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- नयी दिल्ली. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 60 साल के इतिहास में पहली बार कैडर समीक्षा को सरकार ने बुधवार को मंजूरी दे दी, जिससे कांस्टेबल और इंस्पेक्टर रैंक के बीच बल में करीब 4,000 कर्मियों की वृद्धि होगी। बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि ‘ग्रुप बी' और ‘ग्रुप सी' के कर्मचारियों से संबंधित इस निर्णय के परिणामस्वरूप कुल 23,710 कर्मियों को तत्काल पदोन्नति मिलेगी। लगभग 2.65 लाख कर्मियों वाले बीएसएफ का गठन वर्ष 1965 में किया गया था। इस बल का मुख्य कार्य देश के आंतरिक सुरक्षा क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के कर्तव्यों का निर्वहन करने के अलावा पश्चिम में पाकिस्तान और पूर्व में बांग्लादेश के साथ लगती भारतीय सीमाओं की रक्षा करना है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘भारत सरकार ने कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक बीएसएफ ‘ग्रुप बी' और ‘ग्रुप सी' कर्मचारियों की पहली कैडर समीक्षा को मंजूरी दे दी है और इसका क्रियान्वयन शुरू हो चुका है।'' वित्त मंत्रालय से अनुमोदन के बाद गृह मंत्रालय द्वारा यह आदेश जारी किया गया और अधिकारियों ने कहा कि कर्मियों के दो सेवा समूहों के कैडर पुनर्गठन से जवान और अधीनस्थ अधिकारी रैंक में 3,994 पदों की शुद्ध वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय से कुल 23,710 कर्मियों को पदोन्नति मिलेगी, जिनमें से विभिन्न रैंकों में 8,116 कर्मियों के लिए आदेश बुधवार को बल मुख्यालय द्वारा जारी किए गए।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी में 15 अगस्त को 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए मेहमानों को भेजे गए आधिकारिक निमंत्रण पत्रों पर भारत की निर्णायक सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर' का लोगो और इंजीनियरिंग की अद्वितीय कला प्रतिष्ठित चिनाब पुल की आकृति की छवि छपी हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 अगस्त को लाल किला परिसर में स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर ‘ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता का भी जश्न मनाया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा, ‘‘इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाया जाएगा। लाल किला परिसर स्थित ज्ञानपथ पर लगाए गए ‘व्यू कटर' पर ऑपरेशन सिंदूर का लोगो प्रदर्शित किया जाएगा।'' इसमें कहा गया, ‘‘निमंत्रण पत्रों पर भी ऑपरेशन सिंदूर का लोगो छपा हुआ है। इसके साथ ही इस पर चिनाब पुल की आकृति की छवि भी छपी हुई है, जो ‘नये भारत' के उदय का प्रतीक है।'' भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए नरसंहार के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित नौ आतंकवादी ठिकानों पर सात मई की सुबह सटीक हमला कर इन्हें ध्वस्त कर दिया था। स्वतंत्रता दिवस समारोह का निमंत्रण पत्र अंग्रेजी और हिंदी भाषा में जारी किया गया है। निमंत्रण पत्रों के ऊपर दाएं कोने में ऑपरेशन सिंदूर का लोगो है जबकि विश्व का सबसे ऊंचे चिनाब पुल की आकृति की छवि निमंत्रण पत्रों के निचले हिस्से पर है। ये निमंत्रण मुख्यतः रक्षा मंत्रालय की आमंत्रण वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं। इसी बीच, दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले बुधवार को सुरक्षा तैयारियों की गहन समीक्षा की गई और अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे लाल किले के पास मांसाहारी भोजनालयों में कचरे का उचित तरीके से निपटान सुनिश्चित करें, जिससे पक्षी वहां न पहुंच सकें और आसमान में हेलीकॉप्टर की आवाजाही सुचारु रहे। राष्ट्रीय राजधानी में भी स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस आयुक्त एस.बी.के. सिंह ने स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों के साथ एक बैठक की। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘बैठक में एक प्रमुख निर्देश यह दिया गया है कि लाल किले के आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों को दाना खिलाने का कोई स्थान न बचा रहे। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के साथ समन्वय करते हुए मांसाहारी भोजनालयों से कहा है कि वे खाने के कूड़े को ठीक से नष्ट करें ताकि पक्षियों का झुंड आकर्षित न हों।''
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नयी दिल्ली. इटर्नल लिमिटेड ने बुधवार को कहा कि उसने बच्चे के जन्म के समय मिलने वाले 26 सप्ताह के अवकाश के लिए एक नया ढांचा पेश किया है। इसके तहत इन अवकाशों का इस्तेमाल कर्मचारी अब तीन साल में कर पाएंगे और इसमें बच्चे के जन्म से पहले अवकाश लेने का विकल्प भी है। इटर्नल के पास खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले ऑनलाइन मंच जोमैटो और ‘क्विक कॉमर्स' ब्लिंकिट का स्वामित्व है। कंपनी ने बयान में कहा कि यह नीति लैंगिक भेदभाव के बिना सभी माता-पिता का समर्थन करती है चाहे वे बच्चे को जन्म दें या न दें ..चाहे वे बच्चे का गोद लें या सरोगेसी का रास्ता चुनें। इटर्नल की उपाध्यक्ष (मानव संसाधन) निहारिका मोहंती ने कहा, ‘‘ यह नई नीति न केवल आधुनिक ‘पैरेन्टिंग' के बारे में हमारी विकसित होती समझ को दर्शाती है, बल्कि एक ऐसा वातावरण बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है जहां प्रत्येक व्यक्ति कार्यस्थल और घर दोनों जगह समर्थित और सशक्त महसूस करे।'' कंपनी ने कहा कि उसकी नीति में यह परिवर्तन इटर्नल के अभिभावक समुदाय के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद आया है, जिसमें यह बात सामने आई है कि परिवार की जरूरतें जन्म के तुरंत बाद की अवधि से कहीं अधिक होती हैं। बयान के अनुसार, ‘‘ शोध से पता चलता है कि करीब 75 प्रतिशत कामकाजी माता-पिता न केवल शुरुआती महीनों में बल्कि अपने बच्चे के तीन साल के होने तक करियर की जिम्मेदारियों और पारिवारिक जीवन के बीच फंसे हुए महसूस करते हैं।''
- नयी दिल्ली. देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस) के जरिये धन हस्तांतरण पर शुल्क ढांचा संशोधित कर दिया है। यह बदलाव 15 अगस्त से प्रभावी होगा। एसबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के मुताबिक, शाखा के जरिये आईएमपीएस लेनदेन पर लगने वाले शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है लेकिन 25,000 रुपये से अधिक राशि के ऑनलाइन लेनदेन पर अब नाममात्र शुल्क लगेगा। अब 25,000 रुपये से एक लाख रुपये तक के हस्तांतरण पर दो रुपये, एक से दो लाख रुपये पर छह रुपये और दो से पांच लाख रुपये भेजने पर 10 रुपये का शुल्क (जीएसटी अतिरिक्त) लगेगा। हालांकि वेतन पैकेज खाताधारकों को ऑनलाइन आईएमपीएस लेनदेन पर पूरी छूट मिलती रहेगी। कॉरपोरेट ग्राहकों के लिए संशोधित शुल्क आठ सितंबर, 2025 से लागू होंगे। इसके साथ ही चालू खाता श्रेणी (गोल्ड, डायमंड, प्लेटिनम, रोडियम, सरकारी विभाग, स्वायत्त/ वैधानिक निकाय) को ऑनलाइन आईएमपीएस पर शुल्क से छूट मिलती रहेगी।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत प्रशिक्षण हासिल कर रहे युवा 79वें स्वतंत्रता दिवस पर विशेष अतिथि होंगे। कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय (एमसीए) राष्ट्रीय राजधानी में स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए विशेष अतिथि के रूप में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) से जुड़े देश भर से 100 से अधिक प्रशिक्षुओं की मेजबानी करेगा। एमसीए ने बुधवार को एक बयान में कहा कि ये प्रशिक्षु 14-16 अगस्त तक तीन दिवसीय कार्यक्रम में भाग लेंगे, जिसका उद्देश्य उन्हें एक समृद्ध और समग्र अनुभव प्रदान करना है। मंत्रालय 14 अगस्त को कॉरपोरेट मामलों के राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा और एमसीए सचिव दीप्ति गौर मुखर्जी के साथ पीएमआईएस प्रशिक्षुओं की एक विशेष बातचीत का आयोजन करेगा। ये प्रशिक्षु वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में शीर्ष भारतीय कंपनियों प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।पायलट आधार पर पीएमआईएस अक्टूबर, 2024 में शुरू की गयी। इसमें अबतक देश भर की 350 से अधिक अग्रणी कंपनियां शामिल हो चुकी हैं और 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाएं प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। इस आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण डिजिटल सार-संग्रह है, जो देश भर के प्रशिक्षुओं की 79 प्रेरक कहानियों का एक संग्रह है। यह उनके विकास, सीखने और प्रभाव की यात्रा को प्रदर्शित करता है। पीएमआईएस को शैक्षणिक शिक्षा और कार्यस्थल की जरूरतों के बीच की खाई को पाटकर भारत के युवाओं की रोजगार काबिलियत को बढ़ाने के लिए लाया गया है। यह कंपनियों के संचालन और नवाचारों का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करके उद्यमशीलता की सोच को प्रोत्साहित करने का भी प्रयास करता है।
