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- पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बिहार प्रदेश चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को पटना में घर-घर चुनाव प्रचार अभियान शुरू किया। प्रधान ने इस दौरान दीघा विधानसभा क्षेत्र के आदर्श चौक, वेस्टर्न पटेल नगर और अन्य इलाकों का दौरा कर लोगों से मुलाकात की। उन्होंने इस दौरान लोगों से बातचीत की और स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया।केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘जनसंपर्क के दौरान मिले अपार स्नेह और समर्थन से यह स्पष्ट है कि बिहार की जनता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सशक्त नेतृत्व में राजग की सरकार बनाने का संकल्प ले चुकी है।'' प्रधान ने लोगों से केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से हो रहे लाभों के बारे में प्रतिक्रिया भी ली। उन्होंने कहा कि जनता बदलते बिहार को लेकर सकारात्मक राय रख रही है और भाजपा के जनसंपर्क अभियान की सराहना कर रही है। इस मौके पर पटना साहिब से सांसद रविशंकर प्रसाद, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ऋतुराज सिन्हा और पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी संजय मयूख भी उनके साथ मौजूद थे।
- नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को यहां संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में स्वयंसेवकों के वार्षिक पथ संचलन का निरीक्षण किया। आरएसएस की स्थापना केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में नागपुर में की थी।इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले भी उपस्थित थे। वैसे तो पारंपरिक रूप से आरएसएस का पथ संचलन विजयादशमी या दशहरा के अवसर पर आयोजित किया जाता है, लेकिन इस वर्ष इसे त्योहार से कई दिन पहले निकाला गया। अलग-अलग पथ संचलन तीन स्थानों (कस्तूरचंद पार्क, यशवंत स्टेडियम और विदर्भ हॉकी ग्राउंड) से शुरू हुए और वेरायटी स्क्वायर पर एकत्रित हुए, जहां भागवत ने मंच से संयुक्त पंथसंचलन का निरीक्षण किया। इस अवसर पर भागवत ने संघ प्रार्थना की ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी की।संप्रमुख ने अपने संबोधन में कहा, "संघ प्रार्थना भारत माता के प्रति भक्ति, प्रेम और समर्पण की अभिव्यक्ति है। यह इस बात की प्रार्थना है कि हम देश को क्या दे सकते हैं और फिर ईश्वर से प्रार्थना है कि वह हमें देश की सेवा करने में मदद करें।"
- नयी दिल्ली ।आगरा का ताजमहल वित्तीय वर्ष 2024-25 में घरेलू और विदेशी पर्यटकों के बीच, केंद्र द्वारा संरक्षित एवं प्रवेश शुल्क वाला सबसे लोकप्रिय स्मारक रहा। पर्यटन मंत्रालय की ओर से 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर जारी रिपोर्ट से यह जानकारी मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में विदेशी पर्यटकों के आगमन (एफटीए) का आंकड़ा 2024 में 99.5 लाख तक पहुंच गया, जो 2023 से 4.52 फीसदी अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित एवं प्रवेश शुल्क वाले स्मारकों में “ताजमहल घरेलू (62.6 लाख) और विदेशी (6.45 लाख) पर्यटकों, दोनों के आगमन के लिहाज से शीर्ष पर रहा।” मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में ताजमहल बनवाया था। इस भव्य स्मारक का निर्माण 1631 से 1648 के बीच हुआ था और यह यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू पर्यटकों के बीच लोकप्रिय, अन्य प्रवेश शुल्क वाले स्मारकों में ओडिशा का कोणार्क स्थित सूर्य मंदिर (35.7 लाख) और दिल्ली स्थित कुतुब मीनार (32 लाख) शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि विदेशी पर्यटकों के बीच ताजमहल के बाद आगरा किला (2.2 लाख पर्यटक) और कुतुब मीनार (2.2 लाख पर्यटक) का स्थान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में भारत की यात्रा करने वाले प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) की संख्या 1.062 करोड़ तक पहुंच गई, जो 2023 के मुकाबले 13.22 फीसदी और 2019 के महामारी-पूर्व स्तर की तुलना में 52.15 प्रतिशत अधिक है। इसमें कहा गया है कि 2024 में भारत में अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आगमन (आईटीए) 2.05 करोड़ तक पहुंच गया, जो एक साल पहले की तुलना में 8.89 फीसदी और 2019 के मुकाबले 14.82 प्रतिशत की वृद्धि है। केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
- संयुक्त राष्ट्र।. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत आजादी के बाद से ही आतंकवाद की चुनौती का सामना कर रहा है जबकि उसका पड़ोसी देश ‘वैश्विक आतंकवाद का केंद्र' रहा है। जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र की आम बहस को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान की सीमा पार बर्बरता का सबसे ताजा उदाहरण पहलगाम हमला है। जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से दुनिया भर के नेताओं को संबोधित करते हुए “भारत की जनता की ओर से नमस्कार” के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने स्पष्ट रूप से पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि दशकों से बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी हमलों का कारण इसी एक देश को माना जाता रहा है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा हॉल में उपस्थित लोगों की तालियों के बीच कहा, “भारत आजादी के बाद से ही आतंकवाद की चुनौती का सामना कर रहा है क्योंकि उसका पड़ोसी देश वैश्विक आतंकवाद का केंद्र रहा है।” विदेश मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादियों की सूची में पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल हैं।उन्होंने कहा, “पड़ोसी मुल्क की सीमा पार से हुई बर्बरता का सबसे ताजा उदाहरण इस साल अप्रैल में पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों की हत्या है।” जयशंकर ने कहा, “भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने लोगों की रक्षा करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया और आतंकवाद के आकाओं और अपराधियों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया।” भारत ने आगाह किया कि जो लोग आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देशों का समर्थन करते हैं, उन्हें पता चलेगा कि यह उन्हें ही काटेगा। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।
