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- मुंबई. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के यूपीआई मंच की क्रेडिट कार्ड से जुड़ी सुविधा में वृद्धि देखी जा रही है। इसमें एक महीने में लगभग 10,000 करोड़ रुपये का लेनदेन हो रहा है। एनपीसीआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक दिलीप अस्बे ने यहां संवाददाताओं से यह भी कहा कि यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) पर पहले से स्वीकृत कर्ज सुविधा भी जोर पकड़ रही है और हर महीने इसके माध्यम से 200 करोड़ रुपये तक वितरित किये जा रहे हैं। एनपीसीआई ने नवंबर, 2022 में क्रेडिट कार्ड सुविधा शुरू की। इसके तहत एक उपयोगकर्ता अपने क्रेडिट कार्ड को ऐप से जोड़ सकता है। इससे सभी मासिक भुगतान क्रेडिट कार्ड बिल में जुड़ जाते हैं। कई कर्जदाता अब क्रेडिट कार्ड सुविधाएं दे रहे हैं। अस्बे ने कहा कि यूपीआई पर पहले से स्वीकृत ‘क्रेडिट लिमिट' (कर्ज सीमा) सुविधा की बात आती है तो आईसीआईसीआई बैंक अग्रणी है। लगभग आधा दर्जन बैंकों ने अपने ग्राहकों के लिए यह सुविधा शुरू की है। यह बात ऐसे समय सामने आई है जब क्रेडिट कार्ड और व्यक्तिगत ऋण जैसे असुरक्षित माने जाने कर्ज में तेजी से वृद्धि पर चिंता जतायी जा रही है। यूपीआई व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला मंच है। इसमें जुलाई में 46.6 करोड़ लेनदेन हुए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) का उद्देश्य यूपीआई के साथ प्रतिस्पर्धा करना नहीं है। सीबीडीसी में ऐसी कई विशेषताएं हैं जो भारत के लिए बहुत उपयोगी साबित होंगी।
- नयी दिल्ली. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को संसद में कहा कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ‘यूपीआई' की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए विभिन्न पहल कर रहे हैं। यूपीआई अभी सात देशों में शुरू हो चुका है। उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा में कहा कि आरबीआई के भुगतान दृष्टिकोण पत्र 2025 में ‘यूपीआई' और रुपे कार्ड की वैश्विक पहुंच बढ़ाने को अंतरराष्ट्रीयकरण स्तंभ के तहत प्रमुख उद्देश्यों में से एक के रूप में रेखांकित किया गया है। मंत्री ने कहा, "सरकार आरबीआई के साथ मिलकर यूपीआई की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए समय-समय पर विभिन्न पहल कर रही है। यूपीआई की पहुंच बढ़ाने के लिए आरबीआई विभिन्न संबंधित पक्षों (विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंक, विश्व बैंक और अन्य संस्थान) के साथ सहयोग कर रहा है।'' उन्होंने कहा कि इन ठोस प्रयासों से ‘एकीकृत भुगतान इंटरफेस' (यूपीआई) सात देशों- भूटान, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), फ्रांस, मॉरीशस, श्रीलंका और नेपाल में उपलब्ध है। चौधरी ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) समय-समय पर रुपे कार्ड को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहल कर रहे हैं, जिसमें विभिन्न शहरों में इसकी पहुंच बढ़ाना भी शामिल है।
- नयी दिल्ली। एअर इंडिया ने बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच मंगलवार को दिल्ली से ढाका के लिए अपनी सुबह की उड़ान रद्द कर दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इंडिगो और विस्तारा ने बांग्लादेश की राजधानी के लिए मंगलवार की अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। विस्तारा मुंबई से ढाका के लिए दैनिक उड़ानों का संचालन करती है। कंपनी दिल्ली से ढाका के बीच तीन साप्ताहिक उड़ान सेवाएं भी उपलब्ध कराती है। एअर इंडिया के एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि कंपनी ने ढाका के लिए अपनी सुबह की उड़ान रद्द कर दी है । समयसारिणी के अनुसार, एअर इंडिया दिल्ली से ढाका के बीच रोज दो उड़ानें संचालित करती है।एअर इंडिया ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा था, “बांग्लादेश में उभरती स्थिति को देखते हुए, हमने ढाका जाने और वहां से आने वाली अपनी उड़ानों के निर्धारित परिचालन को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।” उसने कहा था, “हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और ढाका से आने-जाने के लिए कन्फर्म टिकट वाले अपने यात्रियों को सहायता प्रदान कर रहे हैं, जिसमें पुनर्निर्धारण और रद्दीकरण शुल्क पर एकमुश्त छूट शामिल है।” कंपनी ने कहा था, “यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
- नयी दिल्ली. देश में उभरते मधुमक्खीपालन उद्योग के समक्ष ‘ऑफसीजन' के दौरान फूलों की उपलब्धता की चुनौती से निपटने और मधुमक्खीपालन को बेरोकटोक जारी रखने के लिए कनफेडेरशन ऑफ़ एपीकल्चर इंडस्ट्री (सीएआई) ने सरकार से खाली सरकारी जमीन पर ऐसे पौधों एवं वृक्षों की रोपाई की मांग की जिससे मधुमक्खियों को पूरे साल फूलों की उपलब्धता हो सके। सीएआई के अध्यक्ष देवव्रत शर्मा ने बताया, ‘‘सीएआई, सरकार से, सड़कों के किनारे, रेलवे के अलावा खाली सरकारी जमीनों व नहरों के किनारे ऐसे फूल देने वाले पौधों की लगाने की कराने की मांग करती है जिससे मधुमक्खियों को पूरे साल फूलों की कमी न हो।'' सीएआई ने आज हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नौणी स्थित डॉ. वाई.