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- नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को निर्यातकों को अमेरिकी शुल्क के प्रभाव से बचाने के लिए संभावित सहायता उपायों पर चर्चा करने हेतु एक अंतर-मंत्रालयी बैठक की अध्यक्षता की। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में वित्त, वाणिज्य, कपड़ा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), रसायन और मत्स्य पालन मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह चर्चा ट्रंप प्रशासन द्वारा 27 अगस्त से अमेरिकी बाजार में भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत का भारी शुल्क लगाए जाने के मद्देनजर हुई है।निर्यातकों के अनुसार, श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे झींगा, रसायन, वस्त्र, चमड़ा और जूते तथा रत्न और आभूषण पर इस शुल्क का प्रभाव पड़ेगा क्योंकि इन क्षेत्रों की वस्तुएं अमेरिकी बाजार में कम प्रतिस्पर्धी हो जाएंगी। इसका कारण यह है कि बांग्लादेश, वियतनाम और थाईलैंड जैसे प्रतिस्पर्धी देशों पर अपेक्षाकृत कम शुल्क लगाया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों से प्रतिक्रिया मांगी और निर्यातकों के लिए विचार किए जा सकने वाले समर्थन उपायों पर चर्चा की।
- नयी दिल्ली. अमेरिका के 50 प्रतिशत शुल्क के प्रभावी होने के बाद अगले छह महीने में भारत के कपड़ा निर्यात का करीब एक-चौथाई हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिका देश के परिधान उद्योग के लिए सबसे बड़ा निर्यात बाजार है और अब निर्यातक ऑर्डर रद्द होने की समस्या से जूझ रहे हैं। कपास के शुल्क मुक्त आयात को तीन महीने के लिए बढ़ाकर 31 दिसंबर तक करने से हालांकि घरेलू कपड़ा उद्योग को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इस कदम से सरकार का प्रयास अपनी निर्यात रणनीति को पुनः तैयार करके और भारत के मौजूदा मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का लाभ उठाकर अमेरिका के अलावा अन्य वैकल्पिक गंतव्यों की तलाश करके उच्च शुल्क के प्रभाव को कम करना है। भारतीय वस्त्र उद्योग परिसंघ (सीआईटीआई) की महासचिव चंद्रिमा चटर्जी ने कहा, ‘‘ अगर मैं कुछ हद तक व्यापार प्रणाली में बदलाव होने की बात को ध्यान में रखूं तो अगले छह महीने में कम से कम 20-25 प्रतिशत की गिरावट की आशंका हैं। ऐसा किए जाने पर निर्यात में 28 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है जिसमें सबसे अधिक प्रभावित होने वालों में परिधान एवं सिले हुए उत्पाद शामिल हैं।''सरकार ने कपास के शुल्क मुक्त आयात की अवधि बृहस्पतिवार को तीन महीने के लिए बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दी। इस कदम का मकसद अमेरिका के 50 प्रतिशत उच्च शुल्क का सामना कर रहे कपड़ा निर्यातकों को समर्थन प्रदान करना है। इससे पहले 18 अगस्त को वित्त मंत्रालय ने 19 अगस्त से 30 सितंबर तक कपास आयात पर शुल्क छूट की अनुमति दी थी। चटर्जी ने कहा, ‘‘ हम बहुत राहत महसूस कर रहे हैं क्योंकि पहले दी गई छूट से कपास के लिए दिए जाने वाले नए ऑर्डर पर कोई लाभ नहीं मिल रहा था क्योंकि इसे भेजने में कम से कम 45-50 दिन लगते हैं। इसलिए अब अपेक्षाकृत लंबी छूट से नए ऑर्डर पर लाभ होगा।'' दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) के चेयरमैन सुधीर सेखरी ने कहा कि भारतीय आयात पर अमेरिका के 50 प्रतिशत शुल्क की घोषणा देश के कपड़ा एवं परिधान उद्योग के लिए चिंता का गंभीर विषय है।सेखरी ने कहा, ‘‘ अमेरिका सबसे बड़े निर्यात गंतव्यों में से एक है। इस तरह के उच्च शुल्क से अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा जिससे निर्यातकों एवं उपभोक्ताओं दोनों को नुकसान होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘ हमारा उद्योग पहले से ही शुल्क वृद्धि के प्रभावों का सामना कर रहा है जिसमें संभावित नुकसान और ऑर्डर रद्द होने की आशंका है। हम अमेरिकी शुल्क के प्रभाव को कम करने के लिए वैकल्पिक बाजारों और रणनीतियों की तलाश कर रहे हैं। हम कपड़ा मंत्रालय और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के साथ भी सक्रिय रूप से चर्चा कर रहे हैं। दोनों मंत्रालयों के मंत्रियों के साथ बैठकों में हमें हर संभव समर्थन का आश्वासन दिया गया है।'' वित्त वर्ष 2024-25 में कपड़ा एवं और परिधान क्षेत्र का कुल आकार 179 अरब अमेरिकी डॉलर रहा था। इसमें 142 अरब डॉलर का घरेलू बाजार और 37 अरब डॉलर का निर्यात शामिल है।
- नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निर्यातकों के एक प्रतिनिधिमंडल को बृहस्पतिवार को आश्वासन दिया कि अमेरिकी शुल्क के कारण उत्पन्न इस चुनौतीपूर्ण समय में सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। फियो ने एक बयान में यह जानकारी दी। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) के अध्यक्ष एस. सी. रल्हन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल को यह आश्वासन दिया गया। मंत्री ने साथ ही कहा कि सरकार उच्च अमेरिकी शुल्क के कारण उत्पन्न समस्याओं से निपटने में हर संभव प्रयास कर रही है। प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी शुल्क में वृद्धि से भारतीय निर्यातकों के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों से उन्हें अवगत कराया। रल्हन ने बातचीत के दौरान निर्यातक समुदाय की तात्कालिक चिंताओं, विशेष रूप से बाजार पहुंच, प्रतिस्पर्धी क्षमता और रोजगार सृजन पर उच्च शुल्क के प्रतिकूल प्रभावों का उल्लेख किया।उन्होंने देश की वृद्धि और रोजगार सृजन के प्रमुख चालक रहे निर्यातकों पर दबाव कम करने के लिए त्वरित एवं सुनियोजित नीतिगत उपायों की आवश्यकता बतायी। फियो ने कहा, ‘‘ वित्त मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सरकार इस समय भारतीय निर्यातकों के साथ मजबूती से खड़ी है। साथ ही सरकार निर्यातक समुदाय की सभी चिंताओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी।'' बयान के अनुसार, मंत्री ने श्रमिकों की आजीविका की सुरक्षा के महत्व का भी उल्लेख किया और उद्योग जगत से वैश्विक चुनौतियों के बावजूद कर्मचारियों को नौकरी की निरंतरता का आश्वासन देने का आह्वान किया। इसमें कहा गया, ‘‘ उन्होंने कहा कि सरकार वृद्धि की गति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारत की स्थिरता बनाए रखने के लिए निर्यातकों को व्यापक समर्थन प्रदान करेगी।'' भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका का 50 प्रतिशत शुल्क बुधवार से प्रभावी हो गया। इससे झींगा, परिधान, हीरे, चमड़ा एवं जूते चप्पल तथा रत्न व आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में निर्यात पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री जन-धन योजना के 11 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस योजना ने लोगों को अपना भाग्य खुद लिखने की शक्ति दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब अंतिम पर खड़ा व्यक्ति वित्तीय रूप से जुड़ जाता है तो पूरा देश एक साथ आगे बढ़ता है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री जन-धन योजना आज ही के दिन शुरू की गई थी। यह एक राष्ट्रीय मिशन है जिसमें देश के सभी परिवारों के व्यापक वित्तीय समावेशन के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण शामिल है। इस योजना में प्रत्येक परिवार के लिए कम से कम एक बुनियादी बैंकिंग खाता, वित्तीय साक्षरता, ऋण, बीमा और पेंशन सुविधा तक पहुंच के साथ बैंकिंग सुविधाओं तक सार्वभौमिक पहुंच की परिकल्पना की गई है। