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पटना. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सस्ती ब्याज दरों पर धन उपलब्ध कराने के लिए ‘बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड' का मंगलवार को डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया। मोदी ने दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान संस्था के बैंक खाते में 105 करोड़ रुपये भी हस्तांतरित किए। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विजय कुमार सिन्हा तथा राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इस कार्यक्रम में शामिल हुए। मोदी ने कहा कि यह नयी सहकारी संस्था बिहार में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं के उद्यमिता कौशल को बढ़ावा देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार ने हमेशा महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम किया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘‘इस सहकारी संस्था की स्थापना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को किफायती ब्याज दरों पर आसानी से ऋण उपलब्ध कराना है। जीविका के सभी पंजीकृत क्लस्टर-स्तरीय संघ इस संस्था के सदस्य बनेंगे। बिहार सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार भी संस्था के संचालन के लिए धनराशि में योगदान करेगी।'' इसमें कहा गया कि पिछले कुछ वर्षों में जीविका के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं में उद्यमिता का विकास हुआ है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कई लघु उद्यमों और उत्पादक कंपनियों की स्थापना हुई है। बयान में कहा गया, ‘‘महिला उद्यमियों को हालांकि अक्सर 18 प्रतिशत से 24 प्रतिशत तक की ऊंची ब्याज दरें वसूलने वाले सूक्ष्म वित्त संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है। जीविका निधि को सूक्ष्म वित्त संस्थानों पर निर्भरता कम करने और कम ब्याज दरों पर समय पर बड़ी ऋण राशि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक वैकल्पिक वित्तीय प्रणाली के रूप में बनाया गया है।'' इसमें कहा गया, ‘‘यह प्रणाली पूरी तरह से एक डिजिटल मंच पर काम करेगी, जिससे जीविका दीदियों के बैंक खातों में सीधे और तेजी से पारदर्शी धन हस्तांतरण सुनिश्चित होगा। इसे सुविधाजनक बनाने के लिए 12,000 सामुदायिक कार्यकर्ताओं को टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।'' बयान में कहा गया है कि इस पहल से ग्रामीण महिलाओं के बीच उद्यमिता को बढ़ावा मिलने और समुदाय-आधारित उद्यमों के विकास में तेजी आने की उम्मीद है। पूरे बिहार से लगभग 20 लाख महिलाओं ने इस उद्घाटन कार्यक्रम को देखा।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि 18 अरब डॉलर से अधिक की 10 सेमीकंडक्टर परियोजनाएं जारी हैं और देश अब ‘भारत सेमीकंडक्टर मिशन' के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने साथ ही कहा कि 1,000 अरब डॉलर के वैश्विक चिप बाजार का दोहन करने के लिए उसको (चिप) तैयार करने से जुड़ी प्रोत्साहन (डीएलआई) योजना के अगले चरण पर सरकार काम कर रही है। मोदी ने कहा, ‘‘ वह दिन दूर नहीं जब भारत में बनी सबसे छोटी चिप दुनिया में सबसे बड़ा बदलाव लाएगी। वह दिन दूर नहीं जब दुनिया कहेगी ‘भारत में तैयार, भारत में निर्मित, दुनिया के लिए विश्वसनीय' ।'' सेमीकॉन इंडिया-2025 के उद्घाटन के अवसर पर मोदी ने यह बात कही। इसमें दुनिया भर से करीब 50 देशों के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विशेषज्ञों ने शिरकत की। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की नवाचार और युवा शक्ति भी इस कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से मौजूद है। उन्होंने कहा कि यह अनूठा संयोजन एक स्पष्ट संदेश देता है, ‘‘ दुनिया, भारत पर भरोसा करती है। दुनिया, भारत में विश्वास करती है और दुनिया, भारत के साथ सेमीकंडक्टर का भविष्य बनाने के लिए तैयार है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर की दुनिया में अक्सर कहा जाता है कि ‘‘ तेल काला सोना था लेकिन चिप डिजिटल हीरा है।'' उन्होंने कहा कि जहां तेल ने पिछली सदी को आकार दिया, वहीं 21वीं सदी की शक्ति अब छोटी चिप में केंद्रित है। आकार में छोटा होने के बावजूद इन चिप में वैश्विक प्रगति को तेजी से बढ़ाने की क्षमता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार पहले ही 600 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है और आने वाले वर्ष में इसके 1,000 अरब डॉलर को पार करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘‘ सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत जिस गति से आगे बढ़ रहा है उसे देखते हुए इस 1,000 अरब अमेरिकी डॉलर के बाजार में भारत की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी होगी।'' निवेशकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत खुले दिल से उनका स्वागत करने को इच्छुक है। मोदी ने कहा, ‘‘ डिजाइन तैयार है। मास्क तैयार है। अब सटीक क्रियान्वयन और बड़े पैमाने पर आपूर्ति का समय है।'' उन्होंने कहा कि भारत की नीतियां अल्पकालिक संकेत नहीं बल्कि दीर्घकालिक प्रतिबद्धताएं हैं। मोदी ने आश्वासन दिया कि प्रत्येक निवेशक की जरूरतें पूरी की जाएंगी। प्रधानमंत्री ने 2021 में सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के आरंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि 2023 तक देश का पहला सेमीकंडक्टर संयंत्र स्वीकृत किया गया था। 2024 में कई और संयंत्रों को मंजूरी मिली और 2025 में पांच अतिरिक्त परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। मोदी ने कहा, ‘‘ कुल मिलाकर 10 सेमीकंडक्टर परियोजनाएं अभी जारी हैं, जिनमें 18 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश शामिल है। यानी 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक... यह भारत में बढ़ते वैश्विक भरोसे को दर्शाता है।'' सेमीकंडक्टर क्षेत्र में गति के महत्व पर उन्होंने कहा, ‘‘ दस्तावेजों से फैक्टरी तक का समय जितना कम होगा और कागजात जितने कम होंगे, ‘वेफर' का काम उतनी ही जल्दी शुरू हो सकेगा।'' उन्होंने कहा कि सरकार इसी दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है।
राष्ट्रीय एकल-खिड़की प्रणाली लागू की गई है। इससे केंद्र और राज्य सरकारों दोनों से सभी स्वीकृतियां एक ही मंच पर प्राप्त की जा सकेंगी। देश भर में ‘प्लग-एंड-प्ले इन्फ्रास्ट्रक्चर मॉडल' के तहत सेमीकंडक्टर पार्क विकसित किए जा रहे हैं जो भूमि, बिजली आपूर्ति, बंदरगाह एवं हवाई अड्डा संपर्क और कुशल श्रमिकों के एक समूह तक पहुंच जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि जब इस तरह के बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहनों के साथ जोड़ा जाता है, तो औद्योगिक विकास अपरिहार्य है। पीएलआई प्रोत्साहनों या ‘डिजाइन' से जुड़े अनुदान के माध्यम से भारत शुरू से अंत तक क्षमताएं प्रदान कर रहा है। मोदी ने कहा, ‘‘ इसीलिए निवेश प्रवाह जारी है। भारत ‘बैकएंड ऑपरेशंस' से आगे बढ़कर एक ‘फुल-स्टैक सेमीकंडक्टर' राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है। वह दिन दूर नहीं जब भारत की सबसे छोटी चिप दुनिया के सबसे बड़े बदलाव की नींव रखेगी।" उन्होंने कहा, ‘‘ भारत सुधार, प्रदर्शन एवं परिवर्तन के मंत्र पर चलकर इस मुकाम पर पहुंचा है। अगली पीढ़ी के सुधारों का एक नया चरण जल्द ही शुरू किया जाएगा।'' मोदी ने यह भी घोषणा की कि ‘‘ डिजाइन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना को उसके उद्देश्यों को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए पुनर्गठित किया जा रहा है।'' मोदी ने कहा कि भारत की यात्रा देर से शुरू हुई, लेकिन अब इसे कोई नहीं रोक सकता।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर के लिए सीजी पावर का संयंत्र प्रायोगिक आधार पर 28 अगस्त को शुरू कर दिया और केन्स टेक्नोलॉजी का प्रायोगिक संयंत्र भी जल्द ही शुरू होने वाला है। वैश्विक सेमीकंडक्टर क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत इन चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। मोदी ने कहा कि जहां इस्पात ऊंची इमारतों एवं शहरों में दिखाई देने वाले प्रभावशाली भौतिक बुनियादी ढांचे का आधार है। वहीं भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे की नींव महत्वपूर्ण खनिजों पर टिकी है। उन्होंने कहा, ‘‘ भारत वर्तमान में राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन पर काम कर रहा है और दुर्लभ खनिजों की अपनी मांग को घरेलू स्तर पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।'' मोदी ने कहा कि पिछले चार वर्ष में महत्वपूर्ण खनिज परियोजनाओं पर उल्लेखनीय प्रगति हुई है और सरकार इस क्षेत्र में भारतीय बौद्धिक संपदा के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। -
