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इंदौर (मध्यप्रदेश). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने देश में चिकित्सा और शिक्षा के व्यावसायीकरण पर चिंता जताते हुए रविवार को कहा कि दोनों महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आम लोगों को 'सहज, सुलभ, सस्ती और सहृदय' सुविधाएं मुहैया कराया जाना वक्त की मांग है। भागवत ने इंदौर में कैंसर के मरीजों के किफायती इलाज के लिए 'माधव सृष्टि आरोग्य केंद्र' का उद्घाटन किया। यह केंद्र ‘गुरुजी सेवा न्यास' नाम के परमार्थ संगठन ने शुरू किया है। संघ प्रमुख ने इस मौके पर एक समारोह में कहा, "(अच्छी) चिकित्सा और शिक्षा की सारी योजनाएं आज समाज के हर व्यक्ति की बहुत बड़ी आवश्यकता बन गई है, लेकिन दुर्भाग्य ऐसा है कि दोनों क्षेत्रों की (अच्छी) सुविधाएं आम आदमी की पहुंच और आर्थिक सामर्थ्य के दायरे से बाहर हैं।" उन्होंने कहा, "पहले चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्रों में सेवा की भावना से काम किए जाते थे, लेकिन अब इन्हें भी ‘कमर्शियल' (वाणिज्यिक) बना दिया गया है।" संघ प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि जनता को चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्रों में 'सहज, सुलभ, सस्ती और सहृदय' सुविधाएं मुहैया कराया जाना वक्त की मांग है और ये सुविधाएं अधिक से अधिक स्थानों पर होनी चाहिए। भागवत ने कहा कि ‘व्यावसायीकरण' के कारण इन सुविधाओं का ‘केन्द्रीकरण' भी हो जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘यह कॉर्पोरेट का जमाना है, तो शिक्षा (सुविधाओं) का हब (केंद्र) बन जाता है।'' संघ प्रमुख ने देश में कैंसर के महंगे इलाज पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कैंसर के इलाज की बहुत अच्छी सुविधाएं केवल आठ-दस शहरों में मौजूद हैं, जहां देश भर के मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी धनराशि खर्च करके जाना पड़ता है। भागवत ने आम लोगों के लिए चिकित्सा और शिक्षा की अच्छी सुविधाएं पेश करने के वास्ते समाज के सक्षम और समर्थ लोगों से आगे आने का आह्वान किया। संघ प्रमुख भागवत ने कहा, "कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) जैसे शब्द बेहद टेक्निकल (तकनीकी) और फॉर्मल (औपचारिक) हैं। सेवा के संदर्भ में हमारे यहां एक शब्द है-धर्म। धर्म यानी सामाजिक जिम्मेदारी को निभाना। धर्म समाज को जोड़ता है और समाज को उन्नत करता है।" भागवत ने यह भी कहा कि पश्चिमी मुल्क विविधता पर विचार किए बगैर चिकित्सा क्षेत्र के अपने मानक पूरी दुनिया पर लागू करने की सोच रखते हैं, लेकिन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों में मरीजों का उनकी अलग-अलग प्रकृति के आधार पर विशिष्ट तौर पर इलाज किया जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ बीमारियां ऐसी हैं जिनमें एलोपैथी के जानकार भी आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज की सलाह देते हैं और इसी तरह कुछ रोगों के मामले में होम्योपैथी और नेचुरोपैथी ज्यादा कारगर मानी जाती हैं। संघ प्रमुख ने कहा, ‘‘मेरा यह दावा बिल्कुल नहीं है कि कोई चिकित्सा पद्धति श्रेष्ठ या कमतर है, लेकिन मनुष्यों की विविधता को ध्यान में रखते हुए मरीजों को इलाज के सभी विकल्प उपलब्ध कराए जाने चाहिए।'' भागवत ने जिस 'माधव सृष्टि आरोग्य केंद्र' का उद्घाटन किया, उसमें मरीजों के लिए एलोपैथी के साथ ही आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, होम्योपैथी, एक्यूपंक्चर और न्यूरोपैथी की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) जल्द ही अपने छात्रों, शिक्षकों और अन्य हितधारकों के लिए विशेष रूप से एक सामुदायिक रेडियो स्टेशन शुरू करेगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस प्रस्ताव को बोर्ड की हाल ही में हुई शासी निकाय की बैठक में मंजूरी दी गई और बैठक में लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किए जाने का निर्णय लिया गया। सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘सामुदायिक रेडियो स्टेशन स्थापित करने के प्रस्ताव को बोर्ड की शासी निकाय ने मंजूरी दे दी है। यह निर्णय लिया गया है कि सामुदायिक रेडियो लाइसेंस के लिए आवेदन तैयार करने और उस पर कार्रवाई करने के लिए हितधारकों तथा विशेषज्ञों के साथ अगले छह महीनों में परामर्श बैठकें आयोजित की जाएंगी।'' सीबीएसई पहले से ही शिक्षा वाणी नाम के एक पॉडकास्ट का संचालन कर रहा है जो कक्षा 9 से कक्षा 12 के विभिन्न विषयों के लिए समय पर ऑडियो सामग्री को सुस्पष्ट और सहज तरीके से प्रसारित करता है। सीबीएसई-शिक्षा वाणी ‘एंड्रॉइड' फोन उपयोगकर्ताओं के लिए ‘प्ले स्टोर' पर उपलब्ध है। शिक्षा वाणी ने अब तक एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अनुसार लगभग 400 सामग्री अपलोड की हैं। अधिकारी ने कहा, लाइसेंस प्राप्त होने के बाद सामुदायिक रेडियो स्टेशन पर प्रसारित की जाने वाली सामग्री की रूपरेखा तय की जाएगी।
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देहरादून. संस्कृत को जनभाषा बनाने तथा उसका गौरव वापस दिलाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में चयनित 13 आदर्श संस्कृत ग्रामों की विधिवत शुरुआत की । इस मौके पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देहरादून में भोगपुर गांव, टिहरी के मुखेम गांव, उत्तरकाशी के कोटगांव, रुद्रप्रयाग के बैंजी गांव, चमोली के डिम्मर गांव, पौड़ी के गोदा गांव, पिथौरागढ़ के उर्ग गांव, अल्मोड़ा के जैंती पाण्डेकोटा गांव, बागेश्वर के शेरी गांव, चंपावत के खर्ककार्की गांव, हरिद्वार के नूरपुर पंजनहेडी गांव , नैनीताल के पाण्डे गांव एवं ऊधमसिंहनगर के नगला तराई गांव की आदर्श संस्कृत ग्राम के रूप में शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न संस्कृत ग्रामों के लोगों से डिजिटल माध्यम से संवाद भी किया।
