- Home
- देश
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दावा किया कि कोविड-19 के खिलाफ भारत पूरी ताकत के साथ जंग लड़ रहा है। कोरोना की दूसरी लहर का सामना करने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले कुछ कोरोना योद्धाओं से संवाद करने के बाद उन्होंने कहा कि चुनौती कितनी ही बड़ी हो, भारत का विजय का संकल्प भी हमेशा उससे बड़ा रहा है। आकाशवाणी पर अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘‘मन की बात'' की 77वीं कड़ी में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जहां कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है वहीं हाल के दिनों में उसे विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं का भी सामना करना पड़ा है और उसने सामूहिक शक्ति से उसका भी डटकर मुकाबला किया। कोविड-19 की दूसरी लहर में संक्रमण के तेजी से बढ़े मामलों के बाद देश के कई राज्यों और अस्पतालों में तेज हुई ऑक्सीजन की मांग का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि अचानक से कई गुना मांग बढ़ जाने की वजह से देश के दूर-सुदूर हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाना अपने आप में बड़ी चुनौती थी। उन्होंने कहा, ‘‘आप अंदाज़ा लगा सकते हैं, सामान्य दिनों में हमारे यहां एक दिन में 900 मीट्रिक टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन का उत्पादन होता था लेकिन अब यह 10 गुना से भी ज्यादा बढ़कर, करीब-करीब 9500 मीट्रिक टन प्रतिदिन उत्पादित किया जा रहा है।'' उन्होंने कहा कि कोविड-19 की शुरुआत में देश में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिये केवल एक ही प्रयोगशाला थी जो आज बढ़कर 2500 से ज्यादा हो गई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘शुरू में कुछ सौ जांच एक दिन में हो पाती थीं, अब 20 लाख से ज्यादा जांच एक दिन में होने लगी हैं। अब तक देश में 33 करोड़ से ज्यादा नमूनों की जांच की जा चुकी है।'' प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी के साथ ही आपदा की विभिन्न घटनाओं में जान गंवाने वालों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में सरकार उन लोगों के साथ मज़बूती से खड़ी है जिन्होंने नुक़सान झेला है। उन्होंने कहा, ‘‘चुनौती कितनी ही बड़ी हो, भारत का विजय का संकल्प भी हमेशा उतना ही बड़ा रहा है। देश की सामूहिक शक्ति और हमारे सेवा-भाव ने, देश को हर तूफ़ान से बाहर निकाला है।'' प्रधानमंत्री ने इस दौरान ऑक्सीजन टैंकर के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाले उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले दिनेश बाबूलाल उपाध्याय, ऑक्सीजन एक्सप्रेस लोको पायलट शिरिषा गजनी, दिल्ली के लैब तकनीशियन प्रकाश कांडपाल और हवाई मार्ग से विदेशों से भारत में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने में योगदान देने वाले वायु सेना के ग्रुप कैप्टन ए के पटनायक से संवाद किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कोरोना के साथ ही चक्रवातीय तूफानों से हुए नकसान का भी उल्लेख किया और कहा, ‘‘अभी-अभी पिछले 10 दिनों में ही देश ने, फिर दो बड़े चक्रवातों का सामना किया। पश्चिमी तट पर चक्रवात ‘ताउते' और पूर्वी तट पर चक्रवात ‘यास' आया। इन दोनों चक्रवातों ने कई राज्यों को प्रभावित किया। देश और देश की जनता इनसे पूरी ताक़त से लड़ी और कम से कम जनहानि सुनिश्चित की।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम अब ये अनुभव करते हैं कि पहले के वर्षों की तुलना में, ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की जान बचा पा रहे हैं।'' विपदा की इस कठिन और असाधारण परिस्थिति का साहस, धैर्य और अनुशासन के साथ मुकाबला करने के लिए उन्होंने चक्रवात से प्रभावित हुए सभी राज्यों के लोगों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र, राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन सभी, एक साथ मिलकर इस आपदा का सामना करने में जुटे हुए हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के रूप में देश पर इतना बड़ा संकट आया और इसका असर देश की हर एक व्यवस्था पर पड़ा लेकिन कृषि क्षेत्र ने ख़ुद को इस हमले से काफी हद तक सुरक्षित रखा। उन्होंने कहा, ‘‘इस महामारी में भी किसानों ने रिकार्ड उत्पादन किया तो सरकार ने रिकार्ड फसल खरीदी भी की है। इस बार कई जगहों पर तो सरसों के लिए किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी ज्यादा भाव मिला है।'' उन्होंने कहा कि रिकार्ड खाद्यान्न-उत्पादन की वजह से ही आज इस संकट काल में 80 करोड़ गरीबों को मुफ़्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि ग़रीब के घर में भी कभी ऐसा दिन न आए जब चूल्हा न जले। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि देश के किसान कई क्षेत्रों में नई व्यवस्थाओं का लाभ उठाकर कमाल कर रहे हैं। उन्होंने त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के किसानों द्वारा कटहल की पैदावार का जिक्र किया और कहा कि इस बार यहां के कटहल लंदन भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे ही बिहार की ‘शाही लीची' भी हवाई-मार्ग से लंदन भेजी गई है। पूरब से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण हमारा देश ऐसे ही अनूठे स्वाद और उत्पादों से भरा पड़ा है। किसान-रेल अब तक करीब दो लाख टन उपज का परिवहन कर चुकी है। अब किसान बहुत कम लागत पर फल, सब्जियां, अनाज, देश के दूसरे सुदूर हिस्सों में भेज पा रहा है।
