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- नयी दिल्ली. एनसीईआरटी ने कक्षा तीन से 12 तक के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर' पर दो विशेष पाठ पेश किए हैं। इनमें कहा गया है कि यह मिशन न केवल एक सैन्य अभियान था, बल्कि यह शांति की रक्षा करने और पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के सम्मान का वादा भी है। पाठ्यक्रम में पूरक सामग्री के रूप में शामिल किए गए पाठ ऑपरेशन सिंदूर के तीन महीने बाद आए हैं।इसमें से एक पाठ में कहा गया है, ‘‘भारत ने सात मई, 2025 को पाकिस्तान और इसके अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में स्थित नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलों और हवाई हमलों की शुरुआत की। अंत में चुने गए और अनुमोदित नौ लक्ष्यों में से सात आतंकी शिविरों को भारतीय थलसेना ने नष्ट कर दिया, जबकि भारतीय वायुसेना ने मुरीदके और बहावलपुर में आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया, जो लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य केंद्र थे।'' राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने सरकार के इस रुख को दोहराया है कि भारत ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी असैन्य नागरिक को नुकसान न पहुंचे। इसने कहा, ‘‘प्रत्येक लक्ष्य की दोबारा पड़ताल की गई। केवल आतंकवादी ठिकानों पर ही हमला किया गया।इस ऑपरेशन से पता चला कि भारत आतंकी सरगनाओं को सजा से बचने नहीं देगा।'' प्रारंभिक और मध्य स्तर या कक्षा तीन से आठ तक के लिए दो मॉड्यूल का शीर्षक ‘ऑपरेशन सिंदूर - वीरता की गाथा' और माध्यमिक स्तर या कक्षा 9 से 12 के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर - सम्मान और वीरता का मिशन' है। ये मॉड्यूल स्कूली बच्चों के बीच भारत की सैन्य शक्ति के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। ऑपरेशन सिंदूर को ‘‘बहादुरी, रणनीति और नवाचार की जीत'' बताते हुए मॉड्यूल में भारत की वायु रक्षा प्रणालियों, जैसे एस-400 का भी उल्लेख किया गया है, जिसने लंबी दूरी पर दुश्मन के विमानों को मार गिराया और दुश्मन के ड्रोन भी नष्ट कर दिए।द्वितीयक चरण के पाठ में कहा गया है, ‘‘हैदराबाद, लखनऊ और भोपाल में मुस्लिम समुदायों ने काली पट्टियां बांधीं और हमले की खुलकर निंदा की। कश्मीर में दुकानदारों ने विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दीं। सीमा के पास के गांवों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की और सशस्त्र बलों का समर्थन किया।'' पाठों में से एक में कहा गया है, ‘‘अतीत में, भारत अपने नागरिकों के लिए खड़े होने से कभी नहीं कतराया। हमने 1947, 1965, 1971 और 1999 के युद्धों में कड़ा जवाब दिया... ऑपरेशन सिंदूर भी जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), हिजबुल मुजाहिदीन (एचयूएम) और पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई के नेतृत्व वाले आतंकवाद को रोकने का भारत का तरीका था।'' इसमें कहा गया, ‘‘यह महज एक सैन्य अभियान नहीं था; यह शांति की रक्षा और मारे गए लोगों के सम्मान का वादा भी है।''
- नयी दिल्ली. प्रस्तावित जीएसटी सुधारों के तहत दो-स्तरीय कर ढांचे और घरेलू सामान पर कर की कम दरों से सालाना 85,000 करोड़ रुपये का औसत राजस्व के नुकसान का अनुमान है, लेकिन इससे खपत में 1.98 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होगी। एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट में मंगलवार को यह कहा गया। केंद्र ने जीएसटी में व्यापक सुधारों का प्रस्ताव किया है। इसके तहत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत पांच और 18 प्रतिशत की दो कर स्लैब होंगे। यह वस्तुओं को ‘योग्यता' और ‘मानक' के रूप में वर्गीकृत करेगी। साथ ही, पान मसाला और तंबाकू जैसे अहितकर वस्तुओं सहित पांच से सात चुनिंदा वस्तुओं पर 40 प्रतिशत कर लगाया जाएगा।रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि प्रभावी भारित औसत जीएसटी दर शुरू में 14.4 प्रतिशत से घटकर सितंबर, 2019 में 11.6 प्रतिशत पर आ गई। दरों को युक्तिसंगत बनाने के प्रस्ताव को देखते हुए, प्रभावी भारित औसत जीएसटी दर घटकर 9.5 प्रतिशत हो सकती है। हालांकि, उपभोग में वृद्धि मुद्रास्फीति को नहीं बढ़ाएगी क्योंकि प्रस्तावित जीएसटी व्यवस्था में व्यापक उपभोग की वस्तुओं पर कर कम होंगे। यह सकल घरेलू उत्पाद में 0.6 प्रतिशत की कुल वृद्धि के बराबर है। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘कुल मिलाकर, हमारा मानना है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति 0.2 से 0.5 प्रतिशत तक नरम हो सकती है। चूंकि आवश्यक वस्तुओं (खाद्य, कपड़ा, आदि) की जीएसटी दर 12 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत होने की उम्मीद है, ऐसे में इस श्रेणी में सीपीआई मुद्रास्फीति भी 0.1 प्रतिशत से 0.15 प्रतिशत तक कम हो सकती है। इसमें यह माना गया है कि खाद्य वस्तुओं के मामले में 60 प्रतिशत लाभ यानी खुदरा मूल्य में उतनी कमी की जाएगी। इसके अलावा, सेवाओं की जीएसटी दरों के युक्तिसंगत बनाये जाने से 25 प्रतिशत लाभ आगे बढ़ाये जाने को ध्यान में रखते हुए, अन्य वस्तुओं और सेवाओं की खुदरा मुद्रास्फीति में 0.05 से 0.1 प्रतिशत की और कमी आएगी।एसबीआई रिसर्च ने कहा, ‘‘जीएसटी 2.0 व्यवस्था से औसतन 85,000 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा होने के बावजूद, खपत में 1.98 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होने का अनुमान है।'' चालू वित्त वर्ष में, नई कर दरों की अवधि अक्टूबर-मार्च मानते हुए, राजस्व घाटा 45,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष के बजट में घोषित आयकर दरों में कटौती के लाभ को मिलाकर, दोनों उपायों के संयुक्त प्रभाव से अर्थव्यवस्था में उपभोग व्यय में 5.31 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि का अनुमान है। यह सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 1.6 प्रतिशत है। केंद्र के प्रस्ताव पर बुधवार और बृहस्पतिवार को राज्यों के वित्त मंत्रियों की एक समिति चर्चा करेगी। मंजूरी मिलने के बाद, इसे अगले महीने जीएसटी परिषद की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। वर्तमान जीएसटी संरचना (जीएसटी 1.0) में चार दरें... 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत हैं। ये दरें अधिकांश वस्तुओं और सेवाओं पर लागू होती हैं।मुख्य स्लैब के अलावा, तीन विशेष दरें भी हैं। सोना, चांदी, हीरा और आभूषण पर तीन प्रतिशत, तराशे और पॉलिश किए हुए हीरों पर 1.5 प्रतिशत, और कच्चे हीरों पर 0.25 प्रतिशत। तंबाकू उत्पादों और मोटर वाहन जैसी चुनिंदा वस्तुओं पर अलग-अलग दरों पर जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर भी लगाया जाता है। इस उपकर का उपयोग राज्यों को जीएसटी प्रणाली में परिवर्तन के परिणामस्वरूप होने वाले किसी भी राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त को 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधारों की घोषणा की।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार को कहा कि पिछले नौ महीनों में भारत-चीन संबंधों में सुधार आया है क्योंकि सीमा पर शांति बनी हुई है। उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ सीमा पर तनाव कम करने और संबंधित मुद्दों पर बातचीत की। डोभाल और वांग ने विशेष प्रतिनिधि तंत्र के ढांचे के तहत 24वें दौर की वार्ता की, जिसके एक दिन पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष से मुलाकात की थी। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारतीय पक्ष ने सीमापार आतंकवाद सहित सभी तरह के आतंकवाद के मुद्दे को दृढ़ता से उठाया और याद दिलाया कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के मूल उद्देश्यों में से एक आतंकवाद की बुराई का मुकाबला करना है। चीन में आयोजित होने जा रहे वार्षिक एससीओ शिखर सम्मेलन में एक पखवाड़े से भी कम समय बचा है।बयान में कहा गया कि जयशंकर ने यारलुंग त्सांगपो (ब्रह्मपुत्र नदी) के निचले हिस्से में चीन द्वारा किए जा रहे एक विशाल बांध के निर्माण के संबंध में भारत की चिंताओं को भी रेखांकित किया, क्योंकि इसका निचले तटवर्ती राज्यों पर प्रभाव पड़ेगा। इसमें कहा गया कि इस संबंध में अत्यधिक पारदर्शिता की आवश्यकता को दृढ़ता से रेखांकित किया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि विशेष प्रतिनिधि (एसआर) वार्ता में ‘‘तनाव कम करने, परिसीमन और सीमा मामलों'' से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई। वांग सोमवार को दो दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचे। उनकी यात्रा को दोनों पड़ोसियों द्वारा अपने संबंधों को फिर से सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। वर्ष 2020 में गलवान घाटी में हुए भीषण संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में काफी तल्खी आ गई थी।