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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों को 127 वीरता पुरस्कार, 40 विशिष्ट सेवा पुरस्कार और 290 ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेज’ (Mention-in-Despatches) प्रदान करने की मंजूरी दी है। वीरता पुरस्कारों में 4 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र, 16 शौर्य चक्र, 2 ‘बार टू सेना मेडल (गैलेंट्री)’, 58 सेना मेडल (गैलेंट्री), 6 नौसेना मेडल (गैलेंट्री) और 26 वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) शामिल हैं। इसके अलावा 7 सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल, 9 उत्तम युद्ध सेवा मेडल और 24 युद्ध सेवा मेडल भी दिए जाएंगे।
राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृत ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेज़’ में 115 भारतीय सेना के, 5 भारतीय नौसेना के, 167 भारतीय वायु सेना के और 3 सीमा सड़क विकास बोर्ड (BRDB) के कर्मी शामिल हैं। इन पुरस्कारों का उद्देश्य युद्धकालीन और शांति कालीन परिस्थितियों में अद्वितीय साहस, वीरता, नेतृत्व और उत्कृष्ट सेवा को सम्मानित करना है।इस वर्ष की सूची में सेना के विशेष बलों, राष्ट्रीय राइफल्स, गोरखा रेजिमेंट, राजपूताना राइफल्स, डोगरा रेजिमेंट, सिख रेजिमेंट, गढ़वाल राइफल्स, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री और आर्टिलरी जैसे कई प्रतिष्ठित यूनिटों के अधिकारी व जवान शामिल हैं। नौसेना और वायुसेना के कई पायलटों, कमांडरों और तकनीकी स्टाफ को भी उनके साहसिक अभियानों और मिशनों में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।इन पुरस्कारों के माध्यम से देश ने अपने उन वीर सैनिकों, अधिकारियों और कर्मियों को सलाम किया है जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा, आतंकवाद-रोधी अभियानों, सीमाओं की सुरक्षा और आपातकालीन मिशनों में अपनी जान की बाजी लगाकर असाधारण बहादुरी और सेवा का परिचय दिया।- -
नई दिल्ली। 79वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर के ऐतिहासिक और प्रमुख भवन तिरंगे के रंगों में जगमगा उठे। मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) मुख्यालय, मंत्रालय, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) भवन, विधान भवन और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को तिरंगे की रोशनी से सजाया गया। वसई-विरार महानगरपालिका मुख्यालय और कई सड़कें भी तिरंगे की लाइटों से नहाई हुई नजर आईं, जो स्थानीय लोगों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनीं।
वहीं कोलकाता में हावड़ा ब्रिज और विक्टोरिया मेमोरियल तिरंगे की रोशनी में नहाए नजर आए, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक तस्वीरें खिंचवाते दिखे। राजस्थान के जोधपुर में रेलवे स्टेशन, जिला कलेक्टर कार्यालय और प्रमुख चौराहों को तिरंगे रंगों से सजाया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, जो इस समय जोधपुर में हैं, 15 अगस्त को बरकतुल्लाह खान स्टेडियम में ध्वजारोहण करेंगे और प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे।गुजरात के पोरबंदर में भी स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे की लाइटिंग की गई। झारखंड की राजधानी रांची में उच्च न्यायालय भवन तिरंगे की रोशनी में जगमगाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कैंट स्टेशन, सर्किट हाउस, विकास प्राधिकरण, भारतीय स्टेट बैंक भवन और अंबेडकर चौराहे को आकर्षक तिरंगे रंगों से सजाया गया। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में सलाल डैम को भी तिरंगे की रोशनी से सजाया गया, जिससे इसकी खूबसूरती और बढ़ गई। इन रंग-बिरंगी रोशनियों ने पूरे देश में देशभक्ति और उत्सव का माहौल बना दिया। -
गंगटोक. सिक्किम सरकार ने राज्य के 199 लोगों का चयन किया है, जिन्हें वृद्ध माता-पिता की सेवा करने के लिए एक-एक लाख रुपये का ‘श्रवण कुमार पुरस्कार' दिया जाएगा। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि सभी 199 लाभार्थियों को शुक्रवार को विभिन्न जिलों में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोहों के दौरान यह पुरस्कार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग की सरकार ने ‘श्रवण कुमार पुरस्कार' की शुरुआत उन पुत्रों और पुत्रियों को सम्मानित करने के लिए की है, जिन्होंने अपने वृद्ध माता-पिता के प्रति समर्पण दिखाया है और उनकी देखभाल की है। यह पुरस्कार पौराणिक पात्र श्रवण कुमार के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने अपने नेत्रहीन माता-पिता की सेवा की थी। एक अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देना, बुजुर्गों के प्रति सम्मान को प्रोत्साहित करना और वृद्धावस्था में माता-पिता की देखभाल की सिक्किम की परंपरा को संरक्षित करना है। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री स्वयं कल राज्य-स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के स्थल पालजोर स्टेडियम में गंगटोक जिले के 22 लोगों को सम्मानित करेंगे, जबकि पाक्योंग, सोरेंग, नामची, गेजिंग और मंगन के पुरस्कार विजेताओं को उनके-अपने जिलों में सम्मानित किया जाएगा।''
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नयी दिल्ली. भारत ने पाकिस्तान को नयी दिल्ली के खिलाफ ‘‘नफरती'' बयानबाजी नहीं करने की चेतावनी देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि किसी भी दुस्साहस के ‘‘कष्टकारी परिणाम'' होंगे। पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर द्वारा भारत को परमाणु धमकी दिये जाने और बिलावल भुट्टो जरदारी की कुछ टिप्पणियों के बाद, विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया आई है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘हमने पाकिस्तानी नेतृत्व की ओर से भारत के खिलाफ लगातार की जा रही लापरवाह, युद्धोन्मादी और घृणास्पद टिप्पणियों से जुड़ी खबरें देखी है।'' उन्होंने कहा, ‘‘अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बार-बार भारत विरोधी बयानबाजी करना पाकिस्तानी नेतृत्व का जगजाहिर तौर-तरीका है।'' विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘पाकिस्तान को आगाह किया जाता है कि वह अपनी बयानबाजी पर संयम रखे क्योंकि किसी भी दुस्साहस के कष्टकारी परिणाम होंगे, जैसा कि हाल ही में प्रदर्शित किया गया है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि अंतरिक्ष में कदम रखने वाले भारत के दूसरे और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर जाने वाले देश के पहले अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के इस सप्ताहांत भारत आने की संभावना है। सिंह ने बताया कि शुक्ला अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद वह अपने परिवार से मिलने लखनऊ जाएंगे। मंत्री ने कहा कि शुक्ला 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह में भाग लेने के लिए दिल्ली लौटेंगे। शुक्ला ‘एक्सिओम-4' निजी अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा थे जो 25 जून को फ्लोरिडा से रवाना हुआ और 26 जून को आईएसएस से जुड़ा। उन्होंने अमेरिका की पैगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोज उजनांस्की-विस्निवस्की और हंगरी के टिबोर कापु के साथ 18 दिन के मिशन के दौरान 60 से अधिक प्रयोग और 20 जनसंपर्क सत्र किए। ‘एक्सिओम-4' मिशन का चालक दल लेकर जा रहा ‘ड्रैगन' अंतरिक्ष यान 15 जुलाई को सैन डिएगो तट के पास प्रशांत महासागर में उतरा जिससे मिशन का सफल समापन हुआ। यह मिशन भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम ‘गगनयान' के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है जिसका प्रक्षेपण 2027 तक करने का लक्ष्य तय किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मिशन की सराहना करते हुए कहा था कि शुक्ला ने एक अरब सपनों को प्रेरित किया है और भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
