेचर के स्थान के प्रावधानों से भी अवगत कराया गयाIइसी श्रृंखला में, उन्होंने दुहाई डिपो की वर्कशॉप और इंस्पेक्शन-बे-लाइन (आईबीएल) को देखा और वहां काम कर रहे कर्मियों से मुलाक़ात कर उनके कार्यों के बारे में जानकारी ली। वहीं उन्होंने दुहाई डिपो स्थित सेंटर फॉर इनोवेशन, 'अपरिमित' का भी दौरा किया तथा अत्याधुनिक एआर-वीआर लैब को देखा। परियोजना के क्रियान्वयन, परिचालन दक्षता तथा प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए वर्चुअल रिएलिटी, ऑग्मेंटेड रिएलिटी, बिल्डिंग इन्फॉर्मेशन मॉडलिंग आदि जैसी कई उन्नत तकनीकों का उपयोग एनसीआरटीसी कर रहा है।इस परियोजना के क्रियान्वयन में कई अत्याधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है, इनमें से कई तकनीक ऐसी हैं जिनका न सिर्फ भारत में बल्कि विश्व में भी पहली बार प्रयोग किया जा रहा है, जो मेक-इन-इंडिया के अंतर्गत लागू किया जा रहा है एवं अन्य परियोजनाओं द्वारा अनुकरणीय है। यह माननीय प्रधानमंत्री के मेक-इन-इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत के विज़न को साकार करता है। इस बीच उन्होंने दुहाई डिपो परिसर में पौधा रोपण भी किया।
- गिर सोमनाथ । गुजरात के गिर सोमनाथ में एक किसान के घर शेरों का एक पूरा परिवार दिखाई दिया. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें देखा जा सकता है कि शेरों का परिवार किसान के गौशाला में बैठकर बारिश का आनंद ले रहा है।गुजरात के गिर सोमनाथ में एक किसान के घर शेरों का एक पूरा परिवार दिखाई दिया.। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि शेरों का परिवार किसान के गौशाला में बैठकर बारिश का आनंद ले रहा है.। दरअसल, गुजरात के कई जिलों में इन दिनों भारी की बारिश हो रही है।. इसके कारण मौसम विभाग ने रेड अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अगले 4 से 5 दिनों तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई है। बारिश से जंगली जानवर भी प्रभावित हुए हैं।. इसलिए, जंगली जानवर आश्रय के लिए मानव बस्तियों का रुख कर रहे हैं।
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नई दिल्ली। सरकार ने संसद के बजट सत्र से पहले कल सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक के दौरान सरकार संसद के दोनों सदनों के सुचारू संचालन के लिए सभी विपक्षी दलों से सहयोग का अनुरोध करेगी।
बजट सत्र सोमवार से शुरू होकर अगले महीने की 12 तारीख तक चलेगा। आम बजट मंगलवार को पेश किया जाएगा। ये नरेन्द्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट है। पिछले महीने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा था कि ये बजट सरकार की दूरगामी नीतियों और भविष्यवादी दृष्टिकोण का प्रभावी दस्तावेज होगा। - - भारत पहली बार विश्व धरोहर समिति की बैठक की मेजबानी कर रहा है-इस बैठक में 150 से अधिक देशों के 2000 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि भाग लेंगेनई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 21 जुलाई 2024 को सायं 7 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में विश्व धरोहर समिति के 46वें सत्र का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे। यूनेस्को की महानिदेशक सुश्री ऑड्रे अज़ोले भी उद्घाटन समारोह में भाग लेंगी।भारत पहली बार विश्व धरोहर समिति की बैठक की मेज़बानी कर रहा है। यह बैठक 21 से 31 जुलाई, 2024 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगी। विश्व धरोहर समिति की बैठक साल में एक बार होती है और यह विश्व धरोहर से संबंधित सभी मामलों के प्रबंधन और विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने वाले स्थलों पर निर्णय लेने के लिए उत्तरदायी होती है। इस बैठक के दौरान विश्व धरोहर सूची में नए स्थलों को नामांकित करने के प्रस्ताव, 124 विद्यमान विश्व धरोहर संपत्तियों की संरक्षण रिपोर्ट की स्थिति, अंतर्राष्ट्रीय सहायता और विश्व धरोहर निधियों के उपयोग आदि पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में 150 से अधिक देशों के 2000 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतिनिधि भाग लेंगे।विश्व धरोहर समिति की बैठक के साथ-साथ विश्व धरोहर युवा पेशेवरों का मंच और विश्व धरोहर स्थल प्रबंधकों का मंच भी आयोजित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, भारत मंडपम में भारत की संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। रिटर्न ऑफ ट्रेजर्स प्रदर्शनी देश में वापस लाई गई कुछ कलाकृतियों को प्रदर्शन करेगी। अब तक 350 से अधिक कलाकृतियां वापस लाई जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, नवीनतम एआर और वीआर तकनीकों का उपयोग करके, भारत के 3 विश्व धरोहर स्थलों- रानी की वाव, पाटन, गुजरात; कैलासा मंदिर, एलोरा गुफाएं, महाराष्ट्र; और होयसला मंदिर, हलेबिड, कर्नाटक के लिए एक भावपूर्ण अनुभव प्रदान किया जाएगा। साथ ही, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सदियों पुरानी सभ्यता, भौगोलिक विविधता, पर्यटन स्थलों के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में आधुनिक विकास को रेखांकित करने के लिए एक ‘अतुल्य भारत’ प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
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नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी ) के अध्यक्ष मनोज सोनी ने ‘‘निजी कारणों’’ का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। सोनी का कार्यकाल मई 2029 में समाप्त होना था।
