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भुवनेश्वर । केंद्र सरकार ने ओडिशा में 44,771 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं और भुवनेश्वर व पारादीप के बीच एक नयी मार्ग परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी दी। एक मंत्री ने यह जानकारी दी। ओडिशा के मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि मौजूदा राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के उन्नयन एवं नए प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए मंजूरी दी गई है। उन्होंने नयी दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के बाद यह जानकारी दी। लोक निर्माण मंत्री हरिचंदन ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पांच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, पांच राज्य राजमार्गों और केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि परियोजनाओं के लिए कुल 44,771 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गई। उन्होंने कहा कि मंजूर की गईं परियोजनाओं में भुवनेश्वर और पुरी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण, 140 किलोमीटर लंबी टांगी-पुइंतोला-इच्छापुरम सड़क, 400 किलोमीटर लंबी राउरकेला-बारबिल-पारादीप मार्ग (डुबुरी मार्ग के माध्यम से) और एनएच-149 के तहत 68 किलोमीटर लंबा पल्लाहाड़ा-पितिरी मार्ग शामिल हैं।
- जयपुर। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी दल वार्ता के लिए नयी दिल्ली में है।गोयल ने ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस' के मौके पर पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, ‘‘ उनके साथ बातचीत लगातार आगे बढ़ रही है। हम द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।'' मंत्री ने साथ ही अमेरिकी आधिकारिक दल से मुलाकात करने का संकेत दिया। इस समझौते के लिए अमेरिका के मुख्य वार्ताकार और दक्षिण एवं मध्य एशिया के लिए सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच, भारत के मुख्य वार्ताकार एवं वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव दर्पण जैन के साथ चर्चा करेंगे। यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और अमेरिका समझौते की पहले चरण को अंतिम रूप देने के लिए काम कर रहे हैं। अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने वाले भारतीय सामानों पर 25 प्रतिशत शुल्क और रूसी कच्चे तेल की खरीद के कारण अतिरिक्त 25 प्रतिशत जुर्माना लगाए जाने के बाद अमेरिकी अधिकारियों की यह दूसरी यात्रा है। अमेरिकी अधिकारियों ने आखिरी बार 16 सितंबर को भारत की यात्रा की थी।
- ठाणे।' महाराष्ट्र के सोलापुर से ट्रेन से मुंबई जाते समय एक सोना कारोबारी के 5.53 करोड़ रुपये के आभूषण चोरी हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना छह-सात दिसंबर की रात हुई जब कारोबारी सिद्धेश्वर एक्सप्रेस ट्रेन में सोलापुर से मुंबई जा रहा था। कल्याण राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के अनुसार कारोबारी ने दो ट्रॉली बैग एक चेन से बांधकर अपनी सीट के नीचे रख दिए जिनमें 4,456 ग्राम सोने के आभूषण रखे हुए थे। उन्होंने बताया कि इसके बाद जब वह सो गया तो एक अज्ञात चोर ने कथित तौर पर चेन तोड़ी और दोनों बैग लेकर फरार हो गया। अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर भारतीय न्याय सहिंता की धारा 305 (सी) (आवास, परिवहन के साधन या पूजा स्थल में चोरी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कल्याण राजकीय रेलवे पुलिस के पंढारी कंडे ने ‘ कहा, ‘‘हमने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी ने पीड़ित के सो जाने का फायदा उठाकर बैग चोरी कर लिए। अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और संदिग्ध की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।''
- अमरोहा (उप्र)। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के गजरौला इलाके में हुई एक अजीबोगरीब घटना में रात में सोते समय माता-पिता के करवट लेने से उनके नीचे कुचलकर उनके 26 दिन के बच्चे की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने यह बताया कि गजरौला इलाके में सद्दाम अब्बासी और उसकी पत्नी अस्मा रात सो रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपने 26 दिन के बच्चे सूफियान को अपने बीच में लेटा लिया। रात में दंपती के करवट बदलने से बच्चा उनके नीचे दब गया जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि सुफियान उनका इकलौता बच्चा था। उसका जन्म इसी साल 10 नवंबर को हुआ था।परिवार वालों के मुताबिक रात में माता-पिता दोनों ने अनजाने में करवट बदल ली, जिससे बच्चा उनके बीच फंस गया। सुबह अस्मा उठी और देखा कि वह बेहोश है। सद्दाम बच्चे को गजरौला कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ले गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रिश्तेदारों ने बताया कि बच्चा जन्म से ही कमजोर था और उसे सांस लेने में दिक्कत थी और बाद में पीलिया हो गया था। डॉक्टरों ने कहा कि बच्चे की मौत दम घुटने से हुई। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