- ठाणे.। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में शनिवार को 22 वर्षीय युवक ने प्रेमिका से विवाद के बाद आवासीय इमारत की 11वीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह घटना डोंबिवली के उमेश नगर इलाके में हुई, जहां ऋषिकेश परब ने इमारत से छलांग लगा दी। यह घटना मोबाइल के कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।पुलिस के मुताबिक, इमारत की छठी मंजिल पर रहने वाले ऋषिकेश की सुबह फोन पर अपनी गर्लफ्रेंड से बहस हो गई थी, जिसके बाद उसने अपना फोन घर के अंदर फेंक दिया और सुबह करीब आठ बजे इमारत की छत पर चला गया। विष्णु नगर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राम चोपड़े ने बताया कि इसके बाद ऋषिकेश ने दोपहर करीब 12 बजे इमारत की 11वीं मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई। चोपड़े ने बताया, ‘‘प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि प्रेमिका से विवाद के कारण ऋषिकेश ने आत्महत्या की। फिलहाल आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।'' उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस घटना का वीडियो साझा न करें और मृत युवक के परिजनों की भावनाओं का सम्मान करें। file photo
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नयी दिल्ली. नासा-इसरो के संयुक्त उपग्रह से प्राप्त पहली तस्वीरों में अमेरिका के संकरे जलमार्ग, द्वीप समूह, जंगल व आर्द्रभूमि और बड़े-बड़े खेत दिखाई दिये। नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (निसार) उपग्रह से प्राप्त पहली तस्वीरें इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने जारी की। ‘निसार' को अब तक का सबसे महंगा उपग्रह बताया जा रहा है।
‘मेन' तट पर स्थित माउंट डेजर्ट द्वीप की 21 अगस्त को ली गई एक तस्वीर में द्वीप के बीचों बीच से गुजरते संकरे जलमार्ग और उसके आसपास पानी में मौजूद छोटे-छोटे द्वीप दिखाई दे रहे हैं। ‘एल-बैंड' एसएआर ने 23 अगस्त को ग्रैंड फोर्क्स और वॉल्श काउंटियों से घिरे उत्तर-पूर्वी नॉर्थ डकोटा के एक हिस्से का डेटा एकत्र किया। तस्वीर में फॉरेस्ट नदी पश्चिम से पूर्व की ओर और उत्तर व दक्षिण की ओर खेतों से होकर गुजरती हुई दिखाई दे रही है। गहरे हरे रंग के परती कृषि भूमि को दर्शाते हैं जबकि हल्के रंग चारागाह या सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों की उपस्थिति को दर्शाते हैं। वाशिंगटन स्थित नासा मुख्यालय में विज्ञान मिशन निदेशालय की एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर निकी फॉक्स ने बताया, “ये शुरुआती तस्वीरें उस गहन वैज्ञानिक खोज की एक झलक मात्र हैं, जो भविष्य में निसार द्वारा ली जाएंगी। ये आंकड़े और जानकारियां वैज्ञानिकों को पृथ्वी की बदलती जमीन व बर्फ की सतहों का अभूतपूर्व विस्तार से अध्ययन करने में सक्षम बनाएंगी तथा नीति निर्माताओं को प्राकृतिक आपदाओं और अन्य चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करेंगी। ‘निसार' उपग्रह को 30 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित इसरो के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया गया था। -
नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तीन अक्टूबर को यहां चौथे कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन (केईसी 2025) का उद्घाटन करेंगी। इस बार सम्मेलन का विषय 'अशांत समय में समृद्धि की तलाश' है।
वित्त मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर पांच अक्टूबर को भारत की विदेश और आर्थिक नीति पर विचार-विमर्श के साथ इस सम्मेलन का समापन करेंगे। इसमें कहा गया कि तीन दिवसीय केईसी 2025 एक गतिशील मंच है, जो भारत की घरेलू प्राथमिकताओं को वैश्विक नजरिये के साथ जोड़ेगा और उथल-पुथल के दौर में समृद्धि का मार्ग तैयार करेगा। इसमें कहा गया कि अपने समृद्ध अनुभव के आधार पर केईसी ने समकालीन चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए 30 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 75 विदेशी प्रतिभागियों के साथ अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को बढ़ाया है। -
नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि संगठन की 'प्रार्थना' भारत माता की प्रार्थना और देश एवं ईश्वर के प्रति संघ के स्वयंसेवकों का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि जहां व्यक्तिगत संकल्प प्रत्येक स्वयंसेवक के दृष्टिकोण तक सीमित रहते हैं, वहीं साझा मिशन और मूल्य संघ की प्रार्थना से उत्पन्न होते हैं, जिसका प्रतिदिन पाठ किया जाता है। भागवत ने नागपुर के रेशमबाग महर्षि व्यास सभागार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान संघ की प्रार्थना का ऑडियो जारी किया, जिसे गायक शंकर महादेवन ने आवाज दी है। कार्यक्रम में अभिनेता सचिन खेडेकर, वरिष्ठ प्रस्तोता हरीश भिमानी और संगीतकार राहुल रानाडे भी उपस्थित थे। नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में भागवत ने कहा, “यह भारत माता के प्रति भक्ति, प्रेम और समर्पण को अभिव्यक्ति है। यह प्रार्थना है कि हम देश को क्या दे सकते हैं और फिर ईश्वर से प्रार्थना है कि देश सेवा में हमारी सहायता करे। ” उन्होंने कहा कि ऑडियो जारी होने के साथ ही यह प्रार्थना ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि प्रार्थना एक भावना है जो स्वयंसेवकों को मातृभूमि के प्रति भक्ति, प्रेम और समर्पण के सामूहिक संकल्प में मदद करती है। यह गीत लंदन के एक स्टूडियो में रॉयल फिलहारमोनिक ऑर्केस्ट्रा के साथ रिकॉर्ड किया गया था, जिसमें सभी संगीतकार विदेशी थे। महादेवन ने इस संगीतमय प्रस्तुति में अपनी आवाज दी है जबकि मराठी में खेडेकर ने और हिंदी में भिमानी ने वर्णन किया। आठ अलग-अलग भाषाओं में स्वर दिए गए।
संघ की मूल प्रार्थना के रचनाकार नरहरि नारायण भिड़े थे और पहली बार यादव राव जोशी ने 23 अप्रैल, 1940 को पुणे में संघ शिक्षा वर्ग में इसे गाया था। प्रार्थना का प्रारंभिक प्रारूप 1939 में पुणे में एक बैठक के दौरान तैयार किया गया था। भागवत ने कहा, "संघ प्रार्थना भारत माता की प्रार्थना है। 1940 से स्वयंसेवक प्रतिदिन इसका पाठ करते हैं। यह प्रार्थना संघ का सामूहिक संकल्प है। प्रार्थना की भावना संकल्प की शक्ति है, और यह मातृभूमि के प्रति भक्ति, प्रेम व समर्पण का प्रतीक है। -
