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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को G20 समिट में वैश्विक विकास के मौजूदा मानकों पर गहराई से पुनर्विचार करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने “Inclusive and sustainable economic growth leaving no one behind” नामक सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। PM मोदी ने कहा कि वर्षों से G20 ने दुनिया की अर्थव्यवस्था और विकास के ढांचे को दिशा दी है, लेकिन वर्तमान मॉडल ने बड़ी आबादी को संसाधनों से वंचित कर दिया है और प्रकृति के अति-दोहन को बढ़ावा दिया है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि इन चुनौतियों का सबसे अधिक असर अफ्रीका में महसूस किया जाता है। यह पहली बार है जब G20 समिट अफ्रीका में आयोजित हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में तीन नई और महत्वपूर्ण वैश्विक पहलें पेश की। पहली पहल ‘ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपोजिटरी’ (Global Traditional Knowledge Repository) है। PM मोदी ने बताया कि दुनिया की कई समुदाय पारंपरिक, प्रकृति-संतुलित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जीवनशैली का पालन करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि G20 के तहत एक वैश्विक भंडार बनाया जाए, जिसमें ऐसे ज्ञान और अनुभव को दर्ज किया जाए। यह पहल भविष्य की पीढ़ियों तक टिकाऊ जीवन शैली से जुड़े समय-परीक्षित मॉडल पहुंचाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा इस वैश्विक प्लेटफार्म की आधारशिला बन सकती है।दूसरी पहल ‘G20-Africa Skills Multiplier Initiative’ है, जिसमें PM मोदी ने कहा कि अफ्रीका का विकास पूरी दुनिया के हित में है। इस कार्यक्रम के तहत train-the-trainers मॉडल लागू किया जाएगा। सभी G20 सदस्य देश मिलकर इसे वित्तीय और तकनीकी सहयोग देंगे। लक्ष्य है कि अगले 10 वर्षों में अफ्रीका में 10 लाख प्रशिक्षित ट्रेनर्स तैयार किए जाएं, जो आगे लाखों युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देंगे।तीसरी और अहम घोषणा ‘G20 Initiative on Countering the Drug-Terror Nexus’ की थी। PM मोदी ने कहा कि ड्रग तस्करी और आतंकवाद एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और यह वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। यह पहल वित्तीय, सुरक्षा और प्रशासनिक तंत्रों को एकजुट करके ड्रग-तस्करी के नेटवर्क को रोकने, अवैध धन के प्रवाह को रोकने और आतंकवाद की आर्थिक सप्लाई को कमजोर करने में मदद करेगी। PM मोदी की इन तीनों पहलों का उद्देश्य वैश्विक विकास को अधिक समावेशी, टिकाऊ और सुरक्षित बनाना है।- -
नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन में जारी ‘लीडर्स डिक्लरेशन’ में भारत की 2023 G20 अध्यक्षता की प्रमुख उपलब्धियां स्पष्ट रूप से सामने आईं। इस वर्ष के घोषणा-पत्र में भारत की प्राथमिकताओं को न केवल दोहराया गया बल्कि ग्लोबल साउथ की आवाज को भी और मजबूती से उठाया गया।
घोषणा-पत्र में आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की गई है। यह वही मुद्दा है जिस पर भारत लगातार एक मजबूत वैश्विक सहमति की मांग करता रहा है। डिजिटल परिवर्तन को आगे बढ़ाते हुए दस्तावेज में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया गया। इसमें भारत की इस मांग को भी शामिल किया गया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी उभरती तकनीकों का उपयोग सुरक्षित, भरोसेमंद और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए।महिला-नेतृत्व वाले विकास, जो भारत की अध्यक्षता का एक मुख्य स्तंभ था, को भी घोषणा-पत्र में व्यापक समर्थन मिला है। इसमें महिलाओं और लड़कियों की भागीदारी और सशक्तिकरण बढ़ाने पर फिर जोर दिया गया है। आपदा प्रबंधन और लचीलापन बढ़ाने पर दक्षिण अफ्रीका का फोकस भी सीधे भारत की अध्यक्षता से जुड़ा है। भारत द्वारा बनाए गए डिसास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप के परिणाम इस वर्ष भी आगे बढ़ाए गए, और भारत की प्रमुख पहल-कोएलिशन फॉर डिसास्टर रेसिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) को विशेष मान्यता दी गई।खाद्य सुरक्षा पर भी भारत का प्रभाव स्पष्ट दिखा, जब 2023 में भारत में अपनाए गए डेक्कन हाई-लेवल प्रिंसिपल्स को फिर से दोहराया गया। स्वास्थ्य क्षेत्र में घोषणा-पत्र ने पारंपरिक और पूरक चिकित्सा पद्धतियों के महत्व को स्वीकार किया-जो नई दिल्ली घोषणा-पत्र की एक बड़ी उपलब्धि रही थी। वहीं जलवायु वित्त (क्लाइमेट फाइनेंस) के क्षेत्र में भारत को बड़ी सफलता मिली। दस्तावेज में कहा गया कि जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के लिए विकासशील देशों को 2030 तक लगभग ‘5.8–5.9 ट्रिलियन डॉलर’ की आवश्यकता होगी। साथ ही, भारत की LiFE (Lifestyle for Sustainable Development) पहल को भी वैश्विक रूप से बढ़ावा देने का आह्वान किया गया।संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में व्यापक सुधार की भारत की मांग को भी घोषणा-पत्र में जगह मिली है, जिसमें इस महत्वपूर्ण संस्था को और प्रतिनिधिक बनाने पर जोर दिया गया है। कुल मिलाकर, दक्षिण अफ्रीका के इस घोषणा-पत्र में कई हिस्से भारत की नई दिल्ली G20 घोषणा के समान हैं, जिससे यह साफ होता है कि भारत वैश्विक एजेंडा और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में निरंतर नेतृत्व कर रहा है। -
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों के लिए नमो भारत ट्रेन अब सिर्फ सफर का जरिया ही नहीं, बल्कि जिंदगी के खास पलों को यादगार बनाने का नया माध्यम भी साबित होने जा रही है। रीजनल रेल सेवा संचालित करने वाली एनसीआरटीसी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम) ने एक अनोखी पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत लोग अपने विशेष अवसरों- जैसे जन्मदिन, प्री-वेडिंग शूट, निजी समारोह या खुशी का कोई और यादगार पल सीधे नमो भारत ट्रेन के अंदर सेलिब्रेट कर सकेंगे।