- नयी दिल्ली। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा कि भारतीय डाक को अधिक डिजिटल अनुकूल बनाने और बेहतर सेवा वितरण के लिए सरकार इसकी व्यावसायिक प्रक्रिया में सुधार लाने को लेकर काम कर रही है। सिंधिया ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि वर्तमान में देश भर में 1.64 लाख डाकघर हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले 11 वर्षों में डाक नेटवर्क के विस्तार के लिए काम किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हम भारतीय डाक की संपूर्ण व्यावसायिक प्रक्रिया में सुधार में जुटे हैं, जिसके माध्यम से हमारी डाक सेवाएं पहले से अधिक तेज, बेहतर सेवा-केंद्रित और नागरिकों के लिए अधिक डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगी।'' उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया के तहत डाक विभाग में अत्याधुनिक ‘ऑटोमेशन' लागू किया जाएगा, जिससे भारतीय डाक विभाग दुनिया का सर्वोत्तम लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता बन सकेगा।
- नयी दिल्ली ।वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि सरकार ने अब तक दो लाख से अधिक फर्मों को स्टार्टअप के रूप में मान्यता दी है। 'स्टार्टअप इंडिया' पहल के तहत मान्यताप्राप्त फर्म आयकर छूट जैसे प्रोत्साहनों का लाभ उठाने के लिए पात्र हो जाती हैं। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘बुधवार की तारीख तक उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने कुल 2,01,335 स्टार्टअप को मान्यता दी है। इन स्टार्टअप ने देश भर में 21 लाख से अधिक रोजगार सृजित किए हैं।'' बयान के मुताबिक, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत 14 क्षेत्रों में जून 2025 तक 1.88 लाख करोड़ रुपये से अधिक का वास्तविक निवेश हासिल किया जा चुका है। पीएलआई योजनाओं के तहत 7.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात भी हुआ है जिसमें इलेक्ट्रॉनिक, औषधि, दूरसंचार व नेटवर्किंग उत्पाद और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। डिजिटल वाणिज्य के लिए खुले नेटवर्क की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सरकारी ई-कॉमर्स मंच ओएनडीसी ने अक्टूबर 2025 तक 32.6 करोड़ से अधिक ऑर्डर पूरे किए हैं। कारोबारी सुगमता पर मंत्रालय ने कहा कि नवंबर, 2025 तक 47,000 से अधिक अनुपालन नियमों को हटाया जा चुका है। इन प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए 18 अगस्त 2025 को जन-विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक 2025 को लोकसभा में पेश किया गया।
- नयी दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने पूर्वी दिल्ली के शाहदरा इलाके में चोरी, छीने गए और गुम हुए करीब एक करोड़ रुपये मूल्य के 625 मोबाइल फोन उनके मालिकों को वापस लौटा दिए हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। शाहदरा के विभिन्न थानों की 13 टीमों ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड से मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस ने आईएमईआई नंबर, कॉल रिकॉर्ड और सीईआईआर पोर्टल के डेटा का विश्लेषण कर केंद्रीय डेटाबेस के माध्यम से 225 फोन का पता लगाया। अधिकारी ने बताया कि अब तक बरामद कुल 625 फोन में से खोए हुए 321, चोरी हुए 202, छीने गए 61 और 39 फोन घर से चोरी हुए थे। जीटीबी एन्क्लेव और सीमापुरी की पुलिस टीमों ने क्रमशः 221 और 165 फोन के साथ सबसे ज्यादा फोन बरामद किए। अधिकारी ने बताया "8 दिसंबर को पुलिस उपायुक्त (डीसीपी), शाहदरा कार्यालय में एक समारोह आयोजित किया गया जिसमें 45 बरामद फोन उनके असली मालिकों को सौंपे गए।
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बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर स्थित ग्राम डीह के निकट बुधवार को हुए भीषण सड़क हादसे में एक महिला समेत पांच लोगों की मौत हो गयी जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि हादसे के समय दोनों कारों में कुल नौ लोग सवार थे।उन्होंने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बुधवार को ग्राम डीह के निकट खड़ी वैगन आर कार में पीछे से तेज रफ्तार ब्रेजा कार ने टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहन धू-धूकर जल उठे। उन्होंने बताया कि हादसे में महिला एवं किशोरी समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी।
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना में मरने वालों की पहचान गुलिस्ता (49), समरीन (22), इलमा खान (12), इश्मा खान (6) और जियान (10) के तौर पर हुयी है। उन्होंने बताया कि इस घटना में चार अन्य लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत बेहद नाजुक है। उन्होंने बताया कि दोनों वाहनो में कुल नौ लोग सवार थे। पुलिस ने बताया कि सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ में भर्ती करवाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार एक्सप्रेसवे पर खड़ी एक वैगन आर में पीछे से ब्रेजा कार ने टक्कर मार दी, जिससे वैगन आर में आग लग गई और दोनों वाहन जलने लगे। -
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने बुधवार को सभी 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही एसआईआर प्रक्रिया के तहत एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। आयोग ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे बूथ स्तर पर तैयार की गई अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहराए गए मतदाताओं (एएसडी) की सूची राजनीतिक दलों के बूथ स्तर एजेंटों के साथ साझा करें। यह वही प्रक्रिया है, जिसे बिहार में विशेष सुधार अभियान के दौरान सफलतापूर्वक लागू किया गया था।
