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- नयी दिल्ली'। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को दिल्ली सरकार 101 आयुष्मान मंदिर केंद्रों और पांच अस्पतालों के नवनिर्मित ब्लॉक समेत विभिन्न नयी स्वास्थ्य पहल की शुरुआत करेगी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को ‘ बताया कि 17 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्वास्थ्य सेवा पहल का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने बताया कि संजय गांधी अस्पताल, आचार्य भिक्षु अस्पताल, गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल और भगवान महावीर श्री दादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय समेत कुल पांच अस्पतालों के नवनिर्मित ब्लॉक का उद्घाटन किया जाएगा। इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा, ‘‘हमारे प्रिय प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दिल्ली सरकार स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयास के तहत राष्ट्रीय राजधानी में 101 नए आयुष्मान मंदिरों और पांच अस्पतालों के नए ब्लॉक का उद्घाटन करेगी।'' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आयुष्मान मंदिर पहल का उद्देश्य आयुष्मान भारत ढांचे के तहत एकीकृत स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। सिंह ने कहा, ‘‘यह पहल प्रत्येक नागरिक को किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आयुष्मान मंदिर केंद्रों और आधुनिक अस्पताल ब्लॉक के साथ हमारा लक्ष्य पूरे राष्ट्रीय राजधानी में समग्र चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करना है।'
- लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के काकोरी इलाके में बृहस्पतिवार को एक रोडवेज बस के अनियंत्रित होकर पलट जाने से पांच यात्रियों की मौत हो गई तथा 10 अन्य जख्मी हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। पुलिस ने बताया कि काकोरी थाना क्षेत्र में गोला कुंआ के पास हरदोई से लखनऊ आ रही एक तेज रफ्तार रोडवेज बस सड़क निर्माण कार्य में लगे टैंकर से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई तथा 10 अन्य घायल हो गये।पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सिंह सेंगर ने इस बात की पुष्टि की है कि इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि स्थानीय निवासियों की मदद से बचाव दल ने घायल यात्रियों को बाहर निकाला और उन्हें काकोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि घटनास्थल पर सड़क निर्माण कार्य चल रहा था और दुर्घटना के समय सड़क पर पानी का छिड़काव किया जा रहा था। मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को अस्पताल में भर्ती कराकर उनका तत्काल उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को पांच और हवाई अड्डों पर ‘फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम' (एफटीआई-टीटीपी) की शुरुआत की, जो पूर्व-सत्यापित भारतीय नागरिकों और प्रवासी भारतीय (ओसीआई) कार्ड धारकों की आव्रजन प्रक्रिया को तेज करता है। यह विशेष पहल सबसे पहले जुलाई 2024 में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुरू की गई थी तथा दो महीने बाद इसे सात और हवाई अड्डों-मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोच्चि और अहमदाबाद में शुरू किया गया।बृहस्पतिवार को एफटीआई-टीटीपी लखनऊ, तिरुवनंतपुरम, तिरुचिरापल्ली, कोझिकोड और अमृतसर में शुरू किया गया। गृह मंत्री ने डिजिटल माध्यम से आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कहा, ‘‘फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन: ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम आव्रजन को सरल, तेज और बाधा मुक्त बनाता है।'' शाह ने बताया कि इस कार्यक्रम का सबसे ज्यादा लाभ ओसीआई कार्डधारकों और विदेश यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को मिलेगा। अब तक तीन लाख लोगों ने पंजीकरण कराया है और 2.65 लाख लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम त्वरित आव्रजन मंजूरी सुनिश्चित करता है और अब तक ई-गेट्स के जरिए हजारों यात्रियों को तेजी से आव्रजन मंजूरी मिल चुकी है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि सड़क परिवहन मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने वाले राज्य और निजी बस संचालकों को लाभ देने के लिए एक टोल नीति पर काम कर रहा है। सरकार ने राजमार्ग पर परेशानी मुक्त यात्रा की दिशा में एक कदम उठाते हुए गैर-वाणिज्यिक वाहनों के लिए फास्टैग आधारित वार्षिक पास की शुरुआत कर दी है, जिसकी कीमत 3,000 रुपये है। यह पास 15 अगस्त से प्रभावी है। यह पास सक्रिय होने की तारीख से एक वर्ष या 200 यात्राओं (जो पहले हो) तक वैध होगा। यह पास विशेष रूप से गैर-वाणिज्यिक निजी वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए बनाया गया है।गडकरी ने बीओसीआई के भारत प्रवास पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने वाले राज्य और निजी बस संचालकों को लाभ प्रदान करने के लिए एक टोल नीति पर काम कर रहे हैं।'' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से हरित हाइड्रोजन चालित ट्रकों के संचालन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में 10 राजमार्ग खंडों की पहचान की है। गडकरी ने कहा कि इन खंडों पर इंडिया ऑयल और रिलायंस पेट्रोलियम द्वारा हाइड्रोजन फिलिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि टाटा मोटर्स, अशोक लेलैंड और वोल्वो ने पहले ही हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रक बनाना शुरू कर दिया है। चिन्हित राजमार्ग खंडों में ग्रेटर नोएडा-दिल्ली-आगरा, भुवनेश्वर-पुरी-कोणार्क, अहमदाबाद-वडोदरा-सूरत, साहिबाबाद-फरीदाबाद-दिल्ली, जमशेदपुर-कलिंगनगर, तिरुवनंतपुरम-कोच्चि और जामनगर-अहमदाबाद आदि शामिल हैं। गडकरी ने यह भी कहा कि एनएचएआई राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे निजी भूमि पर 750 सुविधाएं बना रहा है।
- नयी दिल्ली. हाल ही में हुई बारिश के बाद जल जमाव के कारण मच्छरों के पनपने के मद्देनजर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने सभी मुख्यमंत्रियों को एक परामर्श जारी किया है और राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों से डेंगू और मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 20 दिन के भीतर कार्य योजना तैयार करने को कहा है। नड्डा ने बुधवार को एक बैठक में देश में डेंगू और मलेरिया की स्थिति की समीक्षा की। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि समीक्षा के दौरान, उन्होंने राज्यों, स्थानीय निकायों और समुदायों से, विशेष रूप से इस उच्च जोखिम वाले समय में, निवारक और नियंत्रण उपायों को तेज करने का आग्रह किया, ताकि जन स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके और मच्छर जनित रोगों के बोझ को कम करने में हुई प्रगति को बरकरार रखा जा सके। नड्डा ने वेक्टर जनित रोगों के खिलाफ तत्काल और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।