उन्होंने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक जिले में आदर्श संस्कृत ग्राम की स्थापना कर देववाणी संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है । धामी ने कहा, “देवभूमि उत्तराखंड सदियों से देववाणी संस्कृत के अध्ययन और शोध का केंद्र रहा है । राज्य सरकार का प्रयास है कि देववाणी संस्कृत की पवित्र ज्योति को उत्तराखंड में प्रज्ज्वलित रखा जाए।” मुख्यमंत्री ने कहा “आदर्श संस्कृत ग्रामों में लोग अपने दैनिक जीवन में संस्कृत का प्रयोग करेंगे जिससे देववाणी पुनः हमारे जीवन में बोलचाल, व्यवहार और संवाद का हिस्सा बन सकेगी।” धामी ने कहा कि उत्तराखंड पहला राज्य है जो इस तरह की पहल से संस्कृत के संरक्षण एवं संवर्धन पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा, “संस्कृत भाषा हमारी संस्कृति, परंपरा, ज्ञान और विज्ञान का मूल आधार है जिसके आधार पर ही प्राचीन मानव सभ्यताओं का विकास संभव हो सका है ।” धामी ने कहा कि वैदिक संस्कृति में वेदों, ग्रंथों, पुराणों और उपनिषदों की रचना संस्कृत में ही की गई है तथा संस्कृत भाषा अनादि और अनंत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति में संस्कृत को आधुनिक और व्यावहारिक भाषा के रूप में स्थापित करने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के विद्यालयों में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष छात्रवृत्ति प्रदान कर रही है और संस्कृत भाषा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान योजना से सम्मानित किया जा रहा है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने संस्कृत को अपनी दूसरी आधिकारिक भाषा घोषित किया है । उन्होंने संस्कृत विश्वविद्यालय के आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए मुख्यमंत्री द्वारा 75 करोड़ रुपये दिए जाने पर भी आभार जताया। - उत्तरकाशी. उत्तरकाशी में आपदा प्रभावित धराली के आसपास के इलाकों से लोगों को निकालने के लिए शनिवार को भी कई हेलीकॉप्टर उड़ान भरते नजर आए। बचाव अभियान पांचवें दिन भी जारी रहा और पांचवें दिन तक कुल 1000 से अधिक लोगों को हवाई मार्ग के जरिये निकाला गया है। फिलहाल सड़क संपर्क में सुधार और प्रभावित लोगों को भोजन के पैकेट उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। एसडीआरएफ का श्वान दस्ता मंगलवार को खीर गंगा में हुए विनाशकारी भूस्खलन के बाद लापता लोगों की तलाश में मलबे से भरी जर्जर इमारतों में भटकता दिखा। भूस्खलन ने धराली बाजार को तहस-नहस कर दिया और होटल और होमस्टे समेत अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को बहा ले गया जिससे कई लोगों की मौत हो गई। एसडीआरएफ श्वान दस्ते और पीड़ितों का पता लगाने वाले ‘थर्मल इमेजिंग' कैमरों जैसे अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से क्षतिग्रस्त इमारतों में गहन खोज करके धराली में मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहा है। उत्तराखंड के डीजीपी दीपम सेठ ने प्रभावित इलाकों का मौके पर निरीक्षण करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘फंसे हुए लोगों को तेजी से निकालने के अलावा, हमें लापता लोगों की खोज और बचाव पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा।'' जिला प्रशासन ने इस त्रासदी में चार लोगों की मौत, दो शव बरामद होने और आपदा के बाद से 49 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है। भारतीय वायुसेना के चिनूक और एआई-17 हेलीकॉप्टर के अलावा उत्तराखंड नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के कई हेलीकॉप्टर ने जिले के विभिन्न स्थानों पर शरण लिए हुए लोगों को बचाने के लिए सुबह से ही उड़ानें भरनी शुरू कर दीं। लोगों को निकालने का काम बुधवार को शुरू होने के बाद से शनिवार शाम तक धराली और हर्षिल के आसपास से 1,000 से अधिक लोगों को हवाई मार्ग से निकाला गया है। हर्षिल स्थित एक सैन्य शिविर भी अचानक आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था और उसके नौ जवान लापता हो गए थे। हर्षिल के एक निवासी ने बताया कि पांच अगस्त की शाम को मंदाकिनी घाट पर भारी मात्रा में मलबा जमा होने के कारण नदी का प्रवाह प्रभावित हुआ था। गोविंद राम भंडारी ने कहा, ‘‘यहां सेना का आधार शिविर है। हम भगोरी से हैं और वहां स्थिति सामान्य है, लेकिन हर्षिल के आगे कुछ ‘होमस्टे' बाढ़ में बह गए हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘यहां मोबाइल नेटवर्क भी नहीं था। कल ही कनेक्टिविटी बहाल हुई है। अभी भी बिजली नहीं है और पीने के पानी को लेकर कुछ दिक्कतें हैं - बाढ़ के कारण गंदा पानी आ रहा है।'' गंगनानी के पास लिंचीगाड में बेली सेतु का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है ताकि प्रभावित इलाकों में सड़क संपर्क बेहतर बनाया जा सके। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि इसके रविवार शाम तक बनकर तैयार होने की संभावना है। बेली सेतु एक तरह का मॉड्यूलर सेतु होता है जिसे पहले से बने पुर्जों को जोड़कर जल्दी से तैयार किया जा सकता है। गंगोत्री राजमार्ग कई जगहों पर अवरुद्ध है या टूटा हुआ है, जिससे बाढ़ से तबाह हुए इलाके में पड़े टनों मलबे के बीच लापता लोगों की तलाश के लिए आवश्यक उन्नत उपकरणों को पहुंचाने के प्रयासों में बाधा आ रही है। उत्तरकाशी में तीन दिनों तक बचाव कार्यों की बारीकी से निगरानी करने के बाद देहरादून लौटे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को धराली आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों और अपने घर गंवाने वालों को पांच-पांच लाख रुपये की तत्काल सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने आपदा से प्रभावित ग्रामीणों के पुनर्वास, समग्र पुनरुद्धार और स्थायी आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए एक तीन-सदस्यीय समिति के गठन की भी घोषणा की। सचिव (राजस्व) की अध्यक्षता वाली यह समिति एक सप्ताह के भीतर सरकार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। यह समिति धराली गांव के भविष्य के लिए एक दीर्घकालिक और प्रभावी नीति का खाका तैयार करेगी, ताकि स्थानीय समुदाय की सुरक्षा और आजीविका सुनिश्चित की जा सके। धामी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आपदा प्रभावित क्षेत्र धराली (उत्तरकाशी) में फंसे बड़ी संख्या में लोगों को राहत एवं बचाव दल द्वारा सुरक्षित निकाला गया है जिनमें स्थानीय निवासियों के साथ-साथ अन्य राज्यों के श्रद्धालु शामिल हैं।'' उन्होंने बचाव कार्यों में केंद्र का पूर्ण सहयोग और समर्थन मिलने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी आभार व्यक्त किया। धामी ने कहा कि मकान, जमीन, खेती और अन्य नुकसान के लिए मुआवजे का आकलन शुरू हो गया है और अगले दो-तीन दिनों में मुआवजा वितरण शुरू किया जाएगा। धामी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता घाटी में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकालना है, जो लगभग पूरा हो चुका है। इसके साथ ही मकान, खेत, कृषि और अन्य तरह की चीजों से जुड़े नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण चल रहा है ताकि शेष मुआवजा जल्द ही दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रभावित परिवारों तक भोजन, राशन, आपातकालीन लाइट, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं लगातार पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गांव में बिजली और नेटवर्क व्यवस्था बहाल कर दी गई है और जल्द ही सड़क मार्ग भी यातायात के लिए सुचारू कर दिया जाएगा। धामी ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को विश्व संस्कृत दिवस पर अपने संदेश में कहा कि उनकी सरकार ने पिछले एक दशक में इस प्राचीन भाषा को लोकप्रिय बनाने के लिए अनेक प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत ज्ञान और अभिव्यक्ति का एक शाश्वत स्रोत है तथा इसका प्रभाव हर क्षेत्र में देखा जा सकता है। मोदी ने कहा कि यह इस भाषा को सीखने और इसे लोकप्रिय बनाने के लिए प्रयासरत सभी लोगों के प्रयासों की सराहना करने का अवसर है। यह दिवस प्रतिवर्ष ‘श्रावण पूर्णिमा' के अवसर पर मनाया जाता है।