- भुवनेश्वर. ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि राज्य सरकार ने पुरी जगन्नाथ मंदिर के ‘महाप्रसाद' की ऑनलाइन बिक्री के कुछ संगठनों के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है। हरिचंदन ने यहां सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि कुछ संगठनों ने हाल में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) से पुरी मंदिर के ‘महाप्रसाद' और ‘सूखा प्रसाद' को ऑनलाइन मंचों के माध्यम से श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा, ‘‘दुनियाभर के श्रद्धालुओं को प्रसाद उपलब्ध कराना एक अच्छा विचार था, लेकिन सरकार और एसजेटीए ने प्रसाद की शुद्धता को बनाए रखने के लिए इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमें डर है कि अगर ‘महाप्रसाद' को इस तरीके से श्रद्धालुओं तक पहुंचाया गया तो इसकी शुद्धता कायम रह पाएगी या नहीं।'' हरिचंदन ने कहा कि सरकार ऐसी किसी भी पहल का समर्थन या प्रचार नहीं करती है।उन्होंने कहा, न तो हमारे पास ऐसा कोई प्रस्ताव है और न ही हम किसी को ‘महाप्रसाद' को ऑनलाइन बेचने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।'' कानून मंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे ‘महाप्रसाद' ग्रहण करने के लिए पुरी जगन्नाथ मंदिर आएं। उन्होंने कहा कि ‘महाप्रसाद' के लिए संशोधित दर जल्द लागू की जाएगी। मंत्री का यह बयान मीडिया की उन खबरों के बाद आया है जिनमें भगवान जगन्नाथ के ‘महाप्रसाद' की बिना अनुमति ऑनलाइन बिक्री का आरोप लगाया गया है।
- नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि मतदाता सूची में नागरिकों या गैर-नागरिकों को शामिल करना या बाहर करना निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में है तथा बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में नागरिकता के निर्णायक प्रमाण के रूप में आधार, मतदाता कार्ड को स्वीकार नहीं करने के उसके रुख का समर्थन किया। संसद के अंदर और बाहर एसआईआर पर बढ़ते घमासान के बीच, शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि विवाद ‘‘मोटे तौर पर विश्वास की कमी का मामला'' प्रतीत होता है, क्योंकि निर्वाचन आयोग ने दावा किया कि कुल 7.9 करोड़ मतदाताओं में से करीब 6.5 करोड़ लोगों को कोई दस्तावेज दाखिल करने की आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि वे या उनके माता-पिता 2003 की मतदाता सूची में शामिल थे। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने एसआईआर कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करते हुए यह टिप्पणी की। एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी द्वारा निर्वाचन आयोग पर एसआईआर में पांच करोड़ लोगों के "अनुमानित रूप से नाम काटने'' का आरोप लगाने के बाद, पीठ ने संकेत दिया कि अगर उसे कुछ भी संदिग्ध लगता है, तो वह उन सभी को मतदाता सूची में शामिल करने का निर्देश दे सकती है। याचिकाएं दायर करने वालों में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के नेता भी शामिल हैं। पीठ ने याचिकाकर्ताओं से तीखे सवाल पूछे और कहा कि किसी जीवित व्यक्ति को मृत या मृत व्यक्ति को जीवित घोषित करने में, अनजाने में हुई किसी भी त्रुटि को सुधारा जा सकता है। पीठ ने सिंघवी से कहा, ‘‘नागरिकता देने या छीनने का कानून संसद द्वारा पारित किया जाता है, लेकिन नागरिकों और गैर-नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और बाहर करना निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में है।'' शीर्ष अदालत ने निर्वाचन आयोग के इस निर्णय से सहमति जताई कि आधार और मतदाता पहचान पत्र को नागरिकता के निर्णायक प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा और कहा कि इसके समर्थन में अन्य दस्तावेज भी होने चाहिए। पीठ ने सिंघवी से कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग का यह कहना सही है कि आधार को नागरिकता के निर्णायक सबूत के तौर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता, इसे सत्यापित करना होगा। आधार अधिनियम की धारा नौ में स्पष्ट रूप से ऐसा कहा गया है।'' वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि 2003 (बिहार में अंतिम गहन पुनरीक्षण का वर्ष) और 2025 के बीच 22 वर्ष की अवधि में कई लोगों ने पांच से छह चुनावों में मतदान किया था, लेकिन चुनाव से दो महीने पहले अचानक यह कहा जाने लगा कि इन लोगों के नाम सूची में नहीं होंगे। सिंघवी ने निर्वाचन आयोग पर पांच करोड़ लोगों को अवैध घोषित करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘पांच करोड़ लोगों की नागरिकता पर संदेह नहीं किया जा सकता।'' पीठ ने कहा कि यदि कुछ भी संदिग्ध पाया गया तो वह 2025 की सूची में शामिल सभी लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने का निर्देश दे सकती है। सिंघवी ने इस बात पर सहमति जताई कि निर्वाचन आयोग के पास मतदाता सूची में नागरिकों या गैर-नागरिकों को शामिल करने या बाहर करने का अधिकार है, लेकिन उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग नागरिकता का निर्धारण नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग का उद्देश्य कभी भी नागरिकता का पुलिसकर्मी बनना नहीं है... यहां जो हो रहा है वह वास्तव में नाम हटाना है। निर्वाचन आयोग नागरिकता का निर्धारक नहीं बन सकता।'' राजद नेता मनोज झा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि निवासियों के पास आधार, राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र होने के बावजूद, निर्वाचन अधिकारियों ने इन दस्तावेजों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा, ‘‘क्या आपकी दलील यह है कि जिन लोगों के पास कोई दस्तावेज़ नहीं है, लेकिन वे बिहार में हैं, इसलिए उन्हें राज्य का मतदाता माना जाना चाहिए? इसकी अनुमति दी जा सकती है। उन्हें कुछ दस्तावेज़ दिखाने या जमा करने होंगे।'' जब सिब्बल ने कहा कि लोगों को अपने माता-पिता के जन्म प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज खोजने में कठिनाई हो रही है, तो न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, ‘‘यह बहुत ही चलताऊ बयान है कि बिहार में किसी के पास दस्तावेज नहीं हैं। अगर बिहार में ऐसा होता है, तो देश के अन्य हिस्सों में क्या होगा?'' पीठ ने कहा, ‘‘यदि 7.9 करोड़ मतदाताओं में से 7.24 करोड़ मतदाताओं ने एसआईआर पर जवाब दिए हैं, तो इससे एक करोड़ मतदाताओं के लापता होने या मताधिकार से वंचित होने का सिद्धांत ध्वस्त हो जाता है।'' गैर सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स' (एडीआर) की ओर से पेश हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने इस प्रक्रिया के पूरा होने की समयसीमा और उन 65 लाख मतदाताओं के आंकड़ों पर सवाल उठाया, जिन्हें मृत या विस्थापित या अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में पंजीकृत घोषित किया गया था। राजनीतिक कार्यकर्ता योगेन्द्र यादव ने निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए आंकड़ों पर सवाल उठाया और कहा कि 7.9 करोड़ मतदाताओं के बजाय कुल वयस्क जनसंख्या 8.18 करोड़ है और एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाताओं को हटाना है। यादव ने निजी रूप से अदालत से अपनी बात कही।