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श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर हिमालयी क्षेत्र में होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए न केवल देश, बल्कि विदेश से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। दुनिया के छह देशों के नौ युवा श्रद्धालुओं के ऐसे ही एक समूह ने पवित्र गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के दर्शन कर वैश्विक आस्था और आध्यात्मिक सद्भाव का एक सुंदर उदाहरण पेश किया है। इन श्रद्धालुओं में अमेरिका, कनाडा और जर्मनी के श्रद्धालु भी शामिल हैं, जिन्होंने बालटाल मार्ग से यात्रा की है। उन्होंने तीर्थयात्रा को एक बहुत ही विशेष अनुभव बताया और घाटी में मिले आतिथ्य की सराहना भी की।
कनाडा के नागरिक रॉस नॉर्मन लीच ने 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के दर्शन के बाद कहा, ‘‘मैं कश्मीर में सुंदर भूविज्ञान और प्रकृति तथा पवित्र गुफा की अपार ऊर्जा का अनुभव कर रहा हूं।'' लीच ने कहा कि समूह पिछले चार-पांच वर्षों से इस यात्रा की तैयारी कर रहा था और यह अनुभव बहुत शानदार रहा। उन्होंने यात्रा के अनुभव के बारे में कहा, ‘‘गुफा में मेरी आंखों से आंसू बह रहे थे और अंदर एक गहरी खामोशी छा गई। पूरा संसार इन ऊर्जाओं से जुड़ा हुआ है। यहां गहन मौन और चेतना में महादेव से मिलना बहुत ही विशेष है।'' हालांकि, लीच ने तीर्थयात्रा को एक बहुत ही खास अनुभव बताते हुए कहा कि वह ज्यादा लोगों को इस पर जाने की सलाह नहीं दे सकते। उन्होंने कहा, ‘‘यात्रा का मार्ग बहुत चुनौतीपूर्ण है, आपको इसके लिए तैयार रहना होगा, लेकिन यह बहुत ही सार्थक है। अगर आपको मौका मिले, अगर आपको यहां आने का मन करे, तो जरूर आइए। यह एक शक्तिशाली स्थान है।'' लीच ने कहा कि कश्मीर के लोगों का आतिथ्य और यात्रा की व्यवस्था भी अद्भुत रही है।
अमरनाथ यात्रा पर आए एक अन्य विदेशी तीर्थयात्री ने कहा कि उसका अनुभव अद्भुत रहा। उसने कहा, "हम यहां फिर से आने के लिए उत्सुक हैं। यह अद्भुत था और हमें बहुत अच्छा लगा कि हमारा बहुत ध्यान रखा गया, हमें समर्थन मिला और हम बहुत सुरक्षित महसूस कर रहे थे।" -
नयी दिल्ली। जल शक्ति राज्य मंत्री वी सोमन्ना ने गुरुवार को संसद में कहा कि एक सरकारी सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 95.1 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों के पास शौचालय की सुविधा है, जबकि 92.7 प्रतिशत के पास जैविक अपशिष्ट के निपटारे और 78.7 प्रतिशत के पास अशोधित जल के निपटान की व्यवस्था है। मंत्री ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, पेयजल और स्वच्छता विभाग द्वारा किये गए स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2023-24 के निष्कर्षों का हवाला दिया, जिसमें देश के 729 जिलों के 17,304 गांवों को शामिल किया गया था। सर्वेक्षण में 2,60,059 परिवारों और 85,901 सार्वजनिक स्थानों जैसे स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और बाजारों से लिए गए फीडबैक को शामिल किया गया। कचरा पृथक्करण के संदर्भ में, केवल 39.9 प्रतिशत परिवारों ने ही कचरे को जैविक रूप से विघटित होने वाले और ठोस कचरा के रूप में अलग-अलग रखे जाने के बारे में बताया। मंत्री ने अपने जवाब में सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि ग्राम स्तर पर, 45 प्रतिशत गांवों के पास ठोस कचरा इकट्ठा करने और परिवहन के लिए विशेष या साझा वाहन हैं, और 29.4 प्रतिशत गांवों में भंडारण और पृथक्करण के लिए निर्धारित ढलाव घर (कूड़ा जमा करने का स्थान) हैं। सर्वेक्षण में शामिल सार्वजनिक स्थानों में 76.7 प्रतिशत में शौचालयों की सुविधा है। सर्वेक्षण का हवाला देते हुए मंत्री ने बताया कि शहरों से जुड़े 437 मल-जल शोधन संयंत्रों में से 83.8 प्रतिशत चालू हालत में हैं। वहीं, 1,029 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों में से 61.4 प्रतिशत चालू हालत में हैं, जबकि 451 ‘गोबरधन' और बायोगैस संयंत्रों में से 58.5 प्रतिशत चालू हालत में पाये गए।
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नयी दिल्ली/ राज्यसभा में बृहस्पतिवार को उन छह सदस्यों को विदाई दी गई जिनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है जिनमें से एक उच्च सदन के लिए पहले ही पुनर्निर्वाचित हो चुके हैं। सदन की बैठक शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद उन्होंने कहा कि छह सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है जिसमें एक, अन्नाद्रमुक के पी विल्सन दूसरे कार्यकाल के लिए सदन में वापस आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि द्रमुक के एम मोहम्मद अब्दुल्ला और एन षणमुगम, अन्नाद्रमुक के एम चंद्रशेखरन और पी विल्सन, पीएमके के डॉ अंबुमणि रामदॉस तथा एमडीएमके के एम वाइको का उच्च सदन में कार्यकाल समाप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि इनमें से विल्सन सदन के लिए पुनर्निर्वाचित हुए हैं। हरिवंश ने कहा कि सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों ने सदन में हुई बहसों, चर्चा तथा विभिन्न विमर्श में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने सभी सदस्यों के बेहतर भविष्य और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने कहा कि सदन में समय समय पर नए सदस्य आते हैं और कार्यकाल पूरा होने पर जाते हैं। उन्होंने कहा ‘‘प्रजातंत्र में चर्चा और वाद-विवाद स्वाभाविक है। लोकतंत्र में असहमति का भी स्थान होता है और हम यह मानते भी हैं। विदा ले रहे हमारे साथियों ने मत विभिन्नता के बावजूद बहसों, में विभिन्न समसामायिक, सामाजिक, कानूनी मुद्दों आदि पर चर्चा की और उसे उच्च स्तरीय बनाया। इसके लिए उनका धन्यवाद।'' उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति से काम करने की अवधि पूरी नहीं होती और काम करने का मौका सबको मिलता है।
नड्डा ने वाइको का जिक्र करते हुए कहा कि उनके योगदान को सदन में और बाहर हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह सदन में कल उन्होंने मछुआरों का मुद्दा उठाया, उसे देख कर ऐसा नहीं लगता कि उनका उत्साह कम हुआ है। उन्होंने सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों के बेहतर भविष्य और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों ने सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दे उठाए और वह उनके बेहतर भविष्य की कामना करते हैं। द्रमुक के तिरुचि शिवा ने कहा कि सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों ने कई मुद्दे उठाए और अपना पक्ष रखा जिसे याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि वाइको की बात हमेशा सबने ध्यान से सुनी गई और वह हमेशा याद आएंगे। उन्होंने कहा कि सदन में उन सदस्यों की कमी महसूस होगी जो सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
