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- नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को उद्योग जगत से जीएसटी दरों में कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से घरेलू उत्पादों की मांग बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत होगी। गोयल ने कहा, ‘‘माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती और सरलीकरण से घरेलू मांग बढ़ेगी, छोटे और बड़े उद्यमों को ज्यादा अवसर मिलेंगे, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, आय बढ़ेगी, जिससे खर्च बढ़ेगा।'' उन्होंने आगे कहा कि इससे देश को आगे ले जाने के लिए वृद्धि का एक अच्छा चक्र बनेगा।वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने यहां ईईपीसी इंडिया के एक कार्यक्रम में कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत भारत को एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में उभरने से नहीं रोक पाएगी। उन्होंने समतामूलक आर्थिक लाभ के महत्व पर जोर दिया और कहा कि जीएसटी की दरों में कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भारत एक संयुक्त परिवार की तरह काम करेगा और सभी क्षेत्रों में एक-दूसरे का समर्थन करेगा, तो स्वाभाविक रूप से समावेशी विकास होगा। गोयल ने भरोसा जताया कि देश टिकाऊ और समावेशी विकास के लिए दुनिया भर में आदर्श बन सकता है।उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती और सरलीकरण के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घरेलू मांग को बढ़ावा दिया है। गोयल ने कहा कि जब आर्थिक प्रणाली के मजबूत आधार पर बुनियादी ढांचे का खर्च बढ़ेगा और उपभोक्ता मांग में तेजी आएगी, तो दुनिया की कोई भी ताकत भारत को विश्व शक्ति बनने से नहीं रोक सकती।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा कि विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के अनुसार भारत की बेरोजगारी दर दो प्रतिशत है, जो जी20 देशों में सबसे कम है। मंत्री ने कहा कि भारत की तेज आर्थिक वृद्धि के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार सृजन हुआ है और प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोजगार योजना (पीएम- वीबीआरवाई) सहित कई योजनाओं ने इसमें योगदान दिया है। वह मंत्रालय और डिजिटल मंच ‘मेंटर टुगेदर' तथा ऑनलाइन साइट ‘क्विकर' के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के मौके पर एक सभा को संबोधित कर रहे थे। इस एमओयू का मकसद राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) पोर्टल पर रोजगार के अवसरों के साथ ही युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना है। मांडविया ने कहा कि इन साझेदारियों की मदद से नौकरी चाहने वालों के लिए उचित मार्गदर्शन और रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
- मुंबई. देश का असंगठित श्रमबल धीरे-धीरे संगठित होने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक का सबसे अधिक नामांकन दर्ज किया जो मुख्य रूप से युवाओं की बढ़ती हिस्सेदारी से प्रेरित है। एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। भर्ती एवं पेरोल प्रबंधन सेवा प्रदाता क्वेस कॉर्प ने सोमवार को भारतीय श्रमबल के संगठित स्वरूप पर यह रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट कहती है कि देश के करीब 57 करोड़ श्रमिकों में से 80 प्रतिशत अब भी असंगठित क्षेत्र में हैं, लेकिन संगठित क्षेत्र का दायरा तेजी से बढ़ रहा है।रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में भविष्य निधि निकाय ईपीएफओ में 1.39 करोड़ शुद्ध नए सदस्य जुड़े जो 2018-19 के 61 लाख नामांकन से दोगुने से भी अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, नए ईपीएफओ अंशधारकों में 61 प्रतिशत की उम्र 29 साल से कम थी, जिनमें से लगभग आधे 18 से 25 वर्ष के बीच थे। यह प्रवृत्ति बताती है कि संगठित क्षेत्र की नौकरियां अब युवाओं के लिये करियर की पहली सीढ़ी बनती जा रही हैं, जिससे दीर्घकालिक उत्पादकता और करियर मार्ग मजबूत होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में महिलाओं की श्रम शक्ति भागीदारी दर बढ़कर 41.7 प्रतिशत हो गई। साल भर में नए ईपीएफओ अंशधारकों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 25 प्रतिशत रही। रिपोर्ट में बैंकिंग-वित्त एवं बीमा (बीएफएसआई), खुदरा, विनिर्माण और दूरसंचार को रोजगार सृजन में अग्रणी क्षेत्र बताया गया। क्वेस के पेरोल आंकड़ों के मुताबिक, पिछले चार साल में विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियां सालाना आधार पर 32 प्रतिशत बढ़ीं, जो सबसे तेज है। वेतन के लिहाज से बीएफएसआई क्षेत्र ने औसतन 28,500 रुपये मासिक वेतन दिया, जबकि खुदरा क्षेत्र में यह औसत 23,000 रुपये रहा। क्वेस कॉर्प के अध्यक्ष (श्रमशक्ति प्रबंधन) लोहित भाटिया ने कहा, ‘‘महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने के लिये सामाजिक बुनियादी ढांचे पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। इनमें सुरक्षित आवास और विश्वसनीय परिवहन शामिल हैं ताकि परिवहन और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का समाधान हो सके।''
- मुंबई. घर में बने खाने की कीमतों में अगस्त में मासिक आधार पर मामूली वृद्धि हुई है। इसका मुख्य कारण टमाटर की कीमतों में उछाल है। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया। क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, शाकाहारी भोजन की औसत कीमत अगस्त में चार प्रतिशत बढ़कर 29.1 रुपये हो गई, जबकि जुलाई में यह 28.1 रुपये थी। वहीं मांसाहारी थाली की कीमत दो प्रतिशत बढ़कर 54.6 रुपये प्रति प्लेट हो गई। मासिक रोटी-चावल कीमत रिपोर्ट में कहा गया है कि आपूर्ति में 35 प्रतिशत की गिरावट के कारण अगस्त में टमाटर की कीमतों में मासिक आधार पर 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आलू और प्याज की कीमतें मासिक आधार पर स्थिर रहीं। मुख्य रूप से भंडार से बाजार में जारी किये जाने से इन सब्जियों के दाम स्थिर रहे। हालांकि, सालाना आधार पर घर में बना खाना सस्ता हुआ है।शाकाहारी भोजन की कीमत अगस्त, 2024 के 31.2 रुपये के मुकाबले लगभग सात प्रतिशत कम हुई। वहीं मांसाहारी भोजन की कीमत 59.3 रुपये के मुकाबले आठ प्रतिशत कम हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, सालाना आधार पर भोजन की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण वस्तुओं के दाम में नरमी है।