टेलीविजन पर प्रसारित अपने आरंभिक संबोधन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने विशेष प्रतिनिधि वार्ता के पिछले दौर के लिए पिछले दिसंबर में अपनी बीजिंग यात्रा को याद किया और कहा कि तब से दोनों पक्षों के बीच संबंधों में ‘‘उन्नति की प्रवृत्ति'' रही है। उन्होंने कहा, ‘‘सीमाएं शांत हैं, शांति एवं सौहार्द बना हुआ है, हमारे द्विपक्षीय संबंध और अधिक ठोस हो गए हैं।'' डोभाल ने औपचारिक रूप से यह भी घोषणा की कि मोदी 31 अगस्त और एक सितंबर को तियानजिन में आयोजित होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के मद्देनजर विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता ने ‘‘बहुत विशेष महत्व'' हासिल कर लिया है। डोभाल ने पिछले वर्ष अक्टूबर में रूसी शहर कज़ान में एक बहुपक्षीय कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई वार्ता का भी उल्लेख किया और कहा कि तब से दोनों पक्षों को बहुत लाभ हुआ है।.डोभाल ने कहा, ‘‘जो नया माहौल बना है, उससे हमें उन विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने में मदद मिली है, जिन पर हम काम कर रहे थे।'' मोदी और चिनफिंग के बीच बैठक भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में शेष दो टकराव बिंदुओं देपसांग और डेमचोक से सैनिकों को पीछे हटाने के समझौते के दो दिन बाद हुई थी। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के लिए विशेष प्रतिनिधियों के बीच वार्ता सहित कई तंत्रों को पुन: क्रियान्वित करने का निर्णय लिया था। चीनी विदेश मंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि दोनों पक्षों को ‘‘रणनीतिक संचार के माध्यम से आपसी विश्वास बढ़ाना चाहिए, आदान-प्रदान और सहयोग के माध्यम से साझा हितों का विस्तार करना चाहिए, तथा सीमाओं पर विशिष्ट मुद्दों का उचित ढंग से समाधान करना चाहिए।'' वांग ने कहा, ‘‘हम यह देखकर प्रसन्न हैं कि अब सीमाओं पर स्थिरता बहाल हो गई है।''उन्होंने कहा, ‘‘अब द्विपक्षीय संबंधों में सुधार और विकास का एक महत्वपूर्ण अवसर है। चीनी पक्ष हमारे निमंत्रण पर एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री की चीन यात्रा को बहुत महत्व देता है।'' विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि दोनों विदेश मंत्रियों के बीच चर्चा में साझा हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। इसने कहा कि भारतीय पक्ष ने सीमापार आतंकवाद सहित सभी तरह के आतंकवाद के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया तथा याद दिलाया कि एससीओ के मूल उद्देश्यों में से एक आतंकवाद की बुराई का मुकाबला करना था। मंत्री वांग ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि आतंकवाद का मुकाबला करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विशेष प्रतिनिधि वार्ता में दोनों पक्षों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति और सौहार्द बनाए रखने पर विचार-विमर्श किया।
- जम्मू. भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में अचानक आई बाढ़ के बाद एक टापू पर फंसी महिलाओं और बच्चों समेत सात लोगों को मंगलवार को बचा लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जम्मू स्थित रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि सेना ने लोअर कुनियान में एक तेज और सफल बचाव अभियान चलाय। लोअर कुनियान में भारी बारिश के कारण जलस्तर में अचानक वृद्धि के बाद उफनती पुंछ नदी के एक टापू पर कई नागरिक फंस गए थे।संकट की सूचना पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए, सेना के विशेष प्रशिक्षित एक बचाव दल को तैनात किया गया, जिसने फंसे हुए सभी सात लोगों को बचा लिया। अधिकारी ने कहा, ‘‘यह अभियान भारतीय सेना की बहादुरी, साहस और करुणा के विशिष्ट मूल्यों को दर्शाता है। सैनिकों ने असहाय नागरिकों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर अनुकरणीय समर्पण का परिचय दिया।'' उन्होंने कहा कि समय पर किए गए हस्तक्षेप से न केवल संभावित त्रासदी को रोका गया, बल्कि स्थानीय लोगों को संकट के समय में सेना की तत्परता के बारे में आश्वस्त भी किया गया।
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नयी दिल्ली. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत-रूस की ‘‘समय की कसौटी पर खरी उतरी'' साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को मॉस्को की तीन दिवसीय यात्रा शुरू की। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को दोगुना कर 50 प्रतिशत करने के फैसले से भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव है। इस शुल्क में रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर लगाया गया 25 प्रतिशत का जुर्माना भी शामिल है। विदेश मंत्रालय ने जयशंकर की यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि वह व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) के बुधवार को होने वाले 26वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे। विदेश मंत्री और रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के आईआरआईजीसी-टीईसी की सह-अध्यक्षता करने का कार्यक्रम है, जिससे इस वर्ष के अंत में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा की रूपरेखा तैयार होने की उम्मीद है। जयशंकर और उनके रूसी समकक्ष सेर्गेई लावरोव के यूक्रेन में शांति लाने संबंधी ट्रंप प्रशासन की नवीनतम पहलों पर भी चर्चा करने की संभावना है। विदेश मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में बताया कि यात्रा के दौरान विदेश मंत्री द्विपक्षीय एजेंडे की समीक्षा करेंगे और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर रूसी विदेश मंत्री के साथ विचार साझा करेंगे। बयान में कहा गया है, ‘‘इस यात्रा का उद्देश्य भारत-रूस की लंबे समय से चली आ रही और समय की कसौटी पर खरी उतरी विशेष सामरिक साझेदारी को और मजबूत करना है।'' ऐसी उम्मीद है कि जयशंकर की मॉस्को यात्रा के दौरान दोनों पक्ष भारत-रूस ऊर्जा संबंधों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस महीने एक शासकीय आदेश जारी कर नयी दिल्ली द्वारा रूसी तेल की निरंतर खरीद के जुर्माने के रूप में भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क (टैरिफ) लगाया है। रूस से कच्चे तेल की खरीद का बचाव करते हुए भारत यह कहता रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित और बाजार के समीकरणों पर आधारित है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद पश्चिमी देशों द्वारा मॉस्को पर प्रतिबंध लगाने और उसकी आपूर्ति बंद करने के बाद भारत ने रियायती दरों पर बेचे जाने वाले रूसी तेल को खरीदना शुरू कर दिया था। इसके परिणामस्वरूप, 2019-20 में कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी मात्र 1.7 प्रतिशत थी जो 2024-25 में बढ़कर 35.1 प्रतिशत हो गई और अब यह भारत को सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता है। जयशंकर की मॉस्को यात्रा के दौरान, दोनों पक्षों के बीच यूक्रेन संघर्ष पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के ज़रिए रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने का आह्वान करता रहा है।
पिछले वर्ष जुलाई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मास्को की यात्रा की थी और पुतिन से कहा था कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान युद्ध के मैदान में संभव नहीं है तथा बम और गोलियों के बीच शांति प्रयास सफल नहीं होते। इसके अगले महीने, मोदी ने यूक्रेन की राजधानी कीव की यात्रा की थी और राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से कहा था कि यूक्रेन और रूस को युद्ध समाप्त करने के लिए बिना समय बर्बाद किए एक साथ बैठना चाहिए। -
हैदराबाद. इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने मंगलवार को कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी एक ऐसे रॉकेट पर काम कर रही है, जिसकी ऊंचाई 40 मंजिला इमारत जितनी होगी और जो 75,000 किलोग्राम भार वाले ‘पेलोड' को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित करने में सक्षम होगा। उस्मानिया विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में नारायणन ने कहा कि इस वर्ष इसरो ने कई महत्वपूर्ण मिशन तय किए हैं, जिनमें ‘नेविगेशन विद इंडिया कॉन्स्टेलेशन सिस्टम' (एसएवीआईसी) सैटेलाइट, एन1 रॉकेट और भारतीय रॉकेटों के जरिये अमेरिका के 6,500 किलोग्राम वजनी संचार उपग्रह को कक्षा में स्थापित करना शामिल है। उन्होंने कहा ‘‘आप जानते हैं कि रॉकेट की क्षमता क्या है?''
