- Home
- विदेश
-
स्कोप्जे (उत्तर मैसेडोनिया) .उत्तर मैसेडोनिया के दक्षिणी शहर कोकानी के एक नाइट क्लब में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से 59 लोगों की मौत हो गई और 155 अन्य घायल हो गए। गृह मंत्री पांसे तोशकोवस्की ने यह जानकारी दी। तोशकोवस्की ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आग देर रात 2:35 बजे एक स्थानीय पॉप समूह के संगीत कार्यक्रम के दौरान लगी। उन्होंने कहा कि क्लब में जाने वाले युवाओं ने आतिशबाजी की जिससे आग लग गई। उन्होंने बताया कि अब तक 39 मृतकों की पहचान हो सकी है।
क्लब में गए लोगों के परिवार के सदस्य अस्पतालों और कोकानी में कार्यालयों के सामने एकत्र होकर अधिकारियों से इस संबंध में अधिक जानकारी देने की गुहार लगा रहे हैं। तोशकोवस्की ने कहा कि पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, लेकिन उन्होंने उस व्यक्ति की संलिप्तता के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। स्वास्थ्य मंत्री अर्बेन तरावरी ने कहा कि 118 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि अल्बानिया, बुल्गारिया, ग्रीस और सर्बिया सहित पड़ोसी देशों ने सहायता की पेशकश की है। यह हाल के दिनों में इस राष्ट्र में हुई सबसे भयानक त्रासदी है। इस देश की जनसंख्या लगभग 20 लाख है।
राष्ट्रपति गोर्दाना सिलजानोवस्का दावकोवा ने स्कोप्जे के एक अस्पताल में घायलों से मुलाकात की और इमारत के बाहर इंतजार कर रहे परिजनों से भी बात की। - पिडमोंट,। अमेरिका के मध्य और दक्षिण हिस्से में आए बवंडर (टॉरनेडो) और तेज हवाओं के कारण कई मकान और स्कूलों को व्यापक नुकसान पहुंचा और कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई। मिसौरी निवासी डकोटा हेंडरसन ने बताया कि शुक्रवार रात बवंडर से बुरी तरह प्रभावित वेन काउंटी में उन्होंने और अन्य लोगों ने मिलकर जब पड़ोसियों को बचाने का अभियान शुरू किया तो उनके रिश्तेदार के घर के बाहर मलबे में पांच शव पड़े मिले। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में आए बवंडरों में कम से कम एक दर्जन लोगों की मौत हो गई।मिसिसिपी के गवर्नर टेट रीव्स ने शनिवार देर रात बताया कि तीन काउंटियों में छह लोगों की मौत हो गई तथा तीन अन्य लोग लापता हैं। उन्होंने बताया कि बवंडर पूर्व में अलबामा की ओर बढ़ गया है, जहां घरों को नुकसान पहुंचा है तथा सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। अधिकारियों ने अर्कंसास में तीन मौतों की पुष्टि की और गवर्नर सारा हकाबी सैंडर्स ने राज्य में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी। जॉर्जिया के गवर्नर ने भी राज्य में आपातकाल की घोषणा की है।राज्य में बवंडर और धूल भरी आंधी की वजह से शुक्रवार को लगभग एक दर्जन लोगों की मौत हो गई।स्टेट हाईवे पेट्रोल के अनुसार, कम से कम 50 वाहनों के टकरा जाने से कनसास राजमार्ग पर आठ लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने कहा कि टेक्सास पैनहैंडल के अमरिलो में धूल भरी आंधी के कारण हुए कार हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई। ओक्लाहोमा के कुछ इलाकों को आग की घटनाओं की वजह से खाली कराने का आदेश दिया गया है। पूरे राज्य में 130 से ज्यादा आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं और लगभग 300 घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए हैं। गवर्नर केविन स्टिट ने शनिवार को कहा कि लगभग 689 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र जल गया है। उन्होंने बताया कि ओक्लाहोमा सिटी के उत्तर-पूर्व में उनका अपना घर भी जल गया है।
-
नई दिल्ली। स्पेसएक्स का क्रू-10 मिशन आज रविवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है। क्रू-10 के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने से नासा के दो अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की वापसी की उम्मीद जगी है, जो पिछले कई महीनों से अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं।
दरअसल, शुक्रवार को टेक्सास से लॉन्च किया गया स्पेस कैप्सूल शनिवार को 12:05 बजे ईएसटी (भारतीय समयानुसार 9:35 बजे) पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पहुंचा। स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल ने पृथ्वी से आईएसएस तक की यात्रा करने में लगभग 28.5 घंटे का समय लिया। इस अंतरिक्ष यान में चार अंतरिक्ष यात्री सवार थे, जिनमें नासा से ऐनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स, जापान के जेएक्सए से ताकुया ओनिशी और रूस के रोस्कोस्मोस से किरिल पेस्कोव शामिल हैं। वे अगले कुछ दिन नासा के अंतरिक्ष यात्रियों विलियम्स और विल्मोर के साथ आईएसएस के बारे में जानकारी लेंगे।क्रू के 1.:05 बजे (भारतीय समयानुसार 10:35 बजे) आईएसएस में प्रवेश करने की उम्मीद है, जहां अंतरिक्ष यात्री विल्मोर उनका स्वागत करेंगे।बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में तकनीकी समस्याओं के कारण विलियम्स और विल्मोर जून से आईएसएस पर फंसे हुए हैं। आठ दिवसीय मिशन के बाद उनकी वापसी तय थी, लेकिन लगातार समस्याओं के कारण उनकी घर वापसी में देरी हुई।बता दें कि अगस्त में क्रू-9 के आगमन के बाद उन्हें वापस भेजने की योजनाएं भी आपातकालीन एस्केप पॉड की कमी के कारण रद्द कर दी गई थीं। अब क्रू-10 के सफलतापूर्वक डॉक किए जाने के बाद विलियम्स और विल्मोर को धरती पर लौटने का मौका मिलेगा।स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क के अनुसार, उनकी वापसी जल्द होने की उम्मीद है।क्रू-10 का मिशन शुरू में बुधवार शाम के लिए तय था, लेकिन रॉकेट पर ग्राउंड सपोर्ट क्लैंप आर्म में समस्या आने के कारण स्थगित कर दिया गया था। देरी के बावजूद मिशन अब वापस पटरी पर आ गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि फंसे हुए अंतरिक्ष यात्रियों की लंबे समय से अपेक्षित वापसी जल्द होने वाली है।इससे पहले अंतरिक्ष यात्रियों को मार्च के अंत तक धरती पर वापस आना था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एलन मस्क से उन्हें जल्दी वापस लाने का आग्रह करने के बाद इसे आगे बढ़ा दिया गया था। ( -
नई दिल्ली। नासा और स्पेसएक्स ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए एक मानवयुक्त मिशन लॉन्च किया। नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को वापस लाएगा, जो पिछले जून से अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं। ड्रैगन अंतरिक्ष यान ने शुक्रवार को शाम 7:03 बजे ईटी (शनिवार आईएसटी पर सुबह 4.33 बजे) पर फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट पर उड़ान भरी।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा किया, “अंतरिक्ष में अच्छा समय बिताएं, आप सभी! #क्रू10 ने शुक्रवार, 14 मार्च को शाम 7:03 बजे ईटी(2303 यूटीसी) पर नासा कैनेडी से उड़ान भरी।”वहीं, स्पेसएक्स ने कहा, “फाल्कन 9 ने क्रू-10 को प्रक्षेपित किया, जो अंतरिक्ष स्टेशन के लिए ड्रैगन का 14वां मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है।”गौरतलब हो, क्रू-10 मिशन नासा के अंतरिक्ष यात्री ऐनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री ताकुया ओनिशी और रूस के रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री किरिल पेसकोव को आईएसएस ले जाएगा। आईएसएस के रास्ते में अंतरिक्ष यान को अंतरिक्ष स्टेशन पर स्वायत्त रूप से डॉक करने में लगभग 28.5 घंटे लगेंगे। क्रू-10 के ऑर्बिटल प्रयोगशाला में पहुंचने के बाद, नासा का स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन, पृथ्वी पर वापस लौटेगा।दरअसल, प्रक्षेपण की योजना मूल रूप से 13 मार्च के लिए बनाई गई थी, लेकिन रॉकेट पर ग्राउंड सपोर्ट क्लैंप आर्म के साथ हाइड्रोलिक सिस्टम की समस्या के कारण एक घंटे से भी कम समय पहले लॉन्च रद्द करना पड़ा। आपको बता दें, विलियम्स और उनके सहयोगी बुच विल्मोर, जो जून 2024 से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर फंसे हुए हैं। दोनों जून बोइंग के स्टारलाइनर पर सवार होकर आईएसएस के लिए आठ दिवसीय मिशन पर गए थे। हालांकि, तकनीकी समस्याओं के चलते स्टारलाइनर उनकी वापसी के लिए असुरक्षित बन गया। नासा ने कहा कि विल्मोर और विलियम्स अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ आईएसएस पर शोध और रखरखाव में लगे हुए हैं और सुरक्षित हैं। -
न्यूयॉर्क. अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के इस महीने के अंत में भारत की यात्रा करने की संभावना है। मीडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। अमेरिकी समाचार पत्र ‘पोलिटिको' की एक रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘वेंस अपनी पत्नी उषा वेंस के साथ इस महीने के अंत में भारत की यात्रा करेंगे।'' ‘पोलिटिको' ने इस योजना से परिचित तीन सूत्रों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘वेंस उपराष्ट्रपति बनने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के तहत पिछले महीने फ्रांस और जर्मनी गए थे। भारत की यात्रा उपराष्ट्रपति के रूप में वेंस की दूसरी विदेश यात्रा है।'' उषा वेंस के माता-पिता कृष चिलुकुरी और लक्ष्मी चिलुकुरी 1970 के दशक के अंत में भारत से अमेरिका आए थे। उषा वेंस ‘‘देश की द्वितीय महिला (उपराष्ट्रपति की पत्नी) के रूप में पहली बार अपने पैतृक देश'' की यात्रा करेंगी। उषा और जे डी की मुलाकात येल लॉ स्कूल में पढ़ाई के दौरान हुई थी। उषा एक वकील हैं। उन्होंने येल विश्वविद्यालय से स्नातक और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है। -