एस. परमार विश्वविद्यालय में ऑफसीजन के दौरान मधुमक्खियों के लिए फूलों की उपलब्धता बढ़ाने के बारे में जागरूकता अभियान के तहत एक सेमिनार का आयोजन किया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में मधुमक्खी-फ्लोरा का पौधरोपण किया गया और प्रतिभागियों के बीच मधुमक्खी-फ्लोरा का वितरण किया गया। शर्मा ने बताया कि मधुमक्खियों का ऑफसीजन अप्रैल से लेकर लगभग अक्टूबर महीने तक का होता है। पहले यह ऑफसीजन चार महीने का होता है पर सड़क एवं नहरों के किनारे के युक्लिप्टस के कटने से यह लगभग सात आठ महीने का हो चला है। पहले युकिलिप्टस से मधुमक्खियों को नेक्टर (पुष्प-रस) मिलता था लेकिन अब इस कमी के दूर करने के लिए आंवला, नींबू, बेर, जामुन, कटहल, नीम, शीशम, करी पत्ता के पेड़ जैसे पौधों को लगाने पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। शर्मा ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी) के तहत आने वाली ‘बी डेवलपमेंट कमेटी' ने भी ऐसी सिफारिश की है। सीएआई ने इस संदर्भ में सड़क परिवहन एवं रेल व ग्रामीण विकास मंत्रालय को भी पत्र लिखा है कि वे कृषि उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने वाले मधुमक्खीपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए अपनी खाली जमीनों पर मधुमक्खी अनुकूल वृक्ष एवं पौधे लगवाएं।'' सीएआई की सोलन के डॉ. वाई.एस. परमार विश्वविद्यालय में आयोजित बैठक में मधुमक्खीपालन उद्योग के प्रमुख अंशधारक, विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए। सेमिनार का उद्घाटन विश्वविद्यालय के निदेशक अनुसंधान, डॉ. एस.के चौहान ने किया। उन्होंने आजीविका और कृषि उत्पादकता के लिए मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। शर्मा ने कहा, ‘‘देश में सालाना करीब 1,80,000 टन शहद का उत्पादन होता है जिसमें से 1,50,000 टन शहद किसानों द्वारा किये जाने वाले मधुमक्खीपालन से प्राप्त होता है और करीब 30,000 टन शहद जंगलों में लगे मधुमक्खियों के छत्तों से मिलता है। किसानों द्वारा उत्पादित शहद में से लगभग आधे हिस्से का निर्यात किया जाता है और घरेलू खपत करीब 75,000 टन की है। शहद के निर्यात से देश को सालाना औसतन करीब 1,250-1,500 करोड़ रुपयों की प्राप्ति होती है। निर्यात के लिए सबसे अधिक मांग सरसों फूल से बने शहद की है क्योंकि इसमें सबसे अधिक औषधियों गुण पाये जाते हैं।'' सेमिनार के दौरान दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए और विभिन्न विषयों जैसे मधुमक्खी रोग, मधुमक्खी प्रबंधन, मधुमक्खी उत्पाद और विपणन मुद्दों पर विश्वविद्यालय, राज्य बागवानी विभाग और सीएआई के अधिकारियों द्वारा व्याख्यान दिए गए। इस बैठक का उद्देश्य उद्योग के सामने आने वाली चुनौतियों को हल करना, विकास के अवसरों का पता लगाना था।
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नई दिल्ली। भारत की बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी ने सोमवार को कहा कि बांग्लादेश का उसका ऑफिस 7 अगस्त तक बंद रहेगा। खबरों के मुताबिक, बांग्लादेश के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षाकर्मियों और सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच पिछले दो दिनों में हुई हिंसक झड़पों में 100 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
एलआईसी ने बताया कि बांग्लादेश में चल रहे प्रदर्शन और हिंसा की वजह से वहां का उनका ऑफिस 5 अगस्त से 7 अगस्त तक बंद रहेगा। बांग्लादेश की सरकार ने भी इन दिनों के लिए कर्फ्यू लगा दिया है। ये प्रदर्शन पिछले महीने नौकरियों में कोटे को लेकर शुरू हुए थे, लेकिन अब ये सरकार विरोध में तब्दील हो गए हैं। इस सबके चलते एलआईसी के शेयरों में भी गिरावट आई है। ये आज 6.10% गिरकर 1110 रुपये पर बंद हुए। -
नई दिल्ली। खरीफ फसलों की बोआई में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। चालू सीजन में अब तक खरीफ फसलों की बोआई 900 लाख हेक्टेयर पार कर गई है। दलहन, तिलहन, मोटे अनाज की बोआई में इजाफा हुआ है। पिछले सप्ताह तक बोआई में पिछड़ने वाली इस सीजन की सबसे बड़ी फसल धान की बोआई में अब बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि कपास का रकबा घटा है।
2024 में कितनी हुई खरीफ फसलों की बोआई?कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2 अगस्त तक 904.60 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बोआई हो चुकी है, जो पिछले साल की समान अवधि में 879.22 लाख हेक्टेयर में हुई बोआई से 2.88 फीसदी अधिक है। इस सप्ताह धान की बोआई में सुधार देखने को मिला है। अब तक 276.91 लाख हेक्टेयर में धान बोया जा चुका है, जो पिछले सीजन की समान अवधि में 263.01 लाख हेक्टेयर में बोये गए धान 5.28 फीसदी ज्यादा है। पिछले सप्ताह तक इसकी बोआई में गिरावट देखी गई। इस साल कपास की बोआई 8.25 फीसदी घटकर 108.43 लाख हेक्टेयर रह गई।कितना रहा दलहन फसलों का रकबा?चालू खरीफ सीजन में 2 अगस्त तक दलहन फसलों का रकबा 110.61 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, जो पिछली समान अवधि के रकबा 99.71 लाख हेक्टेयर से 10.93 फीसदी अधिक है। अरहर की बोआई पिछले साल के 33.27 लाख हेक्टेयर से करीब 26 फीसदी बढ़कर 41.89 लाख हेक्टेयर और मूंग की 28.15 लाख हेक्टेयर से करीब 12 फीसदी बढ़कर 31.62 लाख हेक्टेयर हो गई, जबकि उड़द की बोआई पिछले साल के 26.21 लाख हेक्टेयर से मामूली घटकर 25.96 लाख हेक्टेयर रह गई।तिलहन फसलों की बोआई में कितना हुआ इजाफा?चालू खरीफ सीजन में अब तक 179.69 लाख हेक्टेयर में तिलहन फसलें बोई जा चुकी हैं, जो पिछले साल इसी अवधि में 174.53 लाख हेक्टेयर में बोई गई तिलहन फसलों से करीब 3 फीसदी ज्यादा है। इस दौरान इस सीजन की सबसे बड़ी तिलहन फसल सोयाबीन का रकबा 123.77 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, पिछली समान अवधि में यह आंकड़ा 120.51 लाख हेक्टेयर था। इस सीजन में मूंगफली का रकबा पिछले साल के 39.20 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 44.06 लाख हेक्टेयर हो गया। तिल का रकबा पिछले साल के 10.07 लाख हेक्टेयर से घटकर 9.51 लाख हेक्टेयर रह गया।मोटे अनाजों की कितनी हुई बोआई?सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2 अगस्त तक मोटे अनाजों की 165.59 लाख हेक्टेयर में बोआई हो चुकी है, जो पिछले साल की समान अवधि में 160.38 लाख हेक्टेयर में हुई बोआई से 3.25 फीसदी ज्यादा है। मोटे अनाजों में मक्का का रकबा 10.31 फीसदी बढ़कर 82.25 लाख हेक्टेयर हो गया। हालांकि इस साल मोटे अनाजों में मक्का के बाद दूसरी बड़ी फसल बाजरा की बोआई करीब 5 फीसदी घटकर 62.70 लाख हेक्टेयर रह गई। -