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नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को बृहस्पतिवार को निर्देश दिया कि वह बिहार की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मसौदा मतदाता सूची से हटाये गये 65 लाख मतदाताओं का विवरण प्रकाशित करे और साथ ही उन्हें शामिल न करने के कारण भी बताए। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने बिहार में मतदाता सूची की एसआईआर कराने के 24 जून के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। इसने कहा कि 65 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में थे, लेकिन मसौदा सूची से हटा दिए गए थे। मसौदा सूची को एक अगस्त को प्रकाशित किया गया था। जिन लोगों की मृत्यु हो गई है, जो पलायन कर गये हैं या अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में चले गए हैं, उनके नामों की सूची पंचायत स्तर के कार्यालय और जिला स्तर के निर्वाचन अधिकारियों के कार्यालय में कारणों समेत प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया। पीठ ने टेलीविजन समाचार चैनलों और रेडियो के अलावा स्थानीय भाषाओं एवं अंग्रेजी दैनिकों समेत समाचार पत्रों के माध्यम से व्यापक प्रचार करने पर जोर दिया, ताकि लोगों को उन स्थानों के बारे में जानकारी दी जा सके जहां सूची उपलब्ध होगी। शीर्ष अदालत ने कहा कि नाम हटाए जाने से जिन लोगों को दिक्कत है, उन्हें अपने आधार कार्ड के साथ निर्वाचन अधिकारियों से संपर्क करने की अनुमति दी जाती है। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 अगस्त की तारीख निर्धारित करते हुए आयोग से उसके निर्देश की अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। निर्वाचन आयोग ने बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महीने भर चली एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने के बाद राज्य के लिए मतदाता सूचियों का मसौदा एक अगस्त को प्रकाशित किया था। निर्वाचन आयोग द्वारा मसौदा सूची में पहले से पंजीकृत मतदाताओं को शामिल न करने के लिए बताए गए कारणों में मृत्यु (22.34 लाख), ‘‘स्थायी रूप से स्थानांतरित/अनुपस्थित'' (36.28 लाख) और ‘‘पहले से ही नामांकित (एक से अधिक स्थानों पर)'' (7.01 लाख) शामिल थे। निर्वाचन आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा कि उसके (निर्वाचन आयोग) पास कुछ निर्णय लेने के लिए पर्याप्त शक्तियां हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि निर्वाचन आयोग ‘‘तीव्र राजनीतिक विद्वेष के माहौल'' में काम कर रहा है, जहां उसके ज्यादातर फैसलों को चुनौती दी जाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में निर्वाचन आयोग ‘‘राजनीतिक दलों के संघर्ष के बीच फंसा हुआ है'' जो हारने पर ईवीएम को ‘‘खराब'' कहते हैं और जीतने पर ईवीएम को ‘‘अच्छा'' बताते हैं। द्विवेदी ने कहा कि एक मोटे अनुमान के मुताबिक बिहार में लगभग 6.5 करोड़ लोगों को एसआईआर के लिए कोई दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि वे या उनके माता-पिता 2003 की मतदाता सूची में पंजीकृत थे। इससे पहले सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने आयोग से उन दस्तावेजों की जानकारी देने को कहा, जिन पर बिहार में 2003 के गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान विचार किया गया था। पीठ ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि निर्वाचन आयोग बताए कि 2003 की प्रक्रिया में कौन से दस्तावेज लिये गए थे।'' अदालत की यह टिप्पणी तब आई जब एक पक्ष की ओर से पेश हुए वकील निजाम पाशा ने अदालत के हवाले से कथित तौर पर कहा, ‘‘अगर एक जनवरी, 2003 (पहले की एसआईआर की तिथि) की तारीख हटती है, तो सब कुछ खत्म हो जाएगा है।'' पाशा ने कहा, ‘‘यह बताने के लिए कुछ भी नहीं था कि यह तारीख क्यों है... यह धारणा बनाने की कोशिश की जा रही है कि यह वही तारीख है जब मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए गहन प्रक्रिया हुई थी। यह कहा गया है कि उस समय जारी किया गया ईपीआईसी (मतदाता) कार्ड समय-समय पर की गई संक्षिप्त कवायदों के दौरान जारी किए गए ईपीआईसी (मतदाता) कार्ड से ज्यादा विश्वसनीय है, जो गलत है।'' पाशा ने पूछा कि अगर गहन और संक्षिप्त संशोधन के तहत नामांकन की प्रक्रिया एक ही है, तो संक्षिप्त प्रक्रिया के तहत जारी किए गए ईपीआईसी कार्ड कैसे रद्द किए जा सकते हैं। वकील ने कहा कि इसलिए 2003 की तारीख अमान्य है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे गणना फॉर्म की कोई रसीद या प्राप्ति की पुष्टि करने वाला कोई दस्तावेज नहीं दिया जा रहा है और इसलिए बूथ स्तर के अधिकारियों का दबदबा है और इन निचले स्तर के अधिकारियों के पास फॉर्म लेने या न लेने का बहुत ज़्यादा विवेकाधिकार है।'' एक अन्य याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता शोएब आलम ने निर्वाचन आयोग की अधिसूचना में अपर्याप्त कारणों की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया न तो ‘संक्षिप्त' है और न ही ‘गहन', बल्कि केवल अधिसूचना के जरिये बनाई गई एक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया है और इसे अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया नहीं माना जा सकता। यह स्वागत योग्य प्रक्रिया है, (लेकिन) इसे अप्रिय प्रक्रिया में तब्दील नहीं करना चाहिए।'' उच्चतम न्यायालय ने 13 अगस्त को कहा था कि मतदाता सूचियां ‘स्थिर' नहीं रह सकतीं और उनमें संशोधन होना तय है। शीर्ष अदालत ने कहा था कि बिहार की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए स्वीकार्य पहचान दस्तावेजों की सूची को सात से बढ़ाकर 11 करना वास्तव में ‘मतदाताओं के अनुकूल है, न कि उन्हें बहिष्कृत करने वाला'। एसआईआर पर विवाद बढ़ने पर पीठ ने कहा कि निर्वाचन आयोग के पास उस तरह की कार्यवाही करने की शक्ति है, जैसा वह उचित समझे। पीठ ने एक याचिकाकर्ता की इस दलील से भी असहमति जताई कि विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में मतदाता सूचियों के एसआईआर का कोई कानूनी आधार नहीं है और इसे रद्द कर दिया जाना चाहिए। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेताओं और गैर-सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स' (एडीआर) ने बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण की कवायद को चुनौती दी है।
