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नई दिल्ली। दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए हुए आतंकी हमले के बाद एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) ने हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर बड़ी कार्रवाई की। एआईयू ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला लिया है।
एआईयू की ओर से गुरुवार को विश्वविद्यालय के कुलपति को भेजे गए पत्र में यह जानकारी दी गई है।एआईयू ने प्रोफेसर भुपिंदर कौर आनंद के नाम अपने पत्र में कहा है कि कोई भी विश्वविद्यालय तब तक सदस्य बना रहता है जब तक वह ‘गुड स्टैंडिंग’ की स्थिति में रहता है। लेकिन, हाल के मीडिया रिपोर्टों के आधार पर यह पाया गया है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद इस श्रेणी में नहीं आती। इसलिए विश्वविद्यालय की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।एआईयू ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब अल-फलाह यूनिवर्सिटी किसी भी प्रकार की गतिविधियों में एआईयू के नाम या लोगो का उपयोग नहीं कर सकती। साथ ही, विश्वविद्यालय को निर्देश दिया गया है कि वह अपने आधिकारिक वेबसाइट और सभी प्रचार सामग्रियों से एआईयू के लोगो को तुरंत हटा दे।एआईयू की ओर से यह कार्रवाई उसके नियमों और उपविधानों के अनुरूप की गई है ताकि संगठन की प्रतिष्ठा और मानकों को बनाए रखा जा सके। पत्र में आगे विश्वविद्यालय प्रशासन से अपेक्षा की गई है कि वह इस निर्णय की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।बता दें कि दिल्ली बम धमाके की घटना के बाद जांच एजेंसियों ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कई डॉक्टर्स को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए डॉक्टरों में डॉ. उमर उन नबी, डॉ. शाहिद, डॉ. निसार-उल-हसन और डॉ. मुजम्मिल शामिल हैं। सदस्यता रद्द होने के बाद यूनिवर्सिटी अब एआईयू के मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची से बाहर हो गई है।जानकारी के अनुसार, यह यूनिवर्सिटी अब अपनी वेबसाइट पर पाठ्यक्रमों के बारे में गलत जानकारी देने के कारण भी जांच के दायरे में है। - नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2015 से भारत में क्षय रोग के मामलों में वैश्विक दर से दोगुनी रफ्तार से आई कमी की बृहस्पतिवार को सराहना की। उन्होंने इसका श्रेय उपचार के विस्तार को दिया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की वैश्विक तपेदिक रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारत में टीबी के मामले, जो प्रत्येक वर्ष सामने आने वाले नए मामलों को दर्शाता है, में 21 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2015 में यह संख्या प्रति लाख जनसंख्या पर 237 थी, जो वर्ष 2024 में घटकर प्रति लाख जनसंख्या पर 187 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि यह कमी वैश्विक स्तर पर देखी गई 12 प्रतिशत की गिरावट की गति से लगभग दोगुनी है। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘टीबी के खिलाफ भारत की लड़ाई उल्लेखनीय गति प्राप्त कर रही है।डब्ल्यूएचओ की नवीनतम वैश्विक तपेदिक रिपोर्ट 2025 में बताया गया है कि भारत में 2015 से टीबी के मामलों में सराहनीय कमी दर्ज की गई है और यह गिरावट की वैश्विक दर से लगभग दोगुनी है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में क्षय रोग (टीबी) के मामलों में आई गिरावट दुनिया में कहीं भी देखी गई सबसे तीव्र गिरावटों में से एक है। मोदी ने कहा, ‘‘उपचार सेवा का विस्तार, ‘बीमारी पता चलने के बाद मरीज के लापता' होने के मामलों में कमी और उपचार की सफलता में निरंतर वृद्धि भी उतनी ही उत्साहजनक है। मैं उन सभी को बधाई देता हूं जिन्होंने इस सफलता को प्राप्त करने के लिए काम किया है। हम एक स्वस्थ और फिट भारत सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।''
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नई दिल्ली। दिल्ली के रेड फोर्ट के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट के बाद अल फलाह यूनिवर्सिटी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (एनएएसी) ने यूनिवर्सिटी को फर्जी एक्रेडिटेशन क्लेम के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी यूनिवर्सिटी की फंडिंग पर फॉरेंसिक ऑडिट करने जा रहा है।
एनएएसी के डायरेक्टर गणेशन कन्नाबिरण ने 12 नवंबर को जारी नोटिस में कहा कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट पर गलत दावा किया हैएनएएसी के डायरेक्टर गणेशन कन्नाबिरण ने 12 नवंबर को जारी नोटिस में कहा कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट पर गलत दावा किया है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि उसके तीन कॉलेज, अल फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (1997 से, एनएएसी ए ग्रेड), ब्राउन हिल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (2008 से) और अल फलाह स्कूल ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (2006 से, एनएएसी ए ग्रेड) एनएएसी मान्यता प्राप्त हैं, लेकिन एनएएसी ने स्पष्ट किया कि इंजीनियरिंग स्कूल को 2013-2018 तक (सीजीपीए 3.08) और एजुकेशन स्कूल को 2011-2016 तक (सीजीपीए 3.16) ‘ए’ ग्रेड मिला था, जो समाप्त हो चुका है।दिल्ली ब्लास्ट केस में आरोपी डॉक्टरों- डॉ. उमर नबी, डॉ. मुजम्मिल गनाई और डॉ. शाहीन सईद के ट्रांजेक्शन चेक किए जाएंगेएनएएसी ने इसे ‘जनता, अभिभावकों और छात्रों को गुमराह करने वाला’ बताया। नोटिस में कई सवाल पूछे गए, जिनका यूनिवर्सिटी को 7 दिनों में जवाब देना होगा। तब तक वेबसाइट से एनएएसी का जिक्र हटाना अनिवार्य है। नोटिस के बाद यूनिवर्सिटी की वेबसाइट डाउन हो गई। वहीं, दूसरी ओर ईडी ने यूनिवर्सिटी के वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू की है। दिल्ली ब्लास्ट केस में आरोपी डॉक्टरों- डॉ. उमर नबी, डॉ. मुजम्मिल गनाई और डॉ. शाहीन सईद के ट्रांजेक्शन चेक किए जाएंगे। इन डॉक्टरों ने 20 लाख रुपए इकट्ठा कर 26 क्विंटल एनपीके फर्टिलाइजर खरीदा, जो आईईडी बनाने के लिए इस्तेमाल हुआ।अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट ने विदेशी फंडिंग से इनकार किया है, लेकिन जांच में सहयोग का दावा किया हैईडी फॉरेंसिक ऑडिट से विदेशी फंडिंग का पता लगाएगी। अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट ने विदेशी फंडिंग से इनकार किया है, लेकिन जांच में सहयोग का दावा किया है। उल्लेखनीय है कि फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के भंडाफोड़ और दिल्ली के लाल किले के निकट हुए ब्लास्ट के बाद अल फलाह यूनिवर्सिटी का नाम गलत कारणों से चर्चाओं में है।अब यूनिवर्सिटी ने अपनी तरफ से आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि हमारा इस ब्लास्ट से कोई लेना-देना नहीं हैइसी को देखते हुए अब यूनिवर्सिटी ने अपनी तरफ से आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि हमारा इस ब्लास्ट से कोई लेना-देना नहीं है। जिस तरह से इस ब्लास्ट के बाद हमारी यूनिवर्सिटी का नाम लिया जा रहा है, उससे इसकी गरिमा को ठेस पहुंच रही है। हमारे संज्ञान में यह भी आया है कि कई सोशल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर हमारी यूनिवर्सिटी के संबंध में मनगढ़ंत और झूठे बयान जारी किए जा रहे हैं, जिनमें बिल्कुल भी सत्यता नहीं है। -
