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- नयी दिल्ली. भारत के पूर्व तेज गेंदबाज अतुल वासन ने कहा कि उन्हें वैभव सूर्यवंशी में युवा सचिन तेंदुलकर की झलक दिखती है। उन्होंने कहा कि इस किशोर बल्लेबाज की परिपक्वता, साहस और बेखाफ रवैया उन्हें भारत के 1989 के पाकिस्तान दौरे के दौरान दिग्गज बल्लेबाज तेंदुलकर के शुरुआती दिनों की याद दिलाता है। सूर्यवंशी ने हाल में समाप्त हुए आईपीएल में अपनी विशेष छाप छोड़ी। वह 16 पारियों में 237.30 के प्रभावशाली स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर रहे। इस 15 वर्षीय इस खिलाड़ी ने जसप्रीत बुमराह, कैगिसो रबाडा और पैट कमिंस जैसे विश्व के कुछ शीर्ष गेंदबाजों के खिलाफ अपने बेखौफ रवैए से सबको प्रभावित किया। वासन ने कहा, ''वह लाखों में एक है। वह विलक्षण प्रतिभा है। यह लड़का जिस तरह की परिपक्वता और दिलेरी दिखा रहा है, क्या आप उसकी कल्पना कर सकते हैं। वह मुझे 16 साल के सचिन तेंदुलकर की याद दिलाता है।'' उन्होंने कहा, '''मैंने सचिन को देखा। मैंने (1989 के पाकिस्तान दौरे के दौरान) उनकी खेल को लेकर परिपक्वता और जोखिम उठाने का साहस देखा था। ईश्वर ने उन्हें (सूर्यवंशी) कौशल और ताकत के साथ तुरुप का इक्का होने का भी वरदान दिया है।'' तेंदुलकर ने 1989 में 16 साल की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। पाकिस्तान की उस टीम में वसीम अकरम, वकार यूनिस, अब्दुल कादिर और इमरान खान जैसे दिग्गज गेंदबाज शामिल थे जिनका तेंदुलकर ने डटकर सामना किया था। वासन ने कहा, ''उसे (सूर्यवंशी) अभी लंबा सफर तय करना है। मुझे उम्मीद है कि सचिन की तरह उसके लिए भी सब कुछ सहजता से आगे बढ़ेगा। ईश्वर ने उन्हें विशेष प्रतिभा से नवाजा है।'' इस पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा कि सूर्यवंशी को उचित मार्गदर्शन की जरूरत है तथा उन्हें केवल टी20 विशेषज्ञ नहीं माना जाना चाहिए और एक संपूर्ण क्रिकेटर के रूप में उनका विकास होना चाहिए। वासन ने कहा, ''मुझे बस इस बात की चिंता है कि क्या उसे टेस्ट क्रिकेट की कड़ी चुनौती का सामना करने के लिए उचित मार्गदर्शन मिल रहा है। उसके पास खेल की समझ है। लेकिन क्या उसके पास सिर्फ छक्के लगाने से बढ़कर भी कोई कौशल है।'' दिल्ली के पूर्व कप्तान ने आगाह किया कि इस युवा खिलाड़ी पर उनके करियर के शुरू में ही रिकॉर्ड तोड़ने की उम्मीदों का बोझ डालना उचित नहीं है। वासन ने कहा, ''उस पर रिकॉर्ड तोड़ने का बोझ डालना सही नहीं होगा। उसे रिकॉर्ड के बारे में नहीं सोचना चाहिए और न ही उसे इस बारे में सोचने के लिए मजबूर किया जाना चाहिए। उसे तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और विराट कोहली जैसा संपूर्ण खिलाड़ी बनने की कोशिश करनी चाहिए।''
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नई दिल्ली। नॉर्वे शतरंज 2026 के आठवें दौर में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने विश्व नंबर-1 मैग्नस कार्लसन को एक बार फिर हराकर खिताब की दौड़ को रोमांचक बना दिया। वहीं भारतीय खिलाड़ियों डी. गुकेश और दिव्या देशमुख को अपने-अपने मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा।
20 वर्षीय प्रज्ञानानंद ने पिछले सप्ताह सफेद मोहरों से कार्लसन को हराया था और अब आठवें दौर में काले मोहरों से भी उन्हें मात दे दी। इसके साथ ही वह भारत के महान शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद के बाद एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार हराने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। साथ ही वह उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने क्लासिकल शतरंज में कार्लसन को तीन बार हराया है।एक अन्य मुकाबले में फ्रांस के अलीरेज़ा फिरोज़ा ने मौजूदा विश्व चैंपियन गुकेश डोम्माराजू को पराजित किया। सफेद मोहरों से खेलते हुए फिरोज़ा ने कड़े मुकाबले में जीत दर्ज कर अंक तालिका में शीर्ष स्थान की दौड़ को और दिलचस्प बना दिया।वहीं वेस्ली सो और विन्सेंट कीमर के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। इसके बाद हुए आर्मागेडन टाईब्रेक में वेस्ली सो ने जीत हासिल कर अतिरिक्त अंक अपने नाम किए।आठवें दौर के बाद वेस्ली सो 14 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। अलीरेज़ा फिरोज़ा 13 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि प्रज्ञानानंद 12 अंकों के साथ खिताब की दौड़ में मजबूती से बने हुए हैं।महिला वर्ग में दिव्या को झटकामहिला वर्ग में कज़ाखस्तान की बिबिसारा अस्साउबायेवा ने भारत की दिव्या देशमुख को हराकर अपनी बढ़त मजबूत कर ली। काले मोहरों से खेलते हुए बिबिसारा ने समय के दबाव में आई दिव्या की गलतियों का फायदा उठाया और मुकाबला जीत लिया।दूसरे मुकाबले में चीन की झू जिनर ने महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन को हराया। इस जीत के साथ झू जिनर और दिव्या देशमुख दोनों 10-10 अंकों पर पहुंच गई हैं।भारत की कोनेरू हम्पी और यूक्रेन की अन्ना मुज़िचुक के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा। हालांकि आर्मागेडन टाईब्रेक में हम्पी ने काले मोहरों से जीत दर्ज कर अतिरिक्त अंक हासिल किए।महिला वर्ग में आठ दौर के बाद बिबिसारा अस्साउबायेवा 15.5 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं। अन्ना मुज़िचुक 10.5 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि दिव्या देशमुख और झू जिनर 10-10 अंकों के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं। -
नई दिल्ली। इंडोनेशिया ओपन 2026 में मंगलवार को भारतीय शटलर पीवी सिंधु ने थाईलैंड की बुसानन ओंगबामरुंगफान को 25-23, 21-16 से मात देकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की।
जकार्ता के इस्टोरा सेनायन स्टेडियम में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन आखिरकार 51 मिनट तक चले मुकाबले को अपने नाम किया। सिंधु ने आक्रामक खेल शैली से पहले गेम को कड़े मुकाबले के बाद जीता और उसी ऊर्जा को दूसरे गेम में भी बरकरार रखते हुए सीधे सेटों में जीत सुनिश्चित की।सिंधु को अब दूसरे राउंड में एक कठिन चुनौती का सामना करना पड़ेगा, जहां उनका मुकाबला मौजूदा ओलंपिक चैंपियन और वर्ल्ड नंबर 1 खिलाड़ी एन से-यंग से होने की संभावना है। सिंधु ‘हेड-टू-हेड’ रिकॉर्ड में 0-9 से पीछे हैं और पिछले हफ्ते सिंगापुर ओपन के क्वार्टर फाइनल में भी वह इसी कोरियाई खिलाड़ी से हारी थीं।अगले राउंड में जगह बनाने वाली एक और जोड़ी मेंस डबल्स में हरिहरन अमसकारुनन और एमआर अर्जुन की थी, जिन्होंने मलेशिया के 2016 ओलंपिक पदक विजेता टैन वी किओंग और उनके मौजूदा जोड़ीदार नूर मोहम्मद अजरीन पर सीधे गेमों में जीत दर्ज की।भारत की दिग्गज शटलर सिंधु साल 2023 के बाद पहली बार दुनिया के टॉप-10 खिलाड़ियों में शामिल हुई हैं, उन्होंने थाईलैंड की शटलर के खिलाफ लगातार 11वीं जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। बुसानन के खिलाफ ‘हेड-टू-हेड’ रिकॉर्ड में अब सिंधु 21-1 से आगे हैं। अब उनका मुकाबला कोरिया की टॉप सीड एन से-यंग और तुर्की की नेस्लिहान अरिन के बीच होने वाले मैच की विजेता से होगा।बाद में, हरिहरन और अर्जुन ने अनुभवी मलेशियाई जोड़ी को सिर्फ 33 मिनट में 21-18, 21-10 से मात दी।इस बीच, लक्ष्य सेन को घरेलू पसंदीदा खिलाड़ी अल्वी फरहान के हाथों 21-19, 21-16 से हार का सामना करना पड़ा। अल्वी ने पिछले हफ्ते सिंगापुर ओपन में दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी शि यू क्यूई को हराया था। दूसरी ओर, भारत की डबल्स टीमों के लिए यह एक कठिन दिन रहा। ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की महिला युगल जोड़ी, जो दो महीने से ज़्यादा समय बाद पहली बार एक साथ खेल रही थी, इंडोनेशिया की टीम फेब्रिआना द्विपुजी कुसुमा और मेलिसा ट्रायस पुस्पितासारी से 14-21, 12-21 से हार गई। मिश्रित युगल में, ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को छठी वरीयता प्राप्त चीनी जोड़ी गुओ शिन वा और चेन फांग हुई ने 11-21, 10-21 से हराया। -
मथुरा (उप्र) . लगातार दूसरे वर्ष रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरु (आरसीबी) को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) ट्रॉफी में जीत दिलाने वाले क्रिकेटर विराट कोहली अभिनेत्री पत्नी अनुष्का शर्मा संग मंगलवार को संत प्रेमानन्द महाराज के वृन्दावन स्थित आश्रम पहुंचे और गुरु का आशीर्वाद पाकर आभार जताया। आश्रम सूत्रों के अनुसार वे दोनों मुंह पर मास्क लगाए सुबह—सुबह करीब सात बजे कार से वृन्दावन परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे और संत के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। वे यहां करीब दो घण्टे तक रहे। दोनों जब आश्रम के एकांतिक वार्ता कक्ष से बाहर निकले तो उनके माथे पर संत के समान ही चंदन और त्रिपुण्ड नजर आ रहा था। उन्हें आश्रम से एक पुस्तक भी उपहार स्वरूप मिली जो वे बगल में दबाए चले आ रहे थे। उन्होंने स्वामी हित गोविंद शरण के आश्रम पहुंचकर उनके भी दर्शन किए। वे इससे पूर्व अप्रैल माह में अक्षय तृतीया के अवसर पर भी वृन्दावन पहुंचे थे और प्रेमानन्द के दर्शन कर बड़े ही प्रफुल्लित नजर आए थे। कोहली की टीम ने 31 मई को खेले गए आईपीएल के फाइनल मैच में गुजरात टाइटन्स को पांच विकेट से हराकर लगातार दूसरा आईपीएल खिताब जीता था।