बयान में कहा गया है कि उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों को व्यक्तिगत रूप से स्थिति की समीक्षा करने और 20 दिन के भीतर कार्य योजना तैयार करने की सलाह दी, जबकि नगर निगमों, पंचायतों और स्थानीय निकायों को सामुदायिक जागरूकता अभियान तेज करने को कहा गया। नड्डा के अनुसार केंद्र सरकार के अस्पतालों सहित, सभी अस्पतालों को पर्याप्त दवाएं, निदान सुविधाएं, बिस्तर और मच्छर मुक्त परिसर सुनिश्चित करने चाहिए। मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि डेंगू की स्थिति का बारीकी से आकलन करने और अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से दिल्ली और एनसीआर के लिए एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक भी आयोजित की जाए। बयान में कहा गया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने रेखांकित किया कि भारत ने मलेरिया से निपटने में उल्लेखनीय प्रगति की है।देश ने 2015 से 2024 के बीच मलेरिया के मामलों में 78 प्रतिशत से अधिक और मलेरिया से संबंधित मौतों में लगभग 78 प्रतिशत की कमी हासिल की है। बयान में कहा गया है कि इसके अलावा, 2022-24 के बीच 160 जिलों में मलेरिया के कोई मामले नहीं आए हैं और तीन राज्यों को छोड़कर 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने एक से भी कम एपीआई (वार्षिक परजीवी घटना) हासिल किया है। सरकार ने मलेरिया उन्मूलन की दिशा में कई पहल शुरू की हैं, जिनमें मलेरिया उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय रणनीतिक योजना (2023-27), वास्तविक समय निगरानी के लिए एकीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन मंच (आईएचआईपी) का कार्यान्वयन, आशा प्रोत्साहनों में वृद्धि, मच्छरदानियों का बड़े पैमाने पर वितरण, प्रयोगशाला तकनीशियनों के लिए प्रशिक्षण और ‘शून्य मलेरिया' का दर्जा प्राप्त करने वाले जिलों को मान्यता प्रदान करना शामिल है। भारत ने 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य रखा है।डेंगू के संबंध में, नड्डा ने कहा कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (लद्दाख को छोड़कर) डेंगू और चिकनगुनिया के लिए स्थानिक हैं, और इनके प्रकोप का जोखिम मानसून और मानसून के बाद की अवधि में सबसे अधिक होता है। राष्ट्रीय डेंगू नियंत्रण रणनीति को राज्य वेक्टर-जनित रोग प्रकोष्ठों के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है, जिसमें निगरानी, केस प्रबंधन, वेक्टर नियंत्रण, अंतर-क्षेत्रीय समन्वय और सामुदायिक जागरूकता पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को वाहन उद्योग जगत से कहा कि वे उन ग्राहकों को अतिरिक्त छूट देने पर विचार करें जो नई गाड़ी खरीदते समय अपने पुराने वाहन को कबाड़ में बदलने का प्रमाणपत्र जमा करते हैं। गडकरी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से यह भी अनुरोध किया है कि जो लोग अपने पुराने वाहन को कबाड़ में बदलकर नई गाड़ी खरीदते हैं, उन्हें माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में राहत दी जाए।उन्होंने ई20 ईंधन (20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल) के खिलाफ जारी सोशल मीडिया प्रचार को राजनीतिक रूप से उनके खिलाफ बताया और कहा, ‘‘यह प्रचार एक पैसे लेकर (पेड कैंपेन) शुरू किया गया अभियान था, जो खास तौर पर एथनॉल के खिलाफ था और मेरा राजनीतिक विरोध करने के लिए किया गया।'' उन्होंने यहां सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) के वार्षिक सम्मेलन में कहा, ‘‘यह सोशल मीडिया अभियान एक सशुल्क अभियान था। यह एथनॉल के खिलाफ था और इसका उद्देश्य मुझे राजनीतिक रूप से निशाना बनाना था।'' कांग्रेस ने हाल ही में गडकरी के खिलाफ हितों के टकराव के आरोप लगाए हैं। उसका दावा है कि गडकरी एथनॉल उत्पादन के लिए आक्रामक रूप से पैरवी कर रहे थे, जबकि जबकि उनके दो पुत्र एथनॉल उत्पादन करने वाली कंपनियों में शामिल हैं और सरकार की नीति से लाभ उठा रहे हैं। वाहन स्क्रैप नीति पर, गडकरी ने कहा कि यह उद्योग और सरकार दोनों के लिए फायदेमंद है, क्योंकि इससे निजी क्षेत्र को स्क्रैप धातुओं की उपलब्धता में भी मदद मिल सकती है, जिन्हें आयात किया जाता है। मंत्री ने उद्योग जगत से पुराने वाहन को कबाड़ में बदलने का प्रमाणपत्र जमा करने के बाद नया वाहन खरीदने वालों को अच्छी छूट देने पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में, औसतन 16,830 पुराने वाहन हर महीने कबाड़ में बदले जा रहे हैं और निजी क्षेत्र ने 2,700 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
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नयी दिल्ली। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में 13, 20 और 27 सितंबर को ‘चेंज ऑफ गार्ड' (अंगरक्षकों की अदला-बदली) समारोह नहीं होगा। राष्ट्रपति भवन द्वारा बृहस्पतिवार को जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी है। ‘चेंज ऑफ गार्ड' समारोह एक सैन्य परंपरा है जो राष्ट्रपति के अंगरक्षकों के एक नए समूह द्वारा कार्यभार संभालने के लिए हर सप्ताह आयोजित की जाती है। 1773 में स्थापित ‘राष्ट्रपति अंगरक्षक' (पीबीजी) भारतीय सेना की सबसे पुरानी रेजिमेंट है। विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में 13, 20 और 27 सितंबर, 2025 को ‘चेंज ऑफ गार्ड' समारोह नहीं होगा। इस समारोह से जुड़ी बटालियन के राष्ट्रपति के अंगरक्षकों की हीरक जयंती रजत तुरही और तुरही बैनर की प्रस्तुति समारोह के पूर्वाभ्यास में व्यस्त रहने के कारण ‘चेंज ऑफ गार्ड' समारोह नहीं होगा।'' राष्ट्रपति रजत तुरही और तुरही बैनर पहली बार 1953 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा 'अंगरक्षकों' को प्रदान किए गए थे। पीबीजी को अब तक कम से कम 14 बार राष्ट्रपति रजत तुरही और तुरही बैनर प्रदान किए जा चुके हैं।
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गाजियाबाद (उप्र). गाजियाबाद में एक कार मालिक पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत ‘‘हेलमेट न पहनने'' के लिए 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। हालांकि, पुलिस ने इसे मानवीय भूल बताया है। यह मामला उस वक्त सुर्खियों में आया जब सोशल मीडिया पर एक चालान का वायरल हुआ, जिसमें दोपहिया वाहन के उल्लंघन का उल्लेख था लेकिन तस्वीर एक कार की थी। यह तस्वीर स्थानीय पंजीकरण संख्या वाली कार की थी। सोमवार को जारी चालान में दोपहिया वाहन संबंधी उल्लंघन का उल्लेख था, जबकि उसमें राजनगर एक्सटेंशन स्थित अजनारा सोसाइटी चौराहे के पास खड़ी एक कार की तस्वीर लगी थी। अधिकारियों ने बताया कि एक यातायात उप-निरीक्षक ने ‘नो-पार्किंग' क्षेत्र में खड़ी कार की तस्वीर खींची थी, लेकिन अनजाने में वह तस्वीर दोपहिया वाहन के चालान पर लग गई। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात) सचिदानंद ने कहा, ‘‘यह केवल एक मानवीय भूल है। हम मामले की जांच कर रहे हैं कि यह कैसे हुआ।
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वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए बृहस्पतिवार को वाराणसी पहुंचे। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। हवाई अड्डे से प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन पहुंचे। यहां से ताज होटल के लिए निकले प्रधानमंत्री के काफिले का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं व आमजन ने शंखनाद, हर-हर महादेव के जयकारों के साथ पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। मार्ग में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए कलाकारों ने भी प्रधानमंत्री का स्वागत किया। मोदी ने भी हाथ हिलाकर काशीवासियों का अभिवादन किया।