नई दिल्ली। संगम नगरी प्रयागराज की पहचान धार्मिक ,साहित्यिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में जानी जीती है। प्रदेश सरकार द्वारा महाकुंभ 2025 के भव्य और दिव्य आयोजन ने इसकी समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को दुनिया भर में पहुंचाया। इस भव्य आयोजन के बाद अब कुंभ नगरी में जापानी और सनातन संस्कृति का मेल भी होगा।
हजारों किलोमीटर की दूरी और भाषा का अंतर होने के बावजूद भारत की सनातन संस्कृति और जापान की पारंपरिक शिन्तो संस्कृति में अद्भुत समानताएं दिखाई देती हैं। दोनों ही सभ्यताएं प्रकृति को देवतुल्य मानती हैं, आत्मसंयम को सर्वोच्च मूल्य और शांति को जीवन का आधार मानती हैं। इन दोनों संस्कृतियों के मेल की झलक की साक्षी बनने जा रही है कुंभ नगरी प्रयागराज। यहां जापानी स्थापत्य और सांस्कृतिक प्रतीकों से प्रेरित पब्लिक प्लाजा पार्क का निर्माण किया जा रहा है। नगर विकास की तरफ से इसका निर्माण किया जा रहा है, जिसकी कार्यदायी संस्था सीएनडीएस है।सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित कुमार राणा बताते हैं कि प्रयागराज में यमुना किनारे अरैल क्षेत्र में शिवालय पार्क के नजदीक 3 हेक्टेयर में इसका निर्माण किया जाएगा। नगर निगम प्रयागराज को इसका आकलन भेजा गया है। इसमें भारतीय और जापानी संस्कृति के साझा स्थापत्य के प्रतीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।प्रयागराज महाकुंभ के समय धार्मिक और आध्यात्मिक पार्कों का हब बनकर सामने आया। अरैल क्षेत्र में पहले शिवालय पार्क और अब साहित्य पार्क के निर्माण के क्रम में एक नई उपलब्धि जुड़ने जा रही है। यमुना नदी के किनारे पब्लिक प्लाजा पार्क का निर्माण हो रहा है। कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित कुमार राणा का कहना है कि पार्क में 5 जोन बनाए जाएंगे। पार्क के चप्पे-चप्पे में जापान की शिंटो संस्कृति और भारतीय सनातन संस्कृति के साझा मूल्यों की झलक मिलेगी। पार्क में प्रवेश द्वार के स्थान पर टोरी गेट का निर्माण किया जाएगा जो शिंटो संस्कृति का प्रतीक है।पार्क में जापानी गार्डन बनेगा जिसमें मियावाकी वन भी विकसित किया जाएगा। पार्क में योग और भारतीय मंदिर वास्तुकला, नृत्य और संगीत की तरह जापान की टी सेरेमनी, इकेबाना और ज़ेन गार्डन में भी आध्यात्मिक भाव झलकता है। इस पार्क के अंदर भी जेन पार्क का निर्माण किया जायेगा। दोनों देशों की कला केवल सजावट नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन और साधना का माध्यम है। समरसता, शांति और विश्व बंधुत्व भारत के “वसुधैव कुटुम्बकम्” और जापान के “वा” दर्शन में एक ही संदेश निहित है जिसकी झलक भी यहां स्थापित होने वाले प्रतीकों में दिखेगी। - नई दिल्ली। बोत्सवाना ने ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अगले चरण के तहत औपचारिक रूप से भारत को आठ चीते सौंपे हैं। राष्ट्रपति मुर्मु बोत्सवाना की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर हैं। राष्ट्रपति के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट से किए गए पोस्ट में लिखा है, “भारत-बोत्सवाना वन्यजीव संरक्षण साझेदारी में एक नया अध्याय। बोत्सवाना के मोकोलोडी नेचर रिजर्व में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और राष्ट्रपति ड्यूमा गिदोन बोको ने भारत और बोत्सवाना के विशेषज्ञों की तरफ से घांजी क्षेत्र से पकड़े गए चीतों को क्वारंटाइन सेंटर में छोड़े जाने के साक्षी बने। यह कार्यक्रम ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अगले चरण के तहत बोत्सवाना की ओर से भारत को आठ चीते उपहार में दिए जाने का प्रतीक था।”विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति ड्यूमा गिदोन बोको के साथ गैबोरोन स्थित मोकोलोडी नेचर रिजर्व का दौरा किया। राष्ट्रपति ड्यूमा गिदोन बोको ने ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अगले चरण के तहत औपचारिक रूप से भारत को आठ चीते सौंपे। इस दौरान वे बोत्सवाना के घांजी क्षेत्र से पकड़े गए चीतों को क्वारंटाइन सेंटर में छोड़े जाने की साक्षी बनीं।बोत्सवाना के गैबोरोन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि मुझे बताया गया है कि बोत्सवाना में 10 हजार भारतीय नागरिक व्यापार और उद्योग समेत अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय रूप से शामिल हैं। मैं आप सभी को भारत के गौरवशाली राजदूत होने पर बधाई देती हूं। उन्होंने कहा कि यह क्षण और भी ऐतिहासिक है, क्योंकि भारत और बोत्सवाना 2026 में अपने राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मनाएंगे। भारत और बोत्सवाना डायमंड सेक्टर में साझेदार हैं और हमारा सहयोग प्रौद्योगिकी, रक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे नए क्षेत्रों में भी बढ़ रहा है।राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत एक परिवर्तनकारी दौर में चल रहा है। हमारी युवा और प्रतिभाशाली आबादी, मजबूत अर्थव्यवस्था और इनोवेशन की भावना हमें 2047 तक एक ‘विकसित राष्ट्र’ बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर कर रही है। ‘डिजिटल इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘स्वच्छ भारत’ जैसी पहल देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं।
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नई दिल्ली. लाल किले के पास सोमवार शाम 12 लोगों की जान लेने वाले विस्फोट की जांच ने फरीदाबाद से बरामद 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री पर ध्यान केन्द्रित कर दिया है। विशेषज्ञों की मानें तो विस्फोटकों का यह भंडार ऑक्सीडाइजर, ईंधन और सेंसिटाइजर के मिश्रण से बना अत्यंत अस्थिर संयोजन हो सकता है, जो अधिकांश औद्योगिक विस्फोटकों के रासायनिक सिद्धांतों के अनुरूप है। पुलिस को शक है कि फरीदाबाद में बरामद पदार्थों में अमोनियम नाइट्रेट, पोटाशियम नाइट्रेट और सल्फर शामिल थे, और इस मामले में वे गैरकानूनी (अवैध गतिविधियां) रोकथाम कानून के तहत आतंकवाद-संबंधी धाराएं भी लागू कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी में घटना को ‘‘बम विस्फोट'' करार दिया गया है, जबकि फोरेंसिक विशेषज्ञ यह जानने में लगे हैं कि क्या फरीदाबाद से मिली सामग्री का रासायनिक संयोजन लाल किले के पास हुए विस्फोट के अवशेषों से मेल खाता है। दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के एप्लायड केमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर मनीष जैन ने बताया, “सभी विस्फोटक यौगिकों को मोटे तौर पर तीन घटकों में वर्गीकृत किया जा सकता है — ईंधन, ऑक्सीडाइजर और सेंसिटाइजर।” उन्होंने कहा, “अमोनियम नाइट्रेट