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अहमदाबाद/रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद विराट कोहली (नाबाद 75 रन) के अर्धशतक से रविवार को यहां इंडियंन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के फाइनल में गुजरात टाइटन्स को पांच विकेट से हराकर लगातार दूसरा खिताब अपने नाम कर खचाखच भरे नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में अपने दर्शकों को खुशियां मनाने का मौका दिया। आरसीबी ने अपने आक्रामक खेल से टूर्नामेंट में शुरू से ही दबदबा बनाए रखा और इसका समापन एक और ट्रॉफी से किया। आरसीबी ने पिछले चरण में 18 साल बाद पहली आईपीएल ट्रॉफी जीती थी और रविवार को कोहली ने छक्का लगाकर टीम को जीत तक पहुंचाया। टॉस जीतकर गेंदबाजी करने वाली आरसीबी के गेंदबाजों ने धीमी पिच का पूरा फायदा उठाते हुए गुजरात टाइटन्स को आठ विकेट पर 155 रन ही बनाने दिए। छह दिन में तीसरे स्थल पर तीसरा मैच खेल रही गुजरात टाइटन्स पर थकान हावी दिखी। इसके बाद कोहली (42 गेंद, नौ चौके और तीन छक्के) और वेंकटेश अय्यर (32 रन) की अच्छी शुरूआत दिलाई जिससे आरसीबी 18 ओवर में पांच विकेट पर 161 रन बनाकर मुंबई इंडियंस (पांच ट्रॉफी) और चेन्नई सुपर किंग्स (पांच ट्रॉफी) के बाद लगातार खिताब जीतने वाली तीसरी टीम बन गई। कोहली ने पैर में हो रही दिक्कत के बावजूद आईपीएल में अपना सबसे तेज अर्धशतक जड़ा, उन्होंने 25 गेंद में सात चौके और दो छक्के से पचास रन पूरे किए। फिजियो जांच करने के बाद दो बार मैदान में उनके लिए मैदान में आए, पर वह दर्द को भुलाकर अपनी टीम को जीत तक पहुंचाने में डटे रहे। नरेन्द्र मोदी स्टेडियम की लाल और काली मिट्टी के मिश्रण वाली पिच पर शॉट खेलना बिलकुल भी आसान नहीं था जो गुजरात टाइटन्स की बल्लेबाजी को देखकर साफ झलक रही थी जिससे आरसीबी के लिए रसिख सलाम ने तीन जबकि भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड ने दो दो विकेट चटकाए। कृणाल पंड्या ने 23 रन देकर एक विकेट झटका। लक्ष्य इतना बड़ा नहीं था। कोहली और अय्यर ने पहले सतर्क शुरूआत करते हुए हाथ खोले जिससे पहले ओवर में पांच रन बने। दूसरे ओवर में अय्यर ने रबाडा की पहली गेंद को कवर प्वाइंट पर चौके के लिए भेजा और तीसरी गेंद को वाइड मिड विकेट पर छक्के के लिए भेज दिया। अगली गुड लेंथ गेंद पर उन्होंने मिड ऑफ पर चौका जड़ दिया और ओवर का अंत विकेटकीपर के ऊपर चौके से किया। इस ओवर में 18 रन बने। तीसरे ओवर में कोहली ने मोहम्मद सिराज पर डीप फाइन लेग और डीप स्क्वायर लेग पर दो चौके लगाए। अय्यर ने भी डीप मिडविकेट पर चौका बटोरकर इस ओवर से टीम के खाते में 13 रन जोड़ने में मदद की। कोहली ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए चौथे ओवर में रबाडा पर तीन चौके और एक छक्के से 19 रन जोड़े जिससे आरसीबी का रनों का अर्धशतक पूरा हुआ। अय्यर ने पांचवें ओवर में सिराज की बाउंसर पर बैकफुट में जाकर हुक करते हुए लांग लेग पर छक्का जड़ा। लेकिन अगली ही गेंद को ऊंचा खेलने की कोशिश में मिड ऑन पर खड़े रबाडा को कैच दे बैठे। लेकिन तब तक वह 16 गेंद में चार चौके और दो छक्के से 32 रन बना चुके थे। कोहली और अय्यर ने इस तरह 27 गेंद में पहले विकेट के लिए 62 रन की भागीदारी निभाई।
देवदत्त पडीक्कल (01) आते ही रबाडा की गेंद का शिकार हो गए। पर कोहली ने पावरप्ले के अंतिम ओवर का अंत लांग लेग पर छक्का लगाकर किया इससे छह ओवर में आरसीबी ने दो विकेट पर 70 रन बना लिए थे। राशिद खान (25 रन देकर दो विकेट) ने नौवें ओवर में आरसीबी को कप्तान रजत पाटीदार (15) और कृणाल पंड्या (01) के विकेट झटककर दोहरे झटके दिए जिससे स्कोर चार विकेट पर 91 रन हो गया। आरसीबी ने 10 ओवर में चार विकेट पर 100 रन बना लिए थे और उसे 60 गेंद में 56 रन बनाने थे।
कोहली और टिम डेविड (24 रन) आराम से टीम को जीत के करीब ले गए। पर डेविड को अरशद खान ने आउट किया, तब स्कोर 132 रन था। फिर कोहली और जितेश शर्मा (नाबाद 11 रन) आराम से टीम को जीत तक ले गए।
इससे पहले गुजरात टाइटन्स के लिए एकमात्र वॉशिंगटन सुंदर ही इस मुश्किल का सामना करते हुए 37 गेंद में पांच चौके से नाबाद 50 रन बना पाए। शुक्रवार को 'दूसरा क्वालीफायर' खेलने की थकान और मुल्लांपुर में खराब मौसम के कारण देरी से हुई रवानगी ने भी शायद उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया था। लेकिन आरसीबी के गेंदबाजों ने इस पिच पर ज्यादातर समय सही लाइन एवं लेंथ पर गेंदबाजी की।
आरसीबी ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया और उसके गेंदबाजों ने शुरू से ही दबदबा बनाते हुए पावरप्ले में सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल (10) और साई सुदर्शन (12) के विकेट झटक लिए। गुजरात टाइटन्स को अपनी सलामी जोड़ी से अच्छी शुरूआत की उम्मीद थी जिससे टीम इन झटकों से उबर नहीं सकी। हालांकि टीम शुरू से ही धीमी शुरूआत करती रही है जो कोई नयी बात नहीं थी। लेकिन हेजलवुड (37 रन देकर दो विकेट) की गेंद पर गिल ने जोरदार शॉट खेला और गेंद उनके बल्ले का किनारा चूमते हुए आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार के हाथों में चली गई। सुदर्शन एक बार डीआरएस की मदद से जैकब डफी की गेंद पर कैच आउट होने से बच गए थे लेकिन वह भी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए। भुवनेश्वर (29 रन देकर दो विेट) की एक सटीक, ऊंची और वाइड बाउंसर पर इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने खराब पुल शॉट खेला और विकेटकीपर जितेश शर्मा ने दौड़कर आसान कैच लपक लिया। गिल और सुदर्शन ने इस सत्र में 700 से ज्यादा रन बनाए थे। इन दोनों के आउट होने के बाद गुजरात टाइटन्स की की बल्लेबाजी पूरी तरह से लड़खड़ा गई। उनका पावर प्ले में स्कोर दो विकेट पर 45 रन रन था। बाकी बल्लेबाजों में पारी को संभालने का जोश और धैर्य नहीं दिखा। जोस बटलर (19) और वाशिंगटन पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन रक्षात्मक खेलने से जूझते नजर आए।
युवा तेज गेंदबाज रसिक सलाम अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने निशांत सिंधु (18 गेंद में 20 रन) और राहुल तेवतिया के विकेट लिए। घरेलू टीम ने 100 रन के आंकड़े तक पहुंचने से पहले ही मुख्य बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे। गुजरात टाइटन्स को अपनी पारी का पहला छक्का लगाने के लिए 13वें ओवर तक इंतजार करना पड़ा जो कृणाल की गेंद पर अरशद खान (15 रन) मिड-विकेट के ऊपर से लगाया था। आरसीबी के गेंदबाजों के दबदबे का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि घरेलू टीम की पारी में (अरशद के दो और राशिद खान के एक छक्के से) केवल तीन छक्के शामिल थे। -
नयी दिल्ली. अनुभवी खेल प्रशासक और एशियाई खेलों में निशानेबाजी में भारत के पहले स्वर्ण पदक विजेता रणधीर सिंह का बुधवार को यहां उम्र संबंधित बीमारियों से जूझने के बाद निधन हो गया जिससे भारतीय खेल जगत के एक ऐसे युग का अंत हो गया जिस पर उन्होंने विभिन्न भूमिकाओं में अपनी अमिट छाप छोड़ी थी। कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद 79 वर्ष के सिंह ने यहां अपने आवास पर अंतिम सांस ली। सिंह के परिवार में उनकी पत्नी विनीता और तीन बेटियां महिमा, सुनयना और राजेश्वरी हैं। राजेश्वरी भी एक निशानेबाज हैं। स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के कारण सिंह ने हाल में एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें 2024 में चार साल के कार्यकाल के लिए चुना गया था जबकि वह 1991 से 2015 तक इस संस्था में महासचिव रह चुके थे। उनका अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को दोपहर में हरिद्वार में किया जायेगा ।
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के सचिव राजीव भाटिया ने कहा, ''गहरे दुख के साथ हम राजा रणधीर सिंह के निधन की दुखद खबर साझा कर रहे हैं जो आज 27 मई 2026 को स्वर्ग सिधार गए। '' उन्होंने कहा, ''एक विशिष्ट ओलंपियन, अर्जुन पुरस्कार विजेता और भारत, एशिया और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति में सबसे सम्मानित खेल प्रशासकों में से एक राजा रणधीर सिंह ने निशानेबाजी खेल और ओलंपिक आंदोलन के विकास में अमूल्य योगदान दिया। '' भाटिया ने कहा, ''एनआरएआई और पूरा निशानेबाजी समुदाय इस अपूरणीय क्षति पर शोक व्यक्त करता है और उनके परिवार तथा प्रियजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। '' सिंह के निधन पर शोक संदेशों का तांता लग गया। मौजूदा और पूर्व प्रशासकों के साथ-साथ शीर्ष खिलाड़ियों ने भी भावुक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारतीय खेलों में उनके योगदान की जमकर सराहना की। सिंह के शानदार खेल करियर में पांच ओलंपिक में भागीदारी और 1978 के बैंकॉक एशियाई खेलों में ऐतिहासिक ट्रैप स्वर्ण पदक शामिल था जिससे उन्हें 1979 में अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्होंने तोक्यो 1964 (रिजर्व निशानेबाज), मेक्सिको 1968, म्यूनिख 1972, मॉन्ट्रियल 1976, मॉस्को 1980 और लॉस एंजिल्स 1984 में ओलंपिक में हिस्सा लिया। खेलों की तरह ही अपने सफल प्रशासनिक करियर में उन्होंने 1987 से 2010 तक भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के महासचिव के तौर पर तथा 2001 से 2014 तक अलग अलग भूमिकाओं में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के सदस्य के रूप में कार्य किया। वह 2003 में दो साल के लिए विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) में आईओसी के प्रतिनिधि बन गए।
पटियाला के पूर्व महाराजा और क्रिकेट खिलाड़ी भूपिंदर सिंह के वंशज रणधीर सिंह भारत के सबसे जाने-माने खेल प्रशासकों में से एक थे। भारतीय खेलों की अक्सर बिखरी हुई प्रशासनिक व्यवस्था में आम सहमति बनाने की अपनी काबिलियत के लिए उनकी प्रशंसा की जाती थी। देश में ओलंपिक आंदोलन को बढ़ावा देने का श्रेय भी बड़े पैमाने पर उन्हें ही दिया जाता था। उनकी बेटी राजेश्वरी ने उनकी निशानेबाजी की विरासत को बरकरार रखा और वह भी ट्रैप निशानेबाज हैं। राजेश्वरी ने 2016 की एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक के अलावा 2022 के एशियाई खेलों में रजत पदक भी जीता था। वहीं उनकी बेटी सुनयना ने 2018 में आईओए की उपाध्यक्ष बनकर खेल प्रशासन में अपनी एक अलग जगह बनाई। वह आईओए की अंतरराष्ट्रीय संबंधों और शिक्षा समिति की सदस्य भी हैं। -
