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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बिहार के मोतिहारी पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान पीएम मोदी ने मोतिहारी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में करीब 7,200 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से रेल, सड़क, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़ी विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री ने बिहार में प्रमुख रेल परियोजनाओं में समस्तीपुर-बछवाड़ा लाइन पर स्वचालित सिग्नलिंग का उद्घाटन कियाप्रधानमंत्री ने बिहार में प्रमुख रेल परियोजनाओं में समस्तीपुर-बछवाड़ा लाइन पर स्वचालित सिग्नलिंग का उद्घाटन किया तथा पाटलिपुत्र में वंदे भारत रखरखाव सुविधा और दरभंगा-नरकटियागंज लाइन के दोहरीकरण सहित 4,080 करोड़ रुपए की रेल परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।पीएम मोदी ने राजेन्द्र नगर टर्मिनल (पटना) से नई दिल्ली, बापूधाम मोतिहारी से दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल), दरभंगा से लखनऊ (गोमती नगर), और मालदा टाउन से लखनऊ (गोमती नगर) के बीच भागलपुर के रास्ते चार नई अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर भी रवाना किया।एनएच-319 पर 4-लेन के आरा बाईपास की आधारशिला रखी, जो आरा-मोहनिया एनएच-319 और पटना-बक्सर एनएच-922 को जोड़ेगाइस क्रम में उन्होंने एनएच-319 पर 4-लेन के आरा बाईपास की आधारशिला रखी, जो आरा-मोहनिया एनएच-319 और पटना-बक्सर एनएच-922 को जोड़ेगा। उन्होंने 820 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले एनएच-319 के परारिया से मोहनिया तक 4-लेन वाले खंड का भी उद्घाटन किया।पीएम ने दरभंगा में नए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया और पटना में एसटीपीआई की अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सुविधा का उद्घाटन कियाइस दौरान उन्होंने दरभंगा में नए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) और पटना में एसटीपीआई की अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सुविधा का उद्घाटन किया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने बिहार में मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ (पीएमएमएसवाई) के अंतर्गत मंजूर मत्स्य विकास परियोजनाओं की एक श्रृंखला का उद्घाटन किया।महिला-नेतृत्व वाले विकास पर विशेष ध्यान देते हुए 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया हैपीएम मोदी ने अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बिहार में लगभग 61,500 स्वयं सहायता समूहों को 400 करोड़ रुपए भी जारी किए। बता दें कि महिला-नेतृत्व वाले विकास पर विशेष ध्यान देते हुए 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है।मोतिहारी में प्रधानमंत्री ने 12,000 लाभार्थियों के गृह प्रवेश के तहत पांच लाभार्थियों को चाबियां भी सौंपी और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 40,000 लाभार्थियों को 160 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की।पीएम मोदी खुली गाड़ी पर सवार होकर लोगों के बीच से गुजरते हुए मंच तक पहुंचेइससे पहले, पीएम मोदी खुली गाड़ी पर सवार होकर लोगों के बीच से गुजरते हुए मंच तक पहुंचे। प्रधानमंत्री के अलावा गाड़ी पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उपस्थित रहे। इस दौरान पीएम मोदी पर पुष्प की वर्षा होती रही और सभा में मौजूद लोगों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए। पीएम मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया।( - नई दिल्ली। भारत सरकार के युवा और खेल मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को नई दिल्ली में ‘खेलो भारत कॉन्क्लेव’ को संबोधित किया। अपने संबोधन में मांडविया ने कहा कि केंद्र सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नई दिल्ली में ‘खेलो भारत कॉन्क्लेव 2025’ को संबोधित किया, जहां राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ), एथलीट, कोच, कॉर्पोरेट और सरकार भारतीय खेलों के भविष्य को आकार देने के लिए एक साथ आए।”केंद्रीय मंत्री मांडविया ने आगे लिखा, “मोदी सरकार ने हमेशा खेल विकास को बढ़ावा देते हुए खिलाड़ियों के कल्याण को प्राथमिकता दी है। साहसिक प्रशासनिक सुधारों से लेकर पदक जीतने की रूपरेखा तक, जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की खोज से लेकर कॉर्पोरेट साझेदारी तक, भारत को एक वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है।”‘खेलो इंडिया’ केंद्र सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य एथलेटिक टूर्नामेंटों और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की खोज करना और देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जनवरी 2018 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अखाड़े में ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ के पहले संस्करण का उद्घाटन किया था। खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत तीन प्रकार के आयोजन शुरू किए गए हैं। खेलो इंडिया स्कूल गेम्स, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और खेलो इंडिया शीतकालीन गेम्स।खेलो इंडिया स्कूल गेम्स को अब खेलो इंडिया यूथ गेम्स के नाम से जाना जाता है। इसके अंतर्गत 22 खेल और पांच स्वदेशी खेल शामिल किए गए हैं। हर साल 1,000 बच्चों का चयन छात्रवृत्ति कार्यक्रम के लिए किया जाता है और उन्हें पदक विजेता बनने और जमीनी स्तर पर खेलों के विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
- नई दिल्ली। बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान चल रहा है। राज्य में अब तक 89.7 प्रतिशत गणना प्रपत्र एकत्र कर लिए गए हैं। अब सिर्फ 5.8 प्रतिशत मतदाता ही फॉर्म भरने के लिए बचे हैं। एसआईआर के लिए 8 दिन और बाकी हैं। बिहार के 7,89,69,844 मतदाताओं में से 7,08,18,162 यानी 89.7 प्रतिशत ईएफ एकत्र किए जा चुके हैं। अपलोड डिजिटल गणना प्रपत्र 6,70,59,222 या 84.9 प्रतिशत हैं। जहां 35,69,435 या 4.5 प्रतिशत मतदाता अपने पते पर नहीं मिले तो वहीं 12,55,620 या 1.59 प्रतिशत मृत वोटर पाए गए। स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की संख्या 17,37,336 या 2.2 प्रतिशत है।अब तक पहचाने गए एक से अधिक स्थानों पर नामांकित मतदाता 5,76,479 या 0.73 प्रतिशत हैं। अब सिर्फ 45,82,247 या 5.8 प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त होने हैं। 89.7 प्रतिशत मौजूदा मतदाताओं ने 1 अगस्त, 2025 को प्रकाशित होने वाली मसौदा मतदाता सूची में शामिल होने के लिए अपना गणना फॉर्म जमा कर दिया है। कोई भी मतदाता ईसीआईनेट ऐप या वोटर्स डॉट ईसीआई डॉट गॉव डॉट इन पर अपने गणना फॉर्म की स्थिति भी देख सकता है। गणना फॉर्म उसी लिंक पर हिंदी में ऑनलाइन भी भरे जा सकते हैं।उन मतदाताओं का पुनः सत्यापन करने के लिए जो बीएलओ के तीन बार जाने के बाद भी अपने पते पर नहीं मिले हैं, उन मतदाताओं की जानकारी (जो मृत हैं, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए या कई स्थानों पर पंजीकृत हैं) राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों और उनके द्वारा नियुक्त 1.5 लाख बूथ स्तरीय एजेंटों के साथ साझा की जा रही है, ताकि 25 जुलाई से पहले ऐसे मतदाताओं की सटीक स्थिति की पुष्टि की जा सके।बिहार के सभी 261 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के सभी 5,683 वार्डों में विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं। बिहार से अस्थायी रूप से बाहर प्रवास करने वाले लोग भी अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके ईसीआईनेट ऐप या वोटर्स डॉट ईसीआई डॉट गॉव डॉट इन के माध्यम से ऑनलाइन गणना फॉर्म भर सकते हैं। वे पहले से भरे हुए गणना फॉर्म को डाउनलोड भी कर सकते हैं और भरे हुए फॉर्म को सीधे बीएलओ के साथ या अपने परिवार के माध्यम से व्हाट्सऐप या किसी अन्य माध्यम से साझा कर सकते हैं।
