फिलहाल जैविक हमलों के किसी खतरे के बारे में कोई विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं: सरकार
नयी दिल्ली। सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि फिलहाल जैविक हमलों के किसी खतरे के बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास कोई विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है। एक लिखित प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि सरकार देश पर किसी भी जैविक हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे किसी भी संकट या आपदाओं का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए, मानक संचालन प्रक्रियाएं तैयार की गई हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने जैव-युद्ध और जैव-आतंकवाद सहित जैविक आपदाओं पर दिशानिर्देश जारी किए हैं।'' राय ने कहा कि दिशानिर्देशों में जैव-युद्ध और जैव-आतंकवाद एजेंटों, इन एजेंटों की विशेषताओं, उनके द्वारा होने वाली बीमारी के प्रकोप की पहचान करने के लिए महामारी विज्ञान के सुराग, रोकथाम और उपचार सहित उनके प्रबंधन की पहचान की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की बटालियन को भी ऐसे संकटों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।'' मंत्री ने कहा कि चूंकि स्वास्थ्य राज्य का विषय है, इसलिए राष्ट्रीय सरोकारों की जैविक घटनाओं का पता लगाने और उन पर कार्रवाई करने की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। राय ने कहा कि जैविक आपदाओं के लिए नोडल मंत्रालय होने के नाते स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) के पास ऐसी आपदाओं के लिए एक संकट प्रबंधन योजना है जिसे अंतिम बार अक्टूबर 2023 को अपडेट किया गया था और संबंधित हितधारकों के साथ साझा किया गया था। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जैविक आपदाओं के लिए मॉडल संकट प्रबंधन योजनाएं भी साझा की हैं।

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