प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पूरे मार्ग को सजाया गया था। छह स्थानों पर भाजपा पदाधिकारियों और जनप्रतिधियों ने मंच बनाकर प्रधानमंत्री पर गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा की। कई महिला कार्यकर्ताओं को ‘‘प्रधानमंत्री जिंदाबाद'' के नारे लगाते भी देखा गया। पुलिस लाइन से ताज होटल तक रोड शो जैसा नजरा देखा गया जहां सड़क के दोनों ओर बड़ी तादाद में खड़े काशीवासियों ने प्रधानमंत्री मोदी पर पुष्पवर्षा भी की। कचहरी, आंबेउकर चौराहा समेत कई स्थानों पर लोकनृत्य समेत अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
जीएसटी में सुधार के बाद पहली बार वाराणसी पहुंचे प्रधानमत्री का आभार जताने के लिए मार्ग में जीएसटी और धन्यवाद लिखी तख्ती लेकर भाजपा कार्यकर्ता खड़े रहे। प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में वाराणसी की सड़कों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह पोस्टर लगाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का अध्यात्म व आधुनिकता के संगम उनकी ‘नयी काशी' में हार्दिक स्वागत व अभिनंदन।'' इससे पूर्व एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी और डॉ. रामगुलाम द्विपक्षीय सहयोग के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिसमें विकास साझेदारी और दक्षता विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बयान में कहा गया कि दोनों नेता स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा और समुद्री अर्थव्यवस्था जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा करेंगे। डॉ. रामगुलाम बुधवार को वाराणसी पहुंचे, जहां उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने उनका स्वागत किया। वाराणसी का यह दौरा मॉरीशस के प्रधानमंत्री की नौ से 16 सितंबर तक की भारत यात्रा का हिस्सा है।
कार्यक्रम के अनुसार, रामगुलाम बृहस्पतिवार शाम को गंगा आरती में भाग लेंगे और शुक्रवार सुबह काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करेंगे। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘द्विपक्षीय बैठक के बाद, मॉरीशस का प्रतिनिधिमंडल गंगा आरती में भाग लेगा और काशी विश्वनाथ मंदिर जाएगा। दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों पर आधारित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया जाएगा।'' भाजपा के स्थानीय मीडिया प्रभारी अरविंद मिश्रा ने कहा कि काशी में प्रधानमंत्री मोदी की किसी राष्ट्राध्यक्ष के साथ यह पहली औपचारिक द्विपक्षीय बैठक होगी। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब भारत के आस-पास के देशों में राजनीतिक उथल-पुथल है, भारत अपने पड़ोसियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।'' मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे की मेजबानी की थी, लेकिन यह पहली बार है जब काशी में किसी राष्ट्राध्यक्ष के साथ औपचारिक वार्ता हो रही है। मॉरीशस के प्रधानमंत्री के स्वागत में वाराणसी शहर को बड़े-बड़े होर्डिंग्स और बैनरों से सजाया गया है। भाजपा ने वाराणसी सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी बैनर लगाए हैं, जिनमें दूध और डेयरी उत्पादों पर जीएसटी में कटौती के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया गया है। वाराणसी में भाजपा नेता एवं विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश की तस्वीर वाले एक होर्डिंग पर लिखा था, ‘‘दुग्ध उत्पादों पर जीएसटी कम करने के लिए यदुवंश समुदाय की ओर से मोदी जी का धन्यवाद।'' पुलिस के अनुसार, इस प्रतिष्ठित नगरी में आज की स्थिति को देखते हुए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यह शहर पहले भी जी-20 बैठकों और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों जैसे गणमान्य अतिथियों की मेजबानी कर चुका है। भाजपा की नगर इकाई के अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने हाल में जीएसटी दरों में कटौती की है, और पार्टी कार्यकर्ता व काशी की जनता उनका स्वागत करने के लिए तैयार हैं।'' पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि यह प्रधानमंत्री मोदी का 2014 के बाद वाराणसी का 52वां दौरा है। मोदी 2014 में पहली बार वाराणसी से लोकसभा सांसद चुने गए थे। -
इम्फाल/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 सितंबर को मणिपुर में 8,500 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। मई 2023 में कुकी और मेइती के बीच जातीय हिंसा भड़कने के बाद राज्य की उनकी यह पहली यात्रा होगी। हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए थे और हजारों लोग बेघर हो गए थे। अधिकारियों के अनुसार, मोदी चुराचांदपुर के ‘पीस ग्राउंड' से 7,300 करोड़ रुपये मूल्य की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जहां कुकी बहुसंख्यक हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी मेइती बहुल राज्य की राजधानी इंफाल से 1,200 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। पिछले कुछ दिनों से इस तरह की अटकलें थीं कि मोदी पड़ोसी राज्य मिजोरम की अपनी आधिकारिक यात्रा के साथ मणिपुर की यात्रा भी करेंगे, लेकिन सरकार या भाजपा की ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई थी। हालांकि, बृहस्पतिवार की शाम को सरकार ने एक बड़ा ‘बिलबोर्ड' (होर्डिंग) लगा दिया, जिसमें 13 सितंबर को चुराचांदपुर के पीस ग्राउंड और राज्य की राजधानी में कांगला किले में प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों की घोषणा की गई। यह होर्डिंग इम्फाल के एक प्रमुख स्थान, केशमपट जंक्शन पर लगाया गया है, जो भाजपा के राज्य मुख्यालय के भी निकट है। राज्य में ऐसे और भी होर्डिंग लगाए जाने की उम्मीद है। मणिपुर में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है।
इससे पहले दिन में, मणिपुर सरकार ने एक परामर्श जारी कर 13 सितंबर को ‘पीस ग्राउंड' में आयोजित एक ‘‘वीवीआईपी कार्यक्रम'' में शामिल होने वाले लोगों से कहा था कि वे अपने साथ ‘‘चाबी, कलम, पानी की बोतल, बैग, रूमाल, छाता, लाइटर, माचिस, कपड़े का टुकड़ा, कोई भी नुकीली वस्तु या हथियार और गोला-बारूद न लाएं।'' एक अधिसूचना में प्रधानमंत्री के नाम का उल्लेख नहीं किया गया है तथा जनता को परामर्श दिया गया है कि वे 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और बीमार व्यक्तियों को कार्यक्रम स्थल पर लाने से बचें। मणिपुर के एकमात्र राज्यसभा सदस्य लीशेम्बा सनाजाओबा ने प्रधानमंत्री की यात्रा को लोगों और राज्य के लिए ‘‘बहुत सौभाग्यशाली'' बताया। भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘यह सौभाग्य की बात है कि मोदी लोगों की कठिनाइयों को सुनेंगे... मणिपुर में पहले भी हिंसक झड़पों का इतिहास रहा है। हालांकि, किसी भी प्रधानमंत्री ने ऐसे समय में राज्य का दौरा नहीं किया और लोगों की बात नहीं सुनी। मोदी ऐसे कठिन समय में दौरा करने वाले पहले प्रधानमंत्री होंगे।'' एक वीडियो संदेश में लीशेम्बा ने सभी से मोदी का स्वागत करने और किसी भी प्रकार का बहिष्कार न करने का आग्रह किया। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले इम्फाल और चुराचांदपुर जिला मुख्यालय शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केंद्रीय सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम भी चुराचांदपुर पहुंच गई।
पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है और पीस ग्राउंड की ओर जाने वाले मार्ग पर अवरोधक लगाए गए हैं। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत बृहस्पतिवार को 75 साल के हो गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सत्तारूढ़ गठबंधन के कई नेताओं ने आरएसएस के उनके नेतृत्व की सराहना की। भागवत 2009 से सरसंघचालक के रूप में संगठन के विस्तार और अल्पसंख्यकों सहित समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्हें एक मिलनसार, स्पष्टवादी आवाज के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा के साथ सुचारू संबंध सुनिश्चित किए हैं। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि 1998 से 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी नीत गठबंधन सरकार के दौरान दोनों संगठनों के बीच संबंधों में जो सार्वजनिक कटुता आई थी, वह 2014 में मोदी के सत्ता में आने के बाद से नहीं दिखे। शिक्षा से लेकर श्रम तक, विभिन्न क्षेत्रों में आरएसएस के 32 सहयोगी संगठन हैं। लंबे समय से आरएसएस को एक ऐसा संगठन माना जाता था जो सार्वजनिक संवाद से बचता है। आलोचक संगठन पर ‘गोपनीयता' बरतने का आरोप लगाते थे और भागवत को इसे खोलने का श्रेय दिया जाता है। वह अक्सर समाज के विभिन्न वर्गों के साथ बातचीत करते रहे हैं, जिनमें अल्पसंख्यक भी शामिल हैं, जो लंबे समय से आरएसएस के हिंदुत्व एजेंडे को संदेह की नजर से देखते रहे हैं।
हाल में भागवत ने एक प्रश्नोत्तर सत्र सहित तीन दिवसीय संवाद का आयोजन किया था। ‘हर मस्जिद के नीचे शिवलिंग नहीं ढूँढ़ना चाहिए' या ‘हर भारतीय का ‘डीएनए' एक जैसा है', जैसी उनकी कुछ टिप्पणियों ने कई बार दक्षिणपंथ के एक वर्ग को नाराज किया है, लेकिन वह हिंदुत्व के विश्व दृष्टिकोण को बढ़ावा देने में आगे रहे हैं जो देश की अंतर्निहित आस्थाओं और विचारधाराओं की विविधता को स्वीकार करता है। एक आरएसएस पदाधिकारी के पुत्र भागवत ने संगठन में विभिन्न पदों पर और देश के विभिन्न हिस्सों में काम किया। वह बीमार केएस सुदर्शन की जगह सरसंघचालक बने थे। प्रधानमंत्री मोदी, उनके मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्यों- राजनाथ सिंह, अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने भागवत को शुभकामनाएं दीं और संगठन के उनके नेतृत्व की प्रशंसा की, जो भाजपा के लिए वैचारिक प्रेरणा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने मोहन भागवत की ‘‘बौद्धिक गहराई और सहृदय नेतृत्व'' की प्रशंसा करते हुए कहा कि 2009 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख के रूप में उनका कार्यकाल इस संगठन की 100 साल की यात्रा में सर्वाधिक परिवर्तन का कालखंड माना जाएगा। भागवत के 75वें जन्मदिन पर बृहस्पतिवार को कई अखबारों में प्रकाशित लेख में मोदी ने कहा कि संघ प्रमुख ‘वसुधैव कुटुंबकम' का जीवंत उदाहरण हैं और उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज को संगठित करने, समता-समरसता और बंधुत्व की भावना को सशक्त करने में समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि यह सुखद संयोग है कि इस साल विजय दशमी पर आरएसएस 100 वर्ष का हो जाएगा और इसके साथ ही महात्मा गांधी की जयंती, लालबहादुर शास्त्री की जयंती भी उसी दिन आ रही है। उन्होंने कहा कि इस संगठन के पास भागवत जैसे दूरदर्शी और परिश्रमी सरसंघचालक हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भागवत ने आरएसएस के जरिए समाज सेवा और युवाओं के चरित्र निर्माण में अविस्मरणीय काम किया है। गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने आपातकाल के दौरान संगठन को लोकतंत्र की ढाल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सिंह ने राष्ट्र निर्माण और मानव निर्माण के प्रति भागवत की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत के सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में उनका अमूल्य योगदान अनगिनत आरएसएस कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है। भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा कि भागवत के मार्गदर्शन में संघ ने सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के मंत्र के साथ-साथ सद्भाव और एकता का संदेश भी लोगों तक पहुंचाया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी भागवत को शुभकामनाएं दीं। -
नयी दिल्ली. सी. पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति चुनाव में अपनी जीत को राष्ट्रवादी विचारधारा की जीत बताया और 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम करने का संकल्प जताया। उन्होंने 452 वोट हासिल करके उपराष्ट्रपति चुनाव जीता, जबकि विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। राधाकृष्णन ने जीत के बाद अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणी में कहा, ‘‘दूसरे पक्ष (विपक्षी गठबंधन) ने कहा कि यह (चुनाव) एक वैचारिक लड़ाई है, लेकिन मतदान के पैटर्न से हमें लगता है कि राष्ट्रवादी विचारधारा विजयी हुई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह हर भारतीय की जीत है, हम सभी को मिलकर काम करना होगा। अगर हमें 2047 तक विकसित भारत बनाना है तो विकास पर ध्यान केंद्रित करना होगा।'' राधाकृष्णन ने कहा कि अपनी नयी भूमिका में वह राष्ट्र के विकास के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही महत्वपूर्ण होते हैं। ये एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। लोकतंत्र के हित को ध्यान में रखा जाएगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘हर पद महत्वपूर्ण है और हर पद की अपनी सीमाएं होती हैं। हमको यह समझना होगा कि हमें इसी दायरे में काम करना है।''
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मुंबई. भारत के तीनों सशस्त्र बल थल सेना, वायु सेना और नौसेना की 10 महिला अधिकारियों का एक दल बृहस्पतिवार को यहां गेटवे ऑफ इंडिया से भारतीय सेना के नौकायन पोत ‘आईएएसवी त्रिवेणी' पर सवार होकर विश्व भ्रमण के लिए रवाना होंगी। इस दल में सेना के पा़ंच, वायु सेना के चार और नौसेना की एक अधिकारी होंगी। इस अभियान का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल अनुजा वरुडकर करेंगी। यह पहली बार है कि भारतीय सशस्त्र बल संयुक्त रूप से किसी जलयात्रा मिशन का नेतृत्व कर रहे हैं। ये अधिकारी 26,000 से अधिक नॉटिकल मील की समुद्री यात्रा करेंगी। इस दौरान वे दो बार भूमध्य रेखा पार करेंगी और तीन प्रमुख केप ‘केप लीउविन', ‘केप हॉर्न' और ‘केप ऑफ गुड होप' को पार करेंगी। इस मिशन में वे प्रमुख महासागरों से होकर गुजरेंगी और ‘ड्रेक पैसेज' जैसे दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री इलाकों में भी यात्रा करेंगी। मुंबई के मार्वे में स्थित हैवी ब्रिजिंग ट्रेनिंग कैंप के अनुभवी और कुशल प्रशिक्षकों ने सभी महिला अधिकारियों को नौवहन, संचार, स्कूबा डाइविंग, प्राथमिक चिकित्सा और प्राथमिक उपचार जैसे कौशलों में प्रशिक्षण दिया गया है। यह अभियान लगभग नौ महीने में पूरा होने की संभावना है, जिसके दौरान टीम चार विदेशी बंदरगाहों पर रुकेगी और मई 2026 में मुंबई लौटेगी। लेफ्टिनेंट कर्नल वरुडकर ने पत्रकारों को बताया कि टीम पिछले तीन वर्षों से प्रशिक्षण ले रही है और छोटी-छोटी यात्राओं में भाग ले रही है। इस साल की शुरुआत में टीम ने करीब 55 दिन समुद्र में बिताते हुए 3,600 नॉटिकल मील की यात्रा भी पूरी की है। ‘आईएएसवी त्रिवेणी' 50 फुट लंबा पोत है, जो