- नयी दिल्ली. भारत और इजराइल ने सोमवार को द्विपक्षीय निवेश समझौते (बीआईए) पर हस्ताक्षर किए जिसमें इजराइली निवेशकों के लिए स्थानीय उपायों की समाप्ति अवधि को पांच वर्ष से घटाकर तीन वर्ष कर दिया गया है। इस प्रावधान को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ निवेश समझौते में भी शामिल किया गया था जो पिछले साल लागू हुआ था। स्थानीय उपायों की समाप्ति का मतलब है कि किसी विदेशी निवेशक को अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता में जाने से पहले मेजबान देश की कानूनी प्रणाली में उपलब्ध उपायों का सहारा लेना अनिवार्य होता है।भारत में इस अवधि को पांच वर्ष रखा गया है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के निवेशकों को भरोसा देने के साथ निवेशों की सुरक्षा, पारदर्शिता, मुआवजा और सुगम हस्तांतरण का प्रावधान करता है। मंत्रालय के मुताबिक, यह निवेश समझौता निवेशकों को न्यूनतम मानक सुरक्षा और स्वतंत्र मध्यस्थता व्यवस्था उपलब्ध कराएगा जिससे व्यापार और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इजराइल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच ने यहां द्विपक्षीय निवेश समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने वित्तीय-प्रौद्योगिकी नवाचार, अवसंरचना विकास, वित्तीय नियमन और डिजिटल भुगतान कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। सीतारमण ने कहा कि दोनों पक्षों को व्यापारिक संवाद बढ़ाकर निवेश के अवसर तलाशने चाहिए ताकि इस समझौते से अधिकतम लाभ उठाया जा सके।यह समझौता इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि इजराइल 'आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन' (ओईसीडी) का पहला सदस्य देश है जिसके साथ भारत ने ऐसा निवेश समझौता किया है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच कुल निवेश लगभग 80 करोड़ अमेरिकी डॉलर है और यह समझौता द्विपक्षीय निवेश को तेज करने का काम करेगा। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल, 2000 से जून, 2025 के बीच भारत को इजराइल से 33.77 करोड़ डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मिला है। इसी अवधि में भारत में कुल एफडीआई प्रवाह एक लाख करोड़ डॉलर के आंकड़े को पार कर गया, जिसने इसे वैश्विक स्तर पर एक सुरक्षित और प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। भारत इस समय सऊदी अरब, कतर, ओमान, स्विट्जरलैंड, रूस, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ सहित एक दर्जन से अधिक देशों के साथ निवेश संधियों पर बातचीत कर रहा है। पिछले वर्ष भारत ने यूएई और उज्बेकिस्तान के साथ निवेश संधियों को लागू किया था।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को कहा कि भारत की साक्षरता दर वर्ष 2011 में 74 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 80.9 प्रतिशत हो गई, लेकिन वास्तविक प्रगति तभी होगी जब साक्षरता हर नागरिक की जिंदगी का हिस्सा बन जाएगी। प्रधान ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2025 के अवसर पर ऑनलाइन माध्यम से दिए गए अपने संबोधन में कहा, ‘‘साक्षरता सिर्फ पढ़ने और लिखने तक सीमित नहीं है। यह गरिमा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का माध्यम है।'' उन्होंने कहा, ‘‘भारत की साक्षरता दर 2011 में 74 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 80.9 प्रतिशत हो गई है, लेकिन असली प्रगति तभी हासिल होगी जब साक्षरता हर नागरिक के लिए एक जीवंत वास्तविकता बन जाएगी।'' उन्होंने उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का जिक्र किया, जिसके अंतर्गत तीन करोड़ से अधिक शिक्षार्थी और 42 लाख स्वयंसेवक नामांकित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लगभग 1.83 करोड़ शिक्षार्थी पहले ही बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता मूल्यांकन में शामिल हो चुके हैं, जिसमें 90 प्रतिशत सफलता मिली है। यह कार्यक्रम अब 26 भारतीय भाषाओं में शिक्षण सामग्री प्रदान करता है, जिससे साक्षरता वास्तव में समावेशी बन रही है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अगले सप्ताह कोलकाता में तीन दिवसीय संयुक्त कमांडर सम्मेलन के पहले दिन थलसेना, वायुसेना और नौसेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे। सम्मेलन में, ‘ऑपरेशन सिंदूर' के विभिन्न पहलुओं और भारत की सैन्य शक्ति को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा होने की उम्मीद है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मोदी 15 से 17 सितंबर तक पश्चिम बंगाल की राजधानी में आयोजित होने वाले संयुक्त कमांडर सम्मेलन (सीसीसी) का उद्घाटन करेंगे। सूत्रों ने बताया कि सशस्त्र बलों के शीर्ष अधिकारी चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) और जम्मू कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की व्यापक समीक्षा करेंगे। उन्होंने बताया कि विचार-विमर्श के दौरान ऑपरेशन सिंदूर पर प्रमुखता से चर्चा होगी। इस साल के सम्मेलन का विषय 'सुधारों का वर्ष - भविष्य के लिए परिवर्तन' है।
सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार(एनएसए) अजित डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान और रक्षा सचिव आर के सिंह भी उपस्थित रहेंगे। सीसीसी सर्वोच्च स्तर पर मंथन करने वाला सशस्त्र बलों का मंच है, जो देश के शीर्ष नागरिक और सैन्य नेतृत्व को वैचारिक और रणनीतिक स्तरों पर विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक साथ लाता है। तीनों सेनाओं और एकीकृत रक्षा स्टाफ के अधिकारियों के अलावा अन्य मंत्रालयों के सचिवों के भी सम्मेलन में उपस्थित रहने की संभावना है। रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘सीसीसी 2025, सुधार, परिवर्तन और बदलाव तथा परिचालन तैयारियों पर केंद्रित होगा। ये सभी बातें संस्थागत सुधारों, गहन एकीकरण और तकनीकी आधुनिकीकरण के प्रति सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। साथ ही बहु-क्षेत्रीय परिचालन तत्परता के उच्च स्तर को बनाए रखती हैं।'' मंत्रालय ने कहा कि विचार-विमर्श का उद्देश्य सशस्त्र बलों को और मजबूत करना होगा, जो लगातार जटिल होते भू-रणनीतिक परिदृश्य में निर्णायक हैं। मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘‘सम्मेलन में समावेशी जुड़ाव की परंपरा को जारी रखते हुए सशस्त्र बलों के विभिन्न रैंकों के अधिकारियों और कर्मियों के साथ संवाद सत्र आयोजित किये जाएंगे। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सांसदों से भारत में निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘स्वदेशी मेला' आयोजित करने का आग्रह किया और कहा कि आत्मनिर्भरता ही भारत के उत्थान का मार्ग है। सूत्रों ने बताया कि उपराष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले सांसदों को संबोधित करते हुए मोदी ने भारत में निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया और लोगों को जीएसटी दरों में कटौती के व्यापक प्रभाव के बारे में बताने का आग्रह किया। सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा उन्होंने सांसदों से खासकर त्योहारी सीजन में अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में लोगों एवं व्यापारियों के साथ बैठकें करने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने बाद में कहा कि मोदी ने किसी देश का जिक्र नहीं किया, बल्कि आत्मनिर्भरता की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत एक मजबूत राष्ट्र के रूप में उभर रहा है, ऐसे में कुछ चुनौतियां भी आएंगी और विकसित राष्ट्र बनने की राह पर आगे बढ़ने के लिए उसे 'आत्मनिर्भर' होने की जरूरत है।'' भारत पर 50 प्रतिशत का शुल्क लगाने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद अमेरिका के साथ संबंधों में आई तल्खी के बीच, मोदी ने ‘‘स्वदेशी'' का नारा बुलंद किया है, हालांकि वे लंबे समय से इस पर जोर देते रहे हैं। रीजीजू ने कहा कि उन्होंने सांसदों से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में भारत में निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए मेले आयोजित करने और इसमें नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोगों को भारत में निर्मित उत्पादों पर उतना ही गर्व होना चाहिए, जितना वे कभी जापानी वस्तुओं पर महसूस करते थे। मोदी ने सांसदों से कहा कि वे जिस कार्यक्रम में शामिल हों, "स्वदेशी" उसका हिस्सा होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती से एक लहर पैदा हुई है और सांसद जनता के साथ बैठकें करके इस संदेश को उन तक पहुंचाएं। सूत्रों ने बताया कि मोदी ने सांसदों को सलाह दी कि वे मंगलवार को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में सही तरीके से मतदान करें, ताकि कोई भी वोट बर्बाद न हो। -
बेंगलुरु/ भारतीय प्रबंध संस्थान, बेंगलुरु (आईआईएमबी) ने सोमवार को कहा कि उसका प्रबंधन स्नातकोत्तर कार्यक्रम ‘फाइनेंशियल टाइम्स मास्टर्स इन मैनेजमेंट (एफटी एमआईएम) 2025' रैंकिंग में देश में पहले और वैश्विक स्तर पर 28वें स्थान पर रहा है। संस्थान ने अपने प्रदर्शन में सालाना आधार पर काफी सुधार किया है। पिछले वर्ष आईआईएमबी का इस रैंकिंग में 41वां स्थान रहा था। संस्थान ने एक बयान में कहा कि आईआईएमबी अब शीर्ष 30 वैश्विक संस्थानों में स्थान पाने वाला भारत का एकमात्र प्रबंधन संस्थान है। आईआईएम कलकत्ता भी अपने दो-वर्षीय एमबीए कार्यक्रम के लिए इस रैंकिंग में दुनिया भर में 41वें स्थान पर है जबकि भारतीय प्रबंध संस्थानों में वह समग्र रूप से तीसरे स्थान पर रहा।
आईआईएमबी के प्रभारी निदेशक यू. दिनेश कुमार ने कहा, एफटी एमआईएम की रैंकिंग हमारे उस वादे को दोहराती है जिसके तहत हम छात्रों, पेशेवरों, उद्योगों और समाज पर स्थायी प्रभाव डालने वाला रूपांतरणकारी अनुभव प्रदान करते हैं।'' आईआईएमबी की कार्यक्रम डीन और अंतरराष्ट्रीय मामलों के कार्यालय की प्रमुख मुक्ता कुलकर्णी ने कहा, हमने हमेशा समावेशी तरीकों के जरिये प्रतिस्पर्धी बढ़त बनाए रखी है। 2025 की यह रैंकिंग हमारे संकाय, छात्र समुदाय, पूर्व छात्रों और संचालन बोर्ड में विकसित विविधता को दर्शाती है। इस रैंकिंग में दुनिया के शीर्ष बिजनेस स्कूलों का आकलन 19 मानकों पर किया जाता है। इसमें रोजगार, निवेश पर प्रतिफल, विविधता और अंतरराष्ट्रीयकरण जैसे पहलुओं को शामिल कर संस्थागत प्रदर्शन का समग्र आकलन किया जाता है। -
नयी दिल्ली। अमेरिकी टैरिफ (शुल्क) को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कहा कि विश्व, व्यापार और निवेश के लिए एक स्थिर और पहले से अनुमान लगाये जाने योग्य वातावरण चाहता है तथा आर्थिक व्यवहार निष्पक्ष, पारदर्शी और सभी के लाभ के लिए होने चाहिए। विदेश मंत्री ने वर्चुअल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का दृढ़ विश्वास है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली के खुले, निष्पक्ष, पारदर्शी और गैर-भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण जैसे मूलभूत सिद्धांतों की रक्षा की जानी चाहिए।
जयशंकर ने शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रतिनिधित्व किया। इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ब्रिक्स समूह के कई अन्य नेताओं ने भाग लिया। यह शिखर सम्मेलन ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा द्वारा व्यापार और टैरिफ पर वाशिंगटन की नीतियों के कारण उत्पन्न व्यापार व्यवधानों पर चर्चा के लिए आयोजित किया गया। जयशंकर ने कहा, सामूहिक रूप से दुनिया व्यापार और निवेश के लिए एक स्थिर और पहले से अनुमान लगाये जाने योग्य वातावरण की तलाश कर रही है। साथ ही, यह भी जरूरी है कि आर्थिक व्यवहार निष्पक्ष, पारदर्शी और सभी के हित में हों।'' उन्होंने कहा, जब कई व्यवधान हों, तो हमारा उद्देश्य ऐसे झटकों से सुरक्षा प्रदान करना होना चाहिए। इसका अर्थ है अधिक लचीली, विश्वसनीय छोटी आपूर्ति शृंखलाएं बनाना।'' जयशंकर ने कहा कि दुनिया को टिकाऊ व्यापार को बढ़ावा देने के लिए ‘रचनात्मक और सहयोगात्मक'' दृष्टिकोण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘बाधाएं बढ़ाने और लेन-देन को जटिल बनाने से कोई मदद नहीं मिलेगी। न ही व्यापार उपायों को गैर-व्यापारिक मामलों से जोड़ने से कोई मदद मिलेगी।'' विदेश मंत्री ने कहा कि ब्रिक्स स्वयं अपने सदस्य देशों के बीच व्यापार प्रवाह की समीक्षा करके एक मिसाल कायम कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘जहां तक भारत का सवाल है, हमारे कुछ सबसे बड़े (व्यापार) घाटे ब्रिक्स भागीदारों के साथ हैं और हम शीघ्र समाधान के लिए दबाव बना रहे हैं।
हमें उम्मीद है कि यह अहसास आज की बैठक के निष्कर्षों का हिस्सा होगा।'' जयशंकर की टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है कि यह चीन के साथ भारत के बढ़ते व्यापार घाटे के बीच आई है। जयशंकर ने कहा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली खुले, निष्पक्ष, पारदर्शी, गैर-भेदभावपूर्ण, समावेशी, न्यायसंगत और नियम-आधारित दृष्टिकोण के मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें विकासशील देशों के लिए विशेष और विशिष्ट व्यवहार शामिल है। उन्होंने कहा, भारत का दृढ़ विश्वास है कि इसे संरक्षित और पोषित किया जाना चाहिए। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि आज दुनिया की स्थिति वास्तविक चिंता का विषय है। -