सूत्रों ने कहा कि सोनी के इस्तीफे का परिवीक्षाधीन आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी पूजा खेडकर का मामला सामने आने के बाद ‘‘संघ लोक सेवा आयोग पर उठ रहे सवालों से कोई लेना-देना नहीं है।’’एक सूत्र ने कहा, ‘‘यूपीएससी अध्यक्ष ने निजी कारणों का हवाला देते हुए एक पखवाड़े पहले इस्तीफा सौंप दिया था। इसे अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है।’’प्रख्यात शिक्षाविद् सोनी (59) ने 28 जून, 2017 को आयोग के सदस्य के रूप में पदभार संभाला था। उन्होंने 16 मई, 2023 को यूपीएससी अध्यक्ष के रूप में शपथ ली थी और उनका कार्यकाल 15 मई, 2029 को समाप्त होना था।सूत्रों के मुताबिक, सोनी यूपीएससी अध्यक्ष बनने के इच्छुक नहीं थे और उन्होंने पद से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया था, लेकिन तब उनका अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया था।उन्होंने कहा कि सोनी अब ‘‘सामाजिक-धार्मिक गतिविधियों’’ पर अधिक समय देना चाहते हैं। यह घटनाक्रम इसलिए महत्व रखता है, क्योंकि यूपीएससी ने शुक्रवार को कहा था कि उसने परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ कई कार्रवाई शुरू की हैं, जिनमें फर्जी पहचान दस्तावेज के जरिये सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के अधिक मौके पाने के आरोप में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना शामिल है।आयोग ने कदाचार के आरोपों की ‘गहन जांच’ के बाद खेडकर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया। उसने सिविल सेवा परीक्षा-2022 के लिए उनकी उम्मीदवारी रद्द करने और भविष्य की परीक्षाओं में शामिल होने से रोकने के लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया।खेडकर द्वारा सत्ता और विशेषाधिकारों के कथित दुरुपयोग का मामला जब से सामने आया है, तब से सोशल मीडिया पर आईएएस और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों द्वारा फर्जी प्रमाण पत्रों के इस्तेमाल के दावों और प्रतिदावों की बाढ़ सी आ गई है।सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने कुछ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के नाम, तस्वीरें और अन्य विवरण साझा किए हैं, जिनमें दावा किया गया है कि उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग (गैर-क्रीमी लेयर) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) से संबंधित लोगों के लिए उपलब्ध लाभों का दावा करने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया।यूपीएससी में अपनी नियुक्ति से पहले सोनी ने कुलपति के रूप में तीन कार्यकाल पूरे किए थे। उन्होंने एक अगस्त 2009 से 31 जुलाई 2015 तक डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मुक्त विश्वविद्यालय (बीएओयू), गुजरात के कुलपति के रूप में लगातार दो कार्यकाल और अप्रैल 2005 से अप्रैल 2008 तक बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय (एमएसयू) के कुलपति के रूप में एक कार्यकाल पूरा किया।एमएसयू में नियुक्त होने के दौरान सोनी भारत में किसी विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति बने थे। अंतरराष्ट्रीय संबंधों एवं राजनीति विज्ञान के विद्वान सोनी सरदार पटेल विश्वविद्यालय (एसपीयू), वल्लभ विद्यानगर में अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय पढ़ाया करते थे।यूपीएससी का नेतृत्व अध्यक्ष करता है और इसमें अधिकतम 10 सदस्य हो सकते हैं। वर्तमान में यूपीएससी में सात सदस्य हैं, जो इसकी स्वीकृत संख्या से तीन कम हैं। -
नई दिल्ली। सरकार ने सोमवार से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र में वित्त विधेयक के अलावा पांच नए विधेयक पेश करने की सूची तैयार की है। बजट सत्र 22 जुलाई से 12 अगस्त तक होगा जिसमें 16 बैठक होंगी। बजट सत्र में सोमवार को आर्थिक समीक्षा पेश की जाएगी और मंगलवार को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। सरकार ने रविवार को सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की पारंपरिक बजट पूर्व सर्वदलीय बैठक बुलाई है। लोक सभा के विशेष सत्र से स्पष्ट है, लोक सभा में अपनी बढ़ी हुई ताकत को देखते हुए विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ बजट सत्र में अधिक आक्रामक होने वाला है।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की संख्या राज्य सभा में भी कम हो गई है क्योंकि इस महीने की शुरुआत में चार भाजपा सांसद सेवानिवृत्त हो गए। ये चार नामित सांसद थे जो औपचारिक रूप से भाजपा के साथ थे।
245 सदस्यीय राज्यसभा में 19 रिक्तियां हैं और बहुमत का आंकड़ा 113 सीट तक पहुंचता है। भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के पास भाजपा के 86 सहित 101 सांसद हैं और इसलिए यह बहुमत के आंकड़े से कम है।राजग 17वीं लोकसभा के कार्यकाल के दौरान की तरह ही वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (11 सांसद), अन्नाद्रमुक (4) और अन्य क्षेत्रीय दलों पर भरोसा कर सकता है। हालांकि इन दलों में से कम से कम एक दल बीजू जनता दल ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का समर्थन विशेष सत्र के दौरान किया था जिसके 9 सांसद हैं।हालांकि भाजपा उन 11 रिक्तियों में से कम से कम आधी सीटों पर बढ़त की तैयारी में है जिनके लिए चुनाव होने हैं। ये रिक्तियां इस वजह से बनी क्योंकि कुछ राज्य सभा सदस्य लोक सभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। इनके अलावा चार रिक्तियां नामित श्रेणी में हैं जबकि चार जम्मू कश्मीर की सीट हैं।सरकार ने जिन पांच नए विधेयकों को सत्र में पेश करने का प्रस्ताव दिया है उनमें भारतीय वायुयान विधेयक, 2024 है जो विमान अधिनियम, 1934 को दोबारा लागू करेगा। सरकार के मुताबिक इस विधेयक से मौजूदा कानून में अस्पष्टता की समस्या दूर की जाएगी और सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ तथा ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहल को समर्थन करने के लिए विमानन क्षेत्र में विनिर्माण के प्रावधान को सक्षम बनाया जाएगा।आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक का मकसद आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न संगठनों की भूमिकाओं में अधिक स्पष्टता और एकरूपता लाना है। सत्र के दौरान पेश किए जाने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किए गए अन्य विधेयकों में स्वतंत्रता-पूर्व काल के कानून की जगह लेने वाला बॉयलर विधेयक, कॉफी (प्रचार एवं विकास) विधेयक और रबर (प्रचार एवं विकास) विधेयक शामिल हैं। - ठाणे। साइबर जालसाजों ने नवी मुंबई के एक व्यक्ति को ‘क्रिप्टोकरेंसी’ में निवेश करने का लालच देकर कथित तौर पर 1.5 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली.। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता से ऑनलाइन संपर्क किया और उसे पिछले महीने ‘क्रिप्टोकरेंसी’ में 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने का लालच दिया तथा अच्छा मुनाफा होने का आश्वासन दिया.। अधिकारी ने बताया कि जब शिकायतकर्ता ने निवेश और निवेश की गई राशि पर लाभ मांगा तो आरोपी ने टालमटोल वाला जवाब दिया। उन्होंने बताया कि मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है।
