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- नयी दिल्ली. सरकार विश्व हाथी दिवस के अवसर पर तमिलनाडु के कोयंबटूर में मंगलवार को एक विशेष कार्यशाला का आयोजन करेगी, जिसका उद्देश्य मानव-हाथी संघर्ष जैसे संवेदनशील विषय पर गंभीर चर्चा और समाधान ढूंढना है। इस कार्यशाला में हाथी के पर्यावास वाले विभिन्न राज्यों को एक साझा मंच प्रदान किया जाएगा, जहां वे अपनी चुनौतियों को साझा करेंगे और संघर्ष को कम करने के प्रभावी उपायों पर विचार-विमर्श करेंगे। कार्यशाला का आयोजन केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और तमिलनाडु वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। इसका उद्घाटन केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा किया जाएगा और इसमें पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह भी मौजूद होंगे। ‘‘भारत में हाथी गलियारों'' पर 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में विश्व के लगभग 60 प्रतिशत जंगली हाथी रहते हैं तथा यहां 33 हाथी अभयारण्य और 150 चिह्नित हाथी गलियारे हैं। वर्ष 2017 में अंतिम संख्या आकलन प्रक्रिया में हाथियों की संख्या 29,964 बतायी गई थी, जबकि 2022 के आंकड़े अभी घोषित होने बाकी हैं। राज्यसभा में प्रस्तुत सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2019 से 2023 के बीच भारत में हाथियों के हमलों में 2,869 लोग मारे गए। ओडिशा में सबसे अधिक 624 मौतें हुईं, इसके बाद झारखंड (474), पश्चिम बंगाल (436), असम (383) और छत्तीसगढ़ (303) का स्थान रहा। पर्यावरण मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि विशेषज्ञ, नीति निर्माता, संरक्षणवादी और वन अधिकारी सर्वोत्तम पद्धति पर विचार-विमर्श करेंगे, जिसमें आवास प्रबंधन और गलियारे के रखरखाव से लेकर अधिक मानव-हाथी संघर्ष वाले क्षेत्रों में जागरूकता पैदा करना और क्षमता निर्माण शामिल हैं। हाथी संरक्षण पर एक राष्ट्रव्यापी जागरूकता कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा, जिसमें लगभग 5,000 स्कूलों के 12 लाख बच्चे शामिल होंगे।
- मुंबई. कनाडा में हास्य कलाकार कपिल शर्मा के रेस्तरां पर गोलीबारी के बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें सुरक्षा मुहैया करायी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने कपिल शर्मा को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई है, ताकि उनकी हिफाजत सुनिश्चित की जा सके। हालांकि, अधिकारी ने हास्य कलाकार के लिए किए गए सुरक्षा इंतजाम के बारे में कोई अन्य जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा, ‘‘ हम सभी एहतियाती कदम उठा रहे हैं, ताकि शहर में कोई अप्रिय घटना न घटे।''जब उनसे यह पूछा गया कि क्या अभिनेता के परिवार के सदस्यों को भी सुरक्षा प्रदान की गई है, तब उन्होंने कहा कि वह इस बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं कर सकते हैं। ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में हाल ही में खुले कपिल शर्मा के रेस्तरां ‘कैप्स कैफे' पर आठ अगस्त को गोलीबारी की गई थी। यह एक महीने से भी कम समय में इस रेस्तरां पर गोलीबारी की दूसरी घटना थी। इससे पहले, ‘कैप्स कैफे' को 10 जुलाई को निशाना बनाया गया था, जिसके बाद मुंबई पुलिस ओशिवरा में हास्य कलाकार के घर पहुंची थी। कनाडा में कपिल शर्मा के रेस्तरां का उद्घाटन चार जुलाई को हुआ था।सोशल मीडिया पर प्रसारित एक ऑडियो क्लिप के बारे में पूछे जाने पर पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने इसका संज्ञान लिया है। इस वीडियो में खुद को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य बता रहे एक व्यक्ति ने रेस्तरां पर हमले की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले 50 प्रतिशत से ज्यादा पोस्ट की सत्यापन की जरूरत होती है, चाहे वे असली हों या एआई द्वारा उत्पन्न। उन्होंने कहा कि ऐसी चीजें अक्सर मीडिया का ध्यान खींचने के लिए की जाती हैं।
- नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी द्वारा यहां विरोध मार्च के दौरान किए गए ‘वोट चोरी' के दावों को सोमवार को ‘‘तथ्यात्मक रूप से गलत'' करार दिया। निर्वाचन आयोग ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस' (इंडिया) द्वारा किए गए दावों पर एक “फैक्टचेक” जारी किया। इंडिया गठबंधन ने दिन में बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ विरोध मार्च का नेतृत्व किया था। निर्वाचन आयोग ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में पारदर्शिता के अपने दावे के समर्थन में दस्तावेजों की एक सूची साझा की। इन साक्ष्य में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) जैसे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के वीडियो भी शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने बिहार में मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले, उसके दौरान और बाद में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई अपनी बैठकों का विवरण भी साझा किया तथा कहा कि वह एसआईआर प्रक्रिया के संचालन के दौरान जमीनी स्तर पर उच्चतम पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है। आयोग ने मसौदा मतदाता सूचियों के प्रकाशन के बाद से प्रतिदिन जारी किए जा रहे बुलेटिन का लिंक साझा करते हुए कहा, ‘‘शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र को मजबूत करती है।
- नयी दिल्ली. चेहरे के जरिये आधार सत्यापन छह महीने से भी कम समय में दोगुना होकर 200 करोड़ पहुंच गया है। एक अधिकारिक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी गई। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआइई) ने बयान में कहा कि शुरुआत में 2024 के मध्य तक 50 करोड़ लेन-देन हुए थे। फिर जनवरी 2025 में ये बढ़कर 100 करोड़ हो गए। और अब छह महीने से भी कम समय में यह संख्या दोगुनी होकर 200 करोड़ हो गई है। यूआईडीएआई के प्रमुख भुवनेश कुमार ने बताया कि देश के गांवों से लेकर शहरों तक, सरकार, बैंक और सेवा देने वाली कंपनियां मिलकर चेहरे के जरिये आधार सत्यापन को सफल बनाने में लगे हैं। इसका मकसद है कि हर भारतीय कहीं भी, कभी भी अपनी पहचान तुरंत और सुरक्षित तरीके से साबित कर सके। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में 200 करोड़ की संख्या पहुंचना बताता है कि लोगों और सेवा देने वालों को आधार के सुरक्षित और आसान सत्यापन प्रणाली पर कितना भरोसा है।
- रुद्रप्रयाग. रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए केदारनाथ यात्रा को अगले तीन दिनों के लिए 14 अगस्त तक रोक दिया है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि देहरादून में मौसम विज्ञान केंद्र ने 12, 13 और 14 अगस्त को रुद्रप्रयाग सहित प्रदेश भर में कई जगहों पर भारी वर्षा का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, ‘‘भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत केदारनाथ धाम की यात्रा को एहतियातन अगले तीन दिनों के लिए अस्थायी रूप से रोका गया है।'' जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस दौरान सभी विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि चेतावनी प्रणाली का परीक्षण किया गया है और राष्ट्रीय राजमार्गों के ‘डेंजर जोन' (खतरे वाले क्षेत्र) में 24 घंटे जेसीबी व पोकलैंड मशीनें तैनात की गई हैं, ताकि मार्ग बाधित होने पर तुरंत खोलने की कार्रवाई हो सके। उन्होंने कहा कि नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जल आपूर्ति और भूजल प्रबंधन के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की रिपोर्ट के मुताबिक जल जीवन मिशन (JJM) के तहत, 7 अगस्त 2025 तक 12.45 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण घरों को जल कनेक्शन दिया गया है। वहीं कुल 19.36 करोड़ ग्रामीण घरों में से 15.68 करोड़ (81%) घरों में नल से जल आपूर्ति हो रही है। इससे पहले अगस्त 2019 में केवल 3.23 करोड़ (17%) ग्रामीण घरों में नल से जल कनेक्शन उपलब्ध था।