- पणजी । भारतीय नौसेना ने गोवा के वायु स्टेशन आईएनएस हंस पर एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) में मेडिकल आईसीयू बनाकर प्रतिकूल मौसम के बावजूद गंभीर रोगियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की अपनी क्षमता को बढ़ाया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। नौसेना के एक प्रवक्ता ने यहां जारी बयान में कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एएचएल) ने आईएनएएस 323 के एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर एमके-3 में मेडिकल आईसीयू स्थापित किया है। उन्होंने कहा, ''भारतीय नौसेना एमआईसीयू की सुविधा वाले एएलएच एमके-3 के जरिये प्रतिकूल मौसम के बावजूद गंभीर रोगियों को इलाज के लिये वायुमार्ग से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जा सकती है।-file photo
- नयी दिल्ली। केंद्रीय इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तन में राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के इस्पात संयंत्र में स्थापित किया गया 300 बिस्तरों वाला एक कोविड केंद्र देश को समर्पित किया। इस्पात मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दूसरे चरण में इस केंद्र की क्षमता बढ़ाकर 1,000 बिस्तर कर दी जाएगी। बयान में कहा गया, "पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और स्टील मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज आरआईएनएल इस्पात संयंत्र नगरी में जंबो कोविड केयर प्रतिष्ठान का पहला चरण देश की सेवा में समर्पित किया।" प्रधान ने कहा, "हम कोविड की दूसरी लहर के बीच है। हमने काफी हद तक ऑक्सीजन, रेमडेसिविर और दूसरी दवाओं की उपलब्धता की चुनौती से पार पा लिया है। हमारे लिए अगली चुनौती अपनी इतनी बड़ी आबादी का टीकाकरण करना है।" उन्होंने कहा कि आरआईएनएल ने देश के विभिन्न हिस्सों में तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपने कर्तव्य से भी आगे बढ़कर काम किया है। .
- होशियारपुर (पंजाब)। पंजाब कांग्रेस की वयोवृद्ध नेता और होशियारपुर के टांडा से दो बार विधायक रहीं सुरजीत कौर कालकट का लंबी बीमारी के बाद मोहाली में निधन हो गया। वह 91 साल की थीं। कालकट ने टांडा विधानसभा सीट से 1980 और 1992 में चुनाव जीता था।वह हरचरण सिंह बराड़ नीत पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री थीं।उनके पति डॉ.अमीर सिंह कालकट भी टांडा सीट से ही वर्ष 1969 और 1972 में विधायक चुने गए थे। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सुरजीत कौर कालकट के निधन पर शोक व्यक्त किया है। अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया, ‘‘ होशियारपुर की वयोवृद्ध कांग्रेस नेता सुरजीत कौर कालकट के निधन की खबर से दुखी हूं। कल उनकी प्राकृतिक मौत हुई। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
- बलिया। बलिया शहर के कोतवाली क्षेत्र में रविवार को दो युवकों की गंगा नदी में नहाते वक्त डूब जाने से मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के मुहम्मदपुर दियरा के रितेश यादव (25) और नारायण यादव (18) श्री रामपुर घाट के समीप स्नान करते हुए गंगा नदी में डूब गए। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची तथा पुलिस ने गोताखोरों के जरिये नदी में युवकों की तलाश कराई। काफी प्रयास के बाद दोनों युवकों के शव गंगा नदी से बरामद किये गये।
- हजारीबाग । झारखंड के हजारीबाग में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान ने अस्पताल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने रविवार को इस बात की जानकारी दी।पुलिस ने बताया कि मृतक जवान की पहचान 24 वर्षीय मृणाल काकोती के रूप में की गयी है। मृणाल एक मई को यहां बीएसएफ के प्रशिक्षण केंद्र और स्कूल में नियुक्त हुए थे। मृणाल को शनिवार रात को बीएसएफ अस्पताल में मृत पाया गया।हजारीबाग मुफ्फसिल पुलिस स्टेशन के प्रभारी बाजरन महतो ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले बीमार पड़ने के बाद मृणाल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृणाल को उनके बिस्तर के पास लटका हुआ पाया गया। घटनास्थल से किसी प्रकार का कोई पत्र बरामद नहीं हुआ है। शव को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है। शव को पोस्टमार्टम के बाद मृतक जवान के पैतृक निवास पहुंचाया जाएगा।