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जब अंतिम व्यक्ति वित्तीय रूप से जुड़ा होता है, तो पूरा देश एक साथ आगे बढ़ता है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना से यही हासिल हुआ।इसने सम्मान बढ़ाया और लोगों को अपना भाग्य खुद लिखने की शक्ति दी।'' प्रधानमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में ‘माइगोव' द्वारा किया गया एक पोस्ट साझा किया जिसमें बताया गया कि कैसे प्रधानमंत्री जन-धन योजना ने पूरे भारत में जीवन बदल दिया। इस पोस्ट में कहा गया, ‘‘गणित के सूत्र नहीं, बल्कि भारत के विकास के सूत्र। भारत की वित्तीय क्रांति एक विचार से प्रेरित है: नवाचार के माध्यम से समावेशन। अंतिम छोर तक बैंकिंग से लेकर महिला-नेतृत्व वाले सशक्तीकरण तक, पारदर्शी डीबीटी हस्तांतरण से लेकर शासन में विश्वास तक, प्रधानमंत्री जन-धन योजना ने भारत में बैंकिंग, बचत और विकास के तरीके को बदल दिया है।'' ‘माइगोव' के एक अन्य पोस्ट में कहा गया, ‘‘11 साल पहले, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत से वादा किया था कि कोई भी गरीब परिवार बैंकिंग की दुनिया से बाहर नहीं रहेगा। जन-धन कभी भी केवल खातों के बारे में नहीं था, यह एक माँ के लिए सम्मान के साथ बचत करने, एक किसान को बिचौलियों के बिना सहायता प्राप्त करने और एक ग्रामीण को राष्ट्र के विकास का हिस्सा महसूस करने के लिए दरवाजे खोलने के बारे में था।'' इसमें कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण ने वित्तीय समावेशन को वास्तविकता में बदल दिया, जिससे हर घर में आशा और हर जीवन में आत्मविश्वास आया।'
- नई दिल्ली। हरियाणा सरकार ने महिलाओं के लिए एक बड़ा एलान किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज गुरुवार को कैबिनेट बैठक के बाद घोषणा की कि राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने 2100 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस योजना का नाम ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ रखा गया है और इसकी शुरुआत 25 सितंबर 2025 को दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर होगी। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।मुख्यमंत्री सैनी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि योजना के पहले चरण में उन परिवारों की महिलाएं शामिल होंगी जिनकी सालाना आय 1 लाख रुपए से कम है। बाद में धीरे-धीरे अन्य परिवारों की महिलाओं को भी इसमें जोड़ा जाएगा। योजना का लाभ उन महिलाओं को मिलेगा जिनकी उम्र 23 साल या उससे अधिक है। इसमें विवाहित और अविवाहित दोनों शामिल होंगी, लेकिन शर्त यह है कि महिला पिछले 15 साल से हरियाणा की स्थायी निवासी हो।सरकार ने स्पष्ट किया है कि परिवार में पात्र महिलाओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी। अगर एक परिवार में तीन महिलाएं पात्र हैं, तो तीनों को यह लाभ मिलेगा। लेकिन यदि किसी महिला को पहले से किसी अन्य सरकारी योजना के तहत 2100 रुपए से ज्यादा की राशि मिल रही है, तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा, स्टेज-3 और स्टेज-4 कैंसर पीड़ित महिलाओं और 54 दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित महिलाओं को अगर पहले से पेंशन मिल रही है, तो उन्हें इस योजना का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। राज्य सरकार का अनुमान है कि पहले चरण में लगभग 19 से 20 लाख महिलाएं इस योजना से लाभान्वित होंगी। अगले सात दिनों में योजना का गजट नोटिफिकेशन जारी होगा और इसके लिए एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा।-
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नैनीताल. उत्तराखंड के नैनीताल में डेढ़ सौ साल से ज्यादा पुराने 'ओल्ड लंदन हाउस' में भीषण आग लगने के कारण झुलसकर एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। घटना में जान गंवाने वाली महिला प्रसिद्ध इतिहासकार और पर्यावरणविद डॉ. अजय रावत की बहन थीं।
पुलिस ने यहां बताया कि मल्लीताल क्षेत्र में मोहनको चौराहे पर स्थित इस इमारत में बुधवार रात आग लग गयी जिस पर अग्निशमन सेवा, पुलिस, वायुसेना फायर टेंडर एवं अन्य बचाव दलों की मदद से कई घंटे बाद रात करीब दो बजे काबू पाया जा सका। घनी आबादी वाले क्षेत्र में लगी आग पर नियंत्रण करने के लिए बचाव एवं राहत अभियान में विभिन्न एजेंसियों के 40 से अधिक कर्मी जुटे रहे। घटना की सूचना मिलते ही कुमांउ की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल और नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद नारायण मीणा भी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान की निगरानी की। डॉ. रावत ने बताया कि उनकी बहन शांता बिष्ट की आग में झुलसकर मृत्यु हो गयी है। वह 82 वर्ष की थीं।
इमारत के पास ही अपनी मोबाइल फोन की दुकान के मालिक विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि उन्होंने रात करीब 10 बजे धुआं निकलते देखा जिसके तुरंत बाद आग की लपटें दिखाई देने लगीं। उन्होंने तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद दमकल का एक वाहन मौके पर पहुंचा और आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, उसके टैंक का पानी जल्द ही खत्म हो गया जिसके बाद उसे दोबारा पानी भरने के लिए वापस भेजना पड़ा। घटना के बाद अफरातफरी मच गयी और लोग इधर-उधर भागते दिखाई दिए। बाद में, भवाली, भीमताल, रामनगर, हल्द्वानी समेत कई जगहों से दमकल वाहन मंगाए गए जिन्होंने आग बुझाने में मदद की। एक स्थानीय निवासी सिद्धार्थ शाह ने कहा कि आग की लपटें इतनी उंची थीं कि उसमें अंदर जाना असंभव था। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने आग को बुझाने का भरसक प्रयास किया लेकिन वह काबू में नहीं आ रही थी। उपजिलाधिकारी नवाजिश खालिक ने कहा कि अग्निशमन विभाग और जल संस्थान की टीमों के साथ शहर के सभी ‘हाइड्रेंटस' यानी आग बुझाने के लिए पानी की आपूर्ति करने वाले स्रोतों का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए विभाग की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। आग के कारणों का फिलहाल पता नहीं चला है।
