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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री के जीवन पर आधारित एक संगीतमय कार्यक्रम ‘मेरा देश पहले- श्री नरेंद्र मोदी जी की अनकही कहानी' बृहस्पतिवार शाम इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित किया गया। दिल्ली सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा समर्थित इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जेपी नड्डा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और दिल्ली के संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा सहित अन्य लोग शामिल हुए। इस संगीतमय कार्यक्रम की परिकल्पना बॉलीवुड गीतकार मनोज मुंतशिर ने की थी। एक बयान में कहा गया कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के बचपन से लेकर उनके ‘चुनौतीपूर्ण' राजनीतिक जीवन और ‘असाधारण' नेतृत्व तक के सफर को दर्शाया गया है। यह संगीतमय प्रस्तुतियों, भावपूर्ण कहानियों और मंच प्रस्तुतियों का एक मिश्रण था। प्रसिद्ध गायक बी प्राक और अन्य कलाकारों ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बयान में कहा गया है कि इस कार्यक्रम में ओलंपिक पदक विजेता, पद्म पुरस्कार विजेता, साहित्य और कला जगत की प्रमुख हस्तियां, न्यायपालिका के गणमान्य व्यक्ति और खेल एवं मनोरंजन जगत के प्रमुख सदस्य भी शामिल हुए। नड्डा ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए इसे ‘अनूठा' अनुभव बताया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के जीवन के अनकहे और अनसुने प्रसंगों को संगीतमय रूप में प्रस्तुत किया गया। नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री का जीवन सदैव ‘सेवा ही संकल्प' के सिद्धांत पर आधारित रहा है और वे न केवल भाजपा, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव और सम्मान का संचार करते हैं। मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा, ‘‘आज का यह भव्य आयोजन प्रधानमंत्री मोदी के जीवन की प्रेरक यात्रा को समझने का एक अद्भुत अवसर लेकर आया है। इसके माध्यम से दिल्ली के लोगों को उनकी यात्रा के विभिन्न पहलुओं को करीब से देखने और जानने का अवसर मिला।''
- कोलकाता. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में हालिया कटौती से राजस्व में होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र किसी तरह का मुआवजा देने पर विचार नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह में कमी का बोझ केंद्र और राज्यों दोनों को समान रूप से उठाना होगा। उन्होंने कहा कि करों का बंटवारा होने के बाद इसका असर केंद्र पर राज्यों की तुलना में और भी ज्यादा होगा। सीतारमण ने जीएसटी पर आयोजित चर्चा में कहा कि जीएसटी परिषद की बैठक में कई राज्यों, विशेषकर विपक्ष-शासित राज्यों ने दर कटौती के प्रस्ताव पर आशंका जताते हुए पूछा था कि यदि इससे राजस्व में गिरावट आती है तो उस कमी की भरपाई किस तरह होगी। उन्होंने कहा, ‘‘जीएसटी में केंद्र और राज्यों की हिस्सेदारी 50-50 प्रतिशत है। इसमें भी केंद्र के हिस्से का 41 प्रतिशत राज्यों को ही वापस चला जाता है। केंद्र के पास आखिर में केवल 23 प्रतिशत हिस्सा रह जाता है।ऐसे में राजस्व गिरावट का असर केंद्र पर भी उतना ही पड़ेगा जितना राज्यों पर। जीएसटी परिषद में दाता-ग्राही का कोई रिश्ता नहीं है।'' जीएसटी परिषद की महीने की शुरुआत में हुई बैठक में कर दरों को चार के बजाय दो स्लैब में ही रखने का फैसला किया गया। अब सिर्फ पांच और 18 प्रतिशत की दर से कर लगेगा। हालांकि, विलासिता एवं अहितकर उत्पादों पर 40 प्रतिशत की एक विशेष दर रखी गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि अतीत में कई वस्तुओं के गलत वर्गीकरण और कर संरचना का लाभ उठाने से राजस्व का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘पॉपकॉर्न जैसी वस्तुओं में नमकीन एवं मीठे संस्करणों पर अलग-अलग दरें थीं। नयी व्यवस्था से ऐसी खामियों को दूर किया गया है।'' सीतारमण ने भरोसा जताया कि ‘नयी पीढ़ी के जीएसटी सुधार' से दो लाख करोड़ रुपये अर्थव्यवस्था में जाएंगे, जिससे मांग बढ़ेगी और 140 करोड़ लोगों को फायदा होगा। जीएसटी दरों में कटौती 22 सितंबर से लागू होगी।
- नई दिल्ली। फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी ल्यूपिन ने घोषणा की है कि यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने कैंसर रोगियों के लिए 2.5 मिलीग्राम से 25 मिलीग्राम की क्षमता वाले लेनालिडोमाइड कैप्सूल के लिए उसके नए दवा आवेदन को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि लेनालिडोमाइड को मल्टीपल मायलोमा (एक घातक रक्त कैंसर) वाले वयस्क रोगियों के उपचार के लिए स्वीकृति मिली है। खासतौर पर जब ऑटोलॉगस हेमटोपोइएटिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांटेशन के बाद मेनटेनेंस थैरेपी के रूप में डेक्सामेथासोन के साथ इसका उपयोग किया जाता है।लेनालिडोमाइड कैप्सूल अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी ब्रिस्टल-मायर्स स्क्विब कंपनी द्वारा विकसित रेव्लिमिड कैप्सूल का एक जेनेरिक वर्जन है। बयान में कहा गया है कि इस उत्पाद का निर्माण ल्यूपिन के मध्य प्रदेश स्थित पीथमपुर प्लांट में किया जाएगा। ल्यूपिन ने घोषणा की है कि कंपनी का जेनेरिक प्रोडक्ट रेवलिमिड का एक किफायती विकल्प होगा।कंपनी ने बताया कि 2.5 मिलीग्राम, 5 मिलीग्राम, 10 मिलीग्राम, 15 मिलीग्राम, 20 मिलीग्राम और 25 मिलीग्राम (आरएलडी रेवलिमिड) के लेनलिडोमाइड कैप्सूल की अमेरिका में अनुमानित वार्षिक बिक्री 7,511 मिलियन डॉलर है। ल्यूपिन का मुख्यालय मुंबई में है। यह 100 से अधिक बाजारों में ग्लोबल फार्मास्युटिकल्स कंपनी के रूप में काम करती है। कंपनी ब्रांडेड एंड जेनेरिक फॉर्मूलेशन, कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स, बायोटेक्नोलॉजी प्रोडक्ट और एक्टिव फार्मास्युटिकल्स इंग्रीडिएंट्स पर ध्यान केंद्रित करती है। कंपनी के दुनिया भर में 15 मैन्युफैक्चरिंग साइट्स और सात रिसर्च सेंटर हैं, जिनमें 24,000 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। ल्यूपिन को हाल ही में अमेरिकी प्रशासन से जेनेरिक कॉन्ट्रासेप्टिव टैबलेट मिंजोया के लिए भी मंजूरी मिली है।यह दवा यूएस बेस्ड एवियन फार्मास्युटिकल्स एलएलसी द्वारा विकसित बाल्कोल्ट्रा का जेनेरिक इक्विवेलेंट है। मिंजोया का निर्माण भी ल्यूपिन के पीथमपुर स्थित प्लांट में किया जाएगा। इस बीच, गुरुवार को ल्यूपिन के शेयर पिछले दिन के बंद भाव से 0.70 रुपए या 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 2,030.50 रुपए पर आ गए। कंपनी के शेयर में पिछले पांच कारोबारी दिनों में 5.30 रुपए या 0.26 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि, पिछले एक महीने में दवा कंपनी के शेयरों में 62.30 रुपए या 3.17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