अन्नाद्रमुक के एम थंबीदुरै ने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा सदन की गरिमा बनाए रखने का प्रयास किया और इसके लिए वह अपने दल के सहयोगियों के आभारी हैं। कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान, सेवानिवृत्त सदस्यों ने जनता की आवाज उठाई और उम्मीद है कि ये सदस्य किसी न किसी रूप में आम जनता से जुड़े रहेंगे। तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, बीजू जनता दल के सस्मित पात्रा, वाईएसआरसीपी के सुभाषचंद्र बोस पिल्ली, राष्ट्रीय जनता दल के प्रेमचंद्र गुप्ता, प्रो मनोज कुमार झा, बीआरएस के के आर सुरेश रेड्डी, माकपा के जॉन ब्रिटॉस, डा वी शिवदासान, जनता दल (यूनाइटेड) के संजय कुमार झा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल, समाजवादी पार्टी के प्रो रामगोपाल यादव, शिवसेना के मिलिंद मुरली देवरा, आईयूएमएल के अब्दुल वहाब, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संदोष कुमार पी ने भी सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। भाषा
सदन के लिए पुन:निवार्चित हुए अन्नाद्रमुक सदस्य पी विल्सन ने कहा कि प्रत्येक सदस्य ने सदन की कार्यवाही में अपने अपने स्तर पर योगदान दिया और सदन की गरिमा बढ़ाई है, तथा उनकी कमी महसूस होगी। - नयी दिल्ली। रेल मंत्री ने बृहस्पतिवार को 32 मंडल रेल प्रबंधकों (डीआरएम) की नियुक्ति के आदेश जारी किए, जो दो वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके मौजूदा मंडल रेल प्रबंधकों का स्थान लेंगे।आदेश में कहा कि मौजूदा डीआरएम की अगली नियुक्ति के संबंध में आदेश जल्द ही जारी किये जाएंगे।डीआरएम को रेल मंडल के कामकाज संभालने के लिए नियुक्त किया जाता है। वह उस मंडल के प्रशासनिक प्रमुख होते हैं और उनकी मुख्य जिम्मेदारी सुरक्षित ट्रेन परिचालन सुनिश्चित करना होता है।अधिकारी का कार्यकाल दो वर्ष का होता है जिसके बाद उसे क्षेत्रीय मुख्यालय में समकक्ष या पदोन्नति वाले पद पर स्थानांतरित कर दिया जाता है।रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) वेद प्रकाश डीआरएम के रूप में नियुक्त प्रमुख नामों में से एक हैं और उन्हें अहमदाबाद का डीआरएम नियुक्त किया गया है। मध्य रेलवे जोन के अधिकारी शिवाजी सुतार मारुति को वैष्णव का नया ओएसडी नियुक्त किया गया है।
- संबलपुर, । ओडिशा पुलिस ने लगातार भारी बारिश के कारण गंधमर्दन की पहाड़ियों पर फंसे छत्तीसगढ़ के 17 पर्यटकों को बुधवार को रात भर चले अभियान के दौरान बचा लिया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि समूह में 13 महिलाएं और चार पुरुष थे, जो छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से आए थे। बचाव अभियान में शामिल पुलिस अधिकारी निरंजन बारिक ने बताया कि पर्यटकों ने बुधवार शाम बरगढ़ जिले के नृसिंहनाथ से पड़ोसी बोलनगीर जिले के हरिशंकर तक की यात्रा शुरू की थी। उन्होंने बताया कि खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण पर्यटक रास्ता भटक गए और रात भर पहाड़ी पर फंसे रहे। बारिक के अनुसार, सूचना मिलने पर बरगढ़ जिला पुलिस ने बचाव अभियान शुरू किया और जिला स्वयंसेवक बल की एक टीम को आवश्यक खाद्य आपूर्ति, प्राथमिक चिकित्सा किट और बचाव उपकरण के साथ मौके पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि टीम चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति का सामना करते हुए बृहस्पतिवार तड़के फंसे हुए पर्यटकों तक पहुंच गई। बारिक के मुताबिक, ‘‘पर्यटकों को मौके पर ही भोजन और प्रारंभिक चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई। इसके बाद उन्हें सुरक्षित रूप से नृसिंहनाथ स्थित आधार शिविर में वापस ले जाया गया, जहां एक चिकित्सा दल ने उनकी जांच की।'' उन्होंने कहा, ‘‘सभी पर्यटकों की हालत स्थिर पाई गई। कुछ को एहतियात के तौर पर चिकित्सकों ने कुछ सामान्य दवाएं दीं।'' बारिक ने बताया कि पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद सहाय मीणा ने व्यक्तिगत रूप से बचाव अभियान की निगरानी की, जबकि पुलिस महानिरीक्षक (उत्तरी रेंज) हिमांशु लाल ने बचाव प्रयासों का जायजा लेने के लिए घटनास्थल का दौरा किया।
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नई दिल्ली। दुनियाभर के देशों के पासपोर्ट की नई रैंकिंग सामने आ गई है। पासपोर्ट इंडेक्स में भारत ने बड़ी छलांग लगाई है, जबकि पाकिस्तान का पासपोर्ट सबसे कमजोर पासपोर्ट्स में शामिल है।
भारत छह महीने में आठ स्थान की छलांग लगाकर पहुंचा इस स्थान परहेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2025 के अनुसार, दुनिया के पासपोर्ट्स की रैंकिंग में सिंगापुर शीर्ष पर है, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया दूसरे स्थान पर हैं। इसके अलावा, भारत और यूएई जैसे देशों ने पासपोर्ट रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है। भारत छह महीने में आठ स्थान की छलांग लगाकर 85वें से 77वें स्थान पर पहुंच गया है।पाकिस्तान का पासपोर्ट दुनिया में सबसे कमजोरहेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2025 के अनुसार, पाकिस्तान का पासपोर्ट दुनिया में सबसे कमजोर पासपोर्ट्स में से एक है, जो केवल 32 देशों में वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा देता है। पाकिस्तान 96वें स्थान पर है, जो सोमालिया, यमन, इराक, सीरिया और अफगानिस्तान जैसे युद्धग्रस्त देशों से बेहतर है। पिछले साल 2024 में, पाकिस्तान का पासपोर्ट यमन के साथ चौथा सबसे कमजोर था।सिंगापुर पहले स्थान परहेनले पासपोर्ट इंडेक्स के मुताबिक, पासपोर्ट रैंकिंग में सिंगापुर पहले स्थान पर है, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया दूसरे स्थान पर हैं। इसके बाद सात यूरोपीय देश- डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली और स्पेन आते हैं, जो तीसरे स्थान पर हैं। इसके अलावा, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल और स्वीडन चौथे स्थान पर हैं, जबकि न्यूजीलैंड, ग्रीस और स्विट्जरलैंड पांचवें स्थान पर हैं।ब्रिटेन और अमेरिका की रैंकिंग में आई गिरावटसाथ ही ब्रिटेन और अमेरिका की रैंकिंग में गिरावट आई है। दोनों एक-एक स्थान नीचे खिसक गए हैं। ब्रिटेन और अमेरिका पासपोर्ट रैंकिंग में गिरकर क्रमशः 6ठे और 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं। 2015 और 2014 में वे दोनों सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट थे।सऊदी अरब ने वीजा-मुक्त पहुंच में सबसे बड़ी बढ़त हासिल कीइसके अलावा, सऊदी अरब ने वीजा-मुक्त पहुंच में सबसे बड़ी बढ़त हासिल की है। संयुक्त अरब अमीरात ने 10 साल में 34 स्थान की छलांग लगाई, 42वें से 8वें स्थान पर पहुंचकर टॉप 10 में शामिल हुआ है। साथ ही चीन भी 2015 से 34 स्थान ऊपर चढ़कर 94वें से 60वें स्थान पर पहुंचा। हालांकि, उसे यूरोप के शेंगेन क्षेत्र में वीजा-मुक्त प्रवेश नहीं मिला है।बता दें कि यह रैंकिंग 199 पासपोर्ट्स के वीजा-मुक्त गंतव्यों (227) के आधार पर तैयार की गई है। ( -
नई दिल्ली। भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच सम्पन्न व्यापक व्यापार समझौता (CETA) अब भारत के फार्मास्युटिकल और केमिकल क्षेत्र के लिए नए अवसर लेकर आ रहा है। इस समझौते के तहत दोनों क्षेत्रों को जीरो ड्यूटी मार्केट एक्सेस मिलेगा, जिससे भारतीय उत्पाद UK में अधिक प्रतिस्पर्धी बन जाएंगे। यह मुक्त व्यापार समझौता (CETA) पीएम मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच आज गुरुवार को लंदन में हुआ।