वाशिंगटन. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर सभी इस्पात और एल्युमीनियम आयात पर शुल्क बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया। उन्होंने ऐसे समय में वादा किया कि करों से अमेरिकी कारखानों में नौकरियों के सृजन में मदद मिलेगी, जब उनके उतार-चढ़ाव भरे शुल्क खतरों ने शेयर बाजार को हिलाकर रख दिया है और आर्थिक मंदी की आशंकाएं बढ़ा दी हैं। ट्रंप ने धातुओं पर अपने 2018 के शुल्क से सभी छूटों को हटा दिया और एल्युमीनियम पर शुल्क को 10 प्रतिशत से बढ़ा दिया। फरवरी में दिए निर्देश पर आधारित उनके कदम वैश्विक वाणिज्य को बाधित करने और बदलने के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कनाडा, मेक्सिको और चीन पर अलग-अलग शुल्क लगाए हैं, साथ ही दो अप्रैल से यूरोपीय संघ, ब्राजील और दक्षिण कोरिया से आयात पर भी ‘जवाबी' दरों पर कर लगाने की योजना बनाई है। ट्रंप ने मंगलवार को कारोबारी गोलमेज सम्मेलन में विभिन्न कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) से कहा कि शुल्क के कारण कंपनियां अमेरिकी कारखानों में निवेश कर रही हैं। वृद्धि में गिरावट की आशंका के कारण पिछले महीने एसएंडपी 500 शेयर सूचकांक में आठ प्रतिशत की गिरावट से उनका मनोबल गिरने की संभावना नहीं है, क्योंकि ट्रंप ने तर्क दिया कि कारखानों को वापस लाने में उच्च शुल्क दरें अधिक प्रभावी होंगी। ट्रंप ने कहा, “यह जितना अधिक ऊपर जाएगा, उतनी ही अधिक संभावना है कि वे निर्माण करेंगे। सबसे बड़ी जीत यह होगी कि वे हमारे देश में आएं और नौकरियां पैदा करें। यह शुल्क से भी बड़ी जीत है, लेकिन शुल्क से इस देश को बहुत सारा पैसा मिलने वाला है।” ट्रंप ने मंगलवार को कनाडा से आयातित इस्पात और एल्युमीनियम पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दी थी, लेकिन ओंटारियो प्रांत द्वारा मिशिगन, मिनेसोटा और न्यूयॉर्क को बेची जाने वाली बिजली पर अधिभार लगाने की योजना को स्थगित करने के बाद उन्होंने 25 प्रतिशत की दर पर ही बने रहने का निर्णय लिया। कई मायनों में, राष्ट्रपति अपने पहले कार्यकाल के अधूरे कामों देख रहे हैं। ट्रंप ने शुल्क में सार्थक वृद्धि की, लेकिन संघीय सरकार द्वारा एकत्र किए गए राजस्व समग्र मुद्रास्फीति दबावों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिए बहुत कम थे। इस्पात और एल्युमीनियम पर ट्रंप के 2018 शुल्क छूट से कम हो गए थे।
-
टोरंटो. कनाडा की सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी ने ‘बैंक ऑफ कनाडा' के पूर्व प्रमुख मार्क कार्नी को अपना नेता चुना है और अब वह देश के नए प्रधानमंत्री होंगे। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब कनाडा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार युद्ध और विलय की धमकियों का सामना कर रहा है। कार्नी (59) प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का स्थान लेंगे जिन्होंने जनवरी में पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी लेकिन अगला प्रधानमंत्री चुने जाने तक वह पद पर बने हुए हैं। कार्नी को 85.9 प्रतिशत वोट मिले हैं। कार्नी ‘बैंक ऑफ कनाडा' के पूर्व प्रमुख हैं और ‘बैंक ऑफ इंग्लैंड' में अहम पद पर सेवाएं दे चुके हैं, माना जाता है कि इन अहम पदों पर रहने के कारण वह देश को आर्थिक चुनौतियों से बाहर निकालने में सफल रहेंगे। कार्नी ने कहा, ‘‘कोई है जो हमारी अर्थव्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।''
उन्होंने कहा, जैसा कि हम जानते हैं डोनाल्ड ट्रंप ने हमारे द्वारा बनाए गए उत्पादों, हमारे द्वारा बेची जाने वाली वस्तुओं और हमारे जीवनयापन के साधनों पर अनुचित शुल्क लगा दिए हैं। वह कनाडाई परिवारों, श्रमिकों और व्यवसायों पर हमला कर रहे हैं लेकिन हम उन्हें सफल नहीं होने दे सकते।'' कार्नी ने कहा कि कनाडा तब तक जवाबी शुल्क लागू रखेगा जब तक "अमेरिकी इसे जारी रखता है।"
उन्होंने कहा, हमने यह लड़ाई शुरू नहीं की लेकिन जब कोई तंग करता है तो कनाडावासी उसे छोड़ते भी नहीं हैं।'' कार्नी ने यह भी कहा, ‘‘अमेरिकी हमारे संसाधन, हमारा पानी, हमारी ज़मीन, हमारा देश चाहते हैं। ज़रा सोचिए। अगर वे सफल हो गए तो वे हमारी जीवन शैली को नष्ट कर देंगे।'' उन्होंने कहा, "अमेरिका कनाडा नहीं है और कनाडा कभी भी किसी भी तरह से, आकार या रूप में अमेरिका का हिस्सा नहीं होगा।" कनाडा फिलहाल खाद्य और आवास की कीमतों में वृद्धि व आव्रजन की समस्या सहित कई चुनौतियों का सामना कर रहा है और इन कारणों से ट्रूडो की लोकप्रियता घट गई है। ट्रंप की ओर से कनाडा पर शुल्क लगाए जाने और कनाडा को 51वां अमेरिकी राज्य बनाने की बातों से भी देश में ट्रूडो के प्रति नाराजगी है। कुछ लोग अमेरिका की अपनी यात्राएं रद्द कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग अमेरिकी सामान खरीदने से बच रहे हैं। उम्मीद है कि कार्नी देश में जल्द ही चुनाव करवाएंगे। या तो वह चुनाव की घोषणा करेंगे या फिर संसद में विपक्षी दल इस महीने के अंत में अविश्वास प्रस्ताव लाकर चुनाव करवाने के लिए सरकार को मजबूर कर सकते हैं। -
