- Home
- देश
-
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र आज से शुरू होने जा रहा है। मानसून सत्र प्रारंभ होने से पहले रविवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बारे में मीडिया को जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही अच्छे से चले, इसके लिए पक्ष और विपक्ष को मिलकर काम करना होगा। राजनीतिक दल अलग-अलग विचारधाराओं के हो सकते हैं, मगर सदन का अच्छी तरह चलना सभी की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार मानसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा को तैयार है।किरेन रिजिजू ने मीडिया से बात करते हुए बताया, “संसद सत्र शुरू होने से पहले सभी दलों के फ्लोर नेताओं की एक बैठक हुई। इस सत्र में कुल 51 राजनीतिक दल और निर्दलीय सांसद भाग लेंगे। इन 51 दलों के 54 सदस्य आज बैठक शामिल हुए। 40 लोगों ने अपनी पार्टियों की ओर से अपनी राय रखी। बहुत सकारात्मक बैठक हुई । सभी राजनीतिक नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी की स्थिति बताई और इस सत्र में लाने वाले मुद्दे उठाए। हमने सरकार की ओर से सभी प्वाइंट लिखे हैं। हमने कहा है कि सदन अच्छे से चले, इसके लिए पक्ष और विपक्ष को मिलकर अच्छे से काम करना होगा। राजनीतिक दल अलग-अलग विचारधाराओं के हो सकते हैं, मगर सदन का अच्छी तरह चलना सभी की जिम्मेदारी है। यह सरकार के साथ विपक्ष की भी जिम्मेदारी है।”उन्होंने आगे बताया कि छोटे-छोटे दल है, विशेषकर जिस पार्टी के एक या दो सदस्य होते है, उनको सदन में बोलने का कम समय मिलता है, क्योंकि संख्या के हिसाब से संसद का सिस्टम चलता है। इसको हमने संज्ञान में लिया है। छोटी पार्टियों के नेता को बोलने का पर्याप्त समय कैसे दें, इसको सुनिश्चित करने पर भी हमने सहमति जताई है।संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कई अहम मुद्दे है, जिस पर सभी दलों ने अपने विचार रखे हैं कि इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। हम तो खुले दिल से इन मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। हम नियम और परंपरा के तहत चलते है और इन चीजों को बहुत अहमियत देते हैं।किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद विभिन्न दलों के साथ सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों की बैठकें बहुत अच्छी और प्रभावी रहीं और उन सभी अच्छे अनुभवों को राष्ट्र के सामने शेयर किया जाना चाहिए। हमें इसका स्वागत करना चाहिए। - भुवनेश्वर. ओडिशा के पुरी जिले में तीन बदमाशों द्वारा आग के हवाले की गई 15 वर्षीय लड़की को रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भुनवेश्वर से विमान के जरिए दिल्ली ले जाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। लड़की को दिल्ली ले जाए जाने के तुरंत बाद, ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई बी खुरानिया पुरी जिले के बलंगा इलाके में भार्गवी नदी के किनारे स्थित घटनास्थल का दौरा करने गए। खुरानिया ने बलंगा में संवाददाताओं से कहा, "जांच एक संवेदनशील चरण में पहुंच गई है और हम जल्द ही घटना का ब्यौरा दे पाएंगे।" विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) द्वारा 48 घंटे के भीतर अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए बलंगा थाने का घेराव करने तथा भुवनेश्वर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध करने की चेतावनी देने के बाद डीजीपी ने घटनास्थल का दौरा किया। महिला बीजद नेता और पूर्व मंत्री तुकुनी साहू ने आरोप लगाया कि घटना के 36 घंटे बाद भी पुलिस आरोपियों के बारे में कोई सुराग नहीं लगा पाई है। इससे पहले, लड़की को एम्स भुवनेश्वर से बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक ले जाने के लिए हरित गलियारा बनाया गया और पुलिस बल की एक प्लाटून तैनात की गई थी। भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) जगमोहन मीणा ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘एम्बुलेंस एम्स भुवनेश्वर से मरीज को लेकर 12 मिनट में हवाई अड्डे पहुंच गई। उसे एक विशेष मेडिकल टीम के साथ उन्नत उपकरणों से लैस एक एम्बुलेंस में ले जाया गया।'' स्वास्थ्य सेवा के संदर्भ में हरित गलियारे का मतलब प्रतिरोपण के लिए अंगों या गंभीर रूप से बीमार मरीजों को लेकर जा रही एम्बुलेंस के मार्ग से वाहनों एवं अन्य अवराधकों को हटाना है ताकि ये एम्बुलेंस कम से कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। नाबालिग लड़की 70 प्रतिशत तक झुलस गई थी। उसे एम्स भुवनेश्वर के ‘बर्न सेंटर' विभाग के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में कृत्रिम तरीके से ऑक्सीजन दी जा रही थी। एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक आशुतोष बिस्वास ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘मरीज की हालत स्थिर है और उसका रक्तचाप, जो कल कम था, उसमें सुधार हुआ है। उसे अस्पताल में स्थानांतरित करना सुरक्षित है।'' मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को कहा था कि राज्य सरकार नाबालिग लड़की को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने की योजना बना रही है। हालांकि, माझी ने कहा कि एम्स भुवनेश्वर के अधिकारी उसकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए निर्णय लेंगे। एक अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के शनिवार को बोलने की स्थिति में आने के बाद पुलिस ने एम्स भुवनेश्वर के आईसीयू में एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में उसका बयान दर्ज किया। उन्होंने कहा कि उसका बयान जांच के लिए महत्वपूर्ण है। सेंट्रल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक एस प्रवीण कुमार और पुरी के पुलिस अधीक्षक पिनाक मिश्रा के साथ घटनास्थल का दौरा करने के बाद, डीजीपी भार्गवी नदी के तट पर गए और उस स्थान का मुआइना किया जहां तीन आरोपियों ने लड़की पर ज्वलनशील पदार्थ डाला था और उसे आग लगा दी थी। डीजीपी ने कहा, "पुलिस के अलावा, दो वैज्ञानिक टीम, एक राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला से और दूसरी एम्स फॉरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी से, ने घटनास्थल का दौरा किया है और अपराध से संबंधित कई साक्ष्य एकत्र किए हैं। जांच जारी है और पुलिस को जल्द ही विस्तृत जानकारी मिल जाएगी।" सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने पिछले 36 घंटों के दौरान कम से कम 10 लोगों से पूछताछ की है, जिनमें कुछ महिलाएं और पीड़िता के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात युवकों ने लड़की को रोका, उसे जबरन भार्गवी नदी के किनारे ले गए और उस पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि लड़की को आग लगाने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। इसने बताया कि स्थानीय लोग आग बुझाकर उसे पिपिली सरकारी अस्पताल ले गए जहां से उसे एम्स भुवनेश्वर भेज दिया गया। बाद में उसे एम्स दिल्ली भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि लड़की की मां ने बलंगा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि पीड़िता ने आठवीं कक्षा में पढ़ाई छोड़ दी थी और उसके पिता एक मोटर गैराज में काम करते हैं।
-
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होगा और 21 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान केंद्र सरकार 8 नए विधेयक पेश करेगी और अन्य लंबित विधेयकों पर भी चर्चा होगी। सरकार का मुख्य ध्यान आयकर विधेयक 2025 पर है, जिसे बजट सत्र में 13 फरवरी को लोकसभा में पेश किया गया था।
