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कोयंबटूर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत जैविक खेती का वैश्विक केन्द्र बनने की राह पर है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह देश की स्वदेशी और पारंपरिक पद्धति है। बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की शानदार जीत के बाद मोदी ने अपने यहां आगमन पर लोगों द्वारा गमछा लहराने का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा था कि ‘‘बिहार की हवाएं'' उनसे पहले ही तमिलनाडु में आ गई हों। तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) अगले साल विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले गठबंधन से मुकाबला करेगा। विपक्षी गठबंधन एम के स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से हटाने के लिए प्रयास कर रहा है। दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 और एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने नौ करोड़ किसानों को सहायता देने के लिए पीएम-किसान योजना की 21वीं किस्त जारी की। इस किस्त की कुल राशि 18,000 करोड़ रुपये से अधिक है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरता में कमी आई है और जैविक खेती को पूरी तरह से समर्थन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण और जैविक खेती मृदा संबंधी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा कि साथ ही जैविक खेती जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी मदद करती है।
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पुट्टपर्थी (आंध्र प्रदेश). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साई बाबा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी शिक्षाएं और सेवा दुनिया भर में लाखों अनुयायियों का मार्गदर्शन करती रहेंगी। मोदी ने सत्य साई बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में उनकी स्मृति में एक सिक्का और डाक टिकटों का एक सेट भी जारी किया। मोदी ने कहा, "श्री सत्य साई बाबा का शताब्दी समारोह महज एक उत्सव नहीं, बल्कि एक दिव्य वरदान है। यद्यपि साई बाबा भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, फिर भी उनका प्रेम और सेवा भावना करोड़ों लोगों के लिए मार्गदर्शक शक्ति है।" उन्होंने कहा कि 140 देशों में "सत्य साई बाबा के लाखों भक्तों को नई रोशनी, दिशा मिल रही है और वे आगे बढ़ रहे हैं।" उन्होंने कहा कि श्री सत्य साई बाबा ने सेवा को मानव जीवन के केन्द्र में रखा।
मोदी ने कहा कि आध्यात्मिक गुरु की जन्म शताब्दी सार्वभौमिक प्रेम, शांति और सेवा का उत्सव बन गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारी सभी विविध आध्यात्मिक और दार्शनिक परंपराएं अंततः एक ही विचार की ओर ले जाती हैं, चाहे कोई भक्ति, ज्ञान या कर्म के मार्ग पर चले।" गरीबों के कल्याण के लिए अपनी सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि अब उन पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा हो रही है। इसके अलावा, 'लोकल फॉर वोकल' पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे देश को 'विकसित भारत' बनने में मदद मिलेगी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन, श्री सत्य साई सेंट्रल ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी आर जे रत्नाकर और अन्य ने भाग लिया। समारोह के तहत मोदी ने यहां सत्य साई बाबा की महासमाधि पर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी। -
कोयंबटूर (तमिलनाडु). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करने के लिए यहां पहुंचे और उनका भव्य स्वागत किया गया। अपने आगमन के बाद प्रधानमंत्री ने एक रोड शो किया और लोग तथा पार्टी कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए सड़क के दोनों ओर खड़े थे। उनके स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और लोगों ने प्रधानमंत्री के वाहन पर पुष्प वर्षा की।
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नई दिल्ली। मणिपुर में जातीय हिंसा के बीच सुरक्षाबलों ने पिछले 48 घंटों में जोरदार कार्रवाई की है। असम राइफल्स ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर तीन प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया और हथियारों-गोला-बारूद का भारी जखीरा बरामद किया है।
रविवार को इंफाल वेस्ट जिले के मोइरांग पोक क्षेत्र में असम राइफल्स और इंफाल वेस्ट पुलिस कमांडो ने संयुक्त ऑपरेशन में यूएनएलएफ (पाम्बेई गुट) के एक सक्रिय कैडर को पकड़ा। उसके पास से एक आईफोन 12 प्रो, सिम कार्ड और आधार कार्ड बरामद हुआ। आरोपी को पटसोई पुलिस स्टेशन सौंप दिया गया।उसी दिन क्वाकेथेल क्षेत्र में असम राइफल्स, इंफाल वेस्ट पुलिस और थौबल कमांडो की संयुक्त टीम ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के एक वरिष्ठ कैडर को दबोच लिया। यह अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक थी। बरामद सामान में एक एम-16 राइफल, आठ एलआर राइफल, एक .303 लाइट मशीन गन, दो .303 राइफल, 199 राउंड कार्बाइन गोली, 30 राउंड एसएलआर गोली, 52 मैगजीन, तीन मोटर बम, अन्य जंगी सामान और एक स्मार्टफोन शामिल हैं।इसी दिन लैरेनसाजिक इलाके में असम राइफल्स और पुलिस कमांडो ने पीआरईपीएके (प्रोग्रेसिव) के एक सक्रिय कैडर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक स्मार्टफोन और दो सिम कार्ड बरामद हुए। उसे लामसांग पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया गया।इससे एक दिन पहले 15 नवंबर, शनिवार को न्गाइरांगबाम क्षेत्र में असम राइफल्स और इम्फाल वेस्ट पुलिस कमांडो ने एक संदिग्ध विद्रोही ठिकाने पर छापा मारा। वहां से एक सिंगल-बैरल गन, एक बोल्ट-एक्शन राइफल, पांच 9एमएम पिस्टल, 60 जिंदा कारतूस, पांच हैंड ग्रेनेड, दो देसी बम, दो बाओ फेंग वॉकी-टॉकी सेट, एक मोटोरोला हैंडसेट और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की गई। सारा सामान पटसोई पुलिस को सौंपा गया।असम राइफल्स ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर इन सभी कार्रवाइयों की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि मणिपुर में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उग्रवादी संगठनों ने फिर से हथियार उठाने की कोशिश की थी। ये लगातार सफलता इस बात का संकेत हैं कि सुरक्षा बल राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह काबू में रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। - चंडीगढ़। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने इस वर्ष हेरोइन और हथियारों की तस्करी के लिए पाकिस्तान से आए 255 ड्रोन को मार गिराया। सीमा सुरक्षा बल (पंजाब फ्रंटियर) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि बीएसएफ ने आगामी कोहरे के मौसम को देखते हुए सीमा पार से तस्करी की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। अमृतसर में संवाददाताओं के साथ बातचीत में बीएसएफ के महानिरीक्षक अतुल फुलजेले ने कहा कि कोहरे के मौसम में दृश्यता कम हो जाती है, जिसका फायदा तस्कर ड्रोन के जरिए उठा सकते हैं। फुलजेले ने कहा, ‘‘हमने इस समस्या के समाधान के लिए आवश्यक प्रबंध कर लिए हैं। कोहरे के दौरान विशेष निगरानी उपकरणों का उपयोग किया जाएगा और हम नदी क्षेत्रों की कड़ी निगरानी बनाए रखेंगे, जिससे हमारी समग्र निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