नयी दिल्ली. उत्तराखंड में देवप्रयाग और जनासू के बीच 14.57 किलोमीटर लंबी भारत की सर्वाधिक लंबी रेल सुरंग का निर्माण कार्य पूरा करने में कई कठिन चुनौतियों से गुजरना पड़ा, लेकिन सुरंग बनाने वाली मशीन का संचालन करने वाले दो ऑपरेटर ने दिन-रात मेहनत करके दुर्गम पहाड़ी इलाकों को पार किया और परियोजना को समय से पहले पूरा कर लिया गया। यह सुरंग महत्वाकांक्षी 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लिंक परियोजना का हिस्सा है, जिसे रेल मंत्रालय ने दिसंबर 2026 तक चालू करने का काम रेल विकास निगम लिमिटेड को सौंपा है। निर्माण कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) में कार्यरत 44 वर्षीय टीबीएम ऑपरेटर बलजिंदर सिंह याद करते हुए कहा, ‘‘वास्तव में यह एक रोलर कोस्टर की सवारी थी।'' उन्होंने बताया कि सबसे चुनौतीपूर्ण समय तब आया जब एक बड़े भूस्खलन के कारण सुरंग का रास्ता अवरुद्ध हो गया, जिससे उन्हें पहाड़ के अंदर सुरंग खोदने वाली मशीन को पूरी शक्ति से चलाना पड़ा। सिंह ने कहा, ‘‘हम सामान्यतः सुरंग खोदने वाली मशीन (टीबीएम) को 50,000 से 60,000 किलो न्यूटन बल पर संचालित करते हैं, लेकिन उस दौरान, जब यह अचानक भूस्खलन के कारण लगभग 3.5 किलोमीटर अंदर फंस गई, तो मुझे मलबा हटाने के लिए मशीन की पूरी शक्ति - 1.3 लाख किलो न्यूटन - लगानी पड़ी।'' उन्होंने कहा, ‘‘स्थिति इतनी गंभीर थी कि ऐसा लग रहा था कि परियोजना को स्थगित करना पड़ सकता है। हमारे अनुभव और धैर्य के साथ-साथ 200 से ज़्यादा अनुभवी कर्मचारियों की पूरी टीम के तकनीकी और नैतिक समर्थन ने हमें इससे उबारा।'' उनके सहयोगी एवं अन्य अनुभवी (टीबीएम ऑपरेटर) 52 वर्षीय राम अवतार सिंह राणा ने परियोजना को बचाने के लिए उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। राणा ने कहा, ‘‘टीबीएम को कीचड़ से निकालने के लिए लगभग 10 दिन तक लगातार संघर्ष करना पड़ा, 12-12 घंटे की पालियों में काम करना पड़ा। जब हमने आखिरकार रुकावट को दूर कर दिया, तो यह पूरी टीम के लिए बहुत बड़ी राहत और खुशी का पल था।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने शक्ति नामक जर्मन निर्मित एक टीबीएम का संचालन किया, इसे बिना रुके घुमाया, क्योंकि उस दौरान इसे एक पल के लिए भी रोकना आपदा का कारण बन सकता था।'' उनके अनुसार, सामान्य परिचालन के दौरान भी, उन्होंने टीबीएम को केवल थोड़े समय के लिए आराम दिया और निर्धारित समय से 12 दिन पहले 16 अप्रैल, 2025 को 14.57 किलोमीटर रेल सुरंग को पूरा करने के लिए लगभग 24 घंटे सातों दिन काम किया। एल एंड टी के अधिकारियों ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में किसी रेलवे परियोजना के लिए यह पहली बार था जब टीबीएम का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि इससे पहले ऐसी मशीनों का इस्तेमाल पहाड़ों में जलविद्युत सुरंगों के लिए किया जाता था। सिंह इस परियोजना में टीबीएम संचालन का 22 वर्षों का अनुभव लेकर आए, जिसमें से अधिकांश अनुभव जम्मू और कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में था, वहीं राणा ने भी मुंबई और अन्य चुनौतीपूर्ण माहौल में मेट्रो सुरंग परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर काम किया है। सिंह ने कहा कि सुरंग में टीबीएम का संचालन आसान नहीं है, क्योंकि ऑपरेटर अज्ञात क्षेत्र में रास्ता दिखाता है, जबकि पूरी इंजीनियरिंग टीम उसके रास्ते पर चलती है। सिंह और राणा ने जहां अपलाइन सुरंग पूरी की, वहीं दूसरी टीम - चंद्रभान भगत और संदीप मिश्रा - ने 13.09 किलोमीटर लंबी डाउनलाइन सुरंग पर काम किया, जो 25 मीटर की दूरी पर समानांतर चल रही थी। इस दूसरी सुरंग के निर्माण में 29 जून, 2025 को एक बड़ी सफलता मिली। राणा ने कहा, ‘‘अपलाइन सुरंग का काम पूरा करने के बाद, हम चारों ने शिव नामक दूसरी जर्मन टीबीएम का इस्तेमाल करते हुए डाउनलाइन पर ध्यान केंद्रित किया। साथ मिलकर, हमने एक ही महीने (31 दिन) में 790 मीटर आगे बढ़कर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया।'' एल एंड टी के अधिकारियों के अनुसार, कुल सुरंग निर्माण कार्य 30 किलोमीटर तक फैला है, जिसमें मुख्य सुरंगें, निकास सुरंगें, क्रॉस-पैसेज शामिल हैं, जो हाल के वर्षों में भारत की सबसे जटिल और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा क्षमता को दर्शाते हैं। सत्तर प्रतिशत कार्य (21 किमी) टीबीएम के माध्यम से किया गया, शेष 30 प्रतिशत (9 किमी) ड्रिलिंग और विस्फोट (जिसे नयी ऑस्ट्रेलियाई सुरंग विधि के रूप में भी जाना जाता है) के जरिए पूरा किया गया। अधिकारियों ने कहा, ‘‘125 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में और भी कई सुरंगें हैं, हालांकि ये दो सबसे बड़ी हैं।''
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बेंगलुरु/नयी दिल्ली. लद्दाख से लेकर तमिलनाडु तक लोगों की निगाहें रविवार को दुर्लभ पूर्ण चंद्र ग्रहण देखने के लिए आसमान की ओर टिकी रहीं। रात 9:57 बजे पृथ्वी की छाया ने चंद्रमा को ढकना शुरू कर दिया था। हालांकि देश के कुछ हिस्सों में मानसूनी बारिश के बीच चंद्रमा बादलों से घिरे आसमान में लुका-छिपी खेलता नजर आया। रात 11:01 बजे पृथ्वी की छाया ने चंद्रमा को पूरी तरह से ढक लिया, जिससे चंद्रमा का रंग तांबे जैसा लाल हो गया और पूर्ण चंद्रग्रहण का दुर्लभ नजारा देखने को मिला। भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान के विज्ञान, संचार, जन संपर्क एवं शिक्षा (स्कोप) अनुभाग के प्रमुख नीरुज मोहन रामानुजम ने कहा, "चंद्रमा पर पूर्ण ग्रहण रात्रि 11.01 बजे से रात्रि 12.23 बजे के बीच 82 मिनट तक रहेगा।" जवाहरलाल नेहरू तारामंडल के पूर्व निदेशक बी.एस. शैलजा ने बताया कि चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल दिखाई देता है, क्योंकि उस तक पहुंचने वाला सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से परावर्तित होकर फैल जाता है। भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान ने बेंगलुरु, लद्दाख और तमिलनाडु में स्थित अपने परिसरों में लगीं दूरबीनों को चंद्रमा की ओर मोड़ दिया तथा पूर्ण चंद्रग्रहण की प्रक्रिया को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सीधे प्रसारित किया। देश के कई भागों में बादलों से पटे आसमान ने खेल बिगाड़ दिया, लेकिन दुनिया भर में खगोल विज्ञान के प्रति उत्साही लोगों की ओर से आयोजित लाइव स्ट्रीम ने लोगों की निराशा को दूर कर दिया। पूर्ण चंद्रग्रहण पूरे एशिया, यूरोप, अफ्रीका और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में दिखाई दिया।
