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नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को 2026-27 के बजट में 1,06,530.42 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो 2025-26 के बजट के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने भारत को एक प्रमुख चिकित्सा पर्यटन गंतव्य के तौर पर बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में पांच क्षेत्रीय चिकित्सा हब बनाने में राज्यों की मदद के लिए एक योजना का प्रस्ताव रखा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा कि ये हब एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल परिसर के तौर पर काम करेंगे, जिनमें चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाएं शामिल होंगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह घोषणा भी की कि सहायक स्वास्थ्य पेशेवरों (एएचपी) के लिए मौजूदा संस्थानों को उन्नत किया जाएगा और निजी तथा सरकारी क्षेत्र में नए एएचपी संस्थान बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत के युवाओं के लिए कौशल वाले रोजगारों के नए रास्ते बनेंगे। उन्होंने कहा, ''इसमें ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइकोलॉजी और व्यवहार संबंधी सेहत समेत 10 चुने हुए क्षेत्र शामिल होंगे और अगले पांच साल में एक लाख एएचपी जुड़ेंगे।'' वित्त मंत्री ने कहा, ''बुजुर्गों और सहायक देखभाल सेवाओं के लिए एक मजबूत देखभाल प्रणाली बनाई जाएगी।'' स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के लिए आवंटित 1,06,530.42 करोड़ रुपये में से 1,01,709.21 करोड़ रुपये स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के लिए तथा 4,821.21 करोड़ रुपये स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के लिए आवंटित किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहली बार एएचपी संबंधी योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए आवंटन 2025-26 में 37,100.07 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2026-27 में 39,390 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए आवंटन 8,995 करोड़ से बढ़ाकर 9,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 5.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। राष्ट्रीय दूर मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए, बजट आवंटन को 45 करोड़ रुपये से थोड़ा बढ़ाकर 51 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 350 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। स्वायत्त इकाइयों के लिए बजट आवंटन 2024-25 में 21,901.98 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 22,343.97 करोड़ रुपये हो गया है। नई दिल्ली स्थित एम्स के लिए आवंटन 5,238.70 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5,500.92 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि आईसीएमआर के लिए 4,821.21 करोड़ रुपये चिह्नित किए गए हैं, जो लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि है। -
नयी दिल्ली. आम बजट 2026-27 में कैंसर के इलाज में काम आने वाली 17 दवाओं पर सीमा शुल्क हटा दिया है। इसके अलावा बैगेज नियमों को आसान बनाकर और निजी इस्तेमाल के लिए आयात किए गए सामान पर शुल्क घटाकर 10 प्रतिशत करके सीमा शुल्क व्यवस्था को आसान बनाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को एक ''विश्वास-आधारित'' सीमा शुल्क व्यवस्था पेश की, जिसमें मालवाहक जहाजों की मंजूरी (कार्गो क्लीयरेंस) के लिए एकल खिड़की प्रणाली होगी, भरोसेमंद और लंबे समय से आपूर्ति श्रृंखला वाले नियमित आयात करने वालों के लिए कम जांच परख होगी, अधिकृत आर्थिक परिचालकों (एईओज) के लिए आसान शुल्क भुगतान के नियम होंगे और बंदरगाहों पर जांच में कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल होगा। सीतारमण ने यह भी घोषणा की कि ईमानदार करदाता, जुर्माने के बजाय अतिरिक्त राशि का भुगतान करके सीमा शुल्क विवादों को निपटा सकते हैं, और सभी सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के लिए दो साल में सीमाशुल्क एकीकृत प्रणाली (सीआईएस) शुरू करने का वादा किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 'एडवांस रूलिंग', सीमाशुल्क अधिकारियों पर पांच साल के लिए बाध्यकारी होगी, जो अभी तीन साल है। उन्होंने आगे कहा कि 'कस्टम वेयरहाउसिंग ढांचे' को स्वयं खुलासे, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और जोखिम-आधारित लेखा परीक्षण के साथ 'वेयरहाउस परिचालक-केंद्रित प्रणाली में बदल दिया जाएगा। सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि सीमाशुल्क प्रस्तावों का ''उद्देश्य शुल्क संरचना को और सरल बनाना, घरेलू विनिर्माण को समर्थन करना, निर्यात प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और शुल्क में विसंगतियों को ठीक करना है।'' बजट में यात्रियों की वास्तविक चिंताओं को दूर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान 'बैगेज क्लियरेंस' को नियंत्रित करने वाले प्रावधानों को संशोधित करने का प्रस्ताव है। बैगेज नियम 2016 के तहत, भारतीय निवासी और भारत में रहने वाले विदेशी जो नेपाल, भूटान या म्यामां के अलावा अन्य देशों से आ रहे हैं, वे 50,000 रुपये तक का शुल्क मुक्त सामान ला सकते हैं। निजी इस्तेमाल के लिए सामान के आयात के संबंध में, बजट में ऐसे सभी शुल्क वाले सामान पर शुल्क दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को शहरी विकास को मजबूत करने के लिए एक बड़े कदम की घोषणा की। इसके तहत शहरी आर्थिक क्षेत्रों (सीईआर) के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और प्रत्येक क्षेत्र के लिए पांच वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया गया है। इसका मकसद संबंधित योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करना है।
