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- नयी दिल्ली. सरकार ने आशीष पांडे को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। कल्याण कुमार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का प्रमुख बनाया गया है। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने इन नियुक्तियों को तीन साल की प्रारंभिक अवधि के लिए मंजूरी दी है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र के वर्तमान कार्यकारी निदेशक पांडे को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन साल की अवधि के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया गया है। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के कार्यकारी निदेशक कल्याण कुमार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एमडी एवं सीईओ के रूप में एम. वी. राव का स्थान लेंगे। राव जुलाई में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वित्तीय सेवा संस्थान ब्यूरो (एफएसआईबी) ने पांडे और कुमार को क्रमशः यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का एमडी एवं सीईओ नियुक्त करने की 30 मई को सिफारिश की थी। एफएसआईबी के प्रमुख कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के पूर्व सचिव भानु प्रताप शर्मा हैं। पूर्ववर्ती ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के पूर्व चेयरमैन एवं एमडी अनिमेष चौहान, भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व कार्यकारी निदेशक दीपक सिंघल और पूर्ववर्ती आईएनजी वैश्य बैंक के पूर्व एमडी शैलेंद्र भंडारी इसके अन्य सदस्य हैं।
- नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को घोषणा की कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) में गन्ना अनुसंधान और नीति के लिए एक अलग टीम बनाई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य किसानों और चीनी उद्योग के सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा। शिवराज सिंह ने गन्ने के विकास से जुड़ी एक सेमिनार में बताया कि गन्ने की 238 किस्म उच्च चीनी उत्पादन देती है, लेकिन यह लाल सड़न रोग के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने एकल फसल के खतरों की ओर भी ध्यान दिलाया, जैसे कि मिट्टी के पोषक तत्वों की कमी और नाइट्रोजन संधारण में कमी, और सुझाव दिया कि दाल और तिलहन जैसी फसलों के साथ इंटरक्रॉपिंग (साथ में उगाना) पर विचार किया जाए।इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने उत्पादन लागत कम करने, मशीनरी बढ़ाने, चीनी वसूली दर सुधारने, “per drop, more crop” के सिद्धांत के तहत कुशल सिंचाई अपनाने, बायोप्रोडक्ट्स और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने, और प्राकृतिक खेती अपनाकर उर्वरक पर निर्भरता कम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने किसानों को भुगतान में देरी जैसी पुरानी समस्याओं को भी उजागर किया और कहा कि चूंकि मिलों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इसका मुख्य प्रभाव किसानों पर पड़ता है। उन्होंने कृषि मजदूरों की कमी पर भी चिंता जताई और प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और मशीनरी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।कृषि मंत्री ने कहा, “मैं ICAR से आग्रह करता हूं कि गन्ना अनुसंधान के लिए एक विशेष टीम बनाई जाए, जो व्यावहारिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करे। अनुसंधान का लाभ किसानों और उद्योग दोनों को मिलना चाहिए। ऐसा अनुसंधान जो किसानों के काम न आए, उसका कोई अर्थ नहीं है।” ICAR के महानिदेशक और DARE सचिव डॉ. एम.एल. जाट ने चार मुख्य अनुसंधान प्राथमिकताओं को उजागर किया। इसके तहत अनुसंधान एजेंडा तय करना, विकास और उद्योग से जुड़ी चुनौतियों से निपटना, और नीति संबंधी सुझाव देने पर चर्चा हुई। उन्होंने उर्वरक की दक्षता बढ़ाने, सूक्ष्म-सिंचाई (micro-irrigation) को बढ़ाने और फसल विविधीकरण पर जोर दिया, जिससे स्थिरता और किसानों की आय मजबूत हो।वहीं डॉ. देवेंद्र कुमार यादव, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), ने कहा कि 238 किस्म प्रारंभ में लोकप्रिय थी, लेकिन इससे एकल फसल के खतरे बढ़ते हैं। उन्होंने नई किस्मों के लिए तीन साल के परीक्षण चक्र और पैदावार अंतर (yield gaps) का विश्लेषण करने की आवश्यकता पर बल दिया। ICAR के डॉ. राजबीर सिंह ने भी सेमिनार में अपने विचार साझा किए। सेमिनार के अंत में यह आश्वासन दिया गया कि भविष्य की गन्ना अनुसंधान रणनीतियों में किसान-केंद्रित सिफारिशों को शामिल किया जाएगा।-
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नयी दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे. ने सुझाव दिया है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसबी) साझा प्रौद्योगिकी मंच का उपयोग करने एवं संयुक्त रूप से डिजिटल बुनियादी ढांचे का विकास करने पर विचार करें ताकि पैमाने की मितव्ययिता का लाभ उठाया जा सके और लागत कम की जा सके। उन्होंने कहा कि बैंकों के निदेशक मंडल को और भी सटीक व्यवस्था की जरूरत है जैसे कि वास्तविक समय पर जानकारी जो उभरते जोखिमों या ग्राहकों की चिंताओं को चिह्नित कर सके। जैसे-जैसे बैंक कृत्रिम मेधा और डेटा-संचालित प्रणालियों को अपना रहे हैं, ऐसे उपायों को इन नए क्षेत्रों तक भी विस्तारित किया जाना चाहिए। स्वामीनाथन ने 12 सितंबर को यहां ‘पीएसबी मंथन' 2025 को संबोधित करते हुए कहा कि नवाचार का मतलब सिर्फ नए उत्पाद ही नहीं हैं। यह उन्हें बेहतर तरीके से पेश करने के बारे में भी है। आरबीआई ने मंगलवार को यह भाषण अपनी वेबसाइट पर डाला।
उन्होंने कहा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बड़े पैमाने पर लाभ उठाने, लागत कम करने और ग्राहक अनुभव में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए साझा प्रौद्योगिकी मंच और डिजिटल बुनियादी ढांचे के संयुक्त विकास पर विचार करना चाहिए। वे ‘डिजिटल ट्विन' के रूप में जाने जाने वाले एक डिजिटल मॉडल के साथ भी प्रयोग कर सकते हैं...।'' डिप्टी गवर्नर ने कहा कि ‘डिजिटल ट्विन' पर बदलावों का पहले परीक्षण करके, बैंक वास्तविक दुनिया में बदलाव करने से पहले बाधाओं की पहचान कर सकते हैं और दक्षता में सुधार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अपनी पूंजी स्थिति को मजबूत किया है और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार किया है। अब इन लाभों को संरक्षित करने के साथ और बढ़ाने का समय है। स्वामीनाथन ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का काम न केवल लाखों परिवारों एवं उद्यमों को आश्रय प्रदान करना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि उनकी छत्रछाया में सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) , स्टार्टअप, महिला उद्यमियों और ग्रामीण उद्यमों को प्रचुर एवं किफायती ऋण में अच्छी वृद्धि हो। -
