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- सूरत. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि बिहार की जनता ने जातिवाद का जहर उगलने वाले विपक्ष और ‘‘मुस्लिम लीग-माओवादी'' गठजोड़ बन चुकी कांग्रेस को नकार दिया। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के साथ काम कर चुके कांग्रेस के राष्ट्रवादी नेता "नामदार के कारनामों" से दुखी हैं। प्रधानमंत्री मोदी सूरत में रहने वाले बिहार के लोगों द्वारा आयोजित एक अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे, जहां उन्होंने राज्य में विधानसभा चुनावों में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की भारी जीत पर उन्हें बधाई दी। मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में कांग्रेस की लगातार चुनावी हार उस पार्टी के लिए आत्ममंथन का विषय है। प्रधानमंत्री ने कहा, "देश ने 'मुस्लिम लीग-माओवादी कांग्रेस' को नकार दिया। इतना ही नहीं, उस पार्टी के वे राष्ट्रवादी नेता, जिन्होंने इंदिरा जी और राजीव जी के साथ काम किया था, 'नामदार' (राहुल गांधी) के हथकंडों से दुखी हैं।" प्रधानमंत्री ने कहा कि कई कांग्रेस नेता कहने लगे हैं कि अब पार्टी को बचाना मुश्किल है।राजग ने बिहार विधानसभा चुनावों में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल और अन्य दलों के महागठबंधन का सफाया कर दिया और 243 सदस्यीय विधानसभा में 200 से ज़्यादा सीटें जीत लीं। कांग्रेस केवल छह सीटों पर जीत हासिल कर सकी। प्रधानमंत्री ने कहा, "जिन्होंने 50-60 वर्षों तक शासन किया, उनका एक या दो दशक में यह हाल हो गया, यह स्पष्ट रूप से उनके लिए आत्मनिरीक्षण का विषय है।" उन्होंने राजग की व्यापक जीत का श्रेय बिहार के "एमवाई" (महिला और युवा) मतदाताओं को दिया। बिना नाम लिए मोदी ने कहा कि कुछ नेता जो ज़मानत पर बाहर हैं, उन्होंने जाति-आधारित राजनीति के ज़रिए चुनाव जीतने की भरपूर कोशिश की। मोदी ने कहा, "बिहार में इन 'जमानती' नेताओं ने अपनी पूरी ताकत जातिवाद का जहर फैलाने में लगा दी। उन्हें लगा कि जीत हासिल करने के लिए यही काफी होगा। बिहार चुनाव ने जातिवाद के उस ज़हर को पूरी तरह से नकार दिया है। यह देश के लिए एक बहुत ही उज्ज्वल संकेत है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार के सभी क्षेत्रों में समाज के सभी वर्गों ने राजग को जोरदार समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में विजयी गठबंधन और विपक्ष के बीच वोट शेयर में 10 प्रतिशत का बड़ा अंतर है। मोदी ने कहा, ‘‘राजग ने दलित बहुल 38 सीटों में से 34 पर जीत हासिल की है। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि दलितों ने भी कांग्रेस को नकार दिया है।'' उन्होंने दावा किया कि बिहार में जमीन पर अवैध कब्ज़ा करके और घरों पर कब्ज़ा करके 'वक्फ़' (इस्लामी क़ानून के अनुसार धार्मिक या धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए संपत्ति का स्थायी समर्पण) बनाए गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु में हज़ारों साल पुराने गांवों को वक्फ़ संपत्ति घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि चूंकि देश भर में चिंताएं जताई गई थीं, इसलिए केंद्र ने हाल ही में संसद में वक्फ कानून पारित किया। प्रधानमंत्री ने कहा, "बिहार चुनाव के दौरान, इन जमानती नेताओं और उनके साथियों ने सार्वजनिक रूप से वक्फ विधेयक की प्रति फाड़ दी और घोषणा की कि अगर वे जीत गए, तो वे इस कानून को लागू नहीं होने देंगे। बिहार की जनता ने भी इस सांप्रदायिक ज़हर को पूरी तरह से नकार दिया।'' मोदी ने कहा कि चूंकि कांग्रेस अपने सहयोगियों या अपनी पार्टी के सदस्यों को हार के कारणों की व्याख्या करने में असमर्थ है, इसलिए उन्होंने ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन), निर्वाचन आयोग और मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण को दोष देकर "आसान" रास्ता चुना है। प्रधानमंत्री ने कहा, "उन्हें बहाने बनाने का तरीका मिल गया है। यह बहाना उन्हें कुछ समय तक तो बचाए रख सकता है, लेकिन उनके कार्यकर्ता उन्हें ज़्यादा देर तक स्वीकार नहीं करेंगे।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस की प्राथमिकता न तो यह देश है, न ही इसके लोग और न ही इसका भविष्य। कांग्रेस नेता राहुल गांधी राज्य चुनावों में "वोट चोरी" का आरोप लगा रहे हैं और निर्वाचन आयोग पर भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगा रहे हैं। मोदी ने दावा किया कि कुछ युवा कांग्रेसी सांसद या विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया' के लोग भी डरते हैं कि उनका करियर खत्म हो जाएगा क्योंकि उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता ऐसा इसलिए कि एक नेता "संसद को बंद करने" की बात करता रहता है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का "अपमान" पसंद नहीं आया।प्रधानमंत्री ने किसी का नाम लिए बिना कहा, "आपने पिछले दो-तीन सालों में बिहार विधानसभा के दृश्य देखे होंगे। नीतीश कुमार का अपमान करना एक चलन बन गया था। उनके लिए अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया गया, ठीक वैसे ही जैसे संसद में दूसरे 'नामदार' नेता सारी मर्यादाएं तोड़ते हुए करते थे।"
- नयी दिल्ली. बिहार में दिसंबर में वार्षिक त्रिपिटक जप समारोह और जेठियन घाटी से राजगीर के वेणुवन के पवित्र बांस के बाग तक बुद्ध के पदचिह्नों का प्रतीकात्मक रूप से अनुसरण करने वाली एक स्मारक पदयात्रा आयोजित की जाएगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बोधगया में आध्यात्मिक समागम का आयोजन 'इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्फेडरेशन' (आईबीसी) द्वारा संस्कृति मंत्रालय और 'लाइट ऑफ बुद्ध धर्म फाउंडेशन इंटरनेशनल' (एलबीडीएफआई), अमेरिका के साथ साझेदारी में किया जाएगा। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय त्रिपिटक जप समारोह दो से बारह दिसंबर के बीच आयोजित होने की उम्मीद है, जबकि स्मारक पदयात्रा 13-14 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। आयोजन की तारीखों की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि जप समारोह विश्व के समक्ष अपनी कालातीत बौद्ध विरासत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बुद्ध की शिक्षाओं का संग्रह, त्रिपिटक, ‘‘प्राचीन भारत की एक स्मारकीय आध्यात्मिक, साहित्यिक और दार्शनिक विरासत'' के रूप में विद्यमान है। संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि बोधि वृक्ष (वह स्थान जहां बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था) के नीचे धर्मग्रंथों का जाप वैश्विक बौद्ध परंपरा में निरंतरता और भक्ति का एक शक्तिशाली प्रतीक बना हुआ है। इस वर्ष के उत्सव को भारत के कई बौद्ध संगठनों द्वारा समर्थित किया गया है, जिसका नेतृत्व ‘इंटरनेशनल त्रिपिटक चैंटिंग कमेटी' (आईटीसीसी) कर रही है।
