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- नयी दिल्ली। पूर्व नौकरशाहों के एक समूह ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र लिखकर का कहा कि केंद्र सरकार को सभी भारतीय नागरिकों का कोविड-19 रोधी टीकाकरण मुफ्त में करना चाहिए तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आरटी-पीसीआर जांच बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों के निराकरण के बजाय कोविड संकट के प्रभावी प्रबंधन के विमर्श को लेकर अधिक चिंतित है। इस पत्र पर पूर्व कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर, पूर्व स्वास्थ्य सचिव के सुजाता राव, पूर्व विदेश सचिव एवं पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारी शिवशंकर मेनन, प्रधामंत्री के पूर्व सलाहकार टीकेए नायर, पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह और दिल्ली के पूर्व उप राज्यपाल नजीब जंग सहित 116 पूर्व नौकरशाहों ने हस्ताक्षर किए हैं। पत्र में कहा गया, ‘‘ हम जानते हैं कि इस महामारी ने पूरी दुनिया के लिए खतरा पैदा किया है और भारत के नागरिकों भी अछूते नहीं रहेंगे।'' पूर्व नौकरशाहों ने कहा कि आम नागरिक जिस प्रकार चिकित्सा सहायता के लिए क्रंदन कर रहे हैं और मृतकों की संख्या हजारों में पहुंच रही, वहीं इस भारी संकट के बावजूद आपकी सरकार का लापरवाह नजरिया सामने आ रहा है। इसका भारतीयों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर जो प्रभाव पड़ रहा है, ‘‘उसके बारे में सोच सोच कर हमारा दिमाग सुन्न हो रहा है।'' पत्र के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय समुदाय और भारतीय वैज्ञानिकों की चेतावनी के बावजूद पहली और दूसरी लहर के बीच मिले समय का इस्तेमाल अहम संसाधनों जैसे चिकित्सा कर्मी, अस्पतालों में बिस्तर, ऑक्सीजन आपूर्ति, वेंटिलेटर, दवाएं एवं अन्य चिकित्सा आपूर्ति जुटाने में नहीं किया गया। कांस्टीट्यूशनल कंडक्ट ग्रुप (सीसीजी) के बैनर तले जारी पत्र में कहा गया, ‘‘इससे भी अधिक अक्षम्य है कि टीकों का पर्याप्त भंडार जमा करने की पूर्व में योजना नहीं बनाई गई जबकि भारत दुनिया के अहम टीका आपूर्तिकर्ताओं में एक है।
- भोपाल/सागर। मध्य प्रदेश के भोपाल में उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद की 15 दिन की प्री-मैच्योर बेबी (समय से पूर्व जन्मने वाली बच्ची) एवं सागर में 104 साल की महिला ने कोरोना वायरस से जंग जीत ली है। मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने गुरुवार को भोपाल स्थित निजी पीपुल्स अस्पताल पहुंचकर कोरोना से ठीक हुई 15 दिन की इस प्री-मैच्योर बेबी से मिले। यह बच्ची उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद की रहवासी है और आज वह अपने पिता के साथ घर वापस लौटेगी।सारंग ने मीडिया से कहा, ''आज हमारे लिए यह बहुत प्रसन्नता की बात है कि हमारी सरकार से अनुबंधित पीपुल्स मेडिकल कॉलेज से यह बच्ची छुट्टी मिलने के बाद जा रही है जो इलाहाबाद की रहने वाली है। उसकी मां गर्भवती थी और वहां (इलाहाबाद) उसको इलाज नहीं मिला और उसके परिजन उसे यहां लेकर आये। मां की तबीयत ज्यादा खराब थी। उसको बहुत ही सीवियर नमोनिया था। उसका सीटी स्कोर 23 था और कोरोना संक्रमित थी। उसकी मां तो नहीं बच पाई, परंतु यहां के डॉक्टरों ने सर्जरी के माध्यम से बेटी को बचाया।'' उन्होंने बताया, ''दुर्भाग्य से वह बच्ची भी कोरोना संक्रमित थी और पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने मेहनत की और वह बच्ची अब कोरोना वायरस से उबर चुकी है। उसकी रिपोर्ट अब निगेटिव आ गई।'' सारंग ने कहा, ''आज वह (15 दिन की बच्ची) अपने पिता के साथ इलाहाबाद अपने घर जा रही है।''उन्होंने कहा, ''ये हमारी मध्य प्रदेश सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि है कि कोरोना वायरस महामारी की इस भीषण समस्या के बीच प्रदेश के बाहर के लोगों को भी जरूरत पड़ी तो हमने इलाज मुहैया कराया। उसका जीता जागता उदाहरण यह बच्ची है। यह बच्ची स्वस्थ हो गई, यह हमारे लिए बहुत ही खुशी का पल है। मैं उसके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।'' मध्य प्रदेश के सागर के भाग्योदय चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल में बीना निवासी सुंदर बाई जैन (104) महज 10 दिनों में कोरोना से जंग जीत कर स्वस्थ्य हो गई है। आधार कार्ड के अनुसार उसका जन्मदिन 19 मई 1917 है। इस महिला का इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि 10 मई को कोरोना पीडि़ता सुंदर बाई जैन को हमारे अस्पताल में भर्ती कराया गया था और लगभग 10 दिन के इलाज के बाद वह पूर्णता स्वस्थ हो गई। उन्होंने कहा कि सुंदर बाई ने इलाज में सभी को सहयोग दिया। गुरुवार को उनकी अस्पताल से छुट्टी कर दी गई और उनके परिजन उन्हें बीना ले गए हैं। जैन ने बताया कि इस महिला को जब भर्ती कराया गया था, उस समय वह काफी कमजोर लग रहीं थीं, लेकिन उपचार शुरू होने के बाद जल्दी ही उनकी सेहत में सुधार आने लगा, इसकी एक बड़ी वजह मरीज का मानसिक रूप से काफी मजबूत एवं शारीरिक रूप से सक्रिय होना रहा। उन्होंने कहा कि सुंदर बाई को उम्र से जुड़ी समस्याएं के रहते हुए भी जल्दी ठीक होना भी एक काफी सकारात्मक पहलू है।