फार्मा सेक्टर को जीरो ड्यूटी का फायदाभले ही फार्मा सेक्टर में सिर्फ 56 टैरिफ लाइनें हैं (कुल टैरिफ का 0.6%), लेकिन इसका रणनीतिक महत्व वैश्विक व्यापार में बेहद अधिक है। भारत अभी विश्वभर में लगभग 23.31 अरब अमेरिकी डॉलर की दवाएं निर्यात करता है, जबकि UK करीब 30 अरब डॉलर की दवाएं आयात करता है। बावजूद इसके, भारतीय दवाओं की हिस्सेदारी UK बाजार में मात्र 1 अरब डॉलर से कम है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वहां भारत के लिए बहुत बड़ी संभावनाएं हैं। वहीं CETA के तहत भारत की जेनरिक दवाओं को अब UK में टैक्स से छूट मिलेगी, जिससे वे वहां की बाजार में और भी प्रतिस्पर्धी हो जाएंगी।मेडिकल उपकरण भी होंगे टैक्स फ्रीइस समझौते से सर्जिकल उपकरण, डायग्नोस्टिक मशीनें, ECG, X-ray सिस्टम जैसे मेडिकल उपकरणों पर भी कोई शुल्क नहीं लगेगा। इससे भारतीय मैन्युफैक्चरर्स की लागत घटेगी और वे ब्रिटेन के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। ब्रेक्जिट और कोविड के बाद ब्रिटेन ने चीन से आयात पर निर्भरता कम करने की नीति अपनाई है, ऐसे में भारत एक भरोसेमंद और किफायती विकल्प बनकर उभरेगा।केमिकल सेक्टर को भी मिलेगा बढ़ावाकेमिकल और संबद्ध उत्पादों के लिए कुल 1,206 टैरिफ लाइनें हैं, जो कुल व्यापार का 12.4% हिस्सा हैं। इसमें उर्वरक, औद्योगिक केमिकल और पेट्रोकेमिकल शामिल हैं। वर्तमान में भारत ब्रिटेन को 570.32 मिलियन डॉलर का केमिकल निर्यात करता है, जो भारत के वैश्विक केमिकल निर्यात (40.52 अरब डॉलर) का सिर्फ 2% है। CETA लागू होने के बाद 2025-26 में इन निर्यातों में 30% से 40% तक वृद्धि की संभावना जताई गई है, जिससे यह आंकड़ा 650 से 750 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। वहीं, ब्रिटेन करीब 35.11 अरब डॉलर के केमिकल्स आयात करता है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी अब तक मात्र 843 मिलियन डॉलर है। इसका मतलब है कि भारत इस समझौते के बाद केमिकल निर्यात में भी बड़ी छलांग लगाने को तैयार है। -
नई दिल्ली। भारत और यूनाइटेड किंगडम ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर किए, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “साझा समृद्धि की योजना” करार दिया। चेकर्स एस्टेट में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ मुलाकात के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
पीएम मोदी ने कहा- ‘यह समझौता यूके में बेहतर बाजार पहुंच देगा’इस दौरान पीएम मोदी ने स्टारमर के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार जताते हुए कहा, “यह समझौता भारतीय टेक्सटाइल, फुटवियर, रत्न-आभूषण, समुद्री खाद्य, और इंजीनियरिंग सामान को यूके में बेहतर बाजार पहुंच देगा।”भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग के लिए नए अवसर खुलेंगेउन्होंने यह भी कहा कि ”भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग के लिए नए अवसर खुलेंगे, जिससे युवा, किसान, मछुआरे, और एमएसएमई लाभान्वित होंगे। दूसरी ओर, यूके के मेडिकल डिवाइस और एयरोस्पेस जैसे उत्पाद भारत में किफायती दरों पर उपलब्ध होंगे।”दोनों देशों में निवेश और रोजगार के नए अवसर बनेंगेपीएम मोदी ने कहा, डबल कॉन्ट्रीब्यूशन कन्वेंशन पर सहमति से टेक्नोलॉजी और फाइनेंस जैसे सेवा क्षेत्रों को नई ऊर्जा मिलेगी, कारोबारी लागत कम होगी, और निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा। पीएम मोदी ने कहा, “यूके की अर्थव्यवस्था को भारतीय कुशल प्रतिभा का लाभ मिलेगा, जिससे दोनों देशों में निवेश और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।”दोनों देशों ने ‘विजन-2035’ किया जारीदोनों देशों ने ‘विजन-2035’ जारी किया, जो टेक्नोलॉजी, रक्षा, जलवायु, शिक्षा, और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने का रोडमैप है। रक्षा सहयोग के लिए डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप और टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव को और सशक्त करने पर जोर दिया गया। पीएम मोदी ने कहा, “एआई से लेकर महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर, और साइबर सुरक्षा तक, हम मिलकर भविष्य का निर्माण करेंगे।”शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति का जिक्र कर कहा- ‘यूके की 6 यूनिवर्सिटी भारत में कैंपस खोल रही हैं’पीएम मोदी ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यूके की छह यूनिवर्सिटियां भारत में कैंपस खोल रही हैं, जिसमें हाल ही में गुरुग्राम में साउथ हैम्पटन यूनिवर्सिटी का उद्घाटन शामिल है।पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा के लिए स्टारमर का आभार व्यक्त कियाआतंकवाद के खिलाफ साझा प्रतिबद्धता जताते हुए, पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा के लिए स्टारमर का आभार व्यक्त किया और कहा, “आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंड स्वीकार्य नहीं।” दोनों देश आर्थिक अपराधियों के प्रत्यर्पण और इंडो-पैसिफिक, यूक्रेन, और पश्चिम एशिया में शांति-स्थिरता के लिए सहयोग बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा, “आज का युग विस्तारवाद का नहीं, विकासवाद का है।”पीएम मोदी ने अहमदाबाद हादसे में मारे गए यूके नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त कीपीएम मोदी ने अहमदाबाद हादसे में मारे गए यूके नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और भारतीय मूल के लोगों को दोनों देशों के बीच “लिविंग ब्रिज” बताया, जो यूके की अर्थव्यवस्था, संस्कृति, खेल, और सार्वजनिक सेवाओं में योगदान दे रहे हैं।पीएम मोदी ने स्टारमर को भारत यात्रा का दिया निमंत्रणटेस्ट क्रिकेट सीरीज के दौरान मुलाकात का जिक्र करते हुए उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में क्रिकेट का उल्लेख किया और स्टारमर को भारत यात्रा का निमंत्रण दिया। यह समझौता और ‘विजन-2035’ दोनों देशों की साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। - नयी दिल्ली।. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि रेलवे स्टेशनों पर और ट्रेनों में चिकित्सा आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए 16 लाख से अधिक रेल कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। वैष्णव ने रेलवे में आपातकालीन चिकित्सा केन्द्रों के बारे में पूछे गए प्रश्नों के लिखित उत्तर में बताया कि स्टेशनों पर और रेलगाड़ियों में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता और इसकी सीमा की पड़ताल उच्चतम न्यायालय द्वारा की गई। उन्होंने बताया कि न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में विशेषज्ञों की एक समिति गठित की गई। वैष्णव ने बताया, ‘‘विशेषज्ञों की समिति की सिफारिश के अनुसार, सभी रेलवे स्टेशनों पर और ट्रेनों में जीवन रक्षक दवाओं, उपकरणों, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि से युक्त एक मेडिकल बॉक्स उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।'' मंत्री के अनुसार, टिकट परीक्षकों, ट्रेन गार्ड/अधीक्षकों, स्टेशन मास्टर जैसे अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने का प्रशिक्षण दिया जाता है तथा ऐसे कर्मियों के लिए नियमित रूप से ‘रिफ्रेशर कोर्स' आयोजित किये जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक अप्रैल 2022 से 30 जून 2025 तक, रेलवे के अग्रिम पंक्ति के 16,14,748 कर्मियों को चिकित्सा आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया। वैष्णव ने बताया, ‘‘सभी रेलवे स्टेशनों पर आस-पास के अस्पतालों और चिकित्सकों की सूची उनके संपर्क नंबरों के साथ उपलब्ध कराई गई है।'' उन्होंने बताया कि घायल/बीमार यात्रियों को अस्पतालों/क्लीनिक तक पहुंचाने के लिए रेलवे, राज्य सरकार/निजी अस्पतालों और एम्बुलेंस सेवा प्रदाताओं की एम्बुलेंस सेवाओं का उपयोग किया जाता है।