नयी दिल्ली. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत-चीन संबंध धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे सीमा मुद्दे सुलझते जाएंगे तनाव कम होता जाएगा।
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई बैठक में भारत-चीन सीमा मुद्दे के ‘‘निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य'' समाधान की दिशा में काम करने पर सहमति बनी है। दोनों नेताओं ने वैश्विक व्यापार को स्थिर करने में एक-दूसरे की अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका को मान्यता देते हुए व्यापार एवं निवेश संबंधों को बढ़ाने का संकल्प लिया। गोयल से पत्रकारों ने पूछा कि अगर भारत और चीन अपने संबंधों को फिर से स्थापित कर रहे हैं, तो क्या पीएन3 में ढील की गुंजाइश है। इस पर उन्होंने कहा, ‘‘ यह एक एससीओ शिखर सम्मेलन था, जिसमें सभी एससीओ सदस्यों ने भाग लिया। गलवान में हमारे सामने एक समस्या थी, जिसके कारण हमारे संबंधों में थोड़ी तलखी आई थी। मुझे लगता है कि सीमा मुद्दों का समाधान होने के साथ ही स्थिति का सामान्य होना एक बहुत ही स्वाभाविक परिणाम है।'' चीन से भूमि सीमा साझा करने वाले देशों से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए सभी क्षेत्रों में वर्तमान में सरकारी अनुमोदन लेना अनिवार्य है। यह नीति अप्रैल, 2020 में प्रेस नोट 3 (पीएन3) के रूप में जारी की गई थी। घरेलू उद्योग सरकार से चीन से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए इन प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मानदंडों को आसान बनाने का आग्रह कर रहा है। जुलाई, 2024 में बजट-पूर्व आर्थिक समीक्षा में स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने और निर्यात बाजार का दोहन करने के लिए चीन से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त करने का पुरजोर समर्थन किया गया था। इसमें कहा गया था कि पड़ोसी देशों से विदेशी निवेश में वृद्धि से भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी बढ़ाने और निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। अप्रैल, 2000 से मार्च, 2025 तक भारत में दर्ज कुल एफडीआई प्रवाह में चीन केवल 0.34 प्रतिशत हिस्सेदारी (2.5 अरब अमेरिकी डॉलर) के साथ 23वें स्थान पर रहा। भारत का निर्यात 2024-25 में 14.25 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 113.5 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
व्यापार घाटा (आयात एवं निर्यात के बीच का अंतर) 2003-04 के 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 99.2 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। गत वित्त वर्ष 2024-25 में भारत के कुल व्यापार असंतुलन (283 अरब अमेरिकी डॉलर) में चीन का व्यापार घाटा करीब 35 प्रतिशत था। 2023-24 में यह अंतर 85.1 अरब अमेरिकी डॉलर रहा था। -
नयी दिल्ली. केंद्र सरकार बुधवार से शुरू हो रही जीएसटी परिषद की दो दिन की बैठक में दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर कर कम करने के लिए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में महत्वाकांक्षी बदलाव पर विचार कर सकती है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली और सभी राज्यों के प्रतिनिधित्व वाली यह परिषद केंद्र के 'अगली पीढ़ी' के जीएसटी सुधार प्रस्ताव पर चर्चा करेगी। प्रस्तावित सुधारों में मौजूदा 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत के कर स्लैब को हटाकर केवल पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो कर दरें रखना प्रमुख है। इसके अलावा कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर 40 प्रतिशत की विशेष दर से कर लिया जाएगा। कर स्लैब में कटौती और इसके चलते कीमतों में होने वाली कमी का आमतौर पर स्वागत किया गया है, लेकिन विपक्षी दलों के शासन वाले राज्य इस बदलाव के कारण राजस्व में किसी भी नुकसान की भरपाई की मांग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त को अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में जीएसटी सुधारों की योजना के बारे में बताया था। इसके तुरंत बाद केंद्र सरकार ने प्रारंभिक समीक्षा के लिए विभिन्न राज्यों के मंत्रियों के एक समूह (जीओएम) के साथ प्रस्तावित सुधार का एक खाका साझा किया। जीओएम ने कर दरों को कम करने के केंद्र के प्रस्ताव पर सहमति जताई है। परिषद 3-4 सितंबर को इन सिफारिशों पर विचार करेगी। मामले से अवगत सूत्रों ने बताया कि स्लैब में बदलावों से मोटे तौर पर सहमत होते हुए मंत्री समूह ने 40 लाख रुपये तक कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहन पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने का समर्थन किया है। हालांकि, केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक वाहन को प्रोत्साहन देना चाहती है और उनसे पांच प्रतिशत की दर का समर्थन किया है। इसके अलावा घी, मेवे, पीने के पानी (20 लीटर), नमकीन, कुछ जूते और परिधान, दवाइयां और चिकित्सा उपकरण जैसी ज्यादातर आम इस्तेमाल की वस्तुओं को 12 प्रतिशत से पांच प्रतिशत कर स्लैब में लाने की संभावना है। पेंसिल, साइकिल, छाते से लेकर हेयर पिन जैसी आम उपयोग की वस्तुओं को भी पांच प्रतिशत के स्लैब में लाया जा सकता है। कुछ श्रेणी के टीवी, वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर जैसी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की कीमतों में कमी होने की भी संभावना है, क्योंकि इन पर मौजूदा 28 प्रतिशत की तुलना में 18 प्रतिशत की दर से कर लगाया जा सकता है। वाहनों पर इस समय 28 प्रतिशत की उच्चतम दर और क्षतिपूर्ति उपकर लागू है, लेकिन अब उन पर अलग-अलग दरें लागू हो सकती हैं। शुरुआती स्तर की कारों पर 18 प्रतिशत की दर लागू होगी, जबकि एसयूवी और लक्जरी कारों पर 40 प्रतिशत की विशेष दर लागू होगी। इसके अलावा 40 प्रतिशत की विशेष दर अवगुणों से संबंधित वस्तुओं, जैसे तंबाकू, पान मसाला और सिगरेट पर भी लागू होगी। इस श्रेणी के लिए इस दर के ऊपर एक अतिरिक्त कर भी लगाया जा सकता है। पश्चिम बंगाल जैसे विपक्षी राज्यों ने मांग की है कि 40 प्रतिशत की दर के ऊपर लगाया गया कोई भी कर राज्यों के साथ साझा किया जाना चाहिए, ताकि उनके राजस्व घाटे की भरपाई की जा सके। विपक्षी दलों के शासन वाले आठ राज्यों में हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
