- Home
- देश
- नई दिल्ली। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्यों से कहा है कि वे कोरोना के दौरान अपने माता-पिता या दोनों में से किसी एक को गंवाने वाले बच्चों का डेटा बाल स्वराज पोर्टल पर उपलब्ध कराएं। यह पोर्टल देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों का पता लगाने के लिए है। इसके लिए आयोग ने अपने पोर्टल में कोविड केयर नाम से एक लिंक उपलब्ध कराया है। इसमें अधिकारी या संबंधित विभाग प्रभावित बच्चों का डेटा भर सकेंगे।
- नई दिल्ली। वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने शुक्रवार को बताया कि केंद्र ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक 22 करोड़ से अधिक कोविड टीके नि:शुल्क उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस वर्ष के आखिर तक एक अरब से अधिक लोगों को टीके लगाने की योजना तैयार कर ली है।भारत के सबसे बड़े और तीव्रतम टीकाकरण कार्यक्रम की सफलता का जिक्र करते हुए श्री जावडेकर ने दोहराया कि केंद्र देश में कोविड टीकों के निर्माण और खरीद को बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़़ रहा है। श्री जावडेकर ने कहा कि भारत की टीकाकरण नीति के विरुद्ध बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना की है। उन्होंने इस बयान को असंवेदनशील और निराधार बताया है। श्री जावडेकर ने कहा कि कांग्रेस भय का वातावरण पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने स्थिति से निपटने की देश की क्षमता पर निरंतर संदेह व्यक्त करने और सरकार की कोविड प्रबंधन नीति को ड्रामा बताने के लिए कांग्रेस पर आक्षेप किया। भाजपा नेता ने कहा कि श्री गांधी को कांग्रेस शासित राज्यों में केंद्र द्वारा उपलब्ध कराए गए वेंटीलेटर और चिकित्सा उपकरणों के समुचित उपयोग की सलाह देनी चाहिए।
- नई दिल्ली। रेलवे ने अब तक देशभर के विभिन्न राज्यों में 19 हजार 400 मीट्रिक टन से अधिक तरल चिकित्सा ऑक्सीजन पहुंचाई है। रेल मंत्रालय ने कहा है कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस अब तक राज्यों के 39 शहरों और कस्बों के 41 स्टेशनों पर ऑक्सीजन उतार चुकी है। रेल मंत्रालय का कहना है कि एक हजार 150 से अधिक टेंकरों के साथ 289 ऑक्सीजन एक्सप्रेस अपना सफर तय कर चुकी हैं। रेल मंत्रालय ने कहा है कि रेलवे का प्रयास है कि जरूरतमंद राज्यों को कम से कम समय में अधिक से अधिक तरल चिकित्सा ऑक्सीजन पहुंचाई जा सके।
- बागपत (उप्र)। बागपत जिले में एक ईंट भट्ठे में पानी जमा करने के लिये बनाये गये गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि बच्चों की उम्र 8 से 15 वर्ष के बीच थी।पुलिस प्रवक्ता मनोज सिंह के अनुसार दिल्ली सहारनपुर हाईवे से बिहारीपुर गांव की ओर जाने वाले रास्ते पर नीरज कुमार का एक ईंट भट्टा है। उन्होंने कहा कि इस ईंटभट्ठे के बराबर में पानी जमा करने के लिये बनाये गये गड्ढे में शुक्रवार को काम करने वाले मजदूरों के बच्चे खेलते-खेलते इस कुंड में नहाने के लिए कूद पड़े ओैर पानी में डूब गए। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि बाद में तीनों बच्चों को किसी तरह बाहर निकाला गया और परिजन बच्चों को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, जहां डाक्टरों ने इन बच्चों को मृत घोषित कर दिया।ईंट भट्ठे पर काम करने वाले गौरीपुर जवाहरनगर के हरबीर का बेटा नौ वर्षीय अनीस उर्फ भूरा, ग्राम किरठल निवासी संजीव का 15 वर्षीय बेटा सावन और ओमवीर का 13 वर्षीय बेटा मनु शुक्रवार दोपहर पानी भरे गड्ढ़े में स्नान कर रहा था। जिनको दो बच्चे गड्ढ़े के किनारे बैठकर देख रहे थे। अचानक बच्चे समेत तीनों किशोर गड्ढे की दलदल में फंस जाने से पानी में डूब गए। गड्ढे के किनारे बैठे बच्चों ने शोर मचा दिया। भट्ठा मजदूर व अन्य लोग दौड़कर वहां पर पहुंचे। उन्होंने किशोर समेत तीन बच्चों को गड्ढे से निकाला और सरूरपुर के एक निजी चिकित्सक के पास लेकर गए। चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित किया।
- नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय-डीजीसीए ने आज कहा कि कोविड-19 महामारी को देखते हुए अनुसूचित अंतर्राष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर प्रतिबंध 30 जून तक बढ़ा दिया गया है। महानिदेशालय के परिपत्र में कहा गया है कि सक्षम अधिकारी अलग-अलग मामले के आधार पर चुनिंदा मार्गों के लिए अनुसूचित अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति दे सकता है। इस प्रतिबंध से सभी अंतर्राष्ट्रीय मालवाहक उड़ानों और विशेष रूप से स्वीकृत उड़ानों पर कोई प्रभाव नहीं होगा।भारत में अनुसूचित अंतर्राष्ट्रीय यात्री उड़ानें महामारी के कारण पिछले वर्ष 23 मार्च से निलम्बित हैं। लेकिन, पिछले वर्ष मई से वंदे भारत मिशन के तहत विशेष अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें संचालित की जा रही हैं। पिछले वर्ष जुलाई से चुनिंदा देशों के साथ द्विपक्षीय एयर बबल समझौतों के तहत विशेष अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें भी संचालित की जा रही हैं। भारत ने करीब 27 देशों के साथ एयर बबल समझौते किए हैं।