नयी दिल्ली. सरकार संसद की स्थायी समितियों का कार्यकाल बढ़ाकर दो साल करने पर विचार कर रही है, क्योंकि कुछ सांसदों ने शिकायत की है कि मौजूदा एक साल का कार्यकाल कोई सार्थक योगदान देने के लिए बहुत कम है। सरकार लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन के साथ विचार-विमर्श के बाद इस संबंध में कोई निर्णय ले सकती है। संसदीय समितियों का नया कार्यकाल आमतौर पर सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में प्रारंभ होता है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि समितियां किस तारीख को गठित की गई हैं। संसद से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कुछ सदस्यों ने सरकार से समितियों का कार्यकाल वर्तमान एक साल से बढ़ाकर कम से कम दो साल करने का अनुरोध किया था ताकि समितियां विचार-विमर्श के लिए चुने गए विषयों पर प्रभावी ढंग से विचार कर सकें। नई लोकसभा के गठन के तुरंत बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के परामर्श से समितियों का गठन किया जाता है, जिन्हें सदन में उनकी संख्या के अनुपात में इन समितियों की अध्यक्षता का दायित्व सौंपा जाता है। आमतौर पर नई लोकसभा के कार्यकाल की शुरुआत में नामित अध्यक्ष, हर साल समितियों के गठन के दौरान अपने पद पर बने रहते हैं, जब तक कि किसी राजनीतिक दल द्वारा बदलाव का अनुरोध न किया जाए। कई बार सदस्य किसी अन्य समिति का हिस्सा बनना चाहते हैं और ऐसे अनुरोधों पर संबंधित सदनों के पीठासीन अधिकारियों द्वारा भी सकारात्मक रूप से विचार किया जाता है। संसद की 24 विभाग-संबंधित स्थायी समितियां हैं। इनमें आठ की अध्यक्षता राज्यसभा के सदस्य करते हैं, जबकि 16 का नेतृत्व लोकसभा के सदस्य करते हैं। संसदीय प्रणाली में वित्तीय समितियां, तदर्थ समितियां और अन्य समितियां भी शामिल हैं जिनका गठन समय-समय पर विधेयकों और अन्य मुद्दों पर विचार के लिए किया जाता है।
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नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन 2029 तक चालू हो जाएगी और गुजरात में सूरत और बिलिमोरा के बीच भारत के पहले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का 50 किमी का हिस्सा 2027 तक खुलने की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने निर्माणाधीन सूरत स्टेशन का निरीक्षण किया, जिसमें ट्रैक बिछाने और पहला टर्नआउट शामिल था। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, बुलेट ट्रेन से मुंबई और अहमदाबाद के बीच की दूरी दो घंटे सात मिनट में तय की जा सकेगी, जबकि गूगल मैप्स पर यह दूरी 9 घंटे की दिखाई जाती है।केंद्रीय मंत्री ने कहा, “पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की कुल प्रगति बहुत अच्छी रही है। सूरत और बिलिमोरा के बीच पहला 50 किमी का सेक्शन 2027 तक खुल जाएगा। 2028 तक, ठाणे-अहमदाबाद सेक्शन चालू हो जाएगा और 2029 तक पूरी मुंबई-अहमदाबाद लाइन खुल जाएगी।”केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया, जिसमें ट्रैक के किनारे वाइब्रेशन एब्जॉर्ब करने वाले सिस्टम और तेज हवा और भूकंप से निपटने के लिए खास सुरक्षा सुविधाएं शामिल हैं।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सूरत स्टेशन पर निर्माण कार्य पूरा हो गया है और ट्रैक जोड़ने के साथ-साथ फिनिशिंग और यूटिलिटी का काम चल रहा है। पहले टर्नआउट को रोलर बियरिंग और कंपोजिट स्लीपर जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी से लगाया गया है। मेन लाइन को 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि लूप लाइन 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। सेवाओं को इस तरह डिजाइन किया गया है कि सुबह और शाम के पीक टाइम में हर आधे घंटे में एक ट्रेन चलेगी।केंद्रीय मंत्री ने पहले कहा था कि जब पूरा नेटवर्क स्थिर हो जाएगा तो पीक टाइम में हर 10 मिनट में एक ट्रेन चलेगी। इस प्रोजेक्ट से कॉरिडोर के किनारे प्रमुख शहरों की अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ जोड़ने और जापान की हाई-स्पीड रेल के बाद हुए विकास की तरह क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।508 किमी लंबी मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भारत का पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट है।( -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 के दूसरे दिन 21 कंपनियों ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इससे इस कार्यक्रम में निवेश के लिए समझौतों की कुल कीमत 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गई है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इन 21 कंपनियों ने 25,000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश का वादा किया। भारत मंडपम में समिट के दूसरे दिन वैश्विक नियामक, इंडस्ट्री लीडर्स, स्टार्टअप और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया। बातचीत में सस्टेनेबिलिटी, टेक्नोलॉजी, निवेश और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर ध्यान केंद्रित किया गया।खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने कार्यक्रम के पांच स्तंभों पर केंद्रित 13 सत्र आयोजित किए। इसमें पेट फूड, स्पेशलिटी फूड, न्यूट्रास्यूटिकल्स, शराब और प्लांट-बेस्ड फूड जैसे मुख्य विषय शामिल थे। बयान में कहा गया कि इस दिन उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, झारखंड और बिहार जैसे भागीदार राज्यों के साथ न्यूजीलैंड, वियतनाम, जापान और रूस के प्रतिनिधिमंडलों के सत्र भी हुए।कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण और विश्व बैंक ने भी चर्चाएं आयोजित कीं। बयान में कहा गया कि सम्मेलन के हिस्से के रूप में, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में सहयोग को मजबूत करने के लिए रूस और पुर्तगाल के समकक्षों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें हुईं।इसी समय, भारत समुद्री खाद्य निर्यातक संघ द्वारा आयोजित 24वें इंडिया इंटरनेशनल सीफूड शो में देश की बढ़ती समुद्री खाद्य निर्यात क्षमता और वैश्विक बाजार के संबंध दिखाए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 कार्यक्रम के पहले दिन कहा कि भारत में विविधता, मांग और पैमाने की ट्रिपल ताकत है।पीएम मोदी ने भी जोर देते हुए कहा कि घरेलू मांग में यह ताकत भारत को प्रतिस्पर्धी बढ़त देती है और इसे निवेशकों के लिए पसंदीदा स्थान बनाती है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत की पहचान दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में होती है। इनमें से कई सारे स्टार्टअप्स फूड और एग्रीकल्चर सेक्टर में काम कर रहे हैं। भारत में डाइवर्सिटी, डिमांड और इनोवेशन सभी कुछ मौजूद हैं। इन्वेस्टमेंट का भारत में विस्तार करने का यही समय है। -
नई दिल्ली। गुजरात के उधना (सूरत) और ओडिशा के बरहामपुर के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत हो चुकी है। ट्रेन यात्रियों ने नई सुविधा से लैस अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा के झारसुगुड़ा में आयोजित कार्यक्रम से वर्चुअली अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर सूरत में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मौजूद रहे।
अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए दोनों राज्यों के बीच किफायती और आरामदायक संपर्क बनाने और प्रमुख आर्थिक जिलों को जोड़ने की कोशिश की गई है। ट्रेन यात्रियों का कहना है कि दीवाली और छुट्टियों में ओडिशा जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। उन्होंने नई सुविधा से लैस अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया।माधव प्रधान ने बताया कि सूरत से बरहामपुर जाना पहले मुश्किल था, क्योंकि ट्रेन सीधे बरहामपुर तक नहीं जाती थी। अब अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत होने से फायदा होगा।अजय दुबे ने कहा, “जो ट्रेन शुरू हुई है, यह बेहद अच्छा फैसला है। इससे पहले ट्रेनों में भारी भीड़ रहती थी, लेकिन नई ट्रेन शुरू होने से भीड़ कम होगी और लोगों को सफर में सुविधा होगी।”कैलाश साईं ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस ट्रेन के शुरू होने से अब उन्हें अपने घर आने-जाने में सुविधा होगी। इससे पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शनिवार को सूरत पहुंचे और उधना रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी ली। उनके साथ केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी मौजूद रहे।अश्विनी वैष्णव ने कहा कि उधना रेलवे स्टेशन का भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नवनिर्माण हो रहा है। सूरत एक तेजी से विकसित होने वाला शहर है और यहां इकोनॉमिक एक्टिविटी के कारण देशभर के लोग काम करने के लिए आते हैं। यहां टेक्सटाइल और डायमंड सेंटर हैं। यहां से ट्रेन की डिमांड बहुत होती है।( -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा के झारसुगुड़ा से भारत के पूरी तरह स्वदेशी 4जी स्टैक और 97,500 से अधिक बीएसएनएल टावरों के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि ये टावर देश के दूर-दराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की नई क्रांति लाने जा रहे हैं। 4जी तकनीक के विस्तार से देश भर में 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
पीएम मोदी ने कहा, “भारत की कंपनियों ने देश को दुनिया के उन पांच देशों की सूची में ला खड़ा किया है, जिनके पास 4जी सर्विसेज शुरू करने की पूरी तरह स्वदेशी टेक्नोलॉजी उपलब्ध है। बीएसएनएल अपनी स्थापना का 25वां वर्ष मना रहा है। बीएसएनएल और उसके सहयोगियों की मेहनत से आज भारत ग्लोबल टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।”उन्होंने इस टेक्नोलॉजी की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि आज देश ने आत्मनिर्भरता की ओर बहुत बड़ा कदम उठाया है। जब टेलीकॉम की दुनिया में 2जी, 3जी और 4जी जैसी सेवाएं शुरू हुईं तो उनमें भारत बहुत पीछे रह गया था। 2जी, 3जी और 4जी जैसी सर्विसेज की टेक्नोलॉजी के लिए भारत विदेशों पर निर्भर रहा। ऐसी स्थिति देश के लिए ठीक नहीं थी। इसलिए देश ने संकल्प लिया कि टेलीकॉम सेक्टर की यह जरूरी टेक्नोलॉजी देश में ही विकसित हो।उन्होंने कहा, “हमारे लिए गौरव की बात है कि बीएसएनएल ने अपने ही देश में पूरी तरह स्वदेशी 4जी टेक्नोलॉजी विकसित कर ली है। अपनी मेहनत, लगन, कुशलता से बीएसएनएल ने नया इतिहास रच दिया है। मैं इस काम में जुड़े देश के नौजवानों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।”पीएम मोदी ने कहा कि यह ओडिशा के लिए भी गर्व की बात है कि आज झारसुगुड़ा से बीएसएनएल के स्वदेशी 4जी नेटवर्क का शुभारंभ हो रहा है। जिसमें करीब 1 लाख 4 जी टावर हैं। उन्होंने आगे कहा, “करीब 30 हजार ऐसे गांव जहां हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा नहीं थी, वहां भी अब यह सुविधा मिलने जा रही है। बीएसएनएल की स्वदेशी 4जी सर्विसेज का सबसे अधिक फायदा आदिवासी क्षेत्रों, दूर दराज के गांवों और पहाड़ी क्षेत्रों को होगा। अब वहां के लोगों को भी बेहतरीन डिजिटल सेवाएं मिल जाएंगी।”पीएम मोदी ने देश की जनता को आश्वासन देते हुए कहा कि भारत पहले ही सबसे तेज 5जी सर्विसेज को रोलआउट कर चुका है। बीएसएनएल के टावर भी बहुत आसानी से 5जी सर्विसेज के लिए भी तैयार हो जाएंगे। - नई दिल्ली। तमिलनाडु के करूर में अभिनेता और नेता विजय की रैली में भगदड़ मचने से कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई है। इनमें 6 बच्चे, 9 पुरुष और 16 महिलाएं शामिल हैं। वहीं, 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। दरअसल, तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) प्रमुख और अभिनेता विजय करूर में रैली निकाल रहे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और हालात बेकाबू हो गए। जब विजय रैली को संबोधित कर रहे थे, तो वहां इतनी भीड़ हो गई कि लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया। इस दौरान दर्जनों लोग बेहोश हो गए। इसके बाद विजय ने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोगों की मदद करने का अनुरोध किया। विजय ने प्रचार बस के ऊपर से पानी की बोतलें भी लोगों पर फेंकी।रिपोर्ट के मुताबिक, रैली में एक बच्ची गुम हो गई थी। विजय ने उसे तलाशने की अपील की। इसके बाद भगदड़ जैसे हालात बन गए। विजय ने लोगों से शांति की अपील की, लेकिन अंतत: भगदड़ मच गई।एक दूसरी वजह रैली में अनुमान से ज्यादा लोगों का जुटना भी बताई जा रही है। रैली के लिए 10,000 लोगों की अनुमति थी और प्रशासन को 50,000 लोगों के जुटने का अनुमान था। हालांकि, एक लाख से ज्यादा लोग आ गए।प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुखघटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, 'तमिलनाडु के करूर में एक राजनीतिक रैली के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना बेहद दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं इस कठिन समय में उन्हें शक्ति प्रदान करने की कामना करता हूं। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और AIADMK महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने भी घटना पर दुख जताया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन कल (28 सितंबर) को करूर का दौरा कर सकते हैं। उन्होंने कई मंत्रियों को पहले ही करूर पहुंचने का निर्देश दिया है।विजय ने इसी साल बनाई है राजनीतिक पार्टीविजय ने इसी साल 2 फरवरी को अपनी पार्टी TVK लॉन्च की थी। पिछले महीने ही उन्होंने पार्टी का चुनाव चिन्ह और झंडा भी लॉन्च किया था। TVK को चुनाव आयोग से राजनीतिक पार्टी के तौर पर मान्यता भी मिल गई है। विजय ने कहा है कि अगले साल आने वाली 'थलपति 69' उनकी आखिरी फिल्म होगी। इसके बाद वे पूरी तरीके से राजनीति में ही उतरेंगे। विजय दक्षिण के जाने-माने अभिनेता हैं।