उन्होंने कहा, ‘‘डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा निर्मित पहला प्रक्षेपक 17 टन का था, जो केवल 35 किलोग्राम भार को निचली पृथ्वी कक्षा में स्थापित कर सकता था। आज हम 75,000 किलोग्राम भार ले जाने वाले रॉकेट की कल्पना कर रहे हैं, जिसकी ऊंचाई 40 मंजिला इमारत जितनी होगी।'' उन्होंने बताया कि इसरो इस वर्ष ‘टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेशन सैटेलाइट' (टीडीएस) और जीसैट-7आर (भारतीय नौसेना के लिए विशेष संचार उपग्रह) सहित कई उपग्रहों का प्रक्षेपण करने जा रहा है। नारायणन ने कहा कि फिलहाल भारत के 55 उपग्रह अंतरिक्ष में सक्रिय हैं और आने वाले तीन से चार वर्षों में यह संख्या तीन गुना बढ़ाई जाएगी। इस अवसर पर तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने उन्हें भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में उनके अहम योगदान के लिए विज्ञान में डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की। -
नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर इंडिया ब्लॉक के नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में उपराष्ट्रपति चुनाव पर विस्तार से चर्चा हुई और उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार के रूप में बी. सुदर्शन रेड्डी के नाम पर सहमति बनी।
उपराष्ट्रपति चुनाव में बी. सुदर्शन रेड्डी विपक्ष के उम्मीदवार होंगे, जिनका मुकाबला एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से होगा। बी. सुदर्शन रेड्डी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी।खड़गे ने कहा कि ‘इंडिया’ अलायंस ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी को भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। उन्होंने कहा कि बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उनका एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है, जिसमें आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कार्य करना शामिल है।उन्होंने कहा कि सुदर्शन रेड्डी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के एक निरंतर और साहसी समर्थक रहे हैं। अगर आप उनके कई फैसले पढ़ेंगे, तो आपको पता चलेगा कि उन्होंने कैसे गरीबों का पक्ष लिया और संविधान तथा मौलिक अधिकारों की रक्षा की।मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “उपराष्ट्रपति पद का यह चुनाव एक वैचारिक लड़ाई है और सभी विपक्षी दल इस पर सहमत हैं, और यही कारण है कि हमने बी. सुदर्शन रेड्डी को संयुक्त उम्मीदवार के रूप में नामित किया है।” उन्होंने कहा कि सुदर्शन रेड्डी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे। सभी विपक्षी दलों के सांसद बुधवार की दोपहर 1 बजे सेंट्रल हॉल में बैठक करेंगे।टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा, “आम आदमी पार्टी समेत सभी विपक्षी दल इस पर सहमत हैं।” एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के आवास पर सोमवार को उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर अहम बैठक हुई थी, जिसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप दिया था। बैठक में तय किया गया कि महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 20 अगस्त को नामांकन करेंगे - मुंबई। महाराष्ट्र में आफत की बारिश जारी है । पूरे राज्य में बारिश से आम-जनजीवन पर खासा असर पड़ा है। कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है । राज्य में 21 अगस्त तक हालातों में कोई सुधार नहीं होने की उम्मीद है । लगातार जारी भारी बारिश ने आम-जनजीवन के साथ-साथ किसानों को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। राज्य में लाख एकड़ में खड़ी फसलों का नुकसान हुआ है ।कृषि विभाग की तरफ से बताया गया है कि गुरुवार 14 अगस्त से जारी बारिश के चलते अमरावती जिले में 12,360 हेक्टेयर में लगी सोयाबीन, कपास और संतरे की फसलें पूरी तरह से चौपट हो गई हैं । यवतमाल में शुरुआती अनुमान के अनुसार 90,852 हेक्टेयर में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ है । यवतमाल जिले के 13 तालुका पर बारिश का असर पड़ा है। कृषि अधिकारी राहुल सतपुते के हवाले से बताया है कि अमरावती डिविजन के पांच जिलों में करीब तीन लाख हेक्टेयर में फसलों को नुकसान हुआ है ।विदर्भ में भी काफी नुकसान हुआ है। यहां के मेखर, मालेगांव, पातूर और बालापुर में लगातार बारिश हो रही है। उतावली और निर्गुण बांध ओवरफ्लो हो गए हैं । इसकी वजह से कई हेक्टेयर में कृषि योग्य भूमि पानी में डूब गई है। नुकसान काफी ज्यादा हो सकता है, प्रशासन अभी अनुमान लगाने में जुटा है । प्रशासन की तरफ से जो शुरुआती जानकारी दी गई है उसके अनुसार यहां भी नींबू, कपास, अरहर और सोयाबीन की फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा है । मराठवाड़ा में भी कई गांव पानी में डूबे हैं और कई हेक्टेयर भूमि बह गई है । अकेले संभाजी नगर जिले में ही 800 गांव पानी में डूब गए हैं । यहां पर दो लाख हेक्टेयर जमीन पर खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं ।मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटे में और बारिश होने की चेतावनी दी है. ऐसे में निचले इलाकों और नदी किनारे की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। चार दिन से जारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति ने किसानों की सोयाबीन, कपास और अरहर जैसी खरीफ फसलों को हजारों हेक्टेयर में नुकसान पहुंचाया है। यवतमाल, बीड और नांदेड़ में, जहां बुवाई की गई थी, चार लाख हेक्टेयर जमीन बहुत ज्यादा बारिश के कारण नष्ट हो गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा दिलाया है कि पंचनामा करके किसानों को पूरा मुआवजा दिया जाएगा । रत्नागिरी , रायगढ़ और हिंगोली जिलों में अधिक वर्षा हुई है और मौसम विभाग ने 17 से 21 अगस्त के बीच भारी वर्षा की चेतावनी दी है।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने के निर्देश दिए। कोंकण में कुछ नदियां खतरे के निशान को पार कर गई हैं और जलगांव में भारी नुकसान हुआ है। अलमट्टी के संबंध में कर्नाटक सरकार से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है , और हालांकि फिलहाल कोई खतरा नहीं है, फिर भी मुख्यमंत्री ने व्यवस्था को अलर्ट पर रखने के आदेश दिए हैं। मुखेड़ में स्थिति नियंत्रण में आ गई है , और विष्णुपुरी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खतरे का स्तर बढ़ने से पहले अन्य राज्यों से संपर्क करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पर्यटन स्थलों पर पुलिस सतर्क रहे , भूस्खलन वाले क्षेत्रों में व्यवस्था पहले से चालू रहे और आश्रय केंद्रों पर भोजन, स्वच्छ पानी और कपड़ों की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराई जाए । मुख्यमंत्री द्वारा नागरिकों को दिए गए निर्देशों में , उनसे अपील की गई कि वे एसएमएस अलर्ट भेजते समय सटीक समय का उल्लेख करें , अलर्ट को गंभीरता से लें और अपना ध्यान रखें । उन्होंने स्पष्ट किया कि तत्काल सहायता के लिए मंत्रालय से संपर्क करने की आवश्यकता नहीं है , स्थानीय स्तर पर धनराशि और अधिकार दिए गए हैं ।राज्य सरकार ने भारी बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का तत्काल आकलन करने के निर्देश दिए हैं। राहत और पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव-पाटिल ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा दिए गए पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक बारिश की तीव्रता जारी रहेगी। भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति के कारण राज्य में कृषि फसलों और बागों को जो नुकसान हुआ है, संबंधित जिले के जिला कलेक्टर तुरंत नुकसान का पंचनामा करें और बिना देरी के अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें । भारतीय मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक विदर्भ , मराठवाड़ा और कोंकण क्षेत्रों में भारी वर्षा की चेतावनी दी है । प्रशासन को इन क्षेत्रों के नागरिकों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए सतर्क रहना चाहिए। सरकार नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ी है और प्रशासन को भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों का तुरंत पंचनामा करना चाहिए ताकि प्रभावित समूहों को तत्काल मदद और राहत मिल सके। इस नुकसान की रिपोर्ट संबंधित विभागीय आयुक्तों को सौंपने का कहा गया है।