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कोलकाता. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में हालिया कटौती से राजस्व में होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र किसी तरह का मुआवजा देने पर विचार नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह में कमी का बोझ केंद्र और राज्यों दोनों को समान रूप से उठाना होगा। उन्होंने कहा कि करों का बंटवारा होने के बाद इसका असर केंद्र पर राज्यों की तुलना में और भी ज्यादा होगा। सीतारमण ने जीएसटी पर आयोजित चर्चा में कहा कि जीएसटी परिषद की बैठक में कई राज्यों, विशेषकर विपक्ष-शासित राज्यों ने दर कटौती के प्रस्ताव पर आशंका जताते हुए पूछा था कि यदि इससे राजस्व में गिरावट आती है तो उस कमी की भरपाई किस तरह होगी। उन्होंने कहा, ‘‘जीएसटी में केंद्र और राज्यों की हिस्सेदारी 50-50 प्रतिशत है। इसमें भी केंद्र के हिस्से का 41 प्रतिशत राज्यों को ही वापस चला जाता है। केंद्र के पास आखिर में केवल 23 प्रतिशत हिस्सा रह जाता है। ऐसे में राजस्व गिरावट का असर केंद्र पर भी उतना ही पड़ेगा जितना राज्यों पर। जीएसटी परिषद में दाता-ग्राही का कोई रिश्ता नहीं है।'' जीएसटी परिषद की महीने की शुरुआत में हुई बैठक में कर दरों को चार के बजाय दो स्लैब में ही रखने का फैसला किया गया। अब सिर्फ पांच और 18 प्रतिशत की दर से कर लगेगा। हालांकि, विलासिता एवं अहितकर उत्पादों पर 40 प्रतिशत की एक विशेष दर रखी गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि अतीत में कई वस्तुओं के गलत वर्गीकरण और कर संरचना का लाभ उठाने से राजस्व का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘पॉपकॉर्न जैसी वस्तुओं में नमकीन एवं मीठे संस्करणों पर अलग-अलग दरें थीं। नयी व्यवस्था से ऐसी खामियों को दूर किया गया है।'' सीतारमण ने भरोसा जताया कि ‘नयी पीढ़ी के जीएसटी सुधार' से दो लाख करोड़ रुपये अर्थव्यवस्था में जाएंगे, जिससे मांग बढ़ेगी और 140 करोड़ लोगों को फायदा होगा। जीएसटी दरों में कटौती 22 सितंबर से लागू होगी।
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भुवनेश्वर/ भुवनेश्वर महानगर पालिका (बीएमसी) ने बृहस्पतिवार को शहर भर में आवारा कुत्तों की गणना शुरू की है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आवारा कुत्तों की गणना शहर की हर गली और वार्ड में रोजाना सुबह पांच से सात बजे के बीच की जाएगी। बीएमसी की महापौर सुलोचना दास ने बताया कि श्वान गणना दो चरणों में होगी। पहला चरण 25 सितंबर तक चलेगा जबकि दूसरे चरण में यह जांच की जाएगी कि गिने गए कुत्तों की संख्या सही है या नहीं। उन्होंने बताया कि कुल 410 दल गठित किये गए हैं, जिनमें सफाई कर्मचारी, सफाई पर्यवेक्षक, सफाई निरीक्षक और अन्य अधिकारी शामिल हैं, जो योग्य पशु चिकित्सकों की देखरेख में गणना का कार्य करेंगे। बीएमसी आयुक्त चंचल राणा ने बताया कि शहर के सभी 67 वार्डों में आवारा कुत्तों की गणना की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर में श्वान गणना जरूरी है ताकि उनकी आबादी को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि श्वान गणना पूरी होने के बाद, पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) अभियान के तहत आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए एक विस्तृत प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी।
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कोलकाता. मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने बृहस्पतिवार को उम्मीद जताई कि ऊंचे शुल्क को लेकर अमेरिका के साथ पैदा हुए विवाद का समाधान अगले आठ से दस सप्ताह में निकल सकता है। अमेरिका ने रूस से तेल खरीद को लेकर 27 अगस्त से भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगा दिया था। इसके साथ ही भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में कुल शुल्क बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है। नागेश्वरन ने यहां उद्योग मंडल की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘पर्दे के पीछे दोनों सरकारों के बीच शुल्क विवाद को लेकर बातचीत जारी है। मेरा अनुमान है कि भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क का अगले आठ से दस सप्ताह में समाधान निकल आएगा।'' हालांकि, उन्होंने इस बात को लेकर आगाह किया कि शुल्क जारी रहने की स्थिति में अमेरिका को भारतीय वस्तुओं के निर्यात में गिरावट आ सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शुल्क वृद्धि फैसले के बाद दोनों देशों के संबंध कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गए थे। हालांकि, शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर अनुकूल संकेत मिलने के बाद हाल ही में दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर चर्चा फिर शुरू हुई है। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने भारत को निम्न-मध्य आय वाली आकांक्षी अर्थव्यवस्था बताते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा। कोविड महामारी के बाद भारत ने कई देशों की तुलना में तेज वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने कहा कि विनिर्माण, सेवा और कृषि क्षेत्रों की प्रगति के साथ ग्रामीण मांग में मजबूती और शहरी मांग में सुधार अगले दो वर्षों में आर्थिक वृद्धि को आधार देंगे। नागेश्वरन ने कहा कि हाल में जीएसटी दरों में दी गई राहत से उपभोक्ताओं के हाथ में अतिरिक्त आय बढ़ेगी। एमएसएमई क्षेत्र को ऋण में वृद्धि हुई है और बड़ी उद्योग इकाइयों को कर्ज वितरण में संरचनात्मक बदलाव आ रहा है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में चालू खाते का घाटा जीडीपी का 0.2 प्रतिशत रह गया और विदेशी मुद्रा भंडार भी स्वस्थ है। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हो रहा है लेकिन अर्थव्यवस्था की मजबूती को देखते हुए मुझे यकीन है कि दीर्घावधि में रुपया अपने मूल्य को बनाए रखेगा और उसमें मजबूती भी आएगी।'' नागेश्वरन ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में पूंजीगत खर्च, निजी निवेश को प्रोत्साहन और विनियामक ढांचे में सुधार शामिल हैं। उन्होंने निजी क्षेत्र से नवाचार और शोध पर अधिक खर्च करने का आह्वान किया। अर्थव्यवस्था पर कृत्रिम मेधा (एआई) के प्रभाव पर उन्होंने कहा कि इसका असर फिलहाल सीमित है लेकिन कोडिंग संबंधी नौकरियों पर दबाव रहेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में लोगों को अपना कौशल बढ़ाना होगा।