- नयी दिल्ली। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने मौसम परिस्थितियों, भूस्खलन, ग्लेशियर के टूटने जैसी स्थितियों के पूर्वानुमान के अलावा ऊर्जा उत्पादन, परिवहन बाधा, कृषि प्रभावोत्पादकता, आपूर्ति श्रृंखला प्रभाव आदि के आकलन के लिये ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग' के उपयोग की योजना बनाई है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, की ‘‘ विज्ञान एवं इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) ने इस उद्देश्य के लिये कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग का उपयोग करते हुए देश में तीन बहुविषयक एवं बहु संस्थागत उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) स्थापित करने का प्रस्ताव किया है।'' उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग का उपयोग करते हुए इन तीन उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना करने का मकसद बेहतर मौसम, जलवायु एवं भू जोखिम स्थितियों का पूर्वानुमान व्यक्त करना है । योजना के प्रस्ताव प्रपत्र में कहा गया है कि पिछले छह दशकों में वायुमंडल में काफी बदलाव आया है । उच्च क्षमता वाली कम्प्यूटर आधारित गणना ने वैज्ञानिकों की वास्तविक पृथ्वी विज्ञान प्रणाली आधारित मॉडल सृजित करने में और अधिक मदद की । इसमें कहा गया है कि अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग पद्धति के माध्यम से न केवल मौसम परिस्थितियों, भूस्खलन, ग्लेशियर के टूटने जैसी स्थितियों का बेहतर पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा बल्कि ऊर्जा उत्पादन, परिवहन बाधा, कृषि प्रभावोत्पादकता, आपूर्ति श्रृंखला प्रभाव आदि के बारे में सटीक आकलन करने में मदद मिलेगी । इससे आंधी, तूफान, बिजली कड़कने, धूल भरी आंधी, चक्रवात का बेहतर आकलन करके कम समय में जानकारी मुहैया करायी जा सकेगी, जिससे जानमाल के नुकसान को कम किया जा सकेगा । प्रस्ताव प्रपत्र में कहा गया है कि वैश्विक मौसम पूर्वानुमान में अभी उपग्रह के जरिये उपलब्ध आंकड़ों का महज 5 प्रतिशत का उपयोग किया जा रहा है। वहीं, पारंपरिक माध्यम से पूर्वानुमान की पद्धति पर पहले से अधिक दबाव है । ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग के जरिये वास्तविक मौसम की सटीक भविष्यवाणी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।
- मंडला (मप्र)। मध्य प्रदेश में मंडला जिले के अंजनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 29 वर्षीय एक महिला ने 5.1 किलोग्राम की बच्ची को जन्म दिया है। अंजनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अजयतोष मरावी ने बताया कि कहा कि रक्षा कुशवाहा ने शनिवार को सामान्य प्रसव से 5.1 किलोग्राम बच्ची को जन्म दिया है। मां ठीक है। उन्होंने कहा ,''प्रसव के बाद नवजात का वजन 2.50 किलोग्राम से 3.75 किलोग्राम तक हो सकता है। यह अपने आप में विरला मामला है। नवजात स्वस्थ है तो अच्छी बात है, लेकिन नवजात की जांच आवश्यक है। मरावी ने बताया कि रविवार दोपहर से इस बच्ची को पेशाब करने में कुछ दिक्कत आ रही है, इसलिए बेहतर इलाज के लिए उसे मंडला जिला अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। उन्होंने कहा, '' जब यह महिला अंजनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आई तो उसे प्रसव पीड़ा हो रही थी, हमने उसे जिला अस्पताल भेजने की बजाय स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कर दिया और उसने एक शिशु को जन्म दिया। तब दोनों ठीक थे।'' स्वास्थ्य केन्द्र की वरिष्ठ दाई ने कहा, ''मैंने इतने वजन की बच्ची पहली बार देखी है।
- मुंबई। मध्य रेलवे के एक मोटरमैन ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए समय पर उपनगरीय ट्रेन का इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया और यहां हार्बर लाइन पर पटरी पर लेटे एक व्यक्ति की जान बचा ली। एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी। मध्य रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि सीएसएमटी-पनवेल ट्रेन का संचालन कर रहे पी के रत्नाकर ने शनिवार अपराह्न में तिलक नगर और चेंबूर स्टेशनों के बीच पटरी पर एक व्यक्ति को लेटे हुए देखा। अधिकारी ने कहा, "पी के रत्नाकर ने पटरी पर लेटे व्यक्ति से करीब 10-12 मीटर पहले ट्रेन को रोक दिया। उस व्यक्ति को पटरी से सुरक्षित हटा दिया गया। रत्नाकर ने समय पर ट्रेन को रोककर एक जिंदगी को बचा ली। इसके लिए उसे पुरस्कृत किया जाएगा।
- इटावा (उत्तरप्रदेश)। एक तरफ कोरोना के कहर को कम करने के लिए सरकार की तरफ से वैक्सीनेशन को लेकर अभियान चलाए जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ अब इसमें तेजी के लिए एक अनूठी पहल की गई है। इस पहल की शुरुआत उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से शुरू हुई है। दरअसल सैफई उपजिलाधिकारी हेमसिंह ने शराब और बीयर के ठेकेदारों से कहा है कि वह किसी को भी बिना प्रमाण पत्र के शराब की बिक्री न करें।एसडीएम हेमसिंह के अनुसार उन्होंने ठेकेदारों से बगैर वैक्सीन प्रमाण पत्र के किसी को शराब की बिक्री नहीं करने की अपील की थी। एसडीएम की अपील के बाद अब शराब खरीदने वाले वैक्सीन लगावाने का प्रमाण पत्र लेकर आ रहे है। एसडीएम ने अधिकृत ठेकों पर शराब बेचने वालों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना प्रमाण पत्र देखे शराब बिक्री न करें। दरअसल अलीगढ़ में शराब पीने से हुई कई मौतों के चलते प्रशासन सक्रिय दिख रहा है। एसडीएम ने शराब दुकानों के सामने वैक्सीनेशन के लिए जागरूक करने वाले पोस्टर लगाने के निर्देश दिए।आबकारी अधिकारी ने बताया कि शराब की दुकानों के लिए ग्राहकों का वैक्सीनेशन कराना का कोई आधिकारिक आदेश नहीं है। लेकिन सैफई के एसडीएम यदि ऐसा कर रहे हैं तो वह स्वविवेक से कर रहे हैं। वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करना अच्छी बात है लेकिन शराब बिक्री के लिए अनिवार्य नहीं है।