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नई दिल्ली। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व प्राधिकरण ने आज शुक्रवार को सैलानियों के लिए बागोरी रेंज (लिमिटेड सर्किट) को आधिकारिक रूप से खोल दिया। इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को दुर्गा पूजा के अवसर पर एक खास अनुभव प्रदान करना है। इस मौके पर स्थानीय सांसद कामाख्या प्रसाद तासा, विधायक मृणाल सैकिया और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान व टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर डॉ. सोनाली घोष मौजूद रहीं। समारोह से पहले अतिथियों और अधिकारियों ने हाल ही में सिंगापुर में निधन हुए असम के लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग को श्रद्धांजलि दी।
डॉ. सोनाली घोष ने कहा, “आज हमने बागोरी रेंज को पर्यटकों के लिए खोला है। सांसद कामाख्या प्रसाद तासा, विधायक मृणाल सैकिया, PCCF चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन, गोलाघाट के डिप्टी कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर मौजूद रहे। हमने सबसे पहले बागोरी रेंज इसलिए खोली क्योंकि यहां की सड़कों को साफ कर दिया गया है। हम जल्द ही अन्य रेंज भी पर्यटकों के लिए खोलने की योजना बना रहे हैं। उम्मीद है कि अक्टूबर माह के भीतर कोहारा रेंज भी खोल दी जाएगी। पिछले साल यहां पांच लाख से ज्यादा पर्यटक आए थे।”वहीं विधायक मृणाल सैकिया ने कहा कि आज बागोरी रेंज पर्यटकों के लिए खोली गई है और धीरे-धीरे अन्य रेंज भी खोली जाएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष काजीरंगा में और अधिक पर्यटक आएंगे।इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की थी कि कोहारा रेंज (सेंट्रल रेंज) अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में खोली जाएगी, जबकि हाथी सफारी की शुरुआत 1 नवंबर 2025 से होगी।- -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रीय भू-विज्ञान पुरस्कार 2024 प्रदान किए। ये पुरस्कार भू-विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और नवाचार को मान्यता देने के लिए खनन मंत्रालय द्वारा प्रदान किए जाते हैं। समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने मानव सभ्यता में खनिजों की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पाषाण युग, कांस्य युग और लौह युग-मानव प्रगति के प्रमुख चरण-खनिजों के नाम पर ही जाने जाते हैं। उन्होंने कहा, “औद्योगिकीकरण लौह और कोयले जैसे खनिजों के बिना अकल्पनीय था।”
राष्ट्रपति ने खनन क्षेत्र की आर्थिक महत्ता बताते हुए कहा कि यह विकास की गति को तेज करता है और बड़े पैमाने पर रोजगार भी देता है। हालांकि, उन्होंने इसके दुष्प्रभावों जैसे विस्थापन, वनों की कटाई, वायु एवं जल प्रदूषण को लेकर सावधानी बरतने पर बल दिया। उन्होंने कहा, “खनन और खान बंदी की प्रक्रिया के दौरान सभी नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए ताकि स्थानीय निवासियों और वन्य जीवन की सुरक्षा हो सके।”राष्ट्रपति मुर्मु ने भू-विज्ञानियों से अपील की कि वे महासागर-आधारित खनिज संसाधनों का जिम्मेदारी से दोहन करें और ऐसी तकनीकें विकसित करें जो समुद्री जैव विविधता को नुकसान पहुंचाए बिना इन संसाधनों का उपयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि उनका योगदान केवल खनन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि खनिज उत्पादों का मूल्य बढ़ाने, अपशिष्ट घटाने और भू-पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में भी होना चाहिए।उन्होंने खनन मंत्रालय की पहलों की सराहना की, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग और ड्रोन-आधारित सर्वेक्षण का उपयोग शामिल है। साथ ही, उन्होंने खनन से निकलने वाले अपशिष्ट से कीमती तत्वों की पुनर्प्राप्ति के प्रयासों को भी सराहा। राष्ट्रपति ने दुर्लभ मृदा तत्वों (Rare Earth Elements – REEs) पर विशेष जोर दिया और इन्हें “आधुनिक तकनीक की रीढ़” बताया, जिनका उपयोग स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा प्रणालियों और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों में होता है। उन्होंने कहा, “वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थिति को देखते हुए भारत को REEs के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनना होगा ताकि विकसित भारत का लक्ष्य और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकें।”उन्होंने स्पष्ट किया कि REEs दुर्लभ इसलिए नहीं कहे जाते क्योंकि वे कम मात्रा में उपलब्ध हैं, बल्कि इसलिए क्योंकि इन्हें शुद्ध करना जटिल होता है। उन्होंने स्वदेशी तकनीक विकसित करने का आह्वान किया ताकि REEs को प्रोसेस किया जा सके और इसे राष्ट्रीय हित में एक बड़ा योगदान बताया।- -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 सितंबर को देश का पहला पूरी तरह स्वदेशी, सॉफ्टवेयर-आधारित 4जी नेटवर्क लॉन्च करेंगे, जिसे भविष्य में 5जी के लिए भी तैयार किया गया है। इसके साथ ही, पूरे देश में लगभग 98,000 नए मोबाइल टावर भी लगाए जाएंगे। यह जानकारी केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज शुक्रवार को साझा की।
सिंधिया ने इसे “निर्णायक” बताते हुए कहा कि इस पहल से देश का कोई भी हिस्सा संचार कनेक्टिविटी से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि ये 4जी टावर पहले से ही 2.2 करोड़ ग्राहकों को सेवा दे रहे हैं और नेटवर्क को बिना किसी दिक्कत के 5जी में अपग्रेड किया जा सकता है। सिंधिया ने कहा, “यह भारत के लिए एक परिवर्तनकारी क्षण है। अब बिहार के छात्र विश्वस्तरीय ऑनलाइन शिक्षा तक पहुंच पाएंगे, पंजाब के किसान मंडी भाव की रियल-टाइम जानकारी लेंगे, कश्मीर के सैनिक अपने परिवारों से जुड़े रहेंगे और पूर्वोत्तर के उद्यमी वैश्विक विशेषज्ञता और फंडिंग तक पहुंच सकेंगे।”यह परियोजना भारत को शीर्ष दूरसंचार उपकरण निर्माताओं की श्रेणी में ले जाएगी। स्वदेशी 4जी स्टैक में रेडियो एक्सेस नेटवर्क (RAN) तेजस नेटवर्क्स द्वारा, कोर नेटवर्क, सी-डॉट (C-DOT) द्वारा और सिस्टम इंटीग्रेशन टीसीएस (TCS) द्वारा किया गया है। इसका क्रियान्वयन बीएसएनएल (BSNL) द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत किया जा रहा है।सिंधिया ने यह भी बताया कि डिजिटल भारत निधि (DBN) पहल के तहत भारत का 100% 4जी सैचुरेशन नेटवर्क पूरा हो चुका है, जिससे लगभग 29,000 गांव जुड़ चुके हैं। यह उपलब्धि बीएसएनएल की 25वीं वर्षगांठ (सिल्वर जुबली) से पहले हासिल हुई है। दूरसंचार सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने इस यात्रा को याद किया कि कैसे संदेह से शुरू होकर यह सफलता हासिल हुई। उन्होंने युवाओं की भागीदारी, उद्योग के सहयोग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग को इस उपलब्धि का श्रेय दिया।