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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर देश और दुनिया के कई नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फोन कर पीएम मोदी को बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मेरे मित्र राष्ट्रपति पुतिन, आपके फोन कॉल और हार्दिक शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। हम भारत-रूस की विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान में हर संभव योगदान देने के लिए तैयार है।
वहीं डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट ने भी एक्स पर पोस्ट कर पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि डोमिनिका की सरकार और जनता की ओर से मैं भारत के प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देता हूं। हम महामारी के दौरान जीवन रक्षक सहायता सहित भारत के निरंतर सहयोग और जलवायु परिवर्तन तथा सतत विकास पर सहयोग की बहुत सराहना करते हैं। इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि धन्यवाद प्रधानमंत्री स्केरिट, भारत डोमिनिका राष्ट्रमंडल के साथ मित्रता और एकजुटता के मजबूत संबंधों को गहराई से संजोता है।इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने वीडियो संदेश जारी कर पीएम मोदी को बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री लक्सन, आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं हमारी मित्रता को बहुत महत्व देता हूं और भारत 2047 के विकासशील सफर में न्यूजीलैंड को एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता हूं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री को जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मेरे मित्र प्रधानमंत्री अल्बनीज, आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी और दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद करता हूं। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर नमो ऐप पर ‘सेवा पर्व 2025’ नामक विशेष 15 दिवसीय डिजिटल स्वयंसेवा अभियान की शुरुआत की गई है। यह कार्यक्रम 2 अक्टूबर तक चलेगा और इसका उद्देश्य पीएम मोदी की सेवा भावना और उनके जीवनभर की राष्ट्र प्रथम प्रतिबद्धता को सम्मानित करना है। सेवा पर्व 2025 के तहत नमो ऐप पर कई इंटरैक्टिव अनुभव उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें 15 तरह के सेवा कार्य शामिल हैं, जैसे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के तहत पेड़ लगाना, रक्तदान करना और स्वच्छ भारत अभियान में भाग लेना। हर सेवा कार्य को पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को अपनी सेल्फी अपलोड करनी होगी। सबसे अधिक सक्रिय यूजर्स को ‘सेवा लीडरबोर्ड’ पर सम्मानित किया जाएगा और उन्हें व्यक्तिगत प्रमाणपत्र भी मिलेगा।
इस अभियान में प्रधानमंत्री मोदी के जीवन को दर्शाने वाली एक वर्चुअल प्रदर्शनी भी शामिल है, जिसका शीर्षक है- ‘सेवा ही संकल्प, राष्ट्र प्रथम ही प्रेरणा 75 वर्ष’। इसमें इंटरएक्टिव पैनल, वीडियो और फोटोबूथ दिए गए हैं। यहां लोग पीएम मोदी की बचपन से अब तक की यात्रा देख सकते हैं और ‘मोदी माइलस्टोन फोटोबूथ’ के जरिए पीएम मोदी की जीवन पृष्ठभूमि पर आधारित तस्वीरों के साथ सेल्फी भी ले सकते हैं। कार्यक्रम में तकनीक का उपयोग भी खास तरीके से किया गया है। ‘एआई शुभकामना रील’ फीचर के जरिए लोग पीएम मोदी को व्यक्तिगत वीडियो शुभकामनाएं भेज सकते हैं। इसके लिए केवल अपना नाम, पेशा और सरकारी योजनाओं से जुड़े अनुभव साझा करने होंगे। इसके बाद यूजर्स को एआई जनरेटेड वीडियो और ऑडियो शुभकामना मिलती है, जिसे सोशल मीडिया पर साझा किया जा सकता है।इसके अलावा ‘अपने मोदी गुण खोजें’ नामक गतिविधि में प्रतिभागी कुछ सवालों के जवाब देकर यह जान सकते हैं कि पीएम मोदी के कौन से गुण उनमें मौजूद हैं। उन्हें एक विशेष कार्ड मिलता है, जिसमें उनकी समानता को दर्शाया गया है। साथ ही ‘नो योर नमो क्विज’ के जरिए लोग 10 सवालों का जवाब देकर मोदी जी के जीवन और नेतृत्व से जुड़ा ज्ञान परख सकते हैं। इसमें पूरे अंक पाने वालों को डाउनलोड करने योग्य प्रमाणपत्र भी दिया जाता है।एक और खास पहल ‘मैं भी मोदी’ गतिविधि है, जिसमें लोग सेवा करते समय अपनी सेल्फी अपलोड करते हैं। इन तस्वीरों को मिलाकर पीएम मोदी का एक विशाल कोलाज बनाया जाएगा, जो सेवा के जरिए एकता की भावना को दर्शाएगा। सेवा पर्व 2025 में ‘नमो पुस्तक संग्रह’ भी उपलब्ध है, जिसमें पीएम मोदी के जीवन और कार्यों पर आधारित किताबें शामिल हैं। इन्हें ऐप से खरीदा जा सकता है या उपहार के रूप में दूसरों को भेजा जा सकता है। इसके अलावा ‘नमो मर्चेंडाइज’ सेक्शन में पीएम मोदी के नारों वाले टी-शर्ट, मग और कैप जैसे उत्पाद भी खरीदे जा सकते हैं।कार्यक्रम का समापन ‘वर्ल्ड विशेज पीएम मोदी’ फीचर के साथ होता है, जिसमें दुनिया भर के नेताओं, गणमान्य व्यक्तियों और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के शुभकामना संदेश वास्तविक समय में दिखाए जाएंगे। इससे लोगों को यह अनुभव मिलेगा कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी का वैश्विक कद लगातार बढ़ रहा है। सेवा पर्व 2025 पीएम मोदी के जन्मदिन को सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि सेवा, मूल्यों और राष्ट्र-प्रथम की भावना को अपनाने का अवसर बना रहा है। यह पहल नागरिकों को सक्रिय रूप से भाग लेने और प्रधानमंत्री की प्रेरणादायी यात्रा से जुड़ने का मौका देती है। नमो ऐप पर जाकर कोई भी व्यक्ति इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकता है। - नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर बुधवार को भाजपा शासित राज्यों और विभिन्न स्थानों पर पार्टी संगठन ने स्वास्थ्य शिविर, स्वच्छता अभियान और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए मेलों जैसे कई संपर्क, कल्याण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। कई केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने रक्तदान शिविरों और वृक्षारोपण अभियान समेत विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में भाजपा शासित राज्यों द्वारा शुरू की गई पहलों और देश भर में आयोजित कार्यक्रमों की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: * प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के धार जिले में प्रधानमंत्री मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र एवं परिधान (पीएम मित्र) पार्क की आधारशिला रखी। * प्रधानमंत्री मोदी ने 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार' और 8वें राष्ट्रीय पोषण माह' अभियान की भी शुरुआत की, जिसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार और पोषण को बढ़ावा देना है। * केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने हरियाणा में रोहतक के सेक्टर 2 में पौधारोपण कर ‘नमो वन' का उद्घाटन किया। * केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली सरकार की 17 जन-कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें पांच नए अस्पताल ब्लॉक, 101 आयुष्मान आरोग्य मंदिर क्लीनिक शामिल हैं। * शाह ने नरेला में अटल आशा नर्सिंग होम और छात्रावास का उद्घाटन किया तथा अत्यधिक सहायता की आवश्यकता वाले व्यक्तियों की देखभाल करने वालों के लिए वित्तीय सहायता योजना आरंभ की। * शाह ने कॉलेज जाने वाली दृष्टिबाधित लड़कियों के लिए एक छात्रावास, वरिष्ठ नागरिकों के लिए सावित्री बाई फुले आश्रय गृह और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अग्निशमन के लिए 24 त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों का भी उद्घाटन किया। * केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने दिल्ली सरकार के 10 नए संसाधन केंद्रों का उद्घाटन किया, जिनसे लगभग 12,500 दिव्यांग बच्चों तक विभिन्न विशेष उपचारों की सुलभता सुनिश्चित होगी। * केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने घोषणा की कि दिल्ली के तीन लैंडफिल स्थलों पर कार्यरत सभी श्रमिकों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि मिलेगी। * केंद्रीय कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने दिल्ली विधानसभा में प्रधानमंत्री मोदी के जीवन और नेतृत्व पर एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। * दिल्ली विधानसभा द्वारा मोदी के बचपन पर आधारित लघु फिल्म 'चलो जीतें है' की विशेष स्क्रीनिंग भी की गयी। * दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने भाजपा नीत दिल्ली सरकार द्वारा 'सेवा पखवाड़ा' के तहत कर्तव्य पथ पर आयोजित शिविर में रक्तदान किया। * मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कर्तव्य