- नयी दिल्ली। जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव बी वी आर सुब्रह्मण्यम को वाणिज्य मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) नियुक्त किया गया है। बृहस्पतिवार को जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, वह अनूप वधावन की 20 जून को सेवानिवृत्ति के बाद नए वाणिज्य सचिव के तौर पर कार्यभार संभालेंगे।
- नयी दिल्ली ।ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों ने 26 मई को पूरे भारत में 1,195 टन जीवन रक्षक गैस पहुंचाई, जो एक दिन में अब तक पहुंचाई गई सबसे अधिक गैस है। यह आंकड़ा तीन दिन पहले परिवहन किए गए 1,142 टन ऑक्सीजन के पिछले उच्च स्तर को पार कर गया। रेलवे ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। रेलवे ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के बीच, रेलवे ने पिछले महीने परिचालन शुरू होने के बाद से ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों से 15 राज्यों को 1,141 से अधिक टैंकरों में 18,980 टन से अधिक तरल चिकित्सा ऑक्सीजन पहुंचायी है। दिल्ली में अब तक 5,000 टन से ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचायी जा चुकी है। अब तक 284 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों ने अपनी यात्रा पूरी कर विभिन्न राज्यों को राहत दी है, जबकि 20 टैंकरों में 392 टन से अधिक तरल चिकित्सा ऑक्सीजन के साथ चार ट्रेनें अभी रास्ते में हैं। दक्षिणी राज्यों में, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना में 1,000 टन से अधिक ऑक्सीजन गैस पहुंचाई गई है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों ने 24 अप्रैल को अपनी डिलीवरी शुरू की, जिसमें महाराष्ट्र को 126 टन जीवन रक्षक गैस मिली। ट्रेनें 15 राज्यों- उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड और असम तक पहुंचीं। अब तक महाराष्ट्र में 614 टन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3,731 टन, मध्य प्रदेश में 656 टन, दिल्ली में 5,077 टन, हरियाणा में 1,967 टन, राजस्थान में 98 टन, कर्नाटक में 1,653 टन, उत्तराखंड में 320 टन, तमिलनाडु में 1,550 टन, आंध्र प्रदेश में 1,190 टन, पंजाब में 225 टन, केरल में 380 टन, तेलंगाना में 1,312 टन, झारखंड में 38 टन और असम में 160 टन ऑक्सीजन की ढुलाई की जा चुकी है। देश भर में, भारतीय रेलवे पश्चिम में हापा, बड़ौदा, मुंद्रा और पूर्व में राउरकेला, दुर्गापुर, टाटानगर, अंगुल जैसे स्थानों से ऑक्सीजन उठा रहा है और फिर इसे विभिन्न राज्यों में पहुंचा रहा है।
- नयी दिल्ली । केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड-19 के मौजूदा दिशा-निर्देशों को 30 जून तक जारी रखने का बृहस्पतिवार को आदेश देते हुए उनसे कहा कि जिन जिलों में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या अधिक है, वहां पर गहन एवं स्थानीय स्तर पर नियंत्रण के उपाय किए जाएं। एक नए आदेश में, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि नियंत्रण के उपायों को सख्ती से लागू करने से दक्षिण और पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए और उपचाराधीन मामलों में गिरावट आई। भल्ला ने कहा, “"मैं इस बात पर प्रकाश डालना चाहूंगा कि गिरावट की प्रवृत्ति के बावजूद, वर्तमान में उपचाराधीन मामलों की संख्या अब भी बहुत अधिक है। लिहाज़ा यह अहम है कि नियंत्रण के उपायों को सख्ती से लागू रखा जाए।” राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को जारी अपने आदेश में केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि स्थानीय हालात, जरूरत और स्रोतों का आकलन करने के बाद राज्य और केंद्र शासित प्रदेश उचित समय पर चरणबद्ध तरीके से पाबंदियों में किसी तरह की रियायत देने पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मई महीने के लिए 29 अप्रैल को जारी किए गए दिशा-निर्देश 30 जून तक लागू रहेंगे।दिशा-निर्देशों के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि ऑक्सीजन से लैस बिस्तर, आईसीयू बिस्तर, वेंटिलेटर, एम्बुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें और जरूरत पड़ने पर अस्थायी अस्पतालों का निर्माण करें। इसी के साथ पर्याप्त पृथक केंद्रों की व्यवस्था भी रखें। गृह मंत्रालय ने महामारी को देखते हुए जारी ताजा दिशा-निर्देशों में देश में कहीं भी लॉकडाउन लगाने के बारे में कुछ नहीं कहा है। देश में कोरोना वायरस के दैनिक मामलों में कुछ गिरावट और दिल्ली समेत देश के कुछ हिस्सों में बिस्तरों, आईसीयू और ऑक्सीजन की उपलब्धता की स्थिति में सुधार के बीच कोविड-19 प्रबंधन के लिए ताजा दिशा-निर्देश आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि भारत में कोरोना वायरस के कुल मामले 2,73,69,093 हो गए हैं जबकि 3,15,235 लोगों की संक्रमण के मौत हो चुकी है।
