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- कोच्चि। केरल में मनोरमा न्यूज के चीफ रिपोर्टर, टेलीविजन पत्रकार विपिन चंद की कोविड-19 संबंधित जटिलताओं से शनिवार देर रात मौत हो गई। उनके परिवार ने यह जानकारी दी।वह 42 वर्ष के थे और उनके परिवार में उनकी पत्नी और बच्चे हैं। वैश्विक महामारी की दूसरी लहर के दौरान भी रिपोर्टिंग में खूब सक्रिय रहे, चंद दो हफ्ते पहले कोरोना वायरस की जांच में संक्रमित पाए गए थे और घर में ही पृथक-वास में थे। बाद में, उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। निमोनिया के बाद जब उनक हालत बिगड़ गई थी तो उन्हें कोच्चि के बेहतर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां देर रात दो बजे उनकी मौत हो गई।एर्नाकुलम जिले के अलंगाड़ के रहने वाले चंद ने 2005 में पत्रकारिता के करियर की शुरुआत की थी। वह 2012 में मातृभूमि न्यूज के साथ जुड़े। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पिनारई विजयन और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला ने चंद के निधन पर शोक प्रकट किया है। खान ने ट्वीट किया, "यह मलयालम पत्रकारिता के लिए बड़ा नुकसान है। शोकसंतप्त परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।"
- इंदौर (मध्य प्रदेश। कोविड-19 से पति की मौत से दुखी एक महिला ने शनिवार देर शाम यहां एक निजी अस्पताल से कथित तौर पर कूदकर आत्महत्या कर ली। तुकोगंज पुलिस थाने के प्रभारी कमलेश शर्मा ने बताया कि नौ मंजिला शैल्बी अस्पताल की पांचवीं या इससे ऊपर की मंजिल से खुशबू जैन (37) ने छलांग लगा दी जिससे उनकी मौत हो गई।थाना प्रभारी कमलेश शर्मा ने बताया कि खुशबू के पति राहुल जैन (43) कोरोना वायरस संक्रमण के चलते इस निजी अस्पताल में 24 अप्रैल से भर्ती थे। उनकी शनिवार को मौत हो गई। उन्होंने कहा, "अपने पति की मौत की जानकारी मिलने पर खुशबू ने सदमे में अस्पताल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।" थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। file photo
- सीतापुर (उत्तर प्रदेश)। सीतापुर जिले में एक पति द्वारा अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद फांसी लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार सीतापुर जिले के मछरेहटा थाना क्षेत्र के कैमा गांव में यह घटना शुक्रवार की रात हुई।सीतापुर के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) एनपी सिंह ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि घटना पति महेंद्र यादव (30) और पत्नी शांति यादव (25) के बीच विवाद के कारण हुई। एएसपी ने बताया कि यह मामला सामने आया कि महेंद्र ने शांति की धारदार हथियार से हत्या कर दी और खुद फांसी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। सिंह ने बताया कि परिवार के सदस्यों के साथ पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है और मामले की तह तक पहुंचने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
- नयी दिल्ली । केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि कोविड-19 के खिलाफ सामूहिक रूप से लड़ाई लड़ी जानी चाहिए क्योंकि जन-भागीदारी के बिना इष्टतम परिणाम प्राप्त नहीं हो सकते। उन्होंने जोर दिया कि सामाजिक चिंता के मुद्दों का समाधान मानवीय और संवेदनशील सोच के साथ किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि उदाहरण के लिए यदि किसी मरीज को उसके लिए जरूरी ऑक्सीजन बिस्तर नहीं मिलता है तो इससे समाज में व्यापक निराशा और अफरातफरी उत्पन्न होगी तथा इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि उसी समय सैकड़ों अन्य मरीज ठीक हुए हैं और ठीक होकर घर जा चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कोविड के खिलाफ लड़ाई सामूहिक रूप से लड़ी जानी चाहिए क्योंकि समुदाय और जनता के प्रतिनिधियों की भागीदारी के बिना इष्टतम परिणाम प्राप्त नहीं किए जा सकते।'' सिंह ने यह बात अपने उधमपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ कोविड प्रबंधन स्थिति की समीक्षा करते हुए कही। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई इस बैठक में उनके लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के छह मुख्य जिलों-उधमपुर, कठुआ, रियासी, रामबन, डोडा और किश्तवाड़ के जिला उपायुक्त, निगम अध्यक्ष, डीडीसी अध्यक्ष, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और संबंधित सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य शामिल हुए।
