- Home
- देश
- बांदा।उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के पैलानी थाना क्षेत्र के पिपरोदर गांव में बुधवार को नहाने गए चार बच्चे यमुना नदी में डूब गए। इनमें से 10 साल के एक बच्चे की मौत हो गयी। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) महेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे, चार बच्चे गांव के नजदीक बह रही यमुना नदी में नहाने गए थे, जहां वह गहरे पानी में डूब गए। उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीण उन्हें निकालकर नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने लवकुश (10) को मृत घोषित कर दिया । उन्होंने बताया कि अस्पताल में अन्य तीन बच्चों का इलाज चल रहा है । उन्होंने बताया कि सभी बच्चे पिपरोदर गांव में शादी समारोह में शामिल होने आए थे। एएसपी ने बताया कि मृत बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर हादसे की जांच शुरू कर दी गयी है।-File photo
- बलिया । कोविड नियंत्रण के समय कार्य में लापरवाही बरतने के ममालो में दो स्वास्थ्यकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है । सूचना विभाग द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद ने मंगलवार की शाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दुबहड़ का निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपस्थिति पंजिका, प्रसव कक्ष, वार्ड, लेबर-रूम, दवा स्टोर, टीका स्टोर का दौरा किया । उपस्थिति पंजिका पर अधिकारियों-कर्मचारियों के हस्ताक्षर तो थे, पर वहां कई कर्मचारी नहीं थे इस बाबत अधीक्षक डॉ शैलेश से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि कुछ कर्मचारी अक्सर सिर्फ हस्ताक्षर करके चले जाते हैं और एक वार्ड ब्वॉय तथा एक सफाईकर्मी द्वारा कार्य में रूचि नहीं लेने की शिकायत पर उन्होंने तत्काल दोनों को निलंबित कर दिया ।
- नयी दिल्ली। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) कोविड-19 के टीकों कोविशील्ड और कोवैक्सीन के प्रभाव का पता लगाने के लिए अगले सप्ताह से सर्वेक्षण शुरू करेगा। इस दौरान, कोविड संक्रमण को गंभीर रूप लेने से रोकने में टीके के प्रभावी होने की जांच की जाएगी।सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) कोविशील्ड टीके का जबकि भारत बायोटेक कोवैक्सीन टीके का उत्पादन कर रही है। इन टीकों की शुरुआत के बाद से पहली बार इस तरह का सर्वेक्षण होगा। आईसीएमआर के राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ तरुण भटनागर के मुताबिक, सर्वेक्षण के दौरान 45 वर्ष से अधिक आयु वाले ऐसे करीब 4,000 लोगों की समीक्षा की जाएगी जोकि दोनों टीकों में से किसी भी टीके की एक या दोनों खुराक ले चुके हों। भटनागर ने कहा, '' शोध के दौरान, हम ऐसे लोगों को लेंगे जोकि कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और अस्पताल में भर्ती हैं तथा उनके टीकाकरण की स्थिति की तुलना उन लोगों के साथ की जाएगी जोकि संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं।'' उन्होंने कहा, '' इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि बीमारी को गंभीर रूप लेने से रोकने में टीकाकरण कितना प्रभावी है?'' वैज्ञानिक ने कहा कि अगले सप्ताह से यह सर्वेक्षण शुरू होने की उम्मीद है।
- फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई दो सड़क हादसों में एक अबोध बालक समेत तीन लोगों की मौत हो गयी । सूचना पर पहुंची इलाका पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि बुधवार को हुयी पहली घटना जनपद के थाना जसराना के क्षेत्र जसराना एटा मार्ग की है, जहां कुतुबपुर गांव के निकट ट्रैक्टर ट्रॉली एवं बाइक की टक्कर में 18 वर्षीय सत्येंद्र एवं 23 वर्षीय रवि कुमार की मौत हो गयी । थाना प्रभारी बीडी पांडे ने बताया कि दोनों युवक विवाह समारोह में आए थे, तभी दुर्घटना का शिकार हो गए। वहीं दूसरी दुर्घटना नगर के थाना रामगढ़ क्षेत्र के पीतमपुर में हुई जब भीखनपुर इलाके में तीन साल का एक बच्चा घर के बाहर खड़ा था और ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आकर उसकी मौत हो गयी । घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दी, उप जिलाधिकारी (सदर) राजेश कुमार वर्मा ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