आयकर विधेयक को भाजपा सांसद बैजयंत जय पांडा की अध्यक्षता वाली संसद की चयन समिति ने संशोधनों के साथ स्वीकार कर लिया है। अब इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद संसद में पारित करने के लिए लाया जाएगा।अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों में मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 शामिल है। इसके अलावा, मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को हर छह महीने में संसद की मंजूरी की आवश्यकता होगी, इसलिए इसके विस्तार के लिए भी एक विधेयक लाया जाएगा।जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक 2025 भी इस सत्र में पेश किया जाएगा, जिसका उद्देश्य कारोबारी सुगमता और नियामक अनुपालन में सुधार करना है। इसके अलावा, अन्य सात विधेयकों पर भी चर्चा होगी, जो पहले पेश किए जा चुके हैं।मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयकों में लदान विधेयक 2024, समुद्री माल ढुलाई विधेयक 2024, तटीय नौवहन विधेयक 2024, गोवा राज्य के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों का प्रतिनिधित्व विधेयक 2024, मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2024, भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025, आयकर विधेयक 2025, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025, कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025, भू-विरासत स्थल और भू-अवशेष (संरक्षण और रखरखाव) विधेयक 2025, खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और नेशनल एंटी-डोपिंग संशोधन विधेयक 2025 शामिल हैं। यह सत्र सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा का केंद्र होगा। विपक्ष ने भी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग की है। -
नई दिल्ली। छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेने वाले “Income Tax Bill, 2025” पर गठित संसद की चयन समिति की रिपोर्ट सोमवार को लोकसभा में पेश की जाएगी। यह समिति लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला द्वारा गठित की गई थी और इसकी अध्यक्षता भाजपा नेता बैजयंत पांडा कर रहे हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 फरवरी को लोकसभा में यह नया आयकर विधेयक पेश किया था, जिसके बाद इसे 31 सदस्यीय चयन समिति को सौंपा गया था। समिति ने विधेयक में 285 सुझाव दिए हैं और 16 जुलाई को हुई बैठक में रिपोर्ट को मंजूरी दी।सरलीकृत ढांचा: नया आयकर विधेयक पुराने अधिनियम की तुलना में काफी सरल और संक्षिप्त है। इसका उद्देश्य कर निर्धारण में पारदर्शिता और निश्चितता लाना है, जिससे मुकदमेबाजी और अस्पष्ट व्याख्याओं की गुंजाइश कम हो।-आकार में आधा: नए बिल में शब्दों की संख्या 2.6 लाख है, जबकि पुराने अधिनियम में 5.12 लाख शब्द थे।-अनुभागों में कटौती: पुराने कानून में जहां 819 प्रभावी अनुभाग थे, वहीं नए बिल में केवल 536 अनुभाग हैं।-अध्यायों की संख्या घटाकर 23: पहले 47 अध्याय थे, अब केवल 23 होंगे।-सरल भाषा का उपयोग: गैर-लाभकारी संस्थाओं के लिए अध्याय को आम समझ वाली भाषा में विस्तृत किया गया है।-1,200 उपवाक्यों (provisos) और 900 स्पष्टीकरणों को हटाया गया है जिससे शब्द संख्या में 34,547 की कमी आई है।नया कर वर्ष:नए विधेयक में “पिछला वर्ष” (Previous Year) और “मूल्यांकन वर्ष” (Assessment Year) की जगह केवल “कर वर्ष” (Tax Year) की अवधारणा लागू की गई है। अब आयकर उसी वर्ष के लिए देय होगा जिसमें आय अर्जित की गई हो, जिससे करदाताओं के लिए प्रक्रिया और अधिक सहज हो जाएगी।टैक्स दर, छूट और टीडीएस/टीसीएस:छूट और TDS/TCS से जुड़े प्रावधानों को सारणीबद्ध (tabular format) कर अधिक स्पष्ट और संक्षिप्त बनाया गया है।तालिकाओं की संख्या बढ़ाकर 57 कर दी गई है, जो कि वर्तमान कानून में मात्र 18 थी।वित्त मंत्री सीतारमण ने विधेयक पेश करते समय कहा था कि यह एक “सारगर्भित और ऐतिहासिक परिवर्तन” है। समिति की रिपोर्ट अब मानसून सत्र के पहले दिन, 21 जुलाई 2025 को लोकसभा में पेश की जाएगी। मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलेगा।नया आयकर विधेयक न केवल कर प्रणाली को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह करदाताओं की सुविधा और पारदर्शिता को भी प्राथमिकता देता है। अब नजर लोकसभा की कार्यवाही पर टिकी है, जहां विधेयक पर चर्चा के बाद इसे पारित किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। -
नई दिल्ली। यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 23 से 24 जुलाई तक यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक यात्रा करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की यूके की चौथी यात्रा होगी। यात्रा के दौरान, पीएम मोदी भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण पहलुओं पर प्रधानमंत्री स्टारमर के साथ व्यापक चर्चा करेंगे।वह क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी मालदीव गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू के निमंत्रण पर 25-26 जुलाई तक मालदीव की राजकीय यात्रा करेंगे।
पीएम मोदी के दो देशों की राजकीय यात्रा की जानकारी देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के राजा चार्ल्स तृतीय से भी मिलने की उम्मीद है। इस यात्रा के दौरान, दोनों पक्ष व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे, जिसमें व्यापार और अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।अपनी यात्रा के दूसरे चरण में, प्रधानमंत्री मोदी मालदीव 25 से 26 जुलाई तक मालदीव की आधिकारिक यात्रा करेंगे। यह पीएम मोदी की मालदीव की तीसरी यात्रा होगी। वहीं, डॉ. मोहम्मद मुइज्जू के राष्ट्रपतित्व काल में यह किसी राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष की मालदीव की पहली यात्रा होगी।आपको बता दें, प्रधानमंत्री मोदी 26 जुलाई को मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के समारोह में ‘मुख्य अतिथि’ होंगे। इस यात्रा के दौरान, पीएम मोदी राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू से मुलाकात करेंगे और आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। दोनों नेता अक्टूबर 2024 में मालदीव के राष्ट्रपति की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान अपनाए गए ‘व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी’ के लिए भारत-मालदीव संयुक्त दृष्टिकोण के कार्यान्वयन में प्रगति का भी जायजा लेंगे।विदेश मंत्रालय ने कहा, यह यात्रा भारत द्वारा अपने समुद्री पड़ोसी मालदीव को दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है, जो भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और विजन ‘महासागर’ में विशेष स्थान रखता है। यह यात्रा दोनों पक्षों को घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक गहरा एवं मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी। - जूनागढ़ (गुजरात). केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि भारत में 1.5 करोड़ महिलाएं पहले ही लखपति दीदी बन चुकी हैं और उनके मंत्रालय का लक्ष्य 15 अगस्त तक इस संख्या को दो करोड़ तक ले जाने का है। ‘लखपति दीदी' से तात्पर्य स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की उस महिला सदस्य से है, जो प्रतिवर्ष एक लाख रुपये या उससे अधिक की आय अर्जित करती है। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने एक विज्ञप्ति में कहा कि चौहान ने गुजरात के जूनागढ़ शहर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद- मूंगफली अनुसंधान निदेशालय का दौरा किया, जहां उन्होंने इसकी गतिविधियों की समीक्षा की और किसानों और स्वयं सहायता समूहों की लखपति दीदियों के साथ बातचीत की। चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हर महिला को ‘लखपति दीदी' बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी महिला गरीब क्यों रहे? यह अभियान पूरे भारत में चलाया जा रहा है।अब तक 1.5 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और मेरा विभाग 15 अगस्त तक दो करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लिए लगातार कदम उठा रहा है।'' उन्होंने कहा कि जूनागढ़ में ऐसी महिलाएं हैं जो पहले से ही प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये से अधिक कमा रही हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं ने साबित कर दिया है कि अगर उन्हें कुछ अवसर और प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, तो वे चमत्कार कर सकती हैं। ये महिलाएं 'वोकल फॉर लोकल' की सच्ची पथप्रदर्शक हैं। मुझे विश्वास है कि ये महिलाएं प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप विकसित भारत का निर्माण करेंगी।'' चौहान ने महिलाओं के योगदान की सराहना की।