- नयी दिल्ली । सरोवर होटल्स एंड रिजॉर्ट्स ने गुरुग्राम के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट और बुजुर्गों के लिए काम करने वाली संस्था ईमोहा जैसे कुछ संगठनों के साथ मिलकर हरियाणा के गुरुग्राम में बुजुर्गों के लिए एक 60 बिस्तर का कोविड केयर सेंटर की शुरु करने की घोषणा की है। कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच बुजुर्गों की देखरेख के लिये एक निजी कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। इस पहल में आईएम गुरुग्राम भी शामिल है। इन संस्थाओं की एक साझा विज्ञप्ति के मुताबिक इस पहल के तहत गुरुग्राम में सेक्टर 29 के गोल्डन टयूलिप होटल में बुजुर्गों के लिये 60 बिस्तरों की सुविधा वाला कोविड केयर केंद्र खोला गया है। इन संगठनों ने कंपनी के सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत यह शुरुआत की है।विज्ञप्ति के अनुसार इस देखभाल केंद्र में उन बुजुर्गों को देखभाल की सुविधा मिलेगी, जो खुद की देखभाल करने में अक्षम हैं और जिन्हें इस बीमारी में अलग रहने और लगातार निगरानी की आवश्यकता है। इस केन्द्र में बुजुर्गों को घर जैसी सुविधायें मिलेंगी। वे घर जैसे माहौल में जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन कंन्सट्रेटर, चिकित्सा एवं नर्सिंग सुविधायें और बेहतर निगरानी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इस कोविड केयर सेंटर में कुछ कमरे गरीब मरीजों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध होंगे।
- अहमदाबाद । प्रसिद्ध योग गुरू स्वामी आध्यात्मानंद का कोविड-19 के चलते शनिवार को यहां 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। आध्यात्मानंद अहमदाबाद स्थित शिवानंद आश्रम के प्रमुख थे।आश्रम के न्यासी अरुण ओझा ने कहा, ''स्वामीजी को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद 13 अप्रैल को शहर के एसीवीपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार पूर्वाह्न करीब 11 बजकर 10 मिनट पर अस्पताल में उनका निधन हो गया।'' आश्रम की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि स्वामी आध्यात्मानंद ने दुनियाभर में 814 शिविरों का आयोजन कर योग, प्राणायाम और चिंतन को बढ़ावा दिया। विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने 1999 में न्यू मेक्सिको के चियापास में हुए विश्व शांति सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया और भारत कनाडा सांस्कृतिक एवं विरासत संघ की ओर से उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। मोदी ने ट्वीट किया, ''योग गुरू स्वामी आध्यात्मानंद जी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। उन्होंने अध्यात्म जैसे गहन विषय को सरल शैली में समझाया। मैं स्वामीजी को श्रद्धांजलि देता हूं, जिन्होंने योग सिखाने के अलावा, अहमदाबाद में शिवानंद आश्रम की विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से समाज की सेवा की। ओम शांति!'' शाह ने ट्वीट किया, '' अहमदाबाद के शिवानंद आश्रम के योग गुरु स्वामी आध्यात्मानंदजी महाराज के निधन की खबर से व्यथित हूं। स्वामीजी हमेशा योग, आध्यात्मिक और साथ ही विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से हर समाज के उत्थान के लिए सेवा करते रहे । ईश्वर आदरणीय स्वामीजी की दिव्य आत्मा को 'सद्गति' प्रदान करे।'' रूपाणी ने ट्वीट किया कि स्वामीजी के निधन से आध्यात्म तथा योग जगत को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा कि सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के दायरे में आने वाले जामुन के पेड़ों को उखाड़ा नहीं गया है। साथ ही जोर दिया कि विरासत को दर्शाने वाली लैंप पोस्ट जैसी चीजों को दोबारा लगाया जाएगा। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री सिंह ने कहा कि परियोजना के तहत केवल कुछ ही पेड़ों का प्रत्योरोपण किया जाएगा और दावा किया कि कुल हरियाली क्षेत्र में भी इजाफा होगा। एक दिन पहले ही रपटों में दावा किया गया था कि सेंट्रल विस्टा परियोजना के चलते जामुन के कई पेड़ उखाड़े जा सकते हैं। पुरी ने ट्वीट किया, '' सेंट्रल विस्टा परियोजना को लेकर जारी कार्य के बारे में बेबुनियाद खबरों और फर्जी तस्वीरों पर भरोसा नहीं करें। जामुन का कोई पेड़ नहीं हटाया गया है। पूरी परियोजना के तहत केवल कुछ ही पेड़ों का प्रत्यारोपण किया जाएगा। कुल हरियाली क्षेत्र में भी इजाफा होगा।'' उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में गणतंत्र दिवस परेड की अगवानी के लिए इस परियोजना को समय पर पूरा कर लिया जाएगा। सेंट्रल विस्टा परियोजना में राजपथ और इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक निर्माण गतिविधि प्रस्तावित है। इस परियोजना के तहत एक नए संसद भवन, एक नए आवासीय परिसर के निर्माण की परिकल्पना की गई है जिसमें प्रधानमंत्री और उप-राष्ट्रपति के आवास के साथ-साथ कई नए कार्यालय भवन और मंत्रालय के कार्यालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय का निर्माण किया जाना है।