- नयी दिल्ली. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने वास्तविक समय में बारूदी सुरंग जैसी वस्तुओं का पता लगाने के लिए नयी पीढ़ी के ‘मैन-पोर्टेबल ऑटोनोमस अंडरवाटर व्हीकल (एमपी-एयूवी)' विकसित किए हैं। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि इस प्रणाली में पानी के भीतर चलने वाले कई स्वायत्त वाहन (एयूवी) शामिल हैं, जो वास्तविक समय में बारूदी सुरंग जैसी वस्तुओं का पता लगाने में सक्षम साइड स्कैन सोनार और अत्याधुनिक कैमरों से लैस हैं। मंत्रालय ने कहा कि ‘एमपी-एयूवी' के ‘डीप लर्निंग' आधारित एल्गोरिद्म इस प्रणाली को स्वायत्त रूप से अलग-अलग तरह के लक्ष्यों को पहचानने में सक्षम बनाते हैं, जिससे संचालक पर काम का बोझ और मिशन को पूरा करने में लगने वाला समय काफी कम हो जाता है। मंत्रालय के मुताबिक, एमपी-एयूवी का निर्माण डीआरडीओ की विशाखापत्तनम स्थित नौसेना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (एनएसटीएल) ने किया है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को आदिवासी नायक बिरसा मुंडा को उनकी 150वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वह पूरे देश के गौरव थे। वर्तमान झारखंड में 1875 में जन्मे मुंडा ने ब्रिटिश शासन को चुनौती दी और उन्हें आदिवासियों को उसके विरुद्ध संगठित करने का श्रेय दिया जाता है। उनका 25 वर्ष की अल्पायु में ब्रिटिश हिरासत में निधन हो गया था। बिरसा मुंडा की जयंती पूरे देश में 'जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में मनाई जाती है। शाह ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भगवान बिरसा मुंडा जी केवल जनजातीय समाज ही नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। आज पूरा देश हर्षोल्लास से उनकी 150वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस मना रहा है। गृह मंत्री ने कहा, ‘‘उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर स्वतंत्रता आंदोलन और मातृभूमि की रक्षा के प्रति उनके अटूट संकल्प को नमन किया।'' मुंडा ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध मुंडा विद्रोह का नेतृत्व किया। आदिवासी अधिकारों और स्वशासन के लिए उनके संघर्ष ने उन्हें स्थानीय समुदायों के प्रतिरोध और सशक्तीकरण का प्रतीक बना दिया।
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डेडियापाड़ा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के आदिवासी बहुल नर्मदा जिले के देवमोगरा गांव स्थित एक मंदिर में आदिवासी समुदाय की देवी पंडोरी माता की शनिवार को पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री मोदी राज्य के एक दिवसीय दौरे पर हैं। वह सुबह सूरत हवाई अड्डे पर उतरे। सूरत में मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा करने के बाद वह नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा कस्बे से लगभग 23 किलोमीटर दूर सागबारा तालुका के देवमोगरा गांव पहुंचे। सागबारा पुलिस थाने के उपनिरीक्षक सी डी पटेल ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने देवमोगरा मंदिर में आदिवासियों की देवी की पूजा-अर्चना की।'' बाद में प्रधानमंत्री डेडियापाड़ा में भगवान बिरसा मुंडा के 150वें जयंती समारोह में भाग लेंगे और सभा को संबोधित करेंगे। वह इस अवसर पर 9,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न बुनियादी ढांचा एवं विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे और उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे। डेडियापाड़ा में कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री जनजातीय समुदायों के उत्थान और क्षेत्र के ग्रामीण एवं दूरदराज के इलाकों में बुनियादी ढांचे में सुधार के उद्देश्य से कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। मोदी ‘प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान' (पीएम-जनमन) और ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' (डीए-जगुआ) के तहत निर्मित 1,00,000 घरों के गृह प्रवेश कार्यक्रम में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री लगभग 1,900 करोड़ रुपये की लागत से बने एवं आदिवासी छात्रों को समर्पित 42 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस), समुदाय-आधारित गतिविधियों के केंद्र के रूप में कार्य करने वाले 228 बहुउद्देश्यीय केंद्रों, असम मेडिकल कॉलेज, डिब्रूगढ़ में सक्षमता केंद्र और आदिवासी संस्कृति एवं विरासत के संरक्षण के लिए मणिपुर के इंफाल में आदिवासी अनुसंधान संस्थान (टीआरआई) भवन का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री आदिवासी क्षेत्रों में संपर्क सुविधा में सुधार के लिए गुजरात के 14 आदिवासी जिलों के लिए 250 बस को हरी झंडी दिखाएंगे।
- नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नागालैंड टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर (एनटीटीसी) में कौशल विकास के लिए एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने दर्शकों को संबोधित किया। वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “नागालैंड के युवा बेहद क्रिएटिव और उत्साही हैं। चाहे वह टेक्सटाइल हो, लकड़ी का काम हो या कोई दूसरा क्राफ्ट हो हर जगह उनकी प्रतिभा का प्रदर्शन दिखाई देता है।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे विश्वास है कि इस अवसर के साथ आप अपने जीवन, नागालैंड के भविष्य और इस राज्य के विकसित भारत में योगदान को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण परिवर्तन लाएंगे।”निर्मला सीतारमण कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वित्त मंत्री की उपस्थिति में साइएंट टेक और एनटीटीसी के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी हुआ। इससे पहले वित्त मंत्री एसएएससीआई परियोजनाओं की समीक्षा बैठक का भी हिस्सा बनीं। निर्मला सीतारमण कार्यालय के अनुसार, “नागालैंड को एसएएससीआई आवंटन 2020-21 में 3 सेक्टर से बढ़कर 2024-25 में 9 सेक्टर तक हो गया है। इसके अलावा, पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र द्वारा एसएएससीआई सहायता के कारण राज्य पूंजीगत व्यय 2020-21 के 1,677 करोड़ से तीन गुना बढ़कर 2024-25 में 4,593 करोड़ हो गया है।”वित्त मंत्री ने नागालैंड के चुमौकेदिमा में एसएएससीआई योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा फंडेड परियोजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर वित्त मंत्री ने राज्य में एसएएससीआई के तहत दो और परियोजनाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने एनटीटीसी दीमापुर में ऑटोमोबाइल वर्कशॉप, ट्रेनिंग ब्लॉक और एग्रो-बेस्ड रूरल टेक्नोलॉजी यूनिट्स सहित प्रमुख फैसिलिटी का दौरा भी किया।वित्त मंत्री अपने इस तीन दिवसीय नागालैंड दौरे में इससे पहले कोहिमा में थीं। यहां उन्होंने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) में स्टूडेंट्स एडवांसिंग माइंडसेट्स इन एआई, रोबोटिक्स, टेक्नोलॉजी एंड डिजिटल हार्डवेयर (समर्थ) का शुभारंभ किया।वह टाटा सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट प्राइवेट लिमिटेड (टीएसएटी) और एनआईईएलआईटी के बीच एक समझौता ज्ञापन के आदान-प्रदान की भी साक्षी बनीं।