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नयी दिल्ली. वित्त मंत्रालय नौ अक्टूबर से 2026-27 के लिए बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं और भारतीय सामान पर 50 प्रतिशत अमेरिकी शुल्क के बीच बजट की तैयारी शुरू होने जा रही है। अगले वर्ष के बजट में मांग बढ़ाने, रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था को आठ प्रतिशत से अधिक की सतत वृद्धि दर पर लाने के लिए मुद्दों पर ध्यान देना होगा। सरकार का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि दर 6.3 से 6.8 प्रतिशत के बीच रहेगी। आर्थिक मामलों के विभाग के बजट परिपत्र (2026-27) के अनुसार, ‘‘सचिव (व्यय) की अध्यक्षता में बजट-पूर्व बैठकें नौ अक्टूबर, 2025 से शुरू होंगी।'' परिपत्र में कहा गया, ‘‘वित्तीय सलाहकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि परिशिष्ट I से VII में आवश्यक विवरण तीन अक्टूबर, 2025 से पहले या उससे पहले ठीक से दर्ज किए जाएं। निर्दिष्ट प्रारूपों में आंकड़ों की ‘हार्ड कॉपी' सत्यापन के लिए जमा की जानी चाहिए।'' वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों को बजट-पूर्व बैठकों के पूरा होने के बाद अस्थायी तौर पर अंतिम रूप दिया जाएगा और संशोधित अनुमान (आरई) बैठकें नवंबर, 2025 के मध्य तक जारी रहेंगी। परिपत्र के अनुसार, ‘‘सभी मंत्रालयों/विभागों को उन स्वायत्त निकायों/कार्यान्वयन एजेंसियों का विवरण प्रस्तुत करना चाहिए, जिनके लिए अलग से कोष बनाया गया है। उनके जारी रहने के कारण और अनुदान सहायता की आवश्यकता और इसे समाप्त क्यों नहीं किया जाना चाहिए, इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी जानी चाहिए।'' चालू वित्त वर्ष 2026-27 का बजट संसद के बजट सत्र के शुरू में एक फरवरी को पेश किए जाने की संभावना है। चालू वित्त वर्ष के बजट में बाजार मूल्य पर 10.1 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया गया है, जबकि राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
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नई दिल्ली। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार के लिए पूरे राज्य में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
उत्तराखंड के कई जिलों में खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया हैउत्तराखंड के कई जिलों में खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, “कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश, बहुत तेज बारिश, गरज के साथ बौछारें और बिजली के साथ भारी बारिश की संभावना है।” इसके अलावा, बादल फटने, अचानक बाढ़ और लगातार बारिश से उत्पन्न होने वाले अन्य खतरों को देखते हुए पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, उधम सिंह नगर, अल्मोड़ा, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में मंगलवार को कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे।पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों तथा नालों में पानी के स्तर में अचानक वृद्धि का खतरा बना हुआ हैपहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों तथा नालों में पानी के स्तर में अचानक वृद्धि का खतरा बना हुआ है। हालात यह हैं कि भारी बारिश ने पहाड़ों और मैदानी इलाकों दोनों में जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।देहरादून में मिनस मोटर रोड के पास बहने वाली टोंस नदी खतरनाक रूप से उफान पर हैदेहरादून में मिनस मोटर रोड के पास बहने वाली टोंस नदी खतरनाक रूप से उफान पर है। यमुना में मिलने के बाद जब यह नदी मैदानी इलाकों में उतरती है तो इसके जलस्तर में तेजी से वृद्धि होती है, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ जाता है। इसके अलावा, भूस्खलन के कारण कई राष्ट्रीय राजमार्गों के हिस्से अवरुद्ध हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।मौसम विभाग द्वारा जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट को ध्यान में रखते हुए, चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा को 5 सितंबर तक स्थगित कर दिया गया हैचमोली पुलिस ने बताया कि थाना थराली क्षेत्र के अंतर्गत कंचन गंगा, भनेरपानी, कमेड़ा, कोटदीप, लोल्टी और नासिर मार्केट थराली से लोल्टी तक कई मार्ग बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट को ध्यान में रखते हुए, चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा को 5 सितंबर तक स्थगित कर दिया गया है। हालांकि, स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और प्रशासन ने असुरक्षित क्षेत्रों में लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। -
नई दिल्ली। देश के लिए एक ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनने की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहला भारत निर्मित प्रोसेसर और चार स्वीकृत परियोजनाओं के टेस्ट चिप्स पेश किए। इसरो की सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला (एससीएल) द्वारा ‘विक्रम’ नामक पहला पूर्णतः स्वदेशी 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर विकसित किया गया है।
इसे स्पेस लॉन्च व्हीकल्स की कठोर पर्यावरणीय परिस्थितियों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो आयातित चिप्स पर निर्भरता कम करने के भारत के प्रयासों में एक मील का पत्थर है।केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पहले ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स। यह किसी भी देश के लिए गर्व का क्षण है। आज भारत ने यह उपलब्धि हासिल कर ली है।” उन्होंने आगे कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच, दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक कार्रवाई से संभव हुई है।केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने ‘सेमीकॉन इंडिया 2025’ कार्यक्रम में भारत के सेमीकंडक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर की तीव्र प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “कुछ साल पहले ही, हम अपने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी दृष्टिकोण से प्रेरित होकर एक नई शुरुआत करने के लिए पहली बार मिले थे, हमने भारत सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत की थी। 3.5 वर्ष की छोटी सी अवधि में, दुनिया भारत की ओर विश्वास से देख रही है।”अश्विनी वैष्णव ने उपस्थित लोगों को बताया, “वर्तमान में पांच सेमीकंडक्टर इकाइयों का निर्माण तेजी से चल रहा है। हमने अभी-अभी प्रधानमंत्री मोदी को पहली ‘मेड-इन-इंडिया’ चिप भेंट की है।” सेमिकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा ने गति पकड़ी है।सरकार पहले ही हाई-वॉल्यूम फैब्रिकेशन यूनिट्स (फैब्स), 3डी हेटेरोजेनस पैकेजिंग, कंपाउंड सेमीकंडक्टर और आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्टिंग (ओएसएटी) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 10 परियोजनाओं को मंजूरी दे चुकी है। इसके अलावा, डिजाइन-केंद्रित पहलों ने 280 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों और 72 स्टार्ट-अप्स को एडवांस्ड टूल्स से सहायता प्रदान की है, जबकि डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) योजना के तहत 23 स्टार्ट-अप्स को मंजूरी दी गई है।तीन दिनों तक चलने वाले इस प्रमुख कार्यक्रम में मुख्य भाषण, पैनल चर्चाएं, फायरसाइड चैट, शोध-पत्र प्रस्तुतियां और छह अंतरराष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन होंगे।एक समर्पित ‘कार्यबल विकास मंडप’ भी नई प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स में करियर के अवसरों पर प्रकाश डालेगा। एप्लाइड मैटेरियल्स, एएसएमएल, आईबीएम, इनफिनियॉन, लैम रिसर्च, माइक्रोन, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, एसके हाइनिक्स और टोक्यो इलेक्ट्रॉन जैसी शीर्ष कंपनियों की भागीदारी के साथ, सेमीकॉन इंडिया 2025 से भारत में सेमीकंडक्टर इनोवेशन की अगली लहर को गति मिलने और ग्लोबल वैल्यू चेन में अपनी स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को विकसित भारत का आधार बताया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त करने के लिए बहुत जरूरी है कि उनकी जिंदगी से हर प्रकार की मुश्किलें कम हों। ये बातें उन्होंने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहीं।