- चंदौली (उत्तर प्रदेश) । चंदौली जिले में मंगलवार को एक व्यक्ति ने कथित तौर पर मामूली विवाद के बाद फावड़े से हमला कर अपनी पत्नी की हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।पुलिस ने बताया कि घटना सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के बथावर गांव की है। उसने बताया कि भगवान दास यादव का अपनी पत्नी क्रीमकला देवी से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया, जिसके बाद उसने क्रीमकला पर फावड़े से वार कर दिया।सकलडीहा पुलिस क्षेत्राधिकारी स्नेहा तिवारी के मुताबिक, महिला की मौके पर ही मौत हो गई और वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया।महिला की मां ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि आरोपी चाहता था कि क्रीमकला मायके की जमीन को अपने नाम करवा ले जिसका विरोध करने पर भगवान दास ने उनकी बेटी की हत्या कर दी।उन्होंने बताया, ‘‘भगवान दास हिस्ट्रीशीटर अपराधी है और पंचायत सदस्य भी है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं।’’ तिवारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने मंगलवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की और भारत-चीन सीमा मुद्दों पर विशेष प्रतिनिधियों (एसआर) की 24वें दौर की वार्ता की। वांग यी दो दिवसीय दौरे पर सोमवार को भारत पहुंचे हैं।
द्विपक्षीय मुद्दों पर हुई चर्चाबताना चाहेंगे इस बैठक में सीमा पर तनाव, व्यापार, उड़ान सेवाओं की बहाली और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई। इसे लेकर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि यह यात्रा राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच पिछले साल बनी सहमति को लागू करने, उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान को बढ़ाने, आपसी विश्वास को मजबूत करने और मतभेदों को प्रबंधित करने में मदद करेगी। भारत में चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने भी इस दौरे के महत्व को रेखांकित किया।सोमवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से की मुलाकातइससे पहले सोमवार को वांग यी की विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात में जयशंकर ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “हमारे संबंधों में प्रगति का आधार सीमा पर शांति और सौहार्द है। तनाव कम करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना जरूरी है।” इस बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अन्य अधिकारी मौजूद थे।डॉ. एस. जयशंकर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने आर्थिक-व्यापारिक सहयोग, तीर्थयात्राओं, लोगों के बीच संपर्क, नदी डेटा साझाकरण और सीमा व्यापार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, “हमें पारस्परिक सम्मान, संवेदनशीलता और हितों के आधार पर आगे बढ़ना होगा ताकि मतभेद विवाद न बनें।”एससीओ की भारत की अध्यक्षता के दौरान चीन के सहयोग का किया उल्लेखविदेश मंत्री ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की भारत की अध्यक्षता के दौरान चीन के सहयोग का उल्लेख किया और 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी की जानकारी दी। उन्होंने वांग यी को सफल शिखर सम्मेलन की शुभकामनाएं दीं।डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, “हमारी चर्चाएं भारत-चीन संबंधों को स्थिर और सहयोगात्मक बनाने में योगदान देंगी, जो दोनों देशों के हितों को पूरा करेगी और चिंताओं का समाधान करेगी।” - नयी दिल्ली । भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बी. आर. गवई ने यहां राष्ट्रपति भवन में सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में उनकी मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। पोस्ट में कहा गया, ‘‘भारत के प्रधान न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।'' भाषा यासिर सुरेश
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों से मिलवाया है। आज मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई, जिसमें सीपी राधाकृष्णन का परिचय कराया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने पूरी पार्टी और सभी दलों के सांसदों से सीपी राधाकृष्णन का समर्थन करने की अपील की है।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मंगलवार सुबह दिल्ली में एनडीए संसदीय दल की बैठक में भाग लिया। उपराष्ट्रपति पद के लिए सीपी राधाकृष्णन की उम्मीदवारी के पक्ष में उत्साह देखकर प्रसन्नता हुई।”एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई। पीएम मोदी की मौजूदगी में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का बैठक में परिचय कराया गया। एनडीए के फ्लोर लीडर्स और सांसदों ने सीपी राधाकृष्णन का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया, उन्हें बधाई दी। एनडीए सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी का भी आभार व्यक्त किया।”किरेन रिजिजू ने बताया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपील की है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए ने जो उम्मीदवार (सीपी राधाकृष्णन) तय किया है, उनको सभी दल एकजुट होकर सर्वसम्मति से समर्थन करें। प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों से खासकर अपील की है कि वे सीपी राधाकृष्णन का समर्थन करें। राजनाथ सिंह भी सभी से बात कर रहे हैं।”उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हम सब मिलकर उपराष्ट्रपति के चुनाव में राधाकृष्णन को सपोर्ट करें। यह लोकतंत्र के लिए, देश के लिए और राज्यसभा को चलाने में भी बहुत उपयोगी होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “सीपी राधाकृष्णन, उपराष्ट्रपति पद के लिए एक बहुत अच्छा नाम हैं। यह सभी ने स्वीकार किया है।”केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने राधाकृष्णन की प्रशंसा कीरिजिजू ने राधाकृष्णन की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके जीवन में कोई विवाद नहीं रहा है। उन्होंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया। उनके ऊपर कोई दाग नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, “उन्होंने बहुत ही सादा जीवन जिया है और केवल समाज और देश के लिए काम किया है। अगर ऐसा व्यक्ति देश का उपराष्ट्रपति बने, तो यह देश के लिए बहुत खुशी की बात होगी। -
नई दिल्ली। अमेरिकी तकनीकी दिग्गज ओपनएआई ने मंगलवार को भारतीय यूजर्स के लिए एक नए सब्सक्रिप्शन प्लान, ‘चैटजीपीटी गो’ लॉन्च करने की घोषणा की। कंपनी की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि ‘चैटजीपीटी गो’ जीएसटी सहित 399 रुपए प्रति माह की दर से उपलब्ध है, जिसका भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया जा सकता है।
उद्देश्यइस नई योजना का उद्देश्य भारत में यूजर्स के लिए उन्नत एआई टूल्स को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है। ‘चैटजीपीटी गो’ की सभी सुविधाएं जीपीटी-5 द्वारा संचालित हैं, जहां यूजर्स भारतीय भाषाओं का उपयोग कर सकते हैं। ‘चैटजीपीटी गो’ मुफ्त योजना की तुलना में जीपीटी-5 के साथ दस गुना अधिक मैसेज लिमिट प्रदान करता है।विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह प्रतिदिन दस गुना अधिक इमेज जनरेशन प्रदान करता है। यूजर्स प्रतिदिन 10 गुना अधिक फाइल और इमेज अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा, इसमें पर्सनलाइज्ड रिस्पॉन्स के लिए दोगुनी मेमोरी भी है।नया ऑप्शनयह नया ऑप्शन मौजूदा सब्सक्रिप्शन टायर के साथ उपलब्ध है, जिसमें 1,999 रुपए प्रति माह की दर से चैटजीपीटी प्लस भी शामिल है, जो पावर यूजर्स के लिए प्राथमिकता पहुंच, तेज प्रदर्शन और उच्च उपयोग सीमा प्रदान करता है।पेशेवरों और उद्यमों के लिएइसके अलावा, ओपनएआई उन पेशेवरों और उद्यमों के लिए चैटजीपीटी प्रो प्रदान करता है जिन्हें “उच्चतम स्केल, कस्टमाइजेशन और एडवांस्ड मॉडलों तक एक्सेस की आवश्यकता होती है, जिसकी कीमत जीएसटी सहित 19,900 रुपए प्रति माह है।भारत चैटजीपीटी का दूसरा सबसे बड़ा बाजारचैटजीपीटी के उपाध्यक्ष और प्रमुख निक टर्ली ने कहा कि भारत में लाखों लोग सीखने, काम करने, रचनात्मकता और समस्या-समाधान के लिए प्रतिदिन चैटजीपीटी का उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि ‘चैटजीपीटी गो’ इन क्षमताओं को अधिक सुलभ बनाता है और यूपीआई का उपयोग कर भुगतान करना आसान बनाता है। कंपनी के अनुसार, भारत चैटजीपीटी का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है और सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है। जीपीटी-5 सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध है, प्लस सब्सक्राइबर्स को इसका अधिक इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा और प्रो सब्सक्राइबर्स को जीपीटी-5 प्रो का एक्सेस मिलेगा। - मुंबई । मुंबई में भारी बारिश के मद्देनजर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने घोषणा की है कि मुंबई शहर और उपनगरों में स्थित सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। भारी बारिश के कारण बीएमसी ने कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ की सलाह दी है।