- सूरत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सूरत में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में ऐतिहासिक विजय हुई है, और अगर हम सूरत से आगे जा रहे हों और बिहार के लोगों से मिले बिना जाएं, तो लगता है यात्रा अधूरी रह गई है, इसलिए गुजरात में रहने वाले और खासकर सूरत में रहने वाले मेरे बिहारी भाइयों का हक बनता है, और इसलिए मेरी स्वाभाविक जिम्मेदारी भी बनती है कि आप लोगों के बीच आकर इस विजयोत्सव के कुछ पल का मैं भी हिस्सा बनूं।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज बिहार में विकास की भूख हर जगह दिखाई दे रही है। मुझे याद है कि कैसे कोविड के दौरान देश भर के लोग अपने घरों को लौट रहे थे। उस समय मुझे बिहार के लोगों से बातचीत करने का मौका मिला था, और उनमें से कई लोगों ने उस मुश्किल दौर का इस्तेमाल अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने में किया। यही बिहार के लोगों की असली ताकत है। आप दुनिया में कहीं भी जाएं, आपको बिहार की प्रतिभा हमेशा चमकती हुई दिखाई देगी।उन्होंने कहा कि आप भी जानते हैं और बिहार के लोग भी जानते हैं कि हम वो पार्टी हैं। जब आपने हमें गुजरात में मुख्यमंत्री के रूप में भी काम दिया था, तब भी हमारा एक मंत्र था कि भारत के विकास के लिए गुजरात का विकास। हमारी मूलभूत सोच रही है, ‘नेशन फर्स्ट।’ यही मंत्र हमारे लिए हिंदुस्तान का हर कोना, हिंदुस्तान का हर राज्य, हर भाषा-भाषी नागरिक है। ये हमारे लिए पूजनीय है, वंदनीय है। इसलिए बिहार का भी गौरव करना, बिहार के सामर्थ्य को स्वीकार करना, ये हमारे लिए बहुत सहज बात है।पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनाव में एनडीए गठबंधन विजयी हुआ है और महागठबंधन पराजित हुआ है। दोनों के बीच 10 प्रतिशत वोट का फर्क है, ये बहुत बड़ी बात है। यानी, सामान्य मतदाता ने एकतरफा मतदान किया, ये बिहार के विकास के प्रति ललक है।उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों से ये ‘जमानत पर छूटे नेता’ बिहार में घूम-घूमकर जातिवादी राजनीति का राग अलापते रहे। उन्होंने जाति-भेद का जहर घोलने की भरपूर कोशिश की, लेकिन इस चुनाव में बिहार की जनता ने उस जहर को पूरी तरह से नकार दिया।उन्होंने कहा कि बिहार आज दुनिया भर में छाया हुआ है। आप दुनिया में कहीं भी जाइए, बिहार की टैलेंट आपको नजर आएगी। अब बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का मिजाज दिखा रहा है। इस चुनाव में उस मिजाज के दर्शन हुए हैं। महिला-युवा एक ऐसा माई कॉम्बिनेशन बना है, जिसने आने वाले दशकों की राजनीति की नींव मजबूत कर दी है।
- नयी दिल्ली/ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार विधानसभा चुनाव में राजग के प्रदर्शन को ‘‘ऐतिहासिक'' बताते हुए शुक्रवार को कहा कि लोगों ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘विकास-केंद्रित' राजनीति में अपना भरोसा जताया है। बिहार विधानसभा चुनाव में शुक्रवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 243 में से लगभग 202 सीट पर जीत हासिल कर प्रचंड बहुमत की सरकार बनाने की ओर अग्रसर है जबकि लगभग 95 प्रतिशत स्ट्राइक रेट के साथ भाजपा राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती दिख रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बिहार में राजग को मिला भारी जनादेश विकास, महिला सुरक्षा, सुशासन और गरीबों के कल्याण के लिए उसके कार्यों पर जनता की मुहर है। शाह ने ‘एक्स' पर पोस्ट में कहा, बिहारवासियों का एक-एक वोट भारत की सुरक्षा और संसाधनों से खेलने वाले घुसपैठियों और उनके हितैषियों के खिलाफ मोदी सरकार की नीति में विश्वास का प्रतीक है।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बिहार विधानसभा चुनाव में राजग की जीत को ‘ऐतिहासिक' बताया और कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘डबल इंजन' सरकार की विकासोन्मुखी एवं कल्याणकारी नीतियों के प्रति विश्वास की मुहर है।बिहार के लिए भाजपा के चुनाव प्रभारी एवं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राजग को ‘निर्णायक और अभूतपूर्व' जनादेश देकर, बिहार के लोगों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि विकास, सुशासन और स्थिरता उनकी प्राथमिकताएं हैं। प्रधान ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, राजग के लिए यह शानदार जनादेश प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री कुमार के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की कल्याणकारी नीतियों के लिए लोगों द्वारा एक मजबूत समर्थन है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि लोगों ने जाति और समुदाय से ऊपर उठकर विकास एवं सुशासन के लिए वोट दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पत्रकारों से कहा, यह वोट आशा और विश्वास का है। लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और (बिहार के) विकास की उनकी गारंटी में विश्वास दिखाया है।मोदी की वीडियो क्लिप को साझा करते हुए भाजपा सांसद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने ‘एक्स' पर भोजपुरी में लिखा, ‘‘बिहार में बंपर जीत हो गईल, जोड़ी मोदी-नीतीश जी के हिट हो गईल''।
- नयी दिल्ली/बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को मिले भारी जनादेश की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल से ‘जंगलराज' को उखाड़ फेंकने का शुक्रवार को संकल्प लिया और कहा कि जिस तरह गंगा नदी बिहार से होकर बंगाल में बहती है, उसी तरह इस जीत ने वहां भी भाजपा की जीत का मार्ग प्रशस्त किया है। यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित धन्यवाद समारोह को संबोधित करते हुए मोदी ने अन्य चुनावी राज्यों पर भी नजर रखते हुए कहा कि बिहार में मिली भारी जीत ने केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, असम और पश्चिम बंगाल के पार्टी कार्यकर्ताओं में नयी ऊर्जा का संचार किया है। उन्होंने कहा, बिहार की जीत ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का मार्ग प्रशस्त किया है। मैं पश्चिम बंगाल के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आपके समर्थन से भाजपा इस राज्य में भी ‘जंगल राज' का खात्मा करेगी।'' प्रधानमंत्री ने भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं का अभिवादन ‘गमछा' लहराकर किया।इस दौरान ‘मोदी-मोदी' और ‘भारत माता की जय' के नारे लगाए गए। इस मौके पर बिहार के लोगों से जुड़ने के प्रतीकात्मक संकेत के रूप में, प्रधानमंत्री मोदी ने मिथिला पेंटिंग वाला एक ‘गमछा' पहना हुआ था और ‘‘छठी मईया की जय'' के नारे के साथ अपना भाषण शुरू किया। मोदी ने कहा, ‘‘बिहार की जनता ने इस भारी जीत और अपने अटूट विश्वास के साथ राज्य में गर्दा उड़ा दिया।'' उन्होंने बिहार में जीत को सुशासन की राजनीति के लिए जनादेश बताया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व तथा चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा समेत राजग के सभी नेताओं के योगदान की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यदि लोग भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार को फिर से चुन रहे हैं, तो यह एक जन-समर्थक, शासन-समर्थक और विकास-समर्थक एजेंडे की स्थापना का प्रतीक है। यह भारतीय राजनीति में एक नये आधार को पेश करता है।'' भाजपा के नेतृत्व वाले राजग ने 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा के लिए हुए चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज की है।मोदी ने कहा, आज की जीत एक नयी यात्रा की शुरुआत है। बिहार ने हम पर जो विश्वास जताया है, उसने हमारे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी डाल दी है।'' प्रधानमंत्री ने बिहार के मतदाताओं को आश्वासन दिया कि राज्य और भी तेज गति से प्रगति करेगा, नये उद्योग स्थापित होंगे और युवाओं को राज्य के भीतर ही रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार में निवेश आएगा और यह निवेश अधिक रोजगार लाएगा। बिहार में पर्यटन का विस्तार होगा और लोग बिहार की नयी ताकत देखेंगे। हमारे तीर्थ स्थलों, आस्था के स्थानों और ऐतिहासिक धरोहरों का कायाकल्प किया जाएगा।'' मोदी ने कहा कि इस जीत ने एक नया ‘एमवाई - महिला और यूथ' फॉर्मूला दिया है तथा जनता ने ‘जंगलराज' वालों के सांप्रदायिक ‘एमवाई फॉर्मूले' को ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘बिहार ने एक बार फिर दिखा दिया है कि झूठ की हार हुई है और लोगों का विश्वास जीता है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि इस जीत से निर्वाचन आयोग पर लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है।राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुस्लिम-यादव समर्थन आधार का स्पष्ट संदर्भ देते हुए मोदी ने कहा कि बिहार में कुछ पार्टियों ने ‘एमवाई-मुस्लिम और यादव-फार्मूला'' तैयार किया था, लेकिन आज की जीत ने एक नया ‘सकारात्मक एमवाई - महिला और यूथ'' फॉर्मूला दिया है। मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘आज बिहार उन राज्यों में से एक है, जहां युवा आबादी अधिक है और ये युवा सभी धर्मों तथा जातियों से हैं। उनकी इच्छाओं, आकांक्षाओं और सपनों ने ‘जंगल राज' वाले लोगों के सांप्रदायिक ‘एमवाई' फॉर्मूले को ध्वस्त कर दिया है।'' उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव ने यह भी दिखाया है कि मतदाता, खासकर युवा मतदाता, मतदाता सूची की गड़बड़ियों को दूर करने की कवायद को गंभीरता से लेते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार के युवाओं ने भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को जबरदस्त समर्थन दिया है। मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से हर मतदान केंद्र पर अपने कार्यकर्ताओं की तैनाती करके मतदाता सूची की वर्तमान एसआईआर में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों का यह कर्तव्य है कि वे सभी मतदान केंद्रों पर अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करें तथा मतदाता सूची के शुद्धिकरण में योगदान दें। नौ राज्यों और तीन केंद्र-शासित प्रदेशों में एसआईआर के दूसरे चरण में अब तक 46.5 करोड़ गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। ये राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश हैं: छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्यप्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप। इनमें से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होंगे।मोदी ने निर्वाचन आयोग की भी सराहना की और कहा कि इसने सुनिश्चित किया कि चुनाव सुचारू रूप से संपन्न हों। उन्होंने राजद के शासनकाल का स्पष्ट रूप से संदर्भ देते हुए याद दिलाया कि कैसे ‘जंगल राज' के दौरान चुनाव में हिंसा आम बात होती थी। मोदी ने कहा कि नयी सरकार के साथ राजग अब बिहार में 25 साल की स्वर्णिम यात्रा की ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, बिहार ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि इस महान भूमि पर ‘जंगल राज' की वापसी फिर कभी नहीं होगी। आज की जीत बिहार की उन बहनों और बेटियों की है, जिन्होंने राजद के शासन के दौरान ‘जंगल राज' के आतंक को सहन किया।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जीत बिहार के युवाओं की है, जिनका भविष्य कांग्रेस और लाल झंडा लहराने वालों के आतंक के कारण बर्बाद हो गया। मोदी ने कहा, ‘आज का जनादेश विकास की राजनीति और भाई-भतीजावाद की राजनीति की अस्वीकृति के लिए जनादेश है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जब मैं ‘जंगल राज' और ‘कट्टा सरकार' (तमंचे के जोर पर शासन) के बारे में बोलता था, तो राजद कोई आपत्ति नहीं करती थी। हालांकि, इससे कांग्रेस बेचैन हो जाती थी। आज, मैं दोहराना चाहता हूं कि ‘कट्टा सरकार' बिहार में कभी वापसी नहीं करेगी।
- पटना। सत्तारूढ़ राजग ने शुक्रवार को बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में 202 सीट जीतकर शानदार जीत दर्ज की। निर्वाचन आयोग ने सभी सीटों के चुनाव परिणाम की घोषणा करते हुए यह जानकारी दी। निर्वाचन आयोग के अनुसार, भाजपा 89 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। उसकी सहयोगी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जदयू ने 85 सीट जीती हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 19 सीट मिली हैं। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाले हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) ने पांच सीट जीतीं, जबकि उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने चार सीट जीतीं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, और राज्य मंत्री प्रेम कुमार, महेश्वर हजारी और संजय सरावगी, और भाजपा की मैथिली ठाकुर राजग खेमे से प्रमुख विजेताओं में शामिल हैं। राजद नेता और ‘इंडिया' गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव, दिवंगत मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शाहाब और भाकपा (माले) लिबरेशन के संदीप सौरव विपक्षी खेमे से प्रमुख विजेताओं में शामिल हैं। तेजस्वी यादव ने राघोपुर सीट से भाजपा के सतीश कुमार को 14,532 मतों के अंतर से हराया।‘इंडिया' गठबंधन को केवल 34 सीट मिलीं। राजद को 25 सीट मिलीं, जबकि कांग्रेस को छह, भाकपा (माले) लिबरेशन को दो और माकपा को एक सीट मिली। हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम ने पांच सीट जीतीं, जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी को एक-एक सीट मिली। भाजपा और जदयू ने 101-101 सीट पर चुनाव लड़ा था, जबकि उनकी सहयोगी लोजपा (रालोद) ने 28 सीट पर उम्मीदवार खड़े किए थे। ‘इंडिया' गठबंधन में, राजद ने 141 सीट पर चुनाव लड़ा, जबकि कांग्रेस ने 61 और भाकपा(माले) लिबरेशन ने 20 सीट पर चुनाव लड़ा।
- नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए को प्रचंड जीत मिली। इस पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी सम्मानित मतदाताओं को नमन करते हुए हृदय से आभार एवं धन्यवाद दिया।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राज्यवासियों ने हमें भारी बहुमत देकर हमारी सरकार के प्रति विश्वास जताया है। इसके लिए राज्य के सभी सम्मानित मतदाताओं को मेरा नमन, हृदय से आभार एवं धन्यवाद। प्रधानमंत्री मोदी को उनसे मिले सहयोग के लिए उनका नमन करते हुए हृदय से आभार एवं धन्यवाद।”उन्होंने आगे लिखा कि एनडीए गठबंधन ने इस चुनाव में पूरी एकजुटता दिखाते हुए भारी बहुमत हासिल किया है। इस भारी जीत के लिए एनडीए गठबंधन के सभी साथियों, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी एवं उपेंद्र कुशवाहा को भी धन्यवाद एवं आभार। आप सबके सहयोग से बिहार और आगे बढ़ेगा तथा बिहार देश के सबसे ज्यादा विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।वहीं, केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने एनडीए की जीत पर कहा कि बिहार की जनता ने जिस तरह से एनडीए को प्रचंड बहुमत दिया है और अगले पांच साल बिहार को विकास की ओर ले जाने का फैसला किया है, उसके लिए मैं विशेष रूप से उन्हें धन्यवाद और बधाई देता हूं।उन्होंने कहा कि बिहार में डबल इंजन सरकार को मजबूत करने का ऐसा क्षण आ गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार अगले पांच साल बिहार को विकास की ओर ले जाने का काम करेंगे। यह उन लोगों को जवाब है जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य, एनडीए के कार्यकाल, जंगलराज के होने या न होने और प्रधानमंत्री की प्राथमिकता में बिहार कितना है, इस पर सवाल उठाते थे। पांच दलों का यह गठबंधन एक विजयी संयोजन है।विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “बिहार की जनता का एनडीए को ऐतिहासिक जनादेश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, बिहार भाजपा और बिहार में हमारे एनडीए सहयोगियों को इस जीत पर बधाई। मुझे विश्वास है कि एनडीए की डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में बिहार का सुशासन और विकास नई गति के साथ आगे बढ़ेगा।