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नयी दिल्ली/काठमांडू. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को नेपाल की अपनी समकक्ष सुशीला कार्की से बात की और शांति एवं स्थिरता बहाल करने के उनके प्रयासों के प्रति भारत के दृढ़ समर्थन की पुष्टि की। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि कार्की के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने पड़ोसी देश में हाल ही में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई जनहानि पर अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री श्रीमती सुशीला कार्की के साथ गर्मजोशी से बातचीत हुई। हाल ही में हुई जनहानि पर हार्दिक संवेदना व्यक्त की और शांति एवं स्थिरता बहाल करने के उनके प्रयासों के प्रति भारत के दृढ़ समर्थन की पुष्टि की।'' उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही मैंने उन्हें और नेपाल की जनता को कल उनके राष्ट्रीय दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं।'' काठमांडू में नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार बातचीत के दौरान कार्की (73) ने कहा, “अंतरिम सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता चुनाव ही रहेंगे, तथा जवाबदेह, उत्तरदायी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए दृढ़ संकल्प युवाओं की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करेगा।” कार्की की किसी विदेशी शासनाध्यक्ष से यह पहली टेलीफोनिक वार्ता थी।
कार्की ने कहा कि नेपाल और भारत के बीच ऐतिहासिक और घनिष्ठ संबंध बहुआयामी लोगों के स्तर पर संबंधों से और मजबूत होते रहेंगे। इसमें कहा गया, “दोनों प्रधानमंत्रियों ने दोनों देशों के लोगों के लाभ के लिए द्विपक्षीय सहयोग और साझेदारी की मजबूत गति को जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।” गौरतलब है कि पिछले हफ़्ते नेपाल में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे जिसके कारण के पी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।। ‘जेन-जेड' पीढ़ी के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के घरों, संसद समेत महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में आग लगा दी थी। ‘जेन जेड' पीढ़ी से तात्पर्य 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए युवाओं से है। कार्की ने 12 सितंबर को अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री का पदभार संभाला। -
तिरुवनंतपुरम. केरल में एक नौ वर्षीय बच्ची तथाकथित "दिमाग खाने वाले अमीबा" से संक्रमित होने के बाद मर गई। लड़की की मां का कहना है कि वह अभी भी अपनी बेटी की मौत को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं। रोती हुई मां ने कहा, "मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि मेरी बेटी चली गई।" उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है कि बच्ची कैसे संक्रमित हुई। कोझिकोड की रहने वाली यह लड़की उन लोगों में शामिल है, जो हाल के महीनों में प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफेलाइटिस से पीड़ित हुई। यह एक दुर्लभ लेकिन लगभग घातक मस्तिष्क संक्रमण है, जो नेगलेरिया फाउलेरी(दिमाग खाने वाले अमीबा) के कारण होता है। केरल एक दुर्लभ लेकिन घातक बीमारी से जूझ रहा है। इस बीमारी से हाल के महीनों में 19 लोगों की जान गई है। इसका कारण एक सूक्ष्म परजीवी है जिसे नेगलेरिया फाउलेरी के नाम से जाना जाता है। इसे सामान्यतः "दिमाग खाने वाला अमीबा" कहा जाता है, जो प्राथमिक अमीबिक मेनिंगोएन्सेफेलाइटिस या पीएएम नामक स्थिति उत्पन्न करता है। यह संक्रमण अमूमन जानलेवा होता है, और इससे संक्रमित होने वाले 98 प्रतिशत से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है। इस साल राज्य में इसके 70 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। अमीबा गर्म मीठे पानी जैसे तालाबों, झीलों, नदियों और खराब रखरखाव वाले स्विमिंग पूलों में पाया जाता है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इसे निगलने पर यह बीमारी का कारण नहीं बनता है, लेकिन जब पानी नाक में चला जाता है तो परजीवी नाक के रास्ते मस्तिष्क में प्रवेश कर सकता है। इससे यह मस्तिष्क में विनाशकारी सूजन और ऊतकों के विनाश का कारण बनता है। यह रोग बहुत तेजी से बढ़ता है।
एक स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार, ‘‘बुखार, सिरदर्द, मतली और गर्दन में अकड़न से शुरू होने वाली स्थिति जल्द ही दौरे और कोमा में बदल जाती है। आमतौर पर एक से दो सप्ताह के भीतर मृत्यु हो जाती है।'' डॉक्टर का कहना है कि इसे अक्सर बैक्टीरियल मैनिंजाइटिस समझ लिया जाता है, और जब वास्तविक कारण का पता चलता है, तब तक मरीज को बचाने में बहुत देर हो चुकी होती है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बुधवार को राज्य विधानसभा को बताया कि अधिकांश जल स्रोतों में अमीबा मौजूद हैं। हालांकि, इसके केवल कुछ प्रकार ही खतरनाक हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य में पीएएम का पहला मामला साल 2016 में सामने आया था। तब से सरकार डॉक्टरों को अधिक तेजी से प्रतिक्रिया देने में मदद करने के लिए दिशानिर्देशों पर काम कर रही है। अभी तक, इस रोग की पुष्टि के लिए आवश्यक परीक्षण केवल चंडीगढ़ और पुडुचेरी की प्रयोगशालाओं में ही उपलब्ध थे, लेकिन अब केरल ने अपनी स्वयं की नैदानिक सुविधाएं स्थापित कर ली हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वह ऐसे किसी भी मरीज में पीएएम का संदेह करें जिसमें अचानक मैनेंजाइटिस जैसै लक्षण दिखाई दें और जो हाल फिलहाल में ताजा पानी के संपर्क में आया हो। सूक्ष्म जीव विज्ञानियों को तुरंत सतर्क किया जाना चाहिए ताकि मस्तिष्कमेरु द्रव के नमूनों की माइक्रोस्कोप से जांच की जा सके या पीसीआर परीक्षण द्वारा पुष्टि की जा सके। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि इसका इलाज बेहद मुश्किल है। ऐसी कोई एक दवा नहीं है जो पीएएम का इलाज कर सके और दुनिया भर में इससे बचने वाले लोग बहुत कम हैं। जो मरीज इस बीमारी से उबर चुके हैं, उनका इलाज शक्तिशाली दवाओं जैसे एम्फोटेरिसिन बी, मिल्टेफोसिन और रिफाम्पिसिन के संयोजन से किया गया, साथ ही इस बीमारी के साथ होने वाली खतरनाक मस्तिष्क सूजन को कम करने के लिए उपचार भी किया गया। केरल में डॉक्टर अब पुष्ट मामलों को संभालने के लिए बहु-विषयक टीम बनाते हैं, जिनमें न्यूरोलॉजिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ, संक्रामक रोग विशेषज्ञ और गहन देखभाल विशेषज्ञ शामिल होते हैं। यह रोग अत्यंत दुर्लभ है, फिर भी इसकी उच्च मृत्यु दर ने चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि रोकथाम ही सबसे अच्छा बचाव है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे गर्मी के मौसम में स्थिर या खराब रखरखाव वाले मीठे पानी के स्रोतों में न तैरें और न ही गोता लगाएं। अगर तैरना जरूरी हो तो नाक में क्लिप लगाएं जिससे पानी के नाक में जाने का खतरा कम हो सकता है। डाक्टरों का कहना है कि बच्चों को होज या स्प्रिंकलर से नहीं खेलना चाहिए, इससे पानी नाक में जाने का खतरा है। बगीचे की होज को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह धोना चाहिए। पैडलिंग पूल की रोजाना सफाई, स्विमिंग पूल का उचित क्लोरीनीकरण और नाक धोने के लिए केवल उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन से पीएएम का खतरा बढ़ सकता है।
अमीबा गर्म पानी में पनपता है और उच्च तापमान पर पनपने वाले बैक्टीरिया पर निर्भर करता है। गर्मियां बढ़ने से परजीवी का दायरा बढ़ सकता है और ज्यादा लोग राहत की तलाश में झीलों और नदियों की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे बीमारी के संपर्क में आने की आशंका बढ़ जाती है। 2023 में कोझिकोड में निपाह प्रकोप के बाद, केरल ने मस्तिष्क ज्वर के हर मामले की रिपोर्ट करने और जांच करने की नीति बनाई, जिसमें अमीबा के कारण होने वाले दुर्लभ संक्रमण भी शामिल हैं।