बेरूत. सीरिया के अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद के वफादारों और सुरक्षा बलों के बीच दो दिन तक जारी संघर्ष और उसके बाद प्रतिशोधी हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,000 से अधिक हो गई है, जिनमें लगभग 750 आम नागरिक शामिल हैं। मानवाधिकार संगठन ने शनिवार को यह जानकारी दी। सीरिया में 14 साल पहले शुरू हुए संघर्ष के बाद से यह हिंसा की सबसे घातक घटनाओं में से एक है।
ब्रिटेन के मानवाधिकार संगठन ‘सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स' ने कहा कि 745 नागरिकों के अलावा, सरकारी सुरक्षा बलों के 125 सदस्य और अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद से संबद्ध सशस्त्र समूहों के 148 चरमपंथी भी मारे गए। मानवाधिकार संगठन ने यह भी बताया कि तटीय शहर लताकिया के आसपास के बड़े इलाकों में बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है तथा कई बेकरी बंद हो गई हैं। सीरिया में तीन महीने पहले असद को अपदस्थ करके सत्ता पर विद्रोहियों के कब्जा करने के तीन महीने बाद बृहस्पतिवार को शुरू हुई यह झड़प दमिश्क की नयी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरी है। सरकार ने कहा कि वे असद के समर्थकों द्वारा किए गए हमलों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने बड़े पैमाने पर हुई इस हिंसा के लिए ‘‘अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा की गई कार्रवाइयों'' को जिम्मेदार ठहराया। सीरिया में हालिया झड़पें तब शुरू हुईं, जब सुरक्षा बलों ने बृहस्पतिवार को तटीय शहर जबलेह के पास एक वांछित व्यक्ति को हिरासत में लेने की कोशिश की। इस दौरान असद के वफादारों ने उन पर घात लगाकर हमला कर दिया। सीरिया की नयी सरकार के प्रति वफादार सुन्नी मुस्लिम बंदूकधारियों ने शुक्रवार को असद के अल्पसंख्यक अलावी समुदाय के लोगों की हत्याएं शुरू की थीं, जिसके बाद से दोनों के बीच झड़पें जारी हैं। लेकिन यह हयात तहरीर अल-शाम के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि इसी धड़े के नेतृत्व में विद्रोही समूहों ने असद के शासन का तख्तापलट कर दिया था। अलावी गांवों और कस्बों के निवासियों ने समाचार एजेंसी ‘एसोसिएटेड प्रेस' को बताया कि बंदूकधारियों ने अलावी समुदाय के अधिकांश पुरुषों को सड़कों पर या उनके घरों के दरवाजे पर ही गोली मारी। हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित कस्बों में से एक बनियास के निवासियों ने कहा कि शव सड़कों पर बिखरे पड़े थे या घरों और इमारतों की छतों पर पड़े थे और उन्हें उठाकर दफनाने के लिए कोई नहीं था। -
इस्लामाबाद. पाकिस्तान सरकार ने सभी अवैध विदेशियों को उनके देश वापस भेजने की योजना के तहत अफगान नागरिकता कार्ड (एसीसी) धारकों के लिए स्वेच्छा से पाकिस्तान से जाने की अंतिम तिथि 31 मार्च तय की है। एक आधिकारिक दस्तावेज में यह जानकारी दी गई। मीडिया में शुक्रवार रात कथित रूप से लीक हुए इस दस्तावेज में संकेत दिया गया है कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी में रह रहे एसीसी धारकों को अफगानिस्तान वापस भेजा जाएगा। यह अफगान प्रवासियों के लिए बहु-चरणीय पुनर्वास योजना का हिस्सा होगा। आतंकवाद के मुद्दे पर इस्लामाबाद और काबुल के बीच बिगड़ते संबंधों के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है और इसका असर उन आठ लाख से अधिक अफगान शरणार्थियों पर पड़ सकता है, जिनके पास एसीसी होने से वे दस्तावेज वाले शरणार्थियों की श्रेणी में शामिल हैं। जबकि सैकड़ों और हजारों लोग बिना दस्तावेज के यहां शरण लिए हुए हैं। इसमें कहा गया है कि अवैध विदेशी प्रत्यावर्तन कार्यक्रम (आईएफआरपी) को एक नवंबर 2023 से लागू किया गया है।
-
संयुक्त राष्ट्र. ग्रैमी पुरस्कार विजेता भारतीय मूल की संगीतकार चंद्रिका टंडन ने प्रतिष्ठित समाज सुधारक डॉ. हंसा मेहता के जीवन से मिलने वाली ‘शक्ति और उद्देश्य' की सीख को रेखांकित किया। संयुक्त राष्ट्र में महिला दिवस पर भारत के स्थायी मिशन द्वारा आयोजित डॉ. हंसा मेहता स्मृति व्याख्यान में टंडन ने कहा, "शक्ति और अपने उद्देश्य को पहचानना सबसे बड़ी सीख है जो मैं डॉ. हंसा मेहता से सिखती हूं।" हंसा मेहता ने महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा दिया और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (1947-1948) में भारत का प्रतिनिधित्व किया। ग्रैमी पुरस्कार विजेता टंडन ने अपने जीवन की चुनौतियों को साझा किया और बताया कि कैसे उन्होंने मैकिन्से एंड कंपनी में करियर शुरू कर वॉल स्ट्रीट तक का सफर तय किया। इस वर्ष यह व्याख्यान श्रृंखला का तीसरा संस्करण था। संयुक्त राष्ट्र के कई राजदूतों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रमुख सदस्यों ने इसमें भाग लिया।
-