- चिकमगलुरू (कर्नाटक) । श्रृंगेरी स्थित शारदम्बा मंदिर ने 15 अगस्त से मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिधान संबंधी नियम लागू किया है। मंदिर प्रशासन के एक बयान के अनुसार मंदिर में दर्शन के लिए आने वालों को केवल पारंपरिक भारतीय परिधान पहनने की अनुमति होगी।इसमें स्पष्ट किया गया है कि श्रद्धालुओं को श्रृंगेरी शारदा मंदिर और तुंगा नदी के पार स्थित शंकराचार्य गुरु के मठ में जाते समय पारंपरिक भारतीय पोशाक पहननी होगी।परिधान संबंधी नियमों का पालन नहीं करने वालों को अर्ध मंडपम के बाहर से ही भगवान के दर्शन करने की अनुमति होगी। उन्हें गर्भगृह और आंतरिक परिक्रमा तक पहुंचने की अनुमति नहीं होगी। मंदिर में आने वाले सभी भक्तों पर परिधान संबंधी यह नियम 15 अगस्त से सख्ती से लागू होगा।इसमें कहा गया है कि निर्धारित परिधान में पुरुषों के लिए धोती और अंगवस्त्रम और महिलाओं के लिए साड़ी-ब्लाउज, सलवार-दुपट्टा शामिल है।
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मुंबई। मुंबई के एक व्यवसायी ने अपने 22 वर्षीय बेटे के साथ व्हाट्सऐप वीडियो कॉल कर बात करने के बाद बांद्रा वर्ली सी लिंक से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली.। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि व्यक्ति ने कॉल पर अपने बेटे से आत्महत्या करने की बात कही थी.। अधिकारी ने कहा कि घाटकोपर निवासी भावेश नागिन सेठ (56) ने पैसों की तंगी के कारण यह कदम उठाया होगा.। उन्होंने कहा, “एक नोट मिला है, जिसमें सेठ ने अपने बेटे के लिए लिखा-सॉरी बेटा, मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं. परिवार का ध्यान रखना.। ” अधिकारी ने कहा, “घटना बुधवार अपराह्न सवा तीन बजे हुई.। सेठ ने एक कार चालक से टोल प्लाजा पर यह कहकर लिफ्ट ली थी कि उनकी गाड़ी खराब हो गई है। वह बीच रास्ते में उतर गए और उन्होंने अपने बेटे को वीडियो कॉल कर बताया कि वह जान देने जा रहे हैं.। उसके बाद सेठ ने समुद्र में छलांग लगा दी.।सेठ के बेटे ने पुलिस को सूचित किया,। जिसके करीब तीन घंटे बाद शव को बाहर निकाला गया.। उन्होंने बताया कि बांद्रा थाने में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है.।
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मुंबई. केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव और अश्विनी वैष्णव ने महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बृहस्पतिवार को यहां पार्टी की प्रदेश इकाई के नेताओं के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री यादव और रेल मंत्री वैष्णव महाराष्ट्र में पार्टी के प्रभारी और सह-प्रभारी हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि बैठक में उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और प्रदेश इकाई के प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले समेत भाजपा की राज्य कोर कमेटी के सदस्य मौजूद थे। सूत्रों ने बताया कि भाजपा राज्य की 150 सीट पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि दोनों केंद्रीय मंत्री शुक्रवार को भी मुंबई में ही रहेंगे। सूत्रों ने बताया कि 21 जुलाई को पुणे में भाजपा की प्रदेश इकाई का सम्मेलन होगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। पूर्व सांसद रावसाहेब दानवे ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन (जिसमें शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) भी शामिल हैं) के नेताओं द्वारा मिलकर सीट बंटवारे पर चर्चा की जाएगी। महाराष्ट्र में इस वर्ष अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।
महाराष्ट्र के लोकसभा चुनाव में भाजपा की सीटों की संख्या 2019 में 23 से घटकर मात्र नौ रह गई, जिसमें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने सात सीटें हासिल कीं और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) सिर्फ एक लोकसभा सीट पर जीत हासिल कर सकी। शिवसेना (यूबीटी), राकांपा (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस वाली महाविकास अघाडी ने मिलकर राज्य की 48 लोकसभा सीट में से 30 सीट हासिल कीं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े मराठी साप्ताहिक 'विवेक' द्वारा हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट में लोकसभा चुनावों में भाजपा के खराब प्रदर्शन के लिए अजित पवार के नेतृत्व वाले राकांपा के साथ हाथ मिलाने के भाजपा के कदम को जिम्मेदार ठहराया गया है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बृहस्पतिवार को ‘लोक संवर्धन पर्व' का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य मंत्रालय की योजनाओं, कार्यक्रमों और उपलब्धियों को लोगों के समक्ष प्रदर्शित करना है। मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि रीजीजू ने वर्ष 2024-25 के दौरान 2.5 लाख से अधिक लाभार्थियों को 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण देने के लिए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास और वित्त निगम (एनएमडीएफसी) की एक क्रेडिट योजना भी शुरू की। उन्होंने मंत्रालय की योजनाओं और उपलब्धियों पर एक कॉफी टेबल पुस्तिका भी जारी