पथ से नमो सुगम्य रथ और सुगम्य दिल्ली यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। * दिल्ली सरकार महिला स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मध्यप्रदेश के धार से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' अभियान के तहत शहर में 7,500 शिविर स्थापित करेगी। * प्रधानमंत्री मोदी के ऐप - नमो - ने ‘‘सेवा पर्व'' के तहत 15 दिनों की डिजिटल स्वयंसेवा पहल शुरू की है, जिसमें नागरिकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को सेवा कार्यों में हाथ बंटाने, मोदी की जीवन यात्रा पर नज़र डालने और रचनात्मक तरीकों से शुभकामनाएं साझा करने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम दो अक्टूबर तक चलेगा। * उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ और केदारनाथ समेत चारधाम और अन्य मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ 'स्वच्छोत्सव-2025' आरंभ किया। * राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के जवाहर कला केंद्र में ‘नमो प्रदर्शनी' का उद्घाटन किया, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर और राम मंदिर निर्माण समेत प्रधानमंत्री के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को प्रदर्शित किया गया। * लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा के ठेकड़ा क्षेत्र में नमो स्वास्थ्य जांच एवं पोषण शिविर का उद्घाटन किया तथा स्वस्थ महिला, सशक्त परिवार अभियान की शुरुआत की। * महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक योजना की घोषणा की जिसके तहत 'नमो पार्क' विकसित करने के लिए नगर पालिका परिषदों और नगर परिषदों को एक करोड़ रुपये वितरित किए जाएंगे। * तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने इस दिवस के उपलक्ष्य में 75 पौधे लगाने के अभियान का नेतृत्व किया। * केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान के अलवर में आयोजित रक्तदान और वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया। * इस दिन को मनाने के लिए, अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद नामक एक गैर सरकारी संगठन ने एक रक्तदान अभियान का आयोजन किया जिसका लक्ष्य एक दिन में तीन लाख यूनिट रक्त एकत्र करना था, जिससे एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित हुआ। * छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु साय ने 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान, 'अंगिकार-2025' पहल, पीएम स्वनिधि योजना 2.0 और कल्याण मेले की शुरुआत की। * छत्तीसगढ़ में, पीएमएवाई (शहरी) 2.0 के तहत लाभार्थियों को उनके स्वीकृत घरों के लिए निर्माण परमिट सौंपे गए, जबकि पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों को चेक वितरित किए गए * असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए अगले दो सप्ताह में पूरे राज्य में 14,690 स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेगी। * भाजपा की कश्मीर इकाई ने घाटी भर में रक्तदान शिविरों की एक श्रृंखला आयोजित की।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बुधवार को अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर शतरंज चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने पीएम मोदी के साथ अपनी कुछ यादें सोशल मीडिया पर साझा की हैं।
आनंद ने एक्स पर साझा की अपनी भावनायेंविश्वनाथन आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “जब मैं अपने शतरंज के सफर को देखता हूं, तो कुछ यादें ताजा हो जाती हैं। सिर्फ बोर्ड से नहीं, बल्कि जिंदगी से भी। ऐसी ही एक याद गुजरात की है। बरसों पहले, जब मैं अहमदाबाद में नेशनल चैंपियनशिप खेलने गया, तो मेरी एक आदत थी, खुद को गुजराती थाली से ट्रीट देना। यह मेरे लिए एक अनमोल आनंद का पल होता था। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन मेरे जीवन के इस छोटे से पल को कोई और नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी याद रखेंगे।”आनंद ने पीएम मोदी के साथ बिताए पलों को याद कियाविश्वनाथन आनंद ने बताया, “मुझे आज भी वह पल याद है, जब एक अनौपचारिक बातचीत के दौरान मैंने उनसे गुजराती थालियों के प्रति अपने लगाव का जिक्र किया था। यह सुनकर, वह मुस्कुराए और बोले, “अच्छा, तो चलिए।” बिना किसी औपचारिकता के, वह मुझे स्टेट गेस्ट हाउस ले गए, जहां हमने साथ बैठकर एक स्वादिष्ट गुजराती थाली का आनंद लिया। उन्होंने गर्मजोशी से यह भी कहा, “मैं आपको वह सबसे अच्छी थाली खिलाना चाहता हूं, जिसे आप याद रख सकें।” यह मेरे लिए एक अविस्मरणीय पल था। यह याद दिलाता है कि सच्चे नेता सिर्फ बड़े-बड़े सपनों से ही नहीं, बल्कि ऐसे छोटे-छोटे पलों के जरिए भी आपसे जुड़ते हैं।”मुझे हमेशा जो प्रेरित करता है, वह है उनका संतुलनउन्होंने कहा, “मुझे हमेशा जो प्रेरित करता है, वह है उनका संतुलन। एक ओर वह दक्ष, अनुशासित और गहन पेशेवर हैं, जहां उनकी पूरी टीम घड़ी की तरह सटीकता से काम करती है। दूसरी ओर, वह मिलनसार, गर्मजोशी से भरे और अक्सर प्रसन्नचित्त स्वभाव के हैं। एक ऐसे व्यक्ति, जो मजाक करके आपको सहज महसूस करा सकते हैं।”मैंने शतरंज की दुनिया में भी उनकी इनोवेटिव स्प्रिट देखी हैविश्वनाथन आनंद ने पीएम मोदी से जुड़े एक अन्य वाकये को याद करते हुए लिखा, “मैंने शतरंज की दुनिया में भी उनकी इनोवेटिव स्प्रिट देखी है। प्रधानमंत्री मोदी ने ही यह सुझाव दिया था कि जैसे ओलंपिक में मशाल रिले होती है, वैसे ही शतरंज ओलंपियाड का भी अपना मशाल रिले होना चाहिए। भले ही वह ओलंपिक से अलग हो। यह एक क्रांतिकारी विचार था। पहली बार शतरंज ओलंपियाड में मशाल रिले की परंपरा शुरू हुई। आज यह हमारे खेल की एक गौरवपूर्ण पहचान बन चुकी है, जिसे पूरी दुनिया ने अपनाया है।”पीएम मोदी दिल और दिमाग दोनों से प्रेरणा देने वाले व्यक्तिउन्होंने कहा, “मेरे लिए, पीएम नरेंद्र मोदी सिर्फ भारत के एक नेता ही नहीं, बल्कि दिल और दिमाग दोनों से प्रेरणा देने वाले व्यक्ति हैं। चाहे गुजराती भोजन हो या वैश्विक शतरंज परंपरा, वह विनम्रता, नवीनता और गर्मजोशी के सबक अपने पीछे छोड़ जाते हैं।” -
रांची। रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर ‘यात्री सेवा दिवस' मनाया गया और इस अवसर पर यात्रियों का गुलाब की कलियों से स्वागत किया गया। एक हवाई अड्डा अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस मौके को सांस्कृतिक रूप देने के लिए स्थानीय कलाकारों ने झारखंड के लोक नृत्यों का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, “नागर विमानन मंत्रालय के निर्देशानुसार, हवाई अड्डा प्राधिकारियों ने कई कार्यक्रम आयोजित किए। इसी कड़ी में यात्रियों का गुलाब की कलियों से स्वागत किया गया और उनके माथे पर ‘तिलक' लगाया गया। लोक नृत्यों का प्रदर्शन भी किया गया।” पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘एक पेड़ माँ के नाम' पहल के तहत हवाई अड्डा परिसर में 25 पेड़ लगाए गए। हवाई अड्डा निदेशक आरआर मौर्य ने कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के लिए एक रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया।
अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों के लिए एक नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित किया गया। युवा वर्ग में विमानन उद्योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दृष्टि से हवाई अड्डे ने इंटरमीडिएट छात्रों के लिए एक परिचयात्मक कार्यक्रम और करियर मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया, जिसमें नागरिक उड्डयन क्षेत्र में रोजगार के अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया गया। स्कूली छात्रों के लिए विमानन से जुड़े विषयों पर एक प्रश्नोत्तरी और चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। -