- भोपाल। प्रोफेसर सुनील कुमार को मध्यप्रदेश में तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए सरकारी राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) का कुलपति नियुक्त किया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रो. कुमार को पदभार ग्रहण करने की तारीख से चार साल की अवधि के लिए आरजीपीवी का कुलपति नियुक्त किया है।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को चक्रवाती तूफान ‘यास' के व्यापक प्रभावों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की और इस दौरान उन्होंने केंद्र व राज्यों की एजेंसियों से सामान्य जनजीवन जल्द-से-जल्द बहाल करने को कहा। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक इस अवसर पर अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के समक्ष चक्रवाती तूफान से निपटने की तैयारियों के विभिन्न पहलुओं, तूफान से हुए नुकसान के आकलन और संबंधित विषयों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। एक अन्य बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल और ओडिशा के चक्रवात प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और दोनों राज्यों में अलग-अलग समीक्षा बैठकें भी करेंगे। बयान के मुताबिक इस चक्रवात से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के लगभग 106 दलों को तैनात किया गया था। इनमें से 46 दल पश्चिम बंगाल और शेष दल ओडिशा में तैनात किए गए थे। इन दलों ने 1000 से भी अधिक व्यक्तियों की जान बचाई और सड़कों पर गिरे 2500 से भी अधिक पेड़ों व खंभों को हटाया। इस वजह से आवागमन बाधित हो गया था। बयान के मुताबिक रक्षा बलों यथा थल सेना और तटरक्षक बल ने तूफान में विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए लोगों की भी जान बचाई, जबकि नौसेना और वायु सेना अलर्ट पर थीं। बैठक में प्रधानमंत्री ने चक्रवाती तूफान से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने में केंद्र और राज्यों की एजेंसियों द्वारा निभाई गई अत्यंत प्रभावकारी एवं सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही उन्होंने विभिन्न एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि तूफान प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन जल्द से जल्द बहाल हो और इसके साथ ही तूफान से प्रभावित व्यक्तियों के बीच राहत सामग्री का वितरण उचित रूप से हो ।'' बयान में कहा गया कि वैसे तो संबंधित राज्य चक्रवाती तूफान ‘यास' की वजह से हुए नुकसान के आकलन में अभी जुटे हुए हैं लेकिन उपलब्ध प्रारंभिक रिपोर्टों से यही पता चलता है कि सटीक पूर्वानुमान लगाने और तूफान प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से प्रभावकारी ढंग से संवाद करने के साथ-साथ राज्यों एवं केंद्रीय एजेंसियों द्वारा समय पर लोगों की सुरक्षित निकासी करने से जान-माल का कम-से-कम नुकसान सुनिश्चित हो पाया। इसके साथ ही सैलाब या अतिवृष्टि के कारण जो नुकसान हुआ है, उसका आकलन किया जा रहा है। तूफान से प्रभावित अधिकतर क्षेत्रों में बिजली और दूरसंचार सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। इस बैठक में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, विद्युत सचिव, दूरसंचार सचिव एवं आईएमडी के डीजी और अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों ने भाग लिया। चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गयी जबकि इसके कारण ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड में 21 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। चक्रवात के कारण ओडिशा में तीन लोगों और पश्चिम बंगाल में एक व्यक्ति की मौत हो गयी।