पीएम मोदी ने कहा- बिहार की माताओं-बहनों को एक नई सुविधा मिलने जा रही है: जीविका निधि साख सहकारी संघपीएम मोदी ने ‘बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड’ के उद्घाटन अवसर पर कहा, “आज मंगलवार के दिन बहुत मंगल काम की शुरुआत हो रही है। बिहार की माताओं-बहनों को आज एक नई सुविधा मिलने जा रही है: जीविका निधि साख सहकारी संघ। इससे गांव-गांव में जीविका से जुड़ी बहनों को अब और आसानी से पैसा मिलेगा, उन्हें आर्थिक मदद मिलेगी। इससे वो जो काम या व्यवसाय करती हैं, उसे आगे बढ़ाने में बहुत मदद मिलेगी। मुझे ये देखकर भी बहुत खुशी है कि जीविका निधि की व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल है।”विकसित भारत का बहुत बड़ा आधार है, भारत की सशक्त महिलाएंउन्होंने कहा, “विकसित भारत का बहुत बड़ा आधार है, भारत की सशक्त महिलाएं। महिलाओं को सशक्त करने के लिए बहुत जरूरी है कि उनकी जिंदगी से हर प्रकार की मुश्किलें कम हों। इसलिए, हम माताओं-बहनों-बेटियों की जिंदगी को आसान बनाने के लिए अनेक काम कर रहे हैं। हमने महिलाओं के लिए करोड़ों शौचालय बनवाए, ताकि उन्हें खुले में शौच की मजबूरी से मुक्ति मिले। हमने पीएम आवास योजना के अंतर्गत पक्के घर बनवाए और इसमें ये भी ध्यान रखा कि वो घर हो सके तो महिलाओं के नाम पर हो। महिला जब घर की मालकिन होती है, तो उसकी आवाज का भी वजन बढ़ जाता है।”केंद्र सरकार की योजनाओं का किया जिक्रप्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा, “केंद्र सरकार आज मुफ्त राशन की योजना भी चला रही है। इस योजना ने हर मां को इस चिंता से मुक्ति दिलाई है कि आज घर में बच्चों का पेट कैसे भरेगा। महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए हम उन्हें लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बैंक सखी भी बना रहे हैं। ये सारी योजनाएं माताओं-बहनों की सेवा का एक बहुत बड़ा महायज्ञ हैं। आज इस कार्यक्रम में मैं आपको ये भरोसा देता हूं कि आने वाले महीनों में बिहार की एनडीए सरकार इस अभियान को और तेज करने जा रही है।”हमारी सरकार के लिए मां की गरिमा, उसका सम्मान, उसका स्वाभिमान बहुत बड़ी प्राथमिकताउन्होंने कहा, “कुछ दिनों बाद नवरात्र का पावन पर्व शुरू होने वाला है। पूरे देश में नवदुर्गा की पूजा होगी, यानी मां के नौ रूपों की पूजा होगी, लेकिन बिहार और पुरबिया इलाके में नवदुर्गा के साथ सतबहिनी पूजा की परंपरा भी पीढ़ियों से है। मां के रूप में सात बहनों की पूजा की परंपरा, मां के प्रति श्रद्धा और विश्वास, ये बिहार की पहचान है। हमारी सरकार के लिए मां की गरिमा, उसका सम्मान, उसका स्वाभिमान बहुत बड़ी प्राथमिकता है। मां ही तो हमारा संसार होती है, मां ही हमारा स्वाभिमान होती है।” - नई दिल्ली। देशभर में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 2025 का आयोजन 1 से 7 सितंबर तक किया जा रहा है। इस साल की थीम है ‘ईट राइट फॉर ए बेटर लाइफ’ यानी बेहतर जीवन के लिए सही खानपान अपनाएं। इसका उद्देश्य लोगों को संतुलित आहार, सही खानपान की आदतें अपनाने, कुपोषण रोकने और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करना है।इस बीच डॉ. एम.के. दीक्षित ने कहा कि आजकल बच्चे या तो कमजोर हो रहे हैं या मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं, क्योंकि वे ज्यादातर जंक फूड और बाहर का खाना पसंद करते हैं। उन्होंने बताया कि पारंपरिक भोजन जैसे दाल, चावल, सब्जी और रोटी में लगभग सभी जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं। अगर साथ में मौसमी फल और सलाद भी शामिल किया जाए तो भोजन संतुलित बन जाता है। डॉ. दीक्षित ने कहा कि स्वाद से ज्यादा स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है और घर के बने खाने को रोजाना के भोजन का हिस्सा बनाना चाहिए।वहीं डॉ. अंकित ओम ने बताया कि संतुलित आहार स्वस्थ शरीर और मस्तिष्क के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिशु अवस्था से लेकर किशोरावस्था, गर्भावस्था और वृद्धावस्था तक सभी के लिए पोषण अनिवार्य है। सही आहार लेने से डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। उनका कहना था कि राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक कर संतुलित आहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है।डॉ. मीरा पाठक ने कहा कि इस साल की थीम संतुलित आहार, माइंडफुल ईटिंग, प्रोसेस्ड फूड का कम उपयोग और पोषण शिक्षा को बढ़ावा देती है। उन्होंने पांच सुझाव दिए: नाश्ता न छोड़ें और भोजन का समय नियमित रखें, दिन में तीन बड़े और तीन छोटे भोजन लें, थाली का आधा हिस्सा फल और सब्जियों, 25 प्रतिशत प्रोटीन और 25 प्रतिशत साबुत अनाज से भरें, साथ ही दूध और दही शामिल करें। उन्होंने रिफाइंड फूड, अधिक तेल, नमक और चीनी से बचने की सलाह दी।दिल्ली एम्स के पूर्व रेसिडेंट डॉ. राकेश ने बताया कि इस सप्ताह को हर साल किसी खास थीम के साथ मनाया जाता है ताकि सही खानपान का महत्व समझाया जा सके। बच्चों में कुपोषण रोकने के लिए जन्म के बाद पहले छह महीने केवल मां का दूध देना जरूरी है। बड़े बच्चों और वयस्कों को फल, हरी सब्जियां, दाल, पनीर, सोयाबीन, अंडा और मछली शामिल करनी चाहिए। नमक कम करें, पानी अधिक पीएं और तैलीय भोजन व बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल से परहेज करें।डॉ. निर्माल्य ने कहा कि इस वर्ष की थीम का मतलब पेट भरने पर नहीं, बल्कि सही खानपान पर जोर देने का है। सही खानपान से डायबिटीज, हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी की बीमारियों को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि कम तेल, कम नमक और कम चीनी का उपयोग करना हर व्यक्ति के लिए जरूरी है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने सोमवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 के लिए एक एआई-आधारित मोबाइल ऐप लॉन्च किया। उन्होंने इसे “कनेक्शन, सहयोग और परिणामों का द्वार” बताते हुए कहा कि यह ऐप प्रतिभागियों के लिए अनुभव को और बेहतर बनाएगा। बता दें कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस का 9वां संस्करण 8 से 11 अक्टूबर तक नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा। इस बार इसका थीम-“इनोवेट टू ट्रांसफॉर्म” रखा गया है।यह नया मोबाइल ऐप कई आधुनिक फीचर्स से लैस है। इसमें लाइव स्ट्रीमिंग, एआई-आधारित व्यक्तिगत सुझाव, स्टार्टअप्स और प्रतिभागियों के लिए नेटवर्किंग टूल, और तुरंत सहायता के लिए बिल्ट-इन चैटबॉट शामिल है। साथ ही इसमें छोटे एआई-जनरेटेड वीडियो हाइलाइट्स, लाइव पोल, प्रतियोगिताएं और इंटरएक्टिव फोटो बूथ की सुविधा भी होगी। लॉन्च के दौरान सिंधिया ने कहा, “इंडिया मोबाइल कांग्रेस सिर्फ एक आयोजन नहीं बल्कि संभावनाओं का मंच है। इस ऐप के जरिए हम इन संभावनाओं को वास्तविक परिणामों में बदल रहे हैं।”इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 में 5G/6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर्स, क्लीन टेक्नोलॉजी और स्मार्ट मोबिलिटी से जुड़े 1,000 से अधिक यूज केस प्रदर्शित किए जाएंगे। यह आयोजन दूरसंचार विभाग (DoT) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। प्रतिनिधियों, स्टार्टअप्स, छात्रों, मीडिया और शैक्षणिक संस्थानों के लिए रजिस्ट्रेशन आधिकारिक IMC वेबसाइट पर शुरू हो चुके हैं।