कार्यक्रम का आयोजन स्टेशन पर खड़े कोच में या परिचालन के दौरान ट्रैक पर चलती ट्रेन में दोनों तरीकों से संभव होगाइस पहल के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति, इवेंट ऑर्गेनाइजर या फोटो/वीडियो प्रोडक्शन टीम नमो भारत के कोच की एडवांस बुकिंग कर सकती है। आयोजन ट्रेन के स्टेशन पर खड़े कोच में या परिचालन के दौरान ट्रैक पर चलती ट्रेन में दोनों तरीकों से संभव होगा। इसके लिए निर्धारित शुल्क 5,000 प्रति घंटे से शुरू होता है।समारोह सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक आयोजित, ट्रेन संचालन और यात्रियों को बिना असुविधा सुनिश्चित किया जाएगासाथ ही, बुकिंग वाले समय के पहले और बाद में 30-30 मिनट का अतिरिक्त स्लॉट भी दिया जाएगा ताकि सजावट लगाने और हटाने में सुविधा मिल सके। समारोह सुबह 6 बजे से रात 11 बजे के बीच आयोजित किए जा सकते हैं और पूरी व्यवस्था इस तरह प्रबंधित की जाएगी कि सामान्य ट्रेन संचालन और यात्रियों को कोई असुविधा न हो।नमो भारत का आधुनिक डिज़ाइन, आकर्षक इंटीरियर और 160 किमी/घंटा गति इसे समारोहों के लिए विशेष बनाते हैंएनसीआरटीसी ने बताया कि नमो भारत के आकर्षक इंटीरियर, आधुनिक डिजाइन और 160 किलोमीटर/घंटा की उच्च गति इसे समारोहों के लिए खास और यादगार लोकेशन बनाते हैं। आनंद विहार, गाजियाबाद और मेरठ साउथ जैसे स्टेशनों पर इसकी पहुंच लोगों को अपने समारोह के लिए एक अनोखा और प्रीमियम वातावरण प्रदान करती है।इन समारोहों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आयोजन एनसीआरटीसी स्टाफ और सिक्योरिटी की निगरानी में होंगेइसके अतिरिक्त, दुहाई डिपो में स्थित मॉक-अप कोच भी शूट और आयोजनों के लिए उपलब्ध है। इन समारोहों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आयोजन एनसीआरटीसी स्टाफ और सिक्योरिटी की निगरानी में होंगे। आयोजनकर्ताओं को सजावट की पूरी स्वतंत्रता होगी, जिसे ट्रेन अथॉरिटी के निर्धारित मानकों के अनुरूप रखा जाना अनिवार्य होगा।देशभर के युवा फिल्म निर्माताओं ने नमो भारत की अवसंरचना पर आधारित शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता में प्रतिभा दिखाईउल्लेखनीय है कि एनसीआरटीसी ने पहले भी नमो भारत के स्टेशनों और ट्रेनों को फिल्म, डॉक्यूमेंट्री और टीवी विज्ञापनों की शूटिंग के लिए किराए पर उपलब्ध कराने संबंधी नीति लागू की है। हाल ही में आयोजित फिल्म प्रतियोगिता में देशभर के युवा फिल्म निर्माताओं ने नमो भारत की अवसंरचना पर आधारित शॉर्ट फिल्मों में प्रतिभा दिखाई थी।अब इस नई पहल के साथ लोग अपनी खुशियां नमो भारत के साथ जोड़कर इसकी कहानी का हिस्सा बन सकेंगेएनसीआरटीसी का मानना है कि हर दिन नमो भारत से सफर करने वाले हजारों यात्रियों के पास अपनी-अपनी कहानियां होती हैं मुलाकातों की, सपनों की और सफर के अनुभवों की। अब इस नई पहल के साथ लोग अपनी खुशियां नमो भारत के साथ जोड़कर इसकी कहानी का हिस्सा बन सकेंगे। -
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि इजरायल के साथ भारत की पार्टनरशिप में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे।
केंद्रीय मंत्री ने में पेरेज सेंटर फॉर पीस एंड इनोवेशन में मीडिया से बात करते हुए कहा, “मेरा मानना है कि हम अपने स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए इजरायल के साथ मिलकर काम कर सकते हैं और भारत की बड़ी अर्थव्यवस्था को देखते हुए इसे प्रतिस्पर्धी कीमतों पर डीप टेक और हाई क्वालिटी इनोवेशन के लेवल तक ले जाने की उम्मीद कर सकते हैं। हम इजरायल के साथ एक गहरी पार्टनरशिप की उम्मीद कर रहे हैं, जिसकी आबादी में हर हजार व्यक्तियों पर एक स्टार्टअप है।”उन्होंने कहा कि भारत आने वाले वर्षों में दुनिया की स्टार्टअप कैपिटल बनना चाहता है।केंद्रीय मंत्री गोयल ने पेरेज सेंटर फॉर पीस एंड इनोवेशन को लेकर कहा, “मुझे यहां आने का अवसर मिला ताकि मैं समझ सकूं कि इतना छोटा देश इतने बड़े इनोवेशन कैसे कर सकता है। इन्होंने बाधाओं को अवसरों में बदला है। जिस तरह से उन्होंने अपनी डिफेंस और खेती की जरूरतों और हेल्थ और क्लाइमेट चेंज के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी के बीच तालमेल बिठाया है। उससे मैं बेहद प्रभावित हुआ हूं।”गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी एक पोस्ट के जरिए पेरेज सेंटर फॉर पीस एंड इनोवेशन के उनके दौरे की जानकारी दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “आज जाफा स्थित पेरेज सेंटर फॉर पीस एंड इनोवेशन का दौरा किया। यह एक इंस्पायरिंग हब है, जो क्रिएटिविटी, टेक्नोलॉजी और सामाजिक प्रभाव को लेकर इजरायल की यात्रा को दर्शाता है। प्रदर्शनी में इस बात की बहुमूल्य जानकारी दी गई कि इनोवेशन किस प्रकार ग्रोथ और डेवलपमेंट को गति दे सकता है।”इससे पहले उन्होंने इजरायल के अर्थव्यवस्था और उद्योग मंत्री द्वारा आयोजित एक समारोह में भाग लिया। केंद्रीय मंत्री गोयल ने एक्स पर लिखा, “दोनों देशों के लीडिंग बिजनेस एसोसिएशन और व्यापार निकायों को एक साथ लाने को लेकर प्रसन्न हूं।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र अपनी तीन दिवसीय दक्षिण अफ्रीकी यात्रा पर जोहान्सबर्ग पहुंच गए हैं। यहां एक होटल में भारतीय प्रवासियों ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी अप्रवासी भारतीयों से मिले और उनसे बातचीत की।
पीएम मोदी ने अप्रवासी भारतीयों से बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है। पीएम मोदी ने एक्स पर कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव सचमुच हृदयस्पर्शी और शाश्वत है। जोहान्सबर्ग में मेरे युवा मित्रों ने गणपति प्रार्थना, शांति मंत्र और अन्य दिव्य प्रार्थनाएं बड़ी श्रद्धा से गाईं। ऐसे क्षण हमारे लोगों के बीच के अटूट बंधन की पुष्टि करते हैं।पीएम मोदी ने कहा कि जोहान्सबर्ग में भारतीय समुदाय द्वारा दिए गए गर्मजोशी भरे स्वागत से मैं बहुत प्रभावित हूं। यह स्नेह भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच के अटूट बंधन को दर्शाता है। ये संबंध, जो इतिहास में निहित हैं और साझा मूल्यों से और भी मजबूत होते जा रहे हैं। पीएम मोदी ने आगे लिखा, “दक्षिण अफ्रीका में भारत की जीवंत सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन!”भारतीय समुदाय के सदस्यों ने ‘एकजुट भारत की लय’ शीर्षक से आयोजित एक लघु सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारत के 11 राज्यों के लोक नृत्यों का प्रदर्शन करने में अग्रणी भूमिका निभाई। यह सराहनीय है कि भारतीय समुदाय अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ है। पीएम जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका की ओर से आयोजित होने वाले ‘G-20 लीडर्स’ समिट में हिस्सा लेंगे।इससे पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि G-20 शिखर सम्मेलन से संबंधित कार्यक्रमों के लिए जोहान्सबर्ग पहुंच गया हूं। प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विश्व नेताओं के साथ उपयोगी चर्चा की आशा है। हमारा ध्यान सहयोग को मजबूत करने, विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और सभी के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने पर रहेगा।