- नयी दिल्ली । पश्चिमी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में दूध के बर्तनों में कथित तौर पर शराब बेचने को लेकर 28 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि बुधवार को पूर्वाह्न करीब पौने दस बजे वाहन जांच के दौरान एक नाके पर पुलिस ने एक मोटरसाइकिल चालक को रोका। वाहन पर नंबर प्लेट भी नहीं लगा था और आरोपी के पास दूध रखने वाले प्लास्टिक के चार बर्तन थे। अधिकारी के मुताबिक हालांकि जब उससे नंबर प्लेट के बारे में पूछा गया तो उसने संतोषजनक जवाब नहीं दिया । वाहन की जांच करने प्लास्टिक के बर्तनों में शराब की 40 बोतलें मिलीं। यह ऐसी शराब थी जो सिर्फ हरियाणा में बिक्री के लिए है। आरोपी रोहतक का रहनेवाला है और उसे गिरफ्तार कर मोटरसाइकिल और शराब की बोतलें, दूध के बर्तन जब्त कर लिए गए हैं।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चक्रवाती तूफान ‘‘यास'' से प्रभावित ओडिशा और पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों का दौरा करेंगे और दोनों ही राज्यों में इससे हुए नुकसान की समीक्षा भी करेंगे। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री सबसे पहले ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचेंगे जहां वह एक समीक्षा बैठक करेंगे। इसके बाद वह ओडिशा के बालासोर और भद्रक तथा पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिलों के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। दिल्ली लौटने से पहले प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में एक समीक्षा बैठक करेंगे।चक्रवाती तूफान ‘यास' के बुधवार को देश के पूर्वी तटों से टकराने के बाद भारी बारिश हुई। चक्रवात के दौरान 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गये, खेतों में पानी भर गया। चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गयी जबकि इसके कारण ओडिशा, पश्चिम बंगाल ओर झारखंड में 21 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। चक्रवात के कारण ओडिशा में तीन लोगों और पश्चिम बंगाल में एक व्यक्ति की मौत हो गयी।पश्चिम बंगाल सरकार ने दावा किया है कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण कम से कम एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। ‘ताउते' के बाद एक सप्ताह के भीतर देश के तटों से टकराने वाला ‘यास' दूसरा चक्रवाती तूफान है।
- कानपुर। कानपुर में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। पिता की मौत से आहत बेटे ने भी श्मशान घाट पर दम तोड़ दिया। पिता-पुत्र की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। एक तरफ घाट पर पिता के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रहीं थी। वहीं मृतक के छोटे बेटे ने भी श्मशान घाट पर दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पिता-पुत्र की एक साथ चिताएं जलाकर उनका अंतिम संस्कार किया गया। .मिली जानकारी के अनुसार महाराजपुर थाना क्षेत्र स्थित सरसौल कस्बे में रहने वाले संतोष शुक्ला (75) लंबे अर्से से बीमार चल रहे थे। बुधवार को बीमारी के चलते उनकी मौत हो गई। मृतक संतोष शुक्ला के दो बेटे हंै, राघवेंद्र शुक्ला और धर्मेंद्र शुक्ला। बड़े बेटे राघवेंद्र शुक्ला की शादी हो चुकी है। वहीं धर्मेंद्र शुक्ला (34) की शादी नहीं हुई थी, कस्बे में ही पान की गुमटी में बैठता था। धर्मेंद्र शुक्ला अपने पिता के सबसे करीब था। बीमारी के समय में वहीं उनकी देखभाल करता था।बुधवार को संतोष शुक्ला की मौत हो गई। दोनों बेटे पिता के अंतिम संस्कार के लिए नजफगढ़ श्मशान घाट पहुंचे थे। घाट पर पिता के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रहीं थी। इसी दौरान धर्मेंद्र अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। रिश्तेदार और ग्रामीण धर्मेंद्र को सरसौल के प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। धर्मेंद्र की मौत की खबर घर पहुंची तो, परिवार में कोहराम मच गया।इस घटना के बाद से मृतक के परिवार समेत पूरा गांव शोक में डूब गया। बुधवार शाम घाट पर पिता-पुत्र का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। जिसने भी यह खबर सुनी, हैरान रह गया।
- नयी दिल्ली। भारत में 1970-2019 के 50 सालों के दौरान 117 चक्रवात आये और 40 हजार से अधिक लोगों की जान गयी । अति प्रतिकूल मौसम संबंधी घटनाओं पर एक अध्ययन में यह जानकारी दी गयी है। इस अध्ययन के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की वजह से होने वाली मृत्युदर में पिछले दस सालों में काफी कमी आयी है। अध्ययन के मुताबिक इन 50 वर्षों में देश में अति प्रतिकूल मौसम संबंधी कुल 7,063 घटनाओं में 1, लाख 41 हजार 308 लोगों की जान चली गयी जिनमें से 40 हजार 358 लोगों (यानी 28 फीसद) ने चक्रवात की वजह से और 65 हजार 130 लोगों (46 फीसद से थोड़ा अधिक) ने बाढ़ के कारण अपनी जान गंवायी।