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नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 2010 के बाद बिहार ने एनडीए को अपना सबसे मजबूत जनादेश दिया है। मैं एनडीए के सभी दलों की ओर से बिहार की जनता को उनके समर्थन के लिए तहे दिल से धन्यवाद देता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि बिहार में कुछ दलों ने तुष्टिकरण वाला एमवाई फॉर्मूला बनाया था, लेकिन आज की जीत ने एक नया सकारात्मक एमवाई फॉर्मूला दिया है, और ये है, महिला और यूथ। आज बिहार देश के उन राज्यों में है, जहां सबसे ज्यादा युवाओं की संख्या है, और इनमें हर धर्म और हर जाति के युवा शामिल हैं। उनकी इच्छा, उनकी आकांक्षा और उनके सपनों ने जंगलराज वाले पुराने और सांप्रदायिक एमवाई फॉर्मूला को ध्वस्त कर दिया है। मैं आज बिहार के युवाओं का विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं।उन्होंने कहा कि बिहार में कुछ राजनीतिक दलों ने तुष्टिकरण की रणनीति के तहत ‘एमवाई’ फॉर्मूला पेश किया था। हालांकि, इस बड़ी जीत ने ‘एमवाई’ फॉर्मूले को सकारात्मक रूप से परिभाषित किया है, जहां अब यह ‘महिला’ और ‘युवा’ का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि बिहार के चुनाव ने एक और बात सिद्ध की है कि अब देश का मतदाता, खासतौर पर हमारा युवा मतदाता, ‘मतदाता सूची के शुद्धिकरण’ को बहुत गंभीरता से लेता है। बिहार के युवा ने भी मतदाता सूची के शुद्धिकरण को जबरदस्त तरीके से सपोर्ट किया है।प्रधानमंत्री ने कहा कि अब हर दल का दायित्व बनता है कि वे पोलिंग बूथ पर अपनी-अपनी पार्टियों को सक्रिय करें और मतदाता सूची के शुद्धिकरण के काम में उत्साह के साथ जुड़ें एवं शत प्रतिशत योगदान दें, ताकि बाकी जगहों पर भी मतदाता सूची का पूरी तरह शुद्धिकरण हो सके। यह सिर्फ एनडीए की जीत नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की भी जीत है। इसने चुनाव आयोग में जनता का विश्वास मजबूत किया है। पिछले कुछ वर्षों में खासकर हाशिए पर पड़े समूहों में मतदान प्रतिशत में वृद्धि चुनाव आयोग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है।पीएम मोदी ने कहा कि यह वही बिहार है जो कभी माओवादी उग्रवाद से ग्रस्त था, जहां नक्सल प्रभावित इलाकों में मतदान अक्सर दोपहर 3 बजे ही समाप्त हो जाता था। हालांकि, इस चुनाव में लोगों ने उत्साह के साथ मतदान किया। बिहार वो धरती है, जिसने भारत को लोकतंत्र की जननी होने का गौरव दिया है। आज उसी धरती ने लोकतंत्र पर हमला करने वाली ताकतों को धूल चटाई है। उन्होंने कहा कि बिहार ने फिर दिखाया है कि ‘झूठ हारता है, जनविश्वास जीतता है।’ बिहार ने डंके की चोट पर कह दिया है, ‘जमानत पर चल रहे लोगों का जनता साथ नहीं देगी। -
आइजोल.असम राइफल्स ने मिजोरम पुलिस के सहयोग से मणिपुर सीमा के पास सैतुअल जिले में 45 करोड़ रुपये मूल्य की 15 किलोग्राम मेथामफेटामीन (मादक पदार्थ) गोलियां बरामद कीं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुधवार और बृहस्पतिवार की दरमियानी रात नगोपा गांव के निकट संयुक्त अभियान में सुरक्षा बलों ने एक वाहन को रोका और मेथामफेटामीन की गोलियां जब्त कीं। मेथामफेटामीन को 'आइस' या 'क्रिस्टल मेथ' भी कहा जाता है। यह देश में प्रतिबंधित है।
असम राइफल्स ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि इस जब्ती के सिलसिले में असम के बारपेटा निवासी दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बयान के अनुसार, प्रतिबंधित सामग्री, जब्त वाहन और गिरफ्तार व्यक्तियों को सैतुअल पुलिस को सौंप दिया गया है। -
नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने बृहस्पतिवार को उपसभापति हरिवंश और महासचिव पी.के. मोदी के साथ बैठक कर संसद के आगामी शीतकालीन सत्र की तैयारियों पर चर्चा की। संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से शुरू हो रहा है और इसके 19 दिसंबर को समाप्त होने की संभावना है। इस सत्र में कुल 15 कार्यदिवस होंगे। राज्यसभा सचिवालय ने बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ‘‘उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आगामी शीतकालीन सत्र की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए आज संसद भवन में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और महासचिव के साथ बैठक की।'
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और हवाई अड्डे पर अपनी निर्धारित यात्रा के समय से पहले पहुंचें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। संयुक्त पुलिस आयुक्त (परिवहन रेंज) मिलिंद दुम्बरे ने बताया कि बुधवार को एक परामर्श जारी किया गया है ताकि प्रमुख परिवहन केंद्रों पर सुरक्षा जांच सुचारू रूप से की जा सके और यात्री समय पर अपनी यात्रा शुरू कर सकें। उन्होंने कहा, “यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे रेलगाड़ियों के प्रस्थान से कम से कम एक घंटे पहले, मेट्रो के प्रस्थान से 20 मिनट पहले और हवाई यात्रा से तीन घंटे पहले संबंधित स्थानों पर पहुंचें।” संयुक्त आयुक्त ने बताया कि एहतियाती उपायों के तहत सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और गहन जांच प्रक्रिया अपनाई गई है। दुम्बरे ने कहा, "सुरक्षा दल यात्रियों, सामान और वाहनों की विस्तृत जांच कर रहे हैं। हम सभी यात्रियों से सुरक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और सुरक्षा कर्मियों के साथ सहयोग करने का आग्रह करते हैं।" उन्होंने कहा कि सुरक्षा और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यात्रियों का सहयोग अपेक्षित है।
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अहमदाबाद. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली में हुए विस्फोट के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी जिससे दुनिया को यह संदेश जाएगा कि किसी को भी फिर कभी इस तरह के हमले के बारे में सोचने की हिम्मत नहीं करनी चाहिए। शाह गुजरात के मेहसाणा जिले के बोरियावी गांव में श्री मोतीभाई आर चौधरी सागर सैनिक स्कूल और सागर ऑर्गेनिक प्लांट के उद्घाटन सत्र को वीडियो कांफ्रेंस से संबोधित कर रहे थे। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में उनके हवाले से कहा गया, ‘‘इस कायरतापूर्ण कृत्य को अंजाम देने वाले और इसके पीछे जो लोग हैं, उन सभी को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा और उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। भारत सरकार और गृह मंत्रालय इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।'' उन्होंने विस्फोट के पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की।
पत्र सूचना ब्यूरो (पीआईबी)की विज्ञप्ति के अनुसार, शाह ने कहा, ‘‘इस आतंकवादी कृत्य के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को कड़ी सजा दिलाने का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प निश्चित रूप से पूरा होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली आतंकवादी हमले के दोषियों को दी जाने वाली सजा से दुनिया को यह संदेश जाएगा कि हमारे देश में इस तरह के हमले के बारे में सोचने की भी किसी को हिम्मत नहीं करनी चाहिए।'' शाह ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को पूरी दुनिया ने मान्यता दी है और प्रधानमंत्री वैश्विक स्तर पर इस लड़ाई का नेतृत्व करने में सबसे आगे हैं। राष्ट्रीय राजधानी में लाल किले के नजदीक सोमवार को एक कार में हुए उच्च तीव्रता के धमाके में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई थी। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की छह दिवसीय अफ्रीकी देशों की यात्रा समाप्त हो गई। अंगोला और बोत्सवाना की यात्रा करने के बाद आज शुक्रवार को राष्ट्रपति मुर्मु भारत आ गई हैं।