की। बयान में कहा गया है, ‘‘अपने 100 दिनों के कार्यक्रम के हिस्से के रूप में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय अपनी योजनाओं, कार्यक्रमों और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए 'लोक संवर्धन पर्व' का आयोजन कर रहा है।'' उद्घाटन समारोह के दौरान, एनएमडीएफसी की विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए एनएमडीएफसी और इंडियन बैंक, भारतीय यूनियन बैंक और पंजाब ग्रामीण बैंक के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि मध्य प्रदेश ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य' की श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है। रेहड़ी-पटरी वालों को कारोबार के लिए ऋण उपलब्ध कराने वाली योजना नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा 2020 में कोविड-19 प्रकोप के दौरान शुरू की गई थी। इस योजना के तहत 50 हजार रुपये तक का ऋण दिया जाता है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों- नवाचार और सर्वोत्तम तौर-तरीके पुरस्कार' श्रेणी में मध्य प्रदेश के बाद असम को दूसरा स्थान मिला। 'सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शहरी स्थानीय निकायों - दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में ऋण प्रदर्शन' श्रेणी में, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, जिसके बाद बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) और अहमदाबाद नगर निगम का स्थान है। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएवाई-एनयूएलएम) के लिए भी पुरस्कारों की घोषणा की गई, जिसमें 'सिस्टेमेटिक प्रोग्रेसिव एनालिटिकल रियल टाइम रैंकिंग (एसपीएआरके)' श्रेणी में केरल शीर्ष पर रहा, जबकि उसके बाद उत्तर प्रदेश और राजस्थान का स्थान रहा।
- नयी दिल्ली. केंद्र ने राज्य सरकारों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जेलों में बंद ‘एलजीबीटीक्यू' समुदाय के सदस्य अपने अधिकारों के तहत बिना किसी भेदभाव के अपनी पसंद के व्यक्ति से मिल सकें। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को भेजे पत्र में कहा कि केंद्र का निरंतर प्रयास रहा है कि वह सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के संपर्क में रहे तथा कुशल जेल प्रशासन व प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर समकालीन दिशा-निर्देशों और सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करे। मंत्रालय ने कहा कि उसके संज्ञान में आया है कि ‘एलजीबीटीक्यू' सदस्यों के साथ अक्सर उनकी लैंगिक पहचान के कारण भेदभाव किया जाता है और उन्हें अक्सर हिंसा व अनादर का सामना करना पड़ता है। मंत्रालय ने पत्र में राज्य सरकारों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि ऐसे सदस्यों के साथ उन सुविधाओं, विशेष रूप से जेल में मुलाकात संबंधी अधिकार, के संदर्भ में किसी प्रकार का कोई भेदभाव न हो, जो आम जनता को उपलब्ध हैं। पत्र के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने ‘मॉडल जेल नियमावली, 2016' और ‘मॉडल जेल एवं सुधारात्मक सेवा अधिनियम 2023' तैयार किया है और इनका सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा पालन किया जाना चाहिए। पत्र में कहा गया है, “यह दोहराया जाता है कि ये प्रावधान ‘एलजीबीटीक्यू' सदस्यों पर भी समान रूप से लागू होते हैं और वे बिना किसी भेदभाव या निर्णय के अपनी पसंद के व्यक्ति से मिल सकते हैं।”
- नयी दिल्ली. भारत 21 से 31 जुलाई के बीच देश में पहली बार आयोजित किए जा रहे विश्व धरोहर समिति के 46वें सत्र की मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार है। सूत्रों ने बताया कि इस सत्र का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर सकते हैं। सत्र से पहले सरकार ने हाल ही में एक सार्वजनिक कला परियोजना शुरू की है, जिसमें भारत की सांस्कृतिक विरासत और देश के यूनेस्को विरासत स्थलों पर आधारित कलाकृतियां शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित 46वीं विश्व धरोहर समिति की बैठक के तहत विश्व धरोहर स्थलों और भारत के प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थलों से प्रेरित कुछ कलाकृतियां और मूर्तियां जैसे भीमबेटका को प्रस्तावित कलाकृतियों में विशेष स्थान दिया जाएगा। विश्व धरोहर समिति (डब्ल्यूएचसी) का 46वां सत्र भारत में पहली बार 21-31 जुलाई के बीच दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 21 जुलाई को इस कार्यक्रम का उद्घाटन कर सकते हैं। हालांकि, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने बताया कि पिछले साल सितंबर में ‘होयसल के पवित्र स्थलों' को प्रतिष्ठित सूची में स्थान मिलने के साथ ही भारत में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की संख्या बढ़कर 42 हो गई है। इन स्थलों में सांस्कृतिक श्रेणी में 34, प्राकृतिक श्रेणी में सात तथा मिश्रित संपत्ति वाला एक स्थल शामिल है। विश्व धरोहर सूची में दिल्ली का लाल किला, हुमायूं का मकबरा और कुतुब मीनार, आगरा में स्थित ताजमहल, प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष और बिहार में महाबोधि मंदिर, कर्नाटक में होयसल के पवित्र मंदिर और पश्चिम बंगाल में शांतिनिकेतन शामिल हैं। इस समय भारत का दुनिया में (यूनेस्को) स्थलों की संख्या के हिसाब से छठा स्थान है। भारत के अलावा इटली, स्पेन, जर्मनी, चीन और फ्रांस ऐसे देश हैं जहां पर 42 या उससे अधिक विश्व धरोहर स्थल हैं।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो-- सी बी आई ने नीट-यूजी प्रवेश परीक्षा पेपर लीक मामले में पटना एम्स के सभी चार छात्रों को गिरफ्तार किया। लगातार पूछताछ के बाद सी बी आई ने औपचारिक रूप से मेडिकल के इन छात्रों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन एम बी बी एस तृतीय वर्ष तथा एक द्वितीय वर्ष का छात्र है। सी बी आई सूत्रों के अनुसार इन लोगों पर कथित रूप से मुख्य आरोपी पंकज सिंह के पेपर हल किया था, जिसने संगठित आपराधिक गिरोह के माध्यम से पेपर खरीदे थे। इससे पहले सी बी आई ने इन चारों छात्रों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। इनके लैपटॉप भी जब्त कर लिये गये थे और उनके हॉस्टल के कमरे भी सील कर दिये गये थे।