प्रधानमंत्री ने इस संबंध में अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को सामने रखते हुए केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना, संस्कृत शिक्षण केंद्रों की स्थापना, इस भाषा के विद्वानों को अनुदान देने और प्राचीन संस्कृत पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए एक मिशन की शुरुआत जैसे विभिन्न उपायों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इससे अनगिनत विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को लाभ हुआ है।हिंदू महाकाव्यों समेत कई प्रभावशाली प्राचीन पुस्तकें संस्कृत में लिखी गई हैं। लेकिन संस्कृत अब ऐसी भाषा बनकर रह गई है जो बड़े पैमाने पर धार्मिक कार्यों में ही सीमित हो गई है।
- बेंगलुरु. एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने शनिवार को कहा कि भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमानों और एक बड़े विमान को मार गिराने की पुष्टि की है। उन्होंने इसे भारत द्वारा सतह से हवा में मार गिराने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बताया। तीन महीने पहले किए गए भारतीय हवाई हमलों के दौरान पाकिस्तान को हुए नुकसान पर यह पहली आधिकारिक टिप्पणी है। कई विपक्षी नेता ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत और पाकिस्तान दोनों को हुए नुकसान का खुलासा करने में देरी को लेकर सरकार पर हमला कर रहे हैं। यह अभियान अप्रैल में पहलगाम में आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद सात मई से चलाया गया था। सिंह ने यहां एयर चीफ मार्शल एल.एम. कात्रे स्मृति व्याख्यान के 16वें संस्करण के दौरान सीमा के निकट और पाकिस्तान के भीतर आतंकवादी मुख्यालयों और अन्य आतंकी ठिकानों पर सात मई को किए गए हमलों का विस्तृत ब्यौरा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, “हमारे पास कम से कम पांच लड़ाकू विमानों को मार गिराए जाने की पुष्ट जानकारी है और एक बड़ा विमान है, जो या तो विमान हो सकता है या फिर एडब्ल्यूसी (एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम), जिसे लगभग 300 किलोमीटर की दूरी से निशाना बनाया गया।” सिंह ने कहा, “ यह वास्तव में सतह से हवा में मार गिराने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है, जो हमने हासिल किया है।” उन्होंने यह भी कहा कि उस एडब्ल्यूसी हैंगर में कम से कम एक एडब्ल्यूसी के होने के संकेत मिले हैं, तथा कुछ एफ-16 को भी नुकसान पहुंचा जो वहां रखरखाव के लिए थे। सिंह ने कहा कि इस ऑपरेशन के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में मानवरहित हवाई वाहन (यूएवी), ड्रोन और उनकी कुछ मिसाइलें भी भारतीय क्षेत्र में गिरीं, लेकिन इनसे भारतीय प्रतिष्ठानों को कोई नुकसान नहीं हुआ। ‘ऑपरेशन' की सफलता के पीछे एक प्रमुख कारण "राजनीतिक इच्छाशक्ति" को बताते हुए सिंह ने कहा, "मैं यहां बहुत-बहुत स्पष्ट...बहुत खुलापन दिखा रहा हूं, क्योंकि मैंने इसके बारे में विभिन्न बातें सुनी हैं।" वायुसेना प्रमुख ने कहा, "यदि मैं आपसे कुछ कहूंगा तो लोगों को उस पर विश्वास करना होगा, क्योंकि मैं वहां था, सबकी बात सुन रहा था, और इसमें शामिल था... बहुत स्पष्ट राजनीतिक इच्छाशक्ति थी, हमें बहुत स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, और हम पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया गया था।" उन्होंने कहा कि लोग पूछ रहे हैं कि क्या कोई प्रतिबंध थे या हमें विवश करके रखा गया था। उन्होंने कहा, "अगर कोई प्रतिबंध थे, तो वे स्वनिर्मित थे। हम बलों ने तय किया कि लड़ाई के नियम क्या होंगे। हम किस हद तक जाना चाहते हैं, और हम कैसे हालात को काबू में रखना चाहते हैं।” सिंह ने कहा, “ इसलिए मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हम पर कोई प्रतिबंध नहीं था, दोहराता हूं कि कोई भी पाबंदी नहीं थी। हमें योजना बनाने और उसे लागू करने की पूरी आज़ादी दी गई थी। मैं कहना चाहता हूं कि हमारे हमले सटीक और सोच-समझकर किए गए थे क्योंकि, हम इस मामले में परिपक्वता दिखाना चाहते थे।” सिंह की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री और सरकार पर इस बात के लिए हमला बोला है कि जब हमारी सेनाएं पाकिस्तान पर भारी पड़ रही थीं, तब उन्होंने संघर्ष विराम पर सहमति जताई। भारतीय वायुसेना प्रमुख ने "युद्ध को समाप्त करने" के महत्व पर भी जोर दिया।उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट था। हमारा उद्देश्य आतंकवादियों को ऐसा सबक सिखाना था कि वे कुछ भी करने से पहले दो बार सोचेंगे; अब उन्हें पता है कि उन्हें इसकी कितनी कीमत चुकानी पड़ सकती है। और एक बार जब हम ये उद्देश्य हासिल कर लें, तो हमें इसे जारी रखने के बजाय, इसे रोकने के सभी अवसर तलाशने चाहिए। उन्होंने कहा, "उस रात हमारा मनोबल बेहद ऊंचा था। मैंने कई लोगों से सुना...मेरे कुछ करीबी लोगों ने भी कहा 'और मरना था'।" एयर चीफ मार्शल के अनुसार, एस-400 वायु रक्षा प्रणाली पासा पलटने वाली साबित हुई है। भारत ने इसे हाल में खरीदा है। वायुसेना प्रमुख ने कहा, "इस प्रणाली की रेंज ने पाकिस्तान के विमानों और यूएवी को भारतीय रक्षा प्रणाली से दूर रखा था। एस-400 प्रणाली की वजह से पाकिस्तान भारतीय वायु रक्षा प्रणाली को भेद नहीं सका।" पुलवामा आतंकी हमले के बाद बालाकोट हवाई हमले के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि कोई तस्वीरें उपलब्ध नहीं थीं और यह एक बड़ा मुद्दा बन गया। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्यवश, हम अपने लोगों को यह नहीं बता सके कि हमने क्या हासिल कर लिया है। हमारे पास खुफिया जानकारी थी कि भारी क्षति हुई है; बहुत सारे आतंकवादी मारे गए हैं, लेकिन हम अपने लोगों को आश्वस्त नहीं कर सके। लेकिन (इस बार) हम भाग्यशाली रहे और ये वीडियो सार्वजनिक कर पाए।" सिंह ने कहा, "मुझे खुशी है कि हम बालाकोट की उस छाया से बाहर निकल सके।"उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में कहा कि विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय वायुसेना ने हवाई क्षेत्र पर हमला करने का निर्णय लिया। वायुसेना प्रमुख ने कहा, "हवाई अड्डे पर हमला किया गया और मुख्य भवन पर भी हमला किया गया, जहां योजनाएं बनती हैं, और इसका इस्तेमाल कभी-कभी सिविल टर्मिनल भवन के रूप में भी किया जाता था। जहां तक सुकूर एयरबेस का सवाल है, हमने यूएबी हैंगर और रडार स्थल पर हमला किया।" ‘स्लाइड शो' (प्रस्तुति देने) के दौरान उन्होंने एडब्ल्यूसी हैंगर के दृश्य दिखाए, जो भारतीय हमले के बाद ध्वस्त हो गया था। पाकिस्तान के सरगोधा के बारे में वायुसेना प्रमुख ने कहा, "हम अपनी वायुसेना में ऐसे ही दिनों का सपना देखते हुए बड़े हुए हैं। किसी दिन हमें मौका मिलेगा। संयोग से मुझे अपनी सेवानिवृत्ति से पहले यह मौका मिल गया। हमने उस हवाई क्षेत्र पर हमला किया, जहां हमें एफ-16 विमानों के बारे में बहुत पुख्ता जानकारी मिली थी।" सिंह ने यह भी कहा कि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) का पद सैन्य अभियानों में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया है। उन्होंने कहा, “सीडीएस हमेशा हमारे बीच एकता बनाए रखने और समस्याओं को सुलझाने के लिए मौजूद रहते थे। जब भी हमें जरूरत होती थी, हम वरिष्ठ नेतृत्व के पास जाकर मुद्दों पर चर्चा किया करते थे।” एयर चीफ मार्शल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की भूमिका पर प्रकाश डाला, जिससे अन्य एजेंसियों और सुरक्षा बलों को एक साथ लाने में मदद मिली। उन्होंने बताया कि जब अभियान शुरू हुआ, तो सैन्य प्रमुखों ने इसके संभावित परिणामों और भारत को कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए, इस पर विस्तार से चर्चा की। ‘ऑपरेशन सिंदूर' से मिली सीख के बारे में सिंह ने कहा, "इस अभियान की सबसे बड़ी सीख यह रही है कि हवाई युद्ध की प्रधानता एक बार फिर सामने आई है। लोगों को यह एहसास हो गया है कि हवाई युद्ध किसी भी देश की पहली प्रतिक्रिया है और हवाई युद्ध वास्तव में त्वरित प्रतिक्रिया दे सकता है, सटीकता के साथ अंदर तक हमला कर सकता है और बिना अनावश्यक नुकसान के अपने उद्देश्य को प्राप्त कर सकता है।" पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने सात मई को पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था।
- नयी दिल्ली. उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर में 29 वर्षीय एक व्यक्ति ने शनिवार को अपनी पत्नी और दो नाबालिग बेटियों की कथित तौर पर हत्या कर दी। यह जानकारी पुलिस ने दी। करावल नगर पुलिस थाने को घटना की सूचना सुबह 7.15 बजे मिली।एक अधिकारी ने बताया, "एक टीम मौके पर पहुंची और 28 वर्षीय महिला और उसकी लगभग सात और पांच साल की दो बेटियों को कमरे में मृत पाया।'' पुलिस ने महिला के पति आरोपी प्रदीप कश्यप को गिरफ्तार कर लिया और उस पर हत्या का एक मामला दर्ज किया। अधिकारी ने बताया, ‘‘आरोपी को मुकुंद विहार से गिरफ्तार कर लिया गया।'' पुलिस के अनुसार, आरोपी कश्यप ने हत्या का अपराध स्वीकार कर लिया है और जांचकर्ताओं को बताया है कि दोनों (पति-पत्नी) के बीच अक्सर झगड़ा होता था। पुलिस परिवार की पृष्ठभूमि और उनके झगड़ों की प्रकृति को समझने के लिए पड़ोसियों और रिश्तेदारों से भी बात कर रही है। अधिकारी ने कहा, ‘‘हम आरोपी के दावों की पुष्टि कर रहे हैं और सटीक मकसद का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।
- नयी दिल्ली. भारत 18वें अंतरराष्ट्रीय खगोल एवं खगोल भौतिकी ओलंपियाड (आईओएए) की मेजबानी करेगा जिसमें 64 देशों के 300 से अधिक स्कूली छात्र हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम 11 से 21 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, मुंबई में होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन (एचबीसीएसई) द्वारा यह आयोजन किया जाएगा जो टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च का एक प्रभाग है। आयोजकों द्वारा जारी बयान के अनुसार, उद्घाटन समारोह 12 अगस्त को जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में होगा जिसमें मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार अजय सूद तथा इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन के पूर्व उपाध्यक्ष अजीत केमभावी मौजूद रहेंगे। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी. नारायणन और होमी भाभा नेशनल इंस्टीट्यूट के कुलाधिपति अनिल काकोडकर 21 अगस्त को नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। आईओएए की परिकल्पना 2006 में स्कूल स्तर पर खगोल विज्ञान में बढ़ती रुचि और इस क्षेत्र के लिए वैश्विक मंच की आवश्यकता को देखते हुए की गई थी। पहला ओलंपियाड 2007 में थाईलैंड के चियांग माई में आयोजित हुआ था। इसके बाद यह प्रतियोगिता एशिया, यूरोप और दक्षिण अमेरिका के विभिन्न देशों में हर साल आयोजित होती रही है। प्रतियोगिता का पाठ्यक्रम सैद्धांतिक, प्रेक्षणीय और आंकड़ा विश्लेषण से जुड़े उच्च स्तरीय प्रश्नों और गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को चुनौती देने के लिए तैयार किया गया है।
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नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश, भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में रक्षाबंधन के अवसर पर पेड़ पर राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की महिलाओं का आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण ही जीवन का मिशन है। इसके लिए सरकार द्वारा कई अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने "नारी तू नारायणी" का उद्घोष करते हुए कहा कि आज बहनें इतनी सशक्त हो गई है कि अब वह भाइयों की भी रक्षा कर सकती हैं।श्री शिवराज सिंह चौहान ने बहनों से राखी बंधवाने के साथ पर्यावरण की रक्षा का भी संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि मैं भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में कई वर्षों से पेड़ लगा रहा हूं। यहां आज अपने लगाए पेड़ों को राखी बांधकर प्रसन्नता हुई है। पेड़ बचाने का अर्थ है पर्यावरण बचाना। पूरे विश्व के लिए यह अहम है। पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, तो दुनिया सुरक्षित रहेगी।केंद्रीय मंत्री ने सभी से आह्वान किया कि रक्षाबंधन के अवसर पर संकल्प लें कि आने वाली पीढियां के लिए धरती सुरक्षित रखने के लिए पेड़ बचाएंगे भी और पेड़ लगाएंगे भी!आगे, केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रहित सर्वोपरि के दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए एक बार फिर से देशवासियों से अपील की कि वह स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दें और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाएं। -