- नयी दिल्ली । रेलवे ने शनिवार को कहा कि कोविड-19 के सामान्य मरीजों के उपचार के वास्ते उसके पृथक-वास डिब्बों को देश के सात राज्यों के 17 स्टेशनों पर तैनात किया गया है। उसने कहा कि फिलहाल विभिन्न राज्यों को 298 डिब्बे सौंपे गये हैं और उनमें 4700 से अधिक बिस्तर हैं।उसने कहा कि महाराष्ट्र में कुल 60 डिब्बे तैनात किये गये हैं और नंदुरबार में 116 मरीज भर्ती किय गये एवं ठीक होने पर राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने उन्हें छुट्टी दे दी, फिलहाल 23 मरीज उनका उपयोग कर रहे हैं। रेलवे ने यह भी कहा कि उसने 11 कोविड केयर डिब्बे राज्य के इनलैंड कंटेनर डिपो में तैनात किये हैं और उन्हें नागपुर नगर निगम को दिये हैं। वहां नौ मरीज भर्ती किये गये और पृथक वास के बाद उन्हे छुट्टी दे दी गयी। फिलहाल पालघर में 24 डिब्बे प्रदान किये गये और उन्हें उपयोग मे लाया जा रहा है। उसने बताया कि मध्यप्रदेश में 42 ऐसे डिब्बे तैनात किये गये हैं । पश्चिम रेलवे के रतलाम संभाग ने इंदौर के पास तिही स्टेशन पर 22 डिब्बे तैनात किये हैं जिनमें 320 बिस्तर हैं। वहां 21 मरीज भर्ती किये गये और सात को अबतक छुट्टी दी गयी है। भोपाल में 20 ऐसे डिब्बे तैनात किये गये हैं जिनमें 29 मरीज भर्ती किये गये और 11 को बाद में छुट्टी दे दी गयी। रेलवे ने बताया कि उसने असम के गुवाहाटी में 21 और सिलचर के समीप बदरपुर में 20 ऐसे डिब्बे तैनात किये। दिल्ली में उसने 75 ऐसे डिब्बे प्रदान किये जिनमें 1200 बेड हैं।
- नयी दिल्ली। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने शनिवार को बताया कि सेवा के दौरान 229 कर अधिकारियों की कोविड-19 संबंधी जटिलताओं के कारण मौत हो चुकी है। उन्होंने इन अधिकारियों के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि देश हमेशा उनके प्रति आभारी रहेगा।ठाकुर ने कहा कि महामारी के दौरान केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर तथा सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के 110 अधिकारियों और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के 119 अधिकारियों की मौत हुई। उन्होंने कहा, ‘‘आप संकट की इस घड़ी में राष्ट्र की सेवा के लिए अपने जीवन को जोखिम में डाल रहे हैं और राष्ट्र आपकी सेवा के लिए आभारी है। आपकी सेवा की वजह से आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति, जैसे ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य उपकरणों की विभिन्न बंदरगाहों पर तेजी से निकासी हो रही है।'' मंत्री ने कहा, आपकी सेवा के कारण ही सरकारी तंत्र के पहिये कुशलता से चल रहे हैं।''ठाकुर ने कहा कि वित्त मंत्रालय महामारी के दौरान सर्वाधिक प्रभावित होने वाले मंत्रालयों में शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सीबीआईसी के 110 अधिकारियों और सीबीडीटी के 119 अधिकारियों को भी याद करना चाहता हूं, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति हैं।'' साथ ही उन्होंने सभी से कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने और टीका लगवाने की अपील भी की।
- ऋषिकेश । उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के 100 से अधिक चिकित्साकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि कुल 110 डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी का टीकाकरण हो चुका था। थपलियाल ने कहा कि रोजाना कोविड-19 मरीजों के सीधे संपर्क में रहना इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के संक्रमित होने की वजह हो सकती है। इस समर्पित कोविड-19 अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक विजयेश भारद्वाज भी कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं।-file photo
- कोच्चि । भारतीय और इंडोनेशियाई नौसेना ने शनिवार को दक्षिण अरब सागर में ‘पैसेज एक्सरसाइज' (पैसेक्स) किया। नौसेना के दक्षिणी कमान ने यह जानकारी दी। पैसेक्स में नौसेनाएं युद्ध व मानवीय राहत कार्य के दौरान संवाद एवं सहयोग का अभ्यास करती हैं।दक्षिण कमान की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक भारतीय नौसेना की ओर से इस युद्धाभ्यास में आईएनएस शारदा, अपतटीय गश्ती पोत और उसपर मौजूदा चेतक हेलीकॉप्टर ने हिस्सा लिया जबकि इंडोनिशियाई नौसेना का प्रतिनिधित्व केआरआई सुल्तान हसानुदीन और 90एम कॉर्वेट्टे पोत ने लिया। बयान में कहा गया कि युद्धाभ्यास का उद्देश्य पारस्परिक सहयोग में सुधार करना और दोनों मित्रवत नौसेनाओं के बीच समझ को बढ़ाना था और भारतीय नौसेना नियमित रूप से मित्र देशों के साथ ऐसा युद्धाभ्यास करती है। गौरतबलब है कि आखिरी बार भारतीय और इंडोनेशियाई नौसेना के बीच पैसेक्स 13 मार्च को संपन्न हुआ था और उसमें आईएनएस कालपेनी, आईएन डोनियर और केआरआई सुल्तान इश्कंदर मुदा ने हिस्सा लिया था।
