विकासखंड आरंग के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के विकास की नई पहल
0- ईसीसीई गतिविधियों और नवाचारों से बढ़ी बच्चों की उपस्थिति एवं पालकों का विश्वास
रायपुर. विकासखंड आरंग के आंगनबाड़ी केंद्रों में निरंतर नवाचार और प्रभावी गतिविधियों के माध्यम से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र अब केवल सेवा प्रदाय केंद्र न रहकर बच्चों के समग्र विकास के जीवंत केंद्र के रूप में स्थापित हो रहे हैं। केंद्रों में ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) गतिविधियों का नियमित संचालन किया जा रहा है, जिससे बच्चों के सीखने का वातावरण रोचक और प्रभावी बना है। खेल-खेल में सीखने की पद्धति से बच्चों का सामाजिक एवं मानसिक विकास भी सुनिश्चित हो रहा है।
बच्चों के पोषण, स्वास्थय और देखभाल संबंधी जानकारी देने के लिए प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय गुरुवार को सुपोषण चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही बच्चों के अंकन कार्ड (प्रोग्रेस रिपोर्ट) नियमित रूप से पालकों के साथ साझा किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें बच्चों की प्रगति और पोषण स्तर की जानकारी मिल रही है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के क्षमता विकास हेतु सतत प्रशिक्षण एवं सहयोग प्रदान किया जा रहा है। केंद्र स्तर पर टीएलएम (शैक्षणिक सामग्री) का निर्माण और उपयोग बढ़ने से बच्चों के सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनी है। केंद्रों में नियमित रूप से जन्मोत्सव एवं स्थानीय त्योहारों का आयोजन भी किया जा रहा है, जिससे बच्चों को अपनापन, आनंद और अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
प्रत्येक शनिवार को विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर आंगनबाड़ी केंद्रों को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। इन प्रयासों का परिणाम यह है कि बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि हुई है तथा पालकों का केंद्रों के प्रति विश्वास और सहभागिता भी बढ़ी है।











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