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नयी दिल्ली/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि ब्रिटिश काल में थॉमस मैकाले ने भारत की सांस्कृतिक नींव को उखाड़ फेंकने के लिए एक अभियान शुरू किया था, लेकिन अब भारतीयों को उसके द्वारा पैदा की गई गुलामी की मानसिकता से देश को मुक्त कराने का संकल्प लेना चाहिए। मोदी ने छठा रामनाथ गोयनका व्याख्यान देते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक और शैक्षिक नींव के खिलाफ मैकाले द्वारा किए गए अपराध को 2035 में 200 वर्ष पूरे हो जाएंगे। मोदी ने कहा, ‘‘मैं पूरे देश से अपील करना चाहता हूं कि अगले दशक में, हमें मैकाले द्वारा भारत पर थोपी गई गुलामी की मानसिकता से खुद को मुक्त करने का संकल्प लेना होगा। आने वाले 10 साल बेहद महत्वपूर्ण हैं।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कोई राष्ट्र स्वयं का सम्मान करने में विफल रहता है, तो वह ‘मेड इन इंडिया' विनिर्माण ढांचे समेत अपने स्वदेशी पारिस्थितिकी तंत्र को अस्वीकार कर देता है। पर्यटन का उदाहरण देते हुए मोदी ने कहा कि हर देश में लोग अपनी ऐतिहासिक विरासत पर गर्व करते हैं, जबकि आजादी के बाद भारत में अपनी ही विरासत को नकारने के प्रयास हुए। उन्होंने कहा, विरासत पर गर्व के बिना, उसके संरक्षण की कोई प्रेरणा नहीं मिलती है और संरक्षण के बिना, ऐसी विरासत ईंट-पत्थर के खंडहर मात्र बनकर रह जाती है। अपनी विरासत पर गर्व करना पर्यटन के विकास के लिए एक पूर्वापेक्षा है।'' स्थानीय भाषाओं के मुद्दे पर, मोदी ने आश्चर्य व्यक्त किया कि ऐसा कौन सा देश है जिसने अपनी भाषाओं का अनादर किया हो।
प्रधानमंत्री ने कहा, जापान, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने कई पश्चिमी पद्धतियों को अपनाया, लेकिन अपनी मूल भाषाओं से कभी समझौता नहीं किया। यही कारण है कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) स्थानीय भाषाओं में शिक्षा पर विशेष ज़ोर देती है।'' उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अंग्रेज़ी भाषा के विरोध में नहीं है, बल्कि भारतीय भाषाओं का दृढ़ता से समर्थन करती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैकाले ने भारत का आत्मविश्वास तोड़ा और हीनता की भावना पैदा की।
मोदी ने कहा, यही वह घड़ी थी जब इस धारणा के बीज बोए गए कि प्रगति और महानता केवल विदेशी तरीकों से ही प्राप्त की जा सकती है।'' उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद यह मानसिकता और भी गहरी हो गई। मोदी ने कहा, भारत की शिक्षा, अर्थव्यवस्था और सामाजिक आकांक्षाएं तेज़ी से विदेशी मॉडलों के अनुरूप होती गईं। स्वदेशी प्रणालियों पर गर्व कम होता गया और महात्मा गांधी द्वारा रखी गई स्वदेशी नींव को काफ़ी हद तक भुला दिया गया। शासन के मॉडल विदेशों में खोजे जाने लगे और नवाचार की तलाश विदेशी धरती पर की जाने लगी।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि मैकाले द्वारा शुरू की गई बुराइयों और सामाजिक दुष्प्रवृत्तियों को आगामी दशक में समाप्त किया जाना चाहिए। -
फरीदाबाद(हरियाणा). केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी से सटे हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक की अध्यक्षता की और क्षेत्र के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान राज्य और दिल्ली, जम्मू कश्मीर, लद्दाख एवं चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (हरियाणा), सुखविंदर सिंह सुक्खू (हिमाचल प्रदेश), भगवंत मान (पंजाब), भजनलाल शर्मा (राजस्थान), रेखा गुप्ता (दिल्ली), उमर अब्दुल्ला (जम्मू-कश्मीर), पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (जम्मू-कश्मीर) और वीके सक्सेना (दिल्ली) ने बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, बिजली, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों की त्वरित जांच जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बैठक की शुरुआत में लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए कार धमाके में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट का मौन रखा गया। उन्होंने बताया कि बैठक में केंद्र, राज्य सरकारों और केन्द्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। एक अधिकारी ने बताया कि क्षेत्रीय परिषदें केंद्र और सदस्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के बीच, सदस्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के बीच तथा क्षेत्र के भीतर मुद्दों और विवादों को सुलझाने और उनमें प्रगति के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय परिषद की बैठक में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों की त्वरित जांच और उनके त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों (एफटीएससी) के कार्यान्वयन सहित राष्ट्रीय महत्व के व्यापक मुद्दों पर चर्चा की गई। उत्तरी क्षेत्रीय परिषद राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 15 से 22 के तहत स्थापित पांच क्षेत्रीय परिषदों में से एक है। केंद्रीय गृह मंत्री उत्तरी क्षेत्रीय परिषद के पदेन अध्यक्ष होते हैं। एक सदस्य राज्य का मुख्यमंत्री (प्रत्येक वर्ष बारी-बारी से) उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करता है। प्रत्येक सदस्य राज्य का राज्यपाल दो मंत्रियों को परिषद के सदस्य के रूप में नामित करता है। प्रत्येक क्षेत्रीय परिषद ने मुख्य सचिव स्तर पर एक स्थायी समिति भी गठित की है। प्रक्रिया के तहत राज्यों द्वारा प्रस्तावित मुद्दों को पहले संबंधित क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति के समक्ष विचार के लिए प्रस्तुत किया जाता है। स्थायी समिति द्वारा विचार-विमर्श किये जाने के बाद, शेष मुद्दों को आगे के मंथन के लिए क्षेत्रीय परिषद की बैठक में प्रस्तुत किया जाता है। अधिकारी ने बताया कि क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका परामर्शक होती है। उन्होंने बताया लेकिन पिछले कुछ वर्षों में, ये परिषदें विभिन्न क्षेत्रों में आपसी समझ और सहयोग के स्वस्थ संबंधों को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कारक साबित हुई हैं।
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सबरीमला (केरल). मलयालम माह ‘वृश्चिकम' के प्रथम दिन सोमवार को सैकड़ों श्रद्धालु यहां स्थित भगवान अयप्पा मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। यह महीना वार्षिक मंडलम-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा सत्र की शुरुआत का प्रतीक है। पारंपरिक रूप से काले परिधान पहने और सिर पर ‘इरुमुदिकेट्टू' (पवित्र गठरी) लिए तीर्थयात्री भगवान अयप्पा की पूजा-अर्चना के लिए घंटों कतार में खड़े रहे। जैसे ही नवनियुक्त ‘मेलसंथी' (मुख्य पुजारी) ई. डी. प्रसाद नंबूदरी ने मंदिर के कपाट खोले, श्रद्धालुओं ने एक स्वर में भगवान अयप्पा की स्तुति की। त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) ने एक बयान में बताया कि मंदिर ‘तंत्री' कांतारारू महेश मोहनारू की उपस्थिति में खोला गया। टीडीबी के अधिकारियों ने बताया कि सुबह से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है।