- चंडीगढ़।. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व सांसद किरण खेर को सरकारी आवास के किराये को लेकर बकाया राशि के रूप में 12.76 लाख रुपये चुकाने के लिए नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह नोटिस चंडीगढ़ के सहायक नियंत्रक (वित्त और नियंत्रक) किराया कार्यालय की ओर से सेक्टर-सात स्थित टी-6/23 आवास को लेकर जारी किया गया है, जहां खेर बतौर सांसद रही थीं। वह 2014 और 2019 में चंडीगढ़ लोकसभा सीट से सांसद चुनी गई थीं।अधिकारियों ने बताया कि नोटिस में किरण खेर से कहा गया है कि वह तत्काल आवास का लाइसेंस शुल्क अदा करें, अन्यथा 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी वसूला जाएगा। स्थानीय प्रशासन की ओर से सरकारी आवासों के लिए लाइसेंस शुल्क लिया जाता है।नोटिस के अनुसार, जुलाई 2023 से पांच अक्टूबर 2024 तक की अवधि के लिए 5,725 रुपये का लाइसेंस शुल्क बकाया है, जबकि छह अक्टूबर 2024 से पांच जनवरी 2025 तक ‘अनधिकृत' कब्जा मानते हुए 100 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है जिसकी राशि 3.64 लाख रुपये है। वहीं, छह जनवरी से 12 अप्रैल 2025 तक की अवधि के लिए (परिसर खाली करने की निर्धारित तिथि) 200 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है जो 8.20 लाख रुपये है। सहायक नियंत्रक (वित्त और नियंत्रक) किराया कार्यालय ने नोटिस में यह भी उल्लेख किया है कि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के रूप में 26,106 रुपये और अन्य शुल्क के रूप में 59,680 रुपये जोड़े गए हैं। किरण खेर को यह राशि 'डिमांड ड्राफ्ट' या 'बैंक ट्रांसफर' के जरिए जमा करने के लिए कहा गया है।
- ग्वालियर।. मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में बुधवार तड़के एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से कांवड़ यात्रा पर निकले चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सड़क किनारे चल रहे कांवड़ियों को टक्कर मारने के बाद तेज रफ्तार कार पलट गई। उन्होंने बताया कि कार चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) हिना खान ने बताया कि यह घटना आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-3) के पास शिवपुरी लिंक रोड पर तड़के करीब दो बजे हुई, जब एक तेज रफ्तार कार का एक टायर फट गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीन कांवड़ियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने दुर्घटनास्थल पर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, कांवड़िये घाटीगांव के पास सिमरिया गांव के निवासी थे।पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान पूरन बंजारा, रमेश बंजारा, दिनेश और धर्मेंद्र के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री यादव ने ग्वालियर जिले के भितरवार विधानसभा क्षेत्र में पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान हुई दुर्घटना में चार कांवड़ियों की आकस्मिक मृत्यु पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को चारों मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। यादव ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए भगवान महाकाल से प्रार्थना की।अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है और डॉक्टरों को घायलों का निःशुल्क उपचार करने के निर्देश दिए गए हैं।
- भोपाल। मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इस बात पर बल दिया कि किशोरों को यह सिखाना जरूरी है कि वे अपने और अपने साथियों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखें और उन्होंने इसे राज्य व देश के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश बताया। शुक्ला मंगलवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा ‘यूनिसेफ' और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (एनआईएमएचएएनएस) के सहयोग से भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय परामर्श कार्यक्रम में बोल रहे थे। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) के तहत पहले से मौजूद किशोर साथियों के सहयोग वाले मॉड्यूल में एक नया प्रशिक्षण मॉड्यूल ‘आई सपोर्ट माय फ्रेंड्स' जोड़ने और किशोर व युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर एक राष्ट्रीय तथ्यपत्र (फैक्टशीट) जारी करने के अवसर पर आयोजित किया गया था। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री का प्रभार भी देख रहे शुक्ला ने कहा, ‘‘हमारे किशोरों को यह सिखाना कि वे अपने और अपने साथियों के मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल कैसे रखें। यही मध्यप्रदेश और देश के भविष्य में एक महत्वपूर्ण निवेश है।'' उन्होंने कहा, ‘‘आरकेएसके और नए सहयोग मॉड्यूल जैसी पहलों के जरिए हम ऐसा समाज बना रहे हैं जहां युवाओं की बात सुनी जाती है, उन्हें समर्थन मिलता है और वे आगे बढ़ने के लिए सक्षम होते हैं।'' स्वास्थ्य राज्य मंत्री एन शिवाजी पटेल ने युवाओं की बात सुनने और उनका समर्थन करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘‘आज किशोरों को भारी दबाव का सामना करना पड़ता है, चाहे वह पढ़ाई से हो, परिवार से हो या उनके सामाजिक परिवेश से। हमें ऐसी व्यवस्थाएं बनानी चाहिए जो उन्हें अपनी बात कहने, उनकी बात सुनने और उनका समर्थन महसूस करने का अवसर प्रदान करें।'' पटेल ने कहा, ‘‘उनके मानसिक स्वास्थ्य में निवेश करना केवल एक नीतिगत प्राथमिकता नहीं है, बल्कि यह एक नैतिक जिम्मेदारी और हमारे साझा भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता है।'' एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह मॉड्यूल किशोरों को भावनात्मक तनाव के लक्षणों की पहचान करने, सहानुभूतिपूर्ण सहायता प्रदान करने और आगे की सहायता के वास्ते साथियों से जुड़ने के लिए व्यावहारिक उपकरणों से लैस करने की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है, साथ ही उनकी अपनी सीमाओं और कल्याण की रक्षा भी करता है। यूनिसेफ-डब्ल्यूएचओ के वैश्विक संसाधन से अपनाया गया और एनआईएमएचएएनएस द्वारा प्रासंगिक यह एक दिवसीय प्रशिक्षण ‘लुक (देखो), लिसन (सुनो), लिंक (जोड़ो)' ढांचे पर आधारित है और इसमें संवाद सत्र, परिस्थितिजन्य अध्ययन और मार्गदर्शित विचार-विमर्श का उपयोग किया गया ताकि भावनात्मक साक्षरता, सहयोगी संवाद और जिम्मेदार साथी सहभागिता को बढ़ावा मिल सके। एनआईएमएचएएनएस की निदेशक डॉ. प्रतिमा मूर्ति ने मानसिक स्वास्थ्य सहायता को जल्दी शुरू करने और इसे स्कूलों और सामुदायिक स्थानों जैसी रोजमर्रा के माहौल में शामिल करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘‘युवाओं की जटिल मानसिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं को देखते हुए, तकनीकी विशेषज्ञों, युवाओं, नीति निर्माताओं, निर्णय लेने वालों और मीडिया को एक साथ लाकर आयोजित किए जाने वाले इस तरह के परामर्श अपूर्ण जरूरतों को पूरा करने और देश के विकसित भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।'' ‘यूनिसेफ इंडिया' के स्वास्थ्य प्रमुख डॉ. विवेक सिंह ने हाल के दिनों में भारत द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में की गई उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘‘हमें मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल में सिर्फ प्रतिक्रिया देने के बजाय समुदाय-आधारित मानसिक स्वास्थ्य प्रणालियों की ओर बढ़ना होगा। एक एकीकृत मानसिक स्वास्थ्य ढांचे पर भी ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। यूनिसेफ इस बदलाव में युवाओं के नेतृत्व वाले, व्यापक दृष्टिकोण के माध्यम से सरकार का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।''