- 0 रिपोर्ट में कहा गया- भारत में टीकाकरण से वंचित बच्चों की संख्या अधिक है
नई दिल्ली। सरकार ने गुरुवार को यूनिसेफ की उस रिपोर्ट को गलत बताया जिसमें कहा गया है कि भारत में टीकाकरण से वंचित बच्चों की संख्या अधिक है। यह रिपोर्ट देश में टीकाकरण की अधूरी तस्वीर को दिखाती है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए की इन देशों के जनसंख्या आधार और टीकाकरण कवरेज की तुलना में कोई कारक नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि रिपोर्टें भारत की जनसंख्या और उच्च टीकाकरण कवरेज पर विचार किए बिना देशों के साथ त्रुटिपूर्ण तुलना प्रस्तुत करती हैं। इसमें इस बात पर ध्यान आकृष्ट किया गया कि सरकार के टीकाकरण प्रयासों की सटीक और संपूर्ण स्थिति का अनुमान डेटा और कार्यक्रम संबंधी हस्तक्षेपों की व्यापक समझ के माध्यम से लगाया जा सकता है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि कुल जनसंख्या के प्रतिशत के रूप में, शून्य-खुराक वाले बच्चे देश की कुल जनसंख्या का 0.11 प्रतिशत हैं। इसमें पाया गया कि भारत की बड़ी आबादी के कारण, पूरे देश में शून्य खुराक वाले बच्चों की संख्या अधिक है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए देश का पूर्ण टीकाकरण कवरेज 93.23 प्रतिशत है और भारत का टीकाकरण कार्यक्रम विश्व स्तर पर सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल है। बयान में यह भी कहा गया है कि इस पहल के तहत 1.2 करोड़ टीकाकरण सत्रों के माध्यम से सालाना 2.6 करोड़ बच्चों और 2.9 करोड़ गर्भवती महिलाओं के एक बडे समूह को लक्षित करता है। मिशन इंद्रधनुष के तहत 2023 तक 5.46 करोड़ बच्चों और 1.32 करोड़ गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। - नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस‘ 1 9 3 3 की शुरूआत की। ‘मानस’ (मादक पदार्थ निषेध आसूचना केंद्र) हेल्पलाइन के माध्यम से, नागरिक मादक पदार्थों की तस्करी की जानकारी साझा कर सकते हैं तथा नशामुक्ति और पुनर्वास पर सलाह लेने के लिए 24 घंटे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो से जुड़ सकते हैं। गृह मंत्री ने आज शाम नई दिल्ली में नार्को-समन्वय केन्द्र की 7वीं उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मादक पदार्थो के सेवन के खिलाफ लड़ाई बहुत महत्वपूर्ण है और इसे गंभीरता से और प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नशा मुक्त भारत का संकल्प उनकी महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता को दर्शाता है। श्री शाह ने कहा कि यह चुनौती भी है और अवसर भी है। गृह मंत्री ने कहा कि एकजुटता और दृढ़ संकल्प के साथ यह लडाई जीती जा सकती है। बैठक का उद्देश्य केन्द्र और राज्य सरकार की एजेन्सियों के समन्वय से देश में मादक पदार्थों की तस्करी और इनके गलत इस्तेमाल पर नियंत्रण करना है।
- उन्नाव। उत्तर प्रदेश में उन्नाव जिले के बांगरमऊ क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक कार के अनियंत्रित होकर पलट जाने से उस पर सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी तथा तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। बांगरमऊ के पुलिस क्षेत्राधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम छह बजे बांगरमऊ क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से अयोध्या जा रही एक कार अनियंत्रित होकर पलट गयी। इस घटना में कार सवार वैभव पांडेय (35), मनोज सिंह (45) तथा अरविंद सिंह (40) की मौके पर ही मौत हो गयी। शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में महेन्द्र सिंह, आशीष कुमार और अनुज पांडेय नामक व्यक्ति गम्भीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- पुरी। पुरी स्थित 12वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर के प्रतिष्ठित खजाने ‘रत्न भंडार' (कोषागार) में रखी गयी मूल्यवान सामग्री और आभूषणों को एक अस्थायी भंडार कक्ष में स्थानांतरित करने का कार्य बृहस्पतिवार को सात घंटों के भीतर पूरा हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रत्न भंडार को इस सप्ताह दूसरी बार खोला गया ताकि बहुमूल्य चीजों को मंदिर परिसर के भीतर एक अस्थायी ‘स्ट्रॉन्ग रूम' में रखा जा सके। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के प्रमुख अरविंद पाढ़ी ने संवाददाताओं को बताया, “रत्न भंडार के आंतरिक कक्ष से सभी कीमती सामान को सफलतापूर्वक मंदिर परिसर के भीतर एक अस्थायी ‘स्ट्रांग रूम' में स्थानांतरित कर दिया गया है। लकड़ी और स्टील की अलमारियों और संदूकों सहित सात कंटेनरों को स्थानांतरित करने की पूरी प्रक्रिया में सात घंटे लगे।” पाढ़ी ने कहा कि प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई है और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार आंतरिक कक्ष और अस्थायी ‘स्ट्रांग रूम' दोनों को बंद कर सील कर दिया गया है। पर्यवेक्षण समिति के अध्यक्ष एवं उड़ीसा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति विश्वनाथ रथ ने कहा कि आंतरिक कक्ष के अंदर आभूषण और कीमती सामान सात कंटेनरों में रखे गए, जिनमें तीन लकड़ी की अलमारियां, दो लकड़ी की पेटियां, एक स्टील की अलमारी और एक लोहे की पेटी शामिल है। उन्होंने कहा कि सभी कीमती सामान को नये कंटेनरों में सावधानी से रखा गया और बाद में मंदिर परिसर के अंदर अस्थायी ‘स्ट्रांग रूम' में स्थानांतरित कर दिया गया। रथ ने कहा कि ‘स्ट्रांग रूम' को सील कर चाबियां पुरी जिलाधिकारी को दे दी गई।चाबियां खजाने में रखी जाएंगी