- नयी दिल्ली । भारत को अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ), स्विट्जरलैंड, पोलैंड, नीदरलैंड और इजराइल से मदद के रूप में शुक्रवार को 2,060 ऑक्सीजन सांद्रक, 30 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन की खुराक, 467 वेंटिलेटर और तीन ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र प्राप्त हुए। सरकार ने शनिवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया कि भारत को 27 अप्रैल 2021 से ही अलग-अलग देशों से अंतरराष्ट्रीय चंदा और कोविड-19 सहायता, चिकित्सा आपूर्ति और उपकरण प्राप्त हो रहे हैं। मंत्रालय ने बताया, ‘‘27 अप्रैल से सात मई 2021 तक भारत को 6608 ऑक्सीजन सांद्रक, 3856 ऑक्सीजन सिलेंडर, 14 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 4330 वेंटिलेटर/बाई पैप और तीन लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन की खुराक मिली है या यहां के लिए रवाना की गई है।'' विश्व समुदाय की समर्थन के लिए प्रशंसा करते हुए सरकार ने कहा, ‘‘ भारत के प्रति एकजुटता और सद्भावना प्रकट करते हुए विश्व समुदाय ने कोविड-19 के खिलाफ भारत की इस साझी लड़ाई में मदद का हाथ बढ़ाया।'' विज्ञप्ति में बताया गया कि सरकार ने प्रभावी तरीके से उपकरणों को आवंटित करने के लिए व्यवस्था बनाई है जिसकी नियमित निगरानी की जा रही है। मंत्रालय ने बताया कि 100 ऑक्सीजन सांद्रक शनिवार को दिल्ली से असम भेजे गए। जबकि जर्मन सचल ऑक्सीजन उत्पादन प्रणाली जो 93 प्रतिशत शुद्धता के साथ 360 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन करने में सक्षम है, को आज सुबह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अस्पताल में पहुंचाया गया। इस प्रणाली में 420 लीटर ऑक्सीजन के भंडारण की व्यवस्था है। मंत्रालय के मुताबिक नीदरलैंड से प्राप्त वेंटिलेटर दिल्ली से तेलंगाना भेजे गए हैं।
- नई दिल्ली । कोविड -19 संक्रमण उपचार के इंजेक्शन रेमडेसिविर का विपणन करने वाली कंपिनयों को 21 अप्रैल से 16 मई के बीच राज्यों व केन्द्र शासित क्षेत्रों को 53 लाख शीशी यह दवा उपलब्ध कराने को कहा गया है।रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। उसने कहा, कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि आपूर्ति योजना के अनुसार सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करें। मंत्रालय ने कहा कि राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को रेमेडिसविर के आवंटन की शुक्रवार को तय व्यवस्था के तहत भी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 21 अप्रैल से 16 मई की अवधि के लिए उन्हें प्रत्येक कंपनी की ओर से की जाने वाली आपूर्ति का विवरण भेज दिया गया है। इस योजना को विपणन कंपनियों के परामर्श के साथ तैयार किया गया है।केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा ने शुक्रवार को कहा कि रेमेडिसविर की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दवा का आवंटन 16 मई तक किया गया है। केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने कहा कि आपूर्ति योजना के मुताबिक, जायडस कैडिला 21 अप्रैल से 16 मई तक की अवधि के दौरान राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को रेमडेसिविर की कुल 9,82,100 शीशियों की आपूर्ति और हेटेरो 17,17,050 शीशियों की आपूर्ति करेगी। इस अवधि में माइलान को 7,28,000 शीशी और सिप्ला को 7,32,300 शीशियों की आपूर्ति करनी है।बयान में कहा गया है कि इस दौरान राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों को जुबिलेंट 4,45,700 शीशियों की, सिंजेन/ सन 3,73,000 शीशियों की और डॉ रेड्डीज 3,21,850 शीशियों की आपूर्ति करेगी। कोविड -19 संक्रमण बढ़ने से रेमडेसिविर की मांग कई गुना बढ़ गई है।सरकार ने रेमेडेसिविर बनाने में प्रयुक्त किए जाने वाली कई सामग्रियों पर सीमा शुल्क माफ कर दिया है। रेमेडिसविर की बढ़ती मांग के मद्देनजर, 11 अप्रैल को सरकार ने इस इंजेक्शन और इसमें प्रयुक्त औषधीय रसायनों के निर्यात पर पाबंदी लगा चुकी है।