कीव. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ‘ओवल ऑफिस' में हुई नोकझोंक ‘अफसोसजनक' है और ‘अब चीजों को सही करने का समय आ गया है।' जेलेंस्की की टिप्पणी ‘व्हाइट हाउस द्वारा यूक्रेन को सैन्य सहायता पर रोक लगाने की घोषणा के कुछ घंटों बाद आई। जेलेंस्की ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘ शुक्रवार को वाशिंगटन में व्हाइट हाउस में हमारी बैठक उस तरह नहीं हुई जैसी होनी चाहिए थी।'' उन्होंने लिखा, ‘‘ यह अफ़सोस की बात है कि ऐसा हुआ। अब समय आ गया है कि हम सब कुछ ठीक करें। हम चाहते हैं कि भविष्य में सहयोग और संवाद रचनात्मक हो।'' यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि यूक्रेन अपने दुर्लभ खनिजों पर समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार है, जिसकी मांग ट्रंप प्रशासन ने की थी। उन्होंने कहा, ‘‘खनिजों और सुरक्षा पर समझौते के संबंध में, यूक्रेन किसी भी समय और किसी भी सुविधाजनक प्रारूप में इस पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार है।'' जेलेंस्की ने कहा,‘‘हम इस समझौते को अधिक सुरक्षा और ठोस सुरक्षा गारंटी की दिशा में एक कदम के रूप में देखते हैं। मुझे वास्तव में उम्मीद है कि यह प्रभावी रूप से काम करेगा।''
-
न्यूयॉर्क/वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को दी जाने वाली सभी अमेरिकी सैन्य सहायता की आपूर्ति को तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। ट्रंप का यह निर्णय अमेरिका के राष्ट्रपति के कार्यालय ‘ओवल ऑफिस' में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ एक अभूतपूर्व टकराव के बाद सामने आया है। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक खबर में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि ट्रंप ने यूक्रेन को सभी अमेरिकी सैन्य सहायता की आपूर्ति को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है और यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है जिससे ‘‘एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के हथियार और गोला-बारूद'' की आपूर्ति प्रभावित होगी। खबर में कहा गया है कि सैन्य सहायता रोकने का ट्रंप का निर्णय अमेरिकी नेता और उनके राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित वरिष्ठ सहयोगियों के बीच व्हाइट हाउस (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में ‘‘कई बैठकों'' के बाद लिया गया। अधिकारी ने कहा कि ‘‘यह आदेश तब तक प्रभावी रहेगा जब तक'' ट्रंप यह निर्धारित नहीं कर लेते कि यूक्रेन ने रूस के साथ शांति वार्ता के लिए प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। आदेश में ‘‘यूक्रेन सुरक्षा सहायता पहल के माध्यम से सैकड़ों करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता पर भी रोक लगा दी गई है। इस पहले के माध्यम से धन प्रदान किया जाता है और यूक्रेन इसका इस्तेमाल केवल अमेरिकी रक्षा कंपनियों से सीधे नए सैन्य हार्डवेयर खरीदने के लिए कर सकता है।'' अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, 24 फरवरी 2022 को रूस द्वारा यूक्रेन पर पूर्व नियोजित आक्रमण शुरू करने के बाद से अमेरिका अब तक 65.9 अरब अमेरीकी डॉलर की सैन्य सहायता प्रदान कर चुका है और 2014 में रूस के यूक्रेन पर शुरुआती आक्रमण के बाद से लगभग 69.2 अरब अमेरीकी डॉलर की सैन्य सहायता प्रदान की गई है। रूस के साथ युद्ध के तीन साल पूरे होने पर यूक्रेन के लिए यह हालिया झटका ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे. डी. वेंस की जेलेंस्की के साथ तीखी नोकझोंक के कुछ दिनों बाद सामने आया है। जेलेंस्की पिछले शुक्रवार को ‘व्हाइट हाउस' आए थे और दोनों देश एक दुर्लभ खनिज सौदे पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार थे। लेकिन ट्रंप और जेलेंस्की के बीच बातचीत वैश्विक मीडिया के सामने गरमागरम बहस में तब्दील हो गई।
-
डकार (सेंगेल). रवांडा समर्थित एम 23 विद्रोहियों ने पूर्वी कांगो के एक प्रमुख शहर के दो अस्पतालों से कम से कम 130 बीमार एवं घायल लोगों का अपहरण कर लिया। संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार को यह जानकारी दी। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की प्रवक्ता रवीना शमदासानी ने एक बयान में कहा कि 28 फरवरी को एम23 लड़ाकों ने गोमा स्थित सीबीसीए एनडोशो अस्पताल और हील अफ्रीका अस्पताल पर हमला किया। यह एक रणनीतिक शहर है जिस पर विद्रोहियों ने इस वर्ष के शुरू में कब्जा कर लिया था।
विद्रोहियों ने सीबीसीए से 116 रोगियों और हील अफ्रीका से 15 अन्य लोगों को अगवा कर लिया। इनके बारे में उन्हें संदेह था कि वे कांगो सेना के सैनिक या सरकार समर्थक वाजालेंडो मिलिशिया के सदस्य थे। -