फाइबर रिइन्फोर्स्ड प्लास्टिक से निर्मित है। इसे देश में ही पुडुचेरी में बनाया गया है और यह आधुनिक नौवहन तथा संचार प्रणालियों से सुसज्जित है। यह सैटेलाइट संचार, जीपीएस और एआईएस सिस्टम से लैस है और इससे लगभग 60 दिन तक लगातार समुद्र में यात्रा की जा सकती है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए घोषित संपत्तियों में क्रिप्टोकरेंसी, दशकों पुराने वाहन, सोने के आभूषण, ‘म्यूचुअल फंड' और कृषि भूमि शामिल हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की वेबसाइट पर प्रकाशित जानकारी के अनुसार, कौशल विकास राज्य मंत्री एवं राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) अध्यक्ष जयंत चौधरी ने 31 मार्च, 2025 तक 21.31 लाख रुपये मूल्य के क्रिप्टो निवेश की सूचना दी। उनकी पत्नी चारु सिंह ने 22.41 लाख रुपये मूल्य की ‘डिजिटल-एसेट होल्डिंग्स' का खुलासा किया। चौधरी एकमात्र मंत्री हैं जिन्होंने डिजिटल परिसंपत्तियों में क्रिप्टो को शामिल करते हुए घोषणा की है। जहां जमीन, शेयर या जमा राशि जैसे पारंपरिक निवेश कड़े नियमों के तहत संचालित होते हैं, वहीं भारत में क्रिप्टोकरेंसी अब भी नियामकीय अनिश्चितताओं से जूझ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने निवेशकों को आभासी मुद्राओं के जोखिमों, जिनमें अस्थिरता और धोखाधड़ी शामिल हैं, के बारे में बार-बार चेतावनी दी है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने अपनी संपत्तियों में 37 साल पुराना स्कूटर और एक रिवॉल्वर शामिल होने की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक दोपहिया वाहन के अलावा 27 लाख रुपये से अधिक के आभूषण और 19 लाख रुपये से अधिक के ‘म्यूचुअल फंड' निवेश की भी घोषणा की है। राव इंद्रजीत सिंह ने 1.2 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 1,679 ग्राम सोने के आभूषण, 10 किलोग्राम चांदी के आभूषण और हीरे के आभूषण समेत अन्य संपत्तियां घोषित की है। परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की संपत्तियों में 31 साल पुरानी एक एम्बेसडर कार के अलावा दो अन्य कार शामिल हैं। उन्होंने 37 लाख रुपये से ज्यादा मूल्य के सोने के आभूषण भी घोषित किए हैं, जबकि उनकी पत्नी कंचन नितिन अधिकारी ने 28 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने के आभूषण घोषित किए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने अन्य संपत्तियों के अलावा एक रिवॉल्वर, एक राइफल, एक ट्रैक्टर और ‘म्यूचुअल फंड' में लगभग एक करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने अन्य संपत्तियों के अलावा 74 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने के आभूषण और एक स्कूटी की घोषणा की है। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने एक बंदूक और एक रिवॉल्वर के अलावा 67 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने के आभूषण घोषित किए हैं। रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपनी संपत्तियों में 1997 मॉडल की मारुति एस्टीम कार और एक पिस्तौल होने की घोषणा की है।
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अयोध्या . राम मंदिर ट्रस्ट ने अयोध्या में राम जन्मभूमि स्थल पर गिलहरी की एक मूर्ति स्थापित की है। मंदिर निर्माण के करीब पहुंचने पर रामायण में गिलहरी की प्रतीकात्मक भूमिका को मान्यता देते हुए ट्रस्ट ने यह कदम उठाया है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने मंगलवार को कहा कि मूर्ति को अंगद टीला पर स्थापित किया गया है, जहां से वह मंदिर को निहारती हुई प्रतीत होती है। उन्होंने कहा, ‘‘जैसे-जैसे मंदिर निर्माण कार्य पूर्ण होने की ओर बढ़ रहा है, ट्रस्ट ने उस गिलहरी को विशेष स्थान दिया है जिसने लंका विजय में राम सेतु के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।'' राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में भाग लेने अयोध्या आए मिश्रा ने कहा कि मंदिर का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है और गुणवत्ता की जांच जल्द शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां भी तेज की जा रही हैं। योजना के अनुसार, मंदिर परिसर की चार किलोमीटर लंबी चारदीवारी के साथ 25 निगरानी टावर बनाए जाएंगे। मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा उपायों पर जल्द जिला प्रशासन के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी। उन्होंने देश-विदेश के तीर्थयात्रियों के लिए मंदिर दर्शन के बाद क्या-क्या देखने को मिलेगा, इसकी योजना बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और अयोध्या को एक प्रमुख पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने पर बल दिया। रामायण में, गिलहरी को भगवान राम की सेना द्वारा राम सेतु निर्माण में दिए गए अपने छोटे से लेकिन समर्पित योगदान के लिए पूजनीय माना गया है। राम जन्मभूमि पर इसकी उपस्थिति अब मंदिर के भव्य निर्माण में सामूहिक प्रयास, भक्ति और विनम्रता के महत्व का प्रतीक है।
- नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग जल्द ही देशभर में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान शुरू करने की तारीख तय करेगा और राज्यों में मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया साल के अंत से पहले प्रारंभ हो सकती है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। निर्वाचन आयोग के राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की यहां एक दिवसीय बैठक के बाद, अधिकारियों ने कहा कि अगले साल पांच विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए अखिल भारतीय मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान 2025 के आगामी महीनों में चलया जा सकता है। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए दस्तावेज सुझाए कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर न रहे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति इसमें शामिल न हो। इस बात पर पुनः जोर दिया गया कि इन दस्तावेजों को पात्र नागरिकों के लिए प्रस्तुत करना आसान होना चाहिए। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने आयोग को निर्देश दिया है कि वह मतदाता की पहचान के प्रमाण के रूप में 11 अन्य दस्तावेजों के अलावा आधार कार्ड को भी 12वें दस्तावेज के रूप में स्वीकार करे। मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पिछली एसआईआर के बाद प्रकाशित हुई अपने राज्यों की मतदाता सूची तैयार रखें। कुछ राज्यों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने अपनी वेबसाइट पर पिछली एसआईआर के बाद प्रकाशित मतदाता सूची पहले ही डाल दी है। आयोग ने कहा है कि बिहार के बाद, पूरे देश में एसआईआर की कवायद होगी।असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं।आयोग ने एक बयान में कहा कि बिहार के सीईओ ने रणनीतियों, बाधाओं और अपनाई गई प्रक्रिया के बारे में एक प्रस्तुति दी ताकि अन्य सीईओ उनके अनुभवों से सीख सकें। विभिन्न राज्यों के सीईओ ने अपने राज्य में मतदाताओं की संख्या, अंतिम एसआईआर की अर्हता तिथि और अंतिम पूर्ण एसआईआर के अनुसार तैयार की गईं मतदाता सूची के बारे में विस्तृत प्रस्तुतियां दीं। इन सीईओ ने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सीईओ वेबसाइट पर पिछली एसआईआर के बाद की मतदाता सूची के डिजिटलीकरण और अपलोडिंग के बारे में भी जानकारी दी। निर्वाचन आयोग के अनुसार इस गहन संशोधन का मुख्य उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों के जन्म स्थान की पड़ताल करके उन्हें बाहर निकालना है। आयोग का कहना है कि यह कदम बांग्लादेश और म्यांमा समेत विभिन्न राज्यों में अवैध विदेशी प्रवासियों पर कार्रवाई के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। अंततः, चुनाव प्राधिकरण ‘‘मतदाता सूचियों की अखंडता की रक्षा के अपने संवैधानिक दायित्व के निर्वहन'' के लिए पूरे देश में एसआईआर शुरू करेगा। गहन समीक्षा के तहत, चुनाव अधिकारी त्रुटिरहित मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। विपक्षी दलों द्वारा भाजपा की मदद के लिए आयोग पर मतदाता आंकड़ों में हेराफेरी करने के आरोपों के बीच, निर्वाचन आयोग ने गहन संशोधन में अतिरिक्त कदम उठाए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अवैध प्रवासी मतदाता सूची में शामिल न हों। मतदाता बनने या राज्य के बाहर से आने वाले आवेदकों की एक श्रेणी के लिए एक अतिरिक्त 'घोषणा पत्र' पेश किया गया है। उन्हें यह शपथपत्र देना होगा कि उनका जन्म एक जुलाई, 1987 से पहले भारत में हुआ था और जन्म तिथि और/या जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाला कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। घोषणा पत्र में सूचीबद्ध विकल्पों में से एक यह है कि उनका जन्म एक जुलाई, 1987 और 2 दिसंबर, 2004 के बीच भारत में हुआ हो। उन्हें अपने माता-पिता की जन्मतिथि/स्थान के बारे में भी दस्तावेज जमा करने होंगे। लेकिन बिहार मतदाता सूची संशोधन पर विपक्षी दलों ने निशाना साधा है। उनका दावा है कि करोड़ों पात्र नागरिक दस्तावेजों के अभाव में मतदान के अधिकार से वंचित रह जाएंगे। उच्चमत न्यायालय ने आयोग से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए।कुछ राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने अपने-अपने राज्यों में पिछली एसआईआर के बाद प्रकाशित मतदाता सूचियां जारी करना शुरू कर दिया है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर 2008 की मतदाता सूची है, जब राष्ट्रीय राजधानी में अंतिम गहन पुनरीक्षण हुआ था। उत्तराखंड में अंतिम एसआईआर 2006 में हुआ था और उस वर्ष की मतदाता सूची अब राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। राज्यों में अंतिम एसआईआर ‘कट ऑफ' तिथि के रूप में काम करेगी ठीक वैसे ही जैसे कि निर्वाचन आयोग गहन पुनरीक्षण के लिए बिहार की 2003 की मतदाता सूची का उपयोग कर रहा है। अधिकतर राज्यों ने 2002 और 2004 के बीच मतदाता सूचियों का संशोधन किया था।
- रांची. रक्षा प्रदर्शनी ‘ईस्टटेक 2025' 19 से 21 सितंबर तक रांची में आयोजित की जाएगी। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह झारखंड द्वारा आयोजित पहली रक्षा प्रदर्शनी होगी। अधिकारियों ने बताया कि इसका आयोजन रांची के खेलगांव स्थित खेल परिसर में किया जाएगा। आयोजन पहले 17 से 19 सितंबर के बीच होना प्रस्तावित था। हालांकि, स्थगन का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। एक सैन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘इस आयोजन में स्टार्टअप द्वारा विकसित नवीनतम रक्षा तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। झारखंड में रक्षा निर्माण की अपार संभावनाएं हैं और झारखंड को रक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए ईस्टटेक-2025 का आयोजन रांची में किया जा रहा है।'' उन्होंने बताया कि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार 19 सितंबर को प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। प्रमुख रक्षाध्यक्ष (सीडीएस)जनरल अनिल चौहान और सेना के पूर्वी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे।
- नयी दिल्ली. पंजाब नेशनल बैंक के 13,000 करोड़ रुपये के घोटाले के मुख्य आरोपी फरार हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी के खिलाफ बेल्जियम की अदालत में प्रत्यर्पण कार्यवाही अगले सोमवार से शुरू हो सकती है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बेल्जियम के संघीय अभियोजकों द्वारा सुनवाई संचालित की जाएगी और इसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और भारत के विदेश मंत्रालय का भी सहयोग होगा। अधिकारियों के अनुसार, मेहुल चोकसी 2023 से बेल्जियम में रह रहा है। वह चिकित्सा उपचार के लिए एंटीगुआ और बारबुडा से बेल्जियम आया था। उसकी पत्नी बेल्जियम की नागरिक है। चोकसी की बेल्जियम में मौजूदगी की सूचना सीबीआई को जनवरी 2024 में मिली थी, जिसके बाद भारत ने बेल्जियम के साथ 2020 में किए गए प्रत्यर्पण संधि के तहत प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा, जो दोनों देशों के बीच इस तरह की संधि के तहत पहला मामला है। भारत के अनुरोध पर चोकसी को इस साल अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद बेल्जियम की विभिन्न अदालतों ने उसकी जमानत अर्जी ठुकरा दी है। सीबीआई ने प्रत्यर्पण कानून में विशेषज्ञता रखने वाली एक यूरोपीय कानून फर्म को भी मामले में सहायता के लिए नियुक्त किया है। सीबीआई के अधिकारी भी जरूरी दस्तावेज, जानकारियां और पक्ष रखने के लिए मौजूद रहेंगे। जांच एजेंसी ने बेल्जियम के अधिकारियों को आरोप-पत्र, प्राथमिकी और सबूतों का विस्तृत विवरण दिया है, जिससे यह साबित होता है कि भारत में लगाए गए आरोप बेल्जियम में भी अपराध हैं, जो प्रत्यर्पण के लिए उपयुक्त मामला बनाता है। चोकसी पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और खातों में फर्जीवाड़ा तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं, जो बेल्जियम में भी दंडनीय अपराध हैं। सीबीआई ने प्रत्यर्पण अनुरोध में ‘अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन' (यूएनटीओसी) और ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन' (यूएनसीएसी) का भी हवाला दिया है। भारतीय एजेंसियों ने 2018 और 2021 में मुंबई की विशेष अदालत द्वारा जारी दो अनिश्चितकालीन गिरफ्तारी वारंट बेल्जियम अधिकारियों के साथ साझा किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि चोकसी ने 2017 में एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ली है, लेकिन भारत की नागरिकता छोड़ने की कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, इसलिए वह अब भी भारत का नागरिक माना जाता है। वह पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के सार्वजनिक होने से कुछ दिन पहले चार जनवरी 2018 को भारत छोड़कर भाग गया था। भारत ने बेल्जियम को चोकसी की गिरफ्तारी के दौरान जेल की परिस्थितियों और मुंबई के आर्थर रोड जेल में उसे दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तृत आश्वासन भी दिया है, ताकि किसी भी प्रकार के अत्याचार, अमानवीय व्यवहार या मानवाधिकार उल्लंघन की आशंका न रहे।