चूंकि पेयजल राज्यों का विषय है, इसकी योजना, डिजाइन, अनुमोदन और क्रियान्वयन राज्य सरकारें करती हैं। केंद्र सरकार तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करती है। वहीं जल जीवन मिशन के लिए राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को आवंटन ग्रामीण जनसंख्या (30%), एससी/एसटी ग्रामीण जनसंख्या (10%), रेगिस्तानी/सूखा प्रभावित क्षेत्र (30%), रासायनिक प्रदूषण वाले बस्तियों की जनसंख्या (10%) और शेष घरों में जल कनेक्शन (20%) जैसे मानकों के आधार पर तय किया जाता है। इसके लिए केंद्र व राज्यों के बीच जल जीवन मिशन में फंड शेयरिंग पैटर्न क्रमश: 100% (विधानसभा रहित केंद्रशासित प्रदेश), 90:10 (पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्य), और 50:50 (अन्य राज्य) है।इस मिशन के तहत, केंद्र से अनुदान दो बराबर किस्तों में जारी होता है, जो “जस्ट इन टाइम” सिद्धांत के तहत राज्यों के फंड उपयोग के आकलन के बाद जारी किया जाता है। कार्यान्वयन की निगरानी के लिए आधार-लिंकिंग, एसेट का जियो-टैगिंग, थर्ड-पार्टी निरीक्षण, सेंसर-आधारित IoT मॉनिटरिंग, और ग्राम स्तर पर पानी की मात्रा व गुणवत्ता की जांच की व्यवस्था की गई है। 2022 की कार्यात्मकता आकलन में पाया गया कि 86% घरों में नल कनेक्शन कार्यरत हैं, जिनमें से 85% को पर्याप्त मात्रा में, 80% को नियमित समय पर, और 87% को मानक गुणवत्ता वाला पानी मिल रहा है।वहीं शहरी क्षेत्रों में भी जल प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है। AMRUT मिशन के तहत 189 लाख नल कनेक्शन और AMRUT 2.0 के तहत 407 लाख कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंस, फील्ड विजिट और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए की जाती है। NITI Aayog ने 2020 में इस योजना के सकारात्मक प्रभाव की पुष्टि की थी।इसके अलावा भूजल प्रबंधन में भी सफलता देखने मिली है। अटल भूजल योजना (ABY), जिसकी कुल लागत 6,000 करोड़ रुपए है, 1 अप्रैल 2020 से 7 राज्यों – गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के 80 जिलों के 229 जल -संकटग्रस्त ब्लॉकों में लागू की जा रही है। अब तक 83 ब्लॉकों में भूजल स्तर में सुधार दर्ज हुआ है जिनमें गुजरात के (13), हरियाणा (14), कर्नाटक (20), मध्य प्रदेश (4), महाराष्ट्र (14), राजस्थान (13) और उत्तर प्रदेश (5) के ब्लॉक शामिल हैं। एबीवाई में प्रदर्शन-आधारित फंड आवंटन, पारदर्शी मॉनिटरिंग, राज्यस्तरीय स्टीयरिंग कमेटी, थर्ड-पार्टी वेरिफिकेशन, और वित्तीय ऑडिट की व्यवस्था है। जल संसाधन से संबंधित डेटा सार्वजनिक पोर्टल और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है।केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने सोमवार को राज्यसभा में बताया कि इन योजनाओं ने न केवल जल की पहुंच बढ़ाई है, बल्कि ग्रामीण व शहरी जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार किया है, और जल संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया है।- -
नई दिल्ली। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) व तमिलनाडु वन विभाग के सहयोग से 12 अगस्त को कोयंबटूर में विश्व हाथी दिवस 2025 का आयोजन किया जाएगा। यह वार्षिक आयोजन हाथी के संरक्षण और उनके दीर्घकालिक अस्तित्व को सुनिश्चित करने के वैश्विक संकल्प को दोहराने का अवसर होगा। गौरतलब है कि भारत में दुनिया के जंगली हाथियों की लगभग 60% आबादी पाई जाती है। ‘भारत में हाथी गलियारे’ रिपोर्ट के मुताबिक यहां 33 हाथी अभयारण्य और 150 चिन्हित हाथी गलियारे हैं। मजबूत कानूनी संरक्षण, सशक्त संस्थागत ढांचा और व्यापक जनसमर्थन के कारण भारत को मानव कल्याण और वन्यजीव संरक्षण में संतुलन बनाने वाला अग्रणी देश माना जाता है। वहीं भारत में हाथियों को राष्ट्रीय विरासत पशु का दर्जा प्राप्त है और वे भारतीय परंपरा और संस्कृति का अहम हिस्सा हैं।
तमिलनाडु, जो जैविक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध है, हाथियों की बड़ी आबादी को संजोए हुए है और मानव-हाथी संघर्ष कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कोयंबटूर का यह कार्यक्रम वन अधिकारियों, नीति-निर्माताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए संरक्षण रणनीतियों और संघर्ष समाधान पर विचार-विमर्श का मंच बनेगा। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री कृति वर्धन सिंह और तमिलनाडु के वन एवं खादी मंत्री आर. एस. राजाकन्नप्पन भी उपस्थित रहेंगे। इसमें MoEF&CC, तमिलनाडु वन विभाग, रेल मंत्रालय और अन्य राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे।वहीं कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, कोयंबटूर में मानव-हाथी संघर्ष (HEC) पर एक विशेष कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला का उद्देश्य हाथी रेंज वाले राज्यों को मानव-हाथी सहअस्तित्व से जुड़ी चुनौतियों को साझा करने और संघर्ष कम करने के उपायों पर चर्चा करना है। यह पहल ‘प्रोजेक्ट एलिफेंट’ के तहत चल रहे प्रयासों का हिस्सा है, जो सामुदायिक भागीदारी और वैज्ञानिक तरीकों के माध्यम से इंसानों और हाथियों के बीच टकराव को कम करने पर केंद्रित है।बता दें कि हाल के वर्षों में भोजन और पानी की तलाश में हाथियों के मानव बस्तियों में घुसने की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे नए और प्रभावी समाधानों की आवश्यकता बढ़ गई है। कार्यशाला में विशेषज्ञ, नीति-निर्माता, संरक्षणकर्मी और वन अधिकारी आवास प्रबंधन, गलियारे का रखरखाव, जागरूकता बढ़ाने और उच्च संघर्ष वाले क्षेत्रों में क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे।इसके अलावा, हाथी संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा, जिसमें लगभग 12 लाख स्कूली बच्चों को जोड़ा जाएगा। यह अभियान करीब देश के 5,000 स्कूलों में चलाया जाएगा, जो इस दिशा में व्यापक सार्वजनिक भागीदारी और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।- -
नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार को विपक्षी सदस्यों के विरोध और नारेबाजी के बीच दो बड़े वित्तीय विधेयक, आयकर विधेयक 2025 और कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025 पारित किया गया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन दोनों विधेयकों को पेश किया। उन्होंने सदन से इन पर विचार करने और पारित करने का आग्रह किया। शाम 4 बजे की कार्यवाही के दौरान दोनों विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गए।