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दावा किया कि एनडीए जितना मजबूत होगा, बिहार उतना ही समृद्ध होगा। लालू परिवार पर जुबानी हमला करते हुए उन्होंने कहा कि लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव बिहार का विकास नहीं कर सकते हैं।
अन्य दलों में नेता चुनाव जीतते हैं, लेकिन भाजपा ऐसी पार्टी है जहां कार्यकर्ता ही चुनाव जीतते हैंरोहतास जिले के डेहरी में 10 जिलों के चयनित कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि अन्य दलों में नेता चुनाव जीतते हैं, लेकिन भाजपा ऐसी पार्टी है जहां कार्यकर्ता ही चुनाव जीतते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने राजद और उनके सहयोगियों को सरकार चलाने का मौका दिया, लेकिन वहां फिरौती और हत्या जैसी घटनाएं होने लगीं। इससे राज्य की समृद्धि नहीं हो सकती। अगर युवाओं को आगे बढ़ना है और बिहार को विकास की राह पर ले जाना है तो आने वाले चुनाव में एनडीए की सरकार को वोट देकर मजबूत बनाना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि इस क्षेत्र की 80 प्रतिशत सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों को जीत दिलाएं।अमित शाह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा को ‘घुसपैठिये बचाओ यात्रा’ बतायाअमित शाह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा को ‘घुसपैठिये बचाओ यात्रा’ बताया। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या घुसपैठियों को वोट देने का अधिकार होना चाहिए, क्या उन्हें राशन या आयुष्मान कार्ड मिलना चाहिए? उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि नीतीश कुमार की सरकार ने बिहार के लिए जो काम किए हैं, उनकी जानकारी हर घर तक पहुंचाएं।भ्रष्टाचार करने वाले बिहार की भलाई नहीं कर सकते हैं; बिहार का भविष्य एनडीए हैअमित शाह ने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए आगे कहा कि ये लोग अगर सत्ता में आते हैं तो घुसपैठिये बढ़ेंगे। बिहार सरकार की ओर से हाल ही में की गई घोषणाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब 125 यूनिट बिजली मुफ्त दी जा रही है। सामाजिक पेंशन की राशि बढ़ाई गई है। भ्रष्टाचार करने वाले बिहार की भलाई नहीं कर सकते हैं; बिहार का भविष्य एनडीए है।एनडीए की सरकार ने जो विकास काम किए हैं, लालू यादव पूरे जीवन में नहीं कर सकते हैंउन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार ने जो काम किए, लालू यादव पूरे जीवन में उतना नहीं कर सकते हैं। इन्होंने चारा घोटाला किया, लैंड फॉर जॉब स्कैम किया और जेल में घोटाला किया। एक ओर भ्रष्टाचार वाली सरकार है और दूसरी तरफ मोदी सरकार है, जिस पर एक भी भ्रष्टाचार के दाग नहीं हैं -
नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन – ईपीएफओ के सदस्य अब मेम्बर पोर्टल पर एक ही लॉगिन के ज़रिए अपनी सभी प्रमुख सेवाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगे। श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि इस पहल से शिकायतों में कमी, पारदर्शिता में सुधार और सदस्यों की संतुष्टि में वृद्धि होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि पहले, दोहरी लॉगिन प्रणाली के कारण देरी, पासवर्ड संबंधी समस्याएं और सदस्यों की शिकायतों का समाधान करने में कठिनाई होती थी। श्री मांडविया ने आगे बताया कि पोर्टल पर अब पासबुक लाइट सुविधा उपलब्ध है, जहां सदस्य अंशदान, निकासी और वर्तमान शेष राशि दर्शाने वाली संक्षिप्त पासबुक देख सकते हैं। -
नई दिल्ली। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना तथा प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि डिजिटल निजी डेटा संरक्षण नियमों को अंतिम रूप दे दिया गया है और आने वाले दिनों में वे प्रकाशन के लिए तैयार हैं।
डिजिटल निजी डेटा संरक्षण फ्रेमवर्क की स्थापना भारत के डिजिटल निजी डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 के तहत की गई थी ताकि लोगों के निजी डेटा की रक्षा की जा सके। श्री वैष्णव ने यह बात इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के लोगो और प्रमुख गतिविधियों का शुभारंभ करते हुए कही। उन्होंने कहा कि इस संपूर्ण रूपरेखा को तैयार करने के लिए लंबे समय में तीन हजार से अधिक परामर्श आयोजित किए गए।श्री वैष्णव ने कहा कि भारत में अभी 38 हज़ार जीपीयू हैं और निकट भविष्य में और भी जीपीयू उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि पांच सौ से अधिक डेटा और एआई प्रयोगशालाओं का विस्तार समावेशी विकास, लोकतांत्रिक प्रौद्योगिकी और एआई तथा इलेक्ट्रॉनिकी में वैश्विक नेतृत्व का मार्ग प्रशस्त करेगा। मंत्री ने कहा कि अगले वर्ष भारत एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी करेगा। श्री वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे और विभिन्न देशों के कई शासनाध्यक्ष इसमें शामिल होंगे।उन्होंने कहा कि देश में एआई मिशन ने अच्छी प्रगति की है और देश के विभिन्न क्षेत्रों को एआई सुविधाएँ प्रदान करने के लिए यह मिशन अच्छी गति पकड़ रहा है। -
नई दिल्ली। भारत के सात प्राकृतिक स्थलों को यूनेस्को की अस्थायी विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। इन स्थलों में महाराष्ट्र के डेक्कन ट्रैप्स (पंचगनी और महाबलेश्वर), कर्नाटक के सेंट मैरी द्वीप की भूवैज्ञानिक धरोहर, मेघालय की गुफाएं, नागालैंड का नागा हिल ओफियोलाइट, आंध्र प्रदेश के एर्रा मट्टी डिब्बालू, आंध्र प्रदेश की तिरुमला पहाड़ियां और केरल की वर्कला चट्टानें शामिल हैं। इसके साथ ही भारत की अस्थायी सूची में अब कुल 69 स्थल हो गए हैं।
संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि इन नए स्थलों के जुड़ने के बाद भारत के पास अब यूनेस्को की अस्थायी सूची में 49 सांस्कृतिक, 17 प्राकृतिक और 3 मिश्रित धरोहर स्थल हैं। यह सूची भविष्य में विश्व धरोहर सूची में नामांकन के लिए अनिवार्य होती है। इन स्थलों के नामांकन का कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने किया है, जो भारत में विश्व धरोहर सम्मेलन का नोडल एजेंसी है। एएसआई ने ही इन स्थलों को संकलित कर यूनेस्को को प्रस्तुत किया। संस्कृति मंत्रालय ने यह भी याद दिलाया कि भारत ने जुलाई 2024 में नई दिल्ली में यूनेस्को की 46वीं विश्व धरोहर समिति की बैठक की मेजबानी की थी। इस बैठक में 140 से अधिक देशों के 2,000 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। - पन्ना. मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में अज्ञात हमलावरों ने 25 वर्षीय महिला और उसके पांच साल के बेटे की कथित तौर पर हत्या कर दी। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि वारदात के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने एक सड़क जाम कर दी। उन्होंने बताया कि यह घटना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र के माधोगंज इलाके में 16-17 सितंबर की दरमियानी रात को हुई, जब महिला अपने दो बच्चों के साथ घर पर थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अज्ञात आरोपियों ने महिला और उसके बेटे की मुंह में कपड़ा ठूस कर हत्या की है और डेढ़ साल के बच्चे को छोड़ दिया।अनुविभागीय पुलिस अधिकारी राजीव सिंह भदौरिया ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि महिला अपने घर पर ही किराना की दुकान चलाती थी और उसका पति पंजाब में मजदूरी करता है। पड़ोसी जगमोहन ने आरोप लगाया कि हत्यारों ने महिला के घर में चोरी भी की और उसके साथ दुष्कर्म भी किया। घटना की सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर माधवगंज चौराहे पर प्रदर्शन किया और सड़क मार्ग बाधित कर दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन खत्म किया।