यह शोधपत्र इस साल के प्रारंभ में प्रकाशित हुआ जिसे पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन और वैज्ञानिकों कमलजीत राय, एस एस राय, आर के गिरि, ए पी दिमरी ने मिलकर तैयार किया है। कमलजीत राय इस शोधपत्र के मुख्य लेखक हैं। इसी माह के मध्य में पश्चिमी तट ने चक्रवात ताउते का प्रकोप झेला। ताउटे अति भयंकर चक्रवाती तूफान के रूप में गुजरात तट से टकराया और उसने कई राज्यों में तबाही मचायी, और करीब 50 लोगों की जान चली गयी। फिलहाल देश का पूर्वी तट पर अति भयंकर चक्रवात तूफान 'यास' आया। वह ओडि़शा और पश्चिमी बंगाल के समुद्र तटीय क्षेत्रों में तबाही मचाकर देश में आगे चला गया। अध्ययन में कहा गया है कि चक्रवात की वजह से होने वाली मौतों में पिछले दो दशक में बहुत कमी आयी है। हाल के वर्षों में भारतीय मौसम विज्ञान विज्ञान की पूर्वानुमान क्षमता में काफी सुधार देखा गया है। अध्ययन कहता है कि 1971 में सितंबर के आखिर सप्ताह से लेकर नवंबर के पहले सप्ताह तक बंगाल में बंगाल की खाड़ी में महज करीब छह सप्ताह के अंदर चार उष्कटिबंधीय तूफान आये । उनमें सबसे विध्वंसकारी तूफान 30 अक्टूबर, 1971 को तड़के ओडि़शा तट पर आया था और जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ था। करीब 10 हजार लोगों की जान चली गयी थी और दस लाख से अधिक लोग बेघर हो गये थे। अध्ययन के मुताबिक 1977 में 9-20 नवंबर के दौरान बंगाल की खाड़ी में दो उष्णकटिबंधीय तूफान उठे थे । दूसरा तूफान 'चिराला' बड़ा ही भयंकर गंभीर उष्णकटिबंधीय तूफान था, वह तटीय आंध्रप्रदेश से टकराया था। उस दौरान 200 किलोमीटर प्रति घंटे से हवा चली थी और पांच मीटर की ऊंचाई तक समुद्र में लहरें उठ थी। उसी दौरान भी करीब 10 हजार लोगों ने जान गंवायी थी और करीब 2.5 करोड़ डॉलर मूल्य के बुनियादी ढांचों एवं फसलों का नुकसान हुआ था। अकेले 1970-80 के दौरान चक्रवातों की वजह से 20 हजार लोगों की मौत हो गयी।इस शोधपत्र में कहा गया है, विश्लेषण से पता चला कि उष्णकटिबंधीय तूफानों की वजह से मौतों में पहले दशक (2000-09) की तुलना में आखिरी दशक (2010-19) में करीब 88 फीसद गिरावट आयी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि चक्रवात के दौरान मौतों की वजहों में इन सालों में मौसम पूर्वानुमान क्षमता में सुधार के साथ बदलाव आया है।
- आरा। बिहार में भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना अंतर्गत देवरी महाराजगंज गांव के समीप बृहस्पतिवार की सुबह एक वाहन के सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा जाने से वाहन पर सवार चार लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी जबकि दस अन्य यात्री जख्मी हो गए। पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार दुबे ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि जख्मी लोगों में से तीन की चिन्ताजनक हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है जबकि अन्य घायलों का इलाज भोजपुर जिला मुख्यालय आरा स्थित सदर अस्पताल में चल रहा है। इस हादसे में मृत और घायल हुए सभी लोग एक बैंड में काम करते थे जो चरपोखरी थाना अंतर्गत इटौर गांव से एक बारात में शामिल होकर लौट रहे थे।
- महोबा (उप्र)। महोबा जिले के बीजानगर गांव में एक युवक ने बुधवार को धारदार हथियार से अपनी पत्नी की कथित तौर पर हत्या करने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। भाभी को बचाने आई अपनी छोटी बहन को उसने घायल कर दिया।शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) बलराम सिंह ने गुरुवार को बताया कि बुधवार को बीजानगर गांव में आरोपी युवक संतोष रैकवार (35) ने धारदार गड़ासे से वार कर अपनी पत्नी सरस्वती (32) की हत्या कर दी और बाद में उसी हथियार खुद को भी घायल कर लिया। आरोपी की इलाज के दौरान मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि भाभी को बचाने पहुंची अपनी छोटी बहन आरती (17) को भी आरोपी ने गड़ासा मारकर घायल कर दिया। आरती का सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सिंह ने बताया कि गांव के तालाब के पास सिंघाड़े की खेती करने वाला आरोपी संतोष कुछ दिन पहले अपने पिता को भी मारने के लिए दौड़ा था। एसएचओ ने बताया कि आरोपी संतोष और उसकी पत्नी सरस्वती के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं।
- पोर्ट ब्लेयर। अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के कुछ हिस्सों में 30 मई तक भारी बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। मौसम विभाग ने अगली सूचना तक मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।द्वीपसमूह में बृहस्पतिवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को एक या दो स्थानों पर सात से 11 सेंटीमीटर की भारी बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुमान के मुताबिक, बादल गरजने और बिजली चमकने के साथ ही इस दौरान द्वीपसमूह में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- नयी दिल्ली। सरकार ने नए डिजिटल नियमों का पूरी निष्ठा के साथ बचाव करते हुए बुधवार को कहा कि वह निजता के अधिकार का सम्मान करती है और व्हॉट्सएप जैसे संदेश मंचों को नए आईटी नियमों के तहत चिन्हित संदेशों के मूल स्रोत की जानकारी देने को कहना निजता का उल्लंघन नहीं है। इसके साथ ही सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों से नये नियमों को लेकर अनुपालन रिपोर्ट मांगी है।