- नयी दिल्ली । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शनिवार को कहा कि देशभर में कोविड-19 के 1,70,841 मरीज वेंटिलेंटर पर हैं जबकि 9,02,291 मरीज ऑक्सीजन सहायता पर हैं। महामारी के हालात पर चर्चा के लिए हुई मंत्री समूह की 25वीं बैठक को ऑनलाइन संबोधित करते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि कोविड-19 के मामलों में से 1.34 फीसदी आईसीयू में भर्ती हैं, 0.39 फीसदी वेंटिलेटर पर हैं जबकि 3.70 फीसदी मरीज ऑक्सीजन सहायता पर हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में कोविड-19 के 4,88,861 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं जबकि 1,70,841 मरीज वेंटिलेंटर पर हैं और 9,02,291 मरीज ऑक्सीजन सहायता पर हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर, नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी, पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्य मंत्री मनसुख मांडविया और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बैठक में हिस्सा लिया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। पॉल ने अधिकार प्राप्त समूह-1 के कार्यों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट पेश की और अस्पताल में भर्ती मरीजों के प्रभावी नैदानिक प्रबंधन के वास्ते अस्पताल के बुनियादी ढांचा विकास के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव गिरिधर अरामाने ने तरल मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन, आवंटन एवं आपूर्ति के वर्तमान परिदृश्य से अवगत कराया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अरामाने के हवाले से बताया कि ऑक्सीजन के घरेलू उत्पादन में प्रतिदिन 9400 मीट्रिक टन से अधिक का इजाफा हुआ है। अरामाने ने ऑक्सीजन के आयात, पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र की स्थापना की स्थिति के अलावा टैंकर की उपलब्धता आदि के बारे में भी जानकारी दी।
- नई दिल्ली। देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की ढुलाई करने वाले सभी टैंकरों और कन्टेनरों का आवागमन टोल-फ्री कर दिया गया है। कोविड महामारी को देखते हुए पूरे देश में चिकित्सा ऑक्सीजन की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। अगले दो महीने या अगले आदेश तक ऑक्सीजन ले जा रहे कंटेनरों को एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों की श्रेणी में रखा जाएगा।भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण-एनएचएआई ने कहा है कि फास्टैग लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर प्रतीक्षा का समय लगभग शून्य हो गया है। इसके अलावा चिकित्?सा ऑक्सीजन के वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्राधिकरण ने इस संबंध में सभी अधिकारियों और पक्षधारकों निर्देश जारी किए हैं।
- छतरपुर। मध्यप्रदेश में छतरपुर के बहुचर्चित मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नीरज पाठक हत्याकांड का खुलासा हो गया है। हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी पत्नी ममता पाठक को गिरफ्तार किया है। आरोपी महाराजा कॉलेज की प्रोफेसर हैं।छतरपुर सिविल लाइन थाना प्रभारी जगतपाल सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने पति को खाने में नींद की गोलियां मिलाकर खिला दी। खाना खाने के बाद वह गहरी नींद में सो गए। इसके बाद एक्सटेंशन बोर्ड ले जाकर करंट लगाकर हत्या कर दी। मौत होने के बाद आरोपी पत्नी ने पति का शव दो दिन तक बेडरूम में ही रखा। 1 मई को पुलिस थाने पहुंचकर पति की मौत की खबर खुद ही पुलिस को दी।थाना प्रभारी जगतपाल सिंह ने बताया कि आरोपी ममता पाठक ने पूछताछ में कहा, कहीं एक वीडियो देखा था जिसमें बताया गया था कि खाने में जहर देने के बाद यदि दो दिन तक शव को रखा रहने दिया जाए तो पोस्टमार्टम में जहर सामने नहीं आता है। इसलिए 29 अप्रैल को डॉ. पाठक की हत्या कर शव को घर में रखा। ताकि नींद की गोलियां खिलाने के साक्ष्य न मिल पाएं।थाना प्रभारी जगतपाल सिंह ने बताया कि लोकनाथ पुरम निवासी डॉ. नीरज पाठक की हत्या के मामले में उनकी ही पत्नी आरोपी ममता पाठक को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पत्नी पर संदेह हुआ था। थाने लाकर पूछताछ की तो आरोपी ने अपना जुर्म कबूल लिया है। वहीं आरोपी के कब्जे से करंट लगाने में उपयोग किया गया एक्सटेंशन बोर्ड और बची हुई नींद की गोलियां बरामद कर ली गई है।डॉक्टर दंपती में 20 साल से चल रहा था विवादपुलिस ने बताया कि डॉक्टर नीरज पाठक और आरोपी ममता पाठक में पिछले 20 साल से विवाद चल रहा था। प्रोफेसर पत्नी को शक था कि उनके डॉक्टर पति के किसी अन्य महिला से संबंध हैं। इसलिए वे रात के समय उसे नींद का इंजेक्शन देकर सुला देते थे। जबकि डॉक्टर का तर्क था कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब रहने से उसे नींद नहीं आती इसलिए इंजेक्शन देकर सुला देता हूं। इसी विवाद के चलते बीते कई सालों में आरोपी ममता पाठक ने संबंधित थाना, छतरपुर एसपी, सागर आईजी, भोपाल में डीजीपी तक से शिकायत करते हुए डॉ नीरज पाठक पर अन्य महिला से संबंध रखने का मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की शिकायत की। लेकिन जांच के दौरान मामला बेबुनियाद पाया गया था।पुलिस ने बताया कि जिला अस्पताल में मेडिसिन विशेषज्ञ के रूप में पदस्थ डॉ नीरज पाठक ने दो साल पहले वीआरएस ले लिया था। इसके बाद घर पर मरीजों को देख रहे थे। डॉ. पाठक ने 28 अप्रैल को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें उन्होंने पत्नी और बेटे पर मोबाइल छीनने का आरोप लगाया था।