रविवार का ग्रहण 2022 के बाद से भारत में दिखाई देने वाला सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण था। यह 27 जुलाई, 2018 के बाद से देश के सभी हिस्सों से देखा जाने वाला पहला चंद्रग्रहण था। अगला पूर्ण चंद्रग्रहण देश में 31 दिसंबर 2028 को दिखाई देगा। ग्रहण दुर्लभ होते हैं और हर पूर्णिमा या अमावस्या को नहीं होते, क्योंकि चंद्रमा की कक्षा सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की कक्षा से लगभग पांच डिग्री झुकी हुई है। चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, जिससे उसकी छाया चंद्र सतह पर पड़ती है। सूर्य ग्रहण के विपरीत, पूर्ण चंद्र ग्रहण को देखने के लिए विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती।भारत में, चंद्र ग्रहण से कई अंधविश्वास जुड़े हैं। लोग अक्सर "जहर या नकारात्मक ऊर्जा" के डर से भोजन, पानी और शारीरिक गतिविधियों से परहेज करते हैं। कुछ लोग तो यह भी मानते हैं कि ग्रहण "गर्भवती महिलाओं और उनके अजन्मे बच्चों के लिए हानिकारक" होते हैं। हालांकि, खगोलविदों का कहना है कि चंद्र ग्रहण केवल एक खगोलीय घटना है, जिसे आर्यभट्ट के समय से बहुत पहले ही समझ लिया गया था। खगोलविदों के अनुसार इससे "लोगों या जानवरों को कोई खतरा नहीं है"। दुर्भाग्य से, कुछ अवैज्ञानिक मान्यताओं के कारण पिछले ग्रहणों के दौरान दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हुई हैं, जिन्हें देखते हुए विज्ञान के प्रति जागरूकता की आवश्यकता का पता चलता है। रामानुजम ने कहा कि इस अद्भुत खगोलीय दृश्य का आनंद लेते हुए बाहर जाकर खाना पूरी तरह सुरक्षित है। -
नयी दिल्ली/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को बिहार के राजगीर में आयोजित पुरुष हॉकी एशिया कप 2025 जीतने पर भारतीय टीम को बधाई दी और कहा कि यह भारतीय हॉकी और भारतीय खेलों के लिए गर्व का क्षण है। मोदी ने राज्य सरकार और बिहार के लोगों की भी सराहना की और कहा कि उनके प्रयासों से राजगीर में एक शानदार टूर्नामेंट की मेजबानी सुनिश्चित हुई। मोदी ने ‘एक्स' पर कहा, “बिहार के राजगीर में आयोजित एशिया कप 2025 में शानदार जीत के लिए हमारी पुरुष हॉकी टीम को बधाई। यह जीत और भी खास है क्योंकि उन्होंने गत विजेता दक्षिण कोरिया को हराया है!” प्रधानमंत्री ने कहा, “यह भारतीय हॉकी और भारतीय खेलों के लिए गौरव का क्षण है। हमारे खिलाड़ी और नई ऊंचाइयों को छूते रहें और देश को और अधिक गौरव दिलाएं।” दिलप्रीत सिंह के दो गोल की मदद से भारत ने रविवार को यहां गत चैंपियन दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर आठ साल के अंतराल के बाद पुरुष एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट का खिताब जीता। इसी के साथ भारतीय टीम अगले साल होने वाले एफआईएच विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
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नई दिल्ली। अखिल भारतीय मारवाड़ी समाज ने एक प्रस्ताव पारित कर अपील की है कि समाज के लोग विवाह समारोहों में मेहंदी लगवाने और कोरियोग्राफी के लिए केवल महिला कलाकारों की ही सेवाएं लें और फिजूलखर्ची बंद करने के लिए विवाह समारोहों का आयोजन दिन में करें। इसके साथ ही समुदाय के सदस्यों से अपील की गई है कि वे विवाह-पूर्व वर-वधू के फोटो शूट पर भी रोक लगाएं। अखिल भारतीय वार्षिक मारवाड़ी सम्मेलन के 28वें अधिवेशन के दूसरे एवं अंतिम दिन रविवार को पारित प्रस्ताव में केंद्र सरकार से आगामी जनगणना में मारवाड़ी को एक जाति के रूप में शामिल करने और राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का अनुरोध भी किया गया। संस्था के नवनियुक राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि देशभर में फैले मारवाड़ी समुदाय के 10 करोड़ लोग आगामी जनगणना में मारवाड़ी को अपनी मातृभाषा के रूप में दर्ज करवाएं। समारोह में पाणिग्रहण संस्कारों या अन्य किसी भी धार्मिक आयोजन में मद्यपान निषिद्ध करने और मृत्युभोज में शामिल नहीं होने का भी फैसला किया गया। गोयनका ने बताया कि सम्मेलन में समुदाय के लोगों से अपील की गई कि वे वैवाहिक रिश्तों में तनाव के कारण उत्पन्न तलाक के मामले में अदालत जाने से पहले समुदाय से संपर्क करें, जो उन्हें ‘मैरिज कॉउंसलर' की सेवाएं मुहैया कराएगा। उन्होंने बताया कि इसी के साथ यह फैसला भी लिया गया कि विवाह आदि अवसरों पर मेंहदी लगवाने और कोरियोग्राफी का कार्य महिला कलाकारों से करवाया जाए।
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नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसदों के लिए आयोजित एक कार्यशाला में शामिल हुए, जिसमें सांसदों ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधारों की सराहना की। यह कार्यशाला पार्टी के देशव्यापी जनसंपर्क अभियान से पहले आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य जीएसटी के फायदों के बारे में लोगों को जागरूक करना है। मोदी कई घंटों तक सांसदों के बीच ही रहे। कई सदस्यों ने कहा कि मोदी पार्टी के साधारण सदस्य की तरह आखिरी पंक्ति में बैठे। गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने मोदी की एक तस्वीर साझा करते हुए कहा, "यही भाजपा की ताकत है कि यहां सभी कार्यकर्ता हैं।" दो दिवसीय कार्यशाला के अलग-अलग सत्र में कई मुद्दों पर चर्चा की गई, जिनमें सांसदों का काम और सरकार की सफलताओं की मुख्य बातें शामिल हैं। आयोजन स्थल पर नवीनतम जीएसटी सुधारों और ‘ऑपरेशन सिंदूर' जैसी अन्य उपलब्धियों के फायदों को दर्शाने वाले कई सामग्री प्रदर्शित की गईं। सांसदों को मंगलवार को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