व्हॉट्सएप ने सरकार के नए डिजिटल नियमों को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है जिसके एक दिन बार सरकार की यह प्रतिक्रिया आई है। व्हॉट्सएप का कहना है कि कूट संदेशों तक पहुंच उपलब्ध कराने से निजता का बचाव कवर टूट जायेगा। हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा है कि भारत ने जिन भी उपायों का प्रस्ताव किया है उससे व्हॉट्सएप का सामान्य कामकाज प्रभावित नहीं होगा। साथ ही इससे आम प्रयोगकर्ता पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जारी बयान में कहा गया है कि नये आईटी नियमों के तहत देश की संप्रभुता या सार्वजनिक व्यवस्था तथा देश की सुरक्षा से जुड़े 'बेहद गंभीर अपराध' वाले संदेशों को रोकने या उसकी जांच के लिए ही उनके मूल स्रोत की जानकारी मांगने की जरूरत है। मंत्रालय ने अलग से जारी बयान में सोशल मीडिया कंपनियों मसलन फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हॉट्सएप से नए डिजिटल नियमों के अनुपालन की स्थिति के बारे में तुरंत स्थिति रिपोर्ट देने को कहा। नए नियम बुधवार से प्रभावी हो गये हैं। इन कंपनियों ने मामले को लेकर ई-मेल के जरिये पूछे गए सवालों के जवाब नहीं दिये।
- नयी दिल्ली। एंटीगुआ और बारबुडा से हाल में फरार हुए भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को पड़ोस के डोमिनिका में पकड़ लिया गया। उसके खिलाफ इंटरपोल ने ‘यलो नोटिस' जारी किया था। स्थानीय मीडिया की खबरों में बुधवार को इस बारे में बताया गया। एंटीगुआ और बारबुडा द्वारा इंटरपोल का ‘यलो नोटिस' जारी किये जाने के बाद डोमिनिका में पुलिस ने मंगलवार रात (स्थानीय समयानुसार) चोकसी को पकड़ लिया। खबरों में बताया गया है कि उसे एंटीगुआ और बारबुडा की रॉयल पुलिस फोर्स को सौंपने की कवायद चल रही है। ‘एंटीगुआ न्यूज रूम' के मुताबिक, चोकसी एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता लेने के बाद 2018 से वहां रह रहा है। लापता लोगों की तलाश के लिए इंटरपोल यलो नोटिस जारी करता है।पंजाब नेशनल बैंक से 13,500 करोड़ रुपये की कर्ज जालसाजी मामले में चोकसी वांछित है और उसे आखिरी बार रविवार को एंटीगुआ और बारबुडा में अपनी कार में भोजन करने के लिए जाते हुए देखा गया था। चोकसी की कार मिलने के बाद उसके कर्मचारियों ने लापता होने की सूचना दी। चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने पुष्टि की थी कि चोकसी रविवार से लापता था।एंटीगुआ और बारबुडा की संसद में विपक्ष द्वारा मामला उठाए जाने के बाद कैरेबियाई द्वीपीय देश में चोकसी के लापता होने को लेकर हंगामा मच गया। विपक्ष के सवाल पर प्रधानमंत्री गेस्टन ब्राउन ने कहा था कि उनकी सरकार चोकसी का पता लगाने के लिए भारत सरकार, पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही है। चोकसी और उसके भांजे नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक से कथित तौर पर 13,500 रुपये की जालसाजी की। नीरव मोदी लंदन में जेल में है और अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ मुकदमा लड़ रहा है। चोकसी ने निवेश द्वारा नागरिकता प्राप्त करने के कार्यक्रम का इस्तेमाल करते हुए 2017 में एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ले ली थी और जनवरी 2018 के पहले सप्ताह में भारत से फरार होकर वहां चला गया था। बैंक से जालसाजी का मामला बाद में सामने आया था। चोकसी और नीरव दोनों सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं।
- नयी दिल्ली। भारत अगले कुछ महीने में इजराइल से लंबे समय तक उड़ने वाले चार हेरोन ड्रोन लीज पर लेगा ताकि चीन के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अपनी निगरानी क्षमता को मजबूत कर सके। भारतीय सेना तीन साल के लिए मध्यम ऊंचाई तक उड़ने वाले हेरोन ड्रोन हासिल कर रही है और उनमें से दो अगस्त तक आ जाएंगे। ये ड्रोन करीब 45 घंटे तक 35 हजार फुट की ऊंचाई तक उड़ने में सक्षम हैं। इस वर्ष की शुरुआत में ड्रोन हासिल करने का समझौता हुआ था।