नयी दिल्ली. एअर इंडिया और एअरबस ने हरियाणा में एक संयुक्त उद्यम प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया है जहां ए320 और ए350 श्रेणी के विमान के पायलट को प्रशिक्षण दिया जायेगा। एयरलाइन ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि ‘एअर इंडिया एविएशन ट्रेनिंग एकेडमी' में यह उन्नत पायलट प्रशिक्षण केंद्र अगले दशक में 5,000 से अधिक नये पायलट को प्रशिक्षित करेगा। दोनों एयरलाइन कंपनियों ने 12,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में इस संयुक्त उद्यम केंद्र की स्थापना की है जहां 10 पूर्ण उड़ान सिमुलेटर, उन्नत कक्षाएं और संवाददाता सम्मेलन कक्ष होंगे। इसका उद्घाटन मंगलवार को नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने किया। वर्तमान में इस प्रशिक्षण केंद्र में ए320 श्रेणी के विमानों के लिए दो पूर्ण उड़ान ‘‘सिमुलेटर'' हैं। इस केंद्र में शेष छह ए320 ‘सिमुलेटर' और दो ए350 ‘सिमुलेटर' धीरे-धीरे जोड़े जायेंगे। एअरबस इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, जुर्गन वेस्टरमियर ने कहा कि यह एक संयुक्त उद्यम से कहीं बढ़कर है। उन्होंने कहा, ‘‘यह भारतीय एयरोस्पेस उद्योग के भविष्य में एक रणनीतिक निवेश है। भारत एयरबस के लिहाज से एक रणनीतिक शक्ति है और यह अत्याधुनिक सुविधा इसकी अपार क्षमता में हमारे विश्वास का प्रमाण है।'' एअर इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कैंपबेल विल्सन ने कहा कि यह केंद्र उसके परिवर्तन की यात्रा में और एयरलाइन तथा भारतीय विमानन उद्योग को और अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। घाटे में चल रही इस कंपनी ने 570 नए विमानों के लिए ऑर्डर दिए हैं। इस एयरलाइन को जनवरी 2022 में टाटा समूह ने अधिग्रहित किया था।
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नयी दिल्ली. सरकार ने चाय की किस्म, खुशबू और गुणवत्ता का विश्लेषण करने वाले विशेषज्ञ (सोमेलियर) और चाय के स्वाद के परीक्षण से जुड़े कौशल पाठ्यक्रमों की मंगलवार को शुरुआत की। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) द्वारा अनुमोदित इन दोनों पाठ्यक्रमों का शुभारंभ किया। वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘एनसीवीईटी ने चाय सोमेलियर और चाय के स्वाद परीक्षण से जुड़े कौशल पाठ्यक्रमों को अनुमोदित किया है।'' बर्थवाल ने इस पहल की घोषणा करते हुए कहा कि भारतीय चाय बोर्ड के इन विशिष्ट पाठ्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को कौशल प्रदान करना और चाय साक्षरता को बढ़ावा देना है। इन पाठ्यक्रमों का आयोजन दार्जिलिंग चाय अनुसंधान एवं विकास केंद्र, कुर्सेयांग में किए जाने का प्रस्ताव है। ये दोनों पाठ्यक्रम चाय की किस्म, स्वाद एवं गुणवत्ता का निर्धारण करने में मददगार होंगे।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अष्टमी के अवसर पर दक्षिण दिल्ली के चित्तरंजन पार्क (सीआर पार्क) स्थित दुर्गा पूजा पंडाल और काली बाड़ी मंदिर में मां दुर्गा और मां काली के दर्शन किए। उन्होंने आरती उतारी, पूजा-अर्चना की और माथे पर तिलक लगाया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भी प्रधानमंत्री के साथ माता के दर्शन किए। राजधानी दिल्ली में हर साल सीआर पार्क की दुर्गा पूजा विशेष आकर्षण का केंद्र होती है। यहां भव्य पंडाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं, जिनमें दिल्ली-एनसीआर सहित दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। सीआर पार्क स्थित काली मंदिर परिसर, जिसकी स्थापना 1970 के दशक में हुई थी, बंगाली समुदाय के लिए लंबे समय से आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से पहले विशेष सुरक्षा समूह (SPG) ने सोमवार को सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन किया था। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत स्थानीय लोगों को पंडाल और मंदिर क्षेत्र की ओर जाने वाली मुख्य सड़कों पर खड़े सभी वाहनों को हटाने का निर्देश दिया गया। भीड़ और उत्सव के कारण दिल्ली यातायात पुलिस ने लोगों को पहले से सचेत किया है। पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, आउटर रिंग रोड (पंचशील से ग्रेटर कैलाश तक), लाल बहादुर शास्त्री मार्ग, जेबी टीटो मार्ग, इंद्र मोहन भारद्वाज मार्ग और सीआर पार्क मेन रोड पर भारी जाम की संभावना है। इसके अलावा, गुरुद्वारा रोड, बिपिन चंद्र पाल मार्ग और सीआर पार्क व ग्रेटर कैलाश-2 की कई आंतरिक सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी। पंचशील, आईआईटी और नेहरू प्लेस फ्लाईओवर के नीचे से गुजरने वाले रास्तों को भी डायवर्ट किया गया है। -
नई दिल्ली। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मंगलवार (30 सितंबर 2025) को अंतिम निर्वाचक सूची जारी कर दी गई है। राज्य के सभी पात्र मतदाता अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने नाम की जानकारी देख सकते हैं।
चुनाव आयोग ने एक लिंक शेयर किया है, जिस पर मतदाता अपने नाम, पते और अन्य विवरण की पुष्टि कर सकते हैं। निर्वाचक सूची का प्रकाशन विधानसभा चुनावों की तैयारियों में एक अहम कदम माना जा रहा है।इससे पहले एक अगस्त को चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद पहला संशोधित वोटर लिस्ट ड्राफ्ट जारी किया था। बिहार के 243 विधानसभा क्षेत्रों के 90,817 मतदान केंद्रों के लिए तैयार मतदाता सूची का प्रारूप मान्यता राजनीतिक दलों के साथ भी शेयर किया गया था।बता दें कि एसआईआर के पहले चरण में कुल 65,64,075 मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। इनमें फर्जी मतदाता और मृतक मतदाता शामिल थे। साथ ही, उन लोगों के भी नाम हटाए गए थे, जिनका वोटर आईडी कार्ड किसी अन्य राज्य में बना हुआ है। हालांकि, इस पर कई नेताओं ने आपत्ति भी दर्ज कराई थी, जिस पर जमकर बहस चली थी।खासकर विपक्षी पार्टियों के नेता राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, मल्लिकार्जुन खरगे, मनोज झा समेत अन्य नेताओं ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा था और फर्जी अवैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर जमकर बवाल किया था। इन सबके बीच, यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट तक भी ले जाया गया, जहां एसआईआर की प्रक्रिया में आधार कार्ड को भी एक दस्तावेज के रूप में शामिल किए जाने को लेकर अंतरिम निर्देश जारी किया गया था। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों को शासन और संचार कौशल से लैस करने के महत्व पर ज़ोर दिया। भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) की कार्यकारी परिषद की 327वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए, उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और डेटा-संचालित उपकरणों जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ शासन प्रशिक्षण के मज़बूत एकीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। अपने संबोधन में, सिंह ने वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों, जो अक्सर वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर जाते हैं, को शासन और संचार कौशल से लैस करने के महत्व पर ज़ोर दिया। कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा, "भारत में काफी वैज्ञानिक प्रतिभाएं हैं, लेकिन नेतृत्व की भूमिका निभाने वालों के लिए संस्थागत प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यकुशलता में व्यवस्थित प्रशिक्षण आवश्यक है।" मंत्री ने शासन में सोशल मीडिया की उभरती भूमिका पर भी बात की और अधिकारियों को इसके ज़िम्मेदाराना इस्तेमाल के प्रति संवेदनशील बनाने का आग्रह किया। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, उन्होंने सोशल मीडिया से जुड़ाव के "कैसे और कैसे नहीं" पर चर्चा के लिए खास कार्यशालाओं का आह्वान किया, साथ ही गलत सूचना के जोखिमों और विश्वसनीय जनसंचार की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया। बयान में कहा गया है कि संस्थान ने डिजिटल परिवर्तन कार्यशालाओं के लिए अमेज़न (एडब्ल्यूएस) और कौशल विकास के क्षेत्र में एचसीएल टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी की है। बयान के अनुसार टाटा समूह और मारुति उद्योग के साथ भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए उन्नत नेतृत्व कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। इसके अलावा, आईआईपीए ने एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे प्रमुख बैंकों के अधिकारियों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए हैं। अप्रैल और सितंबर 2025 के बीच, आईआईपीए ने 49 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए, जिनसे 2,809 अधिकारी लाभान्वित हुए और छह अनुसंधान परियोजनाएं पूरी की गईं, जिनमें से 21 परियोजनाएं अभी जारी हैं।
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पटना. बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना जंक्शन से और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली से डिजिटल माध्यम से तीन अमृत भारत एक्सप्रेस सहित कुल सात नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। अधिकारियों के मुताबिक, नई ट्रेनों में मुजफ्फरपुर-चर्लपल्ली, दरभंगा-मदार और छपरा-आनंद विहार अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। इनसे दक्षिण भारत और दिल्ली की यात्रा और अधिक सुगम होगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा पटना-बक्सर, झाझा-दानापुर, पटना-इस्लामपुर और शेखपुरा-बरबीघा-बिहार शरीफ होते हुए नवादा-पटना पैसेंजर ट्रेनों की भी शुरुआत की गई। विशेष रूप से शेखपुरा-बरबीघा-बिहार शरीफ रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन इस क्षेत्र के लोगों का वर्षों पुराना सपना था, जो अब साकार हो गया है। चौधरी ने कहा कि अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन आधुनिक सुविधाओं और किफायती यात्रा की प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि इन नई ट्रेनों के शुरू होने के बाद अब बिहार से कुल 13 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलेंगी, जिससे प्रदेश की कनेक्टिविटी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सहयोग से बिहार में रेलवे विकास को नई दिशा मिल रही है। चौधरी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने इस वर्ष बिहार के लिए रिकॉर्ड 10,066 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जो पिछली सरकारों की तुलना में नौ गुना अधिक है और इसी का नतीजा है कि नई रेल लाइनें, दोहरीकरण, विद्युतीकरण और स्टेशन विकास के कार्य तेजी से हो रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रेल सुविधाओं को और मजबूत बनाने के लिए पटना जंक्शन पर नया टर्मिनल, फतुहा में मेगा कोचिंग टर्मिनल और झाझा-डीडीयू के बीच तीसरी व चौथी लाइन निर्माण की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा बख्तियारपुर-राजगीर रेलखंड के दोहरीकरण और सुल्तानगंज-कटोरिया पर नई रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी जा चुकी है। गंगा नदी पर बन रहे कई रेल एवं सड़क पुलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इनमें बिक्रमशिला के पास नया पुल, मोकामा में राजेंद्र सेतु के समानांतर पुल और भागलपुर के पास बिक्रमशिला और कटरिया के मध्य गंगा नदी पर एक और पुल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्तर और दक्षिण बिहार का जुड़ाव और मजबूत होगा।
चौधरी ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 3,164 करोड़ रुपये की लागत से बिहार के 98 स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप देने का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि रेलवे बिहार के विकास की रीढ़ है और आने वाले वर्षों में राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा। -
खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में एक गरबा कार्यक्रम में अपने पति के साथ नृत्य करते समय 19 वर्षीय नवविवाहित महिला की मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर बीकन गांव के संत सिंगाजी मंदिर में रविवार रात हुई। उन्होंने बताया कि महिला के परिजनों की ओर से इस मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी गई।
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक पैमाने पर साझा किया जा रहा है। वीडियो में महिला को अपने पति के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने एक मंच पर बॉलीवुड के गाने पर डांस करते हुए देखा जा सकता है। कुछ क्षण बाद, अचानक वह फर्श पर गिर जाती है। वहां मौजूद दर्शकों को लगता है कि यह उसके नृत्य का हिस्सा है, इसलिए उनमें से कुछ हंसने लग जाते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब सोनम नाम की महिला अपने पति के प्रयासों के बावजूद नहीं हिली, तो उसे एक डॉक्टर के पास ले जाया गया, जिसने उसे मृत घोषित कर दिया। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि सोनम की इसी साल मई में कृष्ण पाल के साथ शादी हुई थी।
उन्होंने बताया कि चूंकि मौत कई लोगों के सामने हुई और किसी साजिश का कोई संदेह नहीं था, इसलिए परिवार ने सोमवार को बिना पोस्टमार्टम के उसका अंतिम संस्कार कर दिया। भीकनगांव थाना प्रभारी गुलाब सिंह रावत ने कहा कि पुलिस को सोमवार को सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से ही घटना के बारे में पता चला और मौत के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। -
नयी दिल्ली. बिहार विधानसभा चुनावों के लिए मतदाता सूची मंगलवार को प्रकाशित होने वाली है और निर्वाचन आयोग द्वारा अगले सप्ताह चुनाव कार्यक्रम की घोषणा किए जाने की संभावना है। निर्वाचन आयोग राज्य में चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए 4 और 5 अक्टूबर को पटना का दौरा करेगा।
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अगले सप्ताह होने की संभावना है। पहले चरण का मतदान छठ पर्व के तुरंत बाद अक्टूबर के अंत में होने की संभावना है। निर्वाचन आयोग बिहार चुनाव और कुछ राज्यों में उपचुनावों के लिए 470 पर्यवेक्षकों को तैनात कर रहा है। यहां तीन अक्टूबर को सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों की एक ब्रीफिंग भी होने वाली है। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। राज्य में पिछला विधानसभा चुनाव 2020 में तीन चरणों में हुआ था। राज्य में, 22 वर्षों के अंतराल के बाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के समापन के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जा रही है। मसौदा मतदाता सूचियां एक अगस्त को प्रकाशित की गईं और एक सितंबर तक व्यक्तियों और राजनीतिक दलों के ‘‘दावे और आपत्तियां'' ली गईं। मसौदा सूची में 7.24 करोड़ मतदाता हैं। विपक्षी दलों ने एसआईआर की कवायद की आलोचना करते हुए दावा किया है कि यह करोड़ों वास्तविक नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित कर देगा। वहीं, निर्वाचन आयोग ने कहा है कि वह किसी भी पात्र नागरिक को मतदाता सूची से बाहर नहीं करेगा और साथ ही किसी भी अपात्र व्यक्ति को (मतदाता) सूची में शामिल नहीं होने देगा। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भाजपा-राजग सरकारों ने देश में "सुशासन का एक नया मॉडल" स्थापित किया है और पार्टी कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करें कि जीएसटी सुधारों का लाभ आम लोगों तक पहुंचे। मोदी ने दिल्ली भाजपा कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद कहा कि भाजपा सत्ता के लिए नहीं, बल्कि सेवा के लिए सरकार में है और इसके कार्यालय इसी भावना को जीवित रखे हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, भाजपा-राजग सरकारों ने देश में सुशासन का एक नया मॉडल स्थापित किया है। हम 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमने देश और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी, भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का विश्वास दिलाने के लिए देश को घोटालों से मुक्त किया। उन्होंने कहा, हमारी सरकारों ने आम लोगों की बचत बढ़ाने और उन्हें बेहतर सेवाएं देने पर ध्यान केंद्रित किया।'' कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए मोदी ने कहा कि 2014 में जब संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सत्ता में था, तब दो लाख रुपये से ज़्यादा की आय पर कर लगता था। उन्होंने कहा, ‘‘अब 12 लाख रुपये की आय पर भी कर शून्य है। यही हाल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) का था, 2014 से पहले अगर कोई आम परिवार अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों पर एक साल में एक लाख रुपये खर्च करता था, तो उसे लगभग 25,000 रुपये कर देना पड़ता था।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने जीएसटी लागू किया, कीमतें कम हुईं और अब जीएसटी सुधारों के बाद, उसी परिवार को केवल 5,000-6,000 रुपये का कर देना पड़ेगा। वर्ष 2014 की तुलना में 20,000 रुपये की बचत हुई है। अगर हम आयकर और जीएसटी की बचत को जोड़ दें, तो हर साल लोगों की 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि लोगों और व्यापारियों के बीच जागरूकता फैलाकर जीएसटी सुधारों का लाभ आम लोगों तक पहुंचे। राष्ट्रीय राजधानी को 'मिनी इंडिया' बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली भाजपा कार्यकर्ताओं से भारत के विभिन्न हिस्सों में मनाए जाने वाले हर त्योहार को मनाने को कहा। स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए, मोदी ने कहा कि कार्यकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर दुकान पर 'गर्व से कहो ये स्वदेशी है' लिखा एक बोर्ड हो। मोदी ने कहा कि विदेशी उत्पादों पर हमारी निर्भरता जितनी कम होगी, देश के लिए उतना ही बेहतर होगा।
मोदी ने कहा कि दिल्ली के साथ भाजपा का रिश्ता भावनाओं और विश्वास पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जनसंघ के दिनों से ही पार्टी इस शहर के लिए काम करती रही है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी अपनी स्थापना के 45 वर्ष पूरे कर चुकी है। अटल जी, आडवाणी जी, नानाजी देशमुख, राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी, मुरली मनोहर जोशी जी... ऐसी अनेक विभूतियों के आशीर्वाद और कड़ी मेहनत से ही यह पार्टी आगे बढ़ी है।'' उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जिस बीज से भाजपा आज इतना विशाल वटवृक्ष बनी है, वह अक्टूबर 1951 में बोया गया था। उस समय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के नेतृत्व में जनसंघ की स्थापना हुई थी। और उसी दौर में, दिल्ली जनसंघ को वैद्य गुरुदत्त जी के रूप में अपना पहला अध्यक्ष भी मिला।'' मोदी ने कहा, ‘‘यह नए सपनों और नए संकल्पों से भरा क्षण है। मैं दिल्ली भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई देता हूं।" मोदी ने कहा, भाजपा सत्ता के लिए नहीं, बल्कि सेवा के लिए सरकार में है और इसके कार्यालय इसी भावना को जीवित रखते हैं। -
नई दिल्ली। भारत और भूटान जल्द ही रेल संपर्क से और अधिक मजबूती से जुड़ने जा रहे हैं। दोनों देशों ने सोमवार को 89 किलोमीटर लंबी दो नई रेलवे लाइनों के निर्माण पर सहमति जताई और इसके लिए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की। इन परियोजनाओं पर कुल 4,033 करोड़ रुपये का व्यय होगा।
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संयुक्त प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। रेल मंत्री वैष्णव ने बताया कि पहली परियोजना कोकराझार (असम)-गेलेफू (भूटान) नई रेल लाइन है, जिसकी लंबाई 69 किलोमीटर होगी और इस पर 3,456 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसे चार वर्षों में पूरा किया जाएगा।इस लाइन से असम के कोकराझार और चिरांग जिले तथा भूटान के सारपांग जिले को लाभ मिलेगा। परियोजना पूरी होने पर यात्रियों और माल ढुलाई की सुविधा बढ़ेगी। भूटान का गेलेफू क्षेत्र वर्तमान में ‘माइंडफुलनेस सिटी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। नई रेल लाइन से इस शहर का महत्व और बढ़ेगा तथा यह भारत और भूटान के बीच आर्थिक गतिविधियों का नया केंद्र बन सकता है।उन्होंने कहा कि कोकराझार क्षेत्रीय स्टेशन को न्यू बोंगाईगांव जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्र से जोड़ा जाएगा, जिससे यह पूरा भारतीय रेल नेटवर्क से कनेक्ट हो जाएगा। लगभग 70 किलोमीटर के इस नए निर्माण से 1.5 लाख किलोमीटर लंबे भारतीय रेल नेटवर्क का लाभ सीधे उपलब्ध होगा। इस परियोजना में छह स्टेशन, दो बड़े पुल, दो वायडक्ट, 29 बड़े और 65 छोटे पुल, 39 अंडरपास, एक फ्लाईओवर और दो शेड विकसित किए जाएंगे।रेल मंत्री ने कहा कि दूसरी परियोजना बनारहाट (भारत)-समत्से (भूटान) नई रेल लाइन है। इसकी लंबाई 20 किलोमीटर होगी और इस पर 577 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसे तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लाइन से पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले और भूटान के समत्से जिले को सीधा लाभ मिलेगा। भूटान सरकार समत्से को औद्योगिक नगर के रूप में विकसित कर रही है, जिससे क्षेत्रीय औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिलेगी।उन्होंने कहा कि इन रेल परियोजनाओं से न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि भारत-भूटान सीमा पर सामाजिक और आर्थिक संबंध भी और गहरे होंगे। माल ढुलाई की सुविधा से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संपर्क मजबूत होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे पूर्वोत्तर भारत और भूटान के बीच सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि रेलवे लाइन के भारतीय हिस्से पर निवेश रेल मंत्रालय करेगा, जबकि भूटान की ओर का हिस्सा भारत सरकार की वित्तीय सहायता से पूरा होगा। यह सहायता विदेश मंत्रालय द्वारा भूटान की पंचवर्षीय योजना के तहत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत और भूटान के बीच संबंध असाधारण विश्वास, आपसी सम्मान और समझ पर आधारित हैं। यह रिश्ता सांस्कृतिक और सभ्यतागत जुड़ाव, व्यापक जन-संपर्क और साझा विकास व सुरक्षा हितों से लगातार और मजबूत हो रहा है। ( -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज सोमवार को दुर्गा पूजा की पूर्व संध्या पर सभी देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश और विदेश में रह रहे भारतीयों के लिए भी मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि दुर्गा पूजा भारत की समृद्ध संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। मां दुर्गा की नौ रूपों की आराधना न केवल आत्मिक शुद्धि का मार्ग है, बल्कि यह लोगों को सत्य, न्याय और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि यह पर्व समानता, सहिष्णुता और प्रेम जैसे मूल्यों को भी बढ़ावा देता है।राष्ट्रपति मुर्मु ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे महिलाओं के सम्मान और समाज में उनके उचित स्थान सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दृढ़ करें। उन्होंने प्रार्थना की कि मां दुर्गा सभी को बुद्धि, साहस, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद दें।