उन्होंने कहा, ‘‘वे (निर्वाचन आयोग) किसी भी ऐसे व्यक्ति को नहीं ढूंढ़ पाए जिसका नाम जोड़ा गया हो और बूथ स्तर के अधिकारी नाम हटाने के लिए घर-घर गए।'' उन्होंने इसे ‘‘पूरी तरह से मताधिकार से वंचित करने'' का मामला बताया। यादव ने अदालत में तीन व्यक्तियों को पेश किया, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें निर्वाचन आयोग ने मृत घोषित कर दिया। इस पर निर्वाचन आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने आपत्ति जताई। द्विवेदी ने अदालत कक्ष में इस तरह की ‘नौटंकी' पर आपत्ति जताई और कहा कि यदि यादव इतने चिंतित हैं तो वह उनके नाम शामिल करके रिकॉर्ड को अद्यतन करने में निर्वाचन आयोग की मदद कर सकते हैं। पीठ ने कहा कि यदि अनजाने में कोई त्रुटि हो जाए तो उसमें सुधार किया जा सकता है, क्योंकि यह अभी केवल मसौदा तैयार करने का चरण है। द्विवेदी ने कहा कि इस तरह की प्रक्रिया में ‘‘कहीं कहीं कुछ त्रुटियां होना स्वाभाविक है'' और यह दावा कि मृत व्यक्तियों को जीवित और जीवित को मृत घोषित कर दिया गया, हमेशा सही किया जा सकता है क्योंकि यह केवल एक मसौदा सूची है। मसौदा मतदाता सूची एक अगस्त को प्रकाशित की गई थी और अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित होने वाली है, जबकि विपक्ष का दावा है कि यह प्रक्रिया करोड़ों पात्र नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित कर देगी। निर्वाचन आयोग के हलफनामे में बिहार में एसआईआर कवायद को यह कहते हुए उचित ठहराया गया है कि यह मतदाता सूची से ‘‘अयोग्य व्यक्तियों को हटाकर'' चुनाव की शुचिता को बढ़ाता है।
- नयी दिल्ली. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की मंगलवार को संसद में पेश रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रेल ने वित्त वर्ष 2022-23 में यात्री एवं माल परिवहन से 2,39,982.56 करोड़ रुपये कमाए जो उसके एक साल पहले की तुलना में 25.51 प्रतिशत अधिक है। कैग की रिपोर्ट के मुताबिक, आलोच्य अवधि में रेल मंत्रालय का कुल व्यय 4,41,642.66 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2021-22 की तुलना में 11.34 प्रतिशत अधिक है। इसमें 2,03,983.08 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय और 2,37,659.58 करोड़ रुपये राजस्व व्यय शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे के कुल कार्यशील व्यय का 72.22 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों के वेतन, पेंशन एवं पट्टे पर लिए गए कोच/ इंजन के किराया भुगतान पर गया। कैग ने कहा कि रेलवे के माल भाड़े में कोयले की हिस्सेदारी 50.42 प्रतिशत रही।वित्त वर्ष 2022-23 में 2,517.38 करोड़ रुपये का शुद्ध अधिशेष दर्ज किया गया, जबकि वित्त वर्ष 2021-22 में उसे 15,024.58 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। हालांकि यात्री परिचालन में हुए 5,257.07 करोड़ रुपये के घाटे की भरपाई माल ढुलाई के लाभ से पूरी की गई। कैग ने रेलवे के उत्तर पश्चिम, दक्षिण पूर्व मध्य और दक्षिण पश्चिम रेलवे खंडों के कुछ बजट और लेखा नियंत्रण मामलों में अनियमितताओं की भी ओर इशारा किया, जिसमें बंद हो चुकी परियोजनाओं के मद में धन आवंटन और अनुमानों से अधिक खर्च शामिल हैं।
- बदायूं (उप्र) . बदायूं जिले के इस्लामनगर इलाके में एक दारोगा के घर में डकैती के दौरान विरोध करने पर उसकी बुजुर्ग मां की कथित तौर पर धारदार हथियार से हमला करके हत्या कर दी गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हापुड़ जिले में तैनात दारोगा मनवीर सिंह की 70 वर्षीय मां रातरानी सोमवार की रात मौसमपुर गांव स्थित अपने घर में अकेली थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इसी दौरान कुछ अज्ञात बदमाश घर में कथित तौर पर घुस आये और लूटपाट शुरू कर दी। सूत्रों ने बताया कि विरोध करने पर बदमाशों ने कथित तौर पर धारदार हथियार से बुजुर्ग महिला की गर्दन रेत दी और उनकी मौके पर ही मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि लुटेरे रातरानी की सोने की बालियां, एक चेन और कुछ अन्य कीमती सामान लूट ले गये। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि हत्या संभवत: रात के समय हुई होगी। उन्होंने बताया कि रातरानी आज सुबह अपने घर से बाहर नहीं आई और संदेह होने पर ग्रामीणों ने अंदर देखा तो उनका शव दिखा। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए पुलिस की दो टीम गठित की गई हैं और कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
- नयी दिल्ली. सरकार ने मंगलवार को संसद में कहा कि 2016 से 1.25 करोड़ से अधिक विशिष्ट दिव्यांगता पहचान (यूडीआईडी) कार्ड जारी किए गए हैं। लोकसभा में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि दिव्यांगजनों का राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यूडीआईडी परियोजना के लिए अब तक 1.62 करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 22.3 लाख आवेदन विभिन्न कारणों से अस्वीकृत कर दिए गए और लगभग 15 लाख आवेदन मूल्यांकन की प्रतीक्षा में हैं। यूडीआईडी कार्ड की शुरूआत 2016 में की गई थी।उन्होंने बताया कि यूडीआईडी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में लगने वाला औसत समय 2022-23 में 84 दिनों से घटकर चालू वित्त वर्ष में केवल 21 दिन रह गया है। हालांकि, अक्टूबर 2024 से आवेदनों में शैक्षिक योग्यता संबंधी जानकारी एकत्र नहीं की जा रही है, जिसके कारण 13.4 लाख से ज्यादा कार्ड बिना किसी विवरण के जारी किए जा रहे हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि 1.03 करोड़ से अधिक कार्डधारक साक्षर हैं और लगभग 9.1 लाख निरक्षर हैं। उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 12.2 लाख से ज्यादा साक्षर कार्डधारक हैं, उसके बाद महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश का स्थान है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश के लोगों को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा राज्य में 700 मेगावाट की बिजली परियोजना को मंजूरी दिए जाने पर बधाई दी और कहा कि इससे पूर्वोत्तर के विकास को गति मिलेगी तथा विकास और समृद्धि के नए अवसर उत्पन्न होंगे। उन्होंने आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पंजाब में चार नयी सेमीकंडक्टर इकाइयों को मंजूरी दिए जाने की भी सराहना की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अरुणाचल प्रदेश के शि योमी जिले में 700 मेगावाट की तातो-2 जलविद्युत परियोजना के निर्माण के लिए 8146.21 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई। परियोजना को 72 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा 8,146.21 करोड़ रुपये की लागत वाली 700 मेगावाट की तातो-2 जलविद्युत परियोजना को मंज़ूरी दिए जाने पर अरुणाचल प्रदेश के लोगों को बधाई। यह परियोजना राज्य की विशाल जलविद्युत क्षमता का दोहन करेगी और क्षेत्र के विकास को गति प्रदान करेगी, जिससे विकास और समृद्धि के नए अवसर पैदा होंगे।'' उन्होंने नयी सेमीकंडक्टर इकाइयों की मंजूरी पर कहा कि भारत सेमीकंडक्टर विनिर्माण में आत्मनिर्भरता प्राप्त कर रहा है। शाह ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘आज केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा चार नयी सेमीकंडक्टर इकाइयों को मंजूरी दिए जाने पर आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पंजाब के हमारे बहनों और भाइयों को बधाई। ये इकाइयां भारत को वैश्विक प्रौद्योगिकी राजधानी के रूप में उभरने की नींव रखेंगी और हमारे युवाओं के लिए रोज़गार के व्यापक अवसर पैदा करेंगी।'' मंत्रिमंडल के फैसले के मुताबिक चार सेमीकंडक्टर परियोजनाओं में कुल 4,594 करोड़ रुपये का निवेश होगा।लखनऊ मेट्रो की ‘फेज-1बी' को मंजूरी मिलने पर शाह ने कहा एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने लखनऊ मेट्रो फेज-1बी को मंजूरी दी। 11.165 किमी लंबी यह मेट्रो लाइन मोदी सरकार की देश के हर कोने में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की दिशा में प्रमुख पहल है। इससे लखनऊ वासियों को यात्रा में सुगमता होगी और उद्योग-व्यापार व रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।''