भारत के राष्ट्रपति के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से पोस्ट करते हुए बताया, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अंगोला और बोत्सवाना की अपनी राजकीय यात्रा पूरी करने के बाद दिल्ली पहुंचीं।”आपको बता दें,राष्ट्रपति मुर्मु छह दिवसीय अफ्रीकी देशों की यात्रा पर थीं। इस क्रम में राष्ट्रपति चार दिन अंगोला की यात्रा पर थीं, इसके बाद दो दिन की यात्रा के लिए मंगलवार को बोत्सवाना रवाना हुईं। बोत्सवाना दौरे के दौरान राष्ट्रपति ने बोत्सवाना के राष्ट्रपति डुमा बोको के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत की।राजकीय यात्रा के अंतिम दिन राष्ट्रपति मुर्मु ने कल गुरुवार को बोत्सवाना के उपराष्ट्रपति नदाबा नकोसिनाथी गाओलाथे और विदेश मंत्री के साथ कई अहम बैठकें कीं। उन्होंने एडवोकेट ड्यूमा गिदोन बोको के साथ कल गुरुवार को मोकोलोडी नेचर रिजर्व का दौरा किया। दोनों नेताओं ने भारत और बोत्सवाना के विशेषज्ञों की ओर से घांजी क्षेत्र से पकड़े गए चीतों को क्वारंटाइन केंद्र में छोड़े जाने के दृश्य को देखा। यह कार्यक्रम ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत बोत्सवाना की ओर से भारत को आठ चीतों के प्रतीकात्मक दान का प्रतीक है। गौरतलब हो, यह आयोजन वन्यजीव संरक्षण में भारत-बोत्सवाना सहयोग में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।वहीं, राष्ट्रपति भवन की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा एक पोस्ट में बताया गया कि दोनों नेताओं ने उल्लेखनीय विकास पथ पर भारत की सराहना की। इन बैठकों में रणनीतिक क्षेत्रों में भारत-बोत्सवाना के स्थायी सहयोग को और मजबूत और गहरा करने के लिए आपसी हित के कई मुद्दों पर चर्चा की गई।राष्ट्रपति मुर्मु ने बोत्सवाना के गैबोरोन में भारतीय समुदाय को संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि दूर रहकर भी आप सभी भारत की मिट्टी, संस्कृति और मूल्यों से गहराई से जुड़े हैं। आप भारत और बोत्सवाना के बीच मैत्री के जीवंत सेतु हैं। उससे पहले, राष्ट्रपति ने लुआंडा में अंगोला के स्वतंत्रता दिवस की 50वीं वर्षगांठ के समारोह में हिस्सा लिया था। समारोह के दौरान, राष्ट्रपति ने अंगोला की नागरिक और सैन्य परंपराओं को देखा।राष्ट्रपति मुर्मु ने अंगोला की राजधानी लुआंडा में भारत के राजदूत द्वारा आयोजित एक स्वागत समारोह में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत-अंगोला साझेदारी समानता, आपसी विश्वास और प्रगति की साझा आकांक्षाओं पर आधारित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के अपार अवसर मौजूद हैं। उन्होंने अंगोला में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भारत और अंगोला की साझा समृद्धि को साकार करने के प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। -
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए हुए चुनाव के लिए आज शुक्रवार सुबह आठ बजे से राज्य में 38 जिलों के 46 केंद्रों पर मतगणना शुरू हो गई।मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। मतगणना में कुल 4,372 टेबल लगाए गए हैं। प्रत्येक टेबल पर एक सुपरवाइज़र, एक गणना सहायक और एक सूक्ष्म पर्यवेक्षक तैनात रहेगा। विभिन्न दलों द्वारा नियुक्त 18,000 से अधिक एजेंट भी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। सबसे पहले डाक मतपत्रों (पोस्टल बेलेट) की गिनती शुरू की गई
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, सबसे पहले डाक मतपत्रों (पोस्टल बेलेट) की गिनती शुरू की गई है। इसके बाद सुबह 8:30 बजे से ईवीएम के मतों की गिनती शुरू की जाएगी। आयोग ने सभी जिलों के अधिकारियों को
मतगणना कार्य सुचारू रूप से संपन्न कराने के निर्देश जारी किए हैं। सुबह नौ बजे से रुझान आना शुरू होगा। शाम तक लगभग सभी विधानसभा का चुनाव परिणाम भी घोषित होने की उम्मीद है।उल्लेखनीय है कि इस चुनाव में रिकॉर्ड 67.13 फीसद मतदान हुआ, जो 1951 के बाद से अब तक का सबसे अधिक प्रतिशत है। यह चुनाव न केवल शांतिपूर्ण रहा, बल्कि इसमें शून्य पुनर्मतदान के अनुरोध और विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के दौरान शून्य अपील दर्ज की गई, जो लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।
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*मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता फील्ड पर जाकर कार्यों की करें नियमित मॉनिटरिंग
*पीडब्लूडी सचिव ने सड़क और भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की*
*बजट के सदुपयोग के साथ लोगों की सुविधा के लिए तेजी से हों काम - डॉ. कमलप्रीत सिंह
बिलासपुर/ लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने आज रायपुर और दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं तथा सभी कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर सड़क और भवन निर्माण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों पर पेनाल्टी लगाने व नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को फील्ड पर जाकर निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में शामिल हुए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि विभागीय बजट के सदुपयोग के साथ लोगों की सुविधा के लिए फील्ड पर तेजी से काम हों। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता अच्छी और टिकाऊ हो, इसका खास ध्यान रखें। उन्होंने प्रगतिरत सभी कार्यों की गति तेज करते हुए निर्माण कार्यों को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने विभागीय काम-काज में कसावट और तेजी लाने सभी कार्यालयों को ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य करने को कहा। उन्होंने विभागीय कार्यवाहियों में तेजी लाने ई-आफिस से ही फाइलें तैयार कर प्रमुख अभियंता कार्यालय भेजने को कहा। उन्होंने कार्यों की तकनीकी स्वीकृति के बाद बिना किसी देरी के निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए।
विभागीय सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने सड़क मरम्मत के सभी कार्यों को आगामी दिसम्बर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए पेच रिपेयरिंग के बाद सड़कें स्मूथ और समतल रहें, इसका भी ध्यान रखने को कहा। उन्होंने परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों का थर्ड पार्टी परीक्षण कराने और परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आवश्यकतानुसार संबंधित ठेकेदारों से मरम्मत के काम कराने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने बैठक में रायपुर और दुर्ग परिक्षेत्र के विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की प्रगति के साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त ऐसे कार्यों जिनकी निविदा आमंत्रित की जानी है, की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों में प्रस्तावित दस बड़े कार्यों व परियोजनाओं को अमलीजाना पहनाने मैदानी कार्यालयों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों की भी समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. सिंह ने रायपुर में गुढ़ियारी के शुकवारी बाजार से रेल्वे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर-5 तक बनने वाले पहुंच मार्ग के लिए आगामी मार्च माह तक भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्ण कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में बनने वाले भवनों के लिए जल्द निविदा करने को कहा। बैठक में रायपुर परिक्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि रायपुर में शंकर नगर-खम्हारडीह-कचना मार्ग के फोरलेन एवं चौड़ीकरण कार्य को दिसम्बर माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि सिविल लाइन में पुराने सर्किट हाउस की जगह बनने वाले चार मंजिला सर्किट हाउस एनेक्स की ड्राइंग-डिजाइन एनआईटी से अनुमोदित होकर आ गई है। अनुमोदन के बाद जरूरी प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर कार्यारंभ किया जाएगा।