और पोटेशियम नाइट्रेट ऑक्सीडाइजर के रूप में काम करते हैं, जो दहन के लिए ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, जबकि सल्फर और कार्बन जैसे तत्व ईंधन का काम करते हैं। जब सेंसिटाइजर जोड़ा जाता है तो मिश्रण के लिए काम आरंभ करना आसान हो जाता है और तेजी से जलने से लेकर विस्फोटक प्रतिक्रिया तक बढ़ सकता है।” अमोनियम नाइट्रेट उर्वरकों में और नियंत्रित औद्योगिक विस्फोटकों जैसे-अमोनियम नाइट्रेट-ईंधन में प्रयुक्त सबसे सामान्य ऑक्सीडाइजर में से एक है। लेकिन गलत तरीके से मिलाने पर या अतिरिक्त ईंधन के साथ मिलने पर यह अत्यंत अस्थिर हो सकता है। जैन ने कहा, “अमोनियम नाइट्रेट को पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर के साथ मिलाने पर एक अत्यंत अस्थिर और संवेदनशील मिश्रण बनता है।'' दिल्ली विश्वविद्यालय के राजधानी कॉलेज में रसायन विज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर आनंद प्रकाश ने विस्फोटकों की बरामदगी को “गंभीर चिंताजनक” बताया। उन्होंने कहा, “अमोनियम नाइट्रेट एक शक्तिशाली ऑक्सीडाइजर है, पोटाशियम नाइट्रेट जलने के लिए ऑक्सीजन देता है, और सल्फर प्रज्वलन तापमान को कम कर प्रतिक्रिया के फैलने में मदद करता है। साथ मिलकर ये किसी मिश्रण की संवेदनशीलता और विनाशक क्षमता को नाटकीय रूप से बढ़ा देते हैं।” अधिकारी बता रहे हैं कि बरामद सामान में से लगभग 360 किलोग्राम पदार्थ ज्वलनशील था और उसके अमोनियम नाइट्रेट होने का संदेह है। जांचकर्ता यह भी संदेह कर रहे हैं कि यह जखीरा जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद नेटवर्क से संबद्ध ‘सफेदपोश' आतंकी मॉड्यूल का हो सकता है, जिनका नेटवर्क कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि ऐसे मिश्रणों का रसायन विज्ञान सरल है और रोजमर्रा की औद्योगिक व कृषि सामग्री में मामूली बदलाव भी उन्हें घातक बना सकते हैं। प्रकाश ने कहा, “खतरा सिर्फ रसायनों में नहीं, बल्कि इसमें भी है कि इन्हें कैसे मिलाया, संरक्षित और ट्रिगर किया जाता है।
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लातेहार. झारखंड के लातेहार जिले में बुधवार को पांच लाख रुपये के इनामी नक्सली समेत दो नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, दोनों नक्सलियों की पहचान झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के सब-जोनल कमांडर ब्रजेश यादव उर्फ राकेश और एरिया कमांडर अवधेश लोहरा उर्फ रोहित लोहरा के रूप में हुई है। लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने कहा, “जेजेएमपी के दो सक्रिय नक्सलियों ने आज आत्मसमर्पण किया है। गुमला जिले के निवासी ब्रजेश यादव के खिलाफ 10 मामले दर्ज हैं। वह संगठन में सब-जोनल कमांडर के रूप में काम कर रहा था और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था।” उन्होंने कहा कि लातेहार के हेरहंज इलाके के निवासी अवधेश लोहरा ने भी आत्मसमर्पण कर दिया है जिसके खिलाफ कुल पांच मामले लंबित हैं। गौरव ने बताया कि दोनों नक्सलियों ने राज्य सरकार की ‘नई दिशा' नीति के तहत आत्मसमर्पण किया है, जिसके अंतर्गत उनके परिवारों को सभी सरकारी लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। इस मौके पर पलामू रेंज के महानिरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा, “यह लातेहार पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। पुलिस और जनता के संयुक्त प्रयासों का ही परिणाम है कि दो उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस सप्ताह की शुरुआत में लाल किले के निकट हुए विस्फोट में घायल लोगों से बुधवार को एलएनजेपी अस्पताल में मुलाकात की और कहा अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दिल्ली में बम विस्फोट में घायल हुए लोगों से मिलने एलएनजेपी अस्पताल गया। सभी के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। इस साजिश के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा!'' अस्पताल में तथा इसके आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि भूटान से वापस आने के बाद प्रधानमंत्री मोदी विस्फोट में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए सीधे एलएनजेपी अस्पताल गये। उन्होंने बताया कि मोदी ने घायलों से मुलाकात की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने बताया कि अस्पताल के अधिकारियों और चिकित्सकों ने उन्हें घायलों के बारे में जानकारी दी। सोमवार को लाल किला यातायात सिग्नल के निकट धीमी गति से चलती एक गाड़ी में हुए उच्च-तीव्रता वाले विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को अस्पताल पहुंचे थे और पीड़ितों से मिले थे। -
नयी दिल्ली/ दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने लाल किला के नजदीक 10 नवंबर को हुए विस्फोट के में मामले में फरीदाबाद के एक कार विक्रेता को हिरासत में लिया है। पुलिस ने इसी के साथ दिल्ली तथा आसपास के राज्यों के सभी पुराने कार विक्रेताओं से हाल में हुई वाहनों की बिक्री का विवरण सत्यापित करने और साझा करने का निर्देश दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फरीदाबाद के सेक्टर 37 स्थित रॉयल कार प्लाजा के मालिक अमित को फरीदाबाद पुलिस की सहायता से सोमवार देर रात हिरासत में लिया गया। उन्होंने कथित तौर पर हुंदै आई20 की बिक्री में मदद की थी, जिसका इस्तेमाल सोमवार को लाल किले के पास हुए शक्तिशाली विस्फोट में किया गया था। इस विस्फोट में 12 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए थे। एक सूत्र ने बताया, ‘‘अमित से पूछताछ की जा रही है। जांच दल हुंदै आई20 के स्वामित्व की पूरी कड़ी की जानकारी जुटा रहा है और यह पता कर रहा है कि यह संदिग्ध के हाथों में कैसे पहुंची। हम यह पता लगा रहे हैं कि गाड़ी उसके शोरूम में कौन लाया और किसके जरिए डॉ. उमर नबी उसके संपर्क में आया।'' दिल्ली पुलिस का विशेष प्रकोष्ठ कार की बिक्री में शामिल संभावित बिचौलियों की पहचान करने के लिए डीलरशिप के रिकॉर्ड, लेनदेन विवरण और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ. उमर नबी लाल किले के निकट हुए विस्फोट के समय उक्त वाहन चला रहा था। विस्फोट के बाद, दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास पुरानी कार बेचने वालों द्वारा बेचे गए वाहनों का सत्यापन अभियान शुरू किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली के 15 जिलों के सभी पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) को स्थानीय कार डीलरों के साथ बैठक करने और अपने-अपने थाना प्रभारियों (एसएचओ) को बिक्री और खरीद के रिकॉर्ड का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी ने कहा,‘‘सभी एसएचओ को अपने न्यायाधिकार क्षेत्र में कार विक्रेताओं के पास जाकर हाल ही में बेचे गए या हस्तांतरित वाहनों से संबंधित दस्तावेज़ों की जांच करने को कहा गया है। उन्हें खरीदारों, विशेष रूप से दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर के खरीदारों का विवरण एकत्र करने और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की