- नई दिल्ली। लार्सन एंड टुब्रो द्वारा हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) एमके1ए के लिए निर्मित विंग असेंबली का पहला सेट 17 जुलाई, 2025 को कोयंबटूर, तमिलनाडु में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को सौंपा गया। रक्षा उत्पादन सचिव श्री संजीव कुमार ने कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से भाग लिया। कार्यक्रम में एलसीए तेजस डिवीजन के महाप्रबंधक श्री एम अब्दुल सलाम ने एलएंडटी की प्रेसिजन मैन्युफैक्चरिंग एंड सिस्टम्स कॉम्प्लेक्स इकाई से एचएएल की ओर से संयोजन प्राप्त किया।रक्षा उत्पादन सचिव श्री संजीव कुमार ने आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एचएएल और एलएंडटी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विभिन्न निजी क्षेत्र के भागीदारों के साथ सहयोग को आगे बढ़ाने, प्रोत्साहित करने और उन्नत क्षमता सुनिश्चित करने के लिए एचएएल की सराहना की। उन्होंने एलसीए तेजस के उत्पादन लक्ष्य की आवश्यकता को पूर्ण करने का विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्षेत्र का विस्तार करने और अन्य देशों पर निर्भरता कम करने पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित एचएएल के सीएमडी डॉ. डीके सुनील इसे एचएएल और एलएंडटी के वर्षों के समर्पित सहयोग और उत्कृष्टता के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, "एचएएल, एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एक पहल के रूप में, बड़े और लघु और मध्यम उद्यमों दोनों तरह के आपूर्तिकर्ताओं के साथ काम कर रहा है। एचएएल ने निजी क्षेत्र में एक समानांतर विमान संरचनात्मक असेंबली लाइन का प्रभावी ढंग से निर्माण किया है, जो एलसीए तेजस कार्यक्रम की क्षमता वृद्धि में सहायता करेगी।"एलएंडटी प्रिसिजन इंजीनियरिंग एंड सिस्टम्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रमुख श्री अरुण रामचंदानी ने कहा कि एलएंडटी प्रतिवर्ष चार विंग सेट की आपूर्ति करने के लिए तैयार है, तथा उन्नत असेंबली प्रक्रियाओं और स्वचालन के माध्यम से उत्पादन बढ़ाकर 12 सेट प्रतिवर्ष करने की योजना है।अब तक, एलसीए तेजस डिवीजन को लक्ष्मी मशीन वर्क्स से एयर इनटेक असेंबली, अल्फा टोकोल से रियर फ्यूजलेज असेंबली, एम्फेनॉल से लूम असेंबली, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स से फिन और रडर असेंबली, वीईएम टेक्नोलॉजीज से सेंटर फ्यूजलेज असेंबली और एलसीए एमके1ए के लिए लार्सन एंड टुब्रो से विंग असेंबली के संरचनात्मक मॉड्यूल प्राप्त हुए हैं।
- नई दिल्ली। फिल्मकार सत्यजीत रे से जुड़े 200 साल पुराने पुश्तैनी घर को ध्वस्त करने के मामले में भारत सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए बांग्लादेश को एक पत्र भेजा था।अब इस पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का बयान सामने आया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि बांग्लादेश में अभिलेखों की विस्तृत जांच से पुष्टि हुई है कि मैमनसिंह जिले में ध्वस्त की जा रही इमारत का प्रतिष्ठित बंगाली फिल्म निर्माता सत्यजीत रे या उनके पूर्वजों से कोई ऐतिहासिक या पारिवारिक संबंध नहीं है।बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के पत्र के अनुसार, ”बांग्लादेश सरकार ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और लेखक सत्यजीत रे की मैमनसिंह स्थित पैतृक संपत्ति, जो मूलरूप से उनके दादा प्रतिष्ठित साहित्यकार उपेंद्र किशोर रे चौधरी की थी, को बांग्लादेशी अधिकारियों द्वारा ध्वस्त किया जा रहा है। अभिलेखों की विस्तृत जांच से पता चला है कि संबंधित घर का सत्यजीत रे के पूर्वजों से कोई संबंध नहीं था। इसे स्थानीय जमींदार शशिकांत आचार्य चौधरी ने अपने कर्मचारियों के लिए अपने बंगले ‘शशि लॉज’ के बगल में बनवाया था। जमींदारी प्रथा के उन्मूलन के बाद यह सरकार के नियंत्रण में आ गया। बाद में सरकार ने इसे बांग्लादेश ‘शिशु अकादमी’ को आवंटित कर दिया। उस समय से इस घर का उपयोग जिला शिशु अकादमी के कार्यालय के रूप में किया जा रहा है।यह जमीन स्वयं एक गैर-कृषि सरकारी (खास) जमीन थी और शिशु अकादमी को दीर्घकालिक आधार पर पट्टे पर दी गई थी।”जिला अधिकारियों ने घर से संबंधित भूमि अभिलेखों की समीक्षा की है और पुष्टि की है कि पिछले अभिलेखों के अनुसार यह जमीन सरकारी है। इसका सत्यजीत रे और उनके परिवार से कोई संबंध नहीं है। स्थानीय वरिष्ठ नागरिकों और विभिन्न समुदायों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भी पुष्टि की है कि सत्यजीत रे परिवार और शिशु अकादमी को पट्टे पर दिए गए घर और जमीन के बीच कोई ज्ञात ऐतिहासिक संबंध नहीं है। यह घर पुरातात्विक स्मारक के रूप में भी सूचीबद्ध नहीं है।हालांकि, घर के सामने वाली सड़क (हरिकिशोर रे रोड) का नाम सत्यजीत रे के परदादा हरिकिशोर रे के नाम पर रखा गया है, जो सत्यजीत रे के दादा उपेंद्र किशोर रे चौधरी के दत्तक माता-पिता थे। रे परिवार का हरिकिशोर रे रोड पर एक घर था, जिसे उन्होंने बहुत पहले बेच दिया था और अब वह मौजूद नहीं है। नए मालिक ने वहां एक बहुमंजिला इमारत का निर्माण किया था।जिस इमारत को अब ध्वस्त किया जा रहा है, वह जीर्ण-शीर्ण, जोखिम भरी और अनुपयोगी थी। 2014 से अकादमी मैमनसिंह शहर में कहीं और किराए पर स्थानांतरित हो गई थी और परित्यक्त घर स्थानीय असामाजिक तत्वों द्वारा गैरकानूनी गतिविधियों का अड्डा बन गया। इसी कारण 2024 की पहली छमाही में साइट पर अर्ध-स्थायी इमारत के निर्माण की पहल की गई थी। बाद में उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए बांग्लादेश शिशु अकादमी ने जिला अधिकारियों को नीलामी के माध्यम से पुरानी, जीर्ण-शीर्ण इमारत को हटाने की अनुमति दी। नीलामी समिति के निर्णय के अनुसार, आम जनता को 7 मार्च 2025 को राष्ट्रीय और स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से व्यापक रूप से सूचित किया गया था।
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नयी दिल्ली. कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के ‘प्रतिभा सेतु' पोर्टल के जरिये बीमा चिकित्सा अधिकारी के पद के लिए 451 उम्मीदवारों की भर्ती की है। बृहस्पतिवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। इन उम्मीदवारों को संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा 2022 और 2023 की गैर-अनुशंसित सूची से चुना गया।
आयोग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार यह सूची उन उम्मीदवारों की होती है जो परीक्षा के सभी चरणों को पार कर जाते हैं लेकिन अंतिम सूची में जगह नहीं बना पाते है। यूपीएससी अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा, ‘‘हर साल कई प्रतिभाशाली उम्मीदवार यूपीएससी की कठिन परीक्षा के अंतिम चरण तक पहुंचते हैं लेकिन मेरिट सूची में नहीं आ पाते। ‘प्रतिभा सेतु' पोर्टल से ऐसे उम्मीदवारों को देश की सेवा के लिए अन्य अवसर मिलते हैं।'' -