आग में जलकर इमारत पूरी तरह से नष्ट हो गयी। 'ओल्ड लंदन हाउस' को 1863 में बनाया गया था, जब नैनीताल को यूनाइटेड प्रोविंस की ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित किया गया था। यह उस दौर में बनीं कई शानदार इमारतों में से एक थी। नैनीताल के एसएसपी मीणा ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आसपास के घरों में भी तलाश करके देखा जा रहा है कि कहीं कोई वहां फंसा तो नहीं है। यह इमारत प्रोफेसर अजय रावत की बहनों कर्णलता रावत और शांता बिष्ट का आवास था। कर्णलता रावत यहां मोहन लाल शाह बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्य के तौर पर सेवानिवृत्त हुई थीं लेकिन यह विडंबना है कि 2020 में उनकी मौत भी आग में झुलसकर ही हुई थी। घटना के दौरान महिला के पुत्र निखिल बिष्ट अपनी मां को बचाने के लिए असहाय होकर चिल्लाते रहे और फिर बेहोश हो गए। निखिल बिष्ट ने 'बर्फी' समेत कई हिंदी फिल्मों में आर्ट निर्देशक के रूप में काम किया है और वह नैनीताल आकर अपनी बुजुर्ग मां की देखभाल कर रहे थे। - नयी दिल्ली.रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सतीश कुमार का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। उनका कार्यकाल 31 अगस्त, 2025 को समाप्त होने वाला था।सरकार ने 27 अगस्त 2025 को एक आदेश में कहा, ‘‘मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (सेवानिवृत्त) सतीश कुमार के कार्यकाल को एक सितंबर 2025 से एक वर्ष की अवधि के लिए अनुबंध के आधार पर पुनर्नियुक्ति पर, मौजूदा नियम और शर्तों पर या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो) विस्तार देने को मंजूरी दे दी है।'' एक सितंबर 2024 को कुमार की प्रारंभिक नियुक्ति के साथ ही वह बोर्ड के इतिहास में अनुसूचित जाति वर्ग से पहले अध्यक्ष और सीईओ बने। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय रेलवे मैकेनिकल इंजीनियर्स सेवा (आईआरएसएमई) के 1986 बैच के प्रतिष्ठित अधिकारी कुमार ने 34 वर्षों से अधिक के अपने शानदार करियर के दौरान भारतीय रेलवे में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया, ‘‘कुमार ने मार्च 1988 में भारतीय रेलवे में अपना करियर शुरू किया था। तब से, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों और मंडलों में विभिन्न महत्वपूर्ण भूमिकाओं में काम किया है और रेलवे प्रणाली में नवाचार, दक्षता और सुरक्षा में सुधार लाए हैं।'' अधिकारियों ने कहा, ‘‘कुमार का एक महत्वपूर्ण योगदान ‘फॉग सेफ डिवाइस' पर उनका कार्य है। यह एक ऐसा नवाचार है जो कोहरे की स्थिति के दौरान सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध हुआ है।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि वह 75 साल की उम्र में पद छोड़ देंगे या किसी को इस आयु में संन्यास ले लेना चाहिए। संघ प्रमुख भागवत की इस टिप्पणी ने नेताओं के संन्यास लेने संबंधी उनकी हालिया टिप्पणी पर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदर्भ में देखा जा रहा था। मोदी और भागवत, दोनों अगले महीने 75 वर्ष के हो जाएंगे। आरएसएस के शताब्दी वर्ष समारोह के दौरान प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम जीवन में किसी भी समय पद छोड़ने को तैयार हैं और जब तक संघ चाहे, तब तक कार्य करने को तैयार हैं।'' 75 साल की उम्र में सेवानिवृत्ति या संन्यास के मुद्दे पर भागवत ने कहा कि उन्होंने हाल में नागपुर में दिवंगत आरएसएस नेता मोरोपंत पिंगले की विनोदप्रियता पर प्रकाश डालते हुए उनका उद्धरण दिया था। भागवत ने कहा, ‘‘वह इतने हास्य-विनोदी थे कि उनकी हाजिरजवाबी सुनकर आप अपनी कुर्सी पर उछल पड़ते थे... एक बार हमारे कार्यक्रम में, हम सभी अखिल भारतीय कार्यकर्ता थे और उन्होंने (पिंगले) अपने 75 वर्ष पूरे कर लिए थे। इसलिए उन्हें एक शॉल प्रदान किया गया और कुछ कहने को कहा गया... उन्होंने खड़े होकर कहा, 'आप सोच रहे होंगे कि आपने मुझे सम्मानित किया है, लेकिन मैं जानता हूं कि जब यह शॉल दिया जाता है तो इसका मतलब है कि आप शांति से कुर्सी पर बैठें और देखें कि क्या हो रहा है।'' उन्होंने स्पष्ट किया कि 75 साल से उनका आशय किसी नेता के संन्यास लेने से नहीं था।उन्होंने कहा, ‘‘तो यह किसी के सेवानिवृत्त होने या मेरे अपने संन्यास के लिए नहीं है। हम जीवन में कभी भी संन्यास लेने के लिए तैयार हैं। और, जब तक संघ चाहेगा, हम काम करने के लिए तैयार हैं।'' भागवत ने कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं कहा कि मैं पद छोड़ दूंगा या किसी और को संन्यास ले लेना चाहिए।''संघ प्रमुख ने कहा कि उनके संगठन में स्वयंसेवक को कार्य सौंपा जाता है, भले ही वे चाहें या ना चाहें और उन्हें वो कार्य करना होता है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं 80 साल का हो जाऊं और संघ मुझे शाखा चलाने के लिए कहेगा। मुझे जाना ही होगा। मैं यह नहीं कह सकता कि मैंने 75 साल पूरे कर लिए हैं और मैं सेवानिवृत्ति के लाभों का आनंद लेना चाहता हूं। संघ में कोई लाभ नहीं हैं।'' भागवत ने कहा कि आरएसएस में अनेक लोग हैं जो इसका प्रमुख बन सकते हैं।उन्होंने कहा, ‘‘मैं सर संघचालक हूं। आपको क्या लगता है कि केवल मैं हूं जो सर संघचालक हो सकता हूं। इस हॉल में कम से कम दस लोग बैठे हैं। वे किसी भी समय यह जिम्मेदारी संभाल सकते हैं और काम कर सकते हैं।'' संघ प्रमुख ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, ‘‘लेकिन वे बहुत व्यस्त हैं। और उनका योगदान मूल्यवान है। उन्हें छोड़ा नहीं जा सकता। मुझे छोड़ा जा सकता है।''