पहचान करने का भी काम सौंपा गया है।'' सूत्रों ने बताया कि हरियाणा पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस को भी राष्ट्रीय राजधानी से सटे अपने-अपने क्षेत्रों में इसी तरह वाहन बिक्री के दस्तावेजों का सत्यापन करने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य उन वाहनों की पहचान करना है जो फर्जी पहचान का उपयोग करके या मानक सत्यापन प्रक्रियाओं को दरकिनार कर नकद लेनदेन के माध्यम से खरीदे गए हैं। इस बीच, समन्वय को मजबूत करने और वाहन सत्यापन मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली में कई कार विक्रेताओं के साथ एक बैठक आयोजित की गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘कार विक्रेताओं को सलाह दी गई कि वे उचित बिक्री-खरीद रिकॉर्ड बनाए रखें और कोई भी वाहन सौंपने से पहले खरीदार के आधार, ड्राइविंग लाइसेंस और पते के दस्तावेजों का सत्यापन करें। उन्हें किसी भी संदिग्ध खरीदार या लेनदेन की तुरंत पुलिस को सूचना देने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
- गांदीगुंटा . आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार रात एक कार के पलट जाने से चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार यह दुर्घटना रात करीब 1.30 बजे तब हुई जब कार विजयवाड़ा से मछलीपत्तनम जा रही थी।अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांदीगुंटा के पास कार के अचानक पलटने से उसमें सवार चार युवाओं की मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि वाहन की गति तेज थी।उन्होंने कहा कि हादसे में तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया था और जिसने नजदीकी अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में वाहन के तेज गति से चलाए जाने का मामला प्रतीत हो रहा है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106 (ए) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।
- नयी दिल्ली. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने वाली शुरुआती परियोजनाओं के लिए नए प्रस्ताव मंगलवार को आमंत्रित किए। इनमें 100 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए ‘बायोमास' का उपयोग भी शामिल है। हरित हाइड्रोजन पर तीसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि कार्यान्वयन एजेंसी बीआईआरएसी (जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद) इच्छुक एजेंसियों एवं अनुसंधान संस्थानों से भागीदारी के वास्ते जल्द ही प्रस्तावों के लिए आमंत्रण जारी करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे ऐसे नवोन्मेषी प्रस्ताव मिलने की उम्मीद है जो हमें अपने हरित हाइड्रोजन लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकें।'' जोशी ने कहा कि राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) के तहत देश नवोन्मेषी प्रौद्योगिकी का विकास कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘ हमारा सबसे अधिक ध्यान ऐसी नवीन प्रौद्योगिकियों के विकास पर है जो हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए ‘बायोमास' या अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग करें।'' मंत्री ने कहा, ‘‘... मैं पायलट परियोजनाओं के लिए नए प्रस्तावों की घोषणा कर रहा हूं, जो हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए ‘बायोमास' के उपयोग सहित अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करते हैं।'' जोशी ने बताया कि इन शुरुआती स्तर की परियोजनाओं के लिए कुल 100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जो एनजीएचएम के तहत स्टार्टअप परियोजनाओं के लिए पहले से आवंटित 100 करोड़ रुपये के अतिरिक्त है। उन्होंने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का ‘लोगो' भी जारी किया।एनजीएचएम का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग एवं निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है। इसका परिव्यय 19,744 करोड़ रुपये है और इसका लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष 50 लाख टन हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करना है। इसका लक्ष्य 125 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता, आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और छह लाख से अधिक हरित रोजगार उत्पन्न करना है। इसका लक्ष्य जीवाश्म ईंधन के आयात में एक लाख करोड़ रुपये की कमी और कार्बन डाईऑक्साइड के सालाना पांच करोड़ टन उत्सर्जन को कम करना भी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2023 में इस मिशन की शुरुआत की थी।जोशी ने साथ ही बताया कि वीओ चिदंबरनार बंदरगाह पर भारत की पहली हाइड्रोजन ‘बंकरिंग' और ईंधन भरने की सुविधा के लिए 35 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं देश में चार ‘हाइड्रोजन वैली इनोवेशन क्लस्टर' (झारखंड, ओडिशा, पुणे, केरल) हैं। सरकार ने एकीकृत हाइड्रोजन संकुल बनाने के लिए 170 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं।
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नयी दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने उस हुंदै आई20 कार के 11 घंटे के रूट का पता लगा लिया है, जिसका इस्तेमाल लाल किला के पास विस्फोट में किया गया था। जांच से पता चला है कि वाहन हरियाणा के फरीदाबाद से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचा था। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और टोल प्लाजा से प्राप्त आंकड़ों से जांच अधिकारियों को वाहन की गतिविधियों की विस्तृत समय-सीमा जानने में मदद मिली है। सूत्रों ने बताया कि कार का सफर सोमवार सुबह फरीदाबाद से शुरू हुआ और दिल्ली के कई हिस्सों से होते हुए सोमवार शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास विस्फोट हुआ। एक सूत्र ने बताया, "कार को सबसे पहले सुबह करीब 7:30 बजे फरीदाबाद के एशियन अस्पताल के बाहर देखा गया। करीब 8:13 बजे इसने बदरपुर टोल प्लाजा पार किया और दिल्ली में प्रवेश किया।" सुबह 8:20 बजे, ओखला औद्योगिक क्षेत्र के पास एक पेट्रोल पंप के पास से गुज़रती हुई गाड़ी की तस्वीर सीसीटीवी फुटेज में दर्ज हुई।
जांच अधिकारियों ने बताया कि दोपहर 3:19 बजे, कार लाल किला परिसर से सटे एक पार्किंग क्षेत्र में पहुंची, जहां वह कथित तौर पर लगभग तीन घंटे तक खड़ी रही। सूत्र ने बताया, "शाम 6:22 बजे कार को पार्किंग क्षेत्र से निकलकर लाल किले की ओर जाते देखा गया। विस्फोट से पहले का यह 30 मिनट का समय अब हमारी जांच का मुख्य पहलू है। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वाहन के अंदर कौन था। गाड़ी के पार्किंग क्षेत्र से निकलने के बमुश्किल 24 मिनट बाद, शाम लगभग 6:52 बजे, जोरदार विस्फोट ने चलती कार को तहस-नहस कर दिया। विस्फोट से गाड़ी के परखच्चे उड़ गए, शवों के टुकड़े सड़क पर बिखर गए, आस-पास की इमारतों और मेट्रो स्टेशन की खिड़कियां टूट गईं।