‘G-20 लीडर्स’ समिट का आयोजन जोहान्सबर्ग में होगा। यह विकासशील देशों में आयोजित होने वाला लगातार चौथा G20 समिट होगा। समिट में पीएम मोदी ‘G-20’ एजेंडा पर भारत का दृष्टिकोण पेश करेंगे। उनके समिट के तीनों सत्रों में संबोधित करने की उम्मीद है। - लखनऊ ।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता जनता, खासकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना रही है।शुक्रवार को लखनऊ में फिक्की एफएलओ (फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री लेडीज ऑर्गनाइजेशन) के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, “यह स्वाभाविक है कि किसी समाज को उसकी आधी आबादी की अनदेखी करके आत्मनिर्भर नहीं बनाया जा सकता।”उन्होंने कहा कि जब भाजपा राज्य में सत्ता में आई थी, तब असुरक्षा का माहौल था और कानून-व्यवस्था दयनीय थी।उन्होंने कहा, “न तो व्यापारी, उद्योगपति और न ही बाजार की बेटियां सुरक्षित थीं। उस समय (जब हम सत्ता में आए थे) हमारी पहली प्राथमिकता सुरक्षा थी।”उन्होंने कहा, “महत्वपूर्ण बात यह है कि जब व्यक्ति ही सुरक्षित नहीं है, तो पूंजी (धन) कैसे सुरक्षित रह सकती है? जब व्यापारी, बेटियां और बाजार असुरक्षित हों, तो हम किस विकास की बात करें?”उन्होंने कहा कि पिछले आठ-साढ़े आठ वर्ष में राज्य सरकार ने जिस “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम किया है, उसके तहत उत्तर प्रदेश ने एक लंबी छलांग लगाई है और “आज उत्तर प्रदेश देश में एक आदर्श राज्य के रूप में जाना जाता है।”
- नयी दिल्ली। राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक विमान में छुपाया गया सोना जब्त करने के बाद तस्करी के एक नेटवर्क का पर्दाफाश किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि 14 नवंबर को डीआरआई ने जेद्दा से आए एक यात्री के पास 1,246.48 ग्राम सोना जब्त किया था जो 24 कैरेट का था। जब्त सोने की कीमत करीब 1.62 करोड़ रुपये है।बयान में कहा गया है कि सफेद टेप में लिपटा सोना एक यात्री सीट के नीचे ‘लाइफ जैकेट पाउच’ के अंदर छुपाया गया था।इसके बाद जांच के दौरान, अहमदाबाद में कैफे चलाने वाले एक व्यक्ति की पहचान गिरोह के प्रमुख समन्वयक के रूप में हुई।बयान के अनुसार, जांच से पता चला कि एक प्रतिष्ठित विमानन कंपनी के दो कर्मचारी – एक वरिष्ठ कार्यकारी (सुरक्षा) और एक सहायक प्रबंधक (सुरक्षा) – तस्करी के प्रयास में शामिल पाए गए। जांच से पता चला कि गिरोह ने पिछले दो महीनों में 10 से अधिक बार लगभग 16 करोड़ रुपये मूल्य के सोने की तस्करी की है।
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नयी दिल्ली । दिल्ली के महरौली इलाके में छापेमारी के दौरान आठ लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी में कथित रूप से शामिल एक अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय राजधानी में सक्रिय साइबर अपराध गिरोहों पर नकेल कसने के लिए शुरू किए गए ‘साइहॉक’ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।कॉल सेंटर महरौली स्थित एक इमारत में था।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छापेमारी के दौरान, पुलिस को गिरोह का पता चला जो कथित तौर पर तकनीकी सहायता प्रतिनिधि बनकर विदेशी नागरिकों को ठग रहा था।यह गिरोह ‘एप्लीकेशन’ के माध्यम से पीड़ितों के सिस्टम तक ‘रिमोट एक्सेस’ प्राप्त करते थे तथा ‘तकनीकी सहायता’ प्रदान करने के नाम पर पैसे ऐंठते थे। पुलिस ने बताया कि कॉल सेंटर मोहित जुनेजा द्वारा चलाया जा रहा था और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान सार्थक शर्मा, हितेश, रेहान, प्रणव, अभिषेक, मानव तनेजा के रूप में की गई। -
नई दिल्ली। सरकार की ओर से शुक्रवार को कहा गया कि ई-केवाईसी जॉब कार्ड वेरिफिकेशन का सबसे सटीक और आसान तरीका है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, इसका मकसद महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (मनरेगा) को पारदर्शी और असरदार तरीके से लागू करना है, जिससे ग्रामीण परिवारों को इसका फायदा मिल सके। लगभग 99.67 प्रतिशत सक्रिय मनरेगा श्रमिक पहले से ही आधार से जुड़े हुए हैं। मनरेगा योजना के तहत 2.69 लाख ग्राम पंचायतों को कवर किया जाता है, जिसमें 26 करोड़ से ज्यादा पंजीकृत श्रमिक है।
मंत्रालय ने कहा, “जॉब कार्ड वेरिफिकेशन एक लगातार चलने वाला प्रोसेस है, जबकि जॉब कार्ड रिन्यूअल 5 साल में एक बार करना जरूरी है। इन कानूनी प्रक्रियाओं को आसान बनाने और सपोर्ट करने के लिए, राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से आग्रह किया गया है कि वे मौजूदा प्रोसेस को फॉलो करने के बाद जॉब कार्ड वेरिफिकेशन और उसके बाद रिन्यूअल के लिए एनएमएमएस ऐप (नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम) में पहले से मौजूद ई-केवाईसी फीचर का इस्तेमाल करें।” इस आसान उपाय का मकसद राज्यों को समय पर, पारदर्शी और अच्छे तरीके से वेरिफिकेशन पूरा करने में मदद करना है।99.67 प्रतिशत सक्रिय श्रमिक के आधार को पहले से ही सीड किया जा चुका है, इसलिए ई-केवाईसी फीचर का इस्तेमाल जॉब कार्ड के वेरिफिकेशन के एक आसान, भरोसेमंद, सही और असरदार तरीके के तौर पर किया जा सकता है। ई-केवाईसी के दौरान, ग्राम रोजगार सहायक/वर्कसाइट सुपरवाइजर/मेट/कोई भी दूसरा जीपी स्तर का कर्मचारी मनरेगा श्रमिक की फोटो लेता है (एनएमएमस ऐप पर ई-केवाईसी फीचर के जरिए) जिसे रियल टाइम में उसकी आधार डिटेल्स के साथ डिजिटली वेरिफाई किया जाता है।एक श्रमिक के जरिए यह प्रोसेस एक मिनट के समय में पूरा हो जाता है। मंत्रालय ने कहा कि सरकार जमीनी स्तर पर स्कीम को लागू करने में ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी पक्का करने और हर असली वर्कर के अधिकारों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, जिससे उन्हें बिना किसी रुकावट के एक्ट के तहत उनका सही वेतन वाला काम मिलता रहे। -
नई दिल्ली। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया कि मनरेगा (MGNREGA) के कार्यान्वयन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण परिवारों को समय पर और सही लाभ मिल सके। देशभर में 2.69 लाख ग्राम पंचायतों के माध्यम से मनरेगा को चलाया जा रहा है और इसमें 26 करोड़ से अधिक पंजीकृत श्रमिक शामिल हैं। मंत्रालय के मुताबिक 99.67% सक्रिय मनरेगा श्रमिकों के आधार नंबर पहले ही जॉब कार्ड से जुड़ चुके हैं, जिससे अब e-KYC प्रक्रिया और भी आसान व तेज हो गई है।