नयी दिल्ली. । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर बुधवार को गैर-सरकारी संगठन अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद ने एक दिन में तीन लाख यूनिट रक्त एकत्र कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने के लक्ष्य के साथ ‘रक्तदान अमृत महोत्सव 2.0' रक्तदान अभियान शुरू किया। परिषद के अखिल भारतीय महासचिव अमित जैन ने बताया कि इस अभियान के तहत भारत में लगभग 7,000 स्थानों पर रक्तदान शिविर लगाए गए हैं। इसके अलावा, भारतीय दूतावासों के सहयोग से विभिन्न अफ्रीकी देशों, अमेरिका, ब्रिटेन, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल समेत 70 से अधिक देशों में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। परिषद ने वर्ष 2022 में भी एक दिन में 2,50,000 यूनिट रक्त एकत्र कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था, जिसे अब पार करने का प्रयास किया जा रहा है। दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अणुव्रत भवन में रक्तदान किया। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने शिविर का दौरा कर संगठन के प्रयासों की सराहना की। जैन ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य ‘ब्लड बैंक' में रक्त की कमी को दूर करते हुए यह सुनिश्चित करना है कि रक्त की अनुपलब्धता के कारण किसी की जान न जाए। उन्होंने बताया, ‘‘भारत को प्रतिदिन लगभग 15,000 यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है, जबकि सालाना आवश्यकता लगभग 1.2 करोड़ यूनिट है। इसके मुकाबले वास्तविक उपलब्धता केवल 90 से 95 लाख यूनिट ही है, यानी 20-25 प्रतिशत की कमी बनी रहती है।'' देश में लगभग 1,50,000 थैलेसीमिया रोगी हैं जिन्हें नियमित रूप से रक्त की ज़रूरत होती है। इसके अतिरिक्त, कैंसर, डायलिसिस, हृदय रोग और बड़ी सर्जरी से गुजरने वाले रोगियों को भी रक्त की आवश्यकता होती है। जैन ने यह भी बताया, ‘‘भारत में हर साल लगभग 5,00,000 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें लाखों पीड़ितों को तत्काल रक्त चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। साथ ही, रक्त की सुरक्षित भंडारण अवधि सीमित होने के कारण यह स्थिति और भी जटिल हो जाती है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश की केवल एक प्रतिशत आबादी ही नियमित रक्तदान करती है और अगर सिर्फ दो प्रतिशत लोग भी साल में एक बार रक्तदान करें, तो भारत को कभी भी रक्त की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नारी शक्ति को भारत के विकास की असली नींव बताते हुए देशभर की माताओं-बहनों से संकोच छोड़ कर स्वास्थ्य शिविरों में जाकर नि:शुल्क जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपके उत्तम स्वास्थ्य से ज्यादा मूल्यवान कोई सरकारी तिजोरी नहीं है। प्रधानमंत्री बुधवार को मध्य प्रदेश के धार में ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ अभियान और ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ का शुभारंभ करने के बाद विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि मां स्वस्थ है तो पूरा परिवार स्वस्थ रहता है और यदि मां बीमार हो जाए तो घर की पूरी व्यवस्था चरमरा जाती है। उन्होंने कहा कि आज शुरू की गई पहलें केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि उन बच्चों और भावी नागरिकों के लिए भी हैं, जो अभी पैदा होने वाले हैं। उन्होंने कहा, “यह सुनिश्चित करना कि बच्चे स्वस्थ पैदा हों, उनकी भविष्य की भलाई और समृद्धि की नींव रखता है। यह कार्य केवल एक पीढ़ी का नहीं बल्कि अनगिनत पीढ़ियों का आशीर्वाद है।”
पीएम मोदी ने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए 2017 में शुरू की गई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पहली संतान पर पांच हजार रुपये और दूसरी बेटी के जन्म पर छह हजार रुपये सीधे लाभार्थी माताओं के बैंक खातों में जमा किए जाते हैं। अब तक 4.5 करोड़ से अधिक गर्भवती माताओं को इस योजना का लाभ मिला है और लगभग 19 हजार करोड़ रुपये सीधे उनके खातों तक पहुंचाए गए हैं।प्रधानमंत्री ने देशभर की माताओं-बहनों से संकोच छोड़कर स्वास्थ्य शिविरों में जाकर नि:शुल्क जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा, “इन शिविरों में कितनी भी महंगी जांच क्यों न हो, सब मुफ्त होंगी। आपके उत्तम स्वास्थ्य से ज्यादा मूल्यवान कोई सरकारी तिजोरी नहीं है। आयुष्मान कार्ड आपके लिए सुरक्षा कवच है। लाखों कैंप लगने वाले हैं और मैं अपने भाइयों से भी आग्रह करता हूं कि वे अपनी माताओं, बहनों और बेटियों का स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत यात्रा के लिए भारत की नारी शक्ति, युवा शक्ति, गरीब और किसान चार प्रमुख स्तंभ हैं। उन्होंने ‘लखपति दीदी’, ‘बैंक सखी’, ‘ड्रोन दीदी’, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और मुद्रा योजना जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं गरीबों, महिलाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही हैं ।उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है और इसमें हमारी नारी शक्ति सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर ध्यान देना, शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता—यही विकसित भारत की ठोस नींव है।प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर भगवान विश्वकर्मा की जयंती का स्मरण किया और उन्हें कौशल निर्माण का देवता बताते हुए नमन किया। उन्होंने महाराजा भोज की वीरता और मां वाग्देवी की कृपा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हमें राष्ट्र रक्षा और आत्मबल का संदेश देती है।उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती के दिन धार की धरती से देश के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क का शिलान्यास होना ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि यह पार्क भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को नई ऊर्जा देगा, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाएगा और युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराएगा।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने भारतीय बहनों-बेटियों का सिंदूर उजाड़ने का दुस्साहस किया था। उन्होंने दृढ़ स्वर में कहा, “हमारे वीर जवानों ने आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया और पाकिस्तान को पलक झपकते ही घुटनों पर ला दिया। यह नया भारत है, जो धमकियों से डरता नहीं बल्कि घर में घुसकर जवाब देता है।”साथ ही हैदराबाद मुक्ति दिवस की ऐतिहासिक घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की फौलादी इच्छाशक्ति और भारतीय सेना के साहस से हैदराबाद को अत्याचारों से मुक्त कराया गया था। प्रधानमंत्री ने कहा, “कई दशकों तक इस गौरवशाली घटना को भुला दिया गया था लेकिन हमारी सरकार ने इसे ‘हैदराबाद लिबरेशन डे’ के रूप में अमर कर दिया है।”त्योहारों के मौसम का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने नागरिकों से स्वदेशी उत्पाद अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आप जो भी खरीदें, उसमें किसी न किसी हिंदुस्तानी का पसीना होना चाहिए। उसमें हमारे देश की मिट्टी की महक होनी चाहिए। यही आत्मनिर्भर भारत का सही रास्ता है।”
पीएम मोदी ने बताया कि 22 सितंबर से कम जीएसटी दरें लागू होने जा रही हैं। नवरात्रि के पहले दिन से जब नई दरें लागू होंगी तो हमें स्वदेशी वस्तुएं खरीदकर इसका लाभ उठाना चाहिए।
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धर्मशाला (हिप्र).। तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई दी और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। मोदी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, ‘‘भारत में सबसे लंबे समय तक रहने वाले अतिथि के रूप में, मैंने पिछले कुछ वर्षों में हुए दूरगामी विकास और समृद्धि को प्रत्यक्ष रूप से देखा है और मैं हाल के दिनों में आपके बढ़ते आत्मविश्वास और शक्ति के लिए आपको बधाई देता हूं।'' इस पत्र को केंद्रीय तिब्बती प्रशासन की वेबसाइट पर भी साझा किया गया है। दलाई लामा ने कहा कि भारत दुनिया के सामने सद्भाव और स्थिरता का एक उदाहरण प्रस्तुत करता है और इसकी सफलता वैश्विक विकास में भी योगदान देती है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं स्वयं को भारत का एक गौरवशाली संदेशवाहक मानता हूं और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले और सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के उल्लेखनीय और गहन धार्मिक बहुलवाद के लिए उसकी करता हूं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम तिब्बतियों के लिए भारत न केवल हमारी आध्यात्मिक विरासत का स्रोत रहा है, बल्कि 66 वर्षों से भी अधिक समय से हमारा भौतिक घर भी रहा है। मैं एक बार फिर भारत सरकार और भारत की जनता के प्रति उनके गर्मजोशी भरे और उदार आतिथ्य के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करना चाहता हूं।''