उन्होंने कहा, ‘‘साहस के साथ आगे बढ़ते रहिए। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करने के लिए आपके साथ खड़े हैं। औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की योजनाएं जारी हैं। महिलाओं की कड़ी मेहनत प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण में सहायक होगी।'' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि अब भी भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और उनके लिए किसानों की सेवा करना भगवान की पूजा करने के समान है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सिर्फ अपने दिल्ली कार्यालय में नहीं बैठता। इसके बजाय, मैं कृषि क्षेत्रों का दौरा करता हूं, किसानों से बातचीत करता हूं और उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करता हूं। हमारे प्रधानमंत्री भी कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।'' इससे पहले दिन में चौहान ने गिर सोमनाथ जिले में प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर सासन में गिर राष्ट्रीय उद्यान के पास देवलिया सफारी उद्यान का दौरा किया।
- ऊना. हिमाचल प्रदेश के ऊना जाने वाली जन शताब्दी एक्सप्रेस पर पंजाब में रूपनगर के निकट पत्थरबाजी की गई, जिससे ट्रेन की एक खिड़की का शीशा टूट गया। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना शुक्रवार को तब प्रकाश में आई जब ट्रेन के एक यात्री ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में इसकी शिकायत की और आरपीएफ, अंबाला के मंडल रेलवे प्रबंधक (डीआरएम) तथा उत्तर रेलवे को टैग किया। अधिकारियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के निवासी हार्दिक शर्मा खरड़ से ट्रेन में सवार हुए थे और शुक्रवार रात जब ट्रेन रूपनगर पहुंची तो कुछ लोगों ने उसपर पथराव किया, जिससे कोच डी9 की सीट संख्या 48 की खिड़की का शीशा टूट गया।शर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि वह सीट 48 पर बैठे थे, लेकिन सौभाग्य से घटना से कुछ मिनट पहले ही उन्होंने सीट बदल ली थी। एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। शर्मा के ‘एक्स' पोस्ट पर संज्ञान लेते हुए रेलवे अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। ऊना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग ठाकुर ने पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में कहा कि रेलवे को इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।
- नयी दिल्ली/ उत्तर प्रदेश में मानसून का कहर सबसे ज्यादा रहा और यहां बारिश से संबंधित घटनाओं में 18 लोगों की मौत हो गई। भारत मौसम विभाग ने शनिवार को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल में भारी बारिश की चेतावनी जारी की। राजस्थान के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जबकि अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के कुछ इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ और यातायात बाधित हुआ। उत्तर प्रदेश में 18 जुलाई को रात आठ बजे तक 24 घंटे से अधिक की अवधि में 18 लोगों की मौत हो गई। कुल मौतों में से आठ की मौत अत्यधिक बारिश के कारण डूबने से हुई, जबकि दो की मौत सांप के काटने से हुई। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, चित्रकूट में 17 और 18 जुलाई को डूबने से दो मौतें हुईं, मुरादाबाद में 17 जुलाई को तीन और गाजीपुर में 18 जुलाई को एक व्यक्ति की डूबने से मौत हुई।बयान में कहा गया है कि 18 जुलाई को भारी बारिश के बाद हुई घटनाओं में बांदा में तीन, महोबा और चित्रकूट में दो-दो तथा ललितपुर में एक व्यक्ति की मौत हो गई। राजस्थान में पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश के कारण अजमेर, पुष्कर, बूंदी, सवाई माधोपुर और पाली सहित कई शहरों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। भारी बारिश के कारण नदी-नाले और बांध उफान पर होने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। शुक्रवार रात टोंक के टोडारायसिंह क्षेत्र के गोलेरा गांव के पास बनास नदी में 17 लोग फंस गए थे, जिन्हें बाद में एसडीआरएफ ने बचा लिया। अजमेर के दरगाह क्षेत्र में कई लोग पानी के तेज बहाव में बह गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप कर उन्हें बचाया। लगातार बारिश के कारण अजमेर की आना सागर झील उफान पर है तथा स्थानीय लोग पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए रेत की बोरियों का उपयोग कर रहे हैं। सबसे अधिक बारिश बूंदी जिले के नैनवा में 234.0 मिमी, नागौर के मेड़ता सिटी में 230 मिमी, अजमेर के मांगलियावास में 190 मिमी, अजमेर के नसीराबाद में 180 मिमी और प्रतापगढ़ में 160 मिमी दर्ज की गई। जयपुर मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि शनिवार को जोधपुर संभाग में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि अजमेर और उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। शनिवार से भरतपुर, जयपुर, कोटा और बीकानेर संभाग में भी भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।उन्होंने कहा कि रविवार से राज्य भर में बारिश की गतिविधियों में तेजी से गिरावट आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि 27-28 जुलाई के आसपास पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की एक नई लहर संभावित रूप से लौट सकती है। उत्तराखंड में मौसम विभाग ने कुमाऊं क्षेत्र के कुछ हिस्सों में रविवार को भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। कुमाऊं क्षेत्र के नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर में रविवार को भारी बारिश होने की संभावना है।विभाग ने गढ़वाल क्षेत्र के देहरादून, टिहरी और पौड़ी जिलों के साथ-साथ कुमाऊं के बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' भी जारी किया है। बारिश की चेतावनी के मद्देनजर जिला प्रशासन को लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने सहित अन्य एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के उप सचिव शिवशंकर मिश्रा द्वारा जिलाधिकारियों को जारी पत्र में कहा गया है कि प्रत्येक थाने और चौकी पर आपदा संबंधी उपकरण और वायरलेस सेट तैयार रखे जाएं। पत्र में कहा गया है कि असामान्य मौसम या भारी बारिश के बीच हिमालय के ऊपरी इलाकों में पर्यटकों को यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हिमाचल प्रदेश में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने नौ जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में सोमवार और मंगलवार को भारी बारिश के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, राज्य में कुल 141 सड़कें अभी भी बंद हैं, जबकि शनिवार शाम तक 58 जलापूर्ति योजनाएं और 28 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रभावित मंडी जिले में 94 सड़कें बंद हैं, जबकि कुल्लू जिले में 33 सड़कें बंद हैं। रविवार तक अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा के लिए 'येलो अलर्ट' भी जारी किया गया है।मौसम विभाग ने कहा कि सोमवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में और मंगलवार को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर में गरज के साथ छींटे पड़ने और बिजली चमकने की भी आशंका है। केरल में आईएमडी ने पांच उत्तरी जिलों (मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड) में भारी बारिश के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है, जहां लगातार बारिश से कई शहरों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बाढ़ आ गई है और यातायात बाधित हो गया है। एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर और पलक्कड़ जिलों को भारी वर्षा के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' के तहत रखा गया है।