मनरेगा कानून के मुताबिक ग्राम पंचायत को आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर जॉब कार्ड जारी करना होता है, जिसमें यूनिक जॉब कार्ड नंबर, पंजीकरण संख्या, बीमा पॉलिसी नंबर और आधार नंबर जैसी जानकारी शामिल रहती है। वहीं, जॉब कार्ड का नवीनीकरण हर 5 साल में आवश्यक है। जॉब कार्ड जारी करना, उनका सत्यापन और नवीनीकरण ये सभी जिम्मेदारियां राज्य सरकारों और ग्राम पंचायतों की होती हैं।वहीं मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि जॉब कार्ड के सत्यापन और नवीनीकरण के लिए NMMS ऐप (National Mobile Monitoring System) की e-KYC सुविधा का उपयोग करें। यह प्रक्रिया बेहद सरल है और एक श्रमिक की e-KYC सिर्फ एक मिनट में पूरी हो जाती है। ग्राम रोजगार सहायक, वर्कसाइट सुपरवाइजर या पंचायत स्तर का कोई भी कर्मचारी NMMS ऐप के माध्यम से श्रमिक का फोटो लेता है, जिसे आधार डेटाबेस से तुरंत डिजिटल रूप से मिलान किया जाता है। अब तक 56% सक्रिय श्रमिकों की e-KYC पूरी हो चुकी है।राज्यों को सलाह दी गई है कि नेटवर्क जैसी तकनीकी समस्याओं को दूर कर प्रक्रिया को और आसान बनाया जाए। e-KYC वर्कसाइट पर, ग्राम पंचायत द्वारा आयोजित विशेष शिविरों में, या राज्य द्वारा तय किसी भी स्थान पर की जा सकती है। यह कदम मनरेगा में पारदर्शिता, दक्षता और सेवा वितरण को मजबूत करेगा। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि जॉब कार्ड या श्रमिकों के नाम हटाने की प्रक्रिया के लिए 24 जनवरी 2025 को विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की गई थी। इसमें निष्पक्षता, जवाबदेही और गलत/मनमानी डिलीशन को रोकने के लिए साफ और एकसमान निर्देश दिए गए हैं। इस SOP का पालन करना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है, जबकि मंत्रालय इसकी निगरानी करता है।ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दोहराया कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सभी इच्छुक ग्रामीण परिवारों को मनरेगा के तहत उनका हक मिले, बिना किसी रुकावट के, और योजना पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ लागू हो। - नई दिल्ली। भारतीय थल सेना ने ‘टेक एब्जॉर्प्शन ईयर’ में स्वदेशीकरण को अभूतपूर्व गति दी है। आयातित हथियारों और उपकरणों पर निर्भरता तेजी से कम हो रही है। अब तक 1,050 से ज्यादा महत्वपूर्ण स्पेयर पार्ट्स और 60 से अधिक बड़ी असेंबलिंग पूरी तरह स्वदेशी बन चुकी हैं।इसके अलावा मौजूदा हथियारों और सिस्टम के लिए 1,035 असेंबलिंग-सब असेंबलिंग और 3,517 स्पेयर पार्ट्स भी भारतीय कंपनियों ने सफलतापूर्वक विकसित कर लिए हैं। कुल मिलाकर 5,600 से ज्यादा पार्ट्स अब विदेश से मंगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे न सिर्फ रखरखाव और अपग्रेड आसान हुआ है, बल्कि युद्ध के समय सप्लाई चेन पर विदेशी दबाव का खतरा भी खत्म हो रहा है। न सिर्फ सिर्फ पार्ट्स, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक भी अब देश में बन रही है। थर्मल इमेजर के लिए क्रायो-कूलर, ड्रोन और अनमैन्ड एरियल व्हीकल के लिए फ्लाइट कंट्रोलर और इलेक्ट्रिकल स्पीड कंट्रोलर, ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम जैसे हाई-टेक कंपोनेंट अब भारतीय फैक्ट्रियों में तैयार हो रहे हैं।ये सारे काम इन-हाउस रिसर्च, डीआरडीओ, बड़े रक्षा उद्योगों के साथ-साथ छोटी-मध्यम कंपनियों और स्टार्ट-अप्स के सहयोग से हो रहे हैं। सेना ने सैकड़ों नई भारतीय कंपनियों को अपने सप्लायर बेस में शामिल किया है, जिससे रोजगार भी बढ़ रहा है और तकनीकी क्षमता भी। सेना के अधिकारियों का कहना है कि ये कदम सीधे तौर पर ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत कर रहे हैं। अब युद्ध या आपात स्थिति में किसी विदेशी देश से पार्ट्स मंगवाने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह पहल प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान और विकसित भारत 2047 के विजन से पूरी तरह जुड़ी हुई है।रक्षा मंत्रालय ने बताया कि आने वाले सालों में और हजारों पार्ट्स को स्वदेशी बनाने का लक्ष्य है। इससे न सिर्फ अरबों रुपये की विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि भारतीय रक्षा उद्योग विश्व स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
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नई दिल्ली। सरकार की फैक्ट चेक यूनिट ने बताया है कि ठगी करने वाले लोगों को वॉइसमेल भेज रहे हैं, और खुद को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का अधिकारी बता रहे हैं। ये लोगों को डराते हैं कि आपका अकाउंट या कार्ड ब्लॉक हो जाएगा। इसी को चलते सरकार ने चेतावनी जारी की है। सरकारी की फैक्ट चेक एजेंसी PIB फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “सावधान रहें! यह पूरी तरह से फ्रॉड है।”
ठगी कैसे चल रही है?ठग खुद को RBI का अधिकारी बताते हैं और झूठी-मूठी कोई गंभीर समस्या गिना देते हैं, जैसे आपका अकाउंट मनी लॉन्ड्रिंग में फंसा है या कार्ड ब्लॉक हो गया है।इन ठगों का एक ही उद्देश्य होता है कि आपको डराकर पासवर्ड, OTP, कार्ड नंबर या कोई भी निजी बैंकिंग जानकारी लेना। जो लोग फंस जाते हैं, उनके अकाउंट से सीधे पैसे गायब हो जाते हैं या सारी निजी जानकारी लीक हो जाती है।सरकार ने क्या सलाह दी है?-PIB फैक्ट चेक ने लोगों से कहा है कि कोई भी संदिग्ध मैसेज या कॉल जो केंद्र सरकार या RBI की तरफ से आया हुआ लगे, उसकी तुरंत जांच करें। खास सलाह ये है:-बिना मांगे आए कॉल या वॉइसमेल पर भूलकर भी तुरंत रिएक्ट न करें, खासकर जब बैंक अकाउंट में तुरंत कुछ करने को बोला जाए।-अपना बैंकिंग पासवर्ड, OTP, कार्ड नंबर, CVV या कोई भी निजी जानकारी कभी किसी को न बताएं, चाहे सामने वाला RBI का ही बड़ा अफसर ही क्यों न बता रहा हो।-अगर कुछ शक हो तो तुरंत ऑफिशियल चैनल पर रिपोर्ट करें। PIB फैक्ट चेक टीम से संपर्क कर सकते हैं। PIB फैक्ट चेक टीम का व्हाट्सऐप नंबर +91 87997 11259 और ईमेल [email protected] है।अपने अकाउंट को सुरक्षित रखेंठगी करने के तरीके रोज बदल रहे हैं, इसलिए जागरूक रहना ही सबसे बड़ा हथियार है। RBI और सरकार बार-बार बता चुकी है कि रिज़र्व बैंक कभी फोन करके या वॉइसमेल भेजकर किसी का अकाउंट ब्लॉक करने या पैसे ट्रांसफर करने की धमकी नहीं देता। इसलिए, सतर्क रहिए, सही जानकारी रखिए और अपने पैसे-बैंक अकाउंट को इन ठगों से बचाइए। -
नई दिल्ली। सरकार ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया। सरकार ने कहा कि चारों नए लेबर कोड आज यानी 21 नवंबर से पूरे देश में लागू हो जाएंगे। ये लेबर कोड हैं- वेज कोड (2019), इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड (2020), सोशल सिक्योरिटी कोड (2020) और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड (2020)। इस कदम से पुराने 29 लेबर कानूनों को एक साथ जोड़ दिया गया है, जिससे भारत का लेबर सिस्टम अब नई तरह की नौकरियों और कामकाज के तरीकों के हिसाब से तैयार हो गया है।सरकार के मुताबिक ये सुधार पुराने कानूनों को आधुनिक बनाने, मजदूरों की भलाई को मजबूत करने और ऐसा माहौल बनाने के लिए हैं जिसमें भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स और मजबूत इंडस्ट्री दोनों बन सकें।