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नयी दिल्ली. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पद से इस्तीफा देने के छह हफ्ते बाद, अपने सरकारी आवास से दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर इलाके में स्थित एक निजी फार्महाउस में चले गए। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि छतरपुर के गदाईपुर इलाके में स्थित यह फार्महाउस इनेलो (इंडियन नेशनल लोकदल) नेता अभय चौटाला का है। अधिकारी ने बताया कि धनखड़ अंतरिम व्यवस्था के तहत इस निजी फार्महाउस में तब तक रहेंगे जब तक उन्हें टाइप-8 का सरकारी आवास आवंटित नहीं कर दिया जाता, जिसके वह पूर्व उपराष्ट्रपति होने के नाते हकदार हैं। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय आवासन एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को अब तक सरकारी बंगले के आवंटन के लिए धनखड़ से कोई औपचारिक अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पी चौटाला के बेटे अभय चौटाला ने पुष्टि की कि पूर्व उपराष्ट्रपति छत्तरपुर में स्थित फार्महाउस में चले गए हैं। चौटाला ने कहा, ‘‘हमारे पुराने पारिवारिक संबंध हैं। वह परिवार के एक सदस्य की तरह हैं। मुझे उन्हें हमारे घर में रहने की पेशकश करने की ज़रूरत नहीं है, यह उनका अपना घर है।'' चौटाला परिवार के साथ पूर्व उपराष्ट्रपति के साथ करीबी संबंधों पर प्रकाश डालते हुए अभय चौतला ने कहा, ‘‘हम नियमित अंतराल पर एक-दूसरे से बात करते रहते हैं और इसी दौरान आवास खाली करने की बात सामने आई।'' चौटाला ने कहा, ‘‘इस पर मैंने उनसे कहा कि जब तक उनका अपना घर तैयार नहीं हो जाता है, तब तक छतरपुरपुर फार्महाउस भी उनका अपना ही घर है और उन्हें कहीं और नहीं जाना चाहिये।'' धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 21 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और तब से वह जनता की नजरों से दूर हैं। वह अब तक संसद भवन के पास उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में रह रहे थे। धनखड़ के करीबी सूत्रों ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं, टेबल टेनिस खेल रहे हैं और योग का अभ्यास कर रहे हैं। उनके उत्तराधिकारी के चयन के लिए नौ सितंबर को चुनाव होना है। उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन का मुकाबला विपक्ष के उम्मीदवार एवं उच्च्तम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच है। उपराष्ट्रपति के रूप में धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 को समाप्त होना था।
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जम्मू/ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को ‘डेटा एनालिटिक्स' और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करके बादल फटने के कारणों का अध्ययन करने तथा हिमनद झीलों के फटने के चलते आने वाली बाढ़ की पूर्व चेतावनी प्रणाली की समीक्षा करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने हाल की आपदाओं में हुई जनहानि पर दुख व्यक्त किया।
केंद्र शासित प्रदेश में 14 अगस्त से लगातार आई आपदाओं से सर्वाधिक प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद राजभवन में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए शाह ने लोगों को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें तुरंत राहत और वित्तीय सहायता प्रदान कर रही। ताजा स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में, शाह ने सभी एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि जम्मू कश्मीर सरकार ने बचाव अभियान तेजी से चलाया। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 80 प्रतिशत से अधिक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है और लोगों को शुद्ध पेयजल भी मिलने लगा है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तथा केंद्र और जम्मू कश्मीर सरकार के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए। शाह ने हाल की घटनाओं में हुई जनहानि पर दुख व्यक्त किया और कहा, ‘‘संकट की इस घड़ी में, पहले दिन से ही, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की है। केंद्र सरकार ने बचाव कार्यों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।'' उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र शासित प्रदेश और सभी एजेंसियों ने मिलकर संभावित नुकसान को काफी कम किया है और समन्वित प्रयासों से हमने कई लोगों की जान सफलतापूर्वक बचाई है।'' उन्होंने सभी प्रारंभिक चेतावनी ऐप (ईडब्ल्यूए), उनकी सटीकता और जमीनी स्तर तक उनकी पहुंच के गहन विश्लेषण की आवश्यकता को रेखांकित किया। शाह ने कहा कि गहन विश्लेषण के माध्यम से प्रणालियों में सुधार ही हताहतों की संख्या शून्य करने की दिशा में आगे बढ़ने का एकमात्र तरीका है। केंद्रीय गृह मंत्री ने ‘ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड' (जीएलओएफ) पूर्व चेतावनी प्रणाली की समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया और कहा कि मौसम विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को बादल फटने की प्रवृत्तियों और बादलों में नमी की मात्रा के बीच संबंधों का संयुक्त रूप से अध्ययन करना चाहिए, कारणों का पता लगाना चाहिए और एक पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय को ‘डेटा एनालिटिक्स' और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का लाभ उठाकर इस दिशा में कदम उठाने चाहिए। शाह ने यह भी कहा कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को अतिरिक्त राशन की व्यवस्था करनी चाहिए और 10 दिनों में कनेक्टिविटी का आकलन करने के बाद राशन वितरण पर निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय की सर्वेक्षण टीमें नुकसान का आकलन करेंगी और सहायता प्रदान की जाएगी।
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के संबंधित विभागों और केंद्रीय गृह सचिव की एक बैठक एक-दो दिन में होगी।'' उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय और केंद्र शासित प्रदेश सरकार की टीमों को नुकसान के आकलन को प्राथमिकता देनी चाहिए। शाह ने कहा कि स्वास्थ्य और जल विभाग को जलापूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जबकि सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और वायुसेना की चिकित्सा इकाइयों को भी सहायता प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के लिए 209 करोड़ रुपये केंद्र के हिस्से के रूप में जम्मू कश्मीर के लिए आवंटित किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अधिकतर सड़कों पर यातायात शुरू हो गया है और जरूरत पड़ने पर राहत सामग्री भी पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर 5,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। एनडीआरएफ की 17 टीमें, सेना की 23 टुकड़ियां, वायुसेना के हेलीकॉप्टर, जम्मू कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवान अभियान में लगे हुए हैं। -
नयी दिल्ली. भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी संजय सिंघल ने सोमवार को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के नये महानिदेशक (डीजी) के रूप में कार्यभार संभाला। एसएसबी नेपाल और भूटान के साथ लगती भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा की चौकसी करता है।