- धार. । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को मध्यप्रदेश के धार जिले के ग्राम भैंसोला में देश के पहले ‘पीएम मित्र पार्क' का शिलान्यास किया और ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' तथा ‘आठवें राष्ट्रीय पोषण माह' अभियान की शुरुआत की। लगभग 2,158 एकड़ के भूभाग में विकसित होने वाला यह ‘पीएम मित्र पार्क' विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित होगा और इसका सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के कपास उत्पादकों को मिलेगा क्योंकि इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को 75 वर्ष के हो गए और उनके जन्मदिन पर मध्यप्रदेश का यह उनका दूसरा दौरा है। प्रधानमंत्री ने 17 सितंबर, 2022 को नामीबिया से लाए गए जंगली चीतों को राज्य के श्योपुर जिले के कुनो राष्ट्रीय उद्यान के एक बाड़े में छोड़ा था। इन चीतों को ‘प्रोजेक्ट चीता' के तहत भारत लाया गया था। एक अधिकारी ने बताया कि ‘पीएम मित्र पार्क' में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, सौर ऊर्जा संयंत्र, आधुनिक सड़कें आदि जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए आवास और सामाजिक सुविधाएं भी होंगी जो इसे केवल औद्योगिक क्षेत्र ही नहीं बल्कि आदर्श औद्योगिक नगर का रूप देती हैं। उन्होंने कहा कि ‘पीएम मित्र पार्क' में देश की अग्रणी टेक्सटाइल कंपनियों ने भरोसा जताते हुए अब तक 23 हजार 146 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिये हैं। अधिकारी ने बताया कि यह निवेश उद्योगों की स्थापना के साथ स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा कि वस्त्र क्षेत्र के बड़े संगठनों और उद्योग समूहों ने यहां निवेश करने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा, ‘‘इससे न केवल प्रदेश को औद्योगिक लाभ मिलेगा, बल्कि निर्यात भी बढ़ेगा। धार से तैयार वस्त्र और परिधान अब सीधे वैश्विक बाजार में पहुंचेंगे और जल्दी ही मध्यप्रदेश की पहचान अब टैक्सटाइल-हब के रूप में होने लगेगी।'' एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘5-एफ' विज़न के अनुरूप यह पार्क 'फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से फॉरेन की संपूर्ण ‘वैल्यू चैन' बनायेगा। बयान में कहा गया है, ‘‘किसानों से प्राप्त कच्चा कपास उद्योगों में धागा बनेगा, वहीं से वस्त्र और परिधान तैयार होंगे और यही उत्पाद विदेशों तक जाएंगे। इस तरह पूरी वैल्यू चैन एक ही स्थान पर पूरी होगी। यही इस पार्क की विशिष्टता होगी और अन्य पार्कों के लिये आदर्श बनेगी।'' इस बयान के अनुसार, ‘पीएम मित्र पार्क' से लगभग तीन लाख रोजगार सृजित होंगे, जिसमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल होंगे। केंद्र सरकार ने 2021-22 से 2027-28 की अवधि के बीच 4,445 करोड़ रुपये की लागत से सात पीएम मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र और परिधान (पीएम मित्र) पार्क स्थापित करने को मंजूरी दी थी। मध्यप्रदेश के अलावा तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश में पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री द्वारा शुरु किए गए ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' और ‘आठवें राष्ट्रीय पोषण माह' अभियान दो अक्टूबर तक जारी रहेंगे। इसके तहत देश भर के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में एक लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। एक बयान में कहा गया इस राष्ट्रव्यापी सघन अभियान का उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर महिला-केंद्रित निवारक, प्रोत्साहन कारी और उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। यह गैर-संचारी रोगों, एनीमिया, तपेदिक और सिकल सेल रोग की जांच, शीघ्र पहचान और उपचार लिंकेज को सुदृढ़ बनाएगा, साथ ही प्रसवपूर्व देखभाल, टीकाकरण, पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता, जीवन शैली और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यकलापों के माध्यम से मातृ, शिशु और किशोर स्वास्थ्य को बढ़ावा देगा। इस बयान के मुताबिक स्त्री रोग, बाल रोग, नेत्र रोग, ईएनटी, दंत चिकित्सा, त्वचा रोग और मनोचिकित्सा सहित विशेषज्ञ सेवाएं मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, केंद्र सरकार के संस्थानों और निजी अस्पतालों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी। बयान में कहा गया है कि पर्यावरण संरक्षण और महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री राज्य की ‘एक बगिया मां के नाम' पहल के तहत एक महिला स्वयं सहायता समूह की एक लाभार्थी को एक पौधा भेंट करेंगे। मध्यप्रदेश में 10,000 से अधिक महिलाएं ‘मां की बगिया' विकसित करेंगी। महिला समूहों को पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव और मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्यों सहित भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
- नयी दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर यहां कर्तव्य पथ पर आयोजित एक शिविर में रक्तदान किया। प्रधानमंत्री बुधवार को 75 साल के हो गये। उनके जन्मदिन को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत दिल्ली सरकार द्वारा सेवा पखवाड़ा के रूप में मनाया जा रहा है। गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे रक्त की एक-एक बूंद देश को समर्पित है। हम प्रधानमंत्री के सेवा के संदेश का पालन करते हैं। ‘कथनी और करनी एक होनी चाहिए'-इस कहावत को मानते हुए मैंने शिविर में रक्तदान किया।'' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के लिए बहुत कुछ किया है... दिल्ली में पहली बार लोग इस मंच से ‘धन्यवाद मोदीजी' कह रहे हैं।'' गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी को यशोभूमि और भारत मंडपम जैसे स्थलों तथा बेहतर सड़क संपर्क की सौगात देने के लिए भी प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने भी शिविर में रक्तदान किया और प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य तथा दीर्घायु की कामना की। उनके कैबिनेट सहयोगी कपिल मिश्रा ने बताया कि दिल्ली सरकार इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर एक रक्तदान शिविर और एक पदयात्रा का आयोजन कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘बाद में, त्यागराज स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में लोगों के लिए कई सेवाएं संचालित की जाएंगी। गुप्ता और उनके मंत्रियों ने कर्तव्य पथ पर ‘सेवा संकल्प' पदयात्रा में भी भाग लिया। पदयात्रा के दौरान, गुप्ता ने महाराष्ट्र के लोक नर्तकों के साथ नृत्य भी किया। दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी ढोल की थाप पर नृत्य किया। पदयात्रा के दौरान ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिंदाबाद'' और ‘‘धन्यवाद मोदीजी'' के नारे लगाए गए।दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि मोदी देश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते हैं और भारत के सम्मान को बनाकर रखने के लिए दुनिया के नेता उनसे मिलते हैं। उनके सहयोगी प्रवेश वर्मा ने कहा कि आम जनता और पार्टी कार्यकर्ता स्वच्छता अभियान, रक्तदान और ऐसे अन्य कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हर कोई अपने-अपने तरीके से प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्मदिन की बधाई दे रहा है। मैं भी प्रधानमंत्री मोदी को शुभकामनाएं देता हूं और उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं।'' इससे पहले, मंत्री सिरसा और कपिल मिश्रा ने मरघट वाले हनुमान मंदिर और गुरुद्वारा बंगला साहिब में मोदी की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। मिश्रा ने कश्मीरी गेट स्थित मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ भी करवाया। मिश्रा ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर, हम मरघट वाले हनुमान मंदिर पहुंचे हैं। हम भगवान हनुमान से उनकी (प्रधानमंत्री मोदी की) लंबी आयु और सुरक्षा की प्रार्थना करते हैं।'' सिरसा ने कहा, ‘‘मैंने गुरुद्वारा बंगला साहिब में प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। जब से वह प्रधानमंत्री बने हैं, भारत का नाम दुनिया भर में पहचाना जा रहा है।''