आयोग ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं से बूथ स्तरीय अधिकारियों द्वारा तीन या उससे अधिक बार घर जाकर संपर्क करने की कोशिश के बावजूद संपर्क नहीं हो पाया, उन्हें एएसडी श्रेणी में शामिल किया गया है। अब इन मतदाताओं की स्थिति की पुष्टि आवश्यक है, ताकि मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले त्रुटियों को दूर किया जा सके। इसी उद्देश्य से प्रत्येक बूथ पर बूथ स्तरीय अधिकारी राजनीतिक दलों के नियुक्त बूथ स्तरीय एजेंटों से मुलाकात करेंगे और उन्हें पूरी एएसडी सूची प्रदान करेंगे।चुनाव आयोग के अनुसार, इन 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग 5 लाख बूथ स्तर अधिकारी और 12 लाख से अधिक बूथ स्तर एजेंट बूथवार बैठकों में भाग लेंगे। आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से छूट न जाए और सभी त्रुटियों का समय रहते सुधार किया जा सके।आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में बूथवार, विधानसभा वार और जिला वार एएसडी सूचियां संबंधित जिलाधिकारियों और मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएंगी। यह सूची पहचान पत्र संख्या के आधार पर खोजने योग्य रूप में भी उपलब्ध होगी। बिहार में अपनाई गई इसी व्यवस्था को अब देश के अन्य राज्यों में भी लागू किया जा रहा है।चुनाव आयोग का कहना है कि पारदर्शिता बढ़ाने और मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के लिए यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे राजनीतिक दलों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलेगी और वे मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में सक्रिय रूप से भाग ले सकेंगे। आयोग ने सभी राज्यों से कहा है कि वे निर्देशों का समयबद्ध तरीके से पालन सुनिश्चित करें, ताकि विशेष सुधार प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण हो सके। -
नई दिल्ली। टीबी उन्मूलन की दिशा में भारत की तेज़ प्रगति को अगले चरण में ले जाते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बुधवार को गुजरात के सांसदों के साथ एक उच्च-स्तरीय रणनीतिक संवाद किया। यह बैठक “सांसद: टीबी-मुक्त भारत के समर्थक” पहल के तहत संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान गर्वी गुजरात भवन में आयोजित की गई। बैठक में उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमूबेन बाम्भणिया तथा गुजरात का प्रतिनिधित्व करने वाले दोनों सदनों के अनेक सांसद शामिल हुए।
सांसदों को संबोधित करते हुए नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में हासिल महत्वपूर्ण उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 2015 से 2024 के बीच टीबी की घटनाओं में लगभग 21% की कमी दर्ज की गई है, जबकि उपचार सफलता दर 90% के करीब पहुंच चुकी है, जो डब्ल्यूएचओ के वैश्विक औसत से भी अधिक है।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुजरात की मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली, नवाचारों को अपनाने की क्षमता और प्रभावी कार्यक्रम प्रबंधन इसे अगली पीढ़ी की टीबी उन्मूलन रणनीतियों के लिए एक अग्रणी राज्य बना सकते हैं।नड्डा ने सांसदों से अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ठोस हस्तक्षेप सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए एक स्पष्ट कार्य-योजना प्रस्तुत की, जिसमें शामिल हैं। टीबी संकेतकों से जुड़े निर्वाचन क्षेत्र स्कोरकार्ड की नियमित समीक्षा। संबंधित राज्य-विभागों के साथ समन्वय कर क्रियान्वयन को और मजबूत करना।दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) बैठकों में टीबी समीक्षा को संस्थागत रूप देना। स्थानीय स्तर पर आने वाली बाधाओं का समयबद्ध समाधान।उन्होंने जागरूकता बढ़ाने के लिए जनसंपर्क अभियानों, स्थानीय मीडिया आउटरीच और सार्वजनिक आयोजनों के माध्यम से टीबी से जुड़े कलंक को कम करने पर भी जोर दिया। साथ ही, मंत्री ने निर्वाचन क्षेत्रों में नि-क्षय शिविरों के आयोजन और नि-क्षय मित्र नेटवर्क का विस्तार बढ़ाने पर बल दिया, ताकि टीबी मरीजों को पोषण, परामर्श और सामुदायिक सहयोग लगातार मिल सके।बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने सामुदायिक-केंद्रित जांच, उन्नत तकनीकी निगरानी प्रणालियां और पोषण समर्थन जैसी नई नीतिगत प्राथमिकताओं की जानकारी साझा की। वहीं, अपर सचिव एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक अराधना पटनायक ने टीबी-मुक्त भारत अभियान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और इसमें सांसदों की सक्रिय भागीदारी के महत्व पर जोर दिया।गुजरात के सांसदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन प्रयासों को गति देने का संकल्प व्यक्त किया और टीबी-मुक्त भारत के लक्ष्य के लिए समन्वित, परिणाम-उन्मुख और समुदाय-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने का समर्थन दोहराया। टीबी-मुक्त भारत की दिशा में सरकार और जनप्रतिनिधियों का यह संयुक्त प्रयास देश को 2025 तक टीबी उन्मूलन के लक्ष्य के और करीब ले जाने की उम्मीद जगाता है। - नई दिल्ली। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-इज़राइल रणनीतिक साझेदारी में हो रही निरंतर प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और पारस्परिक हित के लिए इन संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, दोनों नेताओं ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के सभी रूपों एवं अभिव्यक्तियों के प्रति अपनी ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति को पुनः व्यक्त किया। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया।प्रधानमंत्री मोदी ने गाज़ा शांति योजना के शीघ्र कार्यान्वयन सहित क्षेत्र में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के प्रयासों के लिए भारत के समर्थन की पुष्टि की। दोनों नेताओं ने आगे भी संपर्क में बने रहने पर सहमति व्यक्त की।बता दें कि भारत और इज़राइल के संबंध लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं। इसी क्रम में पिछले महीने के अंत में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इज़राइल की सफल यात्रा पूरी की। इस दौरान उन्होंने भारत-इज़राइल रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से कई उच्चस्तरीय बैठकें कीं।एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह यात्रा दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को गहरा करने, प्रौद्योगिकी आधारित सहयोग को बढ़ाने और रणनीतिक महत्व के क्षेत्रों में साझेदारी का विस्तार करने की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह भारत–इज़राइल संबंधों के अगले चरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।20 से 22 नवंबर तक चली इस यात्रा में गोयल ने इज़राइल के तीन मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं और राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग तथा प्रधानमंत्री नेतन्याहू से भी मुलाकात की। गोयल की इज़राइल के अर्थव्यवस्था और उद्योग मंत्री नीर बरकत के साथ हुई बैठक में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर चर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि भारत–इज़रायल एफटीए के लिए ‘संदर्भ शर्तों’ पर हस्ताक्षर किए गए, जो संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी परिणाम के लिए सुनियोजित वार्ता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।इज़राइल के वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच के साथ हुई बैठक में अवसंरचना, खनन और इज़राइल में भारतीय श्रमिकों के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। वहीं, कृषि मंत्री एवी डिक्टर के साथ हुई चर्चा में इज़राइल की दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा रणनीति, बीज सुधार प्रौद्योगिकियों और कृषि जल पुन: उपयोग में उसके अनुभव पर चर्चा हुई।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्' को देश के स्वतंत्रता संग्राम की पहली धड़कन बताते हुए आम आदमी पार्टी की स्वाति मालीवाल ने बुधवार को राज्यसभा मे कहा कि इसने देश के लोगों को दुनिया के सबसे ताकतवर साम्राज्य से लड़ने की शक्ति दी। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्' की रचना के 150 बरस पूरे होने पर उच्च सदन में हो रही चर्चा में हिस्सा लेते हुए आम आदमी पार्टी की स्वाति मालीवाल ने कहा ‘‘वंदे मातरम् हमारे स्वतंत्रता संग्राम की पहली धड़कन है जिसने हमें दुनिया के सबसे ताकतवर साम्राज्य से लड़ने की शक्ति दी। यह भारतीय राष्ट्रीयता की ध्वनि बन गया। भारत अपने शहीदों के अंतिम शब्द कभी नहीं भूल सकता। आज भी हमारे बच्चों की पहली राष्ट्र वंदना वंदे मातरम् होती है।'' मालीवाल ने कहा कि पूरे राष्ट्रीय गीत के एक एक शब्द के अर्थ निकलते हैं और प्रेरित करते हैं कि ‘हम अपने राष्ट्र के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दें। '' उन्होंने कहा कि यह गीत स्पष्ट संकेत भी देता है कि भारत की सीमाएं उसके सपूतों के हाथों में सुरक्षित हैं और उसकी ओर कोई आंख उठा कर भी नहीं देख सकता। बीजू जनता दल के देवाशीष सामन्त राय ने कहा कि ‘वंदे मातरम्' ने पूरे देश को ऐसे समय पर एकजुट किया जब हम गुलाम थे। ‘वंदे मातरम्' यह संकेत देता था कि ''अंग्रेजों भारत छोड़ो।'' उन्होंने कहा ‘‘वंदे मातरम् हमारा राष्ट्रीय गीत है और हम इसे सर्वोच्च सम्मान देते हैं।
चर्चा में बीजद के निरंजन बिशी ने कहा ‘‘हमें आजादी देने वाले कारकों में से एक वंदे मातरम् है और अब हमारी जिम्मेदारी है कि देश को विकास की राह पर ला कर अपनी आजादी को सार्थक करें।'' भाजपा के डॉ भागवत कराड़ ने कहा कि वंदे मातरम पर चर्चा का उद्देश्य यह है कि 140 करोड़ देशवासियों को एक बार फिर एक सूत्र में बांधा जाए, नयी पीढ़ी को वंदे मातरम् के महत्व से अवगत कराया जाए और देश के प्रति अपने कर्तव्यों की राह में बढ़ने का संकल्प लिया जाए। -
नयी दिल्ली. भारत के प्रमुख उत्सव दीपावली को बुधवार को यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया गया। दिल्ली में लाल किले पर आयोजित यूनेस्को की एक अहम बैठक में यह फैसला लिया गया। यह पहली बार है कि भारत अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (आईसीएच) के संरक्षण के लिए अंतरसरकारी समिति के सत्र की मेजबानी कर रहा है। इस समिति का 20वां सत्र लाल किले में आठ से 13 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है।