बीजिंग. चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उसके (चीन के) निर्यात पर दूसरे दौर का 10 प्रतिशत शुल्क लगाने के जवाब में अमेरिकी उत्पादों पर अतिरिक्त 15 प्रतिशत शुल्क लगा दिया है। चीन ने इसके साथ ही विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में अमेरिका के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि, चीन ने एक-दूसरे की चिंताओं को दूर करने के लिए वार्ता के लिए दरवाजे खुले रखे हैं। चीन के सीमा शुल्क आयोग ने मंगलवार को कहा कि 10 मार्च से अमेरिका से आयातित कुछ उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। आयोग ने बयान में कहा कि अमेरिका से आयातित चिकन, गेहूं, मक्का और कपास पर 15 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगेगा। वहीं ज्वार, सोयाबीन, सुअर का मांस (पोर्क), गोवंश का मांस (बीफ), जलीय उत्पाद, फल, सब्जियां और डेयरी उत्पादों पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। इसके अलावा, चीन ने मंगलवार को 10 अमेरिकी कंपनियों को देश की गैर-भरोसेमंद इकाई सूची में जोड़ने और उनके खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई करने का फैसला किया। इनमें रक्षा और सुरक्षा के अलावा कृत्रिम मेधा (एआई), विमानन, आईटी और ‘दोहरे उपयोग' वाली वस्तुओं से जुड़ी कई कंपनियां शामिल हैं। वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि इसके अलावा, चीन ने उसके उत्पादों पर शुल्क वृद्धि के संबंध में डब्ल्यूटीओ विवाद निपटान तंत्र के तहत अमेरिका के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। चीन की जवाबी कार्रवाई अमेरिका द्वारा चीन से आयातित उत्पादों पर चार मार्च से प्रभावी 10 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने के बाद हुई है। आयोग ने कहा कि अमेरिका द्वारा एकतरफा शुल्क लगाए जाने से बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली कमजोर होती है, अमेरिकी व्यवसायों और उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ता है और चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापार सहयोग की नींव कमजोर होती है। ट्रंप द्वारा चीनी निर्यात पर 10 प्रतिशत शुल्क के दूसरे दौर की घोषणा, चीन के वार्षिक संसद सत्र की शुरुआत के समय हुई है।
- वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंग्रेजी को अमेरिका की आधिकारिक भाषा घोषित करने वाले एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। यह आदेश संघीय वित्त पोषण प्राप्त करने वाली सरकारी एजेंसियों और संगठनों को यह चुनने की अनुमति देता है कि वे अंग्रेजी के अलावा अन्य किसी भाषा में भी दस्तावेज और सेवाएं प्रदान करना जारी रखना चाहते हैं या नहीं। यह विधेयक पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के उस आदेश को निरस्त करता है जिसके तहत सरकार और संघीय वित्त पोषण प्राप्त करने वाले संगठनों को गैर-अंग्रेजी भाषियों को भाषा सहायता प्रदान करना अनिवार्य था। ट्रंप द्वारा शनिवार को हस्ताक्षरित आदेश के अनुसार, ‘‘अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के रूप में स्थापित करने से न केवल संचार सुव्यवस्थित होगा, बल्कि साझा राष्ट्रीय मूल्यों को भी बल मिलेगा, तथा एक अधिक सुसंगत और कुशल समाज का निर्माण होगा।'' कार्यकारी आदेश में कहा गया, ‘‘नए अमेरिकियों का स्वागत करने में, हमारी राष्ट्रीय भाषा सीखने और अपनाने को प्रोत्साहित करने की नीति अमेरिका को एक साझा घर बनाएगी और नए नागरिकों को अमेरिकी सपने को प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाएगी। अंग्रेजी बोलने से न केवल आर्थिक रूप से दरवाजे खुलते हैं, बल्कि यह नए लोगों को अपने समुदायों में शामिल होने, राष्ट्रीय परंपराओं और समाज में भाग लेने में मदद करता है।
-
केप केनवरल. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के लिए ड्रिल, वैक्यूम और अन्य प्रयोग उपकरणों के साथ एक निजी कंपनी का ‘लैंडर' रविवार को चंद्रमा की सतह पर उतरा। फायरफ्लाई एयरोस्पेस का ‘ब्लू घोस्ट' लैंडर चंद्रमा की कक्षा से उसकी सतह पर उतरा। फायरफ्लाई के मुख्य इंजीनियर विल कूगन ने कहा, लैंडिंग में सफलता प्राप्त की। हम चांद पर हैं।''
टेक्सास स्थित कंपनी फायरफ्लाई एयरोस्पेस ने इस अंतरिक्ष यान को विकसित किया है। एक दशक पहले स्थापित स्टार्टअप फायरफ्लाई को एक सहज, सीधी लैंडिंग ने ऐसा पहला निजी संगठन बना दिया है, जिसने अंतरिक्ष यान को चंद्रमा पर उतारा है। केवल पांच देशों रूस, अमेरिका, चीन, भारत और जापान ने ही ऐसी सफलता मिलने का अब तक दावा किया है।
दो अन्य कम्पनियों के ‘लैंडर' के भी इस सप्ताह के अंत में चंद्रमा पर उतरने की उम्मीद है।
लैंडिंग के आधे घंटे बाद, ‘ब्लू घोस्ट' ने सतह से तस्वीरें भेजनी शुरू कर दीं, पहली तस्वीर एक सेल्फी थी जो सूर्य की रोशनी के कारण कुछ धुंधली थी। फ्लोरिडा से जनवरी के मध्य में प्रक्षेपित किये गये 6 फुट 6 इंच (2 मीटर) लंबे ‘लैंडर' ने नासा के लिए चंद्रमा पर 10 प्रयोग किये। चंद्रमा की ओर जाते हुए, ‘ब्लू घोस्ट' ने अद्भुत तस्वीरें भेजीं। ‘लैंडर' ने चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगाने के बाद भी चंद्रमा की सतह के कई चित्र लिए।