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नयी दिल्ली. शुभांशु शुक्ला के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बनने के करीब महीने भर बाद, भारत ने इस माह की शुरुआत में अपनी तरह के पहले अभियान में एक गोताखोर को समुद्र में 5,000 मीटर की गहराई तक भेजा। भारत के महत्वाकांक्षी ‘डीप ओशन मिशन' की तैयारी के तहत, फ्रांस के साथ साझेदारी में दो भारतीयों ने पांच और छह अगस्त को फ्रांसीसी पनडुब्बी ‘‘नॉटाइल'' में उत्तरी अटलांटिक महासागर में एक-एक गहरा गोता सफलतापूर्वक लगाया। राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान के वैज्ञानिक राजू रमेश पांच अगस्त को सागर में 4,025 मीटर नीचे गए, जिसके बाद छह अगस्त को भारतीय नौसेना कमांडर (सेवानिवृत्त) जतिंदर पाल सिंह ने 5,002 मीटर की गहराई तक गोता लगाया। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘‘एक भारतीय अंतरिक्ष में और एक भारतीय गहरे समुद्र में लगभग एक साथ जा रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘भारत की दोहरी विजय की खोज पहले ही शुरू हो चुकी है... एक अंतरिक्ष में और दूसरी गहरे समुद्र में तथा यह भारत की आर्थिक विकास की कहानी में इन दोनों क्षेत्रों के मूल्यवर्धन की शुरुआत होगी, जो पिछले सात-आठ दशकों में अपेक्षाकृत कम खोजे गए या पूरी तरह से अनछुए रहे हैं।'' सिंह ने कहा, ‘‘भारत से एक भारतीय अंतरिक्षयान में अंतरिक्ष में जा सकता है और उसी समय एक या अधिक भारतीय स्वदेश विकसित पनडुब्बी में गहरे समुद्र में जा सकते हैं।'' पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम रविचंद्रन ने कहा, ‘‘यह अभियान भारत के गहरे महासागर मिशन के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था।'' उन्होंने कहा कि भारत स्वदेशी पनडुब्बी ‘‘मत्स्य 6000'' में गहरा गोता लगाने से पहले उसी पनडुब्बी में कई और गोता लगाएगा, जो दिसंबर 2027 के आसपास हो सकता है। समुद्रयान के नाम से मशहूर ‘डीप ओशन मिशन' को 2021 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी और इसे पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। ‘मत्स्य 6000' को 2.1 मीटर व्यास वाले टाइटेनियम मिश्र धातु के गोले के अंदर तीन लोगों को 6,000 मीटर की गहराई तक ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है, जो अत्यधिक दबाव को सहन करने में सक्षम है। यह वैज्ञानिक सेंसर, डेटा और ध्वनि संचार प्रणालियों और सुरक्षा उप-प्रणालियों से सुसज्जित है, जिनकी आपातकालीन क्षमता 96 घंटे तक है। इसके साथ, मानवयुक्त गहरे समुद्र मिशन को अंजाम देने की क्षमता रखने वाले छह देशों के समूह में भारत के शामिल होने की उम्मीद है।
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नयी दिल्ली. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत सरकार के अल्पकालिक अग्निपथ भर्ती कार्यक्रम के तहत अग्निवीरों के लिए एक विशेष व्यक्तिगत ऋण योजना शुरू करने की बृहस्पतिवार को घोषणा की। एसबीआई ने बयान में कहा कि इस ऋण योजना के तहत बैंक में वेतन खाता रखने वाले अग्निवीर बिना किसी गारंटी के चार लाख रुपये तक का ऋण हासिल कर सकते हैं। इसमें प्रसंस्करण शुल्क पर पूर्ण छूट होगी। इसमें कहा गया कि पुनर्भुगतान अवधि अग्निपथ योजना की अवधि के अनुरूप होगी। इसके अलावा बैंक 30 सितंबर, 2025 तक सभी रक्षा कर्मियों को 10.50 प्रतिशत की न्यूनतम ब्याज दर की पेशकश कर रहा है। बैंक के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने कहा, ‘‘ एसबीआई में हमारा मानना है कि जो लोग हमारी स्वतंत्रता की रक्षा कर रहे हैं... वे अपने भविष्य के निर्माण में हमारे अटूट समर्थन के हकदार हैं। यह शून्य-प्रसंस्करण शुल्क तो महज शुरुआत है। हम आगे भी ऐसे समाधान तैयार करते रहेंगे जो आने वाले वर्षों में भारत के वीरों को सशक्त बनाएंगे।'' यह पहल बैंक की रक्षा वेतन पैकेज के माध्यम से भारत के सशस्त्र बलों के कल्याण के लिए दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर आधारित हैं, जो लंबे समय से अग्निवीरों के लिए उपलब्ध है।
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रांची. झारखंड की राजधानी रांची में एक ऑटोरिक्शा और ट्रक के बीच आमने-सामने की टक्कर में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि यह दुर्घटना बुधवार की रात अंगारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत रांची-पुरुलिया रोड पर चामघाटी में हुई। अंगारा पुलिस थाने के प्रभारी हीरालाल साह ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘घटना में दो महिलाओं समेत एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे इलाज के लिए रांची के राजेन्द्र चिकित्सा विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भर्ती कराया गया है।'' पुलिस के अनुसार, ऑटोरिक्शा रांची जा रहा था, तभी मुरी की ओर जा रहे एक ट्रक से उसकी टक्कर हो गई। उसने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ट्रक चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे भीषण टक्कर हुई और ट्रक पलट गया। पुलिस ने बताया कि ट्रक चालक मौके से भाग गया।
- नयी दिल्ली । केंद्र सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले, बृहस्पतिवार को विभिन्न केंद्रीय और राज्य बलों के 1,090 पुलिस कर्मियों के लिए सेवा पदक की घोषणा की। केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, 233 कर्मियों को वीरता पदक से, 99 कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और 758 कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। मंत्रालय ने कहा, इसमें अग्निशमन, होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा तथा सुधारात्मक सेवाओं के कर्मियों के लिए पदक शामिल हैं। वीरता पदकों में से अधिकतम 152 पदक जम्मू-कश्मीर में अभियानों में शामिल सुरक्षा कर्मियों को देने की घोषणा की गयी है। इसके बाद 54 पदक नक्सल विरोधी अभियानों में तैनात सैनिकों को, तीन पूर्वोत्तर में ड्यूटी के लिए और 24 पदक अन्य क्षेत्रों में दिए गए हैं। मंत्रालय के बयान के अनुसार, चार अग्निशमन सेवा कर्मियों और एक होम गार्ड व नागरिक सुरक्षा अधिकारी को भी वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। वीरता पदक जीवन और संपत्ति को बचाने या अपराध को रोकने या अपराधियों को गिरफ्तार करने में बहादुरी के दुर्लभ विशिष्ट कार्य के आधार पर प्रदान किया जाता है। राष्ट्रपति पदक सेवा में विशिष्ट प्रतिष्ठित रिकॉर्ड के लिए और सराहनीय सेवा पदक को कर्तव्य के प्रति समर्पण जैसी मूल्यवान सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।
- नयी दिल्ली। ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान ‘‘विशिष्ट बहादुरी'' और ‘‘अद्वितीय साहस'' का प्रदर्शन करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 16 कर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। अर्धसैनिक बल बीएसएफ देश के पश्चिमी हिस्से में भारत-पाकिस्तान सीमा की रक्षा करने का दायित्व निभा रहा है। बीएसएफ ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस स्वतंत्रता दिवस पर 16 बहादुर सीमा प्रहरियों को ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान दृढ़ और अडिग रहने, उनकी विशिष्ट बहादुरी और अद्वितीय साहस के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया जा रहा है। उसने कहा, ‘‘पदक भारत की पहली रक्षा पंक्ति: सीमा सुरक्षा बल में व्यक्त राष्ट्र के विश्वास और भरोसे का प्रमाण हैं।'' पदक विजेताओं में एक डिप्टी कमांडेंट रैंक के अधिकारी, दो सहायक कमांडेंट और एक इंस्पेक्टर शामिल हैं। ऑपरेशन सिन्दूर के तहत भारत ने 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में सात से 10 मई तक पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।