बयान में कहा गया कि मंदिर के खुलने के समय देवस्वओम बोर्ड के सचिव पी. एन. गणेश्वरन पोट्टी, सबरीमला के कार्यकारी अधिकारी ओ. जी. बीजू और अन्य लोग मौजूद थे। तड़के तीन बजे जब मंदिर खुला, तो ‘नदपंडाल' (पथ) और ‘सोपानम' (पवित्र सीढ़ियां) पर भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। गर्भगृह के खुलने के बाद निर्माल्य अभिषेकम्, गणपति होमम् और नेय्याभिषेकम् जैसे अनुष्ठान किए गए। टीडीबी प्राधिकारियों ने बताया कि मंदिर अपराह्न एक बजे बंद होने के बाद अपराह्न तीन बजे फिर से खुलेगा और अंत में रात 11 बजे भगवान अयप्पा की लोरी ‘हरिवरसनम' के साथ बंद होगा। वार्षिक मंडलम-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा सत्र दो महीने से अधिक समय तक चलेगा। टीडीबी ने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तीर्थयात्रियों की दैनिक संख्या 90,000 तक सीमित कर दी गई है। -
नयी दिल्ली. प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) का पहला चरण लगभग पूरा होने वाला है और इसमें अमेरिकी बाजार पहुंच संबंधी मुद्दों के अलावा भारतीय वस्तुओं पर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत के भारी शुल्क का समाधान भी शामिल होगा। एक सरकारी अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अमेरिका ने भारत पर 25 शुल्क और रूसी कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने वाली भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाया है। अधिकारी ने कहा, ‘‘हम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे हैं। इसके दो चरण हैं। एक चरण की बातचीत में समय लगेगा। दूसरा चरण एक पैकेज है जो शुल्कों को संबोधित कर सकता है। हम दोनों पहलुओं पर काम कर रहे हैं। शुल्कों को संबोधित करने वाला पैकेज लगभग पूरा होने के करीब है और हमें इसे जल्द ही प्राप्त हो जाना चाहिए।'' अधिकारी ने कहा कि इस समझौते से भारत पर 25 प्रतिशत जुर्माने के मुद्दे का समाधान होने की उम्मीद है, अन्यथा इस समझौते का कोई मतलब नहीं होगा। बीटीए में कई चरण हैं और यह पहला चरण शुल्क संबंधी मुद्दों को हल करेगा।
समझौते की घोषणा दोनों देशों की सहमति से तय तारीख पर की जाएगी। भारत की सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा 2026 में अमेरिका से रसोई गैस (एलपीजी) आयात करने के लिए एक साल के समझौते पर हस्ताक्षर करने के मुद्दे पर अधिकारी ने कहा, ‘‘इस पर लंबे समय से काम चल रहा था। यह अमेरिका के साथ व्यापार को बनाए रखने के समग्र संदर्भ में है। यह किसी वार्ता पैकेज का हिस्सा नहीं है, लेकिन निश्चित रूप से अमेरिका के साथ व्यापार को संतुलित करने के हमारे प्रयास का हिस्सा है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 16वें वित्त आयोग के सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया ने किया। इससे पहले दिन में, डॉ. पनगढ़िया के नेतृत्व वाले 16वें वित्त आयोग ने 2026-31 की अवधि के लिए अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी।
सरकार द्वारा 31 दिसंबर, 2023 को 16वें वित्त आयोग का गठन किया गया था, जिसके अध्यक्ष नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. पनगढ़िया थे। आयोग में चार सदस्य हैं और सचिव ऋत्विक पांडे, दो संयुक्त सचिव और एक आर्थिक सलाहकार इसका समर्थन करते हैं। रिपोर्ट मूल रूप से 31 अक्टूबर तक देनी थी। बाद में सरकार ने आयोग का कार्यकाल एक महीने बढ़ाकर 30 नवंबर तक कर दिया।राष्ट्रपति भवन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में सदस्यों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और 2026-31 के लिए आयोग की रिपोर्ट सौंपी।” 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाली पांच साल की अवधि के लिए केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण से संबंधित हैं। -
नई दिल्ली। बिहार में नवनिर्वाचित विधायक नए आवास में रहेंगे। भवन निर्माण विभाग द्वारा पटना में विधायक एवं विधान पार्षद आवास परिसर में नवनिर्वाचित विधायकों के आवासन के लिए लगभग 44.41 एकड़ भूखंड में 246 आवासों का निर्माण किया गया है। विधायकों के लिए विभिन्न चरणों में आवासीय परिसर को तैयार किया गया है।
नए परिसर में जरूरी कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है। बताया गया कि प्रत्येक आवास का निर्माण क्षेत्रफल लगभग 3693 वर्गफीट है। आवास परिसर में विधायकों के आवासन के अलावा एमएलए हॉस्टल, कैंटीन, कम्युनिटी सेंटर आदि की भी सुविधाएं रहेंगी। भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि द्वारा बताया गया कि विधायकों के लिए 246 आवासों का निर्माण किया गया है। आवासों को विधानसभा क्षेत्र के अनुसार आवंटित किया जाएगा, जिस पर निर्वाचन क्षेत्र संख्या और विधानसभा सभा क्षेत्र का नाम लिखा हुआ है।आवास के निर्माण होने से विधायकों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी। क्षेत्रीय जनता के साथ संपर्क स्थापित करने में पहले से आसानी होगी। आम लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुन सकेंगे। इसके अलावा कार्यालय के कार्यों में भी सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि आवासन परिसर को जीरो डिस्चार्ज की अवधारणा को ध्यान में रखकर निर्माण किया गया है।सीवेज डिस्चार्ज को ट्रीटमेंट के बाद बागवानी के लिए पानी का उपयोग किया जाएगा। वर्षा जल संचयन की भी व्यवस्था है। इसके अलावा, बिजली बचत के लिए एलईडी स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की गई है। परिसर को सुंदर एवं मनमोहक बनाने के लिए परिसर की सड़कों के किनारे तथा कॉमन स्थलों पर चम्पा, गुलमोहर, महोगनी आदि के पौधे लगाए गए हैं। -
नई दिल्ली। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने दुबई एयर शो 2025 के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अपने समकक्ष मोहम्मद मुबारक अल मजरुई से द्विपक्षीय बैठक की। सोमवार को हुई इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। उन्होंने विशेष रूप से संस्थागत तंत्र, रक्षा प्रदर्शनी, प्रशिक्षण सहयोग तथा संयुक्त अनुसंधान, सह-विकास और सह-उत्पादन के नए अवसरों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने दुबई एयर शो 2025 में इंडिया पवेलियन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल, संयुक्त सचिव अमित सतीजा, वायु सेना उप प्रमुख एयर मार्शल नरमदेश्वर तिवारी और नौसेना के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल समीर सक्सेना सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।