नयी दिल्ली. भारत 24 से 31 मई तक म्यूनिख में होने वाले आईएसएसएफ राइफल/पिस्टल विश्व कप में 22-सदस्यीय टीम उतारेगा। इस टीम में शामिल दोहरी ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर मिश्रित टीम मुकाबले के अलावा दो व्यक्तिगत पिस्टल स्पर्धाओं में भी हिस्सा लेंगी। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने रविवार को टीम की घोषणा की जिसमें अनुभवी और युवा निशानेबाजों का मिश्रण है। इस टूर्नामेंट को इस खेल के सबसे बड़ी सालाना प्रतियोगिताओं में से एक माना जाता है। मनु के अलावा ओलंपियन और विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता ईशा सिंह भी दो व्यक्तिगत पिस्टल स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगी। इस सत्र में पहली बार भारत के शीर्ष निशानेबाज देश से बाहर किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने जा रहे हैं। प्रतियोगिताएं 26 मई से शुरू होंगी जिसकी शुरुआत महिलाओं के 25 मीटर पिस्टल प्रिसिजन चरण से होगी। पहले दिन पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल का क्वालीफिकेशन दौर और महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन्स का एलिमिनेशन दौर भी होगा। इसके साथ ही पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा का क्वालीफिकेशन दौर भी खेला जाएगा। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल और 10 मीटर एयर राइफल के फाइनल भी प्रतियोगिता में पहले ही दिन होंगे।
म्यूनिख विश्व कप में 80 देशों के कुल 696 निशानेबाजों के हिस्सा लेने की उम्मीद है जिनमें कई ओलंपिक और विश्व चैंपियन भी शामिल हैं। यह टूर्नामेंट इस साल के आखिर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप और अन्य बड़े बहु खेल मुकाबलों की तैयारी के लिए एक अहम मंच का काम करेगा। भारत ने अप्रैल में ग्रेनाडा में हुए मौजूदा सत्र के पहले राइफल/पिस्टल विश्व कप में एक स्वर्ण पदक जीता था। उस टूर्नामेंट में भारत ने ऐसे निशानेबाजों को उतारा था जिनकी घरेलू रैंकिंग तीसरे से छठे स्थान के बीच थी। हालांकि म्यूनिख में होने वाली इस प्रतियोगिता में भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले राइफल और पिस्टल निशानेबाज हिस्सा लेंगे और उनका मुकाबला अंतरराष्ट्रीय स्तर के मजबूत खिलाड़ियों से होगा। - अहमदाबाद. राष्ट्रमंडल खेल 2030 की तैयारी में जुटे आयोजकों को उम्मीद है कि अहमदाबाद में बुनियादी ढांचा एक साल पहले तैयार हो जायेगा जिसके लिये मौजूदा वीर सावरकर खेल परिसर के अलावा नरेंद्र मोदी स्टेडियम को केंद्र में रखकर इसके इर्द गिर्द 335 एकड़ क्षेत्र में तीन नये परिसर तैयार किये जा रहे हैं । अहमदाबाद के नारनपुरा में 825 करोड़ की लागत से 20 एकड़ में फैले वीर सावरकर परिसर का उद्घाटन पिछले साल ही हो चुका है जबकि सरदार वल्लभभाई पटेल खेल एंक्लेव और कराइ में गुजरात पुलिस अकादमी में निर्माण कार्य 2028 से 2029 के बीच पूरा हो जायेगा जहां मुख्यत: एक्वाटिक्स, टेनिस, एथलेटिक्स और निशानेबाजी स्पर्धायें होनी हैं । वीर सावरकर खेल परिसर के प्रभारी प्रशासनिक अधिकारी भौमिक ओझा ने यहां बताया ,'' हमने तीन साल के भीतर इतना बड़ा परिसर तैयार कर लिया जिसकी मई 2022 में आधारशिला रखी गई थी । इसलिये हमें यकीन है कि राष्ट्रमंडल खेलों के लिये हम समय से पहले पूरी तैयारी कर लेंगे ।'' उन्होंने कहा ,''यहां पिछले साल राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैम्पियनशिप और एशियाई एक्वाटिक्स चैम्पियनशिप हो चुकी है और प्रसारण, डोपिंग रोधी उपायों, सुरक्षा उपायों सभी को ध्यान में रखकर इसे तैयार किया गया है । यह राष्ट्रमंडल खेलों के संभावित वेन्यू में से है लेकिन यह आने वाले समय में पता चलेगा कि यहां कौन से खेलों की स्पर्धायें होंगी ।'' गुजरात खेल विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल खेल एंक्लेव में नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पास एक्वाटिक सेंटर, टेनिस सेंटर और मल्टीपरपज एरेना तैयार किया जा रहा है । अधिकारी ने बताया ,'' 12000 की दर्शक क्षमता वाला एक्वाटिक सेंटर 2029 की दूसरी तिमाही में तैयार हो जायेगा । वहीं टेनिस सेंट तीसरी तिमाही में तैयार होगा जिसकी क्षमता 24000 रहेंगी । मल्टीपरपज ( कई खेलों के लिये इस्तेमाल होने वाला इंडोर परिसर) एरेना भी 2029 की तीसरी तिमाही में तैयार होगा जिसकी क्षमता 18000 दर्शकों की होगी ।'' इसके अलावा इस परिसर में राष्ट्रीय खेल उत्कृष्टता संस्थान बनाने का भी प्रस्ताव है ।अधिकारी ने आगे बताया ,'' कराइ में 143 एकड़ में गुजरात पुलिस अकादमी में एथलेटिक्स स्टेडियम सितंबर 2028 तक तैयार होगा जिसकी क्षमता 50000 रहेगी । वहीं 5000 की क्षमता वाला परिसर और हाई परफार्मेस सेंटर भी इसी अवधि में तैयार होगा । इंडोर और आउटडोर रेंज वाला निशानेबाजी केंद्र मार्च 2029 में तैयार होगा जिसकी दर्शक क्षमता 4000 रहेगी ।'' दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल 2010 के दौरान आयोजन स्थलों खासकर जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम और श्यामाप्रसाद मुखर्जी तरणताल परिसर को तैयार करने में विलंब को लेकर काफी विवाद हुआ था । इसे लेकर राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष माइक फेनेल ने नाराजगी भी जताई थी । राष्ट्रमंडल खेल 2030 में हॉकी की स्पर्धायें आईआईटी गांधीनगर या गांधीनगर स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र पर होगी जिसके बारे में फैसला जून के आखिर तक लिया जायेगा । अधिकारी ने बताया ,'' पुरूष क्रिकेट की स्पर्धा नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर होगी जिसे विश्व कप फाइनल और आईपीएल फाइनल जैसे बड़े आयोजनों की मेजबानी का अनुभव है ।इसके अलावा वडोदरा में भी कुछ मैच कराये जा सकते हैं ।'' ओझा ने बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों से पहले 2029 में विश्व पुलिस और दमकल खेलों के जरिये तैयारी को अंतिम रूप मिल जायेगा चूंकि इन खेलों में 70 से अधिक देशों के भाग लेने की उम्मीद है और भारत में इनका आयोजन पहली बार हो रहा है । इनके अलावा विजयी भारत फाउंडेशन में भी राष्ट्रमंडल खेलों की कुछ स्पर्धाओं के आयोजन की संभावना है । फाउंडेशन के सीईओ आदित्य अवस्थी ने बताया ,'' इस समय यहां तीरंदाजी, तलवारबाजी, जूडो और निशानेबाजी के हाई परफार्मेंस कार्यक्रम चल रहे हैं और इनमें एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, कुश्ती जैसे खेलेां को भी जोड़ने का प्रस्ताव है जिनमें ओलंपिक के कई पदक दाव पर होते हैं । हम राष्ट्रमंडल खेल 2030 समेत 2029 से 2030 के बीच कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी के लिये तत्पर हैं ।'' उन्होंने कहा ,'' परिसर में अत्याधुनिक हाई परफार्मेसं केंद्र तैयार करने की योजना है । हमें उम्मीद है कि राष्ट्रमंडल खेल 2030 के दौरान प्रतिस्पर्धाओं और अभ्यास के केंद्र के रूप में इस परिसर को मौका मिलेगा ।''
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जयपुर/वैभव सूर्यवंशी की 38 गेंदों में 93 रन की आक्रामक पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टी20 मैच में मंगलवार को यहां लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) को पांच गेंद शेष रहते सात विकेट से हराकर प्लेऑफ में जगह पक्की करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा दिए। एलएसजी ने मिचेल मार्श की 96 रन की तेजतर्रार पारी की बदौलत पांच विकेट पर 220 रन बनाए, लेकिन सूर्यवंशी की पारी के सामने यह स्कोर भी बौना साबित हुआ। राजस्थान रॉयल्स ने 19.1 ओवर में तीन विकेट पर 225 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। अगर-मगर के बिना प्लेऑफ की उम्मीदें बनाए रखने के लिए राजस्थान रॉयल्स को आखिरी दो मैच जीतना जरूरी था और गेंदबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद बल्लेबाजों ने टीम को आसान जीत दिला दी। रॉयल्स अब 13 मैचों में 14 अंक के साथ तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया। एलएसजी पहले ही प्ले ऑफ की रेस से बाहर है। अपनी पारी की शुरुआती 10 गेंदों में सिर्फ पांच रन बनाने वाले सूर्यवंशी ने 38 गेंदों की पारी में सात चौके और 10 शानदार छक्के जड़े। उन्होंने कार्यवाहक कप्तान यशस्वी जायसवाल (43) के साथ पहले विकेट के लिए 39 गेंदों में 75 रन की साझेदारी की, जबकि ध्रुव जुरेल (नाबाद 53) के साथ 45 गेंदों में 105 रन जोड़े। जायसवाल ने 23 गेंदों की पारी में आठ चौके और एक छक्का लगाया, जबकि जुरेल ने 38 गेंदों में नाबाद 53 रन बनाते हुए तीन चौके और तीन छक्के जड़े। सूर्यवंशी 13 मैचों में 579 रन के साथ मौजूदा सत्र में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए।
पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर जोश इंग्लिस ने एलएसजी को तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने शुरुआती ओवरों में आक्रामक तेवर दिखाते हुए 29 गेंदों में 60 रन की तूफानी पारी खेली। इसके बाद "बाइसन" के नाम से मशहूर मार्श ने अपनी दमदार बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन करते हुए 11 चौके और पाँच छक्के जड़े। मौजूदा सत्र में यह तीसरी बार रहा, जब उन्होंने 90 से अधिक का स्कोर बनाया। एलएसजी के लिए निराशाजनक रहे इस सत्र में मार्श का प्रदर्शन टीम के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक बात साबित हुआ है। उन्होंने 13 मैचों में 563 रन बनाए हैं। राजस्थान रॉयल्स के लिए यश राज पुंजा ने दो विकेट लिए, जबकि जोफ्रा आर्चर को एक सफलता मिली। लक्ष्य का पीछा करते हुए जायसवाल ने पहले ओवर में आकाश के खिलाफ चार चौके जड़े। टीम ने इस ओवर से 23 रन बटोरे। दूसरे छोर से सूर्यवंशी को शुरुआती ओवरों में बाउंड्री लगाने में परेशानी हो रही थी। जायसवाल ने हालांकि मोहसिन के खिलाफ लगातार गेंदों पर एक छक्का और लगातार तीन चौके जड़ दिए। उन्होंने मयंक यादव के खिलाफ एक रन लेकर सूर्यवंशी के साथ 26 गेंदों में 50 रन की साझेदारी पूरी की। इसमें सूर्यवंशी का योगदान सिर्फ पांच रन का था। इस 15 साल के बल्लेबाज ने मयंक के खिलाफ एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से छक्का लगाकर आत्मविश्वास हासिल किया। इसके बाद उन्होंने प्रिंस यादव के खिलाफ दिलकश अपर कट के साथ अपना दूसरा छक्का लगाया। उन्होंने फिर दो चौके जड़कर पावरप्ले में टीम का स्कोर 71 रन तक पहुंचा दिया। आकाश ने हालांकि अगले ओवर में ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंद पर जायसवाल को चकमा देकर आउट किया।