- नागपुर,। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारत को एक महाशक्ति और ‘‘विश्वगुरु'' बनाने की वकालत करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि अगर भारत हर क्षेत्र में मजबूत हो जाता है तो दुनिया निश्चित रूप से उसकी बात सुनेगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नागपुर में राष्ट्र निर्माण समिति (सामाजिक संगठन) द्वारा आयोजित ‘अखंड भारत संकल्प दिवस' के अवसर पर एक कार्यक्रम में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। गडकरी ने कहा, ‘‘हम इस दिन को याद करते हैं क्योंकि इसी दिन 1947 में देश दो हिस्सों में बंट गया था - भारत और पाकिस्तान। हम सभी एक मिशन के रूप में स्वीकार करते हैं कि हमारे देश का विभाजन अस्वाभाविक था और एक दिन हमारा देश ‘अखंड' हो जाएगा, यही संकल्प हम आज इस कार्यक्रम में लेते हैं।'' उन्होंने भारत की विविधता में एकता और देश के सशस्त्र बलों की सराहना की।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था एवं दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ-साथ ‘‘आत्मनिर्भर'' और ‘‘विश्वगुरु'' बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि ये सभी संकल्प हर भारतीय के प्रयासों से हासिल किए जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम हर क्षेत्र में मजबूत होंगे तो निश्चित रूप से दुनिया हमारी बात सुनेगी। जो लोग अर्थव्यवस्था, रक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में मजबूत हैं और जो कृषि एवं व्यापार में प्रगति कर रहे हैं तथा जिस देश के नागरिक देशभक्त एवं सुसंस्कृत हैं, वह देश ही विश्वगुरु बन सकता है।'' गडकरी ने लोगों के बीच ‘‘अखंड भारत'' का विचार लाने के लिए राष्ट्र निर्माण समिति की प्रशंसा की।उन्होंने कहा, ‘‘आज जब हम ‘अखंड भारत' का संकल्प ले रहे हैं, तो हमें एक ऐसी महाशक्ति बनने का भी संकल्प लेना चाहिए जो प्रगतिशील, समृद्ध और शक्तिशाली हो।'' गडकरी ने सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताई और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के बारे में युवाओं के बीच जागरूकता पैदा करने के महत्व पर जोर दिया।
- नयी दिल्ली । देश के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 85 ग्राम सरपंचों के ग्रामीण क्रांति में योगदान को देखते हुए उन्हें शुक्रवार को लाल किले पर आयोजित 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल, जमीनी स्तर के नेताओं को सम्मानित करने की सरकार की परंपरा का हिस्सा है और इसमें ग्राम स्तर पर स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, महिला सशक्तीकरण और सतत शासन को आगे बढ़ाने के लिए सरपंचों को सम्मानित किया जा रहा है। सभी चयनित पंचायतों को स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (एसबीएम-जी) के तहत ‘ओडीएफ प्लस' घोषित किया गया है और जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत ‘हर घर जल' गांव के रूप में प्रमाणित किया गया है। आमंत्रित सरपंचों में बिहार के समस्तीपुर के मोतीपुर ग्राम पंचायत की मुखिया प्रेमा देवी भी शामिल हैं, जिनके नेतृत्व में उनका गांव अपशिष्ट से ऊर्जा और जल प्रबंधन का मॉडल बना।राजस्थान में भरतपुर की रारह ग्राम पंचायत की कुसुम सिंह ने अपनी नर्सिंग पृष्ठभूमि को प्रौद्योगिकी-संचालित शासन के साथ जोड़ा है। गुजरात में, सरपंच शशिकांत भूपेंद्रभाई पटेल के नेतृत्व में सुल्तानपुर गांव पर्यावरणीय जिम्मेदारी का एक आदर्श बनकर उभरा है। अधिकारियों ने बताया कि पंचायत ने प्लास्टिक के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया, कपड़े के थैलों को बढ़ावा दिया और ब्रेल लिपि में साइनेज वाला एक सामुदायिक शौचालय बनवाया - जो राज्य में अपनी तरह का पहला शौचालय है। महाराष्ट्र के कोल्हापुर में दीपाली उत्तम चौगुले के नेतृत्व में निगवे दुमाला ग्राम पंचायत ने ठोस अपशिष्ट पृथक्करण और पुनर्चक्रण प्रणालियों के साथ लगभग पूर्ण स्वच्छता कवरेज हासिल कर लिया है। अधिकारियों ने कहा कि इन सरपंचों को आमंत्रित करना इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे ग्रामीण भारत समावेशी और टिकाऊ प्रथाओं के माध्यम से देश की प्रगति को गति दे रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 15 अगस्त से पहले, पेयजल और स्वच्छता विभाग, संस्कृति मंत्रालय के साथ साझेदारी में, ‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता' अभियान भी चला रहा है। मंत्रालय के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को सरपंचों से बातचीत की।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस पर लगातार 12वीं बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय पर हो रहा है जब ‘ऑपरेशन सिंदूर' को कुछ महीने ही हुए हैं और विपक्षी दल चुनाव में कथित गड़बड़ियों को लेकर एकजुट होकर उनकी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। मोदी इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास और अपने कार्यकाल में कल्याणकारी मॉडल के विस्तार पर भारत के अडिग रुख को रेखांकित कर सकते हैं। साथ ही वह व्यापार पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत के प्रति प्रतिकूल रुख से उत्पन्न आर्थिक और विदेशी संबंधों की अनिश्चितता के माहौल पर भी बोल सकते हैं। प्रधानमंत्री पिछले काफी समय से 2047 तक ‘विकसित भारत' बनाने में मदद के लिए स्वदेशी तकनीक और स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देकर देश को ‘आत्मनिर्भर' बनाने पर बार-बार जोर दे रहे हैं और देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से उनके भाषण में इसी बात को दोहराया जा सकता है। हाल में लगातार दो बार प्रधानमंत्री बनने के इंदिरा गांधी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने के बाद, मोदी अपने 12वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन के साथ, लाल किले की प्राचीर से दिए गए इंदिरा के लगातार 11 भाषणों को पीछे छोड़ते हुए, इस मामले में प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बाद दूसरे स्थान पर होंगे। इंदिरा गांधी जनवरी 1966 से मार्च 1977 तक, और फिर जनवरी 1980 से अक्टूबर 1984 में अपनी हत्या तक, प्रधानमंत्री पद पर रहीं। कुल मिलाकर, उन्होंने 15 अगस्त को प्रधानमंत्री के रूप में 16 भाषण दिए हैं। पंद्रह अगस्त को मोदी के भाषणों में हमेशा उस समय के प्रमुख मुद्दे और उनके कार्यकाल में देश के विकास पर चर्चा होती है, और वे अकसर नीतिगत पहलों या नई योजनाओं की घोषणा भी अपने संबोधन में करते हैं। पिछले साल 15 अगस्त को अपने 98 मिनट के संबोधन में, उन्होंने वर्तमान ‘सांप्रदायिक' और ‘भेदभाव' को बढ़ावा देने वाली संहिता के बजाय एक ‘धर्मनिरपेक्ष' नागरिक संहिता और एक साथ चुनाव कराने की स्पष्ट वकालत की थी। उन्होंने घोषणा की थी कि अगले पांच वर्षों में देश में 75,000 और मेडिकल सीटें सृजित की जाएंगी।महिलाओं के विरुद्ध अपराध जैसी सामाजिक बुराइयों को भी उनके कुछ भाषणों में प्रमुखता से उठाया गया है और स्वच्छता तथा महिलाओं व पारंपरिक रूप से वंचित समुदायों के सशक्तीकरण के लिए उनके प्रयासों का भी प्रमुखता से उल्लेख किया गया है। राजनीतिक पर्यवेक्षक विदेश नीति के मोर्चे पर उनके किसी भी संकेत का बेसब्री से इंतजार करेंगे, ऐसे समय में जब भारत और अमेरिका के बीच आमतौर पर मजबूत रहे रिश्ते इस समय तनाव में हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम में मध्यस्थता के ट्रंप के बार-बार किए जा रहे दावों और व्यापार को लेकर भारत पर दबाव बनाने के लिए टैरिफ के इस्तेमाल के कारण रिश्तों में तनाव आ गया है। संसद का मानसून सत्र जारी है और विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही अवरुद्ध है। विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर चर्चा की मांग की है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रधानमंत्री चुनावी धांधली के विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हैं या नहीं। मोदी के स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ उनकी सरकार का कड़ा रुख भी प्रमुख रहा है और इस साल भी कुछ अलग होने की संभावना नहीं है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के लिए नागरिकों से सुझाव मांगे थे, और यह उत्सुकता से देखा जाएगा कि क्या इनमें से कुछ सुझाव उनके भाषण में शामिल होते हैं।