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय परीक्षण शाला एआई-संचालित परीक्षण सुविधाओं पर ध्यान देगी और हाइड्रोजन ऊर्जा, स्मार्ट सामग्री और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे नए क्षेत्रों में संभावनाओं पर गौर करेगी। राष्ट्रीय परीक्षण शाला (एनटीएच) एक प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान है जो इंजीनियरिंग सामग्रियों और तैयार उत्पादों के परीक्षण, अंशांकन, मूल्यांकन और गुणवत्ता आश्वासन में विशेषज्ञता रखता है। एनटीएच के 114वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि परीक्षण गृह डिजिटल पहल के माध्यम से अपने परिचालन का आधुनिकीकरण कर रहा है। उन्होंने कहा कि लेबोरेटरी डेटा ऑटोमेशन सिस्टम (एलडीएएस) मानवीय त्रुटियों को कम करेगा, टर्नअराउंड समय को कम करेगा और गुणवत्ता परीक्षणों को तेजी से पूरा करने में सक्षम करेगा, जिससे क्षमता और दक्षता बढ़ेगी। जोशी ने कहा कि एनटीएच ने 2024-25 में 45,926 नमूनों के परीक्षण के साथ नमूना परीक्षण में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की है, साथ ही राजस्व में 49.89 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मंत्री ने भारत के औद्योगिक वातावरण को मजबूत करने और भविष्य के लिए तैयार सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कई अत्याधुनिक परीक्षण सुविधाओं का भी ऑनलाइन उद्घाटन किया। इनमें एनटीएच (ईआर), कोलकाता में इलेक्ट्रिक वाहन परीक्षण सुविधा, एनटीएच (एनआर), गाजियाबाद में ड्रोन परीक्षण सुविधा और एनटीएच (एनआर), गाजियाबाद में रासायनिक परीक्षण प्रयोगशाला शामिल हैं। मंत्री ने दो भारतीय विनिर्माताओं को पहला ड्रोन प्रमाणपत्र भी जारी किया, जिससे देश में ड्रोन प्रमाणन में एक नया अध्याय शुरू हुआ।
- मुंबई. भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), मुंबई ने बुधवार को गायक कैलाश खेर द्वारा स्थापित कला संस्थान ‘केकला' के साथ ‘ मंचीय कलाओं के लिए रचनात्मक नेतृत्व में स्नातकोत्तर डिप्लोमा' का एक वर्षीय कार्यक्रम जून 2026 से शुरू करने की घोषणा की। आईआईएम मुंबई ने एक बयान में कहा कि यह कार्यक्रम मंचीय कला के क्षेत्र में अग्रणी बनने की चाह रखने वाले, रचनात्मक उद्यमियों और दूरदर्शी कलाकारों के लिए तैयार किया गया है, जो कलात्मक नवाचार को व्यावसायिक नेतृत्व के साथ जोड़ना चाहते हैं। आईआईएम मुंबई के निदेशक प्रोफेसर मनोज के. तिवारी ने कहा, ‘‘आर्त्रेप्रेन्योर पीजीडीएम रचनात्मक नेतृत्व विकसित करने के लिए डिजाइन किया गया है।'' आर्त्रेप्रेन्योर से तात्पर्य उन लोगों या रचनात्मक कलाकारों से है जो लोगों के कला कौशल को व्यावसायिक लाभ दिलवाने की दक्षता रखते हैं। खेर ने कहा, ‘‘मंचीय कलाओं में न केवल मंच पर हमारे प्रदर्शन को बदलने की शक्ति है, बल्कि हमारे समुदायों और कार्यस्थलों में हमारे नेतृत्व को भी बदलने की शक्ति है। यह सहयोग रचनात्मक नेतृत्व को व्यावसायिक शिक्षा में अग्रणी बनाने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि सरकार सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या को शून्य स्तर पर लाने के लिए काम कर रही है। जोमैटो और उबर द्वारा आयोजित सड़क सुरक्षा पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा का मुद्दा केवल सड़क और वाहन इंजीनियरिंग से ही संबंधित नहीं है, बल्कि यह मानवीय व्यवहार से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सड़क दुर्घटनाओं को शून्य करने के लिए काम कर रहे हैं और सभी हितधारकों की मदद से हम इस लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे।'' सरकार का लक्ष्य 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों की संख्या को आधा करना है।सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) की हाल की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 2023 में 4.2 प्रतिशत बढ़कर 4.8 लाख से अधिक हो गई, जिसके परिणामस्वरूप हर घंटे 20 लोगों की मौत हुई। रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में हर घंटे 55 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।'भारत में सड़क दुर्घटनाएं 2023' शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘देश में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस विभागों ने वर्ष 2023 के दौरान कुल 4,80,583 सड़क दुर्घटनाओं की सूचना दी है। इनमें 1,72,890 लोगों की जान गई और 4,62,825 लोग घायल हुए।'' जोमैटो और उबर ने सड़क सुरक्षा के लिए ‘सड़क सुरक्षा अभियान' का समर्थन करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के साथ सहयोग किया। यह घोषणा गडकरी और प्रसिद्ध लेखक, कवि तथा सड़क सुरक्षा अभियान के विचारक प्रसून जोशी ने की, जिनके साथ जोमैटो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आदित्य मंगला और उबर इंडिया एवं दक्षिण एशिया के सुरक्षा संचालन प्रमुख सूरज नायर भी मौजूद थे। इस पहल के तहत दोनों कंपनियां इस संदेश को अपने मंचों पर एकीकृत कर रही हैं। जोमैटो अपने डिलीवरी पार्टनर ऐप और अपने उपभोक्ता-केंद्रित खाद्य वितरण मंच के माध्यम से सड़क सुरक्षा संदेशों का प्रसार करेगा।
- नयी दिल्ली. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि भारत व्यापार समझौते के लिए अमेरिका के साथ ‘सक्रियता के साथ बातचीत' कर रहा है। गोयल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में यूरोपीय संघ के साथ भी व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है। इसके अलावा, भारत न्यूजीलैंड के साथ भी व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है। गोयल ने उद्योग मंडल फिक्की के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘हम अमेरिका और न्यूजीलैंड के साथ सक्रिय बातचीत कर रहे हैं।'' मंत्री ने कहा कि भारत पहले ही मॉरीशस, ईएफटीए ब्लॉक, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते कर चुका है।मंत्री ने यह भी कहा, "हम जल्द ही ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते के दूसरे चरण को अंतिम रूप देंगे।" ओमान के साथ भी जल्द ही एक व्यापार समझौते की घोषणा होने की उम्मीद है। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने 2022 में एक अंतरिम व्यापार समझौते को पहले ही लागू कर दिया है और अब वे इसके दायरे को व्यापक व्यापार समझौते में विस्तारित करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। अमेरिका ने 27 अगस्त से अमेरिकी बाजारों में प्रवेश करने वाले भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगा दिया है। इससे झींगा, कपड़ा, चमड़ा और जूते जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के निर्यात पर असर पड़ रहा है।
- अनंतपुर (आंध्र प्रदेश). आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि राज्य की पूर्ववर्ती युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार ने 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जबकि वर्तमान तेदेपा नीत राजग सरकार ने राज्य में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है। यहां 'सुपर सिक्स सुपर हिट' सभा को संबोधित करते हुए नायडू ने वाई एस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली राज्य की पूर्ववर्ती सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह बेचैनी, बेरोजगारी और मादक पदार्थ की समस्याओं से ग्रस्त थी। उन्होंने वाईएसआरसीपी प्रमुख रेड्डी को विधानसभा में आने और लोगों की समस्याओं पर चर्चा में हिस्सा लेने की चुनौती दी।