- वेलिंगटन ।न्यूजीलैंड और दुनिया के लोगों ने बुधवार को ‘सुपर ब्लड मून' का नजारा देखा जो पूर्ण चंद्रग्रहण के साथ सामान्य से अधिक चमकीला होने का मिश्रण था। जब चांद आधा हुआ तो यह श्वेत-श्याम 'कुकी' की तरह नजर आया।लोग इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए पहले से ही उत्सुक थे।पूर्ण चंद्रगहण जहां लगभग 15 मिनट तक रहा, वहीं समूची खगोलीय घटना पांच घंटे तक चली।न्यूजीलैंड में आज मौसम साफ था जिससे लोगों ने आकाश में हुई इस खगोलीय घटना का पूरा लुत्फ उठाया।ऑस्ट्रेलिया में भी मौसम साफ था, लेकिन दक्षिण अफ्रीका में बारिश और बादलों ने चंद्रग्रहण देखने का इंतजार कर रहे लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जापान में भी बादल छाए रहने की वजह से लोग इस घटना को नहीं देख पाए।प्रशांत और पूर्वी एशिया के कुछ हिस्सों में यह घटना आधी रात से पहले दिखाई दी तो वहीं हवाई और उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी हिस्से में यह सुबह के समय दिखाई दिया। अमेरिका के पूर्वी तट क्षेत्र के लोगों को भी निराश होना पड़ा क्योंकि खगोलीय घटना के समय चंद्रमा अस्त और सूर्य का उदय हो रहा था। यूरोप, अफ्रीका और पश्चिम एशिया के लोग भी इस नजारे को नहीं देख पाए।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों से बात की और इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय और आपसी हित के क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की तथा साथ ही हाल ही में संपन्न हुए भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं की बैठक के सकारात्मक नतीजों पर संतुष्टि जताई। फोन पर हुई इस वार्ता के दौरान मोदी ने भारत के कोविड महामारी का मुकाबला करने में फ्रांस द्वारा प्रदान की गई सहायता के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने इस बात पर सहमति जताई की संतुलित और व्यापक मुक्त व्यापार के लिए वार्ता बहाल करने के संबंध में हुई घोषणाएं तथा निवेश समझौता और भारत-ईयू संपर्क समझौता स्वागत योग्य कदम हैं। बयान में कहा गया, ‘‘दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय और आपसी हित के क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की तथा साथ ही हाल ही में संपन्न हुए भारतीय और यूरोपीय संघ के नेताओं की बैठक के सकारात्मक नतीजों पर संतुष्टि जताई।'' दोनों नेताओं ने हाल के वर्षों में भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी में आई गहराई और मजबूती पर संतुष्टि जताई तथा कोविड के बाद की दुनिया में साथ मिलकर काम करते रहने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर राष्ट्रपति मैक्रों को कोविड-19 से स्थिति में सुधार के बाद भारत आने का न्योता दिया। मोदी ने पिछले दिनों यूरोपीय संघ के 27 देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ डिजीटल माध्यम से बैठक की थी।
- नयी दिल्ली। कोविड-19 महामारी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए आईआईटी में इंजीनियरिंग संकाय में प्रवेश के लिए प्रस्तावित संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई (एडवांस्ड) 2021 स्थगित कर दी गई है। जेईई (एडवांस्ड) की आधिकारिक वेबसाइट पर यह जानकारी दी गई है । नोटिस में कहा गया है, ‘‘ कोविड-19 के कारण महामारी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए जेईई (एडवांस्ड) 2021 को स्थगित किया जाता है । यह परीक्षा 3 जुलाई 2021 को निर्धारित थी । '' इसमें कहा गया है कि प्रवेश परीक्षा की संशोधित तिथि की घोषणा उपयुक्त समय पर की जायेगी ।इससे पहले, आठ जनवरी को जारी नोटिस के अनुसार, इंजीनियरिंग संकाय में दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई (एडवांस्ड) 2021 परीक्षा 3 जुलाई को निर्धारित की गई थी। गौरतलब है कि जेईई मेंस में उत्तीर्ण होने वाले छात्र जेईई एडवांस्ड में आवेदन करने के पात्र होते हैं । राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने कोविड-19 के कारण जेईई (मेंस) की अप्रैल और मई सत्र की परीक्षा स्थगित कर दी थी ।
- बेंगलुरु। स्वतंत्रता सेनानी एच एस दोरैस्वामी का बुधवार को यहां एक अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनकी उम्र 103 साल थी। वह 13 मई को कोरोना वायरस संक्रमण से उबरे थे। दोरैस्वामी की दो संतान हैं। उनके करीबी वुडी पी कृष्णा ने बताया , अभी अभी मुझे जयदेव अस्पताल से सूचना मिली कि दोरैस्वामी नहीं रहे। दिल का दौरा पड़ने से वह चल बसे।'' दस अप्रैल सन् 1918 को जन्मे होरोहल्ली श्रीनिवासैया दोरैस्वामी ने भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लिया था और वह 1943 और 1944 के बीच 14 महीने तक जेल में रहे। इन गांधीवादी नेता ने आजादी के बाद तत्कालीन मैसूरू महराज पर अपनी रियासत का विलय करने के वास्ते दबाव डालने के लिए ‘मैसूरू चलो' आंदोलन में भी हिस्सा लिया था। बेंगलुरु के सेंट्रल कॉलेज के छात्र रहे दोरैस्वामी अध्यापन के पेशे में थे और वह ‘पौरावनी' नामक एक अखबार भी निकालते थे। उम्र उनके जज्बे को नहीं डिगा सकी और वह अंत तक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता रहे। उन्होंने कोविड-19 महामारी फैलने से पहले तक कई आंदोलनों में हिस्सा लिया था।