सूर्यवंशी ने नौवें ओवर में दो छक्के और तीन चौकों की मदद से 26 रन बटोरकर एलएसजी के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। उन्होंने एक रन चुराकर 23 गेंदों में अपना छठा आईपीएल अर्धशतक पूरा किया। इस किशोर बल्लेबाज ने राठी और प्रिंस यादव के खिलाफ बेखौफ अंदाज में छक्के लगाकर इस आईपीएल सत्र में अपने 50 छक्के पूरे किए। सूर्यवंशी और जुरेल ने इस दौरान आठ गेंदों के भीतर छह छक्के जड़कर मैच का रुख राजस्थान रॉयल्स की ओर मोड़ दिया। दोनों ने 12वें ओवर में मयंक यादव के खिलाफ 29 रन बटोरे। मोहसिन ने सूर्यवंशी को रन आउट करने का बेहद आसान मौका गंवा दिया, लेकिन इसी ओवर में उन्हें आउट कर ज्यादा नुकसान नहीं होने दिया। सूर्यवंशी जब आउट हुए, तब टीम को छह ओवर में सिर्फ 41 रन की जरूरत थी। लुआन-ड्रे प्रिटोरियस सात रन बनाकर रन आउट हुए, लेकिन जुरेल ने प्रिंस यादव के खिलाफ छक्का लगाकर 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। डोनोवन फरेरा (नाबाद 16) ने आखिरी ओवर में छक्का लगाकर टीम को जीत दिला दी। इससे पहले पावरप्ले में राजस्थान के गेंदबाज एक बार फिर प्रभाव छोड़ने में विफल रहे। इंग्लिस और मार्श ने पहले विकेट के लिए 50 गेंद में 109 रन जोड़ दिए। इंग्लिस ने जहां सात चौके और तीन छक्के लगाए, वहीं मार्श ने खास तौर पर पुल शॉट्स से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। यश राज पुंजा की गेंद पर इंग्लिस के आउट होने के बाद भी मार्श ने रनगति कम नहीं होने दी। उनकी पारी का सबसे शानदार शॉट एक्स्ट्रा कवर के ऊपर लगाया गया छक्का रहा, जिसमें ताकत और टाइमिंग का बेहतरीन मेल देखने को मिला। निकोलस पूरन एक बार फिर ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके और 11 गेंदों में 16 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन कप्तान ऋषभ पंत ने 23 गेंदों में 35 रन बनाए। पंत की बल्लेबाजी में हालांकि आत्मविश्वास की कमी साफ दिखी। भारतीय टेस्ट टीम की उपकप्तानी छिनने और वनडे टीम से बाहर किए जाने का असर उनके खेल पर दिखाई दिया। राजस्थान रॉयल्स के लिए सुशांत मिश्रा, बृजेश शर्मा और संदीप शर्मा लगातार गलत लेंथ पर गेंदबाजी करते रहे, जिसका मार्श ने पूरा फायदा उठाया। युवा लेग स्पिनर यश राज ने दो विकेट लेकर कुछ संघर्ष दिखाया। आखिरी ओवर में जोफ्रा आर्चर ने चार डॉट गेंदें डालकर मार्श को दूसरे शतक से रोक दिया, लेकिन तब तक एलएसजी बड़े स्कोर के साथ मैच पर मजबूत पकड़ बना चुका था। -
रायपुर/ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) विराट कोहली (नाबाद 105 रन) के नौंवे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) शतक की मदद से बुधवार को यहां बारिश के कारण देर से शुरू हुए मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को छह विकेट से शिकस्त देकर तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई। पिछले दो मैच में शून्य पर आउट होने वाले कोहली ने 23 रन पर मिले जीवनदान का फायदा उठाते हुए 60 गेंद में 11 चौके और तीन छक्के जड़ित नाबाद शतकीय पारी खेली जिससे आरसीबी ने पांच गेंद रहते चार विकेट पर 194 रन बनाकर सत्र की आठवीं जीत दर्ज की। कोहली और देवदत्त पडीक्कल (27 गेंद में 37 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 92 रन की अहम साझेदारी निभाई।
केकेआर ने बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद अंगकृष रघुवंशी (71 रन) की करियर की सर्वश्रेष्ठ अर्धशतकीय पारी और रिंकू सिंह के नाबाद 49 रन की मदद से चार विकेट पर 192 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इस जीत से आरसीबी 12 मैच में 16 अंक लेकर शीर्ष पर पहुंच गई जबकि केकेआर 11 मैच में नौ अंक से आठवें स्थान पर बरकरार है। कोहली ने इस दौरान आईपीएल में सबसे ज्यादा 279 मैच खेलकर एमएस धोनी और रोहित शर्मा को पीछे छोड़ दिया। वह टी20 क्रिकेट में 14000 रन पूरे करने वाले पहले भारतीय भी बने। 2023 सत्र के बाद यह उनका पहला शतक रहा। बारिश की वजह से मैच शुरू होने में 75 मिनट की देरी हुई। रायपुर के दर्शकों को सब्र का फल मिला और उन्हें कोहली की लाजवाब पारी देखने को मिली। पहले ओवर में अपनी पहली ही गेंद पर खाता खोलने के बाद उन्होंने खुशी से मुट्ठी भींची थी। अगले ओवर में उन्होंने वैभव अरोड़ा की गेंदों पर चार चौके जड़ दिए। कोहली जब 21 रन पर थे, तब रोवमैन पॉवेल ने उनका कैच छोड़ दिया था और अंत में केकेआर यह बहुत महंगा पड़ा। इसके बाद आरसीबी के सलामी बल्लेबाज ने कोई गलती नहीं की और 32 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने पडिक्कल के साथ मिलकर 92 रन की साझेदारी निभाने के बाद कुछ अविश्वसनीय शॉट खेलकर अपना शतक बनाया। कोहली ने इस पारी का पूरा लत्फ उठाया। शतक जड़ने के बाद उन्होंने इसका जश्न भी मनाया।
वहीं पदार्पण कर रहे सौरभ दुबे का पहला ओवर शानदार रहा जिसमें दो रहन बने लेकिन अपने दूसरे ओवर में उन्होंने 15 रन दे दिए। कार्तिक त्यागी (32 रन देकर तीन विकेट) ने एक बार फिर तीन विकेट लेकर प्रभावित किया जबकि सुनील नारायण (31 रन देकर एक विकेट) ने किफायती गेंदबाजी की लेकिन केकेआर का क्षेत्ररक्षण काफी खराब रहा जिसमें दो कैच छूटे। इससे पहले केकेआर के विकेटकीपर बल्लेबाज अंगकृष ने 46 गेंद की पारी के दौरान तीन छक्के और सात चौके लगाए। इस दौरान उन्होंने अहम साझेदारियां भी कीं जिससे टीम को जरूरी गति मिली जो उनके सलामी बल्लेबाज देने में नाकाम रहे थे। गीली आउटफील्ड के कारण मैच सवा घंटे देर से शुरू हुआ। आरसीबी ने पिच से मदद की उम्मीद में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। लेकिन यहां खेले गए पिछले मैच के मुकाबले इस बार तेज गेंदबाजों को कोई खास मदद नहीं मिली जिसमें नयी गेंद ने काफी प्रभाव डाला था। केकेआर के कप्तान अंजिक्य रहाणे (19 रन) ने पहले ओवर में भुवनेश्वर कुमार की पांच डॉट गेंदों के बाद एक चौका लगाया। इसके बाद दूसरे ओवर में फिन एलन (18) ने जैकब डफी की गेंद पर 14 रन ठोक दिए। लेकिन आरसीबी ने जोरदार वापसी की। भुवनेश्वर ने एलन को विकेट के पीछे कैच करवाया। कुछ ही देर बाद चौथे ओवर में जोश हेजलवुड ने रहाणे को बाउंसर पर आउट कर दिया। इससे ठीक पहले केकेआर के कप्तान ने डफी की गेंद पर एक छक्का और एक चौका लगाकर चौथे ओवर में कुल 17 रन बटोरे थे। पावरप्ले के बाद केकेआर का स्कोर दो विकेट पर 56 रन था। रघुवंशी ने तीसरे विकेट के लिए कैमरन ग्रीन (32) के साथ 68 रन की अहम साझेदारी की। इसके बाद उन्होंने चौथे विकेट के लिए रिंकू सिंह (29 गेंद, तीन चौके, दो छक्के) के साथ 76 रन जोड़े जिससे टीम प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा करने में कामयाब रही। 21 वर्षीय रघुवंशी ने इस सत्र का अपना चौथा अर्धशतक जमाया। यह आईपीएल में अब तक उनका सर्वश्रेष्ठ सत्र रहा है जिसमें उन्होंने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत वाइड लांग ऑन के ऊपर एक जोरदार छक्के के साथ की। इसके बाद अपनी दोनों साझेदारियों के दौरान वह बीच-बीच में चौके-छक्के लगाते रहे। उन्होंने ऑफ-साइड पर कुछ शानदार कट शॉट्स खेले। लेकिन उनकी पारी की मुख्य आकर्षण डफी की गेंद पर मिड-विकेट की तरफ एक चौका मारना और कृणाल पंड्या की गेंद पर बाउंड्री के पार एक जबरदस्त छक्का लगाना। इसके अलावा रसिख सलाम की एक धीमी गेंद पर उन्होंने अंपायर के सिर के ऊपर से एक जोरदार शॉट भी लगाया। रघुवंशी पारी की अंतिम गेंद पर रन आउट हुए। केकेआर के लिए ग्रीन ने 24 गेंद में 32 रन बनाकर योगदान दिया जिसमें तीन चौके और एक छक्का शामिल था।
वहीं रिंकू अपने अर्धशतक से महज एक रन से चूक गए। इस भारतीय बल्लेबाज ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी। उन्होंने पिछले चार मैचों में दो नाबाद अर्धशतक बनाए हैं। -
नयी दिल्ली. एशिया में नंबर एक और विश्व रैंकिंग में छठे नंबर के ट्रैप निशानेबाज जोरावर सिंह संधू को इस वर्ष के आखिर में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारत की संभावित शॉटगन टीम में शामिल नहीं किया गया है जबकि वह देश के शीर्ष ट्रैप निशानेबाजों में से एक हैं और उन्होंने पिछले वर्ष विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। राष्ट्रीय चैंपियनशिप और घरेलू चयन ट्रायल के दौरान जोरावर का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। विश्व चैंपियनशिप और विश्व कप फाइनल्स की तैयारी में व्यस्त होने के बावजूद उनके लिए इन प्रतियोगिताओं में भाग लेना अनिवार्य था। राष्ट्रीय ट्रायल्स में निराशाजनक प्रदर्शन के कारण उन्हें एशियाई खेलों के लिए संभावित टीम में जगह नहीं मिली है। वह एक महीने पहले तक विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर थे। जोरावर ने भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) से अपने फैसले पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है। उन्होंने तर्क दिया है कि पिछले छह महीनों में भारतीय ट्रैप निशानेबाजों में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ स्कोर हासिल किया है। एनआरएआई ने हालांकि स्पष्ट किया है कि वह ''डेढ़ साल पहले लागू की गई चयन नीति का सख्ती से पालन करेगा।'' एनआरएआई के महासचिव पवन कुमार सिंह ने कहा कि पुरुषों की संभावित ट्रैप टीम में बदलाव होने की किसी भी तरह की संभावना नहीं है। इस टीम में काइनन चेनाई, अहवर रिजवी और शपथ भारद्वाज शामिल हैं, जो 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में भाग लेंगे। 47 वर्षीय ज़ोरावर पिछले साल अक्टूबर में एथेंस में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर ट्रैप शूटिंग में पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय निशानेबाज बने थे। उन्होंने विश्व कप फाइनल्स में भी पदक दौर तक जगह बनाई, लेकिन आखिर में सातवें स्थान पर रहे। जोरावर ने कहा, ''एनआरएआई को टीम के चयन पर फिर से विचार करना चाहिए लेकिन उनका फैसला जो भी होगा उसे मुझे स्वीकार करना होगा। मैं अभी एशिया का नंबर एक और विश्व में छठे नंबर का निशानेबाज हूं और इसे ध्यान में रखते हुए महासंघ को अपने फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए। मैंने इस महीने कजाकिस्तान में हुए विश्व कप में भारतीय खिलाड़ियों में सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया था।'' एनआरएआई के महासचिव पवनकुमार सिंह ने हालांकि ऐसी किसी संभावना से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ''यह लगभग 99 प्रतिशत तय है कि यही टीम एशियाई खेलों में भाग लेगी। चयन नीति का ऐलान एक साल पहले हो गया था और अगर अब हम टीम में नाम बदलने लगे तो निशानेबाजी और बाकी खेलों में कोई फर्क नहीं रह जायेगा ।'' पुरूष ट्रैप : कीनान चेनाइ, अहवर रिजवी, शपथ भारद्वाज