नई दिल्ली। रक्षा बंधन के शुभ अवसर पर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले सरकारी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की।
इस समारोह में भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता की भावना पर प्रकाश डाला गया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने ज़ोर देकर कहा कि रक्षाबंधन प्रेम के बंधन का प्रतीक है जिसे बड़ों, साथियों और यहां तक कि पर्यावरण सहित किसी के भी साथ साझा किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पेड़ पृथ्वी की रक्षा करते हैं, संरक्षक की तरह कार्य करते हैं, इसलिए इन्हें सावधानीपूर्वक लगाया और पोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने छात्रों से लोगों और पर्यावरण, दोनों के प्रति प्रेम, सुरक्षा और ज़िम्मेदारी के इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।इस अवसर पर शिक्षा राज्य मंत्री और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी भी उपस्थित थे। शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री संजय कुमार और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।इस कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा धारण कर जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और अपने-अपने क्षेत्रों की समृद्ध परंपराओं का प्रदर्शन किया। समारोह के एक भाग के रूप में, छात्रों ने राष्ट्रपति को पर्यावरण-अनुकूल राखियां और हस्तनिर्मित ग्रीटिंग कार्ड भेंट किए, जो पर्यावरण जागरूकता, रचनात्मकता और समावेशिता का प्रतीक थे।इस यादगार कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारत के राष्ट्रपति के साथ रक्षाबंधन मनाने का जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर प्रदान किया, जिससे भारत की सांस्कृतिक और संवैधानिक विरासत के बारे में उनकी समझ गहरी हुई। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने "हर घर तिरंगा" अभियान में लोगों की व्यापक भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की है। यह देशभक्ति की उस गहरी भावना का प्रतीक है जो भारत के लोगों को एकजुट करती है और तिरंगे के प्रति उनके अटूट गौरव को दर्शाती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी तस्वीरें और सेल्फी harghartiranga.com पर साझा करते रहें।
हर घर तिरंगा अभियान में व्यापक भागीदारी के बारे में संस्कृति मंत्रालय की एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया: "पूरे भारत में #HarGharTiranga अभियान में लोगों की व्यापक भागीदारी देखकर खुशी हुई। यह उस गहरी देशभक्ति की भावना का प्रमाण है जो हमारे लोगों को एकजुट करती है और तिरंगे के प्रति उनके अटूट गौरव को दर्शाती है। harghartiranga.com पर फ़ोटो और सेल्फ़ी साझा करते रहें।" -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कश्मीर घाटी में पहली मालगाड़ी के आगमन की सराहना करते हुए कहा कि इस क्षेत्र को राष्ट्रीय माल नेटवर्क से जोड़ने में यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।केंद्रीय रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव की एक पोस्ट पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस विकास से जम्मू-कश्मीर में प्रगति और समृद्धि दोनों बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया; "जम्मू-कश्मीर में वाणिज्य और कनेक्टिविटी के लिए शानदार दिन! इससे प्रगति और समृद्धि दोनों बढ़ेगी।" - नयी दिल्ली। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने शनिवार को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नया आयकर विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश करेंगी जिसमें प्रवर समिति की सिफारिशों को शामिल किया गया है । रीजीजू का यह बयान शुक्रवार को लोकसभा से आयकर विधेयक को वापस लिए जाने पर मीडिया के एक वर्ग में जताई गई आशंकाओं के मद्देनजर आया है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा माना जा रहा है कि पहले वाले विधेयक को नजरअंदाज करते हुए एक बिल्कुल नया विधेयक लाया जायेगा, जिसके लिए काफी काम किया गया था।'' मंत्री ने स्पष्ट किया कि आशंकाएं निराधार हैं, क्योंकि प्रस्तुत किए जाने वाले नए विधेयक में वे सभी बदलाव शामिल किए जाएंगे, जो प्रवर समिति द्वारा सुझाए गए हैं और जिन्हें सरकार ने स्वीकार कर लिया है। रीजीजू ने कहा कि यह सामान्य संसदीय प्रक्रिया है और यह तब अपनायी जाती है जब लोकसभा में पहले से पेश विधेयक में संशोधन बहुत अधिक हो। भाजपा सदस्य बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली लोकसभा की प्रवर समिति ने आयकर विधेयक पर 285 सुझाव दिए, जिन्हें सरकार ने स्वीकार कर लिया। मंत्री ने कहा कि इस बात को लेकर कोई आशंका नहीं होनी चाहिए कि सोमवार को पेश होने वाला नया आयकर विधेयक अलग होगा।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने शनिवार को देश की कृषि नीति में विशुद्ध उपयोगितावादी दृष्टिकोण की जगह नैतिक सिद्धांतों पर आधारित दृष्टिकोण अपना कर आमूलचूल परिवर्तन करने की वकालत की क्योंकि दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला यह देश खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण स्थिरता के बीच संतुलन बनाना चाहता है। यहाँ एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में बोलते हुए, चतुर्वेदी ने कहा कि भारत की हरित क्रांति उपयोगिता-केंद्रित तरीकों से प्रेरित थी, जिसमें पर्यावरण चिंताओं के स्थान पर उत्पादन को प्राथमिकता दी गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘जैसे-जैसे हम हरित क्रांति में आगे बढ़े, हम एक उपयोगितावादी अवधारणा के साथ आगे बढ़े। अब हमें उपयोगितावादी से नैतिक अवधारणा की ओर जाना होगा।'' चतुर्वेदी ने यह बात, उन नैतिक ढाँचों का उल्लेख करते हुए कहा जो कार्यों का मूल्यांकन केवल उनके परिणामों के बजाय नैतिक नियमों के पालन के आधार पर करते हैं।