सीतारमण ने लोकसभा में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए शहरों को भारत के विकास, नवोन्मेष और अवसरों का इंजन बताया और कहा कि यह नई पहल दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों के साथ-साथ मंदिर नगरों पर केंद्रित होगी, जिन्हें आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर सुविधाओं की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य विशिष्ट विकास कारकों के आधार पर शहर आर्थिक क्षेत्र का मानचित्रण करके शहरों की आर्थिक शक्ति को और अधिक बढ़ाना है। सीतारमण ने कहा, ''सुधार-सह-परिणाम आधारित वित्तपोषण व्यवस्था के साथ चुनौतीपूर्ण तरीके से उनकी योजनाओं को लागू करने के लिए प्रत्येक सीईआर के लिए पांच वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया गया है।'' उन्होंने कहा कि पिछले दशक में, उनकी सरकार ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के व्यापक सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (इनविट) और रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट) जैसे नए वित्तपोषण साधन और एनआईआईएफ (राष्ट्रीय निवेश और बुनियादी ढांचा कोष) और एनएबीएफआईडी (राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा और विकास वित्त पोषण बैंक) जैसी संस्थाएं शामिल हैं। सरकार पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों (टियर 2 और टियर 3) में अवसंरचना के विकास पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी। ये शहर विकास केंद्रों के रूप में विकसित हुए हैं। -
प्रयागराज| प्रयागराज में आयोजित किए जा रहे माघ मेले में रविवार को माघी पूर्णिमा स्नान पर्व पर सुबह आठ बजे तक करीब 90 लाख श्रद्धालुओं ने संगम और गंगा में डुबकी लगाई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। मेला प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि कड़ाके की ठंड के बावजूद शनिवार आधी रात 12 बजे से ही श्रद्धालुओं का मेला क्षेत्र में आगमन और गंगा स्नान जारी है। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह आठ बजे तक लगभग 90 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया।
जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि पिछले एक महीने से मेले में कल्पवास कर रहे कल्पवासियों का रविवार को अंतिम गंगा स्नान है, इसलिए उनके परिजन उन्हें घर वापस ले जाने के लिए आए हैं। उन्होंने बताया कि सुबह घने कोहरे के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और सभी घाटों पर स्नान सुचारू रूप से जारी है। उन्होंने कहा, ''सभी घाटों पर सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम तैनात हैं। इसके अलावा नाविकों और गोताखोरों को भी सभी घाटों पर तैनात किया गया है।'' वर्मा ने बताया कि मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों तथा ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है और सभी अधिकारी मेला क्षेत्र में भ्रमणशील हैं। त्रिवेणी संगम आरती सेवा समिति के अध्यक्ष आचार्य राजेंद्र मिश्र ने बताया कि माघ मेले में करीब पांच लाख कल्पवासियों का एक माह का कल्पवास माघी पूर्णिमा स्नान के साथ संपन्न हो जाएगा और आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि स्नान पर्व के साथ माघ मेला समाप्त हो जाएगा। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि 800 हेक्टेयर में फैले मेला क्षेत्र को सात सेक्टर में बांटा गया है और 25 हजार से अधिक शौचालय बनाए गए हैं व 3,500 से अधिक सफाईकर्मी तैनात हैं। पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए एक लाख से अधिक वाहन क्षमता के 42 अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि माघ मेला 2025-26 के लिए कुल 12,100 फुट लंबे घाटों का निर्माण किया गया है, जिनमें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। -
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लाल ‘डिजिटल बही-खाता’ पेश किया। पारंपरिक तौर पर वित्त मंत्री संसद में बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति से मुलाकात करती हैं। इस बार भी बजट पेपरलेस होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा ही पेपरलेस बजट की शुरुआत की गई थी।
वित्त मंत्री सीतारमण ने सबसे पहले 2019 में ब्रिटिश काल से चली आ रही चमड़े के पुरानी ब्रीफकेस की जगह पारंपरिक बही-खाता का इस्तेमाल शुरू किया था। इसके दो साल बाद 2021 में, उन्होंने बजट के कागजात ले जाने के लिए डिजिटल टैबलेट का उपयोग करना शुरू किया था। इस बार का बजट वित्त मंत्री के रूप में सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा।वित्त मंत्री बजट ऐसे समय पर पेश कर रही हैं, जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक परिस्थितियां कठिन बनी हुई हैं और टैरिफ से प्रभावित कई सेक्टर्स राहत की उम्मीद कर रहे हैं। इस कारण बजट 2026 में बाजार का ध्यान इंडस्ट्री और निर्यात से जुड़े ऐलान पर हो सकता है।इसके अतिरिक्त संसद में सुबह 11 बजे केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने के बाद, वित्त मंत्री सीतारमण देश के विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 30 कॉलेज छात्रों से बातचीत करेंगी। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस पहल के तहत, छात्र लोकसभा गैलरी से केंद्रीय बजट का सीधा प्रसारण भी देखेंगे, जिससे उन्हें वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण संसदीय कार्यवाही में से एक को देखने का अवसर मिलेगा।इन छात्रों का चयन वाणिज्य, अर्थशास्त्र, चिकित्सा शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों सहित विभिन्न शैक्षणिक विषयों से किया गया है और वे भारत के विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे कर्तव्य भवन-1 स्थित वित्त मंत्रालय का दौरा भी करेंगे और वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करके इसके कामकाज, नीति निर्माण प्रक्रियाओं और राष्ट्र निर्माण में संस्थानों की भूमिका के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।( -