विस्फोट से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में दहशत फैल गई। पुलिस ने कहा कि वे दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के आसपास से एकत्र सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रहे हैं, ताकि कार की हर गतिविधि का पता लगाया सके और उसके संपर्क में आए किसी भी व्यक्ति की पहचान की जा सके। पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि यही कार एक पेट्रोल पंप के बाहर भी देखी गई, जहां वह प्रदूषण प्रमाण पत्र लेने गई थी। सूत्र ने कहा, "हमारी जांच जारी है। हमें पता चला है कि कार ने एक पेट्रोल पंप से प्रदूषण प्रमाणपत्र हासिल किया था, ताकि अगर पुलिस उसे सीमा के पास रोके, तो वह सभी दस्तावेज़ दिखा सके। कई जानकारियां सामने आ रही हैं और हम सभी कड़ियों को जोड़ रहे हैं। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में लाल किले के नजदीक हुए धमाके के मद्देनजर दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। शाह ने सुबह एक बैठक की अध्यक्षता की थी और शाम से पहले दूसरी बैठक बुलाई है।
पहली बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते शामिल हुए। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान शीर्ष अधिकारियों ने विस्फोट के बाद की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं।
गृह मंत्री ने कहा है कि शीर्ष जांच एजेंसियां विस्फोट की जांच कर रही हैं और वे घटना की तह तक जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से चल रही एक कार में धमाका हुआ था। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। -
थिंपू. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली विस्फोट के षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच एजेंसियां मामले की तह तक जाएंगी। मोदी ने लाल किले के पास हुए कार विस्फोट के एक दिन बाद भूटान में एक कार्यक्रम के दौरान यह टिप्पणी की। इस विस्फोट में 12 लोग मारे गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं यहां बहुत भारी मन से आया हूं। कल शाम दिल्ली में हुई भयावह घटना ने सभी को बहुत दुखी किया है।'' मोदी ने कहा, ‘‘मैं प्रभावित परिवारों का दुःख समझता हूं। पूरा देश उनके साथ खड़ा है। मैं घटना की जांच कर रही सभी एजेंसियों के संपर्क में हूं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारी एजेंसियां इस साजिश की तह तक जाएंगी। इसके षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।'' भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने थिंपू के चांगलीमेथांग स्टेडियम में हजारों भूटानी नागरिकों की उपस्थिति में दिल्ली विस्फोट के पीड़ितों के लिए प्रार्थना की। भारतीय अधिकारियों ने बताया कि भूटानी नेतृत्व ने दिल्ली में हुए विस्फोट में लोगों की मौत होने की दुखद घटना पर हार्दिक संवेदना व्यक्त की और विस्फोटों से प्रभावित सभी लोगों के लिए विशेष प्रार्थना की। दिल्ली पुलिस ने सोमवार रात बताया था कि विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए। उसने मंगलवार को बताया कि तीन और लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।
- नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत ने 2024-25 में 1.51 लाख करोड़ रुपये मूल्य का रक्षा उत्पादन किया है और रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू) का योगदान इसकी कुल राशि में 71.6 प्रतिशत रहा। सिंह ने यह टिप्पणी यहां एक उच्च स्तरीय बैठक में 16 डीपीएसयू के प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा करते हुए की। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे सभी 16 डीपीएसयू देश की आत्मनिर्भरता के मजबूत स्तंभ के रूप में काम कर रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों में उनका उत्कृष्ट प्रदर्शन हमारे स्वदेशी प्लेटफार्म की विश्वसनीयता और क्षमता का प्रमाण है।'' सिंह ने दक्षिण दिल्ली के नौरोजी नगर स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में नये रक्षा उद्यम (डीपीएसयू) भवन का उद्घाटन भी किया।रक्षा मंत्री ने भारत के रक्षा विनिर्माण परिवेशी तंत्र को मजबूत करने और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में डीपीएसयू के निरंतर योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में, भारत ने 1.51 लाख करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन हासिल किया, जिसमें रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू) का योगदान कुल उत्पादन का 71.6 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि रक्षा निर्यात 6,695 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो भारत की स्वदेशी प्रणालियों में वैश्विक विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा, "यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि 'मेड इन इंडिया' रक्षा उत्पाद वैश्विक सम्मान प्राप्त कर रहे हैं।" सिंह ने इस गति को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए सभी रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (डीपीएसयू) से महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के त्वरित स्वदेशीकरण, समग्र अनुसंधान एवं विकास, उत्पाद गुणवत्ता, समय पर आपूर्ति और निर्यात बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने डीपीएसयू को निर्देश दिया कि वे स्वदेशीकरण और अनुसंधान एवं विकास के स्पष्ट रोडमैप तैयार करें, जिनमें मापनीय प्रगति हों, जिन्हें अगली समीक्षा बैठक में प्रस्तुत किया जाना है।उन्होंने कहा, "सरकार की ओर से, मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि जहां भी विशेष हस्तक्षेप या सहायता की आवश्यकता होगी, उसे तुरंत प्रदान किया जाएगा।'' रक्षा मंत्री ने अनुसंधान एवं विकास पहलों की एक श्रृंखला का भी अनावरण किया, जिसमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के लिए एक मैनुअल भी शामिल है, जिसका उद्देश्य डिजिटलीकरण, बौद्धिक संपदा सृजन और भारतीय शिक्षा जगत के साथ सहयोग के माध्यम से एयरोस्पेस क्षेत्र की इस प्रमुख कंपनी के अनुसंधान एवं विकास परिवेशी तंत्र को मजबूत करना है। अधिकारियों ने बताया कि रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू) का अनुसंधान एवं विकास रोडमैप मौजूदा पहलों और भविष्य की रणनीतियों को एकीकृत करेगा, जो लाइसेंस प्राप्त उत्पादन से स्वदेशी डिजाइन और विकास की ओर बदलाव का प्रतीक है। इस कार्यक्रम के दौरान, कुछ रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू) के बीच तीन प्रमुख समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। एचएएल और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) ने यंत्र इंडिया लिमिटेड (वाईआईएल) के आधुनिकीकरण प्रयासों में सहयोग के लिए उसके साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। एचएएल ने वाईआईएल को 435 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त अग्रिम देने का वादा किया है।