कृषि सचिव ने मौजूदा कृषि पद्धतियों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या देश उत्पादन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अत्यधिक कीटनाशकों, सिंचाई और भूमिगत जल का उपयोग कर रहा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि नीतिगत बदलावों से ऐसी सतत उत्पादन पद्धतियाँ सुनिश्चित होनी चाहिए जो उत्पादकता के स्तर को बनाए रखते हुए पर्यावरण की रक्षा करें। उन्होंने कहा, ‘‘नीतिगत पहलुओं में यह सुनिश्चित करना होगा कि हम उपयोगितावादी से कर्तव्यनिष्ठ अवधारणाओं की ओर बदलाव लाएँ ताकि उच्च उत्पादन और उत्पादकता प्राप्त करने के लिए ऐसी पद्धतियाँ अपनाएँ जो न केवल सतत उत्पादन और आजीविका सुनिश्चित करें बल्कि पर्यावरण की भी रक्षा करें।'' पिछली शताब्दी के दौरान साठ के दशक में शुरू हुई भारत की हरित क्रांति ने उच्च उपज वाली फसल किस्मों, उर्वरक के बढ़ते उपयोग और सिंचाई के विस्तार के माध्यम से देश को खाद्यान्न की कमी वाले देश से एक प्रमुख कृषि उत्पादक देश में बदल दिया। इस पहल ने भारत को गेहूँ और चावल के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया। चतुर्वेदी ने कहा कि जहाँ भारत दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के करीब है, वहीं तिलहन के क्षेत्र में भी देश इसी लक्ष्य की ओर काम कर रहा है, हालाँकि उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित की जा रही नई फसल किस्में इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेंगी। कृषि सचिव ने ज़ोर देकर कहा कि खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ खेती महत्वपूर्ण मुद्दे हैं क्योंकि कृषि न केवल एक आर्थिक क्षेत्र है, बल्कि लाखों किसानों के लिए आजीविका का भी एक साधन है। उन्होंने कहा, ‘‘खाद्य एवं पोषण सुरक्षा तथा सतत कृषि महत्वपूर्ण है, क्योंकि कृषि एक आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि आजीविका का अहम साधन है।'' उन्होंने कहा कि नीतियों में कृषि क्षेत्र में लगे बड़े कार्यबल, विशेष रूप से छोटे किसानों पर विचार किया जाना चाहिए।
- मंडला,। मध्यप्रदेश के मंडला जिले में शनिवार को दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलों की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि घटना शाम चार बजे मंडला-सिवनी सीमा पर जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर जारगा-जारगी गांव के पास बजे हुई। उन्होंने कहा, "सिवनी से मंडला जा रहे एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मोटरसाइकिल विपरीत दिशा से आ रहे दूसरे दोपहिया वाहन से टकरा गई। इस हादसे में राजेंद्र कूश्राम (38), उनके बेटों सोहिल (10), रवींद्र (7) और बहनोई शिवप्रसाद मरावी (27) की मौत हो गई। राजेंद्र की पत्नी शकुन कुशराम (32) और विवेक कुमार काकोडिया (28) घायल हो गए।" अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
- नयी दिल्ली। पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापार तनाव के बीच शनिवार को कहा कि भारत अपने रणनीतिक और राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा तथा बाहरी दबाव के बावजूद अपनी ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा करना जारी रखेगा। नायडू ने यहां एम एस स्वामीनाथन शताब्दी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा करते रहेंगे और अपने सामरिक एवं राष्ट्रीय हितों पर अडिग रहेंगे। किसी भी धमकी के आगे झुकने का सवाल ही नहीं उठता। भारत पर धमकियां काम नहीं करेंगी...।'' उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत आज ''आत्मनिर्भर'' है, लेकिन ‘साझा करना और परवाह करना' की मूल भावना के साथ सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। पूर्व उप राष्ट्रपति की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के बाद आई है। ट्रंप ने भारत को देश की मजबूत विकास दर के बावजूद ‘‘मृत अर्थव्यवस्था'' करार दिया था। नायडू ने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और विश्वभर में मान्यता प्राप्त कर रहा है, जबकि कुछ देश इस की प्रगति से ‘‘ईर्ष्या'' कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वे हमारी प्रगति को पचा नहीं पा रहे हैं। वे अपच की समस्या से पीड़ित हैं।'' पूर्व उपराष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था रैंकिंग में चौथे स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच रहा है और विश्वास व्यक्त किया कि किसानों, शोधकर्ताओं और युवाओं के योगदान से देश ‘‘निश्चित रूप से और ऊंचाइयों तक पहुंचेगा''। नायडू ने भारत के रुख का बचाव करते हुए कहा कि देश एक ‘‘संप्रभु और जीवंत लोकतंत्र'' है जो 6.5-7 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि में 18 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जो अमेरिका के 11 प्रतिशत योगदान से कहीं अधिक है। उन्होंने भारत जैसे सहयोगियों पर चुनिंदा शुल्क लगाने की निष्पक्षता पर सवाल उठाया, जबकि अमेरिका यूरेनियम और उर्वरक का आयात जारी रखे हुए है, तथा यूरोपीय संघ ‘‘रूस से भारी मात्रा में कच्चा तेल'' आयात करता है। नायडू ने कहा, ‘‘हम मित्र थे। हम हमेशा अमेरिका की प्रशंसा करते हैं क्योंकि वह सबसे पुराना लोकतंत्र है और हम सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। हम एक-दूसरे का सम्मान करते हैं, प्रशंसा करते हैं, लेकिन जो कुछ हो रहा है, बिना किसी उकसावे या कारण के भारत के बारे में जो कुछ कहा जा रहा है, वह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है।'' कारोबार को लेकर तनाव के बावजूद पूर्व उप राष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि भारत अन्य देशों के साथ मिलकर काम करना चाहता है तथा भारतीय दर्शन के मूल ‘‘साझा करना और परवाह करना'' में विश्वास करता है। उन्होंने कहा, ‘‘किसी को भी भारत के खिलाफ या भारत के बारे में कोई शिकायत रखने की कोई वजह नहीं है।''
- लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को विश्व संस्कृत दिवस की शुभकामना देते हुए इस भाषा के संरक्षण, प्रसार व दैनिक जीवन में उपयोग करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''देववाणी संस्कृत भारत की आत्मा की अभिव्यक्ति, ऋषियों की वाणी का स्पंदन और सनातन ज्ञान का अनंत स्रोत है। यह भाषा हमारी परम्परा, प्रज्ञा और वैश्विक बौद्धिकता की आधारभूमि है। आइए, विश्व संस्कृत दिवस पर इस अमृत वाणी के संरक्षण, प्रसार और दैनिक जीवन में उपयोग के लिए संकल्पित हों।'' उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''जयतु संस्कृतम् जयतु भारतम्। संस्कृत - जो भारतीय संस्कृति, संस्कारों और ज्ञान परंपरा की आधारशिला है। विश्व की प्राचीनतम, समस्त भाषाओं की जननी वेदों की भाषा संस्कृत को नमन करता हूं।'' उन्होंने कहा, ''देववाणी एवं वेदवाणी संस्कृत के संवर्धन को समर्पित विश्व संस्कृत दिवस की समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं!'' उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 'एक्स' पर कहा, ''देववाणी एवं वेदवाणी संस्कृत के संवर्धन को समर्पित विश्व संस्कृत दिवस की समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।''