- नयी दिल्ली.। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर उन्हें बधाई दी और कहा कि प्रधानमंत्री पिछले पांच दशक से भी अधिक समय से लोगों के कल्याण के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं और वह प्रत्येक नागरिक के लिए ‘राष्ट्र प्रथम' के आदर्श वाक्य की जीवंत प्रेरणा हैं। ‘हैप्पी बर्थडे पीएम मोदी' हैशटैग के साथ ‘एक्स' पर अपने पोस्ट में शाह ने यह भी कहा कि ‘‘व्यवस्था में शुचिता, निर्णयों में दृढ़ता और नीतियों में स्पष्टता लाने वाले मोदी जी ने शासन के केंद्र में वंचितों, पिछड़ों, गरीबों, महिलाओं और आदिवासियों को लाने का अविस्मरणीय कार्य किया है। करोड़ों देशवासियों के जीवन में अकल्पनीय परिवर्तन लाकर ‘विकसित' और ‘आत्मनिर्भर भारत' की निर्माण यात्रा से उन्हें जोड़ने वाले मोदी जी पर पूरे देश को गर्व है।'' शाह ने कहा कि ‘‘देश के लिए त्याग, तपस्या और सर्वस्व समर्पण का नाम है- श्री नरेन्द्र मोदी जी।''उन्होंने कहा, ‘‘सामाजिक जीवन में पांच दशक से अधिक समय से देशवासियों के कल्याण हेतु बिना रुके, बिना थके अनवरत कार्य करने वाले मोदी जी हर एक देशवासी के लिए ‘राष्ट्र प्रथम' की जीवंत प्रेरणा हैं।'' गृह मंत्री ने कहा कि संघ (आरएसएस) से संगठन और सरकार तक, मोदी जी की जीवन यात्रा बताती है कि जब निश्चय हिमालय के समान अडिग और दृष्टि समुद्र के समान विशाल हो, तो कितने व्यापक परिवर्तन संभव हैं। उन्होंने कहा, ‘‘करोड़ों देशवासियों के जीवन में अकल्पनीय परिवर्तन लाकर ‘विकसित' और ‘आत्मनिर्भर भारत' की निर्माण यात्रा से उन्हें जोड़ने वाले मोदी जी पर पूरे देश को गर्व है।'' शाह ने कहा, ‘‘बीते चार दशक से मोदी जी को अलग-अलग दायित्वों में देख रहा हूं। चाहे संघ के प्रचारक हों, भाजपा के संगठन मंत्री, गुजरात के मुख्यमंत्री या बीते 11 वर्षों से देश के प्रधानमंत्री, मोदी जी ने हमेशा राष्ट्र प्रथम को आगे और स्वयं को पीछे रखा है। मेरे जैसे कार्यकर्ता सौभाग्यशाली हैं, जिन्हें उनके साथ उनकी हर भूमिका में कार्य करने का अवसर मिला।'' गृह मंत्री ने कहा कि चाहे कोई भी दायित्व हो, मोदी जी ने हमेशा रचनात्मक कार्यों और निर्णयों को बढ़ावा दिया। शाह ने कहा कि मोदी ने जिन क्षेत्रों में विकास पहुंचना तो दूर, जहां की लोग बात तक नहीं करते थे, मोदी जी ने उन क्षेत्रों में पिछले 11 वर्षों में विश्वस्तरीय बुनियादी संरचना पहुंचाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा, ‘‘असम में सबसे लंबा पुल, कश्मीर में दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब रेलवे ब्रिज, सेमीकंडक्टर इकाई, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मोदी सरकार में हर क्षेत्र में नंबर 1 बन रहे भारत के ये प्रतीक हैं। आज जब रेहड़ी-पटरी पर सब्जी बेचने वाले भी गर्व से यूपीआई दिखाते हैं, तब नरेन्द्र मोदी होने का अर्थ समझ आता है।'' शाह ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में ‘ब्राइट स्पॉट' कहा है, और देश की विकास दर दुनिया में सबसे अधिक रही है। शाह ने कहा, ‘‘आज भारत में 60 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आ रहे हैं और देश वैश्विक अर्थव्यवस्था का नेता भी बन रहा है। यह मोदी एरा (युग) में ही संभव था।'' उन्होंने कहा कि समस्याओं को दूरदृष्टि से देखना और उनका पूरी निष्ठा से समाधान करना मोदी जी के व्यक्तित्व की खासियत है। शाह ने कहा, ‘‘पूरा विश्व उन्हें ‘प्रॉब्लम-सॉल्विंग' नेता मानता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘युद्धों, तनावों और वैश्विक लॉबी के दौर में मोदी जी पूरी दुनिया के सामने संवाद-सेतु बनकर उभरे हैं। इसी कारण दुनिया के 27 देशों ने विश्व-मित्र मोदी जी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है। यह उनके वैश्विक नेतृत्व का प्रतीक है।'' गृह मंत्री ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक आकांक्षाओं का केंद्र बन गया है। ‘‘चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव से द्वारका में समुद्र की गहराई तक, उन्होंने विरासत और विज्ञान दोनों को गौरवान्वित किया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘उनके नेतृत्व में, भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में नए मील के पत्थर स्थापित कर रहा है। स्वदेशी कोविड टीकों और स्वदेशी रक्षा प्रणालियों से लेकर स्टार्टअप, नवाचार, किसानों की फसलों के उचित मूल्य सुनिश्चित करने और विनिर्माण मिशन तक, मोदी एक ऐसे भारत का निर्माण कर रहे हैं जो हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर है।''
- नयी दिल्ली। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिन पर बधाई देते हुए बुधवार को कहा कि उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहा है। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में राधाकृष्णन ने मोदी के दीर्घायु होने, स्वस्थ रहने और देश की सेवा में समर्पित जीवन की कामना की। उन्होंने कहा, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। आपके दूरदर्शी नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहा है और एक विकसित राष्ट्र के लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है।'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को 75 वर्ष के हो गए। केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्य सरकारों ने दो अक्टूबर तक देशभर में स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन, स्वच्छता अभियानों, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए मेलों और बुद्धिजीवियों के समागम जैसे अनेक जनसंपर्क, कल्याण, विकास और जागरूकता कार्यक्रमों की योजना बनाई है।
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नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने वोटरों की सुविधा और स्पष्टता बढ़ाने के लिए ईवीएम बैलेट पेपर के डिजाइन और प्रिंटिंग से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह संशोधन चुनाव नियम 1961 के नियम 49B के तहत किया गया है। इन नए प्रावधानों के तहत उम्मीदवारों की तस्वीरें अब बैलेट पेपर पर रंगीन रूप में छपी होंगी और चेहरा तस्वीर के तीन-चौथाई हिस्से में होगा ताकि वह साफ और आसानी से पहचाना जा सके।
चुनाव आयोग ने पिछले छह महीनों में चुनाव प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए 28 अहम पहलें की हैं और यह कदम उसी श्रृंखला का हिस्सा है। अब उम्मीदवारों और ‘नोटा’ (NOTA) के क्रमांक अंतरराष्ट्रीय भारतीय अंकों के रूप में लिखे जाएंगे। उनकी फॉन्ट साइज 30 और बोल्ड होगी ताकि मतदाताओं को स्पष्ट रूप से दिखाई दे। सभी उम्मीदवारों और ‘नोटा’ के नाम एक ही फॉन्ट और एक ही आकार में बड़े अक्षरों में छापे जाएंगे जिससे समानता और स्पष्टता बनी रहे।नए बैलेट पेपर 70 GSM पेपर पर छापे जाएंगे। विधानसभा चुनावों के लिए इन बैलेट पेपरों का रंग गुलाबी होगा और इसके लिए तय किए गए विशेष RGB मानों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन बदलावों का इस्तेमाल सबसे पहले आगामी बिहार चुनावों में किया जाएगा और इसके बाद अन्य राज्यों में भी इसे लागू किया जाएगा।इन सुधारों से मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया के दौरान आसानी होगी और बैलेट पेपर अधिक पढ़ने योग्य और स्पष्ट दिखाई देंगे। - - नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि भारत ने चालू वित्त वर्ष के पहले पांच माह (अप्रैल-अगस्त) के दौरान 23 गीगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी है। उन्होंने कहा कि देश अब 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय क्षमता हासिल करने के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में ‘एफटी लाइव एनर्जी ट्रांजिशन समिट इंडिया' को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। जोशी ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों सहित उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘इस वित्त वर्ष में अबतक भारत ने केवल पांच महीनों में 23 गीगावाट नवीकरणीय क्षमता जोड़ी है।यह एक ऐसी उपलब्धि है जिसे अधिकांश देश कई वर्षों में हासिल नहीं कर सकते।'' नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश की प्रगति का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने आज अपनी स्थापित गैर-जीवाश्म क्षमता को लगभग 252 गीगावाट तक बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम 500 गीगावाट के अपने लक्ष्य का आधा पड़ाव पार कर चुके हैं। इसके अलावा, भारत ने गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत भी हासिल कर लिया है, जो पेरिस समझौते में राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) के तहत निर्धारित लक्ष्य से पांच साल पहले है। वास्तव में, जी20 देशों में, भारत 2021 तक अपने 2030 के लक्ष्यों को हासिल करने वाला एकमात्र देश है।'' उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत लगभग 20 लाख (लक्षित एक करोड़ का 20 प्रतिशत) घरों को सौर ऊर्जा से रोशन किया गया है। इस योजना से छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से 30 गीगावाट सौर क्षमता जुड़ने का अनुमान है।जोशी ने कहा कि सही मायने में सूर्य घर से लाभान्वित होने वाले परिवारों की संख्या ऑस्ट्रिया, स्विट्जरलैंड, इजराइल या सिंगापुर जैसे देशों की जनसंख्या से भी अधिक है। उन्होंने कहा, ‘‘देखिए, लगभग 51 प्रतिशत देशों की जनसंख्या एक करोड़ से कम है। इसलिए हम इसी पैमाने पर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से, लाखों परिवार स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादक बन गए हैं।'' उन्होंने आगे कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत का उदय असाधारण रहा है। कुछ ही साल में भारत सौर, पवन और हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं का तेजी से विस्तार करते हुए एक वैश्विक ताकत बन गया है। ‘‘हमारी सौर मॉड्यूल निर्माण क्षमता अब 100 गीगावाट है, जो मार्च, 2024 और मार्च, 2025 के बीच दोगुनी हो गई है। इसी दौरान, हमारी पीवी सेल निर्माण क्षमता नौ गीगावाट से तिगुना होकर 25 गीगावाट हो गई है और आज यह 27 गीगावाट है।''