महिला ट्रैप : नीरू, मनीषा कीर, आशिमा अहलावत
पुरूष स्कीट : अनंतजीत सिंह नरूका, भावतेग गिल, मैराज खान
महिला स्कीट : परिनाज धालीवाल, रेइजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान
ट्रैप मिश्रित टीम : कीनान चेनाई और नीरू
स्कीट मिश्रित टीम : अनंतजीत सिंह नरूका और परिनाज धालीवाल
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दुबई. भारत ने आईसीसी की पुरुषों की एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय टीम रैंकिंग के नवीनतम सालाना अपडेट के बाद अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है जबकि मौजूदा विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर है। सोमवार को जारी बयान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने कहा, ''नवीनतम सालाना अपडेट के बाद आईसीसी की पुरुषों की एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय टीम रैंकिंग में भारत शीर्ष पर बना हुआ है। वह दूसरे स्थान पर मौजूद न्यूजीलैंड (113 अंक) से महज पांच अंक के मामूली अंतर से आगे है जबकि ऑस्ट्रेलिया (109 अंक) तीसरे स्थान पर बरकरार है और शीर्ष तीन टीम में शामिल है।'' भारत को एक रेटिंग अंक का नुकसान हुआ है और उसके खाते में 118 अंक हैं।
सालाना रैंकिंग अपडेट में मई 2025 के बाद खेले गए मुकाबलों को पूरा भार (100 प्रतिशत) दिया जाता है जबकि पिछले दो वर्षों के नतीजों को आधा भार (50 प्रतिशत) दिया जाता है। दक्षिण अफ्रीका 102 अंक के साथ पाकिस्तान (98) को पछाड़कर चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
शीर्ष 10 में बाकी टीम की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। श्रीलंका (96), अफगानिस्तान (93) और इंग्लैंड (89) शीर्ष आठ में शामिल अन्य टीम हैं। बांग्लादेश 84 अंक के साथ नौवें स्थान पर है जबकि वेस्टइंडीज के अब 74 अंक हैं। वेस्टइंडीज पिछले अपडेट में बांग्लादेश से छह अंक से पीछे था लेकिन अब यह अंतर बढ़कर 10 अंक हो गया है। आईसीसी ने कहा, ''इसके दोनों टीम के लिए महत्वपूर्ण परिणाम होंगे क्योंकि वे आईसीसी पुरुषों के क्रिकेट विश्व कप 2027 के लिए सीधे क्वालीफिकेशन हासिल करने की कोशिश कर रही हैं।'' आईसीसी ने कहा, ''31 मार्च 2027 तक आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष आठ टीम सीधे क्वालीफिकेशन हासिल करेंगी। इनके अलावा मेजबान दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे भी स्वत: क्वालीफाई कर चुके हैं।'' इस संदर्भ में यदि दक्षिण अफ्रीका शीर्ष आठ स्थान में बना रहता है तो नौवां स्थान सीधे विश्व कप का टिकट पाने के लिए महत्वपूर्ण हो जाएगा। आयरलैंड (54) ने जिम्बाब्वे (53) को पीछे छोड़ते हुए 11वां स्थान हासिल कर लिया है जबकि अमेरिका 13वें स्थान पर पहुंच गया है। अमेरिका (46) ने स्कॉटलैंड (44) को पीछे छोड़ा है यूएई को भी फायदा हुआ है और वह कनाडा को पीछे छोड़ते हुए 19वें स्थान पर है जिसके कुल 16 अंक हैं। - ताशकंद.। एशियाई मुक्केबाजी अंडर-15 चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में भारत के छह मुक्केबाजों ने जीत के साथ फाइनल का टिकट पक्का किया, जबकि सात अन्य को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। यश कुमार ने 33 किलोग्राम वर्ग में संयुक्त अरब अमीरात के कियान इकबाल को 5-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं, सस्था वसंत अशोक कुमार (37 किग्रा) ने किर्गिस्तान के अज़ीरेटाली संझारबेकोव को मात देकर जीत दर्ज की। समीर बोहरा ने 43 किलोग्राम वर्ग में संयमित प्रदर्शन करते हुए उज्बेकिस्तान के अदिजबेक इल्खोम्बेकोव को 4-1 से हराया। सुदर्शन वासुदेवा चंदक ने 52 किलोग्राम वर्ग में ईरान के अमीरमहदी शाद के खिलाफ आरएससी (रैफरी द्वारा मुकाबला रोकना) से जीत हासिल की। मोहम्मद यासिर ने 58 किलोग्राम वर्ग में ईरान के सैयद अरियामोहम्मद मूसा को 5-0 से शिकस्त दी। 67 किलोग्राम वर्ग में रोनक पराग लोखंडे ने किर्गिस्तान के मुखम्मदअली बेर्दिकुलोव के खिलाफ आरएससी से जीत दर्ज कर भारत के विजयी अभियान को आगे बढ़ाया। अन्य सेमीफाइनल मुकाबलों में रोहित पोथिना (35 किग्रा), नितिन (40 किग्रा), नोंगपोकनगनबा मेइती ओइना (46 किग्रा), प्रशांत (49 किग्रा), हर्षवर्धन जीना (55 किग्रा) और सुशांत जयनी (70 किलोग्राम से अधिक) को हार का सामना करना पड़ा। फाइनल में पहुंचे छह भारतीय मुक्केबाज स्वर्ण पदक जीतकर अपने शानदार अभियान को यादगार बनाने की कोशिश करेंगे।
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शंघाई. दीपिका कुमारी, अंकिता भगत और कुमकुम मोहोद की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने रविवार को यहां तीरंदाजी विश्व कप के दूसरे चरण में मेजबान चीन को 'शूट-ऑफ' में हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। रोमांचक अंतिम मुकाबले में भारत ने पहला सेट जीता, लेकिन चीन ने वापसी करते हुए मुकाबला बराबर कर दिया। निर्धारित चार सेट के बाद स्कोर बराबर रहने के कारण 'शूट-ऑफ' कराया गया। भारतीय तिकड़ी ने निर्णायक क्षणों में संयम बनाए रखते हुए 5-4 (28-26) से जीत दर्ज की। अनुभवी दीपिका ने दबाव के बीच अंतिम 'शूट-ऑफ' तीर पर अहम नौ अंक जुटाकर भारत को 2021 के बाद पहला विश्व कप स्वर्ण पदक दिलाया। इससे पहले भारत ने सेमीफाइनल में रिकॉर्ड 10 बार के ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। यह टूर्नामेंट में भारत का दूसरा पदक है। इससे पहले, विश्व यूनिवर्सिटी खेलों के मौजूदा चैंपियन साहिल जाधव ने शनिवार को यहां तीरंदाजी विश्व कप के दूसरे चरण में पुरुष कंपाउंड स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। भारत एक और पदक की दौड़ में बना हुआ है। सिमरनजीत कौर दिन में बाद में सेमीफाइनल में उतरेंगी और विश्व कप में अपना पहला पदक जीतने के लिए उन्हें एक जीत की जरूरत होगी।
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रायपुर। गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) रविवार को यहां कृणाल पंड्या (73 रन) के अर्धशतक से रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच में मुंबई इंडियंस को दो विकेट से हराकर तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई। पिछले दो मैच में हार का सामना करने वाली आरसीबी (14 अंक) ने तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार (23 रन देकर चार विकेट) के गेंद से शानदार प्रदर्शन के बाद उनके अंत में दो गेंद में (एक छक्के से) सात रन की मदद से शानदार जीत दर्ज की जिससे मुंबई इंडियंस आईपीएल प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई। कृणाल (46 गेंद में चार चौके और पांच छक्के) और जैकब बेथेल (27) के बीच चौथे विकेट के लिए 42 गेंद में 55 रन की भागीदारी के दम पर आरसीबी ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 167 रन बनाकर रोमांचक जीत दर्ज की। तिलक वर्मा (57 रन) के अर्धशतक के बावजूद मुंबई इंडियंस भुवनेश्वर की शानदार गेंदबाजी के सामने सात विकेट पर 166 रन ही बना सकी।
आरसीबी की शुरूआत खराब रही जिसने पावरप्ले में विराट कोहली (शून्य), देवदत्त पडीक्कल (12) और कप्तान राजत पाटीदार (08) के विकेट गंवाए। लेकिन कृणाल एक छोर पर डटे रहे, उन्होंने बेथेल के साथ मिलकर जिम्मेदारी संभाली। फिर उन्होंने और जितेश शर्मा (18) ने पांचवें विकेट के लिए 22 गेंद में 37 रन जोड़े। लेकिन कोर्बिन बॉश (चार ओवर में एक मेडन, 26 रन देकर चार विकेट) के दोहरे झटकों से आरसीबी की उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा था जिन्होंने लगातार गेंदों पर जितेश और टिम डेविड को आउट किया। आरसीबी ने 14वें ओवर में सबसे ज्यादा 16 रन जुटाए जिससे आरसीबी की जीत की उम्मीद बनी। जितेश को पिच पर उतरकर लय में आने में छह डॉट गेंद लगी। लेकिन इस ओवर में जितेश ने राज बावा की गेंद पर लांग ऑफ में एक छक्का और स्क्वायर लेग में एक चौका लगाया। फिर उन्होंने 15वें ओवर में बुमराह पर चौका लगाया। पर 16वें ओवर में कृणाल और जितेश ने बॉश पर एक एक छक्का लगाया। लेकिन इसी ओवर में जितेश की पारी समाप्त हो गई। इस ओवर में 13 रन बने और दो विकेट गिरे। कृणाल 18वें ओवर की अंतिम गेंद पर एएम गजनफर को विकेट दे बैठे। उनके आउट होने के बाद टीम को अंतिम दो ओवर में 18 रन की दरकार थी। रोमारियो शेफर्ड और रसिख सलाम क्रीज पर थे। 19वें ओवर में केवल तीन रन बने। अंतिम ओवर में 15 रन चाहिए थे जिसमें राज बावा की पहली गेंद वाइड, फिर नो बॉल रही। फिर इसमें एक रन बना। फिर दो गेंद वाइड हुई और इसमें कोई रन नहीं बना। तीसरी गेंद में शेफर्ड आउट हो गए और भुवनेश्वर क्रीज पर उतरे। चौथी गेंद फिर वाइड हुई और फिर भुवनेश्वर ने इसमें छक्का जड़ दिया।