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। यह एक परंपरा है, जिसमें हर साल वित्त मंत्री बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति से मिलती हैं। इस दौरान राष्ट्रपति ने निर्मला सीतारमण को दही-चीनी भी खिलाई और उन्हें व उनकी टीम को बजट पेश करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रपति कार्यालय के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर भी इस मुलाकात की कुछ तस्वीरें शेयर की गई हैं। इसके साथ ही लिखा है, “केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के सीनियर अधिकारियों के साथ यूनियन बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी टीम को बजट पेश करने के लिए शुभकामनाएं दीं।”इसके पहले सुबह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने मंत्रालय पहुंची थीं और बजट से जुड़ी अंतिम तैयारियों की समीक्षा की। हर साल की तरह इस बार भी उनका हाथ में ‘बहिखाता’ देखा गया, उसी टैब में वह पेपरलेस बजट प्रस्तुत करती रही हैं। इस बार का बजट खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि यह लगातार उनका नौवां बजट है। इस उपलब्धि के साथ वह उन चुनिंदा वित्त मंत्रियों में शामिल हो गई हैं जिन्होंने सबसे अधिक बार बजट पेश किया है।इस बजट से लोगों की उम्मीदें भी काफी बढ़ गई हैं। किसानों, छात्रों और मध्यम वर्ग के लिए नई घोषणाओं की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, आर्थिक सर्वेक्षण के संकेतों से पता चला है कि इस बार के बजट में सरकार रोजगार, विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों पर ज्यादा फोकस कर सकती है। साथ ही कुछ चुनावी राज्यों के लिए बड़े ऐलान भी किए जा सकते हैं, जिससे राजनीतिक और आर्थिक दोनों ही दृष्टि से बजट की अहमियत बढ़ गई है। -
भुवनेश्वर. ओडिशा के गंजाम जिले में एक ट्रक ने तीन दोपहिया वाहनों को रौंद दिया, जिससे कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। दुर्घटना ब्रह्मपुर शहर से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर हल्दियापदर में हुई।
एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के अधीक्षक दुर्गा माधव सतपथी ने कहा, "दुर्घटना में मारे गए सभी पांच लोगों के शव यहां लाये गए।" पुलिस ने पहले बताया था कि दुर्घटना में छह लोग घायल हुए हैं, लेकिन बाद में पता चला कि केवल तीन लोग घायल हुए और वे सभी राहगीर थे। दक्षिणी रेंज की आईजी नीति शेखर ने कहा कि ट्रक राजमार्ग पर गलत दिशा में जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि दुर्घटना इतनी भीषण थी कि मृतकों के शव राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिखरे पड़े मिले।दुर्घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर यातायात कई घंटों तक रुका रहा।ब्रह्मपुर पुलिस अधीक्षक श्रवण विवेक एम ने बताया कि ट्रक को जब्त कर लिया गया है और उसके चालक को हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने कहा, "दुर्घटना का सटीक कारण गहन जांच के बाद ही पता चलेगा।"उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए।पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान अयोध्या नगर के सुरय नारायण पांडा (41), गुंथुबांध के सिबाराम जेना (35), फुल्टा के जगा नाहक (20) और राकेश नाहक (22) और जराडा के पास खरियागुड़ा के सत्य नारायण बेज के रूप में हुई है। ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, ''गंजाम जिले के ब्रह्मपुर के पास हल्दियापादर में हुए सड़क हादसे में जानमाल की हानि पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शोक व्यक्त किया है।'' इसने कहा कि माझी ने मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों के लिए चार-चार लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की। विपक्ष के नेता और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक तथा केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी अलग-अलग सोशल मीडिया पोस्ट में, दुर्घटना में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया। -
कोहिमा. नगालैंड की राजधानी कोहिमा से लगभग 21 किलोमीटर दूर एक बस पलट जाने से कम से कम चार महिलाओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। शुरुआती खबरों के अनुसार, चुमौकेदिमा आओ बैपटिस्ट चर्च के लगभग 40 सदस्यों को ले जा रही बस मोकोकचुंग जिले में एक प्रार्थना सभा के बाद चुमौकेदिमा लौट रही थी, तभी कोहिमा जिले में 10 माइल और पेदुचा के बीच सड़क पर रात लगभग आठ बजे यांत्रिक खराबी के कारण बस पलट गई। घायलों को राहगीरों की मदद से पास के अस्पतालों में पहुंचाया गया है।अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस ने बचाव कार्य में सहायता के लिए एम्बुलेंस भी मंगवाई हैं।
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पणजी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को गोवा में पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर से लेकर राज्य स्तर तक संगठन को मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनाव में हर मतदान केंद्र पर कम से कम 50 प्रतिशत मत हासिल करने का लक्ष्य तय करने का आह्वान किया। पणजी के निकट कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि 2027 के चुनाव "विकसित गोवा" के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने कहा कि राज्य की विकास यात्रा जारी रखने के लिए स्थिर सरकार आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बूथ प्रमुख पार्टी के संगठन में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति होते हैं।नवीन ने 2027 के चुनाव में हर मतदान केंद्र पर कम से कम 50 प्रतिशत मत हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गोवा की प्रति व्यक्ति आय 2014 में 1.12 लाख रुपये से बढ़कर 2023-24 में लगभग 3 लाख रुपये हो गई है। भाजपा अध्यक्ष ने दो हवाई अड्डों, विस्तारित एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्गों और फ्लाईओवर सहित बुनियादी ढांचे के विकास का भी उल्लेख किया और कार्यकर्ताओं से गोवा की बदली तस्वीर के बारे में लोगों तक जानकारी पहुंचाने का आग्रह किया। -