अमेठी. इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (आईआरआरपीएल) ने उत्तर प्रदेश के कोरवा में निर्मित एके-203 असॉल्ट राइफल की सभी 6.01 लाख इकाइयों की आपूर्ति निर्धारित समय से करीब 22 महीने पहले ही कर लेने की योजना बनाई है। बृहस्पतिवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। आईआरआरपीएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक मेजर जनरल एस के शर्मा ने कहा कि इन राइफल की आपूर्ति दिसंबर, 2030 तक ही पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी को 5,200 करोड़ रुपये के अनुबंध के तहत अक्टूबर, 2032 तक भारतीय सशस्त्र बलों को एके-203 शृंखला के 6,01,427 राइफल की आपूर्ति करनी हैं। शर्मा ने कहा, ‘‘अबतक लगभग 48,000 राइफल की आपूर्ति हो चुकी है। अगले दो-तीन हफ्तों में 7,000 और दिसंबर तक 15,000 अतिरिक्त राइफलें भी सौंप दी जाएंगी।'' शर्मा ने कहा कि अमेठी के कोरवा में स्थित कारखाना वर्ष 2026 से हर महीने 12,000 राइफल का उत्पादन करेगा जिससे आपूर्ति लक्ष्य को समय से पहले पूरा किया जा सकेगा। कलाश्निकोव शृंखला की आधुनिक राइफल एके-203 का नियंत्रण रेखा (एलओसी) और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात सैन्यबलों के लिए मुख्य हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। भारत और रूस के बीच एक अंतर-सरकारी समझौते के तहत आईआरआरपीएल का गठन किया गया है। इस संयुक्त उद्यम में 50.5 प्रतिशत हिस्सेदारी भारत की है जबकि 49.5 प्रतिशत हिस्सेदारी रूस की है। करीब 8.5 एकड़ के परिसर में संचालित इस उद्यम में फिलहाल 260 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें स्थायी रूसी विशेषज्ञ भी शामिल हैं। आगे चलकर यह संख्या बढ़ाकर 537 की जाएगी, जिनमें 90 प्रतिशत कर्मचारी स्थानीय होंगे। आईआरआरपीएल अबतक 50 प्रतिशत स्वदेशीकरण हासिल कर चुकी है और इसकी दिसंबर तक पहली पूर्ण स्वदेशी एके-203 राइफल देने की योजना है। इसके बाद वार्षिक उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 1.5 लाख राइफल तक की जाएगी। शर्मा ने बताया कि रूस से 100 प्रतिशत प्रौद्योगिकी हस्तांतरण हो चुका है और सभी परीक्षण अब भारत में ही किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू मांग पूरी होने के बाद मित्र देशों को भी एके-203 राइफल का निर्यात करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। पहला निर्यात आदेश जल्द मिलने की उम्मीद है। आईआरआरपीएल को वर्ष 2019 में रूसी साझेदारों रोसोबोरोनएक्सपोर्ट एवं कंसर्न कलाश्निकोव और भारतीय साझेदार एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूईआईएल) और म्युनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) के बीच संयुक्त उद्यम के रूप में गठित किया गया था।
- नई दिल्ली। दक्षिण कोरिया (आरओके) के विशेष दूतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट की। पीएम मोदी ने भारत-दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किम बू क्यूम ने किया। प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति जेम्यांग ली के साथ अपनी हाल में हुई सकारात्मक बैठक का स्मरण करते हुए, दस वर्ष से जारी भारत-दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को ओर प्रगाढ़ करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने नवाचार, रक्षा, पोत निर्माण और कुशल गतिशीलता सहित प्रमुख क्षेत्रों में भागीदारी के निरंतर विकास पर प्रकाश डाला।बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “श्री किम बू क्यूम के नेतृत्व में दक्षिण कोरिया के विशेष दूतों के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। गत माह राष्ट्रपति श्री जेम्यांग ली के साथ हुई मेरी सकारात्मक भेंट का स्मरण कर रहा हूं। 10 वर्ष पूर्ण कर रही भारत-दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक भागीदारी नवाचार और रक्षा से लेकर पोत निर्माण और कुशल गतिशीलता तक निरंतर विकसित हो रही है। दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि में योगदान कर रहा है।”इससे पहले दिन में, उच्च स्तरीय दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल ने विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर से मुलाकात की और दोनों पक्षों ने लोगों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी, रक्षा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।भारत ने दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को और बढ़ावा देने के उद्देश्य से नए दक्षिण कोरियाई प्रशासन के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने की पुष्टि की। विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर कहा कि आज सुबह दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री किम बू क्यूम के नेतृत्व में भारत में कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति जेम्यांग ली के विशेष दूतों के प्रतिनिधिमंडल से मिलकर प्रसन्नता हुई। आर्थिक, तकनीकी, रक्षा और समुद्री सहयोग पर चर्चा हुई। साथ ही लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।भारत और दक्षिण कोरिया ने 2010 में ‘रणनीतिक साझेदारी’ शुरू की थी, जिसे 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सियोल की राजकीय यात्रा के दौरान ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के रूप में उन्नत किया गया था। वहीं, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने रविवार को भारत, यूरोपीय संघ (ईयू), फ्रांस और ब्रिटेन के लिए विशेष दूत नियुक्त किए। राष्ट्रपति कार्यालय ने यह जानकारी व्यापक कूटनीतिक प्रयासों के तहत दी गईं।
- नई दिल्ली। चीन और पश्चिम एशिया से आपूर्ति बाधित होने के कारण घरेलू डाई अमोनिया फॉस्फेट (डीएपी) निर्माता कम प्रभावित हुए हैं। इसका कारण यह है कि डीएपी के लिए कच्चे माल प्लांट में तैयार पोषक तत्त्वों के दाम इस अनुपात में नहीं बढ़े हैं। दरअसल वैश्विक स्तर पर तैयार आयातित डाई अमोनिया फॉस्फेट (डीएपी) के दाम 800 डॉलर प्रति टन से अधिक पहुंच गए हैं और यह ऐतिहासिक करीब 1,000 डॉलर प्रति टन करीब हैं। लिहाजा आयात को बढ़ावा देने के बजाए घरेलू स्तर पर मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने की मांग फिर जोर पकड़ने लगी है। आयातित डीएपी के दामों में उछाल और खरीफ की बोआई के दौरान इसके घटते स्टॉक से प्लांट के महत्त्वपूर्ण पोषक तत्त्व की कमी महसूस की जा रही है।आंकड़ों से जानकारी मिलती है कि तैयार डीएपी का मूल्य अगस्त 2024 के 611 डॉलर प्रति टन से बढ़कर मई में 724 डॉलर प्रति टन हो गया। इसकी सालाना चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) करीब 2 प्रतिशत है। लेकिन इस अवधि में आयातित रॉक फॉस्फेट का दाम तुलनात्मक रूप से कम 0.39 प्रतिशत बढ़ा है।इसी तरह आयातित फॉस्फोरिक एसिड का मूल्य (रॉक फॉस्फेट से निकाले जाने वाला) का सीएजीआर भी 1.17 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। डीएपी के मुख्य घटक अमोनिया के दाम अगस्त 2024 की तुलना में मई 2025 में 1.49 प्रतिशत गिर गए थे।जुलाई और अगस्त की डिलिवरी के लिए तैयार डीएपी की आयातित कीमत अब 800 डॉलर प्रति टन से अधिक है। इसका मतलब है कि अगस्त 2024 से सीएजीआर की वृद्धि और भी अधिक है। भारत में सालाना लगभग 1 से 1.1 करोड़ टन डीएपी की खपत होती है। देश में यूरिया के बाद सबसे अधिक खपत वाला उर्वरक डीएपी है। भारत ने वित्त वर्ष 25 में लगभग 50 लाख टन डीएपी का आयात किया जबकि शेष का उत्पादन घरेलू स्तर पर किया गया। उद्योग सूत्रों के अनुसार भारत में स्थानीय स्तर पर ज्यादातर निर्मित डीएपी रॉक फॉस्फेट से है जबकि कुछ इकाइयां आयातित फॉस्फोरिक एसिड से भी डीएपी का निर्माण करती हैं।स्थानीय स्तर पर डीएपी बनाने में इस्तेमाल होने वाला ज्यादातर कच्चा माल यानी रॉक फॉस्फेट का आयात किया जाता है। इसका कारण यह है कि देश में उत्पादित रॉक फॉस्फेट की गुणवत्ता उच्च गुणवत्ता वाला डीएपी बनाने के लिए उपयुक्त नहीं हैं। हालांकि कुछ इकाइयों के पास रॉक फॉस्फेट से फॉस्फोरिक एसिड बनाने की सुविधा है। केंद्रीय खान मंत्रालय ने डीएपी बनाने में इस्तेमाल होने वाले मुख्य अवयव रॉक फॉस्फेट के घरेलू खनन के औसत बिक्री मूल्य को अंतरराष्ट्रीय दरों के साथ जोड़ने का प्रस्ताव किया ताकि स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके। आईपीएल, कृभको और सीआईएल ने कुछ दिन पहले सऊदी अरब के मदीन से तैयार 31 लाख टन तैयार डीएपी की आपूर्ति का दीर्घावधि समझौता किया।
- नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने विप्रो लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वह बर्खास्तगी पत्र में अपमानजनक टिप्पणी करके बर्खास्त किए गए पूर्व कर्मचारी को दो लाख रुपये का मुआवजा दे।न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने 14 जुलाई को कर्मचारी के पेशेवर चरित्र पर की गई विवादास्पद टिप्पणियों को हटा दिया और कंपनी को उन्हें नया बर्खास्तगी पत्र जारी करने का निर्देश दिया।अदालत ने कहा कि बर्खास्तगी पत्र में अपमानजनक भाषा है और इससे वादी के भविष्य के रोजगार और पेशेवर सम्मान पर सीधा एवं हानिकारक प्रभाव भी पड़ता है।इसने कहा कि पत्र-व्यवहार के लहजे से यह स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि प्रशासनिक औपचारिकता की आड़ में ‘‘चरित्र हनन’’ करने का इरादा था, जिससे वादी की प्रतिष्ठा को और अधिक नुकसान पहुंचा।पूर्व कर्मचारी ने कंपनी से दो करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा था।विप्रो के वकील ने दलील दी थी कि वादी के व्यवहार से उनके पेशेवर प्रदर्शन में सुधार करने में रुचि की कमी झलकती है, जिसके कारण उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद को देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किए जाने की सराहना की और इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'स्वच्छता अभियान' के दृष्टिकोण की सफलता का प्रमाण बताया। शाह ने कहा कि अहमदाबाद के लोगों के लिए यह गर्व का क्षण है क्योंकि शहर को ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25' में भारत के सबसे स्वच्छ बड़े शहरों में शीर्ष स्थान मिला है।उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, "यह सम्मान स्वच्छता अभियान के पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दृष्टिकोण की सफलता का प्रमाण है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य की कुंजी के रूप में स्वच्छता के सिद्धांत को आगे बढ़ाता है और इस लक्ष्य के प्रति लोगों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” गृह मंत्री ने उम्मीद जताई कि यह उपलब्धि स्वच्छता की संस्कृति को नयी ऊंचाइयों तक ले जाकर इस क्षेत्र में नयी सफलताओं की आधारशिला बनेगी। उन्होंने कहा, "अहमदाबाद के लोगों और सभी सफाईकर्मियों को उनके अथक योगदान के लिए मेरी हार्दिक बधाई।”
- नयी दिल्ली. सरकार ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के पूर्व चेयरमैन और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी नितिन गुप्ता को राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) का चेयरपर्सन नियुक्त किया है। एक सूत्र के अनुसार, स्मिता झिंगरन, पी. डैनियल और सुशील कुमार जायसवाल को नियामक का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है। एनएफआरए चेयरपर्सन का पद अजय भूषण प्रसाद पांडेय का तीन साल का कार्यकाल 31 मार्च को पूरा होने के बाद से रिक्त पड़ा है।अप्रैल में, सरकार ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) प्रमुख रवनीत कौर को एनएफआरए चेयरपर्सन के रूप में अतिरिक्त प्रभार दिया था। सूत्र के अनुसार, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने बृहस्पतिवार को गुप्ता को एनएफआरए के चेयरपर्सन और तीन लोगों को पूर्णकालिक सदस्य के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दे दी। आईआरएस अधिकारी झिंगरन पहले नियामक की पूर्णकालिक सदस्य के रूप में कार्य कर चुकी हैं, जबकि डैनियल केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के पूर्व सचिव हैं। जायसवाल पूर्व लेखा महानिदेशक (केंद्रीय प्राप्ति) हैं। ये नियुक्तियां तीन वर्ष की अवधि के लिए या अधिकारी के 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक या अगले आदेश तक के लिए हैं। एनएफआरए की स्थापना अक्टूबर, 2018 में कंपनी कानून के तहत की गई थी।
- नयी दिल्ली, दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी खतरों के खिलाफ तैयारियों और अंतर-एजेंसी समन्वय का आकलन करने के लिए बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी में 10 से अधिक प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा अभ्यास किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। पूर्ण सुरक्षा अभ्यास में दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, विशेष प्रकोष्ठ और अन्य हितधारक एजेंसियों की कई टीमें शामिल हुईं। अधिकारी ने कहा, "अभ्यास का उद्देश्य बम विस्फोट, बंधक स्थितियों और बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित निकालने में प्रतिक्रिया की जांच करना था।" कश्मीरी गेट अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) पर एजेंसियों ने बम विस्फोट जैसा परिदृश्य बनाया तथा एक आपातकालीन कॉल के माध्यम से सतर्क किया गया।दिल्ली पुलिस के जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी और लाउडस्पीकर से घोषणा करके यात्रियों और कर्मचारियों को टर्मिनल खाली करने का निर्देश दिया। पुलिस के वाहन और त्वरित प्रतिक्रिया दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। अधिकारी ने कहा कि यह परिदृश्य आपातकालीन प्रतिक्रिया के हर पहलू की जांच करने के लिए तैयार किया गया था। उन्होंने कहा, "मॉक ड्रिल में बंधक संकट होने पर इससे निपटना और किसी भी खतरे को बेअसर करते हुए नागरिकों को बचाने के लिए विभिन्न इकाइयों के साथ समन्वय करना भी शामिल था।" मॉक ड्रिल में किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्वाभ्यास किया जाता है।इन मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी संभावित आतंकी हमले जैसी आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया तंत्र का मूल्यांकन करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को सुदृढ़ बनाना है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे मॉक ड्रिल के दौरान शांत रहें, सहयोग करें और अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें।
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नासिक. महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक कार और एक मोटरसाइकिल की टक्कर में तीन दंपति और दो-वर्षीय एक बच्चे की मौत हो गई तथा दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना बुधवार देर रात जिले के डिंडोरी कस्बे के निकट वाणी-डिंडोरी मार्ग पर एक नर्सरी (पौधशाला) के पास हुई जिसकी सूचना पुलिस को रात 11 बजकर 57 मिनट पर मिली। अधिकारी ने बताया कि ये सभी रिश्तेदार थे और एक अन्य रिश्तेदार के जन्मदिन समारोह में शामिल होने के बाद कार से सारसाले लौट रहे थे। सूचना मिलने के बाद, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया।
अधिकारी ने बताया कि जब पुलिस मौके पर पहुंची तो दोनों वाहन सड़क किनारे एक छोटी नहर में गिरे मिले।
पुलिस ने बताया कि कार सवार तीन पुरुष, इतनी ही महिलाएं और एक बच्चे की मौत हो गई और मोटरसाइकिल पर सवार दो लोग घायल हो गए। अधिकारी ने बताया कि कार नासिक से वाणी जा रही थी, तभी उसका आगे का एक टायर फट गया। अधिकारी ने बताया कि चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया और सामने से आ रही मोटरसाइकिल से टकराने के बाद दोनों वाहन सड़क किनारे नहर में गिर गए। उन्होंने बताया कि कार में सवार लोग गाड़ी से बाहर नहीं निकल पाए और नहर में डूबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि मोटरसाइकिल सवार दोनों घायलों को नासिक के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान देवीदास पंडित गांगुर्डे (28), उनकी पत्नी मनीषा देवीदास गांगुर्डे (23), उनके बेटा भावेश देवीदास गांगुर्डे (2), उत्तम एकनाथ जाधव (42), उनकी पत्नी अलका उत्तम जाधव (38), दत्तात्रेय नामदेव वाघमारे (45) और उनकी पत्नी अनुसया दत्तात्रेय वाघमारे (40) के रूप में हुई है। ये सभी डिंडोरी तालुका के अलग-अलग गांवों के निवासी थे। उन्होंने बताया कि मोटरसाइकिल सवार दोनों युवकों को नासिक के सातपुर स्थित पिंपलगाव के निवासी थे। डिंडोरी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना की जांच कर रही है। -