न्यायमूर्ति रथ ने खजाने के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा, “आंतरिक कक्ष के अंदर हमने जो कुछ देखा उसका विवरण गोपनीय है। जिस तरह कोई अपने घर में कीमती सामान का खुलासा नहीं करता, उसी तरह भगवान के खजाने को सार्वजनिक रूप से उजागर करना अनुचित होगा।” इसके पहले रत्न भंडार से मूल्यवान सामग्री को स्थानांतरित करने के लिए ओडिशा सरकार द्वारा गठित पर्यवेक्षण समिति के सदस्यों ने सुबह करीब नौ बजकर 51 मिनट पर मंदिर में प्रवेश किया। मंदिर में प्रवेश करने से पहले संवाददाताओं से पर्यवेक्षण समिति के अध्यक्ष एवं उड़ीसा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति विश्वनाथ रथ ने कहा, ‘‘हमने भगवान जगन्नाथ से कोषागार के आंतरिक कक्ष में रखी मूल्यवान सामग्री को स्थानांतरित करने के लिए आशीर्वाद मांगा।'' इससे पहले, 46 वर्ष बाद 14 जुलाई को ‘रत्न भंडार' खोला गया था। उस दिन कोषागार के बाहरी कक्ष से आभूषण और मूल्यवान सामान को ‘स्ट्रांग रूम' में स्थानांतरित किया गया था। न्यायमूर्ति रथ ने पुरी के राजा एवं गजपति महाराजा दिव्य सिंह देव से भी अनुरोध किया कि वह ‘रत्न भंडार' में उपस्थित रहें और वहां से मूल्यवान सामग्री को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया की निगरानी करें। मंदिर परिसर में अस्थायी ‘स्ट्रांग रूम' में मूल्यवान सामग्री को स्थानांतरित करने के कार्य की निगरानी करने वाले देव ने कहा, ‘‘खाताशेजा (भंडार कक्ष) का अस्थायी ‘स्ट्रांग रूम' के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। रत्न भंडार के आंतरिक कक्ष से मूल्यवान सामग्री को कड़ी सुरक्षा के बीच ‘खाताशेजा' में स्थानांतरित किया जाएगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘आंतरिक कक्ष से मूल्यवान सामग्री को बाहर निकालने का काम शाम तक पूरा होने की उम्मीद है। अस्थायी ‘स्ट्रांग रूम' को सील कर दिया जाएगा और रत्न भंडार की मरम्मत का काम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा किया जाएगा। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद ही आभूषणों और अन्य मूल्यवान सामग्री की सूची तैयार की जाएगी।'' देव ने कहा, ‘‘रत्न भंडार के बाहरी कक्ष को साफ कर दिया गया है और वहां से मूल्यवान सामग्री हटा दी गयी है। आंतरिक कक्ष की मरम्मत की जरूरत है, क्योंकि इसे 46 वर्षों के बाद खोला जा रहा है।'' यह पूछे जाने पर कि क्या आंतरिक कक्ष में कोई सुरंग थी जैसा कि कई लोग दावा कर रहे हैं, देव ने कहा कि एएसआई कक्ष की स्थिति का आकलन करने के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग करेगा और सर्वेक्षक ही इसकी संरचना के बारे में विवरण दे सकते हैं।'' पुरी के जिलाधिकारी सिद्धार्थ शंकर स्वैन ने कहा, ‘‘केवल अधिकृत लोगों को पारंपरिक पोशाक के साथ कोषागार में प्रवेश करने की अनुमति है। यदि मूल्यवान सामग्री को स्थानांतरित करने का काम आज पूरा नहीं होता है तो मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार यह आगे जारी रहेगा। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जा रही है।'' पुरी के पुलिस अधीक्षक पिनाक मिश्रा ने बताया कि ‘एसओपी' के अनुसार मंदिर के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सांप पकड़ने वालों, ओडिशा त्वरित कार्रवाई बल के कर्मियों तथा अग्निशमन सेवा के अधिकारियों को तैयार रहने के लिए कहा गया है।'' मंदिर प्रशासन ने बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘मूल्यवान सामग्री को स्थानांतरित करने के दौरान केवल अधिकृत लोगों और कुछ सेवकों को ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई।'' -
नयी दिल्ली. ड्रोन डेस्टिनेशन और राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) ने कौशल विकास, रोजगार सृजन और भारत में ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एनएसआईसी, नई दिल्ली में एक ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए साझेदारी की है। इस पहल का उद्देश्य ड्रोन प्रौद्योगिकी, मरम्मत और रखरखाव, डेटा प्रसंस्करण एवं विश्लेषण, दूरस्थ पायलट प्रशिक्षण और नए युग के स्पोर्ट ड्रोन सॉकर पर प्रशिक्षण प्रदान करना है। एक बयान में कहा गया है, ‘‘ड्रोन डेस्टिनेशन और एनएसआईसी के बीच सहयोग ड्रोन प्रौद्योगिकी और कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति लाने तथा ड्रोन क्षेत्र में विशेष रूप से डिजिटल कृषि, सर्वेक्षण और मानचित्रण, खनन, संपत्ति निरीक्षण, देखभाल एवं निगरानी, आपदा प्रबंधन और कई अन्य क्षेत्रों में कुशल श्रमबल की बढ़ती और विविध मांगों को पूरा करने की दृष्टि से भविष्य के लिए तैयार कार्यबल विकसित करने के लिए है।'' इस पहल से कौशल विकास और रोजगार के लिए कई अवसर पैदा होंगे, जिससे ड्रोन क्षेत्र में आर्थिक विकास और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। एनएसआईसी के योजना एवं विपणन निदेशक कार्तिकेय सिन्हा ने कहा कि इस ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना खासतौर पर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के इच्छुक युवाओं और महिलाओं के लिए एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम साबित होगा। उन्होंने कहा, ‘‘व्यक्तियों को आवश्यक कौशल से लैस करके हम एक अधिक तकनीकी रूप से उन्नत और आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत एक ग्राम भी मादक पदार्थ देश में नहीं आने देगा। शाह ने मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों से आपूर्ति श्रृंखलाओं को ध्वस्त करने के लिए ‘‘कठोर'' रुख अपनाने का आह्वान भी किया। वह राष्ट्रीय राजधानी में एनसीओआरडी या नार्को-समन्वय केंद्र की 7वीं शीर्षस्तरीय बैठक के दौरान केंद्रीय और राज्य मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। शाह ने एमएएनएएस हेल्पलाइन नंबर '1933' के साथ-साथ एक ईमेल आईडी की भी शुरुआत की। इनका इस्तेमाल लोग मादक पदार्थों की तस्करी के बारे में स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) को जानकारी देने के लिए कर सकते हैं। शाह ने कहा, "नशे का पूरा कारोबार अब मादक पदार्थ-आतंकवाद से जुड़ गया है और इससे मिलने वाला पैसा देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। सभी