- पुणे। महाराष्ट्र के पुणे शहर में रहने वाले 16 साल के फोटोग्राफर प्रथमेश जाजू ने चंद्रमा की 50 हजार से अधिक तस्वीरों का इस्तेमाल कर पृथ्वी के एकमात्र उपग्रह की शानदार तस्वीर बनाई है।प्रथमेश देश के सबसे प्राचीन खगोल विज्ञान क्लब ज्योतिर्विद्या परिसंस्थान से जुड़े हुए हैं, जहां पिछले तीन से चार वर्षों के दौरान उन्होंने खगोलफोटोग्राफी के विभिन्न पहलुओं के बारे में सीखा है। कक्षा 10 के छात्र प्रथमेश ने कहा कि कोविड-19 के कारण उनकी बोर्ड परीक्षाएं रद्द होने के बाद लॉकडाउन के दौरान उन्होंने इस योजना को पूरा किया। प्रथमेश ने बताया कि उन्होंने अपनी दूरबीन और कैमरे का इस्तेमाल कर करीब पांच घंटे में चंद्रमा की तस्वीरें खींची और संपादन के विभिन्न साफ्टवेयर का इस्तेमाल कर इस शानदार तस्वीर को बनाया। प्रथमेश ने इतनी अधिक तस्वीरें खींचने के सवाल पर कहा, मैंने चंद्रमा के करीब 38 वीडियो बनाए। प्रत्येक वीडियो से मैंने करीब दो हजार तस्वीरें निकालीं। इनमें से 50 हजार तस्वीरों का उपयोग कर मैंने यह शानदार तस्वीर बनाई जिसमें चंद्रमा के क्रेटरों और विभिन्न रूपों को देखा जा सकता है।
- नयी दिल्ली ।केंद्र ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार जून के अंत तक कोविड-19 संबंधी जांच की दैनिक संख्या को मौजूदा 16-20 लाख से बढ़ाकर 45 लाख तक करना चाहती है। इसने कहा कि पिछले 24 घंटे में देश में रिकॉर्ड 20.55 लाख नमूनों की जांच की गई। जांच क्षमता को बढ़ाने के क्रम में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने घर आधारित एक रैपिड एंटीजन जांच (आरएटी) किट को भी मंजूरी दी है जो माइलैब डिस्कवरी सॉल्यूशंस लिमिटेड, पुणे ने विकसित की है। आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि तीन और कंपनियों द्वारा निर्मित किट भी लाइन में हैं और इन्हें एक सप्ताह के भीतर मंजूरी मिलने की उम्मीद है। भार्गव ने कहा कि घर में ही कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए तैयार की गईं किट तीन-चार दिन में बाजार में उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा जांच क्षमता को मजबूत करने के लिए आईसीएमआर ने 105 से अधिक रैपिड एंटीजन जांच कंपनियों को मान्य किया है और उनमें से 41 को स्वीकृति दे दी है। भार्गव ने कहा, ‘‘हम इस सप्ताह 16-20 लाख जांच कर रहे हैं और हमारे पास महीने के अंत तक 20 लाख जांच करने की क्षमता है और अगले महीने के अंत तक हमारे पास 45 लाख तक की संख्या में जांच करने की क्षमता होगी क्योंकि आईसीएमआर ने 105 से अधिक आरएटी कंपनियों को मान्य किया है और उनमें से 41 को मंजूरी प्रदान की है तथा उनमें से 31 स्वदेशी हैं।'' उन्होंने कहा कि 45 लाख जांच में से 18 लाख आरटी-पीसीआर जांच होंगी तथा 27 लाख रैपिड एंटीजन जांच होंगी। देश में पिछले 24 घंटे में 20.55 लाख से अधिक नमूनों की जांच की गई जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।भार्गव ने कहा कि सभी राज्यों ने ऑर्डर दिया है और वे तेजी से अपनी जांच क्षमता बढ़ा रहे हैं।उन्होंने कहा, ‘‘घर में जांच के लिए आप मेडिकल स्टोर से किट खरीदिए और फिर मोबाइल ऐप डाउनलोड कीजिए, पंजीकरण करिए और नियमावली पढ़िए। फिर खुद अपनी जांच करिए और मोबाइल से फोटो खींचिए तथा अपलोड कीजिए। मोबाइल फोन आपको परिणाम बताएगा।'' भार्गव ने कहा, ‘‘दूसरी लहर में हमें आरएटी जांच बढ़ानी होगी, हमने सभी मुख्य सचिवों को लिखा है और उन्होंने इसपर कार्रवाई की है। नगरों और गांवों में 24 घंटे सातों दिन काम करने वाले अनेक आरएटी बूथ स्थापित किए जाएंगे।'' उन्होंने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा, ‘‘50 प्रतिशत लोग अब भी मास्क नहीं पहनते, और जो लोग मास्क पहनते हैं, उनमें से लगभग 64 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो मास्क पहनकर सिर्फ अपना मुंह ढंकते हैं, लेकिन नाक को नहीं ढकते। 20 प्रतिशत इसे ठुड्डी पर रखते हैं तो दो प्रतिशत इसे गले में डालकर रखते हैं।'' भार्गव ने कहा कि 25 शहरों में दो हजार लोगों को अध्ययन में शामिल किया गया।स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि पिछले 15 दिन से कोविड-19 के उपचाराधीन मामलों में लगातार कमी आ रही है। उन्होंने कहा, ‘‘तीन मई को उपचाराधीन मामले कुल मामलों का 17.13 प्रतिशत थे, जो अब कुल मामलों का 12.1 प्रतिशत हैं। लोगों के ठीक होने की दर में भी सुधार देखने को मिला है। तीन मई को यह 81.7 प्रतिशत थी जो अब 86.7 प्रतिशत हो गई है।'' अधिकारी ने कहा कि भारत में फरवरी के मध्य से कोविड-19 संबंधी जांच की संख्या में साप्ताहिक रूप से लगातार वृद्धि हो रही है और 12 सप्ताह में इसमें औसतन 2.3 गुना की वृद्धि हुई है। अग्रवाल ने कहा कि 10 सप्ताह तक कोरोना वायरस संक्रमण दर में लगातार वृद्धि के बाद, पिछले दो सप्ताह से महामारी के मामलों में कमी की खबरें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि 29 अप्रैल से पांच मई तक ऐसे जिलों की संख्या 210 थी जहां संक्रमण के मामलों में कमी आ रही थी, लेकिन 13 से 19 मई के बीच ऐसे जिलों की संख्या बढ़कर 303 हो गई है। अग्रवाल ने कहा कि देश में बुधवार को संक्रमण दर 13.31 प्रतिशत थी जो एक महीने में सबसे कम है।
- कोलकाता। मशहूर गायक अरिजीत सिंह की मां अदिति सिंह का मस्तिष्काघात के कारण निधन हो गया है। वह 52 वर्ष की थीं और कोलकाता के एक अस्पताल में कोविड-19 का इलाज करा रहीं थीं। अस्पताल के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को इस बात की जानकारी दी।अस्पताल की ओर से जारी एक वक्तव्य के मुताबिक अदिति सिंह की कोविड रिपोर्ट सोमवार को निगेटिव आई थी, लेकिन बुधवार रात करीब 11 बजे उन्हें मस्तिष्काघात हुआ और उनका निधन हो गया। कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था और ईसीएमओ पद्धति पर रखा गया था। सोमवार को उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन मस्तिष्काघात के कारण उनका निधन हो गया।