नई दिल्ली। आयकर विभाग ने शुक्रवार को कहा कि 31 जुलाई की निर्धारित समयसीमा तक रिकॉर्ड 7.28 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए गए, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 7.5 प्रतिशत अधिक है। कर विभाग ने एक बयान में कहा कि आकलन वर्ष 2024-25 के लिए रिकॉर्ड 7.28 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए गए हैं। पिछले साल 6.77 करोड़ आईटीआर दाखिल किए गए थे।
विभाग के बयान के मुताबिक, ”आकलन वर्ष 2024-25 के लिए दाखिल किए गए कुल 7.28 करोड़ आईटीआर में से नयी कर व्यवस्था के तहत 5.27 करोड़ रिटर्न दाखिल किए गए हैं। वहीं पुरानी कर व्यवस्था में दाखिल रिटर्न की संख्या 2.01 करोड़ है।”इस प्रकार, लगभग 72 प्रतिशत करदाताओं ने नई कर व्यवस्था को चुना है, जबकि 28 प्रतिशत करदाता पुरानी कर व्यवस्था में बने हुए हैं। वेतनभोगी करदाताओं और अन्य गैर-कर लेखा परीक्षा मामलों के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई, 2024 थी। इस समयसीमा के अंतिम दिन यानी 31 जुलाई को 69.92 लाख से अधिक रिटर्न दाखिल किए गए।पहली बार रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या 58.57 लाख थी, जो कर आधार के विस्तार का एक अच्छा संकेत है। ऐतिहासिक रूप से पहली बार आईटीआर (आईटीआर-1, आईटीआर-2, आईटीआर-4, आईटीआर-6) को वित्त वर्ष के पहले दिन यानी एक अप्रैल, 2024 को ही विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया था।वित्त वर्ष 2023-24 में अर्जित आय के लिए दाखिल 7.28 करोड़ आईटीआर में से 45.77 प्रतिशत रिटर्न आईटीआर-1 (3.34 करोड़), 14.93 प्रतिशत आईटीआर-2 (1.09 करोड़), 12.5 प्रतिशत आईटीआर-3 (91.10 लाख), 25.77 प्रतिशत आईटीआर-4 (1.88 करोड़) और 1.03 प्रतिशत आईटीआर-5 से आईटीआर-7 तक (7.48 लाख) हैं।इसमें से 43.82 प्रतिशत से अधिक आईटीआर ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन आईटीआर का उपयोग करके दाखिल किए गए हैं और बाकी ऑफलाइन आईटीआर का उपयोग करके दाखिल किए गए हैं। इस दौरान ई-फाइलिंग पोर्टल ने अंतिम समय में रिटर्न दाखिल करने वालों की भारी भीड़ को सफलतापूर्वक संभाल लिया। इससे करदाताओं को आईटीआर दाखिल करने का सहज अनुभव मिला।अकेले 31 जुलाई, 2024 को ही सफल लॉगिन 3.2 करोड़ थे। बयान के मुताबिक, अगर कोई रिफंड जारी होना है, तो आईटीआर का प्रसंस्करण शुरू करने और रिफंड जारी करने के लिए ई-सत्यापन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है।उल्लेखनीय है कि 6.21 करोड़ से अधिक आईटीआर ई-सत्यापित किए जा चुके हैं, जिनमें से 5.81 करोड़ से अधिक आधार-आधारित ओटीपी (93.56 प्रतिशत) के जरिए सत्यापित किए गए। ई-फाइलिंग सहायता दल ने 31 जुलाई तक करदाताओं के लगभग 10.64 लाख सवालों को सुना और उनकी उचित मदद की।बयान में आईटीआर और फॉर्म दाखिल करने में समर्थन के लिए कर पेशेवरों और करदाताओं के प्रति आभार जताते हुए कहा गया कि आईटीआर दाखिल करने के 30 दिनों के भीतर अपने असत्यापित आईटीआर का सत्यापन कर लें।विभाग ने कहा कि जो करदाता किसी वजह से नियत तिथि के भीतर अपना आईटीआर दाखिल करने से चूक गए थे, वे इसे जल्द पूरा करें। -
नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक ने सभी अवधि के लिए सीमांत निधि लागत आधारित ऋण दर (एमसीएलआर) में 0.05 प्रतिशत या पांच आधार अंकों की बृहस्पतिवार को वृद्धि की, जिससे अधिकतर उपभोक्ता ऋण महंगे हो गए। पीएनबी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि एक साल की अवधि के लिए मानक एमसीएलआर अब 8.90 प्रतिशत होगी, जो पहले 8.85 प्रतिशत थी। इसका इस्तेमाल मोटर वाहन तथा व्यक्तिगत जैसे अधिकतर उपभोक्ता ऋणों के मूल्यांकन में किया जाता है। तीन वर्ष की एमसीएलआर पांच आधार अंक बढ़कर 9.20 प्रतिशत हो गई है। अन्य के अलावा एक माह, तीन माह और छह माह की अवधि के लिए ब्याज दर 8.35-8.55 प्रतिशत के दायरे में होगी। एक दिवसीय अवधि के लिए एमसीएलआर 8.25 प्रतिशत के स्थान पर 8.30 प्रतिशत होगी। नई दरें एक अगस्त 2024 से प्रभावी हो गईं।
बैंक ऑफ इंडिया ने भी एक वर्ष की अवधि के लिए एमसीएलआर में 0.05 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 8.95 प्रतिशत करने की बुधवार को घोषणा की थी। हालांकि, शेष अवधि के लिए दरें यथावत हैं।
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मुंबई. स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी का सिलसिला जारी रहा और सेंसेक्स 126 अंक चढ़कर नये शिखर पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी भी पहली बार 25,000 अंक के स्तर को पार कर गया। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में बैंक और पेट्रोलियम कंपनियों के शेयरों में तेजी से बाजार में मजबूती रही।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 126.21 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ अपने अबतक के उच्चतम स्तर 81,867.55 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 388.15 अंक की बढ़त के साथ 82,129.49 अंक तक चला गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 59.75 अंक यानी 0.24 प्रतिशत की तेजी के साथ नये शिखर 25,010.90 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 127.15 अंक की बढ़त के साथ 25,078.30 अंक पर पहुंच गया था। सेंसेक्स के शेयरों में पावर ग्रिड, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, नेस्ले इंडिया, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन, मारुति सुजुकी इंडिया और रिलायंस इंडस्ट्रीज प्रमुख रूप से लाभ में रहे। इसके उलट, नुकसान में रहने वाले शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, भारतीय स्टेट बैंक, लार्सन एंड टुब्रो और टाटा मोटर्स शामिल हैं। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘फेडरल रिजर्व के प्रमुख के मुद्रास्फीतिक दबाव में कमी के कारण सितंबर में नीतिगत दर में कटौती पर विचार के संकेत से बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा।'' उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाला मिडकैप और स्मॉलकैप में गिरावट रही। इसका कारण पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल के दाम में तेजी है।'' बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.70 प्रतिशत और मिडकैप 0.80 प्रतिशत नीचे आया। कारोबार के दौरान बीएसई मिडकैप रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। एचडीएफसी सिक्योरिटरज के खुदरा शोध मामलों में उप-प्रमुख देवर्ष वकील ने कहा, ‘‘घरेलू शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन तेजी रही। अमेरिकी बाजार में सकारात्मक रुख के साथ भारतीय बाजार मजबूत खुला। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) के प्रमुख जेरोम पावेल ने कहा कि सितंबर में नीतिगत दर में कटौती की संभावना है। इससे बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा।'' वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.98 प्रतिशत बढ़कर 81.63 डॉलर प्रति बैरल रहा।
एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट का का रुख रहा। अमेरिकी बाजार बुधवार को लाभ में रहे थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बुधवार को पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने 3,462.36 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। -
नई दिल्ली। आज के समय में कार चालकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और इसके साथ ही फास्टैग का उपयोग भी अत्यावश्यक हो गया है। फास्टैग न होने की स्थिति में टोल प्लाजा पर अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने फास्टैग के लिए नए नियम लागू किए हैं, जो 1 अगस्त यानी आज से प्रभावी हो गए हैं। इन नए नियमों के तहत, फास्टैग की केवाईसी (KYC) कराना अनिवार्य हो गया है। विशेष रूप से वे फास्टैग जो तीन साल पुराने हैं, उनकी KYC करवानी जरूरी है।यदि आपने अब तक फास्टैग की केवाईसी नहीं कराई है, तो यहां जानें कि आप इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन कैसे कर सकते हैं।
फास्टैग KYC के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स:पासपोर्टवोटर आईडीआधार कार्डड्राइविंग लाइसेंसपैन कार्डNREGA जॉब कार्डवाहन की RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट)ऑनलाइन KYC कराने का तरीका:IHMCL फास्टैग पोर्टल पर जाएं।अपने मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन करें।“My Profile” पर क्लिक करें।KYC स्टेटस चेक करें।“KYC” टैब पर क्लिक करें और कस्टमर टाइप चुनें।ID प्रूफ, एड्रेस समेत आवश्यक विवरण भरें।ऑफलाइन भी कर सकते हैं FASTag KYC अपडेटRBI की गाइडलाइंस के अनुसार, FASTag KYC को ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी अपडेट किया जा सकता है। इसके लिए आपको फास्टैग जारी करने वाले बैंक से संपर्क करना होगा। बैंक शाखा में जाकर एप्लिकेशन फॉर्म भरें और KYC डॉक्यूमेंट्स समिट करें। इसके बाद बैंक आपके फास्टैग अकाउंट में डिटेल्स अपडेट कर देगा।किसे करानी है FASTag KYC अपडेटजिन लोगों का FASTag 3 साल पुराना है, उन्हें KYC अपडेट कराना अनिवार्य है। वहीं, जिनका FASTag 5 साल पुराना हो गया है, उन्हें इसे बदलना होगा। इसके अलावा, कुछ अन्य नियम भी आज से लागू हो गए हैं। -
नई दिल्ली। पब्लिक सेक्टर के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने सभी अवधि के लिए सीमांत निधि लागत आधारित ऋण दर (MCLR) में 0.05 प्रतिशत या पांच आधार अंकों की गुरुवार को वृद्धि की, जिससे अधिकतर कंज्यूमर लोन महंगे हो गए।पीएनबी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि एक साल की अवधि के लिए मानक एमसीएलआर अब 8.90 प्रतिशत होगी, जो पहले 8.85 प्रतिशत थी। इसका इस्तेमाल मोटर वाहन तथा व्यक्तिगत जैसे अधिकतर उपभोक्ता ऋणों के मूल्यांकन में किया जाता है।तीन वर्ष की एमसीएलआर पांच आधार अंक बढ़कर 9.20 प्रतिशत हो गई है। अन्य के अलावा एक माह, तीन माह और छह माह की अवधि के लिए ब्याज दर 8.35-8.55 प्रतिशत के दायरे में होगी। एक दिवसीय अवधि के लिए एमसीएलआर 8.25 प्रतिशत के स्थान पर 8.30 प्रतिशत होगी। नई दरें एक अगस्त 2024 से प्रभावी हो गईं। बैंक ऑफ इंडिया ने भी एक वर्ष की अवधि के लिए एमसीएलआर में 0.05 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 8.95 प्रतिशत करने की बुधवार को घोषणा की थी। हालांकि, शेष अवधि के लिए दरें यथावत हैं।
- नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने आयकर विभाग के प्रशासनिक निकाय - केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) में दो नए सदस्यों की नियुक्ति की है। रमेश नारायण पर्वत और प्रबोध सेठ 1989 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी हैं। वित्त मंत्रालय ने 30 जुलाई को उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया था।पर्वत लखनऊ में आयकर जांच के महानिदेशक के पद पर तैनात हैं, जबकि सेठ दिल्ली में आयकर (अंतरराष्ट्रीय कराधान) के मुख्य आयुक्त के पद पर तैनात हैं। सीबीडीटी का नेतृत्व एक अध्यक्ष करता है और इसमें छह सदस्य हो सकते हैं जो विशेष सचिव के पद पर होते हैं। सीबीडीटी के अध्यक्ष रवि अग्रवाल के अलावा, बोर्ड में अन्य सेवारत सदस्य प्रज्ञा सहाय सक्सेना, एचबीएस गिल, प्रवीण कुमार और संजय कुमार हैं।