एजेंसियों का लक्ष्य न केवल नशा करने वालों को पकड़ना होना चाहिए, बल्कि पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करना भी होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि उनकी सरकार "एक ग्राम भी मादक पदार्थ भारत में नहीं आने देगी, न ही हम भारत की सीमाओं का इस्तेमाल किसी भी तरह से मादक पदार्थ तस्करी के लिए होने देंगे।'' उन्होंने यहां विज्ञान भवन में बैठक के दौरान कहा, "मादक पदार्थ आपूर्ति श्रृंखला के प्रति कठोर दृष्टिकोण, मांग में कमी के प्रति रणनीतिक दृष्टिकोण और नुकसान में कमी के लिए मानवीय दृष्टिकोण होना चाहिए।" शाह ने कहा कि यदि कोई मादक पदार्थ जमीन, पानी या हवाई अड्डे के जरिए देश में आता है, तो उसका पता लगाया जाना चाहिए और उस आखिरी बिंदु तक जांच की जानी चाहिए जहां से उसकी तस्करी की गई है। मंत्री ने कहा कि पिछले पांच सालों में नरेन्द्र मोदी सरकार ने मादक पदार्थ रोधी लड़ाई को पूरे सरकारी दृष्टिकोण और संरचनात्मक, संस्थागत और सूचनात्मक सुधारों पर आधारित किया है। शाह ने कहा कि पहले एजेंसियों का मंत्र "जानने की जरूरत" था, लेकिन अब उन्हें "साझा करने के कर्तव्य" की कार्यक्षमता की ओर बढ़ना चाहिए और सभी एजेंसियों को इस महत्वपूर्ण बदलाव को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "सरकार जल्द ही मादक पदार्थों की प्रारंभिक जांच के लिए कम खर्चीली किट उपलब्ध कराएगी, जिससे सभी एजेंसियों द्वारा मामले दर्ज करना बहुत आसान हो जाएगा।" शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा है और यह युवा पीढ़ी को नशे के अभिशाप से दूर रखकर ही हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बैठक के दौरान एनसीबी की 'वार्षिक रिपोर्ट 2023' और 'नशा मुक्त भारत' पर एक संग्रह भी जारी किया।
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नयी दिल्ली. नीति आयोग ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को गति देने की जरूरत है और इस क्षेत्र में 2030 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य रखा जाना चाहिए चाहिए। इस तरह की वृद्धि से लगभग 60 लाख लोगों के लिए रोजगार सृजित होंगे। आयोग ने ‘इलेक्ट्रॉनिक्स: वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारत की भागीदारी को सशक्त बनाना' शीर्षक से जारी रिपोर्ट में कहा कि इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य में तैयार वस्तुओं के विनिर्माण का योगदान 350 अरब डॉलर और कलपुर्जों के विनिर्माण की हिस्सेदारी 150 अरब डॉलर रखी गयी है। देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन वित्त वर्ष 2022-23 तक 101 अरब डॉलर का था। इसमें तैयार वस्तुओं का हिस्सा 86 अरब डॉलर और कलपुर्जों के विनिर्माण की हिस्सेदारी 15 अरब डॉलर थी। रिपोर्ट के अनुसार, भारत से इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का निर्यात 240 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने और घरेलू मूल्यवर्धन 35 प्रतिशत से अधिक होने की उम्मीद है। इसमें कहा गया है, ‘‘भारत ने तीसरी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए प्रौद्योगिकी-संचालित क्षेत्रों के लिए अधिक महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण की आवश्यकता है।'' रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘राजकोषीय प्रोत्साहन और गैर-राजकोषीय हस्तक्षेप सहित अनुकूल कारोबारी माहौल और मजबूत नीतिगत समर्थन के साथ, भारत को वित्त वर्ष 2029-30 तक मूल्य के हिसाब से इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में 500 अरब डॉलर का लक्ष्य हासिल करना चाहिए।'' आयोग ने कहा कि मौजूदा स्थिति के अनुसार, कामकाज चलता रहा तो भारत में इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का विनिर्माण वित्त वर्ष 2029-30 तक 278 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है। इसमें तैयार माल की हिस्सेदारी 253 अरब डॉलर और कलपुर्जों के विनिर्माण की हिस्सेदारी 25 अरब डॉलर होगी। वहीं रोजगार सृजन लगभग 34 लाख रहने की उम्मीद है। जबकि निर्यात 111 अब डॉलर तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट में इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के लिए राजकोषीय, वित्तीय, नियामकीय और बुनियादी ढांचे के स्तर पर रणनीतिक हस्तक्षेप की सिफारिश की गयी है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में एक मजबूत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण परिवेश को बढ़ावा देने के लिए कलपुर्जों और पूंजीगत वस्तुओं को बढ़ावा देना, अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहन, शुल्क दर को युक्तिसंगत बनाना, कौशल विकास, बुनियादी ढांचा विकास शामिल हैं। भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में तेजी से वृद्धि हुई है और यह 2022-23 में 155 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं उत्पादन वित्त वर्ष 2016-17 में 48 अरब डॉलर का था जो 2022-23 में 101 अरब डॉलर का हो गया। उत्पादन में वृद्धि का प्रमुख कारण मोबाइल फोन है। कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 43 प्रतिशत है। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार 4,300 अरब डॉलर का है। इसमें चीन, ताइवान, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, वियतनाम और मलेशिया जैसे देशों का दबदबा है। भारत वर्तमान में सालाना लगभग 25 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात करता है। इसकी वैश्विक हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम है। रिपोर्ट जारी करते हुए नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बी वी आर सुब्रमण्यम ने कहा कि भारत वैश्विक मूल्य श्रृंखला का हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का सवाल है, फिलहाल भारत की हिस्सेदारी बहुत ही कम है।'' उन्होंने कहा कि कुछ प्रकार के कलपुर्जे भारत में नहीं बनते हैं।