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चंडीगढ़. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के प्रमुख सुनील जाखड़ ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए नौ सितंबर को राज्य का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि मोदी पंजाब में बाढ़ की स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं और इस पर कड़ी नजर रख रहे हैं। जाखड़ ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया,‘‘पंजाब के लोगों को अधिकतम सहायता प्रदान करने के लिए वह (मोदी) स्थानीय परिस्थितियों का व्यक्तिगत रूप से आकलन करने और जमीनी हकीकत को समझने के लिए नौ सितंबर को पंजाब का दौरा कर रहे हैं।'' इससे पहले, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब की स्थिति का आकलन करने के लिए राज्य का दौरा किया था। जाखड़ ने कहा,‘‘पंजाब में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने आई केंद्र सरकार की दो टीम अपने दौरे के बाद केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। भारत सरकार पूरी तरह पंजाब के लोगों के साथ खड़ी है।'' चौहान ने चार सितंबर को पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था और फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया था। उन्होंने इसे ‘जल प्रलय' की स्थिति बताया था। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया था कि केंद्र उन्हें इस संकट से उबारने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। मंत्री ने अमृतसर, गुरदासपुर और कपूरथला जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था ।
पंजाब इस समय दशकों में आई सबसे भीषण बाढ़ आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद सतलुज, व्यास और रावी नदियों और मौसमी नालों में उफान के कारण पंजाब के बड़े हिस्से में बाढ़ आयी हुयी है। इसके अलावा, पिछले कुछ दिनों से पंजाब में हो रही भारी बारिश ने बाढ़ की स्थिति और बिगाड़ दी है।
अधिकारियों के अनुसार, पंजाब में बाढ़ के कारण अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1.75 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं। -
जयपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए रविवार को इसे रोकने का आह्वान किया। पायलट ने अपने 48वें जन्मदिन के मौके पर चित्तौड़गढ़ के श्री सांवलिया सेठ जी मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने देश एवं प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। श्री सांवलिया सेठ जी मंदिर प्रांगण में मौजूदा लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जाहिर करते हुए युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से रोकने का आह्वान किया। कांग्रेस नेता ने ''आज युवाओं का युद्ध ड्रग्स के विरुद्ध'' संकल्प नारा भी दिया।
प्रवक्ता के अनुसार पायलट ने कहा, '' समाज में एक ऐसी मुश्किल समस्या है जिसका समाधान हमें करना पड़ेगा। लोग अक्सर इसके बारे में चर्चा नहीं करते, लेकिन हमें चर्चा करनी पड़ेगी और इसको स्वीकार करना पड़ेगा।'' उन्होंने कहा कि बच्चों को नशे की गिरफ्त से निजात दिलाने के लिए लोगों को दलगत राजनीति, जाति, धर्म, संप्रदाय से ऊपर उठकर बचाना होगा। यह तब संभव होगा जब प्रशासन इस पर अंकुश लगाएगा। पायलट ने अभिभावकों से अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की अपील की ताकि वे बच्चे उन पदों पर पहुंचे जहां से देश की नीति निर्धारित होती है। राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने फोन कर पायलट को जन्मदिन की बधाई दी। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी सोशल मीडिया मंच 'एक्स' के जरिए पायलट को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। -
नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की युवा इकाई 21 सितंबर को ‘नमो युवा दौड़ : नशा मुक्त भारत के लिए' का आयोजन करेगी, ताकि युवाओं को नशीले पदार्थों के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया जा सके और लोगों को ‘स्वदेशी' उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कार्यक्रम की शुरुआत की घोषणा करते हुए रविवार को कहा कि यह दौड़ देशभर में 75 स्थानों पर आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि ‘भारतीय युवा डायस्पोरा' की ओर से दुनिया के 75 शहरों में भी इसी तरह का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मांडविया ने कहा कि युवाओं में नशे की लत के खतरों के बारे में जागरूकता पैदा करने और लोगों को स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में लाखों युवा हिस्सा लेंगे। उन्होंने यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “इस आयोजन के माध्यम से देश के युवा संकल्प के साथ अपनी मिट्टी (राष्ट्र) से जुड़ेंगे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले 11 वर्षों में देश के प्रति निभाए गए कर्तव्य को याद करेंगे।” अभिनेता-मॉडल मिलिंद सोमन, जिन्हें आधिकारिक तौर पर इस पहल का ‘राष्ट्रीय रन एम्बेसडर' नियुक्त किया गया है, अन्य लोगों के साथ संवाददाता सम्मेलन में मौजूद थे।
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर की समृद्ध पाक कला को बढ़ावा देने के लिए रेलवे ने आईआरसीटीसी के साथ मिलकर रविवार से कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस में स्थानीय शाकाहारी व्यंजन परोसना शुरू कर दिया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। मेन्यू (व्यंजन सूची) में प्रसिद्ध कश्मीरी ‘कहवा', ताजा बेकरी आइटम, कश्मीरी पुलाव, राजमा एवं बाबरू/अंबल (खट्टा कद्दू) जैसे व्यंजन और ताजे सेब शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी, वंदे भारत ट्रेन में नाश्ते और दोपहर के भोजन के दौरान यात्रियों के लिए पारंपरिक स्थानीय व्यंजन तैयार करेंगे और परोसेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छह जून को कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। इस पहल को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली और कटरा से श्रीनगर के बीच यात्रा करने वाले अधिकांश लोगों ने स्थानीय मेनू को चुना तथा भोजन की गुणवत्ता एवं स्वाद की प्रशंसा की। आईआरसीटीसी के अध्यक्ष हरजोत सिंह संधू ने बताया, “इस सुविधा का उद्देश्य कश्मीर में यात्रियों को यादगार यात्रा अनुभव प्रदान करना है, जिससे उन्हें अपने गंतव्य स्टेशन से पहले ही जायके का आनंद लेने का सही अवसर मिल सके।” जम्मू संभाग के वरिष्ठ संभागीय वाणिज्यिक प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि इस पहल में अत्याधुनिक स्वच्छ रसोई शामिल की गयी हैं। उन्होंने बताया, ‘‘खाने की पैकिंग में भी सुधार किया जाएगा, जिसमें एल्युमिनियम फॉइल से लेकर ‘एयरलाइन-शैली के टेफ्लॉन-कोटेड कैसरोल' और प्लास्टिक की जगह पर्यावरण-अनुकूल ‘कॉयर ट्रे' शामिल हैं।” सिंघल ने बताया कि पेशेवर पर्यवेक्षक उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए संचालन और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की देखरेख करेंगे। उन्होंने बताया कि कुछ विशेष स्थानीय व्यंजन जैसे डोगरा शैली में बनने वाली खट्टी-मीठी कद्दू की सब्जी ‘अम्बल कद्दू', पहाड़ी इलाकों में लोकप्रिय भरवां पूरी बाबरू, नाश्ते में जम्मू पराठा और दोपहर के भोजन में पनीर चमन, कश्मीरी दम आलू और जम्मू राजमा शामिल हैं। सिंघल ने बताया, “यात्रियों को क्षेत्र का असली स्वाद देने के लिए ये व्यंजन पारंपरिक मसालों और पाक कला विधियों का उपयोग करके तैयार किए जा रहे हैं।” अधिकारी ने बताया कि जो यात्री उपमा, पोहा और शाकाहारी कटलेट जैसे पारंपरिक भोजन पसंद करते हैं, उनके लिए ये व्यंजन नए क्षेत्रीय मेन्यू में भी उपलब्ध होंगे।