- हरिद्वार । हरिद्वार में 'बम बम भोले' और 'हर हर महादेव' के जयकारों की गूंज के बीच पखवाड़े भर चला कांवड़ मेला बुधवार को सावन की शिवरात्रि के साथ ही संपन्न हो गया जहां लाखों श्रद्धालु शिवालयों में गंगा जल से भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने के लिए उमड़ पड़े। मेला नियंत्रण कक्ष के सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा जल लेने के लिए पिछले 15 दिनों में 4.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे । एक मान्यता के अनुसार, अपने ससुर राजा दक्ष को दिए एक वचन के अनुरूप भगवान शिव पूरे सावन महीने में कनखल में ही निवास करते हैं और इसलिए सबसे अद्भुत नजारा भगवान शिव की ससुराल दक्षप्रजापति महादेव मंदिर में ही नजर आया । यहां पूरा मंदिर परिसर भगवामय था और तड़के से ही शिवभक्तों की लंबी कतारें लग गयीं थीं । इसके अलावा, दरिद्र भंजन मंदिर, तिलभांडेश्वर मंदिर, बिल्वकेश्वर, नीलेश्वर और गौरीशंकर मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी । 'बम बम भोले' के जयघोष के बीच हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल सहित कई अधिकारियों ने भी हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन किया और वहां से जल लेकर दक्ष मंदिर में जलाभिषेक कर कांवड़ मेले के बिना किसी बाधा के संपन्न होने पर मां गंगा का आभार जताया।
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मुंबई । मुंबई में गणेश उत्सव के अवसर पर मध्य रेलवे की ओर से विशेष ट्रेनों की घोषणा की गई है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब तक कुल 250 स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया गया है। ये ट्रेनें 22 अगस्त से 10 सितंबर के बीच चलाई जाएंगी।
मध्य रेलवे के सीपीआरओ स्वप्निल नीला ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि हर साल की तरह इस वर्ष गणपति बप्पा के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मध्य रेलवे की तरफ से स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की गई है। इस दौरान 250 स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला किया गया है। यह सभी गाड़ियां छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, पुणे, सावंतवाड़ी, दिवा सहित विभिन्न स्टेशनों से शुरू होकर कोंकण क्षेत्र की ओर जाएंगी। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।स्वप्निल नीला ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे सभी यात्राएं वैध आरक्षित टिकट के साथ ही करें। इन स्पेशल ट्रेनों के लिए सीट आरक्षण की प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है। वहीं, 25 जुलाई को जिन ट्रेनों का संचालन प्रस्तावित है, उनकी बुकिंग भी उसी दिन से शुरू होगी। रेलवे की तरफ से यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि बप्पा का यह उत्सव शांति और सुरक्षा के साथ मनाएं। स्वप्निल नीला ने बताया कि मध्य रेलवे ने भूस्खलन रोकने को विशेष उपाय किए हैं, जिनमें घास लगाना, मिट्टी की फिनिशिंग, नेट या जाली लगाना और मजबूत फेसिंग शामिल हैं। मध्य रेलवे और कोंकण रेलवे दोनों ने ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ कदम उठाए हैं। हमारा निरंतर प्रयास है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों और यात्रियों की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सुविधाजनक हो। - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बुधवार को लंदन में भारतीय समुदाय के सदस्यों ने स्वागत और अभिवादन किया। यहां के प्रवासी भारतीयों ने पीएम मोदी की यात्रा पर गर्व और उत्साह व्यक्त किया है। उन्हें वैश्विक और आध्यात्मिक दोनों ही रूपों में प्रभावशाली दूरदर्शी नेता बताया है। कई लोगों को उम्मीद है कि यह यात्रा भारत-ब्रिटेन संबंधों को और मज़बूत करेगी, खासकर व्यापारिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में।पीएम मोदी यूनाइटेड किंगडम (यूके) की अपनी दो दिवसीय राजकीय यात्रा के लिए बुधवार को लंदन पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद, भारतीय प्रवासी समुदाय की सदस्य श्रेया पारीक ने कहा, “मैं यहां प्रधानमंत्री मोदी से मिलने आई थी। मुझे खुशी है कि मुझे यह अवसर मिला। मैं उन्हें ऑपरेशन सिंदूर और भारत के लिए उनके द्वारा किए जा रहे अन्य सभी कार्यों के लिए बधाई देना चाहती हूं।”प्रधानमंत्री मोदी से मिलने लंदन पहुंची प्रवासी सदस्य गायत्री लोखंडे ने कहा, “हम उनसे मिलने के लिए बहुत उत्साहित हैं। मैं उनसे ओडिशा में प्रवासी भारतीय कार्यक्रम के दौरान मिली थी। यह मेरा दूसरा मौका होगा। मैं ‘भारत को जानिए’ क्विज़ की विजेता के रूप में यहां आई हूं। हम प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ होने वाले व्यापार समझौते का इंतज़ार कर रहे हैं।”कई लोगों के लिए, भारत से जुड़ाव पीढ़ियों से मज़बूत बना हुआ है। ब्रिटेन में जन्मी और पली-बढ़ी एक युवा प्रवासी सदस्य, अनघा ने प्रधानमंत्री और उनके परिवार पर उनके प्रभाव के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मेरा जन्म और पालन-पोषण यूके में हुआ है। मेरे माता-पिता महाराष्ट्र से हैं। मैं अपने दादा-दादी और गाँवों और शहरों में रहने वाले अपने बड़े परिवार से प्रधानमंत्री मोदी के बारे में सकारात्मक बातें सुनती रही हूं। मैं उनसे मिलने के लिए बहुत उत्साहित हूं। भारत विश्व स्तर पर अग्रणी है। प्रधानमंत्री मोदी को व्यक्तिगत रूप से देखने से बेहतर कोई समय नहीं हो सकता।”वहीं, प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद, भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य भव्य ने कहा, “प्रधानमंत्री ने मुझसे हाथ मिलाया और मुझे ‘आशीर्वाद’ दिया। यह अब तक का सबसे अच्छा एहसास था।”ब्रिटेन में लगभग 1.8 मिलियन प्रवासी भारतीय हैं। इन लोगों ने ना केवल दोनों देशों के बीच मैत्री के बंधन को मजबूत करने में योगदान दिया है, बल्कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था और समाज में भी अत्यंत मूल्यवान योगदान दिया है।प्रधानमंत्री की इस यात्रा का न केवल भारतीय समुदाय द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया जा रहा है, बल्कि इसका कूटनीतिक महत्व भी है। पीएम मोदी की दो देशों की यात्रा का यह पहला चरण है। दोनों देश एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करके द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने के लिए तैयार हैं। पीएम मोदी की यह यात्रा ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के निमंत्रण पर हो रही है और यह ब्रिटेन की उनकी चौथी यात्रा होगी। वह ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात करेंगे।पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि लंदन पहुंच गया हूं। यह यात्रा हमारे देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य हमारे लोगों की समृद्धि, विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना होगा। वैश्विक प्रगति के लिए भारत-ब्रिटिश मैत्री एक मजबूत मित्रता है।इससे पहले, यात्रा से पहले जारी अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी है, जिसने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। हमारा सहयोग व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा, शिक्षा, अनुसंधान, सतत विकास, स्वास्थ्य और लोगों से लोगों के संबंधों जैसे कई क्षेत्रों में फैला हुआ है।” इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करेंगे और व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। वह क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।इसके बाद, दो देशों की राजकीय यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी 25 और 26 जुलाई को मालदीव में रहेंगे। वह मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के निमंत्रण पर इस दौरे पर जाएंगे। पीएम मोदी 26 जुलाई, 2025 को मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के समारोह में ‘मुख्य अतिथि’ होंगे।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को समाज और श्रम बाजार पर उभरती प्रौद्योगिकियों के प्रभाव का आकलन करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इनका रोजगार के अवसरों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। भारतीय मजदूर संघ की स्थापना के 70 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने असंगठित क्षेत्र पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि श्रमिकों को अपने नियोक्ताओं द्वारा किसी भी प्रकार के शोषण का सामना न करना पड़े। इस कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया तथा विभिन्न मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। भागवत ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और इसके उपयोग से जुड़ी चिंताओं का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी आ रही है... जब नई प्रौद्योगिकियां आती हैं, तो वे साथ में कई नए प्रश्न भी लेकर आती हैं। बेरोजगारी का क्या होगा? क्या इससे बेरोजगारी घटेगी या बढ़ेगी?'' उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी मानव स्वभाव को ‘‘कुछ हद तक कठोर'' बना देती है और ''कहीं न कहीं'' श्रम के प्रति सम्मान को कम कर देती है। संघ प्रमुख ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी को अस्वीकार नहीं किया जा सकता। नई प्रौद्योगिकी आएगी, लेकिन इसका उपयोग कैसे किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इसका श्रम क्षेत्र पर प्रभाव न पड़े, इस पर विचार किया जाना चाहिए।'' उन्होंने कहा, ‘‘नई प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल से समाज में नई समस्याएं पैदा होने के बजाय, खुशहाली आनी चाहिए। इसीलिए इस मुद्दे पर विचार करने और कार्रवाई करने की आवश्यकता है। हमें यह करना ही होगा।'' भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) आरएसएस से संबद्ध संगठन है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मांडविया ने कहा कि विभिन्न मजदूर संगठनों की कार्य संस्कृति अलग-अलग होती है, जो उनकी विचारधाराओं के अनुरूप होती है, लेकिन बीएमएस ने अपनी कार्य संस्कृति को भारतीय जीवनशैली के अनुरूप तैयार किया है, ‘‘जो मेरे साथ श्रम मुद्दों पर उसकी चर्चा में परिलक्षित होता है।'' उन्होंने कहा कि सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे बनाने वाले श्रमिक ही हैं, और यही शक्ति देश के विकास और आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ा रही है। मांडविया ने आशा व्यक्त की कि भारतीय मज़दूर संघ (बीएमएस) पूरी ऊर्जा के साथ श्रमिकों और राष्ट्र के कल्याण के लिए कार्य करेगा। -
नयी दिल्ली. देश भर में इस वर्ष जनवरी से जून के बीच राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुई दुर्घटनाओं में 26,770 लोगों की जान चली गई। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को राज्यसभा को एक लिखित उत्तर में यह भी बताया कि वर्ष 2024 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 52,609 घातक दुर्घटनाएं हुईं। गडकरी ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने अत्यधिक यातायात वाले राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे जैसे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ट्रांस-हरियाणा, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ‘एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (एटीएमएस) स्थापित किया है। गडकरी ने बताया ‘‘एटीएमएस में इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन उपकरणों की व्यवस्था है, जो सड़क दुर्घटनाओं की त्वरित पहचान करने और राजमार्गों की प्रभावी निगरानी में मदद करते हैं। इससे आपात सहायता प्रतिक्रिया समय में सुधार होता है।'' एक अन्य प्रश्न के उत्तर में गडकरी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 1,12,561 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का सड़क सुरक्षा ऑडिट किया गया है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जोखिमपूर्ण स्थानों की पहचान और सुधार करना है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और असम राइफल्स में एक जनवरी, 2025 तक कुल 1.09 लाख पद रिक्त थे, जबकि 72,689 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी साझा की। उन्होंने सीएपीएफ में स्वीकृत पदों, कुल क्षमता और रिक्तियों से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत किए। राय के अनुसार, इन बलों में स्वीकृत पदों की संख्या 2021 में 10,04,980 से बढ़कर एक जनवरी, 2025 तक 10,67,110 हो गई है। इसी अवधि में 1,09,868 पद रिक्त हैं। मंत्री से यह पूछा गया था कि क्या सीएपीएफ में भारी संख्या में पद रिक्त हैं? इस पर उन्होंने जवाब दिया ‘‘नहीं।'' उन्होंने स्पष्ट किया कि सीएपीएफ और असम राइफल्स में रिक्तियां सेवानिवृत्ति, इस्तीफे, पदोन्नति, मृत्यु, नयी बटालियनों का गठन तथा नए पदों के सृजन आदि के कारण उत्पन्न होती हैं और रिक्तियों को भरना एक निरंतर प्रक्रिया है। राय ने बताया कि यूपीएससी, एसएससी आदि के माध्यम से भर्ती की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए गृह मंत्रालय सक्रिय प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) के पदों पर शीघ्र भर्ती के लिए कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
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शिमला. हिमाचल प्रदेश की एक राज्यस्तरीय महिला मुक्केबाज ने 600 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा पूरी कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने गौमुख से अपने गांव तक गंगाजल ले जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंडी जिले के डेरडू गांव की 21 वर्षीय कृतिका ने सावन माह में लगातार दूसरे वर्ष यह कठिन यात्रा की।