- नयी दिल्ली. केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में रह रहे लगभग 16,000 विदेशी नागरिकों की पहचान करने को कहा है। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि इन विदेशों नागरिकों में से ज्यादातर अफ्रीकी देशों से हैं और ये मादक पदार्थों की तस्करी सहित अन्य अपराधों में शामिल हो सकते हैं। देश की संघीय मादक पदार्थ निरोधक एजेंसी स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक पत्र भेजकर ऐसे लोगों का पता लगाने और संशोधित विदेशी अधिनियम के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। यह अधिनियम भारत में विदेशियों के आव्रजन, प्रवेश और प्रवास को नियंत्रित करता है।अधिकारियों ने बताया कि यह पाया गया कि ऐसे कई विदेशी मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त हैं, जिनमें से कुछ आदतन अपराधी भी हैं। उन्होंने बताया कि यह भी पाया गया कि इन लोगों के वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी थी लेकिन वे अब भी देश में हैं और उनमें से कई मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित अपराधों में लिप्त हैं। एनसीबी की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, देश में विभिन्न एजेंसियों ने मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों में कथित रूप से लिप्त कुल 660 विदेशियों को गिरफ्तार किया। रिपोर्ट में बताया गया कि इनमें से 203 नागरिक नेपाल से, 106 नाइजीरिया से, 25 म्यांमा से, 18 बांग्लादेश से, 14 आइवरी कोस्ट से और 13 घाना से थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके अलावा 200 से ज्यादा ऐसे लोग भी थे, जिनकी राष्ट्रीयता की पहचान नहीं हो पाई।
- नयी दिल्ली. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जैव-ईंधन के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन को नुकसान होने संबंधी दावे को मंगलवार को 'बकवास' बताते हुए खारिज कर दिया। इसके साथ ही पुरी ने कहा कि 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण वाले पेट्रोल (ई-20) का वाहनों में इस्तेमाल पर्यावरण के लिहाज से पूरी तरह सुरक्षित है। पेट्रोलियम मंत्री ने केपीएमजी के वार्षिक ऊर्जा एवं संसाधन सम्मेलन 'एनरिच 2025' को संबोधित करते हुए कहा, “जैव-ईंधन से इंजन खराब होने की जो कहानियां सुनते हैं, वे सब ‘बीएस' हैं।” यहां पर उनका इशारा बकवास के अंग्रेजी तंज की तरफ था।उन्होंने कहा कि गन्ने या अनाज से प्राप्त एथनॉल से बनाया जाने वाला ई-20 पेट्रोल देशभर के 90,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध है और वाहनों में इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है। कुछ वाहन चालकों और वाहन विनिर्माताओं ने पुराने वाहनों पर ई-20 पेट्रोल के असर को लेकर चिंताएं जताई थीं, लेकिन बाद में कहा गया कि वाहन इसके इस्तेमाल को लेकर सुरक्षित हैं। हालांकि पुरी ने यह स्वीकार किया कि ई-20 के इस्तेमाल पर पुराने वाहनों में रबर से बने कुछ कलपुर्जों और गैस्केट को बदलने की जरूरत हो सकती है लेकिन यह एक 'सरल प्रक्रिया' है। उन्होंने कहा कि 2014 में पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण मात्र 1.4 प्रतिशत होता था, जो अब बढ़कर 20 प्रतिशत हो गया है। मंत्री ने कहा, "अब मैं इसे यहीं पर पूरी तरह रोक देना चाहता हूं। अब हम इसका आकलन करेंगे कि हमें कहां जाना है। आप जो भी कहानियां सुनते हैं कि हम इसे लेकर एक और छलांग लगाने जा रहे हैं, अभी हम उस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं।" पुरी ने कहा कि भारत की ऊर्जा मांग अगले दो दशकों में वैश्विक औसत से तीन गुना बढ़ने का अनुमान है और दुनिया की ऊर्जा मांग में 25 प्रतिशत वृद्धि अकेले भारत से होगी। ऐसे में आयात पर 88 प्रतिशत निर्भरता को कम करने और उत्सर्जन घटाने के लिए जैव-ईंधन अनिवार्य है। पिछले महीने मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि ई-20 पेट्रोल से वाहनों के माइलेज में केवल एक-दो प्रतिशत (चार पहिया वाहनों में) और तीन-छह प्रतिशत (अन्य वाहनों में) की गिरावट होती है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि भारत में बढ़ती हुई कुशल प्रतिभा की संख्या ग्लोबल सेमीकंडक्टर डिजाइन कंपनियों को बड़ी संख्या में आकर्षित कर रही है. बेंगलुरु में चिप डिजाइन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ARM के नए कार्यालय के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार की सेमीकंडक्टर मिशन का मुख्य उद्देश्य एक मजबूत और गहरी प्रतिभा श्रृंखला विकसित करना है, और अब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं.मंत्री ने कहा, “सेमीकंडक्टर मिशन के तहत हमारा एक बड़ा लक्ष्य एक गहरी टैलेंट पाइपलाइन तैयार करना रहा है. यह अब दिखाई दे रहा है, क्योंकि दुनिया की कई प्रमुख डिजाइन कंपनियां भारत आ रही हैं — क्योंकि यहां टैलेंट मौजूद है.”278 विश्वविद्यालयों में सेमीकंडक्टर शिक्षा का विस्तारअश्विनी वैष्णव ने बताया कि सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत देशभर के 278 विश्वविद्यालयों और संस्थानों को सहायता प्रदान की जा रही है, जहां छात्रों को अब दुनिया के नवीनतम EDA टूल्स के माध्यम से चिप डिजाइन की पढ़ाई कराई जा रही है. उन्होंने बताया कि अब तक छात्रों द्वारा 28 चिप्स डिजाइन किए जा चुके हैं, जो भारत में सेमीकंडक्टर डिजाइन के प्रति वैश्विक कंपनियों के भरोसे को दर्शाता है.ARM भारत में बनाएगी 2 नैनोमीटर चिप्सउन्होंने यह भी घोषणा की कि ARM अपने बेंगलुरु स्थित नए कार्यालय से 2 नैनोमीटर (2nm) चिप्स सहित कई उन्नत चिप्स का डिजाइन कार्य करेगी. मंत्री ने ARM की टीम को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के अत्याधुनिक कार्य के लिए भारत को केंद्र बनाना एक बड़ा कदम है.उन्होंने यह भी बताया कि चिप डिजाइन के साथ-साथ अब सप्लाई चेन के अन्य हिस्सों जैसे केमिकल, गैस, सब्सट्रेट्स और मैन्युफैक्चरिंग इक्विपमेंट्स से जुड़े इकोसिस्टम पार्टनर्स भी भारत में अपने केंद्र स्थापित कर रहे हैं.डीप टेक फंड और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0अश्विनी वैष्णव ने आगे बताया कि सरकार ने उन्नत तकनीकों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए "इंडिया डीप टेक फंड" लॉन्च किया है, जिसकी शुरुआत $1 बिलियन की राशि से की गई है. इस फंड का उद्देश्य एआई, सेमीकंडक्टर, बायोटेक जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप्स और अनुसंधान को सहायता देना है.उन्होंने बताया कि जल्द ही सेमीकंडक्टर मिशन का वर्जन 2.0 लाया जाएगा, जिसमें सिर्फ चिप डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग नहीं, बल्कि उससे जुड़ी मशीनों, उपकरणों और मटेरियल्स के स्थानीय निर्माण पर भी फोकस किया जाएगा.उन्होंने कहा. “हम पूरी सेमीकंडक्टर स्टैक पर काम कर रहे हैं — डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक, उपकरणों से लेकर मटेरियल्स तक, और प्रतिभा निर्माण से लेकर वैश्विक नेतृत्व तक. यह सिर्फ शुरुआत है, आगे की प्रगति और भी बेहतर होगी,”