नयी दिल्ली/पणजी. गोवा के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान का 'प्रयास' केंद्र तंत्रिका विकास और तंत्रिका संबंधी विकारों से पीड़ित बच्चों के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है, जो आयुर्वेद, योग और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के संयोजन से उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए समन्वित प्रयास कर रहा है। 'प्रयास' केंद्र की शुरुआत नवंबर 2025 में की गई थी। इस एकीकृत बाल चिकित्सा न्यूरो-पुनर्वास केंद्र ने न्यूरो-मस्कुलर और न्यूरो-बिहेवियरल ओपीडी के माध्यम से 574 रोगियों को लाभान्वित किया है, और आईपीडी सेवाओं के माध्यम से 176 बच्चों को एकीकृत देखभाल प्रदान की है। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) गोवा की डीन (शैक्षणिक एवं प्रशासन) डॉ. सुजाता कदम ने कहा, ''प्रयास तंत्रिका विकास संबंधी विकारों से पीड़ित बच्चों के लिए आशा की किरण है, जो आयुर्वेद के समग्र सिद्धांतों को बहुविषयक चिकित्सा पद्धतियों के साथ एकीकृत करके उनके जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाता है। हम इस मॉडल को पूरे भारत में अधिक से अधिक परिवारों तक विस्तारित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और अपने संस्थान की नवीन एवं करुणामयी देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता को आगे बढ़ा रहे हैं।'' उन्होंने बताया कि इसका एक उदाहरण तीन वर्षीय एक लड़के का है, जो 'स्पैस्टिक हेमिप्लेजिक सेरेब्रल पाल्सी' से ग्रस्त था और स्वतंत्र रूप से खड़े होने या चलने में असमर्थ था, लेकिन केंद्र में एकीकृत देखभाल के बाद वह बिना किसी सहारे के चलने-फिरने में सक्षम हो गया। बच्चे की मां ने कहा, ''पहले मेरा बच्चा अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पाता था और न ही चल पाता था। 'प्रयास' में इलाज के बाद उसकी हालत में काफी सुधार हुआ है और अब वह बिना सहारे के चल सकता है।''
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नयी दिल्ली. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने शनिवार को कहा कि सरकार देश के रेडियो क्षेत्र के और विस्तार में सहयोग करने के लिए तैयार है। मुरुगन ने 'ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग सोसाइटी एक्सपो' में कहा कि सरकार 'टीयर थ्री' शहरों में भी एफएम रेडियो के विस्तार को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा, ''हमारे पास 313 शहरों में 839 एफएम स्टेशन हैं। सामुदायिक रेडियो स्टेशन भी तेजी से बढ़ रहे हैं। हमारे पास 532 सामुदायिक रेडियो स्टेशन हैं। सरकार लाइसेंस जारी करके रेडियो क्षेत्र को सहयोग देने के लिए तैयार है।" मुरुगन ने कहा कि भारत का एफएम रेडियो तंत्र दशकों में अपने सबसे बड़े परिवर्तन की ओर अग्रसर हो सकता है, क्योंकि निजी एफएम प्रसारक और उपभोक्ता उपकरण निर्माता एचडी रेडियो का उपयोग करके एनालॉग से डिजिटल एफएम में परिवर्तन के लिए तत्परता के संकेत दे रहे हैं।
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तिरुपति. मुंबई की एक श्रद्धालु ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की ओर से संचालित श्री पद्मावती बाल हृदय केंद्र को 90 लाख रुपये मूल्य के चिकित्सा उपकरण शनिवार को दान किए। मधुरिमा सिंह ने ये उपकरण टीटीडी के संयुक्त कार्यकारी अधिकारी (स्वास्थ्य एवं शिक्षा) ए शरद को सौंपे। मंदिर निकाय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "मधुरिमा सिंह ने श्री पद्मावती बाल हृदय केंद्र को 90 लाख रुपये मूल्य के उन्नत चिकित्सा उपकरण दान किए हैं।" विज्ञप्ति के मुताबिक, दान किए गए उपकरणों में चार उच्च श्रेणी के वेंटिलेटर, चार रोगी मॉनिटर, चार 'ह्यूमिडिफायर' और चार 'हाई-फ्लो नेजल कैनुला' उपकरण शामिल हैं। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम विश्व के सबसे धनी हिंदू तीर्थस्थल के रूप में विख्यात श्री वेंकटेश्वर मंदिर का आधिकारिक संरक्षक है।
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नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि बुनियादी ढांचे और पर्यटन में लगातार निवेश से संतुलित विकास हुआ है। राधाकृष्णन ने लाल किले के प्रांगण में 'भारत पर्व 2026' के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे का विस्तार, डिजिटल सशक्तीकरण, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा, महिला नेतृत्व वाला विकास और युवा नवाचार राष्ट्र की नींव को नया आकार दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि भारत को जानने-समझने के लिए नये राष्ट्रीय आत्मविश्वास और उत्साह की सूचक है। 'भारत पर्व' पर्यटन मंत्रालय की ओर से गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम है, जो देश की सांस्कृतिक विविधता, कलात्मक परंपराओं और पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करता है। उपराष्ट्रपति ने 'भारत पर्व' को एक उत्सव से कहीं अधिक बताया। उन्होंने कहा कि यह एक शानदार अनुभव है, जो भारत की शाश्वत भावना को जीवंत करता है। राधाकृष्णन ने कहा कि ऐसे आयोजन 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को दर्शाते हैं, क्योंकि ये देश भर की परंपराओं, शिल्प, व्यंजनों और कलात्मक अभिव्यक्तियों को एक मंच पर लाते हैं।
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देहरादून. उत्तराखंड में पिछले वर्ष से शुरू हुई शीतकालीन यात्रा में तेजी आयी है और चार धामों के कपाट बंद होने के बाद से उनके शीतकालीन प्रवास स्थलों पर अब तक 34,140 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, चारों धामों-बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के सर्दियों में कपाट बंद हो जाने के बाद अक्सर पहाड़ों पर दिखाई देने वाली वीरानी अब शीतकालीन यात्रा की चहल पहल में बदल गयी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी साल भर पहले शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए राज्य में आए थे और अब वह तेजी से आगे बढ़ रही है। विज्ञप्ति के अनुसार, चारों धामों से संबंधित ज्योतिर्मठ, ऊखीमठ, मुखवा और खरसाली जैसे शीतकालीन प्रवास स्थलों तक देश-दुनिया के यात्री अच्छी-खासी संख्या में पहुंच रहे हैं। इसके अनुसार इस बार चारधाम यात्रा के कपाट बंद होने के बाद से अभी तक 34,140 यात्री इन स्थानों पर पहुंच चुके हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, शीतकालीन यात्रा अभी करीब ढाई महीने और चलनी है। यह यात्रा वर्ष 2024-25 में शुरू की गयी थी और तब 73,381 यात्री शीतकालीन यात्रा पर उत्तराखंड आए थे। शीतकालीन यात्रा में अभी तक सबसे ज्यादा यात्री बाबा केदारनाथ के गद्दीस्थल ऊखीमठ पहुंचे हैं। चार धाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के विशेष कार्याधिकारी डॉ प्रजापति नौटियाल ने बताया कि अभी तक सबसे ज्यादा 20,338 यात्रियों ने ऊखीमठ में दर्शन किए हैं। उन्होंने बताया कि इसके बाद ज्योर्तिमठ, खरसाली और मुखवा में यात्री पहुंचे हैं। डॉ नौटियाल के अनुसार, प्रतिदिन एक से डेढ़ हजार यात्री इन शीतकालीन प्रवास स्थलों पर दर्शन के लिए आ रहे हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मुखवा और हर्षिल आकर जिस तरह से शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा दिया, उसके सार्थक नतीजे निकले हैं और लगातार दूसरे वर्ष भी शीतकालीन यात्रा सफलतापूर्वक चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, ''देश-दुनिया के लोग शीतकाल में भी उत्तराखंड आकर पवित्र स्थलों के दर्शन कर रहे हैं और यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को देख रहे हैं। बारहमासी यात्रा की सफलता से स्थानीय लोगों का रोजगार भी फल-फूल रहा है।''