पांचवीं गेंद पर एक रन बना जिससे अंतिम गेंद पर दो रन चाहिए थे। रसिख सलाम और भुवनेश्वर ने भागकर दो रन लेकर स्टेडियम में मौजूद आरसीबी के प्रशंसकों के साथ विराट कोहली और साथी खिलाड़ियों को खुशी से झूमने का मौका दिया। इससे पहले दीपक चाहर ने पारी के पहले ही ओवर में कोहली को मिड ऑफ पर राज बावा के हाथों कैच आउट कराया। इस तरह कोहली लगातार दूसरी दफा शून्य पर आउट हुए। तीसरे ओवर में चाहर ने पडीक्कल को आउट कर दूसरा विकेट झटका, उन्होंने दो ओवर में 20 रन देकर दो विकेट ले लिए। पाटीदार भी ज्यादा देर नहीं टिक सके। वह कोर्बिन बॉश के पहले ओवर की पहली गेंद पर नियंत्रण नहीं बना सके और यह सीधे ऊपर चली गई जिसे विकेटकीपर रिकलटन ने आसानी से लपक लिया। पिच पर काफी दरारें थी और तेज गेंदबाजों के लिए असमान उछाल मौजूद था। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर ने परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए चार ओवर में 23 रन देकर चार विकेट झटके जिसमें तीन विकेटों का एक शानदार स्पैल भी शामिल था जिससे आरसीबी ने मुंबई इंडियंस पर शुरू से ही दबदबा बना दिया। भुवनेश्वर ने रेयान रिकलटन (02), रोहित शर्मा (22) और कार्यवाहक कप्तान सूर्यकुमार यादव (शून्य) को आउट करके मुंबई इंडियंस के शीर्ष क्रम को ध्वस्त कर दिया जिससे उसका स्कोर तीन विकेट पर 28 रन हो गया। लेकिन तिलक (42 गेंद में तीन चौके और दो छक्के) और नमन धीर (47 रन) ने चौथे विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी करके टीम को संभाला और सम्मानजनक स्कोर की ओर बढ़ाया। पिच पर बल्लेबाजों को रन जुटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। तिलक को सुयश शर्मा ने छठे ओवर में जीवनदान दिया जब वह नौ रन पर थे। अगर वह आउट हो जाते तो टीम पूरी तरह से बिखर सकती थी। रसिक सलाम की एक धीमी गेंद पर तिलक के गेंद बल्ले के ऊपरी किनारे से लगकर मिडविकेट पर खड़े सुयश की ओर चली गई, जहां गेंद उनके हाथों से फिसल गई और कैच छूट गया। तिलक और नमन दोनों ने चौथे विकेट की साझेदारी के दौरान काफी संयम दिखाया। उन्होंने समझदारी से स्ट्राइक रोटेट की। लेकिन तिलक एक क्रॉस-सीम गेंद पर आउट हो गए, वहीं नमन ने पांच चौके और दो छक्के लगाकर 32 गेंद में 47 रन बनाए। इससे पहले भुवनेश्वर ने शुरुआती ओवरों में ही तीन विकेट लेकर आरसीबी को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। यह छठा मौका था जब 36 साल के इस खिलाड़ी ने इस आईपीएल में तीन विकेट लिए थे। भुवनेश्वर ने पहले ओवर की आखिरी गेंद पर ही शानदार फॉर्म में चल रहे रिकलटन को आउट कर दिया जिसने गेंद को हवा में उठाकर मारने की कोशिश की। लेकिन गेंद सीधे मिड-ऑफ पर खड़े आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार के हाथों में चली गई। अगले ओवर में जोश हेजलवुड की गेंद पर एक चौका लगाने के बाद रोहित शर्मा (22) ने लगातार दो छक्के जड़कर अपनी पारी की शुरुआत की। पर तीसरे ओवर में शॉर्ट थर्ड-मैन की तरफ एक चौका लगने के बावजूद भुवनेश्वर की शानदार गेंदबाजी फिर देखने को मिली। भुवनेश्वर ने ऑफ-स्टंप के बाहर एक धीमी गति वाली 'नकल बॉल' डाली जिसे मारने के लिए रोहित ने बल्ला बढ़ाया, लेकिन गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर पीछे की तरफ चली गई। सूर्यकुमार के लिए यह आईपीएल सत्र बेहद निराशाजनक रहा है और उन्हें एक और असफलता का सामना करना पड़ा। उन्होंने ऑफ-स्टंप के बाहर आती हुई एक तेज और मुश्किल गेंद को जोर से मारने की कोशिश की। गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर सीधे विराट कोहली के हाथों में चली गई। विराट ने शानदार कैच लपककर मुंबई इंडियंस को मुश्किल में डाल दिया और खुशी से झूम उठे।
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नयी दिल्ली. पंजाब किंग्स के ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे ने शुक्रवार को मुख्य कोच रिकी पोंटिंग और कप्तान श्रेयस अय्यर को अपनी सोच में आए एक अहम बदलाव का श्रेय दिया। इस बदलाव ने इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सत्र में शेडगे के शानदार प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई है। मुंबई के इस 23 वर्षीय ऑलराउंडर ने बताया कि अय्यर और पोंटिंग के साथ नियमित बातचीत से उन्हें अपनी तैयारी पर ध्यान देने, वर्तमान में बने रहने और खुद पर भरोसा करने में मदद मिली है। उन्हें जब भी अंतिम एकादश में जगह मिली तो उन्होंने इनकी बदौलत मिले मौकों का पूरा फायदा उठाया। शेडगे ने शुक्रवार को एक चर्चा के दौरान कहा, ''आईपीएल से पहले टीम के अंदर हुए एक अभ्यास मैच के दौरान श्रेयस भाई ने मुझसे कहा था कि मैं अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं और मुझे ज्यादा सोचना नहीं चाहिए। अगर मैं उन चीजों के बारे में सोचता जो मेरे नियंत्रण में नहीं थीं तो मैं उस स्थिति में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता। '' उन्होंने कहा, ''वह तकनीक और रवैये के बारे में बहुत बात करते हैं। ''
पोंटिंग के प्रभाव के बारे में शेडगे ने कहा कि इस महान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने लगातार तैयारी के महत्व पर जोर दिया है। शेडगे ने कहा, ''रिकी सर का पूरा जोर सिर्फ और सिर्फ तैयारी पर रहता है। वह कहते हैं कि चाहे कुछ भी हो जाए, खुद पर भरोसा रखो और यह जानो कि तुम इस जगह के लायक हो। '' उन्होंने बताया कि सत्र की शुरुआत में बेंच पर बैठने के बाद पोंटिंग के साथ हुई एक बातचीत का उन पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने कहा, ''चौथे और पांचवें मैच के बाद उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं निराश हूं। पहले तो मैंने 'नहीं' कहा, लेकिन फिर उन्होंने मुझसे ईमानदारी से बताने को कहा। उन्होंने कहा कि वह समझ सकते हैं कि मैं कैसा महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि निराश होना और नकारात्मक सोचना आसान है, लेकिन वर्तमान में बने रहना और आगे के काम पर ध्यान देना ज्यादा मुश्किल है, ताकि जब मौका मिले तो तुम पूरी तरह तैयार रहो। '' -
नयी दिल्ली. देश की पहली सरकारी समर्थित, सहकारिता-आधारित टैक्सी सेवा 'भारत टैक्सी' ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीम दिल्ली कैपिटल्स के साथ 2026 सत्र के लिए आधिकारिक परिवहन भागीदार के रूप में साझेदारी की घोषणा की है। समझौते के तहत, भारत टैक्सी आईपीएल के दौरान जमीनी गतिविधियां और डिजिटल अभियान चलाएगी। इसमें दिल्ली-एनसीआर में मैच देखने जाने वाले प्रशंसकों के लिए मैच के दिन विशेष यात्रा सुविधा भी शामिल होगी। भारत टैक्सी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कर्नल हिमांशु शर्मा ने बयान में कहा, '' दिल्ली हमारे लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और दिल्ली कैपिटल्स के साथ यह साझेदारी यहां हमारी उपस्थिति को मजबूत करती है।'' दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुनील गुप्ता ने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य प्रशंसकों के मैच के दिन के अनुभव को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा, '' एक विश्वसनीय परिवहन भागीदार होने से प्रशंसक समय पर स्टेडियम पहुंच सकते हैं।''
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हैदराबाद. कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने स्पिनरों चक्रवर्ती (36 रन देकर तीन विकेट) और सुनील नारायण (30 रन देकर दो विकेट) की शानदार गेंदबाजी के बाद अंगकृष रघुवंशी (59 रन) के अर्धशतक की बदौलत रविवार को यहां इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को सात विकेट से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज की। फॉर्म में लौटे चक्रवर्ती और नारायण की शानदार गेंदबाजी की बदौलत केकेआर ने धीमी पिच का पूरा फायदा उठाते हुए सनराइजर्स हैदराबाद की टीम को 19 ओवर में महज 165 रन पर समेट दिया। इसके बाद रघुवंशी (47 गेंद, पांच चौके, दो छक्के) और कप्तान अजिंक्य रहाणे (43 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 11 ओवर में 84 रन की साझेदारी निभाई। इससे टीम ने यह लक्ष्य 10 गेंद शेष रहते तीन विकेट पर 169 रन बनाकर हासिल कर लिया। फिन एलेन ने 13 गेंद में 29 रन बनाए। रिंकू सिंह ने 11 गेंद में नाबाद 22 रन बनाकर टीम को सनराइजर्स हैदराबाद की लगातार पांच जीत की लय तोड़ने में मदद की। सनराइजर्स हैदराबाद 12 अंक लेकर तालिका में तीसरे स्थान पर, जबकि केकेआर सात अंक लेकर आठवें स्थान पर बरकरार है। नारायण अपने 197वें मैच में आईपीएल में 200 विकेट लेने वाले खास क्लब में शामिल हो गए। इस क्लब के अन्य सदस्य भुवनेश्वर कुमार (199 मैच में 215 विकेट) और युजवेंद्र चहल (182 मैच में 228 विकेट) हैं। छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए केकेआर ने चौथे ओवर में ही अपने 'इम्पैक्ट' खिलाड़ी एलेन का विकेट खो दिया, तब टीम का स्कोर 49 रन था। इसके बाद रहाणे और रघुवंशी ने पारी को संभाला और दूसरे विकेट के लिए 84 रन की साझेदारी की। पिछले आठ मैचों में शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करते हुए रहाणे ने सिर्फ एक अर्धशतक लगाया है। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद की टीम आईपीएल के इस सत्र में पहली बार ऑल आउट हुई। उसके लिए ट्रेविस हेड (61 रन) ने लगातार दूसरा अर्धशतक लगाया। केकेआर ने बीच के ओवरों में शानदार वापसी की, जिससे सनराइजर्स हैदराबाद ने अंतिम 10 ओवर में 60 रन बनाकर नौ विकेट गंवाए। सनराइजर्स हैदराबाद ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला करने के बाद हमेशा की तरह आक्रामक शुरुआत की। उसने पावरप्ले में अभिषेक शर्मा (10 गेंद, 15 रन) का विकेट गंवाकर एक विकेट पर 77 रन बना लिए थे। पावरप्ले में टीम के स्कोर का श्रेय हेड (28 गेंद, नौ चौके, तीन छक्के) को जाता है। हेड को ईशान किशन (29 गेंद, 42 रन) का अच्छा साथ मिला। यह लगातार तीसरा मैच था, जब सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले 10 ओवरों में 100 से अधिक रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के इस विस्फोटक बल्लेबाज ने अभिषेक के साथ पहले विकेट के लिए 3.4 ओवर में 44 रन जोड़े। इसके बाद दूसरे विकेट के लिए किशन के साथ 61 रन की साझेदारी की। वैभव अरोड़ा के दूसरे ओवर में हेड ने चार चौके जड़े। हेड ने नारायण को भी नहीं बख्शा; उन्होंने तीसरे ओवर में एक छक्का और एक चौका लगाया। पारी के पांचवें ओवर में उन्होंने हमवतन कैमरन ग्रीन को भी तीन चौके जड़कर परेशान किया।