- नयी दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक युवक ने अपने घर में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक के पिता दिल्ली पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को इस बात की जानकारी दी।पुलिस ने बताया कि 22 वर्षीय संदीप को तत्काल एम्स के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला है कि युवक ने अपने घर में पंखे के जरिए फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक के शव का पोस्टमार्टम हो चुका है और इस मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस ने बताया कि संदीप संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
- नयी दिल्ली ।भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा पार्टी के ‘‘सेवा ही संगठन'' अभियान के तहत शुक्रवार को देश के 824 सामुदायिक केंद्रों पर हेल्प-डेस्क का उद्घाटन करेंगे। भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने यह जानकारी देते हुए बृहस्पतिवार को बताया कि इस अभियान को और मजबूत करने के लिए किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा देश के प्रत्येक जनपद के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोविड-19 हेल्प डेस्क लगाकर जरूरतमंद लोगों की सेवा एवं जन जागृति करने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि नड्डा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव और अन्य राष्ट्रीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में डिजीटल माध्यम से 824 सामुदायिक केंद्रों पर कोविड-19 हेल्प डेस्क का विधिवत उद्घाटन करेंगे। चाहर ने कहा कि हेल्प डेस्क पर किसान मोर्चा के कार्यकर्ता लोगों की सभी प्रकार की आवश्यक मदद करेंगे तथा टीकाकरण अभियान के प्रति ग्रामीण अंचल में जनजागृति के साथ-साथ आरोग्य सेतु एप पर उनका पंजीकरण कराएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों का सफलतापूर्वक टीकाकरण हो सके।
- पुणे। पुणे में रहने वाले 16 साल के फोटोग्राफर प्रथमेश जाजू ने चंद्रमा की 50 हजार से अधिक तस्वीरों का इस्तेमाल कर पृथ्वी के एकमात्र उपग्रह की शानदार तस्वीर बनाई है। प्रथमेश देश के सबसे प्राचीन खगोल विज्ञान क्लब ज्योतिर्विद्या परिसंस्थान से जुड़े हुए हैं, जहां पिछले तीन से चार वर्षों के दौरान उन्होंने खगोलफोटोग्राफी के विभिन्न पहलुओं के बारे में सीखा है। कक्षा 10 के छात्र प्रथमेश ने बताया कि कोविड-19 के कारण उनकी बोर्ड परीक्षाएं रद्द होने के बाद लॉकडाउन के दौरान उन्होंने इस योजना को पूरा किया। प्रथमेश ने बताया कि उन्होंने अपनी दूरबीन और कैमरे का इस्तेमाल कर करीब पांच घंटे में चंद्रमा की तस्वीरें खींची और संपादन के विभिन्न साफ्टवेयर का इस्तेमाल कर इस शानदार तस्वीर को बनाया। प्रथमेश ने इतनी अधिक तस्वीरें खींचने के सवाल पर कहा, ‘‘ मैंने चंद्रमा के करीब 38 वीडियो बनाए। प्रत्येक वीडियो से मैंने करीब दो हजार तस्वीरें निकालीं। इनमें से 50 हजार तस्वीरों का उपयोग कर मैंने यह शानदार तस्वीर बनाई जिसमें चंद्रमा के क्रेटरों और विभिन्न रूपों को देखा जा सकता है।-file photo
- भोपाल/सागर।मध्य प्रदेश के भोपाल में उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद की 15 दिन की प्री-मैच्योर बेबी (समय से पूर्व जन्मने वाली बच्ची) एवं सागर में 104 साल की महिला ने कोरोना वायरस से जंग जीत ली है। मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बृहस्पतिवार को भोपाल स्थित निजी पीपुल्स अस्पताल पहुंचकर कोरोना से ठीक हुई 15 दिन की इस प्री-मैच्योर बेबी से मिले। यह बच्ची उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद की रहवासी है और आज वह अपने पिता के साथ घर वापस लौटेगी। सारंग ने मीडिया से कहा, ‘‘आज हमारे लिए यह बहुत प्रसन्नता की बात है कि हमारी सरकार से अनुबंधित पीपुल्स मेडिकल कॉलेज से यह बच्ची छुट्टी मिलने के बाद जा रही है जो इलाहाबाद की रहने वाली है। उसकी मां गर्भवती थी और वहां (इलाहाबाद) उसको इलाज नहीं मिला और उसके परिजन उसे यहां लेकर आये। मां की तबीयत ज्यादा खराब थी। उसको बहुत ही सीवियर नमोनिया था। उसका सीटी स्कोर 23 था और कोरोना संक्रमित थी। उसकी मां तो नहीं बच पाई, परंतु यहां के डॉक्टरों ने सर्जरी के माध्यम से बेटी को बचाया।'' उन्होंने बताया, ‘‘दुर्भाग्य से वह बच्ची भी कोरोना संक्रमित थी और पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने मेहनत की और वह बच्ची अब कोरोना वायरस से उबर चुकी है। उसकी रिपोर्ट अब निगेटिव आ गई।'' सारंग ने कहा, ‘‘आज वह (15 दिन की बच्ची) अपने पिता के साथ इलाहाबाद अपने घर जा रही है।उन्होंने कहा, ‘‘ये हमारी मध्य प्रदेश सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि है कि कोरोना वायरस महामारी की इस भीषण समस्या के बीच प्रदेश के बाहर के लोगों को भी जरूरत पड़ी तो हमने इलाज मुहैया कराया। उसका जीता जागता उदाहरण यह बच्ची है। यह बच्ची स्वस्थ हो गई, यह हमारे लिए बहुत ही खुशी का पल है। आज वह छुट्टी मिलने के बाद जा रही है। मैं उसके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।'' मध्य प्रदेश के सागर के भाग्योदय चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल में बीना निवासी सुंदर बाई जैन (104) महज 10 दिनों में कोरोना से जंग जीत कर स्वस्थ्य हो गई है। आधार कार्ड के अनुसार उसका जन्मदिन 19 मई 1917 है। इस महिला का इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि 10 मई को कोरोना पीड़िता सुंदर बाई जैन को हमारे अस्पताल में भर्ती कराया गया था और लगभग 10 दिन के इलाज के बाद वह पूर्णता स्वस्थ हो गई। उन्होंने कहा कि सुंदर बाई ने इलाज में सभी को सहयोग दिया। बृहस्पतिवार दोपहर उनकी अस्पताल से छुट्टी कर दी गई और उनके परिजन उन्हें बीना ले गए हैं। जैन ने बताया कि इस महिला को जब भर्ती कराया गया था, उस समय वह काफी कमजोर लग रहीं थीं, लेकिन उपचार शुरू होने के बाद जल्दी ही उनकी सेहत में सुधार आने लगा, इसकी एक बड़ी वजह मरीज का मानसिक रूप से काफी मजबूत एवं शारीरिक रूप से सक्रिय होना रहा। उन्होंने कहा कि सुंदर बाई को उम्र से जुडी समस्याएं के रहते हुए भी जल्दी ठीक होना भी एक काफी सकारात्मक पहलू है। जैन ने कहा कि इस महिला की सक्रियता भर्ती किए जाने के पांच दिन बाद से ही काफी बढ़ गई थी। वह खूब बातचीत भी करने लगीं। पिछले तीन दिनों से वह घर जाने के लिए बेसब्र भी हो रहीं थीं।