गौरतलब है कि यह संदेश उस समय आया है जब देशभर में करोड़ों लोग दुर्गा पूजा की तैयारियों में जुटे हैं। यह पर्व भारत के सबसे जीवंत और व्यापक रूप से मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक है, जिसमें पारंपरिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामुदायिक आयोजन शामिल हैं। -
नई दिल्ली। डाक विभाग ने इनलैंड स्पीड पोस्ट (दस्तावेज़) शुल्क में बदलाव की घोषणा की है, जिससे न केवल डाक सेवा के शुल्क में संशोधन हुआ है, बल्कि सुविधा और सुरक्षा भी दोगुनी हो गई है। 1 अक्टूबर 2025 से लागू होने वाले नए शुल्क और तकनीकी सुधारों का उद्देश्य स्पीड पोस्ट को और अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और आधुनिक बनाना है।
नई संरचना के अनुसार, स्पीड पोस्ट दस्तावेज़ों का शुल्क अब वजन और दूरी के आधार पर अलग-अलग होगा। 50 ग्राम तक के आइटम के लिए शुल्क स्थानीय डिलीवरी पर ₹19 से लेकर 2000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर ₹47 तक होगा। 51 ग्राम से 250 ग्राम तक के आइटम ₹24 से ₹77 के बीच शुल्क पर उपलब्ध होंगे, जबकि 251 ग्राम से 500 ग्राम तक के पार्सल ₹28 से ₹93 में भेजे जा सकेंगे। सभी शुल्क पर लागू वस्तु एवं सेवा कर अतिरिक्त देय होगा।सेवा की सुविधा, सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डाक विभाग ने आधुनिक तकनीकी सुविधाएँ भी शुरू की हैं। अब ग्राहक वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आधारित सुरक्षित वितरण, ऑनलाइन भुगतान विकल्प, रियल-टाइम डिलीवरी ट्रैकिंग, शॉर्ट मैसेज सर्विस (एसएमएस) आधारित सूचना, ऑनलाइन बुकिंग सेवाएँ और उपयोगकर्ता पंजीकरण जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।‘पंजीकरण’ और ‘वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) डिलीवरी’ जैसी मूल्य वर्धित सेवाएँ प्रति आइटम ₹5 शुल्क, साथ में लागू वस्तु एवं सेवा कर, पर उपलब्ध हैं। पंजीकरण सेवा सुनिश्चित करती है कि वस्तु केवल प्राप्तकर्ता या उसके अधिकृत प्रतिनिधि को ही वितरित की जाए, जबकि ओटीपी डिलीवरी सुविधा में वस्तु केवल तभी प्राप्तकर्ता को दी जाएगी, जब साझा किया गया सुरक्षित कोड सफलतापूर्वक पुष्टि हो।छात्रों को सुविधा प्रदान करने के लिए स्पीड पोस्ट शुल्क पर 10 प्रतिशत की छूट लागू की गई है, जबकि नए बल्क ग्राहकों के लिए 5 प्रतिशत की विशेष छूट भी उपलब्ध है।स्पीड पोस्ट की शुरुआत 1 अगस्त 1986 को भारतीय डाक के आधुनिकीकरण प्रयासों के तहत की गई थी। तब से यह सेवा देश की सबसे विश्वसनीय और कुशल डाक सेवाओं में विकसित हुई है और निजी लॉजिस्टिक्स प्रदाताओं के बीच भी मजबूती से प्रतिस्पर्धा कर रही है। इन नई सुविधाओं और शुल्क संशोधन के साथ, स्पीड पोस्ट अपनी प्रतिबद्धता दोबारा पुष्टि करती है कि यह राष्ट्र के लिए एक सुरक्षित, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-सक्षम डाक सेवा प्रदाता है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को बताया कि ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ के तहत पूरे देश में अब तक 9 लाख स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए हैं।
उन्होंने राजधानी में एक मीडिया कार्यक्रम में कहा कि इन शिविरों में अब तक 3.6 करोड़ से अधिक लोगों की उच्च रक्तचाप (Hypertension), मधुमेह (Diabetes), कैंसर और अन्य गैर-संक्रामक बीमारियों की जांच की जा चुकी है। नड्डा ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हुई थी और यह गांधी जयंती तक चलेगा। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2 तक यह आंकड़ा 4 करोड़ से ऊपर पहुँच सकता है।देशभर के इन स्वास्थ्य शिविरों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा (Cervical) कैंसर, मुँह के कैंसर और एनीमिया की जांच की गई है। साथ ही, गर्भवती महिलाओं के लिए जांच, बच्चों को जीवन रक्षक टीके, और परिवारों को पोषण (Nutrition) पर सलाह भी दी गई।इसके अलावा, इन शिविरों में तपेदिक (Tuberculosis) और सिक्ल सेल डिजीज (Sickle Cell Disease) की जांच, रक्तदाता पंजीकरण और नए आयुष्मान/प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) कार्ड जारी किए गए।नड्डा ने कहा कि पिछले दस साल में देश की स्वास्थ्य नीति में बदलाव हुआ है और 2014 के बाद से एक समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण (Holistic Health Approach) अपनाया गया है, जिसमें रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन, पहचान, इलाज और देखभाल शामिल हैं।उन्होंने बताया कि इस दिशा में सरकार ने 1,79,000 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए हैं, जो 140 करोड़ नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ने का पहला कदम हैं।इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब किसी महिला को गर्भधारण होता है, तो ASHA कार्यकर्ता उनकी सेहत, जांच और देखभाल की जानकारी राज्य सरकार के साथ साझा करती हैं।नड्डा ने यह भी कहा कि संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) की दर अब 79% से बढ़कर करीब 90% हो गई है। इसका कारण ASHA कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन देना और हर मातृ प्रसव को मुफ्त बनाना है, जिसमें अस्पताल आने-जाने के लिए परिवहन की सुविधा भी सरकार द्वारा दी जाती है।अंत में उन्होंने पीएम मोदी द्वारा शुरू किए गए फिट इंडिया मूवमेंट, पोषण अभियान (POSHAN Abhiyan) और खेलो इंडिया जैसे स्वास्थ्य एवं जीवनशैली सुधार कार्यक्रमों का जिक्र किया और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता में सुधार और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता को भी सराहा। -