उन्होंने कहा, ‘‘पूर्ववर्ती सरकार ने जहां 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जबकि तेदेपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश लेकर आयी। यह हमारी साख है। यह हमारा ब्रांड है।'' मुख्यमंत्री ने जीएसटी दर में बदलाव के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना की, जिसके कारण कई उत्पादों की कीमतों में कमी आयी है। नायडू ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 'अन्नदाता सुखीभव' योजना (किसानों को वित्तीय सहायता) के तहत पहली किस्त में 47 लाख किसानों के बैंक खातों में 3,173 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक आंध्र प्रदेश में पांच करोड़ महिलाओं ने मुफ़्त बस सेवा का लाभ उठाया है, जिससे 200 करोड़ रुपये बचे हैं। नायडू ने बताया कि 'दीपम 2.0' योजना के तहत पात्र परिवारों को 1,704 करोड़ रुपये की लागत वाले 2.45 करोड़ एलपीजी सिलेंडर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सुपर सिक्स योजनाएं सुपरहिट रही हैं और मैं किसानों, महिलाओं और युवाओं को उनके अपार समर्थन के लिए दिल से धन्यवाद देता हूं।'' 'सुपर सिक्स' चुनावी वादों में कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं, जैसे महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, प्रत्येक पात्र स्कूल जाने वाले बच्चे को 15,000 रुपये प्रति वर्ष तथा किसानों और अन्य लोगों के लिए 20,000 रुपये प्रति वर्ष। नायडू ने कहा कि सरकार अपने "सुपर सिक्स" चुनावी वादों को पूरा कर रही है और आश्वासन दिया कि राज्य में किसानों के लिए यूरिया की कोई कमी नहीं होगी।वाईएसआरसीपी प्रमुख रेड्डी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री नायडू ने कहा, "जगन, मैं आपको विधानसभा में आकर मेडिकल कॉलेज पर चर्चा करने की चुनौती देता हूं। विपक्ष का दर्जा न होने पर भी, आपको उपस्थित होकर चर्चा करनी चाहिए। आपकी विपक्ष की स्थिति जनता तय करेगी, पार्टी नहीं।'' उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी प्रमुख, जिन्हें मेडिकल कॉलेज के बारे में कुछ भी नहीं पता, ऐसे बात करते हैं जैसे उन्होंने कुछ हासिल कर लिया हो और कहते हैं कि सिर्फ जमीन देने से कॉलेज नहीं चलते। वाईएसआरसीपी प्रमुख रेड्डी ने प्रस्तावित सरकारी मेडिकल कॉलेज के "निजीकरण" के आंध्र प्रदेश सरकार के फ़ैसले की आलोचना की थी और इसे "भ्रष्टाचार का एक उदाहरण" बताया था और सत्ता में लौटने के बाद उन्हें राज्य के नियंत्रण में वापस लाने का संकल्प जताया था। रेड्डी की यह टिप्पणी आंध्र प्रदेश कैबिनेट द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत 10 नये मेडिकल कॉलेज विकसित करने के फैसले के बाद आई थी। नायडू ने कहा कि राज्य की जनता ने तेदेपा और उसके सहयोगियों को स्पष्ट जनादेश दिया है, वाईएसआरसीपी को विपक्ष का दर्जा देने से इनकार कर दिया है, इससे प्रतिबिंबित होता है कि जगन के नेतृत्व को "पूरी तरह से नकार दिया गया''।उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव में 57 प्रतिशत लोगों ने राजग को वोट दिया, जिसके परिणामस्वरूप 164 सीट मिलीं, जिससे विपक्ष के लिए कोई जगह नहीं बची। उन्होंने कहा कि 3,850 करोड़ रुपये की लागत से, कृष्णा नदी के पानी को हंड्री-नीवा परियोजना के माध्यम से कुप्पम तक पहुँचाया गया है। उन्होंने कहा कि पट्टिकोंडा, जीदीपल्ली, पेन्ना अहोबिलम, गोलापल्ली, चेरलोपल्ली, अदाविपल्ली और गजुलादिन्ने की परियोजनाओं को पानी से भरा जा रहा है। नायडू ने कहा कि रायलसीमा क्षेत्र में रक्षा, अंतरिक्ष, एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल उद्योग, ड्रोन सिटी और हरित ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित होंगी, जबकि सौर और पवन ऊर्जा इस क्षेत्र को ऊर्जा प्रदान करेंगी और इसे रत्नाला सीमा (रत्नों की भूमि) में बदल देंगी। नायडू ने कहा कि यह सभा केवल यह संदेश देने के लिए है कि राज्य की राजग गठबंधन सरकार ने अपना वादा निभाया है। उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण और आंध्र प्रदेश भाजपा प्रमुख पी वी एन माधव ने भी संबोधित किया।
- कोलकाता. सार्वजनिक क्षेत्र के यूको बैंक ने सभी अवधियों के लिए कोष की सीमांत लागत पर आधारित ब्याज दरों (एमसीएलआर) में 0.05 प्रतिशत की कटौती करने के साथ अपनी 10-वर्षीय सरकारी प्रतिभूतियों पर प्रतिफल बढ़ा दिया है। एमसीएलआर ज्यादातर खुदरा और कंपनी ऋणों के लिए मानक दर के तौर पर काम करता है।बैंक ने बुधवार को कहा कि 10 सितंबर से प्रभावी, एक वर्षीय एमसीएलआर को 8.95 प्रतिशत से घटाकर 8.90 प्रतिशत कर दिया गया है। बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि एक दिन के लिए, एक महीने, तीन महीने और छह महीने की ऋण अवधि के लिए ऐसी उधारी दरों में भी 0.05 प्रतिशत की कटौती की गई है। यूको बैंक ने 10-वर्षीय सरकारी प्रतिभूति के प्रतिफल में संशोधन किया है। इसे 6.51 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.78 प्रतिशत कर दिया गया है। बैंक ने कहा कि रेपो दर से जुड़ी दरें, आधार दर और मानक प्रधान उधारी दर (बीपीएलआर) में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- मुंबई. आयकर में छूट के साथ कर्मचारियों का झुकाव वित्तीय नियोजन की ओर हुआ है। लगभग 57 प्रतिशत लोग अपनी अतिरिक्त आय को बचत और निवेश में लगा रहे हैं। नई कर व्यवस्था लागू होने के छह महीने बाद, एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। रोजगार के बारे में सूचना देने वाला मंच नौकरी की एक रिपोर्ट में मंगलवार को कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 की नई कर व्यवस्था लागू होने के छह महीने बाद, 12.75 लाख रुपये प्रति वर्ष (एलपीए) तक कमाने वाले पेशेवर सोच-विचार कर खर्च की तुलना में बचत, निवेश और ऋण चुकाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह रिपोर्ट नौकरी द्वारा 12.75 लाख रुपये प्रति वर्ष तक कमाने वाले 20,000 से अधिक पेशेवरों के देश भर में किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। इन लोगों पर कर देनदारी अब शून्य है। हालांकि, रिपोर्ट में पाया गया कि नई कर व्यवस्था को लेकर सभी लोग जागरूक नहीं हैं।रिपोर्ट में कहा गया है कि नए लोग सबसे ज्यादा जानकारी रखते हैं। 64 प्रतिशत ने लाभों के बारे में पूरी जानकारी होने की बात कही है, वहीं 43 प्रतिशत प्रतिभागियों ने स्वीकार किया कि वे या तो स्पष्ट नहीं हैं या बदलावों से पूरी तरह अनजान हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 57 प्रतिशत प्रतिभागी अपनी अतिरिक्त आय को बचत और निवेश में लगा रहे हैं, जबकि 30 प्रतिशत इसका इस्तेमाल कर्ज चुकाने में कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ प्रतिशत लोग ही अतिरिक्त धन को उपभोग में लगा रहे हैं। इसमें नौ प्रतिशत अपनी जीवनशैली में सुधार को लेकर खर्च कर रहे हैं और केवल चार प्रतिशत यात्रा और अवकाश पर खर्च कर रहे हैं।रिपोर्ट में उद्योग-वार स्पष्ट अंतर भी उजागर किया गया है। इसमें उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र के 76 प्रतिशत पेशेवर अपनी अतिरिक्त आय की बचत के साथ सबसे आगे हैं। इसके बाद वाहन (63 प्रतिशत) और औषधि (57 प्रतिशत) क्षेत्र के पेशेवर हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों (64 प्रतिशत) और होटल (60 प्रतिशत से अधिक) क्षेत्र के कर्मचारी दीर्घकालिक सेवानिवृत्ति योजना और निवेश के प्रति सबसे अधिक प्रतिबद्ध हैं। इसके अलावा, दिल्ली और गुरुग्राम के पेशेवर बचत के मामले में शीर्ष पर हैं। यहां क्रमशः 63 प्रतिशत और 64 प्रतिशत लोग अपनी अतिरिक्त आय अलग रखते हैं। इसके अलावा, चेन्नई में 44 प्रतिशत प्रतिभागियों ने ऋण चुकाने पर ध्यान दिया, जबकि मुंबई सेवानिवृत्ति से जुड़ी बचत में अग्रणी रहा। वहां 51 प्रतिशत प्रतिभागी अपनी अतिरिक्त आय को विशेष रूप से सेवानिवृत्ति निधि में लगा रहे हैं।

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