यूनेस्को द्वारा दीपावली उत्सव को प्रतिष्ठित सूची में शामिल किए जाने की घोषणा के बाद ‘वंदे मातरम' और ‘भारत माता की जय' के नारे हवा में गूंज उठे। भारत की 15 चीजें वर्तमान में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल हैं, जिनमें कुंभ मेला, कोलकाता की दुर्गा पूजा, गुजरात का गरबा नृत्य, योग, वैदिक मंत्रोच्चार की परंपरा और रामलीला - महाकाव्य ‘रामायण' का पारंपरिक प्रदर्शन शामिल हैं। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से ‘आपका धन, आपका अधिकार' अभियान में हिस्सा लेने का बुधवार को आग्रह किया। इसके तहत पिछले दो महीनों में 2,000 करोड़ रुपये की बिना दावे वाली संपत्तियां उनके असली मालिकों को सफलतापूर्वक लौटाई गई हैं। सरकार ने चार अक्टूबर को ‘आपका पैसा, आपका अधिकार' राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया था। इसका उद्देश्य बैंक जमा, बीमा, लाभांश, शेयर, म्यूचुअल फंड और पेंशन सहित लावारिस पड़ीं वित्तीय संपत्तियों को उनके वैध दावेदारों तक पहुंचाने में मदद करना है। मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘ सभी हितधारकों खासतौर पर सरकार, नियामक निकायों, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के समन्वित प्रयासों से करीब 2,000 करोड़ रुपये पहले ही उनके सही मालिकों को लौटाए जा चुके हैं।'' अक्टूबर से पांच दिसंबर 2025 तक 477 जिलों में शिविर आयोजित किए गए। इनमें जन प्रतिनिधियों, जिला प्रशासनों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री लोगों से ‘आपका पैसा, आपका अधिकार' आंदोलन में हिस्सा लेने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘ हम आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और व्यापक बनाना चाहते हैं।'' उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय बैंकों में हमारे ही नागरिकों का बिना दावे का 78,000 करोड़ रुपये पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों के पास करीब 14,000 करोड़ रुपये की राशि बिना दावे के पड़ी है। साथ ही म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास करीब 3,000 करोड़ रुपये और 9,000 करोड़ रुपये की ऐसी लाभांश राशि रखी है।
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गढ़चिरौली. महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में बुधवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रश्मि शुक्ला के समक्ष 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों के सिर पर 82 लाख रुपये का इनाम था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक जब नक्सलियों ने डीजीपी के सामने हथियार डाले, तब उनमें से चार 'वर्दी' में थे।
पुलिस की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य सरकार ने उन पर कुल 82 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। बयान में कहा गया है कि गढ़चिरौली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के संयुक्त प्रयासों के कारण इस वर्ष जिले में 112 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। - नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि भारतीय शिल्पकारों ने अपने ज्ञान, समर्पण और कड़ी मेहनत से अपनी वैश्विक पहचान स्थापित की है तथा अब उन्हें अपने उत्पादों के लिए एक विशिष्ट जीआई (भौगोलिक संकेत) टैग प्राप्त करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मुर्मू ने यहां 2023 और 2024 के लिए राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार प्रदान करते हुए कहा कि यह जीआई टैग अब भारतीय शिल्पकारों के उत्पादों की पहचान और विश्वसनीयता को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा, “मैं इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से अनुरोध करती हूं कि वे अपने विशिष्ट उत्पादों के लिए जीआई टैग प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ें। इससे आपके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिलेगी तथा आपकी विश्वसनीयता बढ़ेगी।” इसके अलावा, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल जैसी योजनाएं भी भारत के क्षेत्रीय हस्तशिल्प उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत कर रही हैं। जीआई टैग एक ऐसा नाम या चिह्न है जो किसी उत्पाद को किसी विशिष्ट स्थान से उत्पन्न होने वाले, उस स्थान से जुड़े अद्वितीय गुणों, प्रतिष्ठा या विशेषताओं से युक्त बताता है। यह देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय विविधता पर प्रकाश डालता है। इस टैग वाले उत्पाद अपने अद्वितीय गुणों और पारंपरिक शिल्प कौशल के लिए पहचाने जाते हैं।राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हस्तशिल्प न केवल हमारी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं, बल्कि आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी है। यह क्षेत्र देश में 32 लाख से ज़्यादा लोगों को रोजगार देता है।'' उन्होंने कहा, “कला के प्रति उनका समर्पण, कड़ी मेहनत व प्रतिबद्धता हमारी परंपराओं को जीवित रखती है। मेरा मानना है कि कलाकारों का रचनात्मक अभ्यास भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है।” सशक्तीकरण और सतत विकास के लिए हस्तशिल्प क्षेत्र के महत्व को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने पिछले दशक में इस क्षेत्र को मजबूत करने के वास्ते कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अब, 1.5 लाख से अधिक हस्तशिल्प इकाइयां सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) से जुड़ चुकी हैं।