- हरिद्वार। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को सदैव मानवता की सेवा करनी चाहिए और इसे मानव को नियंत्रित करने का साधन नहीं बनने देना चाहिए। बिरला ने इस बात पर बल दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आध्यात्मिक ज्ञान और नैतिक उत्तरदायित्व पर आधारित हो, तभी इससे समाज की भलाई हो सकती है।बिरला ने यह बात हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय में ‘फेथ एण्ड फ्यूचर: इंटेग्रेटिंग एआई विद स्पिरिचुयलिटी’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उद्घाटन भाषण देते हुए कही।यह सम्मेलन ‘फ्यूचर ऑफ लाइफ इंस्टीट्यूट’ (अमेरिका) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।बिरला ने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रौद्योगिकी का वास्तविक उद्देश्य मानव अनुभव को समृद्ध बनाना है, न कि उसका स्थान लेना। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से कई चुनौतियां तो आती हैं, लेकिन इसके साथ ही इससे नये समाधान भी निकलते हैं।बिरला ने नैतिकता और सत्य को भारत की ताकत बताते हुए इन मूल्यों को विश्वस्तर पर साझा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता भारत के प्राचीन ज्ञान और ज्ञान प्रणालियों को दुनिया तक पहुंचाने के लिए एक सशक्त माध्यम बन सकता है।बिरला ने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि और लोक कल्याण जैसे क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे लाखों लोगों के जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आ सकता है।‘वसुधैव कुटुम्बकम’ (विश्व एक परिवार है) और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ (सभी सुखी हों) के भारत के प्राचीन आदर्शों का उल्लेख करते हुए बिरला ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास समावेशी और समतापूर्ण होना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इसका लाभ समस्त मानवता तक पहुंचे।उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस सम्मेलन से आध्यात्मिकता और आधुनिक तकनीकी प्रगति के बीच एक सार्थक वैश्विक संवाद की शुरुआत होगी, जिससे मानवता के लिए अधिक करुणामय और नीतिपरक भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा।इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
- नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कोलकाता में आयोजित संयुक्त कमांडर्स सम्मेलन 2025 में तीनों सेनाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक युद्ध की अवधारणाओं से आगे बढ़कर सूचना युद्ध, वैचारिक युद्ध, पर्यावरणीय और जैविक युद्ध जैसी नई चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज युद्ध अचानक और अप्रत्याशित हो जाते हैं, जिनकी अवधि का अनुमान लगाना कठिन है यह दो महीने, एक वर्ष या यहां तक कि पांच वर्ष तक भी चल सकते हैं। ऐसे में भारत को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा और अपनी आक्रामक व रक्षात्मक क्षमताओं के बीच संतुलन के साथ प्रो-एक्टिव रणनीति अपनानी होगी।राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके लिए मध्यम अवधि (5 वर्ष) और दीर्घकालीन (10 वर्ष) योजनाएं तैयार करना आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को इस मिशन की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली विकसित करना है। यह प्रणाली भारत के सामरिक, नागरिक और राष्ट्रीय महत्व के स्थलों को दुश्मन के हमलों से बचाने के साथ-साथ नए उन्नत हथियारों के विकास पर भी केंद्रित होगी। माना जा रहा है कि यह प्रणाली इजराइल की ‘आयरन डोम’ से भी अधिक शक्तिशाली हो सकती है।रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत का रक्षा क्षेत्र आधुनिकीकरण, तकनीकी श्रेष्ठता, परिचालन तत्परता और विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता पर केंद्रित है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन सत्र में दिए गए मंत्र-“जय: संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार” पर विशेष बल दिया और उद्योग व शिक्षा जगत के सहयोग से भविष्य की तकनीकों के विकास पर जोर दिया। उन्होंने रक्षा नवाचार तंत्र में निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ाने और भारतीय उद्योग को दुनिया में सबसे बड़ा और श्रेष्ठ बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।उन्होंने त्रि-सेवा संयुक्तता (आर्मी, नेवी और एयरफोर्स की ज्वॉइंटनेस) को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए बेहद जरूरी बताया। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि शक्ति, रणनीति और आत्मनिर्भरता भारत को 21वीं सदी में आवश्यक सामर्थ्य प्रदान कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भरता केवल एक नारा नहीं है बल्कि रणनीतिक स्वायत्तता की कुंजी है। रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता न केवल आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देती है बल्कि शिपयार्ड, एयरोस्पेस क्लस्टर और रक्षा कॉरिडोर की क्षमता को भी मजबूत करती है।उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने डिफेंस प्रोक्योरमेंट मैनुअल 2025 को मंजूरी दे दी है और डिफेंस एक्विजिशन प्रोसीजर 2020 में संशोधन किया गया है। इसका उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल बनाना, देरी कम करना और सशस्त्र सेनाओं को तेजी से परिचालन क्षमता प्रदान करना है। इस मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और डीआरडीओ अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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नयी दिल्ली. भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर मंगलवार को हुई एक-दिवसीय बातचीत सकारात्मक रही और दोनों पक्षों ने समझौते को जल्द निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए प्रयास तेज करने पर सहमति जताई। वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान यह निर्णय लिया गया कि दोनों पक्षों के लिए परस्पर लाभकारी व्यापार समझौते को जल्द निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए प्रयास तेज किए जाएंगे। भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी भारतीय अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के सकारात्मक रहने की जानकारी दी। इस बातचीत में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्य वार्ताकार एवं सहायक व्यापार प्रतिनिधि (दक्षिण एवं पश्चिम एशिया) ब्रेंडन लिंच ने किया जबकि भारत की ओर से वाणिज्य मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने अगुवाई की। एक अधिकारी ने बताया कि समझौते पर आगे की चर्चा डिजिटलत माध्यम से भी जारी रहेगी और आमने-सामने की अगली बैठक के लिए आपसी सहमति से तारीख तय की जाएगी। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक का आयात शुल्क लगा दिया है। भारत पहले ही इस भारी-भरकम शुल्क को अनुचित और असंगत बता चुका है। व्यापार समझौते पर दोनों देशों के बीच अब तक पांच दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं जबकि 25-29 अगस्त को प्रस्तावित छठा दौर ऊंचे आयात शुल्क लगाए जाने के बाद टाल दिया गया था। लिंच के साथ अग्रवाल की यह बातचीत व्यापार वार्ता को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश मानी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारतीय उत्पादों पर अगस्त में 50 प्रतिशत तक शुल्क लगा दिए जाने के बाद व्यापार समझौता अधर में लटक गया था। वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि लिंच के साथ हुई बैठक को व्यापार वार्ता का छठा दौर नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि इसे उसकी तैयारी के रूप में देखा जाना चाहिए। ट्रंप की भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर सकारात्मक टिप्पणी का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गर्मजोशी से स्वागत करने के कुछ ही दिन बाद यह बातचीत हुई है। दोनों नेताओं ने फरवरी में इस समझौते को अंजाम देने पर सहमति जताई थी। समझौते के पहले चरण को अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन शुल्क संबंधी तनावों ने इसे आशंका में डाल दिया। भारत ने लगातार कहा है कि उसके लिए रूसी कच्चे तेल की खरीद राष्ट्रीय हित और बाजार की परिस्थितियों से प्रेरित है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यापार समझौते में भारतीय किसानों, डेयरी उत्पादकों और एमएसएमई के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उपहार में मिली 1,300 से अधिक वस्तुओं की यहां सत्रह सितंबर से दो अक्टूबर तक ई-नीलामी की जाएगी। इनमें राम दरबार की तंजौर पेंटिंग, धातु की नटराज प्रतिमा और हाथ से बुनी हुई नगा शॉल शामिल हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। ऑनलाइन नीलामी के सातवें संस्करण की शुरुआत मोदी के जन्मदिन पर होगी, जो बुधवार को 75 वर्ष के हो जाएंगे। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यहां राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (एनजीएमए) में आयोजित एक प्रेस वार्ता में, प्रधानमंत्री के स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी के नवीनतम संस्करण की शुरूआत किये जाने की घोषणा की। ई-नीलामी का पहला संस्करण जनवरी 2019 में आयोजित किया गया था।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘तब से, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेंट किये गए हजारों अद्वितीय उपहारों की नीलामी की जा चुकी है, जिनसे नमामि गंगे परियोजना के समर्थन में 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई गई है।'' शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री को मिले 1,300 से ज़्यादा उपहारों की ऑनलाइन नीलामी की जाएगी।