भारतीय मौसम विभाग ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र (मुंबई शहर और उपनगर) के लिए भारी वर्षा को लेकर ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। एक बयान में कहा गया, “वर्तमान में मुंबई में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। इस स्थिति को देखते हुए, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के रूप में कार्य करते हुए बीएमसी ने आवश्यक सेवाओं को छोड़कर क्षेत्र के सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी और बीएमसी कार्यालयों में मंगलवार को अवकाश घोषित किया है।”बीएमसी ने मुंबई महानगरीय क्षेत्र के सभी निजी कार्यालयों और प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे अपने कर्मचारियों को तत्काल ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ की सुविधा दें और कार्य की प्रकृति के अनुसार अनावश्यक यात्रा से बचने के निर्देश जारी करें।इसी तरह, नवी मुंबई पुलिस कमिश्नर ने लोगों से भारी बारिश की संभावना के चलते सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।पुलिस कमिश्नर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सुप्रभात मुंबई! चूंकि मंगलवार को भारी बारिश की चेतावनी है, मुझे उम्मीद है कि आप सभी सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे होंगे। सिर्फ जरूरी होने पर ही बाहर जाएं, उच्च ज्वार के दौरान समुद्र तट पर जाने से बचें और याद रखें कि हम किसी भी आपात स्थिति में आपकी मदद के लिए मौजूद हैं। निजी कंपनियों से अनुरोध है कि वे ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने की सुविधा दें। अपना ध्यान रखें, सुरक्षित रहें।”वहीं, महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण कुछ लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार और सोमवार को राज्य के सभी हिस्सों में बारिश हुई और अगले दो दिनों तक मुंबई में भी इसी तीव्रता से बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग ने 21 अगस्त तक भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग ने मंगलवार को मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और लोगों से अपील की है कि वे ज़रूरत पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलें।
- -एक्सिओम-4 मिशन की ऐतिहासिक सफलता पर दी बधाईनई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को अंतरिक्ष यात्री और वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से मुलाकात की। यह मुलाकात उनके अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से सफल वापसी के बाद हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने शुक्ला को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी और उनके अंतरिक्ष अनुभव, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारत की प्रगति तथा महत्वाकांक्षी ‘गगनयान’ मिशन पर चर्चा की। मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि भारत को शुक्ला की उपलब्धियों पर गर्व है।गौरतलब है कि शुभांशु शुक्ला ने नासा के एक्सिओम-4 मिशन में बतौर पायलट हिस्सा लिया था। यह मिशन 25 जून को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुआ था। शुक्ला 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौटे और कैलिफोर्निया तट के पास समुद्र में उतरे। इसके साथ ही वे 41 साल बाद अंतरिक्ष जाने वाले पहले भारतीय बन गए। बीते रविवार तड़के वे नई दिल्ली पहुंचे।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने संसद में शुक्ला की इस सफलता को पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक मिशन की सफलता नहीं है, बल्कि भारत के ‘विकसित भारत 2047’ लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम है। वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी शुक्ला की इस उपलब्धि की प्रशंसा की और कहा कि यह मिशन भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान कार्यक्रम के लिए एक मजबूत आधार है और इससे देशवासियों का आत्मविश्वास और बढ़ा है।अंतरिक्ष यात्री शुंभाशु शुक्ला का यह मिशन भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर नई पहचान देता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत है।-
- मुख्यमंत्री श्री साय ने 10 महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपे थे अनुबंध पत्रवित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कोतरलिया में रेडी-टू-ईट यूनिट का किया शुभारंभरायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को मूर्त रूप देते हुए महिला स्व-सहायता समूहों को पूरक पोषण आहार "रेडी-टू-ईट" निर्माण का कार्य पुनः सौंपा है। इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत रायगढ़ जिले से हुई है। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ की 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र प्रदान किए थे। इसके बाद मशीन इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से किया गया और अब रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत कोतरलिया से "रेडी-टू-ईट" उत्पादन का शुभारंभ हो चुका है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही आंगनबाड़ी के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि देशभर में 3 करोड़ "लखपति दीदी" बनाने का लक्ष्य रखा गया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेज गति से कार्य कर रहा है। रायगढ़ इस अभियान में अग्रणी जिला बना है।स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने ग्राम कोतरलिया में "रेडी-टू-ईट" निर्माण इकाई का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं मशीन चलाकर निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया और महिलाओं को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ से प्रारंभ हुई यह पहल शीघ्र ही प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगी और यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में कुल 2709 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सभी केंद्रों के लिए 10 महिला स्व-सहायता समूहों का चयन किया गया है। इन समूहों को प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत पूंजीगत सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। रायगढ़ जिले की परियोजनाओं—रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू के अंतर्गत चयनित समूह जल्द ही "रेडी-टू-ईट" उत्पादन प्रारंभ करेंगे। फिलहाल इसकी शुरुआत कोतरलिया से हो चुकी है।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने "रेडी-टू-ईट" उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्य—दोनों को नई दिशा प्रदान करेगी।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का विचारपूर्ण संबोधन देश की सामूहिक प्रगति और भविष्य के अवसरों को रेखांकित करता है। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति ने नागरिकों को उन बलिदानों की याद दिलाई जिनसे देश की आजादी का सपना साकार हुआ। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर लिखा, "स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर माननीय राष्ट्रपति जी ने अपने संबोधन में बहुत ही महत्वपूर्ण बातें कही हैं। इसमें उन्होंने सामूहिक प्रयासों से भारत की प्रगति और भविष्य के अवसरों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला है। राष्ट्रपति जी ने हमें उन बलिदानों की याद दिलाई, जिनसे देश की आजादी का सपना साकार हुआ। इसके साथ ही उन्होंने देशवासियों से राष्ट्र-निर्माण में बढ़-चढ़कर भागीदारी का आग्रह भी किया है।" अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कश्मीर के पहलगाम आतंकवादी हमले पर देश की निर्णायक प्रतिक्रिया की सराहना की और रक्षा क्षेत्र में देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने सतत सुशासन और ‘‘भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने'' के महत्व पर भी बात की।
