कांग्रेस के आगामी 'ट्रेनिंग कैंप' में बघेल सिखाएँ लगातार चुनाव हारने का हुनर : भाजपा
-जहाँ जहां गए भूपेश तिहाँ तिहाँ कांग्रेस का बंटाधार - ठोकने
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने कहा कि झारखण्ड में एनडीए समर्थित प्रत्याशी परिमल नथवानी की शानदार जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जनता का विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए के साथ है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए कोटि-कोटि बधाई देते हुए कहा कि यह चुनाव छत्तीसगढ़ के लिहाज से बेहद दिलचस्प था, क्योंकि यहाँ के दो धुर राजनीतिक चेहरे झारखण्ड में अपने-अपने दलों के प्रभारी के रूप में तैनात थे। एक तरफ भाजपा और एनडीए प्रत्याशी को जिताने की कमान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा के हाथों में थी, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी की नैया पार लगाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मोर्चे पर उतारा था। नतीजों ने साफ कर दिया कि श्री शर्मा के कुशल नेतृत्व में एनडीए का कुनबा और मजबूत हुआ है और भूपेश के नेतृत्व में कांग्रेस का हर जगह बंटाधार हुआ हैं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने कहा कि भूपेश बघेल अपन नेता राहुल गांधी के पद चिह्नों पर सबसे तेज चल रहे हैं और विश्व ने जिस प्रकार राहुल गांधी के नाम पर 99 चुनाव हारने का कीर्तिमान हैं ठीक उसी परिपाटी का बखूबी पालन करते हुए भूपेश बघेल जब जब जहां जहां चुनाव प्रभारी बन कर गए तब तब तिहाँ तिहाँ कांग्रेस का बांधादार हुआ अर्थात चुनाव में करारी हार मिली। ठोकने ने भूपेश के चुनावी हार के ट्रैक रिकॉर्ड रिकॉर्ड को राहुल गांधी के समतुल्य बताते हुए उनकी सराहना की कहा अपने नेता का अनुशरण ऐसे ही किया जाता हैं। बघेल चाहे मुख्यमंत्री रहते हुए किसी राज्य में चुनाव प्रचार या प्रबंधन में गए हों, या फिर पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर; जहाँ-जहाँ उनके कदम पड़े हैं, वहाँ-वहाँ कांग्रेस का पूरी तरह से बंटाधार हुआ है। झारखण्ड के राज्यसभा चुनाव में भी कांग्रेस के प्रभारी के रूप में उन्हें सिर्फ और सिर्फ हार का सामना करना पड़ा है।
श्री ठोकने ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा जल्द ही आयोजित किए जाने वाले प्रशिक्षण शिविर (ट्रेनिंग कैंप) को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस को इस शिविर के एजेंडे में एक नया विषय समाहित कर 'लगातार चुनाव कैसे हारा जाता है' जोड़ना चाहिए और इस विषय पर क्लास लेने के लिए बघेल को मुख्य वक्ता बनाया जाए और राहुल गांधी आ रहे हैं तो उनका 99 चुनाव हारने का अनुभव भी साझा कर कार्यकर्ताओं और नेताओं का ज्ञानवर्धन करना चाहिए। बघेल अपने इस अनूठे 'अनुभव और हुनर' से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भली-भाँति अवगत करा सकते हैं कि मेहनत करके भी जीत को हार में कैसे बदला जाता है?




.jpg)



.jpg)

.jpg)


Leave A Comment