तीसरा समझौता ज्ञापन राष्ट्रीय महत्व की रक्षा परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण कच्चे माल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु एमआईडीएचएएनआई (मिश्र धातु निगम लिमिटेड) में एक 'धातु बैंक' के निर्माण के लिए हस्ताक्षरित किया गया। एमआईडीएचएएनआई रक्षा प्लेटफार्म में उपयोग के लिए विभिन्न सुपर मिश्र धातुओं, विशेष इस्पातों और मृदु चुंबकीय मिश्र धातुओं के उत्पादन और आपूर्ति में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने पर केंद्रित है। सतत रक्षा विनिर्माण की दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए, सिंह ने ‘एसडब्ल्यूएवाईएएम' (सतत और हरित रक्षा विनिर्माण) नामक एक कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जो रक्षा क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू) में हरित परिवर्तन को दर्शाता एक सार-संग्रह है। यह ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने का विस्तार करने और रक्षा उत्पादन परिवेशी तंत्र में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के प्रयासों का विवरण देता है।
- कोहिमा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले, सोमवार को कहा कि सदन की कार्यवाही में जानबूझकर व्यवधान डालना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर को शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 15 बैठकें होंगी। विपक्ष ने सत्र की “संक्षिप्त” अवधि को लेकर सरकार पर हमला बोला है।संसद के मॉनसून सत्र के दौरान विपक्ष ने विशेष रूप से बिहार में मतदाता सूची के संशोधन का मुद्दा उठाया था, और हंगामे के कारण कार्यवाही बार बार बाधित होने की वजह से ज्यादा कामकाज नहीं हो पाया था। सत्र की छोटी अवधि के बारे में पूछे गए सवाल पर बिरला ने कहा कि संसद सत्र बुलाना सरकार का विशेषाधिकार है और इसकी अवधि आधिकारिक एजेंडे पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा, “सत्र की अवधि पर निर्णय सरकार लेती है। हमारा प्रयास होगा कि हम सभी राजनीतिक दलों के साथ चर्चा करके सदन की कार्यवाही को सुचारू बनाएं।” लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि संसद जनता के मुद्दों को उठाने का मंच है और राजनीतिक दलों को इस मंच का सही ढंग से उपयोग करना चाहिए और व्यवधान पैदा नहीं करना चाहिए।
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नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि जन औषधि केंद्रों की संख्या 10,000 को पार कर गई है, जो किफायती जेनेरिक दवाइयां और सैनिटरी प्रोडक्ट बेहद कम कीमत पर उपलब्ध करवाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के हस्तक्षेपों से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवा की पहुंच में काफी सुधार देखा गया है।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने 22वें सीआईआई एनुअल हेल्थ समिट में कहा कि भारत सरकार द्वारा उठाए गए कई बड़े कदमों जैसे हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से शून्य करना, मेडिकल डिवाइस, कैंसर देखभाल दवाओं और कई आवश्यक दवाओं पर शुल्क कम करने के साथ भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को कई महत्वपूर्ण लाभ मिल रहे हैं।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार, मेडिकल प्रोफेशनल्स और हेल्थकेयर इंडस्ट्री के सामूहिक प्रयास भारतीयों को बेहतर सेवा प्रदान करेंगे और वैश्विक स्तर पर भारत को मेडिकल ट्रीटमेंट और वेलनेस के लिए एक पसंदीदा ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाएंगे।उन्होंने अपनी बात समझाते हुए कहा, “दुनिया के कुछ हिस्सों में आबादी की औसत उम्र 47-50 वर्ष है और यह और भी अधिक बढ़ रही है। क्या आप सोच सकते हैं कि हमारे लिए कितना बड़ा अवसर बन सकता है? ऐसे बहुत से देश हैं जहां मेडिकल ट्रीटमेंट सोशल वेलफेयर खर्च के हिस्से के तौर पर दिया जाता है, लेकिन वहां बहुत लंबा वेटिंग टाइम होता है, जिसके साथ एक डेंटिस्ट से अपॉइंटमेंट लेने में भी 6 महीने का समय लग जाता है। इसके मुकाबले शायद फ्लाइट से आना, इलाज करवाना और जल्दी वापस जाना अधिक आसान, कम खर्चीला और बेहतर साबित हो सकता है।”केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा, “पीएम मोदी के विजन के अनुरूप, एक अच्छा स्वास्थ्य एक समृद्ध समाज की नींव है। देश क्योंकि 2047 तक विकसित भारत बनने की राह पर तेजी से अग्रसर है इसलिए एक स्वस्थ और उत्पादक राष्ट्र के निर्माण में डॉक्टर्स और संपूर्ण मेडिकल इकोसिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।” -
नई दिल्ली। देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित लाल किले के पास हुए बम ब्लास्ट की जांच की जिम्मेदारी अब नेशनल इनवेस्टिगेटिव एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई थी, जिसमें कई अधिकारी शामिल हुए थे। इस बैठक में ही फैसला किया गया कि दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट की जिम्मेदारी अब एनआईए को सौंपी जाएगी, ताकि पूरी वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सके।
इस हमले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस सहित अन्य जांच एजेंसियों की तरफ से एक टीम गठित की गई थी। इस टीम में 500 से ज्यादा जवान और अन्य अधिकारी शामिल किए गए थे। इसके अलावा, 1 हजार से भी ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं, ताकि हमले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा सके। वहीं, दिल्ली में हुए हमले के बाद अन्य राज्यों की पुलिस भी सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर अलर्ट हो चुकी है। दिल्ली से सटे राज्यों से आने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है, ताकि हर प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा सके।प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कार का मालिकाना हक कई बार बदला जा चुका है। इसे पहले नदीम को बेचा गया। इसके बाद फरीदाबाद के सेकेंड हैंड डीलर को। इसके बाद यह गाड़ी आमिर ने खरीदी, इसके बाद तारीक ने, जिस पर फरीदाबाद के आतंकी मॉड्यूल से जुड़े होने का संदेह है। इसके बाद मोहम्मद उमर ने इसे खरीद लिया था। - -डॉ. दीक्षा चौबे के दो एकल सजल-संग्रहों का विमोचनमथुरा/ धर्म- सनातन की महा नगरी और योगीराज की कृष्ण की जन्म भूमि मथुरा में हिंदी गीतिकाव्य नई विधा सजल का सप्तम समारोह स्थानीय आर. सी. ए. कन्या महा विद्यालय, के विशाल सभागार में संपन्न हुआ! कार्यक्रम की अध्यक्षता- साहित्यभूषण से विभूषित हिंदी के लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार और हिंदी के सेवानिवृत आचार्य डा. महेश 'दिवाकर', डी. लिट. ( मुरादाबाद) ने की और मुख्यअतिथि प्रो. हरीशंकर मिश्र, हिंदी आचार्य, लखनऊ विश्वविद्यालय, और विशिष्ट अतिथि प्रो. राजेश गर्ग, हिंदी आचार्य- प्रयाग विश्व विद्यालय रहे! अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करने के उपरांत डा. कृष्णा राजपूत, जबलपुर ने सरस्वती वंदना की!