- जबलपुर. मध्यप्रदेश के जबलपुर में दो बेटों ने अपने 55 वर्षीय पिता के कथित तौर पर हाथ बांधकर उन्हें नहर में फेंक दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इस संबंध में हत्या का एक मामला दर्ज करके दोनों आरोपी बेटों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक यह घटना मझगवां थाना क्षेत्र के ग्राम अगरिया में रविवार देर रात को हुई और पीड़ित का शव मंगलवार को बरामद किया गया। मझगवां थाना प्रभारी हर दयाल सिंह ने बताया कि गिरनी कुमार चक्रवर्ती (55) का शव अगरिया गांव से 10 किलोमीटर दूर नहर में तैरता मिला। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। सिंह ने बताया कि शव की शिनाख्त होने के बाद पुलिस को गिरनी कुमार चक्रवर्ती के एक रिश्तेदार ने बताया कि चाचा (गिरनी) को उनके दोनों आरोपी बेटे रविवार की रात को हाथ बांधकर ले जा रहे थे। रिश्तेदार ने बताया कि पूछने पर उसके चचेरे भाइयों ने उसे बताया कि वह चाचा को सिद्ध बाबा छोड़ने जा रहे हैं। सिंह ने कहा कि इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी बेटों संतोष चक्रवर्ती (28) और अजय चक्रवर्ती (25) को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने पिता की हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उनके पिता अक्सर शराब के नशे में घर के सदस्यों के साथ मारपीट किया करते थे और उनकी इन हरकतों से परेशान होकर उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पहले अपने पिता को मारा-पीटा और उनके दोनों हाथों को बांधकर उन्हें नहर में फेंक दिया।
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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे देश भर के 6,115 रेलवे स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई सुविधाएं प्रदान कर रहा है। यह जानकारी सरकार द्वारा मंगलवार को संसद को दी गई। रेलवे स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई सेवा सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शहरी-ग्रामीण डिजिटल अंतर को समाप्त करना है।
भारतीय रेलवे के लगभग सभी रेलवे स्टेशनों पर दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा 4जी/5जी कवरेज प्रदान किया जा रहा हैरेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया, “भारतीय रेलवे के लगभग सभी रेलवे स्टेशनों पर दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा 4जी/5जी कवरेज प्रदान किया जा रहा है। इन नेटवर्क का उपयोग यात्री डेटा कनेक्टिविटी के लिए भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें बेहतर अनुभव मिल रहा है। इसके अलावा, रेलवे द्वारा 6,115 स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई सेवाएं भी प्रदान की गई हैं।”वाई-फाई सेवा का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को अपने स्मार्टफोन पर वाई-फाई मोड चालू करना होगा और ‘रेलवायर’ वाई-फाई से कनेक्ट करना होगाइन स्टेशनों पर यात्री मुफ्त वाई-फाई के माध्यम से एचडी वीडियो देख सकते हैं, मनोरंजन सामग्री डाउनलोड कर सकते हैं और ऑफिस वर्क कर सकते हैं। वाई-फाई सेवा का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को अपने स्मार्टफोन पर वाई-फाई मोड चालू करना होगा और ‘रेलवायर’ वाई-फाई से कनेक्ट करना होगा। उन्हें एसएमएस ओटीपी के लिए अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा और इसके बाद यात्री की डिवाइस में वाई-फाई कनेक्टिविटी आ जाएगी।रेलवे अब प्रमुख स्टेशनों के साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों के कई स्टेशनों पर भी वाई-फाई सुविधा दे रहा हैरेलवे की ओर से वाई-फाई की सुविधा नई दिल्ली, मुंबई सेंट्रल, चेन्नई सेंट्रल, पुणे, कोलकाता, अहमदाबाद, हैदराबाद जैसे सभी प्रमुख स्टेशनों के साथ कई टियर 2 और टियर 3 शहर में मौजूद स्टेशनों पर भी दी जा रही है। इसमें सूरत, वडोदरा, राजकोट, मेरठ, भोपाल आदि जैसे टियर 2 शहरों के साथ-साथ रोहतक और कटक जैसे टियर 3 शहर भी शामिल हैं।भारतीय रेलवे स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई, रेल मंत्रालय के अधीन पीएसयू रेलटेल अपने ‘रेलवायर’ ब्रांड से प्रदान करता हैभारतीय रेलवे स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई रेल मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (पीएसयू) रेलटेल द्वारा अपने ‘रेलवायर’ ब्रांड के माध्यम से प्रदान किया जाता है। रेलटेल ने पहले इस परियोजना के विस्तार के लिए गूगल और टाटा ट्रस्ट्स जैसे संगठनों के साथ साझेदारी की थी, लेकिन अब सरकारी कंपनी रेलवायर के प्रबंधन और पहुंच का काम स्वयं संभाल रही है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी पर 18वें अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने परंपरा और इनोवेशन के संगम को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत रिसर्च के क्षेत्र में अरबों डॉलर का निवेश कर रहा है।
64 देशों के 300 से ज्यादा सितारों से जुड़ना मेरे लिए खुशी की बातउन्होंने भारत के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। 18वें अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “64 देशों के 300 से ज्यादा सितारों से जुड़ना मेरे लिए खुशी की बात है। भारत एक ऐसा देश है जहां परंपरा और नवाचार साथ चलते हैं, जहां आध्यात्म और विज्ञान मिलते हैं और जहां जिज्ञासा रचनात्मकता से मिलती है। भारत सदियों से आकाश का अध्ययन करता रहा है और बड़े सवालों के जवाब तलाशता रहा है।”5वीं शताब्दी में आर्यभट्ट ने ‘शून्य’ की खोज की थीउन्होंने 5वीं शताब्दी के गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट्ट के काम का उल्लेख करते हुए कहा, “उदाहरण के लिए, 5वीं शताब्दी में आर्यभट्ट ने ‘शून्य’ की खोज की थी। उन्होंने सबसे पहले कहा था कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है। वाकई में, उन्होंने शून्य से शुरू किया और इतिहास बना दिया।”पुणे में हमारा जायंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप दुनिया के सबसे संवेदनशील टेलीस्कोपों में से एक हैउन्होंने भारत की आधुनिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए लद्दाख में 4,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित विश्व की सबसे ऊंची खगोलीय वेधशालाओं में से एक का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “आज हम लद्दाख में दुनिया की सबसे ऊंची खगोलीय वेधशालाओं में से एक की मेजबानी कर रहे हैं। समुद्र तल से 4,500 मीटर की ऊंचाई पर यह तारों के इतना करीब है कि मानो उनसे हाथ मिला सके। पुणे में हमारा जायंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप दुनिया के सबसे संवेदनशील टेलीस्कोपों में से एक है। यह पल्सर, क्वासर और आकाशगंगाओं के रहस्यों को समझने में हमारी मदद कर रहा है।”