- मुंबई. भारत के डेयरी उद्योग को चालू वित्त वर्ष में 13-14 प्रतिशत की स्वस्थ राजस्व वृद्धि देखने को मिलेगी। बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि उपभोक्ता मांग के साथ-साथ कच्चे दूध की बेहतर आपूर्ति जारी है, जिससे डेयरी उद्योग बेहतर तरीके से आगे बढ़ेगा। क्रिसिल रेटिंग्स ने एक रिपोर्ट में कहा कि जहां मूल्य वर्धित उत्पादों (वीएपी) की बढ़ती खपत से मांग को समर्थन मिलेगा, वहीं अच्छे मानसून की संभावनाओं से पर्याप्त दूध की आपूर्ति को बढ़ावा मिलेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे दूध की आपूर्ति में वृद्धि से डेयरी कंपनियों के लिए कार्यशील पूंजी की आवश्यकता भी बढ़ेगी। हालांकि, अगले दो वित्त वर्षों में संगठित डेयरियों द्वारा जारी पूंजीगत व्यय के कारण ऋण का स्तर बढ़ेगा, लेकिन मजबूत बही-खाते की वजह से चीजें स्थिर रहेंगी। क्रिसिल ने रिपोर्ट में कहा है कि दूध खरीद की स्थिर कीमतें डेयरियों की लाभप्रदता के लिए शुभ संकेत हैं, और इस वित्त वर्ष में उनकी परिचालन लाभप्रदता में 0.40 प्रतिशत का सुधार होने की उम्मीद है और यह छह प्रतिशत पर पहुंच जाएगी।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से जीवन बीमा एवं चिकित्सा बीमा के प्रीमियम पर 18 प्रतिशत की दर से लागू माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को हटाने का अनुरोध किया है। विपक्ष के कई नेताओं ने भी गडकरी की इस मांग का समर्थन किया है।वित्त मंत्री को लिखे पत्र में गडकरी ने नागपुर मंडल जीवन बीमा निगम कर्मचारी संघ की चिंताओं को उठाया, जिसने बीमा उद्योग के मुद्दों से संबंधित एक ज्ञापन उन्हें सौंपा था। गडकरी ने इस ज्ञापन का हवाला देते हुए पत्र में कहा, ‘‘जीवन बीमा प्रीमियम पर जीएसटी लगाना जिंदगी की अनिश्चितताओं पर कर लगाने के समान है। कर्मचारी संघ का मानना है कि जो व्यक्ति अपने परिवार को सुरक्षा देने के लिए जीवन की अनिश्चितताओं के जोखिम को ‘कवर' करता है, उससे ‘कवर' खरीदने के लिए प्रीमियम पर कर नहीं लेना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि कर्मचारी संघ का मुख्य मुद्दा जीवन तथा चिकित्सा बीमा प्रीमियम पर जीएसटी को हटाने से संबंधित है। जीवन बीमा और चिकित्सा बीमा प्रीमियम दोनों पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगता है।उन्होंने कहा, ‘‘इसी तरह चिकित्सा बीमा प्रीमियम पर 18 प्रतिशत जीएसटी इस व्यवसाय खंड के विकास में बाधक साबित हो रहा है, जो सामाजिक रूप से आवश्यक है।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए आपसे अनुरोध है कि जीवन तथा चिकित्सा बीमा प्रीमियम पर जीएसटी हटाने के सुझाव पर प्राथमिकता से विचार करें, क्योंकि नियमों के अनुरूप उचित सत्यापन के बाद वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह बोझिल हो जाएगा।'' इस बीच, कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने इस बात पर खुशी जताई कि गडकरी ने वित्त मंत्री से बीमा पर जीएसटी हटाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि बजट पर चर्चा के दौरान उन्होंने भी यही सुझाव दिया था। चिदंबरम ने कहा, ‘‘मुझे बहुत खुशी है कि गडकरी ने मेरी उस मांग का समर्थन किया है। मैंने सदन में स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर लगाए गए 18 प्रतिशत जीएसटी को हटाने की मांग की थी।'' चिदंबरम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लोकसभा में मंगलवार को दिए गए अपने भाषण का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने बीमा पर जीएसटी हटाने की मांग की थी। समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव कुमार राय ने भी मांग का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार में वरिष्ठ मंत्री होने के बावजूद गडकरी को इस मुद्दे पर वित्त मंत्री को पत्र लिखना पड़ा, जो सरकार के ‘निरंकुश' रवैये का संकेत है। राय ने कहा, ‘‘बीमा प्रीमियम पर जीएसटी खत्म किया जाना चाहिए। यह हमारी लंबे समय से मांग रही है। हम नितिन गडकरी की मांग का समर्थन करते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘इससे यह भी साबित होता है कि यह सरकार बजट बनाते समय अपने वरिष्ठ मंत्रियों से सलाह नहीं लेती है। गडकरी सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में से एक हैं, (फिर भी) उन्हें पत्र लिखना पड़ा। यह सरकार के निरंकुश रवैये को दर्शाता है।'' राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद ए डी सिंह ने मांग का समर्थन करते हुए कहा, ‘‘स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी समाप्त किया जाना चाहिए। गडकरी ने अपने हिसाब से उचित सुझाव दिया है। वित्त मंत्री को देखना चाहिए कि इससे लोगों को कितना फायदा होगा।'' मांग का समर्थन करते हुए शिवसेना (यूबीटी) सांसद अनिल देसाई ने कहा कि उन्होंने बजट पर बहस के दौरान अपने भाषण में भी इस मुद्दे को उठाया था।
- नयी दिल्ली. वित्त वर्ष 2023-24 में अर्जित आय के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने के आखिरी दिन बुधवार शाम सात बजे तक सात करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल किए गए हैं। आयकर विभाग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा है, ‘‘अबतक (31 जुलाई) सात करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं। इनमें से 50 लाख से ज्यादा आईटीआर आज शाम सात बजे तक दाखिल किए गए हैं।'' जिन करदाताओं को अपने खातों का ऑडिट नहीं कराना है उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। 31 जुलाई, 2023 तक आकलन वर्ष 2023-24 (वित्त वर्ष 2022-23) के लिए दाखिल किए गए आईटीआर की कुल संख्या 6.77 करोड़ से अधिक थी। 31 जुलाई, 2023 को 64.33 लाख से अधिक आईटीआर दाखिल किए गए थे। आयकर विभाग ने कहा कि आईटीआर दाखिल करने, कर भुगतान और अन्य संबंधित सेवाओं के लिए करदाताओं की सहायता को हमारा हेल्पडेस्क चौबीसों घंटे सातों दिन के आधार पर काम कर रहा है और हम कॉल, लाइव चैट, वेबएक्स सत्र और ‘एक्स' के माध्यम से सहायता प्रदान कर रहे हैं।