पिछले साल उन्होंने हरिद्वार से हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर तक की यात्रा की थी। इस वर्ष उन्होंने उत्तराखंड में स्थित गौमुख से पैदल चलकर अपनी शक्ति और भक्ति का परीक्षण करने का संकल्प लिया। उन्होंने कांवड़ में भरकर लाए गए गंगाजल से अपने गांव के ओंकारेश्वर मंदिर में जलाभिषेक कर अपनी यात्रा का समापन किया। उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि पूरा गांव इस क्षण को देखने के लिए एकत्र हुआ।
कृतिका ने कहा कि उनके पिता राजेंद्र कुमार और परिवार के अन्य पुरुष सदस्य वर्षों से कांवड़ यात्रा पर जाते रहे हैं जिनसे उन्हें प्रेरणा मिली। इस वर्ष की यात्रा में उनके पिता, चाचा और अन्य ग्रामीण भी साथ थे।
कृतिका सुंदरनगर के एमएलएसएम कॉलेज में शारीरिक शिक्षा की छात्रा हैं और राज्यस्तरीय मुक्केबाज भी हैं। -
लद्दाख/लद्दाख के सिंधु केन्द्रीय विश्वविद्यालय (एससीयू) के प्रथम दीक्षांत समारोह के दौरान तीन स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के 14 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। केंद्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान में मंगलवार को सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रथम बैच के 14 छात्रों को संस्थान के प्रथम दीक्षांत समारोह के दौरान लद्दाख के मुख्य सचिव पवन कोटवाल और विश्वविद्यालय के अन्य कार्यकारी सदस्यों की उपस्थिति में डिग्री दी गई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के निदेशक और एससीयू की कार्यकारी परिषद और शैक्षणिक परिषद के अध्यक्ष वी कामकोटि ने बताया कि विश्वविद्यालय की स्थापना केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2021 के तहत की गई थी और इसकी आधारशिला 20 फरवरी, 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रखी गई थी। कामकोटि ने कहा, “एससीयू को एक ऐसे केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है जहां परंपरागत तरीकों से हटकर और अलग-अलग विषयों को मिलाकर पढ़ाई कराई जाएगी। यह भारत के 17 सतत विकास लक्ष्यों के अनुसार काम करेगा। यह विश्वविद्यालय 2028 तक पूरी तरह से चालू हो जाएगा। तब तक, करीब 60 छात्रों की पढ़ाई के लिए लद्दाख में एक नया अस्थायी कैंपस शुरू किया गया है। इसमें लाइब्रेरी, एक मल्टीफंक्शनल लैब, क्लासरूम और छात्रावास जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।" आईआईटी मद्रास सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय का मार्गदर्शक संस्थान है। विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर समुद्र तल से लगभग 3,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित खलत्सी गांव में बन रहा है। साल 2024 में अपने पहले शैक्षणिक सत्र में, विश्वविद्यालय ने तीन स्नातकोत्तर कार्यक्रम शुरू किए जिनमें ऊर्जा प्रौद्योगिकी और नीति में एमटेक, वायुमंडलीय और जलवायु विज्ञान में एमटेक और सार्वजनिक नीति में एमए शामिल है। विश्वविद्यालय ने हाल में बौद्ध अध्ययन और दर्शनशास्त्र में एम.ए. पाठ्यक्रम शुरू किया है।
लेह से स्नातक तेनज़िन ज़ेंगकिंग ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय के बारे में पता चला और वह स्थिरता और ऊर्जा पर इसकी तवज्जो से आकर्षित हुए। उन्होंने कहा, "यह पाठ्यक्रम उद्देश्यपूर्ण लगा, खासकर लद्दाख जैसे स्थान पर जहां स्थिरता रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा है।" - वाराणसी/ संभल । सावन शिवरात्रि पर शिव मंदिरों में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। वाराणसी में, काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विश्व भूषण मिश्रा ने कहा, “आज सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई ।” पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए विशेष निगरानी रखी गई।।इस बीच, संभल में करीब 46 साल बाद खोले गए प्राचीन कार्तिकेय महादेव मंदिर में भी भारी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। इस मंदिर में जलाभिषेक करने वाले उपजिलाधिकारी (एसडीएम) विकास चंद्र ने कहा, “इस मंदिर को 46 साल बाद खोला गया है और हम संभल की खोई हुई पहचान फिर से वापस लाने पर काम कर रहे हैं।” मंदिर में पूजा करने आए श्रद्धालु दीपक कुमार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “हमें इस प्राचीन मंदिर में पूजा और जलाभिषेक करने का सौभाग्य मिला है। यह भोले बाबा की ही कृपा है।” संभल के भजोई स्थित सादात वाड़ी शिव मंदिर में जिलाधिकारी राजेन्दर पेंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार ने श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की। इस बीच, चंदौसी में क्षेत्राधिकारी अनुज चौधरी के पर्यवेक्षण में मुरादाबाद मार्ग पर एक समर्पित सेवा शिविर लगाया गया जहां कांवड़ यात्रा से लौट रहे कांवड़ियों को फल और भोजन प्रसाद उपलब्ध कराया गया। यहां कुछ कांवड़ियों को क्षेत्राधिकारी चौधरी के साथ तस्वीरें लेते हुए भी देखा गया। चौधरी पिछले वर्ष संभल में हुई हिंसा के दौरान कार्रवाई और रमजान के दौरान अपने विवादित बयानों के बाद से सुर्खियों में रहे हैं।
- नई दिल्ली। भारत सरकार 24 जुलाई 2025 से चीनी नागरिकों को पर्यटक वीज़ा देना फिर से शुरू करेगी। इस फैसले के साथ दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों में नरमी के संकेत मिल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने यह जानकारी दी है।पांच साल बाद उठा प्रतिबंधभारत ने कोविड-19 महामारी के दौरान 2020 में चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीज़ा को निलंबित कर दिया था। इसके बाद अप्रैल 2022 में अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (IATA) ने नोटिस जारी कर कहा था कि चीनी नागरिकों के सभी पर्यटक वीज़ा अमान्य माने जाएंगे। यह कदम चीन द्वारा लगभग 22,000 भारतीय छात्रों को दोबारा प्रवेश की अनुमति न देने के विरोध में उठाया गया था।अब कैसे मिलेगा वीज़ा?भारतीय दूतावास ने वीबो (Weibo) के जरिए जानकारी दी कि 24 जुलाई से चीनी नागरिक भारत का पर्यटक वीज़ा प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, अपॉइंटमेंट लेकर बीजिंग, शंघाई और ग्वांगझू स्थित वीज़ा केंद्रों में अपने दस्तावेज़ जमा करने होंगे।चीनी सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने इस जानकारी को अपने वीबो हैंडल से साझा किया और बाद में एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी इसका उल्लेख किया।द्विपक्षीय संबंधों में नरमीइस साल की शुरुआत में भारत और चीन ने सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने और कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी बहाल करने का फैसला किया था। दोनों कार्यक्रम 2020 के बाद बंद कर दिए गए थे।हाल ही में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पांच साल बाद चीन की यात्रा की, जिसे द्विपक्षीय संबंधों में सुधार की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। वहीं मार्च में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भारत-चीन संबंधों में सकारात्मक प्रगति का ज़िक्र किया था।उन्होंने कहा था कि ड्रैगन (चीन) और एलिफेंट (भारत) को एक-दूसरे की सफलता में भागीदार बनना चाहिए। यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच रूस के कज़ान में हुई बैठक के बाद आई थी, जिसे दोनों देशों के रिश्तों में मील का पत्थर माना गया।2024 में भारत और चीन पूर्वी लद्दाख में चार साल से चले आ रहे सैन्य गतिरोध को समाप्त करने में सफल रहे थे। यह फैसला भी दोनों देशों के रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