- नयी दिल्ली। सरकार ने एंफोटेरिसिन-बी दवा की 29,250 अतिरिक्त शीशियां राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को आवंटित की हैं। यह जानकारी बुधवार को केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा ने दी। एंफोटेरिसिन-बी दवा का इस्तेमाल म्यूकोरमाइकोसिस के इलाज में किया जाता है जिसे ब्लैक फंगस भी कहा जाता है। इस संक्रमण में नाक, आंखें और मस्तिष्क तक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। गौड़ा ने ट्वीट किया, ‘‘एंफोटेरिसिन-बी दवा की अतिरिक्त 26,250 शीशियां म्यूकोरमाइकोसिस के इलाज के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आज आवंटित की गईं। देश भर में उपचाराधीन मरीजों की संख्या के आधार पर यह आवंटन किया गया है जो 11,717 है।'' सरकार ने इनमें से 7210 शीशियां गुजरात को, 6980 शीशियां महाराष्ट्र को आवंटित की हैं।गुजरात और महाराष्ट्र में वर्तमान में म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण के सर्वाधिक मामले हैं जो क्रमश: 2859 और 2770 हैं। बीमारी से लड़ने में अन्य राज्यों को भी अतिरिक्त शीशियां दी गई हैं जिनमें आंध्रप्रदेश को 1930,, मध्यप्रदेश को 1910, तेलंगाना को 1890, उत्तर प्रदेश को 1780, राजस्थान को 1250, कर्नाटक को 1220, हरियाणा को 1110 शीशियां आवंटित की गई हैं। सरकार ने 24 मई को विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय संस्थानों को एंफोटेरिसिन-बी की 19,420 शीशियां आवंटित की थीं। इससे पहले 21 मई को सरकार ने विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को दवा की 23,680 शीशियां आवंटित की थीं।
- नयी दिल्ली। भारत में कोविड-19 के रोज आने वाले मामले कम हो गए हैं और अब संक्रमण दर 9.42 प्रतिशत है जबकि एक दिन में इस बीमारी से उबरने वाले मरीजों की संख्या लगातार 13वें दिन संक्रमित पाए जाने वाले नए मरीजों से अधिक है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को कोविड-19 के सबसे अधिक 22,17,320 नमूनों की जांच की गई जिससे देश में जांच किए जाने वाले कुल नमूनों की संख्या 33,48,11,496 हो गई है जबकि रोज संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों की संख्या गिरकर 9.42 प्रतिशत हो गई है। मंत्रालय ने बताया कि यह लगातार दूसरा दिन है जब संक्रमण दर 10 प्रतिशत से कम है। साप्ताहिक संक्रमण दर भी गिरकर 11.45 प्रतिशत रह गई है। भारत में एक दिन में 2,95,955 लोग संक्रमण मुक्त हुए जबकि 2,08,921 नए मामले आए। अब तक स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या 2,43,50,816 हो गई है। संक्रमण के रोज नए आने वाले मामले लगातार 10वें दिन तीन लाख से कम हैं।देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 24,95,591 रह गई है। यह संक्रमण के कुल मामलों का 9.19 प्रतिशत है। बुधवार को सुबह सात बजे तक उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, देश में अब तक 20,06,62,456 लोगों को कोविड-19 रोधी टीके लग गए हैं।
- नई दिल्ली। वैज्ञानिकों ने कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम और संक्रमितों के उपचार के लिए दो नई दवाएं विकसित की हैं। ऑस्ट्रेलिया स्थित क्वींसलैंड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च (क्यूआईएमआर) बर्घोफर मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसंधानकर्ताओं ने पेप्टाइड- आधारित दवाएं विकसित की हैं, जिनका फ्रांस स्थित 'इन्फेक्शियस डिजीज मॉडल एंड इनोवेशन थैरेपीजÓ (आईडीएमआईटी) केंद्र में हैम्स्टर (चूहे जैसा जानवर) पर परीक्षण किया जा रहा है।पत्रिका 'नेचर सेल डिस्कवरी में प्रकाशित अध्ययन के शुरुआती परिणाम के अनुसार, इन दवाओं के दुष्प्रभाव कम हैं। अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि इन दवाओं को कमरे के तापमान में रखा जा सकता है, जिसके कारण उनका वितरण आसान है। ये दवाएं सार्स-सीओवी-2 वायरस के बजाय वायरस के कारण मानव कोशिकाओं में पडऩे वाले असर को लक्ष्य बनाती हैं। पहली दवा वायरस के संपर्क में आने से पहले दी जाएगी और टीकों का असर बढ़ाने में मददगार होगी, जबकि दूसरी दवा पहले से संक्रमित मानव कोशिकाओं में वायरस को फैलने से रोकेगी। अनुसंधानकर्ताओं ने वह तरीका पता लगाया, जिससे सार्स-सीओवी-2 कोशिकाओं पर हमला करता है। इस तरीके के बारे में पहले जानकारी नहीं थी। इस खोज के बाद ये दवाएं विकसित की जा सकीं।प्रयोगशाला की जांच में पता चला कि सार्स-सीओवी-2 स्पाइक प्रोटीन मानवीय कोशिकाओं में प्रवेश के लिए एसीई2 रिसेप्टर प्रोटीन का इस्तेमाल करता है और पहली पेप्टाइड आधारित दवा मानवीय कोशिकाओं पर एसीई2 रिसेप्टर प्रोटीन को ढक कर संक्रमण को कम करती हैं। वायरस एसीई2 रिसेप्टर प्रोटीन को ढकने वाले पेप्टाइड को मानवीय कोशिका समझकर उस पर चिपक जाता है और इस तरह संक्रमण को रोकता है। उन्होंने बताया कि यह दवा वायरस को पहचानने की रोग प्रतिरोधी प्रणाली की क्षमता को भी बढ़ाती है।वरिष्ठ अनुसंधानकर्ता और प्रोफेसर सुधा राव ने बताया कि उनकी टीम ने पाया कि कुछ लोगों में रासायनिक टैग होता है जो एसीई2 रिसेप्टर पर ताले की तरह काम करता है। इसके बाद टीम ने दवा विकसित की। अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि ये पहली ऐसी दवाएं हैं, जो संक्रमित होने से बचाती है और साथ ही पहले से संक्रमित हो चुके लोगों के उपचार में मददगार हैं। उन्होंने बताया कि यदि क्लीनिकल परीक्षण सफल रहते हैं, तो पहली दवा टीकों के साथ दी जा सकेगी और दूसरी दवा पहले से संक्रमित मरीज की स्थिति गंभीर होने से रोकने और उपचार में इस्तेमाल की जा सकेगी।