- नयी दिल्ली. संजय शुक्ला ने राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) के प्रबंध निदेशक का पदभार संभाल लिया है। बैंक ने मंगलवार को कहा कि इसके लिए सरकार की मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रीय आवास बैंक ने बयान में कहा कि इससे पहले शुक्ला ने अक्टूबर, 2016 से सेंट्रम हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (सीएचएफएल) के प्रबंध निदेशक और सीईओ के रूप में कार्य किया। बयान में कहा गया है कि शुक्ला एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, जिन्हें आवास और खुदरा परिसंपत्ति वित्त में 30 से अधिक साल का व्यापक अनुभव है। उनके पास वित्तीय संस्थानों का नेतृत्व करने का अनुभव है। उन्होंने वर्ष 1991 में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड में एक अधिकारी के रूप में अपना करियर शुरू किया था।
- नयी दिल्ली। भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल ने कहा है कि 2047 तक 35,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर भारत के कदम एयरटेल को जबर्दस्त वृद्धि के अवसर तथा कारोबार के नए रास्ते उपलब्ध कराएंगे। मित्तल ने कहा कि 5जी भारत के डिजिटल परिदृश्य की जीवंत वृद्धि को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एयरटेल इस क्षेत्र में अग्रणी रहने के लिए प्रतिबद्ध है और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए नीति-निर्माताओं तथा विभिन्न हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रही है। भारत द्वारा डिजिटलीकरण पर जोर दिए जाने के कारण सार्वजनिक सेवाओं तथा वस्तुओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के मामले में यह अन्य देशों से अलग है...दूरसंचार उद्योग का महत्व और अधिक बढ़ने की संभावना है। मित्तल ने कंपनी की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट में कहा, ‘‘ भारत 2047 तक 35,000 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, आपकी कंपनी के पास वृद्धि और व्यापार के नए रास्ते के लिए जबर्दस्त अवसर होंगे।'' एयरटेल के प्रमुख ने विश्वास व्यक्त किया कि कंपनी भारत की डिजिटल बदलाव यात्रा में अग्रणी बनकर नई उपलब्धियां हासिल करती रहेगी। मित्तल ने साथ ही कहा, ‘‘ भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था आज देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में करीब 11 प्रतिशत का योगदान देती है, जो यह सुनिश्चित करने में निजी क्षेत्र सहित विभिन्न हितधारकों की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है कि भारत तीव्र गति से 1,000 अरब डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था के अपने लक्ष्य को प्राप्त करे।'' भारतीय अर्थव्यवस्था ने 8.2 प्रतिशत की स्थिर वृद्धि दर्ज की, जो कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से आगे रही तथा विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का दर्जा बरकरार रखा। उन्होंने कहा, ‘‘ प्रगतिशील सुधारों की मजबूत नींव, घरेलू मांग तथा बुनियादी ढांचे पर खर्च को बढ़ावा देने के साथ व्यापार को बढ़ावा मिलने से देश की वृद्धि में वैश्विक चुनौतियों से निपटने में केंद्रीय बैंक की ओर से कुशल व ठोस निर्णय लिए गए।''
- चेन्नई । सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन बैंक ने चालू वित्त वर्ष के दौरान करीब 7,000 करोड़ रुपये की कर्ज वसूली का लक्ष्य रखा है। बैंक के शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इंडियन बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शांति लाल जैन ने कहा कि बैंक को 5,000 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव पर भारतीय रिजर्व बैंक और शेयरधारकों से मंजूरी भी मिल गई है। इसपर उचित समय पर फैसला किया जाएगा। फंसे कर्जों में कमी आने से अप्रैल-जून, 2024 तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2,403 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले साल की समान तिमाही में यह 1,709 करोड़ रुपये था। जैन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पिछले वित्त वर्ष में हमने करीब 8,700-8,800 करोड़ रुपये कर्ज की वसूली की थी। लेकिन धीरे-धीरे इसमें गिरावट आ सकती है। इस बार हमने योजना बनाई है कि हम करीब 7,000 करोड़ रुपये की वसूली करेंगे।'' उन्होंने कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में बैंक ने 1,937 करोड़ रुपये की कर्ज वसूली की।जैन ने अतिरिक्त कोष जुटाने के बारे में कहा कि बैंक की पूंजी पर्याप्तता 16.47 प्रतिशत है और अप्रैल-जून, 2024 तिमाही के लिए 2,403 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ को जोड़ने पर पूंजी पर्याप्तता अनुपात 17.08 प्रतिशत हो चुका है। उन्होंने कहा, ‘‘मुद्दा यह है कि बैंक पर्याप्त रूप से पूंजीकृत है। इक्विटी के जरिये 5,000 करोड़ रुपये, टियर-2 बॉन्ड के जरिये 2,000 करोड़ रुपये और ढांचागत बॉन्ड के जरिये 5,000 करोड़ रुपये जुटाने की हमें निदेशक मंडल और शेयरधारकों की मंजूरी मिल चुकी है। इस पर हम वित्त वर्ष में उचित समय पर फैसला करेंगे।''