- नई दिल्ली। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि देश में एक सौ 80 जिलों में पिछले सात दिन से एक भी व्यक्ति कोरोना से संक्रमित नहीं हुआ। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केवल 0.39 प्रतिशत मरीज वेंटिलेटर पर और 3.70 प्रतिशत मरीज ऑक्सीजन सुविधायुक्त बिस्तरों पर हैं।स्वास्थ्य मंत्री ने आज कोविड महामारी पर मंत्रियों के समूह की 25वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान ऑक्सीजन, थैरेपी, निदान और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रसायों की समीक्षा की गई। बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी, रसायन और उवर्रक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और अन्य अधिकारी शामिल हुए। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि देश में अब तक 16 करोड़ 73 लाख से अधिक कोविड टीके लगाए गए हैं। उन्होंने पहले और दूसरे टीके के बीच बढ़ते अन्तर पर चिंता प्रकट की। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि केन्द्र सरकार राज्यों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रही है और अधिक से अधिक लोगों को दूसरा टीका लगवाने के लिए प्रेरित कर रही है।
- अमरावती। आंध्र प्रदेश के कडापा जिले में चूना पत्थर की एक खदान में शनिवार को हुए विस्फोट में कम से कम नौ मजदूरों की मौत हो गई। लेकिन पुलिस के मुताबिक केवल पांच शवों की पहचान हो पाई है। विस्फोट स्थल पर शवों के क्षत-विक्षत बिखरे होने के कारण मृतकों की पहचान बहुत मुश्किल हो रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में से कुछ पुलिवेंदुला निर्वाचन क्षेत्र से थे।पुलिवेंदुला मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी का निर्वाचन क्षेत्र है। कडापा जिले के पुलिस अधीक्षक के अंबुराजन ने फोन पर बताया कि यह हादसा तब हुआ जब मामिल्लापल्ली गांव के बाहर स्थित चूना पत्थर की खदान में जिलेटिन की छड़ों की एक खेप उतारी जा रही थी। धमाका इतना तेज था कि खेप लेकर आया वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।जिलेटिन की यह छड़ें बुडवेल से लाई गई थीं। दुर्घटनास्थल से एसपी ने बताया,यह लाइसेंस प्राप्त खदान है और प्रमाणित संचालक द्वारा यह खेप लाई गई थी। धमाका तब हुआ जब छड़ों को वाहन से उतारा जा रहा था” हादसे की वजह का अब तक पता नहीं चला है।मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने कडापा जिले के अधिकारियों से बात कर घटना की जानकारी ली। इसमें कहा गया कि उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की हैं। विपक्ष के नेता एन चंद्रबाबू नायडू ने भी हादसे पर शोक प्रकट किया है और मांग की है कि मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए जिस प्रकार पिछले साल विशाखापट्टनम में एलजी पॉलिमर में हुए स्टाइरिन गैस रिसाव के मृतकों को दिया गया था।
- नयी दिल्ली । केंद्र ने शनिवार को बताया कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पास अब भी कोविड-19 टीके की 84 लाख से अधिक खुराक हैं और 53 लाख से अधिक खुराक आगामी तीन दिन में उन्हें वितरित की जाएंगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को अब तक 17.49 करोड़ खुराक दी जा चुकी है, जिनमें से 16.7 करोड़ खुराकों की खपत हो चुकी है। मंत्रालय ने कहा, अब तक मुहैया कराई गई खुराकों में से (शनिवार सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के अनुसार) बर्बाद हुई खुराक समेत 16,65,49,583 खुराक की खपत हो चुकी है। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पास 84 लाख से अधिक खुराक (84,08,187) अब भी हैं।'' उसने कहा कि जिन राज्यों ने कम आपूर्ति दर्शाई है, वे टीकों की आपूर्ति की तुलना में अधिक खपत दिखा रहे हैं, जिनमें बर्बाद हुई खुराक भी शामिल हैं। इसका कारण यह है कि उन्होंने ‘‘सशस्त्र बलों को मुहैया कराए गए टीकों को शामिल नहीं किया है। मंत्रालय ने कहा, इसके अलावा आगामी तीन दिन में राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों को 53 लाख से अधिक (53,25,000)खुराक दी जाएंगी।'' उसने बताया कि दिल्ली को 40.22 लाख खुराक मिलीं, जिनमें से उसने 36.09 लाख खुराकों की खपत की। राष्ट्रीय राजधानी में अब भी 4.12 लाख खुराक हैं और उसे आगामी तीन दिन में एक लाख और खुराक मिल सकती हैं। एक अक्टूबर, 2020 तक दिल्ली की अनुमानित जनसंख्या 2.04 करोड़ थी। जिन राज्यों को आगामी तीन दिन में 53.25 लाख खुराक वितरित की जाएंगी, उनमें से गुजरात को सर्वाधिक 8.98 लाख, इसके बाद महाराष्ट्र को 6.03 लाख, राजस्थान को 4.50 लाख, उत्तर प्रदेश को चार लाख, पश्चिम बंगाल को 3.95 लाख, बिहार को 3.64 लाख, छत्तीसगढ़ को तीन लाख और जम्मू-कश्मीर को 84,700 खुराक वितरित की जाएंगी। मंत्रालय ने बताया कि जिन 16 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को आगामी तीन दिन में और खुराक नहीं मिलेंगी, उनमें हरियाणा, लद्दाख, उत्तराखंड, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा, सिक्किम, पुडुचेरी, नगालैंड, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और गोवा शामिल हैं।-file photo
- नोएडा। साइबर ठगों ने एटीएम कार्ड क्लोन करके नोएडा के एक उद्योगपति के खाते से 75 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस आयुक्त आलोक सिंह के मीडिया प्रभारी अभिनेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सेक्टर 44 स्थित पर्ल गेटवे सोसायटी में रहने वाले विवेक कपूर ने सेक्टर 39 थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि उनका एक निजी बैंक में खाता है और अज्ञात साइबर ठगों ने उनके खाते से छह बार में 75,000 रुपये निकाल लिए। शिकायत में कहा गया है कि जब उनके पास रुपये निकालने का मोबाइल पर संदेश आया तो उन्होंने बैंक से पता किया। इस पर जानकारी मिली कि गाजियाबाद के वसुंधरा स्थित एक एटीएम से रुपये निकाले गए हैं। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि साइबर ठगों ने एटीएम कार्ड क्लोन करके पीड़ित के खाते से पैसा निकाला है।
- नोएडा (उत्तर प्रदेश)। शहर के सेक्टर-49 थाना क्षेत्र की एक सोसायटी में रहने वाली एक महिला ने 18वीं मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट से कूद कर कथित रूप से आत्महत्या कर ली।पुलिस आयुक्त आलोक सिंह के मीडिया प्रभारी ने शनिवार को बताया कि सेक्टर-49 थाना क्षेत्र स्थित प्रतीक विस्टीरिया सोसायटी में रहने वाली विनीता राय (34) ने 18वीं मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट से कूद कर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि राय आयुर्वेद की डॉक्टर थी और पिलखुआ के अस्पताल में काम करती थी। मीडिया प्रभारी ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि राय मानसिक रोगी थी और उनका इलाज चल रहा था। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। file photo-----
- जूनागढ़। गुजरात में जूनागढ़ जिले के मधुपुर गांव में शनिवार को एक शेर ने 35 वर्षीय एक व्यक्ति पर हमला कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई।जूनागढ़ के मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) दुष्यंत वसावड ने कहा कि यह घटना देर रात करीब एक बजे गिर (पश्चिम) वन मंडल के तलाला रेंज में हुई। उन्होंने बताया कि पीडि़त की पहचान बहादुरभाई जीवाभाई के रूप में हुई है। वह शेर से अपनी बकरी को बचाने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद वन विभाग की एक टीम ने शेर को पकड़ लिया। वसावड ने कहा, जीवाभाई मधुपुर गांव में आम के एक बाग के बाहर एक झोंपड़ी में सो रहे थे जब शेर ने वहां एक बकरी पर हमला करने की कोशिश की। जीवाभाई ने शेर से बकरी को बचाने की कोशिश की। जंगली जानवर ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। file photo
- नई दिल्ली। रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार, आईएएस और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक (डीजीएएफएमएस) सर्जन वाइस एडमिरल रजत दत्ता, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम, पीएचएस, ने देश के आह्वान का जवाब देने के लिए आगे आने वाले सेना के पूर्व डॉक्टरों को संबोधित किया है। सेना के पूर्व डॉक्टर अब भारत के सभी नागरिकों के लिए "ई-संजीवनी ओपीडी पर सेना के पूर्व डॉक्टरों द्वारा ऑनलाइन परामर्श सेवा" के लिए उपलब्ध होंगे।ई-संजीवनी ओपीडी भारत सरकार का प्रमुख टेलीमेडिसिन प्लेटफ़ॉर्म है जिसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डैक), मोहाली, भारत सरकार के तत्वावधान में विकसित किया गया है और यह बहुत अच्छी तरह से काम कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म किसी भी भारतीय नागरिक को मुफ्त परामर्श प्रदान करता है। हालांकि, कोविड मामलों में वृद्धि के साथ, डॉक्टरों की मांग बढ़ रही है, लेकिन, डॉक्टरों के कोविड वॉर्ड की ड्यूटी से हट जाने के कारण डॉक्टरों की कमी हो गई है। ऐसी स्थिति में सेना के पूर्व डॉक्टर मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं।मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ की चिकित्सा शाखा सेवारत और सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों के लिए टेलीमेडिसिन सेवा प्रदान करता है। चिकित्सा शाखा ने देश के सामान्य नागरिक रोगियों के लिए इस पूर्व-रक्षा ओपीडी को शुरू करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना केंद्र के साथ समन्वय किया है। आईडीएस मेडिकल के उपाध्यक्ष ने सेवानिवृत्त एएफएमएस डॉक्टरों की सभी सेवानिवृत्त बिरादरी से इस मंच से जुडऩे और संकट के इस समय में भारत के नागरिकों को बहुमूल्य परामर्श प्रदान करने का आग्रह किया है, जब देश कठिन समय से गुजर रहा है।सेना के सेवानिवृत्त डॉक्टरों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और जल्द ही इसमें सेना के कई सेवानिवृत्त डॉक्टरों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके बाद, एक अलग राष्ट्रव्यापी सेना के पूर्व डॉक्टरों की ओपीडी की परिकल्पना की गई है। उनका विशाल अनुभव और विशेषज्ञता से देश के सामान्य नागरिक रोगियों को अपने घरों पर परामर्श प्राप्त करने और संकट से निपटने में मदद मिलेगी।
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नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि कोविड से संबंधित सभी आपातकालीन चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति के लिए डाक विभाग ने सीमा शुल्क अधिकारियों के सहयोग से शुक्रवार को एक नई हेल्पलाइन सेवा शुरू की। डाक विभाग कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान, विदेशों से आने वाले कोविड से संबंधित आपातकालीन--ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स, उपकरण और दवाइयों की खेप को आगे भेजने और वितरण की सुविधा प्रदान कर रहा है। संचार मंत्रालय ने बताया है कि डाक विभाग ने इस संबंध में एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। जो उपभोक्ता विदेशों से आने वाली कोविड संबंधी चिकित्सा आपूर्ति की शिपमेंट की उम्मीद कर रहे हैं, वे अपनी खेप का नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, ट्रैकिंग आईडी और डिलीवरी पता ई-मेल - [email protected] या [email protected] पर भेज सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि उपभोक्ता नोडल अधिकारियों के पास व्हाट्सएप के माध्यम से भी विवरण भेज सकते हैं। नोडल अधिकारी अरविंद कुमार का मोबाइल नंबर 98 683 78 497 और पुनीत कुमार का 95 366 23 331 है।
- नई दिल्ली। . कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर कोरोना वायरस महामारी को लेकर अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटने और जनता को निराश करने का आरोप लगाया और आग्रह किया कि मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए तत्काल एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए।कोरोना के हालात पर चर्चा के लिए हुई कांग्रेस सांसदों की डिजिटल बैठक में सोनिया ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य संबंधी संसद की स्थायी समिति की बैठक बुलाई जाए ताकि महामारी से बेहतर ढंग से निपटने के लिए कदम उठाना और जवाबदेही तय करना सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा, देश एक अप्रत्याशित स्थिति का सामना कर रहा है। हजारों लोगों की मौत हो गई है और लाखों लोग बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह देखना दुखद है कि लोग अस्पतालों में और सड़कों पर अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं तथा किसी भी तरह चिकित्सा सुविधा चाहते हैं। उन्होंने सवाल किया, '' मोदी सरकार क्या कर रही है? लोगों की पीड़ा और दर्द को कम करने की बजाय उसने जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों से पल्ला झाड़ लिया है।सोनिया के मुताबिक, सरकार के खुद के विशेषाधिकार समूह और राष्ट्रीय कार्य बल ने मोदी सरकार को आगाह किया था कि कोरोना की दूसरी लहर आएगी और इसके लिए तैयारी करने का भी आग्रह किया था।सोनिया ने दावा किया, विशेषज्ञ की सलाह की उपेक्षा करते हुए मोदी सरकार ने ऑक्सीजन, दवाओं और वेंटिलेंटर की आपूर्ति को मजबूत नहीं किया। हमारे लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार टीकों का समय पर ऑर्डर देने में विफल रही। इसके साथ ही, वह उन परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये आवंटित करती रही जिसका जनता के कल्याण से कोई लेना-देना नहीं है।

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