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनके प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके साथ ही लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित भी किया। सूत्रों ने बताया कि मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के काम की सराहना की और बीते दशकों में पार्टी की सफल यात्रा के बारे में बात की। भाजपा के सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने 'एक्स' पर कहा, "आज, प्रधानमंत्री मोदी हमारे कर्मचारियों से मिलने भाजपा मुख्यालय आए, जिनमें से कई दशकों से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी को 2 सीटों से 303 तक बढ़ते देखा है, जब हमारे पास सिर्फ एक एंबेसडर कार थी और अब गाड़ियों का एक बेड़ा है।" मालवीय ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कार्यकर्ताओं को पहचानना उनके लिए एक भावनात्मक क्षण था।
इससे पहले, भाजपा मुख्यालय पहुंचने पर भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने मोदी का स्वागत किया। उन्होंने 2019 की चुनावी जीत के बाद भी इसी तरह पार्टी कार्यालय के कर्मचारियों से मुलाकात की थी और उनसे संवाद किया था। -
नयी दिल्ली. प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने बृहस्पतिवार को 25 साल पहले हुए करगिल युद्ध में भारतीय जांबाजों की वीरता की सराहना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि 1999 के संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के सभी प्रयास स्पष्ट रूप से “उद्देश्यों को पूरा करने से चूक गए।” उन्होंने कहा, “आज हम जो छद्म युद्ध देख रहे हैं, वह उसी विचारधारा और सोच का परिणाम है, जो नहीं बदली है।” करगिल युद्ध की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर ‘टीवी9 नेटवर्क' द्वारा आयोजित ‘करगिल दिवस सम्मान' में सीडीएस ने यह भी कहा कि युद्ध की यादों को संजो कर रखने के अलावा, इसके बाद की स्थिति को देखना और भविष्य के लिए “सही सबक” लेना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “हमें वही गलतियां नहीं दोहरानी चाहिए।” इस कार्यक्रम में सीडीएस ने करगिल के कई नायकों और 1999 के युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिवार के सदस्यों को पुरस्कार भी प्रदान किए। भारत द्वारा 26 जुलाई 1999 को युद्ध की समाप्ति की घोषणा की गई- जिसे ‘करगिल विजय दिवस' के रूप में मनाया जाता है, जब भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना को सफलतापूर्वक पीछे धकेल दिया। पाकिस्तान की सेना ने लद्दाख में महत्वपूर्ण ऊंचाइयों पर चुपके से कब्जा कर लिया था। जनरल ने कहा, “1971 (युद्ध) में हार के बाद पाकिस्तान हमेशा हमसे बदला लेना चाहता था। 1984 में सियाचिन ग्लेशियर पर हमारे द्वारा किया गया कब्जा एक और अपमान था, जो पाकिस्तान को सहना पड़ा। करगिल में इसकी कार्रवाई अपने सम्मान को पुनः प्राप्त करने के लिए थी, लेकिन स्पष्ट रूप से उसके सभी प्रयास अपने उद्देश्य में असफल रहे।” सीडीएस ने कहा कि “आज हम जो छद्म युद्ध देख रहे हैं, वह उसी विचारधारा और सोच का परिणाम है जो नहीं बदली है। इसलिए हमें, जैसा कि ओलिवर क्रॉमवेल ने कहा था ‘....ईश्वर पर भरोसा रखना चाहिए..., लेकिन...अपना बारूद सूखा रखना चाहिए।” उन्होंने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों की दृढ़ता, अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का पर्याय बन गया करगिल युद्ध “हम सभी को भविष्य के खतरों और चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित और सामूहिक रूप से प्रोत्साहित करता है।” उन्होंने कहा, “हमें इस प्रकार की चुनौतियों का सामना करने के लिए उच्च स्तर की तैयारी बनाए रखनी होगी।” सीडीएस ने संघर्ष में लड़ने वाली विभिन्न इकाइयों के योगदान की सराहना की और साथ ही उन वीर नारियों की भी सराहना की, जिनके बेटों या पतियों ने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। जनरल चौहान ने कहा, “हमारे सैनिकों द्वारा दिए गए बलिदान की यादें हमारी राष्ट्रीय लोककथा का हिस्सा बननी चाहिए, जैसा कि करगिल युद्ध के साथ हुआ है।” सीडीएस ने कहा कि वीरता, साहस और धैर्य की गाथा से भावी पीढ़ी के युवाओं के साथ-साथ भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने वाले सैनिकों को भी प्रेरणा मिलती रहेगी। उन्होंने कहा कि युद्ध की स्मृतियों को संजोने के अलावा, इसके परिणामों पर गौर करना और भविष्य के लिए उपयोगी सबक लेना भी महत्वपूर्ण है।
- नई दिल्ली। कला इतिहासकार मधु खन्ना ने अपनी पुस्तक “तंत्र ऑन द एज” के लिए ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर आर्ट बुक प्राइज का दूसरा संस्करण जीता है। भारत और श्रीलंका में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह में खन्ना और पुस्तक के प्रकाशक डीएजी को ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और एक लाख रुपये नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। खन्ना ने कहा, “इस पुस्तक को लिखना जुनून और समर्पण की यात्रा रही है। जैसे-जैसे हम हिंसा और पारिस्थितिकीय क्षरण से त्रस्त 21वीं सदी में प्रवेश कर रहे हैं, हमें अतीत के गुमनाम शिल्पी-योगियों और ऋषि-विद्वानों से विरासत में मिली तंत्र और योग की आध्यात्मिक विरासत को पुनः प्राप्त करना होगा।” उन्होंने कहा, “उनकी विरासत के कारण ही हम आज तंत्र कला और उसके दर्शन की कालातीत आधुनिकता का जश्न मना पा रहे हैं।” निर्णायक मंडल में स्टेनर के अलावा कला इतिहासकार अलका पांडे और ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर्स की प्रीति पॉल शामिल थीं। निर्णायक मंडल ने विजयी पुस्तक के अतिरिक्त - दो अन्य पुस्तकों की भी सराहना की जिसमें नियोगी बुक्स द्वारा प्रकाशित शिल्पा शाह और रोजमरी क्रिल की “द शूमेकर्स स्टिच: मोची एम्ब्रॉयडरीज ऑफ गुजरात इन द तापी कलेक्शन” तथा एलेफ बुक कंपनी द्वारा प्रकाशित “थोटा वैकुंठम्स थोटा वैकुंठम: ए सेलिब्रेशन” शामिल हैं।




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