क्यों जरूरी थे ये सुधारभारत के ज्यादातर लेबर कानून 1930 से 1950 के दशक में बने थे, जब अर्थव्यवस्था और काम करने का तरीका बिल्कुल अलग था। PIB की प्रेस रिलीज के मुताबिक, सालों से ये बिखरे हुए कानून कन्फ्यूजन पैदा करते थे, कंप्लायंस मुश्किल था और मजदूरों को मिलने वाली सुरक्षा भी पुरानी हो चुकी थी। दुनिया के बड़े-बड़े देशों ने अपने लेबर सिस्टम को अपडेट कर लिया, लेकिन भारत अभी भी पुराने कानूनों पर चल रहा था। अब चार लेबर कोड लागू करने से ये सालों पुराना गैप भर गया है और औपनिवेशिक काल के ढांचे की जगह एक नया, एकीकृत और आधुनिक लेबर सिस्टम आ गया है।सरकार का कहना है कि नए कोड से मजदूरों को बेहतर सुरक्षा मिलेगी, कंपनियों के लिए नियम आसान होंगे और एक प्रतिस्पर्धी, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी।किन सेक्टरों के मजदूरों को क्या फायदा होगा?फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयी (FTE)फिक्स्ड टर्म वाले कर्मचारियों को अब परमानेंट स्टाफ जितनी ही सुविधाएं मिलेंगी—छुट्टी, मेडिकल, सोशल सिक्योरिटी सबग्रेच्युटी सिर्फ एक साल की सर्विस के बाद मिलेगी, पहले पांच साल लगते थेबराबर काम का बराबर वेतन और कॉन्ट्रैक्ट लेबर का ज्यादा इस्तेमाल रोकने का प्रावधानगिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स-पहली बार ‘गिग वर्क’, ‘प्लेटफॉर्म वर्क’ और ‘एग्रीगेटर’ की परिभाषा कानून में आई-एग्रीगेटर कंपनियां अपनी सालाना कमाई का 12 फीसदी तक (लेकिन गिग वर्कर्स को दी गई पेमेंट का अधिकतम 5 फीसदी) योगदान देंगी-आधार से लिंक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर से पूरे देश में सुविधाएं पोर्टेबल हो जाएंगीकॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स-फिक्स्ड टर्म वाले नियम से नौकरी और सोशल सिक्योरिटी बेहतर होगी-एक साल लगातार सर्विस के बाद ग्रेच्युटी मिलेगी-प्रिंसिपल एम्प्लॉयर को सोशल सिक्योरिटी और हेल्थ बेनिफिट देना जरूरी-हर साल मुफ्त हेल्थ चेकअप मिलेगामहिला कर्मचारी-जेंडर के आधार पर भेदभाव कानूनन प्रतिबंधित-एक ही काम के लिए बराबर वेतन पक्का-महिलाएं रात की शिफ्ट में और हर सेक्टर में (अंडरग्राउंड माइनिंग भी) काम कर सकेंगी, बस सहमति और सुरक्षा जरूरी-शिकायत कमेटी में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अनिवार्य-परिवार की परिभाषा में सास-ससुर भी शामिल-युवा और नए जॉइन करने वाले कर्मचारीन्यूनतम मजदूरी की गारंटी-अपॉइंटमेंट लेटर देना जरूरी-छुट्टी के दिनों का भी वेतन मिलेगा-केंद्र सरकार फ्लोर वेज तय करेगी-MSME में काम करने वाले मजदूर-सोशल सिक्योरिटी कोड के तहत सभी योग्य कर्मचारी कवर-न्यूनतम मजदूरी, बेसिक सुविधाएं, स्टैंडर्ड वर्किंग आवर्स और डबल ओवरटाइम-वेतन समय पर देना अनिवार्यबीड़ी और सिगार वर्कर्सन्यूनतम मजदूरी पक्कीदिन में 8-12 घंटे और हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम नहींओवरटाइम अपनी मर्जी से और डबल रेट परसाल में सिर्फ 30 दिन काम करने पर भी बोनस का हकलेबर कोड में और क्या-क्या नया है?पूरे देश के लिए नेशनल फ्लोर वेज, ताकि न्यूनतम जीने लायक मजदूरी मिलेजेंडर न्यूट्रल मौके, ट्रांसजेंडर लोगों के खिलाफ भेदभाव पर रोकएक लाइसेंस, एक रजिस्ट्रेशन, एक रिटर्न—कंप्लायंस बहुत आसाननेशनल ओएसएच बोर्ड बनेगा जो पूरे देश में एक जैसे सेफ्टी और हेल्थ स्टैंडर्ड बनाएगा500 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों में सेफ्टी कमेटी जरूरीफैक्ट्री की परिभाषा में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई ताकि छोटी यूनिट्स पर बोझ कम होये नए लेबर कोड आज से पूरे देश में लागू हो चुके हैं। -
नई दिल्ली। देश के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा खास लचीला पदार्थ तैयार किया है जो शरीर की सामान्य हरकतों जैसे दिल की धड़कन, सांस लेना, उंगलियों की हलचल या चलाने से खुद ही बिजली बना सकता है। यह उपलब्धि बेंगलुरु स्थित सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज सीईएनएस के वैज्ञानिकों ने हासिल की है, जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की स्वायत्त संस्था है।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, वैज्ञानिकों ने टंग्स्टन ट्राइऑक्साइड नाम के विशेष नैनो कणों को पीवीडीएफ नाम की लचीली प्लास्टिक सामग्री में मिलाकर एक नया मिश्रित पदार्थ बनाया है, जो दबाव और खिंचाव जैसी गतिविधियों को बिजली में बदलने की क्षमता रखती है। शोध टीम ने इन नैनो कणों को चार अलग-अलग आकारों में तैयार कर जांच की, जिनमें फूल जैसी आकृति वाले कण सबसे प्रभावी पाए गए।इनकी सतह पर अधिक विद्युत आवेश होता है, जिससे ये प्लास्टिक में सबसे अच्छी तरह घुलमिल जाते हैं और ज्यादा बिजली पैदा करते हैं। शोधकर्ताओं ने सिर्फ पदार्थ तैयार नहीं किया, बल्कि यह भी तय किया कि प्लास्टिक में नैनो कणों की कितनी मात्रा रहने से ऊर्जा उत्पादन सबसे ज्यादा होगा। इसके बाद टीम ने इसका उपयोग करके छोटे-छोटे स्वयं ऊर्जा पैदा करने वाले उपकरण भी बनाए और उनका सफल परीक्षण किया।इन उपकरणों ने हल्की से हल्की गतिविधि जैसे उंगली का मोड़ना या टेबल पर हल्की थाप से भी साफ और स्थिर विद्युत संकेत पैदा किए। यह शोध अंतरराष्ट्रीय पत्रिका एसीएस अप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक मटेरियल्स में प्रकाशित हुआ है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तकनीक वास्तविक जीवन में कई क्षेत्रों में बड़ा बदलाव ला सकती है।विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में, जहां मरीज की दिल की धड़कन, सांस, नाड़ी और चलने जैसी गतिविधियों की लगातार निगरानी बेहद जरूरी होती है, यह तकनीक बिना किसी बाहरी बिजली स्रोत के यह काम कर सकती है। नया पदार्थ स्मार्ट कपड़ों, फिटनेस बैंड़ों, मोशन सेंसरों और चिकित्सा उपकरणों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे शरीर में पहने जाने वाले उपकरण का आकार और वजन कम होगा, बैटरी बदलने की जरूरत खत्म होगी और लगातार कामकाज संभव हो सकेगा। इसके अलावा यह तकनीक भविष्य में ऊर्जा बचत और हरकत से ऊर्जा बनाने वाले स्मार्ट वस्त्रों और उपकरणों में भी इस्तेमाल की जा सकेगी। -
नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई 23 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले उन्होंने शुक्रवार को प्रेसिडेंशियल रेफरेंस पर सुप्रीम कोर्ट की हालिया राय में अपनाई गई ‘स्वदेशी व्याख्या’ पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि शीर्ष अदालत ने विदेशी कानूनों की बजाए भारतीय फैसलों और भारतीय न्याय परंपरा को तरजीह दी।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने टिप्पणी की कि अब फैसलों में ‘भारतीयता की नई हवा’ चलने लगी है। इस पर मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा: कल के फैसले में हमने एक भी विदेशी उदाहरण का उपयोग नहीं किया, बल्कि पूरी तरह स्वदेशी व्याख्या पर भरोसा किया। एसजी मेहता ने कहा कि 5-जजों की कॉन्स्टिट्यूशन बेंच ने अमेरिकी और ब्रिटिश सिस्टम को भारत के संवैधानिक ढांचे से बहुत ध्यान से अलग किया है।सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि आपने कहा कि हमारा अपना ज्यूरिस्प्रूडेंस है और जजमेंट ने सिर्फ 110 पेज में सब कुछ जवाब दे दिया। यह एक नई बात है। जजमेंट एक जजमेंट होना चाहिए, न कि लॉ रिव्यू के लिए कोई आर्टिकल। यह बातचीत सुप्रीम कोर्ट के कोर्टरूम नंबर 1 में सेरेमोनियल बेंच प्रोसिडिंग्स के दौरान हुई, जो सीजेआई गवई के रिटायरमेंट से पहले का आखिरी कार्यदिवस था।जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर को भारत के 53वें चीफ जस्टिस के तौर पर चार्ज लेंगे। उन्होंने जस्टिस गवई की ‘एक हाई स्टैंडर्ड’ सेट करने के लिए तारीफ की और ‘कानून के राज के प्रति उनकी अटूट लगन’ की तारीफ की। जस्टिस गवई ने पहले सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज को भारत का चीफ जस्टिस (सीजेआई) अपॉइंट करने के पुराने रिवाज के मुताबिक, जस्टिस कांत को अपना सक्सेसर रिकमेंड किया था।कोर्ट में हल्के-फुल्के माहौल था यह खचाखच भरा हुआ था। ऐसे जब एक वकील ने सीजेआई गवई के सम्मान में उन पर फूल बरसाने की कोशिश की, तो कोर्टरूम में हंसी की लहर दौड़ गई। जैसे ही उन्होंने एक पैकेट खोला और पंखुड़ियां बिखेरने की तैयारी की, सीजेआई ने तुरंत दखल दिया, ‘नहीं, नहीं, मत फेंको… इसे किसी को दे दो।’ -
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट को एक सार्वजनिक इनविट के रूप में स्थापित करने के लिए प्रक्रिया चला रहा है। सड़क परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण को मज़बूत करने और राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के विकास में निवेश के अवसरों का विस्तार करने की दिशा में इसे एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स प्राइवेट लिमिटेड (RIIMPL) का शुभारंभ राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने मुंबई में किया।
इस अवसर पर, संतोष कुमार यादव ने कहा, ” राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने परिसंपत्ति मुद्रीकरण में एक मजबूत कीर्तिमान स्थापित किया है। हाल के वर्षों में, हमने टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (टीओटी) मॉडल के माध्यम से 48,995 करोड़ रुपये मूल्य की परिसंपत्तियों का सफलतापूर्वक मुद्रीकरण किया है और निजी इनविट के चार दौरों में लगभग 43,638 करोड़ रुपये जुटाए हैं, इससे प्रमुख घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशक आकर्षित हुए हैं।उन्होंने कहा कि अगले तीन से पांच वर्षों में, लगभग 1,500 किलोमीटर पूर्ण और चालू राष्ट्रीय राजमार्गों को सार्वजनिक इनविट (सार्वजनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) में शामिल किया जाएगा। इससे जनता के लिए निवेश के पर्याप्त अवसर खुलेंगे। मुझे विश्वास है कि यह पहल देश में राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के निर्माण में जनभागीदारी का एक नया अध्याय लिखेगी।राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सदस्य (वित्त), एनआरवीवीएमके राजेंद्र कुमार को निवेश प्रबंधक कंपनी का प्रबंध निदेशक और सीईओ (अतिरिक्त प्रभार) के रूप में नियुक्त किया गया है।राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स प्राइवेट लिमिटेड एक सहयोगी उद्यम है। इसमें भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एनएबीएफआईडी, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व वेंचर्स लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक, इंडसइंड बैंक और यस बैंक सहित प्रमुख बैंकों और वित्तीय संस्थानों की इक्विटी भागीदारी है।इस साझेदारी का उद्देश्य मुख्य रूप से खुदरा और घरेलू निवेशकों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियों की मुद्रीकरण क्षमता की जानकारी उपलब्ध कराते हुए एक उच्च-गुणवत्ता वाला, दीर्घकालिक निवेश उत्पाद तैयार करना है। -
नयी दिल्ली. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की पत्नी सुदेश को बृहस्पतिवार को रसोई में गिरने से पीठ में चोट लगने के बाद एम्स के आपातकालीन केंद्र में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुदेश (70) के साथ वाहन में धनखड़ भी थे।
एक अधिकारी ने बताया, “वह रसोई में गिर गईं और उनकी पीठ में चोट लग गई। डॉक्टर उनका परीक्षण कर रहे हैं।” जुलाई में पद छोड़ने के बाद धनखड़ छतरपुर स्थित एक फार्महाउस में रह रहे हैं। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को बताया कि एनसीडीसी ने पिछले वित्त वर्ष में सहकारी समितियों को 92,500 करोड़ रुपये वितरित किए, जो 2020-21 के स्तर से लगभग चार गुणा अधिक है। शाह यहां राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) की 92वीं आम परिषद की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, शाह ने कहा कि इस मंत्रालय की स्थापना के बाद से सहकारी क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि एनसीडीसी इस बदलाव का प्रमुख आधार बनकर उभरा है।
शाह ने कहा, सरकार सहकारिता आंदोलन के माध्यम से किसानों, ग्रामीण परिवारों, मछुआरों, छोटे उत्पादकों और उद्यमियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है और आत्मनिर्भरता की दिशा में देश के प्रयासों में सहकारिता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।" मंत्री ने बताया कि सहकारी समितियों को सशक्त बनाने और उनके लिए वित्तीय सहायता सुलभ बनाने के लिए स्थापित एनसीडीसी ने अपने कुल संवितरण को बढ़ाकर 2024-25 में 95,200 करोड़ रुपये कर दिया है, जो 2020-21 में 24,700 करोड़ रुपये था। शाह ने कहा कि भारत को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सहकारिता एक श्रेष्ठ मॉडल है, क्योंकि यह ग्रामीण क्षेत्रों की भागीदारी और आजीविका सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि बीते चार साल में एनसीडीसी ने 40 प्रतिशत से अधिक चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है और 807 करोड़ रुपये का सर्वोच्च शुद्ध लाभ अर्जित किया है। -