- जयपुर. जयपुर जिले में बुधवार को हुए एक सड़क हादसे में दो सगे भाइयों की मौत हो गई और यह ह्रदयविदारक खबर सुनकर उनके बुजुर्ग पिता का भी देहांत हो गया। पुलिस ने बताया कि मामला चोमू के कालाडेरा थाना इलाके का है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हस्तेडा गांव (चौमू) के रहने वाले दो भाई लालचंद कुमावत (40) और रामेश्वरलाल (45) बाइक से चौमू की तरफ जा रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी और हादसे में दोनों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि यह दर्दनाक खबर सुनकर सदमे में आए उनके पिता दुर्गा लाल कुमावत बेहोश हो गए और शाम को उनकी भी मौत हो गई। बाद में तीनों का एक ही चिता पर एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
- भुवनेश्वर. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को राज्य भर के स्कूली बच्चों को मुफ्त बस यात्रा प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है। यह पहल मुख्यमंत्री बस सेवा (एमबीएस) योजना के तहत लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, सभी स्कूली बच्चे वैध छात्र पहचान पत्र दिखाने या स्कूल की पोशाक में होने पर मुफ्त बस यात्रा के पात्र होंगे। बयान के अनुसार, ओडिशा राज्य सड़क परिवहन निगम (ओएसआरटीसी) अधिकतम विद्यालयों के विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए बस मार्गों और समय-सारिणी में संशोधन करेगा। इसके साथ ही, जिला शिक्षा अधिकारी मार्गों के पुनर्निर्धारण के लिए आवश्यक आंकड़े उपलब्ध कराएंगे। बयान के मुताबिक, परिवहन निगम को होने वाली राजस्व हानि की भरपाई के लिए वाणिज्य एवं परिवहन विभाग बजट आवंटित करेगा।
- विशाखापत्तनम. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि अब तक 22 राज्यों को 50 साल की ब्याज-मुक्त सहायता के तहत लगभग 3.6 लाख करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। सीतारमण ने यहां 'सीआईआई जीसीसी बिजनेस समिट' को संबोधित करते हुए कहा कि देश में पूंजीगत निवेश (राज्यों समेत) बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.1 प्रतिशत हो गया जबकि वित्त वर्ष 2013-14 में यह सिर्फ 1.7 प्रतिशत था। सीतारमण ने कहा, “केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को 50 साल की ब्याज-मुक्त सहायता भी प्रदान की है ताकि वे अपनी पूंजीगत संपत्तियों को बढ़ा सकें और उन पर खर्च के लिए धन जुटा सकें। केंद्र ने सभी राज्यों को 50 साल की ब्याज-मुक्त राशि दी है और अब तक कुल मिलाकर लगभग 3.6 लाख करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।यह पिछले चार वर्षों की बात है।" उन्होंने कहा, "अब तक 22 राज्यों ने इसका इस्तेमाल किया है, जिससे उनके अपने संसाधनों से पूंजीगत व्यय में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज हुई है।” वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में 88 हवाई अड्डे चालू हुए, करीब 31,000 किलोमीटर की नई रेल पटरियां बिछाई गईं, मेट्रो नेटवर्क चार गुना बढ़ा, बंदरगाह क्षमता दोगुनी हुई और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में 60 प्रतिशत का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक से जुड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर पहल की है। सीतारमण ने वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के संदर्भ में कहा कि राज्य सरकारें निवेश आकर्षित करने और नीतिगत माहौल बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले बजट में केंद्र ने टियर-2 शहरों में जीसीसी को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय रूपरेखा का प्रस्ताव किया था। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें, उद्योग संगठन और वैश्विक कंपनियां मिलकर देश की जीसीसी क्षमता को और मजबूत कर सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इससे न केवल भारत की जीसीसी क्षेत्र में नेतृत्वकारी स्थिति सुदृढ़ होगी बल्कि नवाचार, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जो अंततः विकसित भारत 2047 संकल्प में योगदान देगा।''
- नयी दिल्ली. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) नवंबर में एक डिजिटल पोर्टल जारी करेगा। यह लगभग 10 लाख संस्थाओं को एकीकृत डिजिटल इंटरफेस प्रदान करेगा जिसकी मदद से सवालों, टिप्पणियों और निरीक्षण रिपोर्टों का सीधा जवाब दिया जा सकेगा। केंद्रीय महालेखा परीक्षक कार्यालय प्रणाली-आधारित रणनीतिक बदलाव की तरफ कदम बढ़ा रहा है, जिसमें दूरस्थ एवं हाइब्रिड ऑडिट को अपनाया जाएगा। इसका उद्देश्य ऑडिट का दायरा बढ़ाना, संस्थाओं तक भौतिक रूप से जाकर ऑडिट करने में लगने वाले समय को घटाना और ऑडिट निष्कर्ष की गुणवत्ता को सुधारना है। उप नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के. एस. सुब्रमण्यम ने यहां संवाददाताओं से कहा कि यह बदलाव जोखिम आधारित योजना, सरकारी मंचों (आईएफएमएस एवं सार्वजनिक निर्माण के लिए 'वामिस' जैसे क्षेत्रीय डेटाबेस) तक सुरक्षित पहुंच और पीएम गतिशक्ति जैसे भौगोलिक उपकरणों के उपयोग पर आधारित है।इसके पीछे मकसद सभी क्षेत्रों में साक्ष्य और निष्पक्षता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ ऑडिट के पायलट अध्ययन कई क्षेत्रों में पूरे हो चुके हैं और अब इन्हें सभी कार्यालयों में लागू किया जा रहा है। रसीदों के ऑडिट में दूरस्थ ऑडिट तेजी से बढ़ रहा है, क्योंकि डेटा अधिक स्वचालित, समृद्ध और मानकीकृत हैं। इसमें केंद्रीय और राज्यों के स्तर पर एक साथ जीएसटी ऑडिट भी शामिल है। उप नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ए. एम. बजाज ने कहा कि 'कैग-कनेक्ट' पोर्टल पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-सक्षम और सभी हितधारकों के लिए सुलभ बनाएगा। इससे ऑडिट टिप्पणियों पर नजर रखना और उनका त्वरित समाधान करना आसान होगा। केंद्र सरकार कृत्रिम मेधा (एआई) के इस्तेमाल से भी स्मार्ट ऑडिट को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत कैग-एलएलएम विकसित किया जा रहा है, जो दशकों के संस्थागत ज्ञान तक पहुंच प्रदान करेगा और ऑडिट विश्लेषण में दक्षता एवं निरंतरता बढ़ाएगा। एआई-संचालित प्रणाली संस्थागत क्षमता को मजबूत करेगी। यह बड़े डेटासेट और आंतरिक दस्तावेजों के विश्लेषण में मदद करेगी, रुझानों एवं जोखिमों की पहचान अधिक सटीकता से कर पाएगी और ऑडिटरों को गहन ऑडिट निष्कर्ष एवं विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में मदद करेगी।