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात अन्य कर्मियों से संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान कहा गया कि मोदी यह संवाद वीडिया कांफ्रेंस के माध्यम से पूर्वाह्न 11 बजे करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री पंडित राजन मिश्रा कोविड अस्पताल सहित वाराणसी के विभिन्न कोविड अस्पतालों के कार्यों की समीक्षा करेंगे। साथ ही वह जिले के अन्य गैर-कोविड अस्पतालों के कार्यों की भी समीक्षा करेंगे। ज्ञात हो कि पंडित राजन मिश्रा कोविड अस्पताल का निर्माण रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और सेना के संयुक्त प्रयासों से आरंभ किया गया है। बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री इस समीक्षा बैठक के दौरान कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए जारी प्रयासों और भविष्य की तैयारियों पर भी चर्चा करेंगे।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बृहस्पतिवार को आईआईटी, आईआईएससी सहित प्रमुख संस्थानों के निदेशकों के साथ समीक्षा बैठक की और कहा कि सकारात्मक सोच और वर्तमान स्थिति पर सकारात्मक प्रतिक्रिया छात्रों और शिक्षक समुदाय को अनावश्यक चिंता से बचा सकती है। निशंक ने इस बात पर जोर दिया कि संस्थानों के द्वारा किये गए प्रयास समाज में सकारात्मक माहौल बनाने में सहायक होंगे। बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने इन संस्थानों द्वारा ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल प्रयोगशाला पाठ्यक्रम आदि की स्थिति की भी समीक्षा की। केन्द्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि कोविड-19 स्थिति के प्रबंधन के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय करते हुए इन राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बनाए रखने की आवश्यकता है। निशंक ने बैठक में कहा, ‘‘सकारात्मक सोच और वर्तमान स्थिति पर सकारात्मक प्रतिक्रिया छात्रों और शिक्षक समुदाय को अनावश्यक चिंता से बचा सकती है।'' बैठक में शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे, उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे और आईआईटी, आईआईएससी, आईआईएसईआर, एनआईटी, आईआईआईटी के निदेशक भी शामिल हुए । शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि संस्थानों के निदेशकों ने इस बात का उल्लेख किया कि कनेक्टिविटी की समस्या का सामना करने वाले छात्रों हेतु पठन सामग्री बाद के उपयोग के लिए भी उपलब्ध कराई गयी जिसे वे कहीं से भी डाउनलोड कर उसका अध्ययन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थानों के निदेशकों ने जानकारी दी कि उन्होंने मार्च 2020 में शुरुआती लॉकडाउन के बाद से ही ऑनलाइन शिक्षा शुरू कर दी थी। कुछ संस्थानों ने ऑनलाइन शिक्षण और मूल्यांकन के लिए अपना स्वयं का ऐप भी विकसित किया है। बैठक के दौरान इन संस्थानों के परिसर में कोविड मामलों की स्थिति और इन संस्थानों द्वारा उत्पन्न स्थिति से निपटने पर भी चर्चा की गयी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्य चर्चा राष्ट्रीय महत्व के इन संस्थानों द्वारा कोविड की स्थिति से निपटने के लिए किए गए शोध कार्यों पर हुई। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कम लागत वाली आरटी-पीसीआर मशीन, किट, वेंटिलेटर, कोविड-19 की दिशा की भविष्यवाणी करने के लिए गणितीय मॉडलिंग को विकसित करने और उन्हें राज्य के स्वास्थ्य विभागों के द्वारा इस्तेमाल करने के लिये सफलतापूर्वक देने पर संस्थानों की सराहना की।
- कोलकाता। मौसम विज्ञान विभाग ने बृहस्पतिवार को कहा कि 22 मई को बंगाल की खाड़ी के पूर्वी मध्य हिस्से पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनेगा जो चक्रवाती तूफान में बदल सकता है और 26 मई को ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों से टकरा सकता है। इसके बाद अम्फान जैसे एक और तूफान की आशंका गहरा गई है। क्षेत्रीय मौसम निदेशक जीके दास ने बताया कि 25 मई से बंगाल के कई इलाकों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है और कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। वर्षा की तीव्रता खासकर गंगा की पट्टी पर आहिस्ता-आहिस्ता बढ़ सकती है।विभाग ने समंदर के अशांत रहने की चेतावनी दी है। पश्चिम बंगाल के मछुआरों को 23 मई से कुछ दिनों के लिए समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है और जो समंदर में चले गए हैं, उनसे लौटने की गुजारिश की गई है। भारतीय तट रक्षक बल ने कहा कि वह बंगाल की खाड़ी में घटनाक्रम पर करीब से निगाह रख रहा है और उसने निवारक उपाय किए हैं। इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों, जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों के साथ बृहस्पतिवार को उच्च स्तरीय बैठक की और चक्रवात आने की स्थिति में तैयारियों का जायज़ा लिया। पिछले साल मई के तीसरे हफ्ते में बंगाल में अम्फान सुपर चक्रवात आया था, जिसमें 98 लोगों की मौत हो गई थी और काफी नुकसान हुआ था।