नयी दिल्ली. सरकार ने एनटीपीसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के रूप में गुरदीप सिंह का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है। सिंह 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले थे। अब जुलाई 2026 के अंत तक कंपनी का नेतृत्व करेंगे। एनटीपीसी विद्युत मंत्रालय के तहत भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक इकाई है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने अधिसूचना में कहा कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने गुरदीप सिंह को उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि से एक वर्ष की अवधि के लिए अर्थात एक अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2026 तक अनुबंध के आधार पर एनटीपीसी (इंडिया) लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के रूप में पुनः नियुक्ति के लिए विद्युत मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकारी पब्लिक एंटरप्राइजेज सिलेक्शन बोर्ड (पीईएसबी) भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण निकाय है। इसे अक्सर ‘‘सरकारी हेडहंटर'' कहा जाता है। पीईएसबी को भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक की भूमिका के लिए 12 उम्मीदवारों में से कोई भी उपयुक्त नहीं मिला क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) में शीर्ष पद के लिए सही उम्मीदवार खोजने में संघर्ष जारी रहा। सार्वजनिक उद्यम चयन बोर्ड (पीईएसबी) ने 12 उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया जिनमें से आधे एनटीपीसी एवं अन्य सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों के निदेशक मंडल में शामिल थे। कोई भी उम्मीदवार सीएमडी के पद के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया।
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जयपुर. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय सशस्त्र बलों के ‘ऑपरेशन सिंदूर' की ओर इशारा करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इसने पूरी दुनिया को यह मजबूत संदेश दिया कि किसी को भी भारत के नागरिक, उसकी सीमा या उसकी सेना से छेड़खानी नहीं करनी चाहिए वरना नतीजे भुगतने पड़ते हैं। शाह ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को सुरक्षित करने का सबसे बड़ा काम किया है।”
उन्होंने कहा, “कांग्रेस के राज में देश आए दिन आतंकवादी हमलों से त्रस्त था," लेकिन अब ऐसा नहीं होता। शाह ने कहा, ‘‘पहले उरी में हमला हुआ तो मोदी ने ‘सर्जिकल स्ट्राइक' की। पुलवामा में हमला हुआ ‘एयर स्ट्राइक' की और पहलगाम में हमला किया गया तो ‘ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से पाकिस्तान के घर में जाकर आतंकवादियों के परखच्चे उड़ा दिए और एक मजबूत संदेश पूरी दुनिया को भेजा कि भारत के नागरिक, भारत की सेना और भारत की सीमा... इनके साथ छेड़खानी नहीं करनी, वरना नतीजे भुगतने पड़ते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी ने यह संदेश देकर एक समृद्ध, सुरक्षित और विकसित भारत के स्वप्न को सच्चाई में बदलने का, जमीन पर उतारने का काम किया है।'' गृह मंत्रालय के साथ-साथ सहकारिता मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल रहे शाह अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के अवसर पर जयपुर के दादिया गांव में ‘सहकार एवं रोजगार उत्सव' को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत, दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और 27 करोड़ गरीबों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने का काम किया गया है। राजस्थान में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि इस सरकार ने कम समय में ढेर सारे काम किए हैं। उन्होंने कहा, "राजस्थान पेपर लीक से त्रस्त था, लेकिन भजनलाल सरकार ने एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन करके पेपर लीक माफिया को कठोर संदेश दिया है।" शाह ने कहा कि राज्य निवेश शिखर सम्मेलन के दौरान 35 लाख करोड़ रुपये के करार (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए और तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर काम शुरू हो चुका है। गृह मंत्री ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वैट कम किया और कई अन्य पहल कीं।
उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए भी राज्य सरकार की प्रशंसा की। शाह ने देश के विकास में सहकारिता आंदोलन के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि विगत सौ साल के अंदर सहकारिता ने देश के विकास में बड़ा योगदान दिया मगर आने वाले 100 साल सहकारिता के हैं। उनके मुताबिक, हर गांव, हर गरीब, हर किसान तक सहकारिता को पहुंचाने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार में एक स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने पिछले चार साल में इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 61 पहल की हैं।
शाह ने कहा, " दो लाख नई पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समितियां) बनाने का काम शुरू हो चुका है, जिनमें से 40,000 पैक्स बना ली गई हैं।” उन्होंने राजस्थान के कृषि योगदान का भी जिक्र किया।
मंत्री ने कहा, “हमने सहकारिता का उपयोग करके ऊंटों की नस्ल संरक्षण और ऊंटनी के दूध के औषधीय गुणों के परीक्षण पर शोध शुरू किया है, जिससे आने वाले दिनों में ऊंटों के अस्तित्व पर कोई खतरा नहीं आएगा।” इससे पहले मुख्यमंत्री शर्मा ने अपनी सरकार के कार्यों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, "हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि सहकारी समितियों का लाभ कतार में खड़े अंतिम लोगों तक पहुंचे।" इस दौरान शाह ने 24 खाद्यान्न भंडारण गोदामों और 64 बाजरा दुकानों का ऑनलाइन उद्घाटन किया और सहकारी उत्पादों की एक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा एवं दीया कुमारी, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और अन्य नेता भी मौजूद थे। -
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने गुरुवार को कहा कि इस सप्ताह की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की हालत स्थिर है। इसरो ने कहा कि एजेंसी पुनर्वास अभ्यास में एक्सिओम स्पेस के साथ साझेदारी कर रही है और शुक्ला के ‘शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी’ कर रही है।
राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच में कोई तत्काल चिंता नहीं दिखाई देती है। शुभांशु शुक्ला 26 जून को, परिक्रमा प्रयोगशाला में पहुंचने वाले भारत के पहले व्यक्ति बने। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन, स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान ग्रेस से अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौटे। इसरो ने बताया कि ‘रिकवरी शिप’ पर अंतरिक्ष यात्रियों की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच की गई।इसरो ने कहा, “प्रारंभिक स्वास्थ्य आकलन से पता चला है कि शुक्ला की हालत स्थिर है और तत्काल कोई चिंता की बात नहीं है। जांच के बाद, शुक्ला को आगे की चिकित्सा जांच और डीब्रीफिंग सत्रों के लिए हेलीकॉप्टर द्वारा रिकवरी जहाज से मुख्य भूमि पर ले जाया गया। बाद में, शुक्ला को सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण के किसी भी प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए एक सप्ताह के पुनर्वास कार्यक्रम के लिए ह्यूस्टन ले जाया गया।इसरो ने कहा कि “अंतरिक्ष यात्री की पुनर्वास गतिविधियां शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी, सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण के किसी भी प्रभाव को दूर करने और उसे सामान्य गतिविधियों में वापस लौटने के लिए तैयार करने पर केंद्रित हैं। इसमें कई तरह की चिकित्सीय जांच, विशेष रूप से हृदय संबंधी जांच, मांसपेशियों, अस्थियों का परीक्षण और मनोवैज्ञानिक जांच शामिल है। राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि इसका संचालन एक्सिओम के फ्लाइट सर्जन द्वारा किया जा रहा है और इसरो के फ्लाइट सर्जन भी इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।”इस बीच, शुभांशु शुक्ला बुधवार को ISS पर 18 दिन के मिशन के बाद अपनी पत्नी कामना शुक्ला और 6 साल के बेटे से भी मिले। अंतरिक्ष यात्री ने कहा कि पृथ्वी पर वापस आकर और अपने परिवार को अपनी बाहों में लेकर, मुझे घर जैसा महसूस हुआ। आज ही किसी प्रियजन को खोजें और उन्हें बताएं कि आप उनसे प्यार करते हैं। हम अक्सर ज़िंदगी में व्यस्त हो जाते हैं और भूल जाते हैं कि हमारे जीवन में लोग कितने महत्वपूर्ण हैं। मानव अंतरिक्ष यान मिशन जादुई होते हैं लेकिन उन्हें इंसानों द्वारा ही जादुई बनाया जाता है।उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष की उड़ान अद्भुत है, लेकिन लम्बे समय के बाद अपने प्रियजनों को देखना भी उतना ही अद्भुत है।शुभांशु शुक्ला बताया कि मुझे क्वारंटाइन में गए दो महीने हो गए हैं। क्वारंटाइन के दौरान, परिवार से मिलने के लिए, हमें 8 मीटर की दूरी पर रहना पड़ता था। मेरे छोटे बच्चे को बताया गया कि उसके हाथों में कीटाणु हैं और इसलिए वह अपने पिता को नहीं छू सकता। शुक्ला ने कहा कि यह बहुत चुनौतीपूर्ण था, हर बार जब वह मिलने आता था, तो अपनी मां से पूछता था, ‘क्या मैं अपने हाथ धो सकता हूं ? -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जुलाई को बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में एक बड़ी जनसभा के दौरान पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 20वीं किस्त जारी कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मौके पर देशभर के 9.8 करोड़ से ज्यादा किसानों को 2,000 रुपए की अगली किस्त उनके बैंक अकाउंट में सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
पीएम किसान योजना के तहत किसानों को हर साल तीन किस्तों में ₹6,000 की आर्थिक मदद दी जाती है। पिछली यानी 19वीं किस्त फरवरी 2025 में जारी की गई थी, जिसमें 2.41 करोड़ महिला किसानों समेत 9.8 करोड़ से ज्यादा किसानों को 22,000 रुपए करोड़ से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए ट्रांसफर की गई थी। हालांकि, इस तिमाही में किस्त मिलने में कुछ देरी हुई है।पीएम किसान योजना से लाभ लेने के लिए जरूरी बातें:-अपने बैंक खाते को आधार कार्ड से लिंक करें।-यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से जुड़ा हुआ है।-DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) सुविधा आपके खाते में सक्रिय होनी चाहिए।-e-KYC पूरा करें।-‘Know Your Status’ विकल्प के जरिए पोर्टल पर अपना स्टेटस चेक करें।-लाभार्थियों की सूची में नाम कैसे चेक करें? चेक करें स्टेप्स-पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in पर जाएं।-होमपेज पर ‘Payment Success’ सेक्शन के पास भारत के नक्शे के नीचे ‘Dashboard’ (पीले रंग की टैब) पर क्लिक करें।-‘Village Dashboard’ में राज्य, जिला, उप-जिला और पंचायत जैसी जानकारी भरें।-फिर ‘Get Report’ बटन पर क्लिक करें।-सूची में अपना नाम चेक करें।जमीन का पता कैसे अपडेट करें?-https://pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाएं।-होमपेज पर ‘Farmers Corner’ सेक्शन में जाकर ‘State Transfer Request’ पर क्लिक करें।-रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर डालें।-स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरें और ‘Get OTP’ पर क्लिक करें।-रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया OTP भरें।-अपनी भूमि का प्रमाण (जैसे खसरा, खतौनी आदि) अपलोड करें।-फॉर्म को चेक करके सबमिट करें।ये हैं हेल्पलाइन नंबरसरकार ने पीएम किसान योजना से जुड़ी मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। किसान टोल-फ्री नंबर 155261 या 1800-115-526 पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही, कोई सवाल या समस्या हो तो [email protected] पर ईमेल भी भेज सकते हैं।इस योजना की जानकारी ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाने के लिए सरकार गांव-गांव में जागरूकता अभियान चला रही है, ताकि कोई भी योग्य किसान इस लाभ से वंचित न रह जाए। - -रेलवे द्वारा लेवल क्रॉसिंग के स्थान पर अंडरपास निर्माण हेतु स्वीकृत किए जाने के बावजूद जिला अधिकारी द्वारा पिछले एक वर्ष से अनुमोदन लंबित रहने के कारण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है-रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के साथ-साथ मुख्य सचिव और तमिलनाडु के पुलिस महीनिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी गई हैनई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है। 8 जुलाई , 2025 को तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले में एक लेवल क्रॉसिंग पर एक यात्री ट्रेन स्कूल वैन से टकरा गई, जिसमें तीन बच्चों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। लेवल क्रॉसिंग पर गेट खुला था, और घटना के समय ट्रेन गुजर रही थी।आयोग ने पाया है कि मीडिया रिपोर्ट यदि सत्य है, तो मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा बनता है। इसलिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, तमिलनाडु के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें घटना में घायल हुए बच्चों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति भी शामिल हो। 9 जुलाई, 2025 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस लेवल क्रॉसिंग के स्थान पर दक्षिण रेलवे द्वारा अंडरपास निर्माण हेतु स्वीकृत किया गया है, लेकिन जिला अधिकारी द्वारा पिछले एक वर्ष से इसके लिए अनुमति नहीं दी गई है।
- -पारंपरिक जीवनशैली से सीखकर आधुनिक चक्रीय प्रणालियों को मजबूत किया जा सकता है: राष्ट्रपति मुर्मुनई दिल्ली। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (17 जुलाई) नई दिल्ली में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित एक समारोह में स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति महोदया ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण हमारे शहरों द्वारा स्वच्छता के प्रयासों का आकलन और प्रोत्साहन करने में एक सफल प्रयोग साबित हुआ है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा वर्ष 2024 के लिए दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न हितधारकों, राज्य सरकारों, शहरी निकायों और लगभग 14 करोड़ नागरिकों ने भाग लिया।श्रीमती मुर्मु ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना ने प्राचीन काल से ही स्वच्छता पर जोर दिया है। अपने घरों, पूजा स्थलों और आस-पास को साफ रखने की परंपरा हमारी जीवनशैली का अभिन्न अंग थी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कहा करते थे, "स्वच्छता ईश्वर भक्ति के बाद आती है।" वे स्वच्छता को धर्म, आध्यात्मिकता और नागरिक जीवन की आधारशिला मानते थे। राष्ट्रपति महोदया ने कहा कि उन्होंने जनसेवा की अपनी यात्रा स्वच्छता से जुड़े कार्यों से शुरू की थी। अधिसूचित क्षेत्र परिषद की उपाध्यक्ष के रूप में श्रीमति मुर्मु प्रतिदिन वार्डों का दौरा करती थीं और स्वच्छता कार्य की निगरानी करती थीं।राष्ट्रपति महोदया ने कहा कि न्यूनतम संसाधनों का उपयोग करके और उन्हें उसी उद्देश्य या अन्य उद्देश्य के लिए पुनः उपयोग करके अपशिष्ट को कम करना हमेशा हमारी जीवनशैली का हिस्सा रहा है। चक्रीय अर्थव्यवस्था के मूल सिद्धांत और ‘कम उपयोग करें- पुनः उपयोग करें’ पुनर्चक्रण की प्रणालियां हमारी प्राचीन जीवनशैली के आधुनिक और व्यापक रूप हैं। उदाहरण के लिए, आदिवासी समुदायों की पारंपरिक जीवनशैली सरल है। वे कम संसाधनों का उपयोग करते हैं और मौसम तथा पर्यावरण के साथ तालमेल बिठाते हैं और अन्य समुदाय के सदस्यों के साथ साझेदारी में रहते हैं। वे प्राकृतिक संसाधनों को बर्बाद नहीं करते हैं। इस तरह के व्यवहार और परंपराओं को अपनाकर चक्रीयता की आधुनिक प्रणालियों को मज़बूत किया जा सकता है।राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि अपशिष्ट प्रबंधन मूल्य श्रृंखला में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम स्रोत पृथक्करण है। सभी हितधारकों और प्रत्येक परिवार को इस पर सबसे ध्यान देना चाहिए। शून्य-अपशिष्ट कालोनियां अच्छे उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।श्रीमती मुर्मु ने स्कूल स्तर पर आकलन पहल की सराहना की, जिसका उद्देश्य है कि विद्यार्थी स्वच्छता को एक जीवन-मूल्य के रूप में अपनाएं। उन्होंने कहा कि इससे बहुत लाभकारी और दूरगामी परिणाम होंगे।