हेरोन टीपी ड्रोन स्वचालित टैक्सी टेक-ऑफ एवं लैंडिंग (एटीओएल) और उपग्रह संचार (सैटकॉम) से लैस हैं। ड्रोन में लंबी रेंज वाले निगरानी कैमरे तथा अन्य अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। पूर्वी लद्दाख में पिछले वर्ष मई में भारत और चीन के सैनिकों के बीच तीखी झड़प होने के बाद से भारत 3400 किलोमीटर लंबी एलएसी पर निगरानी क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। भारत अमेरिका से अपनी तीनों सेनाओं के लिए तीन अरब डॉलर में बहुद्देशीय प्रीडेटर ड्रोन भी खरीदने की योजना बना रहा है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को अफसोस जताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे वृक्षारोपण का काम अच्छे से नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जहां तक पेड़-पौधे लगाये जाने का संबंध है, एक भी राजमार्ग सड़क को दुरुस्त नहीं ठहराया जा सकता है। आईआईटी तिरुपति द्वारा डिजिटल तरीके से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मंत्री ने यह भी कहा कि आखिर कोई सड़क निर्माण का विशेषज्ञ, किस प्रकार से पेड़-पौधों का भी विशेषज्ञ हो सकता है? गडकरी ने कहा, ‘‘पांडे महोदय यहां हैं। वह मुझे कोई ऐसा राजमार्ग नहीं दिखा सकते जहां अच्छे से पेड़-पौधे लगे हों। यह पूरी तरह से लापरवाही है।'' हालांकि यह तुरंत पता नहीं चल सका कि मंत्री किस अधिकारी की बात कर रहे थे।गडकरी को स्पष्ट रूप से अपनी बातें रखने के लिये जाना जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘पहले से ही अनुबंध में, वृक्षारोपण का प्रावधान है। मुझे विश्वास है कि एक मंत्री के रूप में जो भी मैंने देखा है, एक भी सड़क ऐसा नहीं है, जहां कहा जाए कि उसके आसपास पेड़-पौधे अच्छे से लगाये गये हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों से हरित राजमार्ग नीति को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे पेड़ लगाने के लिए इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह हरित राजमार्गों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। यह देश की पारिस्थितिकी और पर्यावरण के लिए आवश्यक है।'' मंत्री ने पिछले साल अगस्त में राष्ट्रीय राजमार्गों पर वृक्षारोपण की निगरानी के लिए एक मोबाइल ऐप 'हरित पथ' जारी किया था। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे गडकरी ने कहा कि नौकरशाही व्यवस्था नई प्रणालियों को स्वीकार नहीं करना चाहती है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें विचारों, नवाचार और अनुसंधान की आवश्यकता है।''गडकरी ने कहा कि लोगों को कोलतार आयात करने की अनुमति देकर सरकार सड़क निर्माण की लागत को कम कर सकती है।
- नयी दिल्ली । वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुबोध कुमार जायसवाल ने बुधवार को केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के 31वें निदेशक के तौर पर पदभार संभाल लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सीबीआई निदेशक का पद गत फरवरी से रिक्त था। महाराष्ट्र काडर के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी जायसवाल (58) ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर बेहद सादगी से सीबीआई मुख्यालय की 11वीं मंजिल पर स्थित कार्यालय में अपना पदभार संभाला। एक दिन पहले ही कार्मिक मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया था। जायसवाल का सीबीआई प्रमुख के तौर पर कार्यकाल दो वर्ष का होगा।महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी जायसवाल ने खबरों के मुताबिक पिछले साल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का अनुरोध किया था जब राज्य में सत्तारूढ़ महाराष्ट्र विकास आघाडी सरकार के साथ पुलिस अधिकारियों के तबादलों और तैनाती को लेकर उनके मतभेद उत्पन्न हो गए थे। वह गत जनवरी में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में महानिदेशक के रूप में शामिल हुए थे।सीबीआई प्रमुख के तौर पर उनके सामने जो मामले होंगे उनमें महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख का मामला भी शामिल होगा, जिनके खिलाफ मुंबई के बार और रेस्तरां मालिकों से पुलिस अधिकारियों का उपयोग करके कथित रूप से अवैध धन संग्रह की मांग करने को लेकर जांच की जा रही है। जायसवाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रॉ में अतिरिक्त सचिव, कैबिनेट सचिवालय थे और उन्हें 2018 में महाराष्ट्र में तत्कालीन देवेंद्र फडणवीस सरकार के दौरान मुंबई पुलिस बल का प्रमुख चुना गया था। उन्हें बाद में डीजीपी बना दिया गया था। उन्हें रॉ ने अनिच्छा से छोड़ा था क्योंकि वह एक सक्षम अधिकारी थे जिसने 2008 से 10 साल एजेंसी में बिताए थे। सीबीआई प्रवक्ता आर सी जोशी ने कहा कि जायसवाल को 2009 में विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, 2001 में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए भारतीय पुलिस पदक, आंतरिक सुरक्षा पदक (भारत सरकार), विशेष सेवा पदक (महाराष्ट्र सरकार) और असाधारण सुरक्षा सेवा प्रमाणपत्र प्राप्त हो चुके हैं। धनबाद के सिंदरी के रहने वाले जायसवाल ने अपनी स्कूली शिक्षा झारखंड के डी नोबिली स्कूल की सीएमआरआई शाखा से की, जहां उनके पिता का एक समृद्ध व्यवसाय था। उन्होंने बाद में डीएवी कालेज, चंडीगढ़ से अंग्रेजी (ऑनर्स) और पंजाब विश्वविद्यालय से एमबीए किया।