- जम्मू ।"जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के एक सुदूर पहाड़ी गांव चशोती में बृहस्पतिवार को बादल फटने से सीआईएसएफ के दो जवानों समेत कम से कम 46 लोगों की मौत हो गयी । अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि चशोती गांव में सूर्यास्त होने तक बचावकर्मियों ने कड़ी मेहनत से मलबे के ढेर से 167 लोगों को बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि इनमें से 38 की हालत गंभीर है। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती गई और आशंका है कि यह और बढ़ सकती है। अधिकारियों ने बताया कि मचैल माता मंदिर जाने वाले रास्ते के चशोती गांव में यह आपदा दोपहर 12 बजे से एक बजे के बीच आई। हादसे के समय मचैल माता यात्रा के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे। साढ़े नौ हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित मचैल माता मंदिर तक जाने के लिए श्रद्धालु चशोती गांव तक वाहन से पहुंच सकते हैं, उसके बाद उन्हें 8.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होती है। चशोती गांव किश्तवाड़ शहर से लगभग 90 किलोमीटर दूर है। यहां श्रद्धालुओं के लिए लगाया गया एक लंगर (सामुदायिक रसोईघर) इस घटना से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ। बादल फटने के कारण अचानक बाढ़ आ गई और दुकानों एवं एक सुरक्षा चौकी सहित कई इमारतें बह गईं। एक वीडियो में दिख रहा है कि कीचड़ भरे पानी, गाद और मलबे की बाढ़ खड़ी ढलानों से नीचे आ रही है और उसके रास्ते में आने वाली हर चीज तबाह हो गई। घर ताश के पत्तों की तरह ढह गए, सड़कें और बचाव मार्ग अवरुद्ध हो गए, और भूस्खलन ने हरे-भरे परिदृश्य को गहरे भूरे-धूसर रंग में बदल दिया। उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले के धराली गांव में अचानक आई बाढ़ के नौ दिन बाद ही हिमालय की नाजुक ढलानों पर यह तबाही देखने को मिली है। पांच अगस्त को उत्तराखंड में आई उस आपदा में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन 68 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि स्थिति पर सावधानीपूर्वक नजर रखी जा रही है। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं हैं। स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। बचाव और राहत अभियान जारी है।" प्रधानमंत्री ने कहा, "जरूरतमंद लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।"राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘ जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना में कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद है। मैं शोकाकुल परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं और राहत तथा बचाव कार्य में सफलता की कामना करती हूं।'' केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति का जायजा लेने के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात की। शाह ने ‘एक्स' पर कहा कि किश्तवाड़ ज़िले में बादल फटने की घटना पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य कर रहा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई हैं।" किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा ने आपदा के तुरंत बाद बचाव दल को रवाना किया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ व्यक्तिगत रूप से अभियान की निगरानी के लिए खुद भी घटनास्थल की ओर रवाना हुए। अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पुलिस, सेना और स्थानीय स्वयंसेवकों द्वारा बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया है। सेना की व्हाइट नाइट कोर ने कहा कि जीवन बचाने और बचे लोगों की सहायता के लिए प्रयास जारी हैं।
- नयी दिल्ली ।वित्त मंत्रालय ने कहा है कि एसएंडपी का भारत की रेटिंग को बढ़ाना आर्थिक प्रगति और सूझबूझ वाले राजकोषीय प्रबंधन की एक महत्वपूर्ण पुष्टि है। वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि साख निर्धारण एजेंसी ने लगभग 19 साल बाद भारत की रेटिंग बढ़ायी है।इससे पहले एसएंडपी ने जनवरी, 2007 में भारत को सबसे निचले निवेश स्तर की रेटिंग ‘बीबीबी-' दी थी।यह किसी वैश्विक रेटिंग एजेंसी द्वारा साख में पहला सुधार है जिसमें भारत को सबसे निचले निवेश स्तर से एक पायदान ऊपर की रेटिंग दी गयी है। एसएंडपी ने पिछले साल मई में भारत के क्रेडिट रेटिंग परिदृश्य को ‘स्थिर' से बदलकर ‘सकारात्मक' कर दिया था। इससे पहले दिन में, साख निर्धारित करने वाली एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने बृहस्पतिवार को भारत की रेटिंग को स्थिर परिदृश्य के साथ बढ़ाकर ‘बीबीबी' कर दिया। रेटिंग एजेंसी ने मजबूत आर्थिक वृद्धि, राजकोषीय मजबूती के लिए राजनीतिक प्रतिबद्धता और महंगाई को काबू में लाने के लिए बेहतर मौद्रिक नीति उपायों का हवाला देते हुए भारत की रेटिंग बढ़ायी है। मंत्रालय ने कहा कि विश्वसनीय मुद्रास्फीति प्रबंधन और नीतियों को लेकर बढ़ते भरोसे ने भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एसएंडपी ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रमुख खूबियों का विवरण दिया है, जिनकी बदौलत भारत वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभरा है। वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2023-24 तक वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर औसतन 8.8 प्रतिशत रही, जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे अधिक है। मंत्रालय ने रेटिंग एजेंसी का हवाला देते हुए कहा कि मौद्रिक नीति सुधारों, विशेष रूप से मुद्रास्फीति के लिए लक्ष्य निर्धारित करने की व्यवस्था को अपनाने से महंगाई को और अधिक प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया गया है। एसएंडपी ने यह भी माना है कि वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों और मूल्य झटकों के बावजूद, भारत ने समग्र मूल्य स्थिरता बनाए रखकर मजबूती दिखायी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की बाह्य और वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है और लोकतांत्रिक संस्थाएं नीतियों के स्तर पर निरंतरता और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करती रहेंगी। एजेंसी के अनुसार, कम होता राजकोषीय घाटा और निरंतर सार्वजनिक निवेश आगे की सकारात्मक रेटिंग कार्रवाइयों को समर्थन दे सकते हैं। मंत्रालय के अनुसार, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत के बड़े और मजबूत घरेलू उपभोग आधार के कारण, हाल ही में लगाए गए अमेरिकी शुल्क का प्रभाव सीमित रहने की उम्मीद है। भाषा रमण अजय
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नई दिल्ली। आज 15 अगस्त को 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के वीर सैनिकों को सलाम किया। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से भी परे सजा दी है। सेना ने सैकड़ों किलोमीटर दुश्मन की धरती पर घुसकर आतंकी अड्डों को खत्म कर दिया और इमारतों को खंडहर में बदल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में सीमा पार से आए आतंकियों ने निर्दोष लोगों का कत्लेआम किया था। धर्म पूछकर लोगों की हत्या की गई, पति को पत्नी के सामने और पिता को बच्चों के सामने गोली मार दी गई। इस घटना से पूरा देश आक्रोशित था और दुनिया भी हैरान रह गई थी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ इसी आक्रोश का परिणाम था।
पीएम मोदी ने कहा कि 22 अप्रैल के बाद सेना को पूरी छूट दी गई थी कि रणनीति, लक्ष्य और समय खुद तय करें। इसके बाद सेना ने ऐसा ऑपरेशन किया, जो दशकों में कभी नहीं हुआ। पाकिस्तान में हुई तबाही इतनी बड़ी है कि वहां से रोज नई-नई जानकारियां आ रही हैं और वहां की नींद अभी भी उड़ी हुई है। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत अब न्यूक्लियर ब्लैकमेल सहन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद, आतंकियों को पनाह देने वालों और उन्हें समर्थन देने वालों में कोई अंतर नहीं है। ये सभी मानवता के दुश्मन हैं और भारत ने ‘न्यू नॉर्मल’ स्थापित किया है, जिसमें आतंक का जवाब सख्ती से दिया जाएगा।लाल किले से पीएम मोदी ने साफ चेतावनी दी कि अगर दुश्मन ने आगे भी कोशिश की, तो सेना अपनी शर्तों, तय समय और अपने तरीके से कार्रवाई करेगी और मुंहतोड़ जवाब देगी। उन्होंने कहा कि भारत ने तय किया है कि खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे। सिंधु जल समझौते को उन्होंने एकतरफा और अन्यायपूर्ण बताया, जिससे सात दशकों से देश के किसानों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत से निकलने वाली नदियों का पानी सिर्फ भारत के किसानों का हक है।प्रधानमंत्री ने ‘मेड इन इंडिया’ अभियान की भी प्रशंसा की और बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत में बने हथियारों ने दुश्मन को पल भर में नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर भारत आत्मनिर्भर न होता, तो इतनी तेज और सफल कार्रवाई संभव नहीं थी। पिछले 10 वर्षों से देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रहा है और आज इसकी ताकत सेना के हाथ में है। -