- बालासोर/दीघा/रांची। उत्तर ओडिशा और पड़ोसी पश्चिम बंगाल में 130-145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ समुद्र तटों से टकराने के बाद बुधवार की अपराह्र भीषण चक्रवाती तूफान 'यास' कमजोर पड़ गया। तूफान के कारण इन दो पूर्वी राज्यों में निचले इलाकों में पानी भर गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चक्रवात ओडिशा के भद्रक जिले में धामरा के उत्तर और बहनागा ब्लॉक के निकट बालासोर से 50 किलोमीटर दूर तट पर लगभग सुबह नौ बजे टकराया। उन्होंने बताया कि चक्रवात के पहुंचने की प्रक्रिया अपराह्र एक बजकर 30 मिनट पर पूरी हुई।ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पी के जेना ने बताया कि बालासोर जिले के बहनागा और रेमुना ब्लॉक और भद्रक जिले के धामरा और बासुदेवपुर के कई गांवों में समुद्री पानी घुस गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थानीय लोगों की मदद से गांवों से पानी निकालने के वास्ते कदम उठा रहा है।जेना ने कहा कि मयूरभंज जिले के सिमलिपाल राष्ट्रीय उद्यान में भारी बारिश के कारण बुधबलंग नदी में अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई है। दोपहर में नदी का जलस्तर 27 मीटर के खतरे के स्तर के मुकाबले 21 मीटर पर था। उन्होंने कहा कि मयूरभंज जिला प्रशासन ने नदी के दोनों तरफ स्थित कुछ इलाकों और बारीपदा शहर के कुछ निचली इलाकों को खाली कराना शुरू कर दिया है। जेना ने कहा कि तार कटने के बाद जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और जाजपुर जिले में कुछ जगहों पर बिजली लाइनों की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि इन जिलों में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।उन्होंने बताया कि शाम तक हवा की गति धीमी हो जाएगी और आधी रात तक चक्रवात ओडिशा से झारखंड की ओर बढ़ जायेगा। ओडिशा के संवेदनशील क्षेत्रों से 5.8 लाख लोगों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया गया है और पश्चिम बंगाल में 15 लाख लोगों को शरणस्थलों पर पहुंचाया गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य में चक्रवात से एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों में 10 करोड़ रुपये की राहत सामग्री भेजी गई है।एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि ओडिशा के बालासोर जिले के साथ सीमा साझा करने वाले पूर्वी मिदनापुर के दीघा पूरी तरह से जलमग्न हो गया है और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सेना को बुलाया गया है। रक्षा अधिकारी ने बताया कि सेना ने राज्य प्रशासन की मदद के लिए पश्चिम बंगाल में 17 कॉलम तैनात किये हैं। आपदा मोचन बल(एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राज्य पुलिस लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 24 घंटे काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि कोलकाता के कुछ निचले इलाकों में पानी भरने की खबर है।मौसम कार्यालय ने पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर जिलों में भारी बारिश और झारग्राम, बांकुरा, दक्षिण 24 परगना जिलों में अगले 24 घंटों में बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। कार्यालय ने बताया कि 'यास' के कारण पुरुलिया, नादिया, मुर्शिदाबाद, हावड़ा, हुगली, कोलकाता, उत्तर 24 परगना, दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश होगी। रांची में अधिकारियों ने बताया कि झारखंड में मध्यरात्रि चक्रवात के आने की आशंका को देखते हुए पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है। राज्य के निचले इलाकों को खाली कराया जा रहा है।
- बरेली (उत्तर प्रदेश)। बरेली जिले के बहेड़ी क्षेत्र के धमीपुर गांव में नदी में नहाते वक्त दो सगे भाइयों की डूबकर मौत हो गई। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी । बरेली के अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) मनोज पांडेय ने बुधवार को बताया कि पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र के हरहरपुर हसन गांव निवासी अफसर अली का परिवार बहेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम धमीपुर स्थित एक ईंट भट्टे पर मजदूरी करता है। मंगलवार को उसके बेटे मोहम्मद रजा (आठ) और मोहम्मद अली (छह) खेलने के लिए घर से निकले थे। उन्होंने बताया कि काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजन ने उनकी तलाश की। नदी के किनारे पर दोनों बच्चों के कपड़े मिले जिससे दोनों के नहाते वक्त डूबने की आशंका पैदा हुई। पांडे ने बताया कि आनन-फानन में स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में दूर दूर तक तलाश किया गया मगर कुछ पता नहीं लगा। बुधवार को राजूनग्ला गांव के पास बड़े बेटे रज़ा और जाम अन्तरामपुर गांव के पास छोटे बेटे अली का शव नदी में उतराता पाया गया। उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शव पंचनामा कर परिजनों के सुपुर्द कर दिये हैं।-File photo