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को अपने 75वें जन्मदिन पर शुभकामनाओं और बधाई देने के लिए विश्व के कई नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। मोदी को बधाई देने वाले नेताओं में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूरोपीय आयोग प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज, इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद शामिल थे। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन, म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग, गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली और डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट ने भी मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे, साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स और त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने भी मोदी को शुभकामनाएं दीं। कई नेताओं ने जहां मोदी को फोन किया,वहीं कुछ अन्य ने प्रधानमंत्री के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो या टेक्स्ट संदेश पोस्ट किए। मोदी ने 'एक्स' पर कहा, "मेरे मित्र, राष्ट्रपति पुतिन, मेरे 75वें जन्मदिन पर आपके फ़ोन कॉल और हार्दिक शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। हम अपनी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री को जवाब में मोदी ने कहा, ‘‘मेरे मित्र, प्रधानमंत्री अल्बानीज़, आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी और हमारे घनिष्ठ जन-जन संबंधों को और मज़बूत करने की आशा करता हूं।'' तोबगे की शुभकामनाओं के जवाब में मोदी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं भूटान के साथ हमारी विशेष साझेदारी को और मजबूत करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।'' मोदी ने प्रधानमंत्री मेलोनी को भी उनकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया।उन्होंने कहा, ‘‘आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद प्रधानमंत्री मेलोनी। इटली की मित्रता की तहे दिल से सराहना करता हूं और इसे और मज़बूत करने के लिए तत्पर हूं।'' प्रधानमंत्री स्केरिट को जवाब में मोदी ने कहा, ‘‘आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद, प्रधानमंत्री स्केरिट। भारत डोमिनिका राष्ट्रमंडल के साथ मित्रता और एकजुटता के मजबूत बंधन को गहराई से संजोता है।" मोदी ने न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री लक्सन को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री लक्सन, आपकी हार्दिक शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं हमारी मित्रता को बहुत संजोता हूं। विकसित भारत 2047 की ओर भारत की यात्रा में न्यूज़ीलैंड एक महत्वपूर्ण साझेदार है।" गुयाना के अली को दिए गए अपने जवाब में, प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं आपकी हार्दिक भावनाओं से अभिभूत हूं जो भारत और गुयाना के बीच गहरी मित्रता और आपसी विश्वास के बंधन को दर्शाती हैं।'' प्रधानमंत्री मोदी का जन्म 17 सितंबर, 1950 को गुजरात के वडनगर के एक छोटे से कस्बे में हुआ था।
- विशाखापत्तनम. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि अगली पीढ़ी के माल एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधारों ने अर्थव्यवस्था में दो लाख करोड़ रुपये डाले हैं, जिससे लोगों के पास अधिक नकदी उपलब्ध हुई है। अन्यथा यह राशि कर चुकाने में चली जाती। अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों पर एक परिचर्चा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि कर सुधारों के बाद 12 प्रतिशत जीएसटी स्लैब के तहत आने वाली 99 प्रतिशत वस्तुओं पर पांच प्रतिशत कर लगाया गया है। इस बदलाव के परिणामस्वरूप 28 प्रतिशत कर स्लैब के तहत 90 प्रतिशत वस्तुएं 18 प्रतिशत स्लैब में आ गई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस नई पीढ़ी की कर व्यवस्था, जिसमें केवल दो स्लैब (पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत) हैं, से अर्थव्यवस्था में दो लाख करोड़ रुपये आए हैं। लोगों के पास ज्यादा नकदी होगी।'' मंत्री ने कहा कि जीएसटी राजस्व 2025 में बढ़कर 22.08 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा, जो इसके लागू होने के समय 7.19 लाख करोड़ रुपये था। उनके अनुसार, करदाताओं की संख्या पहले के 65 लाख से बढ़कर 1.51 करोड़ हो गई है।
- नई दिल्ली। भारत के आईटी सेक्टर के लिए आने वाले साल उत्साहजनक माने जा रहे हैं। एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में यह सेक्टर 6-7 प्रतिशत की दर से बढ़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक आईटी कॉन्ट्रैक्ट्स पर दबाव बना है, लेकिन कंपनियों की टेक्नोलॉजी पर बढ़ती खर्च की प्रवृत्ति इस चुनौती को संतुलित कर रही है।रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि अगले वित्त वर्ष (FY26) में आईटी सेक्टर की आय 5-6 प्रतिशत तक बढ़ेगी। हालांकि, प्रोजेक्ट वॉल्यूम यानी काम की मात्रा में यह बढ़ोतरी 8-10 प्रतिशत तक हो सकती है। इसकी बड़ी वजह यह है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और कई शीर्ष अमेरिकी कंपनियों ने वर्षों में अपने सबसे अच्छे तिमाही नतीजे दर्ज किए हैं। एचएसबीसी के विश्लेषकों का कहना है कि यह रुझान कंपनियों के भरोसे को बढ़ाएगा और 2025 तक तकनीकी खर्च में तेजी ला सकता है, जिससे एआई ऑटोमेशन के नकारात्मक असर को कम किया जा सकेगा।रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जैसे-जैसे एआई एजेंट्स “मल्टी-एजेंट सिस्टम” में बदलेंगे और कंपनियों को अपना सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर व इंफ्रास्ट्रक्चर दोबारा डिजाइन करना पड़ेगा, भारतीय आईटी कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। हालांकि, उद्योग के अनुमान बताते हैं कि एआई अगले तीन से चार साल में आईटी सेवाओं के कॉन्ट्रैक्ट्स की कीमतों को 8-10 प्रतिशत तक कम कर सकता है। यह सालाना 3-4 प्रतिशत का असर 2025 से 2027 के बीच देखने को मिलेगा। अभी तक भारतीय आईटी कंपनियां इस दबाव की भरपाई अधिक प्रोजेक्ट वॉल्यूम से करती रही हैं, जिससे उनकी कुल आय स्थिर बनी हुई है।एचएसबीसी ने यह भी साफ किया कि एडवांस “एजेंटिक एआई” सिस्टम्स आईटी सेवाओं को पूरी तरह खत्म नहीं करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, भले ही हाइपरस्केलर कंपनियां एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी बजट का बड़ा हिस्सा हासिल कर रही हों, लेकिन सेवाओं की पूरी तरह से जगह लेना अभी संभव नहीं है।इसी बीच, भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अगस्त 2025 में अपने 80 प्रतिशत कर्मचारियों (मुख्यतः मिड और जूनियर लेवल) को वेतनवृद्धि देने का ऐलान किया। हालांकि, कंपनी 2025 में करीब 12,000 कर्मचारियों की छंटनी भी करने जा रही है, जो इसकी कुल वर्कफोर्स का लगभग 2 प्रतिशत है। यह कदम कंपनी की पुनर्गठन रणनीति का हिस्सा है। टेक्नोलॉजी और एआई के बीच चल रही इस खींचतान के बावजूद, रिपोर्ट मानती है कि भारतीय आईटी सेक्टर आने वाले वर्षों में स्थिर वृद्धि बनाए रखेगा और एआई की चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता रखता है।-