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नई दिल्ली। देशभर में 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाएगा। इसी खास दिन से बिहार के ऐतिहासिक शहर राजगीर में पुरुष हॉकी एशिया कप 2025 की शुरुआत होगी। टूर्नामेंट से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी खिलाड़ियों और टीमों को शुभकामनाएं दीं और विश्वास जताया कि यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “29 अगस्त (जो राष्ट्रीय खेल दिवस और मेजर ध्यानचंद की जयंती भी है) से राजगीर में पुरुष हॉकी एशिया कप 2025 की शुरुआत होगी। मैं एशिया की सभी प्रतिभागी टीमों, खिलाड़ियों, अधिकारियों और समर्थकों को शुभकामनाएं देता हूं।”उन्होंने कहा कि भारत और एशिया के करोड़ों लोगों के दिलों में हॉकी का हमेशा एक खास स्थान रहा है। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि यह टूर्नामेंट रोमांचक मुकाबलों, असाधारण प्रतिभाओं के प्रदर्शन और अविस्मरणीय पलों से भरपूर होगा, जो भविष्य की पीढ़ियों को खेल के प्रति प्रेरित करेगा।प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में बिहार बड़े खेल आयोजनों का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने लिखा, “यह गर्व की बात है कि बिहार हॉकी एशिया कप 2025 की मेजबानी कर रहा है। हाल में यहां खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025, एशिया रग्बी अंडर-20 सेवन्स चैंपियनशिप 2025, सेपकटकरॉ वर्ल्ड कप 2024 और विमेंस एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2024 जैसे बड़े टूर्नामेंट आयोजित हुए हैं। यह सब बिहार के विकसित होते खेल बुनियादी ढांचे, जमीनी स्तर पर बढ़ते उत्साह और नई प्रतिभाओं को आगे लाने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।”टूर्नामेंट में टीमों को दो समूहों में बांटा गया है। भारत को ग्रुप-ए में रखा गया है, जिसमें जापान, चीन और कजाकिस्तान शामिल हैं। वहीं ग्रुप-बी में बांग्लादेश, साउथ कोरिया, मलेशिया और चीनी ताइपे खेलेंगे। भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 29 अगस्त को चीन के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद 31 अगस्त को जापान से भिड़ेगी और 1 सितंबर को कजाकिस्तान के खिलाफ खेलेगी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुरुवार को पश्चिमी ओडिशा के प्रमुख फसल उत्सव नुआखाई पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “देशवासियों को नुआखाई की हार्दिक शुभकामनाएं। यह पर्व हमें किसानों के प्रति गहरी कृतज्ञता की याद दिलाता है, जिनकी मेहनत हम सबको जीवन देती है। सभी के घरों में स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। नुआखाई जुहार!”
वहीं ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी राज्यवासियों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नुआखाई ओडिशा की समृद्ध कृषि परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित होने वाले नुआखाई भेटघाट को सामुदायिक सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक बताया।नुआखाई मुख्य रूप से पश्चिमी ओडिशा के जिलों में मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण कृषि पर्व है। इस दिन किसान नई फसल के अनाज को देवता को अर्पित कर प्रकृति और ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। अनुष्ठानों के बाद परिवार और समुदाय दोपहर में एकत्र होकर पारंपरिक नृत्य, संगीत, खेल और भोज के साथ उत्सव मनाते हैं। यह पर्व गणेश चतुर्थी के अगले दिन मनाया जाता है और पश्चिमी ओडिशा के संबलपुर, सुंदरगढ़, कालाहांडी, नुआपाड़ा, नबरंगपुर, बालांगीर, बरगढ़, सुबरनपुर, देवगढ़, झारसुगुड़ा सहित कई जिलों में बड़े उत्साह और धूमधाम से आयोजित किया जाता है। - - नई दिल्ली। भारत सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए आयुर्वेद दिवस की तिथि को स्थायी रूप से निर्धारित कर दिया है। मार्च 2025 में जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, अब हर वर्ष 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाया जाएगा। इससे पहले, यह दिवस धन्वंतरि जयंती (धनतेरस) को मनाया जाता था।आयुर्वेद केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि प्रकृति और व्यक्ति के सामंजस्य पर आधारित जीवन विज्ञान हैकेंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने इस अवसर पर कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा प्रणाली नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और व्यक्ति के बीच सामंजस्य पर आधारित जीवन का विज्ञान है। उन्होंने कहा, “2025 का विषय ‘लोगों और ग्रह के लिए आयुर्वेद’ न केवल वैश्विक कल्याण बल्कि एक स्वस्थ पृथ्वी के लिए भी आयुर्वेद की क्षमता को सामने लाता है।”वैश्विक पहचान की ओर अग्रसर आयुर्वेद दिवसआयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने बताया कि 2016 में शुरुआत के बाद से आयुर्वेद दिवस एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए सर्वेक्षणों से पता चलता है कि ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में आयुर्वेद सबसे अधिक अपनाई जाने वाली उपचार प्रणाली है।पीएम मोदी की दृष्टि से जुड़ी उपलब्धियां9वां आयुर्वेद दिवस (2024) देश की स्वास्थ्य सेवा यात्रा में एक बड़ा पड़ाव रहा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली के दूसरे चरण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयुर्वेद में चार उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना की गई और लगभग 12,850 करोड़ रुपये की लागत वाली स्वास्थ्य संबंधी कई पहलें शुरू की गईं। इसके साथ ही “देश का प्रकृति परीक्षण अभियान” भी प्रारंभ हुआ।जागरूकता और वैश्विक भागीदारी2025 का आयुर्वेद दिवस केवल औपचारिकता नहीं बल्कि आधुनिक जीवनशैली रोगों, जलवायु संबंधी चुनौतियों और तनाव प्रबंधन जैसे मुद्दों के समाधान की दिशा में एक पहल है। इस वर्ष समारोह के दौरान: जन-जागरूकता अभियान,युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम,स्वास्थ्य परामर्श और अंतर्राष्ट्रीय सहयोगात्मक गतिविधियां आयोजित होंगी। उल्लेखनीय है कि 2024 में आयुर्वेद दिवस के मौके पर 150 देशों में विभिन्न गतिविधियां हुईं, जो आयुर्वेद की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और प्रभाव को दर्शाती हैं।
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को बताया कि पिछले 11 वर्षों में प्रमुख वित्तीय समावेशन योजना, प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत 56 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जिनमें कुल जमा राशि 2.68 लाख करोड़ रुपए है।