- लखीमपुर। खीरी लखीमपुर खीरी जिले में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो बच्चों को कथित तौर पर जहर खिलाने के बाद खुद भी जहर खा लिया। इस घटना में पत्नी और बच्चों की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक विजय ढुल ने बुधवार को बताया कि जिले के ईसानगर थाना क्षेत्र के वीर सिंह पुर गांव में मंगलवार रात आरोपी बुधई ने अपनी पत्नी नन्हीं (30) और दो बेटों कुलदीप (दो) तथा संदीप (एक) को जहर खिलाने के बाद खुद भी खा लिया। उन्होंने बताया कि इस घटना में मां और दोनों बेटों की मौत हो गई जबकिआरोपी बुधई को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बताई जाती है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस घटना के पीछे पति-पत्नी के बीच विवाद को मुख्य कारण बताया जा रहा है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
- बहराइच (उप्र)। दुर्लभ स्वच्छ जलीय जीव कछुओं और कुर्म की देश भर की नदियों और तालाबों में पायी जाने वाली कुल 29 और उत्तर प्रदेश में मौजूद 15 प्रजातियों में से सर्वाधिक 11 प्रजातियां अकेले बहराइच जिले की सरयू नदी में पायी गयी हैं। एक शोध के अनुसार, बहराइच की सरयू नदी का किनारा दुर्लभ कछुओं के संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण है।सरयू नदी में कछुओं की विभिन्न प्रजातियों की पहचान व संरक्षण पर 2008 से वहां काम कर रही स्वैच्छिक संस्था 'टर्टल सर्वाइवल एलायन्स इन्डिया' (टीएसए) की प्रतिनिधि एवं शोधकर्ता अरुणिमा सिंह ने बताया कि भारत में कछुओं की 29 प्रजातियां पायी जाती हैं जिनमें 24 प्रजाति के कछुए (टॉरटॉइज) एवं पांच प्रजाति के कुर्म (टर्टल) हैं। उन्होंने बताया ''ये सभी भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न अनुसूचियों के अन्तर्गत संरक्षित हैं। किन्तु इन कछुओं की प्रजातियों, इनके विचरण के क्षेत्रों तथा प्रकृति में इनके पारिस्थितिक महत्व के बारे में लोग ज्यादा नहीं जानते।'' अरूणिमा ने बताया कि शोध में प्राप्त निष्कर्षों से अब यह माना जा रहा है कि एक ही नदी में इतनी अधिक प्रजातियों के मिलने से सरयू नदी और इससे जुड़ा इलाका कछुओं की उत्पत्ति और संरक्षण के लिए काफी अनुकूल और महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया,'' इसी को लेकर साल 2008 से बहराइच की सरयू नदी में कछुआ संरक्षण प्रोजेक्ट चल रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत हम लोग स्कूली बच्चों, मछुआरों और नदी के किनारे रहने वाले लोगों को कछुओं के बारे में जागरूक करते हैं।''इस संबंध में बहराइच के प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि वन विभाग के साथ, एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल), पुलिस और स्वैच्छिक संस्थाएं जलीय जीवों की सुरक्षा पर काम कर रही हैं। सिंह ने बताया कि "कछुए जलीय क्षेत्र के गिद्ध समान होते हैं जो नदियों और तालाबों के दूषित पदार्थों व बीमार मछलियों को खाकर जल को प्रदूषण मुक्त एवं स्वच्छ बनाते हैं।
- प्रयागराज। कोरोना महामारी से पैदा हुई परिस्थितियों से कोई सबसे अधिक प्रभावित हुआ है तो वे हैं घर के बड़े बुजुर्ग। ऐसे ही बुजुर्गों की दिलचस्प और प्रेरक कहानियों का संग्रह है कोरोनानामा जिसका विमोचन जल्द ही दादी दादा फाउंडेशन करेगा।कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण पर मंगलवार को यहां आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम में एनजीओ दादी दादा फाउंडेशन के निदेशक मुनि शंकर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित "कोरोनानामा: बुजुर्गों की अनकही दास्तां" में बुजुर्गों की कुल आठ सच्ची कहानियां हैं जो लखनऊ, जयपुर आदि शहरों में बुजुर्गों की कोरोना से जंग पर लिखी गई हैं।उन्होंने बताया कि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए टीकाकरण कार्यक्रम की घोषणा होने के साथ ही उनका फाउंडेशन बुजुर्गों के टीकाकरण के कार्य में जुट गया। दादी दादा फाउंडेशन के कार्यकर्ता टीकाकरण पर जागरूकता कार्यक्रम एक वर्ष तक चलाएंगे। मुनि शंकर ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच टीका आशा की किरण बनकर आई है और हर किसी को टीकाकरण के लिए आगे आना चाहिए। हालांकि शहरों में टीका लगवाने को लेकर लोगों में उत्साह है, जबकि ग्रामीण इलाकों में लोग उदासीन हैं। यह उदासीनता जागरूकता फैलाकर ही दूर की जा सकती है।--