नई दिल्ली। देशभर में आज 15 अगस्त को आजादी का पर्व पूरे उत्साह और गर्व के साथ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता दिवस को 140 करोड़ संकल्पों का महापर्व बताया और आने वाले वर्षों के लिए भारत की तकनीकी प्रगति, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और विकास के विजन पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 50-60 साल पहले भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण का विचार शुरू हुआ था, लेकिन यह आगे नहीं बढ़ पाया और कई देश इस क्षेत्र में आगे निकल गए। उन्होंने बताया कि अब भारत मिशन मोड में काम कर रहा है और छह सेमीकंडक्टर यूनिट्स की नींव रखी जा चुकी है। पीएम मोदी ने घोषणा की कि इस साल के अंत तक भारत में बनी ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स बाजार में उपलब्ध होंगी।
ऊर्जा के मामले में पीएम मोदी ने कहा कि देश अभी भी पेट्रोल, डीजल और गैस के लिए कई देशों पर निर्भर है, जिस पर हर साल लाखों-करोड़ों रुपए खर्च होते हैं। अगर भारत ऊर्जा में आत्मनिर्भर हो जाए तो यह धन युवाओं और गरीबी खत्म करने के काम में आ सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में सौर ऊर्जा उत्पादन में बड़ी वृद्धि हुई है, नए बांध बनाकर हाइड्रो पावर का विस्तार किया जा रहा है और ‘मिशन ग्रीन हाइड्रोजन’ के तहत हजारों करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है। साथ ही, 10 नए परमाणु रिएक्टर कार्यरत हैं और 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को 10 गुना से अधिक बढ़ाने का लक्ष्य है। इस क्षेत्र में निजी कंपनियों के लिए भी दरवाजे खोल दिए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने तय किया है कि 2030 तक क्लीन एनर्जी लाई जाएगी और इस लक्ष्य का 50 प्रतिशत काम पहले ही पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि अब देश समुद्र के भीतर तेल और गैस भंडार खोजने के लिए नया मिशन शुरू कर रहा है, ताकि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 15 अगस्त को लाल किले से अपना 12वां स्वतंत्रता दिवस भाषण दिया, जो लगातार संबोधनों के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (11) से अधिक है। अपने संबोधन में उन्होंने अनुच्छेद 370 को हटाने को ‘एक राष्ट्र, एक संविधान’ के मंत्र की ऐतिहासिक स्थापना बताते हुए कहा कि यह देश के संविधान के लिए बलिदान देने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि है। पीएम मोदी ने डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती का उल्लेख करते हुए कहा, “वे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने संविधान के लिए अपने प्राण दिए। आज मैं लाल किले से लघु भारत देख रहा हूं दूरदराज गांवों के पंचायत सदस्य, ‘ड्रोन दीदी’, ‘लखपति दीदी’, खेल जगत के प्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों में देश को योगदान देने वाले लोग यहां मौजूद हैं। तकनीक के जरिए आज लाल किला पूरे भारत से जुड़ा है।”
उन्होंने कहा कि आज 140 करोड़ भारतीय तिरंगे के रंग में रंगे हैं। चाहे रेगिस्तान हों, हिमालय की चोटियां, समुद्र किनारे के इलाके या घनी आबादी वाले शहर हर जगह देशभक्ति के गीत और नारे गूंज रहे हैं। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को भी विशेष रूप से मनाया जा रहा है। लाल किले पर करीब 5,000 विशेष अतिथि मौजूद हैं, जिनमें स्पेशल ओलंपिक्स 2025 के भारतीय दल, अंतरराष्ट्रीय खेल विजेता, खेलो इंडिया पैरा गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट और राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन के तहत प्रशिक्षित एवं सशक्त किसान शामिल हैं।देशभर में पहली बार स्वतंत्रता दिवस की शाम को देशभक्ति के जोश को बढ़ाने के लिए बैंड प्रदर्शन आयोजित किए जा रहें हैं । इनमें सेना, नौसेना, वायु सेना, कोस्ट गार्ड, एनसीसी, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, बीएसएफ, आईडीएस, आरपीएफ और असम राइफल्स के बैंड 140 से अधिक प्रमुख स्थानों पर प्रस्तुति देंगे। -
नई दिल्ली। भारत ने बीते 10 वर्षों से अधिक समय में राष्ट्रीय सुरक्षा के तीन प्रमुख स्तंभ जैसे खाद्य, ऊर्जा और रक्षा में तेज प्रगति की है। इसकी वजह नीति निर्मताओं का स्पष्ट विजन, अधिक टेक्नोलॉजी को अपनाने पर ध्यान केंद्रित होना और रणनीतिक निवेश करना है। यह जानकारी इंडिया नैरेटिव के एक आर्टिकल में दी गई। इस दौरान देश चावल और गेहूं का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और दालों व चीनी का सबसे बड़ा उत्पादक बनकर उभरा है। खाद्यान्न उत्पादन 2015-16 में 256.4 मिलियन टन से बढ़कर 2021-22 में 315.72 मिलियन टन हो गया, जो एक दशक में लगभग 60 मिलियन टन की वृद्धि दर्शाता है।
मनरेगा ग्रामीण रोजगार सुरक्षा, अप्रत्यक्ष रूप से खाद्यान्न की क्रय क्षमता को सशक्त बनाती हैयह उपलब्धि एक बहुआयामी दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें बेहतर सिंचाई, मशीनीकरण, उच्च उपज वाली बीज किस्में और किसान-केंद्रित कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं। इस प्रयास को बल देने वाली प्रमुख योजनाओं में पीएम-किसान योजना शामिल है, जो 11 करोड़ से अधिक किसानों को प्रत्यक्ष आय सहायता प्रदान करती है। वहीं, मनरेगा ग्रामीण रोजगार सुरक्षा जो अप्रत्यक्ष रूप से खाद्यान्न की क्रय शक्ति को मजबूत करती है।भारत के कृषि निर्यात झींगा से लेकर मसालों तक ने न केवल राष्ट्रीय आय को बल्कि क्षेत्रीय खाद्य आपूर्ति स्थिरता को भी मजबूत किया हैइसके अतिरिक्त, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना और पीएम कृषि सिंचाई योजना, जो स्थायी मृदा और जल प्रबंधन को लक्षित करती हैं। भारत के कृषि निर्यात (झींगा से लेकर मसालों तक) ने न केवल राष्ट्रीय आय को बल्कि क्षेत्रीय खाद्य आपूर्ति स्थिरता को भी मजबूत किया है, जिससे यह वैश्विक बाजारों में एक विश्वसनीय योगदानकर्ता बन गया है। यह लेख 2014 के बाद से देश की ऊर्जा सुरक्षा में आए तेज बदलाव के बारे में भी बताता है, जब लाखों भारतीयों के पास अभी भी बुनियादी बिजली नहीं थी। हालांकि, अप्रैल 2018 तक, भारत ने 2.8 करोड़ से ज्यादा घरों को जोड़ते हुए, 100 प्रतिशत गांवों का विद्युतीकरण कर दिया गया है। डीडीयूजीजेवाई और सौभाग्य जैसे ग्रामीण और शहरी विद्युतीकरण कार्यक्रमों ने लंबे समय से चली आ रही पहुंच की कमियों को दूर किया, जबकि उज्ज्वला योजना ने कम आय वाले परिवारों के लिए धुएं वाले चूल्हों की जगह एलपीजी कनेक्शन दिए।जून 2025 में भारत की 476 गीगावाट स्थापित बिजली क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा 47.7% है, जो 2015 के 16% से बड़ी बढ़ोतरी हैजून 2025 तक, भारत की स्थापित बिजली क्षमता 476 गीगावाट है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान 47.7 प्रतिशत है – जो 2015 के लगभग 16 प्रतिशत से एक बड़ा बदलाव है। सौर ऊर्जा में असाधारण उछाल आया है, जो 2016 में 9 गीगावाट से बढ़कर 2025 में 110.9 गीगावाट हो गया है, जिससे भारत सौर क्षमता के मामले में वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है। पवन ऊर्जा भी 51.3 गीगावाट तक पहुंच गई है, जो दुनिया भर में चौथे स्थान पर है।ऊर्जा विविधीकरण, रणनीतिक तेल भंडार और विदेशी परिसंपत्ति अधिग्रहण से भारत आपूर्ति झटकों से सुरक्षित हैबिजली की कमी, जो उद्योग जगत के लिए एक स्थायी बाधा थी, 2013-14 में 4.2 प्रतिशत से घटकर 2024-25 में 0.1 प्रतिशत रह गई है। ऊर्जा विविधीकरण, रणनीतिक तेल भंडारों और विदेशी परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के साथ, भारत को आपूर्ति संबंधी झटकों से बचा रहा है।देश के रक्षा में आत्मनिर्भर भारत ढांचे के तहत आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक परिवर्तन हुआ हैदेश के रक्षा में आत्मनिर्भर भारत ढांचे के तहत आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक परिवर्तन हुआ है। देश ने स्वदेशी मिसाइल कार्यक्रमों जैसे अग्नि, पृथ्वी और ब्रह्मोस (दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइल) की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया है। पहली परमाणु ऊर्जा चालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, आईएनएस अरिहंत ने भारत के परमाणु त्रिकोण को मजबूत किया है।