पीएमजेडीवाई के 67 प्रतिशत से अधिक खाते ग्रामीण या अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं और 56 प्रतिशत जन धन खाते महिलाओं द्वारा खोले गए हैंपीएमजेडीवाई के 67 प्रतिशत से अधिक खाते ग्रामीण या अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं और 56 प्रतिशत जन धन खाते महिलाओं द्वारा खोले गए हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “पीएमजेडीवाई प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) का इस्तेमाल कर विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ प्रदान करने, ऋण सुविधाएं, सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने और बचत एवं निवेश बढ़ाने के प्रमुख माध्यमों में से एक रहा है।”इस योजना के तहत 38 करोड़ रुपे कार्ड भी जारी किए गए हैं, जो 2024-25 तक डिजिटल लेनदेन को 22,198 करोड़ तक बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैंइस योजना के तहत 38 करोड़ रुपे कार्ड भी जारी किए गए हैं, जो 2024-25 तक डिजिटल लेनदेन को 22,198 करोड़ तक बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। सरकार ने एक विज्ञप्ति में कहा कि पीओएस और ई-कॉमर्स पर रुपे कार्ड से लेनदेन की संख्या वित्त वर्ष 2017-18 के 67 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 93.85 करोड़ हो गई है।वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि पीएम मोदी के दृष्टिकोण के तहत हर घर में खाता और हर वयस्क को बीमा-पेंशन कवरेज के लिए देशभर में संतृप्ति अभियान चल रहे हैंकेंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर में बैंक खाता और हर वयस्क को बीमा व पेंशन कवरेज देने के दृष्टिकोण के अनुरूप, देश भर में संतृप्ति अभियान चलाए जा रहे हैं। पीएमजेडीवाई की पहुंच बढ़ाने के लिए ये अभियान 30 सितंबर तक चलेंगे।देश की 2.7 लाख ग्राम पंचायतों में से प्रत्येक में कम से कम एक शिविर आयोजित किया जाएगा, जहां पात्र व्यक्ति पीएमजेडीवाई खाते खोल सकते हैंराज्य मंत्री ने कहा, “देश की 2.7 लाख ग्राम पंचायतों में से प्रत्येक में कम से कम एक शिविर आयोजित किया जाएगा, जहां पात्र व्यक्ति पीएमजेडीवाई खाते खोल सकते हैं, जन सुरक्षा योजनाओं के तहत नामांकन करा सकते हैं और अपने बैंक खातों में पुनः केवाईसी और नामांकन अपडेट भी करा सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हम बैंक खातों में लगभग सैचुरेशन प्राप्त कर चुके हैं और देश भर में बीमा और पेंशन कवरेज में लगातार वृद्धि हुई है।” प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) खातों में कुल जमा राशि 2,67,756 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है, जबकि खातों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है और कुल जमा राशि में लगभग 12 गुना वृद्धि हुई है। -
नोएडा. उत्तर प्रदेश के नोएडा में साइबर अपराधियों ने वायुसेना के सेवानिवृत्त कर्मचारी को पत्नी और बेटी समेत 36 दिन तक 'डिजिटल अरेस्ट' रखकर उनसे 3.21 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक जालसाजों ने पीड़ित परिवार को धनशोधन मामले में आरोपी बताकर खुद को मुंबई पुलिस की अपराध शाखा का अधिकारी बताया और उन्हें गिरफ्तारी का भय दिखाकर ठगी कर ली। पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) प्रीति यादव ने बताया कि सेक्टर-25 स्थित जलवायु विहार में रहने वाली मलोबिका मित्रा ने मंगलवार को साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पिता सुबीर मित्रा को 18 जुलाई को अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। मलोबिका ने बताया कि पिता सुबीर मित्रा वायुसेना से सेवानिवृत्त हैं तथा वह पिता और मां केया मित्रा के साथ रहती हैं। उन्होंने बताया कि जालसाजों ने खुद को ट्राई का कर्मचारी बताया। पुलिस ने इस सिलसिले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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नई दिल्ली। गोवा 30 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच फिडे विश्व कप की मेजबानी करेगा। शतरंज की वैश्विक नियामक संस्था ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जाहिर करते हुए उम्मीद जताई है कि इस टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।
पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “भारत को प्रतिष्ठित फिडे वर्ल्ड कप 2025 की मेजबानी करने पर बेहद खुशी है, और वह भी दो दशकों से ज्यादा समय के बाद। शतरंज हमारे युवाओं के बीच लोकप्रियता हासिल कर रहा है। मुझे यकीन है कि इस टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे और दुनियाभर के शीर्ष खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।”शुरुआत में नई दिल्ली को मेजबान स्थल माना जा रहा था, लेकिन लॉजिस्टिक संबंधी चिंताओं के कारण फैसला बदला गया और आखिरकार फिडे ने गोवा को आयोजन स्थल के रूप में चुना। कुल 206 प्रतिभागी गोवा में आठ राउंड के नॉकआउट मुकाबलों में भिड़ते हुए दो मिलियन अमेरिकी डॉलर की प्राइज मनी जीतने की कोशिश करेंगे। यह टूर्नामेंट विन-ऑर-गो-होम फॉर्मेट में खेला जाएगा, जिसने लंबे समय से वर्ल्ड कप को खेल जगत का सबसे रोमांचक आयोजन बना दिया है।शीर्ष 50 वरीय खिलाड़ियों को पहले दौर से छूट मिलेगी, जबकि शेष खिलाड़ी अपने अभियान की शुरुआत राउंड 1 से करेंगे। प्रत्येक मुकाबला दो क्लासिकल गेम्स पर आधारित होगा। अगर नतीजा नहीं निकलता, तो टाई-ब्रेकर के लिए रैपिड और ब्लिट्ज मुकाबले खेले जाएंगे।पुरस्कार राशि और खिताबों के अलावा, विश्व कप में बहुत कुछ दांव पर लगा है। शीर्ष तीन खिलाड़ी 2026 के कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करेंगे, जो विश्व चैंपियनशिप के ताज के लिए दावेदार का निर्धारण करता है।भारत ने इस टूर्नामेंट का दूसरा संस्करण साल 2002 में हैदराबाद में आयोजित किया था। विश्वनाथन आनंद ने वर्ष 2000 और 2002 में विश्व कप के शुरुआती दो संस्करण जीते थे। वहीं, 2023 में बाकू (अजरबैजान) में खेले गए विश्व कप में भारत के आर. प्रज्ञानानंद दूसरे स्थान पर रहे, जबकि नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन चैंपियन बने थे। हालांकि, इस बार प्रतिष्ठित आयोजन में पांच बार के चैंपियन मैग्नस कार्लसन के हिस्सा लेने की संभावना कम है। - नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर 26 अगस्त को हुए भूस्खलन के बाद केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज बुधवार को स्थिति पर अपडेट साझा किया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जम्मू संभाग आयुक्त रमेश कुमार उनके लगातार संपर्क में हैं और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं।पीएम मोदी व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रख रहे हैंउन्होंने बताया कि हम सभी के लिए एक बेहद आश्वस्त करने वाली बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रख रहे हैं और अपडेट प्राप्त कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू संभाग के मौजूदा हालात पर अपडेट देते हुए बताया कि पुंछ और राजौरी जिलों को छोड़कर पूरे जम्मू संभाग में बारिश जारी है, लेकिन इसकी तीव्रता कम हो गई है।