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के चक्रवाती तूफान ताउते से प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की है। यह पैकेज अति भीषण चक्रवाती तूफान से तबाह हुए इलाकों में पुनर्वास कार्य के लिए दिया गया है।प्रधानमंत्री मोदी ने सभी प्रभावित राज्यों में चक्रवात ताउते के कारण जान गंवाने वालों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की है। घायल हुए लोगों को पचास-पचास हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। एक ट्वीट संदेश में श्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के साथ है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार चक्रवात से प्रभावित सभी राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने कल गुजरात के सौराष्ट्र और दीव के तूफान प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया।
- एटा (उप्र)। जनपद के अलीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम डेरा बंजारे के पास बनी एक दुकान में पटाखों के निर्माण के दौरान हुये विस्फोट में एक युवक की मौत हो गई जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप में घायल हो गया। अलीगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब दस बजे सूचना मिली कि अलीगंज-मैनपुरी मार्ग पर एक पटाखे की फैक्ट्री में अचानक आग लग गयी जिसमें दो युवक बुरी तरह से जल गये है।उन्होंने बताया कि सूचना पर पहुंची पुलिस व दमकल की गाड़ी ने आग व बारूद के विस्फोट पर काबू पाया तब तक 45 वर्षीय राजबहादुर की मौके पर ही मौत चुकी थी तथा 32 वर्षीय वसीम गंभीर रूप से घायल हो गये, जिसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। प्रभारी निरीक्षक कुमार ने बताया कि घायल युवक वसीम के पिता सफीक अंसारी के नाम पटाखा बनाने का लाइसेंस है, लाइसेंस की समयावधि की जांच की जा रही है और अभी इन पटाखों का निर्माण क्यों किया जा रहा था, इसकी भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा है। आग लगने के कारणों की भी जांच की जा रही है। file photo
- नयी दिल्ली। रेल मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि भारतीय रेलवे 727 से ज्यादा टैंकरों के माध्यम से देश भर में लगभग 11800 मीट्रिक टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन (एलएमओ) की आपूर्ति कर चुका है। मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि अभी तक 196 ऑक्सीजन एक्सप्रेस अपना सफर पूरी कर चुकी हैं और विभिन्न राज्यों को राहत पहुंचा चुकी हैं। बुधवार दोपहर तक 43 टैंकरों में 717 मीट्रिक टन से ज्यादा एलएमओ लेकर 11 भरी हुई ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही हैं। बयान में बताया गया है कि बीते कुछ दिन से ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें प्रतिदिन लगभग 800 मीट्रिक टन एलएमओ की आपूर्ति कर रही हैं। मंत्रालय ने कहा, “ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों के जरिए 13 राज्यों उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश को ऑक्सीजन राहत पहुंचाई गई है।” बयान के मुताबिक, अब तक महाराष्ट्र को 521 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश को लगभग 2979 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश को 498 मीट्रिक टन, हरियाणा को 1507 मीट्रिक टन, तेलंगाना को 653 मीट्रिक टन, राजस्थान को 97 मीट्रिक टन, कर्नाटक को 481 मीट्रिक टन, उत्तराखंड को 200 मीट्रिक टन, तमिलनाडु को 440 मीट्रिक टन, आंध्र प्रदेश को 227 मीट्रिक टन, पंजाब को 81 मीट्रिक टन, केरल को 117 मीट्रिक टन और दिल्ली को 3978 मीट्रिक टन से ज्यादा ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा चुकी है।
- धर्मशाला । हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त कर्मी सुनिश्चित करने के लिए आउटसोर्स के आधार पर करीब 3000 कर्मियों की भर्ती की है । कांगड़ा जिले में कोविड-19 की स्थिति पर एक समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को और ऐसी नियुक्तियां करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 से जान गंवाने वालों के अंतिम संस्कार के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है तथा उनके निकट रिश्तेदार को अपने मूल स्थानों पर शव का अंतिम संस्कार कर पाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिस्तर क्षमता वर्तमान 1500 से बढ़ाकर करीब 5000 कर दी है और ऑक्सीजन का कोटा 15 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 30 टन कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र से उसमें 10 मीट्रिक टन की और वृद्धि करने की अपील की है। ठाकुर के अनुसार टांडा जिले में डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज में 20और वेंटीलेटर और शिमला में आईजीएमसी में 25और वेंटीलेटर दिये गये हैं।