बारिश की चेतावनी के मद्देनजर केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने भी आपात स्थिति के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में दिशानिर्देश जारी किए हैं। वायनाड और कोझिकोड दोनों जगहों पर शुक्रवार रात भर भारी बारिश हुई, हालांकि शनिवार सुबह थोड़ी राहत मिली। कोझिकोड में जिलाधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों और जल निकायों के निकट रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैयार हैं। अरुणाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण लोअर सियांग जिले के विभिन्न स्थानों पर सड़क संपर्क टूट गया है।पश्चिम बंगाल के सेवोके और सिक्किम के रंगपो को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-10 के एक हिस्से पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने के कारण वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। भारत मौसम विभाग ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में गरज के साथ बूंदाबांदी या बारिश होने का अनुमान जताया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। आईएमडी के अनुसार, शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत से 0.9 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 25.2 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। शाम 5:30 बजे सापेक्ष आर्द्रता 83 प्रतिशत दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शाम छह बजे दिल्ली की वायु गुणवत्ता "संतोषजनक" श्रेणी में दर्ज की गई, जिसमें वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 56 रहा।
- चेन्नई, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को तमिलनाडु के वेलिंगटन स्थित रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज (डीएसएससी) का दौरा किया और 81वें स्टाफ पाठ्यक्रम के छात्र अधिकारियों, कॉलेज के स्थायी कर्मचारियों और स्टेशन अधिकारियों को संबोधित किया। जनरल अनिल चौहान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' का उल्लेख करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा सफल अभियानों के दौरान सेना के तीनों अंगों के बीच प्रदर्शित तालमेल के महत्व पर जोर दिया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि बाद में कॉलेज के संकाय सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए जनरल अनिल चौहान ने एकीकरण और संयुक्तता की अनिवार्यता, क्षमता विकास, आत्मनिर्भरता और सेना में किए जा रहे परिवर्तनकारी बदलावों की गहन समझ पर जोर दिया। डीएसएससी कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने कॉलेज में चल रही प्रशिक्षण गतिविधियों के बारे में सीडीएस को जानकारी दी, जहां संयुक्तता और अंतर-सेवा जागरूकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है, ‘‘विशेष रूप से डीप पर्पल डिवीजन के संस्थानीकरण के साथ।'' विज्ञप्ति में कहा गया है कि कॉलेज में वर्तमान में 45 सप्ताह का 81वां स्टाफ पाठ्यक्रम चल रहा है और जिसमें 500 छात्र अधिकारी शामिल हैं, जिनमें 45 छात्र 35 मित्र देशों के हैं।
- बांदा/प्रतापगढ/ उत्तर प्रदेश के बांदा और प्रतापगढ़ जिलों में शनिवार को सड़क हादसों में चार युवकों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार बांदा जिले की देहात कोतवाली क्षेत्र के करहिया गांव के मोड़ के पास शनिवार को एक तेज रफ्तार डीसीएम (छोटा ट्रक) ने साइकिल सवार दो युवकों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। देहात कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अनूप दुबे ने बताया कि शनिवार दोपहर करहिया गांव के मोड़ के पास कानपुर से मिर्च लादकर महाराष्ट्र जा रहे एक तेज रफ्तार वाहन ने एक ही साइकिल पर सवार दो युवकों नंदकिशोर कोरी (25) और समर सिंह (18) को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि वाहन मालिक दीपनारायण और चालक को पकड़ लिया गया है और दोनों युवकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। प्रतापगढ़ ज़िला मुख्यालय से पचास किलोमीटर दूर शनिवार की भोर में थाना आसपुर क्षेत्र के धरौली नहर के निकट बाइक के अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा जाने से दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रतापगढ़ के अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) शैलेन्द्र लाल ने शनिवार को बताया कि हादसे में युवकों की पहचान राहुल गौतम (28) और अखिलेश गौतम (24) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि घायल युवक विशाल गौतम (18) को जौनपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का यह फैसला पाकिस्तान पर दबाव बनाएगा ताकि वह अपनी जमीन से संचालित आतंकी संगठनों पर सख्ती करे। अमेरिका ने यह कदम 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उठाया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली थी। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को टीआरएफ को “विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO)” और “विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT)” घोषित किया। उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और पहलगाम हमले में न्याय की मांग को दर्शाता है।शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “मैं अमेरिकी विदेश विभाग के इस फैसले का स्वागत करता हूं कि उसने लश्कर के प्रतिनिधि संगठन टीआरएफ को आतंकवादी घोषित किया है। इससे पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ेगा कि वह इन संगठनों की गतिविधियों को नियंत्रित करे।”थरूर ने वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों के साथ अपनी बैठकों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा, “जब मैंने अमेरिका में निजी बातचीत में पूछा कि पाकिस्तान को अब भी आतंकी संगठनों को पनाह देने की छूट क्यों दी जा रही है, तो बताया गया कि पाकिस्तान का कुछ हद तक अमेरिका के साथ आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग है। उदाहरण के लिए, हाल ही में काबुल एयरपोर्ट हमले के आरोपी को पाकिस्तान ने अमेरिका को सौंपा है।”थरूर ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की नीयत और गुणवत्ता पर भारत को संदेह है, क्योंकि उसका रवैया उन संगठनों के प्रति अलग होता है जो भारत के खिलाफ हैं और उन संगठनों के प्रति अलग जो अमेरिका के खिलाफ माने जाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका का यह फैसला टीआरएफ को संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादी सूची में शामिल कराने की भारत की कोशिशों को भी मजबूत करेगा।इससे पहले , जब पहलगाम आतंकी हमला हुआ था, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर संवेदना व्यक्त की थी और दोषियों को सजा दिलाने में अमेरिका का समर्थन जताया था।वहीं भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अमेरिका में हाल ही में हुई क्वाड बैठक और मार्को रुबियो के साथ बातचीत में टीआरएफ जैसे संगठनों के खिलाफ वैश्विक समन्वय की मांग उठाई थी। इसी कड़ी में, शशि थरूर के नेतृत्व में एक सर्वदलीय भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने जून में वाशिंगटन का दौरा किया था और अमेरिकी सांसदों को टीआरएफ की भूमिका और पाकिस्तान द्वारा आतंकियों को दिए जा रहे समर्थन की जानकारी दी थी। टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित किया जाना भारत और अमेरिका के बीच आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रयास का हिस्सा है। यह उन देशों और संगठनों को जवाबदेह ठहराने की दिशा में एक बड़ा कदम है जो आतंकवाद को समर्थन देते हैं।
- नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में शनिवार को रुद्रपुर में आयोजित, उत्तराखंड निवेश उत्सव-2025 में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने, उत्तराखंड में दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के बाद निवेश के रूप में हुए, एक लाख करोड़ रुपए की सफल ग्राउंडिंग का उत्सव मनाया। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अटल जी देश की अर्थव्यवस्था को 11वें नंबर पर छोड़ गए थे, पीएम मोदी इसे चौथे नंबर पर ले आए हैं। अब 2027 में हम दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार के प्रयासों की भी जमकर तारीफ की और केंद्र सरकार से भरपूर सहायता का आश्वासन दिया।स्पोर्ट्स स्टेडियम रुद्रपुर में आयोजित, उत्तराखंड निवेश उत्सव – 2025 को संबोधित करते हुए, गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वो जब भी चार धामों और गंगा यमुना की भूमि उत्तराखंड आते हैं तो नई चेतना लेकर लौटते हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने पूरी दुनिया को आध्यात्मिक ऊंचाई पर ले जाने का काम किया है। यहां की नदियां आधे भारत की पेयजल, सिंचाई की जरूरतों को पूरा करती हैं।गृह मंत्री अमित शाह ने दिसंबर 2023 में आयोजित उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के समापन समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि तब उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कहा था कि, राज्य सरकार का असल पराक्रम समिट में हुए तीन लाख 56 हजार करोड़ के एमओयू को धरातल पर उतारने का होगा, लेकिन अब उन्हें खुशी है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की टीम ने तमाम चुनौतियों के बावजूद, आज एक लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट धरातल पर उतार दिया है। इससे 81 हजार नए रोजगार सृजन का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही सहायक उद्योगों के जरिए भी ढाई लाख से अधिक नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद जगी है।उन्होंने कहा कि, उत्तराखंड के दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में भी उद्योग लग रहे हैं। राज्य सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए, नीति में पारदर्शिता, क्रियान्वयन में तीव्रता और विजन में दूरदर्शिता के साथ विकास का नया खाका खींचने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने उत्तराखंड के साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ के रूप में तीन नए राज्य बनाने का काम किया। आज ये तीनों राज्य अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं। 2014 के बाद केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद से उत्तराखंड में तो लगातार डबल इंजन की सरकार चल रही है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में विकास का खाका खींचते हुए हर क्षेत्र में नए रिकॉर्ड बनाए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई दस साल में 60 प्रतिशत बढ़ी है, इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में आठ लाख किमी सड़कें बनी हैं। 333 जिलों में सुविधाजनक वंदे भारत ट्रेन पहुंच चुकी है। दस सालों में 45 हजार किमी रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया गया, 88 नए हवाई अड्डे बने साथ ही इनलैंड वाटर वे कारगो में 11 गुना बढ़ोतरी हुई है।उन्होंने कहा कि एक समय में कहा जाता था कि आधारभूत सुविधाएं विकसित करते हुए, देश के गरीबों का कल्याण संभव नहीं है। लेकिन पीएम मोदी ने इस मिथक को तोड़ते हुए 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर पहुंचा दिया है। मोदी सरकार गरीबों को पांच किलो मुफ्त अनाज देकर खाद्य सुरक्षा प्रदान कर रही है, साथ ही 55 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपए तक निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान कर रही है। इस दौरान 16 करोड़ घरों में पहली बार नल से जल पहुंचा, 12 करोड़ घरों में शौचालय, 13 करोड़ परिवारों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर की सुविधा प्रदान की गई। मोदी सरकार के कार्यकाल में तीन करोड़ घरों में पहली बार बिजली पहुंची, चार करोड़ लोगों को पक्के मकान दिए गए।केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत की कल्पना की है, लेकिन विकसित उत्तराखंड के बिना विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है। देश के समग्र विकास के लिए, छोटे राज्यों सहित उत्तर पूर्व के राज्यों का विकास भी जरूरी है। इस पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उत्तराखंड तो वैसे भी ज्योर्तिलिंग, शक्तीपीठ, पंचब्रदी, पंच केदार और पंच प्रयाग की भूमि है, इस राज्य का विकास कोई नहीं रोक सकता। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ दिन रात काम कर रही है। राज्य में वर्ष भर पर्यटक आएं, इसके लिए 360 डिग्री पर काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी उत्तराखंड के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं, यही कारण है कि जब कुछ लोगों ने ऑलवेदर रोड का विरोध किया तो केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी कर ऑलवेदर रोड को चार धामों तक पहुंचाने का काम किया। इसी तरह सरकार हेमकुंड साहिब के साथ ही केदारनाथ के लिए रोपवे परियोजना पर काम कर रही है।उन्होंने पुष्कर सिंह धामी सरकार के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा किस तरह इस छोटे से राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन, एमएसएमई, स्टार्टअप, फिल्म नीति सहित कई प्रयास किए गए, जिससे राज्य में निवेश का वातावरण बना है। आने वाले समय में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक उपचार और जैविक खेती उत्तराखंड के विकास का आधार बनेंगे।केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के दस साल के कार्यकाल में उत्तराखंड को साढ़े तीन गुना से अधिक एक लाख 86 हजार करोड़ रुपए प्रदान किए गए। इसके अलावा 31 हजार करोड़ सड़कों के लिए, चालीस हजार रेलवे प्रोजेक्ट के लिए, सौ करोड़ एयरपोर्ट के लिए प्रदान किए, इस तरह कुल केंद्रीय सहायता, पिछली सरकार के मुकाबले चार गुना अधिक हो जाती है। उन्होंने एक लाख करोड़ रुपए की सफल ग्राउंडिंग के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि शेष निवेश लक्ष्य को बिना थे जमीन पर उतारने का काम किया जाए, केंद्र सरकार इस काम में पूरा सहयोग देने को तैयार है।
- हैदराबाद. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात पिछले 11 वर्षों में आठ गुना वृद्धि के साथ 40 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया है। उन्होंने यह भी बताया कि घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन छह गुना बढ़ गया है। आईआईटी हैदराबाद के 14वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए, वैष्णव ने भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की तेज प्रगति का जिक्र भी किया, जिसके अगस्त या सितंबर 2027 तक चालू होने की उम्मीद है। वैष्णव ने कहा कि इस साल व्यावसायिक स्तर पर पहली भारत में बनी सेमीकंडक्टर चिप आएगी।उन्होंने भरोसा जताया कि भारत आने वाले वर्षों में दुनिया के शीर्ष पांच सेमीकंडक्टर उत्पादक देशों में एक बनने की राह पर है। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा, ''महज 11 वर्षों में, हमने अपने इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को छह गुना बढ़ा दिया है। यह दोहरे अंकों की वृद्धि है। हमने अपने निर्यात को आठ गुना बढ़ाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में 40 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात को पार कर लिया है।'' उन्होंने कहा कि यह वृद्धि की अभूतपूर्व गति है, जो बहुत कम देशों ने पहले कभी देखी है।उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया और कहा कि लगभग साढ़े तीन वर्षों में, भारत एक संपूर्ण 4जी दूरसंचार स्टैक डिजाइन कर सकता है। आज, यह लगभग 90,000 दूरसंचार टावरों पर स्थापित है, जो दुनिया के कई देशों के नेटवर्क से भी अधिक है।