- नई दिल्ली। खेतों में पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण की समस्या का समाधान करने और ताप विद्युत उत्पादन के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए, विद्युत मंत्रालय ने कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों में बायोमास के इस्तेमाल को लेकर एक राष्ट्रीय मिशन स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह देश में ऊर्जा संबंधी बदलाव और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की ओर बढऩे के हमारे लक्ष्यों में और मदद करेगा।"ताप विद्युत संयंत्रों में बायोमास के इस्तेमाल से जुड़े राष्ट्रीय मिशन" के निम्नलिखित उद्देश्य होंगे;-ताप विद्युत संयंत्रों से कार्बन न्यूट्रल बिजली उत्पादन का बड़ा हिस्सा पाने के लिए को-फायरिंग के स्तर को वर्तमान 5 प्रतिशत से बढ़ाकर उच्च स्तर तक ले जाना।-बायोमास पेलेट में सिलिका, क्षार की अधिक मात्रा को संभालने के लिए बॉयलर डिजाइन में आर एंड डी (अनुसंधान एवं विकास) गतिविधि शुरू करना।-बायोमास पेलेट एवं कृषि अवशेषों की आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं को दूर करने और बिजली संयंत्रों तक इसके परिवहन की सुविधा देना।-बायोमास को-फायरिंग में नियामक मुद्दों पर विचार करना।राष्ट्रीय मिशन के संचालन और संरचना के तौर-तरीकों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह परिकल्पना की जा रही है कि मिशन में सचिव (विद्युत) की अध्यक्षता में एक संचालन समिति होगी जिसमें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी), नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) आदि के प्रतिनिधियों सहित सभी हितधारक शामिल होंगे। सीईए सदस्य (ताप) कार्यकारी समिति के अध्यक्ष होंगे। एनटीपीसी प्रस्तावित राष्ट्रीय मिशन में रसद और बुनियादी ढांचा सहायता प्रदान करने में बड़ी भूमिका निभाएगी। मिशन में सीईए, एनटीपीसी, डीवीसी और एनएलसी या अन्य भाग लेने वाले संगठनों के पूर्णकालिक अधिकारी शामिल होंगे। प्रस्तावित राष्ट्रीय मिशन की अवधि न्यूनतम पांच वर्ष होगी। मिशन के तहत निम्नलिखित उप-समूह भी गठित करने का प्रस्ताव है।उप-समूह 1: यह बायोमास के गुणों/विशेषताओं पर शोध करने की जिम्मेदारी संभालेगा।उप-समूह 2: यह चूर्णित कोयले (पीसी) वाले बॉयलरों में कोयले के साथ बायोमास की को-फायरिंग की अधिक मात्रा की खातिर पायलट परियोजना को संभालने के लिए बॉयलर डिजाइन आदि में अनुसंधान सहित तकनीकी विनिर्देश और सुरक्षा पहलुओं को पूरा करेगा।उप-समूह 3: यह मिशन अवधि और संवेदीकरण कार्यक्रम के दौरान आपूर्ति श्रृंखला के मुद्दों को हल करेगा।उप-समूह 4: यह कृषि आधारित बायोमास पैलेट और म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट (एमएसडब्ल्यू) पैलेट के परीक्षण के लिए नामित प्रयोगशालाओं और प्रमाणन निकायों का चयन करेगा।उप-समूह 5: यह कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों में बायोमास को-फायरिंग की नियामक संरचना और अर्थशास्त्र पर गठित किया जाएगा।बायोमास पर प्रस्तावित राष्ट्रीय मिशन राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) में भी योगदान देगा।
-
नई दिल्ली। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुबोध कुमार जायसवाल को मंगलवार को दो साल के लिए सीबीआई प्रमुख नियुक्त किया गया है। कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश में यह जानकारी दी गई है। महाराष्ट्र कैडर के 1985 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी जायसवाल फिलहाल केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत तीन सदस्यीय चयन समिति ने सोमवार को उनके नाम को इस पद के लिये मंजूरी दी। मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि जायसवाल को दो साल के लिये केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का निदेशक नियुक्त किया गया है। वह महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक भी रह चुके हैं।
- नयी दिल्ली। दिल्ली में इस साल मई के महीने में 144.8 मिली मीटर बारिश हुई है, जो बीते 13 साल में सर्वाधिक है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग के स्थानीय अनुमान केन्द्र ने मंगलवार को कहा, अगले चार-पांच दिन में बारिश होने का अनुमान नहीं है। लिहाजा, इस साल 2008 के बाद मई में सबसे अधिक बारिश हुई है।'' दिल्ली के मौसम संबंधी आंकड़े जारी करने वाली सफदरजंग वेधशाला के मुताबिक पिछले साल मई में 21.1 मिली मीटर, 2019 में 26.9 मिली मीटर और 2018 में 24.2 मिली मीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार साल 2017 में 40.5 मि.मी, 2016 में 24.3 मि.मी, 2015 में 3.1 मि.मी और 2014 में 100.2 मि.मी बारिश दर्ज की गई। वेधशाला ने कहा कि इस साल मई में 2014 के बाद सबसे अधिक नौ दिन बारिश हुई। 