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मुंबई । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को इरादतन चूककर्ताओं और बड़े चूककर्ताओं से निपटने पर एक निर्देश जारी किया है। इसके तहत बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को 25 लाख रुपये और उससे अधिक की बकाया राशि वाले सभी गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) खातों में ‘इरादतन चूक' की जांच करनी होगी। बैंक एक विशेष प्रक्रिया का पालन करके किसी व्यक्ति की पहचान करेंगे और उसे ‘इरादतन चूककर्ता' के रूप में वर्गीकृत करेंगे। निर्देश के अनुसार, इरादतन चूक के सबूतों की जांच एक पहचान समिति करेगी। ‘इरादतन चूककर्ता' का अर्थ है एक ऐसा कर्जदार या गारंटर जिसने जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाया है और उसकी बकाया राशि 25 लाख रुपये से अधिक है। आरबीआई ने कहा, ‘‘बैंक 25 लाख रुपये और उससे अधिक की बकाया राशि वाले सभी एनपीए खातों में ‘इरादतन चूक' की समय-समय पर जांच करेंगे।'' यदि आंतरिक शुरुआती जांच में कोई जानबूझकर चूक की बात सामने आती है, तो ऋणदाता खाते को एनपीए के रूप में वर्गीकृत किए जाने के छह महीने के भीतर कर्जदार को इरादतन चूककर्ता के रूप में वर्गीकृत करने की प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। आरबीआई के निर्देश में आगे कहा गया है कि ऋणदाताओं को इस संबंध में एक गैर-भेदभावपूर्ण बोर्ड से मंजूरी प्राप्त नीति तैयार करनी चाहिए।
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मुंबई. बाजार नियामक सेबी की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने मंगलवार को कहा कि बाजार के वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) खंड में शिरकत करने से देश के परिवारों को साल भर में 60,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की मुखिया ने यहां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में इस बात पर आश्चर्य जताया कि डेरिवेटिव बाजारों में इस तरह के दांव को ‘व्यापक मुद्दा' क्यों नहीं कहा जाना चाहिए। बुच ने कहा, ‘‘अगर एफएंडओ खंड में हर साल 50,000-60,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है तो यह व्यापक मुद्दा क्यों नहीं है? यह राशि आने वाले आईपीओ, म्यूचुअल फंड या अन्य उत्पादक उद्देश्यों के लिए लगाई जा सकती थी।'' सेबी की एक अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक, 90 प्रतिशत सौदे घाटे में रहे। पूंजी बाजार नियामक ने मंगलवार को एक परामर्श पत्र भी जारी किया, जिसमें इस गतिविधि को सीमित करने के तरीके सुझाए गए हैं। बुच ने कहा कि भले ही शेयर बाजारों को एफएंडओ कम होने पर शुल्क कम मिल सकता है लेकिन लंबी अवधि में यह सभी हितधारकों के लिए फायदेमंद ही होगा। उन्होंने यह भी कहा कि एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) निवेशकों के लिए जोखिम से भरी डेरिवेटिव गतिविधि का विकल्प नहीं हो सकते हैं क्योंकि इनकी तरलता और लाभ बहुत अलग है। इस बीच, सेबी प्रमुख ने म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए बैंक ग्राहकों के समान केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) सत्यापन का उपयोग करने की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि सेबी प्रतिभूति बाजार में पेटीएम जैसी गड़बड़ी की अनुमति नहीं देगा।
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नयी दिल्ली. भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल का कुल पारिश्रमिक वित्त वर्ष 2023-24 में लगभग 32.27 करोड़ रुपये रहा। दूरसंचार कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली। मित्तल का वेतन लगभग तीन साल बाद इस स्तर पर आया है। एयरटेल के शीर्ष अधिकारी का कुल पारिश्रमिक या वेतन 2022-23 में लगभग 16.72 करोड़ रुपये था। मानव संसाधन और नामांकन समिति (एचआरसी) के पिछले निर्णय के तहत वेतन में कमी की गई थी, और यह एक अप्रैल, 2020 से प्रभावी था। हालांकि, दूरसंचार कंपनी के कारोबार में उल्लेखनीय सुधार और मजबूत वृद्धि के बाद एचआरसी ने चेयरमैन की भूमिका और उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए अपने फैसले पर फिर से विचार किया। अगस्त, 2023 में हुई कंपनी की असाधारण आम बैठक (एजीएम) में एयरटेल के शेयरधारकों ने इसे मंजूरी दी थी। इसके बाद वित्त वर्ष 2023-24 में मित्तल का कुल पारिश्रमिक लगभग 32 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की 2023-24 की ताजा वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार मित्तल का वेतन और भत्ते लगभग 21.57 करोड़ रुपये थे, जबकि प्रदर्शन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) 7.5 करोड़ रुपये थे। इसके अलावा 3.19 करोड़ रुपये के अन्य लाभ उनके पारिश्रमिक में शामिल थे। - नयी दिल्ली.। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित बातचीत मंच ‘सेवा' पेश किया। नियामक ने बयान में कहा कि चैटबॉट सेवा (सेबी का वर्चुअल असिस्टेंट) के बीटा संस्करण में कई उपयोगी विशेषताएं शामिल हैं। चैटबॉट इस समय प्रतिभूति बाजार की सामान्य जानकारी, ताजा मास्टर सर्कुलर, शिकायत निवारण प्रक्रिया आदि से संबंधित सवालों के जवाब देने में सक्षम है। उपयोगकर्ताओं से मिले सुझावों के आधार पर चैटबॉट में अतिरिक्त सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। सेबी ने कहा कि चैटबॉट का बीटा संस्करण सेबी की निवेशक वेबसाइट और सारथी मोबाइल ऐप (एंड्रॉयड और आईओएस दोनों) पर उपलब्ध है।