आगरा. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने बृहस्पतिवार को यहां आगरा में ताजमहल का दीदार किया और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लगभग एक घंटा इस विश्व धरोहर में बिताया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप जूनियर अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे ताज महल पहुंचे और परिसर के अंदर डायना बेंच समेत विभिन्न स्थानों पर तस्वीरें खिंचवाईं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ट्रंप जूनियर ने ताजमहल के इतिहास और निर्माण में गहरी रुचि दिखाई तथा अपने गाइड से इसकी वास्तुकला के बारे में विस्तृत प्रश्न पूछे। गाइड नितिन सिंह इस दौरान ट्रंप जूनियर के साथ थे।
अधिकारियों ने बताया कि सिंह वही गाइड हैं, जिन्होंने 2020 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के दौरान उन्हें यह स्मारक दिखाया था। अमेरिका के राष्ट्रपति के बेटे के इस दौरे के लिए कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हिफाजत के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा, अमेरिकी सुरक्षाकर्मियों को भी तैनात किया गया था। ट्रंप जूनियर के परिसर में प्रवेश करते ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली, जिससे स्मारक के अंदर निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हुई। उन्होंने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के आगमन से पहले प्रशासन ने विशेष सफाई अभियान भी चलाया। अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप जूनियर उदयपुर में एक हाई-प्रोफाइल डेस्टिनेशन वेडिंग में भी शामिल हो सकते हैं। -
बेंगलुरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को घोषणा की कि उसने सीई20 क्रायोजेनिक इंजन के ‘बूट-स्ट्रैप मोड स्टार्ट' परीक्षण का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है, जो प्रक्षेपण यान मार्क 3 (एलवीएम 3) रॉकेट के ऊपरी हिस्से को शक्ति प्रदान करता है। इसरो ने बताया कि यह परीक्षण 7 नवंबर को महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स स्थित उच्च-ऊंचाई परीक्षण (एचएटी) केंद्र में निर्वात परिस्थितियों में 10 सेकंड के लिए किया गया। अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, सीई20 क्रायोजेनिक इंजन उड़ान के दौरान चालू होने पर 19 से 22 टन के बीच के ‘थ्रस्ट' (ऊपर की ओर ले जाने के) स्तर पर संचालन के लिए पहले से ही सक्षम है और इसे गगनयान मिशन में उपयोग के लिए मंजूरी दी गई है। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि वर्तमान प्रारूप के साथ, प्रत्येक रीस्टार्ट के लिए बाहरी सहायता प्रणालियों की आवश्यकता होती है, जिससे यान की पेलोड क्षमता कम हो जाती है। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा, ‘‘इसलिए, बूट-स्ट्रैप मोड स्टार्ट प्राप्त करना - जहां इंजन बाहरी सहायता के बिना स्थिर संचालन के लिए तैयार होता है - आवश्यक है।
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बेंगलुरु. बेंगलुरु में बुधवार को कुछ अज्ञात लोगों ने खुद को कथित तौर पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अधिकारी बताकर एटीएम नकदी वैन को रोका और करीब सात करोड़ रुपये लेकर फरार हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। ऐसा माना जा रहा है कि शहर में संभवत: इस तरह की यह पहली घटना है। जे.पी. नगर में स्थित बैंक शाखा से नकदी लेकर जा रही वैन से लूटपाट अशोक स्तंभ के पास हुई।
पुलिस ने शुरू में कहा था कि अपराधियों ने आयकर अधिकारी होने का दिखावा किया था। कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि बेंगलुरू में ऐसी घटना संभवत: पहले कभी नहीं हुई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि भारत सरकार का स्टिकर लगी एक कार में सवार होकर कुछ लोग आए और दस्तावेजों का सत्यापन करने की बात कहते हुए नकदी ले जा रहे वाहन को रोक लिया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके बाद संदिग्धों ने नकदी लेकर वैन के कर्मचारियों को जबरन अपनी कार में बिठा लिया। अधिकारी ने बताया कि वे कथित तौर पर डेयरी सर्कल की ओर गए, जहां उन्होंने कर्मचारियों को उतार दिया और लगभग सात करोड़ रुपये नकदी लेकर फरार हो गए। उन्होंने कहा कि वाहन का मार्ग पता लगाने तथा इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। परमेश्वर ने आश्वासन दिया कि अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ लिया जाएगा।
बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि घटना बुधवार दोपहर सिद्धपुरा थाना क्षेत्र में हुई। उन्होंने कहा कि लगभग सात करोड़ रुपये लूटे जाने की बात बताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है, क्योंकि कैश वैन के चालक ने सही जानकारी साझा नहीं की है। प्रारंभिक जानकारी का हवाला देते हुए अधिकारी ने कहा कि पैसा सीएमएस कैश वैन से जबरदस्ती एक वाहन में स्थानांतरित कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में सीएमएस इनो सिस्टम लिमिटेड के शाखा प्रबंधक की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने पुराने वाहनों के नवीनीकरण शुल्क में वृद्धि के कुछ महीने बाद अब 20 साल से अधिक पुराने मोटर वाहनों का फिटनेस परीक्षण शुल्क बढ़ा दिया है ताकि लोगों को इन्हें रखने से हतोत्साहित किया जा सके। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से 11 नवंबर को जारी की गई नवीनतम अधिसूचना में कहा गया है कि अब वाणिज्यिक वाहनों के लिए फिटनेस परीक्षण शुल्क की नयी दरें 15 साल के बजाय 10 साल से लागू होगीं। मंत्रालय ने फिटनेस परीक्षण के लिए तीन समूह - 10-15 साल, 15-20 साल और 20 साल से ऊपर- बनाए हैं।
अधिसूचना के अनुसार, 20 साल से अधिक पुराने हल्के मोटर वाहनों (एलएमवी) के नवीनीकरण शुल्क को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया गया है। इस अधिसूचना में 20 साल से अधिक पुराने भारी ट्रकों और बसों के फिटनेस परीक्षण शुल्क में भी भारी वृद्धि की गई है। अब उन्हें फिटनेस परीक्षण के लिए 3,500 रुपये के बजाय 25,000 रुपये का भुगतान करना होगा। इसी समूह में मध्यम कमर्शियल वाहनों को अब 20,000 रुपये का भुगतान करना होगा, और 20 साल से अधिक पुराने हल्के मोटर वाहनों का फिटनेस परीक्षण अब 15,000 रुपये में होगा। बीस साल से अधिक पुराने दोपहिया वाहनों के फिटनेस परीक्षण शुल्क में भी वृद्धि की गई है। यह शुल्क पहले 600 रुपये था, अब 2,000 रुपये होगा। परिवहन मंत्रालय ने इस वर्ष अगस्त में एक अधिसूचना में पुराने वाहनों के नवीनीकरण शुल्क में वृद्धि की थी। अगस्त में, उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहनों के मालिकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करने का आदेश दिया था। -