पवेलियन में स्वदेशी लड़ाकू विमान तकनीक, नेक्स्ट-जेन रक्षा स्टार्टअप्स, अत्याधुनिक एयरोस्पेस नवाचार और आत्मनिर्भर भारत की शक्ति को प्रदर्शित किया गया है। रक्षा राज्य मंत्री ने दुबई एयर शो में ब्रह्मोस मिसाइल स्टॉल का भी उद्घाटन किया। ब्रह्मोस इस कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। यह सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल जहाजों, मोबाइल लॉन्चर, पनडुब्बियों और लड़ाकू विमानों पर तैनात की जा सकती है। इसके साथ ही यह भूमि और समुद्री दोनों लक्ष्यों को निशाना बनाने में सक्षम है।मंत्री संजय सेठ ने यहां विस्टा स्टार्टअप जोन में प्रदर्शित भविष्यवादी रक्षा और एयरोस्पेस तकनीक का अवलोकन किया। उन्होंने रक्षा क्षेत्र के 15 विजेता स्टार्टअप्स से भी बातचीत की। ये वे स्टार्टअप्स हैं जो भारत की नई तकनीकी क्षमता और नवाचार को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित कर रहे हैं।संयुक्त अरब अमीरात में चल रहे दुबई एयर शो 2025 में भारत अपनी उन्नत रक्षा शक्ति, प्रौद्योगिकी और उद्योग क्षमताओं का व्यापक प्रदर्शन कर रहा है। भारतीय वायुसेना यहां प्रमुख एयर शो में भी शामिल होगी। दुबई में ये आयोजन सोमवार 17 नवंबर व 18 नवंबर को आयोजित किया जा रहा है। यहां इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के नेतृत्व वाला उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल कर रहा है।दुबई पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में रक्षा विभाग, रक्षा उद्योग उत्पादन विभाग, विदेश मंत्रालय और तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यहां लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन के साथ-साथ द्विपक्षीय बैठकें एवं उद्योग सहयोग वार्ता भी हो रही है। दुबई एयर शो के दौरान रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने अपने यूएई समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठक की है। यह बैठक भारत-यूएई रक्षा सहयोग को और मजबूत करने, रक्षा विनिर्माण, तकनीकी साझेदारी और सामरिक आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रही। - हैदराबाद। सऊदी अरब में हुए एक बस हादसे में कम से कम 45 लोग मारे गए, जिनमें से अधिकतर हैदराबाद के रहने वाले थे। हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने सोमवार को प्रारंभिक सूचना का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। हैदराबाद में संवाददाताओं से मुखातिब सज्जनार ने बताया कि शहर के 54 लोग नौ नवंबर को जेद्दा गए थे और उन्हें 23 नवंबर को लौटना था। उन्होंने बताया कि इन 54 लोगों में से चार रविवार को अलग कार से मदीना के लिए रवाना हुए, जबकि चार अन्य मक्का में ही रुक गए। सज्जनार के मुताबिक, बाकी बचे 46 लोग एक बस से मदीना की यात्रा पर निकले, जो निर्धारित गंतव्य से लगभग 25 किलोमीटर पहले एक तेल टैंकर से टकरा गई। उन्होंने बताया कि इस हादसे में केवल एक व्यक्ति जीवित बचा है और उसका अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में मदीना में हुए बस हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने लिखा कि भारतीय अधिकारी सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ निकट संपर्क में हैं। सज्जनार ने कहा, “हमें सूचना मिली है कि 45 लोग मारे गए हैं। वे 23 नवंबर को हैदराबाद लौटने वाले थे।”तेलंगाना के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन ने प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि मृतकों की संख्या लगभग 47-48 बताई जा रही है। अजहरुद्दीन ने कहा कि शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी शिनाख्त करना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि इन्होंने चार अलग-अलग ट्रैवल एजेंट की सेवाएं ली थीं। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने सऊदी अरब की यात्रा में पीड़ितों के परिजनों की मदद करने का आश्वासन दिया है, जिसमें पासपोर्ट और वीजा सुविधा भी शामिल है। उन्होंने बताया कि हर पीड़ित के परिवार के एक सदस्य को सऊदी अरब भेजा जाएगा।तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को सऊदी अरब में हुई बस दुर्घटना के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई, जब बस मक्का से मदीना जा रही थी। सरकार ने दुर्घटना में शामिल लोगों के परिवारों को सूचना उपलब्ध कराने के लिए सचिवालय में स्थापित नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर उपलब्ध कराए हैं। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने दुर्घटना में हैदराबाद के कई निवासियों की मौत की खबर पर दुख जाहिर किया। एआईएमआईएम ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि ओवैसी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मृतकों के शवों को वापस लाने और घायलों का इलाज कराने में मदद देने का आग्रह किया है।
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नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत 7,712 करोड़ रुपए की 17 परियोजनाओं के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी है। नई दिल्ली में ईसीएमएस की सफलता से जुड़े एक इवेंट में कृष्णन ने जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने मौजूदा राउंड के तहत 249 में से 17 एप्लीकेशन को अप्रूव कर दिया है।
एस. कृष्णन ने कहा, “हमारा प्राथमिक उद्देश्य भारत में वैल्यू चेन को मजबूत बनाना है। ग्लोबल कंपनियां वैल्यू चेन के डायवर्सिफिकेशन को लेकर विचार कर रही हैं, वहीं भारत इसमें एक महत्वपूर्ण पार्टनर हो सकता है।” खास बात यह है कि एप्लीकेशन के मौजूदा चरण में जम्मू-कश्मीर से भी पहला निवेश प्राप्त हुआ है। जबकि दूसरी लोकेशन में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और दूसरे स्थानों की कंपनियां है। इन 17 एप्लीकेशन में से 10 में 1,500 करोड़ रुपए के संचयी निवेश और 7,669 करोड़ रुपए के उत्पादन के साथ एक्वस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का नाम शामिल है।इसके बाद 612 करोड़ रुपए के निवेश के साथ सिक्योर सर्किट्स; टीई कनेक्टिविटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड; 957 करोड़ रुपए के निवेश के साथ जेबिल सर्किट प्राइवेट लिमिटेड; 55 करोड़ रुपए के निवेश के साथ जेटफैब; जेटकेम; 54 करोड़ रुपए के निवेश के साथ माइक्रोपैक प्राइवेट; 264 करोड़ रुपए के निवेश के साथ असुक्स सेफ्टी कंपोनेंट्स; यूनो मिंडा; 250 करोड़ रुपए के निवेश के साथ एटीएंडएस इंडिया; एचआई-क्यू; इन्फोपावर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड; 250 करोड़ रुपए के निवेश के साथ सिरमा मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड और 111 करोड़ रुपए के निवेश के साथ जम्मू-कश्मीर स्थित मीना इलेक्ट्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।इस कार्यक्रम में शामिल केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “सफलता को हासिल करने के लिए हमें हमारी डिजाइन टीम को बनाना होगा। इसके लिए जितनी भी मेहनत करने के जरूरत पड़े हमें करनी होगी। इसके अलावा, जरूरी है कि हमारा ध्यान हर प्रोडक्ट को सिक्स सिग्मा क्वालिटी पर बनाने को लेकर हो, जिसे मैन्युफैक्चर किया जा रहा है। साथ ही, हमारा ध्यान भारतीय सप्लायर्स बनाने की ओर होना चाहिए।”इससे पहले, केंद्रीय मंत्री अश्विनी ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के तहत 5,532 करोड़ रुपए की 7 परियोजनाओं के पहले चरण को अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में मंजूरी दिए जाने की घोषणा की थी। - मथुरा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार को पंडित धीरेंद्र शास्त्री के नेतृत्व में सनातन एकता पद यात्रा में शामिल हुए। यात्रा जब मथुरा से गुजर रही थी तब यादव उसमें शामिल हुए और सड़क पर बैठकर शास्त्री के साथ भोजन करते नजर आये। वह लगभग एक घंटे तक यात्रा में शामिल रहे। सनातन एकता पद यात्रा गत सात नवंबर को दिल्ली से शुरू हुई और हरियाणा होते हुए रविवार को वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर में समाप्त हुई। इससे पहले, बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी, अभिनेता राजपाल यादव, गायक जुबिन नौटियाल सहित कई हस्तियों ने इस यात्रा में भाग लिया।