- -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 सितंबर को ओडिशा के झारसुगुड़ा में 60,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। ये परियोजनाएं दूरसंचार, रेलवे, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और ग्रामीण आवास जैसे क्षेत्रों में हैं। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री झारसुगुड़ा में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी 97,500 से अधिक सौर ऊर्जा चालित 4G मोबाइल टावरों का उद्घाटन करेंगे। इन टावरों का निर्माण लगभग 37,000 करोड़ रुपये की लागत से भारत की स्वदेशी तकनीक के माध्यम से किया गया है। इसमें 92,600 से अधिक BSNL 4G साइट्स और 18,900 साइट्स डिजिटल भारत निधि के तहत शामिल हैं। यह परियोजना लगभग 26,700 दूरदराज और सीमावर्ती गांवों को कनेक्ट करेगी और 20 लाख नए उपयोगकर्ताओं को लाभ पहुंचाएगी। यह भारत का सबसे बड़ा ग्रीन टेलीकॉम नेटवर्क माना जा रहा है।वहीं रेलवे क्षेत्र में भी बड़े बदलाव होंगे। प्रधानमंत्री मोदी संबलपुर-सारला रेल फ्लाईओवर का शिलान्यास करेंगे, कोरापुट-बैगुड़ा और मनाबर-कोरापुट-गोरापुर लाइन की डबलिंग का समर्पण करेंगे और बर्हंपुर से उधना (सूरत) तक अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। ये परियोजनाएं माल और यात्री परिवहन को तेज करेंगी, उद्योगों को बढ़ावा देंगी और क्षेत्रीय व्यापार को मजबूत करेंगी।शिक्षा क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी आठ IITs – तिरुपति, पलक्कड़, भिलाई, जम्मू, धारवाड़, जोधपुर, पटना और इंदौर का विस्तार करेंगे, जिसमें लगभग 11,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इससे अगले चार वर्षों में 10,000 नए छात्रों के लिए जगह बनेगी और आठ नए रिसर्च पार्क भी स्थापित होंगे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री MERITE योजना शुरू करेंगे, जिसका उद्देश्य 275 राज्य इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक संस्थानों में गुणवत्ता, समानता और अनुसंधान को बढ़ाना है।कौशल विकास में ओडिशा स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट चरण II की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत बर्हंपुर और संबलपुर में वर्ल्ड स्किल सेंटर बनाए जाएंगे, 30 आईटीआई को उत्कृष्टता केंद्र और उत्कर्ष आईटीआई में बदलने का काम होगा।स्वास्थ्य क्षेत्र में MKCG मेडिकल कॉलेज (बर्हंपुर) और VIMSAR (संबलपुर) को विश्व स्तरीय सुपर-स्पेशलिटी अस्पतालों में बदलने के लिए शिलान्यास किया जाएगा। इसमें ट्रॉमा यूनिट, डेंटल कॉलेज, मातृ और शिशु स्वास्थ्य सुविधाएं और बेड क्षमता का विस्तार शामिल होगा। सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में प्रधानमंत्री 50,000 लाभार्थियों को अंत्योदय गृह योजना के तहत पक्का घर और वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे। इस योजना में कमजोर ग्रामीण परिवार, विधवाएं, विकलांग व्यक्ति और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोग शामिल हैं।प्रधानमंत्री का यह दौरा सरकार की बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण और समावेशी विकास पर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाता है। ये परियोजनाएं रोजगार सृजन, कनेक्टिविटी सुधार और ओडिशा की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। - -
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को भारत के पहले हाइड्रोजन हाईवे की शुरुआत की। इस हाईवे को बनाने का मकसद ग्रीन हाइड्रोजन की पहल को बढ़ावा देना और लंबी दूरी के माल ढुलाई को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ना है। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों पर हाइड्रोजन फ्यूलिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि “हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है।” उन्होंने बताया कि भारत में दुनिया का पहला बड़े पैमाने पर हाइड्रोजन ट्रक ट्रायल शुरू किया गया है। इस ट्रायल के लिए 10 रूटों पर 5 कंसोर्टियम को चुना गया है। इनके पास 37 वाहन होंगे और इसके लिए 500 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इन ट्रायल को सपोर्ट करने के लिए 9 हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। यह नेटवर्क भारत का पहला हाइड्रोजन हाईवे होगा, जो स्वच्छ और लंबी दूरी की यात्रा के लिए इकोसिस्टम तैयार करेगा।गडकरी ने कहा कि भारत को जल्द से जल्द कच्चे तेल के आयात पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए। अभी देश की 87 प्रतिशत मांग आयात से पूरी होती है, जिस पर सालाना लगभग 22 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं। यह लॉन्च एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स द्वारा आयोजित पहले वर्ल्ड हाइड्रोजन इंडिया समिट में किया गया। इस कार्यक्रम में नीति निर्माता, उद्योग जगत के नेता और वैश्विक विशेषज्ञ शामिल हुए। उन्होंने सस्टेनेबल हाइड्रोजन इकोसिस्टम को बनाने के लिए नियामक ढांचे, फाइनेंसिंग मॉडल और व्यापार गलियारों पर चर्चा की।चर्चा में यह भी शामिल था कि केमिकल कंपनियां किस तरह स्वच्छ उत्पादन प्रक्रियाओं के लिए हाइड्रोजन का उपयोग कर सकती हैं और उर्वरक उत्पादन में ग्रे हाइड्रोजन की जगह ग्रीन विकल्प कैसे अपनाए जा सकते हैं। पैनल ने अमोनिया और यूरिया के निर्माण में ग्रीन हाइड्रोजन की आर्थिक व्यवहार्यता, सहयोग मॉडल और सप्लाई चेन साझेदारी पर विचार किया। मुंबई पोर्ट अथॉरिटी और दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने कहा कि भारत के हाइड्रोजन निर्यात को वैश्विक लागत और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बनाने के लिए इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन, डेडिकेटेड शिपिंग गलियारे और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास बहुत जरूरी है। -
नयी दिल्ली. भारत ने रेल आधारित मोबाइल प्रक्षेपण प्रणाली से 2,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है, जिससे देशभर में इस मिसाइल को तैनात करने की इसकी क्षमता प्रदर्शित हुई है। अगली पीढ़ी की मिसाइल के परीक्षण के एक दिन बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि इससे भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है जिनके पास रेल नेटवर्क से मिसाइल प्रक्षेपण करने की क्षमता है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सामरिक बल कमान (एसएफसी) के सहयोग से बुधवार को मध्यम दूरी की अग्नि-प्राइम मिसाइल का ‘‘सफल'' प्रक्षेपण किया। इसने हथियार प्रणाली के प्रक्षेपण के स्थान का खुलासा नहीं किया है।