भारत गर्व के साथ स्क्वायर किलोमीटर ऐरे और एलआईजीओ-भारत जैसी वैश्विक मेगा-विज्ञान परियोजनाओं में योगदान दे रहा हैप्रधानमंत्री ने कहा, “भारत गर्व के साथ स्क्वायर किलोमीटर ऐरे और एलआईजीओ-भारत जैसी वैश्विक मेगा-विज्ञान परियोजनाओं में योगदान दे रहा है। दो साल पहले, हमारे चंद्रयान-3 ने इतिहास रचा। हम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफलतापूर्वक उतरने वाले पहले देश बने। हमने आदित्य-एल1 सौर वेधशाला के साथ सूर्य पर भी नजरें गड़ाई हैं, जो सौर ज्वालाओं, तूफानों और सूर्य के मिजाज पर नजर रखता है। पिछले महीने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए अपना ऐतिहासिक मिशन पूरा किया। यह सभी भारतीयों के लिए गर्व का क्षण था और आप सभी जैसे युवा खोजकर्ताओं के लिए प्रेरणादायी है।”भारत वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा देने और युवा दिमागों को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्धउन्होंने कहा, “भारत वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा देने और युवा दिमागों को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अटल टिंकरिंग लैब्स में 1 करोड़ से अधिक छात्र प्रयोगों के माध्यम से एसटीईएम अवधारणाओं को समझ रहे हैं, जिससे सीखने और इनोवेशन की संस्कृति बन रही है। ज्ञान को सुलभ बनाने के लिए हमने ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ योजना शुरू की है, जो लाखों छात्रों और शोधकर्ताओं को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं तक मुफ्त पहुंच प्रदान करती है।हम दुनिया भर के आप जैसे युवा दिमागों को भारत में अध्ययन, शोध और सहयोग के लिए आमंत्रित करते हैंआपको यह जानकर खुशी होगी कि भारत एसटीईएम क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी में अग्रणी है। विभिन्न पहलों के तहत अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र में अरबों डॉलर का निवेश किया जा रहा है। हम दुनिया भर के आप जैसे युवा दिमागों को भारत में अध्ययन, शोध और सहयोग के लिए आमंत्रित करते हैं। कौन जानता है, अगला बड़ा वैज्ञानिक खोज शायद ऐसे सहयोग से ही हो। - नई दिल्ली। संसद में मंगलवार को दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार अभी भी वाशिंगटन के साथ भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर चर्चा में शामिल है, जिसका उद्देश्य टैरिफ स्थिरता और दीर्घकालिक व्यापार पूर्वानुमान के माध्यम से व्यापार और निवेश का विस्तार करना है।भारत से अमेरिका को निर्यात की जाने वाली कुछ वस्तुओं पर 7 अगस्त से 25 प्रतिशत की दर से रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया हैभारत से अमेरिका को निर्यात की जाने वाली कुछ वस्तुओं पर 7 अगस्त से 25 प्रतिशत की दर से रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया है। अनुमान है कि अमेरिका को भारत के कुल व्यापारिक निर्यात का लगभग 55 प्रतिशत इस रेसिप्रोकल टैरिफ के अधीन है।अभी तक अमेरिका को भारतीय निर्यात पर फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया गया हैइसके अलावा, वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि 27 अगस्त, 2025 से भारत से निर्यात की जाने वाली कुछ वस्तुओं पर 25 प्रतिशत की एडिशनल शुल्क दर लागू की गई है। उन्होंने आगे कहा, “अभी तक अमेरिका को भारतीय निर्यात पर फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया गया है।”सरकार, अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ के प्रभाव का आकलन करने के लिए निर्यातकों व उद्योग समेत सभी हितधारकों से बातचीत कर रही हैराज्य मंत्री के अनुसार, उत्पाद विभेदीकरण, मांग, गुणवत्ता और कॉन्ट्रैक्चुअल अरेंजमेंट जैसे विभिन्न कारकों का संयोजन, कपड़ा क्षेत्र सहित भारत के निर्यात पर रेसिप्रोकल टैरिफ के प्रभाव को निर्धारित करेगा। राज्य मंत्री ने जोर देकर कहा, “सरकार अमेरिका द्वारा लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ के प्रभाव के आकलन पर प्रतिक्रिया लेने के लिए निर्यातकों और उद्योग सहित सभी हितधारकों के साथ बातचीत कर रही है। सरकार किसानों, श्रमिकों, उद्यमियों, निर्यातकों, एमएसएमई और उद्योग के सभी वर्गों के कल्याण की रक्षा और संवर्धन को सर्वोच्च महत्व देती है।”भारत-अमेरिका व्यापार समझौता वार्ता मार्च 2025 में शुरू की गई थीभारत-अमेरिका व्यापार समझौता वार्ता मार्च 2025 में शुरू की गई थी। वार्ता के पांच दौर हो चुके हैं, जिनमें से अंतिम 14-18 जुलाई को वाशिंगटन, डीसी में हुआ था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई नवीनतम शुल्क कार्रवाई को अनफेयर, अनजस्टिफाइड और अनरीजनेबल बताया गया है।भारत के 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के समग्र उद्देश्य से किए जाते हैंसरकार ने एक बयान में कहा था, “हमने इन मुद्दों पर अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर दी है, जिसमें यह तथ्य भी शामिल है कि हमारे आयात बाजार के कारकों पर आधारित हैं और भारत के 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के समग्र उद्देश्य से किए जाते हैं।” बयान के अनुसार, “इसलिए, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अमेरिका ने भारत पर उन कदमों के लिए अतिरिक्त शुल्क लगाने का विकल्प चुना है जो कई अन्य देश भी अपने राष्ट्रीय हित में उठा रहे हैं।”
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नई दिल्ली। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश के एथनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम पर उठ रही चिंताओं का आज मंगलवार को जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (E-20) वाहन की माइलेज या आयु पर कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं डालता। मंत्रालय ने कहा कि एथनॉल जैसे बायोफ्यूल भारत के स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव में अहम हैं और यह 2070 तक नेट जीरो लक्ष्य हासिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
नीति आयोग (NITI Aayog) के एक अध्ययन के अनुसार, गन्ने से बना एथनॉल पेट्रोल के मुकाबले 65% और मक्का-आधारित एथनॉल 50% तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करता है, जिससे पर्यावरण को बड़ा लाभ होता है। मंत्रालय के मुताबिक इस कार्यक्रम ने पिछले 11 वर्षों(2014 से जुलाई 2025) में देश को 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक का विदेशी मुद्रा बचत कराई है। 245 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का आयात टाला और करीब 736 लाख मीट्रिक टन CO2 उत्सर्जन कम किया जो लगभग 30 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है। वहीं 20% ब्लेंडिंग से इस साल किसानों को लगभग 40,000 करोड़ रुपये का भुगतान होगा और करीब 43,000 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचेगी। इसके अलावा इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला, गन्ना बकाया समाप्त हुआ, मक्का की खेती को मजबूती मिली और विदर्भ जैसे क्षेत्रों में किसानों की आत्महत्याएं कम करने में मदद मिली है।ई-20 के वाहन प्रदर्शन पर असर को लेकर मंत्रालय ने बताया कि इस मुद्दे पर 2020 में ही विचार कर इंटर-मिनिस्ट्रियल कमेटी (IMC) ने अध्ययन कराया था, जिसमें इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL), ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) शामिल थे। अध्ययन में पाया गया कि ई-20 का ऑक्टेन रेटिंग लगभग 108.5 है, जो पेट्रोल के 84.4 से ज्यादा है, जिससे बेहतर एक्सेलेरेशन, स्मूथ राइड क्वालिटी और ई-10 के मुकाबले 30% तक कम कार्बन उत्सर्जन मिलता है।मंत्रालय ने माइलेज घटने के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ईंधन दक्षता कई कारकों पर निर्भर करती है जैसे- ड्राइविंग स्टाइल, वाहन का रखरखाव, टायर प्रेशर और एसी का इस्तेमाल। 