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नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति पद के रिक्त होने के बाद, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अनुच्छेद 324 के तहत आयोग को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों का आयोजन करे।
चुनाव आयोग ने बताया कि यह चुनाव The Presidential and Vice-Presidential Elections Act, 1952 और The Presidential and Vice-Presidential Elections Rules, 1974 के तहत संपन्न किया जाएगा। निर्वाचन आयोग के अनुसार, चुनाव कार्यक्रम की घोषणा पूर्व तैयारी पूरी होने के बाद शीघ्र ही की जाएगी। जिसमें –-निर्वाचक मंडल (Electoral College) की सूची तैयार करनाइसमें लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित और मनोनीत सदस्य शामिल होते हैं।मुख्य रिटर्निंग ऑफिसर और सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति।अब तक हुए उपराष्ट्रपति चुनावों की पृष्ठभूमि सामग्री तैयार करना और उसका प्रसार, शामिल है।भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 22 जुलाई 2025 को अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा सौंपा। धनखड़ ने अपने पत्र में कहा कि वे स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और चिकित्सीय सलाह का पालन करने के लिए यह निर्णय ले रहे हैं। धनखड़ (उम्र 74 वर्ष) ने अगस्त 2022 में भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया था। वे पहले राजस्थान के राज्यपाल भी रह चुके हैं और एक अनुभवी अधिवक्ता तथा राजनेता के रूप में जाने जाते हैं।संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया जा सकता है, जिसे राष्ट्रपति को संबोधित करना होता है। गृह मंत्रालय (MHA) ने 22 जुलाई को राजपत्र अधिसूचना S.O. 3354(E) जारी कर उनके इस्तीफे को अधिसूचित किया है।भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का सभापति भी होता है और यह पद राष्ट्रपति के बाद दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है। यदि किसी कारणवश राष्ट्रपति अनुपस्थित हों या उनका पद रिक्त हो, तो उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते हैं।अब पूरे देश की नजरें निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित की जाने वाली चुनाव तिथि और नामांकन प्रक्रिया पर टिकी हैं। यह चुनाव राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि नया उपराष्ट्रपति न केवल राज्यसभा का संचालन करेगा, बल्कि संसद में संतुलन बनाए रखने में भी बड़ी भूमिका निभाएगा। -
नई दिल्ली। गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) में निर्मित दूसरा स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रचेत’ बुधवार को लॉन्च कर दिया गया। पहला प्रदूषण नियंत्रण पोत (जीएसएल यार्ड 1267) पिछले साल 29 अगस्त को लॉन्च किया गया था, जिसकी अब जल्द ही आपूर्ति होने वाली है। आज लॉन्च किया गया पोत (जीएसएल यार्ड 1268) जीएसएल में निर्मित दो प्रदूषण नियंत्रण पोत श्रेणियों में से अंतिम पोत है। दूसरे पोत की लांचिंग भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि की मौजूदगी में उनकी पत्नी प्रिया परमेश के हाथों हुई।
यह पोत तेल रिसाव होने पर त्वरित प्रतिक्रिया देने में तटरक्षक बल की मदद करेगाइन प्रदूषण नियंत्रण पोतों का डिजाइन और निर्माण स्वदेशी रूप से किया जा रहा है। अपने संबोधन में महानिदेशक शिवमणि ने समुद्री क्षेत्र में भारतीय तटरक्षक बल के लिए प्रदूषण प्रतिक्रिया पोतों के महत्व और जीएसएल एवं आईसीजी के बीच तालमेल पर प्रकाश डाला। उन्होंने तटरक्षक बल की प्रमुख जहाज निर्माण आवश्यकताओं को स्वदेशी रूप से पूरा करने के लिए जीएसएल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समुद्र प्रचेत का शुभारंभ हमारे देश की जहाज निर्माण क्षमता का एक अनुकरणीय प्रमाण है।भारतीय तटरक्षक बल आत्मनिर्भरता के पथ पर निरंतर बढ़ रहा आगेउन्होंने सभी बाधाओं को पार करते हुए इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को हासिल करने पर जीएसएल के कर्मचारियों को बधाई देते हुए आह्वान किया कि रक्षा उत्पादन में ‘आत्मनिर्भरता’ की दिशा में आगे बढ़ना सही दिशा में होना चाहिए। दूसरे प्रदूषण नियंत्रण पोत की लांचिंग के साथ जीएसएल और भारतीय तटरक्षक बल आत्मनिर्भरता के पथ पर निरंतर आगे बढ़कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ को साकार कर रहा है। समारोह में जीएसएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार उपाध्याय, रक्षा मंत्रालय, तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारी और जीएसएल के कर्मचारी उपस्थित थे।भारतीय तटरक्षक बल की जरूरतों को करेगा पूराआईसीजी के कमांडेंट अमित उनियाल ने बताया कि इन पोतों को भारतीय तटरक्षक बल की जरूरतों को पूरा करने के लिए गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने डिजाइन और निर्मित किया है। पोत की लंबाई 114.5 मीटर, चौड़ाई 16.5 मीटर है और इसका विस्थापन 4170 टन होगा। इन पोतों में अत्याधुनिक प्रतिक्रिया उपकरण लगे हैं, इसलिए यह पोत हमारे ईईजेड में किसी भी तेल रिसाव की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने में तटरक्षक बल की मदद करेगा। इस परियोजना ने गोवा में समुद्री उत्पादन गतिविधियों में लगे स्थानीय उद्योग और एमएसएमई के लिए पर्याप्त रोजगार सृजन किया है। - सिद्धार्थनगर (उप्र). सिद्धार्थनगर जिले के भवानीगंज थानाक्षेत्र में परसा मुर्तजा गांव में चार बच्चों की मां को उसके पति ने उसके प्रेमी को सौंप दिया। पत्नी खुशी-खुशी अपने प्रेमी के साथ उसके घर चली गई। एक न्यूज़ एजेंसी के अनुसार रामचरण नामक व्यक्ति का लगभग 20 वर्ष पहले जानकी देवी से विवाह हुआ था। शादी के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था। दोनों की चार संतानें हुईं लेकिन घर का खर्च बढ़ा तो रामचरन मुंबई जाकर टाइल्स लगाने का काम करने लगा। इसी बीच, जानकी देवी की पड़ोस गांव के 25 वर्षीय परशुराम से दोस्ती हो गई और बाद में दोनों ने ‘कोर्ट मैरेज' (अदालती शादी) कर ली। सूत्रों के मुताबिक जानकी और परशुराम लगभग छह महीने साथ रहे, फिर अचानक महिला अपने पुराने पति के घर वापस पहुंची और माफी मांग कर साथ रहने की जिद करने लगी। इस पर महिला के पति ने उसे अपना लिया, लेकिन कुछ महीने बाद जानकी अचानक फिर अपने प्रेमी परशुराम के साथ चली गई। तब रामचरन ने थाने में शिकायत की जहां दोनों पक्ष को बुलाया गया। सूत्रों के अनुसार थाने में हुई बातचीत के दौरान परशुराम ने तय किया कि चारों बच्चे अपने पिता के साथ रहेंगे और महिला उसके साथ रहेगी। इसके बाद रामचरण अपनी पत्नी जानकी को उसके प्रेमी परशुराम के हवाले कर दिया और महिला खुशी-खुशी उसके साथ चली गई। यह घटना सिद्धार्थनगर में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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