लेकिन नौवें ओवर की आखिरी गेंद पर चक्रवर्ती की गेंद पर हेड के आउट होते ही सनराइजर्स हैदराबाद की बल्लेबाजी पूरी तरह ढह गई। खतरनाक हेनरिक क्लासेन (11 रन) जल्दी आउट हो गए। ग्रीन की गेंद पर रोवमैन पॉवेल के शानदार कैच ने उन्हें पवेलियन पहुंचा दिया। पॉवेल ने डीप मिडविकेट पर अपनी दाईं ओर भागते हुए हवा में उछलकर अपने दाहिने हाथ से गेंद को लपक लिया। हालांकि, इस दौरान उनका सिर जमीन से टकरा गया। यह इस सत्र में क्लासेन का सबसे कम स्कोर है। चक्रवर्ती ने अपने लगातार दो ओवरों में रविचंद्रन स्मरण और अनिकेत वर्मा को आउट कर अपने तीन विकेट पूरे किए। इस तरह चक्रवर्ती ने तीन ओवर में 26 रन देकर तीन विकेट झटके। इसके बाद वेस्टइंडीज के अनुभवी ऑफ स्पिनर नारायण ने 16वें ओवर में किशन को आउट कर इस लीग में अपना 200वां विकेट लिया। कार्तिक त्यागी ने भी 30 रन देकर दो विकेट लिए। -
मुंबई। अर्जुन तेंदुलकर और विकेटकीपर-बल्लेबाज सिद्धांत अधतराव को टी20 मुंबई लीग के चौथे सत्र से पहले होने वाली नीलामी में शामिल होने के लिए पात्र घोषित किया गया है। पिछले सत्र में ये दोनों अलग-अलग राज्य संघों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। जहां अर्जुन मुंबई से जाने के बाद पिछले कुछ सत्र से गोवा के लिए खेल रहे हैं वहीं अधतराव ने पिछले सत्र में पुडुचेरी का प्रतिनिधित्व करने के बाद वहां से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त कर लिया है। सूत्रों के अनुसार बीसीसीआई ने तेंदुलकर और अधतराव दोनों को टी20 मुंबई लीग में भाग लेने की अनुमति दे दी है क्योंकि पिछले 12 महीनों में इन दोनों में से किसी ने भी किसी अन्य राज्य लीग में हिस्सा नहीं लिया है। पुरुष और महिला दोनों ही वर्गों की प्रतियोगिताओं के लिए नीलामी दो मई को आयोजित की जाएगी जबकि टूर्नामेंट जून के पहले पखवाड़े में खेला जाएगा। टी20 टूर्नामेंट आयोजित करने वाले राज्य संघों के लिए बीसीसीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, ''खिलाड़ियों का ध्यान केंद्रित रखने और उन पर अत्यधिक शारीरिक दबाव पड़ने से रोकने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी को 12 महीने की अवधि के दौरान (इंडियन प्रीमियर लीग को छोड़कर) केवल एक ही आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त क्रिकेट लीग में भाग लेने की अनुमति होती है। यह 12 महीने की अवधि उस टूर्नामेंट के समापन से शुरू होती है जिसमें खिलाड़ी ने आखिरी बार हिस्सा लिया था।'' दिशानिर्देशों में आगे कहा गया है, ''उदाहरण के लिए यदि कोई खिलाड़ी किसी राज्य संघ द्वारा आयोजित टी20 टूर्नामेंट में भाग लेता है जो 31 अगस्त 2024 को समाप्त होता है तो उसे एक सितंबर 2025 तक किसी अन्य राज्य संघ द्वारा आयोजित किसी भी अन्य टी20 टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।'' तेंदुलकर और अधतराव के मामले में इन दोनों खिलाड़ियों ने पिछले 12 महीनों के दौरान किसी भी राज्य संघ द्वारा आयोजित किसी भी टी20 लीग में हिस्सा नहीं लिया है। तेंदुलकर आईपीएल में लखनऊ सुपर जाइंट्स टीम का हिस्सा हैं जबकि अधतराव पिछले सत्र में पुडुचेरी की रणजी ट्रॉफी टीम का हिस्सा थे।
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भुवनेश्वर. ओडिशा के तपन मोहंती सोमवार को यहां सीनियर राष्ट्रीय आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में ऑल-अराउंड चैंपियन बने। ओडिशा का प्रतिनिधित्व करते हुए तपन ने 73.433 का शानदार स्कोर बनाया।
उनके बाद योगेश्वर सिंह (हरियाणा) दूसरे स्थान पर रहे जिन्होंने 72.667 का स्कोर हासिल किया और श्रेयस चौधरी (एसएससीबी) तीसरे स्थान पर रहे जिन्होंने 71.268 का स्कोर बनाया। मेजबान राज्य का गौरव बढ़ाते हुए ओडिशा की टीम ने सीनियर एमएजी टीम चैंपियनशिप के फाइनल के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। -
नयी दिल्ली. भारत के शीर्ष खिलाड़ी मानव ठक्कर, मानुष शाह और दीया चितले सहित देश और विदेश के कई शीर्ष खिलाड़ी अल्टीमेट टेबल टेनिस (यूटीटी) की अगले सप्ताह होने वाली नीलामी में शामिल होंगे जबकि दिग्गज खिलाड़ी साथियान ज्ञानसेकरन और मनिका बत्रा को उनकी फ्रेंचाइजी ने अपनी टीम में बनाए रखा है। यह प्रतियोगिता नौ से 26 जुलाई तक गोवा के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंडोर स्टेडियम में आयोजित की जाएगी। नीलामी 28 अप्रैल को मुंबई में होगी जिसमें भारतीय खिलाड़ियों के अलावा कई शीर्ष अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए भी बोली लगेगी। ठक्कर और शाह पिछले साल अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के कारण इस प्रतियोगिता में भाग नहीं दे पाए थे। पुरुष युगल में यह जोड़ी वर्तमान में विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान पर है। शाह मिश्रित युगल में चितले के साथ जोड़ी बनाते हैं। यह जोड़ी विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर है और डब्ल्यूटीटी फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रच चुकी है। दबंग दिल्ली टीटीसी ने साथियान को जबकि अहमदाबाद एपीएल पाइपर्स ने बत्रा को रिटेन किया है। अंकुर भट्टाचार्जी और युगल विशेषज्ञ आकाश पाल को क्रमशः कोलकाता थंडरब्लैड्स और यू मुंबई टीटी ने रिटेन किया। डेम्पो गोवा चैलेंजर्स और पीबीजी पुणे जगुआर्स ने अपने किसी भी खिलाड़ी को रिटेन नहीं किया है। यह दोनों फ्रेंचाइजी नई टीम यूपी प्रोमेथियंस के साथ पूरी राशि के साथ नीलामी में उतरेंगी।
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नयी दिल्ली/ लोकेश राहुल की नाबाद 152 रन की पारी के बावजूद दिल्ली कैपिटल्स को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के बड़े स्कोर वाले टी20 मैच में शनिवार को यहां पंजाब किंग्स के खिलाफ सात गेंद शेष रहते छह विकेट से हार का सामना करना पड़ा। कैपिटल्स ने दो विकेट पर 264 रन बनाए, लेकिन टीम के लचर क्षेत्ररक्षण का फायदा उठाते हुए पंजाब किंग्स ने सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह की 26 गेंदों में 76 और कप्तान श्रेयस अय्यर की 36 गेंदों में नाबाद 71 रन की पारी से 18.5 ओवर में चार विकेट पर 265 रन बनाकर आईपीएल में सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करने का नया रिकॉर्ड कायम कर अपना अजेय अभियान जारी रखा। । मौजूदा सत्र में यह टीम की सात मैचों में छठी जीत है। कैपिटल्स की सात मैचों में यह चौथी हार है।
प्रभसिमरन ने पहले विकेट के लिए प्रियांश आर्य के साथ 42 गेंदों में 128 रन की साझेदारी कर पंजाब को तेज शुरुआत दिलाई। तीन गेंदों के अंदर करुण नायर से मिले दो आसान जीवनदान का फायदा उठाते हुए अय्यर ने चौथे विकेट के लिए नेहाल वढेरा (25) के साथ 31 गेंदों में 51 और पांचवें विकेट के लिए शशांक सिंह (नाबाद 19) के साथ 26 गेंदों में 64 रन की अटूट साझेदारी कर टीम को जीत दिला दी। 'प्लेयर ऑफ द मैच' प्रभसिमरन ने 26 गेंदों की पारी में नौ चौके और पांच छक्के लगाए, जबकि अय्यर ने 36 गेंदों की पारी में तीन चौके और सात छक्के जड़े। राहुल ने नीतीश राणा के साथ दूसरे विकेट के लिए 96 गेंदों में 220 रन की साझेदारी कर जिससे कैपिटल्स ने आईपीएल इतिहास का अपना सबसे बड़ा स्कोर बनाया। आईपीएल में अपने छठे शतक के दौरान राहुल ने 67 गेंदों की पारी में 16 चौके और नौ छक्के लगाए, जबकि राणा ने 44 गेंदों की पारी में 11 चौके और चार छक्कों की मदद से 91 रन बनाए। दोनों की 220 रन की साझेदारी आईपीएल की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड विराट कोहली और एबी डिविलियर्स के नाम है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की इस जोड़ी ने गुजरात लायंस के खिलाफ 2016 में दूसरे विकेट के लिए 229 रन की साझेदारी की थी। राहुल का यह स्कोर किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा आईपीएल में सबसे बड़ा, जबकि ओवरऑल तीसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। उन्होंने 226 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। राहुल को 12 रन के स्कोर पर अर्शदीप की गेंद पर शशांक सिंह ने कैच छोड़कर जीवनदान दिया और इस बल्लेबाज ने उसका पूरा फायदा उठाते हुए मैदान के हर कोने में बाउंड्री लगाई। पंजाब किंग्स के लिए अर्शदीप सिंह और जेवियर बार्टलेट ने एक-एक विकेट लिए, लेकिन टीम के सभी गेंदबाजों ने रन लुटाए। बार्टलेट ने चार ओवर में 69 रन दिए, जबकि विजयकुमार वैशाख ने तीन ओवर में 48 रन दिए। लक्ष्य का पीछा करते हुए प्रियांश आर्य ने पहले ही ओवर में अजमतुल्लाह उमरजई की गेंद पर छक्का जड़कर तेवर दिखाए, वहीं प्रभसिमरन ने ओवर का अंत छक्के से किया। इस जोड़ी ने मुकेश कुमार के दूसरे ओवर से 21 और अक्षर पटेल के तीसरे ओवर से 20 रन बटोरे। तीसरे ओवर के दौरान दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी के सिर और कंधे में गंभीर चोट लगने के बाद उन्हें एंबुलेंस की मदद से मैदान से बाहर ले जाया गया। प्रभसिमरन ने चौथे ओवर में तीन छक्के लगाए, जबकि आर्य ने भी इस ओवर में एक छक्का लगाकर कुल 27 रन बटोरे। इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने मुकेश कुमार के खिलाफ चौके के साथ 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने इस ओवर में छह चौके जड़े और पंजाब का स्कोर पावरप्ले में बिना किसी नुकसान के 116 रन तक पहुंचा दिया। यह मौजूदा सत्र में पंजाब किंग्स का सर्वश्रेष्ठ और आईपीएल इतिहास का दूसरा सर्वश्रेष्ठ पावरप्ले स्कोर है। अक्षर ने सातवें ओवर में आर्य को आउट कर कैपिटल्स को पहली सफलता दिलाई, जबकि कुलदीप यादव ने प्रभसिमरन को पगबाधा कर पांच गेंदों के भीतर दूसरी सफलता दिलाई। अक्षर की गेंद पर कूपर कोनोली का कैच पकड़ने के बाद मुकेश का पैर बाउंड्री से टकरा गया, जिससे यह छह रन में बदल गया, लेकिन कुलदीप ने अगले ओवर में उन्हें बोल्ड कर जीवनदान का फायदा नहीं उठाने दिया। अय्यर ने कुलदीप के खिलाफ स्क्वायर लेग के ऊपर से छक्का जड़ा।