- नयी दिल्ली । किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुये केन्द्र ने बुधवार को डीएपी उर्वरक पर सब्सिडी 140 प्रतिशत बढ़ा दी। इस वृद्धि से सरकारी खजाने पर 14,775 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उर्वरक की वैश्विक कीमतों में तेज वृद्धि के बावजूद किसानों को यह पोषक उर्वरक पुरानी कीमत पर ही उपलब्ध हो यह सुनिश्चित करते हुये यह कदम उठाया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला किया गया। यूरिया के बाद, डाई-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) देश में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला उर्वरक है।पीएमओ ने कहा, ‘‘डीएपी उर्वरक की सब्सिडी 500 रुपये प्रति कट्टे से बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति कट्टा करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया। यह सब्सिडी में 140 प्रतिशत बढ़ोतरी को दर्शाता है। ... आज के फैसले के बाद किसानों को डीओपी का बैग 1200 रुपये के दाम पर ही मिलता रहेगा। “ अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीएपी के दाम बढ़ने के बावजूद, इसे 1,200 रुपये प्रति कट्टे के पुराने मूल्य पर ही बेचने का निर्णय लिया गया है। बयान में कहा गया है, ‘‘केंद्र सरकार ने मूल्य वृद्धि का पूरा बोझ उठाने का फैसला किया है। डीएपी पर प्रति कट्टा सब्सिडी राशि में एक मुश्त इतनी वृद्धि कभी नहीं की गई।'' पिछले साल डीएपी की वास्तविक कीमत 1,700 रुपये प्रति बोरी थी, जिस पर केंद्र सरकार 500 रुपये की सब्सिडी दे रही थी। इसलिए कंपनियां किसानों को यह उर्वरक 1,200 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से बेच रही थीं।-file photo
- समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर थाना अंतर्गत आलू मंडी के पास नकाबपोश हथियारबंद बदमाशों ने बुधवार को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक शाखा से करीब आठ लाख रूपये लूट लिए। ताजपुर थानाध्यक्ष शंभूनाथ सिंह के साथ वारदात स्थल पर पहुंचे सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रितिश कुमार ने बताया कि बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है। जल्द ही लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने कहा कि सात अपराधियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने बंदूक का भय दिखाते हुए नकदी काउंटर से करीब 8 लाख रूपये लूटे और हथियार लहराते हुए फरार हो गए ।
- मुंबई । बजरा (बार्ज) पी-305 पर मौजूद लोगों में से कम से कम 26 की मौत हो चुकी है और 49 लोग अब भी लापता हैं। उल्लेखनीय है कि यह बजरा चक्रवात ‘ताउते' के कारण मुंबई के तट से कुछ दूर सागर में फंसने के बाद डूब गया था। नौसेना के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। नौसेना की ओर से बुधवार को बताया गया कि बेहद खराब मौसम से जूझते हुए उसके जवानों ने बजरा पी-305 पर मौजूद 261 लोगों में से अब तक 186 को बचा लिया है, दो लोगों को 'टगबोट' वारप्रदा से बचाया गया है। अभी तक 26 शवों को बरामद किया गया है और बजरा पी-305 पर मौजूद 49 लोग अब भी लापता हैं जो सोमवार को डूब गया था। नौसेना ने अभी तक बताया था कि बजरे पर 273 लोग मौजूद थे लेकिन बुधवार की शाम को एक अधिकारी ने इसका संचालन करने वाली कंपनी के हवाले से बताया कि बजरे पर 261 थे। मुंबई पुलिस जांच करेगी कि चक्रवात ताउते के बारे में चेतावनी जारी करने के बावजूद बजरा पी-305 उस क्षेत्र में क्यों रूका रहा। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। दक्षिण मुंबई में येलो गेट पुलिस ने बजरे पर मौजूद लोगों में से जिनका शव बरामद हुआ है, उस सिलसिले में एक दुर्घटनावश मृत्यु रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की है। नौसेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि दो अन्य बजरों तथा एक ऑयल रिग पर मौजूद सभी लोग सुरक्षित हैं।प्रवक्ता ने बताया, ‘‘मुंबई और गुजरात में तीसरे दिन भी तलाश एवं बचाव अभियान अभी जारी है और लोगों को तट तक सुरक्षित लाने की उम्मीद हमने अब तक नहीं छोड़ी है।'' उन्होंने कहा कि हालांकि लोगों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद समय बीतने के साथ क्षीण पड़ती जा रही है। उल्लेखनीय है कि ये बजरे चक्रवात ताउते के गुजरात तट से टकराने से कुछ घंटे पहले मुंबई के पास अरब सागर में फंस गए थे। इस बीच नौसेना का युद्धपोत आईएनएस कोच्चि पी-305 से बचाए गए 186 लोगों में से 125 को लेकर बुधवार सुबह मुंबई पहुंचा। प्रवक्ता ने बताया कि इनके साथ ही 22 शवों को भी लाया गया। नौसेना के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘‘बुधवार सुबह तक, पी-305 पर मौजूद 186 कर्मियों को बचा लिया गया है। आईएनएस तेग, आईएनएस बेतवा, आईएनएस ब्यास, पी-81 विमान और हेलीकॉप्टरों की मदद से तलाश एवं बचाव अभियान जारी है।'' नौसेना और तटरक्षक बल ने बजरे ‘जीएएल कन्स्ट्रक्टर' में मौजूद 137 लोगों को मंगलवार तक बचा लिया था।अधिकारियों ने बताया कि बजरे एसएस-3 पर मौजूद 196 लोग और ऑयल रिग सागर भूषण पर मौजूद 101 लोग सुरक्षित हैं। ओएनजीसी तथा एससीआई के पोतों के जरिए इन्हें तट तक सुरक्षित लाया जा रहा है। बचाव एवं राहत कार्यों में मदद के लिए क्षेत्र में पोत आईएनएस तलवार भी तैनात है। नौसेना के एक अधिकारी ने बताया कि 707 कर्मियों के साथ तीन बजरे और एक ऑयल रिग सोमवार को समुद्र में फंस गए थे। इनमें 273 लोगों के साथ 'पी305' बजरा, 137 कर्मियों के साथ 'जीएएल कंस्ट्रक्टर' और एसएस-3 बजरा शामिल है, जिसमें 196 कर्मी मौजूद थे। साथ ही 'सागर भूषण' ऑयल रिग भी समुद्र में फंस गया था, जिसमें 101 कर्मी मौजूद थे। नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल मुरलीधर सदाशिव पवार ने कहा कि यह बीते चार दशक में सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण तलाश एवं बचाव अभियान है।