- नागपुर ।केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि किसी भी कार्य की जिम्मेदारी लेना और उसका सफल कार्यान्वयन सुनिश्चित करना जीवन के सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है। गडकरी ने भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) नागपुर में युवा भारती फाउंडेशन द्वारा आयोजित 'चेंजमेकर्स कॉन्क्लेव' में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना और उन्हें प्राप्त करने के लिए लगन से काम करना महत्वपूर्ण है। गडकरी ने कहा कि छोटे-छोटे योगदान भी स्थिति बदल सकते हैं।उन्होंने कहा कि छोटे लक्ष्य रखना अपराध है और युवाओं से बड़े सपने देखने, बेहतर भविष्य की कल्पना करने तथा एक मजबूत दृष्टिकोण विकसित करने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में सक्षम नेतृत्व तैयार करने में अनुभव और सूझबूझ के महत्व पर जोर दिया। गडकरी ने कहा कि सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है और लोगों की समस्याओं को सही मायने में समझने के लिए उनसे सीधे जुड़ना जरूरी है। गडकरी ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने (नागपुर में) अधिकांश विकास परियोजनाओं की परिकल्पना लोगों की समस्याओं को समझने के बाद की तथा उन्हें क्रियान्वित किया। उन्होंने कहा, “किसी भी काम में सफलता के लिए उसकी जिम्मेदारी लेना बहुत महत्वपूर्ण है। आप जो भी कार्य हाथ में लें, उसे पूरी लगन और निष्ठा के साथ पूरा करें।” विभिन्न विकास परियोजनाओं का हवाला देते हुए गडकरी ने कहा, “हमें अपने लक्ष्यों और सपनों को हासिल करने की जरूरत है। जनता उन लोगों से बहुत खुश होती है, जो उसे सपने दिखाते हैं। लेकिन साथ ही, वह उन लोगों को दंडित भी करती है, जो उन सपनों को पूरा करने में विफल रहते हैं। जनता उन लोगों से प्यार करती है, जो अपने वादों को पूरा करते हैं।”
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नई दिल्ली। गुजरात में देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना का काम तेजी से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सूरत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का दौरा किया और मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा की। शनिवार को पीएम मोदी बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर गुजरात दौरे पर पहुंचे थे। वह सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन पर पहुंचे, जहां उन्होंने काम में लगे इंजीनियरों और कर्मचारियों से बातचीत भी की। वहीं आज रविवार को इससे संबंधित एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें पीएम मोदी सूरत स्टेशन पर काम की बारीकी से जांच करते हुए नजर आए।
पीएम मोदी ने बुलेट ट्रेन परियोजना के काम में लगे इंजीनियरों और कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि काम में किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही है और प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए किस तरह से काम किया जा रहा है?इस दौरान कर्मचारियों ने बताया कि हर स्तर पर पूरी मेहनत और बारीकी के साथ काम किया जा रहा है।कर्मचारियों से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने उनसे कहा कि ये जो आपके अनुभव है अगर वो रिकॉर्डेड होंगे, एक ब्लू बुक की तरह तैयार होते हैं, तो देश में हम बहुत बड़ी मात्रा में बुलेट ट्रेन की दिशा में जाने वाले हैं। अब हम नहीं चाहेंगे हर लोग नया प्रयोग करें। यहां से जो सीखा हुआ है, वो वहां रिप्लिका होना चाहिए। लेकिन वो रिप्लिका तब होगा कि क्यों ऐसा करना पड़े इसका ज्ञान होगा तो होगा। वरना क्या होगा कि वो ऐसे ही कर देंगे। अगर इस प्रकार का कोई रिकॉर्ड आप मेंटेन करते हैं। भविष्य में स्टूडेंट्स के लिए भी काम आ सकता है। जिंदगी यहीं खपा देंगे, देश को कुछ देकर जाएंगे।वहीं, बुलेट ट्रेन कर्मचारी का कहना था कि ना नाम चाहिए, ना इनाम चाहिए, ना नाम चाहिए, ना इनाम चाहिए। बस देश आगे बढ़े, ये अरमान चाहिए।प्रधानमंत्री मोदी ने कर्मचारियों की मेहनत की सराहना की और कहा कि यह प्रोजेक्ट न सिर्फ गुजरात बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि हाई-स्पीड ट्रेन परियोजना देश के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को आधुनिक बनाने में एक अहम कदम है और इससे यात्रियों को तेज और सुविधाजनक सफर मिलेगा।गौरतलब है कि मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर अहमदाबाद, वडोदरा, भरूच, सूरत, वापी, ठाणे और मुंबई जैसे बड़े शहरों को जोड़ता है। इससे न सिर्फ मुंबई और गुजरात के बीच यात्रा सुगम होगी, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना में मुंबई से अहमदाबाद बाद के बीच कुल 12 स्टेशन होंगे। गुजरात में आने वाले हिस्से का काम काफी तेजी से चल रहा है। जल्द ही इसका ट्रायल भी शुरू किया जा सकता है। पूरी परियोजना के बाद मुंबई-अहमदाबाद की यात्रा केवल दो घंटे में पूरी हो जाएगी, जिससे मुंबई और अहमदाबाद के बीच रोज अपडाउन करने वालों को काफी राहत मिलेगी। - नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी देश के विभिन्न स्थानों पर 700 मेगावाट, 1,000 मेगावाट और 1,600 मेगावाट क्षमता वाली परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की योजना बना रही है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। एनटीपीसी का लक्ष्य 2047 तक भारत की प्रस्तावित 100 गीगावाट परमाणु क्षमता में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी (30 गीगावाट) हासिल करना है। उद्योग के अनुमान के अनुसार, एक गीगावाट क्षमता वाले परमाणु संयंत्र के लिए 15,000-20,000 करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता होती है और आमतौर पर इसकी शुरुआत से इसे चालू करने तक में तीन साल का समय लगता है। कंपनी की परमाणु विस्तार योजनाओं पर जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने कहा कि एनटीपीसी वर्तमान में गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में भूमि विकल्पों का मूल्यांकन कर रही है।