आयकर विधेयक, 2025 छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेगा। इसमें भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली संसदीय चयन समिति की 285 से अधिक सिफारिशें शामिल की गई हैं। इस विधेयक में कर कानून की भाषा को आसान बनाया गया है, कटौतियों को स्पष्ट किया गया है और अलग-अलग प्रावधानों के बीच क्रॉस-रेफरेंसिंग को मजबूत किया गया है। खासकर मकान संपत्ति से होने वाली आय के मामलों में स्पष्टता दी गई है, जिसमें मानक कटौती और होम लोन पर प्री-कंस्ट्रक्शन ब्याज से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। इसमें ‘पूंजीगत संपत्ति’, ‘लघु और छोटे उद्यम’ और ‘लाभार्थी स्वामी’ जैसे शब्दों की स्पष्ट परिभाषाएं दी गई हैं। पेंशन योगदान और वैज्ञानिक अनुसंधान व्यय के कर उपचार को भी एकसमान किया गया है। यह विधेयक 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा।वहीं कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2025 में लक्षित सुधार किए गए हैं। इसमें एकीकृत पेंशन योजना (UPS) के ग्राहकों को कर छूट दी गई है, जो अब राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के बराबर लाभ प्राप्त करेंगे। इसके अलावा, भारत में निवेश करने वाले सऊदी अरब के पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड और उसकी सहायक कंपनियों को आयकर अधिनियम की धारा 10(23FE) के तहत प्रत्यक्ष कर छूट दी गई है। साथ ही, आयकर खोज मामलों में ब्लॉक असेसमेंट से जुड़ी प्रक्रियाओं को और स्पष्ट किया गया है, ताकि तलाशी अभियान के दौरान चल रहे असेसमेंट और री-असेसमेंट मामलों को सरल और तेज तरीके से निपटाया जा सके। ये विधेयक सरकार के कर ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक अहम कदम हैं।- -
नई दिल्ली। इस साल खरीफ फसलों की बुआई का कुल क्षेत्र 995.63 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल के 957.15 लाख हेक्टेयर से 38.48 लाख हेक्टेयर अधिक है। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के मुताबिक यह वृद्धि अच्छे और समय पर हुए मानसून के कारण हुई है, जिससे विशेष रूप से गैर-सिंचित क्षेत्रों में खेती को बढ़ावा मिला है। धान की बुआई में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 8 अगस्त 2025 तक धान का रकबा 364.8 लाख हेक्टेयर हो गया, जो पिछले साल 325.36 लाख हेक्टेयर था।
वहीं दालों (उड़द, मूंग आदि) का रकबा मामूली बढ़कर 106.68 लाख हेक्टेयर हो गया, जबकि पिछले साल यह 106.52 लाख हेक्टेयर था। मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा, रागी) का क्षेत्रफल 178.73 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल 170.96 लाख हेक्टेयर था। गन्ने की खेती भी बढ़कर 57.31 लाख हेक्टेयर हो गई, जो पिछले साल 55.68 लाख हेक्टेयर थी।किसानों को बेहतर दाम देने और उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने वर्ष 2025-26 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दी है। सबसे अधिक MSP बढ़ोतरी निगरसीड (₹820 प्रति क्विंटल) के लिए की गई है, इसके बाद रागी (₹596 प्रति क्विंटल), कपास (₹589 प्रति क्विंटल) और तिल (₹579 प्रति क्विंटल) के लिए बढ़ोतरी की गई है।- - ब्रह्मपुर. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के गंजाम जिले में रविवार को राज्य के पहले समुद्री जल विलवणीकरण संयंत्र का उद्घाटन किया। छतरपुर के पास माटीखाल में स्थापित यह संयंत्र उत्क्रम परासरण यानी रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) तकनीक का इस्तेमाल करके समुद्री जल को ताजा पानी में तब्दील कर देगा। इसे इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड (आईआरईएल) की एक इकाई, ओडिशा सैंड्स कॉम्प्लेक्स (ऑस्कॉम) ने विकसित किया है। अधिकारियों ने बताया कि इस संयंत्र से रोजाना लगभग चार लाख लीटर पानी की आपूर्ति की जाएगी, जिससे करीब 7,000 लोगों को लाभ होगा। प्रधान ने कहा कि इस संयंत्र के चालू होने से समुद्री तट के किनारे बसे दो गांवों की पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा, “भूजल में लवणता के कारण ग्रामीणों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा था।” ओस्कॉम प्रमुख सीवीआर मूर्ति ने बताया कि औद्योगिक और पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 4.5 एमएलडी क्षमता के संयंत्र की स्थापना पर कुल 135 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। उन्होंने बताया कि आस-पास के गांवों के साथ-साथ ओस्कॉम कर्मचारियों को भी पानी उपलब्ध कराया जाएगा।मूर्ति के मुताबिक, “ओसकॉम इस संयंत्र से 1.5 एमएलडी पानी का इस्तेमाल करेगा, जबकि 1.5 एमएलडी पानी की गांवों को आपूर्ति करेगा। बाकी 1.5 एमएलडी पानी आपात स्थिति में उपयोग के लिए संरक्षित किया जाएगा।” अधिकारियों के अनुसार, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) ने समुद्री जल के खारेपन को दूर करने की तकनीक उपलब्ध कराई है। उन्होंने बताया कि बीएआरसी के परमाणु ऊर्जा विभाग ने इस संयंत्र की स्थापना के लिए धनराशि प्रदान की है। अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन ने टैंक बनवाए और हर घर तक पाइप बिछाए।
- चेन्नई. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अगले कुछ महीनों में अमेरिका निर्मित 6,500 किलोग्राम वजन वाले संचार उपग्रह का प्रक्षेपण करेगा। इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने रविवार को यह जानकारी दी। नारायणन ने चेन्नई के पास कट्टनकुलथुर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि 30 जुलाई को जीएसएलवी-एफ16 रॉकेट के जरिये नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (निसार) मिशन के ऐतिहासिक प्रक्षेपण के बाद इसरो अमेरिका निर्मित एक और उपग्रह को अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित करेगा। कट्टनकुलथुर में एसआरएम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के 21वें दीक्षांत समारोह के दौरान महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने नारायणन को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि से नवाजा। इसरो प्रमुख ने अपने संबोधन में याद दिलाया कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी की स्थापना 1963 में हुई थी और उस समय देश विकसित देशों से छह-सात साल पीछे था। उन्होंने कहा, “उसी साल अमेरिका ने एक छोटा रॉकेट दान किया था, जिससे भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी। वह 21 नवंबर 1963 का दिन था।” नारायणन ने कहा कि 1975 में अमेरिका की ओर से उपलब्ध कराए गए उपग्रह डेटा के माध्यम से इसरो ने छह भारतीय राज्यों के 2,400 गांवों में 2,400 टेलीविजन सेट लगाकर ‘जनसंचार' का परीक्षण किया था। उन्होंने कहा, “उसके (एक साधारण शुरुआत) बाद 30 जुलाई 2025 का दिन भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक ऐतिहासिक दिन था। हमने निसार उपग्रह प्रक्षेपित किया है। यह दुनिया का अब तक का सबसे महंगा उपग्रह है। एल बैंड एसएआर पेलोड अमेरिका ने और एस बैंड पेलोड इसरो ने प्रदान किया। उपग्रह को भारतीय प्रक्षेपक (जीएसएलवी) के जरिये सटीक रूप से अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित किया गया। और आज, हम उन्नत देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं।” नारायणन ने कहा कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की एक टीम ने जीएसएलवी-एफ16/निसार मिशन के सटीक प्रक्षेपण के लिए इसरो के अपने समकक्षों की सराहना की। उन्होंने कहा, “एक ऐसा देश, जिसने अमेरिका से मिले एक छोटे-से रॉकेट से अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत की थी, अगले कुछ महीनों में भारतीय धरती से अपने खुद के प्रक्षेपक का इस्तेमाल करके अमेरिका निर्मित 6,500 किलोग्राम वजन वाले संचार उपग्रह का प्रक्षेपण करने जा रहा है। यह कितनी महत्वपूर्ण प्रगति है।” नारायणन ने कहा कि 50 साल पहले जिस देश के पास उपग्रह प्रौद्योगिकी नहीं थी, आज उसकी अंतरिक्ष एजेंसी इसरो अपने प्रक्षेपकों का इस्तेमाल करके 34 देशों के कुल 433 उपग्रहों को प्रक्षेपित कर चुकी है। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी हमने अपने उपग्रहों के माध्यम से भारत के सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की। हम जो भी योगदान दे सकते थे, हमने दिया।” कुछ महत्वपूर्ण अभियानों का जिक्र करते हुए नारायणन ने कहा कि चंद्रयान-1 मिशन के माध्यम से इसरो चंद्रमा की सतह पर पानी के अणु की पहचान करने में सक्षम हुआ था और चंद्रयान-3 के जरिये भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग' करने की उपलब्धि हासिल की थी। एक ही प्रक्षेपण यान का उपयोग करके 34 उपग्रहों को अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित करने के रूस के रॉकेट मिशन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने एक ही रॉकेट का इस्तेमाल करके 104 उपग्रहों को इच्छित कक्षा में स्थापित करके उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