2014 में दस दिन बारिश हुई थी। पिछले साल सात दिन और 2018 में पांच दिन बारिश हुई। दिल्ली में पिछले सप्ताह बुधवार सुबह 8:30 बजे से बृहस्पितवार सुबह 8:30 बजे के बीच ताउते चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते 119.3 मि.मी बारिश हुई, जिसने मई महीने के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये। मौसम विभाग के अनुसार पिछला रिकॉर्ड 24 मई 1976 को बना था, जब 60 मि.मी बारिश हुई थी।विभाग के अनुसार पहले पश्चिमी विक्षोभ और फिर ताउते चक्रवात के चलते ''रिकॉर्ड'' बारिश दर्ज की गई।इस साल 31 मई तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने का अनुमान है , लिहाज 2014 के बाद पहली बार ऐसा होने की उम्मीद है कि सफदरजंग वेधशाला मानसून-पूर्व 'लू' रिकॉर्ड न कर पाए। पालम वेधशाला में भी अभी तक 'लू' रिकॉर्ड नही की गई है। मैदानी इलाकों में 'लू' तब घोषित की जाती है जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक और सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होता है। ''गंभीर'' लू की घोषणा तब की जाती है जब अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होता है। दिल्ली में इस साल मई में औसत अधिकतम तापमान 37.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो 30 साल के औसत तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले कम है। मंगलवार तक औसत न्यूनतम तापमान 22.93 डिग्री सेल्सियस रहा। मई में लंबे समय से औसत न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा है।
- मुंबई । महाराष्ट्र सरकार ने अधिक संक्रमण दर वाले 18 जिलों में कोविड-19 मरीजों के गृह पृथक-वास में रहने पर रोक लगाने का फैसला किया है। इन क्षेत्रों के मरीजों को कोविड देखाभल केंद्र में भर्ती किया जाएगा। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने मंगलवार को यह जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के कुल 36 जिलों में सतारा, सिंधदुर्ग, रत्नागिरी, उस्मानाबाद, बीड, रायगढ़, पुणे, हिंगोली, अकोला, अमरावती, कोल्हापुर, ठाणे, सांगली, गढ़चिरौली, वर्धा, नासिक, अहमदनगर और लातूर में औसत संक्रमण दर अधिक है। आमतौर पर बिना लक्ष्ण वाले और हल्के कोरोना वायरस संक्रमण वाले मरीजों को घर में ही पृथक-वास में रहने की सलाह दी जाती है। टोपे ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य में फिलहाल कोविड-19 के 3,27,000 मरीज उपचाराधीन हैं और स्वस्थ होने की दर 93 फीसदी है जबकि मृत्यु दर 1.5 फीसदी है। हालांकि, 18 जिलों में संक्रमण की दर राज्य के औसत से अधिक करीब 12 फीसदी है। मंत्री ने कहा, '' राज्य सरकार ने इन 18 जिलों में गृह पृथक-वास पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारियों को कोविड देखभाल केंद्रों की संख्या बढ़ाने और सभी मरीजों को वहां भर्ती कराने को कहा गया है।'' कोविड-19 टीके की खरीद के लिए राज्य द्वारा जारी वैश्विक निविदा के बारे में टोपे ने कहा, '' किसी भी टीका निर्माता से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। हमने स्पूतनिक-वी टीके के लिए रूसी निर्माता कंपनी को ई-मेल भेजे हैं लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। केंद्र को राज्यों की तरफ से निविदा जारी करनी चाहिए।'
- नयी दिल्ली। आईआईटी समेत देश के शीर्ष उच्च शिक्षण संस्थानों का मानना है कि छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को जल्द से जल्द कोविड-19 से बचाव के लिए टीका लगाने से परिसरों में उनकी सुरक्षित वापसी का रास्ता सुनिश्चित हो सकता है। अधिकतर उच्च शिक्षण संस्थान कोविड-19 महामारी के कारण मिले-जुले तरीके से शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, वहीं कुछ आईआईटी संस्थानों में इस समय परिसर में सीमित संख्या में छात्र रह रहे हैं। आईआईटी गुवाहाटी के निदेशक टी जी सीताराम ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस की रोकथाम के लिहाज से सभी के लिए टीकाकरण अत्यधिक जरूरी और कारगर लगता है। आईआईटी गुवाहाटी में हम मानते हैं कि हमारे छात्रों, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों को टीका लगाया जाए ताकि मामले घटने के साथ परिसरों को सुगमता से पुन: खोला जाए और छात्र परिसर में सुरक्षित वापसी कर निर्बाध प्रशिक्षण प्राप्त करें।'' आईआईटी मद्रास के निदेशक भास्कर राममूर्ति ने भी इसी तरह की राय रखी और कहा, ‘‘अगर आवासीय परिसरों में रहने वाले छात्रों को टीका लगाया जाता है तो परिसर में छात्रावासों के फिर से खुलने और कक्षाओं के शुरू होने से संभावित जोखिम कम हो जाएगा।'' सूत्रों के अनुसार, कुछ आईआईटी के निदेशकों ने पिछले सप्ताह केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल के साथ बैठक में अनुरोध किया था कि छात्रों की परिसरों में सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए उनका तेजी से टीकाकरण किया जाए। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर), भोपाल के निदेशक शिव उमापति ने कहा, ‘‘आवासीय परिसर होने के नाते संस्थान उन छात्रों की वापसी का पक्षधर है जिन्होंने कम से कम टीके की पहली खुराक लगवा ली है। इस संबंध में संस्थान सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करेगा और टीकों की जरूरत के हिसाब से उपलब्धता के लिए सरकार के सहयोग की सराहना करेगा।'