- कोझिकोड (केरल)। केरल में कोझिकोड रेलवे स्टेशन से रवाना हुई संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से 64 वर्षीय महिला को धक्का देकर नीचे गिरा दिया गया और उससे आठ हजार रुपये से अधिक नकद और एक मोबाइल फोन लूट लिया। रेलवे पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। रेलवे पुलिस के अनुसार, पीड़िता अपने भाई के साथ महाराष्ट्र के पनवेल से केरल के त्रिशूर जा रही थी। घटना उस समय हुई जब ट्रेन कोझिकोड स्टेशन से निकलने के तुरंत बाद धीमी गति से गुजर रही थी। उन्होंने बताया कि महिला दरवाजे के पास अपने भाई का इंतजार कर रही थी जो शौचालय में गया था। इस दौरान आरोपी ने उसका बैग छीनने की कोशिश की और विरोध करने पर उसे ट्रेन से धक्का दे दिया। आरोपी भी ट्रेन से कूद गया और महिला का सामान लेकर मौके से भाग निकला।पुलिस ने बताया कि ट्रेन से गिरने के कारण महिला के सिर के पिछले हिस्से में चोट लगी, हालांकि उसे कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। उन्होंने कहा, "महिला को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज ले जाया गया और बाद में उसे छुट्टी दे दी गई।"महिला ने कहा कि वह आदमी अचानक आया और उनका बैग छीनने की कोशिश करने लगा।उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत में दावा किया, "जब उसने ट्रेन से कूदने की कोशिश की तो मैंने उसे जाने नहीं दिया और उसकी शर्ट पकड़ ली। इसलिए, उसने मुझे धक्का दिया और मैं ट्रेन से पीछे की ओर पटरी पर गिर गई।" उन्होंने आगे कहा, "जिस ट्रैक पर मैं गिरी, उस पर एक और ट्रेन आ रही थी और मेरी ट्रेन में मौजूद लोग मुझे दूर हटने के लिए चिल्लाने लगे। ट्रेन आने से पहले मैं किसी तरह पटरी से उठने में सफल रही। मैं खून से लथपथ थी।" उन्होंने कहा कि संपर्क क्रांति में सवार यात्रियों ने ट्रेन को रोकने के लिए चेन खींच दी। महिला ने दावा किया, "मैं डर गई थी। मेरे सिर पर गहरा घाव होने के कारण मुझे पास के अस्पताल ले जाया गया और वहां से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।" रेलवे पुलिस ने कहा कि आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की गई है।
- बेंगलुरु,। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने शनिवार को कहा कि बालाकोट हवाई हमले से हुए नुकसान की तस्वीरें उपलब्ध न होना एक ‘‘बड़ा मुद्दा'' बन गया था और लोग इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हो पा रहे थे कि क्या हासिल हुआ, लेकिन ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान ‘‘बालाकोट के उस भूत'' का ख्याल रखा गया। यहां 16वें एयर चीफ मार्शल एल एम कात्रे स्मृति व्याख्यान में उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमानों और एक बड़े विमान को मार गिराया। उन्होंने इसे भारत द्वारा सतह से हवा में मार गिराने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बताया। उन्होंने कहा, "जब हमने बालाकोट (हमला) किया, तो हमने कुछ (ऑपरेशन सिंदूर जैसा) ऐसा ही किया था।" उन्होंने कहा कि चूंकि कोई तस्वीर उपलब्ध नहीं थी, इसलिए यह एक बड़ा मुद्दा बन गया। वायुसेना प्रमुख कहा, "दुर्भाग्यवश, हम अपने लोगों को यह नहीं बता सके कि हम क्या हासिल कर पाए। हमारे पास खुफिया जानकारी थी कि भारी क्षति हुई है; बहुत सारे आतंकवादी मारे गए, लेकिन हम अपने लोगों को आश्वस्त नहीं कर सके। लेकिन (इस बार) हम भाग्यशाली रहे और ये वीडियो सार्वजनिक कर पाए।" उन्होंने कहा, "मुझे खुशी है कि हम बालाकोट के उस भूत से निपट पाए।"भारत ने बालाकोट में हवाई हमले किए, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) आतंकवादी समूह के एक प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया गया। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में एक आत्मघाती हमलावर द्वारा किए गए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने ये हमले किए थे। पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान मारे गए थे।
- श्रीनगर। भगवान शिव के केसरिया वस्त्र में लिपटी पवित्र ‘छड़ी मुबारक' को शनिवार को पारंपरिक पूजा और अनुष्ठान के लिए अमरनाथ पवित्र गुफा ले जाया गया जिसके साथ वार्षिक तीर्थयात्रा औपचारिक रूप से संपन्न हो गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘श्रावण पूर्णिमा' के अवसर पर एक रात के विश्राम के बाद छड़ी मुबारक सुबह पंचतरणी शिविर से रवाना हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक पूजा-अर्चना और अनुष्ठान संपन्न हुआ। अधिकारियों ने कहा कि पवित्र छड़ी के संरक्षक महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में पवित्र गुफा में विशेष प्रार्थना आयोजित की गई। ‘आरती' के बाद छड़ी मुबारक रात के विश्राम के लिए पुनः पंचतरणी लौट आई। यह पवित्र छड़ी रविवार को पहलगाम के लिए रवाना होगी जहां सोमवार को लिद्दर नदी के किनारे पूजन और विसर्जन समारोह होंगा। इस वर्ष 4.14 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अमरनाथ यात्रा में भाग लिया। मौसम की खराबी और मार्ग फिसलन भरा होने के कारण यात्रा का समापन दो अगस्त को कर दिया गया था। पिछले वर्ष 5.10 लाख यात्रियों ने दक्षिण कश्मीर हिमालय स्थित पवित्र गुफा में प्राकृतिक हिमलिंग के दर्शन किए थे।
- गंगटोक ।देश के सभी प्रमुख धर्मों और जातीय समूहों का प्रतिनिधित्व करने वाली पांच राज्यों की 18 महिलाओं ने सिक्किम में भारत-चीन सीमा की सुरक्षा कर रहे सुरक्षाकर्मियों की कलाई पर राखी बांधी। सिक्किम, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और असम की महिलाओं ने 14,250 फुट पर स्थित नाथू ला में तैनात सैनिकों और 12,500 फुट पर स्थित लुंगथुंग कैंप में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों की कलाई पर राखी बांधी। महिलाओं ने सबसे पहले गंगटोक में सिक्किम के मुख्य सचिव रवींद्र तैलंग की कलाई पर राखी बांधी।यहां जारी एक बयान में बताया गया कि इसके बाद वे सुरक्षा जवानों की कलाई पर राखी बांधने के लिए सुदूर इलाकों गईं। छत्तीसगढ़ की श्रुति वर्मा ने कहा, ‘‘हम यहां अपने सैनिक भाइयों के प्रति प्रेम और आभार व्यक्त करने आए हैं, जो अपने परिवारों से दूर रहते हैं, ताकि हम शांतिपूर्वक रह सकें।'' कार्यक्रम के आयोजक सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत यादव ने कहा कि भारत-चीन सीमा पर आयोजित रक्षाबंधन समारोह के मूल में राष्ट्रीय एकता और भावनात्मक बंधन की भावना थी। उनके संगठन के 35 लोगों ने गंगटोक के रानीपुल स्थित एसएसबी मुख्यालय में भी रक्षाबंधन मनाया।इस बीच, ग्यालशिंग जिले के युकसम में एसएसबी की 72वीं बटालियन द्वारा भी रक्षाबंधन मनाया गया। तथांग ‘जूनियर हाई स्कूल' की छात्राओं ने एसएसबी अधिकारियों और कर्मियों की कलाई पर राखी बांधी। अधिकारियों ने छात्रों को एसएसबी में भर्ती प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी और एक प्रदर्शनी के माध्यम से बल द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले गोला-बारूद और हथियारों से परिचित कराया। गंगटोक स्थित राजभवन में भी यह पर्व मनाया गया। आईटीबीपी की महिला बटालियन की सदस्यों ने राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर की कलाई पर राखी बांधी। माथुर ने कहा, ‘‘रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। यह भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ-साथ समाज में आपसी विश्वास, सुरक्षा और स्नेह की भावना को भी मजबूत करता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह त्योहार हमें आपसी सम्मान, सामाजिक सद्भाव और पारिवारिक मूल्यों को मज़बूत करने की प्रेरणा देता है।'' मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने अपने राज्य सिक्किम एवं उसके लोगों की शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