नई दिल्ली। तमिलनाडु के करूर में भगदड़ की घटना के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज सोमवार को क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों से घटना के बारे में जानकारी ली। इस भगदड़ में अब तक बहुत से लोगों की मौत हो चुकी है, और कई घायल हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात करेंगी। इसके अलावा, वे घटना में घायल हुए लोगों से भी मुलाकात कर सकती हैं। उनके साथ केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन और तमिलनाडु भाजपा प्रमुख नैनार नागेंद्रन भी होंगे।इस बीच, आज सोमवार को चेन्नई में एक श्रद्धांजलि सभा रखी गई, जिसमें एआईएडीएमके सदस्यों की उपस्थिति में मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।गौरतलब हो, 27 सितंबर को तमिलनाडु के करूर में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) पार्टी के प्रमुख और अभिनेता विजय की रैली के दौरान भगदड़ हुई थी। विजय का भाषण सुनने के लिए भारी भीड़ जमा होने के बाद यह हादसा हुआ। अधिकारियों के अनुसार, उनके भाषण के अंत में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे रैली स्थल पर भीड़भाड़ बढ़ गई और भगदड़ मच गई।भगदड़ के समय बड़ी संख्या में लोग नीचे गिरने से दब गए, जिनमें से अभी तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश की कई बड़ी हस्तियों ने दुख व्यक्त किया। पीएम मोदी की तरफ से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की गई, जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपए सहायता राशि मिलेगी। वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भगदड़ के कारणों का पता लगाने और भविष्य के आयोजनों के लिए सुरक्षा उपायों की सिफारिश करने के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज के नेतृत्व में एक न्यायिक जांच का आदेश दिया है। -
नयी दिल्ली/पटना. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि सरकार छठ महापर्व को यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए प्रयासरत है और ऐसा होने पर दुनिया के कोने-कोने में लोग इस त्योहार की भव्यता और दिव्यता का अनुभव कर पाएंगे। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात' में प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि कुछ समय पहले सरकार के इसी तरह के प्रयासों के कारण कोलकाता की दुर्गा पूजा भी यूनेस्को की सूची का हिस्सा बनी। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पर्व, त्योहार भारत की संस्कृति को जीवंत बनाए रखते हैं। छठ पूजा ऐसा एक पावन पर्व है जो दिवाली के बाद आता है। सूर्य देव को समर्पित यह महापर्व बहुत ही विशेष है। इसमें हम डूबते (अस्ताचलगामी) सूर्य को भी अर्ध्य देते हैं, उनकी आराधना करते हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘छठ ना सिर्फ देश के अलग-अलग हिस्सों में मनाया जाता है, बल्कि दुनिया भर में इसकी छटा देखने को मिलती है। अब यह एक वैश्विक त्योहार बन रहा है।'' मोदी ने कहा, मुझे आपको यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि भारत सरकार भी छठ पूजा को लेकर एक बड़े प्रयास में जुटी हुई है। भारत सरकार छठ महापर्व को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल कराने का प्रयास कर रही है।'' उन्होंने कहा कि छठ पूजा के यूनेस्को की सूची में शामिल हो जाने पर दुनिया के कोने-कोने में लोग इसकी भव्यता और दिव्यता का अनुभव कर पाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘कुछ समय पहले भारत सरकार के ऐसे ही प्रयासों से कोलकाता की दुर्गा पूजा भी यूनेस्को की इस सूची का हिस्सा बनी। हम अपने सांस्कृतिक आयोजनों को ऐसे ही वैश्विक पहचान दिलाएंगे तो दुनिया भी उनके बारे में जानेगी, समझेगी, उनमें शामिल होने के लिए आगे आएगी।'' दिवाली के छह दिन बाद छठ महापर्व मनाया जाता है, जिस दौरान व्रती उदीयमान और अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देते हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि मोदी ने ‘मन की बात' में बिहारवासियों के दिल को छू लिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह दुर्गा पूजा को यूनेस्को की मान्यता मिली, उसी तरह छठ महापर्व भी जल्द इस सूची में शामिल हो जाएगा। बिहार सरकार ने छठ पूजा को यूनेस्को की सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
‘इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज' (इंटैक) के बिहार प्रमुख भैरव लाल दास ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि छठ से संबंधित दस्तावेज तैयार करने की जिम्मेदारी इंटैक को सौंपी गई है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को माओवादियों द्वारा दिए गए संघर्ष विराम के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि अगर चरमपंथी हथियार डालकर आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है और सुरक्षा बल उन पर एक भी गोली नहीं चलाएंगे। शाह ने कहा, “हाल ही में भ्रम फैलाने के लिए एक पत्र लिखा गया, जिसमें कहा गया कि अब तक जो कुछ हुआ है वह एक गलती है, युद्ध विराम घोषित किया जाना चाहिए और हम (नक्सली) आत्मसमर्पण करना चाहते हैं। मैं कहना चाहता हूं कि कोई संघर्षविराम नहीं होगा। अगर आप आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, तो संघर्षविराम की कोई जरूरत नहीं है। हथियार डाल दें, एक भी गोली नहीं चलेगी।” उन्होंने कहा कि यदि नक्सली आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, तो उनके लिए “लाभदायक” पुनर्वास नीति के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा। ‘नक्सल मुक्त भारत' पर आयोजित संगोष्ठी के समापन सत्र को संबोधित करते हुए शाह ने वामपंथी उग्रवाद को वैचारिक समर्थन देने के लिए वामपंथी दलों पर निशाना साधा और उनके इस तर्क को खारिज कर दिया कि विकास की कमी के कारण माओवादी हिंसा हुई। उन्होंने कहा कि यह “लाल आतंक” के कारण ही था कि कई दशकों तक देश के कई हिस्सों में विकास नहीं हो सका। शाह ने यह बात कुछ समय पहले भाकपा (माओवादियों) द्वारा की गई संघर्ष विराम की पेशकश के जवाब में कही। यह पेशकश सुरक्षा बलों द्वारा छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर चलाए गए “ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट” सहित कई शीर्ष नक्सलियों के सफाए के बाद की गई थी। मंत्री ने कहा कि ऐसे कई लोग हैं, जो मानते हैं कि नक्सलियों द्वारा की जा रही हत्याओं को रोकना ही भारत से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा, हालांकि यह सच नहीं है, क्योंकि भारत में नक्सलवाद इसलिए विकसित हुआ, क्योंकि इसकी विचारधारा को समाज के लोगों ने ही पोषित किया। उन्होंने कहा, “देश में नक्सल समस्या क्यों पैदा हुई, बढ़ी और विकसित हुई? किसने उन्हें वैचारिक समर्थन दिया? जब तक भारतीय समाज यह नहीं समझेगा, नक्सलवाद का विचार और समाज में वे लोग जिन्होंने वैचारिक समर्थन, कानूनी समर्थन और वित्तीय सहायता प्रदान की, तब तक नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई खत्म नहीं होगी।” शाह ने कहा, “हमें उन लोगों की पहचान करनी होगी और उन्हें समझना होगा जो नक्सल विचारधारा को पोषित करना जारी रखे हुए हैं।” गृहमंत्री ने कहा कि देश 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 75वें जन्मदिन के मौके पर आयोजित 'सेवा पखवाड़ा' के तहत रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में विशेष ‘नमो रन' का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों युवाओं ने हिस्सा लिया। एक बयान के अनुसार, यह दौड़ शहर के 15 स्थानों से शुरू हुई और कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में समाप्त हुई। बयान के अनुसार, ‘विकसित दिल्ली' के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में 7,500 से अधिक बच्चे और युवा शामिल हुए। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन देश निर्माण के प्रति युवाओं की ऊर्जा और उत्साह को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल दौड़ नहीं, बल्कि विकसित भारत और विकसित दिल्ली के संकल्प को पूरा करने के लिए एक जन आंदोलन है।'' गुप्ता ने बताया कि प्रतिभागियों ने सेंट्रल पार्क में तिरंगे के नीचे देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने की शपथ ली। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी और उनके बलिदान को याद किया। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि ‘नमो रन' सामूहिक संकल्प और जन भागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा, ‘‘बच्चों और युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि दिल्लीवासी प्रधानमंत्री के सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'' समापन समारोह में प्रतिभागियों को पदक, प्रमाणपत्र और पुरस्कार दिए गए। बयान के अनुसार, इस अवसर पर सरकारी अधिकारी, प्रशिक्षक और शारीरिक शिक्षक भी मौजूद थे।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने से महज कुछ दिन पहले रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि निस्वार्थ सेवा की भावना और अनुशासन का पाठ ही संघ की असली ताकत है और इसके स्वयंसेवकों के प्रत्येक कार्य में ‘राष्ट्र प्रथम' को प्राथमिकता दी जाती है। मोदी ने अपने मासिक ‘मन की बात' संबोधन में कहा कि केशव बलिराम हेडगेवार ने देश को बौद्धिक गुलामी से मुक्त कराने के लिए 1925 में विजयादशमी के दिन आरएसएस की स्थापना की थी और तब से इसकी यात्रा जितनी प्रेरणादायक है उतनी ही उल्लेखनीय और अभूतपूर्व भी रही है। खुद आरएसएस के प्रचारक रहे मोदी ने हेडगेवार के उत्तराधिकारी एम एस गोलवलकर की भी प्रशंसा की और कहा कि उनका यह कथन कि “यह मेरा नहीं है, यह राष्ट्र का है” लोगों को स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्र के प्रति समर्पण के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा, "गुरुजी गोलवलकर के इस कथन ने लाखों स्वयंसेवकों को त्याग और सेवा का मार्ग दिखाया है। त्याग, सेवा और इससे मिलने वाला अनुशासन ही संघ की वास्तविक ताकत है। आज सौ वर्षों से भी अधिक समय से आरएसएस राष्ट्र सेवा में निरंतर जुटा हुआ है।” हाल ही में कुछ मौकों पर प्रधानमंत्री ने संगठन की उदारतापूर्वक प्रशंसा की है। इससे पहले उन्होंने इस साल स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में संगठन की सराहना की थी, इसके अलावा 11 सितंबर को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के जन्मदिन पर उनके नेतृत्व को सराहा था। अगले सप्ताह विजयादशमी पर आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष पूरे हो जाएंगे। संगठन को सत्तारूढ़ भाजपा की वैचारिक संस्था माना जाता है। मोदी ने कहा कि जब संघ की स्थापना हुई थी, तब देश सदियों से गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था और देश के स्वाभिमान व आत्मविश्वास को गहरी चोट पहुंची थी। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता को पहचान के संकट से जूझना पड़ रहा था।
मोदी ने कहा, “हमारे देशवासी हीन भावना का शिकार हो रहे थे। इसलिए देश की आजादी के साथ-साथ यह भी जरूरी था कि यह बौद्धिक गुलामी से मुक्त हो।” उन्होंने कहा कि देश में कहीं भी प्राकृतिक आपदा आने पर आरएसएस के स्वयंसेवक सबसे पहले पहुंचते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, “लाखों स्वयंसेवकों के हर कार्य और हर प्रयास में "राष्ट्र प्रथम" की भावना सदैव सर्वोपरि रहती है।” मोदी ने ‘मन की बात' के 126वें संस्करण में एक बार फिर स्वदेशी पर जोर देते हुए लोगों से दो अक्टूबर को गांधी जयंती पर खादी की कोई वस्तु खरीदने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “वोकल फोर लोकल को खरीदारी का मंत्र बना दीजिए। ठान लीजिए, हमेशा के लिए, जो देश में तैयार हुआ है, वही खरीदेंगे। जिसे देश के लोगों ने बनाया है, वही घर ले जाएंगे। जिसमें देश के किसी नागरिक की मेहनत है, उसी सामान का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा, “जब हम ऐसा करते हैं, तो हम सिर्फ कोई सामान नहीं खरीदते, हम किसी परिवार की उम्मीदों को जगाते हैं, किसी कारीगर की मेहनत को सम्मान देते हैं, किसी युवा उद्यमी के सपनों को पंख देते हैं।” मोदी ने यह भी कहा कि सरकार छठ पर्व को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल कराने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के इसी तरह के प्रयासों के कारण, कोलकाता की दुर्गा पूजा भी इस यूनेस्को सूची का हिस्सा बन गई है। प्रधानमंत्री ने नाविका सागर परिक्रमा के दौरान अदम्य साहस और अडिग संकल्प का उदाहरण पेश करने वालीं नौसेना की महिला अधिकारियों - लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा से भी बात की। उन्होंने उनके प्रयासों की सराहना की और कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रही हैं।
आगामी गांधी जयंती का उल्लेख करते हुए, मोदी ने कहा कि दुर्भाग्य से आजादी के बाद भारत में खादी के प्रति आकर्षण कम हो गया। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, पिछले 11 वर्षों में, खादी के प्रति आकर्षण में उल्लेखनीय रूप से बढ़ोतरी हुई है और इसकी बिक्री लगातार बढ़ रही है। मैं आपसे दो अक्टूबर को खादी उत्पाद खरीदने का आग्रह करता हूं। ” प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह और प्रख्यात गायिका लता मंगेशकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “अमर शहीद भगत सिंह हर भारतीय, खासकर देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।”
लता मंगेशकर के योगदान की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने देशभक्ति के गीत गाए हैं जिनसे लोगों को बहुत प्रेरणा मिली है। रेडियो प्रसारण के दौरान मंगेशकर का गाया गीत 'ज्योति कलश छलके' भी बजाया गया।
रामायण के रचयिता और विशेष रूप से दलितों के बीच पूजनीय संत वाल्मीकि की जयंती सात अक्टूबर से पहले मोदी ने कहा कि अयोध्या में राम के मंदिर के साथ-साथ निषादराज और महर्षि वाल्मीकि को समर्पित मंदिर भी बनाए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘रामायण का यह प्रभाव मंदिर में निहित भगवान राम के आदर्शों और मूल्यों के कारण है। भगवान राम ने सेवा, सद्भाव और करुणा की भावना से सभी को गले लगाया। इसलिए हमें लगता है कि महर्षि वाल्मीकि की रामायण के राम माता शबरी और निषादराज के साथ ही पूर्ण हैं।'' उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि जब वे राम मंदिर जाएं तो इन मंदिरों के भी दर्शन करें।