एसएसबी के प्रवक्ता ने बताया कि 57-वर्षीय सिंघल ने यहां आर के पुरम में बल के मुख्यालय में अपना कार्यभार संभाला। उन्हें जवानों द्वारा औपचारिक सलामी गारद दी गई। एसएसबी में करीब 80,000 कर्मी हैं। एसएसबी के इस शीर्ष पद पर यह रिक्ति 31 अगस्त को पूर्व महानिदेशक ए एम प्रसाद की सेवानिवृत्ति के बाद उत्पन्न हुई थी। केंद्र सरकार ने 29 जुलाई को एक आदेश जारी कर सिंघल को नया एसएसबी प्रमुख नियुक्त किया था। एसएसबी गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है तथा उसे मुख्यत: नेपाल (1751 किलोमीटर) तथा भूटान (699किलोमीटर) से लगती बिना बाड़ की अंतरराष्ट्रीय सीमा की रखवाली करना होता है। उसे देश की अंदरूनी सुरक्षा के सिलसिल में भी विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं। उत्तर प्रदेश कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी सिंघल केंद्र में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में सेवा देने के अलावा, अपने गृह राज्य में विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके हैं। वह पिछली बार यहां बीएसएफ मुख्यालय में विशेष महानिदेशक के पद पर तैनात थे। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक (बीई) सिंघल को 2009 में पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया था। वह दिसंबर 2028 में सेवानिवृत्त होंगे। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन के फोटो सेशन में विश्व नेताओं के साथ हिस्सा लिया, जो क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन से पहले एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक क्षण रहा। इस तस्वीर में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य सदस्य देशों के नेता शामिल थे।
पीएम मोदी ने फोटो सेशन से जुड़ी तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, “तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन में।”एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी इस साल चीन कर रहा है। इस समूह में 8 सदस्य देश शामिल हैं। इसका फोकस यूरेशियाई क्षेत्र में राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग पर केंद्रित है। यह पहला मौका है, जब प्रधानमंत्री मोदी सात साल बाद चीन पहुंचे हैं, जो भारत और चीन के बीच 2020 के सीमा विवाद के बाद जटिल द्विपक्षीय संबंधों के बीच विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति शी और पुतिन के साथ बातचीत करते नजर आए, जो सक्रिय कूटनीति की वापसी का संकेत देता है। खासकर, पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच गर्मजोशी भरी मुलाकात ध्यान आकर्षित करने वाली थी, जिसमें दोनों ने गले लगकर और हाथ पकड़कर आपसी मित्रता का प्रदर्शन किया।प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “राष्ट्रपति पुतिन से मिलना हमेशा खुशी की बात है।” राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी फंग लियुआन ने रविवार को तियानजिन में एक भोज का आयोजन किया, जिसमें शिखर सम्मेलन के 25वें संस्करण से पहले अंतरराष्ट्रीय मेहमानों का स्वागत किया गया।इससे पहले कल रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने दस महीने बाद पहली बार चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने संबंधों को स्थिर करने और विशेष रूप से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के आसपास के लंबित मुद्दों को हल करने की प्रतिबद्धता जताई।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संबंध ‘सार्थक दिशा’ में आगे बढ़ रहे हैं और ‘विसंघर्ष’ के बाद सीमाओं पर शांति का माहौल है।”चीनी सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उम्मीद जताई कि तियानजिन में हुई यह बैठक ‘द्विपक्षीय संबंधों को और ऊंचाई पर ले जाएगी’ और ‘इनके सतत, स्वस्थ और स्थिर विकास’ को बढ़ावा देगी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के समापन के बाद द्विपक्षीय बैठक के लिए एक ही कार में सवार होकर मीटिंग में पहुंचे। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर शेयर कर इस मुलाकात की जानकारी दी।
पीएम मोदी ने फोटो की शेयरपीएम मोदी ने फोटो शेयर करते हुए लिखा, “एससीओ शिखर सम्मेलन के बाद मैं और राष्ट्रपति पुतिन साथ में द्विपक्षीय बैठक के स्थान पर गए। उनके साथ बातचीत हमेशा ज्ञानवर्धक होती है।”यह मुलाकात दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंधों को दर्शाती है।इससे पहले पीएम मोदी, चीनी और रूसी राष्ट्रपति की तस्वीरें आईं थी सामनेइससे पहले दिन में, पीएम मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और राष्ट्रपति पुतिन के बीच अनौपचारिक बातचीत की तस्वीरें सामने आईं, जो एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान तीनों नेताओं के बीच हल्के-फुल्के पल को दर्शाती हैं।इन तस्वीरों में तीनों नेता मुस्कुराते और बातचीत करते नजर आएइन तस्वीरों में तीनों नेता मुस्कुराते और बातचीत करते नजर आए, जो रूस के कजान में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की एक समान तस्वीर की याद दिलाती हैं।ताजा तस्वीर में पुतिन बायीं ओर, बीच में प्रधानमंत्री मोदी और दायीं ओर शी जिनपिंग एक साथ चलते हुए एससीओ फैमिली फोटो के लिए पोज देते दिखे।तस्वीर को साझा करते हुए पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा…इस तस्वीर को साझा करते हुए पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “तियानजिन में मुलाकातें जारी। एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया।”प्रधानमंत्री ने एक अन्य तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह और राष्ट्रपति पुतिन एक-दूसरे से हाथ मिलाते और गले मिलते नजर आए। इस तस्वीर के साथ पीएम मोदी ने लिखा, “राष्ट्रपति पुतिन से मिलना हमेशा खुशी की बात है।”इसके अलावा, सोमवार को पीएम मोदी और पुतिन को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के पास से गुजरते हुए देखा गया, जो उस समय अकेले खड़े थे। दोनों नेता अनौपचारिक बातचीत में मशगूल थे, जबकि शरीफ उदास दिख रहे थे। यह क्षण तब हुआ, जब एससीओ सदस्य देशों के नेता तियानजिन में फोटो सेशन के लिए इकट्ठा हुए थे। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने रविवार को कहा कि पूर्वोत्तर और देश के अन्य क्षेत्रों के आदिवासियों को प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के दायरे से बाहर रखा जाएगा ताकि वे अपनी व्यवस्था के अनुसार ‘‘मुक्त रूप से'' जीवन जी सकें। आरएसएस से संबद्ध वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा यहां आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि कुछ लोग इन दिनों सोशल मीडिया पर एक विचित्र माहौल बना रहे हैं और केंद्र के खिलाफ एक विमर्श गढ़ रहे हैं। मंत्री ने कहा, "केंद्रीय मंत्री होने के नाते मैं अपनी सरकार का रुख साझा करना चाहता हूं। हमारी सरकार और पार्टी (भाजपा) संविधान के अनुसार देश में समान नागरिक संहिता (लाने) के बारे में सोच रही है। जब फौजदारी कानून सभी के लिए समान है, तो नागरिक कानून भी (सभी के लिए समान) क्यों नहीं होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों ने इस संबंध में काम शुरू कर दिया है। मंत्री ने कहा, "लेकिन हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि आदिवासियों को इससे छूट दी जाएगी। आदिवासियों को अपने तरीके से जीने की आज़ादी दी जाए। यह (समान नागरिक संहिता) अनुसूची 6, अनुसूची 5, पूर्वोत्तर और देश के अन्य आदिवासी इलाकों में लागू नहीं होगी।" यूसीसी के मुद्दे पर वर्तमान में विधि आयोग द्वारा विचार किया जा रहा है। उत्तराखंड ने राज्य में यूसीसी लागू कर दिया है। भगवान बिरसा मुंडा भवन में जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर रीजीजू ने कांग्रेस पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए कहा कि एक समय था जब "दिल्ली में अधिवक्ताओं के लिए कोई बड़ा संस्थान या स्थान नहीं था।" उन्होंने कहा कि उस समय केंद्र की मंत्रिपरिषद में आदिवासी समुदायों के निर्वाचित सांसदों का प्रतिनिधित्व भी अपर्याप्त था। रीजीजू ने उपस्थित लोगों से कहा, "अविभाजित मध्यप्रदेश के एक बहुत वरिष्ठ नेता अरविंद नेताम उस समय राज्य मंत्री थे। जब मैंने उनसे मुलाकात की और पूछा कि अनुसूचित जनजातियों के और कितने नेता केंद्र सरकार में वरिष्ठ मंत्री या राज्य मंत्री हैं, तो उन्होंने कहा कि केवल एक या दो।" रीजीजू ने कहा, "उन्होंने (नेताम) मुझे बताया कि वे कई बार संसदीय चुनाव जीते, लेकिन उन्हें सिर्फ़ राज्य मंत्री बनाया गया। वे अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे थे।" केंद्रीय मंत्री ने देश में आदिवासियों के कल्याण और उत्थान के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किए गए कार्यों की सराहना की।