2009 से ही कई गाड़ियां ई-20 कम्पैटिबल हैं और अब तक कोई बड़ी शिकायत नहीं आई है। मंत्रालय की ओर से ब्राजील का उदाहरण देते हुए बताया गया कि वहां वर्षों से E-27 ईंधन इस्तेमाल हो रहा है और टॉयोटा, होंडा, ह्युंडई जैसी कंपनियां बिना किसी परेशानी के वहां काम कर रही हैं।पुरानी गाड़ियों में सिर्फ कुछ रबर पार्ट्स या गैसकेट बदलने की जरूरत हो सकती है, जो सर्विसिंग के दौरान मामूली खर्च में संभव है। सुरक्षा मानक ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) और ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स के अनुसार तय हैं। कीमत के मामले में मंत्रालय ने बताया कि 31 जुलाई 2025 तक एथनॉल की औसत खरीद कीमत 71.32 रुपये प्रति लीटर है, जिसमें ट्रांसपोर्टेशन और GST शामिल हैं। वहीं 2024-25 में C-हेवी शीरे से बना एथनॉल 57.97 रुपये और मक्का आधारित एथनॉल 71.86 रुपये प्रति लीटर में खरीदा गया। कीमतें बढ़ने के बावजूद तेल कंपनियां मिश्रण लक्ष्य पूरा कर रही हैं ताकि ऊर्जा सुरक्षा, किसानों की आय और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित हो।बीमा से जुड़े दावों पर मंत्रालय ने कहा कि ई-20 के इस्तेमाल से वाहन का बीमा अमान्य नहीं होता और इस तरह की अफवाहें बेबुनियाद हैं। ऑटोमोबाइल कंपनियां मालिकों को पूरा सहयोग दे रही हैं और अधिकृत सर्विस स्टेशन जरूरी ट्यूनिंग या पार्ट्स बदलाव कर सकते हैं। भविष्य की योजना को लेकर मंत्रालय ने कहा कि ई-20 से आगे का कोई भी फैसला सभी हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।- -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs)-असम राइफल्स (AR), सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के लिए आधुनिकीकरण प्लान-IV योजना शुरू की है। यह केंद्रीय क्षेत्र योजना 1 जनवरी 2022 से 31 मार्च 2026 तक लागू होगी और इसके लिए 1523 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित है। इसका उद्देश्य हथियार, संचार, सुरक्षात्मक उपकरण, निगरानी और सीमा प्रबंधन प्रणाली, प्रशिक्षण सामग्री, बख्तरबंद वाहन और विशेष परिवहन वाहनों जैसे अत्याधुनिक उपकरणों को शामिल कर प्रत्येक CAPF की दक्षता और प्रदर्शन को बढ़ाना है।
इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने और साइबर अपराधों से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। गृह मंत्रालय ने इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की स्थापना की है और राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (https://cybercrime.gov.in) लॉन्च किया है। वर्ष 2021 में सिटीजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CFCFRMS) भी शुरू किया गया, जिससे अब तक 5,489 करोड़ रुपये से अधिक की राशि 17.82 लाख से अधिक शिकायतों में बचाई जा चुकी है। साथ ही, हेल्पलाइन 1930 भी चालू है। साइबर अपराध से तुरंत निपटने के लिए साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर (CFMC) स्थापित किया गया है, जहां बैंकों, वित्तीय संस्थानों, टेलीकॉम कंपनियों और राज्यों की पुलिस के प्रतिनिधि मिलकर काम करते हैं। अब तक 9.42 लाख से अधिक SIM कार्ड और 2,63,348 IMEI ब्लॉक किए जा चुके हैं। नेशनल साइबर फॉरेंसिक लैबोरेट्री (इंवेस्टिगेशन) ने 12,460 मामलों में जांच में मदद की है। देश में 605 मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट/लैब भी संचालित हो रही हैं।इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के तहत CCTNS, e-Forensics, e-Prosecution, e-Courts और e-Prisons सिस्टम का इंटीग्रेशन किया गया है। जून 2025 तक, 17,712 पुलिस स्टेशन, 117 फॉरेंसिक लैब, 751 अभियोजन जिला, 3,637 कोर्ट कॉम्प्लेक्स और 1,373 जेल इसमें शामिल हैं। CAPFs के कल्याण के लिए भी बड़े कदम उठाए गए हैं। 2019 से अब तक 16,364 नए मकान बनाए गए हैं, जिससे कुल मकानों की संख्या 1,33,845 और आवास संतुष्टि स्तर 48.80% हो गया है। CAPFs eAwas पोर्टल के जरिए अब तक 6,59,155 कर्मियों ने पंजीकरण कराया है और 1,31,519 को मकान आवंटित हुए हैं।भत्तों में अतिरिक्त रेलवे वारंट/LTC, जम्मू-कश्मीर में पोस्टिंग पर अतिरिक्त HRA (16%), हवाई यात्रा सुविधा, ड्रेस भत्ता, हाउसिंग मुआवजा, शिक्षा रियायतें आदि शामिल हैं। कल्याण योजनाओं में 25 लाख रुपये दुर्घटनात्मक मृत्यु पर और 35 लाख रुपये आतंकवादी हमले या दुश्मन कार्रवाई में शहीदी पर एक्स-ग्रेशिया भुगतान शामिल है। प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना के तहत हर साल 2,000 छात्रवृत्तियां दी जाती हैं (1,000 लड़कों और 1,000 लड़कियों के लिए), जिनमें लड़कियों को 3,000 रुपये और लड़कों को 2,500 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। वहीं 26 MBBS और 3 BDS सीटें CAPF कर्मियों के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। CAPF पुनर्वास योजना के तहत सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए निजी सुरक्षा एजेंसियों में पुनर्नियोजन की सुविधा है।स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आयुष्मान CAPF योजना 23 जनवरी 2021 को शुरू की गई थी। आज यह देशभर में लागू है और 41 लाख से अधिक आयुष्मान CAPF कार्ड जारी हो चुके हैं। CAPF, AR और NSG कर्मियों व उनके परिवारों को 2,006 CGHS और 32,100 AB-PMJAY अस्पतालों में कैशलेस इलाज मिल रहा है। यह अहम जानकारी आज मंगलवार को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में लिखित उत्तर में दी। -
नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर एक साल तक चलने वाले विशेष कार्यक्रमों और पहलों का आयोजन करेगा। यह शताब्दी वर्ष उत्सव 1 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 1 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। यह फैसला हाल ही में यूपीएससी अध्यक्ष अजय कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
शताब्दी वर्ष के दौरान यूपीएसएसी एक स्मारक लोगो और टैगलाइन जारी करेगा, साथ ही कई नई पहल और सुधार भी शुरू करेगा। आयोग ने अपने कर्मचारियों से सुझाव भी मांगे हैं, ताकि उन्हें इस उत्सव में सक्रिय भागीदार बनाया जा सके। कई मूल्यवान सुझावों पर पहले ही विचार किया जा रहा है। अजय कुमार ने कहा कि यूपीएसी अपनी स्थापना से ही पारदर्शिता, निष्पक्षता और मेरिट-आधारित चयन का प्रतीक रहा है, जिसने कड़े और निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए वरिष्ठ सरकारी पदों के लिए सबसे योग्य उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल जश्न का अवसर नहीं है, बल्कि आत्ममंथन, नवाचार और अगले 100 वर्षों के लिए विजन तय करने का समय भी है।गौरतलब है कि भारत में लोक सेवा आयोग की स्थापना 1 अक्टूबर 1926 को भारत सरकार अधिनियम, 1919 के प्रावधानों और ली आयोग (1924) की सिफारिशों के आधार पर हुई थी। 1937 में इसका नाम फेडरल पब्लिक सर्विस कमीशन रखा गया और 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने पर इसे संघ लोक सेवा आयोग नाम दिया गया।