- उत्तरकाशी. गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगनानी से आगे लिमचागाड़ में रविवार को बेली पुल का निर्माण पूरा हो गया जिससे आपदाग्रस्त धराली और हर्षिल तक जल्द सड़क संपर्क बहाल करने का मार्ग प्रशस्त हो गया। वहीं 177 अन्य श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिये हर्षिल से निकाला गया है। उधर, मंगलवार को आयी आपदा के बाद धराली में मलबे में लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव दलों ने छठे दिन खोजी कुत्तों, ‘विक्टिम लोकेटिंग' व ‘थर्मल इमेजिंग' कैमरा जैसे अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से खोजबीन अभियान तेज कर दिया। अधिकारियों ने यहां बताया कि लिमचागाड़ में आपदा में बह गए 30 मीटर लंबे पुल के स्थान पर सीमा सड़क संगठन ने लोक निर्माण विभाग के सहयोग से दिन-रात एक करके बेली पुल निर्माण का चुनौतीपूर्ण कार्य रविवार शाम को पूरा कर लिया। बेली पुल एक ऐसा पुल होता है, जिसे पहले से तैयार पुर्जों को जोड़कर जल्दी से बनाया जा सकता है।उन्होंने बताया कि युद्धस्तर पर कार्य करके तीन दिनों की अल्प अवधि में पुल बना दिए जाने से गंगोत्री मार्ग पर डबरानी पुल तक सड़क संपर्क बहाल हो गया है। उन्होंने कहा कि इसके जरिये इसके आगे के हिस्सों में क्षतिग्रस्त सड़क का तेजी से पुनर्निर्माण होगा और राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी आएगी। अतिवृष्टि और बादल फटने के कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग लिमचागाड़ सहित अनेक स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। आपदा के बाद तीन दिनों तक उत्तरकाशी में डेरा डाले रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर धराली में जारी राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि धराली और हर्षिल तक मंगलवार या बुधवार तक सड़क मार्ग बन जाने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में बिजली बहाल हो गयी है, टेलीफोन लाइन सुचारू हो गयी हैं और राशन कपड़े आदि सभी जरूरी चीजें वहां पर्याप्त मात्रा में पहुंच गयी हैं। धामी ने कहा कि ऐसे 107 परिवार हैं, जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं या जिनके परिजन की मृत्यु हुई है। उन्होंने कहा कि अभी फौरी तौर पर पांच लाख रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता जारी की गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदाग्रस्त क्षेत्र में सभी एजेंसियों ने समन्वय से कार्य किया और गगांत्री धाम, हर्षिल आदि क्षेत्रों में आए तीर्थयात्रियों समेत सभी को बाहर निकाला गया है। उन्होंने कहा, ‘‘अभी तक हेली सेवा के माध्यम से 1200 से अधिक लोगों को बाहर निकाला गया है। अब भी हमारी हेली सेवा चल रही है।'' उन्होंने बताया कि राजस्व सचिव की अध्यक्षता में बनायी गयी समिति नुकसान का पूरा आकलन करेगी, जिसमें भवनों का नुकसान, पशुहानि, कृषि और बागवानी सभी प्रकार के नुकसान का आकलन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘इससे पहले हम जोशीमठ में आयी आपदा में भी पुनर्वास का काम कर चुके हैं और हमारा प्रयास है कि हर आपदा पीड़ित को सहायता मिले। हमें हर वर्ष आपदा का किसी न किसी रूप में सामना करना पड़ता है और उनसे बचाव के लिए प्रदेश में स्थित महत्वपूर्ण संस्थानों से वहन क्षमता से लेकर पर्यावरण तक का आकलन करवाया जाएगा।'' उत्तरकाशी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को हर्षिल से हेलीकॉप्टर के जरिए 124 श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को मातली तथा 53 लोगों को चिन्यालीसौड़ पहुंचाया गया। सात अगस्त से हेली अभियान शुरू होने के बाद से अब तक कुल 1273 श्रद्धालुओं तथा अन्य लोगों को हर्षिल से बाहर निकालकर मातली हेलीपैड, चिन्यालीसौड़ हवाई पटटी तथा देहरादून पहुंचाया जा चुका है। हालांकि, रविवार सुबह बारिश के कारण हेलीकॉप्टर संचालन पौने 10 बजे शुरू हो पाया। अधिकारियों ने बताया कि मातली हेलीपैड से हेलीकॉप्टर के जरिए बड़ी मात्रा में खाद्य एवं राहत सामग्री हर्षिल हेलीपैड तक भेजी जा रही है और वापसी में आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को मातली लाया जा रहा है। राज्य सरकार के हेलीकॉप्टरों के अलावा, सेना के चिनूक, एमआई-17, एएलएच-1 और चीता हेलीकॉप्टर बचाव अभियान संचालित कर रहे हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में ध्वस्त हुए कल्प केदार मंदिर का निर्माण किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को धराली आपदा में बेघर हुए परिवारों से निरंतर संपर्क रखते हुए तात्कालिक रूप से उनके रहने, भोजन, दवाइयों सहित सभी सुविधाएं देने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने धराली के ग्राम प्रधान सहित अन्य ग्रामीणों से बात भी की, जिन्होंने मुख्यमंत्री का स्वयं उनके साथ तीन दिन तक रहने तथा उनका हौसला बनाए रखने के लिए आभार जताया। उधर, धराली में मलबे के ढेर में लापता लोगों की तलाश के लिए विभिन्न एजेंसियों द्वारा बचाव एवं राहत अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगौली ने अधिकारियों को धराली में प्रतिदिन 2000 लीटर डीजल तथा प्रभावित लोगों के लिए रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जब तक सड़कों की मरम्मत नहीं हो जाती और उनका संचालन शुरू नहीं होता तब तक प्रभावित लोगों तक खाद्य तथा अन्य जरूरी सामान पहुंचाने के लिए घोड़े और खच्चरों का उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा धराली में प्रभावित लोगों के राहत एवं पुनर्वास के लिए भेजी जा रही आपदा राहत सामग्री से भरे करीब आधा दर्जन ट्रक रवाना किये। पांच अगस्त को बादल फटने के बाद खीर गंगा नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ के कारण धराली में मची तबाही में कई होटल और मकान जमींदोज हो गए थे। जिला प्रशासन ने अब तक चार लोगों की मौत और कई अन्य के लापता होने की पुष्टि की है।
- जन्माष्टमी के लिए इस्कॉन का जबरदस्त प्लानपटना/ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर पटना के इस्कॉन में तैयारियां शुरू हो गई हैं. इस साल दो दिवसीय कार्यक्रम होगा, जिसमें 16 अगस्त को जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जाएगा और 17 अगस्त को संस्थापक श्रील प्रभुपाद का जन्मदिन. प्रभुपाद के जन्मदिन को ‘प्रभुपाद आविर्भाव महोत्सव’ के रूप में मनाया जाएगा.पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष कई विशेष तैयारियां चल रही हैं और पूरे कार्यक्रम को भव्य बनाने की योजना है. भगवान के दरबार को सजाने के लिए रूस, यूक्रेन, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका सहित 8 देशों से फूल मंगाए जा रहे हैं. इन देशों के भक्त भी शामिल होंगे.भगवान के नए आभूषण और वस्त्र वृंदावन और मायापुर से लाए जा रहे हैं. इनसे भगवान का श्रृंगार किया जाएगा. भक्तों की सुविधा को देखते हुए मंदिर परिसर में वाटरप्रूफ पंडाल लगाया जाएगा, ताकि मौसम का कोई असर भक्तों पर न पड़े.जन्माष्टमी की रात 12 बजे 251 चांदी के कलश और शंख से भगवान का विशेष महाभिषेक किया जाएगा. इसके साथ ही, भगवान की दिव्य लीलाओं का मंचन भी होगा. लगातार भजन कीर्तन का सिलसिला चलता रहेगा. सभी भक्त भगवान की भक्ति में लीन दिखाई देंगे.