मोदी ने इस दौरान असम के प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने प्रसिद्ध कन्नड़ लेखक एस.एल. भैरप्पा को भी श्रद्धांजलि दी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद भगत सिंह और ‘भारत रत्न’ लता मंगेशकर की जयंती पर उन्हें नमन किया है। ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 126वें एपिसोड को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने उन दोनों महान हस्तियों के योगदान को भी याद किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भगत सिंह को एक प्रेरणा पुंज बताते हुए कहा, “अमर शहीद भगत सिंह हर भारतवासी और खासकर युवाओं के लिए प्रेरणा पुंज हैं। निर्भीकता उनके स्वभाव में कूट-कूटकर भरी थी। देश के लिए फांसी के फंदे पर झूलने से पहले शहीद भगत सिंह ने अंग्रेजों को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा था कि मैं चाहता हूं कि आप मुझसे और मेरे साथियों से युद्ध बंदी जैसा व्यवहार करें, इसलिए हमारी जान फांसी से नहीं, बल्कि गोली मारकर ली जाए।”उन्होंने कहा, “यह उनके अदम्य साहस का प्रमाण है। शहीद भगत सिंह लोगों की पीड़ा के प्रति भी बहुत संवेदनशील थे और मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे। मैं शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।”लता मंगेशकर की जयंती पर प्रधानमंत्री ने उनके संगीतमय योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा, “लता मंगेशकर की जयंती है। भारतीय संस्कृति और संगीत में रुचि रखने वाला कोई भी उनके गीतों को सुनकर अभिभूत हुए बिना नहीं रह सकता है। उनके गीतों में वह सब कुछ है, जो मानवीय संवेदनाओं को झकझोरता है। उन्होंने देशभक्ति के जो गीत गाए, उन्होंने लोगों को बहुत प्रेरित किया। भारत की संस्कृति से भी गहरा जुड़ाव था। मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।”इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर का भी जिक्र किया, जिनसे लता मंगेशकर गहरे रूप से प्रेरित थीं। पीएम मोदी ने कहा, “लता दीदी, जिन महान विभूतियों से प्रेरित थीं, उनमें वीर सावरकर भी एक हैं, जिन्हें वे ‘तात्या’ कहती थीं। उन्होंने वीर सावरकर के कई गीतों को अपने सुरों में पिरोया।”प्रधानमंत्री मोदी ने लता मंगेशकर के साथ अपने रिश्ते को याद करते हुए कहा, “मेरा लता दीदी से स्नेह का जो बंधन था, वो हमेशा कायम रहा। वह मुझे बिना बोले हर साल राखी भेजा करती थीं। मुझे याद है, मराठी सुगम संगीत की महान हस्ती सुधीर फड़के ने सबसे पहले लता दीदी से मेरा परिचय कराया था। मैंने उन्हें बताया था कि उनका गाया और सुधीर जी की ओर से संगीतबद्ध ‘ज्योति कलश छलके’ मुझे बहुत पसंद है।” ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने वह गीत भी सुनाया। -
नयी दिल्ली.। उच्चतम न्यायालय ने ‘बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर' (बीपीडी) से पीड़ित वास्तुकला में स्नातक प्रथम वर्ष के एक छात्र की याचिका पर आईआईटी खड़गपुर और अन्य से जवाब मांगा है। छात्र ने चिकित्सा आधार पर आईआईटी दिल्ली में स्थानांतरण किये जाने का अनुरोध किया है। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर, आईआईटी दिल्ली और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को नोटिस जारी किया है। पीठ ने कहा, ‘‘प्रतिवादियों को नोटिस जारी किये जाते हैं, जिनका जवाब 10 अक्टूबर 2025 तक दिया जाये।''
बीपीडी एक मानसिक विकार है, जिसमें व्यक्ति की भावनाओं, आत्म-छवि और रिश्तों में अस्थिरता होती है, जिसके कारण वे तीव्र और अनियंत्रित व्यवहार प्रदर्शित करते हैं। याचिकाकर्ता ने अधिवक्ता विपिन नायर के माध्यम से दायर अपनी याचिका में दलील दी कि सभी निर्धारित प्रक्रियाओं और स्थापित मिसालों के अनुपालन के बावजूद उन्हें स्थानांतरण से वंचित कर दिया गया। याचिका में कहा गया है, ‘‘यह चिकित्सा सुविधा खड़गपुर में उपलब्ध नहीं है और इसलिए एम्स दिल्ली में इलाज कराने का अनुरोध किया गया है, जो आईआईटी दिल्ली के बहुत करीब है।'' इसमें कहा गया है, ‘‘वर्तमान मामले जैसे मामलों में लागू स्थानांतरण नियम स्पष्ट रूप से चिकित्सा आधार पर ऐसे स्थानांतरण की अनुमति देते हैं।'' याचिकाकर्ता को ‘बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर' नामक बीमारी है, जिसके लिए एम्स, दिल्ली में उपलब्ध विशेष ‘रिपीटिटिव ट्रांसक्रेनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन' थेरेपी और माता-पिता की देखरेख की आवश्यकता है। छात्र का दावा है कि आईआईटी खड़गपुर द्वारा स्थानांतरण से इनकार करने के कारण उसे जीवन रक्षक चिकित्सा उपचार नहीं मिल पाया। उसने दावा किया कि संस्थान ने अन्य छात्रों के लिए भी इसी तरह के चिकित्सा स्थानांतरण को मंजूरी दी है। - शिमला। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में दो अक्टूबर को विजयादशमी से शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव से पहले सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। कुल्लू शहर के ढालपुर मैदान में इस सात दिवसीय उत्सव में लगभग चार-पांच लाख लोग आते हैं। इस उत्सव का स्थानीय अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। यह पर्यटकों को आकर्षित करता है तथा स्थानीय हस्तशिल्प और कारीगरों को बढ़ावा देता है। इस भव्य उत्सव में 200 से अधिक देवी-देवताओं की प्रतिमाएं शामिल की जाती हैं। इसे एक अंतरराष्ट्रीय उत्सव का दर्जा दिया गया है। कानून व्यवस्था बनाये रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मध्य रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) राहुल नाथ को उत्सव व्यवस्था का समग्र प्रभारी नियुक्त किया गया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी ने शनिवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि नाथ कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात और प्रोटोकॉल कर्तव्यों के सभी पहलुओं पर प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन त्योहार के संबंध में कानून एवं व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और प्रोटोकॉल कर्तव्यों के लिए विशेष रूप से जिम्मेदार होंगे, जबकि मंडी के पनोह स्थित तीसरी भारतीय रिजर्व बटालियन के कमांडेंट पदम चंद मेला स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा और तैनाती के प्रभारी होंगे। बयान में कहा गया है कि दो वर्षों तक कुल्लू के पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य कर चुके पदम चंद दशहरा उत्सव की सुरक्षा व्यवस्था से अच्छी तरह परिचित हैं और सुरक्षा व्यवस्था की योजना बनाने एवं उसे क्रियान्वित करने में अपने पिछले अनुभव का उपयोग करेंगे। इस उत्सव का इतिहास 17वीं शताब्दी का है, जब स्थानीय राजा जगत सिंह ने प्रायश्चित के प्रतीक के रूप में अपने सिंहासन पर रघुनाथ की मूर्ति स्थापित की थी। इसके बाद, भगवान रघुनाथ को घाटी का शासक देवता घोषित किया गया।
- कोलकाता.। क्रिसिल इंटेलिजेंस ने अपनी सितंबर की रिपोर्ट में कहा कि भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका के उच्च शुल्क लगाने से देश की वृद्धि के लिए एक बड़ा जोखिम पैदा हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि शुल्क भारतीय वस्तुओं के निर्यात और निवेश दोनों को प्रभावित करेंगे।हालांकि, क्रिसिल इंटेलिजेंस ने यह भी कहा कि कम मुद्रास्फीति और ब्याज दरों में कटौती से प्रेरित घरेलू खपत से वृद्धि को समर्थन मिलने की उम्मीद है। देश की जीडीपी वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में बढ़कर 7.8 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 7.4 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में कहा गया कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति के चालू वित्त वर्ष में पिछले वर्ष के 4.6 प्रतिशत से घटकर 3.5 प्रतिशत रहने की संभावना है। इसमें यह भी कहा गया कि कृषि क्षेत्र की अच्छी वृद्धि से खाद्य मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहने की उम्मीद है, हालांकि अत्यधिक वर्षा के प्रभाव का अभी पूरी तरह से आकलन नहीं किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि कच्चे तेल की कम कीमतों और वैश्विक स्तर पर जिंस कीमतों में नरमी से गैर-खाद्य मुद्रास्फीति पर लगाम लगने की उम्मीद है।







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