- नयी दिल्ली. सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि पिछले तीन साल और सात महीनों में 1,60,950 करोड़ रुपये की वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) चोरी के 55,813 मामले सामने आए हैं। वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि जीएसटी चोरी के ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां फर्जी बिल बनाने के लिए नकली संस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्तवर्ष में अक्टूबर तक, 41,664 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रभाव वाले कर-चोरी के 24,109 मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 के दौरान कर अधिकारियों ने 58,772 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रभाव वाले ‘‘इनपुट टैक्स क्रेडिट'' (आईटीसी) धोखाधड़ी के 15,283 मामलों का पता लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने फर्जी बिल के मामलों को रोकने और उनसे निपटने के लिए कई उपाय किए हैं।सरकार द्वारा किए गए कुछ उपायों में पांच करोड़ रुपये से अधिक कारोबार वाले व्यवसायों के लिए सभी ‘‘बी 2 बी'' लेनदेन की खातिर इलेक्ट्रॉनिक बिलिंग प्रणाली (ई-चालान) को अनिवार्य करना और उच्च जोखिम वाले मामलों में भौतिक सत्यापन की आवश्यकता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने के बाद, केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमाशुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) 22 सितंबर, 2025 से पहले और बाद में पैकेटबंद खाने की चीज़ों और दवाओं सहित ज़रूरी चीज़ों की कीमतों पर नज़र रख रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसका फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्राप्त सूचनाओं से पता चलता है कि जीएसटी दरों में कटौती के बाद ये फायदे, आखिर में उपभोक्ताओं तक पहुंचा दिए गए है।
- नयी दिल्ली. सरकार ने संसद को सूचित किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) ने पिछले साढ़े पांच साल में 6.15 लाख करोड़ रुपये के ऋण बट्टे खाते में डाल दिए हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, "भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने पिछले पांच वित्त वर्षों और मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर, 2025 (अनंतिम डेटा) तक कुल 6,15,647 करोड़ रुपये का ऋण बट्टे खाते में डाल दिया है।'' उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 से सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कोई पूंजी नहीं डाली है। उन्होंने कहा कि इन बैंकों ने अपने वित्तीय प्रदर्शन में काफी सुधार किया है, वे लाभ में आ गए हैं और अपनी पूंजीगत स्थिति को मजबूत कर रहे हैं। चौधरी ने कहा कि ये बैंक अब अपनी पूंजीगत जरूरतों को पूरा करने के लिए बाजार स्रोत और आंतरिक स्रोतों पर निर्भर हैं और उन्होंने 1 अप्रैल 2022 से 30 सितंबर 2025 तक इक्विटी और बॉन्ड के जरिए बाजार से 1.79 लाख करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई है। उन्होंने कहा कि बैंक आरबीआई के दिशानिर्देशों और बैंकों के बोर्ड से मंज़ूर नीति के मुताबिक, चार साल पूरे होने पर गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) को बट्टे खाते में डालते हैं। चौधरी ने अपने उत्तर में यह भी कहा कि ऋण को बट्टे खाते में डालने (राइट-ऑफ करने) का मतलब यह नहीं है कि कर्जदारों की चुकाने की देनदारी खत्म हो जाएगी। उन्होंने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि भारत में बैंक और वित्तीय संस्थान पारंपरिक रूप से निर्यात वित्तपोषण का मुख्य स्रोत रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों (वित्त वर्ष 20-21 से 24-25) में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सिडबी और एक्जिम बैंक द्वारा दिया गया कुल निर्यात ऋण 21.71 लाख करोड़ रुपये था। एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में चौधरी ने कहा कि सितंबर 2025 तक पिछले साढ़े चार सालों में 3,588.22 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि इनमें से 238.83 करोड़ रुपये वापस हासिल किये जा चुके हैं। मंत्री ने कहा कि देश में डिजिटल भुगतान लेनदेन बढ़ने के साथ ही पिछले कुछ सालों में डिजिटल भुगतान में धोखाधड़ी समेत साइबर ठगी के मामले भी बढ़े हैं।
- नयी दिल्ली. सरकार ने मंगलवार को लोकसभा को सूचित किया कि जनगणना 2027 में वर्तमान निवास पर लोगों के रहने की अवधि और प्रवास के कारण से संबंधित प्रश्न भी शामिल होंगे। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि जनगणना में प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी उस स्थान पर एकत्र की जाती है, जहां वे गणना की अवधि के दौरान पाए जाते हैं। मंत्री एक सदस्य के इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या जनगणना-2027 के दौरान प्रवासी श्रमिकों और अस्थायी निवासियों की गणना के लिए कोई विशेष प्रावधान किए जा रहे हैं और क्या इसके लिए एक अलग डेटा संग्रह प्रक्रिया प्रस्तावित है। मंत्री ने कहा कि प्रवासन के आंकड़े प्रत्येक व्यक्ति के जन्म स्थान और अंतिम निवास स्थान के आधार पर एकत्र किये जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जनगणना में वर्तमान निवास पर रहने की अवधि और प्रवास के कारण के बारे में भी जानकारी एकत्र की जाती है। केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र के माध्यम से क्षेत्रीय कार्य से पहले जनगणना के लिए प्रश्नावली अधिसूचित की जाती है।'' जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच घरों की सूची और गणना होगी तथा फरवरी 2027 में लोगों की गिनती की जाएगी।