वस्तुत: सद्य: प्रवर्तित हिंदी सजल साहित्य स्वत: स्फूर्त विधा है। स्थानीय आरसीए गर्ल्स (पीजी) कालेज के सभागार में सजल सर्जना समिति के सप्तम वार्षिकोत्सव में देश के विभिन्न भागों से जुटे 150 से अधिक साहित्यकारों/सजलकारों को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय के सेवानिवृत आचार्य प्रो. हरिशंकर मिश्र ने कहा कि सजलकार सामाजिक चुनौतियों के प्रति सजग हैं तथा मानवीय मूल्यों के विस्तारण हेतु काम कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सजल विधा को प्रबन्धात्मक काव्य का रूप देकर इसे और भी अधिक उपयोगी बना सकते हैं।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि व इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हिंदी भाषा के आचार्य प्रो. राजेश गर्ग ने कहा कि हर विषय पर सजलकार आज सफलतापूर्वक हस्तक्षेप कर रहा है तथा सजल के केन्द्र में मानवीय संवेदनाओं का बोध है।विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट बृजबिहारी सिंह ने सजल विधा से तन-मन-धन से जुडने तथा अन्य लोगों को जोड़ने का आग्रह करते हुए कहा कि पूरे देश में साहित्य की सजल विधा का प्रचार- प्रसार आवश्यक है।समारोह की अध्यक्षता कर रहे अन्तर्राष्ट्रीय कला मंच मुरादाबाद के संस्थापक डॉ. महेश 'दिवाकर' ने सजल सृजन के साथ-साथ इसमें शोध एवं समीक्षात्मक पक्ष पर बल देते हुए आयोजन की भूरि- भूरि प्रशंसा की! उन्होंने इस बात पर नाराजी भी जताई कि उत्तर प्रदेश शासन ने अभी तक सजल साहित्य को पुरस्कृत एवं सम्मानित करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है?प्रारम्भ में संस्था के अध्यक्ष डॉ. अनिल गहलौत ने समारोह में सजल विधा की अवधारणा एवं प्रयोजन की विस्तार से चर्चा की तथा समिति के सचिव इंजी.संतोष कुमार सिंह ने सजल सर्जना समिति की स्मारिका का लोकार्पण कराने के साथ-साथ समिति की वार्षिक प्रगति आख्या प्रस्तुत की।समिति की ओर से सर्वश्रेष्ठ सजलकार के रूप में फिरोजाबाद के डॉ. राम सनेही लाल शर्मा 'यायावर', फिरोजाबाद को सजल-ऋषि सम्मान तथा इंजी.संतोष कुमार सिंह एवं अमर'अद्वितीय' को शिखर सम्मान से विभूषित किया गया। डॉ . दीक्षा चौबे को सजल-भूषण सम्मान से अलंकृत किया गया। डॉ. दीक्षा चौबे के दो सजल-संग्रह शंखनाद और बाल सजल मेरी नानी बड़ी सयानी का विमोचन हुआ।समारोह में छह समूहों में सजल विधा की 84 सजल कृतियों के लोकार्पण के अतिरिक्त डॉ. किरन जैन अम्बाला, डॉ. डीपी साहू रायगढ, डॉ. चिरौंजी लाल यादव मैनपुरी व आरसीए कालेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र मित्तल को सजल रथी सम्मान से भी विभूषित किया गया।संस्था के सचिव इंजी. संतोष कुमार सिंह तथा राजस्थान से पधारीं श्रीमती रेखा लोढा स्मित ने कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन किया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में भारत के विभिन्न प्रातों से आये 75 सजलकारों ने अपनी सजल रचनाओं का पाठ किया ।

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नयी दिल्ली/ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सोमवार शाम लाल किले के पास हुए विस्फोट का विस्तृत विश्लेषण मंगलवार को शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ किया जाएगा। एलएनजेपी अस्पताल में विस्फोट में घायल हुए लोगों से मिलने के बाद शाह ने संवाददाताओं से कहा, कल सुबह हम गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्फोट का विस्तृत विश्लेषण करेंगे।” अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से चल रही कार में भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए।
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हैदराबाद. तेलंगाना के प्रतिष्ठित राजकीय गीत ‘जय जय हे तेलंगाना' के रचयिता प्रसिद्ध कवि अंदे श्री का सोमवार को हैदराबाद में निधन हो गया। वह 64 वर्ष के थे। अंदे श्री आज सुबह अपने आवास पर जमीन पर पड़े मिले। अधिकारियों ने बताया कि परिवार के सदस्य उन्हें सरकारी गांधी अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि संभवत: दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हुई। अंदे श्री को उच्च रक्तचाप की समस्या थी और उन्हें दो दिन पहले काफी पसीना आया था। अंदे श्री का वास्तविक नाम अंदे येल्लैया था। उन्होंने अपने गीतों के माध्यम से तेलंगाना राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कांग्रेस सरकार ने दिसंबर 2023 में सत्ता में आने के बाद अंदे श्री के ‘जय जय हे तेलंगाना' को राजकीय गीत घोषित किया। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष एन. रामचंदर राव, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव और कई अन्य नेताओं ने अंदे श्री के निधन पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि अंदे श्री का निधन तेलंगाना साहित्य जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दिवंगत कवि का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाए।
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नयी दिल्ली/ राष्ट्रीय राजधानी में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धीमी गति से गुजर रही एक कार में सोमवार शाम जबरदस्त विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और 24 घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि भीड़भाड़ वाले इलाके में व्यस्त समय में हुए विस्फोट के कारण आसपास मौजूद कई वाहन जलकर खाक हो गए, जबकि कई गाड़ियों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। उन्होंने बताया कि विस्फोट में घायल लोगों को लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल ले जाया गया। दिल्ली के पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने कहा कि जिस कार में विस्फोट हुआ, उसमें कुछ लोग सवार थे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “विस्फोट एक चलती हुंडई आई20 कार में हुआ, जिसमें तीन लोग सवार थे। हमें घायलों के शरीर में कोई छर्रा या पंचर नहीं मिला है, जो बम विस्फोट में असामान्य है। हम सभी कोण से जांच कर रहे हैं।” पुलिस सूत्रों ने बताया कि कार नदीम खान नामक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत थी और उस पर हरियाणा की नंबर प्लेट लगी हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट के बाद पूरी दिल्ली में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि शहर की सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और वाहनों की जांच तेज कर दी गई है। चांदनी चौक व्यापारी संघ की ओर से साझा किए गए वीडियो में विस्फोट का भयावह मंजर देखा जा सकता है। इस वीडियो में एक क्षत-विक्षत शव एक वाहन पर पड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। वहीं, एक अन्य वीडियो में सड़क पर एक शव पड़ा हुआ नजर आ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विस्फोट स्थल के आसपास शवों के अंग बिखरे हुए दिखाई दे रहे थे। दिल्ली अग्निशमन सेवा के मुताबिक, दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और विस्फोट के कारण लगी आग पर देर शाम 7:29 बजे तक काबू पा लिया