सिंह ने कहा कि विशेष रूप से तैयार रेल-आधारित मोबाइल प्रक्षेपण प्रणाली से किया गया यह अपनी तरह का पहला प्रक्षेपण है। उन्होंने कहा कि इसमें रेल नेटवर्क पर चलने की क्षमता है, जिससे उपयोगकर्ता समूचे देश में कहीं भी बेहद कम समय में कम दृश्यता में भी प्रतिक्रिया करने में सक्षम होंगे। उन्होंने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘इस सफल उड़ान परीक्षण ने भारत को उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल कर दिया है, जिनके पास रेल नेटवर्क से प्रक्षेपण प्रणाली विकसित करने की क्षमता है।'' मंत्रालय ने कहा कि अग्नि-प्राइम मिसाइल अत्याधुनिक संचार प्रणालियों और सुरक्षा तंत्रों समेत सभी प्रक्षेपण क्षमता सुविधाओं से लैस है। इस प्रक्षेपण के समय डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक और सामरिक बल कमान के अधिकारी मौजूद थे।अग्नि-प्राइम के ‘‘रोड मोबाइल'' संस्करण को सफल उड़ान परीक्षणों की एक श्रृंखला के बाद सेवाओं में पहले ही शामिल किया जा चुका है। मिसाइल का परीक्षण भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक चले सैन्य संघर्ष के साढ़े चार महीने बाद हुआ है। -
ऋषिकेश (उत्तराखंड) ऋषिकेश के निकट मुनि की रेती क्षेत्र में गंगा नदी में राफ्टिंग 27 सितंबर से फिर शुरू हो जाएगी। मानसून के दौरान इन गतिविधियां पर रोक रहती है। टिहरी के जिला पर्यटन एवं साहसिक पर्यटन विकास अधिकारी जसपाल सिंह चौहान ने बताया कि जिला प्रशासन, वन विभाग और पर्यटन विभाग के संयुक्त निरीक्षण के बाद 27 सितंबर से गंगा नदी में राफ्टिंग करने की अनुमति जारी कर दी गयी है। उन्होंने बताया कि 24 सितंबर को गंगा नदी में तपोवन से आगे मैरीन ड्राइव से खारा सोत तक संयुक्त निरीक्षण किया गया। चौहान ने बताया कि राफ्टिंग के पिछले सत्र में दो पर्यटकों की मृत्यु हुई थी और इस बार दुर्घटना रहित राफ्टिंग कराने पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि जीवन रक्षक जैकेट राफ्टिंग में सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण अंग है और इसकी गुणवत्ता की समय समय पर आकस्मिक जांच की जाएगी ताकि दुर्घटना होने की स्थिति में पर्यटक की जान को कोई जोख़िम न हो। उन्होंने कहा कि इस बार से पर्यटक गाइडों द्वारा कैमरे से पर्यटकों के लिए पैसे लेकर फिल्म बनाने पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि गाइड का काम पर्यटकों को सुरक्षित राफ्टिंग करना है और इसका उल्लंघन करने वालों गाइडों से पांच हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा । उन्होंने बताया कि वैसे ‘फिल्मिंग' के लिए राफ्ट में अलग से सहायक को ले जाने का प्रावधान है ।
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नयी दिल्ली. नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा है कि रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) इस समय “प्रभावों के संगम” का साक्षी बन रहा है, और ऐसे में सामूहिक प्रबंधन एवं स्थिरता की आवश्यकता समय की सबसे बड़ी मांग है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोलंबो में आयोजित 12वीं ‘गाले डायलॉग इंटरनेशनल मेरीटाइम कॉन्फ्रेंस' को संबोधित करते हुए नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने हिंद महासागर क्षेत्र को लेकर नौसेना का नजरिया व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सहयोग, साझेदारी और समन्वय को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। नौसेना प्रमुख 22 से 25 सितंबर तक श्रीलंका की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर थे।
नौसेना ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “प्रचुर संसाधन, फलते-फूलते व्यापार, विविध तटीय क्षेत्र, जटिल भूगोल, अनेक अवरोध बिंदु और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती संख्या वाले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद महासागर क्षेत्र के बारे में बोलते हुए नौसेना प्रमुख ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह क्षेत्र प्रभावों के संगम का साक्षी बन रहा है, और सामूहिक प्रबंधन एवं स्थिरता समय की मांग है।” नौसेना प्रमुख ने प्रारंभिक चेतावनी और समन्वित प्रतिक्रिया में सुधार के लिए अंतर-संचालनीय प्रणालियों और समावेशी समुद्री क्षेत्र जागरूकता की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। -
नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना के चीफ एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने शुक्रवार को चंडीगढ़ एयरबेस पर प्रतिष्ठित फाइटर जेट MiG-21 की अंतिम उड़ान भरते हुए इसे सेवानिवृत्त कर दिया। 62 वर्षों तक भारतीय आकाश की रक्षा करते हुए इस विमान ने पाकिस्तान के विमानों को 1965 और 1971 के युद्धों में मार गिराने का गौरवपूर्ण इतिहास दर्ज किया है।
सोवियत काल के इस जेट MiG-21 बाइसन ने 2019 में खासा ध्यान खींचा था, जब ग्रुप कैप्टन (तत्कालीन विंग कमांडर) अभिनंदन वर्थमान ने बालाकोट स्ट्राइक के एक दिन बाद पाकिस्तान एयर फ़ोर्स के सबसे उन्नत F-16 fighter को मार गिराकर इतिहास रचा था।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह चंडीगढ़ में इस सेवानिवृत्ति समारोह में उपस्थित रहे, जिसमें नीडल-नोज़ MiG-21 को भावभीनी विदाई दी गई। इस जेट ने 1999 के कारगिल युद्ध में भी अहम भूमिका निभाई थी।चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर 23 स्क्वाड्रन के अंतिम MiG-21 को एक विदाई समारोह में सम्मानित किया गया। इस स्क्वाड्रन को ‘पैंथर्स’ के उपनाम से जाना जाता है।पहली MiG-21 स्क्वाड्रन, नंबर 28, जिसका नेतृत्व विंग कमांडर दिलबाग सिंह ने किया था, को ‘फर्स्ट सुपरसोनिक्स’ कहा जाता था। यह स्क्वाड्रन 2 मार्च 1963 को चंडीगढ़ में स्थापित की गई थी। बाद में विंग कमांडर दिलबाग सिंह एयर चीफ मार्शल और एयर चीफ स्टाफ बने।समारोह में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने MiG-21 उड़ाने के अपने अनुभव साझा किए। रक्षा मंत्री सिंह के अलावा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, आर्मी चीफ जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह और नेवी चीफ एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी भी उपस्थित थे।MiG-21 को अंतिम विदाई देने के दौरान एक भव्य फ्लायपास, सेवानिवृत्ति समारोह और विमान के उतरने पर वॉटर कैनन सल्यूट शामिल था। इस समारोह में स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा, अंतिम महिला फाइटर पायलट जिन्होंने MiG-21 उड़ाया, भी शामिल थीं।