- नयी दिल्ली।. नागर विमानन मंत्रालय ने संसद में कहा कि विमानन कंपनियों को टिकटों के मूल्य निर्धारण में संयम बरतने के साथ-साथ स्व-नियमन की सलाह दी गई है। नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।उन्होंने कि मंत्रालय विमानन कंपनियों के साथ विचार-विमर्श करता है और उनके प्रतिनिधियों को स्व-विनियमन और हवाई किराए तय करते समय यात्रियों के हितों को ध्यान में रखने की सलाह दी जाती है। मोहोल ने कहा कि विमानन कंपनियों को कीमतों को कम रखने और यात्रियों के हितों को ध्यान में रखने के लिए जागरूक भी किया गया है और कंपनियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिवद्धता जताई है कि प्राकृतिक आपदाओं, विपत्तियों जैसी घटनाओं के दौरान हवाई किराए में उछाल नहीं आए। मंत्री ने कहा कि मार्च 1994 में वायु निगम अधिनियम के निरस्त होने के बाद, मौजूदा नियमों के तहत सरकार द्वारा न तो हवाई किराए का निर्धारण किया जाता है और न ही विनियमित किया जाता है। उन्होंने कहा कि नागर विमानन महानिदेशालय ने एक हवाई किराए पर नजर रखने को इकाई की स्थापना की है। यह मासिक आधार पर विमानन कंपनियों की वेबसाइट का उपयोग कर चुनिंदा घरेलू क्षेत्रों पर हवाई किराए की निगरानी करती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके द्वारा घोषित सीमा से बाहर हवाई किराया नहीं वसूला जाए। मोहोल ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि इस साल 19 जुलाई तक आठ यात्री एयरलाइनों के विमानों में तकनीकी खराबी की करीब 427 घटनाएं हुईं। उन्होंने बताया कि इस साल 19 जुलाई तक यात्री एयरलाइनों की 268 उड़ानें रद्द कर दी गईं।मोहोल के अनुसार इस साल 19 जुलाई तक, इंडिगो कंपनी के विमानों में तकनीकी खराबी की 46 घटनाएं हुईं जबकि एलायंस एयर के मामले में यह संख्या 51 थी। स्पाइसजेट और विस्तारा में क्रमशः 23 और 44 ऐसी घटनाएं हुईं। आंकड़ों के अनुसार, एयर इंडिया के बेड़ा ‘ए' में 152 ऐसी घटनाएं हुईं, जबकि बेड़ा ‘बी' में 101 ऐसी घटनाएं हुईं। बेड़ा ‘ए' का तात्पर्य एयरबस विमानों से है वहीं बेड़ा ‘बी' का तात्पर्य बोइंग विमानों से है।
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नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे ब्लू-चिप शेयरों में तेजी और निचले स्तरों पर भारी खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार पांच दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। बेंचमार्क सेंसेक्स में 1,293 अंकों की तेजी आई, जबकि निफ्टी शुक्रवार को लगभग 2 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया।30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,292.92 अंक या 1.62 प्रतिशत उछलकर 81,332.72 पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह 1,387.38 अंक या 1.73 प्रतिशत बढ़कर 81,427.18 पर पहुंच गया।
एनएसई निफ्टी 428.75 अंक या 1.76 प्रतिशत बढ़कर 24,834.85 के ऑलटाइम हाई पर बंद हुआ। निफ्टी में आज 24,410.90 और 24,861.15 के रेंज में कारोबार हुआ।सेंसेक्स के 30 में से 29 शेयरों में तेजी, Airtel 4.51 प्रतिशत चढ़ाआज के कारोबार में सेंसेक्स के 30 शेयरों में 29 शेयर हरे निशान पर बंद हुए। भारती एयरटेल, अदाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील, JSW स्टील और इंफोसिस सेंसेक्स के टॉप-5 गेनर रहे। भारती एयरटेल 4.51 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ सबसे अधिक लाभ में रही। इसके अलावा सन फार्मा, HCL टेक, M&M, ITC, टाटा मोटर्स, टाइटन, कोटक बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनैंस, SBI, इंडसइंड, एशियन पेंट्स, TCS, पावर ग्रिड, L&T, मारुति, रिलायंस, NTPC, ICICI बैंक, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, HUL और HDFC बैंक के शेयर भी लाभ में रहे।वहीं, दूसरी तरफ सेंसेक्स के 30 शेयरों में से मात्र एक शेयर लाल निशान पर बंद हुआ। बाजार में जबरदस्त तेजी के बावजूद भी नेस्ले इंडिया का शेयर 0.07 फीसदी की मामूली गिरावट लेकर बंद हुआ।ग्लोबल मार्केट का कैसा रहा हालएशियाई बाजारों में, सियोल, शंघाई और हांगकांग ऊंचे स्तर पर बंद हुए जबकि टोक्यो निचले स्तर पर बंद हुआ। यूरोपीय बाजार भी सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे। गुरुवार को अमेरिकी बाजार ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए। इस बीच, वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.40 प्रतिशत गिरकर 82.04 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।पिछले पांच दिनों में सेंसेक्स 1.60 प्रतिशत टूटापिछले कारोबारी सत्र यानी गुरुवार को इंट्रा-डे ट्रेड में भारी गिरावट के बाद, बीएसई सेंसेक्स 109.08 अंक या 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,039.80 पर बंद हुआ था। एनएसई निफ्टी 7.40 अंक या 0.03 प्रतिशत गिरकर 24,406.10 पर बंद हुआ था। पिछले पांच दिनों में, बीएसई बेंचमार्क सेंसेक्स 1,303.66 अंक या 1.60 प्रतिशत टूट गया, जबकि निफ्टी 394.75 अंक या 1.59 प्रतिशत गिर गया। - देहरादून. उत्तराखंड सरकार ने ‘राज्य की प्राकृतिक स्वच्छता' को बनाए रखने के लिए बृहस्पतिवार को निर्देश दिए कि प्रदेश में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों में कूड़ेदान या कूड़े के थैले अनिवार्य रूप से लगाने के नियम का सख्ती से पालन कराया जाए। प्रदेश की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि वाहनों के लिए ट्रिप कार्ड जारी करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि उनमें कूड़ेदान या कूड़े के थैले लगे हुए हैं या नहीं। इससे पर्यटकों, टूर ऑपरेटर, ट्रैवल एजेंसी और वाहन चालकों की स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी तय होगी। इस संबंध में उत्तराखंड परिवहन विभाग की ओर से हाल में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश के परिवहन आयुक्तों को पत्र लिखकर सूचित किया जा चुका है। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में आने वाले वाहनों की जांच की जाए और अगर उनमें कूड़ेदान या कूड़े के थैले नहीं हैं तो उनके चालान काटे जाएं।



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