मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति ने ढांचागत क्षेत्र में 81 अरब रूपए से अधिक की वित्तीय सहायता योजना जारी रखने की अनुमति दी
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने वर्ष 2024-25 तक सार्वजनिक-निजी भागीदारी में वित्तीय सहायता योजना जारी रखने को मंजूरी दी है। इसके लिए 81 अरब रुपए आवंटित किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे के अंतर्गत सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा देना, परिसंपत्तियों के कुशल निर्माण और उनके उचित संचालन और रख-रखाव को सुनिश्चित करना है। इसका उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक रूप से आवश्यक परियोजनाओं को व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य भी बनाना है।
आज नई दिल्ली में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए, वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि यह धनराशि का उपयोग जलशोधन, जलापूर्ति, अवशिष्ट प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। इन क्षेत्रों में आमतौर पर बैंकों से ऋण मिलने में कठिनाई आती है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार परियोजना लागत का तीस प्रतिशत खर्च वहन करेगी और 30 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार या योजना को प्रायोजित करने वाला केन्द्रीय मंत्रालय वहन करेगा। यह योजना एक महीने के अंदर चालू हो जाएगी।
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