संविधान के अनुच्छेद 320 के तहत यूपीएससी को सिविल सेवाओं और पदों पर नियुक्त से जुड़े सभी मामलों में परामर्श अनिवार्य है। आयोग का मुख्य काम संघ सेवाओं में नियुक्तियों के लिए परीक्षाएं आयोजित करना, चयन साक्षात्कार के जरिए सीधी भर्ती करना, पदोन्नति, प्रतिनियुक्ति या अवशोषण के जरिए अधिकारियों की नियुक्ति की देखरेख करना शामिल है। इसके अलावा, यह विभिन्न सरकारी सेवाओं और पदों के लिए भर्ती नियम बनाता और संशोधित करता है, अनुशासनात्मक मामलों की सुनवाई करता है और राष्ट्रपति द्वारा भेजे गए मामलों पर सलाह देता है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश में कुल 4,594 करोड़ रुपये के निवेश से चार सेमीकंडक्टर परियोजनाओं की स्थापना को मंजूरी दी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी संवाददाताओं को देते हुए कहा कि ये प्रस्ताव ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' के तहत स्वीकृत किए गए हैं। इस मिशन के तहत सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयों की स्थापना में वित्तीय मदद देने के लिए 76,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वैष्णव ने कहा, "मंत्रिमंडल ने चार सेमीकंडक्टर संयंत्रों को स्वीकृति दी है जिनकी स्थापना ओडिशा, पंजाब एवं आंध्र प्रदेश में की जाएगी।" वैष्णव ने कहा कि ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में सिलिकॉन कार्बाइड सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इस पर सिकसेम प्राइवेट लिमिटेड 2,066 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस संयंत्र की वार्षिक क्षमता 9.6 करोड़ सेमीकंडक्टर चिपों के विनिर्माण की होगी। उन्होंने कहा, ‘‘सिलिकॉन कार्बाइड बेहद मजबूत सामग्री है और यह उच्च तापमान पर भी काम कर सकती है। इसका इस्तेमाल मिसाइल, उपग्रह, दूरसंचार टावर, रॉकेट और रेल इंजन में किया जाता है।'' ओडिशा में ही एक 3डी ग्लास निर्माण संयंत्र भी स्थापित होगा जिस पर 1,943 करोड़ रुपये का निवेश होगा। हेटेरोजीनस इंटीग्रेशन पैकेजिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के इस संयंत्र में अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियां इंटेल एवं लॉकहीड मार्टिन सहित अन्य का निवेश होगा। इसकी उत्पादन क्षमता पांच करोड़ यूनिट की होगी। मंत्रिमंडल ने आंध्र प्रदेश में चिप पैकेजिंग संयंत्र को मंजूरी दी है, जिसे एडवांस्ड सिस्टम इन पैकेज टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड 468 करोड़ रुपये के निवेश से लगाएगी। इसकी वार्षिक क्षमता 9.6 करोड़ चिप के विनिर्माण की होगी। मंत्रिमंडल ने पंजाब में 117 करोड़ रुपये के निवेश वाली सेमीकंडक्टर परियोजना को भी मंजूरी दी है जिसकी स्थापना इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे बनाने वाली कंपनी सीडीआईएल करेगी। इस संयंत्र में सालाना 15.8 करोड़ चिपों का विनिर्माण किया जा सकेगा। वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उठाए गए विभिन्न कदमों से पिछले 11 वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र छह गुना बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात आठ गुना बढ़कर 3.3 लाख करोड़ रुपये और मोबाइल उत्पादन 28 गुना बढ़कर 5.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने बताया कि भारत दो-चार सितंबर तक ‘सेमिकॉन इंडिया 2025' की मेजबानी करेगा जिसमें सिंगापुर, मलेशिया, जापान एवं कोरिया साझेदार देश होंगे।
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नयी दिल्ली. वित्त मंत्रालय ने नए आयकर विधेयक में अग्रिम कर की कम अदायगी पर ब्याज वसूली संबंधी प्रावधान को लेकर मंगलवार को एक सुधार अधिसूचना जारी की। इस अधिसूचना में निर्धारित तारीख तक अग्रिम कर की कम अदायगी करने पर तीन प्रतिशत ब्याज की वसूली का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही इस प्रावधान को आयकर अधिनियम, 1961 के मौजूदा प्रावधानों के अनुरूप बना दिया गया है। मौजूदा नियमों के तहत जिन करदाताओं पर 10,000 रुपये या उससे अधिक का कर देय होता है, उन्हें अग्रिम कर चार किस्तों में चुकाना होता है। इन किस्तों के लिए 15 जून, 15 सितंबर, 15 दिसंबर और 15 मार्च की तारीखें नियत होती हैं। सोमवार को लोकसभा में पारित आयकर (संख्या 2) विधेयक, 2025 में प्रावधान था कि अगर तिमाही की नियत तिथि के अगले दिन ही अग्रिम कर राशि में कमी पूरी कर दी जाए तो एक माह का एक प्रतिशत ब्याज ही लगेगा। सलाहकार कंपनी नांगिया एंडरसन एलएलपी में साझेदार संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि यह प्रावधान मौजूदा कर कानून के अनुरूप नहीं था और अब सुधार अधिसूचना के जरिये स्पष्टता लाकर मौजूदा प्रावधान के अनुरूप संशोधित कर दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि अग्रिम कर की राशि में कमी नियत तिथि से एक दिन भी आगे पूरी की जाती है तो कम से कम तीन महीने का ब्याज देना होगा।'' आयकर (संख्या 2) विधेयक, 2025 कानून की शक्ल लेने पर छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेगा। इसमें अध्यायों एवं शब्दों की संख्या को घटाकर कर कानून को सरल बनाया जाएगा।
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नयी दिल्ली. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर साल भर चलने वाले कार्यक्रम और गतिविधियों का आयोजन करेगा। एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। शताब्दी समारोह एक अक्टूबर से शुरू होगा और एक अक्टूबर, 2026 तक जारी रहेगा। बयान के मुताबिक, इस संबंध में निर्णय हाल ही में यूपीएससी अध्यक्ष अजय कुमार की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में लिया गया। कुमार ने कहा, “स्थापना के बाद से यूपीएससी पारदर्शिता, निष्पक्षता और योग्यता का प्रतीक रहा है। यूपीएससी सरकारी सेवाओं में वरिष्ठ स्तर के पदों के लिए कठोर और निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से सबसे योग्य उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित करता है।” समारोह के हिस्से के रूप में यूपीएससी राष्ट्र के प्रति आयोग की सेवा का प्रतीक एक लोगो और एक टैगलाइन जारी करने की योजना बना रहा है। शताब्दी वर्ष के दौरान विभिन्न नयी पहल और सुधारों को लागू करने की भी योजना बनाई जा रही है।
भारत सरकार अधिनियम, 1919 के प्रावधानों और ली आयोग (1924) की सिफारिशों के बाद एक अक्टूबर, 1926 को भारत में लोक सेवा आयोग की स्थापना की गई। बाद में इसका नाम संघीय लोक सेवा आयोग (1937) रखा गया और 26 जनवरी, 1950 को भारतीय संविधान को अपनाने के साथ इसका नाम बदलकर संघ लोक सेवा आयोग कर दिया गया। यूपीएससी, सरकारी नौकरियों के लिए विभिन्न भर्ती परीक्षाएं आयोजित करता है, जिनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों का चयन करने के लिए प्रतिवर्ष आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा भी शामिल है। -
नई दिल्ली। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) ने देशभर में 79.91 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट्स (ABHAs) बनाकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने आज मंगलवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। इस मिशन का उद्देश्य एक मजबूत डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम बनाना है, जो प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं में सहज निरंतरता सुनिश्चित करे। इसके साथ ही टेलीमेडिसिन जैसी तकनीकों के इस्तेमाल से यह खासतौर पर दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बढ़ा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 5 अगस्त 2025 तक कुल 79,91,18,072 हेल्थ अकाउंट बनाए गए हैं। इसके अलावा, हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) में 4,18,964 स्वास्थ्य सुविधाएं पंजीकृत हुई हैं और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (HPR) में 6,79,692 स्वास्थ्य पेशेवर जुड़े हैं। साथ ही 67.19 करोड़ स्वास्थ्य रिकॉर्ड्स को ABHAs से जोड़ा जा चुका है।यह डिजिटल प्लेटफॉर्म नागरिकों को एक यूनिक हेल्थ आईडी प्रदान करता है, जिससे वे अपने मेडिकल रिकॉर्ड को सुरक्षित तरीके से देख, एक्सेस और हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स के साथ साझा कर सकते हैं। रिकॉर्ड साझा करना केवल नागरिक की स्पष्ट और सूचित सहमति से ही संभव है, जिससे गोपनीयता और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित होती है।नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA), जो ABDM की कार्यान्वयन एजेंसी ने एक पब्लिक डैशबोर्ड भी उपलब्ध कराया है, जिससे केंद्र और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के अधिकारी मुख्य प्रदर्शन संकेतकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी कर सकते हैं। इस पहल की निगरानी केंद्रीय और राज्य स्तर पर की जाती है, जिसमें नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जाता है।- -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ (ISM) के तहत चार नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं में लगभग 4,600 करोड़ रुपये का निवेश होगा और इनसे 2,034 कुशल पेशेवरों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, साथ ही इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण में कई अप्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होंगे। इन चार नई स्वीकृत परियोजनाओं के साथ, ISM के तहत मंजूर परियोजनाओं की कुल संख्या 10 हो गई है, जिनमें कुल 1.60 लाख करोड़ रुपये का निवेश छह राज्यों में हो रहा है।