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बैरकपुर/सिलीगुड़ी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर शनिवार को तीखा हमला बोलते हुए उस पर घुसपैठियों को संरक्षण देने, सामाजिक तनाव बढ़ाने और चुनावी लाभ के लिए जानबूझकर सीमा सुरक्षा को कमजोर करने का आरोप लगाया। शाह ने दावा किया कि देश में कोई भी सरकार टीएमसी सरकार जितनी "भ्रष्ट" नहीं है।
गृह मंत्री ने दक्षिण और उत्तर बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं की सभाओं को संबोधित करते समय पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव को एक सामान्य राजनीतिक मुकाबले से कहीं अधिक बताया। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा, सुशासन और बंगाली अस्मिता को लेकर जनमत संग्रह करार दिया। शाह ने कहा कि घुसपैठ, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), कथित घोटालों और राज्य में बढ़ते सामाजिक विभाजन को लेकर भाजपा ने टीएमसी को सत्ता से हटाने के लिए अपना आक्रामक अभियान तेज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि "वोट बैंक की राजनीति" के चलते टीएमसी सरकार में भारत-बांग्लादेश सीमा से अवैध घुसपैठ बेकाबू हो गई है। बैरकपुर में कार्यकर्ताओं की सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, "जिस तरह पश्चिम बंगाल में घुसपैठ हो रही है, वह पूरे देश के लिए सुरक्षा संबंधी मुद्दा बन गया है। अदालत के आदेशों के बावजूद टीएमसी सरकार सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) को जमीन नहीं दे रही, क्योंकि घुसपैठिये ही उसका 'वोट बैंक' हैं।" उन्होंने दावा किया कि अवैध प्रवासियों को खुलेआम घूमने दिया जा रहा है और "प्रशासन व पुलिस आंखें मूंदे हुए हैं।" शाह ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भी टिप्पणी की है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीमा पर बाड़बंदी के लिए आवश्यक जमीन देने में सहयोग नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा, "लेकिन मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं, ममता बनर्जी उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार 31 मार्च तक जमीन दें या न दें, अप्रैल में भाजपा की सरकार बनते ही 45 दिनों में मुख्यमंत्री बीएसएफ को जमीन सौंप देगा।" उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह नौ सीमावर्ती जिलों में पहले से अधिग्रहीत जमीन 31 मार्च तक बाड़ लगाने के लिए सौंपे। अदालत ने यह भी कहा है कि बांग्लादेश से लगी भारत की कुल सीमा का आधे से अधिक हिस्सा पश्चिम बंगाल में है और 2016 से कई कैबिनेट फैसलों के बावजूद बड़े हिस्से अब भी बाड़ रहित हैं। मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर शाह ने राज्य सरकार पर निर्वाचन आयोग के काम में बाधा डालने और सहयोग न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी एसआईआर का चाहे जितना विरोध करें, लेकिन यह होगा और मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटाए जाएंगे।" गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य के अधिकारी जानबूझकर निर्वाचन आयोग के साथ सहयोग नहीं कर रहे।उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी डर क्यों रही हैं? क्योंकि एसआईआर लागू होते ही घुसपैठियों को जाना पड़ेगा।" शाह ने कोलकाता के पास आनंदपुर में मोमो फैक्टरी से जुड़े गोदामों में हाल ही में लगी आग को लेकर भी राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह त्रासदी भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता का नतीजा है। गृह मंत्री ने कहा, "मैं आनंदपुर अग्निकांड में जान गंवाने वाले सभी मजदूरों को श्रद्धांजलि देता हूं। लेकिन मैं साफ कह देना चाहता हूं कि यह आग कोई दुर्घटना नहीं थी। ममता बनर्जी सरकार का भ्रष्टाचार ही इसकी वजह है।" उन्होंने सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक मंत्री "32 घंटे बाद" घटनास्थल पर पहुंचे। शाह ने सवाल किया, "क्या बंगाल में प्रशासन पूरी तरह से खत्म हो गया है?" उन्होंने आरोप लगाया कि अगर पीड़ित किसी "विशेष समुदाय" से होते, तो प्रतिक्रिया अलग होती। शाह ने मांग की कि मुख्यमंत्री इस घटना की गहन जांच के आदेश दें और दोषियों को जेल भेजा जाए।उत्तर बंगाल में शाह ने सियासी हमले और तेज करते हुए कहा कि टीएमसी शासन में भ्रष्टाचार व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा, "देश में ममता बनर्जी की सरकार से ज्यादा भ्रष्ट कोई सरकार नहीं है। बंगाल में भ्रष्टाचार को संस्थागत बना दिया गया है।" शाह ने दावा किया कि केंद्र सरकार की ओर से भेजे गए 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के फंड को सिंडिकेट के जरिये हड़प लिया गया। उन्होंने ममता को खुली चुनौती देते हुए कहा, "अगर आप भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करती हैं, तो गिरफ्तार किए जा चुके या आरोपों का सामना कर रहे 23 दागी नेताओं को टिकट मत दीजिए। लेकिन वह टिकट देंगी, क्योंकि अगर नहीं देंगी, तो वे फाइलें खोल देंगे।" टीएमसी पर समुदायों को आपस में लड़ाने का आरोप लगाते हुए शाह ने कहा कि बंगाल में सामाजिक सौहार्द पूरी तरह से नष्ट हो चुका है। उन्होंने कहा, "ममता जी 'मां, माटी, मानुष' का नारा लेकर आई थीं। आज मैं कह सकता हूं कि आपसे तो वामपंथी भी बेहतर थे। आपने गोरखा लोगों को बंगालियों से लड़वाया, आदिवासियों को कुर्मियों से लड़वाया, राजबंशियों को आदिवासियों और बंगालियों से लड़वाया। आंतरिक संघर्ष और सामाजिक तनाव पैदा करने के अलावा आपने कुछ नहीं किया।" शाह ने ममता पर तंज कसते हुए कहा कि उनके राज में "मां असुरक्षित है, मानुष पीड़ित है और माटी निगल ली गई है।" गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि ममता के शासन में महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं करतीं, आम लोग सिंडिकेट के दबाव में जी रहे हैं और जमीन पर घुसपैठियों का कब्जा हो रहा है। चुनावों से पहले शरणार्थी समुदायों को साधने की कोशिश के तहत शाह ने मतुआ और नामशूद्र समुदायों से संपर्क किया, जो नागरिकता की बहस में अहम रहे हैं और 2019 से भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। एसआईआर को लेकर उनकी चिंताओं को दूर करने की कोशिश करते हुए शाह ने आरोप लगाया कि टीएमसी नागरिकता के मुद्दे पर शरणार्थी समुदायों को डराने का काम कर रही है। उन्होंने कहा, "टीएमसी मतुआ और नामशूद्रों को डरा रही है। मैं उनसे कहना चाहता हूं डरने की जरूरत नहीं है। ममता बनर्जी आपके वोटों को छू भी नहीं सकतीं।" शाह ने टीएमसी के शासनकाल में अर्थव्यवस्था में गिरावट का भी आरोप लगाया और कहा कि 2011 से 2025 के बीच पश्चिम बंगाल से 6,900 कंपनियां या तो बंद हो गईं या राज्य छोड़कर चली गईं। उन्होंने कहा कि इनमें 110 सूचीबद्ध कंपनियां शामिल हैं। शाह ने कहा, "2026 वह साल है, जब टीएमसी को 'टाटा, बाय-बाय' कहने का समय आ गया है।" उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से टीएमसी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने और बंगाल में "देशभक्तों व राष्ट्रवादियों की सरकार" बनाने का आह्वान किया। -
नयी दिल्ली. भारत ने शनिवार को अरब लीग के सदस्य देशों से स्पष्ट रूप से कहा कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करना एक "अडिग सार्वभौमिक मानदंड" होना चाहिए। उन्होंने नयी दिल्ली में आयोजित भारत–अरब लीग देशों के विदेश मंत्रियों के दूसरे सम्मेलन में यह बात कही, जिसमें अरब लीग के 19 सदस्य देशों ने भाग लिया। अरब लीग को एक प्रभावशाली समूह माना जाता है। बैठक शुरू होने से पहले, कई देशों के विदेश मंत्रियों समेत प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। मोदी ने कहा, "अरब जगत भारत के विस्तारित पड़ोस का हिस्सा है, जो गहरे सभ्यतागत संबंधों, जीवंत जन संपर्कों और स्थायी भाईचारे के रिश्तों के साथ-साथ शांति, प्रगति व स्थिरता के साझा संकल्प से जुड़ा है।" उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, "मुझे विश्वास है कि प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, व्यापार और नवाचार में सहयोग बढ़ने से नए अवसर पैदा होंगे और हमारी साझेदारी नयी ऊंचाइयों पर पहुंचेगी।" विदेश मंत्रियों की बैठक के उद्घाटन भाषण में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि गाजा संघर्ष को समाप्त करने की व्यापक शांति योजना को आगे बढ़ाना एक साझा प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, "विभिन्न देशों ने इस शांति योजना पर, व्यक्तिगत रूप से या सामूहिक रूप से, नीतिगत घोषणाएं की हैं। इसी व्यापक संदर्भ में हम क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।" जयशंकर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम एशिया में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं, जिनमें से अनेक का प्रभाव क्षेत्र से बाहर तक महसूस किया गया है। उन्होंने कहा कि इन अनेक चुनौतियों पर विचार करते हुए हमारे साझा हित की मांग है कि स्थिरता, शांति और समृद्धि जैसी ताकतों को मजबूत किए जाए। जयशंकर ने अपने संबोधन में आतंकवाद से उत्पन्न गंभीर चुनौतियों पर चिंता जताई और इसके खिलाफ वैश्विक स्तर पर समन्वित प्रयासों का आह्वान किया। विदेश मंत्री ने कहा, "आतंकवाद के सभी रूप एक साझा खतरा हैं।"
उन्होंने कहा कि सीमा-पार आतंकवाद विशेष रूप से अस्वीकार्य है, क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीति के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन होता है। जयशंकर ने कहा, "जिन समाजों को आतंकवाद निशाना बनाता है, उन्हें आत्मरक्षा का अधिकार है और वे स्वाभाविक रूप से इसका उपयोग करेंगे।" उन्होंने कहा कि इस "वैश्विक अभिशाप" से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। जयशंकर ने कहा, "आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करना एक अडिग सार्वभौमिक मानदंड होना चाहिए।" -
नयी दिल्ली. देश में फरवरी में मौसम सामान्य से अधिक गर्म रहने और बारिश कम होने का अनुमान है, खासकर हिमालयी क्षेत्र में जहां सर्दियों के शुष्क होने को जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से जोड़ा जा सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को यह जानकारी दी। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पूरे देश में फरवरी में होने वाली बारिश सामान्य से कम रहने की उम्मीद है और न्यूनतम और अधिकतम तापमान, दोनों सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा, ''गेहूं और जौ जैसी फसलों में समय से पहले पकने की समस्या हो सकती है, जिससे बाली में दाने नहीं बनेंगे और दाने हल्के हो जायेंगे तथा पैदावार कम हो जायेगी।'' महापात्र ने कहा कि उत्तर-पश्चिमी भारत (जिसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं) में फरवरी में मासिक वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि दिसंबर और जनवरी के ज्यादातर भागों में पश्चिमी विक्षोभ की गैर मौजूदगी के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सर्दियों में मौसम शुष्क बना रहा, जहां 20 जनवरी के बाद ही हिमपात हुआ। उन्होंने कहा, ''समय के साथ पश्चिमी हिमालय में वर्षा में कमी का रुझान देखा गया है, जिसका कारण आईएमडी और अन्य संस्थानों द्वारा किए गए अध्ययनों में जलवायु परिवर्तन को बताया गया है।'' उन्होंने हालांकि कहा कि यह बताना मुश्किल है कि जलवायु परिवर्तन का कौन सा विशेष पहलू पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश में कमी का कारण है। उन्होंने कहा कि लगातार दो पश्चिमी विक्षोभों के कारण देश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश हुई।
जनवरी में बंगाल की खाड़ी में बने हवा के निम्न दबाव के क्षेत्र ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को छोड़कर देश के पूर्वी हिस्सों को बारिश से वंचित रखा। महापात्र ने कहा कि फरवरी में न्यूनतम तापमान देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है, सिवाय दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्रों के, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य रहने का अनुमान है। इसी तरह, देश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, मध्य भारत के दूरदराज के कुछ इलाकों और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में अधिकतम तापमान के सामान्य रहने का अनुमान है। -