- नयी दिल्ली । देश में अब तक कोविड-19 टीके की 20 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि देशभर में टीकाकरण अभियान का तीसरा चरण शुरू होने के बाद से अब तक 18-44 आयुवर्ग के कुल 1,28,74,546 लाभार्थियों को कोविड-19 टीका लगाया जा चुका है। इस आयुवर्ग के 9,42,796 लाभार्थियों को मंगलवार को कोविड-19 टीके की पहली खुराक दी गई। मंत्रालय ने कहा कि बिहार, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 18 से 44 आयु वर्ग के 10 लाख से अधिक लाभार्थियों को टीके की पहली खुराक दी गई। मंत्रालय के अनुसार देश में अब तक टीके की कुल 20,04,94,991 खुराक दी जा चुकी हैं।मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 97,94,835 स्वास्थ्यकर्मी टीके की पहली खुराक जबकि 67,28,443 स्वास्थ्यकर्मी दूसरी खुराक भी ले चुके हैं। इसी तरह, अग्रिम मोर्चे पर तैनात 1,51,62,077 लाभार्थियों को पहली खुराक जबकि 83,77,270 दूसरी खुराक दी जा चुकी है। मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा 45 से 60 साल की आयु के 6,20,47,952 को पहली जबकि 1,00,24,157 लोगों को दूसरी खुराक दी जा चुकी है। वहीं 60 साल से अधिक आयु के 5,71,19,900 लाभार्थी पहली जबकि 1,83,65,811 लाभार्थी दूसरी खुराक ले चुके हैं।-file photo
- नयी दिल्ली । केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि सरकार नौ देशों में स्थित अपने उच्चायोगों/दूतावासों में ‘वन स्टॉप सेंटर' खोलेगी। ‘वन स्टॉप सेंटर' का मकसद महिला विरोधी हिंसा से निपटना है। अधिकारी ने बताया, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और सिंगापुर में एक-एक ‘वन स्टॉप सेंटर' खेले जाएंगे। सऊदी अरब में ऐसे दो ‘वन स्टॉप सेंटर' खोले जाएंगे।'' इस अधिकारी के अनुसार, पूरे भारत में 300 ‘वन स्टॉप सेंटर' खोले जाएंगे।उन्होंने बताया कि विदेश में खोले जा रहे वन स्टॉप सेंटर को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और विदेश मंत्रालय की ओर से सहयोग दिया जाएगा।
- इंदौर (मध्यप्रदेश)। ब्लैक फंगस के मामलों में वृद्धि के बीच यहां हफ्ते भर में इस संक्रमण से पीडि़त चार मरीजों की जान बचाने के लिए सर्जनों को उनके ऊपरी जबड़े का आधा हिस्सा काट कर निकालना पड़ा है। शासकीय स्वशासी दंत चिकित्सा महाविद्यालय के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।महाविद्यालय के सहायक प्रोफेसर और मुख व चेहरे के सर्जन अमित रावत ने बताया, "हमारे महाविद्यालय के सर्जनों की टीम पिछले एक हफ्ते के दौरान ब्लैक फंगस के 50 मरीजों का ऑपरेशन कर चुकी है। संक्रमण की रोकथाम के लिए हमें इनमें से चार लोगों के ऊपरी जबड़े का आधा हिस्सा सर्जरी के जरिये काटकर निकालना पड़ा है।" रावत ने बताया, "अगर हम मरीज के मुख के भीतर ब्लैक फंगस के संक्रमण को उचित इलाज के जरिये समय रहते रोक देते हैं, तो यह उसकी आंख और मस्तिष्क तक नहीं पहुंच पाता जिससे उसकी आंख और जान, दोनों बच जाती है।" अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थानीय अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 350 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं और इनमें इंदौर के अलावा राज्य के अन्य जिलों के मरीज भी शामिल हैं। ब्लैक फंगस का संक्रमण कोविड-19 से उबर रहे और स्वस्थ हो चुके लोगों में से कुछेक में मिल रहा है।-File photo
- शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में शराब के नशे में धुत एक व्यक्ति ने 10 वर्षीय बेटे की मंगलवार को कथित रूप से पीट-पीट कर हत्या कर दी। यह घटना शिवपुरी शहर के देहात पुलिस थाना इलाके के महल सराय में हुई। देहात पुलिस थाना प्रभारी सुनील खेमरिया ने बताया कि महल सराय में निवास करने वाला आरोपी शौकीन आदिवासी शराब के नशे में धुत्त होकर आज सुबह करीब पांच बजे अपनी पत्नी से झगड़ रहा था। उन्होंने बताया कि झगड़े की आवाज सुनकर घर में सो रहे 10 वर्षीय बेटे राजीव की नींद खुल गई और उसने माता-पिता को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इस बीच बचाव में आरोपी पिता शौकीन ने अपने बेटे राजीव को पीटा और जोर का धक्का मार दिया, जिससे उसका सिर दीवार में जा लगा और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। खेमरिया ने बताया कि पड़ोसियों ने इस मामले की सूचना देहात थाना पुलिस को दी। उन्होंने कहा कि घटना के बाद आरोपी शौकीन आदिवासी मौके से फरार हो गया। खेमरिया ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरु कर दी है।












.jpg)














.jpg)