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मुंबई. लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक 'रामायण' के निर्देशक रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर का रविवार सुबह निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे और वृद्धावस्था से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से पीड़ित थे। उनके छोटे भाई मोती सागर ने यह जानकारी दी। मोती सागर ने कहा, ‘‘वह काफी समय से बीमार थे। उन्हें लगभग तीन हफ़्ते तक ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कल (शनिवार) उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई क्योंकि उनके खून में संक्रमण फैल गया था। चिकित्सकों ने उन्हें घर वापस ले जाने की सलाह दी थी। सुबह करीब 10 बजे उनका निधन हो गया।'' एफटीआईआई (फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया) से स्नातक प्रेम सागर ने 'चरस' और 'ललकार' जैसी फिल्मों में छायाकार के रूप में काम किया। प्रेम सागर ने “अलिफ लैला” और “विक्रम और बेताल” जैसे लोकप्रिय टेलीविजन शो का निर्माण और निर्देशन किया था। उन्होंने 'निश्चय', 'एक लड़का एक लड़की', 'जवानी जिंदाबाद', 'सागर संगम' और 'नमक हलाल' जैसी कुछ फिल्मों में अभिनय भी किया। टेलीविजन धारावाहिक 'रामायण' में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले अभिनेता एवं सांसद अरुण गोविल ने प्रेम सागर के निधन पर शोक व्यक्त किया। अरुण गोविल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘स्वर्गीय श्री रामानंद सागर जी के पुत्र श्री प्रेम सागर जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ओम शांति।'' प्रेम सागर का अंतिम संस्कार अपराह्न करीब तीन बजे उपनगरीय जुहू स्थित पवन हंस श्मशान घाट पर किया गया। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है।
- नयी दिल्ली. एथर एनर्जी लिमिटेड ने कहा कि भारत में वित्त वर्ष 2030-31 तक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत तक हो सकती है। कंपनी ने बताया कि इस समय तक कुल दोपहिया वाहन उद्योग आठ प्रतिशत की दर से बढ़ते हुए सालाना 3-3.1 करोड़ इकाइयों तक पहुंच सकता है। कंपनी ने 2024-25 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि यह वृद्धि इलेक्ट्रिक वाहनों की पेशकश में बढ़ोतरी, मजबूत सरकारी समर्थन, बुनियादी ढांचे के तेज विकास, बैटरी की कम कीमतों और उपभोक्ताओं की पसंद में तेजी से बदलाव से प्रेरित होगी। एथर एनर्जी ने कहा कि तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन बाजार, पुरानी कंपनियों द्वारा अपने इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो में वृद्धि और नयी कंपनियों के आने से यह क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में स्थापित ब्रांडों के प्रवेश से महत्वपूर्ण गति मिलने की उम्मीद है।
- मुजफ्फरनगर (उप्र). शामली के झिंझाना थाना इलाके में भूसा खरीदने गए एक व्यापारी की कथित तौर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक गांव केरटू में कथित तौर पर अज्ञात कारणों से कुछ लोगों ने भूसा व्यापारी अंकुश कुमार (27) की पीट-पीटकर हत्या कर दी। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संतोष कुमार सिंह ने मृतक के परिवार की शिकायत के हवाले से संवाददाताओं को बताया कि अंकुश कुमार मुजफ्फरनगर जिले के अपने गांव नगला से मोटरसाइकिल पर गांव केरटू भूसा खरीदने गया था।उन्होंने बताया कि उनका शव गांव के पास मेरठ-करनाल राजमार्ग पर एक ढाबे के बाहर मिला। परिजनों ने अंकुश की पीट-पीटकर हत्या का आरोप लगाया है। एएसपी ने बताया कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि सभी आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। एएसपी ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।
- हमीरपुर (उप्र). हमीरपुर जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सड़क हादसों में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, हमीरपुर-राठ बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर आमने-सामने दो मोटरसाइकिलों की टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। उसने बताया कि यह दुर्घटना शनिवार रात इटालया बाजा के पास हुई और हादसे में मोटरसाइकिल सवार जिले के बिलगांव निवासी रवि निषाद (30), हरदुआ निवासी सनी (20) मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि उनके साथ सवार भगत सिंह (22) और अभय (12) गंभीर रूप से घायल हो गए।चिकसी थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि घायलों को राठ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, दूसरी घटना मौदहा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर हुई, जहां एक अज्ञात वाहन की टक्कर से मोटरसाकिल सवार युवक की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात कुरारा निवासी उपेंद्र (35) मोटरसाइकिल से अपनी ससुराल मकराव जा रहा था तभी रास्ते में बहेरेला मोड़ के पास किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। मौके पर पहुंची मौदहा पुलिस ने उपेंद्र को तत्काल एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौदहा थाना प्रभारी निरीक्षक उमेश सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है।
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पटना । पटना के परसा बाजार इलाके में शनिवार को पांच साल का एक बच्चा पिस्तौल से खेलते समय गोली लगने से घायल हो गया। यह जानकारी पुलिस ने दी। सदर के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ-द्वितीय) रंजन कुमार ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘शनिवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि शिवनगर इलाके में पांच वर्षीय एक बच्चे को एक रिश्तेदार की पिस्तौल से खेलते समय गोली लग गई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, बच्चे के पिता बच्चे को नजदीकी अस्पताल ले जा चुके थे। उसकी मां ने पुलिस को बताया कि यह घटना तब हुई जब बच्चा अपने रिश्तेदार की भरी हुई पिस्तौल से खेल रहा था। गोली उसके जबड़े में लगी।'' उन्होंने बताया कि बच्चे की हालत खतरे से बाहर बतायी गई है।एसडीपीओ ने कहा, ‘‘आगे की जांच की जा रही है और हम पिस्तौल बरामद करने की कोशिश कर रहे हैं।''उन्होंने कहा कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। file photo