- जम्मू, ।जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में मचैल माता मंदिर के मार्ग पर एक दूरदराज के गांव में बृहस्पतिवार को बादल फटने से कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह बादल चशोती में फटा जो मंदिर के मार्ग पर स्थित ऐसा अंतिम गांव है जहां किसी वाहन से पहुंचा जा सकता है। चशोती में दोपहर 12 बजे से अपराह्न एक बजे के बीच उस समय बादल फटा जब बड़ी संख्या में लोग मचैल माता मंदिर की यात्रा के लिए एकत्र हुए थे। चशोती से मंदिर तक की 8.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू होती है। अधिकारियों ने बताया कि 12 शव बरामद किए गए हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।चशोती किश्तवाड़ से लगभग 90 किलोमीटर दूर 9,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित है।श्रद्धालुओं के लिए आयोजित लंगर को बादल फटने से भारी नुकसान हुआ। बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई।केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से इस संबंध में बात की है। उन्होंने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘चशोती क्षेत्र में बादल फटने की एक बड़ी घटना हुई है, जिससे भारी जनहानि होने की आशंका है। प्रशासन कार्रवाई में तुरंत जुट गया है और बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हो गया है।'' उन्होंने कहा कि क्षति का आकलन किया जा रहा है और आवश्यक बचाव एवं चिकित्सा प्रबंधन व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के बाद मंदिर की वार्षिक यात्रा स्थगित कर दी गई है तथा प्राधिकारी सभी संसाधन जुटाने और बड़े पैमाने पर बचाव एवं राहत अभियान चलाने के लिए घटनास्थल रवाना हो गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के दो दल उधमपुर से किश्तवाड़ भेजे गए हैं।अधिकारियों ने बताया कि किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नरेश सिंह भी बचाव अभियान की निगरानी के लिए प्रभावित क्षेत्र रवाना हो गए हैं। उपायुक्त ने कहा, ‘‘इलाके में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है।''उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस घटना में हुई जानमाल की हानि पर दुख व्यक्त किया।उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘किश्तवाड़ के चशोती में बादल फटने की घटना से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। असैन्य, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) और एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) अधिकारियों को बचाव एवं राहत अभियान को और तेज करने तथा प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।'' अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी की तलहटी में बसी घनी बस्ती में अचानक आई बाढ़ ने कई घरों को प्रभावित किया है। विपक्ष के नेता सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि उन्हें बादल फटने की बड़ी घटना होने की सूचना मिली है।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि फिलहाल किसी के पास सटीक आंकड़े हैं, लेकिन आशंका है कि इलाके में भारी नुकसान हुआ है।'' शर्मा ने कहा कि वहां भारी नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने कहा, ‘‘यात्रा जारी रहने के कारण इलाके में काफी भीड़ है।
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज गुरुवार को अमृत उद्यान समर एनुअल्स एडिशन 2025 का शुभारंभ किया। इसके साथ यह भव्य उद्यान 16 अगस्त से 14 सितंबर तक आम जनता के लिए खोल दिया गया। इस दौरान आगंतुक 42 से अधिक किस्मों के रंग-बिरंगे ग्रीष्मकालीन फूलों, थीम आधारित बागों और प्राकृतिक सुंदरता से सजे विशेष क्षेत्रों का आनंद ले सकेंगे। यहां लोग सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक घूम सकते हैं, जबकि आखिरी प्रवेश शाम 5:15 बजे तक होगा। वहीं सोमवार को रखरखाव के लिए उद्यान बंद रहेगा।
उद्यान में प्रवेश निःशुल्क है, लेकिन इसके लिए पहले से पंजीकरण जरूरी है, जो राष्ट्रपति भवन की वेबसाइट से ऑनलाइन या गेट नंबर 35 (नॉर्थ एवेन्यू रोड) के बाहर लगे सेल्फ-सर्विस कियोस्क पर बुक किया जा सकता है। 15 एकड़ में फैला अमृत उद्यान राष्ट्रपति भवन की “आत्मा” माना जाता है। पहले इसमें ईस्ट लॉन, सेंट्रल लॉन, लॉन्ग गार्डन और सर्कुलर गार्डन शामिल थे, जिन्हें बाद में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और राम नाथ कोविंद के कार्यकाल में और विस्तारित किया गया। अब यहां थीम-आधारित कई हिस्से हैं, जैसे- बाल वाटिका (225 साल पुराने शीशम के पेड़, ट्रीहाउस और बोन्साई गार्डन, सर्कुलर गार्डन, बहती जलधारा, कैस्केड, मूर्तिकला फव्वारे, स्टेपिंग स्टोन्स, रिफ्लेक्टिंग पूल, रिफ्लेक्सोलॉजी पाथ, पंचतत्व ट्रेल, जंगल जैसी सैरगाह, प्लूमेरिया गार्डन शामिल हैं।इस बार के समर एडिशन में 42 से अधिक प्रकार के ग्रीष्मकालीन मौसमी फूल खिलेंगे, जो इस विरासत स्थल को और रंगीन बनाएंगे। वहीं मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक चाबियां, पर्स, हैंडबैग, पानी की बोतलें, बच्चों के दूध की बोतलें और छाते ले जाने की अनुमति है, जबकि अन्य सामान प्रतिबंधित है। पूर्व में मुगल गार्डन नाम प्रसिद्ध अमृत उद्यान राष्ट्रपति भवन परिसर में स्थित है और दुनिया के सबसे खूबसूरत बागानों में गिना जाता है, जो भारत की बागवानी विरासत का प्रतीक है। -
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती इलाके में गुरुवार को बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर कहा मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। बचाव और राहत कार्य जारी है। ज़रूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार हर परिस्थिति में जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात की है।गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर बताया कि स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य कर रहा है। एनडीआरएफ की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। हम स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और हर परिस्थिति में जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं। जरूरतमंद लोगों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने किश्तवाड़ के चशोती इलाके में बादल फटने की घटना पर कहा कि वहां सभी बचाव दल पहुंच गए हैं। वे वहां काम कर रहे हैं और जो भी सहयोग और सहायता आवश्यक है, वह सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। हम सभी एक दूसरे के साथ संपर्क में हैं। यदि किसी मरीज़ को इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में भर्ती कराना पड़े तो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर के लिए मौसम अनुकूल नहीं हैं।