बैठक में दुर्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि बेमेतरा में निर्माणाधीन 500 सीटर ऑडिटोरियम का काम फरवरी-2026 तक और दुर्ग में 750 सीटर ऑडिटोरियम का काम मई-2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि खैरागढ़ में कलेक्टोरेट के कंपोजिट बिल्डिंग का काम अगले वर्ष अक्टूबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। निर्माण भवन में दो पालियों में दिनभर चली बैठक में लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, रायपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री पी.एम. कश्यप, अधीक्षण अभियंता श्री डी.के. नेताम, दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एन.के. जयंत और अधीक्षण अभियंता श्री बी.के. पटोरिया भी मौजूद थे। -
*राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने दिलाई गई शपथ*
*सरदार पटेल ने रियासतों के एकीकरण एवं देश की एकता के लिए किया कार्य - श्री तोखन साहू*
*सरदार पटेल ने किसानों के लिए लड़ी प्रेरणादायी लड़ाई - श्री अरुण साव*
बिलासपुर/भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर लोरमी में भव्य यूनिटी मार्च का आयोजन किया गया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने एकता रथ पर सवार होकर सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और रथ यात्रा का शुभारंभ किया। लोरमी रेस्ट हाउस से प्रारंभ हुई यह भव्य यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों मनियारी नदी सेतु, फव्वारा चौक, मुंगेली चौक होते हुए राजपूत भवन में समाप्त हुई। यात्रा में एन.सी.सी. एवं एन.एस.एस. के छात्रों द्वारा एकता संदेश की तख्तियों को हाथ में लिए हुए वंदे मातरम और सरदार पटेल अमर रहे के जयकारों ने रैली में उत्साहपूर्ण माहौल बनाया। 100 मीटर के एक तिरंगे के नीचे हजारों स्कूली एवं कॉलेज थात्र-छात्राओं ने सरदार वल्लभ भाई पटेल से प्रेरित एवं उनके आदर्शों का संदेश देते हुए आपसी एकता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। रैली में केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री साहू और उप मुख्यमंत्री श्री साव ने श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया।
एकता यात्रा के समापन के बाद राजपूत भवन में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री साहू और उप मुख्यमंत्री श्री साव ने एक पेड़ मां के नाम पौधारोपण किया। श्री साहू ने अशोक का पौधा और श्री साव ने नीम का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के समापन में स्वच्छता दीदियों और छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। साथ ही राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। आंतरिक सुरक्षा में योगदान देने और अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने का संकल्प भी दिलाया गया।
केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर इस यूनिटी मार्च का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज लोरमी एवं मुंगेली में यूनिटी मार्च का आयोजन किया गया। उन्होंने इस भव्य यात्रा में जनमानस के उत्साह को रेखांकित करते हुए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया। श्री साहू ने कहा कि यूनिटी मार्च का उद्देश्य सरदार पटेल के योगदान से आमजनों को जागरूक करना और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है। सरदार पटेल ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने रियासतों के एकीकरण में अपना अविस्मरणीय योगदान दिया। उन्होंने सरदार पटेल के योगदान को नमन किया।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि भारतरत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल हमारे देश के पहले गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री थे। देश के लिए उनका योगदान हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। वे किसानों के नेता थे। उन्होंने हमेशा किसानों के हक के लिए अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि इस यूनिटी मार्च के माध्यम से लोरमीवासियों की एकता दिखी है। यह यूनिटी मार्च सरदार पटेल को विनम्र श्रद्धांजलि है। उन्होंने यूनिटी मार्च को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए सभी का अभिनंदन किया। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, जिला पंचायत ते सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, लोरमी नगर पालिका के अध्यक्ष श्री सुजीत वर्मा, लोरमी जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती वर्षा विक्रम सिंह, श्री दीनानाथ केशरवानी और श्री गुरमीत सूलजा सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा नागरिक यूनिटी मार्च में शामिल हुए। -
रायपुर। विशेष रोजगार कार्यालय द्वारा डॉ. रेड्डीज़ फाउंडेशन सुंदर नगर में दिव्यांगजनों के लिए प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन हुआ। विभाग की उप संचालक डॉ शशी अतुलकर ने बताया कि इस प्लेसमेंट कैम्प में निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठानों द्वारा 21 दिव्यांगजनों का साक्षात्कार किया गया एवं साक्षात्कार उपरांत कुशल और योग्य प्रतिभागियों की कैशियर, सेल्समेन, आर.टी.ए., सी.सी.ए इत्यादि पदों पर भर्ती की गई।
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*उप मुख्यमंत्री ने पशु-पक्षी प्रदर्शनी मेला का किया अवलोकन*
*पशु चिकित्सालय के नए भवन के लिए 40 लाख देने की घोषणा की*
बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम नवाडीह (लपटी) में आयोजित जिला स्तरीय पशु-पक्षी प्रदर्शनी मेला का अवलोकन किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि पशु-पक्षी जीवन का आधार है। उन्होंने पशुपालन का महत्व बताते हुए किसानों को खेती के साथ पशुपालन कर अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने उन्नत नस्ल के पशुओं के संवर्धन के लिए भी प्रेरित किया। श्री साव ने लोरमी में पशु चिकित्सालय के नए भवन के निर्माण के लिए 40 लाख रुपए देने की घोषणा की।
पशु-पक्षी प्रदर्शनी मेला में पशुपालकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। मेले में विभिन्न नस्ल के पशुओं की प्रदर्शनी लगाई गई और उत्कृष्ट पशुपालकों को सम्मानित किया गया। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्राइवेट कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता श्री पुष्पकांत शर्मा को नस्ल सुधार कार्य के लिए सम्मानित किया गया। कलेक्टर श्री कुंदन कुमार, जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, जनपद पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती वर्षा विक्रम सिंह ठाकुर, पशु चिकित्सा सेवाओं के उप संचालक डॉ. आर.एम. त्रिपाठी, डॉ. शिव पटेल और डा. प्रमोद नामदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, किसान और पशुपालक इस दौरान मौजूद थे। -