- - बीजिंग। चीन ने शनिवार को तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में माउंट एवरेस्ट के मनोरम इलाके को फिर से खोल दिया। इसे जनवरी में आए भूकंप के बाद बंद कर दिया गया था। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी के उत्तरी आधार शिविर डिंगरी में 6.8 तीव्रता का भूकंप आने के बाद सात जनवरी को इस क्षेत्र को बंद कर दिया गया था। भूकंप में 126 लोगों की मौत हो गई थी और 188 अन्य घायल हुए थे।तिब्बती भाषा में माउंट एवरेस्ट को ‘माउंट क्यूमोलंगमा' के नाम से जाना जाता है जो चीन और नेपाल के बीच सीमा का हिस्सा है। चीनी विज्ञान अकादमी के अंतर्गत माउंट क्यूमोलांगमा वायुमंडल एवं पर्यावरण अवलोकन और अनुसंधान स्टेशन के निदेशक मा वेकियांग ने कहा कि माउंट एवरेस्ट क्षेत्र भूकंप से प्रभावित नहीं हुआ था और कोई हिमस्खलन या भूवैज्ञानिक परिवर्तन नहीं देखा गया था। वेकियांग ने सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ से कहा, ‘‘इससे पता चलता है कि इस सुंदर क्षेत्र को फिर से खोलने के लिए आवश्यक सुरक्षित स्थितियां मौजूद हैं।
-
वाशिंगटन. अमेरिका में संघीय एजेंसियों को कर्मचारियों के पदों को समाप्त करने के लिए योजनाएं विकसित करनी होंगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा भेजे गए एक परिपत्र में यह कहा गया है। इस परिपत्र में सरकारी कार्यबल को कम करने की राष्ट्रपति की कवायद पर जोर दिया गया है।
हजारों परिवीक्षाधीन कर्मचारियों को पहले ही नौकरी से निकाल दिया गया है और अब प्रशासन सिविल सेवा वाले अधिकारियों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है। परिपत्र के अनुसार एजेंसियों को 13 मार्च तक अपनी योजनाएं प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इससे न केवल कर्मचारियों की छंटनी होगी बल्कि कई पद पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगे। इसका परिणाम सरकारी कामकाज के तरीके में व्यापक बदलाव हो सकता है। -
बैंकाक. पूर्वी थाईलैंड में बुधवार तड़के एक चार्टर्ड बस पलट गई, जिससे 18 लोगों की मौत हो गई और 31 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह दुर्घटना प्राचीनबुरी प्रांत में हुई। ये लोग उत्तरी थाईलैंड से नगर निकाय संबंधी अध्ययन दौरे के लिए तटीय रेयोग प्रांत की यात्रा पर रहे थे। भूमि परिवहन विभाग ने कहा कि वह सड़क दुर्घटना की जांच में पुलिस के साथ समन्वय करेगा तथा सभी सार्वजनिक परिवहन वाहनों का निरीक्षण तेज करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे सुरक्षा मानकों को पूरा करें। थाईलैंड में सड़क सुरक्षा एक बड़ी समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में मौत के मामले में थाईलैंड 175 सदस्य देशों में नौवें स्थान पर है।
- लंदन. कर्नाटक की लेखिका, कार्यकर्ता और वकील बानू मुश्ताक के कहानी संग्रह 'हार्ट लैंप' को मंगलवार को यहां अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2025 के लिए संभावित पुस्तकों की सूची में शामिल किया गया। दीपा भास्थी ने कन्नड़ से अंग्रेजी में इसका अनुवाद किया है। पहली बार किसी कन्नड़ पुस्तक को प्रतिष्ठित बुकर पुरस्कार 2025 के लिए संभावित पुस्तकों की सूची में शामिल किया गया है। मुश्ताक और भास्थी की 'हार्ट लैंप' के बारे में निर्णायकों ने कहा, समाज में हाशिये पर रहने वाले लोगों के जीवन को दर्शाती ये जीवंत कहानियां बहुत भावनात्मक और नैतिक महत्व रखती हैं। दक्षिण भारत के मुस्लिम समुदायों पर आधारित 12 कहानियां मूल रूप से 1990 से 2023 के बीच प्रकाशित हुईं। लेखिका ने इसे कन्नड़ भाषा के साहित्य के लिए बहुत बड़ा सम्मान बताया।
-
न्यूयॉर्क/ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार भारत और चीन जैसे देशों पर जल्द जवाबी शुल्क लगाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हाल की अमेरिका यात्रा के दौरान कही बात को फिर दोहराया।
ट्रंप शुक्रवार को वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के शपथ ग्रहण समारोह में बोल रहे थे।
ट्रंप ने वाशिंगटन में कहा, ''हम जल्द ही जवाबी शुल्क लगाएंगे। इसका मतलब है कि वे हमसे शुल्क लेते हैं, हम उनसे शुल्क लेते हैं। यह बहुत सरल है। कोई भी कंपनी या देश, जैसे भारत या चीन या अन्य कोई... वे जो भी शुल्क लेते हैं, उतना ही। हम निष्पक्ष होना चाहते हैं ... इसलिए जवाबी शुल्क। जवाबी का मतलब है, 'वे हमसे शुल्क लेते हैं, हम उनसे शुल्क लेते हैं'।'' इससे पहले ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को स्पष्ट कर दिया है कि भारत को वाशिंगटन के जवाबी शुल्कों से छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘शुल्क के मुद्दे पर कोई भी मुझसे बहस नहीं कर सकता।''