- नागपुर। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि आज की दुनिया में जो देश ‘दादागिरी' कर रहे हैं, वे ऐसा इसलिए कर पा रहे हैं क्योंकि उनके पास प्रौद्योगिकी है और वे आर्थिक रूप से मजबूत हैं। गडकरी ने यहां स्थित विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (वीएनआईटी) में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के निर्यात को बढ़ाने और आयात को कम करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। गडकरी ने कहा, ‘‘अगर हमारे निर्यात और अर्थव्यवस्था की दर बढ़ती है, तो मुझे नहीं लगता कि हमें किसी के पास जाने की जरूरत पड़ेगी। जो लोग ‘दादागिरी' कर रहे हैं, वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे आर्थिक रूप से मजबूत हैं और उनके पास प्रौद्योगिकी है। अगर हमें बेहतर प्रौद्योगिकी और संसाधन मिल जाएं, तो हम किसी पर धौंस नहीं जमाएंगे, क्योंकि हमारी संस्कृति हमें सिखाती है कि विश्व का कल्याण सबसे महत्वपूर्ण है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम वैश्विक स्तर पर विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं और इन सभी समस्याओं का समाधान विज्ञान और प्रौद्योगिकी है, अर्थात ज्ञान, जो एक शक्ति है।'' भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि यदि भारत को ‘विश्वगुरु' बनना है तो निर्यात बढ़ाना और आयात कम करना आवश्यक है।
- नयी दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वाशिंगटन में अर्मेनिया-अजरबैजान के बीच हुए शांति समझौते को शनिवार को वार्ता और कूटनीति के लिए एक ‘महत्वपूर्ण उपलब्धि' बताया जिसकी भारत वकालत करता है। जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि उन्होंने अपने अर्मेनियाई समकक्ष अरारत मिर्जोयान से बात की और उन्हें इस घटनाक्रम पर बधाई दी। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास व्हाइट हाउस में शुक्रवार को आयोजित शांति शिखर सम्मेलन में अर्मेनिया और अजरबैजान के नेताओं ने दशकों से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। जयशंकर ने कहा, ‘‘अर्मेनियाई विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान से बात करके अच्छा लगा। वाशिंगटन में हुए अर्मेनिया-अजरबैजान शांति संधि के लिए उन्हें बधाई दी। यह संवाद और कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है जिसकी भारत हमेशा वकालत करता है।
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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों के लिए एक खास तोहफा पेश किया है। फेस्टिवल सीजन को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने ‘राउंड ट्रिप पैकेज’ स्कीम शुरू की है, जिसमें रिटर्न टिकट पर छूट दी जाएगी। यह योजना खास तौर पर उन यात्रियों के लिए है जो दीवाली और छठ जैसे त्योहारों पर अपने घर जा रहे हैं। इस स्कीम का मकसद न सिर्फ यात्रियों को सुविधा देना है, बल्कि रेलवे स्टेशनों पर भीड़ को कम करना और ट्रेनों का दोनों तरफ बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।
रेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह एक प्रयोग के तौर पर शुरू की गई योजना है। इसके तहत फेस्टिवल सीजन में यात्रियों को आसानी से टिकट बुक करने में मदद मिलेगी और पीक टाइम में ट्रैफिक को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा। यह स्कीम खास तौर पर उन यात्रियों के लिए बनाई गई है जो अपने घर आने-जाने के लिए दोनों तरफ की टिकट एक साथ बुक करते हैं।कौन उठा सकता है इस स्कीम का फायदा?राउंड ट्रिप पैकेज के तहत छूट तभी मिलेगी, जब यात्री एक ही बार में आने और जाने दोनों की टिकट बुक करें। साथ ही, दोनों यात्राओं के लिए यात्रियों का डिटेल एक ही होना चाहिए। यानी, जो लोग आगे की यात्रा के लिए टिकट बुक करते हैं, वही लोग रिटर्न जर्नी के लिए भी टिकट ले सकते हैं। रेलवे ने साफ किया है कि यह छूट सिर्फ कन्फर्म टिकटों पर ही लागू होगी।टिकट बुकिंग 14 अगस्त से शुरू होगी और यह स्कीम 13 अक्टूबर 2025 से 26 अक्टूबर 2025 के बीच शुरू होने वाली ट्रेनों के लिए लागू होगी। रिटर्न जर्नी की टिकट 17 नवंबर से 1 दिसंबर 2025 के बीच शुरू होने वाली ट्रेनों के लिए बुक की जा सकेगी। रिटर्न टिकट बुक करने के लिए एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) लागू नहीं होगा। छूट सिर्फ रिटर्न जर्नी के बेस फेयर पर दी जाएगी, जो कि 20 फीसदी होगी। यह छूट उसी क्लास और उसी ओरिजिन-डेस्टिनेशन जोड़ी के लिए होगी, जो आगे की यात्रा के लिए बुक की गई है।रेलवे ने यह भी साफ किया है कि इस स्कीम के तहत बुक किए गए टिकटों का रिफंड नहीं होगा। साथ ही, रिटर्न जर्नी के लिए कोई दूसरी छूट, रेल यात्रा कूपन, वाउचर, पास या PTO जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यह स्कीम सभी क्लास और सभी ट्रेनों (स्पेशल ट्रेनों सहित) के लिए लागू होगी, सिवाय उन ट्रेनों के जिनमें फ्लेक्सी फेयर सिस्टम लागू है। टिकट में कोई बदलाव भी नहीं किया जा सकेगा। बुकिंग का तरीका, चाहे ऑनलाइन हो या काउंटर, दोनों यात्राओं के लिए एक ही होना चाहिए। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार सुबह भारी बारिश के बीच जैतपुर के हरिनगर में मोहन बाबा मंदिर के पास दीवार गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दिल्ली अग्निशमन सेवा ने बताया कि पुलिस दल के साथ दमकल की तीन गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं।
अग्निशमन विभाग को शनिवार सुबह नौ बजकर 16 मिनट पर घटना के बारे में सूचना मिली।
अधिकारियों ने बताया कि दीवार ढहने का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।
राष्ट्रीय राजधानी में रात भर भारी बारिश हुई और भारतीय मौसम विभाग ने शनिवार के लिए ‘रेड अलर्ट' जारी किया। दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में बारिश शुक्रवार देर रात 11 बजे शुरू हुई थी।












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