कंपनी की रणनीतिक योजना से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, ‘‘परमाणु परियोजनाओं की क्षमता क्रमशः 700 मेगावाट, 1,000 मेगावाट और 1,600 मेगावाट होगी।'' एनटीपीसी परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) द्वारा चिन्हित और अनुमोदित राज्यों में परमाणु ऊर्जा विकास कार्य जारी रखेगी। अधिकारी ने आगे कहा, ‘‘एईआरबी स्थलों को मंजूरी देगा और एनटीपीसी उसी के अनुरूप परियोजनाओं को क्रियान्वित करेगी।'' कंपनी ने कच्चे माल के मोर्चे पर भी प्रयास शुरू कर दिए हैं और विदेशों में यूरेनियम परिसंपत्तियों के अधिग्रहण की संभावना तलाश रही है। यूरेनियम, एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला धात्विक तत्व है और यह परमाणु रिएक्टर में प्रयुक्त होने वाला प्राथमिक ईंधन है। एनटीपीसी ने विदेशों में यूरेनियम परिसंपत्तियों की संयुक्त तकनीकी-व्यावसायिक जांच-परख के लिए यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) के साथ एक समझौते के मसौदे पर पहले ही हस्ताक्षर कर दिए हैं। प्रौद्योगिकी के मोर्चे पर, एनटीपीसी 700 मेगावाट और 1,000 मेगावाट के संयंत्रों के लिए स्वदेशी रूप से विकसित दाबयुक्त भारी जल रिएक्टर (पीएचडब्ल्यूआर) स्थापित करने की योजना बना रही है। अधिकारी ने कहा, ‘‘1,600 मेगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए, हम तकनीकी सहयोग पर विचार कर सकते हैं।''वर्ष 1975 में एक ताप विद्युत उत्पादक के रूप में स्थापित, एनटीपीसी लिमिटेड ने लगातार विस्तार किया है और नए ऊर्जा स्रोतों में विविधीकरण किया है। एनटीपीसी की वेबसाइट के अनुसार, कंपनी की वर्तमान में समूह स्तर पर 84,848 मेगावाट की स्थापित क्षमता है, जिसमें कोयला, गैस/तरल ईंधन, जलविद्युत और सौर ऊर्जा शामिल है। वर्तमान में, एनटीपीसी राजस्थान में भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के साथ एक संयुक्त उद्यम (जेवी) में लगभग 42,000 करोड़ रुपये के निवेश से एक परमाणु परियोजना स्थापित कर रही है।
- जयपुर. जोधपुर जिले में रविवार सुबह भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार रविवार तड़के राष्ट्रीय राजमार्ग के जोधपुर-बालेसर खंड पर श्रद्धालुओं को ले जा रहा टेंपो अनाज की बोरियों से भरे ट्रक से टकरा गया। यह दुर्घटना खारी बेरी गांव के पास हुई। बालेसर के थाना प्रभारी मूलसिंह भाटी ने बताया कि गुजरात के बनासकांठा और धनसुरा इलाके से लगभग 20 तीर्थयात्रियों को लेकर रामदेवरा जा रहे टेंपो को विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। भाटी ने कहा, ‘‘तीन महिलाओं और तीन अन्य की मौके पर ही मौत हो गई। उनके शव बालेसर अस्पताल के मुर्दाघर में रखवा दिए गए हैं। 14 घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें जोधपुर के एमडीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया।'' मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को हरियाणा के फरीदाबाद में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली तथा महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों की त्वरित जांच जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान राज्य के अलावा केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ शामिल हैं। बैठक में मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, केन्द्र, राज्य सरकारों और केन्द्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि क्षेत्रीय परिषद राष्ट्रीय महत्व के व्यापक मुद्दों पर चर्चा करेगी, जिनमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों की त्वरित जांच और उनके शीघ्र निपटारे के लिए 'फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों' (एफटीएससी) का कार्यान्वयन, प्रत्येक गांव के निर्धारित क्षेत्र में भौतिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस-112) का क्रियान्वयन शामिल हैं।बयान के अनुसार, बैठक में विभिन्न क्षेत्रीय स्तर के आम हितों के मुद्दों पर भी चर्चा होगी, जिनमें पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, शहरी नियोजन और सहकारी प्रणाली को सुदृढ़ करना शामिल है। यह बैठक राष्ट्रीय राजधानी के बाहरी इलाके में आयोजित की जाएगी। उत्तरी क्षेत्रीय परिषद भारत के पांच क्षेत्रीय परिषदों में से एक है, जिसे राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 15 से 22 के तहत स्थापित किया गया था। केंद्रीय गृह मंत्री उत्तरी क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष हैं, जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री इसके उपाध्यक्ष हैं। प्रत्येक सदस्य राज्य के राज्यपाल दो मंत्रियों को परिषद का सदस्य नियुक्त करते हैं।प्रत्येक क्षेत्रीय परिषद ने मुख्य सचिव स्तर पर एक स्थायी समिति भी बनाई है। राज्यों द्वारा प्रस्तावित मुद्दों को सबसे पहले संबंधित क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति में चर्चा के लिए प्रस्तुत किया जाता है। स्थायी समिति द्वारा विचार-विमर्श के बाद शेष मुद्दे परिषद की बैठक में आगे की बहस के लिए लाए जाते हैं। बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘टीम भारत' का विजन दिया है और क्षेत्रीय परिषदें इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका सलाहकार है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में, ये परिषदें विभिन्न क्षेत्रों में आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित हुई हैं। सभी राज्य सरकारों, केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सहयोग से, पिछले 11 वर्षों में विभिन्न क्षेत्रीय परिषदों और उनकी स्थायी समितियों की कुल 63 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
- मुंबई. पूर्व केंद्रीय मंत्री और राकांपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने रविवार को चुनावों में पैसे बांटे जाने का दावा करके राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इससे लोगों के वोट देने के तरीके पर कोई असर नहीं पड़ता। वह मुंबई से लगभग 950 किलोमीटर दूर गोंदिया में एक सार्वजनिक समारोह को संबोधित कर रहे थे।पटेल ने कहा, ‘‘चुनावों में पैसे बांटे जाते हैं। पैसे लेने के बाद भी मतदाता अपनी इच्छा से वोट देते हैं।'' पटेल ने नेताओं को खुद को ‘बाहुबली' के रूप में पेश करने के खिलाफ भी आगाह किया।उन्होंने कहा, ‘‘किसी को भी खुद को ‘बाहुबली' नहीं समझना चाहिए। अतीत में हमने कई बाहुबलियों को चुना है।'' उनकी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, राकांपा (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा कि उनके लिए राजनीति जनसेवा का एक माध्यम बनी हुई है। पटेल की टिप्पणियों का समर्थन नहीं करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हमेशा महसूस किया है कि राजनीति लोगों की सेवा करने का एक माध्यम है।''
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नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण के तहत मतदाता पर्चियों (ईपीएफ) की छपाई और वितरण की स्थिति पर रविवार को अपडेट जारी किया। छपाई में राजस्थान को छोड़कर सभी राज्यों ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया, जबकि वितरण में गोवा और लक्षद्वीप ने शत-प्रतिशत सफलता पाई। सबसे कम वितरण केरल (93.72 प्रतिशत) और पुडुचेरी (94.10 प्रतिशत) में रहा।