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार 9वां बजट पेश कर एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रही हैं। वित्त मंत्री 1 फरवरी रविवार को सुबह 11 बजे संसद में बजट पेंश करेंगी। इस बार सभी की निगाहें बहुप्रतीक्षित सीमा शुल्क सुधारों पर टिकी होंगी। सीतारमण ने 2019 में अपने पहले बजट में दशकों से चले आ रहे चमड़े के ब्रीफकेस की जगह लाल कपड़े में लिपटे पारंपरिक 'बही-खाता' का अनुकरण किया था। पिछले चार वर्षों की तरह इस साल का बजट भी कागज रहित रूप में पेश किया जाएगा। बजट में सैलरीड क्लास के लिए टैक्स में फिर से कोई राहत मिल सकती है। वहीं इंडस्ट्री को भी जीएसटी में राहत मिलने की कुछ उम्मीद है।
- नई दिल्ली । वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को विश्वास जताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी को पेश किया जाने वाला 2026-27 का बजट एक अच्छा बजट होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री ने पिछले कुछ सालों में शानदार बजट पेश किए हैं और यह उनका नौवां बजट होने के नाते, यह भी अलग नहीं होगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या एमएसएमई कुछ मदद की उम्मीद कर सकते हैं, तो मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार विभिन्न कार्यक्रमों और पहलों के माध्यम से इस क्षेत्र को लगातार समर्थन दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार एमएसएमएई के महत्व के प्रति बहुत जागरूक रही है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने पर सुनेत्रा पवार को शुभकामनाएं दीं। वह राज्य में इस जिम्मेदारी को संभालने वाली पहली महिला हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि वह राज्य की जनता के कल्याण के लिए अथक परिश्रम करेंगी एवं दिवंगत अजीतदादा पवार के सपनों को साकार करेंगी।”प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा: "महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल शुरू करने वाली सुनेत्रा पवार जी को हार्दिक शुभकामनाएं। वह राज्य में इस पद को संभालने वाली पहली महिला हैं। मुझे विश्वास है कि वह राज्य की जनता के कल्याण के लिए अथक परिश्रम करेंगी और दिवंगत अजीतदादा पवार के सपनों को साकार करेंगी।"
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मुंबई। एनसीपी विधायक दल की नेता और दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने लोकभवन में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एनसीपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे और इस अवसर पर ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारे भी लगाए गए।
लोकभवन में आयोजित शपथ समारोह के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम पद की जिम्मेदारी संभाली। शपथ के बाद पार्टी नेताओं ने इसे संगठन के लिए भावनात्मक और राजनीतिक रूप से अहम क्षण बताया। इससे पहले, सुनेत्रा पवार के एनसीपी विधायक दल की नेता चुने जाने के बाद पार्टी नेताओं ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। इस बैठक में नेतृत्व परिवर्तन और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई थी।एनसीपी नेता अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि अजित पवार के निधन के बाद संगठन को कैसे संभाला जाए। उन्होंने कहा कि यह आघात बहुत बड़ा है और सुनेत्रा पवार के लिए इससे उबरना आसान नहीं है, लेकिन पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए किसी को जिम्मेदारी संभालनी ही थी।अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि जल्द ही स्थानीय निकाय चुनाव होने वाले हैं और ऐसे समय में पार्टी को मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अजित पवार जिन उम्मीदवारों के लिए खुद प्रचार कर रहे थे, अब उनकी जिम्मेदारी सुनेत्रा पवार निभाएंगी।एनसीपी विधायक सना मलिक ने कहा कि पार्टी में यदि अजित पवार के बाद किसी को तुरंत स्वीकार किया जा सकता था, तो वह सुनेत्रा पवार हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से सुनेत्रा पवार लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं के संपर्क में रही हैं और संगठन को समझती हैं।शरद पवार की पार्टी के साथ संभावित विलय की चर्चाओं पर अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि इस दिशा में अजित पवार की ओर से कुछ प्रयास जरूर चल रहे थे। कुछ नेताओं के बीच बातचीत भी हुई थी, लेकिन किन मुद्दों पर और किस स्तर पर चर्चा हुई, इसका स्पष्ट जवाब अब देना मुश्किल है। -
नई दिल्ली। संत गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को पंजाब का दौरा करेंगे। इस दौरान वे दोपहर करीब 3:45 बजे आदमपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां एयरपोर्ट का नया नाम ‘श्री गुरु रविदास जी एयरपोर्ट, आदमपुर’ अनावरण करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री लुधियाना स्थित हलवारा एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन भी करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि संत गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के पावन अवसर पर आदमपुर एयरपोर्ट का नामकरण उस महान संत और समाज सुधारक के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जिनकी समानता, करुणा और मानवीय गरिमा की शिक्षाएं आज भी भारत के सामाजिक मूल्यों को प्रेरित करती हैं।पीएमओ के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हलवारा एयरपोर्ट पर जिस नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया जाएगा, वह पंजाब के लिए एक नया एविएशन गेटवे साबित होगा। इससे लुधियाना और आसपास के औद्योगिक तथा कृषि क्षेत्रों की कनेक्टिविटी जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि हलवारा लुधियाना जिले में स्थित एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भारतीय वायुसेना स्टेशन भी है।लुधियाना के पुराने एयरपोर्ट पर रनवे छोटा होने के कारण केवल छोटे विमानों का संचालन संभव था। कनेक्टिविटी में सुधार और बड़े विमानों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए हलवारा में एक नया सिविल एन्क्लेव विकसित किया गया है। यहां बना लंबा रनवे ए320 जैसे विमानों के संचालन में सक्षम है।बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री के सतत और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार विकास के विजन के अनुरूप इस टर्मिनल भवन में कई हरित और ऊर्जा-कुशल सुविधाएं शामिल की गई हैं। इनमें एलईडी लाइटिंग, इंसुलेटेड छत, रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम, सीवेज और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तथा लैंडस्केपिंग के लिए रिसाइकल वाटर का उपयोग शामिल है।टर्मिनल का आर्किटेक्चरल डिजाइन पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करता है, जिससे यात्रियों को एक विशिष्ट और क्षेत्रीय पहचान से जुड़ा यात्रा अनुभव मिलेगा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के एटा स्थित पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात के कच्छ स्थित छारी-ढांड को रामसर साइट के रूप में मान्यता मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह मान्यता जैव विविधता के संरक्षण और महत्वपूर्ण इकोसिस्टम की रक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि एटा (उत्तर प्रदेश) में पटना बर्ड सेंचुरी और कच्छ (गुजरात) में छारी-ढांड का रामसर साइट बनना खुशी का विषय है। उन्होंने स्थानीय समुदाय और वेटलैंड संरक्षण के लिए कार्य कर रहे सभी लोगों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि ये वेटलैंड्स प्रवासी और स्थानीय प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास के रूप में आगे भी फलते-फूलते रहेंगे।इससे पहले पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जानकारी दी थी कि उत्तर प्रदेश के एटा जिले में पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात के कच्छ जिले में छारी-ढांड को रामसर साइट्स की सूची में शामिल किया गया है। उन्होंने यह घोषणा दो फरवरी को मनाए जाने वाले विश्व वेटलैंड्स दिवस से पहले की।भूपेंद्र यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का रामसर नेटवर्क 2014 में 26 साइट्स से बढ़कर अब 98 साइट्स तक पहुंच गया है। यह लगभग 276% से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है, जो वेटलैंड संरक्षण के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।मंत्री ने बताया कि इन दोनों वेटलैंड्स में सैकड़ों प्रवासी और स्थानीय पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। इसके साथ ही ये क्षेत्र चिंकारा, भेड़िया, कैरकल, रेगिस्तानी बिल्ली और रेगिस्तानी लोमड़ी जैसी प्रजातियों तथा कई लुप्तप्राय पक्षियों के लिए भी महत्वपूर्ण आवास प्रदान करते हैं। -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को डिब्रूगढ़ में असम विधानसभा के प्रस्तावित दूसरे परिसर की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद ऊपरी असम में शासन को मजबूत करना और लोगों के लिए प्रशासनिक पहुंच में सुधार करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा कि यहां पर लगभग 825 करोड़ रुपए की लागत से 5 परियोजनाओं का भूमि पूजन और उद्घाटन हुआ है। मैं असम के मुख्यमंत्री को बहुत बधाई देता हूं, जिन्होंने 2025 में घोषणा की कि असम को हम समावेशी बनाएंगे। उन्होंने डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी बनाने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि नया विधानसभा परिसर, विधायक छात्रावास के साथ, पूरा होने के बाद इस क्षेत्र में शासन की आसानी को काफी बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ऊपरी असम के लोगों को सुशासन के लाभों के करीब लाने में मदद करेगी और प्रशासन और नागरिकों के बीच की दूरी को कम करेगी।इसी बीच कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा, “हमने कांग्रेस की सरकारें देखी हैं, कई सारी घोषणाएं सिर्फ घोषणाएं बनकर रह जाती थीं। लेकिन हिमंत बिस्वा शर्मा ने घोषणा की और ढाई सौ एकड़ में असम के दूसरे विधानसभा परिसर का शिलान्यास हुआ है। आज पूरे भारत में डिब्रूगढ़ के वासी राजधानी असम के वासी माने जाएंगे।”उन्होंने कहा, “यह डिब्रूगढ़ की धरती है, जहां से असम की चाय की खुशबू दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचती है और भारतीय चाय का स्वादिष्ट स्वाद दुनिया भर में पसंद किया जाता है। इस इलाके ने भारत को दुनिया भर में एक अलग पहचान दी है। यहां के मेहनती चाय बागानों के मज़दूरों ने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और एक्सपोर्ट को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।”अधिकारियों के अनुसार, नए विधानसभा परिसर और विधायक छात्रावास की अनुमानित लागत 284 करोड़ रुपए से 300 करोड़ रुपए के बीच होगी। इमारतों को पारंपरिक असमिया वास्तुकला तत्वों और आधुनिक सुविधाओं के मिश्रण के साथ डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें सांस्कृतिक पहचान और कार्यात्मक दक्षता दोनों को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रशासनिक गतिविधियों के विकेंद्रीकरण और ऊपरी असम में संस्थागत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। -
नई दिल्ली। पर्यटन मंत्रालय गणतंत्र दिवस समारोह के हिस्से के रूप में प्रतिवर्ष 26 से 31 जनवरी तक दिल्ली के लाल किले के सामने स्थित लॉन और ज्ञानपथ पर भारत पर्व का आयोजन करता है। भारत पर्व 2026 का समापन समारोह 31 जनवरी 2026 को शाम 5:30 बजे होगा। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।
पर्यटन मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। भारत पर्व देश की सांस्कृतिक और रचनात्मक विरासत की झलक प्रदर्शित करता है, जिसमें गणतंत्र दिवस की झांकियां, सशस्त्र बलों की बैंड प्रस्तुतियां और उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और दिल्ली स्थित सांस्कृतिक समूहों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल हैं।इस आयोजन में अखिल भारतीय फूड कोर्ट, हस्तशिल्प और हथकरघा बाजार, केंद्रीय मंत्रालयों तथा राज्य सरकारों के पंडालों के साथ-साथ स्टूडियो किचन सत्र, नुक्कड़ नाटक और डू-इट-योरसेल्फ कार्यशालाओं जैसी क्रियात्मक गतिविधियां भी शामिल हैं। भारत पर्व शनिवार दोपहर 12:00 बजे से रात 9:00 बजे तक जनता के लिए खुला रहेगा।



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