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शिमला. हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भूस्खलन और लगातार बारिश के कारण हुए व्यापक नुकसान का जायजा लेने के लिए नौ सितंबर को राज्य का दौरा करेंगे। ठाकुर ने एक प्रेस बयान में कहा कि वह राज्यभर में हुई तबाही के बारे में जानकारी देने के लिए धर्मशाला में भी मौजूद रहेंगे। ठाकुर ने कहा, ‘‘हिमाचल प्रदेश की जनता की ओर से हम प्रधानमंत्री मोदी का हार्दिक स्वागत करते हैं। मैं उन्हें लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण विभिन्न क्षेत्रों में हुई तबाही से अवगत कराऊंगा।'' उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर भी तीखा हमला किया और सत्ता में आने के बाद से लोगों के अधिकारों और लाभों को छीनने का आरोप लगाया। ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए), चिकित्सा प्रतिपूर्ति, उच्च ग्रेड वेतन और दो साल बाद नियमितीकरण का अधिकार वापस ले लिया है, जबकि संविदा कर्मचारियों को प्रशिक्षुओं में बदल दिया गया है। उन्होंने सरकार पर केवल ढाई वर्षों में विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, स्कूलों, अस्पतालों और प्रशासनिक कार्यालयों समेत 2,000 से अधिक संस्थानों को बंद करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार राज्य में सुविधाओं को मजबूत करने के बजाय उन्हें कमजोर कर रही है। मुख्यमंत्री का तथाकथित ‘व्यवस्था परिवर्तन' पीड़ा और पतन की सरकार में बदल गया है।
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नयी दिल्ली. भारत के उपराष्ट्रपति का पद संभवत: एकमात्र ऐसा पद है जिसे नियमित वेतन का लाभ नहीं मिलता है। देश में दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद उपराष्ट्रपति को संसद के ऊपरी सदन, राज्यसभा के पदेन सभापति के रूप में अपनी भूमिका के लिए वेतन मिलता है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सी पी राधाकृष्णन और विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन की ओर से उम्मीदवार पी सुदर्शन रेड्डी नौ सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मैदान में हैं। यह चुनाव 21 जुलाई को जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफे के कारण आवश्यक हो गया है।
उपराष्ट्रपति का वेतन और भत्ते संसद अधिकारियों के वेतन और भत्ते अधिनियम, 1953 के तहत निर्धारित किए जाते हैं। अधिकारियों ने बताया, ‘‘उपराष्ट्रपति के लिए किसी विशिष्ट वेतन का प्रावधान नहीं है; इसके बजाय, उन्हें राज्यसभा के सभापति के रूप में उनकी भूमिका के अनुरूप पारिश्रमिक और लाभ मिलते हैं।'' उपराष्ट्रपति, कार्यवाहक राष्ट्रपति की भूमिका में कार्यभार संभालने पर, भारत के राष्ट्रपति का वेतन पाने के हकदार होते हैं। ऐसी स्थिति में, उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति नहीं रह जाते। राज्यसभा के सभापति को चार लाख रुपये प्रति माह वेतन मिलता है।
उपराष्ट्रपति को कई सुविधाएं और भत्ते मिलते हैं, जैसे निःशुल्क आवास, चिकित्सा देखभाल, रेल और हवाई यात्रा, लैंडलाइन कनेक्शन, मोबाइल फोन सेवा, व्यक्तिगत सुरक्षा और कर्मचारी। पूर्व उपराष्ट्रपति को लगभग दो लाख रुपये प्रति माह पेंशन, टाइप-8 बंगला, एक निजी सचिव, एक अतिरिक्त निजी सचिव, एक निजी सहायक, एक चिकित्सक, एक नर्सिंग अधिकारी और चार निजी परिचारक मिलते हैं। पूर्व उपराष्ट्रपति की मृत्यु की स्थिति में, उनके जीवनसाथी को जीवनपर्यन्त एक छोटे टाइप-7 मकान का अधिकार प्राप्त होता है। अचानक दिये इस्तीफे के बाद जगदीप धनखड़ ने हाल में राजस्थान के पूर्व विधायक के रूप में पेंशन के लिए आवेदन किया था। वर्ष 1993 से 1998 तक कांग्रेस विधायक के रूप में किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले धनखड़ को जुलाई 2019 तक पूर्व विधायक के रूप में पेंशन मिलती रही। पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त होने के बाद इसे बंद कर दिया गया था। एक अधिकारी ने बताया था कि 74 वर्षीय धनखड़ पूर्व विधायक होने के नाते 42,000 रुपये प्रति माह पेंशन के हकदार हैं। -
नयी दिल्ली. लाल किले के निकट एक जैन धार्मिक समारोह से करीब एक करोड़ रुपये मूल्य के स्वर्ण और रत्न से जड़ित कलश की चोरी के संबंध में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। दिल्ली पुलिस ने संदिग्ध की गतिविधियों का पता लगाया और उसके ठिकाने के बारे में महत्वपूर्ण सुराग हासिल किए। यह चोरी तीन सितंबर को एक प्रार्थना समारोह के दौरान हुई जिसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए थे। श्रद्धालुओं के साथ घुलने-मिलने के लिए पारंपरिक धोती-कुर्ता पहने संदिग्ध ने कथित तौर पर बिड़ला के कार्यक्रम में पहुंचने पर मची आपाधापी का फायदा उठाया और बर्तन लेकर भाग गया। यह कलश 760 ग्राम सोने तथा 150 ग्राम हीरे, माणिक और पन्ने से जड़ा है और जैन समुदाय के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक महत्व रखता है। यह समारोह 28 अगस्त को शुरू हुआ और नौ सितम्बर को समाप्त होगा। काफी खोजबीन के बाद भी कलश का पता न चलने पर कोतवाली पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध व्यक्ति कई दिनों से टोह ले रहा था और संदेह से बचने के लिए आयोजकों के बीच घुल-मिल गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले पर कई टीमें काम कर रही हैं और घटनास्थल तथा आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज से जांचकर्ताओं को चोरी के बाद आरोपियों द्वारा अपनाए गए मार्ग का पता लगाने में मदद मिली है। अधिकारी ने बताया, ‘‘हमें महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और छापेमारी की जा रही है। आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।'' उन्होंने आगे बताया कि आरोपी की गतिविधियों का पता लगा लिया गया है। समारोह के आयोजकों ने कहा कि चोरी से समुदाय को बहुत परेशानी हुई है। आयोजकों में से एक पुनीत जैन ने कहा, भौतिक मूल्य के अलावा इस कलश का धार्मिक महत्व बहुत अधिक है। हमें उम्मीद है कि पुलिस इसे बरामद कर लेगी।'' - जम्मू .जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में मौसम संबंधी परामर्श की ताजा समीक्षा के बाद त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा अगले सप्ताह फिर से शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। वैष्णो देवी यात्रा शनिवार को लगातार 12वें दिन भी स्थगित रही। मौसम वैज्ञानिकों ने सात और आठ सितंबर को देर रात या सुबह के समय जम्मू संभाग के कुछ जिलों में मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है। श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘यात्रा फिर से शुरू करने का फैसला अगले सप्ताह लिया जाएगा। हाल ही में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से हुए नुकसान के बाद, ट्रैक से मलबा हटा दिया गया है और उसे नया रूप दिया जा रहा है।'' गौरतलब है कि 26 अगस्त को अर्धकुंवारी में यात्रा के पुराने मार्ग पर हुए भूस्खलन से कुछ घंटे पहले यात्रा स्थगित कर दी गई थी। भूस्खलन में 34 लोगों की मौत हो गई थी और 20 अन्य घायल हो गए थे।
- नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग के शीर्ष अधिकारी अखिल भारतीय स्तर पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के क्रियान्वयन की तैयारियों पर राज्यों के अपने प्रतिनिधियों के साथ अगले हफ्ते चर्चा करेंगे। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आयोग ने बुधवार को राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की बैठक बुलाई है। फरवरी में ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार संभालने के बाद राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की यह तीसरी बैठक है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि 10 सितंबर को होने वाली बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें अखिल भारतीय स्तर पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।आयोग ने कहा है कि बिहार के बाद पूरे देश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जाएगा। ऐसे संकेत हैं कि यह प्रक्रिया इस साल के अंत में और असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु व पश्चिम बंगाल में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले शुरू कर दी जाएगी। एसआईआर का मकसद अवैध प्रवासियों के जन्मस्थान की जांच करके उन्हें वापस भेजना है। यह कदम विभिन्न राज्यों में बांग्लादेश और म्यांमा सहित अन्य देशों के अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। अधिकारियों ने कहा कि निर्वाचन आयोग “मतदाता सूचियों की शुचिता की रक्षा के अपने संवैधानिक कर्तव्य के निर्वहन के वास्ते” पूरे देश में एसआईआर शुरू करेगा। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत चुनाव अधिकारी त्रुटिरहित मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मदद के लिए मतदाताओं से जुड़े आंकड़ों में हेरफेर के विपक्षी दलों के आरोपों के बीच निर्वाचन आयोग गहन पुनरीक्षण के तहत अतिरिक्त कदम उठाए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अवैध प्रवासियों का नाम मतदाता सूची में दर्ज न हो। मतदाता बनने के इच्छुक या राज्य के बाहर से आने वाले आवेदकों की श्रेणी के लिए एक अतिरिक्त ‘घोषणा पत्र' पेश किया गया है। उन्हें यह शपथपत्र देना होगा कि उनका जन्म एक जुलाई 1987 से पहले भारत में हुआ था और जन्मतिथि और/या जन्मस्थान को प्रमाणित करने वाला कोई भी दस्तावेज पेश करना होगा।
- नयी दिल्ली. दिल्ली के सबसे बड़े रामलीला मंच ‘लव-कुश रामलीला समिति' ने इस बार भी आयोजन को भव्य और नया रूप देने की पूरी तैयारी कर ली है। इसके तहत लाल किले स्थित आयोजन स्थल पर इस बार सोमनाथ मंदिर की प्रतिकृति बनाई जाएगी और भगवान राम, सीता तथा लक्ष्मण की जगह थल सेना, वायु सेना और नौसेना की तस्वीरों वाले आमंत्रण पत्र छापे जाएंगे। दिल्ली-एनसीआर में रामलीलाओं का आयोजन 22 सितंबर से तीन अक्टूबर तक किया जाएगा।तीन मंजिला मंच में एक लाख से अधिक एलईडी लाइट्स, 3डी प्रोजेक्शन और लाइट शो की व्यवस्था रहेगी। नवरात्रि के दौरान होने वाले इस रामलीला मंचन में राजनीतिक नेता और टीवी कलाकार भी विभिन्न किरदार निभाएंगे। रामलीला समिति के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर' से प्रेरित होकर इस साल के आमंत्रण कार्ड और तस्वीरों में थल सेना, वायु सेना और नौसेना के शौर्य को दर्शाया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बार के आयोजन को अपने नायकों को समर्पित करना चाहते हैं। इसलिए, भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की तस्वीरों वाले पारंपरिक आमंत्रण कार्ड के बजाय, हमने देश के नायकों की तस्वीरों वाले कार्ड बनाने का निर्णय लिया है।''कुमार ने बताया, ‘‘इस साल हमारे पास एक विशेष लाइट निर्देशक भी होंगे, जो रोशनी की व्यवस्था का प्रबंधन करेंगे और ऐसा माहौल बनाएंगे जैसे हम किसी भव्य महल में हों, जिसे एक लाख लाइटों की चमक और भी शानदार बनाएगी।'' गुजरात, काशी, राजस्थान और मथुरा-वृंदावन के कलाकारों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम पिछले एक महीने से इस अनोखे मंच को तैयार करने का काम कर रही है। लगभग 140 फुट लंबे और 45 फुट ऊंचे तीन मंजिला मंच को लगभग 1.25 लाख एलईडी लाइट से सजाया गया है। कुमार ने बताया कि गुजरात के खास कारीगरों ने सोमनाथ मंदिर की जटिल नक्काशी की है, सोने की परत चढ़ा गुंबद तैयार किया है और रंग-बिरंगी एलईडी लाइट के जरिए माहौल को खुशनुमा बना दिया है।उन्होंने बताया कि आधुनिक 3डी इफेक्ट्स और कृत्रिम मेधा (एआई) तकनीक का इस्तेमाल करके कुछ दृश्य इस तरह प्रस्तुत किए जाएंगे कि दर्शकों को ऐसा लगेगा जैसे वे सच में मंदिर के अंदर बैठे हों। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की रामलीला में उच्च तकनीक वाला डिजिटल मंचन किया जाएगा, जिसका लगभग 100 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनलों पर सीधा प्रसारण किया जाएगा। लगभग 40 बॉलीवुड कलाकार भी इस मंचन में अपनी प्रस्तुति देंगे। लव-कुश रामलीला समिति ने पिछले माह दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में लाल किले पर भूमि पूजन किया था।











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