- भुवनेश्वर. ओडिशा के पुरी जिले में शनिवार को बदमाशों ने 15 वर्षीय लड़की को आग लगा दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि लड़की को गंभीर हालत में एम्स-भुवनेश्वर ले जाया गया है।उपमुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री प्रवती परीदा ने एक पोस्ट में घटना की पुष्टि करते हुए कहा, ‘‘मैं यह खबर सुनकर दुखी और स्तब्ध हूं कि पुरी जिले के बलंगा में कुछ बदमाशों ने सड़क पर 15 वर्षीय लड़की पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।'' उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लड़की को तुरंत एम्स भुवनेश्वर भेज दिया गया है और उसके इलाज की सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इलाज का सारा खर्च सरकार वहन करेगी। पुलिस प्रशासन को दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।'' प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बयाबर गांव में तीन बदमाशों ने एक लड़की को उस समय आग लगा दी जब वह अपनी सहेली के घर जा रही थी। घटना के बाद वे फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने आग बुझाकर लड़की को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस गांव पहुंच गई है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
- शिलांग. मेघालय के पूर्वी गारो हिल्स जिले के एक गांव में दिनदहाड़े एक स्कूली छात्रा की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना शुक्रवार को विलियमनगर के पास सामगोंग गांव में हुई।पुलिस ने कहा कि हमलावर की तलाश जारी है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमलावर ने किशोरी पर कथित तौर पर धारदार हथियार से हमला किया। उन्होंने बताया कि हत्या के पीछे का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। अधिकारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए विलियमनगर सिविल अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा, "जांच जारी है। पुलिस ने हमलावर के बारे में कोई भी जानकारी देने पर इनाम की भी घोषणा की है।"
-
नयी दिल्ली. भारत और अमेरिका की टीमों ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के लिए 17 जुलाई को वाशिंगटन में पांचवें दौर की वार्ता पूरी कर ली है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह वार्ता वाशिंगटन में चार दिन (14-17 जुलाई) तक चली। अधिकारी ने कहा, “भारतीय टीम वापस आ रही है।” भारत के मुख्य वार्ताकार और वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव राजेश अग्रवाल वार्ता दल का नेतृत्व कर रहे हैं। ये विचार-विमर्श इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि दोनों पक्ष एक अगस्त से पहले एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर विचार कर रहे हैं, जब भारत सहित दर्जनों देशों पर लगाए गए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शुल्क (26 प्रतिशत) की निलंबन अवधि का अंतिम दिन है। इस साल दो अप्रैल को, ट्रंप ने इन उच्च जवाबी शुल्कों की घोषणा की थी। उच्च शुल्कों के कार्यान्वयन को तुरंत 90 दिनों के लिए नौ जुलाई तक और फिर एक अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया था क्योंकि अमेरिका कई देशों के साथ व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है। पांचवें दौर की वार्ता में कृषि और वाहन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। गैर-बाज़ार अर्थव्यवस्थाओं और ‘स्कॉमेट' (विशेष रसायन, जीव, सामग्री, उपकरण और प्रौद्योगिकी) से निपटने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। कृषि और डेयरी उत्पादों पर शुल्क में रियायत की अमेरिकी मांग पर भारत ने अपना रुख कड़ा कर लिया है। कुछ किसान संगठनों ने सरकार से आग्रह किया है कि व्यापार समझौते में कृषि से जुड़े किसी भी मुद्दे को शामिल न किया जाए। भारत इस अतिरिक्त शुल्क (26 प्रतिशत) को हटाने की मांग कर रहा है। वह इस्पात और एल्युमीनियम (50 प्रतिशत) और वाहन (25 प्रतिशत) क्षेत्रों पर शुल्क में ढील की भी मांग कर रहा है। इनके विरुद्ध, भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के मानदंडों के तहत प्रतिशोधात्मक शुल्क लगाने का अपना अधिकार सुरक्षित रखा है। प्रस्तावित व्यापार समझौते में देश श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे वस्त्र, रत्न एवं आभूषण, चमड़े के सामान, परिधान, प्लास्टिक, रसायन, झींगा, तिलहन, अंगूर और केले के लिए शुल्क रियायत की भी मांग कर रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका कुछ औद्योगिक वस्तुओं, वाहन, विशेषकर इलेक्ट्रिक वाहनों, वाइन, पेट्रोकेमिकल उत्पादों, कृषि वस्तुओं, डेयरी उत्पादों, सेब, मेवे और आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों पर शुल्क रियायत चाहता है।
-
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को मंगल पांडे की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और अंग्रेजी साम्राज्य को चुनौती देने में उनके साहस की सराहना की। मोदी ने कहा कि मंगल पांडे की वीरता की कहानी देश के लोगों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगी।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘महान स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। वह ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती देने वाले देश के अग्रणी योद्धा थे। उनके साहस और पराक्रम की कहानी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।'' ईस्ट इंडिया कंपनी की बंगाल सेना में सैनिक रहे मंगल पांडेय का जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में 19 जुलाई 1827 को हुआ था। उन्होंने 1857 में ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारतीय सैनिकों के विद्रोह में अहम भूमिका निभाई थी। कई इतिहासकार 1857 के विद्रोह को भारत का ‘‘पहला स्वतंत्रता संग्राम'' मानते हैं।
-
प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शुक्रवार रात तेज रफ्तार एक कार ने फ्लाईओवर के नीचे सो रही तीन महिलाओं को कुचल दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में आंबेडकर चौराहे के पास हुई इस दुर्घटना में एक महिला की मौत हो गई जबकि दो अन्य महिलाएं घायल हो गईं। सहायक पुलिस आयुक्त (सिविल लाइंस) श्यामजीत प्रमिल सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात आंबेडकर चौराहे के पास तेज रफ्तार एक अनियंत्रित कार ने तीन महिलाओं को कुचल दिया। उन्होंने बताया कि घायल महिलाओं को एसआरएन में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि मृतका की पहचान चमोली देवी (65) के रूप में हुई है।
सिंह ने बताया कि चालक कार छोड़कर मौके से फरार हो गया और उसे गिरफ्तार करने के लिए दो टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कर कार को जब्त कर लिया गया। -
जम्मू. दक्षिण कश्मीर हिमालय में अमरनाथ गुफा मंदिर के दर्शन के लिए 1,499 महिलाओं और 441 बच्चों सहित 6,365 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था शनिवार को भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि 135 साधुओं और साध्वियों सहित तीर्थयात्री आज तड़के कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अलग-अलग काफिलों में अनंतनाग के नुनवान-पहलगाम और गांदरबल के बालटाल आधार शिविरों के लिए रवाना हुए। अधिकारियों ने बताया कि 3,514 तीर्थयात्री 119 वाहनों के काफिले में पहलगाम के लिए रवाना हुए, जबकि 92 वाहनों में यात्रा कर रहे 2,851 तीर्थयात्री बालटाल मार्ग से रवाना हुए। अमरनाथ गुफा मंदिर के लिए 38 दिवसीय वार्षिक यात्रा तीन जुलाई को दोनों मार्गों से शुरू हुई थी और नौ अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी। अब तक 2.75 लाख से अधिक तीर्थयात्री इस मंदिर में दर्शन कर चुके हैं।
-
नई दिल्ली।इस वर्ष शांति और सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा जारी है। 3 जुलाई को शुरू हुई इस यात्रा में अब तक 2.73 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर लिए हैं। वहीं आज शनिवार को जम्मू के भगवती नगर से 6,365 श्रद्धालुओं का नया जत्था दो काफिलों में रवाना हुआ। पहले काफिले में 92 वाहन सुबह 3:25 बजे बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुए, जिनमें 2,851 यात्री थे, जबकि दूसरा काफिला 119 वाहनों के साथ सुबह 3:53 बजे पहलगाम बेस कैंप के लिए रवाना हुआ, जिसमें 3,514 यात्री सवार थे।