इन परियोजनाओं में ओडिशा के भुवनेश्वर के इंफो वैली में SiCSem प्राइवेट लिमिटेड और 3D Glass Solutions Inc. की इकाइयां लगेंगी। वहीं SiCSem, यूके की Clas-SiC Wafer Fab Ltd. के साथ मिलकर देश का पहला व्यावसायिक कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब स्थापित करेगा, जो सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) आधारित डिवाइस बनाएगा। इसकी सालाना क्षमता 60,000 वेफर्स और 9.6 करोड़ पैकेज्ड यूनिट्स होगी, जिनका इस्तेमाल मिसाइल, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रिक वाहन, रेलवे, फास्ट चार्जर, डेटा सेंटर, घरेलू उपकरण और सोलर इन्वर्टर में होगा।वहीं 3D Glass Solutions Inc. इंफो वैली में एक उन्नत पैकेजिंग और एम्बेडेड ग्लास सब्सट्रेट यूनिट स्थापित करेगी, जो दुनिया की सबसे उन्नत पैकेजिंग तकनीक भारत में लाएगी। इसमें ग्लास इंटरपोजर, सिलिकॉन ब्रिज, और 3D हेटरोजीनियस इंटीग्रेशन (3DHI) मॉड्यूल जैसी तकनीकें शामिल होंगी। इसकी सालाना क्षमता 69,600 ग्लास पैनल सब्सट्रेट, 5 करोड़ असेंबल्ड यूनिट और 13,200 3DHI मॉड्यूल होगी। इनका उपयोग रक्षा, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोटिव, फोटोनिक्स और को-पैकेज्ड ऑप्टिक्स में होगा।वहीं आंध्र प्रदेश में एडवांस सिस्टम इन पैकेज टेक्नोलॉजी (ASIP) दक्षिण कोरिया की APACT Co. Ltd. के साथ मिलकर एक सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित करेगी, जिसकी सालाना क्षमता 9.6 करोड़ यूनिट्स होगी। इसका उत्पादन मोबाइल फोन, सेट-टॉप बॉक्स, ऑटोमोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में किया जाएगा।पंजाब के मोहाली में Continental Device India Ltd. (CDIL) अपने मौजूदा संयंत्र का विस्तार करेगा, जहां उच्च-शक्ति वाले डिस्क्रीट सेमीकंडक्टर डिवाइस जैसे MOSFETs, IGBTs, Schottky Bypass Diodes और ट्रांजिस्टर बनाए जाएंगे। यह विस्तार सालाना 15.838 करोड़ यूनिट्स का उत्पादन करेगा, जिनका इस्तेमाल ऑटोमोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, पावर कन्वर्जन, औद्योगिक उपयोग और संचार ढांचे में होगा।सरकार का मानना है कि ये परियोजनाएं भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को एक नई ऊंचाई देंगी, क्योंकि इनमें देश का पहला व्यावसायिक कंपाउंड फैब और अत्याधुनिक ग्लास-आधारित सब्सट्रेट पैकेजिंग यूनिट शामिल है। यह पहल भारत में उभरती चिप डिजाइन क्षमताओं को भी मजबूती देगी, जहां सरकार 278 शैक्षणिक संस्थानों और 72 स्टार्ट-अप्स को डिजाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर सहायता दे रही है। अब तक 60,000 से अधिक छात्र इस प्रतिभा विकास कार्यक्रम से लाभान्वित हो चुके हैं। -
नई दिल्ली। देश के न्यायिक इतिहास में दुर्लभ और संवैधानिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत, आज मंगलवार को लोकसभा ने औपचारिक रूप से इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पढ़कर सुनाया। इसके साथ ही संविधान के अनुच्छेद 124(4), 217 और 218 के तहत उन्हें पद से हटाने की कार्यवाही का रास्ता साफ हो गया है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में बताया कि उन्हें 31 जुलाई 2025 को यह प्रस्ताव प्राप्त हुआ था, जिस पर पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और विपक्ष के नेता सहित कुल 146 लोकसभा सदस्यों और 63 राज्यसभा सदस्यों के हस्ताक्षर हैं।यह मामला मार्च 2025 में सामने आए उस विवाद से जुड़ा है, जब दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास पर आग लगने की घटना के दौरान जले हुए नोटों के बंडल बरामद हुए थे। हालांकि, उस समय जस्टिस वर्मा घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन बाद में तीन सदस्यीय आंतरिक न्यायिक जांच ने निष्कर्ष निकाला कि वे इस नकदी पर ‘नियंत्रण’ रखते थे। इस रिपोर्ट के आधार पर भारत के मुख्य न्यायाधीश ने उनकी बर्खास्तगी की सिफारिश की थी।संसद में प्रस्ताव पढ़ते हुए स्पीकर ओम बिरला ने यह भी घोषणा की कि न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 और संबंधित नियमों के तहत आरोपों की जांच के लिए एक वैधानिक समिति का गठन किया गया है। इस समिति में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार, मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मनिंदर मोहन श्रीवास्तव और कर्नाटक हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता वीवी आचार्य शामिल हैं। समिति शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, तब तक प्रस्ताव लंबित रहेगा।जस्टिस वर्मा ने जांच रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए इसे प्रक्रिया में खामी और संवैधानिक अतिक्रमण बताया था, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह उनकी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और संवैधानिक बताते हुए उनके इस रुख की आलोचना की कि पहले उन्होंने जांच में भाग लिया और बाद में उसकी वैधता पर सवाल उठाए।अगर समिति आरोपों को सही पाती है, तो महाभियोग प्रस्ताव को संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत से पारित करना होगा, अर्थात उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई मत तथा कुल सदस्यों का बहुमत। इसके बाद ही प्रस्ताव राष्ट्रपति के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। स्वतंत्र भारत में यह तीसरा मौका है जब किसी कार्यरत न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की गई है। - नयी दिल्ली. जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लि. (जेएफएसएल) ने सोमवार को कहा कि करदाता अपने रिटर्न दाखिल करने के लिए जियोफाइनेंस ऐप की सहायता ले सकते हैं। कंपनी ने अपने मंच पर ‘प्लानिंग' और ‘फाइलिंग' सुविधा की पेशकश की है। जेएफएसएल ने एक बयान में कहा कि कर योजना और आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करना आसान, स्मार्ट और अधिक किफायती बनाने के उद्देश्य से, यह नयी विशेषता ऑनलाइन कर फाइलिंग और सलाहकार सेवा, टैक्सबडी के साथ मिलकर विकसित की गयी है। कर फाइलिंग सुविधा उपयोगकर्ताओं को या तो स्वयं रिटर्न दाखिल करने या विशेषज्ञ-सहायता प्राप्त फाइलिंग का विकल्प चुनने की अनुमति देती है। इसमें स्वयं से कर रिटर्न भरने पर 24 रुपये और कर विशेषज्ञ की मदद से कर रिटर्न दाखिल करने पर 999 रुपये से शुरू होने वाली योजनाएं शामिल हैं। मॉड्यूल में दो मुख्य विशेषताएं शामिल हैं... ‘टैक्स प्लानर' और ‘टैक्स फाइलिंग'।इसमें कहा गया है कि कर फाइलिंग सुविधा पुरानी और नई कर व्यवस्थाओं के बीच भ्रम जैसी आम चुनौतियों का समाधान करने के लिए डिजाइन की गई है, जिससे ग्राहकों को 80सी और 80डी जैसी धाराओं के तहत कटौती सुनिश्चित करके कर बचाने में मदद मिलती है और महंगे बिचौलियों पर अत्यधिक निर्भरता खत्म होती है। इसमें कहा गया है कि ‘टैक्स प्लानर' व्यक्तिगत कटौती मैपिंग, आवास किराया भत्ता मूल्यांकन और व्यवस्था तुलना की पेशकश करके व्यक्तियों को उनकी भविष्य की कर देनदारियों का अनुमान लगाने और उन्हें कम करने में मदद करता है।



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