- अहमदाबाद. गुजरात के एक दंपति की 23 साल पुरानी शादी खान पान की पसंद के कारण टूट गई। दोनों के बीच विवाद रसोई से शुरू हुआ और इसकी वजह पत्नी की प्याज़ एवं लहसुन न खाने की आदत थी तथा इसे लेकर उनके बीच लंबे समय से तनाव था। गुजरात उच्च न्यायालय ने अहमदाबाद की एक पारिवारिक अदालत के तलाक के फैसले को बरकरार रखा, जिससे पति-पत्नी के बीच दो सबसे आम चीजों प्याज और लहसुन के सेवन को लेकर लंबे समय से जारी विवाद का अंत हो गया। न्यायमूर्ति संगीता विशेन और न्यायमूर्ति निशा ठाकोर की खंडपीठ ने विवाह विच्छेद को चुनौती देने वाली महिला की अपील को खारिज कर दिया। दंपति के बीच ‘झगड़ा' पत्नी के प्याज और लहसुन न खाने के कारण हुआ। पत्नी ने अपनी अपील में कहा कि मामला उसके एक खास संप्रदाय (स्वामीनारायण संप्रदाय) को मानने से जुड़ा है। इस संप्रदाय के अनुयायी प्याज और लहसुन नहीं खाते। अदालत के आदेश के अनुसार, अहमदाबाद के इस जोड़े की शादी 2002 में हुई थी। पति की मां पत्नी के लिए प्याज और लहसुन के बिना अलग से खाना बनाती थी, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों के लिए प्याज लहसुन वाला खाना बनाया जाता था। फैसले में कहा गया, ‘‘धर्म का पालन और प्याज-लहसुन का सेवन दोनों पक्षों के बीच मतभेद का मुख्य कारण था।'' हालांकि, सुनवाई के दौरान पारिवारिक अदालत के तलाक के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी, लेकिन पत्नी ने विवाह विच्छेद पर कोई आपत्ति नहीं जताई। आदेश में कहा गया, ‘‘पत्नी विवाह विच्छेद का विरोध नहीं कर रही बल्कि मुख्य चिंता न्यायाधीश द्वारा दिए गए गुजारा भत्ते को लेकर है।'' न्यायमूर्ति विशेन और न्यायमूर्ति ठाकोर की खंडपीठ ने पारिवारिक न्यायालय के तलाक के आदेश को बरकरार रखा। इससे पहले, पति ने अहमदाबाद के महिला थाने में एक आवेदन दायर किया था, जिसमें अपीलकर्ता (पत्नी) द्वारा ‘‘अत्याचार और उत्पीड़न'' का आरोप लगाया गया था। पति से अनबन के कारण पत्नी 2007 में अपने बच्चे के साथ ससुराल छोड़कर चली गई थी। आदेश के अनुसार, 2013 में पति ने अहमदाबाद पारिवारिक न्यायालय में इस आधार पर तलाक के लिए अर्जी दी कि उसके साथ ‘‘क्रूरता की गई है और पत्नी ने उसे छोड़ दिया है''। पारिवारिक न्यायालय ने मई 2024 में तलाक को मंज़ूरी दे दी। उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान महिला ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय के निर्देश के बावजूद उसे 18 महीने से गुजारा भत्ता नहीं दिया गया है। पत्नी के वकील ने अदालत को बताया कि कुल बकाया गुजारा भत्ता 13,02,000 रुपये था, जिसमें से उसे अंतरिम गुजारे भत्ते के रूप में 2,72,000 रुपये मिल चुके हैं। मुकदमे के दौरान पति ने 4,27,000 रुपये पहले ही जमा कर दिए थे। उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि सत्यापन के बाद यह राशि पत्नी को हस्तांतरित की जाए और पति को निर्देश दिया कि वह शेष राशि पारिवारिक न्यायालय में जमा कराए, जो धनराशि को महिला के बैंक खाते में हस्तांतरित कर देगा।
- गुवाहाटी. प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग को कॉटन यूनिवर्सिटी ने मंगलवार को मरणोपरांत डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (डी. लिट.) की मानद उपाधि प्रदान की। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह के दौरान डॉक्टर ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि प्रदान की। दिवंगत गायक एवं अभिनेता जुबिन गर्ग की बहन डॉ. पाल्मे बड़ठाकुर ने यह मानद उपाधि प्राप्त की। डॉक्टर ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि प्राप्त करने के बाद बड़ठाकुर ने कहा, "यह एक शैक्षणिक सम्मान है और परिवार को उन पर बहुत गर्व है। उनकी अनुपस्थिति में इसे प्राप्त करना एक भावुक क्षण है।'' बड़ठाकुर ने दावा किया कि गायक ने अपने जीवनकाल में सभी की मदद की थी, लेकिन पिछले तीन महीनों में, ‘‘हमें एहसास हुआ कि लोग उनका कैसे फायदा उठाते थे।'' गायक की 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय मृत्यु हो गई थी। सरकार ने उनकी मौत की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और 12 दिसंबर को आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। बड़ठाकुर ने कहा कि परिवार अब एक मजबूत आरोप पत्र और दोषियों पर मुकदमा चलाए जाने की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने कहा, "हम बस यही चाहते हैं कि उन्हें न्याय मिले। हमें जांच पर भरोसा है और 12 दिसंबर को आरोपपत्र के विवरण का पता चल जाएगा।'' मंगलवार को कॉटन यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में, राज्यपाल ने प्रख्यात असमिया लेखक और विद्वान रंजीत कुमार देव गोस्वामी को साहित्य और सांस्कृतिक अध्ययन में उनके योगदान के लिए मानद डी. लिट (ऑनोरिया कौसा) की उपाधि प्रदान की।
- गंगटोक. गंगटोक के एक रिहायशी इलाके में एक हिमालयी काला भालू देखा गया, जिसके बाद वन विभाग को अलर्ट जारी करना पड़ा। सोमवार आधी रात को सिक्किम की राजधानी में पानी हाउस के पास भालू को देखा गया। इस संबंध में एक वन अधिकारी ने कहा कि इसे नगर पार्षद नोरबू तमांग के आवास की सीसीटीवी फुटेज में देखा गया। वन विभाग ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तलाशी शुरू कर दी है और पानी हाउस, इंदिरा बाईपास तथा लिंगडिंग क्षेत्रों के निवासियों से भालू को सुरक्षित बचाए जाने तक सतर्क रहने का आग्रह किया है।file photo