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में मारे गए लोगों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की नीति को मंजूरी दे दी है।, दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से गुरुवार को एक बयान में कहा गया।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को हुई दिल्ली मंत्रिमंडल की बैठक में सिख विरोधी दंगा पीड़ितों के आश्रितों को नौकरी देने की पॉलिसी को स्वीकृति दे दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति की एक प्रमुख विशेषता यह है कि पीड़ितों के आश्रितों, जो अब 50 वर्ष से अधिक आयु के हैं और रोजगार करने में असमर्थ हैं, को नौकरी के लिए अगली पीढ़ी के सदस्य, जैसे बेटा, बेटी, बहू या दामाद को नामित करने का विकल्प होगा। - नई दिल्ली। एसआईआर के दूसरे चरण में नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एक ही दिन में पांच करोड़ से अधिक नामांकन फॉर्म वितरित किए गए। अब तक 42 करोड़ फॉर्म वितरित हो चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का 82.71 फीसदी है। एसआईआर अभ्यास चार नवंबर से चार दिसंबर तक चलेगा।मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण के तहत नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) में एक ही दिन में पांच करोड़ से अधिक नामांकन फॉर्म वितरित किए गए। चुनाव आयोग की ओर से गुरुवार को साझा किए गए आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।चुनाव आयोग की ओर से जारी एक दैनिक बुलेटिन में कहा गया कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अब तक 42 करोड़ से अधिक एसआईआर नामांकन फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। बुधवार को जारी बुलेटिन में कहा गया था कि 12 नवंबर की दोपहर तीन बजे तक 37 करोड़ से अधिक फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। यानी 42 करोड़ फॉर्म का मतलब है कि इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 50.99 करोड़ मतदाताओं में से 82.71 फीसदी को अब तक कवर किया गया है।इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह और लक्षद्वीप शामिल हैं। इनमें से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होंगे। असम में भी 2026 में चुनाव होने हैं, वहां मतदाता सूची सुधार (एसआईआर) के लिए अलग से तारीख घोषित की जाएगी।एसआईआर अभ्यास के दूसरा चरण चार नवंबर को नामांकन चरण के साथ शुरू हुआ और यह चार दिसंबर तक जारी रहेगा। चुनाव आयोग नौ दिसंबर को प्रारूप मतदाता सूची जारी करेगा और अंतिम सूची सात फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और तमिलनाडु की द्रमुक ने यह दावा करते हुए एसआईआर अभ्यास का विरोध किया है कि इससे योग्य नागरिकों को दस्तावेजों की कमी के कारण मताधिकार से वंचित किया जा सकता है। बिहार में एसआईआर के बाद आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लोगों की ओर से पेश किए जाने वाले दस्तावेजों की सूची में आधार कार्ड को शामिल किया है।चुनाव आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मतदाता पंजीकरण अधिकारी उन मतदाताओं को नोटिस जारी करेंगे जिनके पिछले एसआईआर विवरण या तो उपलब्ध नहीं हैं या डाटाबेस से मेल नहीं खाते।
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नई दिल्ली। हाल ही में संपन्न आईसीसी महिला विश्व कप 2025 में भारत के विजयी अभियान की तीन प्रमुख खिलाड़ियों – बल्लेबाज प्रतीका रावल, गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर और ऑलराउंडर स्नेहा राणा ने नई दिल्ली स्थित रेल भवन में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इन खिलाड़ियों ने देश को गौरवान्वित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खेल के हर पहलू का प्रतिनिधित्व करने वाली ये तीनों खिलाड़ी भारतीय रेल की गौरवान्वित कर्मचारी हैं। केंद्रीय मंत्री ने भारत की ऐतिहासिक विश्व कप जीतने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें बधाई दी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्हें विश्व कप विजेता चैंपियन से मिलकर खुशी हुई। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय महिला सितारों ने अपने पिछले वर्षों के सफर और मैदान पर बिताए अनुभवों की प्रेरक कहानियां साझा कीं।–बता दें कि दिल्ली की सलामी बल्लेबाज प्रतीका रावल उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल का प्रतिनिधित्व करती हैं। प्रतीका अप्रैल 2023 में भारतीय रेल में शामिल हुईं और हाल ही में उन्हें वरिष्ठ लिपिक के पद पर पदोन्नत किया गया। विश्व कप के शुरुआती दौर में चोट लगने के बावजूद, वह पूरे टूर्नामेंट में अपनी साथियों के लिए प्रेरणा और समर्थन का स्रोत बनी रहीं। अपनी संयमित बल्लेबाजी और सटीक पारी बनाने की क्षमता के लिए जानी जाने वाली प्रतीका रावल ने इसे खेल की गहरी समझ के साथ जोड़ा है। पिछले साल के अंत में एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के बाद से, वह इस प्रारूप में भारत की सबसे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों में से एक रही हैं।–हिमाचल प्रदेश की दाएं हाथ की मध्यम-तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर उत्तर रेलवे के अंबाला डिवीजन का प्रतिनिधित्व करती हैं। रेणुका दिसंबर 2020 में भारतीय रेल में शामिल हुईं और तब से लगातार मैच-विजेता रही हैं। उन्होंने भारत की कई जीत में अहम भूमिका निभाई है। हाल ही में हुए विश्व कप के दौरान, उन्होंने तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर भारत के सफल अभियान में अहम भूमिका निभाई। टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद, रेणुका का उनके गांववालों और स्थानीय अधिकारियों ने एक समारोह में गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसमें भारत की पहली महिला विश्व कप जीतने में उनके योगदान का जश्न मनाया गया।–उत्तराखंड की ऑलराउंडर स्नेहा राणा उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल का प्रतिनिधित्व करती हैं। स्नेहा 2018 से भारतीय रेल से जुड़ी हुई हैं। अपनी दाएं हाथ की ऑफ-स्पिन और भरोसेमंद मध्यक्रम की बल्लेबाजी के लिए जानी जाने वाली स्नेहा ने टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में भारत के लिए अहम भूमिका निभाई थी। स्नेहा ने अपने विश्व कप अभियान का समापन छह मैचों में सात विकेट लेकर किया, जिसमें 2/32 का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी शामिल है। उन्होंने बल्ले से भी बहुमूल्य योगदान दिया और 49.50 की प्रभावशाली औसत से 99 रन बनाए।भारतीय रेल लंबे समय से भारत की खेल प्रतिभाओं को निखारने में एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। इसके खिलाड़ी ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में देश का नाम रोशन करते रहे हैं। रेलवे के खिलाड़ियों ने अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए अर्जुन पुरस्कार, पद्म श्री और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न सहित कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान अर्जित किए हैं।रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड के माध्यम से, भारतीय रेल विश्व स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं, रोजगार सुरक्षा और संस्थागत सहायता प्रदान करता है। यह साधारण परिवारों की प्रतिभाओं की पहचान करता है और उन्हें निखारता है तथा योग्य व्यक्तियों को खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। स्थायी रोजगार, प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन और निरंतर प्रोत्साहन के साथ, भारतीय रेल एथलीटों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए निरंतर सशक्त बना रहा है।

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