चिनाब नदी अभी भी खतरे के निशान के करीब बह रही हैतवी नदी का जलस्तर कम हुआ है, जो राहत की बात है, लेकिन चिनाब नदी अभी भी खतरे के निशान के करीब बह रही है। तत्काल प्राथमिकता बिजली, पानी की आपूर्ति और मोबाइल सेवाओं की बहाली है, जिसके लिए अधिकारी रात भर लगातार काम कर रहे हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अर्धसैनिक बल, सेना और वायु सेना के अधिकारी नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।स्कूलों और कॉलेज बंदउन्होंने बताया कि स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया गया है, और आम जनता को उनकी सुरक्षा के लिए अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।आगे कहा कि क्षतिग्रस्त संरचनाओं में ऐतिहासिक माधोपुर पुल भी शामिल है, जो 11 मई 1953 को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की इसी पुल के बीचों-बीच गिरफ्तारी के बाद इतिहास का हिस्सा बन गया था। आज सुबह लगभग 3 बजे से इस पुल पर यातायात रोक दिया गया है।प्रशासन ने प्रत्येक जिले के लिए हेल्पलाइन नंबर दिएजनता से अपील है कि बिना घबराए, हम सभी आपस में और अधिकारियों के साथ सहयोग करें। हम सभी के लिए एक बेहद आश्वस्त करने वाली बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नज़र रख रहे हैं और अपडेट प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा प्रत्येक जिले के लिए हेल्पलाइन नंबर दिए गए हैं।
- जम्मू।जम्मू के कटरा स्थित वैष्णो देवी धाम के ट्रैक पर लैंडस्लाइड में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर बुधवार को 32 हो गया। हादसा मंगलवार को दोपहर 3 बजे पुराने ट्रैक पर अर्धकुमारी मंदिर से कुछ दूर इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास हुआ।कल देर रात तक 7 लोगों के मरने की खबर थी, लेकिन सुबह आंकड़ा बढ़ गया। बड़े-बड़े पत्थर, पेड़ और मलबा में दबने से ज्यादा नुकसान हुआ है। एक चश्मदीद ने बताया- बड़े-बड़े पत्थर अचानक गिरने लगे और सब तबाह हो गया।प्रशासन का कहना है कि 23 से ज्यादा लोग जख्मी हैं। कई लापता हैं। मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। फिलहाल, इस इलाके में भारी बारिश की वजह से वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई है।मंगलवार को जम्मू शहर में 24 घंटे से भी कम समय में 250 मिमी से ज्यादा बारिश हुई। इससे कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात हैं। घरों और खेतों में पानी भर गया है। नॉर्दर्न रेलवे ने भी आज जम्मू-कटरा से चलने वाली और यहां रुकने वाली 22 ट्रेनें रद्द की हैं। इसके अलावा 27 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। हालांकि, कटरा-श्रीनगर के बीच ट्रेन सर्विस जारी है।
- नोएडा. उत्तर प्रदेश के नोएडा में साइबर अपराधियों ने वायुसेना के सेवानिवृत्त कर्मचारी को पत्नी और बेटी समेत 36 दिन तक 'डिजिटल अरेस्ट' रखकर उनसे 3.21 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक जालसाजों ने पीड़ित परिवार को धनशोधन मामले में आरोपी बताकर खुद को मुंबई पुलिस की अपराध शाखा का अधिकारी बताया और उन्हें गिरफ्तारी का भय दिखाकर ठगी कर ली। पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) प्रीति यादव ने बताया कि सेक्टर-25 स्थित जलवायु विहार में रहने वाली मलोबिका मित्रा ने मंगलवार को साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पिता सुबीर मित्रा को 18 जुलाई को अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। मलोबिका ने बताया कि पिता सुबीर मित्रा वायुसेना से सेवानिवृत्त हैं तथा वह पिता और मां केया मित्रा के साथ रहती हैं। उन्होंने बताया कि जालसाजों ने खुद को ट्राई का कर्मचारी बताया। पुलिस ने इस सिलसिले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देशवासियों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। पोस्ट में उन्होंने लिखा, “देश-विदेश में रह रहे सभी भारतीयों को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं! यह महापर्व बुद्धि और विवेक के देवता भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव के रूप में हर्षोल्लास से मनाया जाता है।विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश से मैं प्रार्थना करती हूं कि वे व्यक्ति-निर्माण तथा राष्ट्र-निर्माण के मार्ग की सभी बाधाओं को दूर करते रहें तथा उनके आशीर्वाद से सभी देशवासी, पर्यावरण-अनुकूल जीवन शैली अपनाते हुए, सशक्त भारत के निर्माण में निष्ठा के साथ कार्यरत रहें। गणपति बाप्पा मोरया।”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। पोस्ट में उन्होंने लिखा, “आप सभी को गणेश चतुर्थी की ढेरों शुभकामनाएं। श्रद्धा और भक्ति से भरा यह पावन अवसर हर किसी के लिए शुभकारी हो। भगवान गजानन से प्रार्थना है कि वे अपने सभी भक्तों को सुख, शांति और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद दें। गणपति बाप्पा मोरया।”रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। विघ्नहर्ता श्री गणेश जी हम सभी के जीवन में सुख, शांति व समृद्धि का संचार करें। उनकी कृपा से भारत निरंतर एकता, सद्भाव और विकास के पथ पर अग्रसर हो। गणपति बाप्पा मोरया।“उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पोस्ट में कहा, “विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की आराधना के पावन पर्व ‘श्री गणेश चतुर्थी’ की सभी श्रद्धालुओं व प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! भगवान सिद्धिविनायक सभी को सुख-समृद्धि और आरोग्यता का आशीर्वाद प्रदान करें, यही प्रार्थना है। गणपति बप्पा मोरया।“लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने एक्स पोस्ट में लिखा, श्री गणेश चतुर्थी पर देशवासियों को हार्दिक मंगलकामनाएं। समस्त सिद्धियों के प्रदाता, प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी के आशीर्वाद से प्रत्येक जीवन में शुभ-लाभ का संचार हो, हमारा राष्ट्र निरंतर उन्नति के मार्ग पर गतिमान रहे, गौरीसुत श्री गणेश जी से यह प्रार्थना है। ॐ गं गणपतये नमः।“
- नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में हो रही लगातार बारिश के कारण भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने लोगों को अलर्ट किया है। मौसम विभाग ने बुधवार को पूरे इलाके में तेज गरज के साथ बारिश होने की आशंका जताई है। आईएमडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “जम्मू डीडब्ल्यूआर की बुधवार को भारतीय मानक समय के अनुसार सुबह 5.10 बजे की तस्वीरें पूरे क्षेत्र में व्यापक गरज के साथ बारिश की गतिविधि का संकेत देता है।”मौसम विज्ञान विभाग ने बताया, “जम्मू, आरएस पुरा, सांबा, अखनूर, नगरोटा, कोट भलवाल, बिश्नाह, विजयपुर, पुरमंडल और कठुआ व उधमपुर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश, गरज के साथ बारिश और संभावित ओलावृष्टि हो सकती है। रियासी, रामबन, डोडा, बिलावर, कटरा, रामनगर, हीरानगर, गूल, बनिहाल और सांबा व कठुआ जिलों के आसपास के क्षेत्रों में मध्यम वर्षा हो रही है।”विभाग ने बताया, “वर्टिकल प्रोफाइल में 12 किमी तक ऊंचे बादलों के शिखर दिखाई दे रहे हैं, जो गहरे और सक्रिय गरज के साथ बारिश की ओर इशारा करते हैं।यह सिस्टम सामान्यतः पूर्व-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है, और पहाड़ी इलाकों और तराई क्षेत्रों में बारिश जारी रह सकती है।”लोगों को सतर्क करते हुए उन्होंने कहा, “निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे गरज के साथ बारिश के दौरान घर के अंदर रहें, निचले और जलभराव वाले इलाकों से बचें और सुरक्षा के लिए आधिकारिक सलाह का पालन करें।” इससे पहले जम्मू कश्मीर में एक दिन में कुल 361.2 मिमी (36 सेमी) वर्षा दर्ज की गई थी। विभाग ने अनंतनाग, डोडा, जम्मू, किश्तवाड़, कुलगाम, राजौरी, रामबन, रियासी, उधमपुर, सांबा, कठुआ, मीरपुर, पुंछ, शोपियां में बिजली और गरज के साथ मध्यम बारिश (5-15 मिमी/घंटा) की ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी थी।
- सतना. मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक स्कॉर्पियो कार और ऑटो रिक्शा की आमने-सामने की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना उचेहरा थाना अंतर्गत राम वनगमन पथ पर सोमवार रात हुई, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उचेहरा थाना प्रभारी सतीश मिश्रा ने बताया कि सोमवार रात तकरीबन 10 बजे नौगवां के पास स्कॉर्पियो कार ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे तिपहिया वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया और उसमें सवार पप्पू उर्फ अजय कुशवाहा (35) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।उन्होंने बताया कि इस हादसे में बुरी तरह घायल हुए ऑटो में सवार अरुण कुशवाहा (40) और नंदू कुशवाहा को एम्बुलेंस से उचेहरा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को सतना जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया। अधिकारी ने बताया कि जिला अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद ही अरुण और नंदू ने दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि तीनों शवों का पोस्टमार्टम कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है और दोनों वाहनों को जब्त कर कार्रवाई की जा रही है।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि उनका संगठन अपने स्वयंसेवकों और उससे जुड़े संगठनों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रित नहीं करता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संघ कोई दबाव समूह बनाने में नहीं, बल्कि सभी को एकजुट करने में विश्वास रखता है। भागवत ने यहां विज्ञान भवन में "100 वर्ष की संघ यात्रा : नए क्षितिज" विषय पर आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला के पहले दिन संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आरएसएस के स्वयंसेवक विभिन्न संगठनों में अपने कामकाज में स्वतंत्र और स्वायत्त हैं तथा उन पर संघ के सुझावों का पालन करने का कोई दबाव नहीं है।आरएसएस प्रमुख की यह टिप्पणी भाजपा के संगठनात्मक मामलों को लेकर संघ और सत्तारूढ़ दल के बीच कथित मतभेदों के बीच आई है। भाजपा वैचारिक रूप से आरएसएस से प्रेरित है। हालांकि, भागवत ने इस मुद्दे पर किसी संगठन का नाम नहीं लिया। विश्व हिंदू परिषद (विहिप), अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और आरएसएस से प्रेरित संगठनों सहित कुल 32 संगठन हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से संघ परिवार कहा जाता है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक संघ से प्राप्त विचारों और संस्कार के आधार पर आवश्यक परिवर्तन और रचनात्मक सुधार लाने के लिए कई क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। भागवत ने कहा, "लेकिन ये स्वयंसेवक जो करते हैं, वह उनका स्वतंत्र, पृथक और स्वायत्त कार्य है। इसका श्रेय उन्हें जाता है, संघ को नहीं।" उन्होंने कहा, "हालांकि, संघ को (यदि कोई बदनामी हुई है तो) इसका हिस्सा बनना होगा। क्योंकि माल हमारा गया है।''उन्होंने कहा, "संघ न तो प्रत्यक्ष रूप से और अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रण करता है।" उन्होंने कहा, "हम कोई दबाव समूह नहीं बनाना चाहते; संघ पूरे भारत में सभी को संगठित करने के लिए है।" भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) का उदाहरण देते हुए, आरएसएस प्रमुख ने कहा, "हमारे स्वयंसेवक वहां काम करने गए थे। उन्होंने श्रम क्षेत्र से संबंधित पूरी दुनिया को एक नया दृष्टिकोण दिया।" आरएसएस प्रमुख ने कहा कि किसी भी संगठन में सभी स्वयंसेवक नहीं होते। उन्होंने कहा, "वहां कई अन्य लोग भी हैं। ये संगठन संघ के नहीं हैं। ये लोगों के हैं... इन संगठनों की स्थापना स्वयंसेवकों ने की है या वे वहां गए हैं।" उन्होंने कहा, "कई बार उनका प्रभाव घटता-बढ़ता रहता है। उन्होंने सबको साथ लेकर संगठन चलाया है। हमें यही सिखाया गया है।" भागवत ने कहा कि स्वयंसेवकों और संघ के बीच का बंधन अटूट और चिरस्थायी है।उन्होंने कहा, "इसी वजह से स्वयंसेवक हमसे मिलते हैं, बातचीत करते हैं। हम भी बातचीत करते हैं। वे पूछते हैं, हम बताते हैं। अगर हमारे मन में कुछ आता है, तो हम बताते हैं। वे मदद मांगते हैं, हम मदद करते हैं। हम हर जगह अच्छे काम का समर्थन करते हैं, न केवल स्वयंसेवकों का, बल्कि किसी का भी। ऐसे कई उदाहरण हैं।" आरएसएस प्रमुख ने कहा, लेकिन उन पर संघ की बात मानने या सुनने का कोई दबाव नहीं है। उन्होंने कहा, "वे हमारी बात समझेंगे और वही करेंगे जो उनका मन करेगा। क्योंकि वे एक खास क्षेत्र में काम कर रहे हैं जिसमें उन्हें अनुभव और विशेषज्ञता हासिल है।" उन्होंने कहा कि संघ केवल यही अपेक्षा करता है कि ऐसे संगठन ठीक से काम करें और स्वयंसेवक अच्छा प्रदर्शन करें। भागवत ने कहा, "वे स्वतंत्र और स्वायत्त हैं और धीरे-धीरे इस हद तक आत्मनिर्भर हो जाते हैं कि वे (संघ से) मदद मांगने की स्थिति में नहीं रहते। हमें केवल स्वयंसेवकों की चिंता है। वे अपने संगठनों का ध्यान रखते हैं।"