- बेंगलुरु। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को बेंगलुरु मेट्रो रेल की बहुप्रतीक्षित ‘येलो लाइन’ का उद्घाटन किया। इससे बेंगलुरु के आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) केंद्र को जोड़ने वाले कई भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात सुगम होने की उम्मीद है।प्रधानमंत्री ने आरवी रोड (रागीगुड्डा) से इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो की सवारी भी की और यात्रा के दौरान छात्रों से बातचीत की।अधिकारियों ने बताया कि लगभग 7,160 करोड़ रुपये की लागत वाली बेंगलुरु मेट्रो की द्वितीय चरण की परियोजना के तहत आरवी रोड से बोम्मासंद्रा तक 19 किलोमीटर से अधिक लंबे मार्ग में 16 स्टेशन हैं।‘येलो लाइन’ के शुरू होने से बेंगलुरु में मेट्रो रेल का परिचालन नेटवर्क 96 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा, जो क्षेत्र की एक बड़ी आबादी को सेवा प्रदान करेगा।अधिकारियों के अनुसार, इस नयी सुविधा से होसुर रोड, सिल्क बोर्ड जंक्शन और इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी जंक्शन जैसे कई भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात की भीड़ कम होने की उम्मीद है।उपमुख्यमंत्री और बेंगलुरु विकास मामलों के प्रभारी मंत्री डी. के. शिवकुमार ने हाल में कहा था कि ‘येलो लाइन’ के लिए ‘‘तीन ट्रेन’’ आ चुकी हैं और चौथी इसी महीने आएगी। उन्होंने कहा था कि अभी तीन ट्रेन 25 मिनट के अंतराल पर चलेंगी और बाद में यह आवृत्ति बढ़ाकर 10 मिनट कर दी जाएगी।प्रधानमंत्री का काफिला जब केएसआर (क्रांतिवीर संगोल्लि रायाण्ण) बेंगलुरु (सिटी) रेलवे स्टेशन से रागीगुड्डा स्टेशन की ओर बढ़ रहा था तब बारिश के बावजूद सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में एकत्र लोगों ने प्रधानमंत्री का ‘‘मोदी, मोदी’’ के नारे लगाकर स्वागत किया और उन पर पुष्पवर्षा की।मोदी ने भी अपनी कार के अंदर से हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया।अधिकारियों के अनुसार, येलो लाइन के कारण बेंगलुरु मेट्रो में रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की संख्या 8.5 लाख से बढ़कर 12.5 लाख हो जाने की संभावना है तथा इससे प्रतिदिन यात्रा समय में 2 घंटे की कमी होने का भी अनुमान है।इस दौरान कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।इस बीच, बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) ने एक बयान में कहा कि येलो लाइन पर ट्रेन सेवाएं सोमवार(11 अगस्त) से शुरू होंगी।इसमें कहा गया कि सभी कार्यदिवसों सोमवार से शनिवार तक दोनों स्टेशन आर.वी. रोड और डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स बोम्मासंद्रा मेट्रो स्टेशन से ट्रेनें सुबह 6:30 बजे चलेंगी। इस खंड पर प्रत्येक दिशा में चलने का समय 35 मिनट है और ट्रेन हर स्टेशन पर रुकेगी।मेट्रो की येलो लाइन पर कुल 16 स्टेशन हैं। डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स बोम्मासंद्रा स्टेशन से आखिरी ट्रेन सेवा रात 10.42 बजे होगी जबकि आरवी रोड इंटरचेंज स्टेशन से आखिरी सेवा रात 11.55 बजे होगी। बीएमआरसीएल ने बताया कि येलो लाइन के स्टेशनों पर किराया 60 रुपये है।
- नासिक। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन -सीबीआई ने महाराष्ट्र के नासिक ज़िले के इगतपुरी स्थित रेनफॉरेस्ट रिसॉर्ट में चल रहे अवैध कॉल सेंटर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के अंतरराष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह कॉल सेंटर अमेरिका, कनाडा समेत कई देशों के नागरिकों को ठगने में लिप्त था।सीबीआईने 8 अगस्त 2025 को मुंबई निवासी छह निजी आरोपियों और अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि आरोपी मिलकर अमेज़न सपोर्ट सर्विसेज कॉल सेंटर के नाम पर फर्जी कॉल कर विदेशी नागरिकों को गिफ्ट कार्ड और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ठगते थे।छापेमारी के दौरान सीबीआई को कॉल सेंटर में काम कर रहे लगभग 60 ऑपरेटर मिले, जिनमें डायलर, वेरिफायर और क्लोज़र शामिल थे। उस समय विदेशी नागरिकों से ठगी की प्रक्रिया लाइव चल रही थी।कार्रवाई में 44 लैपटॉप, 71 मोबाइल फोन, ₹1.20 करोड़ नकद, 500 ग्राम सोना और ₹1 करोड़ की सात लग्जरी कारें बरामद हुईं। डिजिटल साक्ष्यों के साथ लगभग 5000 USDT (₹5 लाख) की क्रिप्टोकरेंसी और 2000 कनाडाई डॉलर (₹1.26 लाख) के गिफ्ट वाउचर भी पकड़े गए।अब तक सीबीआईने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है — विशाल यादव, शेबाज़, दुर्गेश, अभय राज उर्फ राजा और समीर उर्फ कालिया उर्फ सोहैल। मामले में अन्य आरोपियों और धन के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है। सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा है, जो भारत से संचालित होकर विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहा था।
- रायसेन (मध्यप्रदेश)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से होने वाले आयात पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने को लेकर जारी विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को भारत की अर्थव्यवस्था को दुनिया की सबसे ‘दबंग और गतिशील' अर्थव्यवस्था करार दिया और कहा कि ‘सबके बॉस तो हम हैं' का भाव रखने वाले कुछ देशों को यह रास नहीं आ रहा है। यहां रायसेन में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) की रेल कोच इकाई का भूमिपूजन करने के बाद राजनाथ ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत जितनी तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है, दुनिया की कोई ताकत उसे विश्व की एक बड़ी शक्ति बनने से नहीं रोक सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘साल 2014 में धन दौलत के आकार (अर्थव्यवस्था) के मामले में भारत 11वें स्थान पर था। आज हमारा भारत दुनिया के शीर्ष चार देशों की कतार में आ गया है। तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था अगर किसी देश की है तो वह हमारे भारत की है।''उन्होंने कहा, ‘‘इसका मतलब है देश आगे बढ़ रहा है और देशवासी भी आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि देशवासी आगे नहीं बढ़ेंगे तो भारत आगे नहीं बढ़ सकता है।'' रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘डेशिंग यानी दबंग और डायनामिक यानी गतिशील अर्थव्यवस्था किसी देश की है तो वह भारत की है।'' उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि लेकिन ‘‘कुछ लोगों'' को भारत का तेजी से विकास रास नहीं आ रहा है, उन्हें अच्छा नहीं लग रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘वे सोचते हैं कि सबके बॉस तो हम हैं और भारत कैसे इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है? बहुतों द्वारा ऐसा करने की कोशिश की जा रही है कि भारत में भारतवासियों के हाथों से जो चीज तैयार होती है, वह दुनिया के देशों में जाएं तो उन देशों में बनने वाली चीजों से महंगी हो जाए और वह महंगी हो जाएगी तो दुनिया के लोग उसे खरीद नहीं पाएंगे।'' राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले रक्षा उत्पादन से जुड़ी चीजें विदेशों में बनाई जाती थी और भारत उनसे खरीदता था। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आज इनमें से बहुत सारी चीजें न केवल भारत की धरती पर बल्कि भारतवासियों के हाथों बन रही हैं, हम न केवल अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं बल्कि हम दुनिया के दूसरे देशों को भी निर्यात करने का काम कर रहे हैं। दुनिया के देश हमारे सामान को खरीद रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि 2014 में नरेन्द्र मोदी जब देश के प्रधानमंत्री बने थे उस समय केवल 600 करोड़ रुपये के भारत के रक्षा उत्पाद दुनिया के दूसरे देशों में निर्यात होते थे। उन्होंने कहा, ‘‘अब हम 24,000 करोड़ से ज्यादा का रक्षा उत्पाद दुनिया के देशों को निर्यात कर रहे हैं। यह भारत की ताकत है। यह नए भारत का नया रक्षा क्षेत्र है।'' रेल कोच इकाई का उल्लेख करते राजनाथ सिंह ने कहा कि यह रायसेन और विदिशा क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी सौगात है और इससे 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि उद्योग धंधों के मामले में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है क्योंकि राज्य को हाल में 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘नेतृत्व शानदार हो तो विकास तेजी से होता है। मुझे लगता है कि कुछ वर्षों के बाद इस मध्यप्रदेश को लोग मॉडर्न प्रदेश कहना शुरू कर देंगे।'' उन्होंने कहा कि जब यह इकाई तैयार हो जाएगी तो आसपास के क्षेत्र का भी तेजी से विकास होगा।उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया। राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘धर्म पूछकर लोगों को मारा गया। हम लोग धर्म पूछकर नहीं मार सकते। हम तो हत्या में विश्वास नहीं करते। हम तो चींटियों तक को नहीं मारते। हमने ठान लिया कि धर्म देखकर नहीं, उनका कर्म देखकर मारेंगे।'' उन्होंने कहा कि भारत का स्पष्ट रुख है कि ‘जो हमें छेड़ेगा, हम उसे छोड़ेंगे नहीं'।सिंह ने इससे पहले, रायसेन जिले के उमरिया गांव में 1,800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) की रेल कोच इकाई का भूमिपूजन किया। इस परियोजना का नाम ‘ब्रह्मा' (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) रखा गया है और इसकी प्रारंभिक उत्पादन क्षमता 125 से 200 कोच प्रतिवर्ष होगी, जिसे पांच वर्षों में बढ़ाकर 1,100 कोच प्रतिवर्ष किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान में आयोजित इस भूमि-पूजन समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रक्षा उत्पाद सचिव संजीव कुमार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार, बीईएमएल के अध्यक्ष शांतनु राय शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का एक वीडियो संदेश प्रसारित किया गया।----
- मुंबई।, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नागपुर और यूनिसेफ महाराष्ट्र बच्चों में गैर-संक्रामक रोगों (एनसीडी) के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एक साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं। व्यापक राष्ट्रीय पोषण सर्वेक्षण 2019 के अनुसार, भारत में पांच से नौ वर्ष की आयु के बच्चों और 10 से 19 वर्ष की आयु के किशोरों में एनसीडी का खतरा बढ़ रहा है। सबसे सामान्य एनसीडी बीमारियां जैसे मोटापा, अस्थमा, मधुमेह, कैंसर और हृदय रोग अक्सर जीवन में होने वाले जोखिमों से उत्पन्न होते हैं, जिनमें खराब पोषण, सुस्त जीवन शैली और पर्यावरणीय प्रभाव शामिल हैं। एम्स-नागपुर में शिशु रोग विभाग की प्रमुख डॉ. मीनाक्षी गिरीश ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य प्रणाली में अक्सर बचपन में होने वाले एनसीडी रोग को कम ही पहचाना जाता है, जिससे निदान और प्रबंधन में देरी होती है। कई मामलों में इन बीमारियों का तब तक पता नहीं लगता जब तक कि ये गंभीर जटिलताओं में न बदल जाएं, जिससे फिर लंबे समय तक स्वास्थ्य समस्याएं और स्वास्थ्य देखभाल का बोझ बढ़ सकता है।'' यूनिसेफ, एम्स-नागपुर और महाराष्ट्र सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग बच्चों में बढ़ती एनसीडी बीमारियों की चुनौती से निपटने के लिए एक साथ आगे आए हैं। यूनिसेफ महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. मंगेश गढ़ारी ने बताया, ‘‘इस कार्यक्रम का ‘पायलट प्रोजेक्ट' सितंबर में विदर्भ क्षेत्र के भंडारा और वर्धा में शुरू होने की उम्मीद है। हम प्रोटोकॉल और प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने पर काम कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्क्रीनिंग शुरू होने से पहले स्वास्थ्य कर्मियों को अच्छी तरह से प्रशिक्षित किया जाए।'' इस कार्यक्रम के तीन वर्ष के अंत तक महाराष्ट्र के 11 जिलों में शुरू होने की उम्मीद है।उन्होंने बताया कि प्रत्येक एनसीडी के लिए कार्य बल का गठन फरवरी में किया गया था और इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के सचिव से अप्रैल में अनुमोदन प्राप्त हुआ। इस एनसीडी कार्य बल में भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी के विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेजों के सरकारी विशेषज्ञ, शिक्षा जगत और अन्य पेशेवर संघ शामिल हैं। एम्स-नागपुर के कार्यकारी निदेशक डॉ. प्रशांत पी. जोशी ने कहा, ‘‘यह साझेदारी राज्य सरकार की अद्वितीय पहुंच, यूनिसेफ के समर्थन, एम्स-नागपुर की नैदानिक विशेषज्ञता और अनुसंधान क्षमताओं को एक साथ जोड़ती है...।''
- रायसेन (मध्यप्रदेश), । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के उमरिया गांव में 1,800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ‘भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड' (बीईएमएल) की रेल कोच इकाई का भूमिपूजन किया। इस परियोजना का नाम ‘ब्रह्मा' (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) रखा गया है और इसकी प्रारंभिक उत्पादन क्षमता 125 से 200 कोच प्रतिवर्ष होगी, जिसे पांच वर्षों में बढ़ाकर 1,100 कोच प्रतिवर्ष किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार, बीईएमएल के अध्यक्ष शांतनु राय सहित कई नेता और अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का एक वीडियो संदेश प्रसारित किया गया।इस अवसर पर ‘ब्रह्मा' परियोजना पर केन्द्रित लघु फिल्म, प्रस्तावित संयंत्र का 3डी चित्रण (वॉक थ्रू) और नए संयंत्रों के मॉडल प्रदर्शित किए गए। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि ‘ब्रह्मा' परियोजना पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया' और ‘आत्मनिर्भर भारत' के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करेगा। संयंत्र में उपयोग होने वाली अधिकांश तकनीक और सामग्री देश में विकसित व निर्मित की जाएगी, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी। बयान के मुताबिक यह परियोजना प्रदेश को रक्षा निर्माण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। बयान में कहा गया कि इस संयंत्र के निर्माण में पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा और यहां शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली, सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, वर्षा जल संचयन आदि को अपनाया जाएगा।
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नई दिल्ली। देश में चुनाव प्रणाली को साफ और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग (ECI) ने शनिवार को 334 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) को सूची से हटा दिया। इन दलों ने पिछले छह वर्षों, यानी 2019 से अब तक एक भी चुनाव नहीं लड़ा और इनके दफ्तर पंजीकृत पते पर भी नहीं पाए गए। आयोग ने बताया कि अब कुल 2,854 RUPPs में से 2,520 शेष रह गए हैं।
आयोग ने कहा कि इन 334 RUPPs को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29B और 29C, आयकर अधिनियम, 1961 और चुनाव प्रतीक (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के तहत मिलने वाले किसी भी लाभ का अधिकार नहीं रहेगा। अगर कोई पार्टी इस फैसले से असंतुष्ट है तो वह आदेश जारी होने के 30 दिनों के भीतर आयोग में अपील कर सकती है।RUPPs की सूची से नाम हटाने की यह कार्रवाई ECI की उस व्यापक और लगातार चल रही रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत केवल कागजों पर मौजूद और निष्क्रिय हो चुकी पार्टियों को हटाया जा रहा है। जून 2025 में आयोग ने इस अभियान की शुरुआत करते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को 345 RUPPs की जांच करने का निर्देश दिया था। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि 335 में से 334 दल तय मानकों का पालन नहीं कर रहे थे।मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने इन दलों की फील्ड जांच की, नोटिस जारी किए और व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया, लेकिन अधिकांश ने आवश्यक मानकों को पूरा नहीं किया। वर्तमान में देश में 6 राष्ट्रीय दल, 67 राज्य स्तरीय दल और 2,854 RUPPs पंजीकृत हैं। मौजूदा नियमों के अनुसार, कोई भी पार्टी यदि लगातार 6 वर्षों तक चुनाव नहीं लड़ती, तो उसका नाम पंजीकृत दलों की सूची से हटा दिया जाता है।चुनाव आयोग 2022 से अब तक 284 निष्क्रिय और गैर-अनुपालन करने वाले RUPPs को सूची से हटा चुका है और 253 RUPPs को निष्क्रिय घोषित कर चुका है, ताकि राजनीतिक क्षेत्र से गैर-कार्यक्षम पार्टियों को हटाया जा सके। - बेंगलुरु। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में शहरी परिवहन से जुड़े बड़ी परियोजनाओं की सौगात सौगात दी। उन्होंने बेंगलुरु मेट्रो फेज-2 की येलो लाइन का उद्घाटन किया, जिसकी लंबाई 19 किलोमीटर से अधिक है और इसमें 16 स्टेशन हैं। यह परियोजना लगभग 7,160 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई है। येलो लाइन आरवी रोड (रगिगुड्डा) से बोम्मसंद्रा तक जाएगी और इसके शुरू होने से बेंगलुरु मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 96 किलोमीटर से अधिक हो गई है।इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु मेट्रो फेज-3 परियोजना का शिलान्यास भी किया, जिसकी लागत 15,610 करोड़ रुपये से अधिक है। यह फेज-3 (ऑरेंज लाइन) 44 किलोमीटर से अधिक लंबा होगा और इसमें 31 एलिवेटेड स्टेशन होंगे, जो शहर के आवासीय, औद्योगिक, वाणिज्यिक और शैक्षणिक क्षेत्रों को जोड़ेगा। पीएम मोदी ने कहा कि येलो लाइन और ऑरेंज लाइन मिलकर रोजाना 25 लाख यात्रियों की यात्रा को आसान बनाएंगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में कॉरपोरेट सेक्टर का भी योगदान है, जैसे इंफोसिस फाउंडेशन, बायोकॉन और डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स ने कुछ स्टेशनों के लिए CSR फंडिंग दी है।वहीं प्रधानमंत्री ने केएसआर रेलवे स्टेशन से तीन नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई। इनमें बेंगलुरु से बेलगावी, अमृतसर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा, और नागपुर (अजनी) से पुणे के बीच चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये ट्रेनें व्यापार, पर्यटन और यात्रियों की सुविधा को बढ़ावा देंगी।अपने संबोधन में पीएम मोदी ने बेंगलुरु की संस्कृति, लोगों के स्नेह और कन्नड़ भाषा की मिठास की सराहना की। उन्होंने नादप्रभु केम्पेगौड़ा के विजन को याद करते हुए कहा कि बेंगलुरु आज नई ऊंचाइयों को छू रहा है और न्यू इंडिया का प्रतीक बन रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह उनकी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बेंगलुरु यात्रा है, जिसमें भारतीय सेना ने सीमापार आतंकियों के ठिकानों को नष्ट किया और पाकिस्तान को कुछ ही घंटों में घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने इस सफलता का श्रेय तकनीक और मेक इन इंडिया की ताकत को दिया।पीएम मोदी ने गिनाई केंद्र सरकार की उपलब्धियांप्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 में देश में केवल 5 शहरों में मेट्रो थी, जबकि आज 24 शहरों में 1,000 किमी से ज्यादा नेटवर्क है, जिससे भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन गया है। 2014 से पहले लगभग 20,000 किमी रेलवे रूट का विद्युतीकरण हुआ था, जबकि पिछले 11 वर्षों में 40,000 किमी से ज्यादा रेलवे रूट का विद्युतीकरण हो चुका है। 2014 में देश में केवल 74 हवाई अड्डे थे, जो अब बढ़कर 160 से अधिक हो गए हैं। जलमार्गों की संख्या भी 3 से बढ़कर 30 हो गई है। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति पर भी प्रकाश डाला। 2014 में देश में 7 एम्स और 387 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब 22 एम्स और 704 मेडिकल कॉलेज हो गए हैं। मेडिकल सीटें एक लाख से ज्यादा बढ़ाई गई हैं। IIT की संख्या 16 से बढ़कर 23, IIIT की संख्या 9 से बढ़कर 25 और IIM की संख्या 13 से बढ़कर 21 हो गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीबों और मध्यम वर्ग के बच्चों को उच्च शिक्षा में अब ज्यादा अवसर मिल रहे हैं।पीएम मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ पक्के मकान दिए गए हैं और अब 3 करोड़ और बनाए जाएंगे। 11 साल में 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाए गए हैं। निर्यात के आंकड़े 468 अरब डॉलर से बढ़कर 824 अरब डॉलर हो गए हैं। वहीं मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है और भारत अब चौथा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल निर्यातक बन गया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत (Viksit Bharat) का सफर डिजिटल इंडिया के साथ चलेगा। भारत AI मिशन, सेमीकंडक्टर मिशन और अंतरिक्ष तकनीक में आगे बढ़ रहा है। UPI के जरिए भारत दुनिया के 50% से अधिक रियल टाइम ट्रांजैक्शन करता है। 2,200 से ज्यादा सरकारी सेवाएं मोबाइल पर उपलब्ध हैं और डिजिलॉकर व UMANG ऐप से नागरिकों को बड़ी सुविधा मिली है।प्रधानमंत्री ने कहा कि अगली बड़ी प्राथमिकता तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना है। उन्होंने राज्य सरकारों को अनावश्यक आपराधिक प्रावधान हटाने और सुधारों को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने मिशन कर्मयोगी और आकांक्षी जिले व ब्लॉक कार्यक्रमों पर जोर दिया और विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य मिलकर कर्नाटक को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।वहीं कार्यक्रम के दौरान कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, एच.डी. कुमारस्वामी, अश्विनी वैष्णव, वी. सोमन, शोभा करंदलाजे सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर इस बात का प्रमाण है कि भारत अपनी स्वदेशी ताकत और तकनीक के दम पर दुश्मनों को परास्त कर सकता है। उन्होंने यह बात आज रविवार को मध्य प्रदेश के उमरिया में बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग (BRAHMA) की आधारशिला रखते हुए कही। यह ग्रीनफील्ड रेल मैन्युफैक्चरिंग सुविधा देश में आधुनिक रोलिंग स्टॉक (वे सभी वाहन जो रेलवे ट्रैक पर चलते हैं) के निर्माण के लिए स्थापित की जाएगी। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकी हमले का करारा जवाब बताया और कहा कि भारत किसी को उकसाता नहीं, लेकिन जो उकसाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसमें सशस्त्र बलों ने स्वदेशी उपकरणों का उपयोग किया, जिससे सफलता हासिल हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत न केवल अपने यहां रक्षा उपकरण बना रहा है, बल्कि मित्र देशों को भी निर्यात कर रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन 1.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया और रक्षा निर्यात भी अब तक का सर्वाधिक 23,622 करोड़ रुपये रहा। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 6.5% की दर से बढ़ रही है और देश जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से भारत 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करेगा।बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग (BRAHMA) को 148 एकड़ में विकसित किया जाएगा। इस पर अगले कुछ वर्षों में चरणबद्ध तरीके से 1,800 करोड़ रुपये का निवेश होगा। शुरुआत में यहां 125 से 200 कोच प्रतिवर्ष बनाए जाएंगे, जिसे पांच वर्षों में बढ़ाकर 1,100 कोच प्रतिवर्ष किया जाएगा। यह इकाई वंदे भारत ट्रेनसेट, मेट्रो कार, इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट, हाई-स्पीड रेल कोच और अन्य उन्नत रोलिंग स्टॉक का निर्माण करेगी। इससे 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे और सिंगरौली, सतना, रीवा और कटनी के औद्योगिक क्षेत्रों में एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा। BRAHMA को हरित मैन्युफैक्चरिंग के सिद्धांतों के तहत बनाया जाएगा, जिसमें जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम, सौर और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, वर्षा जल संचयन, हरित लैंडस्केपिंग और पुनर्नवीनीकरण निर्माण सामग्री का उपयोग शामिल होगा। यह इकाई उच्च पर्यावरणीय और सुरक्षा मानकों का पालन करेगी।राजनाथ सिंह ने कहा कि BRAHMA जैसे प्रोजेक्ट राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास, दोनों के लिए अहम हैं। उन्होंने बीईएमएल को रक्षा और नागरिक क्षेत्रों की जरूरतें पूरी करने के लिए सराहा और अनुसंधान एवं विकास को और मजबूत करने पर जोर दिया। इस अवसर पर कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव (वर्चुअली), मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, रक्षा उत्पादन सचिव संजय कुमार, बीईएमएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक शांतनु रॉय सहित वरिष्ठ राज्य और केंद्रीय अधिकारी उपस्थित रहे।-( -