- नई दिल्ली। जीएसटी परिषद द्वारा 3 सितंबर 2025 को आयोजित अपनी 56वीं बैठक में अनुमोदित नवीनतम जीएसटी सुधारों के तहत एक बड़ा प्रोत्साहन मिला है। कम जीएसटी, मॉड्यूल और घटकों की लागत में 3-4 प्रतिशत की कमी लाकर भारत में निर्मित नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगा और मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहलों को बढ़ावा देगा। भारत द्वारा 2030 तक 100 गीगावाट सौर ऊर्जा विनिर्माण क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने के साथ यह सुधार घरेलू विनिर्माण केंद्रों में नए निवेश को प्रोत्साहित करेगा। यह देखते हुए कि प्रत्येक गीगावाट विनिर्माण लगभग 5,000 रोज़गार सृजित करता है। यह सुधार अगले दशक में 5-7 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गारों को बढ़ावा दे सकता है, जिससे भारत का स्वच्छ ऊर्जा औद्योगिक इकोसिस्टम मज़बूत होगा।नवीकरणीय ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में जीएसटी दरों को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने से स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं की लागत कम होगी, जिससे बिजली अधिक किफायती होगी और घरों, किसानों, उद्योगों तथा डेवलपर्स को सीधा लाभ होगा। उदाहरण के लिए एक उपयोगिता-स्तरीय सौर परियोजना की पूंजीगत लागत जो आमतौर पर लगभग 3.5-4 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट होती है, अब 20-25 लाख रुपये प्रति मेगावाट की बचत करेगी। 500 मेगावाट के सौर पार्क के पैमाने पर इससे परियोजना लागत में 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमी आएगी, जिससे टैरिफ प्रतिस्पर्धा में उल्लेखनीय सुधार होगा।जीएसटी में कमी से स्तरीय नवीकरणीय ऊर्जा शुल्कों में कमी आने की उम्मीद है, जिससे वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) पर बिजली खरीद का वित्तीय बोझ कम होगा। इससे देशभर में बिजली खरीद लागत में सालाना 2,000-3,000 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। अंतिम उपभोक्ताओं को सस्ती और स्वच्छ बिजली की बेहतर पहुंच का लाभ मिलेगा, जिससे भारत के बिजली क्षेत्र की दीर्घकालिक स्थिरता को बल मिलेगा।इस सुधार से घरों के लिए रूफटॉप सोलर सिस्टम ज़्यादा किफ़ायती हो जाएंगे। एक सामान्य 3 किलोवाट का रूफटॉप सिस्टम अब लगभग 9,000-10,500 रुपये सस्ता हो जाएगा, जिससे लाखों परिवारों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान हो जाएगा और प्रधानमंत्री सूर्यघर: मुफ़्त बिजली योजना के तहत बड़े पैमाने पर इसे अपनाया जा सकेगा।पीएम-कुसुम योजना के तहत किसानों को भी काफ़ी फ़ायदा होगा। लगभग 2.5 लाख रुपये की लागत वाला 5 एचपी का सोलर पंप अब लगभग 17,500 रुपये सस्ता हो जाएगा। 10 लाख सोलर पंपों के पैमाने पर, किसानों को सामूहिक रूप से 1,750 करोड़ रुपये की बचत होगी, जिससे सिंचाई ज़्यादा किफ़ायती और टिकाऊ हो जाएगी।ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों को मिनी-ग्रिड, आजीविका संबंधी उपकरणों और सौर जल पंपों जैसे सस्ते विकेन्द्रीकृत समाधानों से भी लाभ होगा। कम भुगतान अवधि और बेहतर रिटर्न स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और छोटे व्यवसायों को स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा तक पहुंच प्रदान करके सशक्त बनाएंगे।जीएसटी में कटौती से न केवल ऊर्जा की लागत कम होगी बल्कि निवेशकों का विश्वास भी बढ़ेगा, जिससे बिजली खरीद समझौतों पर तेज़ी से हस्ताक्षर हो सकेंगे और परियोजनाओं को जल्दी शुरू किया जा सकेगा। चूंकि भारत 2030 तक लगभग 300 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ने की योजना बना रहा है, इसलिए लागत में 2-3 प्रतिशत की कमी से भी निवेश क्षमता में 1-1.5 लाख करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। प्रत्येक गीगावाट सौर ऊर्जा से सालाना लगभग 13 लाख टन सीओ₂ की बचत होती है, इसलिए जीएसटी युक्तिकरण द्वारा त्वरित कार्यान्वयन से 2030 तक प्रति वर्ष अतिरिक्त 50-70 लाख टन सीओ₂ उत्सर्जन से बचा जा सकता है।गौरतलब हो, संशोधित जीएसटी दरें 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी। इस ऐतिहासिक निर्णय से लाखों उपभोक्ताओं, किसानों, डेवलपर्स और निर्माताओं को सीधा लाभ होगा, साथ ही यह हरित विकास और ऊर्जा स्वतंत्रता के दोहरे लक्ष्यों में भी योगदान देगा।
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विजयपुरा (कर्नाटक)/ कर्नाटक के विजयपुरा जिले में स्थित एक सरकारी बैंक की शाखा में तीन नकाबपोश लोगों ने पिस्तौल और चाकू लेकर घुस गये और शाखा के कर्मचारियों को बांध दिया तथा 21 करोड़ रुपये मूल्य के नकद एवं स्वर्ण आभूषण लूट कर फरार हो गये। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जिले के चडचन कस्बे में यह घटना भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में मंगलवार को शाम छह बजे हुयी । बैंक अधिकारियों के अनुमान के अनुसार, कुल मिलाकर 21 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नकदी और सोने के आभूषणों की लूट हुयी है। पुलिस ने बताया कि तीन नकाबपोश बदमाश चालू खाता खोलने के बहाने बैंक की शाखा में घुसे और प्रबंधक, खजांची एवं अन्य कर्मचारियों को पिस्तौल एवं चाकू दिखा कर धमकाया। बाद में गिरोह ने कर्मचारियों के हाथ-पैर बांध दिए। प्राथमिकी में कहा गया है कि लुटेरे एक करोड़ से अधिक की नकदी और लगभग 20 किलोग्राम वजन के सोने के आभूषण लेकर फरार हो गए, जिनकी कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है। बैंक अधिकारियों के अनुसार, लुटे गए सामानों की कुल अनुमानित कीमत 21 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें एक करोड़ रुपये से अधिक नकद और लगभग 20 किलोग्राम सोने के आभूषण शामिल हैं, जिनकी कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि शाखा प्रबंधक की शिकायत के आधार पर इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और संदिग्धों को पकड़ने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। विजयपुरा के पुलिस अधीक्षक लक्ष्मण निम्बार्गी ने प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए पीटीआई-भाषा को बताया कि संदिग्धों ने फर्जी नंबर प्लेट वाली सुजुकी ईवीए गाड़ी का इस्तेमाल किया था। अपराध को अंजाम देने के बाद, वे महाराष्ट्र के पंढरपुर की ओर चले गए।
उन्होंने कहा, "आगे की जांच जारी है और संदिग्धों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। -