गुवाहाटी. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को असम और पूर्वोत्तर भारत के युवाओं से अपील की कि वे संगठन के बारे में पूर्वाग्रहों या दुष्प्रचार के आधार पर अपनी राय न बनाएं। भागवत ने अपनी तीन दिवसीय असम यात्रा के अंतिम दिन युवा नेतृत्व सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरएसएस के सिद्धांतों, आदर्शों व कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला, साथ ही संगठन के बारे में चल रहे वाद-विवाद और चर्चाओं का जवाब दिया। उन्होंने कहा, “आरएसएस अब सार्वजनिक चर्चाओं का विषय बन गया है, लेकिन ये चर्चाएं तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए।” भागवत ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय मंचों और डिजिटल स्रोतों पर संघ के बारे में 50 प्रतिशत से अधिक जानकारी या तो गलत है या अधूरी है। उन्होंने विभिन्न मीडिया संस्थानों पर आरएसएस के बारे में जानबूझकर गलत सूचना फैलाने का अभियान चलाने का आरोप लगाया। आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि संघ का मुख्य उद्देश्य भारत को 'विश्वगुरु' बनाना है। उन्होंने कहा, “राष्ट्र का उत्थान तभी हो सकता है जब समाज का उत्थान हो। एकजुट समाज ही एक प्रगतिशील राष्ट्र का नेतृत्व कर सकता है।” उन्होंने युवाओं से विकसित देशों के इतिहास का अध्ययन करने का आग्रह किया और कहा कि अध्ययन के दौरान वे पाएंगे कि उन्होंने विकास के पहले सौ वर्ष के दौरान समाजों में एकता और गुणात्मक शक्ति कायम करने पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा, "भारतीय समाज को भी इसी तरह विकसित होने की आवश्यकता है और यह विचार आरएसएस के सामाजिक परिवर्तन के पांच प्रमुख सिद्धांतों में परिलक्षित होता है, जो इसके शताब्दी वर्ष के अवसर पर अपनाए गए हैं।" भागवत ने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में भारत की महानता भाषाई, क्षेत्रीय व आस्था-आधारित विविधताओं का सम्मान करने और उन्हें स्वीकार करने की उसकी दीर्घकालिक परंपरा में निहित है। विविधता के महत्व पर बात करते हुए उन्होंने कहा पाकिस्तान समेत भारत से अलग होने वालों ने अंततः इन परंपराओं को खो दिया। उन्होंने दावा किया कि हिंदू विविधता का सम्मान करते हैं और ऐसे समाज का निर्माण करना आरएसएस का प्राथमिक उद्देश्य है। उन्होंने कहा, "जब तक भारतीय समाज संगठित और गुणवान नहीं होगा, तब तक देश का भाग्य नहीं बदलेगा।"
भागवत ने कहा कि गुरु नानक और श्रीमंत शंकरदेव जैसे महान आध्यात्मिक गुरू देश की विविधता का पूरा सम्मान करते थे और उन्होंने अपनी शिक्षाओं के माध्यम से एकता के संदेश को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा, "संघ का उद्देश्य जमीनी स्तर पर एक गैर-राजनीतिक और सामाजिक नेतृत्व विकसित करना है। व्यक्तियों के जीवन में बदलाव से समाज में परिवर्तन होता है और जब समाज बदलता है, तो व्यवस्थाएं भी बदलती हैं।" भागवत ने युवाओं को यह अनुभव करने के लिए भी आमंत्रित किया कि कैसे आरएसएस शाखाओं की गतिविधियां व्यक्तियों के गुण और चरित्र को बेहतर बनाने पर केंद्रित होती हैं। बाद में एक संवाद सत्र में भाग लेते हुए भागवत ने कहा कि आरएसएस का मुख्य लक्ष्य एक सशक्त भारत का निर्माण करना है और एक बार देश सशक्त हो जाए, तो शेष भारत के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र को लेकर विभिन्न चिंताएं स्वतः ही समाप्त हो जाएंगी। उन्होंने युवाओं से अपने समय, रुचि, स्थान और क्षमता के अनुसार आरएसएस की गतिविधियों में शामिल होने का भी आह्वान किया। भागवत बृहस्पतिवार को मणिपुर के लिए रवाना होंगे। -
अयोध्या (उप्र) .अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आगामी 25 नवंबर को आयोजित होने वाले ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बुधवार को बताया कि 25 नवंबर को होने वाले ध्वजारोहण समारोह की जोदार तैयारियां की जा रही हैं और इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल होंगे। मिश्र ने बताया कि राम बारात और उससे जुड़े कार्यक्रमों में किसी भी तरह की असुविधा न हो इसके लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उनके मुताबिक, आगामी 26 नवंबर को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये रामलला का गर्भगृह 16 घंटे से ज्यादा समय तक खुला रहेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी कर्मचारियों को तीर्थयात्रियों के साथ व्यवस्थित और विनम्र व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण देने के निर्देश दिये हैं। मिश्र ने राम मंदिर पर ध्वजारोहण की तैयारियों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि मुख्य मंदिर के शिखर पर ध्वज लगाने के लिए तकनीकी और हस्तगत दोनों ही प्रणालियों को सुदृढ़ किया गया है। उनके मुताबिक, परिसर के सातों मंदिरों के ध्वज त्रिकोणीय होंगे और उन पर केवल 'ओम' का चिह्न होगा और वे मुख्य मंदिर के ध्वज से छोटे होंगे। उन्होंने बताया कि ध्वजारोहण के दो सफल परीक्षण पहले ही पूरे हो चुके हैं तथा सभी मंदिरों के शिखरों पर लगे ध्वज स्थायी रहेंगे और उन्हें वर्ष में केवल एक या दो बार ही बदलने के लिए उतारा जाएगा। मिश्र ने बताया कि जिन प्रमुख व्यक्तियों को जनवरी 2024 में मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान शामिल नहीं किया जा सका था, उन्हें ध्वजारोहण कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाएगा।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बृहस्पतिवार से छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर होंगी। राष्ट्रपति कार्यालय ने यह जानकारी दी। मुर्मू बृहस्पतिवार को अंबिकापुर में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह में शामिल होंगी। राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, 21 नवंबर को वह तेलंगाना के सिकंदराबाद के बोलारम में ‘राष्ट्रपति निलयम' में भारतीय कला महोत्सव 2025 का उद्घाटन करेंगी। भारतीय कला महोत्सव के दूसरे संस्करण में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, गोवा, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव की समृद्ध सांस्कृतिक, पाककला और कलात्मक परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा। बयान में कहा गया, "22 नवंबर को राष्ट्रपति प्रशांति निलयम, पुट्टपर्थी में श्री सत्य साईं बाबा के शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में विशेष सत्र में भाग लेंगी।"







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