- महू (मध्य प्रदेश). वायुसेना प्रमुख ए पी सिंह ने मंगलवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर' पर कहा कि भारतीय वायुसेना अच्छी स्थिति में थी और वह पाकिस्तान पर हमले जारी रख सकती थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया क्योंकि वांछित लक्ष्य पहले ही हासिल किया जा चुका था। ‘आर्मी वॉर कॉलेज' में एक चर्चा में वायुसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि यह अभियान, विश्व भर में लम्बे समय तक जारी अनेक युद्धों की पृष्ठभूमि में "संघर्ष समाप्ति" का प्रतिबिंब है। उन्होंने नौ और 10 मई की मध्य रात्रि को पाकिस्तान पर भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए हमलों का जिक्र करते हुए कहा, "उस रात हम अच्छी स्थिति में थे। हम हमले जारी रख सकते थे, लेकिन वह हमारा उद्देश्य नहीं था। हमारा उद्देश्य पहले ही पूरा हो चुका था।" वायुसेना प्रमुख ने सोशल मीडिया पर आई उन टिप्पणियों का भी ज़िक्र किया, जिनमें कहा गया था कि भारतीय सेना को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ हमले जारी रखने चाहिए थे।उन्होंने कहा, "ऐसा कहना बहुत आसान है। लेकिन आप उस युद्ध को क्यों लंबा खींचना चाहते हैं, जिसे अपना उद्देश्य हासिल करने के बाद रोका जा सकता है। मुझे लगता है कि यही जरूरी है।" सिंह ने यह भी कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत में यह मिथक टूट गया कि वायु शक्ति के इस्तेमाल से किसी भी संघर्ष की स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने कहा, "हम इस तथ्य से मुंह नहीं मोड़ सकते कि आज वायु शक्ति का इस्तेमाल आक्रामक तरीके से किया जाना चाहिए। इसका इस्तेमाल किसी निर्णय बिंदु पर पहुंचने के लिए किया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा, "चाहे युद्ध आज का हो या कल का, वायु शक्ति की प्रासंगिकता बढ़ती ही रहेगी। हमें अपने वायु और अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधार के लिए तकनीक का लाभ उठाने पर विचार करना होगा।" वायु सेना प्रमुख ने कहा कि भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर' के सफल संचालन में तकनीक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने सात मई को पाकिस्तान नियंत्रित क्षेत्रों में आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया। इस हमले के बाद चार दिनों तक भीषण झड़पें हुईं, जो 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति के साथ समाप्त हुईं।
- ब्रह्मपुर. ओडिशा के गंजाम जिले में मंगलवार को आकाशीय बिजली गिरने से तीन महिलाओं की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि छतरपुर थाना क्षेत्र के साराभीमपुर में दोपहर को यह घटना हुई। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान कुनी गौड़ा (49), निरुपमा गौड़ा (40) और मिनी गौड़ा (61) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि घटना के समय ये महिलाएं खेत में काम कर रही थीं।
- नयी दिल्ली. भारत को अपने स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ऊर्जा भंडारण प्रणालियों को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की जरूरत होगी। एक अध्ययन में कहा गया है कि 2030 तक 61 गीगावाट और 2032 तक लगभग 100 गीगावाट ऊर्जा भंडारण क्षमता की आवश्यकता होगी। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले स्थित भारत ऊर्जा एवं जलवायु केंद्र (आईईसीसी) और बिजली मंत्रालय के तत्वावधान में पावर फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने यह अध्ययन किया। इसके मुताबिक, भारत 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता के अपने लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में अच्छी तरह आगे बढ़ रहा है। हालांकि, इसमें चेतावनी दी गई कि अगर ऊर्जा भंडारण क्षमता तैयार करने में देरी हुई तो भारत को कोयले पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
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विशाखापत्तनम . रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को यहां भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसेना कमान में दो बहुउद्देशीय स्टील्थ फ्रिगेट, आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस हिमगिरि को शामिल किया। उदयगिरि और हिमगिरि भारतीय नौसेना की नवीनतम अत्याधुनिक ‘प्रोजेक्ट 17ए' के तहत बने हैं और इनका जलावतरण ऐसा पहला अवसर है जब दो अलग-अलग शिपयार्ड में निर्मित अग्रिम पंक्ति के दो जंगी पोतों को एक साथ जलावतरण समारोह में शामिल किया गया। यह घटनाक्रम भारत के पूर्वी तट के बढ़ते समुद्री महत्व को रेखांकित करता है।
भारतीय नौसेना ने सोमवार देर रात को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दो अत्याधुनिक लड़ाकू जहाज भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल हो गए हैं, जो समुद्र में भारत की ताकत को और मजबूत करेंगे। रक्षा अधिकारियों के मुताबिक उदयगिरि और हिमगिरि, परियोजना 17 (शिवालिक) श्रेणी के मध्यम आकार के अनुवर्ती पोत हैं, और दोनों जहाजों में डिजाइन, स्टील्थ (रडार की पहुंच से बच निकलने की क्षमता), हथियार और सेंसर प्रणालियों में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, जो गहन समुद्री परिस्थितियों में मिशनों की पूरी श्रृंखला को अंजाम देने में सक्षम हैं। उदयगिरि, प्रोजेक्ट 17ए युद्धपोत का दूसरा जहाज है और इसका निर्माण मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा किया गया है। हिमगिरि, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), कोलकाता द्वारा निर्मित पहला पी17ए जहाज है। दोनों ही युद्धपोत पहले के डिजाइनों की तुलना में बेहद अत्याधुनिक हैं। उदयगिरि को शुरुआत के बाद निर्मित होने वाला अपनी श्रेणी का सबसे तेज जहाज होने का गौरव भी प्राप्त है, जो भारतीय शिपयार्ड द्वारा अपनाई गई मॉड्यूलर निर्माण पद्धति का परिणाम है। करीब 6,700 टन वजनी पी17ए श्रेणी के फ्रिगेट अपने पूर्ववर्ती शिवालिक श्रेणी के फ्रिगेट्स की तुलना में लगभग पांच प्रतिशत बड़े हैं। इनमें अधिक सुव्यवस्थित संरचना और कम रडार प्रतिबिंब (रडार क्रॉस सेक्शन) जैसी उन्नत विशेषताएं शामिल की गई हैं। इनमें भारतीय निर्माताओं द्वारा विकसित उन्नत हथियारों और सेंसरों को भी शामिल किया गया है।
इन पोत के हथियारों के समूह में सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, 76 मिमी एमआर तोप और 30 मिमी और 12.7 मिमी ‘क्लोज-इन' हथियार प्रणालियों का संयोजन शामिल है।


























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