दीदी ई-रिक्शा योजना बनी श्रीमती अनिता साहू के आत्मनिर्भर जीवन का सहारा
*ई-रिक्शा चलाकर कर रहीं अपने व अपने परिवार की देखभाल*
रायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से लाभान्वित होकर श्रमिक महिला श्रीमती अनिता साहू ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए आत्मनिर्भरता की नयी मिसाल कायम की है।
श्रीमती साहू छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की पंजीकृत सदस्य हैं। वे बताती हैं कि पहले वे अपने पति स्वर्गीय श्री महेश साहू के साथ मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करती थीं। पति के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। तीन बच्चों की शिक्षा और दैनिक जरूरतों को पूरा करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया था।
इसी दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि की सलाह पर उन्होंने जिला श्रम कार्यालय रायपुर से संपर्क किया। वहां उन्हें दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना की जानकारी दी गई। योजना के तहत मंडल की पंजीकृत महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा क्रय करने के लिए एक लाख रुपये तक की अनुदान राशि प्रदान की जाती है।
योजना की पात्रता होने पर जिला श्रम कार्यालय के सहयोग से उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन स्वीकृत होने के बाद उन्हें अनुदान राशि प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा और स्वरोजगार शुरू किया।
आज श्रीमती साहू ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। ई-रिक्शा से होने वाली आय से उन्होंने अपने घर की मरम्मत भी करायी।
श्रीमती साहू ने छत्तीसगढ़ शासन एवं श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाएं श्रमिक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं जिससे वे खुशहाल जीवन जी रहे हैं।










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