- सतना। जिले में बुधवार को दो अलग-अलग घटनाओं में आकाशीय बिजली गिरने से छह लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये। सतना जिले के पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि मझगव के कैलासपुर गांव में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि बदेरा थाना क्षेत्र में चार लोगों की मौत हुई है और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि घायलों का उपचार नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है।यादव ने बताया कि जिस वक्त बिजली गिरी उस वक्त तेज गरज और चमक के साथ इलाके में मूसलधार बारिश हो रही थी।-file photo
- अहमदाबाद। गुजरात में चक्रवात ताउते की वजह से खड़ी फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने कहा कि मुख्य रूप से गिर सोमनाथ और जूनागढ़ जैसे तटीय इलाकों में उगाए जाने वाले केसर प्रजाति के आम की फसल तथा राज्य के दूसरे इलाकों में नारियल और केले की फसल को भी खासा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि जूनागढ़, गिर सोमनाथ तथा अमरेली और भावनगर के कुछ हिस्सों में नारियल तथा भरूच, तापी, वडोदरा, आणंद और खेड़ा के कुछ इलाकों समेत अन्य जिलों में केले की फसल को नुकसान के साथ ही गर्मियों की अन्य खड़ी फसलों को भी नुकसान हुआ है। किसानों ने कहा कि जूनागढ़, गिर सोमनाथ और वलसाड जिलों में आम के सैकड़ों पेड़ उखड़ गए तथा उनमें लगे लगभग सभी आम चक्रवाती हवाओं की वजह से पेड़ से टूट कर जमीन पर गिर गए। गिर सोमनाथ जिले के तलाला में 75 एकड़ के आम के बगीचे के मालिक किरीट पटेल ने कहा कि आम की केसर प्रजाति के लिये जाने जाने वाले जूनागढ़ व गिर सोमनाथ जिलों में चक्रवात की वजह से काफी नुकसान हुआ है। इन आमों को यहां से न सिर्फ बड़ी संख्या में देश के दूसरे हिस्सों में भेजा जाता था बल्कि विदेशों में भी निर्यात किया जाता था। पटेल भाजपा नेता और तलाला कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा, “केसर आम के करीब 40 प्रतिशत पेड़ उखड़ गए हैं, जो बड़ा नुकसान है क्योंकि फसल के लिये एक पेड़ को तैयार करने में करीब 15 सालों का वक्त लगता है। लगभग सभी आम पेड़ों से टूटकर जमीन पर गिर गए हैं और इन कच्चे आमों से उत्पादकों को कोई खास फायदा नहीं होने वाला।” जूनागढ़ जिले के विसावदर के एक अन्य आम उत्पादक ने बताया, “पेड़ पर एक भी आम नहीं बचा है। कई पेड़ उखड़ गए हैं। हमें उम्मीद है कि सरकार हमें कुछ सहायता उपलब्ध कराएगी।” ये इलाका भी आम की केसर प्रजाति के लिये प्रसिद्ध है। उत्पादकों ने कहा कि आम की केसर और अलफांसो प्रजाति के लिये चर्चित वलसाड जिले में भी फसल को काफी नुकसान हुआ है। केले की खेती करने वालों की हालत भी ज्यादा जुदा नहीं है। तेज हवाओं ने इस फल की पूरी फसल को बर्बाद कर दिया है। राजकोट के उपलेटा में एक किसान ने कहा, “यहां केले के 14000 पौधे थे जिनमें से नौ हजार पूरी तरह से उखड़कर बर्बाद हो गए हैं।” एक अन्य किसान ने कहा कि उसके यहां 21 हजार पौधे थे जिनमें से 10 हजार चक्रवात के कारण पूरी तरह गिर गए। उसका कहना है कि यह चक्रवात ऐसे समय आया जब फसल लगभग तैयार थी। उसने कहा कि पिछले साल भी कोरोना वायरस महामारी की वजह से लगे लॉकडाउन के कारण उन्हें नुकसान हुआ था।किसान नेता और गुजरात खेड़ुत समाज के अध्यक्ष सागर रबारी ने कहा, “राज्य ने पिछले काफी समय में ऐसा चक्रवात नहीं देखा था जिसके कारण फसलों को इतना नुकसान हुआ हो।” मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने मंगलवार को किसानों को आश्वासन दिया था कि सरकार चक्रवात के कारण गर्मियों की फसलों, आम, नारियल और केलों के पौधों को हुए नुकसान के लिये तत्काल सर्वे कराएगी और उसके अनुरूप सहायता प्रदान की जाएगी। ग्रीष्मकालीन फसलों जैसे बाजरा, मूंग, उड़द, तिल तथा सब्जियां मुख्य रूप से सौराष्ट्र क्षेत्र में उगाई जाती हैं जबकि उत्तरी गुजरात के जिलों में बाजरा और मूंगफली उगाई जाती है।
- नयी दिल्ली। सरकार ने दिव्यांग लोगों के पुनर्वास के लिए बुधवार को छह महीने के एक पाठ्यक्रम की शुरुआत की। समुदाय आधारित समावेशी विकास (सीबीआईडी) कार्यक्रम सामुदायिक स्तर पर जमीनी पुनर्वास कार्यकर्ताओं का एक समूह बनाने पर केंद्रित है जो दिव्यांगता से जुड़े मुद्दों से निपटने और दिव्यांग व्यक्तियों के समाज में समावेश के लिए आशा और आंगनवाड़ी कर्मियों के साथ काम कर सकते हैं। पाठ्यक्रम की विषयवस्तु भारत और ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञों की एक समिति ने विकसित की है।दायित्व निभाने में इन कार्यकर्ताओं की क्षमता को मजबूत करने के लिए यह पाठ्यक्रम क्षमता आधारित ज्ञान एवं कौशल के आधार पर तैयार किया गया है। इन कार्यकर्ताओं को ‘‘दिव्यांग मित्र'' के नाम से जाना जाएगा।इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारतीय पुनर्वास परिषद शुरू में पाठ्यक्रम को दो बैच में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के सात राष्ट्रीय संस्थानों और समुदाय आधारित पुनर्वास कार्यक्रमों में अनुभव रखने वाले 7-9 स्वयंसेवी संगठनों में पायलट आधार पर शुरू करना चाहती है। अधिकारी ने कहा कि शुरू में पाठ्यक्रम हिन्दी, अंग्रेजी और सात क्षेत्रीय भाषाओं-गुजराती, मराठी, उडिया, बंगाली, तेलुगु, तमिल और गारो में होगा। 600 विद्यार्थियों के पहले बैच के लिए कक्षाएं अगस्त तक शुरू होने की उम्मीद है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने पाठ्यक्रम की शुरुआत ऑनलाइन की।