हाल के इनोवेशनों में सटीक, त्वरित-तैनाती क्षमता वाली प्रलय सामरिक मिसाइल और अग्नि प्राइम मिसाइल शामिल हैंहाल के इनोवेशनों में सटीक, त्वरित-तैनाती क्षमता वाली प्रलय सामरिक मिसाइल और अग्नि प्राइम मिसाइल शामिल हैं, जिसे लंबी दूरी के हमले के लिए अपग्रेड किया गया है। तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में रक्षा औद्योगिक गलियारों ने 20,000 करोड़ रुपए की प्रतिबद्धताएं आकर्षित की हैं, जिनमें से अकेले तमिलनाडु ने 2024 तक 11,794 करोड़ रुपए प्राप्त किए हैं। इस पारिस्थितिकी तंत्र ने 100 से अधिक देशों को रिकॉर्ड रक्षा निर्यात को बढ़ावा दिया है।भारतीय सेनाएं एआई-संचालित युद्धक्षेत्र प्रणालियां, स्मार्ट कवच, एक्सोस्केलेटन और एआर-सक्षम सामरिक उपकरण अपना रही हैंइसके अलावा, भारतीय सेनाएं एआई-संचालित युद्धक्षेत्र प्रणालियां, स्मार्ट कवच, एक्सोस्केलेटन और एआर-सक्षम सामरिक उपकरण अपना रही हैं। लेख में आगे कहा गया है कि पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने स्वदेशी प्लेटफार्मों – आकाश मिसाइल प्रणाली, ब्रह्मोस, तेजस लड़ाकू जेट और एलसीएच प्रचंड हेलीकॉप्टरों – की प्रभावशीलता को प्रदर्शित किया। सीमा पार सुरक्षा में सुधार हुआ है और उग्रवाद की घटनाओं में बड़ी गिरावट आई है। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन में सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों को नमन करते हुए कहा कि 15 अगस्त हमारे सामूहिक स्मृति में अंकित एक ऐतिहासिक तिथि है, जिसने हमें आजादी और लोकतंत्र का उपहार दिया। उन्होंने विभाजन की त्रासदी और 14 अगस्त को मनाए गए “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” का उल्लेख करते हुए पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी।राष्ट्रपति ने संविधान के चार स्तंभ-न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता को भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला बताया और कहा कि इनका केंद्र मानव गरिमा है। उन्होंने कहा कि 1947 में आज़ादी के समय देश अत्यंत गरीबी में था, लेकिन बीते 78 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में असाधारण प्रगति की है और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आर्थिक मोर्चे पर कि बीते वित्तीय वर्ष में 6.5% GDP वृद्धि दर के साथ भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज बढ़ता देश है। महंगाई नियंत्रित है, निर्यात बढ़ रहे हैं और घरेलू मांग मजबूत है। अच्छी नीतियों, सुधारों और मेहनतकश किसानों व मजदूरों के योगदान से करोड़ों लोग गरीबी से बाहर आए हैं, असमानता और क्षेत्रीय विषमताएं कम हो रही हैं।उन्होंने बुनियादी ढांचे में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘भारतमाला परियोजना’ के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का विस्तार हुआ है, रेलवे में आधुनिक ट्रेनें और कोच आए हैं, और कश्मीर घाटी में रेल लिंक का उद्घाटन एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। शहरी क्षेत्रों में मेट्रो रेल सेवाएं कई शहरों में फैली हैं, ‘अमृत’ योजना से जलापूर्ति और सीवरेज कनेक्शन बेहतर हुए हैं, और ‘जल जीवन मिशन’ से ग्रामीण घरों तक नल का पानी पहुंच रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘आयुष्मान भारत’ योजना से अब तक 55 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिला है और 70 वर्ष से ऊपर के सभी वरिष्ठ नागरिकों को, आय से परे, इसका लाभ दिया गया है। डिजिटल क्षेत्र में लगभग सभी गांव 4G नेटवर्क से जुड़ चुके हैं और डिजिटल भुगतान में भारत दुनिया में अग्रणी है, जहां विश्व के कुल डिजिटल लेनदेन का आधा से अधिक भारत में होता है। उन्होंने बताया कि ‘इंडिया-एआई मिशन’ से देश की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमताएं मजबूत हो रही हैं और 2047 तक भारत को ग्लोबल AI हब बनाने का लक्ष्य है।राष्ट्रपति ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को राष्ट्रीय विकास का आधार बताया और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में युवा, महिलाएं और वंचित समुदाय मुख्य भूमिका निभाएंगे। उन्होंने शैक्षिक सुधार, रोजगार और उद्यमिता के अवसरों, खेलों में उपलब्धियों और महिला सशक्तिकरण के उदाहरण दिए-जैसे कि 19 वर्षीया युवती और 38 वर्षीया महिला का FIDE महिला विश्व कप शतरंज फाइनल तक पहुंचना। उन्होंने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग और अन्य समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान का जिक्र किया और भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता की प्रतिबद्धता दोहराई। राष्ट्रपति ने महात्मा गांधी के कथन “भ्रष्टाचार और पाखंड लोकतंत्र के अनिवार्य परिणाम नहीं होने चाहिए” का हवाला देते हुए भ्रष्टाचार उन्मूलन का संकल्प लेने की अपील की। वहीं राष्ट्रपति ने इस वर्ष हुए आतंकी हमलों और पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की हत्या की निंदा करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को निर्णायक और ऐतिहासिक करार दिया। इसमें भारतीय सेनाओं ने सीमापार आतंकी ठिकानों को नष्ट किया और यह आत्मनिर्भर भारत मिशन की रक्षा क्षेत्र में सफलता का भी उदाहरण बना। उन्होंने कहा कि भारत कभी आक्रामक नहीं होगा, लेकिन अपने नागरिकों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने और पर्यावरण संरक्षण के लिए जीवनशैली में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया और सैनिकों, पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, न्यायपालिका, सिविल सेवाओं, विदेश मिशनों में कार्यरत अधिकारियों और प्रवासी भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
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नई दिल्ली। भारत जब 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है, तब महाराष्ट्र का एक छोटा सा शहर नांदेड़ देश के देशभक्ति भरे आयोजनों में बड़ी भूमिका निभा रहा है। नांदेड़ स्थित मराठवाड़ा खादी ग्रामोद्योग समिति देश के उन गिने-चुने अधिकृत केंद्रों में से एक है, जहां राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा सरकारी मानकों के अनुसार बनाया जाता है। यहां से तैयार हुए झंडे गांव के छोटे-छोटे कार्यालयों से लेकर दिल्ली के भव्य लाल किले तक फहराए जाते हैं। यह जिम्मेदारी 1965 से जुड़ी है, जब स्वतंत्रता सेनानी गोविंदभाई श्रोफ और स्वामी रामानंद तीर्थ ने नांदेड़ में खादी ग्रामोद्योग की नींव रखी। तब से यह संस्था स्थानीय रोजगार और राष्ट्रीय गौरव का अहम केंद्र बन गई है।
कार्यालय अधीक्षक ज्ञानोबा सोलांके के मुताबिक, तिरंगा झंडा बनाने की प्रक्रिया बेहद सावधानी और समय लेकर होती है, जिसकी शुरुआत महीनों पहले हो जाती है। सबसे पहले बिना संसाधित खादी कपड़े को अहमदाबाद की बीएमसी मिल में भेजा जाता है, जो सरकार से स्वीकृत है। यहां कपड़े को तिरंगे के तीन रंगों में बुना जाता है। इसके बाद भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के निर्देशों के अनुसार सख्त गुणवत्ता जांच होती है, फिर अशोक चक्र की स्क्रीन प्रिंटिंग, कटाई और सिलाई की जाती है। निर्माण प्रक्रिया की एक खास बात ‘गारदी’ रस्सी है, जिसका उपयोग झंडा बांधने में होता है। यह रस्सी हल्दी, सागौन, साल और शीशम जैसी लकड़ियों के मिश्रण से बनती है और मुंबई से मंगाई जाती है। पूरे निर्माण प्रक्रिया में कम से कम दो महीने लगते हैं, इसलिए पहले से योजना बनाना जरूरी होता है।नांदेड़ निर्माण इकाई के प्रबंधक महाबलेश्वर माथपती ने बताया, “हमारा संगठन 1962 में शुरू हुआ था और 1993 से हम राष्ट्रीय ध्वज बना रहे हैं। केंद्र सरकार हमें कपास देती है। लातूर जिले के उदगीर में हमारी एक शाखा है, जहां 250 कताई और बुनाई कारीगर कपड़ा तैयार करते हैं। यह कपड़ा फिर नांदेड़ लाकर, रंगाई और ब्लीचिंग के लिए गुजरात भेजा जाता है और अंत में प्रिंटिंग और सिलाई के लिए वापस नांदेड़ आता है।” इस साल अब तक नांदेड़ इकाई में 10,000 से अधिक विभिन्न आकार के राष्ट्रीय ध्वज तैयार किए जा चुके हैं। 8 अगस्त तक 50 लाख रुपये के झंडे बिक चुके हैं और इकाई इस साल 1.5 करोड़ रुपये का कारोबार पार करने की राह पर है। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस से पहले हर साल मांग बढ़ जाती है।झंडे के आकार उनके इस्तेमाल पर निर्भर करते हैं। सबसे बड़ा झंडा 14×21 फीट का होता है, जो लाल किला और मंत्रालयों जैसी सरकारी इमारतों पर फहराया जाता है। 8×12 फीट का झंडा जिला कलेक्टर कार्यालय, 6×9 फीट का पुलिस आयुक्तालय और 4×6 फीट का तहसील कार्यालय में इस्तेमाल होता है। छोटे झंडे स्कूलों और कॉलेजों में वितरित किए जाते हैं। दिलचस्प बात यह है कि पूरे भारत में केवल चार केंद्रों को लाल किले के लिए झंडा बनाने की अनुमति है-नांदेड़ और मुंबई (महाराष्ट्र), हुबली (कर्नाटक) और ग्वालियर (मध्य प्रदेश)। माथपती ने गर्व से कहा, “हम राष्ट्रीय ध्वज बनाते समय गर्व महसूस करते हैं। यह हमारे लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है और हम इस राष्ट्रीय कर्तव्य का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस करते हैं।”








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