- नयी दिल्ली। सोशल नेटवर्किंग कंपनी फेसबुक ने बुधवार को कहा कि वह उपयोगकर्तोँ को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर उनके पोस्ट पर लोगों द्वारा किए गए 'लाइक' की संख्या छिपाने की सुविधा देगी। कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह लोगों को उनके अनुभव को नियंत्रित करने की सुविधा देने से जुड़ी उसकी कोशिशों का हिस्सा है। फेसबुक ने कहा, "हमने लाइक्स की संख्या छिपाने जैसे परीक्षण किए ताकि हम यह देख सकें कि क्या यह इंस्टाग्राम पर लोगों के अनुभव को दवाब से मुक्त कर सकता है। हमने लोगों और विशेषज्ञों से यह जाना कि लाइक्स की संख्या न देखना कुछ के लिए फायदेमंद है और कुछ के लिए परेशान करने वाली बात है, खासकर इसलिए क्योंकि लोग लाइक्स की संख्या का इस्तेमाल यह जानने के लिए करते हैं कि क्या प्रचलित हैं या लोकप्रिय है, इसलिए हम यह विकल्प दे रहे हैं।" दोनों सोशल नेटवर्किंग साइट पर अब हर व्यक्ति अपने सार्वजनिक 'लाइक्स' की संख्या छिपा सकता है ताकि वह इस बात का फैसला कर सके कि उसके लिए कौन सा विकल्प सही है। कंपनी ने साथ ही कहा कि वह लोगों को अपने अनुभव नियंत्रित करने के लिए और तरीके तलाश रहा है। इनमें वे नयी विशेषताएं शामिल है जो लोगों को इंस्टाग्राम पर अपने डायरेक्ट मैसेज (डीएम) से आपत्तिजनक सामग्री पर रोक लगाने और फेसबुक के न्यूज फीड में क्या देखें और शेयर करें, इसे नियंत्रित करने के तरीकों की सुविधा देता है। उपयोगकर्ता सेटिंग्स में न्यू पोस्ट्स सेक्शन में जाकर दूसरों के पोस्ट पर लाइक्स की संख्या छिपा सकते हैं। यह नियंत्रण किसी भी उपयोगकर्ता के फीड में सभी पोस्ट पर लागू होता है। वे कोई पोस्ट शेयर करने से पहले लाइक्स की संख्या भी छिपा सकते हैं और लाइव जाने के बाद भी इस सेटिंग को बंद या चालू कर सकते हैं।
- मुंबई। केरल वन विभाग द्वारा बचाये गये एक यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध को महाराष्ट्र की सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला में 700 किलोमीटर दूर देखा गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। पक्षीविज्ञानियों के अनुसार, महाराष्ट्र में इस पक्षी का दिखना दुर्लभ है।सह्याद्रि बाघ अभयारण्य के मुख्य वन संरक्षक क्लेमेंट बेन ने कहा, ‘‘एक यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध को सह्याद्रि टाइगर रिजर्व में देखा गया था। पक्षी को कन्नूर में टैग किया गया था और केरल के वायनाड वन्यजीव अभयारण्य में उसे छोड़ा गया था।'' वन रक्षक संतोष चालके ने पहली बार नौ मई को पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा जिले की पाटन तहसील में पक्षी को देखा था और कुछ तस्वीरें खींची। सतारा जिले के मानद वन्यजीव वार्डन रोहन भाटे ने कुछ गिद्ध अध्ययन समूहों पर तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की, जिससे पता चला कि इसे केरल में टैग किया गया था। भाटे के अनुसार, गिद्धों की यह प्रजाति मुख्य रूप से तिब्बत, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत में हिमालय पर्वतमाला में पाई जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘इसे भोजन की तलाश में लंबी दूरी तय करने के लिए जाना जाता है। आठ से नौ फुट तक फैलने वाले पंखों के साथ इस गिद्ध की ऊंचाई आमतौर पर 125 सेंटीमीटर होती है। इसका वजन लगभग 8-10 किलोग्राम होता है।'
- लंदन । भारतीय अर्थशास्त्री एवं नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में स्पेन के सर्वोच्च पुरस्कार ‘प्रिंसेस ऑफ एस्टुरियस अवार्ड' से नवाजा गया है। प्रिंसेस ऑफ एस्टुरियस फाउंडेशन ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि 87 वर्षीय सेन को 20 देशों के 41 उम्मीदवारों में से इस पुरस्कार के लिए चुना गया। इसने कहा, ‘‘भुखमरी पर उनके अनुसंधान और मानव विकास पर उनके सिद्धांत, लोक कल्याण से जुड़ी अर्थ नीतियों ने अन्याय, असमानता, बीमारी और अज्ञानता से लड़ने में योगदान दिया है।'' पुरस्कार में जोआन मिरो की प्रतिमा और 50,000 यूरो नकद दिए जाते हैं।जूरी ने कोविड-19 की वजह से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पुरस्कार की घोषणा की। सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में ‘प्रिंसेस ऑफ एस्टुरियस अवार्ड' इतिहास, कानून, भाषा, शिक्षण, राजनीति विज्ञान, समाज शास्त्र, दर्शन शास्त्र, भूगोल, अर्थशस्त्र आदि में शोध कार्य के लिए दिया जाता है। सेन को 1998 में अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार मिला था।





.jpg)















.jpg)





.jpg)