जम्मू के डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने कहा, “हमें किश्तवाड़ में बादल फटने की सूचना मिली। SDRF, स्थानीय पुलिस और स्थानीय प्रशासन वहां पहुंच गए हैं। NDRF की टीम भी वहां पहुंचने वाली है। सेना और वायुसेना को भी सक्रिय कर दिया गया है। सभी मेडिकल टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है। तलाशी अभियान जारी है। राहत और बचाव कार्य जारी है, हम पूरी तत्परता से काम कर रहे हैं, मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।इसके अलावा, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 2 टीमों को वहां भेजा गया है। स्थानीय विधायक सुनील शर्मा ने बताया कि यह घटना उस जगह पर हुई, जहां श्री मचैल यात्रा के लिए चार पहिया वाहन खड़े होते हैं और कई अस्थायी दुकानें लगी हुई हैं। एडीसी किश्तवाड़ के अनुसार, श्री मचैल यात्रा अगली सूचना तक स्थगित कर दी गई है।स्थानीय पुलिस-प्रशासन के अलावा एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां बड़े पैमाने पर राहत व बचाव कार्य जुटी हैं। एनडीआरएफ ने एक बयान में कहा कि उपकरणों से लैस दो टीमों के लगभग 180 सदस्यों को उधमपुर बेस से रवाना किया गया है। - तिरुपति (आंध्र प्रदेश). बेंगलुरु के एक श्रद्धालु ने श्री वेंकटेश्वर अन्न प्रसादम ट्रस्ट को एक करोड़ रुपये का दान दिया है जबकि एक अन्य श्रद्धालु ने हीरे और वैजयंती पत्थरों से जड़ा 148 ग्राम वजनी स्वर्ण लक्ष्मी लॉकेट भगवान वेंकटेश्वर को अर्पित किया है। मंदिर प्रशासन ने बुधवार को यह जानकारी दी। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कल्याण रमन कृष्णमूर्ति द्वारा दी गई दान राशि का उपयोग पहाड़ी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन योजना में किया जाएगा। कृष्णमूर्ति ने टीटीडी के अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी चि. वेंकैया चौधरी को तिरुमला स्थित उनके कैंप कार्यालय में दान राशि का डिमांड ड्राफ्ट सौंपा। इसी तरह, के.एम. श्रीनिवास मूर्ति ने लगभग 25 लाख रुपये मूल्य का 148 ग्राम वजनी स्वर्ण लक्ष्मी लॉकेट अर्पित किया, जो भगवान श्री भोगा श्रीनिवास मूर्ति की प्रतिमा को सजाने के लिए इस्तेमाल होगा। उन्होंने यह लॉकेट श्रीवारी मंदिर परिसर स्थित रंगनायकुला मंडपम में वेंकैया चौधरी को सौंपा। टीटीडी, आंध्रप्रदेश के तिरुपति स्थित विश्व के सबसे धनवान हिंदू मंदिर, श्री वेंकटेश्वर मंदिर का आधिकारिक संरक्षक है।++++++++++++++++++++++++++++++
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नयी दिल्ली. रेल मंत्रालय ने विभिन्न जोन से कहा है कि यदि मांग और औचित्य हो तो वे ई-नीलामी के जरिये विभिन्न स्टेशन पर एकल ब्रांड, कंपनी के स्वामित्व वाली प्रीमियम दुकान के लिए स्थान आवंटित कर सकते हैं। मंत्रालय ने 11 अगस्त, 2025 को जारी एक आधिकारिक पत्र में हवाई अड्डों की तर्ज पर प्रीमियम एकल ब्रांड दुकानें खोलने के संबंध में दिशा-निर्देशों के लिए दक्षिण मध्य रेलवे के प्रस्ताव का जवाब दिया। इसमें कहा गया कि मामले की जांच करने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि दुकानें मौजूदा नीति के तहत आवंटित की जा सकती हैं न कि नामांकन के आधार पर। मंत्रालय ने कहा, ‘‘संबंधित मंडल/जोन यात्रियों की संख्या, स्थान की उपलब्धता, यात्री जनसांख्यिकी और अन्य प्रासंगिक स्टेशन-विशिष्ट विशेषताओं के आधार पर प्रीमियम स्थानों और उपयुक्त उत्पाद/सेवा श्रेणियों की पहचान करेंगे।'' रेलवे ने स्पष्ट किया है कि दुकानों का आवंटन ई-नीलामी नीति के अनुसार किया जाएगा। उसने कहा, ‘‘ऐसे ठेके देने के लिए, ई-नीलामी मॉड्यूल के भीतर एक समर्पित ‘‘प्रीमियम स्टोर्स'' खंड बनाया जा सकता है। सफल बोलीदाता आउटलेट के लिए ब्रांड/ब्रांडों का निर्णय ले सकता है।'' पत्र में कहा गया कि जोन सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी दुकानें स्टेशन के माहौल और भारतीय रेलवे की छवि को बेहतर बनाएं। मंत्रालय ने कहा, ‘‘संबंधित मंडल आवश्यकतानुसार अनुबंध की विशेष शर्तें तैयार कर सकते हैं। इससे पहले, दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) ने मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा था कि उसके कई स्टेशन के पुनर्विकास कार्य, प्रमुख उन्नयन और एबीएसएस (अमृत भारत स्टेशन योजना) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एससीआर ने कहा, ‘‘यात्रियों को प्रदान की जा रही विश्व स्तरीय सुविधाओं के अनुरूप, यात्रा में इस्तेमाल समान की कंपनियों (सैमसोनाइट/अमेरिकन टूरिस्टर/वीआईपी आदि), परिधान (एरो/वैन ह्यूसेन/पीटर इंग्लैंड/बीबा आदि), जूते और स्पोर्ट्स गियर (नाइकी/एडिडास/रीबॉक आदि) और अन्य वस्तुओं जैसे विभिन्न गैर-खानपान श्रेणियों के प्रीमियम सिंगल ब्रांड की दुकानों को स्टेशन पर खोलने की अनुमति देने की आवश्यकता है, जैसा कि हवाई अड्डों पर यात्रियों को दी जाती है।'' एससीआर ने इसी के साथ इस संबंध में मंत्रालय से दिशानिर्देश जारी करने का भी अनुरोध किया था।
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नयी दिल्ली. खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को बताया कि संसद में सुचारू रूप से पारित होने के बाद ऐतिहासिक राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक अगले छह महीने में लागू कर दिया जाएगा और प्रारंभिक कार्य पहले ही शुरू हो चुके हैं जिसमें नियमों का मसौदा तैयार करना और बुनियादी ढांचे की पहचान करना शामिल है। संसद के दोनों सदनों में विधेयक पारित होने के बाद मांडविया ने विधेयक के उस प्रावधान को ‘मानक सुरक्षा' के रूप में उचित ठहराया जो सरकार को असाधारण परिस्थितियों में भारतीय टीमों और व्यक्तिगत खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी पर ‘उचित प्रतिबंध लगाने' का विवेकाधीन अधिकार देता है। मांडविया ने कहा, ‘‘यह विधेयक जल्द से जल्द लागू किया जाएगा। अगले छह महीनों के भीतर शत प्रतिशत कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी।'' इस विधेयक के पारित होने से भारत खेल कानून लागू करने वाला 21वां देश बन जाएगा। इसके सबसे अहम प्रावधानों के कार्यान्वयन के लिए एक राष्ट्रीय खेल बोर्ड (एनएसबी) की स्थापना की जरूरत होगी जो राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) को मान्यता प्रदान करेगा और विवादों के समाधान के लिए एक राष्ट्रीय खेल पंचाट (एनएसटी) तथा एनएसएफ चुनावों की देखरेख के लिए एक राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल (एनएसईपी) का गठन किया जाएगा। खेल मंत्री ने कहा, ‘‘पदों को बनाने के लिए और अन्य प्रशासनिक अनुमोदन के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग तथा व्यय विभाग की स्थापित प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा। '' उन्होंने आगे कहा, ‘‘इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोनों संस्थान (एनएसबी और एनएसटी) यथाशीघ्र वैधानिक और प्रक्रियात्मक जरूरतों के अनुरूप पूरी तरह से संचालित हो जाएं। '' उन्होंने यह भी दोहराया कि यह विधेयक ‘स्वतंत्रता के बाद से खेलों में सबसे बड़ा सुधार' है। इस विधेयक का एनएसएफ और खिलाड़ियों दोनों ने व्यापक समर्थन दिया है। भारतीय ओलंपिक संघ पहले इसे लेकर संशय में था लेकिन उसने भी खेल मंत्री के साथ गहन चर्चा के बाद इसका समर्थन किया है। विधेयक के पारित होने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत की भागीदारी पर अंतिम फैसला सरकार का होगा जिसकी अघोषित सहमति औपचारिक रूप ले चुकी है। यह मुद्दा अक्सर तब उठता है जब चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के साथ सीमा पर तनाव होता है जैसा इस साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद से देखने को मिला है। मांडविया ने कहा कि विधेयक में सरकार के विवेकाधिकार को किसी विशेष देश को ध्यान में रखकर संहिताबद्ध नहीं किया गया है। मांडविया ने कहा, ‘‘सरकार को अंतरराष्ट्रीय भागीदारी रोकने का अधिकार देने वाला प्रावधान वैश्विक स्तर पर खेल कानूनों में देखा जाने वाला एक मानक सुरक्षा उपाय है जिसका उपयोग असाधारण परिस्थितियों में किया जाता है। '' उन्होंने कहा, ‘‘इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों, राजनयिक बहिष्कारों और वैश्विक आपात स्थितियां शामिल होती हैं जो किसी विशेष देश के खिलाफ नहीं है। '' खेल मंत्री ने कहा, ‘‘व्यवहारिक रूप से पाकिस्तान के साथ खेल टूर्नामेंट से संबंधित फैसले विशेष रूप से द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित करने वाली बड़ी घटनाओं के बाद व्यापक सरकारी नीति और सुरक्षा आकलनों द्वारा लिए जाते हैं। '' उन्होंने उदाहरण दिया कि 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट बंद हो गया था। मांडविया ने कहा, ‘‘2008 के मुंबई हमलों के बाद से पाकिस्तान में सीनियर पुरुष क्रिकेट दौरे नहीं हुए हैं और ‘हाई-प्रोफाइल' मुकाबलों को भी अकसर तटस्थ स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इस तरह के फैसले विदेश मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों के परामर्श से लिए जाते हैं। '' उन्होंने कहा, ‘‘यह अधिनियम ऐसी स्थितियों में निर्णायक और वैधानिक रूप से कार्य करने की सरकार की क्षमता को औपचारिक रूप देता है। साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी निर्णय ओलंपिक चार्टर और संबंधित अंतरराष्ट्रीय खेल संस्था के कानूनों के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं के अनुरूप रहें। '' उन्होंने कहा, ‘‘यह वैश्विक खेल प्रतिबद्धताओं को निभाते हुए राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में मोदी सरकार की स्पष्टता को दर्शाता है। '' खिलाड़ियों के साथ बातचीत के दौरान उनकी विशिष्ट मांगों के बारे में पूछने पर मांडविया ने कहा, ‘‘वे प्रतिनिधित्व चाहते थे। महिला एथलीट प्रतिनिधित्व चाहती थीं, उन्होंने पूछा कि हम कहां हैं? और यह एक जायज सवाल था क्योंकि महिला एथलीट लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। '' विधेयक यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी एनएसएफ की कार्यकारी समिति में कम से कम चार महिलाएं और दो उत्कृष्ट योग्यता वाले एथलीट शामिल होने चाहिए, जिसकी संख्या 15 तक सीमित है। खेल मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नए कानून के कारण भारत के खेल परिदृश्य में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि अगले एजेंडे में अगले दो दशकों में भारत को विश्व स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले शीर्ष पांच देशों की सूची में लाने के लिए पदक रणनीति बनाना शामिल है।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी के द्वारका में स्थित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी स्थल ‘यशोभूमि' को वास्तुकला उत्कृष्टता के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। सीपी कुकरेजा आर्किटेक्ट्स ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि ‘यशोभूमि' को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ सभागार परिसरों में से एक होने के लिए ‘इंटरनेशनल आर्किटेक्चर अवार्ड 2025' से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार ‘द शिकॉगो एथेनेयम: म्यूजियम ऑफ आर्किटेक्चर एंड डिजाइन' और ‘द यूरोपियन सेंटर फॉर आर्किटेक्चर, आर्ट, डिजाइन एंड अर्बन स्टडीज' के सहयोग से प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार समारोह 20 सितंबर को यूनान के एथेंस शहर में आयोजित होगा। यशोभूमि के 225 एकड़ में फैले परिसर को सीपी कुकरेजा और स्पेन की फर्म आईडीओएम के सहयोग से डिजाइन किया गया था।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रपति भवन के पास स्थित प्रसिद्ध अमृत उद्यान 16 अगस्त से 14 सितंबर तक जनता के लिए खुला रहेगा, जिसमें अन्य आकर्षणों के साथ-साथ ‘बबलिंग ब्रुक' लोगों का ध्यान अपनी ओर खीचेंगी। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रपति की उप प्रेस सचिव नविका गुप्ता ने बताया कि इस उद्यान में बैबलिंग ब्रुक गार्डन एक नया और शांत आश्रय है, जहां पानी का हल्का प्रवाह और जीवंत हरियाली लोगों को सुकून भरा माहौल प्रदान करती है। अधिकारियों ने बताया कि अमृत उद्यान अब दिव्यांगजन के अनुकूल भी बना दिया गया है, जहाँ रैंप, विशेष रूप से डिजाइन किए गए स्टैंड्स पर गमलों में पौधे प्रदर्शित किए गए हैं ताकि स्पर्श के माध्यम से अनुभव किया जा सके। गुप्ता ने कहा, ‘‘इस वर्ष आगंतुकों को एक नई सुविधा ‘बबलिंग ब्रुक' का अनुभव मिलेगा।''
उन्होंने कहा कि ‘बबलिंग ब्रुक' के चारों ओर हरियाली है तथा इसमें जीवंत फूल लगे हुए हैं जो रंगों की बौछार करते हैं तथा फूलों और पत्थरों के बीच से बहते हुए पानी के माध्यम से लोगों को शांत अनुभव मिलता है और वे प्रकृति के साथ और ज्यादा जुड़ सकते हैं। गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति भवन को अधिक सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाने के निरंतर दृष्टिकोण के तहत, अमृत उद्यान जनता के लिए 16 अगस्त से 14 सितंबर तक खुला रहेगा। पहले अमृत उद्यान सिर्फ सर्दियों में खुलता था, हालांकि वर्ष 2023 में पहली बार इसे गर्मियों में खोला गया था। गुप्ता ने बताया कि मुर्मू बृहस्पतिवार को उद्यान के ग्रीष्मकालीन वार्षिकोत्सव का उद्घाटन करेंगी। -
नयी दिल्ली. विदेश मंत्री एस. जयशंकर अगले सप्ताह अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ महत्वपूर्ण वार्ता करने के लिए मास्को की यात्रा करेंगे। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर हाल में अमेरिका के साथ भारत के संबंधों में कुछ तनाव आया है। जयशंकर की रूस यात्रा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल की रूस यात्रा और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तथा कई शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात के कुछ दिनों बाद हो रही है। विदेश मंत्री की मास्को यात्रा से परिचित लोगों ने बताया कि दोनों पक्ष इस वर्ष के अंत में पुतिन की भारत यात्रा के विभिन्न पहलुओं को भी अंतिम रूप दे सकते हैं। रूस के विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता अलेक्सी फडेयेव ने मास्को में कहा कि दोनों देशों के विदेश कार्यालयों के प्रमुख “द्विपक्षीय एजेंडे के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों” पर चर्चा करेंगे। उपरोक्त सूत्रों ने बताया कि जयशंकर रूस की दो दिवसीय यात्रा पर होंगे और इस दौरान वह पुतिन से मुलाकात करने के अलावा विदेश मंत्री लावरोव के साथ व्यापक मुद्दों पर बातचीत भी कर सकते हैं। विदेश मंत्री द्वारा व्यापार और आर्थिक, वैज्ञानिक-तकनीकी तथा सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के 26वें सत्र की सह-अध्यक्षता करने की भी उम्मीद है। बातचीत में रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव द्वारा किये जाने की संभावना है। मास्को में रूसी नेताओं के साथ जयशंकर की बैठकों में रूस से भारत की निरंतर ऊर्जा खरीद पर चर्चा होने की संभावना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह एक सरकारी आदेश जारी किया, जिसमें नयी दिल्ली द्वारा रूसी तेल की निरंतर खरीद के लिए दंड के रूप में भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया गया। अतिरिक्त शुल्कों से भारत पर कुल शुल्क 50 प्रतिशत तक बढ़ गया।