- नई दिल्ली। केन्द्र ने कहा है कि राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण कार्यक्रम के लिए अगले महीने लगभग 12 करोड़ टीके उपलब्ध होंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के लिए छह करोड़ नौ लाख से अधिक कोविड टीकों की आपूर्ति की जाएगी। ये टीके स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं के प्राथमिक समूहों, कोविड योद्धाओं और 45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए होंगे। ये टीके केन्द्र सरकार नि:शुल्क उपलब्ध कराएगी।इसके अतिरिक्त पांच करोड़ 86 लाख से अधिक टीके सीधे राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों तथा निजी अस्पतालों को खरीद के लिए उपलब्?ध कराए जाएंगे।महामारी के प्रबंधन और इसके नियंत्रण में केन्द्र सरकार के लिए जांच, तलाश, निदान और कोविड मानकों का पालन के साथ ही टीकाकरण एक महत्वपूर्ण रणनीति है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के लिए केन्द्र सरकार राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों को नि:शुल्क कोविड टीका उपलब्ध करा रही है। मंत्रालय ने कहा है कि केन्द्र सरकार ने अगले महीने उपलब्ध होने वाले टीकों का पूरा ब्यौरा राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों को उपलब्ध करा दिया है। मौजूदा माह में टीकाकरण अभियान के लिए सात करोड़ 94 लाख से अधिक डोज उपलब्ध कराई गई हैं।
- नई दिल्ली। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-डीडीएमए ने एक आदेश में कहा है कि कल सोमवार से स्वीकृत औद्योगिक क्षेत्रों में बंद परिसरों के भीतर विनिर्माण और उत्पादन इकाइयों में काम करने की छूट दी गई है। इसके अलावा कफ्र्यू अवधि के दौरान कंटेनमेंट जोन के बाहर के कार्यस्थलों में निर्माण गतिविधियों की भी अनुमति रहेगी।उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में आंशिक कोविड कफ्र्यू में आज कुछ छूट देते हुए नये दिशा-निर्देश जारी किये। नये दिशा-निर्देश पहली जून से प्रभावी होंगे। नये दिशा-निर्देशों के अनुसार ये छूट उन जिलों में नहीं मिलेगी, जहां कोविड-19 संक्रमण के छह सौ से अधिक सक्रिय मामले हैं।मुख्य सचिव के कार्यालय से जारी नये दिशा-निर्देशों के अनुसार कंटेनमेंट क्षेत्रों को छोड़कर अन्य इलाकों में दुकानें और बाजार प्रति सप्ताह पांच दिन सुबह सात बजे से लेकर शाम सात बजे तक खुलेंगी। इसके अलावा शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक तथा शनिवार और रविवार को कफ्र्यू रहेगा। शनिवार और रविवार को बाजारों और दुकानों को संक्रमणमुक्त किया जाएगा। सभी औद्योगिक संस्थान खुले रहेंगे। सब्जी मंडियां भी पहले की तरह खुली रहेंगी और इनमें कोविड मानकों का पालन होगा। शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। गेहूं खरीद केन्द्र और राशन की दुकानें खुली रहेंगी। रेस्टोरेंट से केवल होम डिलिवरी की अनुमति होगी।नये दिशा-निर्देशों के अनुसार सरकारी कार्यालयों में कोविड अभियान से जुड़े अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं के कार्यालय पूरी क्षमता के साथ खुलेंगे, जबकि अन्य सरकारी कार्यालयों में पचास प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम होगा। इन कार्यालयों में कर्मचारी वैकल्पिक दिनों में आएंगे।मध्य प्रदेश में लॉकडाउन हटाने की प्रक्रिया पहली जून से शुरू हो रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने दिशानिर्देश जारी किए हैं।
- नई दिल्ली। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने ईएसआईसी और ईपीएफओ योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों के लिए अतिरिक्त लाभों की घोषणा की है, जिससे कोविड-19 महामारी के चलते मौत की घटनाओं में बढ़ोतरी के कारण उनके परिवार के सदस्यों की बेहतरी के बारे में श्रमिकों के डर और चिंता का समाधान किया जा सके। नियोक्ता के हिस्से में अतिरिक्त खर्च डाले बगैर कर्मचारियों को ज्यादा सामाजिक सुरक्षा दिलाने की उम्मीद की गई है।वर्तमान में ईएसआईसी के तहत बीमित व्यक्तियों (आईपी) के लिए, मौत या काम की वजह से चोट के कारण बीमित व्यक्ति की अक्षमता के बाद श्रमिक की औसत दैनिक मजदूरी के 90 फीसदी के बराबर पेंशन पति या पत्नी और विधवा मां को जीवनभर के लिए और बच्चों के लिए 25 वर्ष की उम्र होने तक के लिए उपलब्ध है। वहीं, बच्ची (लड़की) के लिए यह उनकी शादी होने तक के लिए है।ईएसआईसी योजना के तहत बीमित व्यक्तियों (आईपी) के परिवारों की सहायता करने के लिए, यह निर्णय लिया गया है कि आईपी के परिवार के सभी आश्रित सदस्य जो ईएसआईसी के ऑनलाइन पोर्टल में कोविड बीमारी के निदान और इस रोग के कारण बाद में मौत से पहले पंजीकृत हैं, उन्हें भी काम के दौरान मरने वाले बीमित व्यक्तियों के आश्रितों को प्राप्त होने वाले लाभ और इसे समान स्तर पर ही हासिल करने के हकदार होंगे। े दो वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी होगी।मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में इसमें निम्नलिखित संशोधन किए गए हैं:ए. मृतक कर्मचारी के परिजनों को मिलने वाली अधिकतम लाभ राशि को 6 लाख से बढ़ाकर 7 लाख कर दिया गया है।बी. मृतक कर्मचारियों के पात्र परिवार के सदस्यों को 2.5 लाख रुपये का न्यूनतम आश्वासन लाभ, जो अपनी मौत से पहले एक या अधिक प्रतिष्ठानों में 12 महीने की निरंतर अवधि के लिए सदस्य था। मौजूदा प्रावधान में एक प्रतिष्ठान में 12 महीने तक लगातार रोजगार का प्रावधान है. इससे अनुबंधित/अनौपचारिक मजदूरों को लाभ होगा जो एक प्रतिष्ठान में लगातार एक वर्ष तक काम करने की स्थिति के कारण लाभ से वंचित थे।