हैदराबाद. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इन दावों को खारिज कर दिया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत-पाक संघर्ष को रोकने के लिए उन्होंने हस्तक्षेप किया था। सिंह ने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की वजह से निलंबित नहीं की गई। रक्षा मंत्री ने यहां ‘हैदराबाद मुक्ति दिवस' समारोह में अपने संबोधन में कहा कि यदि भविष्य में कोई आतंकी हमला हुआ, तो ऑपरेशन सिंदूर फिर शुरू होगा। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग पूछ रहे हैं कि क्या भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम किसी के हस्तक्षेप की वजह से हुआ? मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि आतंकवादियों के खिलाफ अभियान किसी के हस्तक्षेप की वजह से नहीं रुका था।'' राजनाथ ने कहा, ‘‘कुछ लोग भारत-पाक संघर्ष को रोकने का दावा करते हैं। किसी ने ऐसा नहीं किया। मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने भी साफ किया था कि भारत ने इस मामले में तीसरे पक्ष की भूमिका खारिज कर दी।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि यह द्विपक्षीय मामला है और कोई तीसरा पक्ष इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
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नयी दिल्ली. भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बैंगलोर, अहमदाबाद और कलकत्ता दुनिया के शीर्ष 100 बी-स्कूलों में शामिल हो गए हैं। क्यूएस ग्लोबल एमबीए, ऑनलाइन एमबीए और बिजनेस मास्टर रैंकिंग 2026 के तहत यह आंकड़े दिए गए। लंदन स्थित क्यूएस ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत में इस वर्ष 14 संस्थान रैंकिंग में हैं और इनमें से तीन संस्थान दुनिया के शीर्ष 100 में शामिल हैं।'' ‘‘आईआईएम बैंगलोर 52वें स्थान पर है जो पिछले बार की तुलना में एक स्थान ऊपर बढ़ा है, आईआईएम अहमदाबाद 58वें स्थान पर आ गया है जो पिछले बार की तुलना में दो स्थान आगे है और आईआईएम कलकत्ता 64वें स्थान पर है, जो पिछले वर्ष की तुलना में एक स्थान ऊपर है। यह सफलता रोजगार योग्यता, निवेश पर लाभ और विचार नेतृत्व संकेतकों में मजबूत स्कोर के कारण है।'' क्यूएस ग्लोबल एमबीए और बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग 80 देशों और क्षेत्रों के 390 से अधिक सर्वश्रेष्ठ वैश्विक एमबीए और विशेष उच्च-मांग वाले बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग का विश्लेषण करती है। इसमें प्रबंधन, वित्त, विपणन, बिजनेस एनालिटिक्स और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में मास्टर्स डिग्री शामिल हैं। इस बार शुरू हुए वॉक्ससेन स्कूल ऑफ बिजनेस ने विविधता के लिए एशिया में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है और विश्व स्तर पर संयुक्त रूप से 26वें स्थान पर है। एमबीए तालिका में शीर्ष पायदान पर अमेरिका का दबदबा कायम है जहां सभी चार शीर्ष स्थान अमेरिकी बिजनेस स्कूलों के पास हैं। व्हार्टन स्कूल को 2020 के बाद पहली बार दुनिया का सर्वश्रेष्ठ स्कूल घोषित किया गया है और रोजगार योग्यता के मामले में दुनिया में शीर्ष स्थान दिया गया है। पिछले साल के शीर्ष स्थान पर रहे स्टैनफोर्ड जीएसबी का एमबीए चौथे स्थान पर है और हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल दूसरे स्थान पर तथा एमआईटी (स्लोन) तीसरे स्थान पर आ गया है। क्यूएस के अध्यक्ष नुन्ज़ियो क्वाक्वेरेली ने कहा, ‘‘भारत के बिजनेस स्कूल उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं जो हाल ही में क्यूएस रैंकिंग में इसके विश्वविद्यालयों में देखे गए सुधारों को दर्शाता है। क्यूएस ग्लोबल एमबीए रैंकिंग 2026 में भारत की सभी चार प्रविष्टियों ने इस वर्ष अपनी स्थिति में सुधार किया है - जो किसी भी अन्य देश के लिए बेजोड़ है।'' क्यूएस ने भारत स्थित 37 विशिष्ट बिजनेस मास्टर्स पाठ्यक्रमों को रैंक में शामिल किया है, जिनमें 19 मास्टर्स इन मैनेजमेंट, सात मास्टर्स इन फाइनेंस, पांच मास्टर्स इन बिजनेस एनालिटिक्स, चार मास्टर्स इन मार्केटिंग तथा दो मास्टर्स इन सप्लाई चेन मैनेजमेंट शामिल हैं।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बुधवार को भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने के लिए दिसंबर तक वार्ता पूरी करने की प्रतिबद्धता दोहराई। वॉन डेर लेयेन ने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए बुधवार को उनसे फोन पर बातचीत की, जिसमें एफटीए का मुद्दा भी उठा। बातचीत के दौरान मोदी ने वॉन डेर लेयेन से कहा कि वह भारत के साथ संबंधों के मामले में यूरोपीय संघ की ओर से अपनाए गए नये रणनीतिक एजेंडे की सराहना करते हैं। नये रणनीतिक एजेंडे का मकसद सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को “गहरा, व्यापक और बेहतर तरीके से समन्वयित” करना है। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “(यूरोपीय आयोग की) अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से बात करके हमेशा खुशी होती है। जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। आज भारत के साथ संबंधों के मामले में यूरोपीय संघ की ओर से अपनाए गए ‘नये रणनीतिक एजेंडे' के बारे में जानकर खुशी हुई।” उन्होंने लिखा, “नयी दिल्ली भारत-ईयू संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए तैयार है। यह हमारी साझा प्रतिबद्धता, साझा लक्ष्य और साझा जिम्मेदारी है। हम यूक्रेन संघर्ष के शीघ्र एवं शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं।” भारत की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने पारस्परिक समृद्धि के लिए भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा वैश्विक मुद्दों को संयुक्त रूप से सुलझाने के प्रयासों का स्वागत किया। बयान के मुताबिक, मोदी और वॉन डेर लेयेन ने भारत-ईयू एफटीए को अंतिम रूप देने के लिए संबंधित वार्ता को इस साल के अंत तक पूरी कर लेने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों के बीच मुक्त व्यापार समझौते के लिए 13वें दौर की वार्ता पिछले हफ्ते नयी दिल्ली में हुई थी। ईयू भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है, जिसके साथ वित्तीय वर्ष 2023-24 में 135 अरब अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार दर्ज किया गया था। दोनों पक्षों ने पहले ही 11 पहलुओं पर बातचीत पूरी कर ली है, जिनमें सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, विवाद निपटान, डिजिटल व्यापार, टिकाऊ खाद्य प्रणाली, लघु एवं मध्यम उद्यम, प्रतिस्पर्धा और सब्सिडी एवं पूंजी प्रवाह शामिल हैं। वहीं, स्रोत और बाजार तक पहुंच के नियम सहित कई प्रमुख मुद्दों पर बातचीत अभी पूरी नहीं हो पाई है।
बयान में कहा गया है, “दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। भारत यूक्रेन संघर्ष के शीघ्र और शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।” इसमें कहा गया है, “प्रधानमंत्री मोदी ने वॉन डेर लेयेन को अगले साल भारत में होने वाले भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए फिर से आमंत्रित किया।”

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