इन वस्तुओं में पेंटिंग, कलाकृतियां, मूर्तियां, देवी-देवताओं की मूर्तियां और कुछ खेल सामग्री शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि मोदी देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने अपने सभी स्मृति चिह्न इस नेक काम के लिए समर्पित कर दिए हैं। ई-नीलामी में, कढ़ाई वाली पश्मीना शॉल, राम दरबार की तंजौर पेंटिंग, नटराज मूर्ति, गुजरात की रोगन कला, एक हाथ से बुनी हुई नगा शॉल आदि शामिल की गई हैं। इस संस्करण का एक विशेष आकर्षण भारत के पैरा-एथलीटों द्वारा उपहार में दी गई खेल से जुड़ी यादगार वस्तुएं हैं, जिन्होंने पेरिस पैरालंपिक 2024 में भाग लिया था। ये वस्तुएं भारतीय खेल की सहनशीलता, उत्कृष्टता और अदम्य भावना का प्रतीक हैं। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फिडे ग्रैंड स्विस खिताब जीतने पर मंगलवार को वैशाली रमेशबाबू को बधाई दी और कहा कि उनका जुनून और समर्पण अनुकरणीय है। भारतीय ग्रैंडमास्टर आर वैशाली ने सोमवार को 11वें और अंतिम दौर में पूर्व विश्व चैंपियन चीन की झोंगयी टैन के साथ कड़े मुकाबले में ड्रॉ खेलकर लगातार दूसरी बार फिडे ग्रैंड स्विस खिताब जीता और महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह बनाई। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उत्कृष्ट उपलब्धि। वैशाली रमेशबाबू को बधाई। उनका जुनून और समर्पण अनुकरणीय है। भविष्य के लिए शुभकामनाएं।'' प्रधानमंत्री मोदी ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि स्पीड स्केटिंग विश्व चैंपियनशिप 2025 में सीनियर पुरुष 1000 मीटर स्प्रिंट में स्वर्ण पदक जीतने वाले आनंदकुमार वेलकुमार पर उन्हें गर्व है। मोदी ने कहा, ‘‘उनके धैर्य, गति और जोश ने उन्हें स्केटिंग में भारत का पहला विश्व चैंपियन बनाया है। उनकी उपलब्धि अनगिनत युवाओं को प्रेरित करेगी। उन्हें बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं।''
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देशव्यापी ऑनलाइन ड्रग नष्ट करने अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत देश के 11 स्थानों पर करीब 4,800 करोड़ रुपये की 1.37 लाख किलोग्राम अवैध ड्रग्स नष्ट की गई। इस मौके पर शाह ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) प्रमुखों के सम्मेलन को संबोधित किया और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की वार्षिक रिपोर्ट 2024 भी जारी की।
अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार छोटे ड्रग डीलरों से लेकर बड़े कार्टेल्स तक पूरे नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में सख्ती से काम कर रही है। इसमें प्रवेश बिंदु, वितरण चैनल और स्थानीय बिक्री तक सभी स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने ANTF प्रमुखों से अपील की कि वे डार्कनेट विश्लेषण, क्रिप्टोकरेंसी ट्रैकिंग, मेटाडेटा विश्लेषण और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर ड्रग नेटवर्क को तोड़ें।गृह मंत्री ने यह भी कहा कि ड्रग-फ्री इंडिया का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब NCB, ANTF और NCORD के साथ-साथ राज्य सरकारें, जिला पुलिस, शिक्षा अधिकारी, धार्मिक नेता और युवा संगठन भी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने विदेशी ड्रग तस्करों को भारतीय कानून के दायरे में लाने के लिए मजबूत प्रत्यर्पण और निर्वासन प्रणाली की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसे CBI और राज्यों के सहयोग से लागू किया जाना चाहिए।शाह ने सिंथेटिक ड्रग्स और अवैध लैब्स के बढ़ते खतरे की चेतावनी दी। उन्होंने राज्यों से कहा कि ऐसी इकाइयों को तुरंत पहचान कर नष्ट करें। साथ ही, उन्होंने सभी राज्यों को तिमाही आधार पर वैज्ञानिक ढंग से जब्त किए गए ड्रग्स को नष्ट करने की परंपरा अपनाने की सलाह दी ताकि ये समाज के लिए खतरा न बनें।उन्होंने बताया कि 2014 से 2025 के बीच सरकार ने 1 करोड़ किलोग्राम से अधिक ड्रग्स जब्त किए जिनकी कीमत 1.65 लाख करोड़ रुपए थी। इसी अवधि में 71,600 करोड़ रुपए मूल्य के ड्रग्स नष्ट किए गए, जबकि 2004 से 2014 के बीच यह आंकड़ा सिर्फ ₹8,150 करोड़ था। गिरफ्तारी के मामलों में भी भारी वृद्धि हुई 2004 से 2014 तक 1.73 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 2014 से 2025 के बीच 7.61 लाख गिरफ्तारियां हुईं। अवैध ड्रग्स की खेती वाली भूमि पर भी बड़ी कार्रवाई हुई, जिसमें अकेले 2023 में 31,761 एकड़ भूमि नष्ट की गई।अमित शाह ने राज्यों से विशेष स्क्वॉड बनाने की अपील की ताकि वित्तीय लेनदेन, हवाला नेटवर्क, क्रिप्टो लेनदेन और साइबर कनेक्शन का पता लगाया जा सके। उन्होंने नारकोटिक्स-फोकस्ड फोरेंसिक लैब्स की आवश्यकता पर भी जोर दिया। शाह ने कहा कि ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर दोनों तरीकों से काम करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि लड़ाई जमीनी स्तर तक पहुंचे।- - नयी दिल्ली। स्वामी विवेकानंद द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों पर आधारित और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बचपन की एक घटना से प्रेरित राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म देशभर के लाखों विद्यालयों और कई सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी।एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, 2018 में प्रदर्शित हुई फिल्म ‘चलो जीते हैं’ 17 सितंबर से दो अक्टूबर के बीच विद्यालयों में दिखाई जाएगी। यहां छात्र इसे समाज के ‘गुमनाम नायकों’ — जैसे चौकीदार, सफाईकर्मी, ड्राइवर, चपरासी और अन्य लोगों के साथ देखेंगे, जो समाज के दैनिक जीवन को सुचारू रूप से संचालित करने में चुपचाप योगदान देते हैं।प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को 75 वर्ष के हो जाएंगे और इस फिल्म की स्क्रीनिंग उनके जन्मदिन के साथ शुरू हो रही है।यह फिल्म ‘चलो जीते हैं: सेवा का सम्मान’ पहल के तहत प्रदर्शित की जाएगी।इस पहल के अंतर्गत, विद्यालयों और समाज के ‘गुमनाम नायकों’ चौकीदार, सफाई कर्मचारी, चालक, चपरासी और उन अन्य लोग को सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा।एक आधिकारिक बयान में बताया गया, “यह फिल्म प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन की एक बाल्यकालीन घटना से प्रेरित है। यह युवा नारू की कहानी है, जो स्वामी विवेकानंद के दर्शन से गहराई से प्रभावित होकर, उसका अर्थ समझने का प्रयास करता है और अपनी छोटी सी दुनिया में बदलाव लाने का प्रयास करता है।”फिल्म ‘चलो जीते हैं’, स्वामी विवेकानंद के दर्शन ‘बस वही जीते हैं, जो दूसरों के लिए जीते हैं’ को एक सिनेमाई श्रद्धांजलि है।इसे 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक पूरे भारत में पुनः रिलीज किया जा रहा है। समीक्षकों द्वारा प्रशंसित यह फिल्म लाखों विद्यालयों और देश भर के लगभग 500 सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी, जिनमें पीवीआर आइनॉक्स, सिनेपोलिस, राजहंस और मिराज शामिल हैं।यह फिल्म 2018 की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली लघु फिल्मों में से एक है।फिल्म का निर्देशन मंगेश हदावले ने किया था और इसे आनंद एल. राय और जैन ने प्रस्तुत किया था।इस पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा विद्यालयों में फिल्म की प्रस्तुति है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि फिल्म का संदेश छात्रों तक पहुंचे और उन्हें उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करे।
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नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 75वें जन्मदिन की पूर्व संध्या पर फोन कर शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप का धन्यवाद करते हुए उन्हें अपना “मित्र” बताया और कहा कि भारत, अमेरिका के साथ संबंधों को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए मिलकर काम किया जाएगा।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “धन्यवाद मेरे मित्र, राष्ट्रपति ट्रंप, आपके फोन कॉल और गर्मजोशी भरे शुभकामनाओं के लिए। आपकी तरह मैं भी भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं। हम यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए आपके प्रयासों का समर्थन करते हैं।” यह बातचीत दोनों नेताओं के बीच गहरी मित्रता और भारत-अमेरिका के रणनीतिक रिश्तों की मजबूती को दर्शाती है। दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, और वैश्विक शांति जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग पहले से ही जारी है और आने वाले समय में इसके और विस्तार की उम्मीद है।


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