सी. 15 फरवरी 2020 से पहले के प्रावधान के मुताबिक न्यूनतम 2.5 लाख रुपये मुआवजे के प्रावधान की बहाली।डी. आगामी 3 वर्षों में, एक्चुअरी ने अनुमान लगाया है कि पात्र परिवार के सदस्यों को वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक ईडीएलआई फंड से 2185 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।ई. योजना के तहत मृत्यु के कारण होने वाले दावों की संख्या प्रति वर्ष लगभग 50,000 परिवार होने का अनुमान लगाया गया है. इसमें लगभग 10,000 श्रमिकों की अनुमानित मौत को भी शामिल किया गया है, जो कोविड के कारण हो सकती है।ये कल्याणकारी उपाय उन श्रमिकों के परिवारों को बहुत जरूरी सहायता प्रदान करेंगे और उन्हें महामारी के इस चुनौतीपूर्ण समय में वित्तीय कठिनाइयों से बचाएंगे, जिनकी कोविड-19 बीमारी के कारण मौत हो गई।
- नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा लगातार 5 डिग्री उत्तर/72 डिग्री पूर्व, 6 डिग्री उत्तर/75 डिग्री पूर्व, 8 डिग्री उत्तर/80 डिग्री पूर्व, 12 डिग्री उत्तर/85 डिग्री पूर्व, 14 डिग्री उत्तर/90 और 17 डिग्री उत्तर/94 डिग्री पूर्व से गुजर रही है।नवीनतम मौसम विज्ञान संबंधी संकेतों के अनुसार, दक्षिण पश्चिमी हवा 01 जून से धीरे-धीरे और मजबूत हो सकती है, जिसका परिणाम केरल के ऊपर वर्षा गतिविधि की बढोतरी में आने का अनुमान है। इस प्रकार, मानसून के 03 जून, 2021 तक केरल आने का अनुमान है।दक्षिण पश्चिमी हवा को लगभग अक्षांश 70 डिग्री पूर्व के देशांतर 28 डिग्री उत्तर के साथ समुद्र तल से ऊपर 5.8 किमी की इसकी धुरी के साथ मध्य तथा ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवा में एक ट्रफ के रूप में देखा जा रहा है। पंजाब एवं निकटस्थ क्षेत्रों के ऊपर समुद्र तल के ऊपर 1.5 किमी तक विस्तारित एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। पंजाब एवं निकटस्थ क्षेत्रों के ऊपर से एक ट्रफ रेखा अब समुद्र तल के ऊपर 0.9 किमी किमी तक विस्तारित उत्तर पश्चिम राजस्थान तक जाती है।पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं समीपवर्ती क्षेत्रों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण अब समुद्र तल से ऊपर 4.5 किमी तक विस्तारित अब पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं समीपवर्ती क्षेत्रों के ऊपर केंद्रित है। पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं समीपवर्ती क्षेत्रों के दक्षिणी हिस्सों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के ऊपर से ट्रफ रेखा अब छत्तीसगढ़ तथा पूर्व मध्य प्रदेश के समुद्र तल से ऊपर 1.5 किमी तक विस्तारित विदर्भ तक जाती है। समुद्र तल से ऊपर 3.1 किमी पर कर्नाटक तट के निकट पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। समुद्र तल से ऊपर 5.8 तथा 7.6 किमी के बीच तमिलनाडु एवं समीपवर्ती क्षेत्रों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण केंद्रित है।दक्षिण अरब सागर एवं मध्य अरब सागर के समीपवर्ती क्षेत्रों के मध्य भागों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण अब समुद्र तल से ऊपर 5.8 किमी पर बना हुआ है। समुद्र तल से ऊपर 2.1 एवं 3.1 किमी के बीच उत्तर पाकिस्तान एवं समीपवर्ती क्षेत्रों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण अब कम स्पष्ट बन गया है। समुद्र तल से ऊपर 1.5 किमी तक विस्तारित उत्तरी अंडमान सागर एवं समीपवर्ती क्षेत्रों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण अब कम स्पष्ट बन गया है। समुद्र तल से ऊपर 0.9 किमी तक विस्तारित दक्षिण पूर्व मध्य प्रदेश एवं समीपवर्ती क्षेत्रों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण अब कम स्पष्ट बन गया है।समुद्र तल से ऊपर 0.9 किमी तक दक्षिण पूर्व मध्य प्रदेश एवं समीपवर्ती क्षेत्रों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण से ट्रफ विदर्भ, तेलंगाना एवं रायलसीमा से दक्षिण तमिलनाडु तक अब कम स्पष्ट बन गया है।
- भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि राज्य में "कोरोना कर्फ्यू" के प्रतिबंधों में एक जून से चरणबद्ध तरीके से छूट के बावजूद सप्ताहांत के दौरान पूरे प्रदेश में लॉकडाउन लागू रहेगा। चौहान ने गांव, ब्लॉक, वार्ड और जिला स्तर की आपदा प्रबंधन समितियों की शनिवार शाम को डिजिटल बैठक में बताया कि प्रदेश में पांच प्रतिशत से अधिक और इससे कम संक्रमण दर वाले जिलों के लिये ‘अनलॉक' के अलग-अलग दिशा निर्देश होंगे। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के कारण लगे प्रतिबंधों में ढील देने के बावजूद प्रदेश में सप्ताहांत में शनिवार रात दस बजे से सोमवार सुबह छह बजे तक कर्फ्यू जारी रहेगा। चौहान ने कहा, ‘‘कोविड-19 की स्थिति के अनुसार स्थानीय जिला, वार्ड, ब्लॉक और गांव स्तर पर आपदा प्रबंधन समितियां एक जून से अपने-अपने क्षेत्रों को ‘अनलॉक' करने के दिशा निर्देश जारी करने के बारे में फैसला लेंगी।'' उन्होंने बताया कि प्रदेश में फिलहाल सांस्कृतिक, राजनीतिक, सामाजिक, खेलकूद, मेले और मनोरंजन गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, थिएटर, ऑडिटोरियम और पिकनिक स्थल बंद रहेंगे। चौहान ने बताया कि मुरैना जिला आपदा प्रबंधन समिति ने जिले में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण ‘‘कोरोना कर्फ्यू'' जारी रखने का फैसला किया है। प्रदेश सरकार ने शनिवार को ग्रीन जोन (उपचाराधीन मामले शून्य), यलो जोन (चार या चार से कम मामले) और रेड जोन (पांच या पांच से अधिक मामले) के तहत आने वाले गांवों के लिये अलग-अलग दिशा निर्देश जारी किए हैं। ‘रेड जोन' के लिए सख्त दिशा निर्देश हैं। इसी तरह उन शहरी इलाकों में जहां संक्रमण की दर पांच प्रतिशत से अधिक है, वहां कोरोना वायरस के कारण लगाए गये प्रतिबंध आगे भी जारी रहेंगे। प्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के तहत विवाह में प्रत्येक पक्ष के दस यानि कुल 20 लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी तथा मेहमानों की सूची स्थानीय प्रशासन को अग्रिम तौर पर पेश करना अनिवार्य होगा। अंतिम संस्कार में अधिकतम दस लोग शामिल हो सकते हैं तथा धार्मिक स्थलों पर चार से अधिक लोगों को पूजा या प्रार्थना में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। सरकारी कार्यालय में 50 प्रतिशत कर्मचारी तथा सभी अधिकारियों की उपस्थिति में कामकाज हो सकेगा।किसी भी स्थान पर छह से अधिक लोगों के जमा होने की अनुमति नहीं होगी।‘अनलॉक' चरण के दौरान औद्योगिक गतिविधियों, अस्पतालों, नर्सिग होम, पेट्रोल पंप, फार्मा, राशन दुकान, और कृषि गतिविधियों आदि को संचालित करने की अनुमति होगी। दो सवारियों तथा कोविड-19 के अनुकूल व्यवहार के दिशा निर्देशों के पालन के साथ टैक्सी संचालन की भी अनुमति होगी। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश में 29 मई तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 7,77,349 हो गई है तथा इस बीमारी से अब तक 7,959 लोगों की मौत हो चुकी है।
-
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने शनिवार को उच्च विद्यालय और कॉलेज के पाठ्यक्रम में आपदा और महामारी प्रबंधन को शामिल करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया। मंत्रिपरिषद ने कहा कि उसे लगा कि राज्य में हर किसी को बार-बार आने वाले चक्रवातों और महामारी जैसी आपदाओं से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए अच्छी तरह से तैयार रहना चाहिए। प्रस्ताव में कहा गया है कि एक समय था जब ओडिशा आपदाओं का सामना करने और आपदाओं में जान गंवाने को लेकर विवश था, लेकिन आज, आपदा प्रबंधन के ओडिशा मॉडल की वैश्विक प्रशंसा हो रही है। उसमें कहा गया कि इस परिवर्तन का केंद्र राज्य का दृढ़ विश्वास है और आपदा की तैयारी सामुदायिक भागीदारी में निहित है। मुख्यमंत्री ने कहा, "समय आ गया है कि हम राज्य में एक विशाल ज्ञान अवसंरचना का निर्माण करें जो सभी को एक योद्धा बना देगा। आज, हम एक भविष्य का निर्णय ले रहे हैं। हम अपने लोगों को बड़े पैमाने पर प्रशिक्षित करेंगे कि ज्ञात आपात स्थितियों से कैसे निपटें और कैसे प्रतिक्रिया करें उन स्थितियों के लिए जहां परिणाम का अनुमान नहीं की लगाया जा सकता है।" उन्होंने कहा कि अब से, हाई स्कूल और कॉलेज के प्रत्येक छात्र पाठ्यक्रम के हिस्से के तहत आपदा और महामारी प्रबंधन के बारे में जानेंगे। पटनायक ने कहा कि राज्य अपने कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की आपदा और महामारी प्रबंधन की मौलिक प्रकृति के बारे में भी प्रशिक्षित करेगा। आपदा और महामारी प्रबंधन सरकारी भर्ती पाठ्यक्रम में भी होगा। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को भी आपदा और महामारी प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा।
- श्रीनगर। सुरक्षा बलों ने शनिवार को कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा के पार से कश्मीर में हथियारों की तस्करी के प्रयास को विफल कर दिया और भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त किया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि हथियारों की तस्करी के संबंध में विशेष सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और सेना ने तंगधार इलाके के जब्दी इलाके में नियंत्रण रेखा के पास तलाशी अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान छह मैगजीन के साथ तीन एके-47 राइफल और नौ मैगजीन के साथ चार पिस्तौल बरामद किए गए। प्रवक्ता ने बताया कि हालांकि मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। करनाह पुलिस थाने में संबंधित कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच की जा रही है।-
- भोपाल। मध्यप्रदेश के वन मंत्री विजय शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में सभी बाघ अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान पर्यटकों के लिए एक जून से खोले जा रहे हैं। मालूम हो कि मध्यप्रदेश को देश में बाघ और तेंदुए के राज्य के तौर पर जाना जाता है। कोविड-19 की दूसरी लहर के मद्देनजर लगभग दो माह पहले प्रदेश के बाघ अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यानों को एहतियान बंद कर दिया गया था। शाह ने शनिवार को जारी एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘ कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण बाघ अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान बंद हैं। हम ये सभी पार्क और रिजर्व एक जून से 30 जून तक पर्यटकों के लिए खोल रहे हैं। इससे यहां पर्यटन की गतिविधियों में लगे लोगों को रोजगार मिलेगा।'' मध्यप्रदेश में कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपूड़ा और पन्ना सहित कई टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यान हैं। देश में सबसे अधिक बाघों की आबादी के चलते मध्यप्रदेश को ‘‘ टाइगर स्टेट '' के तौर पर जाना जाता है। वर्ष 2018 की गणना के अनुसार मध्यप्रदेश में 526 बाघ हैं। इसके साथ ही दिसंबर में केन्द्र द्वारा जारी एक आंकलन अनुसार देश में सबसे अधिक तेंदुओं की आबादी भी मध्यप्रदेश में है। कैमरा ट्रैपिंग पद्धति का उपयोग कर किए गए एक आकलन के अनुसार, ‘‘ वर्ष 2018 में मध्यप्रदेश में सबसे अधिक 3,421 तेंदुए पाए गए। इसके बाद कर्नाटक में 1,783 और महाराष्ट्र में 1,690 तेंदुए पाए गए। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2014 में देश में तेंदुओं की संख्या 7,910 थी जो कि वर्ष 2018 के आकलन में बढ़कर 12,852 हो गई।'' इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) में बाघ शावकों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वनकर्मियों ने बीटीआर में नवजात से एक साल तक की आयु के कम से कम 41 शावकों को देखा है। प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-प्राणी) ने शुक्रवार को बताया, ‘‘ बाधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा एक वर्ष तक के बाघों की जानकारी तैयार की गई है। इसमें विभिन्न गश्ती के दौरान ट्रैक कैमरा और प्रत्यक्ष रूप से देखे जाने के आधार पर 41 बाघ शावकों के यहां होने के प्रमाण मिले हैं।
- जम्मू । पुलवामा में शहीद हुए अपने पति मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल के पदचिह्नों पर चलते हुए निकिता कौल शनिवार को सेना में शामिल हो गयीं। सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी ने तमिलनाडु के चेन्नई में अधिकारियों की प्रशिक्षण अकादमी में उनके कंधों पर स्टार लगाए। रक्षा मंत्रालय, उधमपुर के जन संपर्क अधिकारी (पीआरओ) ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इस समारोह का एक संक्षिप्त वीडियो साझा किया है। पीआरओ उधमपुर ने ट्वीट किया, ‘‘पुलवामा में प्राण न्योछावर करने वाले मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। उन्हें सर्वश्रेष्ठ श्रद्धांजलि देते हुए आज उनकी पत्नी निकिता कौल ने सेना की वर्दी पहन ली। यह उनके लिए गर्व का मौका होगा क्योंकि सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट वाई के जोशी ने उनके कंधे पर स्टार लगाए।'' कश्मीर की रहने वाली लेफ्टिनेंट कौल की शादी के महज नौ महीने बाद ही मेजर ढौंडियाल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादियों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। पुलवामा में 18 फरवरी 2019 को आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में मेजर ढौंडियाल समेत सुरक्षा बल के पांच जवान शहीद हो गए थे। इस मुठभेड़ में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादी भी मारे गए थे। राष्ट्र के लिए उनके बलिदान को लेकर उन्हें शौर्य चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया।अपने पति से प्रेरणा लेते हुए दिल्ली में एक बहु-राष्ट्रीय कंपनी की नौकरी छोड़कर कौल ने सेना में शामिल होने का निर्णय लिया था। उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमीशन परीक्षा पास करने के बाद पिछले साल साक्षात्कार के बाद प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। इसको लेकर कई लोगों ने सोशल मीडिया पर सेना और शहीद सैन्यकर्मी की पत्नी की सराहना की है।सैन्य खुफिया एजेंसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल के जे एस ढिल्लों ने ट्वीट कर कौल को सेना में शामिल होने पर शुभकामनाएं दीं। स्वप्निल पांडे ने लिखा आपको पता है यह इसलिए महत्वपूर्ण है कि सैनिक ना भी रहे लेकिन सेना उनके परिवारों को कभी अकेलापन का अहसास नहीं होने देती है। बहादुर अधिकारी से शादी करने वाली और अब खुद वर्दी पहनने वाली वीर नारी का साथ देना सेना के मूल्यों और इसके आचार संहिता को प्रदर्शित करता है।'' कुछ और लोगों ने भी कौल की सराहना करते हुए लिखा, ‘‘दिवंगत अधिकारी को यह सर्वश्रेष्ठ श्रद्धांजलि है।
- सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में हाईटेंशन तार से करंट लगने से चार लोगों की मौत हो गई और चार अन्य बुरी तरह झुलस गए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना सीतापुर जिले के कमलापुर थाना क्षेत्र के हनुमानपुर गांव में शुक्रवार देर रात एक वैवाहिक समारोह के दौरान घटी। सीतापुर के जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने बताया कि एक शादी के पंडाल में लोग जलपान कर रहे थे कि अचानक आई आंधी से पंडाल उखड़ कर ऊपर बिजली की हाईटेंशन तार से सट गया। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने पंडाल पकड़ने की कोशिश की तो उन्हें करंट का तेज झटका लगा। उन्होंने बताया कि इस घटना में आठ लोग गंभीर रूप से झुलस गए और उन्हें सीतापुर जिला अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने चार को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि दो व्यक्तियों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार चल रहा है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और अस्पताल को हरसंभव उपचार के निर्देश दिये गये हैं।