एनगिडी की जगह कन्कशन सब्स्टिट्यूट के तौर पर मैदान पर आए विप्रज निगम ने नेहाल वढेरा को आउट कराया, लेकिन करुण नायर ने इसी ओवर में अय्यर का आसान कैच छोड़ दिया। नायर ने दो गेंद बाद कुलदीप की गेंद पर अय्यर का एक और आसान कैच टपका दिया। अय्यर ने इन दोनों जीवनदान का फायदा उठाते हुए चौका और दो छक्के लगाकर अपना अर्धशतक 26 गेंदों में पूरा किया और फिर शशांक के साथ मिलकर टीम को आसान जीत दिला दी। पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद राहुल ने शुरूआती ओवरों में समझदारी से समय लेने के बाद दूसरे ओवर में बार्टलेट का स्वागत लगातार दो चौकों से किया, लेकिन अर्शदीप की गेंद पर शशांक सिंह ने उनका आसान कैच टपका दिया। अर्शदीप ने हालांकि पथुम निसांका (11) को आउट कर पवेलियन की राह दिखाई। राहुल ने इसी ओवर में दिल्ली की पारी का पहला छक्का जड़ा, वहीं क्रीज पर आए नीतीश राणा ने मार्को यानसेन और फिर वैशाख के खिलाफ लगातार गेंदों पर चौके जड़े। राहुल ने वैशाख की फुलटॉस गेंद को दर्शकों तक पहुंचाया। पावर प्ले में एक विकेट पर 68 रन बनाने के बाद राहुल ने युजवेंद्र चहल की गेंद को लॉन्ग ऑन के ऊपर से छक्के के लिए भेजने के बाद राणा के साथ 25 गेंदों में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। राहुल ने युजवेंद्र चहल की लगातार गेंदों पर सीधे शॉट में शानदार चौके जड़े, वहीं राणा ने 12वें ओवर में बार्टलेट के खिलाफ दो छक्के और चार चौके लगाकर ओवर से 28 रन बटोरे। इस दौरान उन्होंने 29 गेंदों में अपना अर्धशतक और राहुल के साथ शतकीय साझेदारी पूरी की। राहुल ने यानसेन के खिलाफ 15वें ओवर में चौका लगाकर 47 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। आईपीएल में यह राहुल का सबसे तेज शतक है। इससे पहले उन्होंने 2018 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 56 गेंदों में अपना सबसे तेज शतक बनाया था। उन्होंने आक्रामक तेवर जारी रखते हुए वैशाख के खिलाफ काउ कॉर्नर, फाइन लेग और कवर क्षेत्र के ऊपर से लगातार तीन छक्के लगाकर ओवर से 24 रन बटोरे, जिससे कैपिटल्स का स्कोर एक विकेट पर 213 रन हो गया। चहल की गेंद पर स्टोइनिस ने राणा का बाउंड्री के पास शानदार कैच लपका, लेकिन रिप्ले में उनका पैर बाउंड्री से टकराता दिखा, जिससे यह छह रन हो गए। राहुल ने यानसेन के खिलाफ छक्का जड़कर राणा के साथ 88 गेंदों में 200 रन की साझेदारी पूरी की।
राणा ने बार्टलेट के खिलाफ लगातार गेंदों पर छक्का और चौका लगाकर शतक की ओर कदम बढ़ाए, लेकिन कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार कैच लपककर उन्हें आउट किया। राहुल ने आखिरी ओवर में अर्शदीप की गेंद को विकेटकीपर के ऊपर से चार रन के लिए भेजकर 66 गेंदों में 150 रन के आंकड़े को पार किया. -
काहिरा. वंशिका चौधरी और चिराग शर्मा ने शनिवार को यहां आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा जीत ली जिससे भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या पांच हो गई। अभी एक दिन के मुकाबले और बाकी हैं, लेकिन भारत पांच स्वर्ण, पांच रजत और चार कांस्य पदक के साथ तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है। वंशिका और चिराग की जोड़ी ने 484.3 का स्कोर किया और व्यक्तिगत तटस्थ एथलीट के तौर पर प्रतिनिधित्व कर रहे अलीकसांद्रा पियात्रोवा और मिकिता दौबाश (467.6) को पीछे छोड़ दिया। मोहिनी सिंह और हिमांशु राणा की दूसरी भारतीय जोड़ी ने 407.4 का स्कोर किया और चार टीमों के फाइनल में कांस्य पदक जीता। वंशिका और चिराग ने शनिवार सुबह 582 का स्कोर किया था और 14 टीमों के क्वालीफायर में शीर्ष पर रहे थे, जबकि मोहिनी और हिमांशु 568 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। वंशिका के लिए यह टूर्नामेंट में दूसरा स्वर्ण पदक था। इससे पहले उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल के व्यक्तिगत मुकाबले का खिताब जीता था। चिराग के लिए भी यह दूसरा पदक था, जिन्होंने इससे पहले जूनियर पुरुषों की एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीता था। इसी दिन ट्रैप पुरुषों और महिलाओं के मुकाबले भी खत्म हुए जिसमें जुहैर खान फाइनल में सातवें जबकि भव्य त्रिपाठी फाइनल में आठवें स्थान पर रहीं।
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काहिरा. भारत की प्राची गायकवाड़ ने बृहस्पतिवार को यहां महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन्स में स्वर्ण पदक जीता जबकि वंशिका चौधरी और सेजल कांबले ने महिला 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में शीर्ष दो स्थान हासिल किए जिससे यहां चल रहे आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप (राइफल/पिस्टल/शॉटगन) में भारत का पदक तालिका में दबदबा कायम रहा। बृहस्पतिवार को दो स्वर्ण के साथ भारत के प्रतियोगिता में तीन स्वर्ण हो गए हैं। इससे पूर्व पहले दिन पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल में शिव नरवाल ने स्वर्ण जीता था। इसके साथ ही भारत के कुल पदक की संख्या 11 हो गई है जिसमें तीन स्वर्ण, पांच रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। नारायण प्रणव ने भी पुरुष 10 मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक जीता।
प्राची ने फाइनल में 354.6 का स्कोर किया और व्यक्तिगत तटस्थ खिलाड़ी (एआईएन) डार्या चुप्रिस को पीछे छोड़ा जिन्होंने 354.4 का स्कोर बनाया। एक अन्य एआईएन निशानेबाज एलेना क्रेटिनिना ने 343.3 के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। इस बीच, नारायण ने अपनी स्पर्धा में 229.5 के फाइनल स्कोर के साथ कांस्य पदक हासिल किया।वंशिका ने महिलाओं के 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में 241.3 का स्कोर करके स्वर्ण पदक जीता जबकि सेजल ने 24 शॉट के बाद 239.6 के स्कोर के साथ रजत पदक हासिल किया। चीनी ताइपे की लियाओ के रोंग को 218.3 के स्कोर के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। प्राची थ्री पोजीशन्स फाइनल में पहुंचने वाली एकमात्र भारतीय थीं। उन्होंने 578 के स्कोर के साथ छठे स्थान पर क्वालीफाई किया था। पदक दौर में नीलिंग पोजीशन में पहले 10 शॉट के बाद वह पांचवें स्थान पर थी। प्रोन राउंड में शानदार प्रदर्शन के बाद वह दूसरे स्थान पर पहुंच गईं और उस समय शीर्ष पर चल रही डार्या से सिर्फ 0.6 अंक पीछे थीं। इसके बाद स्टैंडिंग के शुरुआती पांच शॉट में 50 से अधिक का स्कोर करके भारतीय निशानेबाज पहली बार बढ़त बनाने में कामयाब रहीं लेकिन डार्या ने अगली सीरीज में 51.0 का स्कोर करके पलटवार किया। इस बीच कुछ निशाने 10 अंक से चूकने के कारण प्राची कुछ समय के लिए तीसरे स्थान पर खिसक गईं जिससे पांच शॉट बाकी रहते हुए मुकाबला काफी रोमांचक हो गया। प्राची ने चार बार 10 अंक के रिंग पर निशाना लगाया और डार्या को सिर्फ 0.2 अंक के मामूली अंतर से पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता। जूनियर पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में तीन भारतीय खिलाड़ियों ने फाइनल में जगह बनाई। क्वालीफाइंग में नारायण प्रणव 630.9 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे और कांस्य पदक जीता। अभिनव शॉ 630.0 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे जबकि दिव्यांशु देवांगन ने 626.8 अंक के साथ सातवां स्थान हासिल किया। फाइनल में दिव्यांशु सबसे पहले बाहर होने वाले खिलाड़ी बने। उनका 24 शॉट के फाइनल में 12 शॉट के बाद स्कोर 122.4 था और वह आठवें स्थान पर रहे। इसके बाद अभिनव भी दौड़ से बाहर हो गए। नारायण ने कांस्य पदक जीता। वह 22वें शॉट के बाद साइप्रस के एचिलियास सोफोक्लियस से केवल 0.4 अंक से पीछे रह गए। उज्बेकिस्तान के जावोहिर सोखिबोव ने 251.2 अंक के साथ आसानी से स्वर्ण पदक जीत लिया। वह सोफोक्लियस से एक अंक आगे रहे। दूसरी तरफ वंशिका और सेजल के अलावा कनक ने भी जूनियर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई। उन्होंने क्रमशः 579, 577 और 576 अंक हासिल किए जिससे वे तालिका में शीर्ष तीन स्थानों पर रहीं। -
नयी दिल्ली. अजीत अगरकर सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे क्योंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने 2027 एकदिवसीय विश्व कप को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक और साल का अनुबंध देने का फैसला किया है। अगरकर की अध्यक्षता में अक्टूबर 2023 से मार्च 2026 के बीच चुनी गई भारतीय टीम चार आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची और इसमें से तीन में टीम ने खिताब जीता। भारत इस दौरान दो टी20 विश्व कप और एक बार आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने में सफल रहा और यह पहले से ही लगभग तय था कि उनका अनुबंध चौथे साल के लिए बढ़ाया जाएगा। बीसीसीआई के एक वरिष्ठ सूत्र ने पीटीआई को बताया, ''अगरकर ने सेवा विस्तार नहीं मांगा था। एक चयनकर्ता जूनियर या सीनियर चयन समिति में चार साल तक और दोनों समितियों में मिलाकर कुल पांच साल तक काम कर सकता है इसलिए अजीत को नया अनुबंध दिया गया है, उसमें विस्तार नहीं किया गया।'' अगरकर के करीबी सूत्रों ने हमेशा यही कहा कि वह खुद अनुबंध बढ़वाने की मांग करने की जगह फैसला करने वालों को अपनी समिति के प्रदर्शन का आकलन करने देना अधिक पसंद करते हैं। पचास ओवर के विश्व कप से पहले निरंतरता बनाए रखना बोर्ड के इस फैसले के पीछे के मुख्य कारणों में से एक है। अपने कार्यकाल के दौरान समिति ने कई कड़े फैसले किए हैं जिनमें विराट कोहली और रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की प्रक्रिया को देखना और सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर करना शामिल है। समिति ने एक साहसिक चयन फैसला भी लिया जिसमें टेस्ट और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय कप्तान शुभमन गिल को टी20 विश्व कप टीम से बाहर कर दिया गया और उनकी जगह फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी इशान किशन को टीम में शामिल किया गया।




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