चुनाव आयोग के आज रविवार दोपहर 3 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 50 करोड़ 99 लाख 72 हजार 687 मतदाताओं के लिए 50 करोड़ 97 लाख 43 हजार 180 पर्चियां (99.95 प्रतिशत) छप चुकी हैं, जबकि 49 करोड़ 73 लाख 39 हजार 480 पर्चियां (97.52 प्रतिशत) मतदाताओं तक वितरित की जा चुकी हैं।गौरतलब हो, यह प्रक्रिया 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगी, जिसमें मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन और ईपीएफ वितरण शामिल है। आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का अनुरोध किया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।अंडमान-निकोबार में 3 लाख 10 हजार 404 पर्चियां (100 प्रतिशत) छपीं और 3 लाख 10 हजार 204 (99.94 प्रतिशत) वितरित हुईं। छत्तीसगढ़ में 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पर्चियां पूरी छपीं, जिनमें से 2 करोड़ 5 लाख 8 हजार 57 (96.60 प्रतिशत) पहुंचाई गईं। गोवा में 11 लाख 85 हजार 34 पर्चियां (100 प्रतिशत) छपीं और सभी वितरित हुईं।गुजरात में 5 करोड़ 8 लाख 43 हजार 436 में से 5 करोड़ 4 लाख 15 हजार 497 (99.16 प्रतिशत) वितरित हुईं। केरल में 2 करोड़ 78 लाख 50 हजार 855 में से 2 करोड़ 61 लाख 1 हजार 675 (93.72 प्रतिशत) पर्चियां पहुंचीं। लक्षद्वीप में सभी 57 हजार 813 पर्चियां छपीं और पूरी वितरित हुईं।मध्य प्रदेश में 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 में से 5 करोड़ 70 लाख 89 हजार 80 (99.45 प्रतिशत) पर्चियां वितरित हुईं।राजस्थान में 5 करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 (99.58 प्रतिशत) छपीं और 5 करोड़ 38 लाख 69 हजार 336 (98.15 प्रतिशत) पर्चियां वितरित हुईं। तमिलनाडु में 6 करोड़ 41 लाख 14 हजार 583 छपीं और 6 करोड़ 54 हजार 300 (93.67 प्रतिशत) पर्चियां वितरित हुईं।उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 में से 15 करोड़ 7 लाख 92 हजार 212 (97.64 प्रतिशत) पर्चियां पहुंचीं। पश्चिम बंगाल में 7 करोड़ 66 लाख 36 हजार 294 में से 7 करोड़ 59 लाख 94 हजार 997 (99.16 प्रतिशत) वितरित हुईं।आयोग ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) की मंजूरी से बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) नियुक्त करते हैं। आयोग के अनुसार कुल 5 लाख 33 हजार 93 बीएलओ और 10 लाख 41 हजार 291 बीएलए कार्यरत हैं।निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि 4 दिसंबर तक शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करें। मतदाता पर्ची में नाम, फोटो, पता और पोलिंग बूथ की जानकारी होती है, जो मतदान में सहायक है।वहीं, राजनीतिक दलों से अपील की गई है कि अधिक से अधिक बीएलए नियुक्त करें ताकि किसी भी अनियमितता पर नजर रखी जा सके। यह प्रक्रिया लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आयोग ने मतदाताओं से अपील की कि अपनी पर्ची जांचें और यदि नहीं मिली तो निकटतम बीएलओ से संपर्क करें। - कटनी. मध्यप्रदेश के कटनी में खेत की रखवाली कर रहे एक दंपति की शनिवार को कथित तौर पर हत्या कर दी गई। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। बड़वारा थाना प्रभारी (एसएचओ) के.के. पटेल ने संवाददाताओं को बताया कि घटना सुनेहरा इलाके में हुई।पटेल ने कहा, ‘‘40 वर्षीय लल्लू राम कुशवाहा और उनकी 35 वर्षीय पत्नी प्रभा कुशवाहा, जिस खेत की रखवाली कर रहे थे वहीं बने एक छोटे से घर में खून से लथपथ पड़े मिले। स्थानीय ग्रामीणों ने सुबह उनके शव देखे। दंपति मूल रूप से बिजौरा के रहने वाले थे।'' उन्होंने कहा कि दरवाजा अंदर से बंद नहीं था और घर का सामान बिखरा पड़ा था। शरीर पर चोटों के निशान से प्रतीत होता है कि उन पर किसी धारदार हथियार से हमला किया गया। थाना प्रभारी ने बताया, ‘‘फॉरेंसिक टीम ने खून के नमूने, पैरों के निशान और धातु के टुकड़े एकत्र किए हैं। संदेह है कि धातु के टुकड़े हथियार का हिस्सा हो सकते हैं।'' पटेल ने बताया कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है, जबकि आस-पास के खेतों, जंगलों और पगडंडियों पर गश्त की जा रही है।
- श्रीनगर/नयी दिल्ली. श्रीनगर के नौगाम पुलिस थाने में ‘‘दुर्घटनावश'' विस्फोट होने से नौ लोगों की मौत हो गई और 32 अन्य घायल हो गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि यह आतंकवादी हमला नहीं था। जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात और गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रशांत लोखंडे ने बताया कि यह घटना तब हुई जब एक विशेष टीम एक ‘सफेदपोश' आतंकवादी मॉड्यूल के संबंध में जारी जांच के सिलसिले में हरियाणा के फरीदाबाद से जब्त किए गए विस्फोटकों के एक बड़े जखीरे से नमूने ले रही थी। प्रभात और लोखंडे ने क्रमशः श्रीनगर और नयी दिल्ली में मीडिया के समक्ष एक तरह के बयान में आतंकवादी हमले की अटकलों को खारिज किया और इस बात पर जोर दिया गया कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी। दोनों अधिकारियों ने पत्रकारों के किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया और विस्फोट के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं। विस्फोट शुक्रवार रात 11 बजकर 20 मिनट के आसपास हुआ जब एक विशेष टीम एक ‘सफेदपोश' आतंकवादी मॉड्यूल के संबंध में जारी जांच के सिलसिले में हरियाणा के फरीदाबाद से जब्त किए गए विस्फोटकों के एक बड़े और ‘‘खतरनाक'' जखीरे से नमूने ले रही थी। मृतकों में नायब तहसीलदार मुजफ्फर अहमद खान और सुहैल अहमद राठेर (राजस्व विभाग), राज्य अन्वेषण अभिकरण के निरीक्षक इसरार अहमद शाह, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) से चयन ग्रेड कांस्टेबल ऐजाज अफजल मीर, कांस्टेबल मोहम्मद अमीन मीर और कांस्टेबल शौकत अहमद भट, (क्राइम ब्रांच फोटोग्राफर से) चयन ग्रेड कांस्टेबल जावेद मंसूर राठेर और कांस्टेबल अर्शीद अहमद शाह शामिल हैं। पेशे से दर्जी और नमूना लेने वाली टीम से जुड़े मोहम्मद शफी पार्रे की भी विस्फोट में मौत हो गई।उन्होंने बताया कि कुल 32 लोग घायल हुए हैं - 27 पुलिसकर्मी, दो राजस्व अधिकारी और आस-पास के इलाकों के तीन आम नागरिक। उन्होंने बताया कि उन्हें इलाज के लिए तुरंत स्थानीय अस्पतालों में ले जाया गया। इस भीषण विस्फोट से पुलिस थाने की इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और आस-पास की इमारतें भी प्रभावित हुईं। जम्मू-कश्मीर के नेताओं ने मृतकों के प्रति शोक व्यक्त किया, उपराज्यपाल सिन्हा ने पुलिस नियंत्रण कक्ष में मृतकों को पुष्पांजलि अर्पित की, उनके साथ कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रशांत श्रीवास्तव, मुख्य सचिव अटल डुल्लू और डीजीपी प्रभात भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने भी शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक पोस्ट में नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार नौगाम पुलिस थाने में दुर्घटनावश हुए विस्फोट से आस-पास की इमारतों को हुए नुकसान की भरपाई करेगी। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विस्फोट केंद्र सरकार के लिए ख़ुफ़िया और आतंकवाद-रोधी तंत्र को मज़बूत करने के लिए एक चेतावनी है और वह जवाबदेही से नहीं भाग सकती। उन्होंने आतंकवाद के "बढ़ते ख़तरे" पर चर्चा के लिए तत्काल एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की, जिसे बाहरी ताकतों से लगातार समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी चिंता व्यक्त की और मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रभात और लोखंडे दोनों ने स्पष्ट किया कि विस्फोट उस समय हुआ जब एफएसएल टीम फॉरेंसिक और रासायनिक जांच के लिए जब्त विस्फोटकों के एक बड़े जखीरे से नमूने लेने की निर्धारित प्रक्रिया में जुटी थीं। प्रभात ने कहा, ‘‘बरामदगी की संवेदनशील प्रकृति के कारण, नमूना लेने की प्रक्रिया और संचालन का कार्य एफएसएल टीम द्वारा अत्यंत सावधानी के साथ किया जा रहा था।'' उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान दुर्भाग्य से कल रात लगभग 11 बजकर 20 मिनट पर दुर्घटनावश विस्फोट हुआ।'' जिन सामग्रियों से नमूना लिया जा रहा था वे पहले बरामद किए गए लगभग 360 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थों, अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर समेत रासायनिक पदार्थों का हिस्सा थीं। एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि विस्फोटकों को हरियाणा के फरीदाबाद से टाटा 407 पिकअप ट्रक में छोटे-छोटे बैगों में भरकर लाया गया था। विस्फोटकों को कश्मीर ले जाने के पीछे के कारण के बारे में अधिकारी ने कहा कि मूल मामला नौगाम थाने में दर्ज है और विस्फोटक उसी पुलिस स्टेशन की संपत्ति थे। इसलिए विस्फोटकों को इतनी दूर ले जाने की ज़रूरत थी। विस्फोटक इकट्ठा करने वाले 'सफेदपोश' आतंकी मॉड्यूल के संभावित ठिकानों के बारे में पूछे जाने पर, अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ता अभी भी सुराग ढूंढ़ने में लगे हैं। अधिकारी ने कहा, "संभावित निशाने के बारे में सारी जानकारी... पूरी तरह से काल्पनिक हैं।" यह जखीरा जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नौ और 10 नवंबर को आरोपी डॉ. मुजम्मिल गनई के फरीदाबाद स्थित किराए के घर से बरामद किया था। मुजम्मिल को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह 360 किलोग्राम विस्फोटकों का बड़ा हिस्सा नौगाम पुलिस स्टेशन के खुले क्षेत्र में सुरक्षित रूप से रखा गया था। इस थाने में आतंकवादी मॉड्यूल के संबंध में प्राथमिक मामला दर्ज किया गया था। अक्टूबर के मध्य में नौगाम के बनपोरा में दीवारों पर पुलिस और सुरक्षा बलों को धमकी देने वाले पोस्टर दिखाई देने के बाद पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से जांचकर्ताओं को पहले तीन संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिली। ये तीन संदिग्ध आरिफ निसार डार उर्फ साहिल, यासिर-उल-अशरफ और मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद हैं, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इन तीनों के खिलाफ पथराव के मामले दर्ज थे और इन्हें पोस्टर चिपकाते हुए देखा गया था। उनसे पूछताछ के बाद एक पूर्व पैरामेडिक्स से इमाम बने मौलवी इरफान अहमद को गिरफ्तार किया गया। उसने ही पोस्टर मुहैया कराए थे और माना जाता है कि उसने चिकित्सा समुदाय तक अपनी आसान पहुंच का इस्तेमाल करके चिकित्सकों को कट्टरपंथी बनाया। इस सुराग के आधार पर श्रीनगर पुलिस अंततः फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय पहुंची, जहां से उसने डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई और डॉ. शाहीन सईद को गिरफ्तार किया। यहीं से अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर सहित रसायनों का विशाल भंडार जब्त किया गया। जांचकर्ताओं का मानना है कि पूरा मॉड्यूल चिकित्सकों की एक मुख्य तिकड़ी द्वारा चलाया जा रहा था - मुजम्मिल गनई (गिरफ्तार), उमर नबी (10 नवंबर को लाल किले के पास विस्फोट में शामिल कार का चालक) और मुजफ्फर राठेर (फरार)। फरार डॉ. मुजफ्फर राठेर के भाई डॉ. अदील राठेर की भूमिका अब भी जांच के दायरे में है।
- जयपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने सनातन विचार को देश, काल और स्थिति के अनुसार एकात्म मानव दर्शन का नया नाम देकर लोगों के समक्ष रखा। उन्होंने यह भी कहा कि यह विचार नया नहीं है, किंतु 60 वर्ष बाद भी वर्तमान समय में यह एकात्म मानव दर्शन पूरे विश्व के लिए प्रासंगिक है। एकात्म मानव दर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित दीनदयाल स्मृति व्याख्यान कार्यक्रम में डॉ. भागवत ने कहा कि एकात्म मानव दर्शन को एक शब्द में समझना हो तो वह शब्द है धर्म। उन्होंने स्पष्ट किया, ‘‘इस धर्म का अर्थ केवल मजहब, मत, पंथ या संप्रदाय नहीं है, बल्कि इसका तात्पर्य है सबका गंतव्य समझने वाला धर्म। वर्तमान समय में दुनिया को इसी एकात्म मानव दर्शन के धर्म के अनुसार चलना होगा।'' आयोजकों के अनुसार, सरसंघचालक ने कहा, ‘‘भारत में पिछले कई दशकों में रहन-सहन, खानपान और वेशभूषा बदल गई है, किंतु सनातन विचार नहीं बदला। यही सनातन विचार एकात्म मानव दर्शन है, जिसका आधार यह है कि सुख बाहर नहीं, बल्कि हमारे भीतर ही होता है। जब हम अंदर का सुख देखते हैं, तब समझ आता है कि पूरा विश्व एकात्म है। इस एकात्म मानव दर्शन में अतिवाद की कोई जगह नहीं है।'' शरीर, मन, बुद्धि की सत्ता की बात करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता की भी मर्यादा है।उन्होंने कहा, ‘‘सबका हित साधते हुए अपना विकास करना वर्तमान समय की आवश्यकता है। पूरे विश्व में कई बार आर्थिक उठापटक होती रही है, लेकिन भारत पर इसका असर सबसे कम होता है क्योंकि भारत के अर्थतंत्र का आधार परिवार व्यवस्था है।'' उन्होंने विज्ञान की प्रगति की ओर इशारा करते हुए कहा कि विज्ञान की मदद से भौतिक सुविधाओं का जीवन तो संपन्न हो रहा है, लेकिन क्या इससे मनुष्य के मन में शांति और संतोष भी बढ़ रहा है। डॉ. भागवत ने कहा कि विज्ञान की प्रगति से नयी दवाइयां बनी हैं, किंतु क्या स्वास्थ्य पहले की तुलना में बेहतर हुआ है, यह सवाल भी विचारणीय है। कुछ बीमारियों के कारण भी दवाइयां बनी हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर केवल चार प्रतिशत जनसंख्या 80 प्रतिशत संसाधनों का उपयोग करती है। विकसित और अविकसित देशों में भेद बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में प्रारंभ से ही अनेक विषयों में विविधता रही है, लेकिन यह विविधता कभी झगड़े का कारण नहीं बनी, बल्कि उत्सव का विषय रही। भारत में पहले से अनेक देवी-देवता थे और कुछ और आ गए तो भी कोई समस्या नहीं हुई।'' डॉ. भागवत ने कहा, ‘‘दुनिया यह जानती है कि शरीर, मन और बुद्धि का सुख होता है, लेकिन इसे एक साथ कैसे प्राप्त किया जाए, यह दुनिया नहीं जानती। यह केवल भारत जानता है क्योंकि भारत में शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा सभी के सुख का विचार किया गया है।'' कार्यक्रम की प्रस्तावना एकात्म मानव दर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के अध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा ने रखी।




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