ट्रंप ने ‘फॉक्स न्यूज' को दिए एक साक्षात्कार के दौरान ये टिप्पणियां कीं। फॉक्स न्यूज ने राष्ट्रपति ट्रंप और अरबपति एलन मस्क के साथ किया गया एक संयुक्त टेलीविजन साक्षात्कार मंगलवार रात को प्रसारित किया था। तेरह फरवरी को, व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी की ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक से कुछ घंटे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ने जवाबी टैरिफ (शुल्क) की घोषणा की थी। इस योजना के तहत, ट्रंप प्रशासन प्रत्येक विदेशी व्यापार भागीदार पर लगभग बराबर का जवाबी शुल्क लगाएगा। - पेरिस. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन के मुद्दे पर पेरिस में होने वाली यूरोपीय आपातकालीन बैठक से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत की। राष्ट्रपति मैक्रों के कार्यालय ने इस बातचीत के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी। मैक्रों ने यूरोपीय संघ के प्रमुख देशों और ब्रिटेन के नेताओं को ‘एलिसी पैलेस' में सोमवार को बुलाया था, जिससे इस बारे में चर्चा की जा सके कि यूक्रेन पर अमेरिकी कूटनीतिक हमले पर कैसे प्रतिक्रिया दी जाए। ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों ने पिछले सप्ताह पहली बार यूरोप की यात्रा की थी, जिसके बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि अमेरिका रूस के साथ अपने संबंधों को सुधारने के लिए तैयार है।
- वाशिंगटन. दुनिया में प्यार के संकेतों की तलाश कर रहे लोगों को लिए इस 'वैलेंटाइन डे' पर एफिल टॉवर पर इसका सबूत देखने को मिला, जहां एक युगल ने पेरिस की सड़कों से 674 सीढ़ियां ऊपर एक दूसरे को गले लगाया और एक दूसरे को चूमा। हालांकि, प्रेम का प्रदर्शन अलग-अलग स्थानों पर भी हुआ: रोमानिया के बुखारेस्ट में पार्क की बेंच पर एक जोड़े ने चुंबन किया। टोक्यो में एक मंदिर में पेड़ की टहनी पर दिल के आकार की पट्टिकाएं बांधी गईं। 'एसोसिएटेड प्रेस' के फोटोग्राफरों ने शुक्रवार को दुनिया भर में छुट्टियों के क्षणों को कैमरे में कैद किया। जर्मनी में लोग कोलोन में होहेनजोलर्न ब्रिज पर चले, जहां अनुमानित 500,000 "लव लॉक्स" लगे हुए थे, इन पैडलॉक पर प्रेमियों के शिलालेख उकेरे गए थे।
-
म्यूनिख. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि अब समय आ गया है कि ‘यूरोप की सशस्त्र सेना' बनाई जाए। जेलेंस्की ने साथ ही कहा कि रूस के खिलाफ उनके देश की लड़ाई ने साबित कर दिया है कि इसके लिए आधार पहले से ही मौजूद है। यूक्रेनी नेता ने कहा कि यूरोप इस संभावना से इंकार नहीं कर सकता कि ‘‘अमेरिका यूरोप को उन मुद्दों पर ‘नहीं' कह सकता है जो उसके लिए खतरा हैं''। उन्होंने कहा कि कई नेता लंबे समय से कह रहे हैं कि यूरोप को अपनी सेना की आवश्यकता है।
जेलेंस्की ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा, ‘‘मुझे वाकई में लगता है कि अब समय आ गया है। यूरोप की सशस्त्र सेनाओं का निर्माण किया जाना चाहिए। -
वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह व्यापारिक साझेदारों से आयात पर व्यापक पारस्परिक शुल्क लगाने वाले आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे। इस प्रावधान का मतलब है कि अमेरिका किसी देश से आयात की जाने वाली वस्तुओं पर वही शुल्क लगाएगा, जो वह देश अपने अमेरिकी आयात पर लगाता है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा, ''आज का दिन बड़ा है, पारस्परिक शुल्क !!! अमेरिका को फिर से महान बनाएं!!!'' हालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया है कि वह 'पारस्परिक' शब्द को किस तरह परिभाषित करते हैं और उनका आदेश किन उत्पादों पर लागू होगा। अगर विदेश व्यापार के शुल्कों में नाटकीय बढ़ोतरी हुई तो इससे विश्व अर्थव्यवस्था को तेज झटका लग सकता है, वृद्धि कम हो सकती है, जबकि महंगाई तेजी से बढ़ेगी। ट्रंप ने कहा कि इस तरह के शुल्क से घरेलू स्तर पर विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियों का सृजन करने में मदद मिलेगी। दूसरी तरफ अधिकतर अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति अपने फैसलों से अमेरिकी उपभोक्ताओं पर कर वृद्धि करेंगे। ट्रंप पहले ही चीन के आयात पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगा चुके हैं। उन्होंने अमेरिका के दो सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों- कनाडा और मेक्सिको पर भी शुल्क लगाने की तैयारी कर ली है, जो 30 दिनों के लिए निलंबित रहने के बाद मार्च में प्रभावी हो सकते हैं। ट्रंप ने इस्पात और एल्युमीनियम आयात पर भी शुल्क लगाया है जबकि कंप्यूटर चिप्स एवं दवाओं पर नए शुल्क के बारे में विचार कर रहे हैं। अमेरिका के इन फैसलों के खिलाफ यूरोपीय संघ, कनाडा और मेक्सिको भी जवाबी कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं। दूसरी ओर चीन ने अमेरिकी ऊर्जा, कृषि मशीनरी और बड़े इंजन वाले वाहनों पर शुल्क बढ़ाया है और गूगल के खिलाफ प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचाने की जांच शुरू की है।


.jpg)

.jpg)






