रूस से कच्चे तेल की खरीद का बचाव करते हुए भारत यह कहता रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित और बाजार की गतिशीलता से प्रेरित है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद पश्चिमी देशों द्वारा मास्को पर प्रतिबंध लगाने और उसकी आपूर्ति बाधित करने के बाद भारत ने रियायती दर पर बेचे जाने वाले रूसी तेल को खरीदना शुरू कर दिया। परिणामस्वरूप, 2019-20 में कुल तेल आयात में मात्र 1.7 प्रतिशत हिस्सेदारी से, 2024-25 में रूस की हिस्सेदारी बढ़कर 35.1 प्रतिशत हो गई और अब यह भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता है। जयशंकर की मास्को यात्रा के दौरान दोनों पक्षों के बीच यूक्रेन विवाद पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के माध्यम से रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने का आह्वान करता रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले वर्ष जुलाई में मास्को की यात्रा की थी और पुतिन से कहा था कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान युद्ध के मैदान में संभव नहीं है और बमों और गोलियों के बीच शांति प्रयास सफल नहीं होते। -
हैदराबाद. ‘कॉमिक कॉन इंडिया' का 13वां संस्करण 31 अक्टूबर से हैदराबाद में शुरू होगा, जिसमें ‘पॉप' संस्कृति की दुनिया से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी। हर साल आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम देशभर के प्रशंसकों को ‘‘कॉमिक्स, कॉस्प्ले, गेमिंग, फिल्म, टेलीविजन, एनीमेशन'' से जुड़ी विधाओं का उत्सव मनाने के लिए एक मंच प्रदान करता है। हैदराबाद में प्रशंसक दो नवंबर तक अपने पसंदीदा अंतरराष्ट्रीय मेहमानों से मिलने, खास कॉमेडी और संगीत कार्यक्रम देखने, देश के बेहतरीन ‘कॉस्प्लेयर' से मिलने का आनंद ले सकेंगे। ‘कॉमिक कॉन इंडिया' की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शेफाली जॉनसन ने एक बयान में कहा, "हैदराबाद भारत के सबसे जीवंत सांस्कृतिक और रचनात्मक केंद्रों में से एक के रूप में तेजी से उभरा है। तकनीकी क्षेत्र में तेज़ी से हो रही प्रगति, उत्साही युवा प्रशंसक वर्ग और वैश्विक पॉप संस्कृति के प्रति बढ़ती रुचि के साथ यह शहर कॉमिक कॉन इंडिया के 2025-2026 के भव्य सीजन की शुरुआत के लिए एक आदर्श स्थल है।'' उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि हैदराबाद में इस बार अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी देखने को मिलेगी।
‘नॉडविन गेमिंग' के सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक अक्षत राठी ने कहा कि वे हर शहर में मशहूर हस्तियों और मेहमानों की बेहतरीन श्रृंखला लेकर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम देशभर के प्रशंसकों को और भी बेहतर अनुभव प्रदान करने की दिशा में काम कर रहे हैं। वैश्विक पॉप संस्कृति की हस्तियों से लेकर भारत के सबसे उत्साही कॉस्प्ले समुदाय तक, रोमांचक ई-स्पोर्ट्स मुकाबलों से लेकर विशेष पैनल और लॉन्च तक, कॉमिक कॉन इंडिया 2025-2026 वास्तव में उस पूरी पॉप संस्कृति का उत्सव होगा जिसे प्रशंसक पसंद करते हैं।'' पिछले वर्ष हैदराबाद कॉमिक कॉन 2024 में 40,000 से अधिक प्रशंसक शामिल हुए थे। इस वर्ष भी ‘कॉमिक कॉन वी - मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक चार अक्टूबर से बैंकों में चेक जमा किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर उसके समाशोधन के लिए एक नई व्यवस्था शुरू कर रहा है। इससे चेक जमा करने के कुछ ही घंटे में खाते में पैसा आ जाएगा। चेक को कुछ ही घंटों में स्कैन, प्रस्तुत और पास किया जाएगा और यह बैंक कार्यदिवस के दौरान निरंतर आधार पर किया जाएगा। समाशोधन चक्र वर्तमान टी प्लस 1 यानी चेक जमा करने के बाद एक दिन से घटकर कुछ घंटे रह जाएगा। चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) वर्तमान में चेक का प्रसंस्करण दो कार्यदिवसों तक के चक्र में करता है।सीटीएस चेक समाशोधन की एक इलेक्ट्रॉनिक विधि है। यह चेक को भौतिक रूप से लाने-ले जाने की व्यवस्था को समाप्त करती है। इसके बजाय, इसमें चेक से इलेक्ट्रॉनिक चित्र और आंकड़े लेकर उसे भुगतान करने वाले बैंक को भेजा जाता है। यह प्रक्रिया समाशोधन प्रक्रिया को तेज करती है और सुरक्षा बढ़ाती है। आरबीआई ने चेक समाशोधन की दक्षता में सुधार लाने और प्रतिभागियों के लिए निपटान जोखिम को कम करने तथा ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सीटीएस को बैच में प्रसंस्करण की वर्तमान व्यवस्था को ‘ऑन-रियलाइजेशन-सेटलमेंट' यानी वास्तविक समय पर चेक को इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजे जाने के साथ निरंतर समाशोधन में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। रिजर्व बैंक ने सीटीएस में निरंतर समाशोधन और प्राप्ति पर निपटान की शुरुआत के लिए एक परिपत्र जारी किया है। आरबीआई ने कहा, ‘‘सीटीएस को दो चरणों में निरंतर समाशोधन और प्राप्ति पर निपटान में बदलने का निर्णय लिया गया है। पहला चरण चार अक्टूबर, 2025 को और दूसरा चरण तीन जनवरी, 2026 को लागू किया जाएगा।'' सुबह 10:00 बजे से शाम चार बजे तक एक ही प्रस्तुति सत्र होगा।बैंकों की शाखाओं द्वारा प्राप्त चेकों को स्कैन करके प्रस्तुति अवधि के दौरान तुरंत और लगातार समाशोधन के लिए भेजा जाएगा। आरबीआई के अनुसार, ‘‘प्रस्तुत किए गए प्रत्येक चेक के लिए, आहर्ता बैंक या तो सकारात्मक पुष्टि (भुगतान किये जाने वाले चेक के लिए) या नकारात्मक पुष्टि (भुगतान नहीं किये जाने चेक के लिए) करेगा।'' चरण एक (चार अक्टूबर, 2025 से दो जनवरी, 2026 तक) के दौरान, आहर्ता बैंकों को पुष्टि के लिए निर्धारित सत्र (शाम 7:00 बजे) के अंत तक, उनके पास प्रस्तुत चेकों की पुष्टि (सकारात्मक/नकारात्मक) करनी होगी, अन्यथा उन्हें स्वीकृत माना जाएगा और निपटान के लिए शामिल किया जाएगा। चरण दो (तीन जनवरी, 2026 से) में, चेकों की मद समाप्ति समय को टी प्लस 3 ‘क्लियर' घंटों में बदल दिया जाएगा। आरबीआई ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि आहर्ता बैंकों द्वारा सुबह 10:00 बजे से 11:00 बजे के बीच प्राप्त चेकों की पुष्टि उन्हें दोपहर 2:00 बजे (सुबह 11:00 बजे से 3 घंटे) तक सकारात्मक या नकारात्मक रूप से करनी होगी। जिन चेकों की पुष्टि आहर्ता बैंक द्वारा निर्धारित तीन घंटों में नहीं की जाती है, उन्हें दोपहर दो बजे स्वीकृत माना जाएगा और निपटान के लिए शामिल किया जाएगा। आरबीआई ने कहा कि निपटान पूरा होने पर, समाशोधन निगम प्रस्तुतकर्ता बैंक को सकारात्मक और नकारात्मक पुष्टि की जानकारी देगा। चेक प्रस्तुत करने वाला बैंक इसे प्रसंस्कृत करेगा और ग्राहकों को तुरंत भुगतान जारी करेगा। लेकिन यह भुगतान सफल निपटान के एक घंटे भीतर होगा। यह सामान्य सुरक्षा उपायों पर निर्भर करेगा। आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे अपने ग्राहकों को चेक समाशोधन प्रक्रिया में बदलावों के बारे में पूरी तरह से अवगत करायें। बैंकों को निर्धारित तिथियों पर सीटीएस में निरंतर समाशोधन में भाग लेने के लिए तैयार रहने को भी कहा गया है।











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