- नयी दिल्ली।राष्ट्रीय महिला आयोग के पास पिछले 20 दिनों में गर्भवती महिलाओं की मदद के लिए 648 फोन कॉल आए। लोगों ने वेंटिलेंटर बेड से लेकर प्लाज्मा की जरूरत के लिए फोन किए। गत 29 अप्रैल को महिला आयोग ने ‘हैपी टू हेल्प' अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की मदद के लिए एक हेल्पलाइन की शुरुआत की थी। इस हेल्पलाइन की शुरुआत के बाद से 40 लोगों का एक समूह गर्भवती महिलाओं की मदद के लिए सक्रिय है और अलग अलग जरूरत के मुताबिक लोगों की मदद कर रहा है। महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने बताया कि इस हेल्पलाइन की शुरुआत के बाद से 648 गर्भवती महिलाओं और उनके शिशुओं की मदद के लिए फोन आए तथा इसके बाद उनकी मदद भी की गई । उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बढ़ने के साथ प्लाज्मा की जरूरत बढ़ गई थी।रेखा शर्मा ने कहा, ‘‘इस हेल्पलाइन के शुरुआती दिनों में प्लाज्मा की जरूरत से जुड़े कई फोन कॉल आए। इसके बाद हमने कई ऐसे लोगों को फोन कर जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने का आग्रह किया जो कोरोना संक्रमण से उबरे थे।'' महिला आयोग की अध्यक्ष ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि बेंगलुरू की 29 वर्षीय एक गर्भवती महिला को वेंटिलेटर बेड की जरूरत थी। इस हेल्पलाइन पर फोन कॉल आने के बाद प्रयास किया गया और उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया। महिला आयोग ने फोन पर परामर्श की सुविधा देने के लिए कई चिकित्सकों की सेवा भी ली है।
- नयी दिल्ली । सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने अपने 'कोविड-19 घोषणा' के लिये तैयार साधन का भारत में विस्तार किया है ताकि लोगों तक कोरोना संक्रमण से संबंधित सही जानकारी पहुंच सके। अमेरिका के बाद भारत दूसरा देश है जहां इस फीचर को जारी किया गया है। फेसबुक ने बुधवार को एक बयान में कहा, ‘‘इस फीचर को जारी करने के लिए 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझेदारी की गई है। कोविड-19 घोषणा फीचर स्वास्थ्य विभाग को लोगों तक कोरोना से संबंधित सही जानकारी पहुंचाने और टीकाकरण की सूचना देने में मदद करेगा। राज्य इस फीचर का इस्तेमाल राज्य स्तर या किसी विशेष शहर के लिए भी कर सकेंगे।'' उसने कहा कि यह फीचर कोरोना संकट के दौरान लोगों को सुरक्षित और सूचित करने को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों के काम का समर्थन करने के लिए कंपनी के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है। फेसबुक ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना संक्रमण से संबंधित फेसबुक पर साझा की गई किसी भी जानकारी को अधिक लोगों तक पहुंचाने में हम पूरी मदद करेंगे। हम लोगों को प्रभावित इलाकों और कोविड जानकारी केंद्रों के बारे में सूचित भी करेंगे।'' उसने कहा कि कोविड-19 घोषणा फीचर का इस्तेमाल अस्पताल में बेड उपलब्धता की स्थिति के बारे में पता लगाने और कोरोना से संबंधित दिशा-निर्देशों को लोगों तक पहुंचाने में किया जाएगा। इससे पहले फेसबुक ने कहा था कि वह वैक्सीन की उपलब्धता की जानकारी के लिए अपनी एप में फीचर जोड़ेगा ताकि लोग आसानी से टीका लगवा सकें। फेसबुक ने भारत की मदद करने के लिए एक करोड़ डॉलर की मदद की घोषणा भी की थी।
- नयी दिल्ली । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बुधवार को कहा कि भारत इस साल के अंत तक कोविड-19 रोधी टीके की 267 करोड़ खुराक हासिल कर लेगा और वह इस स्थिति में होगा कि कम से कम देश की पूरी वयस्क आबादी को यह टीका लगा दिया जाए। आधिकारिक बयान के अनुसार टीके की 51 करोड़ खुराक जुलाई तक तथा 216 करोड़ अन्य खुराक अगस्त और दिसंबर के बीच में उपलब्ध होंगी। उन्होंने राज्यों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मियों का पूरी तरह टीकाकरण हो क्योंकि वे संवेदनशील श्रेणी से जुड़े लोग हैं। पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और प्रधान सचिवों/अतिरिक्त मुख्य सचिवों के साथ वार्ता में हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘अगस्त से दिसंबर 2021 के बीच भारत 216 करोड़ खुराक हासिल कर लेगा, जबकि इस साल एक जुलाई तक 51 करोड़ खुराक हासिल कर ली जाएंगी।'' स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के अनुसार हर्षवर्धन ने कहा कि साल के अंत तक देश इस स्थिति में होगा कि कम से कम इसकी वयस्क आबादी का टीकाकरण (कोविड रोधी) हो जाए। बयान में कहा गया कि पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में संक्रमण के दैनिक मामलों में और मौत के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है तथा संक्रमण दर भी बढ़ रही है। हर्षवर्धन ने कहा कि अब छोटे राज्यों में संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है और इस बारे में सतर्क होने की आवश्यकता है। इस दौरान, उन्होंने महामारी की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को भी रेखांकित किया।बयान में उनके हवाले से कहा गया, ‘‘हमने अपनी क्षमता में वृद्धि कर इसे हर रोज 25 लाख लोगों की जांच तक कर लिया है। कल, भारत ने एक दिन में ऐतिहासिक रूप से पहली बार 20 लाख से अधिक लोगों की जांच की। यह एक वैश्विक रिकॉर्ड भी है।'' केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने नगरों के आसपास स्थित क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में जांच केंद्रों को मजबूत करने पर जोर दिया। कोविड रोधी टीकाकरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत 18 करोड़ से अधिक खुराक दिए जाने के साथ ही हाल में एक और उपलब्धि प्राप्त कर चुका है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राज्य सरकारों के पास अब भी टीके की एक करोड़ से अधिक खुराकों का भंडार है। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने दोहराया कि जांच संख्या, खासकर आरटी-पीसीआर में वृद्धि की जानी चाहिए।



























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