नयी दिल्ली. प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर' तीनों सेनाओं के बीच शानदार तालमेल का प्रमाण है और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार सुधार, समन्वय एवं अनुकूलनशीलता जारी रखने की जरूरत है। सिकंदराबाद में रक्षा प्रबंधन महाविद्यालय में अपने संबोधन में जनरल चौहान ने बिना विस्तार से बताए संयुक्त क्षमता बढ़ाने के लिए थिएटर कमान के वास्ते एक रोडमैप के बारे में भी बात की। रक्षा मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि संयुक्त आपूर्ति शृंखला और एकीकरण को मजबूत करने के वास्ते जारी प्रयासों के तहत सीडीएस ने “एकीकृत आपूर्ति शृंखला के लिए संयुक्त पुस्तिका” जारी की। बयान के मुताबिक, यह पुस्तिका आपूर्ति शृंखला प्रणालियों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक कदम आगे ले जाती है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि सशस्त्र बल हमेशा संसाधनों से लैस रहें और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहें। बयान के अनुसार, इस पुस्तिका में आपूर्ति शृंखला के एकीकरण, डिजिटलीकरण, सामान्य वितरण और खरीद एवं राष्ट्रीय आपूर्ति शृंखला ढांचे के साथ एकीकरण जैसे मुख्य क्षेत्रों पर प्रकाश डाला गया है। बयान में कहा गया है कि उक्त दस्तावेज का मकसद तीनों सेनाओं के बीच रसद समन्वय को बढ़ावा देना, दक्षता में सुधार लाना और सशस्त्र बलों में अधिक संगठनात्मक प्रभावशीलता सुनिश्चित करना है। जनरल चौहान में अपने संबोधन में प्रौद्योगिकी-संचालित आधुनिक युद्ध क्षेत्र में बदलावों से निपटने के लिए सेना में किए जा रहे परिवर्तनकारी बदलावों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने सशस्त्र बलों में तालमेल और एकीकरण पर रणनीतिक दृष्टिकोण साझा किया तथा एकीकृत संचालन के भविष्य के रोडमैप को आकार देने के लिए प्रमुख बिंदुओं को भी रेखांकित किया। ‘थियेटराइजेशन मॉडल' के तहत सरकार सेना, वायुसेना और नौसेना की क्षमताओं को एकीकृत करना तथा युद्ध एवं अभियानों के लिए उनके संसाधनों का इष्टतम इस्तेमाल करना चाहती है। ‘थिएटरीकरण योजना' के तहत प्रत्येक थिएटर कमान में सेना, नौसेना और वायु सेना की इकाइयां होंगी और ये सभी एक निर्दिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए संयुक्त इकाई के रूप में काम करेंगी। मौजूदा समय में थलसेना, नौसेना और वायुसेना की अलग-अलग कमान हैं।
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भुवनेश्वर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत 13 अगस्त से ओडिशा के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती से मुलाकात करेंगे और कटक में एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी सुमंत कुमार पांडा ने बताया कि भागवत 13 अगस्त की शाम भुवनेश्वर पहुंचेंगे और मंचेश्वर क्षेत्र में उत्कल बिपन्ना सहायता समिति कार्यालय में ठहरेंगे। पांडा ने एक बयान में कहा कि भागवत 14 अगस्त को कटक के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में गौड़ीय वैष्णववाद सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके बाद वह शाम के समय पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर जाएंगे और बाद में गोबर्धन पीठ में पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती से मुलाकात करेंगे। भागवत का 15 अगस्त को ओडिशा से लौटने का कार्यक्रम है। पांडा के अनुसार, आरएसएस प्रमुख ने पिछली बार मई में ओडिशा का दौरा किया था और संघ के चुनिंदा स्वयंसेवकों के साथ बैठक की थी।
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चेन्नई. थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर' किसी भी पारंपरिक मिशन से अलग था और यह शतरंज की बाजी जैसा था क्योंकि ‘‘हमें नहीं पता था'' कि दुश्मन की अगली चाल क्या होगी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-मद्रास में एक समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने 22 अप्रैल के पहलगाम हमले के जवाब में आतंकी ढांचे को निशाना बनाकर मई में की गई भारत की निर्णायक सैन्य कार्रवाई की जटिलताओं को याद किया। जनरल द्विवेदी ने इसे शतरंज की बाजी बताया। उन्होंने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर में हमने शतरंज की बाजी खेली। इसका क्या मतलब है? इसका मतलब है कि हमें नहीं पता था कि दुश्मन की अगली चाल क्या होगी और हम क्या करने वाले हैं। इसे हम ‘ग्रे जोन' कहते हैं। ‘ग्रे जोन' का मतलब है कि हम पारंपरिक ‘ऑपरेशन' नहीं कर रहे, लेकिन हम कुछ ऐसा कर रहे हैं जो पारंपरिक ‘ऑपरेशन' से थोड़ा हटकर हो।'' उन्होंने कहा, ‘‘पारंपरिक ‘ऑपरेशन' का मतलब है, सबकुछ लेकर जाओ, जो कुछ आपके पास है उसे ले जाएं और अगर आप वापस आ सकते हैं तो वापस आ जाएं, नहीं तो वहीं रहें। इसे पारंपरिक तरीका कहा जाता है। यहां, ‘ग्रे जोन' का मतलब है कि हर क्षेत्र में होने वाली कोई भी गतिविधि, हम इसी के बारे में बात कर रहे हैं और ‘ऑपरेशन सिंदूर' ने हमें सिखाया कि यही ‘ग्रे जोन' है।'' सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘हम शतरंज की बाजी खेल रहे थे और वह (दुश्मन) भी शतरंज की चालें चल रहा था। कहीं हम उन्हें शह और मात दे रहे थे, तो कहीं हम अपनी जान गंवाने के जोखिम पर भी उसे मात देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन जिंदगी का यही मतलब है।'' मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी समूहों से जुड़े कई ठिकानों पर सटीक हमले किए। इस अभियान का उद्देश्य पहलगाम हमले के बाद आतंकी ढांचे को नष्ट करना और प्रमुख आतंकवादियों को मार गिराना था।
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मथुरा . मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर व वृन्दावन के ठा. बांकेबिहारी मंदिर सहित सभी प्रमुख मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव (जन्माष्टमी) इस वर्ष 16 अगस्त की मध्य रात्रि को तथा नन्दगांव में 17 अगस्त की रात्रि में मनाया जाएगा। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि इसके लिए सभी मंदिरों सहित जिला प्रशासन स्तर पर भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। जिलाधिकारी (डीएम) चंद्रप्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर 42 लाख श्रद्धालु मथुरा पहुंचे थे, लेकिन इस वर्ष अनुमान है कि यह आंकड़ा 50 लाख के भी पार जा सकता है। उन्होंने बताया कि मथुरा, वृन्दावन, बरसाना, गोकुल, नन्दगांव, गोवर्धन, महावन आदि सभी तीर्थस्थलों पर इसी हिसाब से तैयारियां की जा रही हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं संरक्षा के इंतजाम भी व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर में ही निगरानी के लिए 150 सीसीटीवी कैमरों का इंतजाम किया गया है और बाहरी क्षेत्र में भी सौ से अधिक कैमरे निगरानी कार्य में प्रयोग किए जाएंगे। इनके अलावा, इस बार श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र की निगरानी में कृत्रिम मेधा (एआई) तकनीक युक्त ड्रोन कैमरों का भी उपयोग किया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सहित सभी प्रमुख मंदिरों, संवेदनशील स्थानों आदि सहित शहर में सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि इन दिनों शहर में साफ-सफाई, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, मार्गों का सौंदर्यीकरण, चौराहों की सजावट आदि का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के पदेन मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि इस वर्ष श्री कृष्णोत्सव पर्व तीन दिन (15 से 17 अगस्त तक) मनाया जाएगा, जिसकी शुरुआत 15 अगस्त की सुबह 10 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मुख्य द्वार से शोभायात्रा के साथ होगी। यह यात्रा परम्परागत रूप से पोतरा कुण्ड, गोविंद नगर, डीग गेट से होते हुए श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मुख्य द्वार पर ही सम्पन्न हो जाएगी। उन्होंने बताया कि शोभायात्रा में धर्म-आध्यात्म के साथ स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीयता का भी समावेश किया जाएगा। शोभायात्रा में ब्रज के साथ बुंदेलखंड, राजस्थान और हरियाणा के लगभग 250 लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। सिंह ने बताया कि ये कलाकार बुंदेलखंड का राई नृत्य, राजस्थान का कच्ची घोड़ी नृत्य, हरियाणा का गूजरी नृत्य आदि का प्रदर्शन करते हुए निकलेंगे। ब्रज के कलाकर बम्ब नगाड़े, ढोल, बीन, शहनाई, डमरू-मजीरा पर अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही शोभायात्रा में मान मंदिर बरसाना, इस्कान वृन्दावन सहित विभिन्न मंदिरों की भजन मंडलियां भी भक्ति रस बिखेरेंगी। इस मौके पर ठा. बांकेबिहारी मंदिर प्रबंधन की ओर से अपील की गई है चूंकि जन्माष्टमी के अवसर पर वृन्दावन में आने वाले श्रद्धालुओं का अत्यधिक दबाव रहेगा, इसलिए ऐसे में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना अथवा विपरीत परिस्थिति से बचने के लिए बीमार व्यक्तियों, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, रक्तचाप व शर्करा के मरीजों को साथ न लाएं।






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