इस बीच, 10 जुलाई को ‘छड़ी मुबारक’ (भगवान शिव की पवित्र गदा) का भूमि पूजन पहलगाम के गौरी शंकर मंदिर में हुआ। यह छड़ी श्रीनगर स्थित दशमी अखाड़ा भवन से महंत स्वामी दीपेन्द्र गिरि की अगुवाई में साधुओं के समूह द्वारा पहलगाम लाई गई थी और पूजन के बाद फिर वापस श्रीनगर के दशमी अखाड़ा भवन में रख दी गई। अब छड़ी मुबारक 4 अगस्त को श्रीनगर के दशमी अखाड़ा मंदिर से पवित्र गुफा की ओर अंतिम यात्रा पर रवाना होगी और 9 अगस्त को बाबा बर्फानी की गुफा में पहुंचेगी, जिससे यात्रा का औपचारिक समापन होगा। यह दिन श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पावन पर्व के साथ भी मेल खाता है।पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर इस बार अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ 180 अतिरिक्त कंपनियां केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनात की गई हैं। पवित्र गुफा, जो समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, तक पहुंचने के लिए दो रास्ते हैं-पारंपरिक पहलगाम मार्ग और छोटा बालटाल मार्ग। पहलगाम से यात्रा करने वाले श्रद्धालु चंदनवारी, शेषनाग और पंचतरिणी होते हुए लगभग 46 किलोमीटर की पदयात्रा कर चार दिनों में गुफा तक पहुंचते हैं। वहीं बालटाल मार्ग से श्रद्धालु 14 किलोमीटर का रास्ता तय कर उसी दिन दर्शन कर वापस लौट सकते हैं।इस साल सुरक्षा कारणों के चलते हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है। पवित्र गुफा में एक बर्फ से बनी शिवलिंग जैसी आकृति बनती है, जिसे श्रद्धालु भगवान शिव की दिव्य शक्ति का प्रतीक मानते हैं। यह आकृति चंद्रमा के घटने-बढ़ने के अनुसार आकार बदलती रहती है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ‘युवा आध्यात्मिक सम्मेलन’ को नशा मुक्त भारत अभियान की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने इस सम्मेलन पर आधारित एक लेख को साझा करते हुए इस मुहिम में युवाओं की भागीदारी को जमकर सराहा। यह सम्मेलन ‘माय भारत’ (MY Bharat) पहल के तहत काशी के पावन घाटों पर आयोजित किया गया, जिसका विषय था “विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा”। यह आयोजन मोदी सरकार की नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत हुआ, जिसका उद्देश्य युवाओं की अगुवाई में देश को नशे की लत से मुक्त बनाना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय युवा मामलों और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “डॉ. @mansukhmandviya इस बात को विस्तार से बताते हैं कि युवा आध्यात्मिक सम्मेलन कैसे नशा मुक्त भारत के निर्माण में एक बड़ा कदम है। इसे जरूर पढ़ें!”डॉ. मांडविया ने अपने पोस्ट में कहा है कि यह सम्मेलन केवल एक आध्यात्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ एक राष्ट्रीय युवा आंदोलन की शुरुआत है। उन्होंने लिखा, “यह एक राष्ट्रीय उद्देश्य के लिए आध्यात्मिक जागरण है। भारत के युवा अब नशे की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए नेतृत्व कर रहे हैं।”इस सम्मेलन में देशभर से आए युवा नेता, आध्यात्मिक गुरु और सामाजिक प्रभावशाली व्यक्तित्व शामिल हुए। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य, आध्यात्मिक जागरूकता और सामुदायिक सहयोग के जरिए नशा मुक्ति के व्यापक उपायों पर चर्चा की। सम्मेलन के दौरान कई जागरूकता सत्र, संकल्प कार्यक्रम और युवा केंद्रित अभियान शुरू किए गए, ताकि पूरे देश में एकजुटता और सामूहिक भागीदारी के जरिए नशा मुक्त भारत का संदेश फैलाया जा सके।- - नई दिल्ली। जनजातीय कार्य मंत्रालय (एमओटीए) और कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ राज्य में जनजातीय छात्रों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए साझेदारी की है। सीआईएल अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत छत्तीसगढ़ में 68 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) को सहयोग प्रदान करेगा, जिससे 28,000 से अधिक जनजातीय छात्र लाभान्वित होंगे। यह परियोजना राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी, जो मंत्रालय के अंतर्गत एक सेक्शन 8 कंपनी है।जनजातीय कार्य मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार ने अनुसूचित जनजाति के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए ईएमआरएस की स्थापना की है, जिससे वे उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रमों में अवसरों का लाभ उठा सकें और विभिन्न क्षेत्रों में लाभकारी रोजगार प्राप्त कर सकें। ईएमआरएस उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के अलावा उनके पोषण, समग्र स्वास्थ्य एवं विकास का भी ध्यान रखता है। आज देश भर में 479 ईएमआरएस कार्यरत हैं।सीआईएल ने घोषणा की है कि वह जनजातीय मामलों के मंत्रालय को उसके कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहलों के तहत सहयोग देगा। उसने निम्नलिखित कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं-कंप्यूटर लैब की स्थापना करके डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगालगभग 3200 कंप्यूटर और 300 टैबलेट खरीदे जाएंगेछात्राओं की स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए स्कूलों और छात्रावासों में लगभग 1200 सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें और 1200 भस्मक लगाए जाएंगेछात्रों के लिए व्यापक मार्गदर्शन और छात्रों के लिए आवासीय उद्यमशीलता शिविर (आईआईटी/आईआईएम/एनआईटी में)इस व्यापक हस्तक्षेप के माध्यम से जनजातीय कार्य मंत्रालय और सीआईएल की योजना ईएमआरएस में आधुनिक और नवीन शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करने और समाज के वंचित वर्ग के छात्रों को समान अवसर प्रदान करने की है।इस सहयोग का उद्देश्य डिजिटल शिक्षा, करियर की तैयारी और उद्यमशीलता की मानसिकता के माध्यम से आदिवासी युवाओं के लिए शैक्षिक अंतराल को पाटना और नए रास्ते खोलना है।यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत समाज के सभी वर्गों के लिए समान और समावेशी शैक्षिक अवसर सृजित करने के सरकार के व्यापक प्रयासों को दर्शाता है।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को ‘21वें विश्व पुलिस एवं फायर खेल-2025’ में 613 पदक विजेताओं और भारतीय दल को नई दिल्ली में आयोजित अभिनन्दन समारोह को संबोधित किया। केन्द्रीय गृह मंत्री ने भारतीय दल को 613 मेडल जीतने पर प्रसन्नता करते हुए शानदार प्रदर्शन कर भारत को गौरवान्वित करने के लिए भारतीय पुलिस एवं अग्निशमन दल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अगला विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल भारत में होगा।अमित शाह ने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि अखिल भारतीय पुलिस बल नियंत्रण बोर्ड के अधीन सभी पुलिस बलों से कोई न कोई खिलाड़ी अगले विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल में अवश्य हिस्सा ले। हमारी हिस्सेदारी सर्वसमावेशी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी दलों को कम से कम तीन मेडल जीतने का लक्ष्य रखना चाहिए। ऐसा लक्ष्य रखने पर 613 मेडल जीतने का रिकॉर्ड स्वयं ही टूट जाएगा।केन्द्रीय गृह मंत्री ने 21वें विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल में भारतीय दल को 613 मेडल जीतने पर प्रसन्नता करते हुए शानदार प्रदर्शन कर भारत को गौरवान्वित करने के लिए भारतीय पुलिस एवं अग्निशमन दल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अगला विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल भारत में होगा। अमित शाह ने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि अखिल भारतीय पुलिस बल नियंत्रण बोर्ड के अधीन सभी पुलिस बलों से कोई न कोई खिलाड़ी अगले विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल में अवश्य हिस्सा ले। हमारी हिस्सेदारी सर्वसमावेशी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी दलों को कम से कम तीन मेडल जीतने का लक्ष्य रखना चाहिए। ऐसा लक्ष्य रखने पर 613 मेडल जीतने का रिकॉर्ड स्वयं ही टूट जाएगा।