- चेन्नई । द्रमुक के वरिष्ठ नेता व सांसद ए राजा की पत्नी परमेश्वरी का शनिवार को यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह वह लगभग छह महीने से कैंसर से जूझ रही थीं। डॉक्टर रेला मेडिकल केन्द्र एवं संस्थान ने एक विज्ञप्ति में कहा, ''बेहद अफसोस के साथ आपको सूचित करना पड़ रहा है कि माननीय सांसद ए राजा की पत्नी श्रीमती परमेश्वरी का 29 मई 2021 को 19:05 (शाम 7.05 बजे) निधन हो गया। '' द्रमुक अध्यक्ष तथा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने निधन पर शोक व्यक्त किया। स्टालिन ने कहा कि वह संकटों के दौरान राजा के साथ खड़ी रहीं। राजा नीलगिरि से लोकसभा सदस्य हैं।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि सरकार राजमार्ग क्षेत्र में भारी निवेश कर रही है और सड़क एवं पुलों के निर्माण में स्टील तथा सीमेंट का इस्तेमाल कम करने के तरीके विकसित करने पर जोर दिया। सड़क परिवहन मंत्री ने साथ ही कहा कि स्टील एवं सीमेंट कंपनियां गुटबंदी में शामिल हैं।उन्होंने वर्चुअल माध्यम से एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार 22 हरित राजमार्गों का निर्माण कर रही है और अब भारत में सड़कों का सबसे बड़ा नेटवर्क है। मंत्री ने कहा, "भारत में राजमार्गों में भारी निवेश किया जा रहा है। हमें गुणवत्ता से समझौता किए बिना सड़क और पुलों के निर्माण की लागत कम करने की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों को नये विचारों को सकारात्मक समर्थन देना चाहिए।गडकरी ने कहा, "हमें दुनिया भर में सड़क निर्माण की सफल पद्धतियों को अपनाना चाहिए और उसे भारतीय परिप्रेक्ष्य में लागू करना चाहिए।" उन्होंने सलाहकारों से सड़कों के निर्माण में सीमेंट और स्टील की मात्रा कम करने के लिए नवोन्मेष पेश करने को कहा। गडकरी ने कहा, "सड़कों और पुलों के निर्माण में स्टील और सीमेंट का इस्तेमाल कम करें।
- नयी दिल्ली। डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर चल रहीं मालगाड़ियां राजधानी ट्रेनों से अधिक रफ्तार से चल रही हैं और इनमें से एक तो शनिवार को रिकॉर्ड 99.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह रिकॉर्ड ईस्टर्न डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) के 331 किलोमीटर लंबे न्यू खुर्जा-न्यू भाउपुर सेक्शन पर बनाया गया जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 दिसंबर, 2020 को परिचालन के लिए खोला था। वेस्टर्न डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) पर रेवाड़ी तथा मदार के बीच 306 किलोमीटर लंबे दूसरे सेक्शन को सात जनवरी को खोला गया था। इन सेक्शन में आज तक कुल 4,000 ट्रेनें चली हैं जिनमें से 3,000 से अधिक ट्रेनें ईडीएफसी पर चलीं।एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इनमें से कुछ ट्रेनें ईडीएफसी में 99.40 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत रफ्तार से दौड़ रही हैं वहीं डब्ल्यूडीएफसी पर 89.5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मालगाड़ियां दौड़ रही हैं।''
- अलप्पुझा (केरल)। अलप्पुझा जिले में शनिवार तड़के हरीपद के निकट करीलाकुलंगरा में दो वाहनों के बीच टक्कर में एक महिला और उसके बच्चे समेत चार लोगों की मौत हो गयी। पुलिस ने बताया कि यह घटना राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुबह तीन बजे के करीब हुई।उन्होंने बताया कि घटना में 25 वर्षीय महिला, पांच वर्ष का उसका बेटा, महिला के एक रिश्तेदार तथा कार चालक की मौत हो गयी। महिला का रिश्तेदार केरल असामाजिक गतिविधि रोकथाम कानून (केएपीए) मामले में आरोपी था। घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी जिले में कायमकुलम के निवासी हैं। घायलों में एक व्यक्ति केएपीए के तहत एक मामले में आरोपी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। लॉरी में सवार दो लोग भी घायल हो गए। घायल सभी लोगों को अलप्पुझा में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है।
- नई दिल्ली। कोविड महामारी में अपने माता-पिता गंवाने वाले बच्चों की मदद देने के प्रमुख उपायों की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पीएम केयर्स बाल योजना के अंतर्गत कई कल्याणकारी कदमों की मंजूरी दी। अन्य मदद देने के अलावा इन बच्चों को निशुल्क शिक्षा और 23 वर्ष की आयु होने पर दस लाख रूपये दिए जाएंगे।प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों को मदद देने के उपायों पर चर्चा करने के लिए शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने महामारी से प्रभावित हुए बच्चों के कल्याण के लिए कई योजनाओं की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं और इन बच्चों को सहयोग देने और इनके संरक्षण के लिए देश हर संभव कदम उठाएगा, जिससे इनका भविष्य उज्जवल हो और वे एक मजबूत नागरिक बन सके।प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में समाज का कर्तव्य है कि वह बच्चों की देखभाल करें और बच्चों में उज्जवल भविष्य की भावना जाग्रत करें। वे सभी बच्चे, जो अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता कोविड-19 महामारी के कारण खो चुके हैं, उन सभी की प्रधानमंत्री केयर्स बाल-योजना के जरिये मदद की जाएगी।













.jpg)
.jpg)

.jpg)










.jpg)