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रामपुर (उप्र)। अमेरिका के भारत से आयातित सामानों पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क के कारण मेंथा तेल उद्योग एक बड़े संकट का सामना कर रहा है। निर्यातकों ने कहा कि इस शुल्क के कारण उद्योग पर निर्भर हजारों किसानों और श्रमिकों की आजीविका पर भी खतरा मंडरा रहा है। मेंथा तेल एक सुगंधित यौगिक है जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाने के लिए कच्चे माल के रूप में किया जाता है। एक प्रमुख निर्यातक अमृत कपूर ने बताया कि कई ऑर्डर रोक दिए गए हैं या रद्द कर दिए गए हैं। उन्होंने लागत पर पड़ने वाले सीधे असर के बारे में कहा, ''हमारा एक उत्पाद जिसकी कीमत 20 डॉलर है, 50 प्रतिशत शुल्क के कारण रातों रात 30 डॉलर का हो गया। वहां के खरीदार यह नहीं समझ पा रहे हैं कि भारत से 30 डॉलर का उत्पाद कैसे खरीदा जाए। इसलिए, ऑर्डर रुके हुए हैं। कारखाने में माल बन रहा है, और हमें नहीं पता कि यह कब बाहर जाएगा।'' कपूर ने किसानों और श्रमिकों पर पड़ने वाले व्यापक प्रभावों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ''10 लाख से ज्यादा किसान भाई इस उद्योग से जुड़े हैं। उन्हें पर्याप्त पैसा नहीं मिल पाएगा, और मुझे लगता है कि उन्हें अपनी लागत भी वापस नहीं मिलेगी।'' उन्होंने रोजगार के बारे में भी चिंता जताते हुए कहा, ''अगर अमेरिका का यह व्यवहार जारी रहता है और हमारा उत्पादन कम होता है, तो हो सकता है कि आने वाले समय में हमें कारखानों में श्रमिकों की संख्या कम करनी पड़े।'' भारतीय उद्योग महासंघ की रामपुर इकाई के अध्यक्ष शिरीष गुप्ता ने इस शुल्क को दबाव बनाने की रणनीति बताया और सरकार की प्रतिक्रिया पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ''सरकार को उन उद्योगों के लिए योजनाएं बनानी चाहिए जो शुल्क के कारण खतरे में हैं, ताकि वे बंद न हों और लोगों की आजीविका पर संकट न आए।'' उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि यह एक अस्थायी चरण है और जल्द ही एक सकारात्मक परिणाम सामने आएगा।
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नोएडा। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को ड्रोन को आधुनिक युद्ध रणनीति के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें युद्ध नीति में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, ‘‘आमतौर पर जब हम 'एयरक्राफ्ट' शब्द सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में तेजस, राफेल और लड़ाकू विमानों की तस्वीरें आती हैं। यह स्वाभाविक भी है, क्योंकि ये सभी लड़ाकू विमान हैं। हालांकि, आज के बदलते समय में, ड्रोन इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभरे हैं। ड्रोन अब उन क्षेत्रों में भी तैनात किए जा रहे हैं, जहां बड़े उपकरण नहीं पहुंच सकते।'' सिंह ने कहा, ‘‘यदि आप रूस-यूक्रेन संघर्ष को करीब से देखें, तो आप पाएंगे कि ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है - पहले भी, अब भी और लगातार भी। इससे साबित होता है कि ड्रोन के महत्व को समझना और उन्हें हमारी युद्ध नीति में शामिल करना बेहद जरूरी हो गया है।'' वह नोएडा में राफे एमफाइबर प्राइवेट लिमिटेड के रक्षा उपकरण और इंजन परीक्षण केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित थे। सिंह ने निजी इकाई का उद्घाटन करने के बाद कहा, "आज यहां आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण की एक सशक्त झलक देखने को मिली।" ड्रोन के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए सिंह ने कहा कि शुरुआती दिनों में इनका इस्तेमाल केवल निगरानी और टोह लेने के लिए किया जाता था। उन्होंने कहा, "बाद में, कुछ देशों ने लड़ाकू ड्रोन विकसित करना शुरू किया और कई देशों ने सीमा संघर्षों में इनका इस्तेमाल शुरू कर दिया।'' सिंह ने कहा, ‘‘जिन देशों ने ड्रोन तकनीक में निवेश किया है, उन्होंने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय बढ़त हासिल की है, जबकि कई अन्य पीछे छूट गए हैं। अपने छह से साढ़े छह साल के अनुभव (रक्षा मंत्री के रूप में) से, मैं कह सकता हूं कि आज के रक्षा क्षेत्र की वास्तविकता विमान तकनीक और ड्रोन पर टिकी है।'' रक्षामंत्री सिंह ने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि भारत इस क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘पहले हमें ड्रोन आयात करने पड़ते थे, लेकिन आज हम उन्हें घरेलू स्तर पर डिजाइन, विकसित और निर्मित कर रहे हैं।'' सिंह ने कहा, ‘‘देश के कई उद्यमी इस प्रगति में योगदान दे रहे हैं और उनके प्रयासों की जितनी प्रशंसा की जाए कम है।''
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नयी दिल्ली। देश के शहरी क्षेत्रों में किफायती घरों की कमी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में किफायती मकानों की मांग तो बढ़ रही है, लेकिन उन्हें बनाने की रफ्तार बहुत धीमी हो गई है, जिससे इस क्षेत्र में एक बड़ा असंतुलन पैदा हो गया है। रियल एस्टेट की परामर्शदाता कंपनी नाइट फ्रैंक इंडिया और नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) की एक रिपोर्ट में बताया गया कि देश के आठ बड़े शहरों (मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, कोलकाता और अहमदाबाद) में हालात चिंताजनक हैं। पहले 2019 में जहां हर एक घर की मांग पर एक से ज्यादा घर बन रहे थे, वहीं 2025 की पहली छमाही (जून तक) में यह आंकड़ा गिरकर 0.36 रह गया है। इसका मतलब है कि मांग के मुकाबले सिर्फ एक-तिहाई घर ही बन रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि देश में शहरी किफायती घरों की वर्तमान कमी 94 लाख इकाई है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण 2030 तक यह कमी बढ़कर तीन करोड़ इकाई तक पहुंच सकती है। नारेडको के अध्यक्ष जी हरि बाबू ने कहा कि नाइट फ्रैंक और नारेडको की रिपोर्ट से भारत में सस्ते मकानों की कमी की समस्या एक बार फिर सामने आई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश में 94 लाख मकानों की कमी है, जो 2030 तक बढ़कर तीन करोड़ हो सकती है। हरि बाबू ने कहा कि यह चिंता की बात है कि किफायती मकानों की मांग तो बढ़ रही है, लेकिन उनकी संख्या घट रही है। इसके अलावा निजी कंपनियों का निवेश भी बहुत कम है, जिससे यह समस्या और बढ़ रही है। नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन शिशिर बैजल ने कहा, "किफायती मकान सिर्फ एक सामाजिक जरूरत नहीं है, बल्कि एक आर्थिक आवश्यकता भी है। मांग के पक्ष में सरकारी समर्थन सराहनीय रहा है, लेकिन अब आपूर्ति की बाधाओं को दूर करना बेहद जरूरी है।"
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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 26 अगस्त को माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्खलन हादसे की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय तीन-सदस्यीय जांच समिति के गठन का आदेश दिया है। इस भयानक घटना ने तीर्थयात्रियों और स्थानीय प्रशासन को झकझोर दिया और अब इसकी तह तक जाने के लिए यह समिति बनाई गई है।
यह कमेटी जल शक्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव शलीन काबरा की अध्यक्षता में गठित की गई है। इसके दो अन्य सदस्य जम्मू संभाग के मंडलीय आयुक्त और जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक होंगे। राजभवन, श्रीनगर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह समिति तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम करेगी।घटना के कारणों की विस्तृत जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि कहीं कोई लापरवाही या चूक तो नहीं हुई।घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे यह समझा जा सके कि मौके पर क्या-क्या कदम उठाए गए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित मानक संचालन प्रक्रियाएं और सुरक्षा उपाय सुझाए जाएंगे। यह समिति दो हफ्तों के भीतर अपनी रिपोर्ट माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष, जो कि उपराज्यपाल स्वयं हैं, को सौंपेगी।विशेष सचिव कृष्ण लाल द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से उठाया गया है।गौरतलब है कि 26 अगस्त को जिला रियासी में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग के एक हिस्से पर अचानक भूस्खलन हुआ था, जिसमें कई लोग घायल हो गए और यात्रा भी कुछ समय के लिए बाधित रही।बता दें कि यह घटना उस समय हुई जब श्रद्धालुओं का एक समूह वैष्णो देवी भवन की ओर बढ़ रहा था। हादसे के तुरंत बाद बचाव दल, एनडीआरएफ, श्राइन बोर्ड के कर्मचारी और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया था।


























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