- नयी दिल्ली. राज्यसभा की मनोनीत सदस्य सुधा मूर्ति ने मंगलवार को सरकार से प्राथमिक और उच्च विद्यालयों में राष्ट्र गीत 'वंदे मातरम्' का गायन अनिवार्य करने का आग्रह किया। इस गीत की रचना की 150वीं वर्षगांठ पर उच्च सदन में हुई चर्चा में भाग लेते हुए मूर्ति ने कहा, ‘‘मैं यहां एक सांसद, समाजसेवी या लेखिका के रूप में नहीं खड़ी हूं। मैं यहां भारत माता की एक बेटी के रूप में खड़ी हूं।'' उन्होंने देश के स्वतंत्रता संग्राम में इस गीत की भूमिका को याद करते हुए कहा, ‘‘जब भारत परतंत्र था, तो हमारा आत्मविश्वास डगमगा गया था और हम निराश थे।'' मनोनीत सदस्य ने कहा, ‘‘उस समय, वंदे मातरम् ज्वालामुखी के लावा की तरह फूट पड़ा। मैं हुबली के एक छोटे से कस्बे से हूं। मेरे दादाजी बताया करते थे कि यह ब्रिटिश राज के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक था। वंदे मातरम् में एक जादुई स्पर्श था।'' विद्यालयों में इस गीत को पढ़ाने की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों को अगर यह नहीं पढ़ाया गया तो वे ‘वंदे मातरम्' का पूरा पाठ भूल जाएंगे।' मूर्ति ने शिक्षा विभाग से, खासकर प्राथमिक और उच्च विद्यालयों में, राष्ट्रीय गीत को अनिवार्य बनाने का अनुरोध किया। चर्चा में हिस्सा लेते हुए शिवसेना सदस्य मिलिंद देवरा ने कहा कि संगीतकार ए.आर. रहमान द्वारा ‘वंदे मातरम्' गीत की प्रस्तुति ने उन सभी लोगों को गलत साबित कर दिया है जो 88 साल पहले राष्ट्र गीत को छोटा करने के लिए ज़िम्मेदार थे। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्' केवल हमारा राष्ट्र गीत नहीं है, बल्कि यह वास्तव में भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज वह नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्य से कहना चाहेंगे कि ए.आर. रहमान का संस्करण एक गौरवान्वित भारतीय द्वारा प्रस्तुत किया गया था, जो संयोग से एक मुसलमान भी हैं। शिवसेना सदस्य ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पूरा ‘वंदे मातरम्' कभी-कभी ही सुना जाता है।नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्य चौधरी मोहम्मद रमज़ान ने कहा कि ‘वंदे मातरम्' गीत का जो अंश छोड़ा गया है, उसमें देवी-देवताओं की पूजा की बात है और इस्लाम मूर्ति पूजा की इजाजत नहीं देता। उन्होंने कहा, ‘‘हम हिंदू, ईसाई और सिखों का सम्मान करते हैं। अगर आप गाना चाहते हैं, गाए। हम इसका सम्मान करते हैं... इस्लाम देवी-देवताओं की पूजा की इजाज़त नहीं देता है। इसीलिए सिर्फ उन्हीं छंदों को लिया गया है।" उन्होंने मोहम्मद इक़बाल द्वारा रचित 'सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा' का भी जिक्र किया और कहा कि यह गीत एक मुसलमान ने उर्दू में लिखा है।
- अमरावती. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे संक्रांति त्योहार से लोगों को सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराएं। ‘रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम' (आरटीजीएस) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन सेवाओं से पारदर्शिता आएगी और शासन के प्रति लोगों की "संतुष्टि" भी बढ़ेगी। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, "मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को अगली संक्रांति से सभी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने सभी विभागों से इस दिशा में कदम उठाने को कहा है।" तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख के अनुसार, सरकार की सभी सेवाओं को ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को ड्रोन सेवाओं में विविधता लाने और इस उद्देश्य के लिए एक मास्टर प्लान बनाने का निर्देश दिया।
- नयी दिल्ली. भारत के रजिस्ट्रार जनरल (आरजीआई) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आगामी जनगणना के लिए जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति 15 जनवरी 2026 तक पूरी करने का निर्देश दिया है। यह जानकारी एक नवीनतम परिपत्र में दी गई है। परिपत्र के अनुसार, इस डेटा संग्रह कवायद के लिए प्रगणक और पर्यवेक्षक मुख्य जनगणना अधिकारी होंगे। इसमें कहा गया है कि लगभग 700-800 की आबादी के लिए एक प्रगणक को नियुक्त किया जाएगा और प्रत्येक छह प्रगणकों पर एक पर्यवेक्षक होगा। आपात स्थितियों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षित प्रगणक और पर्यवेक्षक भी रखे जाएंगे। जनगणना नियम-1990 के नियम तीन के अनुसार, शिक्षक, लिपिक या राज्य सरकार/स्थानीय प्राधिकरण के किसी भी अधिकारी को प्रगणक के रूप में नियुक्त किया जा सकता है, जबकि पर्यवेक्षक सामान्यतः प्रगणक से उच्च रैंक का अधिकारी होगा। आगामी जनगणना 2027 में देश भर में जनगणना के कार्य को समय पर पूरा करने के लिए लगभग 30 लाख फील्ड अधिकारी तैनात किए जाएंगे। आरजीआई ने इन सभी गतिविधियों की निगरानी और प्रबंधन के लिए 'जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस)' नामक एक वेब पोर्टल भी विकसित किया है। परिपत्र के अनुसार, जनगणना 2027 की नयी पहलों के कारण जनगणना अधिकारियों की अग्रिम नियुक्ति और सीएमएमएस पोर्टल पर कार्यकर्ताओं का सही विवरण के साथ पंजीकरण अत्यंत आवश्यक है। जनगणना 2027 दो चरणों में होगी: पहला चरण, मकान सूचीकरण और आवास गणना अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच होगा और दूसरा चरण जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगा। यह कवायद डिजिटल होगी और इसमें 30 अप्रैल को राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति के निर्णय के अनुसार, जाति गणना को भी शामिल किया जाएगा।



