गृह मंत्री शाह ने कहा कि आज भारतीय दल को 4 करोड़ 38 लाख 85 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि पहले कभी पुलिस एवं अग्निशमन खेल को देश में बहुत महत्व नहीं दिया जाता था। लेकिन हिस्सेदारी की दृष्टि से यह ओलंपिक्स और राष्ट्रमंडल खेलों के बाद विश्व का सबसे बड़ा खेल आयोजन है। अमित शाह ने कहा कि इन खेलों में लगभग 10 हजार खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जिसकी वजह से इन खेलों में देश का अच्छा प्रदर्शन 140 करोड़ देशवासियों के लिए बहुत ही गर्व की बात है।केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि विभिन्न पुलिस बलों के खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेकर अच्छा प्रदर्शन किया है, अब हमारा ध्यान 2029 के विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल पर होना चाहिए। गुजरात में वर्ष 2029 में आयोजित होने वाले ‘विश्व पुलिस एवं फायर खेल’ में अर्जुन की तरह ही एक लक्ष्य साधकर हर खिलाड़ी पदक जीतने के लिए आगे बढ़े। गृह मंत्री शाह ने कहा कि विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल 2025 में भारतीय दल के बहुत सारे सदस्यों ने मेडल जीते, लेकिन कई ऐसे भी हैं जिन्हें सफलता नहीं मिली।उन्होंने आगे कहा कि हमारे लिए सबसे बड़ी बात खेलना है, जीत और हार तो जीवन का नित्यक्रम है। जीत का लक्ष्य रखना एवं जीतने के लिए प्रयत्न करना हमारा स्वभाव होना चाहिए और जीतना हमारी आदत होनी चाहिए। जीतने की आदत से हम हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन की ओर बढ़ते हैं।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आगामी विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर और केवडिया में आयोजित किए जाएंगे।उन्होंने यह भी कहा कि खेल जीवन का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो बच्चा खेलता नहीं है वह हार से हताश हो जाता है और जो बच्चा हार कर जीत का संकल्प नहीं लेता, उसे जीतने की आदत नहीं पड़ती। सीखने की एक ही जगह है -मिट्टी, खेल का मैदान और खेल के मैदान से ही हार को स्वीकार करने की आदत और जीत को पाने का जुनून विकसित होता है। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे हमारे युवाओं का यह स्वभाव बनना चाहिए।
- नई दिल्ली। बिहार के लोगों को अगस्त महीने से 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी। बिहार मंत्रिमंडल की शुक्रवार को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की शुक्रवार हुई बैठक में सिर्फ इसी एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।बताया गया कि बैठक में राज्य में सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सभी घरेलू उपभोक्ताओं को जुलाई 2025 की खपत के आधार पर एक अगस्त से 125 यूनिट प्रति माह खपत तक शत-प्रतिशत अनुदान देने के लिए “मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना” के विस्तारीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अतिरिक्त 3797 करोड़ रुपये बिहार स्टेट पावर (हो०) कं० लि० को उपलब्ध कराने की स्वीकृति प्रदान की गई।इसके साथ-साथ राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम 1.1 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को पूर्ण वित्तीय सहायता एवं अन्य घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की भी स्वीकृति दी गई।उल्लेखनीय है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो दिन पूर्व ही प्रदेश में 125 यूनिट बिजली मुफ्त करने की घोषणा की थी। उन्होंने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर इसकी जानकारी शेयर करते हुए लिखा था, “हमलोग शुरू से ही सस्ती दरों पर सभी को बिजली उपलब्ध करा रहे हैं। अब हमने तय कर दिया है कि एक अगस्त, 2025 से यानी जुलाई माह के बिजली बिल से ही राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक बिजली का कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा। इससे राज्य के कुल 1 करोड़ 67 लाख परिवारों को लाभ होगा।”उन्होंने आगे कहा कि हमने यह भी तय किया है कि अगले तीन वर्षों में इन सभी घरेलू उपभोक्ताओं से सहमति लेकर उनके घर की छतों पर अथवा नजदीकी सार्वजनिक स्थल पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर लाभ दिया जाएगा।
- नई दिल्ली। एक राइफल श्रेष्ठ राइफल’: अमेठी की असॉल्ट राइफल AK-203, दिसंबर 2025 तक बन जाएगी स्वदेशी ‘शेर’ भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में स्थित इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) दिसंबर 2025 तक AK-203 असॉल्ट राइफल का पूरी तरह स्वदेशी उत्पादन शुरू कर देगी। इस राइफल को भारतीय सेना में ‘शेर’ के नाम से जाना जाएगा, जो भारत के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का एक मजबूत प्रतीक बनने जा रहा है।इस संबंध में मेजर जनरल एस. के. शर्मा, IRRPL के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक ने बताया, “पिछले डेढ़ साल में हमने भारतीय सेना को 48,000 AK-203 राइफलें सौंपी हैं। अगले छह महीनों में 70,000 और राइफलें सेना को दी जाएंगी। इसके बाद, हमारा लक्ष्य उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर प्रति वर्ष 1.5 लाख राइफलें करना है, ताकि 2030 तक भारतीय सेना को 6 लाख राइफलें उपलब्ध कराई जा सकें।”अमेठी के कोरवा में स्थापित IRRPL प्लांट, भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग का परिणाम है। यह संयुक्त उद्यम रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और रूस की रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के सहयोग से संचालित है। AK-203, जो विश्व प्रसिद्ध कलाश्निकोव राइफल का आधुनिक संस्करण है, अपनी विश्वसनीयता और कठिन परिस्थितियों में प्रदर्शन के लिए जानी जाती है। दिसंबर 2025 तक इस राइफल के सभी पुर्जे भारत में ही निर्मित होंगे, जिससे यह पूरी तरह स्वदेशी बन जाएगी।AK-203 राइफल भारतीय सेना की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है। यह 7.62×39 मिमी कैलिबर की राइफल है, जो उच्च सटीकता, लंबी रेंज, और कठिन परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन प्रदान करती है। यह राइफल भारतीय सेना की पुरानी INSAS राइफल को बदल देगी, जिससे सेना की मारक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।AK-203 का स्वदेशी उत्पादन ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को मजबूत करने वाला कदम है। IRRPL की बढ़ती उत्पादन क्षमता न केवल भारतीय सेना की जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि भविष्य में निर्यात की संभावनाएं भी खोलेगी। मेजर जनरल शर्मा ने कहा, “हमारा लक्ष्य न केवल भारतीय सेना को सशक्त बनाना है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत को रक्षा उत्पादन का केंद्र बनाना भी है।”IRRPL ने 2030 तक 6 लाख AK-203 राइफलें भारतीय सेना को सौंपने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए उत्पादन सुविधाओं का विस्तार और तकनीकी उन्नयन किया जा रहा है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और तकनीकी विशेषज्ञता को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।उल्लेखनीय है कि अमेठी में AK-203 का स्वदेशीकरण भारत की रक्षा नीति में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल भारतीय सेना को विश्वस्तरीय हथियार प्रदान करेगा, बल्कि देश की रक्षा उत्पादन क्षमता को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा। ‘शेर’ के रूप में जानी जाने वाली यह राइफल भारत की आत्मनिर्भरता और सैन्य ताकत का प्रतीक बनने के लिए तैयार है।




.jpg)





















.jpg)
.jpg)