राष्ट्रपति महोदया ने कहा कि प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को नियंत्रित करना और उनसे उत्पन्न प्रदूषण को रोकना एक बड़ी चुनौती है। उचित प्रयासों से हम देश के प्लास्टिक उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं। केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में एकल-उपयोग प्लास्टिक युक्त कुछ वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया। उसी वर्ष, सरकार ने प्लास्टिक पैकेजिंग के लिए विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व हेतु दिशा-निर्देश जारी किए। सभी हितधारकों - उत्पादकों, ब्रांड मालिकों और आयातकों - की यह ज़िम्मेदारी है कि वे इन दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन करें।राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि स्वच्छता से जुड़े प्रयासों के आर्थिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक पहलू हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नागरिक स्वच्छ भारत मिशन में पूरी लगन से हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि ठोस और सुविचारित संकल्पों के साथ वर्ष 2047 तक विकसित भारत दुनिया के सबसे स्वच्छ देशों में से एक होगा।
- - तकनीक के शिकंजे में फरार अपराधी: 20 साल बाद इंदौर से गिरफ्तारनई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ₹8 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में लंबे समय से फरार घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) रही श्रीमती मणि एम. शेखर को सफलतापूर्वक पकड़ लिया है।यह मामला सीबीआई बीएसएफबी, बेंगलुरु द्वारा 01 अगस्त 2006 को दर्ज किया गया था, जिसमें श्री रामानुजम मुथुरमलिंगम शेखर उर्फ आर.एम. शेखर, प्रबंध निदेशक, एम/एस इंडो मार्क्स प्राइवेट लिमिटेड और श्रीमती मणि एम. शेखर, निदेशक, एम/एस इंडो मार्क्स एवं बीटीसी होम प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य के खिलाफ आरोप लगाए गए थे। आरोपियों पर 2002 से 2005 के बीच षड्यंत्र रचकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, ओवरसीज ब्रांच, बेंगलुरु को ₹800 लाख की राशि का ग़बन करने का आरोप था, जिसमें गैर-निधि आधारित लिमिट्स का दुरुपयोग किया गया।जांच पूरी होने के बाद 10 दिसंबर 2007 को आरोप पत्र दाखिल किया गया। दोनों आरोपी पति-पत्नी ने न तो मुकदमे में पेशी दी और न ही समन/वारंट का पालन किया। इसके चलते उन्हें 27 फरवरी 2009 को अदालत द्वारा फरार घोषित किया गया।वर्षों तक लगातार प्रयासों के बावजूद आरोपी पकड़ में नहीं आए, जिसके बाद सीबीआई ने उनकी गिरफ्तारी के लिए ₹50,000-₹50,000 का इनाम घोषित किया। इस बीच अन्य सह-आरोपियों पर मुकदमा चला और उन्हें दोषी/निर्दोष ठहराया गया, लेकिन इन दोनों के खिलाफ मुकदमा लंबित रहा।आरोपियों ने अपनी पहचान बदल ली थी और पुराने केवाईसी विवरणों का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने अपने नाम क्रमशः कृष्ण कुमार गुप्ता (पति) और गीता कृष्ण कुमार गुप्ता (पत्नी) रख लिए और मोबाइल नंबर, ईमेल, पैन आदि सब कुछ बदल लिया।सीबीआई ने उन्नत इमेज सर्च और तुलना उपकरणों का उपयोग करते हुए उनकी डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया। इमेज विश्लेषण के जरिए यह पता चला कि आरोपी इंदौर, मध्य प्रदेश में नई पहचान के साथ रह रहे हैं। ज़मीन पर हुई पुष्टि के बाद सीबीआई की टीम ने उन्हें इंदौर में ढूंढ निकाला।तलाशी के दौरान यह भी सामने आया कि श्री रामानुजम मुथुरमलिंगम शेखर उर्फ आर.एम. शेखर की 2008 में (नई पहचान के साथ) मृत्यु हो चुकी थी। उनकी पत्नी श्रीमती मणि एम. शेखर को 12 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर बेंगलुरु की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब वह लगभग दो दशक बाद मुकदमे का सामना कर रही हैं।90 प्रतिशत से अधिक सटीकता के साथ फोटो मिलान ने नई पहचान के बावजूद उनकी पहचान सुनिश्चित करने में मदद की। यह मामला इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि किस तरह तकनीक आधारित उपकरण और ज़मीनी स्तर पर अधिकारियों की प्रतिबद्धता मिलकर लंबे समय से फरार अपराधियों को पकड़ने में क़ानून लागू करने वाली एजेंसियों की क्षमता को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जुलाई, शुक्रवार को बिहार और पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। वे बिहार के मोतिहारी में सुबह 11:30 बजे 7,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इसके बाद, पीएम मोदी दोपहर 3 बजे पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। दोनों स्थानों पर वे जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे।
बिहार में कार्यक्रमप्रधानमंत्री मोदी रेल, सड़क, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़ी विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे।रेल और सड़क अवसंरचना: पीएम मोदी समस्तीपुर-बछवारा रेल लाइन पर स्वचालित सिग्नलिंग और दरभंगा-समस्तीपुर दोहरीकरण परियोजना (580 करोड़ रुपये) का हिस्सा दरभंगा-थलवारा और समस्तीपुर-रामभद्रपुर रेल लाइन के दोहरीकरण को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं ट्रेन संचालन की क्षमता बढ़ाएंगी और देरी को कम करेंगी। साथ ही, पाटलिपुत्र में वंदे भारत ट्रेनों की रखरखाव सुविधा, भटनी-छपरा ग्रामीण रेल लाइन (114 किमी) पर स्वचालित सिग्नलिंग, ट्रैक्शन सिस्टम उन्नयन और दरभंगा-नरकटियागंज रेल लाइन दोहरीकरण (4,080 करोड़ रुपये) का शिलान्यास करेंगे, जो उत्तरी बिहार और देश के अन्य हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।सड़क परियोजनाएं: पीएम मोदी एनएच-319 के आरा बाइपास के चार-लेन निर्माण और आरा-मोहनिया से पटना-बक्सर को जोड़ने वाली एनएच-319 की पररिया-मोहनिया खंड (820 करोड़ रुपये) का उद्घाटन करेंगे। साथ ही, एनएच-333सी के सरवन-चकाई खंड (2-लेन) का उद्घाटन बिहार और झारखंड के बीच माल और लोगों की आवाजाही को सुगम बनाएगा।आईटी क्षेत्र: प्रधानमंत्री दरभंगा में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) सुविधा और पटना में अत्याधुनिक एसटीपीआई इनक्यूबेशन सुविधा का उद्घाटन करेंगे, जो आईटी/आईटीईएस/ईएसडीएम उद्योग और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगी, नवाचार और बौद्धिक संपदा विकास को प्रोत्साहित करेगी।मत्स्य पालन: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत बिहार में आधुनिक मत्स्य पालन अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिसमें नए मछली हैचरी, बायोफ्लॉक इकाइयां, सजावटी मछली पालन, एकीकृत जलीय कृषि इकाइयां और मछली चारा मिल शामिल हैं। ये परियोजनाएं रोजगार सृजन, मछली उत्पादन और ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी।अमृत भारत ट्रेनें: पीएम मोदी चार नई अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे, जो राजेंद्र नगर टर्मिनल (पटना)-नई दिल्ली, बापूधाम मोतिहारी-दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल), दरभंगा-लखनऊ (गोमती नगर) और मालदा टाउन-लखनऊ (गोमती नगर) के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएंगी।ग्रामीण विकास: प्रधानमंत्री दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत बिहार में लगभग 61,500 स्वयं सहायता समूहों के लिए 400 करोड़ रुपये जारी करेंगे। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 12,000 लाभार्थियों का गृह प्रवेश होगा और 40,000 लाभार्थियों के लिए 160 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जाएगी।पश्चिम बंगाल में कार्यक्रमप्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में तेल एवं गैस, बिजली, सड़क और रेल क्षेत्रों से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे।तेल और गैस: प्रधानमंत्री बांकुड़ा और पुरुलिया में करीब 1,950 करोड़ रुपये की भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की सिटी गैस वितरण परियोजना का शिलान्यास करेंगे, जो घरों, वाणिज्यिक और औद्योगिक ग्राहकों को PNG और सीएनजी प्रदान करेगी। साथ ही, दुर्गापुर-हल्दिया प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के दुर्गापुर-कोलकाता खंड (132 किमी) की प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (1,190 करोड़ रुपये), जो प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा परियोजना का हिस्सा है, को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।स्वच्छ ऊर्जा: पीएम मोदी दुर्गापुर स्टील थर्मल पावर स्टेशन और रघुनाथपुर थर्मल पावर स्टेशन में 1,457 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली-फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (FGD) को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।रेल और सड़क: पीएम मोदी 390 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुरुलिया-कोटशिला रेल लाइन (36 किमी) के दोहरीकरण और पश्चिम बर्द्धमान में तोपसी व पांडबेश्वर में 380 करोड़ रुपये की लागत से बने सेतु भारतम कार्यक्रम के तहत दो रेलवे ओवर ब्रिज का उद्घाटन करेंगे, जो कनेक्टिविटी और सुरक्षा को बेहतर बनाएंगे।उल्लेखनीय है कि ये परियोजनाएं बिहार और पश्चिम बंगाल में बुनियादी ढांचे, स्वच्छ ऊर्जा, और सामाजिक-आर्थिक विकास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी। -
नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत में शुरू हो रहे हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन के नए दौर में गुयाना के आकार के कई बड़े तेल क्षेत्र मिलेंगे।केंद्रीय मंत्री ने ‘ऊर्जा वार्ता 2025’ कार्यक्रम के दौरान कहा, “हम ओएएलपी (ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी) राउंड-10 के तहत 2,00,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में अधिक हाइड्रोकार्बन की खुदाई और एक्सप्लोर करेंगे। हमारा लक्ष्य 2025 तक एक्सप्लोरेशन सेक्टर को 5 लाख वर्ग किलोमीटर और 2030 तक 10 लाख वर्ग किलोमीटर तक बढ़ाना है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमें गुयाना के आकार के कई क्षेत्र खासकर अंडमान सागर में मिलेंगे।”हरदीप पुरी ने कहा, “हम एक्सप्लोरर्स के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले डेटा की उपलब्धता, वित्तीय प्रोत्साहन, स्थिर नियामक ढांचे, निवेश को जोखिम-मुक्त बनाने और ईज-ऑफ डूइंग बिजनेस जैसे क्षेत्रों पर काम कर रहे हैं ताकि भारत को ऑयल एंड गैस एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन (ईएंडपी) के लिए अगला वैश्विक अग्रणी बनाया जा सके।”केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि ‘ऊर्जा वार्ता 2025’ में आयोजित ‘मंच मंत्री का’ कार्यक्रम में उनकी उत्साहवर्धक बातचीत हुई। यह भारत के ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुखों, पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों, ऊर्जा पेशेवरों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक और गतिशील नेतृत्व में ऊर्जा सुरक्षा और हरित ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में भारत की यात्रा के हितधारकों का एक अनूठा सम्मेलन था।उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद, भारत ने ऊर्जा को लेकर तीन बड़ी चुनौतियों उपलब्धता, सामर्थ्य और स्थिरता का सफलतापूर्वक सामना किया है।केंद्रीय मंत्री पुरी ने बताया कि देश के नागरिकों की ऊर्जा जरूरतें सरकार की प्राथमिकता बनी हुई हैं और जिन देशों से तेल और गैस का आयात किया जाता है, उनका दायरा भी विस्तृत हो गया है।उन्होंने उपस्थित लोगों को बताया, “एचईएलपी जैसे दूरदर्शी सुधारों के साथ, लगभग दस लाख वर्ग किलोमीटर के अब तक के ‘नो ओपन’ एरिया को ओपन किया जा रहा है और ऑयलफिल्ड्स रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट (ओआरडी) अधिनियम में संशोधन किए जा रहे हैं। भारत नए क्षेत्रों की खोज करक घरेलू हाइड्रोकार्बन उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयासों के दौर से गुजर रहा है।”इस आयोजन में विभिन्न राज्यों के ऊर्जा मंत्री, शीर्ष सरकारी अधिकारी और ऑयल एंड गैस सेक्टर के उद्योग जगत के दिग्गज शामिल हुए। ‘ऊर्जा वार्ता 2025’ का उद्देश्य भारत के ऊर्जा परिदृश्य के भविष्य को आकार देने और ऊर्जा क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन के प्रति देश की प्रतिबद्धता को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनना है।
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नई दिल्ली। भारतीय सेना ने बुधवार शाम को जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन से फंसे सैकड़ों अमरनाथ यात्रियों को बचाया। जानकारी के अनुसार, शाम करीब 7:15 बजे, रायलपथरी और ब्रारीमार्ग के बीच जेड मोड़ पर एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जिससे यात्रा अचानक रुक गई। इस कारण सैकड़ों यात्री मुश्किल इलाके में फंस गए। हालांकि, भारतीय सेना की ब्रारीमार्ग टुकड़ी को कुछ ही मिनटों में तैनात कर दिया गया।
भारतीय सेना ने वहां फंसे यात्रियों को बचाया और लगभग 500 यात्रियों को सेना के टेंटों में सुरक्षित ठहराया गया है। साथ ही उन्हें चाय और पीने का पानी भी दिया गया है। इसके अलावा, करीब 3,000 अन्य यात्रियों ने ब्रारीमार्ग और जेड मोड़ के बीच लंगरों में शरण ली है, जहां उन्हें आश्रय और भोजन समेत आवश्यक सहायता प्रदान की गई है।एक गंभीर रूप से बीमार यात्री रायलपथरी में दो भूस्खलन स्थलों के बीच फंस गया था। सेना की क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) ने जोखिम भरे रास्तों और खराब मौसम में मैनुअल स्ट्रेचर से उसे सुरक्षित निकाला और रायलपथरी लाया, जहां से उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।ब्रारीमार्ग के कैंप डायरेक्टर और सेना के कंपनी कमांडर सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे।भारतीय सेना ने पुष्टि की है कि स्थिति अब स्थिर और नियंत्रण में है। क्षेत्र में हल्की बारिश जारी रहने के कारण सेना के जवान हाई अलर्ट पर हैं। यह बचाव और राहत अभियान उच्च-ऊंचाई वाले और आपदा क्षेत्रों में नागरिकों की रक्षा के लिए भारतीय सेना के अटूट संकल्प और तत्परता को दर्शाता है। अमरनाथ यात्रा के दौरान सेना न केवल सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि जीवन रक्षक सहायता और करुणा के साथ दृढ़ता से खड़ी है।भारतीय सेना ने एक बार फिर साबित किया है कि वह केवल एक सैन्य बल नहीं, बल्कि राष्ट्र का एक मजबूत स्तंभ है, जो हर चुनौती में यात्रियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। - सिवनी / मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में एक दिन पहले लापता हुए दो नाबालिग भाई (नौ एवं छह साल) बुधवार को एक जंगल में मृत पाए गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बच्चों की गला रेतकर हत्या की गई और फिर शवों को जंगल में फेंक दिया गया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कोतवाली पुलिस थाने के अंतर्गत सिवनी शहर के सुभाष वार्ड इलाके से बच्चे मंगलवार शाम से लापता थे। अधिकारी ने बताया कि एक दिन बाद उनके शव जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर सिवनी-कटंगी (बालाघाट जिला) मार्ग पर अंबामई जंगल में तीन किलोमीटर अंदर मिले। उन्होंने बताया कि दोनों बच्चों की गला रेत कर हत्या किए जाने के बाद उनके शवों को पत्थरों से ढंक दिया गया था।पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मेहता ने बताया कि पीड़ित बच्चों की मां ने कोतवाली पुलिस थाने में अपने बेटों की गुमशुदगी के साथ-साथ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। मेहता ने बताया कि तलाशी के दौरान संदिग्ध से पूछताछ के बाद कोतवाली और डुंडास्वनी पुलिस की संयुक्त टीम ने शवों को बरामद किया तथा उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उन्होंने कहा कि एक श्वान दस्ते और फोरेंसिक टीम ने उस स्थान का निरीक्षण किया जहां शव पाए गए थे और हत्या से संबंधित सबूत एकत्र किए गए हैं।






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