गया। गोलचा ने संवाददाताओं से कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को घटना के बारे में लगातार जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा, “देर शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास यातायात सिग्नल पर धीमी गति से गुजर रही कार में विस्फोट हो गया। कार के अंदर कुछ लोग सवार थे। अन्य वाहन भी प्रभावित हुए। सभी एजेंसियां-दिल्ली पुलिस, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए), राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (एनएसजी)-मौके पर पहुंच गई हैं और स्थिति का जायजा ले रही हैं। इस बीच, गृह मंत्री शाह ने दिल्ली पुलिस प्रमुख और खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक से बात करके स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने एनएसजी, एनआईए और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के प्रमुखों को निर्देश दिया कि वे विस्फोट स्थल पर विशेषज्ञ दल भेजकर जांच में मदद करें और साक्ष्य जुटाएं। सरकारी सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी स्थिति का जायजा लिया और गृह मंत्री अमित शाह से बात की। - देहरादून.। उत्तराखंड स्थापना के रविवार को आयोजित रजत जयंती समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का टोपी से लेकर बोली तक हर अंदाज उत्तराखंडी रहा । वैसे तो अक्सर प्रधानमंत्री यहां अपने भाषण की शुरूआत गढवाली में करते हें लेकिन उत्तराखंडी टोपी पहने मोदी ने इस बार अपने भाषण में कई बार गढ़वाली और कुमांऊनी का इस्तेमाल किया । प्रधानमंत्री ने अपने चिर-परिचित अंदाज में भाषण की शुरूआत करते हुए कहा, ' देवभूमि उत्तराखंड का मेरा भै—बन्धौं, दीदी—भुल्यों, दाना—सयाणों। आप सबू कैं म्यर नमस्कार, पैलाग, सेवा सौंधी '(भाई—बंधुओं, दीदी—बड़े भाइयों। आप सबको मेरा नमस्कार, चरण वंदना, प्यार आशीर्वाद)। इसके बाद, पिछले 25 साल में प्रदेश में आए बदलाव को सबको साथ लेकर चलने की नीति और हर उत्तराखंडी के संकल्प का नतीजा बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'पैली पहाडोंक चढ़ाई, विकासक बाट कें रोक दे छी। अब वई बटी, नई बाट खुलण लाग ली।' (पहले पहाड़ों की चढ़ाई विकास के रास्ते रोकती थी। अब वहीं से नए रास्ते खुलने लगे हैं ।' बीच में, एक बार फिर प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास को लेकर प्रदेशवासी बहुत उत्साहित हैं और अगर उनकी बातों को वह गढ़वाली में बोलेंगे तो हो सकता है कि उनसे गलती हो जाए लेकिन ' 2047 मा भारत थे, विकसित देशों की लैन मा, ल्याण खुणी, मेरो उत्तराखंड, मेरी देवभूमि, पूरी तरह से तैयार छिन। (2047 में भारत को विकसित देशों की लाइन में ले जाने के लिए मेरा उत्तराखंड, मेरी देवभूमि पूरी तरह से तैयार है ।) प्रधानमंत्री ने अपने भाषण मे पहाड़ के लोक पर्वों, लोक परंपराओं और महत्वपूर्ण आयोजनों को भी शामिल किया। इस क्रम में उन्होंने हरेला, फुलदेई, भिटोली, नंदादेवी, जौलजीबी मेले, देवीधुरा मेले से लेकर दयारा बुग्याल के बटर फेस्टिवल तक का जिक्र किया।
- हैदराबाद.। एक व्यक्ति ने रविवार को अपनी पत्नी पर बेवफाई का संदेह होने पर क्रिकेट के बल्ले से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। यह घटना तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के अमीनपुर कस्बे में उस समय घटी जब आरोपी और उसकी पत्नी के बीच उनके घर पर कथित तौर पर झगड़ा हुआ। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "बहस के दौरान व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर क्रिकेट बैट से हमला कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।" अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने अमीनपुर थाने में हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच जारी है।
- गुवाहाटी।असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को गुवाहाटी में पूर्वोत्तर में भारतीय वायुसेना के पहले पूर्ण पैमाने के ‘एयर शो' का अवलोकन किया और कहा कि ‘चिकन्स नेक कॉरिडोर' के निकट शक्ति, कौशल और भावना का यह प्रदर्शन दुश्मनों की ‘‘रातों की नींद हराम'' कर देगा। ‘चिकन नेक कॉरिडोर' भारत का वह संकरा भूभाग है, जो पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्से से जोड़ता है। भारतीय वायुसेना द्वारा यहां आयोजित कार्यक्रम में राफेल, सुखोई-30, मिग-29, मिराज, जगुआर, आईएल-78 रिफ्यूलर, सी-17 ग्लोबमास्टर, एंटोनोव एएन-32, सी-130 हरक्यूलिस जैसे विमानों और अपाचे, एमआई-17 तथा उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर-एमके1 जैसे हेलीकॉप्टरों ने हवाई प्रदर्शन किया। पूर्वी वायु कमान ने लासित घाट के निकट ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर डेढ़ घंटे का 'फ्लाइंग डिस्प्ले 2025' एयर शो आयोजित किया, जिसमें 25 से अधिक प्रकार के करतबों में 75 से अधिक लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर शामिल थे। इस कार्यक्रम में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य के अलावा वायु सेना प्रमुख एयर मार्शल ए पी सिंह, पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल सूरत सिंह और अन्य वरिष्ठ वायुसेना अधिकारी भी शामिल हुए। शर्मा ने शो के बाद एक पोस्ट में ‘फ्लाइंग डिस्प्ले 2025' देखने के लिए बड़ी संख्या में आए गुवाहाटी के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘पूर्वोत्तर का पहला एयर शो वास्तव में शक्ति, कौशल और उत्साह का अद्भुत प्रदर्शन था। ‘चिकन्स नेक' और चार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के इतने करीब भारत के वायु योद्धाओं के लिए आपका अपार समर्थन देश के अंदर और बाहर दुश्मनों की नींद हराम कर देगा।'' इस कार्यक्रम में भारी भीड़ के कारण पूरा गुवाहाटी शहर थम सा गया। शहर के भीतर और बाहर से बड़ी संख्या में लोग अपने वाहनों में सवार होकर लासित घाट इलाके में पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, जिससे सुबह से ही सभी मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति रही। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इस एयर शो को देखने के लिए सेना के साथ शामिल होना था, लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव में व्यस्तता के कारण वह इसमें शामिल नहीं हो सके। रक्षा जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने कहा कि यह पहली बार है कि भारतीय वायुसेना ने पूर्वोत्तर में इस तरह का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय वायुसेना के लगभग सभी विमानों और हेलीकॉप्टरों का प्रदर्शन किया गया, जो आकाश में विभिन्न करतब दिखा रहे थे। यहां लोगों को हमारे आकाश योद्धाओं की एक झलक देखने को मिली।'' उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन में गति, कौशल और समन्वय का अद्भुत संगम प्रदर्शित किया गया, जिससे नागरिकों को देश की हवाई ताकत को करीब से देखने का दुर्लभ मौका मिला।
























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