भारतीय वायु सेना ने MiG-21 को “छह दशकों की सेवा, साहस की अनगिनत कहानियाँ, और राष्ट्र के गर्व को आकाश में ले जाने वाला एक युद्धसैनिक” कहा।कई पायलटों के लिए यह सेवानिवृत्ति समारोह एक यादगार और भावुक पुनर्मिलन था। अधिकारियों ने कहा कि यह विदाई भारतीय वायु सेना के गौरवपूर्ण इतिहास में एक भावुक अध्याय का अंत है।MiG-21 लंबे समय तक वायु शक्ति का प्रतीक रहा है। इसका गड़गड़ाहट भरा शोर राष्ट्र के आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया था। यह कई फिल्मों में भी प्रदर्शित हुआ है और इसके साथ अनगिनत कहानियाँ जुड़ी हैं।MiG-21 ने 1965 और 1971 के युद्ध, 1999 के कारगिल संघर्ष और 2019 के बालाकोट हवाई हमले जैसी महत्वपूर्ण अभियानों में भाग लिया। बालाकोट हमले में इसने एक F-16 विमान को मार गिराया था। यह विमान दशकों तक भारतीय फाइटर पायलटों के प्रशिक्षण का अहम हिस्सा रहा।सेवानिवृत्ति समारोह में दो फ्लायपास फॉर्मेशन — ‘बादल’ और ‘पैंथर’ — की अंतिम उड़ान शामिल थी। MiG-21 की जगह अब देशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA तेजस) को लेने की तैयारी है। -
नई दिल्ली। असम राइफल्स ने मणिपुर के काकचिंग जिले में एक बड़े खतरे को टाल दिया है। असम राइफल्स ने शुक्रवार को आईईडी को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया है। उन्होंने इस ऑपरेशन की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से दी।
असम राइफल्स ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर मणिपुर के काकचिंग जिले में स्थित वांगू लमखाई रोड के पास एक 8.467 किलोग्राम का इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) को बरामद किया, जिसके बाद उसे सुरक्षित रूप से तुरंत ही निष्क्रिय कर दिया गया। असम राइफल्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस ऑपरेशन की कुछ फोटो भी शेयर कीं।उन्होंने लिखा, “असम राइफल्स ने वांगू पुलिस के साथ मिलकर मणिपुर के काकचिंग जिले में स्थित वांगू लमखाई रोड के पास 8.467 किलो की आईईडी को बरामद कर सुरक्षित रूप से निष्क्रिय किया। इस डिवाइस में टीएनटी, स्प्लिंटर्स, स्क्रू और एक डेटोनेटर शामिल था, जिसे असम राइफल्स के बम निरोधक (बम डिस्पोजल) विशेषज्ञों ने कुशलता से निष्क्रिय किया, जिससे नागरिकों की जान को बड़ा खतरा टल गया।”इससे पहले, 23 सितंबर को मणिपुर के विभिन्न जिलों में संयुक्त अभियानों की एक श्रृंखला के तहत सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने नौ कट्टर उग्रवादियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 36 हथियार, कुछ इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), ड्रग्स और अन्य युद्ध संबंधी सामान बरामद किया गया था।वहीं, मणिपुर में 31 अगस्त से 6 सितंबर तक भारतीय सेना, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने चुराचांदपुर, बिष्णुपुर, चंदेल, थौबल, काकचिंग, इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्व जिलों में संयुक्त अभियान चलाए थे। इन अभियानों में 11 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से पांच हथियार, 6.9 करोड़ रुपए की अफीम, 690 लीटर नकली शराब और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की गई थी।उससे पहले, 3 सितंबर को इंफाल पश्चिम के लामशांग और लैरेनकाबी क्षेत्रों से कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) और पीपुल्स वार ग्रुप (पीडब्ल्यूजी) के चार कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया था। उसी दिन बिष्णुपुर के बासीखोंग लाई लाम्पक में भारतीय सेना और लिरलबुंग पुलिस ने पीएलए के एक उग्रवादी को गिरफ्तार किया था। - नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जयंती पर शुक्रवार को देश के विकास में उनके योगदान को याद किया और कहा कि उनकी विनम्रता एवं ईमानदारी सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उनके साहसिक निर्णय, और मज़बूत अर्थव्यवस्था के निर्माण में उनका ऐतिहासिक योगदान हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।सिंह का जन्म 26 सितंबर, 1932 को पंजाब के गाह गांव में हुआ था जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है। सिंह ने 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री के रूप में सेवाएं दीं। 26 दिसंबर, 2024 को उनका निधन हो गया।खरगे ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘हम राष्ट्र निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के योगदान को याद करते हैं। वे भारत के आर्थिक परिवर्तन के एक सूत्रधार थे। वह विनम्रता और बुद्धिमत्ता के धनी थे तथा सबके साथ गरिमापूर्ण व्यवहार करते थे और अपने कार्यों से अपनी बातों को ज़्यादा प्रभावशाली बनाते थे। ‘उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह के आर्थिक सुधारों के दृष्टिकोण ने अवसरों के नए द्वार खोले, एक समृद्ध मध्यम वर्ग का निर्माण किया और अनगिनत परिवारों को गरीबी से बाहर निकाला।खरगे ने कहा, ‘वह निष्पक्षता और समावेशिता में गहराई से विश्वास करते थे और यह सुनिश्चित करते थे कि लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले कल्याणकारी उपायों के माध्यम से विकास और करुणा साथ-साथ चलें। उनके नेतृत्व ने हमें दिखाया कि सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी न केवल संभव है, बल्कि शक्तिशाली भी है।’उनके मुताबिक, भारत की पीढ़ियों के लिए वह ईमानदारी, बुद्धिमत्ता और राष्ट्र के प्रति नि:स्वार्थ सेवा के एक चिरस्थायी प्रतीक बने रहेंगे तथा एक मज़बूत और अधिक समावेशी भारत की आकांक्षाओं वाली उनकी विरासत जीवित रहेगी।राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की जयंती पर उन्हें मेरा सादर नमन। राष्ट्र निर्माण के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, गरीबों और वंचितों के लिए उनके साहसिक निर्णय, और मज़बूत अर्थव्यवस्था के निर्माण में उनका ऐतिहासिक योगदान हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।’उन्होंने कहा कि सिंह की सादगी, विनम्रता और ईमानदारी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी मनमोहन सिंह को याद किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ‘भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। अपनी दूरदर्शिता से डॉ. मनमोहन सिंह जी देश को असाधारण प्रगति के रास्ते पर लाए और एक समावेशी आर्थिक मजबूती के जरिये गरीब, दलित, वंचित समेत सभी तबकों को समृद्ध किया। ‘ प्रियंका गांधी ने कहा, ‘ उनकी विनम्रता, सादगी, मेहनत, ईमानदारी और देश के प्रति अटूट समर्पण हम सबकी प्रेरणा का स्रोत हैं। नमन। ‘


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